चार धाम यात्रा को लेकर सीएम धामी का बयान, बोले श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चार धाम यात्रा-2026 की तैयारियों के संबंध में कहा कि चार धाम यात्रा प्रदेशवासियों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण अवसर है। इस दौरान उत्तराखण्डवासी देश और दुनिया भर से आने वाले श्रद्धालुओं का आत्मीय स्वागत करते हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष चार धाम यात्रा का शुभारंभ 19 अप्रैल से है, जिसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां युद्धस्तर पर की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा को सुचारू, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए सड़कों के सुदृढ़ीकरण, अवस्थापना सुविधाओं के विकास, दर्शन व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधन तथा परिवहन व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए है कि यात्रा मार्गों पर सभी मूलभूत सुविधाएं—जैसे पेयजल, शौचालय, स्वास्थ्य सेवाएं और यातायात प्रबंधन—सुनिश्चित किए जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2025 की यात्रा प्राकृतिक आपदाओं के कारण डेढ़ महीने से अधिक समय तक बाधित रही थी, इसके बावजूद 51 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने चार धाम के दर्शन किए। उन्होंने कहा कि जानकारी दी कि वर्ष 2026 की चार धाम यात्रा के लिए अब तक 10 लाख से अधिक श्रद्धालु पंजीकरण करा चुके हैं। साथ ही गढ़वाल मंडल विकास निगम (GMVN) के अतिथि गृहों में 5 करोड़ रुपये से अधिक की अग्रिम बुकिंग हो चुकी है, जो यात्रा के प्रति बढ़ते उत्साह को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुखद चार धाम दर्शन कराना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। इसके लिए शासन एवं प्रशासन को लगातार सतर्क रहते हुए व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यात्रा से जुड़े सभी हितधारकों—जैसे अतिथि गृह संचालक, ढाबा संचालक, टैक्सी एवं परिवहन सेवाओं से जुड़े लोग—के साथ अभी से समन्वय एवं संवाद स्थापित कर लिया गया है, ताकि यात्रा के दौरान बेहतर सेवाएं सुनिश्चित की जा सकें।

उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा समय-समय पर चार धाम यात्रा से संबंधित आवश्यक सूचनाएं श्रद्धालुओं तक पहुंचाई जाती रहेंगी, जिससे वे अपनी यात्रा को बेहतर ढंग से नियोजित कर सकें। शासन को चार धाम यात्रा की तैयारी की निरंतर समीक्षा के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी स्वयं चार धाम यात्रा की तैयारियों की जल्द ही समीक्षा करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से चार धाम यात्रा-2026 को और अधिक सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं श्रद्धालु-अनुकूल बनाया जाएगा।

पीएम मोदी ने चार वर्ष के कार्यकाल पर दी राज्य सरकार को दी बधाई

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार के चार वर्ष पूरे होने पर शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री को भेजे गए अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा है कि मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तराखंड की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि देवभूमि सदियों से आस्था, अध्यात्म, साहस और समृद्ध परंपराओं की भूमि रही है। यहां की विविध भाषाएं-बोलियां, लोक परंपराएं और सरल जीवनशैली प्रदेश को विशिष्ट पहचान देती हैं। उन्होंने कहा कि जब से केंद्र में हमारी सरकार बनी है, तब से उत्तराखंड ‘विकसित भारत’ के संकल्प के अनुरूप लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। चार धाम ऑल वेदर रोड परियोजना के तहत चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है, वहीं ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन के माध्यम से प्रदेश में रेल संपर्क को मजबूत किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने प्रदेश के सीमांत क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ाने और शीतकालीन पर्यटन को प्रोत्साहित करने के प्रयासों को भी सराहा। उन्होंने कहा कि इन पहलों से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिला है, बल्कि पलायन रोकने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में भी मदद मिली है। अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा स्थानीय उत्पादों के प्रोत्साहन, महिला सशक्तिकरण, युवाओं के लिए रोजगार सृजन, स्टार्टअप्स को बढ़ावा तथा डिजिटल और हरित विकास जैसे प्रयासों को सराहनीय बताया। साथ ही, आपदा प्रबंधन की सुदृढ़ व्यवस्था और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता को राज्य की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण बताया।
प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि ‘अमृत काल’ में विकसित भारत के निर्माण में उत्तराखंड की भूमिका और मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर, समृद्ध और सुदृढ़ उत्तराखंड के निर्माण में प्रदेश के प्रत्येक नागरिक की सहभागिता अहम है।
अंत में प्रधानमंत्री ने राज्य के नागरिकों को भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की कि आने वाले वर्षों में उत्तराखंड विभिन्न क्षेत्रों में नई उपलब्धियां हासिल करेगा।

पर्यटन में बढ़ते कदम: आस्था, रोमांच और इंफ्रास्ट्रक्चर से उत्तराखण्ड बना फेवरेट डेस्टिनेशन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड पर्यटन के क्षेत्र में लगातार नए आयाम स्थापित कर रहा है। आस्था, रोमांच और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के संगम से राज्य को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर और मजबूत किया जा रहा है।

प्रदेश में तीर्थ यात्राओं को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए बड़े स्तर पर रोपवे परियोजनाओं की शुरुआत की गई है। केदारनाथ धाम के लिए सोनप्रयाग से 12.9 किमी लंबा रोपवे ₹4,081 करोड़ की लागत से बनाया जाएगा। वहीं, हेमकुण्ड साहिब के लिए गोविंदघाट से 12.4 किमी रोपवे ₹2,730 करोड़ की लागत से तैयार किया जाएगा।

इन परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद श्रद्धालुओं की यात्रा समय और कठिनाई दोनों में बड़ी कमी आएगी।

उत्तराखण्ड में पहली बार शीतकालीन यात्रा की शुरुआत की गई, जिससे पर्यटन को वर्षभर बढ़ावा मिल रहा है। इस पहल को प्रोत्साहित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं मुखवा पहुंचे, जो मां गंगा का शीतकालीन निवास स्थल है।

कुमाऊं क्षेत्र में मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के तहत 48 मंदिरों और गुरुद्वारों को एक धार्मिक सर्किट के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी।

केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में मास्टर प्लान के तहत तेजी से कार्य जारी है। बदरीनाथ धाम को स्मार्ट आध्यात्मिक पहाड़ी कस्बे के रूप में विकसित करने के लिए ₹255 करोड़ की योजनाएं संचालित हैं।

इसके साथ ही हरिपुर कालसी में यमुना तीर्थ स्थल का निर्माण और महासू मंदिर, हनोल के मास्टर प्लान को मंजूरी देकर नए धार्मिक स्थलों को भी विकसित किया जा रहा है।

*एडवेंचर और स्पोर्ट्स टूरिज्म को बढ़ावा*

उत्तराखण्ड को एडवेंचर टूरिज्म हब बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। राज्य में 83 प्रमुख हिमालयी चोटियों को पर्वतारोहण के लिए खोल दिया गया है, जिससे देश-विदेश के पर्वतारोहियों को आकर्षित किया जा रहा है।

आदि कैलाश में राज्य की पहली हाई एल्टीट्यूड अल्ट्रा रन मैराथन का आयोजन किया गया, जिसमें 22 राज्यों से 700 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। यह आयोजन एडवेंचर टूरिज्म को नई पहचान दे रहा है।

राज्य ट्रेकिंग, रिवर राफ्टिंग, स्टार गैजिंग का प्रमुख आकर्षण बन कर उभरा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वेड इन उत्तराखंड की अपील के बाद वेडिंग डेस्टिनेशन के तौर पर भी पहचान बन रही है।

चार वर्षों में उत्तराखण्ड ने पर्यटन के क्षेत्र में “आस्था के साथ आधुनिकता” का मॉडल प्रस्तुत किया है। रोपवे, धार्मिक सर्किट, धामों का पुनर्विकास और एडवेंचर गतिविधियों के विस्तार से राज्य पर्यटन में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है।

समावेशी विकास की दिशा में मजबूत कदम, आंदोलनकारियों, सैनिकों और आमजन को धामी सरकार ने दिया सहारा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड सरकार ने अपने चार साल के कार्यकाल में राज्य आंदोलनकारियों, सैनिकों और आमजन के सम्मान व कल्याण को प्राथमिकता देते हुए कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं।

राज्य आंदोलनकारियों के योगदान को सम्मान देते हुए सरकारी नौकरियों में उन्हें 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण प्रदान किया गया है। इसके साथ ही उनके आश्रितों की पेंशन ₹3000 से बढ़ाकर ₹5500 प्रतिमाह कर दी गई है।

वहीं, राज्य आंदोलन के दौरान 7 दिन जेल गए अथवा घायल हुए आंदोलनकारियों की पेंशन भी ₹6000 से बढ़ाकर ₹7000 प्रतिमाह कर दी गई है, जो उनके संघर्ष के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है।

सैनिकों के सम्मान में भी बड़े फैसले लिए गए हैं। शहीद सैनिकों के आश्रितों को मिलने वाली अनुग्रह राशि ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹50 लाख कर दी गई है। वहीं, परमवीर चक्र विजेताओं के लिए यह राशि ₹50 लाख से बढ़ाकर ₹1.5 करोड़ कर दी गई है।

इसके अलावा, राज्य में अग्निवीर योजना के अंतर्गत सेवा देने वाले युवाओं को भी सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का निर्णय लिया गया है।

*‘सेवा का संकल्प’ से जन-जन तक पहुंची सरकार*

धामी सरकार की “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” पहल ने जनसेवा के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इस अभियान के तहत प्रदेशभर में 686 शिविर आयोजित किए गए, जिनमें 5.37 लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया।

इन शिविरों के माध्यम से 2.96 लाख से अधिक नागरिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिला। वहीं, प्राप्त 51,317 शिकायतों में से 33,990 का मौके पर ही समाधान किया गया, जो प्रशासन की तत्परता को दर्शाता है।

डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देते हुए अपुणि सरकार पोर्टल के माध्यम से करीब 950 सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराया गया है, जिससे आम नागरिकों को घर बैठे सुविधाएं मिल रही हैं।

*समाज के हर वर्ग का ध्यान*

सरकार ने वृद्धजनों के लिए वृद्धावस्था पेंशन बढ़ाकर ₹1500 कर दी है, जिससे अब बुजुर्ग दंपत्ति दोनों को इसका लाभ मिल रहा है। इसके अलावा, वृद्ध एवं आर्थिक रूप से कमजोर कलाकारों और लेखकों की मासिक पेंशन ₹3000 से बढ़ाकर ₹6000 करने का निर्णय लिया गया है।

चार वर्षों में लिए गए इन फैसलों से स्पष्ट है कि राज्य सरकार ने न केवल विकास को गति दी है, बल्कि समाज के हर वर्ग—आंदोलनकारी, सैनिक, बुजुर्ग, महिलाएं और आम नागरिक—को साथ लेकर चलने का प्रयास किया है।

सरकार का लक्ष्य “सेवा, सम्मान और सुशासन” के मूल मंत्र के साथ उत्तराखण्ड को एक सशक्त और संवेदनशील राज्य के रूप में स्थापित करना है।

थारू संस्कृति उत्तराखंड की शान, इसे सहेजना हम सबकी जिम्मेदारी: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा में आयोजित थारू होली महामहोत्सव को मुख्यमंत्री आवास से वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित समस्त जनसमुदाय को नमन करते हुए अपनी प्रशासनिक व्यस्तताओं के कारण प्रत्यक्ष रूप से शामिल न हो पाने पर खेद व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि थारू समाज की सांस्कृतिक परंपराएं अत्यंत समृद्ध और गौरवशाली हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि थारू समाज के रीति-रिवाज, लोकगीत, पारंपरिक नृत्य और प्रकृति के प्रति उनका गहरा जुड़ाव राज्य की अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने कहा कि खटीमा ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड के लिए थारू संस्कृति गर्व का विषय है। विशेष रूप से थारू समाज की होली, जो कई दिनों तक उल्लास और उत्साह के साथ मनाई जाती है, अपनी विशिष्टता के लिए जानी जाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन न केवल सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं और मूल्यों से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य भी करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका मन सदैव खटीमा की जनता के साथ जुड़ा हुआ है, भले ही वे इस बार कार्यक्रम में प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित नहीं हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में जनजातीय समुदाय को सशक्त बनाने हेतु अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। अटल आवास योजना में आय सीमा को व्यावहारिक बनाते हुए निर्माण लागत में वृद्धि की गई है, जिससे अधिकाधिक परिवारों को लाभ मिल रहा है। उधम सिंह नगर में इस योजना के अंतर्गत करोड़ों रुपये की सहायता प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत भी बड़ी संख्या में जनजातीय परिवारों को आवास उपलब्ध कराए गए हैं तथा इस वर्ष प्राप्त आवेदनों में लगभग 28 प्रतिशत आवेदन जनजातीय परिवारों के हैं। प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत जनपद में कई आवासों का निर्माण किया गया है।

शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आश्रम पद्धति विद्यालयों, छात्रावासों एवं आईटीआई संस्थानों के विकास के लिए धनराशि प्रदान की जा रही है तथा इन विद्यालयों को कक्षा 12 तक अपग्रेड किया जा रहा है। एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों के माध्यम से जनजातीय बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। खटीमा, बाजपुर और गदरपुर में छात्रावासों एवं शैक्षिक अवसंरचना के विकास हेतु महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत रोजगार एवं प्रशिक्षण के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। वन धन केंद्रों के माध्यम से उत्पादों को बाजार से जोड़कर आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। महिलाओं को चक्रीय निधि एवं निवेश सहायता प्रदान कर उनके स्वरोजगार को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत अनेक योजनाओं को सफलतापूर्वक पूर्ण किया गया है तथा हजारों परिवारों को पेयजल, बिजली और गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। साथ ही थारू विकास भवन के निर्माण एवं जनजातीय क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए भी धनराशि स्वीकृत की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनजातीय परिवारों को बेटी के विवाह हेतु आर्थिक सहायता भी प्रदान कर रही है, जिसका लाभ बड़ी संख्या में लोगों को मिल रहा है। उन्होंने बताया कि जनजातीय क्षेत्रों के विकास को गति देने के लिए विभिन्न जनपदों में जनजाति कल्याण अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार केवल योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारकर वास्तविक परिवर्तन लाने के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक जनजातीय परिवार को सम्मानजनक जीवन, बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हों।

मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर जनजातीय समाज की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान सरकार जनजातीय समाज के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ घोषित करना जनजातीय समाज के सम्मान का प्रतीक है।

अंत में मुख्यमंत्री ने थारू समाज के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प दोहराया तथा जनता से सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनसमर्थन के साथ उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का लक्ष्य अवश्य प्राप्त होगा।

श्री श्री रविशंकर और सीएम ने की सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक जागरूकता से जुड़े विभिन्न विषयों पर वार्ता

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकेश में श्री श्री रविशंकर से शिष्टाचार भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान दोनों के बीच सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक जागरूकता से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पद्म विभूषण से सम्मानित श्री श्री रविशंकर जी द्वारा स्थापित आर्ट ऑफ़ लिविंग संस्था विश्वभर में शांति, योग और मानवीय मूल्यों के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उनके मार्गदर्शन से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो रहा है, जो उत्तराखंड जैसे आध्यात्मिक प्रदेश के लिए अत्यंत प्रेरणादायक है।

श्री श्री रविशंकर ने मुख्यमंत्री को आशीर्वाद देते हुए राज्य की उन्नति और समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की आध्यात्मिक विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य इसे वैश्विक स्तर पर विशिष्ट पहचान प्रदान करते हैं और इसे और सशक्त बनाने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। मुख्यमंत्री ने संत-महात्माओं के मार्गदर्शन को राज्य के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण बताया।

भूमि एवं समन्वय से जुड़े मामलों का समाधान स्थानीय स्तर पर मिलकर करते हुए कार्यों को समय पर प्रारंभ कराएं: बर्द्धन

डॉ आर. एस. टोलिया प्रशासनिक अकादमी नैनीताल में मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने नैनीताल जिले में संचालित विभिन्न परियोजनाओं सहित अन्य महत्वपूर्ण विकास कार्यों की समीक्षा की। बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश देते हुये मुख्य सचिव ने कहा कि परियोजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की प्रशासनिक, तकनीकी एवं प्रक्रियागत बाधा आ रही है, तो उसका त्वरित समाधान किया जाए यदि समस्या शासन स्तर की है तो तत्काल शासन के संज्ञान में लाया जाए। विकास कार्य रुकने नहीं चाहिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि सभी विभाग मासिक लक्ष्य निर्धारित कर उसके अनुरूप नियमित कार्य करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुये कहा कि लंबित टेंडर, स्वीकृतियों और तकनीकी अनुमोदनों को शीघ्र पूरा किया जाए तथा जिलास्तर पर जिलाधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी परियोजनाओं एवं विकास कार्यों की नियमित समीक्षा करें।

उन्होंने कहा कि योजनाओं की प्रगति बढ़ने से राज्य के विकास कार्यों को गति मिलेगी व जनसुविधाओं में भी सुधार होगा।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को सुव्यवस्थित दीर्घकालिक योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्यों की निरंतर मॉनिटरिंग की जाए, वर्क प्लान के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण कार्य किए जाएं, पब्लिक ग्रीवांस व मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के प्रकरणों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करते हुए जनपद को एक आदर्श, योजनाबद्ध एवं तेज गति से विकसित होने वाले जनपद के रूप में स्थापित करें।

बैठक में जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने स्वागत करते हुए मुख्य सचिव को जिले में संचालित महत्वपूर्ण परियोनाओं एवं विकास कार्यों की जानकारी से अवगत कराया।

नैनीताल जिले में 20 करोड़ रुपये से अधिक लागत की परियोजनाओं के अंतर्गत कराए जा रहे विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान लगभग 41 करोड़ की लागत से मानस खण्ड मन्दिर माला मिशन के अन्तर्गत कैंची धाम सौन्दर्यीकरण एवं प्रकाशीकरण का कार्य जो जून 2026 तक पूर्ण होना है इन कार्याें में गुणवत्ता एवं समयबद्वता का विशेष ध्यान देकर कार्य पूर्ण करने के निर्देश कार्यदाई संस्था लोकनिर्माण विभाग को दिए।

पेयजल कार्यों की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने जल जीवन मिशन के तहत कराए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए समयान्तर्गत कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा गर्मी का सीजन आ रहा है पेयजल से संबंधित कार्यों को समय पर पूर्ण किया जाय।
लगभग 24 करोड़ की लागत से इन्द्रानगर नाले के कैचमेंट सीवरेज एवं प्रदूषण रोकथाम कार्ययोजना, विधानसभा ओखलकांडा में कालाआगर पम्पिंग पेयजल योजना जो लगभग 23 करोड़ की लागत से बनने वाली योजना है, उक्त योजना को समयावधि में पूर्ण करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि पम्पिंग योजना से सुचारू तौर पर लोगों को पेयजल उपलब्ध हो। इस संबंध में कुमाऊं आयुक्त ने इन कार्यों में हो रही देरी एवं अन्य समस्याओं से मुख्य सचिव को अवगत कराया।
*मुख्य सचिव ने सिंचाई विभाग की समीक्षा के दौरान 3678.23 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित जमरानी बांध परियोजना की वर्तमान प्रगति की विस्तार से जानकारी ली, तथा निर्धारित समय जून 2029 तक परियोजना को पूर्ण करने के निर्देश दिए। टनल निर्माण की प्रगति की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि इस परियोना के अधिकारियों का विजिट शीघ्र ही ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे परियोजना के अंतर्गत निर्माणाधीन टनल एवं अन्य निर्माण कार्य स्थलों का कराएं ताकि वहॉं के कार्यों से अनुभव लेकर यहॉं के कार्यों में प्रगति आए*

298 करोड़ रुपये की लागत से बलियानाला भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र के उपचारात्मक कार्यों की प्रगति की जानकारी लेते हुए इस प्रमुख परियोजना को निर्धारित समय 2028 तक पूरा करने के निर्देश सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दिए।

मुख्य सचिव ने कार्यदाई संस्था पेयजल निर्माण निगम द्वारा 67 करोड़ रुपये की लागत से काठगोदाम में बस टर्मिनल का निर्माण कार्य तथा 28 करोड़ रुपये की लागत से रामनगर में रोडवेज बस टर्मिनल निर्माण एवं बस डिपो निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान कहा कि काठगोदाम बस टर्मिनल एवं रामनगर बस टर्मिनल का कार्य समय से पूर्ण करना सुनिश्चित करें। इन कार्यों में गुणवत्ता एवं समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाय।

ब्रिडकुल कार्यदायी संस्था द्वारा जनपद में कुमाऊ विश्वविद्यालय में 45 करोड़ रुपये की लागत से बीएड विधि संकाय भवन निर्माण, 44 करोड़ रुपये की लागत से 100 शैया मानसिक चिकित्सालय गेठिया, तथा 39 करोड़ रुपये की लागत से मेडिकल कालेज में स्टेट कैसर संस्थान के निर्माण कार्याें की प्रगति की समीक्षा के दौरान धीमी प्रगति पर अधिकारियो से कहा कि निर्माण कार्यों में तेजी लाते हुए गुणवत्ता एवं समयबद्धता से कार्य किया जाय।

लगभग 47 करोड़ से हल्द्वानी शहर हेतु सीवरेज कार्य पैकेज वन, 56 करोड़ से हल्द्वानी शहर हेतु सीवरेज कार्य पैकेज दो एवं तृतीय पैकेज 41 करोड की लागत से शहर में होने वाले कार्याें की विस्तृत समीक्षा की। इसके साथ ही हल्द्वानी में 397 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले नमो भवन, बहुउउदेशीय भवन निर्माण की वर्तमान प्रगति भी समीक्षा की। *समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने नमो भवन के निर्माण कार्य में हो रही देरी के कारणों तथा इस संबंध में बनाई गई डीपीआर आदि के संबंध में कार्यदाई संस्था के अधिकारियों के साथ विस्तारपूर्वक बैठक लेते हुए रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश कुमाऊं आयुक्त को दिए।*

इस दौरान 96 करोड़ रुपये की लागत से नैनीताल शहर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण के संबंध में की जा रही कार्यवाही की भी जानकारी ली।

समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने जिले में राजस्व वसूली, वन भूमि हस्तांतरण , मुख्यमंत्री जी द्वारा जनपद में की गई घोषणाओं की स्थिति, नशामुक्त उत्तराखंड अभियान सहित अन्य विकास कार्यों की भी समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये।

बैठक में आयुक्त कुमाऊं व सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत ने विभिन्न संचालित योजनाओं व विकास कार्यों की वर्तमान प्रगति की जानकारी देने के साथ ही विकास से संबंधित विभिन्न बिन्दु मुख्य सचिव के समक्ष रखे।

बैठक में जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने मुख्य सचिव को जिले में व्यस्ट प्रक्टिसेज के अंतर्गत किए जा रहे अभिनव प्रयासों व कार्यों से मुख्य सचिव को अवगत कराया। उन्होंने अवगत कराया कि राजस्व विभाग द्वारा जिले में विशेष अभियान चलाकर निर्विवाद वारिसान नामांतरण के अंतर्गत जिले में सभी तहसीलों में विरासत दर्ज की गई, वर्तमान तक 21452 वारिसानों एवं लाभार्थियों को इसका लाभ प्रदान कराया गया है।

इसी प्रकार जनपद में स्थल स्तरीय राजस्व प्रकृति के विवादों का त्वरित गति से निस्तारण किया जा रहा है।वर्तमान तक कुल 2207 में से 2056 का निस्तारण किया जा चुका है इस हेतु लगातार विभिन्न स्थानों में कैंप लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा जिले में सीमा विवाद,अतिक्रमण अभिलेख दुरुस्ती समाधान अभियान भी चलाया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि जिले में सरकारी एवं सार्वजनिक संपत्तियों से अतिक्रमण हटाए जाने हेतु प्रभावी रूप से कार्यवाही गतिमान है। इस हेतु तहसील स्तर पर राजस्व प्रवर्तन टीम तैयार कर तेजी से कार्यवाही की जा रही है।

जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि जिले में सरलीकरण, समयबद्ध एवं निस्तारण के तहत त्वरित कार्यवाही की जा रही है।
विगत 14 अक्टूबर 2025 से 15 मार्च 2026 तक कुल 2221 जन्म प्रमाण पत्र हेतु आवेदन प्राप्त हुए थे,सभी को प्रमाण पत्र नियत समय पर जारी किए गए हैं। इसी प्रकार 1693 मृत्यु प्रमाण पत्रों के आवेदन प्राप्त हुए थे सभी को तुरंत ही ये प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं।

सेवा का अधिकार के अंतर्गत राजस्व विभाग द्वारा सभी तहसीलों में 20454 आवेदनों में से 12101 आवेदनों का निस्तारण त्वरित गति से किया गया है। 3820 आवेदन जिनमें अभिलेख पूर्ण नहीं थे उन्हें रिजेक्ट किए गए। शेष में कार्रवाई गतिमान है।

जिलाधिकारी ने *जन-जन की सरकार जन-जन के द्वार* कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्र में लगाए गए कैंपों की प्रगति के संबंध में अवगत कराया की जनपद में कुल 50 स्थानों में यह कैंप आयोजित किए गए जिनके माध्यम से लोगों को सरकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया। इन कैम्पों का 10746 लोगों को सीधा लाभ मिला। कुल 3671 शिकायतें इन शिविरों में प्राप्त हुई जिनमें से 3162 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया।

इस दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि जनहित से जुड़े जो भी महत्वपूर्ण व आवश्यकीय कार्य हैं जिलाधिकारी उन कार्यों को अनटाइट फंड से कराएं। जिले में बजट उपलब्ध नहीं होने पर इन महत्वपूर्ण कार्यों को किए जाने हेतु प्रस्ताव शीघ्र ही शासन को भेजें।

बैठक में जिले में मानव वन्य जीव संघर्ष में राहत राशि वितरण के संबंध में अवगत कराया कि मानव वन्य जीव संघर्ष में जिले में 29 मानव क्षति हुई थी, सभी परिवारों को मुआवजा राशि वितरण कर दी गई है।
मानव वन्य जीव संघर्षों में 93 लोग घायल हो गए थे सभी को राहत राशि वितरित कर दी गई है।
बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी नैनीताल ने अवगत कराया कि वन विभाग द्वारा वर्तमान तक इन सभी नुकसानों में कुल लगभग 2 करोड़ 91 लाख रुपए की धनराशि संबंधितों प्रभावितों को वितरित कर दी गई है।

जिले में लंबित वन भूमि हस्तांतरण के प्रकरण के संबंध में मुख्य सचिव ने कहा कि प्रत्येक माह इन लंबित प्रकरणों की समीक्षा करें। और समय पर इनका निस्तारण करें।

उन्होंने कहा कि नेटवर्क कनेक्टिविटी बेहतर करने हेतु जिला टेलीकॉम कमेटी की बैठक में मोबाइल टावरों से संबंधित प्रस्ताव को स्वीकृत करने के साथ ही इनके संचालन की शीघ्र कार्रवाई दूरसंचार विभाग के माध्यम से कराई जाए।

बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ मंजूनाथ टीसी द्वारा जनपद में यात्रा सीजन हेतु तैयार ट्रैफिक प्लान सटल सेवा आदि के बारे में जानकारी दी। उन्होंने जिले में नशा मुक्त उत्तराखंड अभियान के अंतर्गत की जा रही कार्रवाई से भी मुख्य सचिव को अवगत कराया। उन्होंने यात्रा सीजन हेतु जनपद को 160 अतिरिक्त होमगार्ड उपलब्ध कराने की मांग मुख्य सचिव के समक्ष रखी।

बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि भवाली बायपास मार्ग सहित आवश्यक स्थानों में जहां-जहां स्ट्रीट लाइट की आवश्यकता है ऐसे स्थानों में जिलाधिकारी,जिला विकास प्राधिकरण या अन्य मद से यात्रा सीजन से पूर्व स्ट्रीट लाईट लगाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि आने वाले पर्यटन सीजन के लिए पर्याप्त पार्किंग व्यस्था सुनिश्चित की जाय। पर्यटकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
बैठक में मुख्य सचिव ने एस आई आर तथा जनगणना कार्य की तैयारी के बारे में भी जानकारी ली।

बैठक में आयुक्त कुमाऊं व सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत, जिला अधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ मंजूनाथ टीसी, प्रभागीय वनाधिकारी आकाश गंगवार, पुलिस अधीक्षक डॉ जगदीश चंद्रा, मनोज कत्याल,अपर जिलाधिकारी शैलेंद्र सिंह नेगी,लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता मनोहर सिंह धर्मशक्तू,पेयजल निर्माण निगम के अधीक्षण अभियंता अनूप पाण्डे सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

टनकपुर में मुख्यमंत्री ने सुनी क्षेत्र वासियों की समस्याएं, समाधान के भी दिए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय टनकपुर में आयोजित ‘मुख्य सेवक संवाद’ कार्यक्रम में प्रतिभाग कर क्षेत्र की माताओं, वरिष्ठजनों, जनप्रतिनिधियों, पूर्णागिरि मेला समिति, व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों तथा अन्य नागरिकों से आत्मीय संवाद किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य जनसमस्याओं को सीधे जनता से सुनकर उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने उपस्थित नागरिकों से क्षेत्र के विकास, जनसुविधाओं के विस्तार तथा स्थानीय समस्याओं से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में मौजूद स्थानीय नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों से क्षेत्र की आवश्यकताओं, सुझावों तथा समस्याओं के बारे में जानकारी प्राप्त की तथा संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त शिकायतों, मांगों एवं सुझावों पर गंभीरता से कार्य करते हुए उनका शीघ्र एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि जनता को समयबद्ध रूप से राहत मिल सके।

मुख्यमंत्री धामी ने टनकपुर अस्पताल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह चिकित्सालय एक ऐसे महत्वपूर्ण स्थान पर स्थित है, जहाँ न केवल टनकपुर एवं आसपास के क्षेत्रों के स्थानीय लोग बल्कि पड़ोसी देश नेपाल से भी बड़ी संख्या में मरीज बेहतर उपचार की उम्मीद में आते हैं। इसी विशेष महत्व को देखते हुए सरकार द्वारा यहां स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि वर्तमान में उपलब्ध डायलिसिस सुविधा का विस्तार करते हुए जल्द ही यहां एक और डायलिसिस मशीन स्थापित की जाएगी।

क्षेत्र के समग्र विकास का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देशभर से माँ पूर्णागिरि के दर्शन हेतु आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री धामी ने भविष्य की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि टनकपुर का बूम क्षेत्र आने वाले समय में पर्यटन एवं वॉटर स्पोर्ट्स के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। साथ ही इसे एक आकर्षक वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा सरकार का संकल्प टनकपुर को हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर एवं सुविधायुक्त बनाना है।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत, नगर पालिका अध्यक्ष टनकपुर विपिन कुमार, ब्लॉक प्रमुख चम्पावत अंचला बोहरा, विधायक प्रतिनिधि टनकपुर दीपक रजवार, जिला महामंत्री हिमेश कलखुड़िया, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी, नोडल अधिकारी मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय केदार सिंह बृजवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं अन्य उपस्थित रहे।

देवभूमि अब बन रही है खेलभूमि: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गांधी फुटबॉल मैदान, लोहियाहेड में टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के सौजन्य से निर्मित ओपन जिम का विधिवत लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश देते हुए कहा कि सरकार प्रदेश में खेल और फिटनेस से जुड़ी आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है।

इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने गांधी फुटबॉल मैदान, लोहियाहेड में आयोजित स्वास्तिक नर्सिंग कॉलेज की वार्षिक खेल प्रतियोगिता का फीता काटकर शुभारम्भ किया। खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ खेल भी अत्यंत आवश्यक है। खेलों से मन, मस्तिष्क और शरीर स्वस्थ रहता है तथा अनुशासन, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता का विकास होता है। उन्होंने खिलाड़ियों से आह्वान किया कि वे स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर संकल्प और अनुशासन के साथ आगे बढ़ें, सफलता निश्चित रूप से उनके कदम चूमेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज खेल केवल मनोरंजन का साधन नहीं रह गया है, बल्कि इसमें करियर की अपार संभावनाएँ हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया’ जैसी योजनाओं के माध्यम से खेलों के बुनियादी ढांचे को सशक्त किया गया है। परिणामस्वरूप हमारे खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री स्वयं खिलाड़ियों से मिलकर उनका उत्साहवर्धन करते हैं, जिससे उन्हें नई ऊर्जा और प्रेरणा मिलती है।

मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ कहा कि राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने परचम लहराया है और अब हमारी देवभूमि खेलभूमि के रूप में भी अपनी पहचान बना रही है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि अब तक 28 हजार युवाओं को सरकारी नौकरियों में नियुक्ति दी जा चुकी है और इस वर्ष 10 हजार युवाओं की भर्ती की जाएगी। उन्होंने सभी विद्यार्थियों एवं खिलाड़ियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ओपन जिम उपकरणों का अवलोकन कर स्वयं व्यायाम किया तथा क्रिकेट खेलकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन भी किया।

इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, दर्जा मंत्री फरजाना बेगम, जिलाध्यक्ष कमल जिंदल, महामंत्री रमेश चंद्र जोशी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा, उप जिलाधिकारी तुषार सैनी सहित स्वास्तिक नर्सिंग कॉलेज की प्रिंसिपल रुचि अग्रवाल, डॉ. विवेक अग्रवाल, वरुण अग्रवाल, शिप्रा अग्रवाल, कॉलेज के विद्यार्थी एवं क्षेत्रीय जनता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

सीएम ने खटीमा सिविल न्यायालय में अधिवक्ताओं हेतु नव निर्मित चैम्बर का फीता काटकर किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर एक करोड़ की लागत से खटीमा सिविल न्यायालय में अधिवक्ताओं हेतु नव निर्मित चैम्बर का फीता काटकर व दीप प्रज्वालित कर लोकार्पण किया।

कार्यक्रम में सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिवक्ताओं को महाशिवरात्रि पर्व व नए चैम्बर बनने की बधाई व शुभकामनायें दीं। उन्होंने कहा कि नया चैम्बर अधिवक्ताओं के लिए न्यायिक विमर्श व विधि अध्ययन का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा तथा न्यायिक कार्य सरलता से व त्वरित होंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेर्तत्व न्याय व्यवस्था को और पारदर्शी बनाने हेतु कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे है। उन्होंने कहा कि खटीमा व खटीमा के आस पास से आने वाले अधिवक्ताओं के लिए व आम जन के लिए लाभकारी सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने जो पुराने गैर जरूरी व अंग्रेजो के जमाने से चले आ रहे कानूनों को हटाकर वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 लागू करने का ऐतिहासिक काम किया है। जिससे न्यायिक व्यवस्था प्रभावी हो रही है, ई-कोट्स प्रोजेक्ट, नेशनल ज्यूडिसियल डाटाक्रेट, फास्टट्रेक, स्पेशल कोर्ट, महिला एवं बाल अपराधों के लिए त्वरित न्याय तंत्र, ऑनलाइन के माध्यम से सुनवाई और डिजिटल केस मैनेजमेंट सिस्टम जैसी पहलों के द्वारा न्याय व्यवस्था को और अधिक तेज और सुगम बनाने की दिशा में क्रन्तिकारी परिवर्तन किये गए है। उन्होंने कहा की आज न्यायलयों में तकनीकी के प्रभावी उपयोग ने न केवल समय की बचत की है बल्कि प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाया है। जिससे न्याय प्रक्रिया पहले से अधिक विश्वसनीय वैज्ञानिक और प्रामाणिक बनी है।

मुख्यमंत्री ने कहा की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के पश्चात देश भर में लगभग 7 हजार से अधिक कोर्ट का व 11 हजार आवासीय इकाइयों का निर्माण किया गया है, जो अपने आप में एक बहुत बड़ा रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा कि हम प्रधानमंत्री जी से प्रेरणा लेकर उत्तराखंड में भी न्याय व्यवस्था को आधुनिक स्वरूप देने,विधि शिक्षा को और सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे है। उन्होंने कहा खटीमा का हर क्षेत्र में विकास किया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने अधिवक्ताओं के लिए 20 नए चैंबर बनाने हेतु 02 करोड़ 50 लाख रुपए देने की घोषणा की।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य,विधायक गोपाल सिंह राणा, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, शंकर कोरंगा, जिला जज सिकंद कुमार त्यागी, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, अपर जिला जज मंजू सिंह मुंडे, अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय,बार एसोसिएशन अध्यक्ष सूरज प्रकाश राणा, सचिव भरत पांडे, अधिवक्ता गोपाल सिंह बिष्ट, के डी भट्ट सहित अधिवक्तागण, जनप्रतिनिधि,जनता मौजूद थे।