खटीमा में लोहड़ी पर्व की बधाई देने पहुंचे सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज नगला तराई रोड हर्षु इंक्लेव में सुमित गुम्बर के आवास पहुँचकर सार्वजनिक लोहड़ी समारोह में प्रतिभाग किया। उन्होंने सभी को लोहड़ी पर्व की बधाई व शुभकामनायें दीं।

कार्यक्रम में मेयर दीपक बाली, विकास शर्मा, नगर पालिका अध्यक्ष रामेश चंद्र जोशी, दर्जा मंत्री उत्तम दत्ता,पूर्व विधायक राजेश शुक्ला, डॉ प्रेम सिंह राणा, ब्लॉक प्रमुख सरिता राणा, जिलाध्यक कमल जिन्दल, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा, वी सी जय किशन, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी, अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, अपर पुलिस अधीक्षक डॉ उत्तम सिंह नेगी,सीएमओ डॉ के के अग्रवाल,उप जिलाधिकारी तुषार सैनी आदि मौजूद थे।

बहुचर्चित अंकिता भंडारी प्रकरण पर अब होगी सीबीआई जांच, मुख्यमंत्री धामी ने जांच को दी संस्तुति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वर्गीय अंकिता भंडारी के माता–पिता की अनुरोध व उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए अंकिता भंडारी प्रकरण की CBI जांच कराए जाने की संस्तुति प्रदान की है ।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य शुरू से अंत तक निष्पक्ष, पारदर्शी और संवेदनशील तरीके से न्याय सुनिश्चित करना रहा है और आगे भी रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय बहन अंकिता भंडारी के साथ हुई इस अत्यंत दुखद एवं हृदयविदारक घटना की जानकारी मिलते ही राज्य सरकार ने बिना किसी विलंब के पूर्ण संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ कार्रवाई की। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एक महिला आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रकरण से जुड़े सभी अभियुक्तों को शीघ्र गिरफ्तार किया गया तथा राज्य सरकार की ओर से प्रभावी एवं सशक्त पैरवी सुनिश्चित की गई, जिसका परिणाम यह रहा कि विवेचना और ट्रायल के दौरान किसी भी अभियुक्त को जमानत नहीं मिल सकी। SIT द्वारा गहन विवेचना के पश्चात अभियुक्तों के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की गई और निचली अदालत द्वारा सुनवाई पूर्ण होने पर अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह पूरे प्रकरण में इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि राज्य सरकार ने आरंभ से लेकर अंत तक निष्पक्षता, पारदर्शिता और दृढ़ता के साथ न्याय सुनिश्चित किया है। साथ ही, हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही कुछ ऑडियो क्लिप्स के संबंध में भी अलग–अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिन पर जांच की प्रक्रिया निरंतर जारी है।

मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि सरकार की मंशा पूरी तरह स्पष्ट है और किसी भी तथ्य या साक्ष्य की अनदेखी नहीं की जाएगी। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि अंकिता केवल एक पीड़िता नहीं थी, बल्कि वह हमारी भी बहन और बेटी थी।

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि हाल ही में उन्होंने स्वयं स्वर्गीय अंकिता भंडारी के माता–पिता से मुलाकात की, जिसमें बातचीत के दौरान उन्होंने मामले की CBI जांच कराए जाने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय अंकिता के माता–पिता के इस अनुरोध और उनकी भावनाओं का पूर्ण सम्मान करते हुए राज्य सरकार ने इस प्रकरण की CBI से जांच कराने का निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुनः दोहराया कि राज्य सरकार पहले भी न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध रही है और आगे भी पूरी दृढ़ता एवं संवेदनशीलता के साथ स्वर्गीय बहन अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए संकल्पबद्ध रहेगी।

अंकिता मामले में पुख्ता साक्ष्य प्रस्तुत करने वालों को सरकार देगी सुरक्षा, सभी जांच के लिए तैयार : सुबोध उनियाल

कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने अंकिता प्रकरण विवाद पर स्पष्ट किया कि आरोप लगाने वाले या अन्य व्यक्ति, विश्वसनीय साक्ष्य प्रस्तुत करें, सरकार किसी भी जांच के लिए तैयार। उन्होंने कहा, सुप्रीम कोर्ट, एसआईटी जांच को सही मानते हुए, सीबीआई जांच से इनकार कर चुकी है। लिहाजा सिर्फ अपुष्ट आरोप के आधार पर कार्रवाई हुई तो सजायाफ्ता दोषियों को कानूनी फायदा पहुंच सकता है।

पार्टी मुख्यालय में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए, उनियाल ने कहा, बेटी के साथ हुई इस घटना से समूची देवभूमि दुखी थी। मामले को संवेदनशीलता और गंभीरता से लेते हुए, धामी सरकार ने तत्काल महिला डीआईजी के नेतृत्व में एसआईटी गठित की और आरोपियों को गिरफ्तार किया। सभी फोरेंसिक और व्यवहारिक सबूतों को एकत्र किया गया और न्यायालय में मजबूती से पैरवी की गई। पीड़ित परिवार की सहमति से की गई इस तरह कार्रवाई की गई कि आरोपियों को जमानत तक नहीं लेने दी गई। इस सबके आधार पर दोषियों को उम्रकैद की सजा दी गई है।

जहां तक सवाल है, सीबीआई जांच का तो, सरकार किसी भी जांच से गुरेज नहीं है, लेकिन विश्वसनीय साक्ष्य सामने तो आएं। उन्होंने आग्रह किया कि सोशल मीडिया में आरोप लगाने वाले व्यक्तियों से भी में विशेष अनुरोध है कि वे सामने आकर, साक्ष्य प्रस्तुत करें। सरकार उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी लेगी, और उनके ही नहीं किसी अन्य पक्ष के पास भी कोई पुख्ता साक्ष्य हैं तो जांच एजेंसी को सौंपे। यदि उनमें थोड़ी सी भी सच्चाई पाई गई तो उसमें बड़ी से बड़ी जांच के लिए सरकार तैयार है।

पत्रकारों द्वारा पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, प्रकरण की विवेचना के बाद जब एक पक्ष सीबीआई जांच की संस्तुति के लिए न्यायालय पहुंचा था। तो ट्रायल कोर्ट, उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय ने भी एसआईटी द्वारा की गई कार्यवाही को सही और सक्षम मानते हुए किसी अन्य जांच से इनकार कर दिया था। तीनो न्यायालयो ने माना कि किसी भी वीआईपी को बचाने का कोई प्रयास नही किया गया है और विवेचना में कोई वीआईपी होना पाया भी नहीं गया। उपरोक्त केस की पैरवी ट्रायल कोर्ट में मृतिका के परिजनों की इच्छानुसार नियुक्त विशेष अभियोजन अधिकारी द्वारा की गई थी व उनके द्वारा वीआईपी व विवेचना के सम्बन्ध में कोई आपत्ति नही की गई थी।

इसी तरह क्राइम सीन पर बुल्डोजर चलाने के आरोप पर स्पष्ट किया कि कोर्ट ने भी माना, मृतका के कमरे की तोड़ फोड़ से पूर्व ही एफएसएल टीम द्वारा सभी साक्ष्य इकट्ठा कर लिये थे। लिहाजा कहीं कहीं एक खास नजरिया स्थापित करने की दृष्टि से भी यह दुष्प्रचारित किया जा रहा है। वहीं विवेचना के दौरान कई बार आम जन से अपील की गई थी कि किसी के पास इस प्रकरण के सम्बन्ध में साक्ष्य हों तो उपलब्ध करायें और किसी के भी द्वारा कोई साक्ष्य नहीं दिये गये थे।

उन्होंने वर्तमान में सीबीआई जांच की मांग को लेकर उन्होंने पुनः स्पष्ट किया कि पुख्ता सबूत सामने आने पर सरकार किसी भी जांच के लिए तैयार है। लेकिन उससे पहले इस तरह का निर्णय, सजायाफ्ताओं को फायदा पहुंचा सकता है। क्योंकि आरोप लगाने वाले सोशल मीडिया ऑडियो वीडियो में दुखद मौत के कारण को लेकर दोहरी बयानबाजी की गई है, उसकी न्यायालय में प्रस्तुति, अभियुक्तों की जमानत का रास्ता भी खोल सकती है। लिहाजा कहीं न कहीं अन्य पक्षों द्वारा जा रही इस तरह की कोशिशें दोषियों को लाभ पहुंचाने की साजिश का हिस्सा भी हो सकता है।वर्तमान में वायरल रिकार्डिंग में कोई समय और तिथि स्पष्ट नहीं है।
इसमें व्यक्ति द्वारा अंकिता की सुसाइड की बात कहना अभियुक्त को फायदा पंहुचाने की नीयत से कहा गया, ऐसा प्रतीत होता है। क्योकि अपराधी पूर्व में हत्या के आरोप मे सजा पा चुके हैं। मामला अभी अपील पर है, इस प्रकार के तथ्य लाना अभियुक्तों को फायदा पंहुचा सकता है।

जो फिलहाल रिकार्डिंग सामने आई है उसके किसी सुनियोजित तरीके से किए जाने की आशंका है और इसको जानबूझकर लीक करने की योजना मालूम पड़ती है। रिकार्डिंग में बिना किसी साक्ष्य के एक-दो लोगों का नाम बार-बार लिया जाना उन्हे व्यक्तिगत क्षति पंहुचाने का आशय प्रतीत होता है।

लिहाजा सरकार का मानना है कि यह बहुत ही संवेदनशील मामला है। इसलिए जब तक आरोप लगाने वाले व्यक्ति, कोई विश्वसनीय सबूत प्रस्तुत नहीं करते हैं तब तक जल्दबाजी में कुछ भी निर्णय करना, पूरी कानूनी प्रक्रिया को कमजोर कर सकता है।

पत्रकार वार्ता में प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार, प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान, सह मीडिया प्रभारी राजेंद्र नेगी, प्रदेश प्रवक्ता कमलेश रमन भी मौजूद रही।

घोड़ाखाल सैनिक स्कूल की उत्कृष्टता और सैन्य अधिकारियों को तैयार करने में अद्वितीय भूमिका को मुख्यमंत्री धामी ने सराहा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल जिले के भवाली स्थित सैनिक स्कूल घोड़ाखाल के हीरक जयंती समारोह का विधिवत उद्घाटन किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों, शिक्षको, अभिभावकों का हार्दिक स्वागत एवं अभिनन्दन किया तथा ईश्वर से ऐतिहासिक सैनिक स्कूल में पढ़ने वाले सभी विद्यार्थियों एवं कैडेट्स के उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होंने बच्चों से विभिन्न क्षेत्रों में जाकर देश एवम् राज्य, शिक्षकों, अभिभावकों का नाम रोशन करने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने विद्यालय के बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि यह स्कूल न सिर्फ़ हमारे राज्य बल्कि पूरे देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक है,उन्होंने कहा कि ये वो संस्था है, जिसने दशकों से राष्ट्र को अनुशासन, परिश्रम और अदम्य राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत युवा प्रदान किए हैं और जिसके बारे में बचपन से मैं स्वयं सुनता आया हूँ। उन्होंने कहा कि यह सैनिक स्कूल उत्कृष्टता की परंपरा और उच्चतम मानकों के साथ सैन्य अधिकारियों को तैयार करने में अपना जो योगदान देता आया है वो अद्वितीय है। इस स्कूल की जितनी प्रशंसा की जाए, कम है। यहां से निकले हुए छात्र न केवल भारतीय सेना में बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन कर देश की सेवा कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ये विशिष्ट विद्यालय आपको सिर्फ किताबी शिक्षा नहीं देता बल्कि आपके व्यक्तित्व तथा भविष्य का निर्माण भी करता है। उन्होंने कहा कि यहॉं एक अच्छा नागरिक, एक आदर्श सैन्य अधिकारी और सबसे महत्वपूर्ण एक अच्छा एवं अनुशासित इंसान बनने की सीख एवं प्रेरणा मिलती है। उन्होंने छात्रों से कहा कि इस विद्यालय में पढ़ते हुए उनमें कब नेतृत्व, शौर्य और जिम्मेदारी की भावना विकसित हो जाएगी, इसका पता उन्हें इस स्कूल से जाने के बाद लगेगा। क्योंकि ये बात यहां से पास आउट होकर बड़े सैन्य अधिकारी बने बहुत से ऑफिसर्स ने कहीं है व बताई है। उन्होंने कहा कि घोड़ाखाल की मिट्टी में जो जज्बा है, वो यहॉं पढ़ने वाले बाकी छात्रों से अलग खड़ा करता है। यही जज्बा आप सभी को आगे चलकर भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना में श्रेष्ठ अधिकारी के रूप में देश की सेवा के लिए तैयार करता है। उन्होंने कहा कि सैनिक स्कूल घोड़ाखाल ने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) में सर्वाधिक प्रविष्टियाँ देने का रिकॉर्ड भी स्थापित किया है। इस उपलब्धि को हासिल करना और रक्षा मंत्री ट्रॉफी को 10वीं बार जीतना, सैनिक स्कूल घोड़ाखाल के कैडेट्स, शिक्षकों और संस्थान के नेतृत्व की लगन, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का परिचायक है। मुख्यमंत्री ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने पर सभी को हार्दिक बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि होने के साथ ही वीरभूमि भी है, क्योंकि उत्तराखंड की माटी में जन्मे अनेकों वीरों ने देश की रक्षा करते हुए अपना सर्वस्व न्यौछावर किया। आज भी बड़ी संख्या में उत्तराखंड के वीर जवान देश की रक्षा में तैनात हैं।

मुख्यमंत्री ने सैनिक पुत्र के रूप में स्वयं को सौभाग्यशाली बताते हुए कहा कि मैं भी एक सैनिक का पुत्र हूँ और एक सैनिक-पुत्र होने के नाते मैं सैनिक परिवारों में बच्चों को मिलने वाले राष्ट्रसेवा और अनुशासन के संस्कारों से भली भाँति परिचित हूँ और चुनौतियों तथा परेशानियों को बहुत नजदीक से देखा है। उन्होंने सभी कैडेट्स से कहा कि आपने यहां जो अनुशासन, कड़ी मेहनत और समर्पण सीखा है, वही आपको जीवन की हर चुनौती का सामना सफलतापूर्वक करने की शक्ति देगा। क्योंकि, इस विद्यालय की स्कूल ड्रेस एक साधारण कपड़ा नहीं, बल्कि एक अनुशासन, एक सम्मान और एक वचन है।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सेना और सैनिक स्कूलों को मजबूत करने के लिए अनेकों कदम उठाए गए हैं। नई शिक्षा नीति में देश के सैनिक स्कूलों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए आज सैनिक स्कूलों का विस्तार करने के साथ ही नए सैनिक स्कूलों की स्थापना भी की जा रही है। आदरणीय मोदी जी द्वारा रक्षा बजट में भी निरंतर वृद्धि की गई है, जिससे सेना के आधुनिकीकरण और उसकी क्षमताओं में अभूतपूर्व सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि पहले हम बड़ी संख्या में विदेशों से रक्षा उत्पाद ख़रीदते थे लेकिन आज भारत विश्व के अनेकों देशों को अत्याधुनिक रक्षा उपकरणों एवं हथियारों का निर्यात कर रहा है। आज भारत टॉप निर्यातक देशों में शामिल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी ने दशकों से लंबित ’वन रैंक-वन पेंशन’ योजना को लागू करके पूर्व सैनिकों को आर्थिक रूप से मज़बूत बनाने के साथ ही उनके मान-सम्मान की रक्षा करने का भी ऐतिहासिक कार्य किया है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी सैनिकों, शहीदों एवं पूर्व सैनिकों का मान-सम्मान और उनके परिवार का कल्याण सुनिश्चित करने हेतु प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है। शहीदों के परिजनों को मिलने वाली अनुग्रह अनुदान राशि को 5 गुना बढ़ाना हो, शहीदों के एक आश्रित को सरकारी नौकरी देना हो या पूर्व सैनिकों को विभिन्न प्रकार की छूट प्रदान करना हो, हमारी सरकार हर वो प्रयास कर रही है जिससे सैनिकों एवं उनके परिवारों का उत्थान सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही सेना में परमवीर चक्र से लेकर मेन्सन इन डिस्पैच तक सभी वीरता पुरस्कारों से अंलकृत सैनिकों को दी जाने वाली एकमुश्त तथा वार्षिकी राशि में भी अभूतपूर्व वृद्धि की है। वहीं दूसरी ओर, प्रदेश के बलिदानियों की स्मृति में भव्य सैन्य धाम का निर्माण भी किया जा रहा है, जिसका जल्द ही लोर्कापण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कैडेट्स और विद्यार्थियों को अभिभावक के रूम में मार्गदर्शित करते हुए कहा कि आप जीवन में जो भी संकल्प लें, उस पर मन लगाकर कार्य करें, उसके आगे किंतु-परंतु का कोई विकल्प न रखें। उन्होंने कहा कि आपका संकल्प विकल्प रहित होना चाहिए, क्योंकि जब आपका संकल्प, विकल्प रहित होता है तो सिद्धि अवश्य मिलती है।

उन्होंने सैनिक स्कूल, घोड़ाखाल के प्रधानाचार्य ग्रुप कैप्टन विजय सिंह एवं उनकी पूरी टीम को विद्यालय में शिक्षा के “स्टैंडर्ड” को “मेंटेन” रखने के लिए साधुवाद किया।

इस दौरान बेस्ट जूनियर हाउस, बेस्ट सीनियर हाउस, सी.हाउस आदि के विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में विधायक नैनीताल सरिता आर्या, विधायक राम सिंह कैड़ा, ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश बिष्ट, मंडलायुक्त दीपक रावत, आईजी रिद्धिम अग्रवाल, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, एसएसपी डॉ.मंजूनाथ टीसी सहित विद्यार्थी, अभिभावक आदि उपस्थित थे।

सीएम आवास में परिवीक्षाधीन पीसीएस अधिकारियों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से की भेंट

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आज मुख्यमंत्री आवास में परिवीक्षाधीन पीसीएस अधिकारियों ने शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों का हार्दिक स्वागत करते हुए उनके आगामी प्रशासनिक दायित्वों के लिए शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सेवा केवल एक रोजगार नहीं है, बल्कि यह जनता के प्रति जिम्मेदारी और सेवा की भावना से जुड़े ‘ईश्वरीय कार्य’ के समान है।

प्रशासनिक सेवा—एक उत्तरदायित्व, केवल नौकरी नहीं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रशासनिक सेवाओं में आने वाले युवा अधिकारी राज्य की रीढ़ माने जाते हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकारी सेवा का मूल उद्देश्य जनता के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना है। उन्होंने अधिकारियों को प्रेरित करते हुए कहा कि प्रशासनिक सेवा को केवल प्रोफेशन न समझें, बल्कि इसे समाज और देवभूमि उत्तराखंड के लोगों के लिए समर्पित एक सेवा-भाव के रूप में अपनाएँ। उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारी जब सेवा को ईश्वरीय कार्य समझकर कार्य करेंगे, तब उनके निर्णय अधिक पारदर्शी, संवेदनशील और प्रभावी होंगे।

युवा अधिकारियों से जनता की नई उम्मीदें—नवाचार को अपनाने पर बल

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी तकनीक, आधुनिक दृष्टिकोण और नए विचारों से समृद्ध है। इसलिए जनता की उम्मीदें भी युवा अधिकारियों से दोगुनी हैं। उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ प्रशासन को नवाचार अपनाने की जरूरत है—चाहे वह तकनीक का उपयोग हो, प्रशासनिक प्रक्रियाओं का सरलिकरण हो या जनसंपर्क को बेहतर बनाने के तरीके। उन्होंने कहा कि समस्याओं के समाधान के लिए पारंपरिक तरीकों के साथ आधुनिक और स्मार्ट समाधान आवश्यक हैं, ताकि जनता को त्वरित और प्रभावी सेवाएँ मिल सकें।

संवेदनशीलता—जनता की सेवा का मूल आधार

सीएम धामी ने संवेदनशील प्रशासन की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि जनता प्रशासन से सम्मान, न्याय, सुनवाई और संवेदनशीलता की अपेक्षा रखती है। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा कि वे हर समस्या को मानवीय दृष्टिकोण से समझें और प्रत्येक नागरिक के साथ सम्मानपूर्ण व्यवहार करें। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याएँ सुनना, उन्हें समझना और समाधान के लिए तुरंत व गंभीर प्रयास करना ही एक सच्चे और प्रभावी प्रशासक की पहचान है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियाँ विशिष्ट और चुनौतीपूर्ण हैं। पर्वतीय क्षेत्रों, दुर्गम मार्गों और दूरस्थ गांवों में बुनियादी सेवाएँ पहुँचना कठिन होता है। उन्होंने अधिकारियों को आगाह किया कि पहाड़ी राज्य में प्रशासनिक दायित्व केवल तकनीकी नहीं होते, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और अधिक परिश्रम की मांग करते हैं। उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों के बावजूद, अधिकारी अगर सकारात्मक सोच और कठिन परिश्रम से काम करेंगे, तो प्रदेश के लोगों के जीवन में बड़ा परिवर्तन लाया जा सकता है।

मुख्यमंत्री धामी ने प्रशिक्षु अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि शासन की प्रत्येक योजना और सुविधा समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे, यह प्रत्येक अधिकारी का मिशन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य समाज के वंचित, दूरस्थ और जरूरतमंद वर्ग को लाभ दिलाना है, और यह तभी संभव है जब अधिकारी ईमानदारी और प्रतिबद्धता से इस दिशा में निरंतर काम करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता प्रशासन से न्याय, पारदर्शिता और निष्पक्षता की अपेक्षा रखती है। इसलिए अधिकारी हमेशा विनम्र, ईमानदार और निष्पक्ष रहें। उन्होंने कहा कि अच्छा आचरण, जनता से जुड़ाव और सही निर्णय लेने की क्षमता किसी अधिकारी की सबसे बड़ी पूँजी है।

इस अवसर पर सचिवालय प्रशासन के अधिकारी तथा परिवीक्षाधीन पीसीएस अधिकारी उपस्थित रहे।

जिला प्रशासन का एक्शन, कैंब्रियन हॉल स्कूल को जारी करनी पडा, कही से भी खरीदें किताबें और ड्रेस

मुख्यमंत्री के निर्देश और जिला प्रशासन के आक्रामक रवैये से कैंब्रियन हॉल स्कूल अब बैकफुट पर आ गया है। स्कूल ने मनमाने तरीके से 10 प्रतिशत फीस वृद्वि को 05 प्रतिशत कम कर दिया है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों पर नियमों का पालन न करने वाले स्कूलों के खिलाफ कडा एक्शन लिया जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा स्कूल पर सख्त प्रवर्तन एक्शन के बाद अभिभावकों को बड़ी राहत मिली है।
‘भय बिनु होई न प्रीति‘ कहावत को चरितार्थ करता जिला प्रशासन; नामी गिरामी निजी स्कूलों पर शिकंजा, दसियों व्यथित अभिभावक झंुड ने जब लगाई डीएम से गुहार, बस तभी से कार्यवाही का सिलसिला शुरू हो गया है। अब निजी नामी कैब्रियन स्कूल पर प्रशासन ने शिंकजा कस दिया है। मा0 सीएम की डीएम को सख्त हिदायत है कि शिक्षा का मंदिर नहीं बनेगा व्यवसाय का अड्डा, जिला प्रशासन ने स्कूल संचालकों के पेंच कस दिए है। तमीज, आग्रह, उदबोधन से नही आए बाज; तो जनहित लागू करवाना प्रशासन जानता है। मई में स्कूलों को जारी आदेश की अवहेलना, शिकायत पर डीएम का सख्त प्रवर्तन एक्शन, स्कूल से ही 5 प्रतिशत् पर खिंचवाई फीस की लकीर। जिले के नामी गिरामी स्कूल को करनी पड़ी फीस कम, अभिभावकों से अब तक वसूली गई अधिक फीस अब आगे घटाते हुए समायोजित करेगें दी लिखित अण्डरटेकिंग दी है। मा0 सीएम के निर्देश, शिकायत पर जिला प्रशासन ने विगत मई में ही कई निजी स्कूलों की कुंडली खंगाली है। जिला प्रशासन का एक्शन, स्कूल को जारी करनी पड़ा कही से भी खरीदें किताबें और ड्रेस का पत्र। स्कूल पर जिला प्रशासन का सख्त प्रवर्तन एक्शन से अभिभावकों को बड़ी राहत मिल गई है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शिक्षा सबका अधिकार, अभिभावकों और बच्चों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा शिकायत मिली तो मान्यता निरस्त करने की कार्यवाही की जाएगी।
दरअसल, जिलाधिकारी की अध्यक्षता में 14 जुलाई को आयोजित जनता दरबार में मोनिका राणा एवं अन्य अभिभावकों ने शिकायत दर्ज की थी कि जिला प्रशासन के प्रतिबंधों के बावजूद भी कैम्ब्रियन स्कूल द्वारा फीस कम नही की गई है। स्कूल प्रशासन द्वारा मनमाने ढंग से फीस बढ़ाई गई है। जिससे अभिभावकों को अपने बच्चों की पढाई के लिए आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड रहा है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने अभिभावकों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह की अध्यक्षता में गठित जिला प्रशासन की कोर टीम को प्रकरण की जांच करने और कैम्ब्रियन स्कूल की सीबीएससी संबद्वता हेतु राज्य सरकार द्वारा निर्गत एनओसी रद्व करते हुए स्कूल के खिलाफ सख्त प्रवर्तन एक्शन लेने के निर्देश दिए गए। इस पर मुख्य विकास अधिकारी एवं मुख्य शिक्षा अधिकारी ने कैम्ब्रियन स्कूल को नोटिस जारी करते हुए स्कूल प्रिसिंपल को तलब किया और फीस स्ट्रक्चर की जांच के दौरान 30 मई को दिए गए आदेशों का अनुपालन करने की कडी हिदायत दी गई। मानक से अधिक फीस बढ़ाने पर सख्त हिदायत के बाद निजी स्कूल बैकफुट पर आया। 
स्कूल प्रशासन ने मनमाने तरीके से बढ़ाई 10 प्रतिशत फीस को 05 प्रतिशत तक कम कर दिया है। साथ ही स्कूल प्रशासन ने 18 जुलाई को अभिभावकों को एडवाइजरी जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि अभिभावकों से वसूल किए गए अधिक शुल्क को आगामी महीनों के शुल्क में घटाते हुए समायोजित किया जाएगा। ऐसे अभिभावक जिन्होंने अभी तक फीस जमा नही की है, उन पर कोई बिलंब शुल्क भी नही लिया जाएगा। इसके अतिरिक्त कक्षा 9वीं और 10वीं के छात्र जिनका कम्प्यूटर साइंस विषय नहीं है, उनसे कंप्यूटर फीस नही ली जाएगी। अभिभावक किसी भी बुक सेलर दुकान से किताबें और ड्रेस खरीद करने के लिए स्वतंत्र है।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि निर्धारित मानक से अधिक फीस, अभिभावकों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कहीं से भी शिकायत प्राप्त हुई, तो इस पर सख्त से सख्त एक्शन लिया जाएगा और ऐसे स्कूलों की मान्यता निरस्त की जाएगी। कहा कि शिक्षा के मंदिर को व्यवसाय का अड्डा नहीं बनने दिया जाएगा। जिला प्रशासन की स्कूलों पर सख्त प्रवर्तन एक्शन के बाद अभिभावकों को बड़ी राहत मिली है।  

यह तीन प्रस्ताव जिन पर धामी कैबिनेट ने लगाई मोहर…

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक समाप्त हो गई है। बैठक (dhami cabinet metting) में तीन प्रस्ताव को मंत्रिमंडल की मंजूरी मिली है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित राज्य कैबिनेट की अहम बैठक में तीन महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई है।

धामी कैबिनेट की बैठक हुई समाप्त
देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित धामी कैबिनेट की अहम बैठक में तीन महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी। बैठक में आगामी हरिद्वार कुंभ मेले की तैयारियों के तहत 82 पदों पर नियुक्ति की मंजूरी दी गई है। इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने से कुंभ मेले के सुचारू संचालन में मदद मिलेगी।

तीन प्रस्तावों को मिली कैबिनेट की मंजूरी
कैबिनेट की बैठक में शिक्षा विभाग में प्रधानाचार्य पद की सेवा नियमावली में संशोधन को भी स्वीकृति दी गई है। इससे पदोन्नति, योग्यता और तैनाती प्रक्रिया में पारदर्शिता और स्पष्टता सुनिश्चित होगी। इसके साथ ही प्रदेश में ई-स्टैंप व्यवस्था को सरल और अधिक प्रभावी बनाने के लिए उसमें भी बदलाव करने को मंत्रिमंडल की मंजूरी मिली है। प्रदेश में अब स्टैंप की खरीद प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से और अधिक सुगम हो सकेगी।

बैठक में लिए गए ये निर्णय राज्य के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने और आगामी आयोजनों की तैयारियों को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

गढ़वाल और कुमाऊं के इन दो शहरों में तीमारदारों के लिए बनेगा विश्रामगृह

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में सचिवालय में राजकीय दून मेडिकल कॉलेज, राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी एवं सेवादान आरोग्य संस्था के बीच एम.ओ.यू. (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर किए गए। यह एम.ओ.यू. राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी एवं देहरादून में तीमारदारों के लिए विश्राम गृह निर्माण कार्य से संबंधित है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि इन मेडिकल कॉलेजों में तीमारदारों के लिए विश्राम गृह बनने से बड़ी सुविधा होगी। भर्ती मरीजों के साथ आने वाले परिजनों को रात्रि विश्राम एवं ठहरने की समस्या का समाधान मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने सेवादान आरोग्य संस्था से किच्छा स्थित एम्स सैटेलाइट सेंटर में भी यह व्यवस्था करने की बात कही , जिस पर संस्था ने सहमति व्यक्त की।

इस एम.ओ.यू. के तहत सेवादान आरोग्य फाउंडेशन, राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी एवं देहरादून में तीमारदारों के लिए विश्राम गृहों का निर्माण करेगा। दोनों मेडिकल कॉलेजों में 350 बिस्तरों की क्षमता वाले विश्राम गृहों का निर्माण प्रस्तावित है।

इन विश्राम गृहों (रैन बसेरों) में रात्रि विश्राम के लिए शयनागार में ₹55 प्रति बिस्तर तथा दो बिस्तरों वाले कमरे ₹300 प्रति कक्ष की दर से उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही, नाश्ता ₹20 तथा भोजन ₹35 की सस्ती दरों पर उपलब्ध कराया जाएगा।

इन विश्राम गृहों का संचालन एवं रखरखाव सेवादान आरोग्य फाउंडेशन द्वारा किया जाएगा। राजकीय मेडिकल कॉलेज देहरादून द्वारा 1750 वर्गमीटर एवं राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी द्वारा 1400 वर्गमीटर भूमि विश्राम गृहों के निर्माण हेतु प्रदान की जाएगी। यह एम.ओ.यू. आगामी 20 वर्षों के लिए वैध रहेगा।

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर. राजेश कुमार, सचिव विनय शंकर पाण्डेय, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. आशुतोष सयाना तथा सेवादान आरोग्य संस्था से अभिषेक सक्सेना, आनंद सिंह बिसेन एवं अमित दास उपस्थित थे।

यूपी सरकार का सीएम धामी ने किया आभार, जानिए वजह…

मुुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा वित्तीय वर्ष 2021-22 एवं 2022-23 की अवधि के लिए उत्तराखंड राज्य को पेंशन की हिस्सेदारी के रूप में रू. 1600 करोड़ की धनराशि का भुगतान किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुये उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि दोनों राज्यों के मध्य बेहतर समन्वय एवं निरंतर संवाद के चलते परिसंपत्तियों एवं दायित्वों के लंबित मुददों का तेजी से निस्तारण किया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि वित्तीय वर्ष 2021-22 एवं 2022-23 में उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखण्ड राज्यों में पेंशन पर हुए व्यय के प्रभाजन हेतु महालेखाकार, उत्तर प्रदेश के द्वारा वर्ष 2021-22 के लिए रू. 952.26 करोड एवं वर्ष 2022-23 की अवधि के लिए रू. 1309.00 करोड की देयता उत्तर प्रदेश सरकार पर आंकलित की गई थी। पेंशन व्यय पर उक्त दो वित्तीय वर्षो के लिए आगणित कुल रू. 2261.26 करोड़ की देयता के सापेक्ष उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा माह जुलाई 2025 में रू. 1600 करोड़ की धनराशि भारतीय रिजर्व बैंक के माध्यम से अन्तर्राज्यीय समायोजन के द्वारा उत्तराखंड सरकार को किए जाने के संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है।

प्रदेश के विभिन्न विकास कार्यों के लिए सीएम ने दी वित्तीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंतर्गत राज्य पुलिस बलों का आधुनिकीकरण के मानक मद 40 में प्राविधानित ₹2.00 करोड़ धनराशि की स्वीकृत करने हेतु अनुमोदन किया है। मुख्यमंत्री ने राज्य योजना के अन्तर्गत जनपद देहरादून के विधानसभा क्षेत्र मसूरी के वार्ड संख्या 5 धोरणखास के विभिन्न मार्गो का डी.बी.एम.बी.सी द्वारा सतह लेपन एवं साइनेज का कार्य हेतु ₹243.91 लाख की धनराशि स्वीकृत करने हेतु अनुमोदन किया है।

मुख्यमंत्री ने गढ़वाल में चलकुड़िया-मसमोली-सकनोली-नौखोली मोटर मार्ग के प्रस्तावित नाम को शहीद मंदीप सिंह नेगी मोटर मार्ग, सिसल्डी-मंझोला मोटर मार्ग के प्रस्तावित नाम को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मोटर मार्ग, बाडियूँकैंण्डूल तल्ला-कैण्डूल मल्ला उतिण्डा (मस्टखाल-पुलासूं-उतिण्डा मोटर मार्ग के प्रस्तावित नाम को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी तुला सिंह रावत मोटर मार्ग के नाम किये जाने के प्रस्ताव पर अनुमोदन किया है।

मुख्यमंत्री ने राज्य योजना के अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र-लालकुआं के वनभूलपुरा रेलवे कसिंग से गौलापुल तक गौला नदी के अत्यधिक पानी के बहाव के कारण क्षतिग्रस्त मार्ग का पुनः निर्माण एवं सतह सुधार का कार्य हेतु ₹148.48 लाख की धनराशि स्वीकृत करने, जनपद अल्मोडा के विधानसभा क्षेत्र सोमेश्वर के अन्तर्गत गोलूछीना-गल्ली-वस्यूरा-गोविन्दपुर मोटर मार्ग को जोड़ने हेतु चीनूना गाड के ऊपर 15 मी० विस्तार के आर.सी.सी पुल का निर्माण कार्य हेतु ₹ 121.83 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन किया गया।

मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय कारागार / सम्पूर्णानन्द शिविर, सितारगंज के द्वितीय चरण में टाईप-II के 30 आवासों का निर्माण कार्यों हेतु ₹929.12 लाख एंव जिला कारागार, अल्मोड़ा में टाईप IV के 02, टाईप III के 04 एवं टाईप II के 24 आवासीय भवनों के निर्माण कार्यों हेतु 997.41 लाख की धनराशि स्वीकृत करने पर अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अन्तर्गत जनपद हरिद्वार के अन्नेकीपुर-हेत्तमपुर में निर्माणाधीन आवासीय परियोजना हेतु सिडकुल की ओर से परियोजना स्थल तक के मार्ग एवं नाली निर्माण हेतु ₹ 336.60 लाख की धनराशि की स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री घोषणा के अन्तर्गत जनपद चमोली के विकासखण्ड गैरसैंण में सारकोट भराडीसैंण मोटर मार्ग के कि.मी. 6 से 11 में सुधारीकरण एवं डामरीकरण का निर्माण कार्य हेतु ₹ 403.41 लाख की धनराशि स्वीकृत पर अपना अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने टनकपुर बस टर्मिनल निर्माण परियोजना निर्माण कार्य हेतु ₹ 23774.45 लाख (पूर्व स्वीकृत लागत ₹ 5590.70 लाख को शामिल करते हुए) की धनराशि स्वीकृत करने हेतु अनुमोदन किया है। मुख्यमंत्री ने ’स्वान उत्तराखण्ड क्षेत्रीय विस्तार नेटवर्क के संचालन एवं रख-रखाव के कार्य हेतु ₹ 5238.15 लाख की धनराशि स्वीकृत की है। मुख्यमंत्री ने नाबार्ड से नई परियोजनाओं के वित्तपोषण के क्रम में राज.पाली. द्वाराहाट, राज.पाली गंणाई-गंगोली तथा राज०पाली० पोखरी में भवन निर्माण कार्यों हेतु सकल धनराशि ₹ 1982.795 लाख अवमुक्त किये जाने हेतु अपना अनुमोदन किया है।

मुख्यमंत्री ने जनपद चमोली के अंतर्गत कर्णप्रयाग में ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक के निर्माण कार्य हेतु ₹ 453.63 लाख की धनराशि स्वीकृत करने हेतु अनुमोदन किया है। मुख्यमंत्री ने जनपद उत्तरकाशी के विकासखण्ड मोरी के कासला स्थल पर हेलीपैड का निर्माण किये जाने हेतु अनुमोदन किया है।