भूमि एवं समन्वय से जुड़े मामलों का समाधान स्थानीय स्तर पर मिलकर करते हुए कार्यों को समय पर प्रारंभ कराएं: बर्द्धन

डॉ आर. एस. टोलिया प्रशासनिक अकादमी नैनीताल में मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने नैनीताल जिले में संचालित विभिन्न परियोजनाओं सहित अन्य महत्वपूर्ण विकास कार्यों की समीक्षा की। बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश देते हुये मुख्य सचिव ने कहा कि परियोजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की प्रशासनिक, तकनीकी एवं प्रक्रियागत बाधा आ रही है, तो उसका त्वरित समाधान किया जाए यदि समस्या शासन स्तर की है तो तत्काल शासन के संज्ञान में लाया जाए। विकास कार्य रुकने नहीं चाहिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि सभी विभाग मासिक लक्ष्य निर्धारित कर उसके अनुरूप नियमित कार्य करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुये कहा कि लंबित टेंडर, स्वीकृतियों और तकनीकी अनुमोदनों को शीघ्र पूरा किया जाए तथा जिलास्तर पर जिलाधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी परियोजनाओं एवं विकास कार्यों की नियमित समीक्षा करें।

उन्होंने कहा कि योजनाओं की प्रगति बढ़ने से राज्य के विकास कार्यों को गति मिलेगी व जनसुविधाओं में भी सुधार होगा।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को सुव्यवस्थित दीर्घकालिक योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्यों की निरंतर मॉनिटरिंग की जाए, वर्क प्लान के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण कार्य किए जाएं, पब्लिक ग्रीवांस व मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के प्रकरणों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करते हुए जनपद को एक आदर्श, योजनाबद्ध एवं तेज गति से विकसित होने वाले जनपद के रूप में स्थापित करें।

बैठक में जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने स्वागत करते हुए मुख्य सचिव को जिले में संचालित महत्वपूर्ण परियोनाओं एवं विकास कार्यों की जानकारी से अवगत कराया।

नैनीताल जिले में 20 करोड़ रुपये से अधिक लागत की परियोजनाओं के अंतर्गत कराए जा रहे विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान लगभग 41 करोड़ की लागत से मानस खण्ड मन्दिर माला मिशन के अन्तर्गत कैंची धाम सौन्दर्यीकरण एवं प्रकाशीकरण का कार्य जो जून 2026 तक पूर्ण होना है इन कार्याें में गुणवत्ता एवं समयबद्वता का विशेष ध्यान देकर कार्य पूर्ण करने के निर्देश कार्यदाई संस्था लोकनिर्माण विभाग को दिए।

पेयजल कार्यों की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने जल जीवन मिशन के तहत कराए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए समयान्तर्गत कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा गर्मी का सीजन आ रहा है पेयजल से संबंधित कार्यों को समय पर पूर्ण किया जाय।
लगभग 24 करोड़ की लागत से इन्द्रानगर नाले के कैचमेंट सीवरेज एवं प्रदूषण रोकथाम कार्ययोजना, विधानसभा ओखलकांडा में कालाआगर पम्पिंग पेयजल योजना जो लगभग 23 करोड़ की लागत से बनने वाली योजना है, उक्त योजना को समयावधि में पूर्ण करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि पम्पिंग योजना से सुचारू तौर पर लोगों को पेयजल उपलब्ध हो। इस संबंध में कुमाऊं आयुक्त ने इन कार्यों में हो रही देरी एवं अन्य समस्याओं से मुख्य सचिव को अवगत कराया।
*मुख्य सचिव ने सिंचाई विभाग की समीक्षा के दौरान 3678.23 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित जमरानी बांध परियोजना की वर्तमान प्रगति की विस्तार से जानकारी ली, तथा निर्धारित समय जून 2029 तक परियोजना को पूर्ण करने के निर्देश दिए। टनल निर्माण की प्रगति की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि इस परियोना के अधिकारियों का विजिट शीघ्र ही ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे परियोजना के अंतर्गत निर्माणाधीन टनल एवं अन्य निर्माण कार्य स्थलों का कराएं ताकि वहॉं के कार्यों से अनुभव लेकर यहॉं के कार्यों में प्रगति आए*

298 करोड़ रुपये की लागत से बलियानाला भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र के उपचारात्मक कार्यों की प्रगति की जानकारी लेते हुए इस प्रमुख परियोजना को निर्धारित समय 2028 तक पूरा करने के निर्देश सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दिए।

मुख्य सचिव ने कार्यदाई संस्था पेयजल निर्माण निगम द्वारा 67 करोड़ रुपये की लागत से काठगोदाम में बस टर्मिनल का निर्माण कार्य तथा 28 करोड़ रुपये की लागत से रामनगर में रोडवेज बस टर्मिनल निर्माण एवं बस डिपो निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान कहा कि काठगोदाम बस टर्मिनल एवं रामनगर बस टर्मिनल का कार्य समय से पूर्ण करना सुनिश्चित करें। इन कार्यों में गुणवत्ता एवं समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाय।

ब्रिडकुल कार्यदायी संस्था द्वारा जनपद में कुमाऊ विश्वविद्यालय में 45 करोड़ रुपये की लागत से बीएड विधि संकाय भवन निर्माण, 44 करोड़ रुपये की लागत से 100 शैया मानसिक चिकित्सालय गेठिया, तथा 39 करोड़ रुपये की लागत से मेडिकल कालेज में स्टेट कैसर संस्थान के निर्माण कार्याें की प्रगति की समीक्षा के दौरान धीमी प्रगति पर अधिकारियो से कहा कि निर्माण कार्यों में तेजी लाते हुए गुणवत्ता एवं समयबद्धता से कार्य किया जाय।

लगभग 47 करोड़ से हल्द्वानी शहर हेतु सीवरेज कार्य पैकेज वन, 56 करोड़ से हल्द्वानी शहर हेतु सीवरेज कार्य पैकेज दो एवं तृतीय पैकेज 41 करोड की लागत से शहर में होने वाले कार्याें की विस्तृत समीक्षा की। इसके साथ ही हल्द्वानी में 397 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले नमो भवन, बहुउउदेशीय भवन निर्माण की वर्तमान प्रगति भी समीक्षा की। *समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने नमो भवन के निर्माण कार्य में हो रही देरी के कारणों तथा इस संबंध में बनाई गई डीपीआर आदि के संबंध में कार्यदाई संस्था के अधिकारियों के साथ विस्तारपूर्वक बैठक लेते हुए रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश कुमाऊं आयुक्त को दिए।*

इस दौरान 96 करोड़ रुपये की लागत से नैनीताल शहर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण के संबंध में की जा रही कार्यवाही की भी जानकारी ली।

समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने जिले में राजस्व वसूली, वन भूमि हस्तांतरण , मुख्यमंत्री जी द्वारा जनपद में की गई घोषणाओं की स्थिति, नशामुक्त उत्तराखंड अभियान सहित अन्य विकास कार्यों की भी समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये।

बैठक में आयुक्त कुमाऊं व सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत ने विभिन्न संचालित योजनाओं व विकास कार्यों की वर्तमान प्रगति की जानकारी देने के साथ ही विकास से संबंधित विभिन्न बिन्दु मुख्य सचिव के समक्ष रखे।

बैठक में जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने मुख्य सचिव को जिले में व्यस्ट प्रक्टिसेज के अंतर्गत किए जा रहे अभिनव प्रयासों व कार्यों से मुख्य सचिव को अवगत कराया। उन्होंने अवगत कराया कि राजस्व विभाग द्वारा जिले में विशेष अभियान चलाकर निर्विवाद वारिसान नामांतरण के अंतर्गत जिले में सभी तहसीलों में विरासत दर्ज की गई, वर्तमान तक 21452 वारिसानों एवं लाभार्थियों को इसका लाभ प्रदान कराया गया है।

इसी प्रकार जनपद में स्थल स्तरीय राजस्व प्रकृति के विवादों का त्वरित गति से निस्तारण किया जा रहा है।वर्तमान तक कुल 2207 में से 2056 का निस्तारण किया जा चुका है इस हेतु लगातार विभिन्न स्थानों में कैंप लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा जिले में सीमा विवाद,अतिक्रमण अभिलेख दुरुस्ती समाधान अभियान भी चलाया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि जिले में सरकारी एवं सार्वजनिक संपत्तियों से अतिक्रमण हटाए जाने हेतु प्रभावी रूप से कार्यवाही गतिमान है। इस हेतु तहसील स्तर पर राजस्व प्रवर्तन टीम तैयार कर तेजी से कार्यवाही की जा रही है।

जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि जिले में सरलीकरण, समयबद्ध एवं निस्तारण के तहत त्वरित कार्यवाही की जा रही है।
विगत 14 अक्टूबर 2025 से 15 मार्च 2026 तक कुल 2221 जन्म प्रमाण पत्र हेतु आवेदन प्राप्त हुए थे,सभी को प्रमाण पत्र नियत समय पर जारी किए गए हैं। इसी प्रकार 1693 मृत्यु प्रमाण पत्रों के आवेदन प्राप्त हुए थे सभी को तुरंत ही ये प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं।

सेवा का अधिकार के अंतर्गत राजस्व विभाग द्वारा सभी तहसीलों में 20454 आवेदनों में से 12101 आवेदनों का निस्तारण त्वरित गति से किया गया है। 3820 आवेदन जिनमें अभिलेख पूर्ण नहीं थे उन्हें रिजेक्ट किए गए। शेष में कार्रवाई गतिमान है।

जिलाधिकारी ने *जन-जन की सरकार जन-जन के द्वार* कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्र में लगाए गए कैंपों की प्रगति के संबंध में अवगत कराया की जनपद में कुल 50 स्थानों में यह कैंप आयोजित किए गए जिनके माध्यम से लोगों को सरकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया। इन कैम्पों का 10746 लोगों को सीधा लाभ मिला। कुल 3671 शिकायतें इन शिविरों में प्राप्त हुई जिनमें से 3162 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया।

इस दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि जनहित से जुड़े जो भी महत्वपूर्ण व आवश्यकीय कार्य हैं जिलाधिकारी उन कार्यों को अनटाइट फंड से कराएं। जिले में बजट उपलब्ध नहीं होने पर इन महत्वपूर्ण कार्यों को किए जाने हेतु प्रस्ताव शीघ्र ही शासन को भेजें।

बैठक में जिले में मानव वन्य जीव संघर्ष में राहत राशि वितरण के संबंध में अवगत कराया कि मानव वन्य जीव संघर्ष में जिले में 29 मानव क्षति हुई थी, सभी परिवारों को मुआवजा राशि वितरण कर दी गई है।
मानव वन्य जीव संघर्षों में 93 लोग घायल हो गए थे सभी को राहत राशि वितरित कर दी गई है।
बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी नैनीताल ने अवगत कराया कि वन विभाग द्वारा वर्तमान तक इन सभी नुकसानों में कुल लगभग 2 करोड़ 91 लाख रुपए की धनराशि संबंधितों प्रभावितों को वितरित कर दी गई है।

जिले में लंबित वन भूमि हस्तांतरण के प्रकरण के संबंध में मुख्य सचिव ने कहा कि प्रत्येक माह इन लंबित प्रकरणों की समीक्षा करें। और समय पर इनका निस्तारण करें।

उन्होंने कहा कि नेटवर्क कनेक्टिविटी बेहतर करने हेतु जिला टेलीकॉम कमेटी की बैठक में मोबाइल टावरों से संबंधित प्रस्ताव को स्वीकृत करने के साथ ही इनके संचालन की शीघ्र कार्रवाई दूरसंचार विभाग के माध्यम से कराई जाए।

बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ मंजूनाथ टीसी द्वारा जनपद में यात्रा सीजन हेतु तैयार ट्रैफिक प्लान सटल सेवा आदि के बारे में जानकारी दी। उन्होंने जिले में नशा मुक्त उत्तराखंड अभियान के अंतर्गत की जा रही कार्रवाई से भी मुख्य सचिव को अवगत कराया। उन्होंने यात्रा सीजन हेतु जनपद को 160 अतिरिक्त होमगार्ड उपलब्ध कराने की मांग मुख्य सचिव के समक्ष रखी।

बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि भवाली बायपास मार्ग सहित आवश्यक स्थानों में जहां-जहां स्ट्रीट लाइट की आवश्यकता है ऐसे स्थानों में जिलाधिकारी,जिला विकास प्राधिकरण या अन्य मद से यात्रा सीजन से पूर्व स्ट्रीट लाईट लगाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि आने वाले पर्यटन सीजन के लिए पर्याप्त पार्किंग व्यस्था सुनिश्चित की जाय। पर्यटकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
बैठक में मुख्य सचिव ने एस आई आर तथा जनगणना कार्य की तैयारी के बारे में भी जानकारी ली।

बैठक में आयुक्त कुमाऊं व सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत, जिला अधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ मंजूनाथ टीसी, प्रभागीय वनाधिकारी आकाश गंगवार, पुलिस अधीक्षक डॉ जगदीश चंद्रा, मनोज कत्याल,अपर जिलाधिकारी शैलेंद्र सिंह नेगी,लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता मनोहर सिंह धर्मशक्तू,पेयजल निर्माण निगम के अधीक्षण अभियंता अनूप पाण्डे सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

टनकपुर में मुख्यमंत्री ने सुनी क्षेत्र वासियों की समस्याएं, समाधान के भी दिए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय टनकपुर में आयोजित ‘मुख्य सेवक संवाद’ कार्यक्रम में प्रतिभाग कर क्षेत्र की माताओं, वरिष्ठजनों, जनप्रतिनिधियों, पूर्णागिरि मेला समिति, व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों तथा अन्य नागरिकों से आत्मीय संवाद किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य जनसमस्याओं को सीधे जनता से सुनकर उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने उपस्थित नागरिकों से क्षेत्र के विकास, जनसुविधाओं के विस्तार तथा स्थानीय समस्याओं से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में मौजूद स्थानीय नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों से क्षेत्र की आवश्यकताओं, सुझावों तथा समस्याओं के बारे में जानकारी प्राप्त की तथा संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त शिकायतों, मांगों एवं सुझावों पर गंभीरता से कार्य करते हुए उनका शीघ्र एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि जनता को समयबद्ध रूप से राहत मिल सके।

मुख्यमंत्री धामी ने टनकपुर अस्पताल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह चिकित्सालय एक ऐसे महत्वपूर्ण स्थान पर स्थित है, जहाँ न केवल टनकपुर एवं आसपास के क्षेत्रों के स्थानीय लोग बल्कि पड़ोसी देश नेपाल से भी बड़ी संख्या में मरीज बेहतर उपचार की उम्मीद में आते हैं। इसी विशेष महत्व को देखते हुए सरकार द्वारा यहां स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि वर्तमान में उपलब्ध डायलिसिस सुविधा का विस्तार करते हुए जल्द ही यहां एक और डायलिसिस मशीन स्थापित की जाएगी।

क्षेत्र के समग्र विकास का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देशभर से माँ पूर्णागिरि के दर्शन हेतु आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री धामी ने भविष्य की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि टनकपुर का बूम क्षेत्र आने वाले समय में पर्यटन एवं वॉटर स्पोर्ट्स के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। साथ ही इसे एक आकर्षक वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा सरकार का संकल्प टनकपुर को हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर एवं सुविधायुक्त बनाना है।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत, नगर पालिका अध्यक्ष टनकपुर विपिन कुमार, ब्लॉक प्रमुख चम्पावत अंचला बोहरा, विधायक प्रतिनिधि टनकपुर दीपक रजवार, जिला महामंत्री हिमेश कलखुड़िया, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी, नोडल अधिकारी मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय केदार सिंह बृजवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं अन्य उपस्थित रहे।

देवभूमि अब बन रही है खेलभूमि: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गांधी फुटबॉल मैदान, लोहियाहेड में टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के सौजन्य से निर्मित ओपन जिम का विधिवत लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश देते हुए कहा कि सरकार प्रदेश में खेल और फिटनेस से जुड़ी आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है।

इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने गांधी फुटबॉल मैदान, लोहियाहेड में आयोजित स्वास्तिक नर्सिंग कॉलेज की वार्षिक खेल प्रतियोगिता का फीता काटकर शुभारम्भ किया। खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ खेल भी अत्यंत आवश्यक है। खेलों से मन, मस्तिष्क और शरीर स्वस्थ रहता है तथा अनुशासन, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता का विकास होता है। उन्होंने खिलाड़ियों से आह्वान किया कि वे स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर संकल्प और अनुशासन के साथ आगे बढ़ें, सफलता निश्चित रूप से उनके कदम चूमेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज खेल केवल मनोरंजन का साधन नहीं रह गया है, बल्कि इसमें करियर की अपार संभावनाएँ हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया’ जैसी योजनाओं के माध्यम से खेलों के बुनियादी ढांचे को सशक्त किया गया है। परिणामस्वरूप हमारे खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री स्वयं खिलाड़ियों से मिलकर उनका उत्साहवर्धन करते हैं, जिससे उन्हें नई ऊर्जा और प्रेरणा मिलती है।

मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ कहा कि राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने परचम लहराया है और अब हमारी देवभूमि खेलभूमि के रूप में भी अपनी पहचान बना रही है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि अब तक 28 हजार युवाओं को सरकारी नौकरियों में नियुक्ति दी जा चुकी है और इस वर्ष 10 हजार युवाओं की भर्ती की जाएगी। उन्होंने सभी विद्यार्थियों एवं खिलाड़ियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ओपन जिम उपकरणों का अवलोकन कर स्वयं व्यायाम किया तथा क्रिकेट खेलकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन भी किया।

इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, दर्जा मंत्री फरजाना बेगम, जिलाध्यक्ष कमल जिंदल, महामंत्री रमेश चंद्र जोशी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा, उप जिलाधिकारी तुषार सैनी सहित स्वास्तिक नर्सिंग कॉलेज की प्रिंसिपल रुचि अग्रवाल, डॉ. विवेक अग्रवाल, वरुण अग्रवाल, शिप्रा अग्रवाल, कॉलेज के विद्यार्थी एवं क्षेत्रीय जनता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

सीएम ने खटीमा सिविल न्यायालय में अधिवक्ताओं हेतु नव निर्मित चैम्बर का फीता काटकर किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर एक करोड़ की लागत से खटीमा सिविल न्यायालय में अधिवक्ताओं हेतु नव निर्मित चैम्बर का फीता काटकर व दीप प्रज्वालित कर लोकार्पण किया।

कार्यक्रम में सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिवक्ताओं को महाशिवरात्रि पर्व व नए चैम्बर बनने की बधाई व शुभकामनायें दीं। उन्होंने कहा कि नया चैम्बर अधिवक्ताओं के लिए न्यायिक विमर्श व विधि अध्ययन का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा तथा न्यायिक कार्य सरलता से व त्वरित होंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेर्तत्व न्याय व्यवस्था को और पारदर्शी बनाने हेतु कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे है। उन्होंने कहा कि खटीमा व खटीमा के आस पास से आने वाले अधिवक्ताओं के लिए व आम जन के लिए लाभकारी सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने जो पुराने गैर जरूरी व अंग्रेजो के जमाने से चले आ रहे कानूनों को हटाकर वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 लागू करने का ऐतिहासिक काम किया है। जिससे न्यायिक व्यवस्था प्रभावी हो रही है, ई-कोट्स प्रोजेक्ट, नेशनल ज्यूडिसियल डाटाक्रेट, फास्टट्रेक, स्पेशल कोर्ट, महिला एवं बाल अपराधों के लिए त्वरित न्याय तंत्र, ऑनलाइन के माध्यम से सुनवाई और डिजिटल केस मैनेजमेंट सिस्टम जैसी पहलों के द्वारा न्याय व्यवस्था को और अधिक तेज और सुगम बनाने की दिशा में क्रन्तिकारी परिवर्तन किये गए है। उन्होंने कहा की आज न्यायलयों में तकनीकी के प्रभावी उपयोग ने न केवल समय की बचत की है बल्कि प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाया है। जिससे न्याय प्रक्रिया पहले से अधिक विश्वसनीय वैज्ञानिक और प्रामाणिक बनी है।

मुख्यमंत्री ने कहा की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के पश्चात देश भर में लगभग 7 हजार से अधिक कोर्ट का व 11 हजार आवासीय इकाइयों का निर्माण किया गया है, जो अपने आप में एक बहुत बड़ा रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा कि हम प्रधानमंत्री जी से प्रेरणा लेकर उत्तराखंड में भी न्याय व्यवस्था को आधुनिक स्वरूप देने,विधि शिक्षा को और सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे है। उन्होंने कहा खटीमा का हर क्षेत्र में विकास किया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने अधिवक्ताओं के लिए 20 नए चैंबर बनाने हेतु 02 करोड़ 50 लाख रुपए देने की घोषणा की।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य,विधायक गोपाल सिंह राणा, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, शंकर कोरंगा, जिला जज सिकंद कुमार त्यागी, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, अपर जिला जज मंजू सिंह मुंडे, अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय,बार एसोसिएशन अध्यक्ष सूरज प्रकाश राणा, सचिव भरत पांडे, अधिवक्ता गोपाल सिंह बिष्ट, के डी भट्ट सहित अधिवक्तागण, जनप्रतिनिधि,जनता मौजूद थे।

मुख्यमंत्री धामी ने यूएस नगर में 295.21 करोड़ के विकास कार्यो का किया लोकार्पण व शिलान्यास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गांधी पार्क में आयोजित भव्य उधमसिंह नगर कार्निवाल सरस आजीविका मेला-2026 का फीता काटकर किया शुभारम्भ। उन्होने 295.21 करोड़ के 61 कार्यो का लोकार्पण/शिलान्यास किया।
मुख्यमंत्री धामी ने 123.91 करोड़ के 26 कार्य जिसमे चिकित्सा विभाग का 20.35 करोड़ के 01 कार्य, लोनिवि के 9.01 करोड़ के 05, नगर निगम रूद्रपुर के 38.60 करोड़ के 09, पशुपालन विभाग के 4.74 करोड़ का 01, संस्कृति विभाग का 95 लाख का 01, सिंचाई विभाग का 26.52 करोड़ के 02, खेल विभाग के 19.02 करोड़ के 04, शिक्षा विभाग के 3.18 करोड़ का 01, नगर पंचायत सुल्तानपुर पट्टी का 96 लाख का 01, नगर पालिका परिषद बाजपुर का 58 लाख का 01 कार्य का लोकार्पण किया। इस तरह 171.30 करोड़ के 35 कार्यो का लोकार्पण किया। जिसमे लोनिवि के 93.92 करोड़ के 05 कार्यो का, नगर निगम रूद्रपुर के 59.53 करोड़ के 19 कार्याे का, पशुपालन विभाग के 3.47 करोड़ का 01 कार्य, शिक्षा विभाग के 7.41 करोड़ के 02 कार्यो, ग्रामीण निर्माण विभाग के 6.97 करोड़ के 08 कार्यो का शिलान्यास किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 05 घोषणाएं की जिसमें मानसखंड कोरिडोर के अंतर्गत गोल्ज्यू मंदिर,शिव मंदिर व नीलकंठ धाम को जोड़ते हुए शिव प्रतिमा की स्थापना, नगर निगम रूद्रपुर के पर्यावरण मित्रों के लिए खेड़ा में आवास निर्माण किए जाने, भूरारानी व गंगापुर रोड का चौड़ीकरण, अटारिया चौक से इंद्रा कॉलोनी तक रोड का निर्माण, गुरु चांद ठाकुर स्मृति सहायता कोष O2 करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ करने की घोषणा की।

इससे पगले, मुख्यमंत्री धामी ने त्रिशूल चौक का लोकार्पण किया उससे पूर्व उन्होंने कांवरियों की पैर पखारे एवं उनको अंगवस्त्र व पुष्प माला भेंट कर उनका अभिवादन किया, इसके उपरांत त्रिशूल चौक से सरस मेला कार्यक्रम स्थल गांधी पार्क तक आयोजित शिव बारात में प्रतिभाग किया। शिव बारात में माननीय मुख्यमंत्री का विभिन्न संगठनों व जनता द्वारा फूलमाला,पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि मेरा सौभाग्य है कि आज मुझे रुद्रपुर के चहुंमुखी विकास के लिए 295,21 करोड़ रुपये से अधिक की लागत की 61 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं रुद्रपुर को विकास, विश्वास और भविष्य की नई ऊँचाइयों तक ले जाने का मज़बूत आधार बनेंगी। आज आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में हमारा राज्य विकास और समृद्धि के नए-नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार द्वारा आज राज्य के शहरों से लेकर सुदूर पर्वतीय गांवों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल सहित सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है। इसी क्रम में हमारी सरकार द्वारा जनपद ऊधमसिंह नगर और रूद्रपुर क्षेत्र के विकास के लिए भी विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से कार्य किए जा रहे हैं। आज हम जहां एक ओर लगभग 590 करोड़ रुपए की लागत से रूद्रपुर बाईपास का निर्माण करा रहे हैं, वहीं, रूद्रपुर को खटीमा-टनकपुर एवं गदरपुर-जसपुर से जोड़ने वाली चार लेन सड़कों का निर्माण भी करा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम लगभग 55 करोड़ रुपये की लागत से मानूनगर-गदरपुर से दिनेशपुर-मटकोटा होकर सीधे हल्द्वानी को जोड़ने वाले मोटर मार्ग के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य कर रहे हैं। रुद्रपुर रेलवे स्टेशन के नवीनीकरण के साथ-साथ नई सिग्नल लाइनों और दो रेल ओवरब्रिज का निर्माण भी कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जल निकासी की समस्या के समाधान के लिए रुद्रपुर के मास्टर ड्रेनेज प्लान को मंजूरी प्रदान की गई है, और सार्वजनिक स्थानों में महिलाओं के लिए पिंक टॉयलेट्स का निर्माण भी प्रगति पर है। इतना ही नहीं, रुद्रपुर में 15 करोड़ रुपये की लागत से उत्तराखंड के पहले कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट का भी निर्माण कराया जा रहा है, साथ ही, 17 करोड़ रुपये की लागत से एक एडवांस कूड़ा प्रबंधन प्लांट भी स्थापित किया गया है। उन्होंने आज उधमसिंह नगर जनपद के किच्छा में 351 करोड़ रूपए की लागत से 100 एकड़ भूमि पर एम्स ऋषिकेश के सैटेलाइट सेंटर का निर्माण कार्य प्रगति पर है। साथ ही, हम पंतनगर हवाईअड्डा को अंतर्राष्ट्रीय स्तर के हवाई अड्डे के रूप में बदलने जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने जहां एक ओर गदरपुर और खटीमा में बाईपास का निर्माण कार्य कराया है, वहीं खटीमा और किच्छा में बस अड्डों का निर्माण भी कराया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, हमने रूद्रपुर, गदरपुर और चकरपुर में खेल स्टेडियम, बहुउद्देश्यीय हॉल, साइकिलिंग ट्रैक और एथलेटिक्स ट्रैक सहित विभिन्न प्रकार की खेल सुविधाओं का निर्माण कार्य भी कराया है। उन्होंने कहा कि हम जहां एक ओर काशीपुर में अरोमा पार्क, सितारगंज में प्लास्टिक पार्क, काशीपुर में इलैक्ट्रॉनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर, पंतनगर में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क की स्थापना की है। वहीं, खुरपिया में इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी की स्थापना के माध्यम से इस पूरे क्षेत्र के विकास और रोजगार को गति देने का प्रयास भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने जमरानी बांध बहुउद्देशीय परियोजना का निर्माण पुनः प्रारंभ कर पूरे तराई क्षेत्र की पेयजल और सिंचाई की समस्या का स्थाई समाधान करने का प्रबन्ध कर दिया है। जिस दिन ये परियोजना पूर्ण होगी, हमारे पूरे तराई क्षेत्र में पीने के पानी और सिंचाई के पानी की समस्या पूर्ण रूप से दूर हो जाएगी। उन्होंने जनता को सम्बोधित करते हुए कहा कि आप सभी को पता होगा कि बांग्लादेश से विस्थापित होकर बड़ी संख्या में लोग हमारे उधमसिंह नगर जिले में भी रहते हैं। दुर्भाग्य की बात थी कि इस समाज के लोगों के जाति प्रमाण पत्र पर पूर्वी पाकिस्तान से विस्थापित लिखा जाता था। उन्होंने कहा कि मैंने मुख्यसेवक के रूप में राज्य की सत्ता सँभालने के बाद ये कहा था कि दशकों से बंगाली समाज के लोग यहां रहकर इसी मिट्टी की सेवा कर रहे हैं। इसलिए ये लोग भी हमारे अन्य नागरिकों की तरह ही हैं, इनके साथ भेदभाव बिल्कुल नहीं होने दिया जाएगा। हमने फैसला लिया कि इनके जाति प्रमाण पत्र में पूर्वी पाकिस्तान से विस्थापित होकर आए हैं, नहीं लिखा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने नजूल भूमि पर बड़ी संख्या में बसे हुए बंगाली समाज के परिवारों को उनकी भूमि का मालिकाना हक दिलाने का काम भी किया, जिससे वो बेफिक्र होकर अपना पक्का मकान बना सकें। उन्होंने कहा कि हम राज्य के समग्र विकास के साथ-साथ अपने सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने हेतु भी पूर्ण रूप से संकल्पबद्ध है। एक ओर जहां हम प्रदेश का चहुंमुखी विकास कर रहे हैं, वहीं सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून सबके लिए एक है, इसलिए हम धर्मांतरण विरोधी कानून लाए, दंगा फैलाने वालों पर लगाम कसी और देवभूमि को अस्थिर करने वाली हर साज़िश पर सीधी चोट की। उन्होंने कहा कि हमने प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू की, जिसे देशभर में सराहा गया। उन्होंने कहा कि हमने मदरसा बोर्ड समाप्त कर उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक प्राधिकरण शिक्षा प्राधिकरण का गठन किया है, जो अब ये सुनिश्चित करेगा कि शिक्षा राष्ट्र निर्माण का माध्यम बने, न की कट्टरता का।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने 250 से अधिक अवैध मदरसों पर ताला लगाकर स्पष्ट संदेश दिया कि अब उत्तराखंड में अवैध मदरसों की आड़ में बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में हमने नकल को उद्योग बनाने वालों के खिलाफ देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लाकर नकल माफिया की कमर तोड़ने का काम किया है। इसी का परिणाम है कि हमने साढ़े चार वर्षों में जहां 28 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की, वहीं 100 से अधिक नकल माफियाओं को सलाखों के पीछे भेजा। उन्होंने कहा कि आज राज्य में भ्रष्टाचार के विरुद्ध “जीरो टॉलरेंस” की नीति के अंतर्गत सख्त कार्रवाई भी की जा रही है। उन्होंने कहा कि हमने प्रदेश के इतिहास में पहली बार, आईएएस और पीसीएस स्तर के अधिकारियों सहित बीते तीन वर्षों में 200 से अधिक भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्यवाही की है। इस सख्ती और पारदर्शिता का सीधा लाभ हमारे उद्यमियों को मिल रहा है और उन्हें योजनाओं की स्वीकृति, जमीन आवंटन, औद्योगिक लाइसेंस या अन्य व्यावसायिक गतिविधियों में अब अनावश्यक बाधा का सामना नहीं करना पड़ता।

इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने सरस मेले में लगे विभिन्न स्टॉलों का निरिक्षण किया व स्टॉलों की निरिक्षण की दौरान उन्होंने दिए बनाये एवं सूत भी काता।

कार्यक्रम में सांसद अजय भट्ट,विधायक शिव अरोरा, महापौर विकास शर्मा ने मुख्य अतिथि एवं जनता का स्वागत व आभार व्यक्त किया एवम् सभी को बधाई दी। उन्होंने रूद्रपुर व जनपद में किए जा रहे विकास कार्यों की विस्तृत जानकारियां दी। उन्होंने कहा कि नगर निगम व जनपद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रेरणा से सरलीकरण, समाधान व निस्तारण के मूल मंत्र के साथ कार्य कर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी मांगे भी रखी।

कार्यक्रम की उपरांत मुख्यमंत्री ने सरस मेले की प्रथम दिवस में स्टार नाईट में शिव जागरण का ज्योति जलाकर शुभारम्भ किया।

कार्यक्रम जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, मेयर दीपक बाली,दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, फरजाना बेगम, उत्तम दत्ता, मंजीत सिंह, खतीब अहमद, मुकेश कुमार, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, जिलाध्यक्ष कमल जिन्दल, मनोज पाल, ब्लॉक प्रमुख रीना गौतम,पूर्व विधायक डॉ प्रेम सिंह राणा, राजेश शुक्ला, गुंजन सुखीजा, श्रीनेत्र पाल मौर्या, रामपाल सिंह,अनिल चौहान, राजेश कुमार, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी, अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, कौस्तुभ मिश्रा, पी डी हिमांशु जोशी नगर आयुक्त शिप्रा जोशी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी, जनता मौजूद थे।

खटीमा में लोहड़ी पर्व की बधाई देने पहुंचे सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज नगला तराई रोड हर्षु इंक्लेव में सुमित गुम्बर के आवास पहुँचकर सार्वजनिक लोहड़ी समारोह में प्रतिभाग किया। उन्होंने सभी को लोहड़ी पर्व की बधाई व शुभकामनायें दीं।

कार्यक्रम में मेयर दीपक बाली, विकास शर्मा, नगर पालिका अध्यक्ष रामेश चंद्र जोशी, दर्जा मंत्री उत्तम दत्ता,पूर्व विधायक राजेश शुक्ला, डॉ प्रेम सिंह राणा, ब्लॉक प्रमुख सरिता राणा, जिलाध्यक कमल जिन्दल, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा, वी सी जय किशन, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी, अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, अपर पुलिस अधीक्षक डॉ उत्तम सिंह नेगी,सीएमओ डॉ के के अग्रवाल,उप जिलाधिकारी तुषार सैनी आदि मौजूद थे।

बहुचर्चित अंकिता भंडारी प्रकरण पर अब होगी सीबीआई जांच, मुख्यमंत्री धामी ने जांच को दी संस्तुति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वर्गीय अंकिता भंडारी के माता–पिता की अनुरोध व उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए अंकिता भंडारी प्रकरण की CBI जांच कराए जाने की संस्तुति प्रदान की है ।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य शुरू से अंत तक निष्पक्ष, पारदर्शी और संवेदनशील तरीके से न्याय सुनिश्चित करना रहा है और आगे भी रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय बहन अंकिता भंडारी के साथ हुई इस अत्यंत दुखद एवं हृदयविदारक घटना की जानकारी मिलते ही राज्य सरकार ने बिना किसी विलंब के पूर्ण संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ कार्रवाई की। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एक महिला आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रकरण से जुड़े सभी अभियुक्तों को शीघ्र गिरफ्तार किया गया तथा राज्य सरकार की ओर से प्रभावी एवं सशक्त पैरवी सुनिश्चित की गई, जिसका परिणाम यह रहा कि विवेचना और ट्रायल के दौरान किसी भी अभियुक्त को जमानत नहीं मिल सकी। SIT द्वारा गहन विवेचना के पश्चात अभियुक्तों के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की गई और निचली अदालत द्वारा सुनवाई पूर्ण होने पर अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह पूरे प्रकरण में इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि राज्य सरकार ने आरंभ से लेकर अंत तक निष्पक्षता, पारदर्शिता और दृढ़ता के साथ न्याय सुनिश्चित किया है। साथ ही, हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही कुछ ऑडियो क्लिप्स के संबंध में भी अलग–अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिन पर जांच की प्रक्रिया निरंतर जारी है।

मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि सरकार की मंशा पूरी तरह स्पष्ट है और किसी भी तथ्य या साक्ष्य की अनदेखी नहीं की जाएगी। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि अंकिता केवल एक पीड़िता नहीं थी, बल्कि वह हमारी भी बहन और बेटी थी।

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि हाल ही में उन्होंने स्वयं स्वर्गीय अंकिता भंडारी के माता–पिता से मुलाकात की, जिसमें बातचीत के दौरान उन्होंने मामले की CBI जांच कराए जाने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय अंकिता के माता–पिता के इस अनुरोध और उनकी भावनाओं का पूर्ण सम्मान करते हुए राज्य सरकार ने इस प्रकरण की CBI से जांच कराने का निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुनः दोहराया कि राज्य सरकार पहले भी न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध रही है और आगे भी पूरी दृढ़ता एवं संवेदनशीलता के साथ स्वर्गीय बहन अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए संकल्पबद्ध रहेगी।

अंकिता मामले में पुख्ता साक्ष्य प्रस्तुत करने वालों को सरकार देगी सुरक्षा, सभी जांच के लिए तैयार : सुबोध उनियाल

कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने अंकिता प्रकरण विवाद पर स्पष्ट किया कि आरोप लगाने वाले या अन्य व्यक्ति, विश्वसनीय साक्ष्य प्रस्तुत करें, सरकार किसी भी जांच के लिए तैयार। उन्होंने कहा, सुप्रीम कोर्ट, एसआईटी जांच को सही मानते हुए, सीबीआई जांच से इनकार कर चुकी है। लिहाजा सिर्फ अपुष्ट आरोप के आधार पर कार्रवाई हुई तो सजायाफ्ता दोषियों को कानूनी फायदा पहुंच सकता है।

पार्टी मुख्यालय में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए, उनियाल ने कहा, बेटी के साथ हुई इस घटना से समूची देवभूमि दुखी थी। मामले को संवेदनशीलता और गंभीरता से लेते हुए, धामी सरकार ने तत्काल महिला डीआईजी के नेतृत्व में एसआईटी गठित की और आरोपियों को गिरफ्तार किया। सभी फोरेंसिक और व्यवहारिक सबूतों को एकत्र किया गया और न्यायालय में मजबूती से पैरवी की गई। पीड़ित परिवार की सहमति से की गई इस तरह कार्रवाई की गई कि आरोपियों को जमानत तक नहीं लेने दी गई। इस सबके आधार पर दोषियों को उम्रकैद की सजा दी गई है।

जहां तक सवाल है, सीबीआई जांच का तो, सरकार किसी भी जांच से गुरेज नहीं है, लेकिन विश्वसनीय साक्ष्य सामने तो आएं। उन्होंने आग्रह किया कि सोशल मीडिया में आरोप लगाने वाले व्यक्तियों से भी में विशेष अनुरोध है कि वे सामने आकर, साक्ष्य प्रस्तुत करें। सरकार उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी लेगी, और उनके ही नहीं किसी अन्य पक्ष के पास भी कोई पुख्ता साक्ष्य हैं तो जांच एजेंसी को सौंपे। यदि उनमें थोड़ी सी भी सच्चाई पाई गई तो उसमें बड़ी से बड़ी जांच के लिए सरकार तैयार है।

पत्रकारों द्वारा पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, प्रकरण की विवेचना के बाद जब एक पक्ष सीबीआई जांच की संस्तुति के लिए न्यायालय पहुंचा था। तो ट्रायल कोर्ट, उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय ने भी एसआईटी द्वारा की गई कार्यवाही को सही और सक्षम मानते हुए किसी अन्य जांच से इनकार कर दिया था। तीनो न्यायालयो ने माना कि किसी भी वीआईपी को बचाने का कोई प्रयास नही किया गया है और विवेचना में कोई वीआईपी होना पाया भी नहीं गया। उपरोक्त केस की पैरवी ट्रायल कोर्ट में मृतिका के परिजनों की इच्छानुसार नियुक्त विशेष अभियोजन अधिकारी द्वारा की गई थी व उनके द्वारा वीआईपी व विवेचना के सम्बन्ध में कोई आपत्ति नही की गई थी।

इसी तरह क्राइम सीन पर बुल्डोजर चलाने के आरोप पर स्पष्ट किया कि कोर्ट ने भी माना, मृतका के कमरे की तोड़ फोड़ से पूर्व ही एफएसएल टीम द्वारा सभी साक्ष्य इकट्ठा कर लिये थे। लिहाजा कहीं कहीं एक खास नजरिया स्थापित करने की दृष्टि से भी यह दुष्प्रचारित किया जा रहा है। वहीं विवेचना के दौरान कई बार आम जन से अपील की गई थी कि किसी के पास इस प्रकरण के सम्बन्ध में साक्ष्य हों तो उपलब्ध करायें और किसी के भी द्वारा कोई साक्ष्य नहीं दिये गये थे।

उन्होंने वर्तमान में सीबीआई जांच की मांग को लेकर उन्होंने पुनः स्पष्ट किया कि पुख्ता सबूत सामने आने पर सरकार किसी भी जांच के लिए तैयार है। लेकिन उससे पहले इस तरह का निर्णय, सजायाफ्ताओं को फायदा पहुंचा सकता है। क्योंकि आरोप लगाने वाले सोशल मीडिया ऑडियो वीडियो में दुखद मौत के कारण को लेकर दोहरी बयानबाजी की गई है, उसकी न्यायालय में प्रस्तुति, अभियुक्तों की जमानत का रास्ता भी खोल सकती है। लिहाजा कहीं न कहीं अन्य पक्षों द्वारा जा रही इस तरह की कोशिशें दोषियों को लाभ पहुंचाने की साजिश का हिस्सा भी हो सकता है।वर्तमान में वायरल रिकार्डिंग में कोई समय और तिथि स्पष्ट नहीं है।
इसमें व्यक्ति द्वारा अंकिता की सुसाइड की बात कहना अभियुक्त को फायदा पंहुचाने की नीयत से कहा गया, ऐसा प्रतीत होता है। क्योकि अपराधी पूर्व में हत्या के आरोप मे सजा पा चुके हैं। मामला अभी अपील पर है, इस प्रकार के तथ्य लाना अभियुक्तों को फायदा पंहुचा सकता है।

जो फिलहाल रिकार्डिंग सामने आई है उसके किसी सुनियोजित तरीके से किए जाने की आशंका है और इसको जानबूझकर लीक करने की योजना मालूम पड़ती है। रिकार्डिंग में बिना किसी साक्ष्य के एक-दो लोगों का नाम बार-बार लिया जाना उन्हे व्यक्तिगत क्षति पंहुचाने का आशय प्रतीत होता है।

लिहाजा सरकार का मानना है कि यह बहुत ही संवेदनशील मामला है। इसलिए जब तक आरोप लगाने वाले व्यक्ति, कोई विश्वसनीय सबूत प्रस्तुत नहीं करते हैं तब तक जल्दबाजी में कुछ भी निर्णय करना, पूरी कानूनी प्रक्रिया को कमजोर कर सकता है।

पत्रकार वार्ता में प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार, प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान, सह मीडिया प्रभारी राजेंद्र नेगी, प्रदेश प्रवक्ता कमलेश रमन भी मौजूद रही।

घोड़ाखाल सैनिक स्कूल की उत्कृष्टता और सैन्य अधिकारियों को तैयार करने में अद्वितीय भूमिका को मुख्यमंत्री धामी ने सराहा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल जिले के भवाली स्थित सैनिक स्कूल घोड़ाखाल के हीरक जयंती समारोह का विधिवत उद्घाटन किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों, शिक्षको, अभिभावकों का हार्दिक स्वागत एवं अभिनन्दन किया तथा ईश्वर से ऐतिहासिक सैनिक स्कूल में पढ़ने वाले सभी विद्यार्थियों एवं कैडेट्स के उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होंने बच्चों से विभिन्न क्षेत्रों में जाकर देश एवम् राज्य, शिक्षकों, अभिभावकों का नाम रोशन करने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने विद्यालय के बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि यह स्कूल न सिर्फ़ हमारे राज्य बल्कि पूरे देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक है,उन्होंने कहा कि ये वो संस्था है, जिसने दशकों से राष्ट्र को अनुशासन, परिश्रम और अदम्य राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत युवा प्रदान किए हैं और जिसके बारे में बचपन से मैं स्वयं सुनता आया हूँ। उन्होंने कहा कि यह सैनिक स्कूल उत्कृष्टता की परंपरा और उच्चतम मानकों के साथ सैन्य अधिकारियों को तैयार करने में अपना जो योगदान देता आया है वो अद्वितीय है। इस स्कूल की जितनी प्रशंसा की जाए, कम है। यहां से निकले हुए छात्र न केवल भारतीय सेना में बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन कर देश की सेवा कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ये विशिष्ट विद्यालय आपको सिर्फ किताबी शिक्षा नहीं देता बल्कि आपके व्यक्तित्व तथा भविष्य का निर्माण भी करता है। उन्होंने कहा कि यहॉं एक अच्छा नागरिक, एक आदर्श सैन्य अधिकारी और सबसे महत्वपूर्ण एक अच्छा एवं अनुशासित इंसान बनने की सीख एवं प्रेरणा मिलती है। उन्होंने छात्रों से कहा कि इस विद्यालय में पढ़ते हुए उनमें कब नेतृत्व, शौर्य और जिम्मेदारी की भावना विकसित हो जाएगी, इसका पता उन्हें इस स्कूल से जाने के बाद लगेगा। क्योंकि ये बात यहां से पास आउट होकर बड़े सैन्य अधिकारी बने बहुत से ऑफिसर्स ने कहीं है व बताई है। उन्होंने कहा कि घोड़ाखाल की मिट्टी में जो जज्बा है, वो यहॉं पढ़ने वाले बाकी छात्रों से अलग खड़ा करता है। यही जज्बा आप सभी को आगे चलकर भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना में श्रेष्ठ अधिकारी के रूप में देश की सेवा के लिए तैयार करता है। उन्होंने कहा कि सैनिक स्कूल घोड़ाखाल ने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) में सर्वाधिक प्रविष्टियाँ देने का रिकॉर्ड भी स्थापित किया है। इस उपलब्धि को हासिल करना और रक्षा मंत्री ट्रॉफी को 10वीं बार जीतना, सैनिक स्कूल घोड़ाखाल के कैडेट्स, शिक्षकों और संस्थान के नेतृत्व की लगन, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का परिचायक है। मुख्यमंत्री ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने पर सभी को हार्दिक बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि होने के साथ ही वीरभूमि भी है, क्योंकि उत्तराखंड की माटी में जन्मे अनेकों वीरों ने देश की रक्षा करते हुए अपना सर्वस्व न्यौछावर किया। आज भी बड़ी संख्या में उत्तराखंड के वीर जवान देश की रक्षा में तैनात हैं।

मुख्यमंत्री ने सैनिक पुत्र के रूप में स्वयं को सौभाग्यशाली बताते हुए कहा कि मैं भी एक सैनिक का पुत्र हूँ और एक सैनिक-पुत्र होने के नाते मैं सैनिक परिवारों में बच्चों को मिलने वाले राष्ट्रसेवा और अनुशासन के संस्कारों से भली भाँति परिचित हूँ और चुनौतियों तथा परेशानियों को बहुत नजदीक से देखा है। उन्होंने सभी कैडेट्स से कहा कि आपने यहां जो अनुशासन, कड़ी मेहनत और समर्पण सीखा है, वही आपको जीवन की हर चुनौती का सामना सफलतापूर्वक करने की शक्ति देगा। क्योंकि, इस विद्यालय की स्कूल ड्रेस एक साधारण कपड़ा नहीं, बल्कि एक अनुशासन, एक सम्मान और एक वचन है।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सेना और सैनिक स्कूलों को मजबूत करने के लिए अनेकों कदम उठाए गए हैं। नई शिक्षा नीति में देश के सैनिक स्कूलों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए आज सैनिक स्कूलों का विस्तार करने के साथ ही नए सैनिक स्कूलों की स्थापना भी की जा रही है। आदरणीय मोदी जी द्वारा रक्षा बजट में भी निरंतर वृद्धि की गई है, जिससे सेना के आधुनिकीकरण और उसकी क्षमताओं में अभूतपूर्व सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि पहले हम बड़ी संख्या में विदेशों से रक्षा उत्पाद ख़रीदते थे लेकिन आज भारत विश्व के अनेकों देशों को अत्याधुनिक रक्षा उपकरणों एवं हथियारों का निर्यात कर रहा है। आज भारत टॉप निर्यातक देशों में शामिल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी ने दशकों से लंबित ’वन रैंक-वन पेंशन’ योजना को लागू करके पूर्व सैनिकों को आर्थिक रूप से मज़बूत बनाने के साथ ही उनके मान-सम्मान की रक्षा करने का भी ऐतिहासिक कार्य किया है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी सैनिकों, शहीदों एवं पूर्व सैनिकों का मान-सम्मान और उनके परिवार का कल्याण सुनिश्चित करने हेतु प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है। शहीदों के परिजनों को मिलने वाली अनुग्रह अनुदान राशि को 5 गुना बढ़ाना हो, शहीदों के एक आश्रित को सरकारी नौकरी देना हो या पूर्व सैनिकों को विभिन्न प्रकार की छूट प्रदान करना हो, हमारी सरकार हर वो प्रयास कर रही है जिससे सैनिकों एवं उनके परिवारों का उत्थान सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही सेना में परमवीर चक्र से लेकर मेन्सन इन डिस्पैच तक सभी वीरता पुरस्कारों से अंलकृत सैनिकों को दी जाने वाली एकमुश्त तथा वार्षिकी राशि में भी अभूतपूर्व वृद्धि की है। वहीं दूसरी ओर, प्रदेश के बलिदानियों की स्मृति में भव्य सैन्य धाम का निर्माण भी किया जा रहा है, जिसका जल्द ही लोर्कापण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कैडेट्स और विद्यार्थियों को अभिभावक के रूम में मार्गदर्शित करते हुए कहा कि आप जीवन में जो भी संकल्प लें, उस पर मन लगाकर कार्य करें, उसके आगे किंतु-परंतु का कोई विकल्प न रखें। उन्होंने कहा कि आपका संकल्प विकल्प रहित होना चाहिए, क्योंकि जब आपका संकल्प, विकल्प रहित होता है तो सिद्धि अवश्य मिलती है।

उन्होंने सैनिक स्कूल, घोड़ाखाल के प्रधानाचार्य ग्रुप कैप्टन विजय सिंह एवं उनकी पूरी टीम को विद्यालय में शिक्षा के “स्टैंडर्ड” को “मेंटेन” रखने के लिए साधुवाद किया।

इस दौरान बेस्ट जूनियर हाउस, बेस्ट सीनियर हाउस, सी.हाउस आदि के विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में विधायक नैनीताल सरिता आर्या, विधायक राम सिंह कैड़ा, ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश बिष्ट, मंडलायुक्त दीपक रावत, आईजी रिद्धिम अग्रवाल, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, एसएसपी डॉ.मंजूनाथ टीसी सहित विद्यार्थी, अभिभावक आदि उपस्थित थे।

सीएम आवास में परिवीक्षाधीन पीसीएस अधिकारियों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से की भेंट

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आज मुख्यमंत्री आवास में परिवीक्षाधीन पीसीएस अधिकारियों ने शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों का हार्दिक स्वागत करते हुए उनके आगामी प्रशासनिक दायित्वों के लिए शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सेवा केवल एक रोजगार नहीं है, बल्कि यह जनता के प्रति जिम्मेदारी और सेवा की भावना से जुड़े ‘ईश्वरीय कार्य’ के समान है।

प्रशासनिक सेवा—एक उत्तरदायित्व, केवल नौकरी नहीं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रशासनिक सेवाओं में आने वाले युवा अधिकारी राज्य की रीढ़ माने जाते हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकारी सेवा का मूल उद्देश्य जनता के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना है। उन्होंने अधिकारियों को प्रेरित करते हुए कहा कि प्रशासनिक सेवा को केवल प्रोफेशन न समझें, बल्कि इसे समाज और देवभूमि उत्तराखंड के लोगों के लिए समर्पित एक सेवा-भाव के रूप में अपनाएँ। उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारी जब सेवा को ईश्वरीय कार्य समझकर कार्य करेंगे, तब उनके निर्णय अधिक पारदर्शी, संवेदनशील और प्रभावी होंगे।

युवा अधिकारियों से जनता की नई उम्मीदें—नवाचार को अपनाने पर बल

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी तकनीक, आधुनिक दृष्टिकोण और नए विचारों से समृद्ध है। इसलिए जनता की उम्मीदें भी युवा अधिकारियों से दोगुनी हैं। उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ प्रशासन को नवाचार अपनाने की जरूरत है—चाहे वह तकनीक का उपयोग हो, प्रशासनिक प्रक्रियाओं का सरलिकरण हो या जनसंपर्क को बेहतर बनाने के तरीके। उन्होंने कहा कि समस्याओं के समाधान के लिए पारंपरिक तरीकों के साथ आधुनिक और स्मार्ट समाधान आवश्यक हैं, ताकि जनता को त्वरित और प्रभावी सेवाएँ मिल सकें।

संवेदनशीलता—जनता की सेवा का मूल आधार

सीएम धामी ने संवेदनशील प्रशासन की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि जनता प्रशासन से सम्मान, न्याय, सुनवाई और संवेदनशीलता की अपेक्षा रखती है। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा कि वे हर समस्या को मानवीय दृष्टिकोण से समझें और प्रत्येक नागरिक के साथ सम्मानपूर्ण व्यवहार करें। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याएँ सुनना, उन्हें समझना और समाधान के लिए तुरंत व गंभीर प्रयास करना ही एक सच्चे और प्रभावी प्रशासक की पहचान है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियाँ विशिष्ट और चुनौतीपूर्ण हैं। पर्वतीय क्षेत्रों, दुर्गम मार्गों और दूरस्थ गांवों में बुनियादी सेवाएँ पहुँचना कठिन होता है। उन्होंने अधिकारियों को आगाह किया कि पहाड़ी राज्य में प्रशासनिक दायित्व केवल तकनीकी नहीं होते, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और अधिक परिश्रम की मांग करते हैं। उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों के बावजूद, अधिकारी अगर सकारात्मक सोच और कठिन परिश्रम से काम करेंगे, तो प्रदेश के लोगों के जीवन में बड़ा परिवर्तन लाया जा सकता है।

मुख्यमंत्री धामी ने प्रशिक्षु अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि शासन की प्रत्येक योजना और सुविधा समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे, यह प्रत्येक अधिकारी का मिशन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य समाज के वंचित, दूरस्थ और जरूरतमंद वर्ग को लाभ दिलाना है, और यह तभी संभव है जब अधिकारी ईमानदारी और प्रतिबद्धता से इस दिशा में निरंतर काम करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता प्रशासन से न्याय, पारदर्शिता और निष्पक्षता की अपेक्षा रखती है। इसलिए अधिकारी हमेशा विनम्र, ईमानदार और निष्पक्ष रहें। उन्होंने कहा कि अच्छा आचरण, जनता से जुड़ाव और सही निर्णय लेने की क्षमता किसी अधिकारी की सबसे बड़ी पूँजी है।

इस अवसर पर सचिवालय प्रशासन के अधिकारी तथा परिवीक्षाधीन पीसीएस अधिकारी उपस्थित रहे।