राज्य में क्रिटिकल मिनरल की खोज को लेकर वर्किंग प्लान बनाने के निर्देश

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने खनन विभाग को भारत सरकार तथा प्रधानमंत्री के विज़न के अनुरूप खनिज संपदा में आत्मनिर्भरता बनाए रखने हेतु राज्य में खनिज संपदा की खोज के सम्बन्ध में वर्किंग प्लान बनाने के निर्देश दिए हैं।

सचिवालय में खनन विभाग, आईआईटी रुड़की, मोनाश यूनिवर्सिटी ऑस्ट्रेलिया तथा उद्यम प्रतिनिधियों के साथ बैठक करते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने राज्य में दुर्लभ खनिजों (Critical Mineral) के अनुसंधान हेतु उत्तराखंड सरकार तथा आईआईटी रुड़की के मध्य भागीदारी पर विस्तृत चर्चा की।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने खनन विभाग आईआईटी रुड़की तथा उद्यमियों को क्रिटिकल मिनरल की खोज, निष्कासन, प्रसंस्करण तथा रिसाइकलिंग हेतु कार्य प्रणाली (Methodology) विकसित करने हेतु R & D पर फोकस करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने राज्य में खनिज सम्पदा में आत्मनिर्भरता हेतु राज्य सरकार, शिक्षा क्षेत्र और उद्योग जगत के बीच सहयोग, साझेदारी और पूरकता के सिद्धांतों पर एक साझा मंच विकसित करने की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए हैँ।

सीएस रतूड़ी ने कहा है कि महत्वपूर्ण खनिजों के मूल्यांकन, अन्वेषण, निष्कर्षण, खनन स्थिरता और आपूर्ति श्रृंखला विश्लेषण में अग्रणी विशेषज्ञों का सहयोग लेना आवश्यक है, जिसमें आईआईटी रुड़की की प्रमुख भूमिका होगी।

मुख्य सचिव ने कहा कि महत्वपूर्ण खनिज प्रौद्योगिकियों में विशेषज्ञता विकसित करने के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम, कार्यशालाएं और व्यावहारिक अनुसंधान तथा क्षमता निर्माण को मजबूत करना आवश्यक है।

इस अवसर पर सचिव बृजेश कुमार संत, आई आई टी रुड़की से डॉ राकेश कुमार तथा सम्बंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

सरकारी निर्माण एजेंसियों को बिल्डिंग कोड्स के नियमित निरीक्षण एवं प्रवर्तन के कड़े निर्देश

राज्य में ग्रीष्मकाल के दौरान संभावित वनाग्नि की घटनाओं पर रोकथाम को लेकर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने आपदा प्रबन्धन विभाग को फायर वाचर्स को प्रशिक्षित कर वनाग्नि संभावना से पहले ही तैनात करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने वनाग्नि नियंत्रण में सामुदायिक सहभागिता को बढ़ाने के लिए अभी से प्रयास करने के निर्देश दिए हैं। सीएस ने विभिन्न योजनाओं के तहत चीड़ के पत्तों (पिरूल) के निस्तारण को अभी से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं ताकि पिरूल के कारण संभावित वनाग्नि की घटनाओं पर पूर्णतः नियंत्रण हो सके। उन्होंने वनाग्नि की संभावित घटनाओं के दृष्टिगत आपदा मित्रों को संवेदनशील स्थानों पर तैनात करने तथा आपदा प्रबन्धन विभाग, रेखीय विभागों तथा सम्बन्धित एजेंसियों की वनाग्नि नियंत्रण पर राज्य स्तरीय मॉक अभ्यास आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। आपदा प्रबन्ध विभाग द्वारा राज्य स्तरीय मॉक अभ्यास के तहत 11 फरवरी को टेबल टॉप एक्सरसाइज एवं 13 फरवरी को मॉक अभ्यास को आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही राधा रतूड़ी ने राज्य में भूकम्परोधी पहल से सम्बन्धित सभी सरकारी निर्माण एजेंसियों को निर्माण संहिता (बिल्डिंग कोड्स) को मजबूत करने तथा उनका सख्ती से पालन के निर्देश दिए हैं। सीएस ने बिल्डिंग कोड्स की निरन्तर समीक्षा तथा अपडेट करने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने निर्माणधीन भवनों में भूकम्प प्रतिरोधक और जलवायु अनूकल डिजाइन मानकों सख्ती से लागू करवाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने सरकारी निर्माण एजेंसियों को इस सम्बन्ध में नियमित निरीक्षण एवं प्रवर्तन से अनुपालन को बढ़ावा देने के निर्देश दिए हैं। श्रीमती रतूड़ी ने ईईडब्लयूएस ( भूकम्प पूर्व चेतावनी प्रणाली) के प्रभावी ढंग से लागू करने के भी निर्देश दिए हैं।

आज सचिवालय में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने आपदा प्रबन्धन विभाग, राज्य एवं केन्द्रीय एजेंसियों तथा सभी जिलाधिकारियों के साथ राज्य में वनाग्नि तथा भूकम्प से सम्बन्धित मोक ड्रिल की तैयारियों की समीक्षा की।

सीएस राधा रतूड़ी ने वनाग्नि को लेकर आयोजित किए जाने वाले मॉक ड्रिल के दौरान राज्य एवं जिला स्तरीय आईआरएस तंत्र के धरातल पर प्रभावी क्रियान्वयन के साथ ही सभी स्टेकहोल्डर्स के मध्य प्रभावी समन्वय एवं सामंजस्य, सामुदायिक सहभागिता को प्रोत्साहित एवं क्रियान्वयन में समावेशित करने तथा मॉक अभ्यास के धरातलीय अनुभवों के आधार पर भविष्य के लिए समन्वित व्यवहारिक कार्ययोजना तैयार करने की हिदायत दी है। मॉक अभ्यास के लिए मुख्य सचिव के निर्देश पर नैनीताल, अल्मोड़ा, चम्पावत, देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी तथा पौड़ी में 17 स्थानों को चयनित किया गया है।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सामुदायिक सहभागिता के तहत आपदा मित्रों, युवक मंगल दल, महिला मंगल दल, भारत स्काउट एण्ड गाइड, रेड क्रास, एनसीसी कैडेट्स, एनएसएस कैडेट्स, स्थानीय निवासी, पीआरडी जवान, फायर वाचर्स, पंचायत प्रतिनिधियों, नेहरू युवा केन्द्र, विद्यार्थियों, आशा वर्कर्स, एनजीओं को शामिल करने के निर्देश दिए हैं।

बैठक में सचिव विनोद कुमार सुमन, विनय शंकर पाण्डेय सहित सभी विभागों के सचिव, अपर सचिव तथा वर्चुअल माध्यम से समस्त जिलाधिकारी मौजूद रहे।

राज्य में जल्द ही 238 मिलियन डॉलर की परियोजना हेतु किये जायेेगें ऋण समझौते पर हस्ताक्षर

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में सचिवालय में आहूत यू0यू0एस0डी0ए0 की हाई पावर स्क्रीनिंग कमेटी बैठक में मुख्य सचिव द्वारा यू0यू0एस0डी0ए0, शहरी विकास विभाग, अतंर्गत विभिन्न प्रस्तावों पर अनुमोदन एवं प्रदत्त निर्देशों के अनुपालन में उत्तराखण्ड शहरी क्षेत्र विकास एजेंसी द्वारा नवीन ऋण हेतु किये जाने वाले समझौते के सम्बन्ध में वित्त मंत्रालय, भारत सरकार, आवास एवं नगरीय मंत्रालय (महुआ), भारत सरकार तथा केन्द्रीय लोक स्वास्थय एवं पर्यावरण अभियान्त्रिकी संस्थान, भारत सरकार से वर्चुअल वार्तालाप किया गया । उक्त ऋण हेतु यूरोपियन निवेश बैंक द्वारा कुल 238 मिलियन डॉलर स्वीकृत किये जा चुके हैं।

राधा रतूड़ी, मुख्य सचिव महोदया, उत्तराखण्ड शासन द्वारा यू0यू0एस0डी.ए0 परियोजनाओं के सापेक्षतः हाई पावर स्क्रीनिंग कमेटी की अध्यक्षता की गई थी। जिसमें उनके द्वारा यू0यू0एस0डी0ए0 को ऋण समझौते पर केन्द्रीय स्तर पर अपेक्षित समस्त औपचारिकताएं पूर्ण किये जाने हेतु तथा ऋण समझौते को यथाशीघ्र हस्ताक्षरित किये जाने हेतु निर्देशित किया गया था।

इसी क्रम में यू0यू0एस0डी0ए0 द्वारा मंगलवार को केन्द्र सरकार के अहम मंत्रालयों वित्त मंत्रालय, आवास एवं नगरीय मंत्रालय, तथा केन्द्रीय लोक स्वास्थ्य एवं पर्यावरण अभियांत्रिकी संस्थान (सी0पी0एच0ई0ई0ओ0), के उच्चाधिकारियों से वर्चुअल वार्तालाप किया। जिसके क्रम में यूरोपियन निवेश बैंक द्वारा स्वीकृत ऋण धनराशि कुल 238 मिलियन डॉलर हेतु आगामी माह में ऋण समझौते को मूर्त रूप दिया जायेगा तथा अभिलेखों पर हस्ताक्षर किये जायेंगे। उक्त परियोजना हेतु 80 व 20 के अनुपात में यूरोपियन निवेश बैंक व राज्य सरकार द्वारा क्रमशः 191 मिलियन डॉलर तथा 47 मिलियन डॉलर दिये जायेंगे। परियोजना के माध्यम से रूद्रपुर, सिंतारगंज, पिथौरागढ़ तथा काशीपुर नगरों में पेयजल तथा सीवरेज प्रणाली के कार्य किये जाने प्रस्तावित हैं।

वर्चुअल बैठक के दौरान भारत सरकार की ओर से अर्पणा भाटिया, मुख्य सलाहकार, वित्त मंत्रालय, आर्थिक कार्य विभाग, भारत सरकार, रजनी तनेजा, निदेशक, वित्त मंत्रालय, आर्थिक कार्य विभाग, भारत सरकार, डॉ0 रमाकान्त, विशेषज्ञ सलाहकार, महुआ, पंकज गंगवार, अनु सचिव, आर्थिक कार्य विभाग, भारत सरकार, जी0 हरेन्द्र नारायण, आर्थिक कार्य विभाग, भारत सरकार, बी0 के0 चौरसिया, विशेषज्ञ सलाहकार सी0पी0एच0ई0ई0ओ0, महुआ उपस्थित रहे।
उत्तराखण्ड की ओर से गौरव कुमार, अपर निदेशक, शहरी विकास विभाग, विनय मिश्रा, अपर कार्यक्रम निदेशक, यू0यू0एस0डी0ए0, संजय तिवारी, उप कार्यक्रम निदेशक, यू0यू0एस0डी0ए0 उपस्थित रहे।

आउटपुट मॉनिटरिंग के साथ आजीविका से जुड़ी सभी योजनाओं को करें अधिकारीः सीएस

राज्य में आजीविका से जुड़ी योजनाओं के संचालन से महिलाओं की आय में कितनी वृद्धि हुई है ? सभी जिलाधिकारियों से इस प्रश्न के साथ रिपोर्ट तलब करते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने जिलाधिकारियों को आजीविका से जुड़ी सभी योजनाओं की आउटपुट मॉनिटरिंग करने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस सम्बन्ध में नियमित डेटा जुटाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने मुख्यमंत्री सीमान्त क्षेत्र विकास कार्यक्रम (एमबीएडीपी) के तहत उधमसिंह नगर में 12 योजनाओं, उत्तरकाशी में 14 योजनाओं, चमोली में 12 योजनाओं, चम्पावत में 24 योजनाओं तथा पिथौरागढ़ में 21 योजनाओं को सचिवालय में आयोजित मुख्यमंत्री सीमान्त क्षेत्र विकास कार्यक्रम (एमबीएडीपी) तथा मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना (एमपीआरवाई) की राज्य स्तरीय स्क्रीनिंग कमिटी की बैठक में अनुमोदन दिया। इन योजनाओं में अधिकतर पैकेजिंग मशीन यूनिट स्थापना, हैण्डलूम प्रशिक्षण, मिनी स्पाइस मिल, कीवी, मशरूम कलस्टर विकास, पौध नर्सरी निर्माण, पुष्प उत्पादन, स्थानीय उत्पादों के उत्पादन, डेयरी यूनिट स्थापित करने से सम्बन्धित योजनाएं शामिल थी। इसके साथ ही मुख्य सचिव रतूड़ी ने मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना के तहत अल्मोड़ा के लिए 10 योजनाओं, उधमसिंह नगर के लिए 2, उत्तरकाशी के लिए 4, चमोली के लिए 3, चम्पावत के लिए 29, टिहरी के लिए 16, देहरादून के लिए 6, नैनीताल के लिए 6, पिथौरागढ़ के लिए 4, पौड़ी के लिए 16, बागेश्वर के लिए 13 तथा रूद्रप्रयाग के लिए 8 योजनाओं का अनुमोदन दिया।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने मुख्यमंत्री सीमान्त क्षेत्र विकास कार्यक्रम (एमबीएडीपी) तथा मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना (एमपीआरवाई) के तहत संचालित आजीविका विकास से सम्बन्धित योजनाओं के माध्यम से महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा उत्पादित उत्पादों को उत्तराखण्ड के अम्ब्रेला ब्राण्ड हाउस ऑफ़ हिमालया से जोड़ने के निर्देश दिए हैं।

नजरियाः अब राज्य में छात्राओं के उपस्थिति रजिस्टर में अनिवार्य रूप से प्रत्येक माह जांच के बाद हीमोग्लोबिन लेवल भी होगा दर्ज

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने बताया कि राज्यभर में खुशियों की सवारी सेवा की सुविधा का उपयोग प्रसव के समय के साथ ही गर्भवती महिलाओं द्वारा सरकारी अस्पतालों में प्रसव पूर्व जांचों के लिए भी निशुल्क किया जा सकता है। मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य विभाग को इस जनहितकारी जानकारी के व्यापक प्रचार प्रसार के निर्देश दिए हैं ताकि राज्य की आधिकारिक गर्भवती महिलाएं विशेषकर दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाली साधन विहीन गर्भवती महिलाएं इसका लाभ उठा सके।

सचिवालय में सभी जिलाधिकारियों के साथ Pulse Anemia Mega Campaign के संबंध में बैठक लेते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सभी जिलाधिकारियों को एनीमिया को समाप्त करने के लिए एनएचएम द्वारा तैयार किए गए एक्शन प्लान के महिला कल्याण एवं बाल विकास, शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग की सहायता से प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं| राज्य में 15 से 49 वर्ष के मध्य की 46.4% गर्भवती महिलाएं एनीमिया से ग्रस्त हैं, जबकि इस मामले में राष्ट्रीय औसत 50.4% है|

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने स्वास्थ्य विभाग को सभी गर्भवती महिलाओं के गर्भावस्था के पहले चरण में ही एनीमिया आइडेंटिफिकेशन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं| इसके साथ ही उन्होंने शिक्षा विभाग को विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के उपस्थिति रजिस्टर में ही अनिवार्य रूप से प्रत्येक माह जांच के बाद हीमोग्लोबिन लेवल भी दर्ज करने के निर्देश दिए हैं| उपस्थिति रजिस्टर में एचबी लेवल की जांच व जानकारी अंकित करने की जिम्मेदारी प्रिंसिपल के निर्देश पर क्लास टीचर की होगी, जिसमें सीएचओ द्वारा उनकी मदद की जाएगी| इसके बाद एनीमिया से ग्रस्त छात्राओ के उपचार की विशेष व्यवस्था, मॉनिटरिंग व ट्रैकिंग भी निकटस्थ CHO द्वारा की जाएगी| छात्राओ के हीमोग्लोबिन लेवल की नियमित जानकारी रिपोर्ट कार्ड में अंकित कर अभिभावकों को दी जाएगी| सीएस ने स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए सप्ताह में एक पीरियड स्वास्थ्य जानकारी पर आयोजित करने के निर्देश दिए हैं|

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सभी जिलाधिकारियों को जिलों में विशेषकर गर्भवती महिलाओं में एनीमिया के नियमित टेस्टिंग, रिपोर्टिंग तथा इस कार्य के लिए आईसीडीएस व एएनएम के लिए ट्रेनिंग की व्यवस्था के निर्देश दिए हैं| मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को टीबी मुक्त उत्तराखंड के लक्ष्य को जल्द पूरा करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के एक्शन प्लान पर गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए हैं|

बैठक में सचिव डॉ आर राजेश कुमार, अपर सचिव स्वाति भदौरिया सहित स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारी तथा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलाधिकारी मौजूद रहे

राष्ट्रीय बालिका दिवस पर मुख्य सचिव ने बालिकाओं के सवालों के दिए जवाब

बालिका निकेतन, जिला शरणालय तथा शिशुसदन की बालिकाओं ने मुख्य सचिव राधा रतूड़ी से मुलाकात की।

राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर राजकीय बालिका निकेतन, केदारपुरम, जिला शरणालय एवं प्रवेशालय तथा शिशुसदन की लगभग 30 बालिकाओं ने उत्तराखण्ड की मुख्य सचिव राधा रतूड़ी से उनके कार्यालय में मुलाकात की तथा अनौपचारिक संवाद किया। सीएस राधा रतूड़ी ने इस अवसर पर मौजूद प्रत्येक बालिका से उनकी शिक्षा, व्यक्तिगत जीवन तथा भविष्य की योजनाओं के बारे में विस्तृत बातचीत की, बालिकाओं के सवालों के जवाब दिए तथा उनका उत्साहवर्धन किया।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी के पूछने पर राजकीय बालिका निकेतन, केदारपुरम में रहने वाली 9वीं कक्षा की छात्रा पूजा ने बताया कि वह भविष्य में वकील बनना चाहती है। सीएस रतूड़ी ने पूजा को स्कूली शिक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करते हुए जिला प्रोबेशन अधिकारी तथा बालिका निकेतन के अधिकारियों को पूजा के लिए कानून के क्षेत्र में करियर बनाने हेतु हेतु जरूरी मार्गदर्शन, काउन्सलिंग एवं उचित जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसी तरह बालिका निकेतन में ही रहने वाली 7वीं कक्षा की छात्रा प्रिया शर्मा ने मुख्य सचिव को बताया कि वह भविष्य में आर्मी ऑफिसर बनना चाहती है। मुख्य सचिव रतूड़ी ने जिला प्रोबेशन अधिकारी को प्रिया के लिए सैनिक कल्याण विभाग की मदद से फिजिकल ट्रैनिग व कोचिंग की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। सीएस ने पूजा को फिलिकल फिटनेस के साथ ही पढ़ाई में भी कठिन परिश्रम करने की सलाह दी।

मुख्य सचिव के पूछने पर खुशबू रावत ने बताया कि वह योगा में स्नातक कर रही है तथा इसी क्षेत्र में करियर बनाना चाहती है। भावना रावत ने बताया कि फैशन डिजाइनिंग में करियर बनाने के बात कही। खुशबू और भावना रावत अल्मोड़ा से हैं तथा बालिका निकेतन की सहायता से अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद वे अपने गांव वापस जाना चाहती हैं। इसी प्रकार राजकीय बालिका निकेतन से रौनक, रिया, साक्षी भट्ट, खुशी, रोशनी, शिफा, संगीता एवं नर्गिस, जिला शरणालय से शिवानी, विमला, नैना, रूचि तथा शिशु सदन से रमा, लक्षमी और राधा ने भी मुख्य सचिव राधा रतूड़ी से बातचीत की।

मुख्य सचिव ने बालिका निकेतन एवं शरणालय में रहने वाली सभी बालिकाओं के लिए उचित शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं एवं करियर काउन्सलिंग की व्यवस्था के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने बालिकाओं से कहा कि उनके उज्ज्वल भविष्य, बेहतरीन करियर और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए अच्छी शिक्षा एवं कौशल विकास पर ध्यान देना जरूरी है। बेहतर शिक्षा महिलाओं के सामाजिक सशक्तिकरण का साधन है। राज्य सरकार ने भी महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं लागू की हैं। मुख्य सचिव ने बालिकाओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए भविष्य में हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर महिला कल्याण, जिला प्रोबेशन अधिकारी, बालिका निकेतन, शरणालय एवं शिशु सदन के अधिकारी मौजूद रहे।

राष्ट्रीय मतदाता दिवसः सचिवालय परिसर में अधिकारियों ने ली मताधिकार की शपथ

आगामी राष्ट्रीय मतदाता दिवस के दृष्टिगत मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिवालय परिसर में लोकतांत्रिक मतदाता सहभागिता को प्रोत्साहित किये जाने के उद्देश्य से मतदाता शपथ कार्यक्रम के तहत सभी अधिकारियों/कर्मचारियों को मताधिकार के प्रयोग की शपथ दिलाई।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिवालय के समस्त कार्मिकों को लोकतंत्र में अपनी पूर्ण आस्था रखते हुए, देश की लोकतांत्रिक परम्पराओं की मर्यादा बनाए रखने तथा स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण निर्वाचन की गरिमा को अक्षुण्ण रखते हुए, निर्भीक होकर, धर्म, वर्ग, जाति, समुदाय, भाषा अथवा अन्य किसी भी प्रलोभन से प्रभावित हुए बिना सभी निर्वाचनों में अपने मताधिकार के प्रयोग की शपथ दिलाई।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, सचिव दिलीप जावलकर, पंकज कुमार पाण्डेय सहित सचिवालय के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

व्यय वित्त समिति की बैठक में विभिन्न कार्याे की स्वीकृति मिली

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने राजीव गांधी नवोदय विद्यालय लोहाघाट के भवन एवं छात्रावास के अवशेष निमार्ण कार्यों, नैनीताल में कैंची धाम में सौन्दर्यीकरण एवं प्रकाशकीय कार्यों में बहुमंजिली कार पार्किंग, पैदल सेतु निर्माण तथा श्री बद्रीनाथ धाम में पावर ग्रेड द्वारा प्रायोजित One way Loop Road and State facade Enhancement Work के निर्माण, लेकफ्रन्ट डेवलपमेंट शेषनेत्र लेक के निर्माण कार्य, श्री बद्रीनाथ धाम में एनटीपीसी द्वारा प्रायोजित आईएसबीटी Building Refurbishment and Parking Development (Phase A) के पुनरीक्षित आगणन के निर्माण कार्य तथा महासू देवता हनोल में लंगर हाॅल तथा धर्मशाला निर्माण के कार्यों को सचिवालय में आयोजित व्यय वित्त समिति की बैठक में अनुमोदन दिया।

बैठक में सचिव श्री नितेश कुमार झा सहित नियोजन, वित्त, पर्यटन, शिक्षा एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

सभी कार्मिक ऑनलाइन प्रशिक्षण को कराएंगे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने राज्य सरकार के सभी कार्मिक को मिशन कर्म योगी के तहत क्षमता विकास के ऑनलाइन प्रशिक्षण हेतु अनिवार्यतः iGOT डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस मामले में शत प्रतिशत लक्ष्य को समयबद्धता से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही मुख्य सचिव ने सचिव महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास को सभी विभागों में कार्य स्थल पर महिलाओं के विरुद्ध होने वाले यौन शोषण से संबंधित कानून की जानकारी एवं प्रशिक्षण के कार्यक्रम तत्काल संचालित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही सीएस श्रीमती रतूड़ी ने सभी विभागों के सचिवों एवं विभागाध्यक्षों को उनके विभाग के तहत संचालित की जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों हेतु भी जानकारी एवं जागरूकता प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करने की हिदायत दी है ताकि अधिक से अधिक नागरिक जनकल्याणकारी योजनाओं का आसानी से लाभ उठा सके।

उत्तराखंड सचिवालय में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने भारत सरकार की क्षमता निर्माण आयोग (सीबीसी) की सदस्य डॉ अलका मित्तल के साथ राज्य सरकार के सभी विभागों के सचिवों एवं विभागाध्यक्षों के साथ समीक्षा बैठक के दौरान क्षमता निर्माण आयोग से अनुरोध किया है कि सरकारी कार्मिकों की भांति ही नव निर्वाचित जन प्रतिनिधियों के लिए भी प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाए ताकि उन्हे भी प्रशासनिक प्रक्रियाओं तथा योजनाओं की जानकारी प्राप्त हो सके। इसके साथ ही उन्होंने आग्रह किया कि नागरिकों हेतु विकसित भारत सहित सभी जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी एवं जागरूकता से सम्बन्धित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाए।

बैठक में क्षमता निर्माण आयोग की सदस्य डा0 अल्का मित्तल ने बताया कि कर्मयोगी मिशन के तहत भारत सरकार का मुख्य फोकस सभी सरकारी कार्मिकों के क्षमता निर्माण एवं प्रशिक्षण पर हैं। अभी तक 100 केन्द्रीय संगठनों के लिए क्षमता निर्माण योजनाएं बन चुके हैं। सिविल सर्विस प्रशिक्षण के लिए राष्ट्रीय मानक निर्धारित करते हुए 166 संस्थानों को मान्यता दी गई है। 10 लाख सिविल सेवकों के लिए बड़े स्तर पर जनसेवा कार्यक्रम प्रशिक्षण कार्यक्रम किए जा रहे हैं। iGOT डिजिटल प्लेटफॉर्म पर 75 लाख अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया है। 14 राज्यों एवं संघ शाषित प्रदेशों के साथ मिशन कर्मयोगी को लागू करने के लिए एमओयू किए गए हैं।

बैठक में क्षमता निर्माण आयोग के सदस्यों एवं अधिकारियों के साथ ही प्रमुख सचिव एल फैनई, सचिव बी के सन्त, चंद्रेश यादव, डा0 नीरज खैरवाल सहित सभी विभागों के सचिव एवं विभागाध्यक्ष मौजूद रहे।

मुख्य सचिव ने लिया नाबार्ड को प्रस्ताव भेजने के दौरान प्रक्रियाओं में हो रहे विलम्ब का संज्ञान

सीएस राधा रतूड़ी ने सभी विभागों के सचिवों एवं विभागाध्यक्षों को ऋण वितरण एवं अदायगियों में तेजी कार्य करने के निर्देश दिए हैं। विभागों द्वारा ऋण वितरण एवं अदायगियों के साथ ही नाबार्ड को प्रस्ताव भेजने के दौरान प्रक्रियाओं में हो रहे विलम्ब का संज्ञान लेते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने प्रक्रियाओं के सरलीकरण व तीव्रता के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने धीमी गति से चल रहे सभी प्रोजेक्ट्स पर तेजी से कार्य करने के भी निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने नाबार्ड को प्रस्तावों की स्वीकृति में तेजी लाने के भी निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिवालय में नाबार्ड की आरआईडीएफ (ग्रामीण अवसंरचना विकास निधि) पर उच्चाधिकार प्राप्त समिति (एचपीसी) की बैठक की अध्यक्षता की। मुख्य सचिव ने कहा कि स्वीकृत प्रस्तावों के सापेक्ष विभागों द्वारा डिस्बर्समेंट की प्रगति संतोषजनक नहीं है। सभी विभागों को इसमें तेजी लाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विभागों द्वारा वितरण और अदायगियों में आ रही समस्याओं का निवारण कर शीघ्र कार्यों को पूर्ण किया जाए। मुख्य सचिव ने प्रस्तावों की लगातार मॉनिटरिंग किए जाने के निर्देश दिए हैं।

राज्य में नाबार्ड के तहत ग्रामीण अवसंरचना विकास निधि (आरआईडीएफ) से 2.39 लाख हेक्टेयर भूमि पर सिचाई सुविधाओं का सृजन एवं पुनर्द्धार किया गया है। लगभग 15570 किमी ग्रामीण सड़कों के नेटवर्क का निर्माण एवं सुधार किया गया है। 27729 मीटर ब्रिज का निर्माण हो चुका है। 23.77 लाख ग्रामीण आबादी को पेयजल सुविधा मिल चुकी है। 239 स्कूल एवं आईटीआई का निर्माण एवं पुनर्द्धार हो चुका है।

आज की बैठक में अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, सचिव नितेश झा, दिलीप जावलकर, पंकज कुमार पांडेय सहित सभी संबंधित विभागों के सचिव, अपर सचिव एवं विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।