धामी सरकार की नव पहलः जलसखी के जरिए महिलाओं को सशक्त करने की एक ओर योजना

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर 2022 में शुरु लखपति दीदी योजना के तहत अब तक, उत्तराखंड में 1.63 लाख महिलाओं की सालाना आय एक लाख के पार पहुंचाई जा चुकी है। अपने पांचवें वर्ष में सरकार अब ग्रामीण महिलाओं की आजीविका में वृद्धि के लिए एक और गेमचेंजर योजना, जलसखी लेकर आ रही है। जिसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति के साथ ही बिलिंग का काम महिला स्वयं सहायता समूहों को सौंपने की तैयारी है।
उत्तराखंड में हर घर नल योजना अब अपने लक्ष्य के करीब पहुंच गई है। इसी के साथ पेयजल विभाग अब योजना के तहत जलापूर्ति की व्यवस्था बनाने जा रहा है। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों में नए कनेक्शन देने, बिल वितरण- सुधार, बिल वसूली और योजनाओं के रख रखाव का काम आउटसोर्स के आधार पर महिला स्वयं सहायता समूहों को दिए जाने की तैयारी है। साथ ही विभाग महिला समूहों को पेयजल गुणवत्ता जांचने के लिए किट्स भी उपलब्ध कराएगा। महिला स्वयं सहायता समूह पेयजल योजना में आने वाली खराबी की रिपोर्ट भी विभाग को देंगी। इसके लिए चयनित समूहों को नल जल मित्र के तौर पर प्रशिक्षित किया जाएगा। पायलट प्रोजेक्ट के तहत शुरु की जा रही इस योजना में महिला स्वयं सहायता समूहों को प्रति बिल 10 रुपए का प्रोत्साहन दिए जाने के साथ ही, उन्हें राजस्व में भी निश्चित अंश मिलेगा। इस तरह ग्रामीण महिलाओं को अपने घर में ही अतिरिक्त रोजगार मिल सकेगा।

’लखपति दीदी योजना’
लखपति दीदी योजना की शुरुआत 2022 में की गई। योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी 5 लाख 7 हजार महिला की सालाना आय एक लाख के पार पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए इन महिलाओं को कृषि- उद्यान, दुग्ध उत्पादन, सिलाई कढ़ाई के साथ ही रसोई गैस वितरण, प्रारंभिक पशु चिकित्सा सेवा, बीमा योजना, डिजिटल लेनदेन का प्रशिक्षण देकर आजीविका से जोड़ा जा रहा है। योजना के तीन वर्ष के भीतर ही 1.63 लाख महिलाएं लखपति बन चुकी हैं। योजना के सकारात्मक परिणाम को देखते हुए, सरकार अब मौजूदा वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक कुल तीन लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य लेकर काम कर रही है।

’मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना’
धामी सरकार ने महिला समूहों की आजीविका को बढ़ावा देने के लिए, साल अगस्त 2023 से मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना भी लागू की है। वर्तमान में प्रदेश की करीब 30 हजार से अधिक महिलाएं इस योजना का लाभ उठा रही हैं। योजना के तहत अब तक महिला समूह कुल 4 करोड़ 93 लाख 36 हजार रुपए का कारोबार कर चुके हैं। योजना का लक्ष्य महिला समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराना है।

’हाउस ऑफ हिमालयाज’
उत्तराखंड के पारंपरिक हस्तशिल्प, बुनकर उत्पाद, जैविक कृषि सामग्री और जड़ी-बूटियों को बाज़ार उपलब्ध कराने के लिए मौजूदा सरकार ने दिसंबर 2023 में हाउस ऑफ हिमालयाज” नाम से एकीकृत ब्रांड लांच किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों इस ब्रांड की लॉन्चिंग के बाद से देश-विदेश तक इस ब्रांड की पहुंच संभव हुई है। इसमें कुल 36 उत्पाद शामिल हैं, जिसमें से 12 अब तक जी आई टैग (ज्योग्राफिकल इंडिकेशन टैग) में शामिल हो चुके है। इससे न केवल उनकी प्रामाणिकता और गुणवत्ता सुनिश्चित होती है, बल्कि उपभोक्ताओं को यह जानकारी भी मिलती है कि यह उत्पाद उत्तराखंड के किस जिले से संबंधित है। वर्तमान में राज्य के एयरपोर्ट, हैलीपैड, प्रमुख होटलों में हाउस ऑफ हिमायलाज के 11 स्टॉल स्थापित किए जा चुके हैं। साथ ही विभिन्न ई कॉमर्स साइट से भी इन उत्पादों की बिक्री हो रही है।

’सरकार महिलाओं को हर तरह से सशक्त बनाने का प्रयास कर रही है। इसके लिए महिला स्वयं सहायता समूहों को कई तरह की आर्थिक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। इसी क्रम में पेयजल आपूर्ति में भी महिला समूहों की भागीदारी बढाने का प्रयास किया जा रहा है। यह योजना महिलाओं की आर्थिकी सुधारने के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है।’
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड

सीएम ने सुनी पीएम के मन की बात, बोले एक भारत श्रेष्ठ भारत के आदर्श को किया साकार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ’मन की बात’ कार्यक्रम का 123वीं संस्करण सुना। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देशवासियों को योग, सामाजिक एकता, सेवा भाव और महिला सशक्तिकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों से प्रेरित किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत को वैश्विक स्तर पर एक अलग पहचान मिली है। 21 जून को आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग दिवस ने एक बार फिर यह प्रदर्शित कर दिया कि योग ने न केवल भारत में, बल्कि पूरी दुनिया में अपनी विशेष पहचान बनाई है। उन्होंने देश को विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा ट्रैकोमा मुक्त घोषित किए जाने और अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन की रिपोर्ट में 64 प्रतिशत आबादी को सोशल सुरक्षा के अंतर्गत लाए जाने की उपलब्धियों पर गर्व व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में स्वास्थ्य एवं सामाजिक सुरक्षा की दिशा में देश ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं।

मुख्यमंत्री ने “मन की बात“ में उजागर की गई सामूहिक सेवा, धार्मिक यात्राओं के दौरान मिलन की भावना और स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के आदर्श को साकार करता है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि वे इन संदेशों को अपनी दिनचर्या में अपनाएं और उत्तराखंड को भी आत्मनिर्भर व समृद्ध भारत का एक गौरवशाली हिस्सा बनाएं।

इस अवसर पर विधायक राजकुमार पोरी, अध्यक्ष उत्तराखण्ड राज्य सलाहकार श्रम संविदा बोर्ड कैलाश पंत और मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारी, कर्मचारी मौजूद थे।

सीएम ने मानसून के दौरान दो माह तक 24 घण्टे अलर्ट मोड पर रहने के अधिकारियों को दिये निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आईटी पार्क, स्थित उत्तराखण्ड राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचकर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में हो रही वर्षा की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने मानसून के दृष्टिगत आगामी दो माह तक शासन और प्रशासन के अधिकारियों को 24 घण्टे अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिये हैं। मानसून अवधि के दौरान अधिकारियों को नियमित रूप से ग्राउंड पर रहकर सभी व्यवस्थाएं करने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिये हैं।

मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा पर आये सभी श्रद्धालुओं की सुरक्षा की दृष्टि संबंधित जिलाधिकारियों को आवश्यक प्रबंध करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के लिए भोजन, दवाइयों और बच्चों के लिए दूध और अन्य मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि अत्यधिक बारिश की सम्भावनाओं के दृष्टिगत और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए अगले 24 घंटे के लिए चारधाम यात्रा को रोका गया है।

मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि नदियों और गदेरे के आस-पास रह रहे और आपदा की दृष्टि से संवेदनशील स्थलों पर रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जाए। उन्होंने कहा कि यह भी सुनिश्चित किया जाए कि जिन क्षेत्रों में निर्माण कार्य चल रहे हैं, वहां पर लोग सुरक्षित स्थानों पर हों। मुख्यमंत्री ने उत्तरकाशी के तहसील बड़कोट क्षेत्र में बादल फटने की वजह से मिसिंग मजदूरों के सर्च और रेस्क्यू अभियान में और तेजी लाने के निर्देश अधिकारियों को दिये हैं। 29 मजदूरों में से 20 को सुरक्षित निकाल लिया गया है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और जिला प्रशासन का सर्च अभियान जारी है, दो शवों को निकाल लिया गया है। उन्होंने कहा कि रूद्रप्रयाग में हुए वाहन दुर्घटना में जो लोग अभी लापता हैं, उनकी खोजबीन कार्यों में और तेजी लाई जाए।

मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि सभी जनपदों में गर्भवती महिलाओं की डाटा बेस बनाया जाए। सितम्बर माह तक जिन महिलाओं का डिलीवरी होनी है, उनका नियमित अपडेट रखा जाए। प्रसव पूर्व उन्हें अस्पतालों तक पहुंचाने की समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाए। जच्चा और बच्चा की सुरक्षा की दृष्टि से सभी प्रभावी कदम उठाये जाए।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान जिलाधिकारियों से विभिन्न जनपदों में हो रही बारिश, सड़कों की स्थिति एवं अन्य मूलभत सुविधाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि बारिश के कारण जो सड़के क्षतिग्रस्त हो रही हैं, उनको जल्द खुलवाने की व्यवस्था की जाए। संवेदनशील स्थानों पर जेसीबी और अन्य आवश्यक उपकरणों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। जिन क्षेत्रों में नदी, नाले, गदेरे रास्ते बदल सकते हैं, ऐसे क्षेत्रों में आश्यकता पड़ने पर चौनलाइजेशन और अन्य प्रबंधन जो सुरक्षात्मक दृष्टि से हो सकते हैं, किये जाएं।

इस अवसर पर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु, सचिव शैलेश बगोली, विनोद कुमार सुमन, गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पाण्डेय, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, अपर सचिव बंशीधर तिवारी, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी आनंद स्वरूप, राजकुमार नेगी एवं वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी जुड़े थे।

सीएम धामी अपने कार्यकाल के पांचवें वर्ष महिलाओं को देने जा रहे ठोस उपहार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, अपने कार्यकाल के पांचवें साल में उत्तराखंड की महिलाओं को महिला नीति का ठोस उपहार देने जा रहे हैं। उत्तराखंड की पहली महिला नीति जल्द कैबिनेट में आ सकती है। इसके जरिए सरकार महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक सशक्तिकरण के लिए नीतिगत रोडमैप तैयार करेगी। इससे पहले बीते चार साल के दौरान भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जहां एक तरफ महिलाओं को सरकारी नौकरी में 30 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया, वहीं पहली बार सहकारी समितियों में भी महिला आरक्षण लागू कर, हर स्तर पर महिला नेतृत्व उभारने का प्रयास किया। इसी तरह महिलाओं की आर्थिकी मजबूत करने के लिए महिला सारथी योजना, एकल महिला स्वरोजगार योजना, लखपति दीदी जैसी कल्पनाशील योजनाएं धरातल पर उतरीं।

01 – सरकारी नौकरी में आरक्षण
पुष्कर सिंह धामी सरकार ने उत्तराखंड की महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण फिर लागू कर दिया है। इस आरक्षण का लाभ उन सभी महिलाओं को मिल रहा है, जिनका उत्तराखंड राज्य का अधिवास (डोमिसाइल) है। राज्य सरकार के इस कदम के बाद सरकारी कार्यालयों में महिला कार्मिकों की संख्या में सुधार हो रहा है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद 10 जनवरी 2023 से महिला आरक्षण विधिवत लागू कर दिया गया है।

02 – सहकारी समितियों में आरक्षण
पुष्कर सिंह धामी सरकार ने सहकारी समितियों में भी 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू कर दिया है। उत्तराखंड में निकाय और पंचायतों में पहले से ही महिला आरक्षण दिया जा रहा है, अब सहकारी समितियों में महिला आरक्षण लागू होने से सभी स्तर पर महिला नेतृत्व उभरने का रास्ता साफ हो गया है। ग्रामीण स्तर पर सक्रिय सहकारी संस्थाओं में महिला आरक्षण लागू किए जाने को गेम चेंजर माना जा रहा है।

03 – स्वरोजगार के लिए मौके
धामी सरकार ने इसी महिला दिवस 08 मार्च, 2025 से देहरादून जिले में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर महिला सारथी योजना भी लागू की है, इसके तहत राज्य की महिलाएं ऑटो रिक्शा और टू-व्हीलर चलाकर यात्रियों को उनके मंजिल तक पहुंचाने का काम कर रही हैं। इसके साथ ही सरकार लखपति दीदी योजना, मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना, एकल महिला स्वरोजगार योजना, ड्रोन दीदी योजना के जरिए भी महिलाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर पैदा कर रही है।

’मातृशक्ति उत्तराखंड के समाज की रीढ़ की हड़्डी हैं। हमारी सरकार का मानना है कि बिना महिलाओं को सशक्त किए, समाज का आगे बढ़ना मुश्किल है, इसलिए महिलाओं को समर्पित कई योजनाएं संचालित हो रही हैं, जो आगे चलकर गेम चेंजर साबित होंगी। इसी क्रम में अब हम जल्द महिला नीति भी लेकर आ रहे हैं।’
पुष्कर सिंह धामी,
मुख्यमंत्री उत्तराखंड सरकार।

रविवार को होने जा रही पीसीएस परीक्षा, परीक्षार्थियों से समय पर पहुंचने की अपील

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के पहाड़ी और कुछ मैदानी क्षेत्रों में अगले 24 घंटे में अत्यधिक वर्षा की संभावना को देखते हुए, आम जनमानस से सतर्क रहने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान के आधार पर लोगों से अनुरोध करते हुए कहा है कि सभी लोग सतर्क रहें, अनावश्यक यात्रा से बचें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन करें।

मुख्यमंत्री धामी ने रविवार 29 जून को उत्तराखंड लोक सेवा आयोग द्यारा आयोजित की जा रही उत्तराखंड सम्मिलित राज्य सिविल/प्रवर अधीनस्थ सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा (वस्तुनिष्ठ प्रकार) – 2025 में शामिल होने जा रहे परीक्षार्थियों से भी मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए समय से पहले अपने परीक्षा केंद्र के लिए प्रस्थान करने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षार्थियों की सुरक्षा और परीक्षा दोनों ही सरकार के लिए महत्वपूर्ण हैं। राज्य सरकार स्थिति पर नज़र बनाए हुए है और स्थानीय प्रशासन को हर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को भी बारिश और अतिवृष्टि की संभावना को देखते हुए, स्थानीय प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखने को कहा है।

गंगा सहित अन्य नदियों किनारे अतिक्रमण को प्राथमिकता से हटाएंः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह ने कहा कि सरकारी भूमि में अतिक्रमण न हो इसके लिए मजबूत मैकेनिज्म बनाया जाय। सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण रोकने और अवैध बिक्री को रोकने के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाई जाए।

मुख्यमंत्री आवास में उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने सरकारी भूमि से अवैध अतिक्रमण को हटाने की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे हटाए जाने की कार्ययोजना बनाए जाने के लिए निर्देश जारी किए जा चुके हैं। इसके अनुपालन के लिए जनपद स्तर पर प्रभावी कार्रवाई अमल में लाई जाय। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर सिंचाई, लोक निर्माण, वन विभाग, राजस्व विभाग की टीम बनाकर अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाए जाय। उन्होंने राज्य के मैदानी क्षेत्रों में अतिक्रमण के मामलों को देखने के लिए शासन स्तर पर एक नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाने के निर्देश प्रमुख सचिव को दिए। उन्होंने हरिद्वार में गंगा किनारे, रुद्रपुर में कल्याणी नदी किनारे और नैनीताल जिले में कोसी आदि नदियों के किनारों पर भी अवैध अतिक्रमण को रोकने के लिए सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने सरकारी भूमि को कब्जाने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई किए जाने और कूट रचना कर जमीनों के फर्जी दस्तावेज बनाए जाने के मामलों पर भी प्रभावी रोक लगाने के उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री धामी ने एडीजी ए.पी.अंशुमान को बाहरी लोगों के सत्यापन के लिए नियम और कड़े किए जाने की अपेक्षा जताई। एडीजी ने उन्हें अवगत कराया कि सत्यापन के लिए 18 बिंदुओं पर आख्या मांगी जा रही है,जिसका डेटा राज्य स्तर पर भी संकलित किया जा रहा है।

बैठक में प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, सचिव एस एन पांडेय, एडीजी ए.पी.अंशुमान, विशेष सचिव डा. पराग मधुकर धकाते, अपर सचिव बंशीधर तिवारी मौजूद रहे।

सीएम ने दो लोकतंत्र सेनानियों को पेंशन देने का अनुमोदन किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद पौड़ी गढ़वाल के वि०ख० यमकेश्वर के अन्तर्गत ग्राम मौन, नीलकण्ठ में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र टाईप ए की स्थापना हेतु मानकों में शिथिलीकरण किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने राज्य अतिथि गृह ऑफिसर्स ट्रांजिट हास्टल, रेसकोर्स में पूर्व में स्वीकृत कार्यों के अतिरिक्त अन्य कार्य रिनोवेशन/स्ट्रैन्थनिंग के कार्य हेतु 295.12 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने जनपद रुद्रप्रयाग की रुद्रप्रयाग शाखा के अन्तर्गत बनियारी जवाहर नगर पेयजल योजना हेतु नलकूप निर्माण एवं तत्संबंधी कार्यों हेतु 308.12 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने किया लोकतंत्र सेनानी पेंशन अनुमन्य किये जाने का अनुमोदन

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी उधमसिंह नगर की संस्तुति के क्रम में सावित्री कुशवाहा पत्नी स्वर्गीय लक्ष्मी नारायण तथा जिलाधिकारी नैनीताल की संस्तुति के क्रम में हरीश कुमार अगरवाल को रु० 20,000/- प्रतिमाह लोकतंत्र सेनानी पेंशन अनुमन्य किये जाने हेतु अनुमोदन प्रदान किया है।

रूद्रप्रयाग में हुई वाहन दुर्घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए सीएम ने मृतकों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों और यात्रियों से पर्वतीय मार्गों पर यात्रा के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। आज रूद्रप्रयाग में हुई वाहन दुर्घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए मुख्यमंत्री ने मृतकों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि घायलो को त्वरित चिकित्सा सहायता दी जा रही है और लापता लोगों की खोजबीन के लिए एसडीआरएफ और प्रशासन की टीमें सक्रिय रूप से जुटी हुई हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रशासन एवं परिवहन विभाग को निर्देश दिये है कि पर्वतीय क्षेत्रों में संचालित सार्वजनिक वाहनों की लगातार जांच सुनिश्चित की जाए। खतरनाक मोड़ों और ढलानों पर चेतावनी संकेतकों की व्यवस्था दुरुस्त की जाए तथा आवश्यक स्थलों पर सुरक्षा रेलिंग एवं पैराफिट सुनिश्चित किए जाएं। प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि मौसम पूर्वानुमानों को ध्यान में रखते हुए यात्रा मार्गों की स्थिति की निगरानी करें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि आगामी समय में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु दीर्घकालिक सुरक्षा उपायों की कार्य योजना तैयार की जाए।

सीएम हेल्पलाइन 1905 में 180 दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतों के समाधान के लिए चलेगा विशेष अभियान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन 1905 में 180 दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतों के समाधान के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। 06 माह से अधिक लंबित शिकायतों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि प्रकरणों का समयबद्धता से निस्तारण नहीं करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अनावश्यक रूप से जन शिकायतें फोर्स क्लोज न किये जाने के निर्देश देते हुए कहा कि सीएम हेल्पलाइन को राज्य की बेस्ट प्रैक्टिस में लाने के लिए और प्रभावी प्रयास किए जाएं।

सचिवालय में सीएम हेल्पलाइन 1905 के समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एक दिन पूरे राज्य में तहसील दिवस का आयोजन किया जाए। मुख्यमंत्री तहसील दिवस के दिन किसी एक जनपद में औचक रूप से प्रतिभाग करेंगे। इसी तरह एक दिन पूरे राज्य में थाना दिवस का आयोजन भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि जन समस्याओं के शीघ्र निस्तारण के लिए जनता दर्शन, तहसील दिवस और बीडीसी का नियमित आयोजन किया जाए। पुलिस और प्रशासन द्वारा मिलकर अतिक्रमण और वेरिफिकेशन अभियान और प्रभावी रूप से चलाए जाएं। प्रत्येक जनपद में दो-दो गांवों को आदर्श ग्राम बनाने की दिशा में तेजी से कार्य किए जाएं, इसके लिए सभी जनपदों में शीघ्र नोडल अधिकारी बनाए जाएं।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश में जहां भी बिजली के पोल और ट्रांसफार्मर की स्थिति खराब है, उन्हें शीघ्र बदला जाए। सभी ट्रांसफार्मरों का सेफ्टी ऑडिट भी किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि कहीं कम वोल्टेज और बिजली के तार लटकने की समस्या न आए, ऐसे प्रकरण पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने सभी प्राधिकरणों से जुड़े अधिकारियों को निर्देश दिए कि यह सुनिश्चित किया जाए कि लोगों के घरों के नक्शे पास करने में पेंडेंसी न हो। उन्होंने कहा कि सबसे पहले टीबी मुक्त होने वाले तीन जनपदों को सम्मानित किया जाएगा।

सीएम हेल्पलाइन पर शिकायतों के निस्तारण में अच्छा कार्य करने पर मुख्यमंत्री ने परिवहन, कृषि, समाज कल्याण, आबकारी एवं ऊर्जा विभाग की सराहना की। लोक निर्माण विभाग, भू-विज्ञान और खनन, राजस्व, गृह एवं वित्त विभाग को शिकायतों के निवारण में और तेजी लाने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिए। सीएम हेल्पलाइन में पेयजल, स्ट्रीट लाइट के रख-रखाव, जल जीवन मिशन के तहत कनेक्शन, बिजली कटौती और बिजली के बिल से संबंधित शिकायतें अधिक आ रही हैं।

मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान सीएम हेल्पलाइन के शिकायतकर्ताओं से बात भी की। उत्तरकाशी के उपेन्द्र सिंह रावत की पेयजल लाइन की शिकायत पर मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी उत्तरकाशी को एक सप्ताह के अंदर उनकी समस्या का समाधान करवाने के निर्देश दिए। हरिद्वार से आलम ने स्ट्रीट लाइट से संबंधित शिकायत की थी, उनकी समस्या का समाधान हो चुका है। देहरादून के हृदेश नेगी ने कहा कि उनकी पुलिया के निर्माण संबंधी शिकायत पर कार्य शुरू हो चुका है। चमोली के गौरव नौटियाल की पेयजल संबंधी शिकायत का भी समाधान हो चुका है। नैनीताल से देवेंद्र ने कम वोल्टेज की शिकायत का भी समाधान किया जा चुका है।

बैठक में उत्तराखंड अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, डीजीपी दीपम सेठ, सचिवगण, अपर सचिवगण, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष और वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी उपस्थित थे।

धामी की अभिनव पहलः 40 वरिष्ठ आईएएस अफसरों ने गोद लिए गांव

गांवों का कायाकल्प होने से विकसित प्रदेश और विकसित राष्ट्र का सपना साकार किया जा सकता है। उत्तराखण्ड को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के सुदूरवर्ती गांवों के चतुर्दिक विकास का बीड़ा उठाया है। भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को अपनी प्रथम नियुक्ति स्थल को गोद लेने का जिम्मा सौंपा गया है। योजना के तहत अधिकारियों ने गोद लिए गांवों के विकास के लिए काम करना शुरू कर दिया है। कई अधिकारियों ने गांवों में रात्रि प्रवास के ग्रामीणों के जनजीवन और उनकी समस्याओं को करीब से समझा है। अधिकारियों की ओर से कार्ययोजना बनाए जाने के बाद प्रदेश सरकार गांवों के विकास के लिए अभियान चलाकर काम करेगी।

बता दें कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से भारतीय प्रशासनिक सेवा के ₹8700 या इससे अधिक ग्रेड-पे के अधिकारियों को अपने प्रथम नियुक्ति के कार्य क्षेत्र को गोद लेने की अपेक्षा की गई थी। इसी आधार पर राज्य के 40 वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों ने अपनी प्रथम नियुक्ति स्थल को गोद लिया है। 20 मई 2025 को मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की ओर से इस आशय का आदेश भी जारी कर दिया गया था।

सभी अधिकारियों से अपने प्रथम नियुक्ति स्थल क्षेत्र में हुए बदलावों पर टिप्पणी की अपेक्षा की गई थी। कहने का अर्थ यह है कि आज वहां विकास में कितनी तेजी आई है। गांव के सामाजिक और आर्थिक विकास में सीएसआर या अन्य संसाधनों के इस्तेमाल से कैसे सुधार लाया जा सकता है। जिला योजना, राज्य सेक्टर और वित्त आयोग से मिलने वाली धनराशि के शत प्रतिशत सही उपयोग की कार्ययोजना भी अधिकारियों को तैयार करनी है।

मुख्यमंत्री धामी की अपेक्षा के अनुसार वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों ने इस दिशा में काम शुरू कर दिया है। अधिकारियों की ओर दूरस्थ गांवों के विकास की योजना तैयार किए जाने से गांवों का योजनाबद्ध तरीके से विकास हो सकेगा। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और स्वयंसेवी संगठनों का सहयोग भी अधिकारियों को मिल रहा है।