मुख्यमंत्री के निर्देश पर अंकिता के परिजनों को 25 लाख की आर्थिक सहायता जारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि दिवंगत अंकिता भण्डारी के परिजनों को 25 लाख रूपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। अधिकारियों को इसके लिये निर्देश दिये गये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अंकिता के परिवार के साथ है और उनकी हर प्रकार से सहायता करेगी। मामले की एसआईटी जांच की जा रही है। पूर्ण निष्पक्ष तरीके से जल्द से जल्द जांच पूरी की जाएगी। मामले से संबंधित हर तथ्य को जुटाते हुए पुख्ता तरीके से रिपोर्ट तैयार कर अपराधियों को सख्त से सख्त सजा दिलाना सुनिश्चित किया जाएगा। अपराधियों को ऐसी सजा दिलाई जाएगी जो आगे के लिए भी नजीर बने। पीड़ित परिवार को त्वरित न्याय मिल सके, इसके लिये फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई के लिए न्यायालय से अनुरोध किया गया है।

प्रदेश हित में भू कानून की संस्तुतियों पर सरकार विचार कर कानून में करेगी संशेधानः सीएम

राज्य में भू – कानून के अध्ययन व परीक्षण के लिए गठित समिति ने आज प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। समिति ने प्रदेश हित में निवेश की संभावनाओं और भूमि के अनियंत्रित क्रय और विक्रय के बीच संतुलन स्थापित करते हुए अपनी 23 संस्तुतियां सरकार को दी हैं।

आज मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में समिति के अध्यक्ष व प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव सुभाष कुमार, समिति के सदस्य व श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के सदस्य अजेंद्र अजय, पूर्व आईएएस अधिकारी अरुण ढौंडियाल व डी.एस.गर्व्याल और समिति के पदेन सदस्य सचिव के रूप में हाल तक सचिव राजस्व का कार्यभार संभाल रहे दीपेंद्र कुमार चौधरी ने मुख्यमंत्री से भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार शीघ्र ही समिति की रिपोर्ट का गहन अध्ययन कर व्यापक जनहित व प्रदेश हित में समिति की संस्तुतियों पर विचार करेगी और भू – कानून में संशोधन करेगी।

जुलाई 2021 में सीएम धामी ने उच्च स्तरीय समिति गठित की थी

उल्लेखनीय है कि सीएम ने जुलाई 2021 में प्रदेश का मुख्यमंत्री नियुक्त होने के बाद उसी वर्ष अगस्त माह में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया था। समिति को राज्य में औद्योगिक विकास कार्यों हेतु भूमि की आवश्यकता तथा राज्य में उपलब्ध भूमि के संरक्षण के मध्य संतुलन को ध्यान में रख कर विकास कार्य प्रभावित न हों, इसको दृष्टिगत रखते हुए विचार – विमर्श कर अपनी संस्तुति सरकार को सौंपनी थी।

सभी हितधारकों से सुझाव लेकर गहन विचार विमर्श कर 80 पृष्ठ में तैयार की रिपोर्ट

समिति ने राज्य के हितबद्ध पक्षकारों, विभिन्न संगठनों, संस्थाओं से सुझाव आमंत्रित कर गहन विचार – विमर्श कर लगभग 80 पृष्ठों में अपनी रिपोर्ट तैयार की है। इसके अलावा समिति ने सभी जिलाधिकारियों से प्रदेश में अब तक दी गई भूमि क्रय की स्वीकृतियों का विवरण मांग कर उनका परीक्षण भी किया।

राज्य में निवेश और रोजगार बढ़ाने के साथ भूमि के दुरुपयोग को रोकने पर फोकस

समिति ने अपनी संस्तुतियों में ऐसे बिंदुओं को सम्मिलित किया है जिससे राज्य में विकास के लिए निवेश बढ़े और रोजगार के अवसरों में वृद्धि हो। साथ ही भूमि का अनावश्यक दुरूपयोग रोकने की भी अनुशंसा की है।

समिति ने वर्तमान में प्रदेश में प्रचलित उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था अधिनियम, 1950) यथा संशोधित और यथा प्रवृत्त में जन भावनाओं के अनुरूप हिमाचल प्रदेश की तरह कतिपय प्रावधानों की संस्तुति की है।

समिति की प्रमुख संस्तुतियां

वर्तमान में जिलाधिकारी द्वारा कृषि अथवा औद्यानिक प्रयोजन हेतु कृषि भूमि क्रय करने की अनुमति दी जाती है। कतिपय प्रकरणों में ऐसी अनुमति का उपयोग कृषि/औद्यानिक प्रयोजन न करके रिसोर्ट/ निजी बंगले बनाकर दुरुपयोग हो रहा है। इससे पर्वतीय क्षेत्रों में लोग भूमिहीन हो रहें और रोजगार सृजन भी नहीं हो रहा है।

समिति ने संस्तुति की है कि ऐसी अनुमतियां जिलाधिकारी स्तर से ना दी जाऐं। शासन से ही अनुमति का प्रावधान हो।

वर्तमान में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम श्रेणी के उद्योगों हेतु भूमि क्रय करने की अनुमति जिलाधिकारी द्वारा प्रदान की जा रही है। हिमांचल प्रदेश की भांति ही ये अनुमतियाँ, शासन स्तर से न्यूनतम भूमि की आवश्यकता के आधार पर, प्राप्त की जाएं।

वर्तमान में राज्य सरकार पर्वतीय एवं मैदानी में औद्योगिक प्रयोजनों, आयुष, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, उद्यान एवं विभिन्न प्रसंस्करण, पर्यटन, कृषि के लिए 12.05 एकड़ से ज्यादा भूमि आवेदक संस्था/फर्म/ कम्पनी/ व्यक्ति को उसके आवेदन पर दे सकती है।

उपरोक्त प्रचलित व्यवस्था को समाप्त करते हुए हिमाचल प्रदेश की भांति न्यूनतम भूमि आवश्यकता के आधार पर दिया जाना उचित होगा।

वर्तमान में, गैर कृषि प्रयोजन हेतु खरीदी गई भूमि को 10 दिन में धारा- 143 के अंतर्गत गैर कृषि घोषित करते हुए खतौनी में दर्ज करेगा।
परन्तु क्रय अनुमति आदेश में 2 वर्ष में भूमि का उपयोग निर्धारित प्रयोजन में करने की शर्त रहती है। यदि निर्धारित अवधि में उपयोग न करने पर या किसी अन्य उपयोग में लाने/विक्रय करने पर राज्य सरकार में भूमि निहित की जाएगी, यह भी शर्त में उल्लखित रहता है।

यदि 10 दिन में गैर कृषि प्रयोजन हेतु क्रय की गई कृषि भूमि को “गैर कृषि“ घोषित कर दिया जाता है, तो फिर यह धारा-167 के अंतर्गत राज्य सरकार में (उल्लंघन की स्थिति में) निहित नहीं की जा सकती है।

अतः नई उपधारा जोङते हुए उक्त भूमि को पुनः कृषि भूमि घोषित करना होगा तत्पश्चात उसे राज्य सरकार में निहित किया जा सकता है।

कोई व्यक्ति स्वयं या अपने परिवार के किसी भी सदस्य के नाम बिना अनुमति के अपने जीवनकाल में अधिकतम 250 वर्ग मीटर भूमि आवासीय प्रयोजन हेतु खरीद सकता है ।

समिति की संस्तुति है कि परिवार के सभी सदस्यों के नाम से अलग अलग भूमि खरीद पर रोक लगाने के लिए परिवार के सभी सदस्यों के आधार कार्ड राजस्व अभिलेख से लिंक कर दिया जाए।

राज्य सरकार ’भूमिहीन’ को अधिनियम में परिभाषित करे। समिति का सुझाव है कि पर्वतीय क्षेत्र में न्यूनतम 5 नाली एवं मैदानी क्षेत्र में 0.5 एकड़ न्यूनतम भूमि मानक भूमिहीन’ की परिभाषा हेतु औचित्यपूर्ण होगा।

भूमि जिस प्रयोजन के लिए क्रय की गई, उसका उललंघन रोकने के लिए एक जिला / मण्डल / शासन स्तर पर एक टास्क फ़ोर्स बनायीं जाए। ताकि ऐसी भूमि को राज्य सरकार में निहित किया जा सके।

सरकारी विभाग अपनी खाली पड़ी भूमि पर साइनबोर्ड लगाएं।

कतिपय प्रकरणों में कुछ व्यक्तियों द्वारा एक साथ भूमि क्रय कर ली जाती है तथा भूमि के बीच में किसी अन्य व्यक्ति की भूमि पड़ती है तो उसका रास्ता रोक दिया जाता है। इसके लिए व्यवस्था।

विभिन्न प्रयोजनों हेतु जो भूमि खरीदी जायेगी उसमें समूह ग व समूह ’घ’ श्रेणीयो में स्थानीय लोगों को 70 प्रतिशत रोजगार आरक्षण सुनिश्चित हो। उच्चतर पदों पर योग्यतानुसार वरीयता दी जाए।

विभिन्न अधिसूचित प्रयोजनों हेतु प्रदान की गयी अनुमतियों के सापेक्ष आवेदक इकाइयों/ संस्थाओं द्वारा कितने स्थानीय लोगों को रोजगार दिए गए, इसकी सूचना अनिवार्य रूप से शासन को उपलब्ध कराने की व्यवस्था हो

वर्तमान में भूमि क्रय करने के पश्चात भूमि का सदुपयोग करने के लिए दो वर्ष की अवधि निर्धारित है और राज्य सरकार को अपने विवेक के अनुसार इसे बढ़ाने का अधिकार दिया गया है। इसमें संशोधन कर विशेष परिस्थितयों में यह अवधि तीन वर्ष (2 $ 1 = 3) से अधिक नहीं होनी चाहिए।

पारदर्शिता हेतु क्रय- विक्रय, भूमि हस्तांतरण एवं स्वामित्व संबंधी समस्त प्रक्रिया हो। समस्त प्रक्रिया एक वेबसाइट के माध्यम से पब्लिक डोमेन में हो।

प्राथमिकता के आधार पर सिडकुल/ औद्योगिक आस्थानों में खाली पड़े औौद्योगिक प्लाट्स/ बंद पड़ी फैक्ट्रियों की भूमि का आबंटन औद्योगिक प्रयोजन हेतु किया जाए।

प्रदेश में वर्ष बन्दोबस्त हुआ है। जनहित/ राज्य हित में भूमि बंदोबस्त की प्रक्रिया प्रारंभ की जाए।

भूमि क्रय की अनुमतियों का जनपद एवं शासन स्तर पर नियमित अंकन एवं इन अभिलेखों का रख-रखाव ।

धार्मिक प्रयोजन हेतु कोई भूमि क्रय/ निर्माण किया जाता है तो अनिवार्य रूप से जिलाधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर शासन स्तर से निर्णय लिया जाए।

राज्य में भूमि व्यवस्था को लेकर जब भी कोई नया अधिनियम/ नीति / भूमि सुधार कार्यक्रम चलायें जायें तो राज्य हितबद्ध पक्षकारों / राज्य की जनता से सुझाव अवश्य प्राप्त कर लिए जाएँ।

नदी – नालों, वन क्षेत्रों, चारागाहों, सार्वजनिक भूमि आदि पर अतिक्रमण कर अवैध कब्जे /निर्माण / धार्मिक स्थल बनाने वालों के विरुद्ध कठोर दंड का प्रावधान हो। संबंधित विभागों के अधिकारियों के विरुद्ध भी कार्रवाई का प्रावधान हो। ऐसे अवैध कब्जों के विरुद्ध प्रदेशव्यापी अभियान चलाया जाए।

देहरादून में हर घर तिरंगा के तहत निकाली गई प्रभात फेरी, सीएम भी हुए शामिल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गांधी पार्क देहरादून में हर घर तिरंगा कार्यक्रम के अन्तर्गत आयोजित प्रभात फेरी में प्रतिभाग किया। शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित इस प्रभात फेरी में जन प्रतिनिधियों, शासन, प्रशासन, पुलिस के अधिकारियों तथा शिक्षा विभाग के अधिकारियों, शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देश में आजादी का अमृत महोत्सव के तहत अनेक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। देश की आजादी के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले क्रांतिकारियों का स्मरण पूरा देश कर रहा है। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों से आहवाहन किया कि 13 से 15 अगस्त 2022 तक ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत सभी अपने घरों में तिरंगा लगायें। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी 25 साल देश का अमृत काल होगा। भारत की स्वतंत्रता के लिए अपना अहम योगदान देने वाले हमारे क्रान्तिकारियों एवं स्वतंत्रता सेनानियों की वीर गाथाएं हमारी युवा पीढ़ी को प्रेरणा देती रहेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे नौनिहाल देश का भविष्य हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 2025 में उत्तराखण्ड राज्य स्थापना की रजत जयंती मनायेगा। तब तक उत्तराखण्ड हर क्षेत्र में देश के श्रेष्ठ राज्यों में शामिल हो इस दिशा में राज्य सरकार प्रयासरत है। सभी विभागों का प्रदेश के समग्र विकास के लिए 10 साल का रोडमैप बनाने एवं 03 साल में कौन से महत्वपूर्ण कार्य धरातल पर कर सकते हैं, लक्ष्य दिया गया है। विकल्प रहित संकल्प के साथ राज्य सरकार आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि तिरंगा हमारा मान, सम्मान एवं स्वाभिमान है। उन्होंने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान को आज से 15 अगस्त तक व्यापक स्तर पर चलाया जाय।
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि आज ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत देहरादून की धरती पर हजारों लोगों द्वारा तिरंगा यात्रा में प्रतिभाग किया जा रहा है। 13 अगस्त से 15 अगस्त तक ‘हर घर तिरंगा’ लगे इसके लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
इस अवसर पर विधायक खजान दास, मेयर सुनील उनियाल गामा, डीजीपी अशोक कुमार, जिलाधिकारी देहरादून सोनिका, एस.एस.पी दलीप सिंह कुंवर, शिक्षा महानिदेशक वंशीधर तिवारी आदि उपस्थित थे।

नीति आयोग की बैठक में प्रतिभाग करने से पहले सीएम ने ली विभागवार बैठक

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आगामी 7 अगस्त को नई दिल्ली में आयोजित नीति आयोग की शासी परिषद् की सातवी बैठक में प्रतिभाग करेंगे। मुख्यमंत्री बैठक से सम्बन्धित एजेंडा बिन्दुओं के अतिरिक्त राज्य हित से जुड़ी विभिन्न योजनाओं एवं विषयों पर विचार रखेंगे।
नीति आयोग की बैठक के एजेन्डा बिन्दुओं में फसल विविधिकरण एवं दलहन व तिलहन उत्पादन में आत्म निर्भरता विद्यालयी शिक्षा एवं उच्च शिक्षा में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का क्रियान्वयन तथा शहरी प्रशासन से सम्बन्धित योजनाओं का क्रियान्वयन शामिल है।
बुधवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नीति आयोग के समक्ष रखे जाने वाले विषयों पर एजेन्डा से सम्बन्धित विभिन्न विषयों पर विभागरवार चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग द्वारा निर्धारित नीतियां एवं केन्द्र पोषित योजनाये देश के सभी राज्यों के दृष्टिगत समान रूप से बनायी जाती है। इसमें हिमालयी राज्यों के लिये उनकी पारास्थितिकी एवं भौगोलिक दृष्टि का भी ध्यान में रखते हुए अलग नीति बनाये जाने पर ध्यान देने की उन्होंने जरूरत बतायी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का भगवान केदारनाथ के साथ ही राज्य के अन्य धामों के प्रति विशेष आस्था है। गत वर्ष अपनी केदारनाथ यात्रा के दौरान उन्होंने 21वी शदी के इस तीसरे दशक को उत्तराखण्ड का दशक बताया था। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य के विकास का रोड मेप तैयार किया गया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष चारधाम यात्रा में 30 लाख से अधिक श्रद्धालु अब तक आ चुके हैं। तीर्थ यात्रियों एवं पर्यटकों की आवाजाही भविष्य में और बढ़ेगी, इसके लिये यात्रा मार्ग से जुड़े प्रमुख स्थलों की अवस्थापना सुविधाओं के विकास सुव्यवस्थित यातायात के लिये टनल पार्किंग की योजना राज्य हित में जरूरी है। इससे भविष्य की चुनौतियों का बेहतर ढ़ंग से सामना किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त आपदा की दृष्टि से भी राज्य की संवेदनशीलता, पर्यावरण की दृष्टि से राज्य की इकोलॉजी के साथ इकोनामी को बढ़ावा देने के प्रयासों से सम्बन्धित बिन्दुओं पर भी मुख्यमंत्री बैठक में अपना पक्ष रखेंगे।
बैठक में मुख्य सचिव डॉ. एस.एस.सन्धू, अपर मुख्य सचिव आनन्द वर्द्धन, सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम, शैलेश बगोली, एसएन पाण्डे, विनोद कुमार सुमन, महानिदेशक यूकास्ट प्रो0 दुर्गेश पन्त आदि उपस्थित रहे।

राज्य के राजस्व संसाधनों में वृद्धि के लिये किये जाएं समेकित प्रयास-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में राज्य के आय के संसाधनों को बढ़ावा देने के साथ ही निवेश की संभावनाओं के संबंध में शासन के उच्चाधिकारियों के साथ समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि राज्य में जीएसटी कर संग्रह बढ़ाने के साथ राज्य के राजस्व संसाधनों में वृद्धि के लिये समेकित प्रयास किये जाएं उन्होंने इस सम्बन्ध में हिमाचल सहित अन्य पर्वतीय राज्यों द्वारा अपनायी जा रही व्यवस्थाओं का अध्ययन करने पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने कर चोरी रोकने के लिये प्रभावी तंत्र विकसित करने पर ध्यान दिये जाने पर बल देते हुए राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं के लाभार्थियों को आधार कार्ड से जोड़ने की व्यवस्था करने पर ध्यान देने को कहा। उन्होंने जेम के माध्यम से प्रोक्योरमेंट किये जाने तथा सिंगल विंडो सिस्टम का व्यापक प्रचार-प्रसार करने एवं लैंड बैंक की स्थापना के लिये प्रभावी कार्य योजना तैयार किये जाने के निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जीएसटी में सेक्टरवार बढ़ोतरी हो इसके प्रयास किये जाएं, अधिक से अधिक लोग रिटर्न भरने के लिये प्रेरित हो तथा सभी लोग क्रय सामग्री की रसीद लेने की आदत डाल सकें, इसके लिये ग्राहक प्रोत्साहन योजना की व्यवस्था बनाये जाने पर भी ध्यान दिये जाने की उन्होंने जरूरत बतायी। उन्होंने इंफोर्समेंट एवं इंटेलिजेंस सिस्टम की मजबूती तथा आईटी टीम की मजबूती पर भी ध्यान देने को कहा। इसके लिये आईटीडीए से भी मदद ली जा सकती है। उन्होंने कर चोरी को रोकने के लिये ऑडिट विंग को भी प्रभावी बनाये जाने के निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर कार्य संस्कृति तथा कार्य प्रणाली में सुधारात्मक कदम उठाये जाने से सभी विभाग आय के संसाधनों को बढ़ावा देने में मददगार बन सकते हैं। इसके लिये उन्होंने राज्य हित से जुड़ी नीतियों को अमल में लाये जाने पर भी बल दिया।
मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु को सिंगल विंडो सिस्टम के प्रभावी क्रियान्वयन तथा लैण्ड बैंक की स्थापना के संबंध में कार्य योजना तैयार करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में यदि बड़ी संख्या में बड़े होटल स्थापित हो जाए तो पर्यटन व्यवसाय को बढ़ावा देने के साथ राज्य की आर्थिकी की मजबूती में यह बड़ा कदम होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का वातावरण उद्योगों के अनुकूल है, यहां श्रमिक असंतोष नहीं हैं। बेहतर कानून व्यवस्था होने के कारण राज्य में निवेश की राह प्रशस्त हो सकती है। इस दिशा में भी पहल की जानी होगी। एमएसएमई क्षेत्र के अंतर्गत उद्योगों को बढ़ावा देने के लिये उद्योग मित्र की नियमित बैठक आयोजित किये जाने की भी बात मुख्यमंत्री ने की।
इस अवसर पर मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. सन्धु, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. के सुधांशु, एल. फैनई, सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, नितेश कुमार झा, राधिका झा, सौजन्या, बी.वी.आर.सी. पुरूषोतम, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, हरि चन्द्र सेमवाल आदि उपस्थित रहे।

खिलाड़ियों को उनके सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में नेशनल खेलो मास्टर्स गेम्स की स्वर्ण और काँस्य पदक विजेता फुटबाल खिलाड़ियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी खिलाड़ियों को उनके अच्छे खेल प्रदर्शन के लिए बधाई दी। खेलो इंडिया के अंतर्गत आयोजित नेशनल खेलो मास्टर्स गेम्स का आयोजन दिल्ली के त्यागराज स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में 30 अप्रैल से 3 मई तक किया गया। जिसमे उत्तराखंड की 40 वर्ष से अधिक आयु वर्ग और 50 वर्ष आयु वर्ग की फुटबाल टीम ने प्रतिभाग किया गया था।
देहरादून फुटबॉल एकेडमी के संस्थापक एवं हेड कोच, खेलो मास्टर्स गेम्स फाउंडेशन ऑफ़ उत्तराखंड के महासचिव विरेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि खेलों क़ो बढ़ावा देने के लिए खेलों इंडिया, फिट इंडिया का अभियान युवाओं क़ो प्रेरित कर रहा है। खेलो इंडिया, फिट इंडिया अभियान के क्रम में खेलो मास्टर्स गेम्स का आयोजन किया गया, जिसमें पूर्व राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।

राज्य सरकार पुलिस कल्याण के लिए अनेकों कार्य कर रही-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को पुलिस लाईन रेस कोर्स, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए प्रशासनिक भवन, क्वार्टर गार्द एवं बैरक का शिलान्यास किया। साथ ही हीरो मोटोकॉर्प लि. द्वारा सीएसआर मद से उत्तराखण्ड पुलिस को प्रदान की गई 150 चीता मोबाइल बाइक का फ्लैग ऑफ किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रशासनिक भवन, कार्ग क्वार्टरगार्द एवं बैरक का शिलान्यास पर पुलिस प्रशासन को बधाई दी। उन्होंने कहा आज शिलान्यास के साथ ही पुलिस विभाग द्वारा की जा रही लंबे समय से एक मांग पूरी हुई है। राज्य सरकार का यह संकल्प है कि किसी भी कार्य योजना का शिलान्यास यदि हमारी सरकार में हुआ है तो उसका लोकार्पण भी हमारी सरकार में होगा। इस निर्माण कार्य के पूर्ण होते ही पुलिस जवानों को सीधे तौर पर इसका लाभ मिलेगा, अच्छे रहन-सहन के साथ अच्छी सेवाएं हमारे जवान इस राज्य को दें ऐसी अपेक्षा करता हूं। इस पुलिस लाईन के कार्मिकों के लिए काफी महत्वपूर्ण एवं सुविधायुक्त होगा। उन्होंने कार्यदायी संस्था व पुलिस विभाग से कहा कि नवीन आधुनिक भवन समस्त आधारभूत सुविधाओं से युक्त होना चाहिए। उन्होंने निर्माण के दौरान गुणवत्ता को लेकर विशेष तौर पर ध्यान रखने की बात कही साथ ही निर्माण कार्य में किसी तरह की लापरवाही न बरती जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा की जनपद देहरादून में राज्य स्तर एवं राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम होते रहते हैं, जिसके लिए राज्य की पुलिस लाईन में उच्च कोटि के प्रशासनिक भवन की आवश्यकता होती है, राज्य में कानून व्यवस्था बनाये रखने हेतु अत्यधिक पुलिस बल एवं पीएसी व्यवस्थापन होने के कारण पुलिस लाइन, देहरादून में पुलिस बल का अत्यधिक दबाव बना रहता है, जिसके लिए अतिरिक्त बैरक के निर्माण किया जाना आवश्यक है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कोरोना काल के दौरान पुलिस द्वारा किए गए कार्यों की जितनी सराहना की जाए उतनी कम है। वर्तमान में चल रही चार धाम यात्रा में पुलिस प्रशासन की अहम भूमिका है। पुलिस पूर्ण रूप से अपना सहयोग दे रही है, साथ ही मसूरी, नैनीताल जैसे पर्यटक स्थल जहां भारी संख्या में लोग आते हैं वहां पर कानून व्यवस्था बनाए रखने का काम पुलिस बखूबी निभाती है।
इस दौरान सरकार द्वारा पुलिस कल्याण हेतु किए गए विभिन्न कार्यों के बारे में अवगत करवाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड पुलिस के आधुनिकीकरण हेतु भारत सरकार के गृहमंत्री जी के द्वारा आकस्मिकता निधि के अन्तर्गत केन्द्र सरकार की ओर से रू0 5 करोड़ की धनराशि स्वीकृत करायी गयी है। वाहनों के क्रय हेतु भी रू0 3 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गयी है। चीता पुलिस को आधुनिक बनाने हेतु लगभग रू० 3 करोड़ के स्मॉल आर्मस् क्रय किये गये है। कोविड के दौरान सरकार द्वारा फ्रन्ट लाईन वॉरियर होने के कारण प्रत्येक पुलिस कर्मी को रू 10 हजार प्रोत्साहन राशि प्रदान किया गया। कर्मचारियों के कल्याण हेतु रू0 2.5 करोड़ का भी बजट में प्रावधान किया गया है। अपराधियों को दण्डित/गिरफ्तारी हेतु भी पुलिस कर्मियों को दिये जाने वाले पुरस्कार की धनराशि में भी बढ़ोतरी की गयी है। उत्तराखण्ड पुलिस विभाग में नियुक्त हेड कानि० / कानि० एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मियों को वर्दी किट के स्थान पर क्रमशः रू. 2250 व रू. 1500 प्रति वर्ष वर्दी भत्ता स्वीकृत किया गया है। जिसमें शीघ्र ही और वृद्धि की जाएगी। उन्होंने कहा जीवन रक्षक निधि के अन्तर्गत 10 सेवारत पुलिस कार्मिकों एवं उनके आश्रित सदस्यों को उपचार हेतु रु 30.40 लाख अग्रिम धनराशि स्वीकृत की गई। पुलिस शहीद कोष के अन्तर्गत कुल 14 मृतक पुलिस कर्मियों के आश्रितों को रु० 1-1 लाख की तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान की गई।
मुख्यमंत्री ने पुलिस कार्मिकों की पदोन्नति एवं भर्ती कार्य के संबंध में अवगत करवाया की मृतक आश्रित में 13 अभ्यर्थियों को सेवायोजन प्रदान किया गया। मुख्य आरक्षी ना०पु०/अभिसूचना/पीएसी/स०पु० के रिक्त 723 पदों पर विभागीय पदोन्नति परीक्षा के माध्यम से चयन किया गया है। पुलिस लिपिक संवर्ग के कार्मिकों को पदोन्नति प्रदान की गयी है। उप निरीक्षक ना०पु०/अभिसूचना/पीएसी एवं फायर सर्विस द्वितीय अधिकारी के 221 पदों पर सीधी भर्ती हेतु विज्ञप्ति जारी की गयी। इसके साथ ही उत्तराखण्ड के बेरोजगार युवाओं को रोजगार प्रदान करने के दृष्टिगत आरक्षी ना०पु०/अभिसूचना/पीएसी/फायर सर्विस के 1521 पदों पर सीधी भर्ती हेतु विज्ञप्ति जारी की गयी तथा इस हेतु 17 भर्ती केन्द्रों पर शारीरिक दक्षता परीक्षा की कार्यवाही प्रचलित है। उन्होंने बताया मुख्य आरक्षी, पुलिस दूरसंचार के रिक्त 272 पदों पर सीधी भर्ती हेतु की गयी विज्ञप्ति पर लिखित परीक्षा इस माह जुलाई-2022 में प्रस्तावित है। इन सभी परीक्षाओं के आयोजन का दायित्व उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को दिया गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारी सरकार प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप उत्तराखण्ड पुलिस को स्मार्ट पुलिस बनाने की ओर अग्रसर है। पुलिस को ज्यादा सख्त एवं संवेदनशील, तकनीकी एवं सचल, सतर्क एवं जवाबदेह, विश्वसनीय एवं प्रतिक्रियाशील, तकनीकी रूप से कुशल एवं दक्ष बनाना चाहती है, इसके लिए सरकार द्वारा यथासंभव प्रयास किये जा रहें हैं। इस दौरान उन्होंने भविष्य में निर्माणाधीन बहुद्देशीय कार्यालय भवन के एलिवेशन को पर्वतीय वास्तुशिल्प के अनुसार बनाया जाने की बात कही।
अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि उत्तराखंड मित्र पुलिस निरंतर आगे बढ़े इसके लिए सरकार कंधे से कंधा मिलाकर पुलिस प्रशासन के साथ खड़ी है उन्होंने कहा जनता एवं पुलिस अधिकारियों के बीच दूरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा पुलिस का व्यवहार ही समाज में सरकार के व्यवहार को दर्शाता है। उन्होंने पुलिस सेवा के दौरान सरल, मिलनसार एवं मित्रता का भाव अपनाने की बात कही।
डीजीपी अशोक कुमार ने कहा कि आने वाले समय में इस तरह के प्रशासनिक भवन को उत्तराखंड शैली में विकसित किया जाएगा उन्होंने कहा पौड़ी चमोली एवं पिथौरागढ़ में भी जवानों की सुविधा अनुसार भवनों को अपग्रेड करने की योजना बनाई जा रही है। इस दौरान उन्होंने अवगत करवाया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों अनुसार बाहरी लोगों का सत्यापन उत्तराखंड पुलिस द्वारा बड़े स्तर पर जारी है एवं शहरों में लगे अवैध लाउडस्पीकर जिनसे ध्वनि प्रदूषण को बढ़ावा मिलता है ऐसे अवैध स्पीकर को हटाने का कार्य भी जारी है। उन्होंने कहा उत्तराखंड पुलिस को देश की सर्वश्रेष्ठ पुलिस बनाने हेतु हम सरकार से समन्वय बनाकर लगातार कार्य कर रहे हैं।

देश के विकास में मिशन कर्मयोगी का रहेगा विशेष योगदान-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी में आयोजित अमृत महोत्सव डिजिटल प्रदर्शनी एवं आजादी का अमृत महोत्सव सेमिनार का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की एवं परिसर में 22 राज्यों द्वारा लगाए गए हस्तकला स्टालों का अवलोकन किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन व प्रेरणा से “मिशन कर्मयोगी“ के अन्तर्गत एवं संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के साथ समृद्ध भारतीय संस्कृति की व्यापक स्तर पर प्रचारित-प्रसारित करने हेतु डिजिटल प्रदर्शनी के माध्यम से एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। उन्होंने प्रशिक्षुओं को सौभाग्यशाली बताते हुए कहा कि आप लोग “आजादी का अमृत महोत्सव“ वर्ष में प्रशिक्षण प्राप्त कर “मिशन कर्मयोगी“ के तहत अपना काम शुरू करेंगे। उन्होंने कहा आगामी 25 वर्ष में यह देश जितना विकास करेगा, उसमें बहुत बड़ी भूमिका आप सभी अधिकारियों की होगी। भारतीय सिविल सेवकों को और भी अधिक रचनात्मक, सृजनात्मक, विचारशील, नवाचारी, अधिक क्रियाशील, प्रगतिशील, ऊर्जावान, सक्षम, पारदर्शी और प्रौद्योगिकी समर्थ बनाते हुए भविष्य के लिए तैयार करना “मिशन कर्मयोगी“ का मुख्य लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आजादी के 75 वर्ष पूर्ण होने पर हम आज उत्सव मना रहे हैं, जिसे प्रधानमंत्री ने आजादी का अमृत महोत्सव नाम दिया गया है। उन्होंने कहा यह समय ना केवल इस देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर बलिदानियों को नमन करने का है बल्कि उनके सपनों को साकार करने का भी है। उन्होंने सभी स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हुए कहा की हम और हमारी आने वाली पीढ़ियां उनके द्वारा किए संघर्ष की सदा सर्वदा ऋणी रहेंगी। उन्होंने कहा आजादी का यह अमृत महोत्सव ना केवल उनके द्वारा किए गए त्याग को पुनः स्मरण करने का अवसर है बल्कि उनके सपनों को याद करते हुए नवीन संकल्पों को लेने का भी अवसर है। उन्होंने प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी भारत के जन-जन को कर्तव्य के लिए जागरूक करके, इस देश में बहुत बड़ा बदलाव ला सकते है। उन्होंने कहा आप सभी को इस देश के अलग अलग हिस्सों में जाकर कर्तव्य भावना का विस्तार करना है, जन-जन में कर्तव्य बोध जागृत करना है। फल या लाभ की चिंता किए बिना कर्म को कर्तव्य भाव से, सेवा भाव से करने में ही आंतरिक शांति मिलती है। बिना फल की अपेक्षा किए, ईमानदारी से अपना कर्तव्य निभाओ, इसमें यह भाव छिपा है कि यदि आप फल की इच्छा को केंद्र में रख कर किसी कर्तव्य का वहन करेंगे तो कहीं ना कहीं आप पर एक अवांछित दबाव बना रहेगा। सामाजिक लक्ष्य की प्राप्ति के लिए दो महत्वपूर्ण कारक होते हैं, पहला नेतृत्व कौशल और दूसरा कुशल प्रबंधन।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम अपनी सनातन संस्कृति और भारत की पुरातन पद्धतियों का उचित अध्ययन करें तो ऐसी कोई समस्या नहीं है जिसका समाधान हमारे पूर्वजों ने नहीं सुझाया है। हमारी समृद्ध संपदाओं के आधार पर तय की गई नीतियों के कारण ही आज विश्व भारत की ओर आशा भरी दृष्टि से देख रहा है। उन्होंने कहा आदरणीय प्रधानमंत्री जी का भी कथन है कि अमृतकाल के इस दौर में हमें रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म को अगले स्तर पर लेकर जाना है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश के विभिन्न क्षेत्रों की कार्यशैली में बदलाव आया है। उन्होंने कहा आज प्रत्येक योजनाएं जमीनी स्तर पर लागू हो रही हैं एवं प्रत्येक वर्ग के ध्यान में रखकर योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक सरकार पहुंचे इसके लिए कई कार्य किए गए हैं। उन्होंने कहा हम उत्तराखंड में निरंतर गुड गवर्नेंस पर फोकस कर रहे हैं और जन सरोकारी कार्यक्रमों को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा आज भी मैं अपने को विद्यार्थी मानता हूं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमने सरलीकरण, समाधान, निस्तारीकरण एवं संतुष्टि को अपनी कार्यपद्धति का सिद्धांत बनाया है और इसी मूल मंत्र को आधार बना कर जनसमस्याओं को सुलझाया जा रहा है। उन्होंने कहा आप सभी भी आने वाले समय में सरलीकरण, समाधान, निस्तारीकरण मंत्र के साथ जन सेवा करेंगे ऐसी मैं अपेक्षा करता हूं। उन्होंने कहा हम उत्तराखंड के सतत और सर्वांगीण विकास का विकल्प रहित संकल्प लेकर आगे बढ़ रहे हैं और अपने इस संकल्प को हम समयबद्ध अवधि में निश्चित ही सिद्ध कर के दिखाएंगे। उन्होंने कहा हमारा राज्य जब अपने 25वें वर्ष में प्रवेश करेगा अर्थात रजत जयंती मनाएगा, तब यह राज्य देश के श्रेष्ठ राज्य में होगा।
सचिव गोविंद मोहन ने अपने संबोधन में कहा कि हमारा उद्देश्य वर्तमान परिस्थितियों के विकास के साथ ही अपने महान वीरों के बलिदान को याद करना भी है। उन्होंने कहा विभिन्न परिस्थितियों के बावजूद हमारे देश ने विकास के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। जो कुछ हमने हासिल किया है वह सराहनीय कार्य है। उन्होंने अगले 25 वर्ष को भारत का अमृत काल बताया। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विजन अनुसार देश में 50,000 से ज्यादा कार्यक्रम आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत किए गए हैं एवं प्रत्येक 30 मिनट में एक कार्यक्रम देश में आयोजित किया जा रहा है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी के निदेशक श्रीनिवास कटिकितला, संयुक्त निदेशिका राधिका रस्तोगी, लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी के फैकल्टी मेम्बर्स एवं भारतीय प्रशासनिक सेवा व रॉयल भूटान सिविल सर्विसेज के 2020 व 2021 बैच के प्रशिक्षु अधिकारीगण एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

सीएम ने श्री बदरीनाथ धाम में मास्टर प्लान के तहत संचालित कार्यो का निरीक्षण किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को श्री बदरीनाथ पहुंचकर मास्टर प्लान के तहत संचालित कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को मास्टर प्लान के तहत संचालित कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। कहा कि निर्माण कार्याे को गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ पूरा किया जाए। इस दौरान सीएम ने रिवर फ्रंट डेवलपमेंट, एराइवल प्लाजा, झीलों का सौंदर्यीकरण, अस्पताल का विस्तारीकरण, लूप रोड व बीआरओ बाईपास निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया और निर्माण कार्याे की प्रगति पर संतुष्टि व्यक्त की। जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने मुख्यमंत्री को मास्टर प्लान के तहत प्रथम चरण में संचालित कार्याे की प्रगति से अवगत कराया।
पत्रकारों से वार्ता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के चारों धामों में हर साल श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है। तीर्थयात्रियों की यात्रा सुगम हो, इसके लिए सरकार संकल्पबद्ध है। कहा कि प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत बद्रीनाथ धाम में भी तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए ढांचागत विकास कार्य किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों के सहयोग से बद्रीनाथ धाम में विकास कार्य किए जाएंगे। मास्टर प्लान के तहत स्ट्रीट स्कैपिंग, क्यू मैनेजमेंट, मंदिर एवं घाट सौंदर्यीकरण, तालाबों का सौंदर्यीकरण, बद्रीश वन, पार्किंग फैसिलिटी, सड़क एवं रिवर फ्रंट डेवलपमेंट आदि निर्माण कार्य चरणबद्ध ढंग से किए जाएंगे और बदरीनाथ मंदिर के चारों ओर श्रद्धालुओं के आवागमन की सुविधाओं को बेहतर बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट केदारनाथ धाम की तर्ज पर बद्रीनाथ धाम को भी विकसित करने हेतु मास्टर प्लान के तहत चरणबद्ध ढंग से बुनियादी ढांचे का विकास किया जा रहा है। जिसमें पहले चरण का कार्य चल रहा है।
मुख्यमंत्री ने बद्रीनाथ मंदिर पहुंचकर भगवान श्री बद्रीनाथ की विशेष पूजा अर्चना करते हुए देश और प्रदेश की खुशहाली की कामना भी की। बद्रीनाथ धाम में तीर्थयात्रियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने यात्रा व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी हिमांशु खुराना, पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे, एडीएम आशीष त्रिपाठी, एसडीएम कुमकुम जोशी, सीओ धन सिंह तोमर, सीओ नताशा सिंह, सहकारी बैंक अध्यक्ष गजेंद्र रावत, मंदिर समिति के उपाध्यक्ष किशोर पंवार सहित मास्टर प्लान से संबंधित जिला स्तरीय विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री राज्य कृषि किसान योजना के तहत कीवी को बढ़ावा देने के लिये 18 करोड़ स्वीकृत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को सर्वे स्टेडियम, हाथीबड़कला में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 8 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित गरीब कल्याण सम्मेलन को सम्बोधित किया। इस कार्यक्रम में आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में ग्राम्य विकास, उद्यान, कृषि विभाग से सम्बन्धित योजनाओं एवं कार्यक्रमों के 30 स्टॉल लगाये जाने के साथ ही बड़ी संख्या में लाभार्थी एवं स्थानीय जनता उपस्थित रही।
मुख्यमंत्री ने उद्यान विभाग में संचालित एप्पल मिशन योजना के अंतर्गत रु 6 करोड़ धनराशि को बढ़ाकर 12 करोड़ किए जाने एवं राज्य में कीवी के बढ़ावा देने हेतु मुख्यमंत्री राज्य कृषि विकास योजना के लिये रु 18 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किए जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड को आदर्श, श्रेष्ठ एवं आत्मनिर्भर बनाने का हमारा लक्ष्य है। इसके लिए राज्य के विकास का आगामी 10 सालों का रोड मैप तैयार किया जा रहा है। राज्य के बजट को तैयार करने में आम जनता की भी राय ली गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में बीते 8 सालों के कार्यकाल में हमारी सरकार सबका साथ सबका विकास और सबका विश्वास के मंत्र के साथ आगे बढ़ी है। आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत हो रहे विभिन्न कार्यक्रमों से देश के भविष्य एवं विकास का लक्ष्य स्पष्ट नजर आता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश के विभिन्न क्षेत्रों की कार्यशैली में बदलाव आया है। आज प्रत्येक योजनाएं जमीनी स्तर पर लागू हो रही हैं एवं प्रत्येक वर्ग के ध्यान में रखकर योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। समाज का प्रत्येक वर्ग सरकारी योजनाओं एवं विकास से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के सिद्धांतों पर अमल कर समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक सरकार पहुंचे इसके लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लगातार कार्य किया जा रहा है। बिना किसी भेदभाव, तुष्टिकरण व सौदेबाजी के सबको विकास का लाभ पहुंचाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जवला योजना से गरीबों को मुफ्त में रसोई गैस सिलेंडर देने का कार्य किया है। अबतक देश में 09 करोड़ लोगों को इस योजना से लाभान्वित किया गया है। उन्होंने कहा देश ही नहीं अपितु विश्व की सबसे बड़ी आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत प्रत्येक नागरिक को 5 लाख तक का मुफ्त में इलाज करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसी मरीज को अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना का लाभ न देने पर संबंधित अस्पतालों पर कार्रवाई की जाएगी। राज्य में अब तक 5.50 लाख लोगों को इस योजना का लाभ दिया जा चुका है। प्रदेश में लोगों का शत् प्रतिशत वैक्सीनेशन किया जा चुका है। बच्चों को वैक्सीन लगाये जाने का कार्य भी शुरू कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल में कोई परिवार भूखा न रहे इसके लिए प्रधानमंत्री के नेतृत्व में 80 करोड लोगों को मुफ्त में राशन देने का कार्य किया गया। कोरोना महामारी जैसे संकट में भी देश का विकास नहीं रुका एवं विकास की योजनाएं निरंतर चलती रही। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत प्रत्येक घर में नल एवं नल में जल पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा 2024 तक प्रत्येक घर में नल पहुंचे इसके लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया, जैसी तमाम योजनाओं ने भारत का मान सम्मान बढ़ाया है। उन्होने कहा कि हमारी सरकार सरलीकरण, समाधान और निस्तारण के मूलमंत्र पर काम कर रही है साथ ही सचिवालय में सोमवार को छव् डम्म्ज्प्छळ क्।ल् की व्यवस्था की गई है। ताकि अधिकारी जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुने एवं उस पर कार्य करें। जनपदों में अधिकारियों को 10 से 12 बजे तक जनता की समस्यायें सुनने के निर्देश दिये गये है ताकि जनपदों की समस्या लेकर लोगों को देहरादून न आना पड़े।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने जो संकल्प लिए हैं उन्हें पूरा किया जा रहा है। भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। हमारी सरकार ने भ्रष्टाचार की शिकायत हेतु हेल्पलाइन नम्बर 1064 जारी किया है। मुख्यमंत्री ने जनता से भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने की अपील करते हुए कहा की भ्रष्टाचार की शिकायत करने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने श्री केदारनाथ की भूमि पर कहा कि 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखण्ड का दशक होगा। उत्तराखंड के समग्र विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार से भी राज्य को हर क्षेत्र में पूरा सहयोग मिल रहा है। राज्य में इस वर्ष चारधाम यात्रा शुरू होने से अब तक 20 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने चारधाम यात्रा की है।
केबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने मुख्यमंत्री को चंपावत में ऐतिहासिक जीत पर शुभकामना दी। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री ने देश के किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य लगा है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य के अंतर्गत किसानों का विकास हो रहा है। राज्य के विकास हेतु विकास का रोड़मैप तैयार जिसका परिणाम जल्द दिखाई देंगे ।
इस दौरान केबिनेट मंत्री प्रेमचंद्र अग्रवाल, सांसद नरेश बंसल, विधायक विनोद चमोली, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल गोयल के साथ ही शासन एवं जिला प्रशासन के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रीय जनता एवं लाभार्थी उपस्थित रहे।