मुख्यमंत्री ने प्रदेश की प्रगति एवं खुशहाली के साथ ही आगामी कुंभ मेले के सफल आयोजन की कामना की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कनखल-हरिद्वार में दक्षेश्वर महादेव मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना करने के साथ ही सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी मंदिर के भी दर्शन किए। मुख्यमंत्री ने दक्षेश्वर महादेव मंदिर में दुग्धाभिषेक एवं पूजा-अर्चना कर प्रदेश की प्रगति एवं खुशहाली के साथ ही आगामी कुंभ मेले को दिव्य, भव्य ढंग से आयोजित करने की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न अखाड़ों के पदाधिकारियों एवं साधु-संतो से भेंटकर उनका आशीर्वाद लिया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वर्ष 2027 में हरिद्वार में कुंभ मेला का आयोजन प्रदेश के लिए बहुत बड़ा सुअवसर है। देश व दुनिया में कुंभ मेला एवं कुंभ नगरी हरिद्वार का अत्यधिक महत्वपूर्ण स्थान है। राज्य सरकार कुंभ मेला के दिव्य एवं भव्य आयोजन के लिए ठोस कार्य कर रही है। कुंभ मेला क्षेत्र को विस्तार देने तथा मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा, सुगमता और सुरक्षा को लेकर प्रभावी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही है। ताकि देश-दुनिया से आने वोल लोग यहां से बेहतर अनुभव लेकर लौट सकें। मुख्यमंत्री ने साधु-संतो से प्रदेश सरकार को मिल रहे आशीर्वाद के लिए आभार व्यक्त करते हुए आगामी कुंभ मेले को सफलतापूर्वक आयोजित करने हेतु सांधु-संतों और स्थानीय लोगों से निरंतर समर्थन व सहयोग बनाए रखने का आग्रह किया।
इस अवसर पर श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव महंत रवींद्र पुरी ने संस्कृति के संरक्षण के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना करते हुए कहा कि दिव्य एवं भव्य कुंभ आयोजन के लिए संत समाज द्वारा राज्य सरकार को पूर्ण सहयोग दिया जाएगा।
इस अवसर पर अखाड़ा परिषद के महामंत्री महंत राजेंद्र दास, दिगंबर अखाड़े के वैष्णो दास, निर्वाणी अखाड़े के श्रीमहंत मुरलीदास, निर्मल अखाड़े के कोठारी जसविंदर सिंह, बड़ा उदासीन अखाड़े के राघवेंद्र दास, नया अखाड़े से जगतार मुनि, अटल अखाड़े के सत्य गिरी, मनोज गिरी सहित अनेक साधु-संत मौजूद रहे।
इसके पश्चात मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कनखल स्थित सिद्ध पीठ हनुमानगढ़ी मंदिर के दर्शन कर विशेष पूजा-अर्चना की।
इस दौरान विधायक हरिद्वार मदन कौशिक, रानीपुर विधायक आदेश चौहान, रुड़की विधायक प्रदीप बत्रा, पूर्व विधायक स्वामी यतीश्वरानंद, संजय गुप्ता, संजय गुप्ता, भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, दायित्वधारी सुनील सैनी, ओमप्रकाश जमदग्नि, जयपाल सिंह चौहान, जिला उपाध्यक्ष लव शर्मा, आशु चौधरी, आयुक्त गढ़वाल मंडल विनय शंकर पांडेय, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोभाल सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

विशेष पूंजी निवेश सहायता योजना के तहत उत्तराखंड को बड़ा वित्तीय सहयोग

केंद्र सरकार ने उत्तराखंड राज्य को विशेष पूंजी निवेश सहायता योजना 2025-26 के अंतर्गत ₹249.56 करोड़ की दूसरी किस्त जारी कर दी है। यह राशि भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग द्वारा राज्य सरकार को प्रदान की गई है। इस सहायता से राज्य में विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओं को और अधिक गति मिलने की उम्मीद है।

इस संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “*यह वित्तीय सहायता उत्तराखंड के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने, जनोपयोगी विकास कार्यों को आगे बढ़ाने तथा रोजगार के नए अवसर सृजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का यह सहयोग राज्य के आर्थिक सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।*

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार केंद्र और राज्य के समन्वय से प्रदेश के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्राप्त धनराशि का उपयोग पूंजीगत परियोजनाओं, जैसे सड़क, पुल, शहरी एवं ग्रामीण अधोसंरचना, पेयजल, ऊर्जा और अन्य विकास कार्यों में पारदर्शी, प्रभावी और समयबद्ध तरीके से किया जाएगा, ताकि आम जनता को इसका सीधा लाभ मिल सके।

मुख्यमंत्री धामी ने यह भी कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि सभी परियोजनाएं गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूर्ण हों और उनके क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की देरी न हो। उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं के माध्यम से न केवल प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों को बल मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

गौरतलब है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक केंद्र सरकार द्वारा उत्तराखंड को कुल ₹847.49 करोड़ की सहायता ऋण स्वरूप प्रदान की जा चुकी है। इस वित्तीय सहयोग से राज्य में विभिन्न विकासात्मक योजनाओं और परियोजनाओं को नई गति मिली है, जिससे उत्तराखंड के संतुलित, समावेशी और सतत विकास को मजबूती मिलेगी।

अटल जी का संपूर्ण जीवन राष्ट्रभक्ति, लोकतांत्रिक मर्यादाओं एवं मानवीय मूल्यों का जीवंत प्रतीक रहा: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आंध्रप्रदेश के अन्नामय्या जिले के मदनपल्ली में भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘अटल-मोदी सुशासन यात्रा’ में प्रतिभाग किया और जनसभा को संबोधित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी के जन्मशताब्दी वर्ष के पावन अवसर पर आंध्रप्रदेश भाजपा द्वारा आयोजित इस यात्रा में उपस्थित होकर वह स्वयं को गौरवान्वित अनुभव कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि श्रद्धेय अटल जी का संपूर्ण जीवन राष्ट्रभक्ति, लोकतांत्रिक मर्यादाओं एवं मानवीय मूल्यों का जीवंत प्रतीक रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल जी के नेतृत्व में भारत ने पोखरण परमाणु परीक्षण, स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना, ग्राम सड़क योजना और दूरसंचार क्रांति जैसी अनेक उपलब्धियाँ हासिल कीं। देश में गठबंधन सरकार का सफल कार्यकाल पूरा कर उन्होंने यह साबित किया कि जब उद्देश्य राष्ट्र की प्रगति हो, तो सभी दल एकजुट होकर कार्य कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल जी की प्रेरणा से आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण की दिशा में निरंतर नई ऊँचाइयों को प्राप्त कर रहा है। उन्होंने कहा कि ‘स्टार्टअप इंडिया’, ‘मेक इन इंडिया’, ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ जैसी योजनाओं के माध्यम से भारत आत्मनिर्भरता की दिशा में सशक्त रूप से आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि आज भारत विश्व की एक अग्रणी आर्थिक शक्ति बनने के साथ-साथ रक्षा, अंतरिक्ष और अवसंरचना के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है। मोदी सरकार के कार्यकाल में देश के 99 प्रतिशत गांव सड़कों से जुड़ चुके हैं, जबकि स्वास्थ्य, शिक्षा और परिवहन क्षेत्र में भी ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिले हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सनातन संस्कृति और धार्मिक धरोहरों के संरक्षण हेतु अभूतपूर्व कार्य हो रहे हैं — अयोध्या में श्रीराम मंदिर, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, उज्जैन में महाकाल लोक तथा बद्रीनाथ व केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण इसके उदाहरण हैं।

उन्होंने कहा कि कश्मीर से अनुच्छेद 370 की समाप्ति, ट्रिपल तलाक उन्मूलन, नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) और वक्फ संशोधन जैसे ऐतिहासिक निर्णयों से ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को सशक्त आधार मिला है।

मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर आंध्रप्रदेश में मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व में चल रहे विकास कार्यों की सराहना की और कहा कि पोलावरम परियोजना, औद्योगिक शहरों, नाइट विज़न फैक्ट्री, सेमीकंडक्टर इकाई आदि के माध्यम से राज्य विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है।

उन्होंने कहा कि श्रद्धेय अटल जी की प्रेरणा से ही उत्तराखंड राज्य का निर्माण संभव हुआ और आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड शिक्षा, स्वास्थ्य, स्टार्टअप, रोजगार और सुशासन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बन चुका है। राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करना, धर्मांतरण विरोधी कानून तथा लैंड जिहाद के विरुद्ध कड़े कदम इसी दिशा में उठाए गए हैं।

पीआर विजन 2047 विकसित भारत के निर्माण में निभाएगा अहम भूमिका:धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज देहरादून में आयोजित 47वीं ऑल इंडिया पब्लिक रिलेशन कॉन्फ्रेंस–2025 में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्वलन कर सम्मेलन का शुभारंभ किया तथा कॉन्फ्रेंस स्थल पर आयोजित फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन करने के साथ ही विभिन्न हस्तशिल्प उत्पादों के स्टॉल का निरीक्षण कर स्थानीय कला एवं शिल्प को प्रोत्साहन दिया।

देहरादून 13 से 15 दिसंबर तक 47वीं ऑल इंडिया पब्लिक रिलेशंस कॉन्फ्रेंस की मेज़बानी कर रहा है, जिसमें देशभर के जनसंपर्क एवं कम्युनिकेशन प्रोफेशनल्स भाग ले रहे हैं। पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी ऑफ इंडिया (PRSI) द्वारा आयोजित यह सम्मेलन “विकसित भारत @2047: विकास भी, विरासत भी” थीम पर केंद्रित है।

सम्मेलन का उद्घाटन आज 13 दिसंबर को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया। तीन दिवसीय आयोजन में उत्तराखंड की 25 वर्ष की विकास यात्रा, मीडिया व जनसंपर्क की भूमिका, तकनीक, GST, AI, साइबर क्राइम, मिसइन्फॉर्मेशन और अंतरराष्ट्रीय जनसंपर्क जैसे विषयों पर विशेषज्ञ सत्र आयोजित होंगे। रूस से आए प्रतिनिधियों की सहभागिता सम्मेलन को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप देगी। 15 दिसंबर को सम्मेलन का समापन होगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने देशभर से आए जनसंपर्क विशेषज्ञों, प्रतिनिधियों एवं युवा प्रतिभाओं का स्वागत करते हुए कहा कि इस वर्ष की थीम “पीआर विजन फॉर–2047” विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में अत्यंत प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि आज के समय में पब्लिक रिलेशन केवल सूचना संप्रेषण का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण और प्रभावी अंग बन चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में, जहाँ एक ओर सूचना की प्रचुरता है, वहीं दूसरी ओर गलत सूचना की चुनौती भी गंभीर है। ऐसे में सरकार और जनता के बीच सही, समयबद्ध और भरोसेमंद संवाद स्थापित करना जनसंपर्क की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड जैसे प्राकृतिक आपदाओं एवं सामरिक दृष्टि से संवेदनशील राज्य में संवाद केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि विश्वास की बुनियाद है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा प्रबंधन, सुशासन, धार्मिक एवं पर्यटन प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में भविष्य की पीआर प्रणाली को तेज, तकनीकी रूप से सक्षम और जनभावनाओं के प्रति संवेदनशील बनाना होगा, ताकि सरकार और जनता के बीच आदेश का नहीं बल्कि साझेदारी और विश्वास का संबंध स्थापित हो सके।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पब्लिक रिलेशन संकट के समय एक सक्षम कमांड सेंटर की भूमिका निभाने के साथ-साथ, देश के लिए सकारात्मक नैरेटिव गढ़ने में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड से निकला यह विजन विकसित भारत–2047 के निर्माण में सहायक सिद्ध होगा।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में राज्य की विकास यात्रा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने बताया कि राज्य की अर्थव्यवस्था का आकार वर्ष 2024–25 में लगभग 3.78 लाख करोड़ रुपये तक पहुँचने जा रहा है तथा प्रति व्यक्ति आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इसके साथ ही राज्य में बजट में अभूतपूर्व बढ़ोतरी और बेरोजगारी दर में ऐतिहासिक कमी आई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, खेल, पेयजल, हवाई एवं रेल कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में आधुनिक अवसंरचना का विकास तेज़ी से किया जा रहा है। धार्मिक पर्यटन, वेलनेस, एडवेंचर टूरिज्म, फिल्म शूटिंग एवं वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में उत्तराखंड को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में भी सरकार निरंतर प्रयासरत है।

उन्होंने बताया कि ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल परियोजना, दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेस-वे, रोपवे परियोजनाएं तथा हवाई अड्डों के विस्तार जैसे कार्य राज्य के विकास को नई गति दे रहे हैं। साथ ही शीतकालीन यात्रा की पहल के माध्यम से वर्षभर पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने निवेश, उद्योग और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के लिए किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से प्राप्त निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने में राज्य को उल्लेखनीय सफलता मिली है। सिंगल विंडो सिस्टम, नई औद्योगिक एवं स्टार्टअप नीतियों से उत्तराखंड निवेश के लिए एक उभरता हुआ केंद्र बनकर सामने आया है।

उन्होंने कहा कि “एक जनपद–दो उत्पाद”, हाउस ऑफ हिमालयाज, मिलेट मिशन, नई पर्यटन एवं फिल्म नीति जैसी योजनाएं स्थानीय आजीविका को मजबूती प्रदान कर रही हैं। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग्स में उत्तराखंड की उपलब्धियाँ राज्य के पारदर्शी, प्रभावी और जनभागीदारी आधारित शासन का प्रमाण हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक मूल्यों, जनसंख्या संतुलन और सामाजिक संरचना के संरक्षण के लिए भी पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की नीतियाँ और नवाचार आज देश के अन्य राज्यों के लिए आदर्श बन रहे हैं और विकसित भारत–2047 की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

देहरादून 13 से 15 दिसंबर तक 47वीं ऑल इंडिया पब्लिक रिलेशंस कॉन्फ्रेंस की मेज़बानी कर रहा है, जिसमें देशभर के जनसंपर्क एवं कम्युनिकेशन प्रोफेशनल्स भाग ले रहे हैं। पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी ऑफ इंडिया (PRSI) द्वारा आयोजित यह सम्मेलन “विकसित भारत @2047: विकास भी, विरासत भी” थीम पर केंद्रित है।

इस अवसर पर अपर सचिव और सूचना महानिदेशक श्री बंशीधर तिवारी को पीआरएसआई द्वारा सुशासन में उत्कृष्टता हेतु राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया गया |

कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, परमार्थ निकेतन से स्वामी चिदानंद मुनि, अपर सचिव बंशीधर तिवारी, पीआरएसआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजीत पाठक, देहरादून चैप्टर के अध्यक्ष रवि बिजारनिया, रूसी प्रतिनिधि माइकल मस्लोव, दाव्यदेंको यूलिया, अन्ना तलानीना सहित देशभर से आए जनसंपर्क कार्मिक एवं कम्युनिकेशन प्रोफेशनल्स उपस्थित रहे।

17 दिसम्बर से राज्य में 45 दिनों तक संचालित होगा जन जन की सरकार-जन जन के द्वार अभियान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर प्रदेश में 17 दिसम्बर 2025 से 45 दिनों तक ‘‘जन जन की सरकार-जन जन के द्वार’’ अभियान संचालित किया जायेगा। इस अभियान के दौरान विभिन्न न्याय पंचायतों एवं ग्राम पंचायतों में कैंम्प लगाकर आम आदमी से जुडी योजनाओं का लाभ जन सामान्य तक उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जायेगा। इस अभियान में राजस्व, ग्राम्य विकास, पंचायती राज, कृषि, समाज कल्याण सहित 23 विभाग शामिल रहेंगे। इस संबंध में सभी संबंधित विभागों को स्पष्ट दिशा-निर्देश भी जारी किये गए हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुपालन में सचिव सामान्य प्रशासन विनोद कुमार सुमन ने इस संबंध में प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को प्रेषित पत्र में प्रदेश में केन्द्र सरकार तथा राज्य सरकार की योेजनाओं का व्यापक प्रचार प्रसार किये जाने एवं जरूरतमंदों लोगों को विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान किये जाने के निर्देश दिये गये है। उन्होंने बताया दिनांक 17 दिसम्बर, 2025 से आगामी 45 दिनों तक प्रदेश में ‘‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’’ अभियान के अन्तर्गत विभिन्न न्याय पंचायतों में कैम्प लगाये जाने तथा न्याय पंचायतों/ग्राम पंचायतों में विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान किये जाने हेतु ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण करते हुए जन सामान्य से आवेदन पत्र प्राप्त करते हुए उस पर कार्यवाही की जायेगी।

सुमन ने बताया यह कार्यक्रम न्याय पंचायत के स्तर पर संचालित किया जायेगा तथा वहां पर बहुउद्देशीय शिविर/कैम्प का आयोजन किया जायेगा, यदि कोई न्याय पंचायत बहुत बड़ी हो तो उस न्याय पंचायत में दो भागों में गांव को विभक्त करते हुए कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा।

उन्होंने बताया इस अभियान के दौरान बहुउद्देशीय शिविर/कैम्प में उपस्थित लोगों को केन्द्र सरकार तथा राज्य सरकार द्वारा संचालित की जा रही विभिन्न प्रकार की योजनाओं की जानकारी प्रदान की जायेगी तथा कैम्प में उपस्थित पात्र व्यक्तियों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया जायेगा। उन्होंने बताया कैम्प के उपरान्त निकट के किसी गांव में सभी अधिकारियों द्वारा भ्रमण किया जायेगा तथा उस गांव के सभी पात्र व्यक्तियों को केन्द्र सरकार तथा राज्य सरकार की योजनाओं से लाभान्वित किये जाने हेतु आवेदन पत्र भराये जायेंगे। उस ग्राम पंचायत के सभी निवासीगण केन्द्र सरकार तथा राज्य सरकार की सभी प्रकार की योजनाओं से पूरी तरह से लाभान्वित हो सके तथा कोई भी पात्र व्यक्ति योजना के लाभ से वंचित न रह सके, इस पर विशेष ध्यान दिया जायेगा।

इस संबंध में उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिये है कि कैम्प लगाये जाने से पूर्व मीडिया के माध्यम से इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाने, जनपद में अधिकारियों की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक सप्ताह में कम से कम 02 से 03 कार्य दिवसों में प्रत्येक तहसील की न्याय पंचायतों में यह कैम्प लगाया जाना सुनिश्चित किया जाय। प्रयास किया जाय कि प्रत्येक सप्ताह जनपद में जितनी तहसील है उनकी कम से कम एक-एक न्याय पंचायतों में यह आयोजन किया जायें। यह कार्यक्रम न्यूनतम 45 दिन तक अनिवार्य रूप से सभी न्याय पंचायतों में चलाया जाना है। यदि इस अभियान के दौरान सभी न्याय पंचायतें आच्छादित नहीं हो पाते है तो कार्यकम को तद्नुसार जनपद द्वारा आवश्यकतानुसार इसे आगे भी विस्तारित किया जा सकता है।

उन्होंने निर्देश दिये है कि ग्राम स्तर पर केन्द्र सरकार/राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं के लाभ से संबंधित क्षेत्र/ग्राम पंचायत में कौन-कौन से लोग वंचित है, इसका पूर्व से ही विभिन्न विभागों के माध्यम से सर्वेक्षण करा लिया जाय तथा भ्रमण के दौरान इन कमियों को दूर किये जाने की कार्यवाही की जाय तथा सभी सम्बन्धित से आवेदन पत्र भराये जाएं।

पत्र के माध्यम से उन्होंने कहा है कि प्रत्येक सप्ताह आयोजित होने वाले किसी एक कैम्प में अनिवार्य रूप से जिलाधिकारी स्वयं उपस्थित रहें। अन्य कैम्पों कमशः मुख्य विकास अधिकारी अथवा अपर जिलाधिकारी अथवा उपजिलाधिकारी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें। आयोजित होने वाले कैम्पों में नामित विभागों के अधिकारीगण कैम्पों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहे तथा कैम्प के दौरान यह प्रयास किया जाय कि आम जन मानस की समस्याओं का मौके पर ही समाधान सम्भव हो सके।

उन्होंने बताया कि कैम्प लगाये जाने के दो से तीन दिन पूर्व सभी प्रकार के आवेदन पत्र ग्राम स्तर पर उपलब्ध रहें, ताकि आवेदन पत्र भरे जाने में किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। उन्होंने जनपद स्तर पर न्याय पंचायतों में लगाये जाने वाले कैम्पों की रूप-रेखा/कार्य योजना एक सप्ताह में तैयार करते हुए शासन को उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिये है ताकि शासन स्तर के अधिकारियों द्वारा संचालित कैम्पों का औचक निरीक्षण किया जा सकें।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक कार्यक्रम के उपरान्त कार्यक्रम की सफलता/किये गये कार्यों का विवरण मीडिया को साझा किया जाय तथा प्रत्येक सप्ताह आयोजित होने वाले कार्यकमों की प्रगति आख्या अनिवार्य रूप से मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्य सचिव कार्यालय तथा सामान्य प्रशासन विभाग को उपलब्ध कराया जाए।

उत्तराखंड में लगभग 23 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सुगंधित फसलों की होगी खेती: सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सगन्ध पौधा केन्द्र, सेलाकुई, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए उत्तराखण्ड महक क्रांति नीति-2026-36 का शुभारम्भ किया। उन्होंने सेटेलाइट सेन्टर भाऊवाला का लोकार्पण एवं सगन्ध पौधा केन्द्र, सेलाकुई स्थित ए.एम.एस (C-14) प्रयोगशाला का भी शिलान्यास किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कुल 5 सेटेलाइट सेन्टरों का भी शिलान्यास किया। यह सेटेलाइट सेंटर – परसारी ( चमोली ), रैथल ( उत्तरकाशी), भैसोड़ी ( अल्मोड़ा), खतेड़ा ( चंपावत) एवं विषाड ( पिथौरागढ़) में स्थापित किए जाएंगे।

कार्यक्रम के दौरान सुगंध पौधा केन्द्र और डाबर इंडिया लिमिटेड के बीच एम.ओ.यू. पर हस्ताक्षर भी किए गए। इस समझौता ज्ञापन का उद्देश्य एक्सटेंशन (विस्तार), अनुसंधान एवं विकास, मानव संसाधन विकास, मार्केटिंग आदि के क्षेत्र में कैप और डाबर के बीच सहयोग के लिए एक रूपरेखा तैयार करना है। एम.ओ.यू के दौरान कैप की ओर से निदेशक कैप श्री नृपेन्द्र सिंह चौहान, एवं डाबर की अधिशासी निदेशक डाबर डा. सौरभ लाल मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने कैप के फाउण्डर वैज्ञानिकों एवं लेमनग्रास – तुलसी की खेती करने वाले किसानों को भी सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने परफ्यूमरी प्रयोगशाला का भी भ्रमण किया। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड महक क्रांति नीति के शुभांरभ को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इस नीति के अंतर्गत 7 एरोमा वैलियों को विकसित करने की शुरुआत होगी। प्रथम चरण में पिथौरागढ़ में तिमूर वैली, चमोली एवं अल्मोड़ा में डैमस्क रोज वैली, ऊधमसिंह नगर में मिन्ट वैली, चम्पावत और नैनीताल में सिनेमन वैली तथा हरिद्वार और पौड़ी में लेमनग्रास एवं मिन्ट वैली विकसित की जाएगी। उन्होंने कहा इस नीति के अंतर्गत पौधशाला विकास सहयोग, खेती हेतु अनुदान, प्रशिक्षण एवं क्षमता-विकास, फसल बीमा, तथा पैकेजिंग और ब्रांडिंग जैसी आवश्यकताओं की व्यवस्था की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति के अंतर्गत राज्य में लगभग 23 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सुगंधित फसलों की खेती को विकसित कर करीब 1 लाख किसानों को जोड़ने का लक्ष्य रखा है। आगामी दस वर्षों में राज्य में सुगंधित फसलों की खेती के टर्नओवर को सौ करोड़ रुपये से बढ़ाकर लगभग ₹ 1200 करोड़ तक पहुंचाने में सफलता मिलेगी। जिससे किसानों के साथ राज्य की आय में अभूतपूर्व वृद्धि होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व राज्य सरकार, प्रदेश के किसानों के उत्थान एवं समृद्धि हेतु संकल्पित होकर निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश में किसानों को 3 लाख रूपए तक का ऋण बिना ब्याज के उपलब्ध कराया जा रहा है। कृषि उपकरण खरीदने के लिए फार्म मशीनरी बैंक योजना के माध्यम से 80 प्रतिशत तक की सब्सिडी भी प्रदान की जा रही है। राज्य में गेहूं खरीद पर किसानों को 20 रूपए प्रति क्विंटल का बोनस प्रदान रहे हैं। गन्ने के रेट में भी 30 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोत्तरी की गई है। किसानों के हित में नहरों से सिंचाई को पूरी तरह मुफ्त करने का काम किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के किसानों की आय बढ़ाने के लिए पॉलीहाउस के निर्माण के लिए 200 करोड़ रूपए की राशि का प्रावधान भी किया है। जिसके तहत राज्य में लगभग 115 करोड़ रुपए की सहायता से करीब 350 पॉलीहाउस स्थापित किए जा चुके हैं। उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में वर्षा आधारित खेती को सहायता प्रदान करने के लिए लगभग 1,000 करोड़ रुपये की लागत से उत्तराखंड क्लाइमेट रिस्पॉन्सिव रेन-फेड फार्मिंग प्रोजेक्ट भी स्वीकृत किया गया है। राज्य में सब्जियों की तरह ही फलों के उत्पादन को बढ़ाने के लिए भी विभिन्न स्तरों पर काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार ने 1200 करोड़ रुपये की लागत से नई सेब नीति, कीवी नीति, स्टेट मिलेट मिशन और ड्रैगन फ्रूट नीति जैसी कई योजनाओं को लागू किया है। इन नीतियों के तहत किसानों को 80 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान की जा रही है। सुगंध उत्पादों को प्रोत्साहित करने के लिए काशीपुर में 40 एकड़ में एरोमा और परफ्यूमरी उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए ₹ 300 करोड़ से एरोमा पार्क भी विकसित किया जा रहा है। हाउस ऑफ हिमालयाज के माध्यम से सुगंध तेलों को अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में भी कार्य कर रहे हैं। धौलादेवी, मुन्स्यारी और बेतालघाट के चाय बागानों को जैविक चाय बागान के रूप में परिवर्तित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार, मिलेट उत्पादन में निवेश पर 80 प्रतिशत तक का अनुदान प्रदान कर रही है। पंक्ति बुआई करने पर प्रति हेक्टेयर 4 हजार रुपये और अन्य विधियों से बुआई करने पर प्रति हेक्टेयर 2 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही, मिलेट उत्पाद की खरीद पर किसानों को 300 रुपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान भी किया है। हमारे इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि आज हमने किसानों की आय में वृद्धि करने में भी देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड हर क्षेत्र में नंबर वन आ रहा है। राज्य सरकार द्वारा लिए गए फैसले देश के लिए नज़ीर बन रहे हैं। राज्य सरकार ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, सतत् विकास की सूची में प्रथम स्थान प्राप्त करना, समान नागरिक संहिता लागू होना एवं मदरसा एक्ट समाप्त करने जैसे ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दिया जा रहा है। स्वयं सहायता समूह द्वारा बनाए गए उत्पादों को उपहारों के रूप में दिए जा रहे हैं। सरकारी आयोजनों में भी स्थानीय उत्पादों को खरीदने को कहा गया है।

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि एरोमा के क्षेत्र में उत्तराखण्ड में अपार संभावनाएं हैं और आने वाले समय में प्रदेश की आर्थिकी को सुदृढ़ करने में एग्री, हॉर्टीकल्चर एवं कैप की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2003 में जहां इस क्षेत्र का टर्नओवर मात्र 1 करोड़ रुपये था, वहीं आज यह बढ़कर 100 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।

इस अवसर पर विधायक सहदेव पुंडीर, उपाध्यक्ष जड़ी बूटी सलाहकार समिति भुवन विक्रम डबराल, जिला अध्यक्ष भाजपा मीता सिंह, गिरीश डोभाल, सचिव सुरेंद्र नारायण पांडे, एसेंशियल ऑयल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के सचिव पी.के जैन, अध्यक्ष नगर पंचायत सुमित चौधरी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

वन डिस्ट्रिक्ट–वन फेस्टिवल: हर जनपद में भव्य महोत्सव, राज्य स्तर पर अंतरराष्ट्रीय आयोजन का एलान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में शीतकालीन यात्रा को प्रोत्साहित करने के लिए स्नो लेपर्ड साइटिंग, हेली-स्कीइंग तथा हिमालयन कार रैली को तत्काल प्रारंभ करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने आगामी 20 दिसंबर तक शीतकालीन यात्रा के दृष्टिगत केएमवीएन एवं जीएमवीएन की सभी व्यवस्थाओं और सुविधाओं को दुरुस्त करने तथा होटल मालिकों के साथ बैठक आयोजित करने के निर्देश भी दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिलों के प्रमुख पर्यटक स्थलों से संबंधित सड़क, होटल एवं अन्य बुनियादी सुविधाएं पूर्ण रूप से दुरुस्त होनी चाहिए। मुख्यमंत्री स्वयं सड़क मार्ग से यात्रा कर व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण करेंगे। इसके साथ ही शीतकालीन यात्रा के प्रोत्साहन से जुड़े विभिन्न हितधारकों के साथ दिल्ली में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने “वन डिस्ट्रिक्ट–वन फेस्टिवल” के तहत राज्य के प्रत्येक जनपद में एक-एक भव्य महोत्सव आयोजित करने के निर्देश दिए, जो संबंधित जनपद की विशिष्ट पहचान बने। उन्होंने निर्देश दिए कि इन महोत्सवों में उस जनपद के विशिष्ट महानुभावों, प्रवासियों, ग्राम प्रधानों से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों तक की सहभागिता सुनिश्चित की जाए। साथ ही राज्य स्तर पर एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का भव्य महोत्सव आयोजित करने के भी निर्देश दिए गए, जिसमें देश-विदेश से विशिष्ट व्यक्तियों और प्रवासियों को आमंत्रित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इन आयोजनों में आम जनता की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुख्यमंत्री आवास में शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने के संबंध में शासन के वरिष्ठ अधिकारियों एवं सभी जिलों के जिलाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर रहे थे।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने बागेश्वर में सरयू कॉरिडोर के विकास के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने गंगोत्री की तर्ज पर सरयू नदी के उद्गम स्थल पर धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थल विकसित करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने बागेश्वर में ट्राउट मछली, कीवी एवं लाल चावल के उत्पादन की व्यापक संभावनाओं को देखते हुए इनके प्रोत्साहन पर गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार, निजी संस्थानों, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के संयुक्त प्रयास से एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का भव्य योग महोत्सव आयोजित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री धामी ने निर्देश दिए कि राज्य में पर्यटन स्थलों के विकास से संबंधित कार्य योजनाओं में पर्यटकों, टूर ऑपरेटर्स, होटल व्यवसायियों एवं अन्य हितधारकों का फीडबैक सम्मिलित किया जाए, ताकि पर्यटकों की अपेक्षाओं के अनुरूप सुविधाओं का विकास किया जा सके।

बैठक में मुख्यमंत्री ने पौड़ी के पैठाणी स्थित राहु मंदिर एवं लाखामंडल मंदिर के सौंदर्यीकरण की कार्ययोजना को शीघ्र एवं प्रभावी रूप से धरातल पर उतारने के निर्देश दिए। साथ ही देवप्रयाग सहित राज्य के विभिन्न प्रयागों एवं घाटों में आयोजित आरती का संज्ञान लेते हुए निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी प्रमुख धार्मिक प्रयागों एवं घाटों में भव्य आरती आयोजित की जाए तथा नए घाटों का भी विकास किया जाए।

बैठक में सचिव पर्यटन ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर उत्तराखंड में शीतकालीन पर्यटन को नई दिशा देने के लिए राज्य सरकार लद्दाख मॉडल पर “स्नो लेपर्ड टूर” प्रारंभ करने जा रही है। इसके तहत शीतकाल में गंगोत्री जैसे उच्च हिमालयी क्षेत्रों को नियंत्रित रूप से पर्यटकों के लिए खोला जाएगा तथा उत्तरकाशी स्थित गंगोत्री राष्ट्रीय उद्यान में प्रायोगिक तौर पर हिम तेंदुआ पर्यटन संचालित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि इस पहल का उद्देश्य शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित करना है। स्नो लेपर्ड टूर से होमस्टे, स्थानीय गाइड, साहसिक पर्यटन एवं अन्य गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे सीमांत क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

सचिव पर्यटन ने यह भी बताया कि शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य में शीतकालीन चारधाम यात्रा, साहसिक पर्यटन, सांस्कृतिक उत्सव एवं वन्यजीव पर्यटन से संबंधित एक व्यापक कार्ययोजना लागू की जा रही है। इसके अंतर्गत देश के प्रमुख शहरों में रोड शो, डिजिटल एवं प्रिंट मीडिया अभियान, गद्दी स्थलों से सायंकालीन आरती का लाइव प्रसारण, विशेष टूर पैकेज तथा शीतकाल में होटल-रिसॉर्ट्स को शुल्क में रियायत जैसे प्रस्ताव शामिल हैं।

कार्ययोजना के तहत औली, खलिया टॉप, बेदनीधार सहित विभिन्न क्षेत्रों में स्कीइंग, ट्रेकिंग, पैराग्लाइडिंग एवं रैपलिंग जैसे साहसिक आयोजन किए जाएंगे। मसूरी, नैनीताल एवं उत्तरकाशी में विंटर कार्निवल, ऋषिकेश में अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव तथा जिम कॉर्बेट, नंधौर एवं गंगोत्री क्षेत्र में वन्यजीव एवं स्नो लेपर्ड पर्यटन गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। सरकार का उद्देश्य उत्तराखंड को वर्षभर पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करना है।

बैठक में प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, पंकज कुमार पांडे, शैलेश बगौली, सचिन कुर्वे, धीराज गब्र्याल, अपर सचिव बंशीधर तिवारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि सभी जिलों के जिलाधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे।

रुद्रपुर में मेडिकल कॉलेज, बाईपास, रेलवे स्टेशन नवीनीकरण और ड्रेनेज मास्टर प्लान तेजी से प्रगति पर: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रुद्रपुर के स्थानीय होटल में आयोजित कुमाऊँ उदय सम्मान समारोह में बतौर मुख्यातिथि प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रतिष्ठित व्यक्तियों को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने सम्मान समारोह में सम्मानित हुए व्यक्तियों को बधाई व शुभकामनाएं हुए कहा कि प्रदेश में अभी रजत जयंती वर्ष मनाया है, प्रदेश में अनेक उत्कृष्ट कार्य हुए हैं। सरकार प्रदेश को देश मे अग्रणी बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में हमारा राज्य विकास और समृद्धि के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार द्वारा आज राज्य के शहरों से लेकर सुदूर पर्वतीय गांवों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल सहित सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है। हमारी सरकार द्वारा ऊधमसिंह नगर जनपद और रूद्रपुर क्षेत्र के विकास के लिए भी विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से कार्य किया जा रहा है। हमारी सरकार द्वारा रुद्रपुर में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य भी कराया जा रहा है। हम जहां एक ओर लगभग 590 करोड़ रुपए की लागत से रूद्रपुर बाईपास निर्माण करा रहे हैं, वहीं, रूद्रपुर को खटीमा-टनकपुर एवं गदरपुर-जसपुर से जोड़ने वाली चार लेन सड़कों का निर्माण भी करा रहे हैं। इसके साथ ही, हम लगभग 55 करोड़ रुपये की लागत से मानूनगर-गदरपुर से दिनेशपुर-मटकोटा होकर सीधे हल्द्वानी को जोड़ने वाले मोटर मार्ग के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य भी करा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रुद्रपुर रेलवे स्टेशन के नवीनीकरण के साथ-साथ नई सिग्नल लाइनें और दो रेल ओवरब्रिज का निर्माण भी कराया जा रहा है। जल निकासी की समस्या के समाधान के लिए रुद्रपुर के मास्टर ड्रेनेज प्लान को मंजूरी प्रदान की गई है, साथ ही सार्वजनिक स्थानों में महिलाओं के लिए पिंक टॉयलेट्स का निर्माण भी प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि रुद्रपुर में 15 करोड़ रुपये की लागत से उत्तराखंड के पहले कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट का भी निर्माण कराया जा रहा है, साथ ही, 17 करोड़ रुपये की लागत से एक एडवांस कूड़ा प्रबंधन प्लांट भी स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि आज यदि हम उधमसिंह नगर जनपद की बात करें तो, किच्छा में 351 करोड़ रूपए की लागत से 100 एकड़ भूमि पर एम्स ऋषिकेश के सैटेलाइट सेंटर का निर्माण कार्य प्रगति पर है। साथ ही, हम पंतनगर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का हवाईअड्डा का निर्माण भी करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने जहां एक ओर गदरपुर और खटीमा में बाईपास का निर्माण कार्य कराया है, वहीं खटीमा और किच्छा में बस अड्डों का निर्माण भी किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, हमने रूद्रपुर, गदरपुर और चकरपुर में खेल स्टेडियम, बहुउद्देश्यीय हॉल, साइकिलिंग ट्रैक और एथलेटिक्स ट्रैक सहित विभिन्न प्रकार की खेल सुविधाओं का निर्माण कार्य भी कराया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने जहां एक ओर काशीपुर में अरोमा पार्क, सितारगंज में प्लास्टिक पार्क, काशीपुर में इलैक्ट्रॉनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर, पंतनगर में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क की स्थापना की है। वहीं, हम खुरपिया में इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी की स्थापना के माध्यम से इस पूरे क्षेत्र के विकास को गति देने का प्रयास भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार जमरानी बांध बहुउद्देशीय परियोजना का निर्माण पुनः प्रारंभ कर पूरे तराई क्षेत्र की पेयजल और सिंचाई की समस्या का समाधान करने की दिशा में कार्य कर रहे है। इसके साथ ही, हमारी सरकार ने गन्ना किसानों की आय में बढ़ोतरी करने के उद्देश्य से हाल ही में गन्ने के समर्थन मूल्य में 30 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की है। जिससे हमारे गन्ना किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार तराई क्षेत्र के समग्र विकास और लोगों की समृद्धि के लिए अपने “विकल्प रहित संकल्प” के साथ निरंतर कार्य करती रहेगी और हम सभी मिलकर तराई को एक आधुनिक और विकसित क्षेत्र बनाने के स्वप्न को अवश्य साकार करेंगे।

इस अवसर पर विधायक शिव अरोरा, मेयर विकास शर्मा, अपर सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, एसएसपी मणिकांत मिश्रा शाहिद अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

बुजुर्ग पिता की आकस्मिक मृत्यु पश्चात ऋण बीमा होते हुए भी अदायगी लिए किया जा रहा था प्रताड़ित, डीएम ने दिलाया न्याय

जनपद देहरादून में बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा एक बुजुर्ग विधवा कमलेश तथा उनकी नामिनी असहाय पुत्री प्रीति को अनावश्यक रूप से प्रताड़ित करने तथा बीमित ऋण पर क्लेम प्राप्त होने के बावजूद अतिरिक्त धनराशि जमा कराने के मामले में जिलाधिकारी सविन बंसल के हस्तक्षेप से पीड़िता को न्याय मिला है। जिला प्रशासन द्वारा त्वरित संज्ञान लेते हुए बैंक की 3.30 लाख की आरसी काटी गई, जिसके उपरांत बैंक ने 24 घंटे के भीतर 3.30 लाख रुपये का चेक नामिनी पुत्री प्रीति के नाम जारी कर दिया।

विगत दिवस जिलाधिकारी कार्यालय कक्ष में प्रीति सिंह ने अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि उनके पिता स्व0 राजेन्द्र पाल ने वर्ष 2023 में बैंक ऑफ बड़ौदा से  रू0 13 लाख का ऋण लिया था। बैंक अधिकारियों एवं कर्मचारियों के कहने पर ऋण को सुरक्षित करने के लिए इसका बीमा कराया गया। वर्ष 2023 से अप्रैल 2025 तक उनके पिता द्वारा रू0 22,295 प्रतिमाह की नियमित किस्तें जमा की गईं। अप्रैल 2025 में उनके पिता का निधन हो गया, जिसकी सूचना तत्काल बैंक और बीमा कंपनी को दे दी गई। जून 2025 में बीमा कंपनी द्वारा ऋण क्लेम की राशि बैंक में जमा कर दी गई। इसके बावजूद बैंक द्वारा न तो नो ड्यूज सर्टिफिकेट जारी किया जा रहा था, बल्कि प्रीति सिंह पर रू0 3,30,980 अतिरिक्त जमा कराने का दबाव बनाया जा रहा था, तथा सम्पति को जबरन जब्त करने की धमकी दी जा रही थी।

जिलाधिकारी का हस्तक्षेप पीड़िता की शिकायत सुनने के बाद जिलाधिकारी सविन बंसल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उप जिलाधिकारी (न्याय) कुमकुम जोशी को तत्काल जांच एवं आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। जिला प्रशासन द्वारा जांच में पाया गया कि बीमा क्लेम राशि प्राप्त होने के बाद भी बैंक द्वारा अनुचित रूप से धनराशि की मांग की जा रही थी। इस पर बैंक की रू0 3,30,980 की आरसी काटी गई। आरसी कटते ही बैंक ने 24 घंटे के भीतर नामिनी प्रीति सिंह के नाम 3.30 लाख रुपये का चेक जारी कर दिया, जिसे आज जिलाधिकारी द्वारा प्रीति सिंह को सौंप दिया गया।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि किसी भी नागरिक के साथ वित्तीय संस्थान द्वारा की जाने वाली मनमानी और अनुचित व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जनपद प्रशासन हर पीड़ित व्यक्ति की शिकायत का त्वरित समाधान सुनिश्चित करता रहेगा।” तथा भविष्य में भी इस प्रकार के मामलो पर कठौर एक्शन लिया जाएगा।

विगत दिवस जिलाधिकारी कार्यालय कक्ष में प्रीति सिंह ने अपनी व्यस्था सुनाते हुए जिलाधिकारी से गुहार लगाई कि उनके पिता द्वारा वर्ष 2023 में बैंक ऑफ बड़ोदा से 13 लाख ऋण लिया था तथा बैंक के अधिकारियों कर्मचारियों के कहने पर ऋण सिक्योर करने हेतु ऋण का बीमा कराया था। उनके पिता द्वारा वर्ष 2023 से अपै्रल 2025 तक 22295 प्रतिमाह किस्त भरी थी किन्तु अपै्रल 2025 में पिता की मृत्यु हो जाने पर बैंक जिसकी सूचना उनके द्वारा बैंक व इंश्योरेंश कम्पनी को दी गई तथा इंश्योरेंश कम्पनी द्वारा जून में ऋण के क्लेम की धनराशि बैंक में जमा करा दी किन्तु बैंक द्वारा उनको न तो नो ड्यूज दे रहा है तथा 330980 धनराशि जमा कराने का दबाव बनाते हुए समपति जब्त करने की धमकी दे रहे हैं। जिला पर जिलाधिकारी सविन बंसल ने उप जिलाधिकारी न्याय कुमकुम जोशी को कार्यवाही के निर्देश दिए। जहां जिला प्रशासन द्वारा बैंक की धनराशि रू0 330980 की आरसी काट दी। बैंक की आरसी कटते ही बैंक 24 घंटे के भीतर प्रीति के नाम 3.30 धराशि का चैक काट दिया, जिसे आज जिलाधिकारी ने प्रीति सिंह को उपलब्ध करा दिया।

उत्तराखंड में रिवर्स पलायन 44% बढ़ा: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लेटीबुंगा मैदान, ग्राम पंचायत शशबनी, नैनीताल में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए ₹ 112 करोड़ 34 लाख रुपये की कुल 17 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर महिला स्वयं सहायता समूहों एवं विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का भी निरीक्षण कर महिला उत्पादों की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने घोषणा कि की भीमताल क्षेत्र के कई गांवो भीड़ापानी, नाई, डालकन्या, देवनगर, सिलौटी, सुन्दरखाल में मिनी स्टेडियम का निर्माण किया जाएगा। ओखलकांडा के करायल बैण्ड–टकुरा वन चौकी रोड का डामरीकरण किया जाएगा। भीमताल बाईपास नहर कवरिंग का शेष कार्य पूर्ण कराया जाएगा। भीमताल में नई पार्किंग और नया रोडवेज बस स्टेशन स्थापित होगी। भीमताल नगर में अग्निशमन केंद्र खोला जाएगा।।नौकुचियाताल–खड़की खरौला रोड का मिलान किया जाएगा। कसियालेख – काफली – पदीकनाला रोड का डामरीकरण किया जाएगा। बडोन–सिमलिया – साननी मोटर मार्ग का मिलान किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भीमताल विधानसभा सहित पूरे नैनीताल जिले के समग्र विकास के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय विधायक द्वारा उठाए गए मुख्य मार्ग–10 की खराब स्थिति पर तत्काल संज्ञान लेते हुए लगभग 9.5 करोड़ रुपये सड़क पुनर्निर्माण हेतु स्वीकृत किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड आज विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल सहित सभी क्षेत्रों में तेज़ी से इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कैंची धाम, नैनादेवी मंदिर, मुक्तेश्वर धाम सहित सभी पौराणिक मंदिरों का पुनर्विकास कार्य मिशन मोड में चल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहाड़ों से पलायन रोकने के लिए ‘एक जनपद–दो उत्पाद’, ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’, ‘स्टेट मिलेट मिशन’, ‘होमस्टे’, ‘वेड इन उत्तराखंड’ जैसी योजनाएँ स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा दे रही हैं। पलायन आयोग की नवीन रिपोर्ट में रिवर्स पलायन में 44% की बढ़ोतरी, बेरोजगारी दर में 4.4% कमी, तथा नीति आयोग के SDG इंडेक्स में देश में प्रथम स्थान उत्तराखंड को प्राप्त हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में नकल माफियाओं पर लगाम कसने के लिए देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया, जिसके परिणामस्वरूप पिछले वर्षों में 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। 100 से अधिक नकल माफियाओं को जेल भेजा गया है। इसके अलावा, भ्रष्टाचार के विरुद्ध ज़ीरो टॉलरेंस नीति के तहत विजलेंस के माध्यम से 200 से अधिक सरकारी कार्मिकों पर कार्यवाही की गई है।

मुख्यमंत्री द्वारा भवाली बाईपास पार्ट–1 और 2 सुधारीकरण, भीमताल बाईपास सड़क सुधार, 50 बेड क्रिटिकल केयर यूनिट, नैनीताल, हल्दूचौड़ एलबीएस कॉलेज में पुस्तकालय व बहुउद्देश्यीय हॉल, पुछड़ी में गौशाला निर्माण, राजकीय विद्यालय जाडापानी में पुस्तकालय, कंप्यूटर लैब, विज्ञान प्रयोगशाला जैसी विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण किया गया है। वही मुख्यमंत्री ने राजकीय महाविद्यालय लालकुआँ में परीक्षा भवन, लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय में चाहरदीवारी, गौलापार स्टेडियम में पूल कवरिंग व सुरक्षा कार्य, बेतालघाट, पंगोट–दैचौरी, ओखलकांडा सभागार आदि का शिलान्यास किया।

विधायक भीमताल राम सिंह कैड़ा ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए क्षेत्र के विकास हेतु विभिन्न योजनाओं की स्वीकृति पर आभार व्यक्त करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया। अपने संबोधन में उन्होंने क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की भी जानकारी दी।

इस अवसर पर अध्यक्ष जिला पंचायत दीपा दरमवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, ब्लॉक प्रमुख धारी भावना आर्या, ओखलकांडा केडी रूबाली, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, एसपी यातायात जगदीश चंद्र सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि गणमान्य नागरिक एवं स्थानीय जनता आदि मौजूद रही।