हल्द्वानी में सीएम ने की पूर्व सैनिक सम्मेलन में शिरकत, किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर हल्द्वानी के एम.बी.पी.जी. कॉलेज प्रांगण में आयोजित ‘पूर्व सैनिक सम्मेलन’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर प्रदेशभर से बड़ी संख्या में पूर्व सैनिकों, वीर नारियों, वीरांगनाओं एवं उनके परिजनों द्वारा प्रतिभाग किया गया।

मुख्यमंत्री ने उपस्थित पूर्व सैनिकों पर पुष्प वर्षा कर राज्य निर्माण व राष्ट्र सेवा में उनके योगदान के लिये सभी का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का हर परिवार गर्व से कह सकता है कि उसके घर से कोई न कोई भारत माता की सेवा में समर्पित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड वास्तव में वीर भूमि है, जहाँ की माटी में ही राष्ट्रभक्ति और बलिदान की भावना रची-बसी है।

मुख्यमंत्री धामी ने की सैनिक कल्याण से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों एवं उनके परिवारों के कल्याण के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। उन्होंने इस अवसर पर सैनिक कल्याण विभाग के पुनर्गठन और सुदृढ़ीकरण की घोषणा करते हुए कहा कि विभाग की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाया जाएगा ताकि हर सैनिक परिवार तक योजनाओं का लाभ सहज रूप से पहुँच सके।

उन्होंने कहा कि हल्द्वानी, अल्मोड़ा और पौड़ी में जिला सैनिक कल्याण कार्यालयों एवं आवासीय भवनों के पुनर्निर्माण का कार्य किया जाएगा, जिससे पूर्व सैनिकों और वीर नारियों को बेहतर सुविधाएँ मिल सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद सैनिकों की नारियों को आवासीय भवन निर्माण हेतु दी जाने वाली सहायता राशि को 2 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हल्द्वानी में सैनिकों के 150 बच्चों के लिए एक आधुनिक छात्रावास का निर्माण किया जाएगा, जिससे सैनिक परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुरक्षित आवासीय सुविधा मिल सकेगी।

सैनिक कभी ‘पूर्व’ नहीं होता, वह सदैव सैनिक रहता हैः धामी
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सैनिकों का जीवन अनुशासन, समर्पण और बलिदान की मिसाल है। उन्होंने कहा कि “सैनिक कभी पूर्व सैनिक नहीं होता, वह सदैव सैनिक ही रहता है।” मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में राष्ट्र विरोधी सोच का कोई स्थान नहीं है और आज भारत में सभी जरूरी सैन्य उपकरण देश में ही बनाए जा रहे हैं तथा भारत आत्मनिर्भर बन रहा है। ऑपरेशन सिंधु मेघ में स्वदेशी ब्रह्मोस और आकाश मिसाइलों की सफलता का भी उन्होंने जिक्र किया।

सम्मेलन में जनपद नैनीताल की 31 तथा ऊधमसिंहनगर की 13 वीर नारियों को मुख्यमंत्री धामी द्वारा शॉल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।

“वीर नारियों का सम्मान पूरे राज्य के लिए गौरव का क्षण”ः जोशी
कार्यक्रम में सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि यह दिन उत्तराखंड के लिए गर्व और भावनाओं से परिपूर्ण है। उन्होंने प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाएँ दीं और कहा कि उत्तराखंड की पवित्र भूमि ने देश को अनेक वीरता पदक विजेता दिए हैं, परमवीर चक्र, महावीर चक्र, वीर चक्र और शौर्य चक्र से सम्मानित वीर, जो सदैव हमारी प्रेरणा हैं।

उन्होंने कहा कि आज की वीर नारियों और वीरांगनाओं का सम्मान केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि पूरे राज्य के लिए गौरव का क्षण है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड का पंचम धाम, सैन्य धाम का शीघ्र लोकार्पण किया जाएगा। वीरता पदक प्राप्त सैनिकों को निशुल्क बस यात्रा की सुविधा दी गई है तथा प्रदेश सरकार द्वारा अब तक 22 हजार से अधिक सैनिकों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने बताया कि हल्द्वानी में छात्रावास निर्माण हेतु गन्ना सेंटर के समीप 6.4 हेक्टेयर भूमि का चिन्हांकन किया जा चुका है और मुख्यमंत्री द्वारा इसका शिलान्यास शीघ्र किया जाएगा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि उत्तराखंड सैनिक बाहुल्य प्रदेश है और सरकार सैनिकों तथा उनके परिवारों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद महेन्द्र भट्ट, विधायक बंशीधर भगत, रामसिंह कैड़ा, डॉ. मोहन बिष्ट, मेयर गजराज बिष्ट, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दरम्वाल, जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, दर्जा राज्य मंत्री नवीन वर्मा, सुरेश भट्ट, अनिल कपूर (डब्बू), शंकर कोरंगा, कुमाऊँ आयुक्त दीपक रावत, डीएम ललित मोहन रयाल, एसएसपी मंजूनाथ टीसी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं पूर्व सैनिक उपस्थित रहे।

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मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न योजनाओं के लिए 16.95 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, पिलखी, टिहरी गढ़वाल को 30 शैय्यायुक्त सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के रूप में उच्चीकृत करते हुए रू0 14.83 करोड़ तथा जनपद नैनीताल के विकासखण्ड भीमताल में ग्रामीण निर्माण विभाग, प्रखण्ड नैनीताल के अनावासीय कार्यालय भवन के निर्माण हेतु रू0 2.12 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

युवा महोत्सव में सीएम धामी ने किया फिट इंडिया उत्तराखंड और उत्तराखंड स्पोर्ट्सटैक हैकथन पहल का शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा परेड ग्राउंड में राज्य गठन की 25वीं वर्षगांठ के शुभ अवसर पर उत्तराखंड राज्य युवा महोत्सव 2025- 26 का शुभारंभ किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि युवा शक्ति को सही मार्गदर्शन और प्लेटफार्म उपलब्ध कराया जाए तो युवा शक्ति देश को नई ऊंचाई पर ले जाने की सामर्थ्य रखती है। उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में युवाओं को राष्ट्रीय स्तर पर अपने सपनों को साकार करने के लिए अनेक अवसर मिले हैं जिससे विकसित भारत 2047 की संकल्पना को साकार करने के लिए युवा शक्ति अपना सर्वांगीण योगदान दे रहे है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में युवाओं के लिए अनेक योजनाएं और कार्यक्रम संचालित हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने फिट इंडिया उत्तराखंड और उत्तराखंड स्पोर्ट्सटैक हैकथन का शुभारंभ करते हुए कहा कि आज के समय में रोजगार के जहां अनेक नए अवसर पैदा हो रहे हैं तो वही पुरानी प्रचलित तकनीक हटने से कुछ अवसर कम भी हो रहे हैं।
इसी को ध्यान रखते हुए हमने उत्तराखंड में युवाओं के लिए फ्यूचर बेस्ट रोजगार प्रदान करने के लिए अनेक कंपनियों से एमओयू किए हैं। राज्य में एक जनपद दो उत्पाद, हाउस ऑफ हिमालयाज, नई पर्यटन और फिल्म नीति, स्टेट मिलेट मिशन और युवाओं के लिए अनेक रोजगार और स्वरोजगार पर योजनाओं को प्रारंभ किया है ताकि युवा नवाचार, डिजिटली, रचनात्मक और आने वाले भविष्य की डिमांड के अनुरूप खुद को तैयार कर सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा महोत्सव जैसे आयोजन से युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़े रखने की प्रेरणा मिलती है और अपनी प्रतिभा के प्रदर्शन के लिए एक बेहतर मंच मिलता है। उन्होंने कहा कि हमारे राज्य के युवा आज सभी क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। हाल ही में संपादित हुए 38 वें राष्ट्रीय खेलों में हमारे युवाओं ने शानदार प्रदर्शन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने युवा की ताकत और उसकी ऊर्जा को समझते हुए उत्तराखंड में खेल संस्कृति को विकसित करने का काम किया है। युवा आत्मनिर्भर बन सके तथा स्वरोजगार और रोजगार से अपने सपनों को साकार कर सके इसके लिए हमने अनेक निर्णय युवाओं के हित में लिए। सख्त नकल कानून के द्वारा युवाओं के पारदर्शी चयन का मार्ग प्रशस्त किया। कुछ कर गुजरने का जज्बा रखने वाले युवाओं के लिए अनेक नीतियां लाई तथा उनका बेहतर तरीके से क्रियान्वयन कर रहे हैं।

इस अवसर पर खेल मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि 2047 तक युवा शक्ति के बल पर भारत विकसित बनेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार युवाओं और महिलाओं के सपनों को साकार करने के लिए अनेक प्रयास कर रही हैं।

राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने कहा कि आज देश और हमारा राज्य अनेक क्षेत्रों में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।

इस अवसर पर स्वराज विद्वान, उपाध्यक्ष अल्पसंख्यक आयोग फरजना बेगम, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा सहित संबंधित अधिकारी और युवा उपस्थित थे।

प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन के दूसरे सत्र में विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की स्थिति पर चर्चा

प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन के दूसरे सत्र में संस्कृति, शिक्षा-स्वास्थ्य जैसे विषयों पर विमर्श के केंद्र में नारी शक्ति रही। प्रदेश की वर्तमान परिस्थितियों का जिक्र करते हुए कहा गया कि महिलाओं के विकास के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। आवश्यकता ये है कि सामूहिक साझेदारी कर महिलाओं के विकास के लिए और कार्य किया जाए।

लोक संस्कृति के गहन जानकार गढ़वाल विश्वविद्यालय के प्रोफेसर रहे डीआर पुरोहित ने बेहद सधे तरीके से सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में महिला की स्थिति को सामने रखा। उन्होंने नंदा राज जात से लेकर रतेली, होली, बेडा बद्दियों के स्वांग और मांगल, शगुन आखर, खुदेड, न्योली के उदाहरण देते हुए अपनी बात रखी। उन्होंने कहा-हर क्षेत्र में महिलाओं की प्रभावपूर्ण स्थिति मौजूद रही है।

दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो सुरेखा डंगवाल ने कहा कि उत्तराखंड के 25 वर्ष के सफर में महिला स्वयं सहायता समूहों के रूप में महिला विकास के लिए बेहतर कार्य हुआ है। उन्होंने कहा कि यूं तो पूरे देश की महिलाओं में जज्बे की कमी नहीं है, लेकिन हिमालयी क्षेत्र होने की वजह से यहां की महिलाएं और ज्यादा ताकतवर दिखती हैं।

सेना में महिलाओं के स्थायी कमीशन की लड़ाई को मुकाम तक पहुंचाने वाली पूर्व विंग कमांडर, शिक्षाविद् व उद्यमी अनुपमा जोशी ने सेना में अपने अनुभवों को दिलचस्प ढंग से पेश किया। उन्होंने शिक्षा और उद्यमिता के क्षेत्र में महिलाओं की स्थिति और उनके लिए आवश्यक प्रयासों का भी जिक्र किया।

प्रख्यात लोक गायक पदमश्री प्रीतम भरतवाण ने कहा कि लोक संगीत में महिलाओं की प्रभावशाली उपस्थिति हमेशा से रही है। उन्होंने अपने संबोधन के बीच-बीच में जागर-पवाडे़ प्रस्तुत किए और महिलाओं की स्थिति पर चर्चा की। हंस फाउंडेशन से जुड़ीं रंजना रावत ने पहाड़ में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर अपनी बात रखी। उन्होंने खास तौर पर महिलाओं के स्वास्थ्य से संबंधित बातों को अपने व्याख्यान में उभारा। सत्र की शुरुआत में दून विश्वविद्यालय के प्रो एचसी पुरोहित ने भी अपनी बात रखी। सत्र का संचालन दून विश्वविद्यालय के प्रो हर्ष डोभाल ने किया।

माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्य पुस्तक प्रदान करने को स्वीकृत हुई 54.72 करोड की धनराशि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सार्वजनिक उपक्रमों/निगमों/निकायों में कार्यरत संस्थाएं, जहां सातवां वेतनमान लागू है, के नियमित कार्मिकों को राजकीय कार्मिकों की भांति दिनांक 01.07.2025 से मूल वेतन में अनुमन्य महंगाई भत्ते की वर्तमान दर 55 प्रतिशत से बढ़ाकर 58 प्रतिशत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में राजकीय एवं अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा 9 से 12 तक सामान्य व पिछड़ी जाति, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के छात्र-छात्राओं को निःशुल्क पाठ्य पुस्तक प्रदान किये जाने हेतु ₹ 54.72 करोड़ की धनराशि अवमुक्त किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री द्वारा उच्च शिक्षा विभाग के अन्तर्गत 21 अशासकीय महाविद्यालयों में कार्यरत कार्मिकों को चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के अन्तिम 04 माहों के वेतन आदि के भुगतान हेतु ₹ 57.14 करोड़ की धनराशि अवमुक्त किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने मां नन्दा राजजात यात्रा के कार्यों/योजनाओं को स्वीकृत किये जाने हेतु राज्य योजना के अन्तर्गत जनपद चमोली के विधानसभा क्षेत्र थराली में मां नन्दा राजजात यात्रा के अन्तर्गत देवाल मुन्दोली वाण मोटर मार्ग सं० 90 में हाट मिक्स द्वारा सतह सुधार एवं सुदृढीकरण कार्य हेतु 32.69 करोड तथा विकासखण्ड थराली में ग्वालदम-नन्दकेसरी राज्य मार्ग सं0 91 का डी०बी०एम०/बी०सी० द्वारा डामरीकरण एवं सुधारीकरण कार्य हेतु 15.06 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न योजनाओं के लिए 276.25 करोड की वित्तीय स्वीकृति
मुख्यमंत्री ने नाबार्ड वित्त पोषण से सम्बन्धित विभिन्न जनपदों के अन्तर्गत सिंचाई विभाग की विभिन्न 13 योजनाओं की लागत ₹ 30.54 करोड, विभिन्न जनपदों के अन्तर्गत सिंचाई विभाग की विभिन्न 16 योजनाओं की लागत ₹ 39.05 करोड, विभिन्न जनपदों के अन्तर्गत सिंचाई विभाग की विभिन्न 13 योजनाओं की लागत ₹ 25.76 करोड तथा विभिन्न जनपदों के अन्तर्गत लोक निर्माण विभाग की विभिन्न 31 परियोजनाओं की लागत 175.61 करोड़ की योजना (नाबार्ड वित्त पोषण हेतु) स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने राज्य योजना के अन्तर्गत जनपद चंपावत के विधान सभा क्षेत्र चंपावत में पोथ-कोटकेन्द्री-सेलागड मोटर मार्ग के क्षीणा नामक स्थान से सिद्धबाबा मंदिर होते हुए मंगोटी तक मोटर मार्ग के नव निर्माण कार्य हेतु 20 लाख, जनपद नैनीताल की विधानसभा क्षेत्र नैनीताल में राज्य योजना के अन्तर्गत गर्जिया (घुघुतियाधार) बेतालघाट-खैरना-सुयालबाडी-ओडाखान-पसियापानी-भटूलिया-मुक्तेश्वर मोटर मार्ग (राज्य मार्ग सं० 62) के कि०मी० 58 है०मी० 4-6 में पूर्व निर्मित क्लास बी लोडिंग सेतु के स्थान पर क्लास ए लोडिंग (डबल लेन) सेतु के प्रथम चरण के निर्माण कार्य हेतु ₹ 3.26 लाख, मानसखण्ड (राज्य योजना) के अन्तर्गत जनपद बागेश्वर के विधानसभा क्षेत्र बागेश्वर में कोसी-हवालबाग-मनान-सोमेश्वर-कौसानी-गरुड़-बैजनाथ मोटर मार्ग के बागेश्वर भूभाग का 1.50 लेन मार्ग का सुधारीकरण कार्य हेतु ₹ 4.34 करोड़, जनपद पिथौरागढ में रालम से रालम ग्लेशियर ट्रैक रूट का निर्माण किये जाने हेतु 38.76 लाख तथा जनपद चम्पावत में तामली मोटर मार्ग से राजकीय इण्टर कालेज मंच में स्थायी हैलीपैड तथा सड़क के निर्माण हेतु 33.04 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

स्पर्श हिमालय महोत्सव 2025 के समापन सत्र को सीएम ने किया संबोधित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लेखक गांव, थानों, देहरादून में आयोजित स्पर्श हिमालय महोत्सव-2025 के समापन सत्र में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लेखक गांव स्थित मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रदेश में सुख शांति की कामना की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य स्थापना की रजत जयंती उत्सव पर सभी आंदोलनकारियों को नमन करते हुए कहा कि लेखक गांव की परिकल्पना उन विचारों का प्रतीक है जो समाज को दिशा देते हैं, जो आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़ते हुए भविष्य का निर्माण करना सिखाते हैं। उन्होंने कहा लेखक गांव में आयोजित यह महोत्सव, नई सृजन-यात्रा का आरंभ है।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार साहित्य और संस्कृति के संरक्षण एवं प्रोत्साहन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। राज्य में उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान के माध्यम से उत्कृष्ट साहित्यकारों को सम्मानित एवं विभिन्न भाषाओं में ग्रंथ प्रकाशन के लिए वित्तीय सहायता योजना के तहत साहित्यकारों को अनुदान भी प्रदान किया जा रहा है। राज्य सरकार, प्रदेश के उत्कृष्ट साहित्यकारों को साहित्य भूषण और लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार से भी सम्मानित करने का कार्य कर रही है। जिसमें 5 लाख तक की धनराशि देने की भी घोषणा की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार युवा पीढ़ी को साहित्य के प्रति आकर्षित करने के लिए भी विभिन्न प्रतियोगिताओं और कार्यक्रमों का आयोजन कर रही है। उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए राज्य सरकार विकल्प रहित संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रहे है। सभी साहित्यकारों, कलाकारों, विद्वानों और संस्कृति के साधकगणों के सहयोग से हम अपने इस संकल्प को सिद्धि तक पहुंचाने में अवश्य सफल रहेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रजत जयंती वर्ष पर उत्तराखंड विधानसभा द्वारा आयोजित विशेष सत्र को संबोधित किया। उन्होंने कहा आगामी 9 नवंबर राज्य स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उत्तराखंड आ रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा उत्तराखंड जैसे सांस्कृतिक रूप से समृद्ध प्रदेश में लेखक गांव स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देने के साथ विश्व के साहित्यिक मानचित्र पर राज्य को एक नई पहचान प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा आने वाले समय में लेखक गांव, भारत की प्राचीन परंपराओं को आधुनिक दृष्टि से जोड़ने का कार्य करेगी।

इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, पूर्व रक्षा सचिव डॉ. योगेन्द्र नारायण, ले.ज अनिल कुमार भट्ट (से.नि), पद्मश्री डॉ. हरमोहिन्दर सिंह बेदी, विदुषी निशंक एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

उत्तराखंड रजतोत्सव वर्षः देशभर के संतों ने धामी सरकार के विकास कार्यो व सांस्कृतिक संरक्षण की सराहना की

उत्तराखंड की रजत जयंती वर्ष के अवसर पर आज मुख्यमंत्री आवास आध्यात्मिक ऊर्जा और सांस्कृतिक सौहार्द का केंद्र बन गया, जब देशभर के प्रमुख संतों एवं धर्माचार्यों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भेंट कर राज्य की प्रगति, सांस्कृतिक संरक्षण और अध्यात्मिक समृद्धि के प्रति उनके प्रयासों की सराहना की।

संत समाज ने प्रदेश के लिए सकारात्मक बदलाव, विरासत संरक्षण और धार्मिक-सांस्कृतिक मानकों को सुदृढ़ करने वाले निर्णयों की प्रशंसा करते हुए मुख्यमंत्री को आशीर्वाद प्रदान किया और उन्हें “देवभूमि का धर्म-संरक्षक” बताया। संतों ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और विकास की नई ऊँचाइयों की ओर अग्रसर है।


मुख्यमंत्री आवास में आध्यात्मिक संगम में आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरी महाराज, जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि, परमार्थ निकेतन ऋषिकेश के अध्यक्ष पूज्य स्वामी चिदानंद सरस्वती, अखाड़ा परिषद अध्यक्ष स्वामी रविंद्रपुरी महाराज, बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, पतंजलि योगपीठ के आचार्य बालकृष्ण, प्रसिद्ध आध्यात्मिक वक्ता जया किशोरी, चिंतक और लेखक डॉ. कुमार विश्वास सहित अनेकों प्रतिष्ठित संत-महात्मा एवं धर्माचार्य भेंट करने वाले प्रमुख संत-महात्माओं में शामिल रहे।

सभी संतों ने मुख्यमंत्री को रजत जयंती वर्ष की शुभकामनाएँ देते हुए राज्य के सांस्कृतिक सम्मान और अध्यात्मिक धरोहर संरक्षण को लेकर उनके समर्पण की सराहना की।

संत समाज ने की सीएम धामी की प्रशंसा
संतों ने कहा कि “मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान, आध्यात्मिक परंपरा और सामाजिक समरसता को मजबूत करने वाला नेतृत्व प्रदान किया है। उनके प्रयासों से देवभूमि की मूल आत्मा और सनातन विरासत सुरक्षित और सुदृढ़ हुई है।”

उन्होंने राज्य सरकार की उन नीतियों की भी सराहना की जिनसे सामाजिक-सांस्कृतिक अनुशासन, धार्मिक स्थलों का संरक्षण, आध्यात्मिक पर्यटन विकास तथा परंपरा-संरक्षण को नया आयाम मिला है।

कुम्भ-2027 को भव्य, दिव्य और विश्व-स्तरीय आयोजन के रूप में स्थापित करने के लिए संत समाज तथा सरकार मिलकर कार्य करेंगे
संत समाज ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को आशीर्वाद देते हुए कहा कि हरिद्वार कुम्भ-2027 को भव्य, दिव्य और विश्व-स्तरीय आयोजन के रूप में स्थापित करने के लिए वे सरकार के साथ कंधे-से-कंधा मिलाकर कार्य करेंगे। संतों ने कहा कि कुम्भ केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि सनातन परंपरा, भारतीय संस्कृति और वैश्विक आध्यात्मिक चेतना का महासंगम है, जिसे ऐतिहासिक स्वरूप देना हम सबकी सामूहिक ज़िम्मेदारी है।


संतों ने यह भी कहा कि कुम्भ की तैयारी के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं। यातायात, अधोसंरचना, घाटों का सौंदर्यीकरण, सुरक्षा व्यवस्थाएँ, स्वच्छता और तीर्थ विकास जैसे क्षेत्रों में जो योजनाएँ बन रही हैं, वे आने वाले वर्षों में हरिद्वार को विश्व आध्यात्मिक धरोहर केंद्र के रूप में और अधिक प्रतिष्ठित करेंगी।

उन्होंने मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि
“देवभूमि उत्तराखंड को कुम्भ-2027 में एक नए आयाम तक पहुँचाने की जो दूरदृष्टि मुख्यमंत्री ने प्रस्तुत की है, वह प्रेरणादायक है। सरकार द्वारा किए जा रहे त्वरित निर्णय, पारदर्शिता और धार्मिक परंपराओं के प्रति सम्मान से हमें पूर्ण विश्वास है कि यह कुम्भ इतिहास में अपना स्वर्णिम अध्याय लिखेगा।”

संत समाज ने आश्वस्त किया कि
“हम सभी संत-महात्मा, अखाड़े और धर्म संस्थान एक परिवार की तरह एकजुट होकर कुम्भ की सफलता के लिए निरंतर योगदान देंगे। कुम्भ के आयोजन में चाहे आध्यात्मिक मार्गदर्शन हो या जन-आस्था का प्रबंधन, हर मोर्चे पर हमारा सहयोग निरंतर रहेगा।”

सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विकास का केंद्र बन रहा उत्तराखंड
संत समाज ने यह भी कहा कि उत्तराखंड आज तेजी से वैश्विक आध्यात्मिक केंद्र और शांति-स्थल के रूप में उभर रहा है, जिसका श्रेय राज्य सरकार की सांस्कृतिक दृष्टि और दूरदर्शी नेतृत्व को है।

कार्यक्रम में उपस्थित सभी संतों और आध्यात्मिक गुरुओं ने प्रदेश वासियों के लिए मंगलकामनाएं व्यक्त कीं और उत्तराखंड की रजत जयंती को आध्यात्मिक रूप से ऐतिहासिक बनाने के लिए मुख्यमंत्री को आशीर्वाद दिया।

प्रवासी उत्तराखंडी हैं देवभूमि के सच्चे ब्रांड एम्बेसडरः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दून विश्वविद्यालय में राज्य स्थापना के रजत जयंती समारोह के अंतर्गत आयोजित “प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन” का शुभारंभ किया। इस अवसर पर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में आई आपदाओं में जान गंवाने वालों के प्रति श्रद्धांजलि स्वरूप एक मिनट का मौन भी रखा गया।

मुख्यमंत्री ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि प्रवासी उत्तराखंडी देवभूमि की संस्कृति, परंपराओं और मातृभूमि के गौरव को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रहे हैं। प्रवासी उत्तराखंडी देवभूमि के सच्चे ब्रांड एम्बेसडर हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की विशिष्ट लोक संस्कृति, भाषा और बोली में झलकने वाली आत्मीयता हमें विश्वभर में जोड़ती है। उन्होंने कहा कि प्रवासी उत्तराखंडी जहां भी रहते हैं, अपने साथ देवभूमि की संस्कृति और अपनी मिट्टी की सुगंध लेकर चलते हैं। राज्य सरकार ने प्रवासी उत्तराखंड परिषद का गठन इसी उद्देश्य से किया है ताकि उनके सुझाव और अनुभव राज्य के विकास की मुख्यधारा में शामिल किए जा सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के अनेक प्रवासी स्वयं अपने गांवों को गोद लेकर विकास में योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड सरकार “विकसित भारत, विकसित उत्तराखंड” के लक्ष्य की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, खेल, पेयजल और हवाई कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति की है। “एक जनपद दो उत्पाद”, “हाउस ऑफ हिमालयाज”, “स्टेट मिलेट मिशन”, “नई पर्यटन नीति”, “वेड इन उत्तराखंड” और “सौर स्वरोजगार योजना” जैसी योजनाओं से स्थानीय अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा आई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य ने सतत विकास लक्ष्यों में नीति आयोग की रैंकिंग में देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” में उत्तराखंड को “एचीवर्स” तथा “स्टार्टअप रैंकिंग” में “लीडर्स” श्रेणी प्राप्त होना राज्य के सुनियोजित प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सांस्कृतिक मूल्यों और जनसांख्यिकीय संतुलन को बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। राज्य में देश का सबसे सख्त नकल-विरोधी कानून लागू किया गया है, जिसके परिणामस्वरूप पिछले चार वर्षों में 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवा प्राप्त हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के विरुद्ध “जीरो टॉलरेंस” की नीति पर कार्य कर रही है, जिसके तहत चार वर्षों में 200 से अधिक भ्रष्टाचारियों को जेल भेजा गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि स्वर्ण जयंती वर्ष तक उत्तराखंड ऐसा राज्य बने जहां हर युवा को सम्मानजनक रोजगार मिले, पलायन रुके और प्रवासियों की गौरवपूर्ण वापसी हो। “विकास भी, विरासत भी” की भावना के साथ राज्य सांस्कृतिक समृद्धि और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर है। मुख्यमंत्री ने प्रवासी उत्तराखंडियों से आह्वान किया कि वे भी राज्य के इस विकास अभियान में भागीदार बनें।

पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि हमारी देवभूमि का रहस्य और विरासत ईमानदारी तथा परिश्रम में निहित है। इसके कारण उत्तराखंड का व्यक्ति देश-विदेश में अपनी प्रतिभा, कर्मठता और ईमानदारी से कार्य करता है। उन्होंने कहा कि हमें अपनी ताकत को पहचानना होगा। आज अनेक मानकों में उत्तराखंड देश के अग्रणी राज्यों में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी उत्तराखंड के प्रति विशेष लगाव है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि हमारे सभी प्रवासी अपनी जड़ों से हमेशा जुड़े रहेंगे और राज्य के विकास में निरंतर योगदान देंगे।

विधायक विनोद चमोली ने कहा कि उत्तराखंड की अनेक हस्तियों ने देश के विभिन्न हिस्सों में अपने कार्यों के बल पर विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने सभी प्रवासी उत्तराखंडियों से अपील की कि वे जिन भी क्षेत्रों में दक्ष हैं, राज्य के विकास में उस क्षेत्र में अवश्य योगदान करें। उन्होंने कहा कि प्रवासियों को राज्य के विकास में जो भी सहयोग देना है, उसमें राज्य सरकार पूरा समर्थन देगी।

दिल्ली विधानसभा के उपाध्यक्ष और प्रवासी उत्तराखंडी मोहन सिंह बिष्ट ने इस सम्मेलन के आयोजन के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तराखंड हमारी आत्मा और संस्कृति की धरोहर है। उत्तराखंड की मिट्टी की खुशबू, बोली की मिठास और लोकनृत्यों की ध्वनि हमारे हृदय में सदा गूंजती रहती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड निरंतर प्रगति की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

प्रवासी उत्तराखंडी और फिल्म अभिनेत्री हिमानी शिवपुरी ने बताया कि उन्होंने रुद्रप्रयाग जनपद में अपने पैतृक गांव को गोद लिया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सांस्कृतिक और लोककला की दृष्टि से समृद्ध राज्य है, इसलिए हमें अपनी परंपराओं को आगे बढ़ाने की दिशा में निरंतर कार्य करना होगा।

प्रवासी उत्तराखंडी और राजस्थान के मुख्य सचिव सुधांश पंत ने कहा कि प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन का यह दिन हमारी मिट्टी की महक, संस्कृति की आत्मा और अपनत्व का उत्सव है। उन्होंने कहा कि पहाड़ की ठंडी हवा में माँ की ममता बसती है। उत्तराखंड हमारी आस्था, परिश्रम और संस्कारों की भूमि है। उन्होंने कहा कि आज हम सब मिलकर यह संकल्प लें कि हम अपनी संस्कृति से जुड़े रहेंगे और उत्तराखंड को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में अपना पूरा योगदान देंगे।

उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि आज राज्य शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, जैविक कृषि, औद्योगिक विकास और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है। सशक्त और समृद्ध उत्तराखंड के संकल्प के साथ शासन, प्रशासन एवं जनभागीदारी से राज्य आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर की मजबूती के लिए तेजी से कार्य कर रही है। 38वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन के साथ राज्य ने खेल भूमि के रूप में नई पहचान बनाई है। सरकार की पारदर्शी नीति और अनवरत प्रयासों के परिणामस्वरूप राज्य की जीडीपी और प्रति व्यक्ति आय में तीव्र वृद्धि हुई है।

प्रवासी उत्तराखंडी और भारत सरकार के कपड़ा मंत्रालय में निदेशक पूर्णेश गुरूरानी ने कहा कि उत्तराखंड में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन डिजाइनिंग सेंटर स्थापित करने की दिशा में प्रयास किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में हिमालय फाइबर के विकास की व्यापक संभावनाएं हैं। इसके लिए केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य के दोनों मंडलों में टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने के प्रयास किए जाने चाहिए।

इस अवसर पर प्रवासी उत्तराखंडियों ने राज्य के विकास के लिए अपने सुझाव प्रस्तुत किए तथा राज्य के लिए किए जाने वाले संभावित योगदान की जानकारी साझा की।
इस अवसर पर विधायक किशोर उपाध्याय, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल, सचिवगण और देशभर से आए प्रवासी उपस्थित थे।

गुरूनानक जयंती पर सीएम ने गुरू सिंह सभा गुरूद्वारे में टेका माथा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुनानक जयंती एवं कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा रेसकोर्स में मथा टेका। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों व विशेष रूप से सिख समुदाय को हार्दिक शुभकामनाएं दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री गुरु नानक देव ने समाज की बुराइयों को दूर करने के लिए अपने उपदेशों एवं शिक्षा के माध्यम से लोगों को जागरूक किया। उनका जीवन हमें समाज में भाईचारा, सद्भाव एवं आपसी एकता को बढावा देने की प्रेरणा देता है।

विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने दोहराया अपना संकल्प

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान आयोजित परिचर्चा में भाग लेते हुए, राज्य गठन की पृष्ठभूमि से लेकर वर्तमान तक का विस्तृत खाका खींचते हुए, सदन के सामने आगामी वर्षों में उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का संकल्प दोहराया।

सभी मुख्यमंत्रियों का योगदान सराहा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अटल सरकार के कार्यकाल में राज्य स्थापना के साथ ही केंद्र सरकार द्वारा राज्य को विशेष आर्थिक पैकेज प्रदान किया गया। जिसके माध्यम से पूर्व मुख्यमंत्री स्व नित्यानंद स्वामी और भगत सिंह कोश्यारी के नेतृत्व में राज्य में जनकल्याणकारी योजनाओं के साथ-साथ पर्यटन विकास, औद्योगिक विस्तार और आर्थिक सुधारों का नया दौर प्रारंभ हुआ। उसके बाद वर्ष 2002 में राज्य के प्रथम विधानसभा चुनाव के बाद स्व. नारायण दत्त तिवारी के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार बनी। उनके नेतृत्व में राज्य में प्रशासनिक स्थिरता स्थापित करने, औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करने तथा शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढाँचे के विस्तार की दिशा में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। वर्ष 2007 के बाद, तत्कालीन मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी का कार्यकाल ‘’सुशासन, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व’’ की नीति पर केंद्रित रहा। इसके पश्चात डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ के मुख्यमंत्रित्व काल में भी कई ऐतिहासिक निर्णयों के माध्यम से राज्य का चहुंमुखी विकास सुनिश्चित किया गया।

इसी क्रम में वर्ष 2012 में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में राज्य की जनता ने कांग्रेस पार्टी को सत्ता सौंपी, ये कालखंड राज्य के लिए राजनीतिक अस्थिरता, प्राकृतिक आपदाओं और विभिन्न चुनौतियों का दौर रहा। इसी दौरान केंद्र सरकार के सहयोग से केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण कार्य प्रारंभ किए गए, जिन्होंने 2013 की भीषण आपदा के बाद श्रद्धालुओं के विश्वास को पुनर्स्थापित करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। जबकि वर्ष 2017 में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को प्रचंड बहुमत से विजय प्राप्त हुई, जिसमें त्रिवेंद्र सिंह रावत को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में सेवा का अवसर मिला। उनके नेतृत्व में राज्य में सुशासन, पारदर्शिता और तकनीक आधारित प्रशासन की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण सुधार प्रारंभ किए गए। उनके पश्चात तीरथ सिंह रावत ने मुख्यमंत्री पद का दायित्व संभालते हुए अल्प अवधि में ही हरिद्वार कुंभ जैसे विश्व के सबसे बड़े आध्यात्मिक आयोजन का कोरोना जैसी महामारी के बीच सफल आयोजन कराया।

कठिन चुनौतियों के बीच निभाई जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि जुलाई 2022 में कोरोना महामारी जैसी वैश्विक आपदा के दौर और विधानसभा चुनाव से मात्र सात माह पूर्व उन्हें राज्य के मुख्य सेवक के रूप में दायित्व संभालने का अवसर मिला। उस अल्पावधि में अनेकों चुनौतियां थीं, ऐसे में प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और सहयोग से उन्होंने राज्य में चल रही विभिन्न नीतियों और योजनाओं का सफलतापूर्वक संचालन करते हुए राज्य को नई दिशा देने का प्रयास किया। जिसके परिणामस्वरूप वर्ष 2022 में हुए विधानसभा चुनाव में उत्तराखंड की जनता ने राज्य के इतिहास में पहली बार किसी एक दल को दूसरी बार भारी बहुमत से विजयी बनाकर पुनः राज्य की सेवा करने का अवसर प्रदान किया। उसके बाद से सरकार राज्य आंदोलनकारियों के सम्मान और उनके सपनों को साकार करने के लिए कृत संकल्पित होकर कार्य कर रही है।

प्रगति के पथ पर उत्तराखंड
मुख्यमंत्री ने सरकार के काम काज का विस्तार से विवरण प्रस्तुत करते हुए कहा कि राज्य में रोजगार एवं स्वरोजगार के साधनों को बढ़ाने के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों में 30 से अधिक नई नीतियों को बनाकर प्रदेश के समग्र विकास का विजन प्रस्तुत करते हुए राज्य को प्रगति के पथ पर आगे ले जाने का प्रयास किया गया है। इन प्रयासों से नीति आयोग द्वारा जारी वर्ष 2023-24 के सतत् विकास लक्ष्य इंडेक्स में हमारे प्रदेश को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। आज प्रदेश की बेरोजगारी दर राष्ट्रीय औसत से बेहतर है। आज राज्य की अर्थव्यवस्था का आकार 26 गुना बढ़ा है और प्रति व्यक्ति आय में 18 गुना बढ़ोतरी हुई है। राज्य गठन के समय हमारी अर्थव्यवस्था का आकार 14 हजार 501 करोड़ रुपए था, जो 2024-25 में बढ़कर 3 लाख 78 हजार 240 करोड़ रुपये होने जा रहा है। इसी प्रकार राज्य गठन के समय हमारे राज्य में प्रति व्यक्ति आय सिर्फ 15 हजार 285 रुपए थी, जो अब बढ़कर लगभग 2 लाख 74 हजार 64 रुपए के करीब है।

डबल इंजन सरकार ने गैरसैंण को बनाया ग्रीष्मकालीन राजधानी
उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार ने गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने का काम किया। उन्होंने स्वयं गैरसैंण के सारकोट गाँव को गोद लिया है, प्रतिपक्ष के साथियों को वहां जाकर जायजा लेना चाहिए। राज्य सरकार ने वर्ष 2023 में ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट का आयोजन कर 3.56 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश समझौते किए।

किसान कल्याण के लिए समर्पित
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के किसानों के उत्थान एवं समृद्धि के लिए संकल्पित होकर निरंतर कार्य कर रही है। एक ओर जहां प्रदेश में किसानों को तीन लाख रुपए तक का ऋण बिना ब्याज के उपलब्ध कराई जा रही है, वहीं कृषि उपकरण खरीदने हेतु ’’फार्म मशीनरी बैंक’’ योजना के माध्यम से 80 प्रतिशत तक की सब्सिडी भी प्रदान की जा रही है।

तीर्थाटन के साथ पर्यटन पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि तीर्थाटन और पर्यटन हमारे राज्य की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार राज्य में धार्मिक, साहसिक, ईको-टूरिज्म, वेलनेस टूरिज्म, एग्रो टूरिज्म और फिल्म पर्यटन जैसे विभिन्न क्षेत्रों को विकसित करने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। आज जहां एक ओर केदारखंड और मानसखंड के मंदिरों के सौंदर्यीकरण हेतु विभिन्न कार्य किए जा रहे हैं। वहीं ऋषिकेश और हरिद्वार को योग और आध्यात्मिक केंद्रों के रूप में वैश्विक स्तर पर प्रमोट करने के उद्देश्य से ऋषिकेश-हरिद्वार कॉरिडोर पर भी कार्य किया जा रहा है।

देवभूमि बनी खेल भूमि
उन्होंने कहा कि सरकार देवभूमि को खेल भूमि के रूप में स्थापित करने के लिए भी निरंतर प्रयासरत है। इसी वर्ष राज्य में राष्ट्रीय खेलों का आयोजन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। इन खेलों में उत्तराखण्ड ने 103 पदक जीतकर पहली बार राष्ट्रीय खेलों में 7वां स्थान प्राप्त कर एक नया इतिहास रचा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार मातृशक्ति के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए भी संकल्पित होकर कार्य कर रही है। जिसके अंतर्गत सरकार ने राज्य में सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है।

इंफ्रा प्रोजेक्ट में तेजी
उन्होंने कहा कि आज ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना द्वारा पहाड़ों तक रेल पहुंचाने का वर्षों पुराना हमारा सपना साकार होने जा रहा है। इसके साथ ही प्रदेश में रोपवे विकास की दिशा में भी उल्लेखनीय कार्य हो रहे हैं। केंद्र सरकार के सहयोग से गौरीकुंड से केदारनाथ धाम तक, गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक रोपवे परियोजनाओं का निर्माण भी शीघ्र प्रारंभ होने जा रहा है। डबल इंजन सरकार’’ द्वारा उड़ान योजना के अंतर्गत प्रदेश में 18 हेलीपोर्ट्स विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें से अब तक 12 हेलीपोर्ट्स पर हवाई सेवाएं सफलतापूर्वक प्रारंभ की जा चुकी हैं।

स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण के लिए प्रयासरत है। जहां एक ओर राज्य के प्रत्येक जिले में एक मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं, वहीं देहरादून, हल्द्वानी और श्रीनगर मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशियलिटी विभाग स्थापित करने के साथ ही हल्द्वानी में राज्य के प्रथम आधुनिक कैंसर संस्थान का निर्माण कार्य भी चल रहा है। हालांकि अभी हमें स्वास्थ्य क्षेत्र में और अधिक काम करने की आवश्यकता है।

लंबित समस्याओं का निदान किया
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य गठन के पश्चात हमारे समक्ष ऐसी बहुत सी समस्याएं थीं, जिनका यदि समय पर समाधान हो जाता तो आज उत्तराखंड की स्थिति ओर अधिक मजबूत होती। इसी क्रम में मुख्य सेवक का दायित्व संभालने के पश्चात, उन्होंने देखा कि हमारे राज्य के युवा नकल माफियाओं के कारण दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं। इसलिए सरकार ने देश का सबसे सख्त नकल कानून लाकर हमने नकल माफिया की रीढ़ तोड़ने का काम किया। इसी का परिणाम है कि पिछले साढ़े 4 चार वर्षों के अपने कार्यकाल में हम रिकॉर्ड 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान करने में सफल रहे।

साफ नीयत स्पष्ट नीति और पारदर्शी प्रक्रिया
मुख्यमंत्री ने कहा कि वो साफ नीयत, स्पष्ट नीति और पारदर्शी प्रक्रिया के साथ शासन चलाने का संकल्प लेकर कार्य कर रहे हैं। आज उत्तराखंड में न तो किसी घोटालेबाज़ को संरक्षण मिलता है, न किसी भ्रष्टाचारी को बख्शा जाता है। आज भ्रष्टाचारियों पर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्यवाही करते हुए प्रदेश के इतिहास में पहली बार आईएएस और पीसीएस स्तर के अधिकारियों सहित पिछले चार वर्षों में भ्रष्टाचार में लिप्त 200 से अधिक लोगों के खिलाफ कठोर कार्यवाही की है।

राज्यहित में लिए दूरगामी निर्णय
उन्होंने कहा कि सरकार ने राज्यहित में अनेक ऐसे ऐतिहासिक एवं दूरगामी निर्णय लिए हैं, जिनका सकारात्मक प्रभाव आने वाली पीढ़ियों तक महसूस किया जाएगा। सरकार ने देश में सबसे पहले “समान नागरिक संहिता” कानून लागू कर सभी नागरिकों को समान अधिकार और अवसर सुनिश्चित करने का काम किया। डेमोग्राफी बदलाव रोकने के लिए सरकार ने प्रदेश में जहां एक ओर ’’धर्मांतरण विरोधी कानून’’ बनाया, वहीं लव जिहाद, लैंड जिहाद, थूक जिहाद जैसे कुकृत्यों को रोकने के लिए भी सख्त कार्रवाई की। प्रदेश में दंगों की राजनीति करने वालों को सबक सिखाने के लिए सख्त दंगा रोधी कानून बनाकर दंगों में होने वाले नुकसान की भरपाई भी दंगाईयों से ही करने का काम किया गया। साथ ही देवभूमि के मूल स्वरूप को पुनर्स्थापित करने के उद्देश्य से राज्य में सख्त भू-कानून लागू करने का ऐतिहासिक फैसला लेने का भी काम किया। सरकार ने राज्य में मदरसा बोर्ड को भी समाप्त करने का निर्णय लिया है।

उत्तराखंड को बनाएंगे देश का श्रेष्ठ राज्य
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड ने अपनी इन 25 वर्षों की यात्रा में अनेकों उतार चढ़ावों का सामना सफलतापूर्वक किया है, उन्हें पूर्ण विश्वास है कि प्रदेश की सवा करोड़ जनता के सहयोग से हम आने वाले वर्षों में उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने ’’विकल्प रहित संकल्प’’ को पूर्ण करने में अवश्य सफल रहेंगे।

राष्ट्रपति का जताया आभार
इससे पूर्व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा के विशेष सत्र को संबोधित करने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का सदन की ओर से आभार व्यक्त करने के साथ, देश के अमर शहीदों, राज्य आंदोलनकारियों और राज्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को भी सदन की ओर से नमन किया।

राज्य स्थापना की रजत जयंती के विशेष सत्र में सीएम धामी ने किया ऐतिहासिक वक्तव्य, संघ के योगदान का अभिनंदन

देवभूमि उत्तराखण्ड की विधानसभा ने आज एक ऐतिहासिक क्षण दर्ज किया, जब राज्य की स्थापना की रजत जयंती (25 वर्ष पूर्ण होने) के अवसर पर आयोजित विशेष सत्र में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सौ वर्ष पूर्ण होने पर संगठन के देश निर्माण में योगदान की औपचारिक सराहना की।

इस अवसर पर उत्तराखण्ड विधानसभा देश की पहली संवैधानिक संस्था बन गई जिसने संघ के राष्ट्र निर्माण, सामाजिक जागरण और सांस्कृतिक पुनर्जागरण में दिए योगदान को सदन में आधिकारिक रूप से मान्यता दी।

मुख्यमंत्री धामी ने अपने वक्तव्य में कहा कि “राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपनी सौ वर्षों की तपोमय यात्रा के माध्यम से भारत में सांस्कृतिक पुनरुत्थान, सामाजिक समरसता, आत्मगौरव और राष्ट्रनिष्ठ सेवा की ऐसी दिव्य धारा प्रवाहित की है जिसने देश के कोने-कोने में राष्ट्रीय चेतना की अखंड ज्योति प्रज्वलित की।”

उन्होंने कहा कि जो भारत कभी गुलामी की मानसिकता से ग्रस्त था, आज वही अपने सांस्कृतिक मूल्यों, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और परंपराओं पर गर्व करता है कृ यह आत्मगौरव संघ की शताब्दी तपस्या का ही परिणाम है।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड ने अपने 25 वर्षों के विकास सफर में अनेक उतार-चढ़ाव देखे हैं, किंतु राज्य ने सदैव विकल्प रहित संकल्प के साथ प्रगति की राह पर कदम बढ़ाया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आगामी वर्षों में जनता के सहयोग से उत्तराखण्ड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने का लक्ष्य अवश्य पूरा होगा।

सत्र के समापन पर मुख्यमंत्री धामी ने संघ शाखा में गाए जाने वाले प्रेरक गीत की पंक्तियों के साथ अपनी बात समाप्त की कृ

“ये उथल-पुथल उछाल लहर, पथ से न डिगाने पाएगी,
पतवार चलाते जाएंगे, मंज़िल आएगी, आएगी३”

इस ऐतिहासिक अवसर पर पूरे सदन में एकता, आत्मगौरव और राष्ट्रभक्ति की भावना का संचार हुआ। विधानसभा द्वारा पारित यह भावनात्मक अभिव्यक्ति न केवल उत्तराखण्ड बल्कि सम्पूर्ण भारत के लिए संघ की राष्ट्रसेवा की शताब्दी यात्रा को सम्मानित करने वाला क्षण बन गई।