यात्रा पर जाने से पूर्व मौसम की जानकारी ले लें

मौसम विभाग द्वारा 12 एवं 13 मई को प्रदेश के विभिन्न हिस्सों, विशेषकर पर्वतीय क्षेत्रों में वर्षा और प्रतिकूल मौसम की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इस पर संज्ञान लेते हुए गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान मौसम की ताज़ा जानकारी अवश्य प्राप्त करें तथा पूरी सावधानी के साथ अपनी यात्रा की योजना बनाएं।

आयुक्त ने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि मौसम की संवेदनशीलता को देखते हुए 12 और 13 मई को यात्रा कार्यक्रम बनाते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतें। यदि संभव हो तो मौसम सामान्य होने के बाद यात्रा करना अधिक सुविधाजनक रहेगा। साथ ही, यात्रा के दौरान प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, ताकि यात्रा सुरक्षित और सुखद बनी रहे।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चारधाम यात्रा को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा सभी संबंधित विभागों को आवश्यक तैयारियां और व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने विश्वास जताया कि श्रद्धालुओं के सहयोग और सतर्कता से चारधाम यात्रा निर्विघ्न और सफलतापूर्वक संपन्न होगी।

मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं के लिए 256 करोड की वित्तीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा राज्य की विभिन्न विकास योेजनाओं के साथ ही कुम्भ मेला-2027 से संबंधित महत्वपूर्ण योजनाओं के लिए ₹ 256 करोड की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा राज्य आपदा मोचन निधि के अन्तर्गत 15वें वित्त आयोग की अवशेष धनराशि से प्रत्येक जनपद को राहत एवं बचाव मद में ₹ 3.00 करोड, पुनर्प्राप्ति एवं पुनर्निर्माण मद में ₹ 5.00 करोड़ तथा तैयारी एवं क्षमता विकास मद में ₹ 2.00 करोड़, इस प्रकार प्रति जनपद ₹ 10.00 करोड़, कुल धनराशि ₹ 130 करोड़ अवमुक्त किये जाने के साथ ही वित्तीय वर्ष 2026-27 के आय-व्ययक में उत्तराखण्ड राज्य में समस्त जिलाधिकारियों को नोन एसडीआरएफ (जिलाधिकारियों हेतु आपदा से क्षतिग्रस्त परिसम्पत्तियों के पुनर्निर्माण) में प्राविधानित धनराशि ₹ 39.00 करोड़ के सापेक्ष प्रति जनपद धनराशि ₹ 2.00 करोड़, कुल धनराशि ₹ 26.00 करोड़ स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा कुम्भ मेला-2027 के अन्तर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-58 से औद्योगिक क्षेत्र तक चार लेन मार्ग के नवीनीकरण हेतु ₹ 2.72 करोड, पथुलोक बैराज मार्ग के किमी0 0.00 से 5.00 तक बी०सी० द्वारा सुधार कार्य हेतु ₹ 2.13 करोड तथा बहादराबाद-रोहाल्की तिराहे से अलीपुर-सुकरासा-पथरी अम्बूवाला मार्ग के नवीनीकरण कार्य हेतु ₹ 1.36 करोड की धनराशि अवमुक्त किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा जनपद देहरादून की पित्थूवाला शाखा में कमला पैलेस एवं जी०एम०एस० रोड क्षेत्र में नलकूप निर्माण, राईजिंग मेन और वितरण प्रणाली एवं तत्संबंधी कार्यों हेतु ₹ 20.37 करोड स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा SASCI कार्यक्रम के अन्तर्गत जनपद रुद्रप्रयाग के तिलवाडा नगर पंचायत पेयजल योजना हेतु ₹ 39.86 करोड, जनपद चमोली की पीपलकोटी नगर पंचायत पेयजल योजना हेतु ₹ 24.38 करोड तथा जनपद टिहरी गढ़वाल की हिण्डोलाखाल पम्पिंग पेयजल योजना हेतु ₹ 9.73 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा रुड़की नगर निगम में सुनहरा मार्ग चौराहे का नाम शहीद चौक रखे जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

खिलाड़ियों के साथ खेल मैदान में उतरे मुख्यमंत्री धामी, क्रिकेट और फुटबॉल खेलकर बढ़ाया युवाओं का उत्साह

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज अपने पिथौरागढ़ जनपद भ्रमण कार्यक्रम के दौरान श्री सुरेन्द्र सिंह वल्दिया स्टेडियम पहुंचकर उच्चीकृत क्रिकेट मैदान का लोकार्पण किया तथा क्रिकेट मैदान को जनपदवासियों को समर्पित किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने क्रिकेट पिच पर स्वयं बल्लेबाजी करते हुए छह गेंदों का ओवर खेलकर पिच का औपचारिक उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री का खिलाड़ियों के साथ खेल मैदान में उत्साहपूर्ण और आत्मीय अंदाज देखने को मिला।

इसके उपरांत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वहां उपस्थित खिलाड़ियों एवं युवाओं से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने खिलाड़ियों के साथ फुटबॉल, हॉकी एवं अन्य खेल गतिविधियों में भी सहभागिता की। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल केवल शारीरिक विकास का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास और टीम भावना विकसित करने का सशक्त माध्यम भी हैं।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने वहां उपस्थित समस्त युवाओं को नशे के खिलाफ शपथ भी दिलाई तथा उन्हें नशे से दूर रहकर अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने युवाओं से नशे के खिलाफ राज्य में चल रहे अभियान से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि खेल युवाओं को अनुशासन, स्वस्थ जीवनशैली एवं सकारात्मक सोच की ओर प्रेरित करते हैं। मुख्यमंत्री ने समस्त खिलाड़ियों को आशीर्वाद प्रदान किया तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 9 खिलाड़ियों को सम्मानित भी किया।

मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए खेलों के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई और उत्तराखंड को खेल के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने का संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं में अपार प्रतिभा एवं क्षमता है। खेल महाकुंभ जैसे आयोजनों से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों की प्रतिभाओं को अपनी कुशलता प्रदर्शित करने का बेहतरीन मंच प्राप्त हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई खेल नीति के माध्यम से राज्य के उदीयमान खिलाड़ियों को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है, ताकि वे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन कर सकें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेल अधोसंरचना को मजबूत करने तथा आधुनिक खेल सुविधाओं के विस्तार हेतु निरंतर कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने पिथौरागढ़ सहित राज्य के विभिन्न जनपदों में खेलों के लिए बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने की बात कही। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य युवाओं को खेलों के माध्यम से सकारात्मक दिशा प्रदान करना तथा उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना है। मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि इस क्रिकेट मैदान में चारों ओर फ्लड लाइट की व्यवस्था की जाएगी।

इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, खेल प्रेमी एवं बड़ी संख्या में खिलाड़ी उपस्थित रहे।

देवभूमि के शिखर पर स्वास्थ्य का नया अध्याय की भावना से संचालित होगा अस्पतालः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्री केदारनाथ धाम में भारत पेट्रोलियम कॉर्पाेरेशन लिमिटेड हॉस्पिटल का विधिवत लोकार्पण किया। यह अस्पताल स्वामी विवेकानन्द हेल्थ मिशन सोसाइटी द्वारा संचालित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार श्री केदारनाथ धाम में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर एवं त्वरित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले इस उच्च हिमालयी क्षेत्र में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से युक्त अस्पताल का संचालन स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती प्रदान करेगा। यह अस्पताल यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों के लिए भी अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन द्वारा श्री केदारनाथ धाम यात्रा को सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित बनाए रखने हेतु स्वास्थ्य सेवाओं को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। यात्रा मार्ग पर चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ, स्वास्थ्य जांच केंद्रों, ऑक्सीजन सुविधाओं एवं आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार स्वस्थ उत्तराखंड समृद्ध उत्तराखंड के सपने को साकार करने के लिए प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार एवं सुधारीकरण की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आयुष्मान योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 61 लाख आयुष्मान कार्ड जारी किए गए हैं जिसके माध्यम से आज प्रदेश के अंदर लाखों मरीजों को निशुल्क उपचार मिल रहा है इसके साथ ही राज्य के प्रत्येक जनपद में एक मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की दिशा में भी कार्य कर रहे हैं।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने बाबा केदार के दर्शन एवं पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना भी की। उन्होंने कहा कि श्री केदारनाथ धाम केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि सेवा एवं मानवता का भी प्रतीक है और इसी भावना के साथ सरकार देवभूमि में स्वास्थ्य एवं जनसुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में कार्य कर रही है।

कार्यक्रम में उपस्थित विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल ने कहा कि यह अस्पताल सेवा, समर्पण एवं जनकल्याण का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो भविष्य में लाखों श्रद्धालुओं एवं स्थानीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

इस अवसर पर भारत पेट्रोलियम कॉर्पाेरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक संजय खन्ना, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह-सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल, अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य सुरेश सोनी, विश्व हिंदू परिषद के संरक्षक दिनेश चंद्र, बद्री केदार मंदिर समिति अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, बद्री केदार उपाध्यक्ष विजय कप्रवान, श्री केदार सभा के अध्यक्ष पं. राजकुमार तिवारी, ब्लॉक प्रमुख ऊखीमठ पंकज शुक्ला, जिला पंचायत सदस्य अमित मेंखडी, महा मंत्री अकिंत सेमवाल, संजय तिवारी, , जिला पंचायत सदस्य सुबोध बगवाड़ी, केशव बहुगुणा, जिलाधिकारी विशाल मिश्रा, पुलिस अधीक्षक निहारिक तोमर, उप जिलाधिकारी कृष्णा त्रिपाठी, कर्नल अजय कोटियाल सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

मुख्य सचिव ने की स्टेट प्रगति के तहत विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिवालय स्थित अपने सभागार में विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने प्रगति की तर्ज पर प्रदेश की महत्त्वपूर्ण योजनाओं की समीक्षा के लिए स्टेट प्रगति शुरू किया है। उन्होंने कहा कि स्टेट प्रगति के तहत महत्त्वपूर्ण परियोजनाओं की नियमित रूप से समीक्षा की जाएगी, ताकि परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा पर पूर्ण किया जा सके।

मुख्य सचिव ने परियोजनाओं को तय समयसीमा में अंतर्गत पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने नैनीताल में एसटीपी, ट्रंक सीवर से संबंधित कार्यों सहित सीवरेज प्रणाली निर्माण कार्य, जो भूस्खलन के कारण बाधित है, के लिए चिह्नित नई भूमि के लिए संबंधित विभाग से शीघ्र एनओसी लेकर नई टाईमलाईन जारी की जाएं। उन्होंने परियोजना का टाईमलाईन के अनुसार लगातार मॉनिटरिंग करते हुए समय से कार्य पूर्ण कराए जाने के निर्देश दिए।
इसी प्रकार मुख्य सचिव ने नगरपालिका नरेंद्रनगर के अंतर्गत एसटीपी निर्माण कार्य में आ रही समस्याओं को जिला प्रशासन को शीघ्र स्टेक हॉल्डर्स से संवाद कर निस्तारित किए जाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने निर्देश दिए कि हल्द्वानी-काठगोदाम जल आपूर्ति योजना के तहत जल स्रोत क्षमता विकास का कार्य में वनभूमि हस्तांतरण आदि के कार्य को लगातार फॉलोअप कर निस्तारित किया जाए।

मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, वीरचन्द्र सिंह गढ़वाली स्वरोजगार योजना की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक लोग इन योजनाओं का लाभ ले सकें इसके लिए आवेदकों को हर सम्भव सहायता मुहैय्या करवायी जाए। उन्होंने विभागों द्वारा बैंकों के साथ ही समन्वय किए जाने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने प्रदेश की महत्त्वपूर्ण योजनाओं का प्रत्येक 5 साल में मूल्यांकन भी किए जाने की बात कही। कहा कि मूल्यांकन से योजनाओं में और सुधार लाया जा सकेगा।

मुख्य सचिव ने मिशन एप्पल योजना की सफलता के लिए क्लस्टर बेस्ड एप्रोच अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक प्रोग्रेसिव किसानों को एप्पल मिशन से जोड़ने के लिए प्रयास किए जाएं। उन्होंने पुरोला-मोरी जैसे सेब की खेती के लिए अनुकूल क्षेत्रों में भी हाई डेंसिटी एप्पल फार्मिंग को बढ़ावा दिए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने किसानों को सिडलिंग की व्यवस्था से लेकर मार्केट लिंकेज तक कम्पलीट हैण्ड होल्डिंग कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने भविष्य की आवश्यकता के अनुरूप कोल्ड स्टोरेज की व्यवस्था के लिए अभी से तैयारियां शुरू किए जाने की बात कही। कहा कि योजना को सफल बनाने के लिए हनी बी फार्मिंग जैसे विकल्पों को भी इसमें जोड़ा जाए।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव रणवीर सिंह चौहान एवं अपर सचिव अभिषेक रोहिला सहित सम्बन्धित जनपदों से सम्बन्धित विभागों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

उत्तराखंड विकास को मिली ओर गति, सीएम कई योजनाओं की दी वित्तीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा राज्य की विभिन्न विकास योेजनाओं के साथ ही शिक्षा, पर्यटन, शहरी एवं ग्रामीण निकायों तथा कुम्भ मेला-2027 से संबंधित महत्वपूर्ण योजनाओं के लिए वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई हैं।

मुख्यमंत्री द्वारा राज्य योजना के अन्तर्गत जनपद नैनीताल के विधानसभा क्षेत्र कालाढूंगी में कोटाबाग के पतलिया स्थित गुरूणी नाले पर पुल निर्माण हेतु ₹9.43 करोड़ तथा विकासखण्ड रामगढ़ में मोहन बाजार मुक्तेश्वर में कार पार्किंग के निर्माण कार्य हेतु ₹9.89 करोड़ की स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त में ₹3.95 करोड़ स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा छठवें राज्य वित्त आयोग के अन्तर्गत समस्त शहरी स्थानीय निकायों को वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्रथम त्रैमासिक किश्त (अप्रैल से जून) हेतु ₹ 328.27 करोड़ तथा तीन गैर निर्वाचित निकायों को प्रथम छमाही किश्त (अप्रैल से सितम्बर) हेतु ₹ 3 करोड़, कुल ₹ 331.27 करोड़ की धनराशि अवमुक्त किये जाने के साथ ही त्रिस्तरीय पंचायतीराज संस्थाओं को वित्तीय वर्ष 2026-27 में जिला पंचायतों को प्रथम त्रैमासिक किश्त (अप्रैल से जून) हेतु ₹82.20 करोड़, क्षेत्र पंचायतों एवं ग्राम पंचायतों को प्रथम छमाही किश्त (अप्रैल से सितंबर) हेतु क्रमशः ₹75.46 करोड़ एवं ₹194.61 करोड़ कुल ₹352.27 करोड़ स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा प्रारम्भिक शिक्षा के अन्तर्गत अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों के कार्मिकों के वेतन भुगतान हेतु वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्राविधानित धनराशि ₹ 160 करोड के सापेक्ष प्रथम किश्त में ₹ 80 करोड़ तथा माध्यमिक शिक्षा के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रथम छः माह (अप्रैल से सितम्बर, 2026) हेतु प्राविधानित धनराशि के सापेक्ष प्रथम 50 प्रतिशत धनराशि ₹ 300 करोड की धनराशि अवमुक्त किए जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा शहरी विकास विभाग के अन्तर्गत कुम्भ मेला-2027 की तैयारियों के लिए स्थायी प्रकृति के तीन महत्वपूर्ण कार्यो, हरिद्वार में शंकराचार्य चौक, देवपुरा चौक, चन्द्राचार्य चौक एवं आर्यनगर चौक के आन्तरिक मार्गों एवं बैरियर से गुगाल मंदिर की ओर मार्ग का बीसी द्वारा नवीनीकरण कार्य हेतु ₹ 6.44 करोड, रानीपुर मोड़, शंकर आश्रम, शिव मूर्ति चौक और झंडा चौक का जंक्शन सुधार एवं सौंदर्यीकरण हेतु ₹ 6.83 करोड तथा कुम्भ मेला-2027 के तहत व्यापक रखरखाव के साथ डीजल संचालित सेल्फ प्रोपेल्ड वैक्यूम आधारित ईवी रोड स्वीपिंग मशीनों की आपूर्ति और कमीशनिंग हेतु ₹ 5.95 करोड की धनराशि अवमुक्त किए जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

पिथौरागढ़ में मुख्यमंत्री धामी ने जिला अस्पताल पहुंच मरीजों का जाना हालचाल, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का दिया भरोसा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिथौरागढ़ भ्रमण कार्यक्रम के समापन उपरांत पिथौरागढ़ के जिला अस्पताल बी डी पाण्डेय पहुंचकर इमरजेंसी एवं चिल्ड्रन वार्ड का निरीक्षण किया।

मुख्यमंत्री ने अस्पताल में भर्ती मरीजों एवं उनके परिजनों से मुलाकात कर मरीजों का हालचाल जाना तथा उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली तथा अधिकारियों को मरीजों को बेहतर उपचार एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है और किसी भी मरीज को उपचार के अभाव में परेशानी नहीं होने दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री धामी ने मरीजों के परिजनों को आश्वस्त करते हुए कहा कि यदि किसी भी प्रकार की समस्या या दिक्कत आती है तो वे अपनी बात जिलाधिकारी आशीष भटगाईं के माध्यम से सीधे उन तक पहुंचा सकते हैं। मुख्यमंत्री के इस आत्मीय व्यवहार एवं संवेदनशीलता से अस्पताल में मौजूद मरीजों एवं उनके परिजनों में भरोसा और उत्साह देखने को मिला।

सीएम धामी ने मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए रेफ्रिजरेटेड फिशरीज वैन का किया फ्लैग ऑफ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निरंजनपुर देहरादून में राज्यभर से आये पशुपालकों, दुग्ध उत्पादकों एवं मत्स्य पालकों के साथ संवाद किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए रेफ्रिजरेटेड फिशरीज वैन का भी फ्लैग ऑफ किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पशुपालन ग्रामीण जीवन शैली का प्रमुख आधार रहा है, जो लाखों परिवारों की आजीविका का भी प्रमुख साधन है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा है कि आत्मनिर्भर भारत का सपना तभी साकार हो सकता है, जब हमारे गांव, किसान और पशुपालक आर्थिक रूप से सशक्त होंगे। इसलिए केंद्र सरकार पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए “प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना”, “राष्ट्रीय पशुधन मिशन”, “राष्ट्रीय गोकुल मिशन”, “पशुपालन अवसंरचना विकास कोष” तथा “किसान क्रेडिट कार्ड” जैसी जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में “मुख्यमंत्री राज्य पशुधन मिशन” के अंतर्गत पशुधन इकाइयों की स्थापना की जा रही है। इनमें पात्र लाभार्थियों को 90 प्रतिशत तक ऋण अनुदान प्रदान किया जा रहा है। गोट वैली और पोल्ट्री वैली जैसी योजनाओं के माध्यम से भी पशुपालकों को सहायता प्रदान की जा रही है। पिछले चार वर्षों में गौ पालन, बकरी पालन और भेड़ पालन के माध्यम से राज्य में साढ़े 11 हजार से अधिक लोगों को स्वरोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री राज्य पशुधन मिशन के अंतर्गत भी राज्य में करीब 4 हजार से अधिक युवाओं और महिलाओं को भी स्वरोजगार से जोड़ा जा चुका है। उन्होंने कहा कि पशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए 60 विकासखंडों में मोबाइल वेटरनरी यूनिट्स संचालित की जा रही हैं। साथ ही प्रत्येक जनपद में मॉडल पशु चिकित्सालयों का निर्माण किया जा रहा है। वाइब्रेंट विलेज योजना के अंतर्गत सीमांत क्षेत्रों के पशुपालकों को आईटीबीपी के माध्यम से सीधा बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा उत्तराखंड को वर्ष 2030 तक खुरपका-मुंहपका रोग मुक्त राज्य बनाने के लिए चयनित किया गया है, जिससे पशुपालकों को होने वाले आर्थिक नुकसान में कमी आएगी। उन्होंने कहा कि पिछले 4 वर्षों में राज्य के दुग्ध उत्पादन में प्रतिवर्ष लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है। पिछले वर्ष राज्य में सहकारी समितियों के माध्यम से दुग्ध उत्पादकों को लगभग 380 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की कामधेनु “बद्री गाय” के ‘बद्री घी’ को देश में प्रथम जीआई टैग प्राप्त हुआ है। इस जीआई टैग के माध्यम से बद्री घी की गुणवत्ता और विशिष्टता को वैश्विक स्तर पर एक विशिष्ट पहचान मिली है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ट्राउट फार्मिंग हमारे राज्य में स्वरोजगार का एक बड़ा माध्यम बनकर उभरी है। ट्राउट फार्मिंग को प्रोत्साहित करने के लिए पिछले वित्तीय वर्ष में 170 करोड़ रुपये की ट्राउट प्रोत्साहन योजना शुरू की है। उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ एवं बागेश्वर जनपद में एक-एक ट्राउट हैचरी की स्थापना की जा रही है। इसके साथ ही सरकार उत्तराखंड को हाई वैल्यू फिश प्रोडक्शन एवं एक्सपोर्ट हब के रूप में विकसित करने की दिशा में भी कार्य कर रही है। इन सब प्रयायों से उत्तराखण्ड का मत्स्य सेक्टर 9 प्रतिशत से अधिक की दर से वृद्धि कर रहा है। पिछले वर्ष भारत सरकार द्वारा उत्तराखण्ड को हिमालयी राज्यों की श्रेणी में श्रेष्ठ मत्स्य राज्य का सम्मान भी प्राप्त हुआ है।

मुख्यमंत्री के साथ संवाद के दौरान हरिद्वार के पशुपालक श्री हरिकिशन लखेड़ा ने कहा कि उन्होंने ब्रीड मल्टीप्लीकेशन फार्म योजना के तहत 50 गायें खरीदी। इस योजना का फायदा मिलने के बाद वे साहिवाल गाय से प्रतिदिन 300 लीटर दूध का उत्पादन कर रहे हैं। आठ लोग इस कार्य में उनसे जुड़े हैं। इससे उनकी प्रतिमाह 01 लाख 15 हजार की शुद्ध आय अर्जित हो रही है। डोईवाला के अमित सिंह ने कहा कि उन्होंने गायों के चारे के लिए एफ.पी.ओ की स्थापना की। इसमें उनके साथ 386 लोग जुड़े है। तीन साल में उनका 10 करोड़ से अधिक का टर्न ओवर रहा है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगणा ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मागदर्शन में पिछले चार सालों में पशुपालन, डेरी और मत्स्य पालन के क्षेत्र में अनेक नवाचार हुए हैं। राज्य में मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना लागू की गई। गोट वैली प्रोजक्ट में 5 हजार 827 लाभार्थी जुड़े। अनेक योजनाओं में सब्सिडी दी जा रही है। आज सभी दुग्ध संघ फायदे में हैं।

इस अवसर पर अध्यक्ष गौ सेवा आयोग राजेन्द्र प्रसाद अंथवाल, उत्तराखण्ड पशु कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष सुरेन्द्र मोघा, उत्तराखंड मत्स्य पालक विकास अभिकरण के उपाध्यक्ष उत्तम दत्ता, सीमा चौहान, अपर सचिव संतोष बडोनी मौजूद थे।

बद्रीनाथ धाम के दिव्य स्वरूप को और अधिक भव्य व आकर्षक बनाने को मास्टर प्लान में सभी आवश्यक प्रावधान करेंः धामी

बद्रीनाथ धाम में संचालित पुनर्निर्माण कार्यों के साथ ही अब बद्रीनाथ को स्प्रिचुअल हिल टाउन के रूप में विकसित किये जाने की कार्ययोजना भी तैयार की जा रही है। इस संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के समक्ष सचिवालय में पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने बद्रीनाथ धाम के मास्टर प्लान के अंतर्गत चल रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी साझा की। बैठक में सचिव पर्यटन धीराज गर्ब्याल द्वारा प्रस्तुतिकरण के माध्यम से बताया गया कि बद्रीनाथ को एक आध्यात्मिक स्मार्ट हिल टाउन के रूप में विकसित करने के लिए बहु-आयामी और चरणबद्ध तरीके से कार्य किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य तीर्थयात्रियों को आधुनिक सुविधाओं के साथ दिव्य और व्यवस्थित अनुभव प्रदान करना है।

उन्होंने बताया कि मास्टर प्लान के तहत क्षेत्र के सौंदर्यीकरण, सांस्कृतिक पहचान और आध्यात्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए विभिन्न स्थलों को विशेष रूप से विकसित किया जा रहा है। देव दर्शनी पॉइंट को इस प्रकार तैयार किया जा रहा है कि श्रद्धालुओं को यहां से बद्रीनाथ धाम के प्रथम दर्शन एक भव्य और दिव्य रूप में प्राप्त हो सकें। वहीं बद्रीनारायण चौक को एक प्रमुख आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं और आकर्षक सार्वजनिक स्थल उपलब्ध होंगे।

बद्रीनाथ धाम में आईएसबीटी वॉल पर स्थानीय कला एवं धार्मिक विषयों पर आधारित भित्ति चित्रों के माध्यम से क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया जायेगा। वसुधा वाटिका कलाकृति के माध्यम से प्रकृति, आध्यात्मिकता और उत्तराखंड की पारंपरिक कला का समावेश करते हुए आकर्षक लैंडस्केप तैयार किए जायेंगे।

मास्टर प्लान में भगवान विष्णु से जुड़े प्रतीकों को भी प्रमुखता दी गई है, जिनमें पाञ्चजन्य शंख, कौमोदकी गदा, सुदर्शन चक्र, वैकुंठ द्वार जैसी भव्य कलाकृतियों का निर्माण किया जायेगा, जो न केवल धार्मिक महत्व को दर्शायेंगे, बल्कि श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र भी बनेंगे। इसके साथ ही शेषनेत्र कलाकृति और पंच तत्व थीम पर आधारित संरचनाएं आध्यात्मिक ऊर्जा और भारतीय दर्शन को दर्शाने का कार्य करेंगी। भगवान राम एवं कृष्ण पर आधारित रामायण एवं महाभारत कालीन प्रतीकों का इसमें समावेश किया गया है। दिया आरती स्थल के विकास की योजना भी तैयार की गई है, ताकि यहां आयोजित होने वाली आरती श्रद्धालुओं के लिए एक दिव्य और अविस्मरणीय अनुभव बने। वहीं पूरे क्षेत्र में स्ट्रीटस्कैप का विकास कार्य किया जाना भी प्रस्तावित है, जिसके तहत आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल तरीके से पैदल मार्ग, प्रकाश व्यवस्था, बैठने की सुविधाएं, साइनेज और सौंदर्यीकरण से जुड़े कार्य कराये जायेंगे।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बद्रीनाथ धाम के दिव्य स्वरूप को और अधिक भव्य एवं आकर्षक बनाने के लिए इस मास्टर प्लान में सभी आवश्यक प्रावधान सुनिश्चित किये जायें। साथ ही स्थानीय संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि इन सभी कार्यों के माध्यम से बद्रीनाथ में न केवल आध्यात्मिक वातावरण सुदृढ़ होगा, बल्कि पर्यटन को भी नई दिशा दी जा सकेगी। परियोजना के पूर्ण होने पर बद्रीनाथ एक ऐसे आदर्श स्थल के रूप में स्थापित होगा, जहां आस्था, आधुनिकता और प्रकृति का संतुलित संगम देखने को मिलेगा।

इस अवसर पर सचिव शैलेश बगोली, अपर सचिव बंशीधर तिवारी, संयुक्त सचिव अनिल जोशी एवं संबंधित अधिकारी मौजूद थे।

ब्रिडकुल करेगा रोपवे के लिए रेगुलेटरी बॉडी का कार्यः बर्द्धन

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने प्रदेश में रोपवे निर्माण की प्रगति की समीक्षा की। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने विभिन्न रोपवे प्रोजेक्ट्स की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने रोपवे प्रोजेक्ट के लिए नियामक प्राधिकरण के रूप में ब्रिडकुल को मजबूत किए जाने के निर्देश दिए। इसके रोल और रेस्पोंसिबिलिटी का ड्राफ्ट शीघ्र तैयार किए जाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने जागेश्वर धाम योजना में रोपवे प्रोजेक्ट को शामिल किए जाने भी निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने रोपवे बनाने के लिए प्राथमिकता तय करने हेतु उपसमिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रमुख सचिव नियोजन की अध्यक्षता में सचिव पर्यटन, सचिव आवास, सचिव लोक निर्माण विभाग एवं नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण को उपसमिति में शामिल किया है। उन्होंने कहा कि यह उपसमिति प्रदेश में बनाए जाने वाले रोपवे की प्राथमिकता तय करेगी। उन्होंने कहा कि किसी भी शहर में बनने वाले रोपवे में किन स्थानों को शामिल किया जाना है, किनको नहीं, इसको लेकर शहर की आवश्यकता के अनुरूप पर्यटन विभाग एवं स्थानीय प्रशासन को तय करना होगा

मुख्य सचिव ने मसूरी रोपवे की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने मसूरी रोपवे के लोअर टर्मिनल के पास सार्वजनिक सड़क मार्ग से सम्बन्धित मामले को अगले तीन दिन में निस्तारण कर निर्धारित समय सीमा के अंदर पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने हेमकुंड साहिब और केदारनाथ रोपवे की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा की केदारनाथ रोपवे के लिए लोजिस्टिक्स ड्राई रन करते हुए असुरक्षित स्थानों का चिन्हीकरण एवं सुधारीकरण कार्य तत्काल शुरू कराया जाए। उन्होंने कुंड ब्रिज और नई बाई पास को शीघ्र पूर्ण कराये जाने के निर्देश दिए। कहा कि जहाँ भी नए ब्रिज और बाई पास की आवश्यकता है उसका समय से सर्वे एवं निर्माण आदि का कार्य भी साथ साथ किया जाए।

मुख्य सचिव ने केदारनाथ रोपवे के लोअर टर्मिनल में पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पार्किंग के लिए भूमि चिन्हीकरण एवं भूमि हस्तांतरण आदि की प्रक्रिया को भी साथ -साथ शुरू किया जाए। उन्होंने हेमकुंड और केदारनाथ रोपवे निर्माण कार्य का पर्ट चार्ट तैयार कर उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कार्यों को समय से पूर्ण कराने के लिए पर्टचार्ट का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।

बैठक के दौरान बताया गया कि केदारनाथ रोपवे का एग्रीमेंट साइन हो चुका है, एलओए जारी हो चुका है। बताया गया कि प्रोजेक्ट का लिडार सर्वे पूर्ण हो गया है, तकनीकी सर्वे गतिमान है। स्टेशन एवं टावर्स के लिए विस्तृत टोपोग्राफी सर्वे गतिमान है। हेमकुंट साहिब का एलओए जारी हो चुका है, भूमि सर्वेक्षण का कार्य गतिमान है।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. आर. राजेश कुमार, सहित संबंधित विभागों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।