मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई नंदादेवी राजजात यात्रा के तैयारियों की समीक्षा

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में वर्ष 2026 में आयोजित होने वाली नंदादेवी राजजात यात्रा के तैयारियों की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने जिलाधिकारी चमोली को निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभागों और स्टेक होल्डर्स के साथ समन्वय स्थापित करते हुए संपूर्ण यात्रा को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने हेतु मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) शीघ्र तैयार की जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि यात्रा की ऐतिहासिकता, विशिष्टता और मौलिकता से किसी प्रकार की छेड़छाड़ न की जाए। उन्होंने इसकी डॉक्यूमेंट्री भी तैयार किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि इस वर्ष अत्यधिक वर्षा के कारण बहुत से यात्रा मार्ग और पड़ावों की स्थिति की जानकारी के लिए मार्गों और पड़ावों की रेकी करायी जाए। मार्गों एवं पड़ावों को दुरूस्त कराए जाने के लिए तत्काल कार्यवाही शुरू की जाए। उन्होंने टैन्ट आदि की व्यवस्था के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।

मुख्य सचिव ने नंदादेवी राजजात यात्रा के लिए कराए जाने वाले सभी स्थायी एवं अस्थायी प्रकृति के कार्यों की प्राथमिकताएं निर्धारित किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अनिवार्य रूप से कराए जाने वाले बड़े कार्यों को प्राथमिकता में लेते हुए तत्काल शुरू कराए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रत्येक यात्रा पड़ाव एवं संपूर्ण यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य अधिकारियों, दवाओं, पोर्टेबल ऑक्सीजन एवं स्वास्थ्य उपकरण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि मार्गों का विद्युतीकरण, स्वास्थ्य सुविधाएं, भीड़ प्रबंधन, खाद्य सामग्री की व्यवस्थाएं, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छता प्रबंधन आदि की समावेशी एसओपी शीघ्र जारी की जाए। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को पूरी यात्रा का वेस्ट मैनेजमेंट प्लान, सेप्टिक मैनेजमेंट और सेनिटेशन मैनेजमेंट प्लान बनाने के भी निर्देश दिए ताकि यात्रा में भागीदारी करने वाले लोगों को सुविधा मिले तथा पर्यावरण को किसी भी तरह की क्षति भी ना पहुंचे।

बैठक में एपीसीसीएफ कपिल लाल, सचिव विनोद कुमार सुमन, धीराज सिंह गर्ब्याल, सी. रविशंकर एवं अपर सचिव विनीत कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

शहीद सम्मान यात्रा उन अमर बलिदानियों को समर्पित है, जिनकी शौर्यगाथा और बलिदान सदैव प्रेरणा देते रहेंगेः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शहीद राईफल मैन नरेश कुमार के गुजराड़ा मानसिंह सहस्त्रधारा रोड़ स्थित आवास से शहीद सम्मान यात्रा 2 का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने इससे पहले शहीद राईफलमैन नरेश कुमार के चित्र पर माल्यार्पण के साथ ही शहीद स्थल पर पुष्प चक्र अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शहीद नरेश कुमार के परिजनों से भेंट कर उनके आंगन की मिट्टी का भी संग्रहण किया। उन्होंने शहीद के परिजनों को शहीद सम्मान समारोह में शामिल होने का भी आमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा देहरादून के गुनियाल गांव मे शौर्य स्थल (सैन्य धाम) का निर्माण कराया गया है जिसमें प्रदेश के सभी शहीद सैनिकों के घर-आँगन की पवित्र मिट्टी स्थापित की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह शहीद सम्मान यात्रा उन अमर बलिदानियों को समर्पित है, जिनकी शौर्यगाथा और बलिदान सदैव हमें प्रेरणा देते रहेंगे। हमारे शहीदों ने अपना आज हमारे कल के लिए न्यौछावर किया है। उनके त्याग और पराक्रम के कारण ही हम सब सुरक्षित और स्वतंत्र हैं। मुख्यमंत्री ने श्रद्धा और कृतज्ञता के साथ शहीदों को नमन करते हुए कहा कि उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे लिए यह गर्व का अवसर है, जब हम उन परिवारों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त कर रहे हैं जिन्होंने राष्ट्र के लिए अपना सबसे बड़ा बलिदान दिया। शहीदों का बलिदान हमें यह सिखाता है कि जीवन का वास्तविक मूल्य त्याग, सेवा और समर्पण में है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में शहीदों के परिजनों के कल्याण के लिए अनेक कल्याणकारी योजनायें संचालित की जा रही हैं। प्रदेश में वर्ष 2018 से अब तक 28 शहीद आश्रितों को उनकी योग्यता अनुसार नियुक्ति दी जा चुकी है और 13 की नियुक्ति प्रक्रिया गतिमान है। शहीदों के परिजनों को एकमुश्त अनुग्रह अनुदान जो पहले 10 लाख रुपये थी, जिसे बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दिया है। इसी प्रकार उत्तराखण्ड़ के परमवीर चक्र अलंकृत सैनिकोें एवं उनकी विधवाओं को दी जाने वाली राशि 50 लाख रूपये से बढाकर अब 1.50 करोड़ रूपये कर दी गयी है। उत्तराखण्ड़ देश का पहला राज्य है जहां पूर्व सैनिकों को ब्लॉक प्रतिनिधि नियुक्त मानदेय प्रदान किया है वर्तमान में यह मानदेय 8,000 रुपये प्रतिमाह है, जिसे बढ़ाकर 10,000 रुपये प्रतिमाह किया गया है।

इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि देहरादून में निर्मित हो रहे सैन्य धाम निर्माण से पूर्व प्रदेश के 1734 अमर बलिदानियों के आंगन की पवित्र मिट्टी सैन्य धाम लाई जा चुकी है। प्रदेश में शहीदों के सम्मान की परंपरा वर्ष 2021 से प्रारम्भ हुई। उस वर्ष जिला एवं राज्य स्तर पर शहीद सम्मान समारोह आयोजित किए गए और शहीद परिजनों को ताम्रपत्र भेंट किए गए। वर्ष 2021 में कतिपय कारणों से 39 शहीद सैनिकों के घर-आँगन की मिट्टी संग्रहित नहीं हो सकी थी। इसके पश्चात 2021 से 2025 के बीच प्रदेश के 32 और वीर सैनिक मातृभूमि पर बलिदान हुए। इन सभी 71 वीरों के सम्मान में हमारी सरकार द्वारा दिनांक 25 सितम्बर, 2025 से 04 अक्टूबर, 2025 तक शहीद सम्मान यात्रा आयोजित की जा रही है।

उन्होंने कहा कि यह यात्रा 4 अक्टूबर तक चलेगी और 05 अक्टूबर को शहीद यात्रा रथ को गरिमामय कार्यक्रम के साथ शहीदों के परिजनों के साथ लैंसडाउन रवाना किया जाएगा। वहां आयोजित सैनिक सम्मान समारोह में शहीद परिवारों को सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान सैनिक कल्याण विभाग के अधिकारी बलिदानियों के घर जाकर शहीदों के आंगन की मिट्टी कलश में एकत्र करेंगे। यह पवित्र मिट्टी सैन्य धाम के लोकार्पण से पूर्व उसमें सम्मिलित की जाएगी। सैनिक कल्याण मंत्री श्री जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार शहीदों और उनके आश्रितों के कल्याण के लिए निरंतर प्रयासरत है।

इस अवसर मेजर जनरल (सेनि) सम्मी सभरवाल, कैप्टन (सेनि) उमादत्त जोशी, कर्नल वैटरन आदित्य श्रीवास्तव, सैनिक कल्याण विभाग के निदेशक बिग्रेडियर (सेनि) अमृत लाल, कैप्टन (सेनि) आनन्द राणा सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक एंव जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

पीएम के कुशल नेतृत्व में उत्तराखंड राज्य विकास और समृद्धि के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहाः धामी

केंद्रीय सड़क अवसंरचना निधि के अंतर्गत जनपद ऊधमसिंह नगर के गदरपुर-दिनेशपुर- मटकोटा-हल्द्वानी मोटर मार्ग के पुनर्निर्माण एवं मानूनगर-गदरपुर-दिनेशपुर-मटकोटा-हल्द्वानी के चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण के कार्य का शिलान्यास ₹55 करोड़ की लागत से किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल रूप से प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह निर्माण कार्य तराई क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित होगा। इस परियोजना के पूरे होने से सुगम आवागमन के साथ ही व्यापार, उद्योग और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा एवं स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी। यह मार्ग गदरपुर, दिनेशपुर, मटकोटा, छतरपुर के साथ उत्तर प्रदेश के विलासपुर को भी आपस में जोड़ेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना से क्षेत्र के लगभग 2 लाख स्थानीय निवासियों, व्यापारियों और उद्योगों में काम करने वाले कर्मचारियों को सुगम और सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में उत्तराखंड राज्य विकास और समृद्धि के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। राज्य के शहरों से लेकर सुदूर पर्वतीय गांवों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल सहित सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सड़कों की कनेक्टिविटी को मजबूत किया गया है। उन्होंने कहा कि पहाड़ी राज्य होने के कारण हमें कई प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ता है, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों में सड़कें व्यापक रूप से क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि आज सरकार द्वारा युद्धस्तर पर कार्य कर वहां पुनः यातायात को सुचारु किया जाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारे सीमांत इलाकों तक सड़कों का व्यापक नेटवर्क बन रहा है। डबल इंजन की सरकार दशकों से लंबित कार्यों को पूर्ण करने का कार्य कर रही है। सरकार द्वारा राज्य में रोड कनेक्टिविटी में अभूतपूर्व सुधार करने के साथ विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से राज्य का समग्र विकास सुनिश्चित करने का प्रयास भी किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जमरानी बांध बहुउद्देशीय परियोजना का निर्माण पुनः प्रारंभ कर पूरे तराई क्षेत्र की पेयजल और सिंचाई की समस्या का समाधान किया जा रहा है। खुरपिया में इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी की स्थापना के माध्यम से पूरे क्षेत्र में विकास को गति दी जा रही है। सरकार राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में भी निरंतर कार्य कर रही है। केदारखंड की भांति ही मानसखंड के पौराणिक मंदिरों के भी पुनरुत्थान एवं सौंदर्यीकरण के लिए कार्य किए जा रहे हैं।

इस अवसर पर सांसद अजय भट्ट, विधायक शिव अरोड़ा, प्रदेश मंत्री भाजपा गुंजन सुखीजा एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

सहस्त्रधारा में क्रॉसिंग बाजार का भ्रमण कर सीएम ने व्यापारियों से की वार्ता

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून स्थित सहस्त्रधारा क्रॉसिंग बाजार का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने दुकानदारों एवं स्थानीय लोगों से मुलाकात कर स्वदेशी उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देने और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में राज्य की भूमिका पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वदेशी वस्तुओं को अपनाना न केवल हमारी परंपराओं और स्थानीय उद्योगों को मजबूत करता है बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध कराता है।

मुख्यमंत्री ने दुकानदारों से साफ-सफाई, ग्राहक सुविधा और बाजार व्यवस्थापन पर भी विशेष ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार छोटे व्यापारियों के हितों की रक्षा हेतु प्रयासरत है तथा व्यापारिक गतिविधियों के लिए अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी और विधायक उमेश शर्मा काऊ भी मौजूद थे।

बीते चार साल में रिकॉर्ड 25 हजार युवाओं को पारदर्शिता के साथ मिली सरकारी नौकरीः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नानूरखेड़ा स्थित एससीईआरटी ऑडिटोरियम में आयोजित पंडित दीनदयाल उपाध्याय शैक्षिक उत्कृष्टता पुरस्कार समारोह में बोर्ड परीक्षाओं में शीर्ष 10 स्थान प्राप्त करने वाले हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट के 75 मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया। इस मौके पर बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट परिणाम देने वाले विद्यालयों के तीन-तीन प्रधानाचार्यों के साथ ही श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले शीर्ष 50-50 विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को भी सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय एक बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे। उनका मानना था कि शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए बल्कि उसमें राष्ट्रप्रेम, नैतिक मूल्य, सामाजिक समरसता और व्यावहारिकता का समावेश भी अनिवार्य रूप से होना चाहिए। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 लागू कर शिक्षा व्यवस्था को और अधिक आधुनिक, व्यवहारिक और गुणवत्ता-युक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है। इसी क्रम में राज्य सरकार भी शिक्षा में नवाचार, डिजिटल लर्निंग और भारतीय मूल्यों पर आधारित शिक्षा व्यवस्था को सशक्त करने के लिए संकल्पित होकर कार्य कर रही है। राज्य सरकार ने जहां एक ओर अपने शिक्षण संस्थानों में स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लाइब्रेरी और ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म विकसित किए हैं। वहीं, हमारी विरासत पुस्तक के माध्यम से कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों को भारत की समृद्ध संस्कृति, लोक परंपराओं तथा देश और प्रदेश की महान विभूतियों से परिचित कराने का कार्य भी किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में जहां एक ओर, 226 विद्यालयों को पीएम श्री विद्यालय के रूप में विकसित किया जा रहा है, वहीं सभी 13 जनपदों के 1300 विद्यालयों में वर्चुअल कक्षाएं भी संचालित की जा रही हैं। साथ ही, दूरस्थ क्षेत्रों तक बच्चों को ऑनलाइन शिक्षा उपलब्ध कराने हेतु 5-पीएम ई-विद्या चौनल भी संचालित किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य के सभी राजकीय और सहायता प्राप्त विद्यालयों में कक्षा एक से 12 तक के सभी विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें भी उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अलावा उत्तराखंड के सरकारी और अशासकीय स्कूलों के छठवीं से 12वीं कक्षा तक के मेधावी छात्र-छात्राओं को, मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना के माध्यम से प्रत्येक माह छात्रवृत्ति भी प्रदान की जा रही है। इतना ही नहीं, राज्य के बच्चों के व्यक्तित्व विकास के उद्देश्य से प्रत्येक विकासखंड के 10वीं और 12वीं के मेधावी छात्रों को भारत भ्रमण पर भी भेजा जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा, संघ लोक सेवा आयोग, एनडीए, सीडीएस आदि की लिखित परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों को साक्षात्कार की तैयारी के लिए 50 हजार रुपए की वित्तीय सहायता भी प्रदान की जा रही है।

एक शिकायत के आधार पर अराजकता का प्रयास
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि नकल माफियाओं पर अंकुश लगाने के लिए उत्तराखंड में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। पिछले चार वर्षों में राज्य के 25 हजार से अधिक युवाओं का चयन सरकारी नौकरी में हुआ है, अब सामान्य परिवारों के कई युवा एक से अधिक परीक्षा में सफल हो रहे हैं। जबकि राज्य बनने के शुरुआती 21 साल में कुल 16 हजार नियुक्तियां ही हुई थी। सख्त नकल विरोधी कानून के लागू होने के बाद से अब तक 100 से अधिक नकल माफियाओं को सलाखों के पीछे पहुंचाने का काम किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि कुछ लोगों को पारदर्शिता के साथ युवाओं का सरकारी नौकरियों में जाना रास नहीं आ रहा है। इसलिए वे युवाओं के भविष्य को अंधकार में धकेलने के लिए संगठित रूप से पेपर लीक का षड्यंत्र रच रहे हैं। हाल ही में राज्य में पेपर लीक कराने का असफल प्रयास किया गया, सिर्फ एक जगह की शिकायत के आधार पर अराजकता फैलाने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के मामलों के लिए पहले से ही सख्त कानून बना है, जिसके इस प्रकरण में सख्ती से कार्यवाही की जाएगी।

एक-एक नकल माफिया को करेंगे गिरफ्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने हाल में सामने आई परीक्षा गड़बड़ी की जांच के लिए एक एसआईटी गठन का निर्णय लिया है। एसआईटी जांच के आधार पर इस मामले में निर्णायक कार्रवाई की जाएगी। सरकार राज्य में एक-एक नकल माफिया को चुन-चुन कर गिरफ्तार कर, सजा दिलवाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने शपथ लेने के बाद ही संकल्प लिया था कि रिक्त पदों को प्राथमिकता पर भरा जाएगा। इसके बाद रिकॉर्ड भर्तियां हुई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीबीआई जांच के जरिए भर्ती प्रक्रिया को बाधित करने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि सरकार का उद्देश्य पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ भर्ती करना है। सरकार भर्ती में देरी के कारण किसी भी युवा के साथ अन्याय नहीं होने देगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार ने राज्य में नया अल्पसंख्यक शिक्षा कानून लागू किया है। इस कानून के अंतर्गत एक जुलाई 2026 के बाद से उत्तराखंड में केवल वही मदरसे संचालित हो पाएंगे, जिनमें हमारे सरकारी बोर्ड द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा। साथ ही, मदरसे में पढ़ाने वाले धार्मिक गुरु जो बिना किसी शैक्षिक योग्यता के केवल धार्मिक आधार पर बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे थे, उन पर भी लगाम लगेगी।

इस मौके पर शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि इस साल बोर्ड परीक्षा में प्रथम श्रेणी से पास होने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या 18 प्रतिशत बढ़ी है। अब अंक सुधार परीक्षा भी हो रही है, इससे छात्र- छात्राओं पर परीक्षा को लेकर रहने वाला दवाब कम हुआ है।

कार्यक्रम में शिक्षा सचिव रविनाथ रामन, महानिदेशक शिक्षा दीप्ति सिंह सहित अन्य शिक्षा अधिकारी उपस्थित थे।

हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर की स्थापना से राज्य की स्वास्थ्य आपदा प्रबंधन क्षमता होगी मजबूतः सीएम

प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (PM-ABHIM) के तहत उत्तराखंड को स्वास्थ्य क्षेत्र में केंद्र सरकार से बड़ा तोहफा मिला है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने राज्य में हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (HEOC) की स्थापना को मंजूरी प्रदान की है। यह सेंटर स्वास्थ्य आपदाओं के समय राज्य की तैयारी और प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत बनाने के उद्देश्य से स्थापित किया जा रहा है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि HEOC के संचालन के लिए कुल नौ संविदा पदों को स्वीकृति दी गई है, जिनमें वरिष्ठ सार्वजनिक स्वास्थ्य सलाहकार, सार्वजनिक स्वास्थ्य सलाहकार, डेटा विश्लेषक, हब इंजीनियर और डेटा एंट्री ऑपरेटर के पद शामिल हैं।

धनराशि और संचालन

मंत्रालय के अनुसार HEOC के लिए धनराशि PM-ABHIM परियोजना अवधि 2021–26 तक उपलब्ध कराई जाएगी। इस अवधि के बाद आगे की निरंतरता योजना की स्वीकृति पर निर्भर करेगी। राज्य सरकार से अनुरोध किया गया है कि वह इन पदों पर संविदा आधार पर नियुक्ति प्रक्रिया शीघ्र शुरू करे और HEOC को जल्द से जल्द क्रियाशील बनाए। निधि हस्तांतरण के लिए HEOC के नाम से एक अलग बैंक खाता भी खोला जाएगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने उत्तराखंड को स्वास्थ्य सुरक्षा का बड़ा तोहफा दिया है। “हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर की स्थापना से राज्य की स्वास्थ्य आपदा प्रबंधन क्षमता और मजबूत होगी। उन्होंने कहा इसके माध्यम से आपात स्थितियों में समय पर और समन्वित कार्रवाई संभव हो सकेगी। मैं प्रधानमंत्री और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री का आभार व्यक्त करता हूँ,”।

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने उत्तराखंड के लिए हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर की स्थापना को मंजूरी दी है। हम जल्द ही संविदा पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करेंगे और HEOC को क्रियाशील बनाएंगे। यह सेंटर स्वास्थ्य आपदाओं के दौरान समयबद्ध प्रतिक्रिया और बेहतर समन्वय सुनिश्चित करेगा, जिससे जनता को सीधे लाभ मिलेगा।

राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण कदम

देशभर में HEOCs की स्थापना भारत की सार्वजनिक स्वास्थ्य अवसंरचना और आपदा प्रतिक्रिया तंत्र को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे स्वास्थ्य आपात स्थितियों के समय समयबद्ध कार्रवाई और बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जा सकेगा।
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मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं के लिए 28.76 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री घोषणा के तहत जनपद उत्तरकाशी के विधानसभा क्षेत्र पुरोला के अंतर्गत विकास खण्ड मोरी के ग्राम पंचायत ओडाठा के बामसू गांव में महासू देवता के पास सौन्दर्यीकरण एवं सार्वजनिक शौचालय का निर्माण किये जाने हेतु 99 लाख तथा विकासखण्ड मोरी के महासू देवता मंदिर ठडियार के सौन्दर्यीकरण एवं सार्वजनिक शौचालय निर्माण कार्य हेतु 01 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने जनपद पिथौरागढ़ के विधानसभा क्षेत्र धारचूला के अंतर्गत ग्राम सभा मदकोट में शिव मंदिर सौन्दर्यीकरण किये जाने हेतु 27 लाख के साथ ही जनपद चमोली के विधानसभा क्षेत्र बद्रीनाथ के अंतर्गत सती शिरोमणी माता अनसूया मंदिर का सौन्दर्यीकरण किये जाने हेतु 1.50 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मानसून सत्र 2025 में अत्यधिक वर्षा/अतिवृष्टि के कारण विभिन्न क्षेत्रों में आयी प्राकृतिक आपदा के कारण हुई हानि से राज्य आपदा मोचन निधि के अन्तर्गत जनपद पिथौरागढ़ हेतु मरम्मत एवं पुनर्निर्माण मद में 15 करोड़ तथा जनपद चमोली हेतु राहत एवं बचाव मद में 05 करोड़ व मरम्मत एवं पुनर्निर्माण मद में 05 करोड़, इस प्रकार जनपद चमोली को कुल 10 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

उत्तराखंड पहला राज्य, जहां बुनियादी शिक्षा के लिए ‘राज्य पाठ्यचर्या रूपरेखा’ तैयार की गईः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखण्ड सीएसआर डायलॉग कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम सारकोट के प्राथमिक विद्यालय में डिजिटल क्लासरूम का वर्चुअल शुभारंभ भी किया। कार्यक्रम में एक्सिस बैंक समूह के साथ राज्य के 24 विद्यालयों के डिजिटलाइजेशन के लिए तथा टोयटा के साथ पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सामुदायिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में सी.एस.आर. संचालित करने के लिए एमओयू किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश के प्रतिष्ठित कॉर्पाेरेट हाउस अपने “सोशल रिस्पांसिबिलिटी इनिशिएटिव“ के अंतर्गत उत्तराखण्ड में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में योगदान दे रहे हैं। राज्य में आई.आई.एफ.सी.एल, मैनकाइंड, अवाना फाउंडेशन, टोयटा, नेस्ले, टीएचडीसी, आईआरसीटीसी, एचडीएफसी, ब्रिटानिया जैसी अनेक संस्थाएं विभिन्न सामाजिक गतिविधियां संचालित कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा राज्य में निवेश को बढ़ावा देने हेतु वर्ष 2023 में ’ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट’ का आयोजन किया गया था, जिसके अंतर्गत 3.56 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। अभी तक लगभग 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं। औद्योगिक नीति, लॉजिस्टिक नीति, स्टार्टअप नीति और एमएसएमई नीति सहित 30 से अधिक नीतियां लागू कर राज्य में उद्योगों को बेहतर माहौल उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है। राज्य में स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए इनक्यूबेशन सेंटर की स्थापना के साथ ही स्टार्टअप्स को फंड उपलब्ध कराने हेतु 200 करोड़ रुपए के वेंचर फंड की व्यवस्था भी की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था में गुणात्मक सुधार के लिए निरंतर कार्य कर रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 लागू करने वाला उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य बना। क्वालिटी एजुकेशन के लिए सभी सरकारी विद्यालयों में एन.सी.ई.आर.टी. की पाठ्यपुस्तकें अनिवार्य की गई हैं। राज्य में पहली बार 12वीं के व्यावसायिक छात्रों के लिए रोजगार मेलों का आयोजन किया गया, जिसके माध्यम से 146 विद्यार्थियों का प्रतिष्ठित कंपनियों में चयन हुआ। उत्तराखण्ड देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है जहां बुनियादी शिक्षा के लिए ‘राज्य पाठ्यचर्या रूपरेखा’ तैयार की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में नकल माफियाओं पर अंकुश लगाने के लिए देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। इसके परिणामस्वरूप पिछले साढ़े 4 वर्षों में राज्य के 25 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्राप्त करने में सफलता मिली है। इस कानून के लागू होने के बाद से अब तक 100 से अधिक नकल माफियाओं को सलाखों के पीछे पहुंचाया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोगों को यह रास नहीं आ रहा है कि आज हमारे युवा सरकारी नौकरियों में अवसर पा रहे हैं, इसलिए वे युवाओं के भविष्य को अंधकार में धकेलने के लिए संगठित रूप से पेपर लीक कराने के षड्यंत्र रच रहे हैं। हाल ही में राज्य में पेपर लीक कराने का असफल प्रयास किया गया और उसके नाम पर अराजकता फैलाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि सरकार राज्य में नकल माफियाओं को जड़ से समाप्त किए बिना चौन से नहीं बैठेगी।

इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचार प्रमुख श्री सुनील आंबेकर, टोयटा के कंट्री हेड श्री विक्रम गुलाटी, सचिव उद्योग श्री विनय शंकर पाण्डेय, अपर सचिव श्री मनमोहन मैनाली तथा विभिन्न कंपनियों एवं संस्थाओं के प्रतिनिधिगण मौजूद थे।

सीएम धामी से मिला बेरोज़गार संघ का प्रतिनिधिमंडल

आज बेरोज़गार संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सचिवालय में भेंट की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यूकेएसएसएससी की हाल ही में आयोजित परीक्षा में गड़बड़ी करने वाले दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और सरकार इस मामले में पूरी सख्ती बरतेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेरोज़गार अभ्यर्थियों के हित सर्वाेपरि हैं और उनके हितों को सुरक्षित रखते हुए ही जरूरी निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

उत्तराखंडः राजस्व अधिशेष की ऐतिहासिक उपलब्धि, सीएजी ने अपनी रिपोर्ट में की पुष्टि

भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखण्ड ने वित्तीय वर्ष 2022-23 में ₹5,310 करोड़ का राजस्व अधिशेष दर्ज कर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। इस उपलब्धि के साथ उत्तराखण्ड उन राज्यों में शामिल हो गया है जिन्होंने इस अवधि में राजस्व अधिशेष दर्ज किया है।

सीएजी रिपोर्ट के प्रमुख बिंदु:
• राजस्व अधिशेष : वित्तीय वर्ष 2022-23 में उत्तराखण्ड ने ₹5,310 करोड़ का अधिशेष दर्ज किया।
• समग्र प्रगति : यह उपलब्धि राज्य की वित्तीय स्थिति में उल्लेखनीय सुधार का संकेत देती है।
• आर्थिक मजबूती का प्रमाण : कभी “बिमारू” श्रेणी से जोड़े जाने के बाद अब उत्तराखण्ड ने सुदृढ़ वित्तीय प्रबंधन का उदाहरण प्रस्तुत किया है।
• सकारात्मक आर्थिक परिवर्तन : पूर्व में वित्तीय अनुशासन की चुनौतियों के बावजूद सतर्क प्रबंधन व पारदर्शी नीतियों के बल पर राज्य ने यह उपलब्धि हासिल की।

सीएजी की रिपोर्ट में दर्ज यह उपलब्धि उत्तराखण्ड की सुशासन की नीतियों का परिणाम है। हमने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प से प्रेरणा लेकर राज्य को वित्तीय रूप से सशक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। यह केवल आंकड़ों की उपलब्धि नहीं, बल्कि उत्तराखण्ड की आर्थिक आत्मनिर्भरता और समृद्ध भविष्य की दिशा में रखा गया एक मजबूत कदम है। सरकार पारदर्शिता, जवाबदेही और वित्तीय अनुशासन की नीति पर आगे बढ़ते हुए उत्तराखण्ड को एक विकसित और आत्मनिर्भर राज्य बनाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है।
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड

नकल विरोधी कानून आने से कुछ लोगों के पेट में दर्द हो रहाः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि कुछ लोग परीक्षा प्रणाली को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं, उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि नकल माफिया को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा है कि उत्तराखंड का आने वाला समय स्थिरता और विकास के नाम रहेगा।

सोमवार को, स्थानीय होटल में साप्ताहिक समाचार पत्र अड्डा इनसाइडर के विमोचन अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 4 जुलाई 2021 को उन्होंने जब मुख्य सेवक के रूप में काम काज संभाला तो उस वक्त, विभिन्न विभागों में करीब 22 हजार पद रिक्त पड़े हुए थे, अब सरकार के प्रयासों से 25 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिल चुकी है, इसमें एक भी परीक्षा में नकल का मामला सामने नहीं आया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भर्ती प्रकिया में बाधा न पहुंचे इसके लिए सरकार सख्त नकल विरोधी कानून लेकर आई। इससे कुछ लोगों के पेट में दर्द होने लगा, जिस कारण वो सरकार का बदनाम करने का प्रयास करने लगे। रविवार को भी फिर ऐसा प्रयास किया गया, जबकि ये पेपर लीक जैसा मामला नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ नकल माफिया, कोचिंग माफिया सरकार को बदनाम करने का षड्यंत्र रच रहे हैं, इसका जल्द खुलासा होगा। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि नकल माफिया को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसा षडयंत्र पूर्व में भी हो चुका है, लेकिन सरकार ने पारदर्शिता के साथ सभी परीक्षाओं को सम्पन्न कराकर नकल माफिया के इरादों पर पानी फेर दिया।

जनता ने चुना राजनैतिक स्थिरता और विकास
एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की जनता ने विकास और स्थिरता को चुना है, उत्तराखंड का आने वाला समय विकास और स्थिरता के नाम रहेगा।

आपदा में फर्स्ट रिस्पांडर
एक अन्य सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार पूरा हिमालयी क्षेत्र आपदा की जद में आया है, इसलिए उनकी कोशिश रहती है वो आपदा प्रभावितों के बीच पहुंचकर लोगों का दुख दर्द बांट सके, साथ ही तत्काल राहत और बचाव अभियान भी संचालित हो सके। उन्होंने कहा कि सरकार उत्तराखंड में मौजूद वैज्ञानिक संस्थानों के जरिए उत्तराखंड में आपदा के कारणों का पता लगाते हुए, आपदा की पूर्व सूचना जुटाने और नुकसान को कम से कम करने की दिशा में प्रयासरत है।

इस मौके पर कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक, कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, प्रमुख सचिव डॉ आर मीनाक्षी सुंदरम, सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी, प्रो. सुरेखा डंगवाल, प्रो दुर्गेश पंत, वरिष्ठ पत्रकार पवन लालचंद सहित तमाम लोग उपस्थित हुए।
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सीएम ने प्रदान की 72.62 करोड़ की विभिन्न विकास योजनाओं की वित्तीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद उत्तरकाशी के विकासखंड नौगांव के ग्राम तुनाल्का में न्यायिक विभाग के टाईप-2 के 06 आवास एवं पहुंच मार्ग के निर्माण कार्य हेतु 2.49 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया।

मुख्यमंत्री ने नाबार्ड वित्त पोषण से सम्बन्धित विभिन्न जनपदों के अन्तर्गत सिंचाई विभाग की 25 योजनाओं हेतु 69.13 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया।

मुख्यमंत्री ने माध्यमिक शिक्षा विभाग के अन्तर्गत दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र हेतु 01 करोड़ अनुदान धनराशि राज्य आकस्मिकता निधि से स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।