सीएम ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री से उत्तराखण्ड में हवाई सेवाओं के विस्तार पर की चर्चा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू से भेंट कर राज्य में विमानन क्षेत्र के विकास, हवाई सम्पर्क में सुधार एवं पर्यटन को नई गति देने से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की।

मुख्यमंत्री ने राज्य को विमानन क्षेत्र में मिले सहयोग के लिए केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री का प्रदेशवासियों की ओर से आभार व्यक्त किया। उन्होंने विशेष रूप से प्रदेश के हवाई अड्डों पर स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने हेतु अम्ब्रेला ब्राण्ड ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ के अंतर्गत कियोस्क स्थापित किए जाने की पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि इससे राज्य में स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान मिली है।

मुख्यमंत्री ने राज्य में मानसून समाप्ति के बाद चारधाम यात्रा के लिए हेली सेवाओं को पुनः प्रारंभ करने की योजना से केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया। यह सेवाएं विशेष रूप से बुजुर्ग, दिव्यांग एवं असमर्थ श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार के संबंधित विभागों के मध्य इस विषय पर समन्वय जारी है। विगत 01 सितम्बर को आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में हेली सेवाओं के संचालन के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा सुनिश्चित करते हुए हेली सेवाओं का पुनः संचालन यात्रा को सहज बनाएगा एवं सड़क मार्गों पर दबाव कम करेगा।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि राज्य का 70 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र वनाच्छादित है। राज्य में विशेषकर पर्वतीय जिलों में हवाई सम्पर्क न केवल आवश्यक है, बल्कि पर्यटन, नागरिक आवागमन तथा आपदा प्रबंधन के दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने गौचर (चमोली) एवं चिन्यालीसौड़ (उत्तरकाशी) हवाई पट्टियों को छोटे विमान संचालन के लिए विकसित करने एवं इन्हें दिल्ली, देहरादून तथा हिंडन से जोड़ने का अनुरोध किया। इससे चारधाम यात्रा की सुविधा बढ़ेगी एवं पर्वतीय क्षेत्रों में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में भी सुगमता रहेगी।

मुख्यमंत्री ने जौलीग्रांट हवाई अड्डे पर रात्रिकालीन हवाई सेवा के संचालन का भी केन्द्रीय मंत्री से अनुरोध किया ताकि अधिक से अधिक यात्रियों को विमान सेवा का लाभ मिल सके। मुख्यमंत्री ने पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तारीकरण को लेकर भी चर्चा की और बताया कि राज्य सरकार द्वारा अधिकांश आवश्यक कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं। उन्होंने भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को शीघ्र कार्य प्रारंभ करने हेतु निर्देशित करने का भी अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से क्षेत्रीय सम्पर्क योजना के तहत दिल्ली से पिथौरागढ़ के लिए नियमित हवाई सेवा शीघ्र प्रारम्भ करने का अनुरोध करते हुए बताया कि राज्य के पर्यटन के साथ-साथ सामरिक एवं मानवीय दृष्टिकोण से भी हवाई सेवा लाभकारी सिद्ध होगी। मुख्यमंत्री ने चिन्यालीसौड़ और गौचर हवाई पट्टी का निरीक्षण कर हवाई सेवा का संचलान किये जाने हेतु कार्यवाही प्रारंभ करने का भी केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री से अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से उपर्युक्त प्रस्तावों को प्राथमिकता देते हुए स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध किया। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ने मुख्यमंत्री को सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक कार्यवाही का आश्वासन दिया।

सीएम ने किया लोकतंत्र सेनानी सम्मान पेंशन अनुमन्य किये जाने का अनुमोदन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य योजना के अन्तर्गत जनपद नैनीताल के विधानसभा क्षेत्र कालाढूंगी में राजकीय प्राथमिक विद्यालय, भगवानपुर से राजकीय इंटर कॉलेज लामाचौड़ होते हुए कालाढूंगी मुख्य मार्ग तक सड़क चौड़ीकरण के कार्य हेतु 3.81 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने जनपद बागेश्वर की बागेश्वर शाखा के अन्तर्गत बोड़ी धुराफाट पम्पिंग योजना में पूर्ण कार्यों के साथ-साथ पम्पों/मोटरों की रेट्रोफिटिंग के लिए ऊर्जा कुशल सेंट्रीफ्यूगल पम्प सेटों की आपूर्ति और स्थापना हेतु 4.73 करोड स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने जनपद हरिद्वार के रोशनाबाद में अभियोजन विभाग के जनदीय निदेशालय हेतु कार्यालय एवं सदर मालखाने के निर्माण हेतु 7.07 करोड की धनराशि स्वीकृत करते हुए प्रथम किस्त के रूप में 40 प्रतिशत की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने कुम्भ मेला-2027 से सम्बन्धित विभिन्न नवीन निर्माण कार्यों हेतु कार्यदायी संस्थाओं एवं लगभग 01 अरब, 13 करोड़ की धनराशि की स्वीकृति प्रदान करते हुए इस वित्तीय वर्ष में 10 करोड़ की धनराशि से टोकन राशि अनुपातिक रूप से निर्गत किये जाने हेतु अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री द्वारा पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अन्तर्गत उत्तराखण्ड जल संस्थान (कुल 03 योजनाएं लागत 9.22 करोड) एवं उत्तराखण्ड पेयजल निगम (कुल 17 योजनाएं लागत 8.36 करोड) अर्थात कुल लागत 17.58 करोड की पेयजल/ग्रिड सोलर योजनाओं को नाबार्ड के अन्तर्गत स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देवकी देवी पत्नी स्व0 श्यामदत्त तिवारी, निवासी किच्छा, जनपद उधम सिंह नगर को दिनांक 14.06.2017 से दिनांक 13.10.2022 तक 16 हजार प्रतिमाह पेंशन तथा दिनांक 14.10.2022 से 20 हजार प्रतिमाह बकाये सहित लोकतंत्र सेनानी सम्मान पेंशन अनुमन्य किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

देहरादून पहुंचे पीएम मोदी, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए 1200 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता की, प्रभावितों से भी मिले

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देहरादून का दौरा किया और उत्तराखंड में बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए समीक्षा बैठक की।

प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड में बाढ़ और बारिश से प्रभावित क्षेत्रों के लिए 1200 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता की घोषणा की।

प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिवारों के लिए 2 लाख रुपये और घायलों के लिए 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की।

प्रधानमंत्री ने हाल ही में आई बाढ़ और भूस्खलन के कारण अनाथ हुए बच्चों के लिए पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना के तहत व्यापक सहायता की घोषणा की।

प्रभावितों से मिलकर संवेदना व्यक्त की
प्रधानमंत्री ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। प्रधानमंत्री ने एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और आपदा मित्र स्वयंसेवकों से भी मिले और उनके प्रयासों की सराहना की। केंद्र सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की बहाली और पुनर्निर्माण के लिए पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया।

प्रधानमंत्री ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों में संचालित राहत कार्यों की सराहना की

उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान का जायजा लेने पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज जौलीग्रांट एअरपोर्ट पर आपदा राहत कार्यों की गहन समीक्षा की। प्रधानमंत्री ने इस दौरान अलग-अलग क्षेत्रों में आपदा से हुए नुकसान का विस्तार से जानकारी लेने के साथ ही राहत एवं बचाव कार्यों की ताजा स्थिति और भविष्य की चुनौतियों पर राज्यपाल ले. ज. गुरमीत सिंह (से.नि.), मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, केन्द्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा तथा राज्य के सांसदों सहित वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धराली, थराली सहित राज्य के आपदा प्रभावित अन्य क्षेत्रों में संचालित राहत एवं बचाव अभियानों में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ सहित राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के प्रयासों की सराहना की और राहत बचाव कार्यों में जुटे राज्य व केन्द्र सरकार के संगठनों के कार्मिकों से भेंट कर उनके अनुभव साझा किए। प्रधानमंत्री ने आपदा पीड़ितों से भी मुलाकात कर उनका ढांढस बंधाने के साथ ही समुचित मदद का भरोसा दिलाया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में आपदा से हुई क्षति तथा प्रभावित क्षेत्रों में संचालित राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव के अभियान पूरी तत्परता एवं क्षमता के साथ संचालित करने में केन्द्र सरकार के संगठनों से भरपूर सहयोग मिला है। जिसके चलते प्रभावितों तक त्वरित गति से समुचित राहत पहॅॅंुचाना संभव हो सका। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में सड़कों एवं सार्वजनिक परिसंपत्तियों को काफी नुकसान पहुंचा है। प्रभावित इलाकों में बुनियादी सुविधाओं की बहाली के लिए युद्धस्तर पर काम किया जा रहा है।

इस अवसर पर सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट, सांसद अजय भट्ट, त्रिवेन्द्र सिंह रावत, अनिल बलूनी, माला राज्य लक्ष्मी शाह, नरेश बंसल, कल्पना सैनी, मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन एवं पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ आदि उपस्थित रहे।

उत्तराखंड में आपदा से हुए नुकसान की भरपाई हेतू राहत पैकेज की घोषणा के लिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड की जनता की तरफ से आभार व्यक्त करता हूं। उत्तराखंड में आई प्राकृतिक आपदा से निपटने में राज्य सरकार पूरी क्षमता के साथ प्रयास कर रही है, इस कार्य में पहले ही दिन से ही केंद्र सरकार का सहयोग मिल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं उत्तराखंड आकर, आपदा पीड़ितों का दुःख-दर्द साझा किया है। राज्य के प्रति आत्मीयता व संवेदनशीलता के लिए प्रधानमंत्री का बहुत-बहुत आभार।
-पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड

सीएम ने राज्य के युवाओं के हित में एकीकृत भर्ती की व्यवस्था बनाने के दिए थे निर्देश, अब नियमावली हुई लागू

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में राज्य के विभिन्न विभागों के वर्दीधारी उपनिरीक्षक एवं सिपाही के पदों पर सीधी भर्ती में एकरूपता लाने के लिए बनाई गई एकीकृत भर्ती नियमावलियां लागू कर दी गई हैं।

राज्य में विभिन्न विभागों के समूह ‘ग‘ के वर्दीधारी उप निरीक्षक के पदों पर सीधी भर्ती की चयन प्रक्रिया को विहित करने के उद्देश्य से ‘उत्तराखंड वर्दीधारी उप निरीक्षक पदों पर सीधी भर्ती की चयन प्रक्रिया नियमावली-2025‘ और वर्दीधारी सिपाही के पदों पर सीधी भर्ती की चयन प्रक्रिया को विहित करने हेतु ‘उत्तराखंड वर्दीधारी सिपाही पदों पर सीधी भर्ती की चयन प्रक्रिया नियमावली-2025‘ बनाए जाने के संबंध में अधिसूचनाएं शासन के गुरूवार को जारी की गई।

‘उत्तराखंड वर्दीधारी उप निरीक्षक पदों पर सीधी भर्ती की चयन प्रक्रिया नियमावली-2025‘ गृह विभाग के अधीन वेतन लेवल-7 में उप निरीक्षक (नागरिक पुलिस/ अभिसूचना), प्लाटून कमांडर, गुल्म नायक (पी.ए.सी./आई.आर.बी.), अग्नि शमन द्वितीय अधिकारी के पदों और उप कारापाल (वेतन लेवल-6) के साथ ही वेतन लेवल-5 में होमगार्ड विभाग के प्लाटून कमांडर, वन विभाग के वन दरोगा, आबकारी विभाग के आबकारी उप निरीक्षक तथा युवा कल्याण एवं प्रान्तीय रक्षक दल विभाग के क्षेत्रीय युवा कल्याण एवं प्रान्तीय रक्षक दल अधिकारी के पदों पर सीधी भर्ती के मामले में लागू होगी।

शासन द्वारा जारी ‘उत्तराखंड वर्दीधारी सिपाही पदों पर सीधी भर्ती की चयन प्रक्रिया नियमावली-2025‘ के अंतर्गत गृह विभाग के आरक्षी पुलिस, आरक्षी पी.ए.सी., आरक्षी आई.आर.बी., अग्निशामक एवं बंदी रक्षक, वन विभाग के वन आरक्षी, आबकारी विभाग के आबकारी सिपाही, परिवहन विभाग के प्रवर्तन सिपाही तथा सचिवालय प्रशासन विभाग के सचिवालय/ विधान भवन रक्षक के वेतन लेवल-3 के पदों को शामिल किया गया है।

राज्य के युवाओं के हितों व सुविधा का ध्यान रखते हुए विभिन्न विभागों में वर्दीधारी उप निरीक्षक एवं सिपाही के पदों पर एकीकृत भर्ती की व्यवस्था एक महत्वपूर्ण कदम है। “उत्तराखंड सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप वर्दीधारी पदों हेतु तैयार की गई नई नियमावलियां युवाओं को पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती के अवसर प्रदान करने के साथ ही राज्य की सुरक्षा और सेवा व्यवस्था को भी और अधिक सशक्त बनाएगी।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

पंडित गोविंद बल्लभ पंत की आधुनिक भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका रहीः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, प्रखर वक्ता, समाज सुधारक एवं भारत रत्न पं. गोविंद बल्लभ पंत की जयंती के अवसर पर उनके चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर उनका भावपूर्ण स्मरण किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री और देश के गृह मंत्री रहते हुए पं. गोविंद बल्लभ पंत की आधुनिक भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके विचार हमें सदैव जनसेवा और राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करते रहेंगे।

सीएम ने राज्य के विभिन्न विकास कार्यों के लिये दी 100 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद देहरादून के विधानसभा क्षेत्र सहसपुर के अन्तर्गत मिट्ठीबेरी से परवल होते हुए चांदनी चौक तक और परवल से विज्ञान धाम झाजरा तक मार्ग का चौडीकरण के कार्य के अन्तर्गत मिट्ठीबेरी-परवल मार्ग के चौड़ीकरण कार्य हेतु 12.3 करोड़ की योजना स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री द्वारा राज्य योजना के अन्तर्गत जनपद देहरादून के विधानसभा क्षेत्र कैन्ट के वसंत विहार सोसाइटी के आन्तरिक मार्गों का बी०एम० एस०डी०बी०सी० द्वारा सुदृढीकरण का कार्य एवं विधानसभा कैन्ट के अन्तर्गत केशवरोड़, नेशनल रोड, शिव कॉलोनी, द्रोणपुरी, प्रेमनगर चुंगी से मोहनपुर पावर हाउस तक मिलन विहार, रजत एन्कलेव तथा पार्क रोड के आन्तरिक क्षतिग्रस्त मार्गों का सुधारीकरण के कार्य हेतु 3.52 करोड़ की योजना स्वीकृत किए जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा जिला कारागार, हरिद्वार में बैरक सं० 01, 02, व 06 के प्रथम तल पर नवीन बैरकों के निर्माण कार्य हेतु 4.91 करोड़ एवं महिला बैरक के प्रथम तल पर नवीन बैरक के निर्माण कार्य हेतु 01 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा आयुर्वेदिक एवं यूनानी सेवायें विभागीय जनपद टिहरी में संचालित 02 चिकित्सालयों (1-राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय मोल्यासेरा, टिहरी गढ़वाल के राजकीय भवन निर्माण हेतु 2.89 करोड़ एवं 2-राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय बंगियाल, टिहरी गढ़वाल के राजकीय भवन के निर्माण हेतु 2.5 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया।

मुख्यमंत्री द्वारा विश्व बैंक पोषित अर्द्धनगरीय क्षेत्रों हेतु उत्तराखण्ड पेयजल कार्यक्रम हेतु वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 के राजस्व मद में 7 करोड़ एवं पूंजीगत मद में 67 करोड़ की धनराशि अवमुक्त किये जाने का भी अनुमोदन प्रदान किया गया है।

सीएम से मिली भारत सरकार की अन्तर मंत्रालयी टीम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से राज्य में आपदा से हुए नुकसान का जायजा लेने आई भारत सरकार की अन्तर-मंत्रालयी टीम ने भेंट की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड आपदा की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील राज्य है। मानसून अवधि में राज्य को अतिवृष्टि के कारण भूस्खलन, बाढ और जल भराव की गंभीर समस्याओं से जूझना पड़ता है। उन्होंने कहा कि भूस्खलन से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों को मिलकर पूर्वानुमान प्रणाली को और अधिक विकसित करने की दिशा कार्य करना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष अत्यधिक वर्षा के कारण राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में काफी नुकसान हुआ है। जनहानि के साथ ही परिसंपत्तियों को भी अत्यधिक क्षति पहॅुंची है। उन्होंने कहा कि राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में बादल फटने व भूस्खलन की घटनाओं से जमीन का स्थाई नुकसान होता है, ऐसी जगहों को दोबारा खेती-बाड़ी या निर्माण कार्यों के लिए प्रयुक्त करना संभव नहीं हो पाता है। इसके लिए प्रभावी कार्ययोजना पर भी उन्होंने बल दिया।

भारत सरकार की अंतर मंत्रालयी टीम के सदस्यों ने उत्तरकाशी, रूद्रप्रयाग, पौड़ी गढवाल, चमोली, बागेश्वर एवं नैनीताल जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर आपदा से हुए नुकसान का जायजा लेने के बाद सचिवालय में मुख्यमंत्री से भेंट की। गृह मंत्रालय भारत सरकार के संयुक्त सचिव आर. प्रसन्ना के नेतृत्व में आई इस टीम में अनु सचिव शेर बहादुर, अधीक्षण अभियंता सुधीर कुमार, उप निदेशक विकास सचान, मुख्य अभियंता पंकज सिंह, निदेशक डॉ. वीरेन्द्र सिंह शामिल थे। अंतर मंत्रालयी टीम ने आपदा प्रभावितों से बातचीत कर मिले फीड बैक का उल्लेख करते हुए राज्य सरकार द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में संचालित राहत कार्यों को सराहनीय बताया। आपदा प्रभावितों के लिए राहत शिविरों में रहने व भोजन की समुचित व्यवस्था, मौके पर ही चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था को भी केन्द्रीय टीम ने बेहतर बताया।

केन्द्रीय टीम ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आपदा में मृतकों के परिजनों तथा जिनके घर पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं, उनकोे रू. पॉंच लाख की तात्कालिक सहायता राशि दिए जाने से भी प्रभावितों को काफी राहत मिली है। राज्य में सभी गर्भवती महिलाओं का संपूर्ण डाटा जिला प्रशासन के पास उपलब्ध होने एवं उनके स्वास्थ्य व सुरक्षित प्रसव की व्यवस्था हेतु निरंतर संपर्क रखने की पहल की भी केन्द्रीय टीम ने सराहना की। टीम के सदस्यों ने कहा कि इस तरह की महत्वपूर्ण पहल को अन्य राज्यों में भी अपनाने के लिए अपना सुझाव प्रस्तुत करेगी। केन्द्रीय टीम ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में भूस्खलन व बाढ़ से नदियों में अत्यधिक मात्रा में सिल्ट भर जाने के कारण जल स्तर ऊपर उठने से भविष्य में नुकसान की संभावना को भी भ्रमण के दौरान उनके संज्ञान में लाया गया है।

इस अवसर पर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, अपर मुख्य सचिव आरके सुधांशु, सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी आनन्द स्वरूप उपस्थित थे।

राज्य के दो शहीदों के आश्रितों को सरकारी सेवा देने संबंधी अनुमोदन मिला

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दो शहीद सैनिकों के आश्रितों को सरकारी सेवा प्रदान किए जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा अनुमोदन प्रदान किए जाने के फलस्वरूप शहीद जगेन्द्र सिंह की धर्मपत्नी किरन को समूह ग के पद पर जिलाधिकारी कार्यालय, टिहरी में और शहीद आदर्श नेगी के भाई अभिषेक नेगी को समूह ग के पद पर अधीक्षण अभियन्ता, आठवां वृत्त, लोक निर्माण विभाग, नई टिहरी के कार्यालय में सेवायोजित किया जाएगा। राज्य सरकार द्वारा भारतीय सेना व अर्द्धसैनिक बलों के उत्तराखण्ड के स्थायी निवासी शहीद सैनिकों के आश्रितों को राज्याधीन सेवाओं में अनुकंपा के आधार पर सेवायोजित करने के लिए नियमावली निर्धारित है। इस नियमावली के तहत टिहरी गढ़वाल जिले में शहीद सैनिकों के उक्त दो आश्रितों को सेवायोजित किए जाने हेतु मुख्यमंत्री द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया है।

स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2025ः ऋषिकेश ने 31वें स्थान से उछाल मार 14वां स्थान हासिल किया

देहरादून 37वें से छलांग लगाकर 19वां स्थान

ऋषिकेश 31वें से उछलकर 14वां स्थान

काशीपुर 19वें से सुधारकर 18वां स्थान

सफलता के प्रमुख कारण

यांत्रिक सड़क सफाई से धूल नियंत्रण

ठोस अपशिष्ट एवं निर्माण मलबा प्रबंधन

हरित पट्टी विकास

उद्योगों में स्वच्छ ईंधन का उपयोग

स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन प्रणाली

जन जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी ने इस उपलब्धि पर कहा…
“ये उपलब्धि सभी के लिए स्वच्छ वायु के प्रति उत्तराखंड की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।”
लक्ष्य आने वाले वर्षों में और रीयल-टाइम मॉनिटरिंग, नवाचार एवं जनसहभागिता से वायु गुणवत्ता में सुधार।