देहरादून के नेहरू काॅलोनी थाने में द्वारहाट विधायक और पत्नी पर मुकदमा दर्ज

उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल के द्वारहाट विधायक महेश नेगी और उनकी पत्नी रीता नेगी के खिलाफ न्यायालय के आदेश के बाद मुकदमा दर्ज हो गया है। देहरादून के नेहरू काॅलोनी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। विधायक पर दुष्कर्म करने और उनकी पत्नी पर जान से मारने की धमकी और मामले को दबाने का आरोप लगा है।

बीते शनिवार को एसीजेएम पंचम की कोर्ट ने विधायक पर दुष्कर्म और रीता नेगी पर अनैतिक कार्य करते हुए मामले को दबाने के आरोप में अविलंब मुकदमा दर्ज करने को कहा था। बता दें कि पिछले महीने विधायक की पत्नी ने महिला के खिलाफ ब्लैकमेलिंग का मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें आरोप लगाया गया है कि महिला विधायक से संबंध होने की बात करके उनसे पांच करोड़ रुपये मांग रही है।

महिला ने अपनी बच्ची को भी विधायक की ही बताया था और बच्ची का डीएनए विधायक से मैच कराने की मांग की थी। मामले में राज्य महिला आयोग और बाल आयोग ने पुलिस को अपनी रिपोर्ट देने को कहा था।

टाॅयलेट के वेंटिलेटर का जाल तोड़ कैदी हुआ रफूचक्कर, पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

चोरी के आरोप में पकड़े गए ऋषिकेश के युवक का अस्थायी जेल से भाग जाना पुलिस की ड्यूटी की हकीकत को सामने लाता है। अस्थायी जेल में टाॅयलेट के वेंटिलेटर का जाल तोड़ चोरी के आरोप में पकड़ा गया युवक फरार हो गया। जेल प्रशासन की तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ प्रेमनगर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया।

जेल सुप्रीटेंडेंट महेंद्र सिंह ग्वाल ने बताया कि बंदी राहुल निवासी काली की ढाल, ऋषिकेश को शुक्रवार शाम को ही न्यायिक अभिरक्षा में लाया गया था। उसे रायपुर पुलिस ने चोरी के आरोप में पकड़ा था। नियमानुसार उसे पहले अस्थायी जेल में रखा गया था। शनिवार सुबह सभी बंदियों की गिनती के बाद उन्हें नाश्ता दिया गया था।

इसी दौरान राहुल टॉयलेट में गया था। काफी देर तक वापस नहीं आया तो वहां बंदी रक्षकों ने उसकी तलाश की। तो टॉयलेट अंदर से बंद था और उसका दरवाजा तोड़ा गया था। अंदर जाकर देखा तो टॉयलेट का वेंटिलेटर का जाल टूटा हुआ था। आरोपी युवक पकड़ा नहीं जा सका। उसके खिलाफ जेल प्रशासन की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर किया गया है।

रात्रि में घर लौट रहे एक शिक्षक पर जानलेवा हमला, गोली लगने से हुई मौत

हरिद्वार जिले के रूड़की में एक शिक्षक पर बदमाशों से गोली चला दी। गोली शिक्षक के सिर में लगने से उनकी मौत हो गई। अस्पताल में डाॅक्टर ने उन्हें मृत घोषित किया।
बता दें कि सुल्तानपुर क्षेत्र स्थित ओसपुर गांव निवासी 40 वर्षीय शिक्षक ओम सिंह बृहस्पतिवार रात करीब नौ बजे वह बाइक से गांव लौट रहे थे। गांव के पास ही बदमाशों ने उन्हें गोली मार दी। रास्ते से गुजर रहे एक ग्रामीण ने उन्हें लहूलुहान हालत में सड़क किनारे पड़ा देखा तो परिजनों को सूचना दी। परिजन सहित सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंचे। परिजनों ने आननफानन में उन्हें सुल्तानपुर स्थित अस्पताल में भर्ती कराया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। यहां डाॅक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। कोतवाली प्रभारी हेमेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि शिक्षक के सिर में गोली लगी थी। शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। परिजनों से जानकारी ली जा रही है। अभी तक तहरीर नहीं आई। तहरीर आने पर केस दर्ज किया जाएगा।

हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने दर्ज किया पुलिस कर्मियों के खिलाफ मुकदमा

ऊधमसिंहनगर पुलिस के एक चैकी प्रभारी व उनकी टीम पर ढाबा संचालक को चरस के मुकदमे में झूठा फंसाने के आरोप में सीबीआई ने मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि चैकी प्रभारी, तीन सिपाहियों और दो एसपीओ ढाबे पर पहुंचे और संचालक से मारपीट की। इसके बाद उसके पास से चरस बरामद दिखाई। संचालक ने जब हाईकोर्ट की शरण ली तो सारी कहानी की पोल खुलनी शुरु हुई।
मामला केलाखेड़ा थाना की बेरिया दौलत पुलिस चैकी क्षेत्र का है। यहां हाईवे के पास अनिल शर्मा का पंडित ढाबा है। गत 28 जुलाई की शाम को वहां पर चार-पांच पुलिसकर्मी आए और कर्मचारियों से मारपीट करने लगे। एक कर्मचारियों का फोन भी छीन लिया और अपने मालिक को बुलाने को कहा। ढाबे पर मौजूद मालिक से भी उन्होंने मारपीट की। इसके बाद कर्मचारी को गाड़ी में बैठाकर ले गए और उसके पास से चरस बरामद दिखाई। लेकिन, यह सारी घटना ढाबे पर लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। 
पुलिसकर्मियों की चालाकी यहीं नहीं रुकी। अगले दिन दो पुलिसकर्मी ढाबे पर आए और सीसीटीवी फुटेज को डिलीट कर दिया। साथ ही किसी को न बताने की धमकी भी दे गए। इसके बाद अनिल शर्मा ने गत सात अगस्त को इस मामले में हाईकोर्ट में रिट दायर की। हाईकोर्ट के संज्ञान में जब यह मामला आया तो उन्होंने एसएसपी ऊधमसिंह नगर से रिपोर्ट मांगी। इस मामले में एसएसपी ने केलाखेड़ा एसओ को लाइन हाजिर और चैकी प्रभारी व तीनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। पूरे प्रकरण में सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल सर्विलांस समेत अन्य साक्ष्य भी पुलिस कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे थे।
अनिल शर्मा ने इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की। हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने 18 अगस्त को प्राथमिक जानकारी को दर्ज कर जांच शुरू कर दी। इसके अगले ही दिन हाईकोर्ट ने इस मामले में सीबीआई को मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। सीबीआई देहरादून शाखा ने चैकी प्रभारी बेरिया दौलत प्रकाश चंद टम्टा, सिपाही त्रिभुवन सिंह, चंदन सिंह बिष्ट, हरीश गिरी और स्पेशल पुलिस अफसर (कोरोना काल में जनता के बीच से बनाए गए थे) परवेज अहमद व राजवंत सिंह के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। मुकदमे की जांच इंस्पेक्टर हरीश सिंह कर रहे हैं। 

आईपीसी की धाराएं जिन पर मुकदमा हुआ है दर्ज
120बी-आपराधिक षडयंत्र रचना 
166- लोकसेवक रहते कानून की अवज्ञा करते हुए किसी को चोट पहुंचाना 
167-अशुद्ध दस्तावेज रचना
193- कोर्ट में झूठे साक्ष्य पेश करना। 
201- साक्ष्य छुपाना या मिटाना 
211- किसी को नुकसान पहुंचाने की नियत से झूठा आरोप लगाना। 
220-निर्दोष व्यक्ति को जबरन रोककर रखना। 
323- मारपीट करना। 
342- गलत तरीके से किसी भी व्यक्ति को रोककर रखना। 
348-ज 465-जालसाजी।

आखिर पुलिस के हत्थे चढ़ ही गया फरार गैंगस्टर

थानाध्यक्ष रानीपोखरी दीपक धारीवाल ने बताया कि डोईवाला कोतवाली में 50 वर्षीय मनजीत सिंह पुत्र खेम सिंह निवासी मिस्सरवाला थाना डोईवाला, शकील अहमद पुत्र फकीर मौहम्मद निवासी बाजावाला डोईवाला देहरादून और बलवीर सिंह पुत्र सरदार भगवान सिंह निवासी खैरी प्रथम मारखमग्राण्ट कोतवाली डोईवाला के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया था। इस संबंध में शकील अहमद और बलवीर को पुलिस पूर्व में गिरफ्तार कर चुकी है। थानाध्यक्ष ने बताया कि शकील वर्तमान में जेल में ही कैद है, जबकि बलवीर अभी जमानत पर बाहर आया हुआ है। बताया कि गैंग का लीडर मनजीत सिंह पिछले सात माह से फरार चल रहा था। जिसे शनिवार को मुखबिर की सूचना पर रानीपोखरी पुलिस टीम ने मिलन विहार देहरादून से गिरफ्तार किया है। थानाध्यक्ष ने बताया कि आरोपी पर चार मुकदमें डोईवाला कोतवाली में दर्ज है। पुलिस टीम में थानाध्यक्ष रानीपोखरी दीपक धारीवाल, कांस्टेबल वीर सिंह, अमित, ललित और प्रमोद शामिल रहे।

सम्मोहन के जरिए महिलाओं से करते थे ठगी, पुलिस ने किया गिरफ्तार

सम्मोहन कर महिलाओं के सामान को दुगुना करने का लालच देकर गहनें की ठगी करने वाले एक शातिर को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी से 12 बोर का एक जिंदा कारतूस, 12 बोर का एक तमंचा अपने कब्जे में लिया है। इसके अलावा महिलाओं से लूटे गए दो सोने के कुंडल, एक मोटरसाइकिल, दो हजार रुपये नगद भी बरामद किए हैं। वहीं, एक शातिर पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया है।
बता दें कि ऋषिलोक कॉलोनी आशुतोष नगर निवासी महिला शिव देवी कैंतूरा पत्नी नैन सिंह कैंतूरा ने कोतवाली पुलिस में तहरीर दी। बताया कि 24 जुलाई को दोपहर दो बज करीब नटराज चैक से अपने घर ऋषिलोक कॉलोनी वापस आ रही थी। तभी आशुतोष नगर बालाजी बगीचे वाली गली में मोटरसाइकिल पर दो युवक पहुंचे। उन्होंने सम्मोहन कर गले से मंगलसूत्र, कान के कुंडल और चांदी की अंगूठी को रूमाल पर रख लिया और वहां से चलते बने। सम्मोहन से बाहर आने के बाद उन्हें धोखे का पता चला। महिला की तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है।

कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि मामले में घटना स्थल सहित नगर के करीब 30 सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए। साथ ही मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया। शुक्रवार की रात्रि श्यामपुर फाटक के समीप मुखबिर से सूचना मिली कि हरिद्वार से ऋषिकेश की ओर से एक संदिग्ध व्यक्ति मोटरसाइकिल पर आ रहा है। पुलिस ने फाटक पर चेकिंग कर उसे पकड़ लिया। तलाशी लेने पर पुलिस को उसके कब्जे से पीली धातु के कुंडल, दो हजार नगद और एक तमंचा मय जिंदा कारतूस बरामद हुआ। कोतवाल रितेश शाह ने आरोपी की पहचान गुलजार (26) पुत्र सुक्रउद्दीन निवासी मोहम्मदपुर घड़ी थाना किठौर जिला मेरठ उत्तर प्रदेश, हाल निवासी ग्राम शिकारपुर थाना मंगलौर जिला हरिद्वार के रूप में कराई। बताया कि बरामद तमंचे के आधार पर आयुध अधिनियम में भी मुकदमा दर्ज किया गया है।
कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि आरोपी गुलजार बदायूं से भी पूर्व में जेल जा चुका है तथा वर्तमान में जमानत पर बाहर आया है। पूछताछ में आरोपी ने कबूला है कि वह अपने साथी शहजाद के साथ ऋषिकेश आया था। 24 जुलाई को उसने साथी के साथ घटना को अंजाम दिया। इसके बाद 26 जुलाई को रुड़की गंगनहर एक महिला को झांसे में लेकर उसके कान के कुंडल उतरवाये थे।

कोतवाली पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाया अभियान, 791.94 ग्राम चरस के साथ एक दबोचा

कोतवाली पुलिस ने नशे के खिलाफ अभियान चलाकर एक युवक को 791.94 ग्राम चरस की तस्करी करते हुए गिरफ्तार किया है। पुलिस ने युवक पर एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज किया है।

कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि ऋषिकेश को नशा मुक्त किए जाने के लिए पुलिस लगातार अभियान चला रही है। इसी क्रम में शुक्रवार को एक युवक चौपहिया वाहन से चरस की तस्करी करते हुए पाया गया। मौके पर पुलिस टीम ने वाहन की तलाशी ली तो उसमें 791.94 ग्राम चरस बरामद की गई। पुलिस ने मौके से आरोपी सोहन पाल सिंह निवासी ग्राम सिमरा पोस्ट भटवाडी जिला उत्तरकाशी को गिरफ्तार किया। कोतवाल ने बताया कि आरोपी पर एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

उत्तराखंड की आईडी पर ई-पास बनाकर केदारनाथ सवारी ले जा रहा था दिल्ली युवक, पुलिस ने पकड़ा

मुनिकीरेती पुलिस ने उत्तराखंड की आईडी पर ई पास लेकर दिल्ली के यात्रियों को केदारनाथ लेकर जा रहे एक चालक को पकड़ लिया पुलिस ने आरोपी चालक के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

मुनीकीरेती थाना प्रभारी रामकिशोर सकलानी ने बताया कि तपोवन बैरियर पर चेकिंग के दौरान एक दिल्ली नंबर डीएल6सीआर- 1401 की कार दिखाई दी। कार को रोककर चालक से पूछताछ की तो उसने केदारनाथ जाना बताया इस संबंध में चालक ने ई-पास भी दिखाया। ई-पास की जांच करने पर मालूम हुआ कि उक्त चालक ने हरिद्वार के ड्राइविंग लाइसेंस के आधार पर उत्तराखंड चार धाम देवस्थानम बोर्ड से ईपास बनाया हुआ है, इसके अलावा चालक दिल्ली के तीन व्यक्तियों को बिना कोरोना टेस्ट और सूचना के कैलाश गेट से केदारनाथ लेकर जा रहा था। थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी चालक सेन पाल पुत्र वीरसेन निवासी रविदास गली विश्वास नगर दिल्ली के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम और महामारी अधिनियम में मुकदमा दर्ज कर लिया है। बताया कि सभी यात्रियों की आईडी की बैरियर पर सघन चेकिंग की जा रही है।

सीबीएसई 12वीं में अनुत्तीर्ण होने पर किया सुसाइड

12वीं के परिणाम में अनुत्तीर्ण होने पर रानीपोखरी थानाक्षेत्र के एक किशोर से सुसाइड कर लिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जौलीग्रांट अस्पताल भेजा है।

बता दें कि भट्टनगरी रानीपोखरी निवासी प्रताप सिंह भंडारी के 18 वर्षीय पुत्र अमर भंडारी का सोमवार दोपहर 12वीं कक्षा का परिणाम आया। परिणाम में अनुत्तीर्ण होने के बाद से ही किशोर डिप्रेशन में चल रहा था। वह पूरे दिन घर से बाहर नहीं निकला। मंगलवार की दोपहर करीब 12 बजे पुलिस को सूचना मिली कि उक्त किशोर कमरे के पंखे से लटक गया है। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और इमरजेंसी सेवा 108 को सूचित किया। इसके बाद किशोर को जौलीग्रांट अस्पताल ले जाया गया। यहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं, थाना रानीपोखरी में तैनात सब इंस्पेक्टर वीरेन्द्र ने बताया कि किशोर के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मृतक किशोर का बीते रोज परीक्षा परिणाम आया था। इसमें वह फेल हो गया था। प्रथम दृष्टया यही लग रहा है कि परीक्षा परिणाम से संतुष्ट न होने पर किशोर से आत्महत्या जैसा कदम उठाया हो। बताया कि घटना के वक्त किशोर के पिता घर पर नहीं थे। वह अपने कार्यस्थल हरिद्वार में थे।