ससुर पर लगा बहु को जान से मारने की धमकी, मारपीट व लूट का आरोप

ऋषिकेश में एक बहू ने अपने ही ससुर पर घर में घुसकर जान से मारने की धमकी देने, मारपीट तथा जेवरात लूटने का आरोप लगाया है। मामले को लेकर बहू ने कोतवाली पुलिस को तहरीर तक सौंपी है।

तहरीर के मुताबिक, आज गंगा विहार ऋषिकेश निवासी मंजू संगल पत्नी स्व. प्रवीण कुमार ने बताया कि दोपहर ढाई बजे के करीब पड़ोस में रहने वाले उनके ससुर रमेश चंद गांधी घर पहुंचे। शिकायतकर्ता की बहन ने घर का दरवाजा खोला। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी बीच उनके भतीजे शुभम व यशी संगल ने जबरन घर में घुस आए। शिकायतकर्ता मंजू संगल ने ससुर रमेश पर जान से मारने की धमकी और भतीजों पर मारपीट करने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि घटना के दौरान उनके गले से सोने की चेन भी लूट ली गई। शिकायतकर्ता महिला ने आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।

अपहरणकर्ता के चंगुल से मुक्त कराई नाबालिग युवती

कोतवाली ऋषिकेश पुलिस ने बीते दो जनवरी को अपहरित हुई नाबालिग युवती को आरोपी के चंगुल से मुक्त कराया है। आरोपी यूपी के बुलंदशहर का रहने वाला है।

दरअसल, एक व्यक्ति ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उनकी 15 वर्षीय बेटी दो जनवरी की शाम को बिना बताए घर से कहीं चली गई, मगर लौटी नहीं है। पुलिस ने मामले को गंभीर पाकर गुमसुदगी दर्ज की। कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने कैनाल गेट गोल चक्कर आईडीपीएल के पास से किशोरी के साथ युवक को पकड़ लिया है। कोतवाल ने आरोपी की पहचान अमन उर्फ कोशिंदर पुत्र हरेंद्र सिंह निवासी 93 नेकपुर, जहांगीपुर, बुलंदशहर, उत्तरप्रदेश के रूप में कराई।

एसएसपी पौड़ी ने किया कोटद्वार के टाइल्स व्यापारी के घर हुई लूट का खुलासा

कोटद्वार। पौड़ी गढ़वाल के कोटद्वार में बीते 25 दिसंबर को चर्चित टाइल्स व्यापारी के घर लाखों रूपए व ज्वैलरी की डकैती व लूट का खुलासा कर दिया। पुलिस की कार्यशैली से खुश होकर डीजीपी अशोक कुमार ने टीम को 20 हजार रूपए का इनाम देने की घोषणा की है।

बतादें कि बीती 25 दिसंबर को शातिरों द्वारा सुबह सात बजे देवी रोड स्थित खुशी होटल के पीछे टाइल्स व्यवसाय प्रमोद प्रजापति के घर को निशाना बनाया गया था। पुलिस ने आरोपियों से दो लाख साठ हजार रूपए की नकदी के साथ सोने के सभी जेबरात लगभग चार लाख रुपये कीमत के और यूनियन बैंक की चैक बुक बरामद की हैं। पुलिस का कहना है इसमें लगभग साठ प्रतिशत लूट का सारा सामान बरामद कर लिया गया है।

एसएसपी पौड़ी पी रेणुका देवी ने बताया कि घटना के बाद से ही पुलिस की सात तेज तर्रार टीमें लगाई गई थी। जिसमें पुलिस ने 9 दिनों के लगातार अथक प्रयास से सोमवार को अभियोग में संलिप्त अभियुक्त राजकुमार छोटा पुत्र जयवीर व उसके चार साथियों को चरथावल क्षेत्र मुजफ्फरनगर उत्तर प्रदेश से डकैती के माल सहित गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान अभियुक्त राजकुमार द्वारा बताया गया कि प्रवीण प्रजापति प्रमोद कुमार का करीबी रिश्तेदार है उसने ही हमें बताया कि वह काफी धनवान व्यक्ति है और अन्य जानकारियां भी दीं। प्रवीण प्रजापति द्वारा दी गई जानकारी के बाद 25 दिसंबर की सुबह कपिल कुमार उर्फ रावण, संदीप कुमार उर्फ पिंटू, संजीव कुमार उर्फ सोनू, धीरज, अंकित पुंडीर, प्रवीण प्रजापति ने मिलकर प्रमोद कुमार के घर में डकैती डालने रणनीति बनाई फिर हमने प्रमोद कुमार के घर में डकैती की घटना को अंजाम दिया। अभियुक्तगणों द्वारा पश्चिमी उत्तर प्रदेश व अन्यत्र भी लूट व डकैती की घटना को अंजाम दिये जाने की जानकारी प्रकाश में आई है। मुख्य अभियुक्तगण प्रवीण प्रजापति पुत्र चंद्रपाल व अंकित पुंडीर पुत्र प्रदीप की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। अभियुक्तो के अन्य अपराधिक इतिहास की जानकारी की जा रही है। घटना का खुलासा करने वाली पुलिस टीम का उत्साहवर्धन करने के लिए पुलिस महानिदेशक ने 20 हजार रुपए का इनाम देने की घोषणा की है।

दो दिन पूर्व व्यापारी के यहां हुई चोरी में पुलिस ने किया खुलासा

चोर कितने ही शातिर क्यों न हो। पुलिस के आगे बौन ही होते है, यह साबित कर दिखाया है कोतवाली ऋषिकेश पुलिस ने। यहां कोतवाल रितेश शाह ने दो दिन पूर्व हुई चोरी का खुलासा ऐसे वक्त पर कर दिया, जब सारे चोरी के आरोपी सामान को बेचने की फिराक में थे। जैसा ही प्रत्येक चोरी में घर के भेद जानने वाला कोई करीबी इंसान ही होता है, वैसा ही यहां भी देखने को मिला। व्यापारी के घर की सभी जानकारी पूर्व में काम कर चुके नौकर को थी। उसी ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया।

पुलिस ने सभी से मामले में एक नाबालिग सहित चार लोगों को अरेस्ट किया है। साथ ही शत प्रतिशत चोरी का सामान (करीब 14 तोले सोने व हीरे के आभूषण कीमत लगभग आठ लाख पचास हजार रूपये), कैमरा, हेडफोन, मोबाईल फोन, डिस्को लाईट व 7000 हजार रूपये बरामद की है। चोरी की घटना का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को एसएसपी देहरादून की ओर से ढाई हजार रूपए का इनाम देने की घोषणा की गई है।

दरअसल बीते 19 दिसंबर 2020 को व्यापारी अंकित नारंग पुत्र ओमप्रकाश नारंग निवासी 98 अद्वैतानन्द मार्ग ऋषिकेश ने कोतवाली में सूचना दी थी और अज्ञांत चोरो के विरूद्ध धारा 457, 380 भादवि में मुकदमा दर्ज कराया था। कोतवाल रितेश शाह के नेतृत्व में टीम तैनात की गई। घटना स्थल के आसपास के कैमरे खंगाले गए। इसके बाद पुलिस ने नेपाली फार्म से चार आरोपियों को अरेस्ट किया है।

आरोपियों में घर का भेद जानने वाला सानू कुमार उर्फ यश कुमार निवासी गली नंबर दो, शांतिनगर ऋषिकेश, गौतम जाटव निवासी म0नं0 140, गली नं0 05 शान्तिनगर ऋषिकेश, विजय जाटव उर्फ अजय निवासी म0नं0 150, गली नं0 5, शान्तिनगर ऋषिकेश तथा विधि विवादित किशोर शामिल रहे।

खुलासा करने वाली पुलिस टीम में कोतवाल रितेश शाह, एसएसआई ओमकान्त भूषण, एसआई आशीष गुसांई, एसआई विनय शर्मा, कांस्टेबल नवनीत सिंह नेगी, कांस्टेबल मनोज कुमार, कांस्टेबल सोनी कुमार, कांस्टेबल अनित कुमार, कांस्टेबल सन्दीप छाबड़ी शामिल रहे।

न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस को अब दर्ज करना पड़ेगा रेप के प्रयास का मुकदमा

बीते माह 10 नवंबर को तीर्थनगरी में टाॅयलेट करने गई एक महिला के साथ चार युवकों ने रेप की कोशिश की। मामले में पीड़ित पक्ष ने पुलिस को तहरीर दी और आरोपियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की, तो पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने से इंकार कर दिया। कोतवाली से मायूसी मिलने के बाद पीड़ित पक्ष एसएसपी कार्यालय पर भी पहुंचा, मगर वहां भी सुनवाई नहीं हुई। थकहार पीड़ित पक्ष ने न्यायालय की शरण ली। जिस पर आज अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने सभी चारों आरोपियों के खिलाफ कोतवाली पुलिस को संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए है।

क्या है मामला
अधिवक्ता अजय कथूरिया के अनुसार, बीते 10 नंवबर को तीर्थनगरी में एक महिला रात्रि करीब दस बजे टाॅयलेट करने बाहर बरामदे में बाथरूम गई। इसी बीच बदनीयत से अमनदीप, नवदीप, कमलदीप और राजेश कुमार ने महिला के ब्लाउज के अंदर हाथ डाल दिया और छातियों को दबाने लगे और लज्जा भंग करते हुए रेप की कोशिश की। साथ ही महिला को खींचकर बलपूर्वक ले जाने लगे। तभी महिला की साड़ी खुल गई और पेटीकोट फट गया।

इसी बीच चीख पुुकार मची तो महिला के पति, सास, बेटा और बेटी बाहर आए। तो आरोपियों ने सभी के साथ गाली गलौच भी की और मारपीट भी। मामले को लेकर पीड़ित पक्ष कोतवाली पहुंचा और आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग करने लगा। मगर पुलिस ने लौटा दिया। एसएसपी कार्यालय से भी पीड़ितों को न्याय नहीं मिला तो पीड़ित पक्ष ने अधिवक्ता अजय कथूरिया की शरण ली। जिसकी बदौलत आज न्यायालय ने आरोपियों पर मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए।

संदिग्ध परिस्थिति में पंखे से झूला मिला अल्मोड़ा के युवक का शव

मुनिकीेरेती थानाक्षेत्र में शिवपुरी चैकी के अंतर्गत एक कमरे के भीतर अल्मोड़ा के युवक का शव संदिग्ध अवस्था में पड़ा मिला है। युवक का शव जिस कैंप के कमरे से पाया गया है, वहीं पर मृतक कुक का काम किया करता था।

थानाध्यक्ष मुनिकीरेती राम किशोर सकलानी ने मृतक की पहचान 24 वर्षीय नवीन पुत्र रमेशराम निवासी ग्राम चोलेरासीम थाना चैखुटिया अल्मोडा का शव करीब प्रात 7 बजे कैम्प के कमरे में रोड से लटका पाया गया। कमरे का दरवाजा खुला था। बताया कि पुलिस ने शव को नीचे उतरा। बताया कि मौके पर कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। शव का पंचायत नामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। साथ ही परिजनों को सूचना भेज दी है।

एसटीएफ को मिली कामयाबी, इनामी बदमाश गिरफ्तार

उत्तराखंड एसटीएफ टीम ने नौ साल पहले हुए अपहरण और लूट के एक मामले में फरार चल रहे पांच हजार के इनामी बदमाश को गिरफ्तार कर लिया है। उत्तराखंड के कुमाऊं में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में था।
उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स को सूचना मिली कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ का बदमाश गुरमीत सिह पुत्र जगीर सिह निवासी ग्राम बिडौरा थाना नानकमत्ता (ऊधमसिहनगर) किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है और कुमाऊं में किसी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकता है। इसके बाद एक टीम मेरठ भेजी गई। वहां गोपनीय जानकारी मिली कि शातिर कुछ दिन पहले ही एक गैंग बनाकर वारदात को अंजाम देने के लिए नैनीताल की ओर गया है।
इस पर एसटीएफ की कुमंऊ यूनिट को सतर्क कर प्रभारी निरीक्षक एसटीएफ और पंतनगर पुलिस की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया गया। इस बीच ये जानकारी भी मिली थी कि साल 2011 अप्रैल माह में अभियुक्त और उसके दो साथियों ने रुद्रपुर के पांच सितारा होटल रेडीशन के जीएम अरविन्द शिनॉय को रुद्रपुर स्थित सुपर मार्केट के सामने से हथियारों के बल पर उनकी होंडा सिटी कार के साथ किडनैप कर लिया था। उन्हें बंधक बनाकर गन्ने के खेत में फेंक दिया और मोबाइल के साथ ही पचास हजार नगदी, कार लेकर फरार हो गए।
पुलिस ने दो आरोपितों को घटना के कुछ दिनों बाद लूटे हुए माल के साथ पुलिस गिरफ्तार कर लिया था और अभियुक्त गुरमीत सिंह लूटी गई होंडा सिटी कार के साथ नेपाल भाग गया था। अभियुक्त करीब नौ वर्षों तक फरार रहा। उसके खिलाफ नेपाल में भी मुकदमा दर्ज है और वो नेपाल में भी जेल में रहा था। वो पुलिस से बचने के लिये समय-समय पर नेपाल में शरण लेता रहा है। हाल ही में वह मेरठ से किसी वारदात को अंजाम देने के लिए सितारगंज क्षेत्र में फर्जी आइडी बनाकर रह रहा था। शनिवार को देर रात एसटीएफ और पतंनगर पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया है।

अब अपराधियों की खैर नहीं, जिस भी जगह से गुजरेंगे तो कैमरे में होंगे कैद

देहरादून। जनपद देहरादून को सीसीटीवी कैमरों का ग्रिड बनाने के लिए पुलिस ने ऑपरेशन थर्ड आई की शुरूआत की है। 15 दिन के इस ऑपरेशन में सभी थाना पुलिस को अपने-अपने क्षेत्र में अपराध के लिहाज से संवेदनशील इलाकों में कैमरे लगवाने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस का दावा है कि इससे अपराधियों के मन में खौफ पैदा हो गया और किसी भी घटना होने के बाद अपराधी जल्दी पकड़े जाएंगे। एसपी क्राइम लोकजीत सिंह इसके नोडल अधिकारी, सहायक नोडल अधिकारी सीओ सदर अनुज कुमार और सीओ मसूरी नरेंद्र पंत हैं।

15 दिन के इस अभियान में शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा से ज्यादा बेहतर गुणवत्ता वाले कैमरे लगाए जाने हैं। इनमें नाइट विजन होना बेहद आवश्यक है। डीआईजी अरूण मोहन जोशी ने बताया कि 15 दिन बाद एक मॉक ड्रिल के माध्यम से थाना प्रभारियों, चैकी प्रभारियों और चीता पुलिस के कामों की समीक्षा की जाएगी।

दोस्त के शव को ठिकाने लगाने जा रहे तीन दोस्तों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

आपसी झगड़े में नेपाली मूल के युवक की हत्या कर शव को ठिकाने लगाने का प्रयास करने का सनसनीखेज एक मामला प्रकाश में आया हैं। इस मामले में थराली थाना पुलिस ने तीन नेपाली मूल के ही आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले की जांच शुरू कर दी है। जबकि शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए उपजिला चिकित्सालय कर्णप्रयाग भेज दिया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, नारायणबगड़ विकासखंड के अंतर्गत पंती में थाना थराली पुलिस के द्वारा गुरुवार की देर रात गश्त के दौरान तीन नेपाली युवक एक अन्य नेपाली युवक को अपने कंधों पर ले जाते मिले। पुलिस ने पूछताछ पर बताया कि उन के साथी की अचानक तबियत खराब हो गई है, जिसे उपचार के लिए ले जा रहे हैं। जब पुलिस ने उसे देखा तो वह नेपाली युवक मृत था। इस पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर तीनों से पूछताछ की तो उन्होंने उसकी हत्या का जुर्म कबूल लिया।
थराली थानाध्यक्ष ध्वजवीर सिंह पंवार ने बताया कि गत सायं चारों नेपालियों के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया था। जिसमें एक नेपाली की हाथापाई के दौरान मौत हो गई। जिससे घबराए तीनों नेपाली शव को ठिकाने लगाने की फिराक में शव को पंती के पास ही पिंडर नदी में ले जा रहे थे कि पुलिस ने हत्थे चढ़ गये। बताया कि मृतक 21 वर्षीय शरण निवासी नेपाल बताया जा रहा है।
मौके पर से ही तीनों नेपाली युवकों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनके खिलाफ धारा 302, 201 एवं आईपीसी की धारा 34 के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। आरोपियों का नाम नवीन योगी उम्र 28 वर्ष, लोकराज पुरी उम्र 22 वर्ष और मनोज गिरी उम्र 32 वर्ष बताया जा रहा है। मृतक और तीनों हत्यारोपी नेपाल के रहने वाले हैं। जो नारायणबगड़ में ही मजदूरी का काम कर रहे हैं।

पढ़िए आखिर दुखियारी मां अपने बेटे के खिलाफ क्यों पहुंची थाने…

आखिर अपने ही बेटे के खिलाफ एक मां ने मुनिकीरेती थाने में रिपोर्ट लिखवाई। इसके बाद पुलिस ने बेटे को अरेस्ट किया।

दरअसल कैलाश गेट भजनगढ़ निवासी नीमा देवी ने थाना मुनिकीरेती में आकर तहरीर दी। बताया कि दिनांक 10 नवंबर की शाम उसके पुत्र गौरव अधिकारी ने घर में कपड़ों में आग लगाकर आगजनी की। पीड़िता की तहरीर पर थाना मुनिकीरेती में मुकदमा दर्ज किया गया।

चैकी प्रभारी कैलाश गेट उप निरीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि घर में आगजनी करने वाले 28 वर्षीय गौरव अधिकारी पुत्र मोहन अधिकारी निवासी भजनगढ़ कैलाश गेट मुनिकीरेती टिहरी गढ़वाल को भजनगढ़ तिराहे के पास अरेस्ट कर लिया है।