सरकार के तीन वर्षः युवाओं के बीच पहुंच मुख्यमंत्री धामी ने लगाए पुश-अप्स

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एथलैक्टिस ग्राउण्ड, महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज, रायपुर, देहरादून में राज्य सरकार ( सेवा, सुशासन और विकास ) के 03 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग कर फिट इण्डिया रन का फ्लैग ऑफ किया।

खिलाड़ियों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री ने पुश-अप्स लगाकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया एवं उन्हें फिट रहने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों से मुलाकात कर, उन्हें फिट इंडिया की शपथ भी दिलवाई। मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड युवा कल्याण विभाग के सहयोग से चलाए जा रहे ड्रोन कोर्स में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले युवाओं को ड्रोन भी वितरित किए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज राज्य सरकार के 3 वर्ष पूरे हुए हैं। यह 3 वर्ष सेवा, सुशासन, विकास और जनहित को समर्पित रहे। उन्होंने युवाओं को देखकर अपने बचपन के दिनों को याद करते हुए कहा कि वो भी बचपन में अधिकांश समय शारीरिक, खेल गतिविधियां में बीतते थे। उन्होंने कहा आज जिन भी खिलाड़ियों ने देश का नाम बढ़ाया है, उनकी यात्रा असाधारण परिस्थितियों में शुरू हुई। उन्होंने युवाओं से जीवन में अपने सपनों के प्रति पक्की इच्छाशक्ति और विकल्प रहित संकल्प रखने का आवाहन किया।

मुख्यमंत्री ने राज्यवासियों खासकर युवाओं से रोजाना आधा घंटा व्यायाम करने, पौष्टिक आहार ग्रहण करने एवं नशे से दूर रहने का आवाहन किया है। उन्होंने कहा सभी युवाओं ने मिलकर उत्तराखंड का अभिमान बढ़ाना है। आम नागरिक की फिटनेस ही उत्तराखंड राज्य की ताकत है। उन्होंने कहा हम सबने मिलकर फिटनेस को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना है। उन्होंने सभी से स्वयं को फीट रखने एवं अपने आसपास के लोगों को भी स्वस्थ रहने के लिये प्रेरित करने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि फिट इंडिया मूवमेंट, स्वस्थ्य और मजबूत भारत के सपने को साकार करने का रास्ता है। फिट इंडिया, स्वस्थ मन और जीवंत आत्मा का भी आधार है। फिट उत्तराखंड से ही समृद्ध उत्तराखंड बनेगा। जहां हर व्यक्ति उन्नति कर राज्य की प्रगति में योगदान देगा। मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों की स्वस्थ्य जीवनशैली के लिए फिट इंडिया मूवमेंट शुरू किया। यह फिट इंडिया मूवमेंट अब जन आंदोलन बना गया है जो हर घर, गांव और शहर तक पहुंचा है। राज्य सरकार भी इस मिशन में कंधे से कंधा मिलाकर चल रही है। उन्होंने कहा सरकार, राज्य में खेल सुविधाओं को बढ़ा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड से ही पूरे देशवासियों को मोटापे, ओबेसिटी, एवं सही खाना पान को लेकर जागरूक किया था। उन्होंने कहा राज्य द्वारा 38 वें राष्ट्रीय खेलों की सफल मेजबानी की गई। जिसकी तारीफ प्रधानमंत्री जी ने मन की बात कार्यक्रम में भी की थी। 38 वें राष्ट्रीय खेलों में राज्य के खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 103 पदक प्राप्त कर पदक तालिका में सातवां स्थान हासिल किया। राज्य सरकार द्वारा राज्य के पदक विजेता खिलाड़ियों को दी जाने वाली पुरस्कार राशि को दुगना एवं राज्य के सभी पदक विजेताओं को आउट ऑफ टर्न नियुक्ति के अंतर्गत विभिन्न विभागों में सेवायोजित किए जाने का भी निर्णय लिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं विकसित एवं खेल उपकरण भी क्रय किए जा रहे हैं। जो राज्य के खिलाड़ियों को ओलंपिक स्तर तक पहुंचाने में सहायक सिद्ध होंगे। उत्तराखंड राज्य के बालक-बालिकाओं को फिट रखने एवं खेलों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी योजना, मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना जैसी अनेकों योजनाओं शुरू की गई रहैं। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय खेलों में प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों को खेल किट देने, राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रदेशीय टीमों के खिलाड़ियों को रेल/बस किराया दिये जाने, खिलाड़ियों को खेल में चोटिल/दुर्घटना हेतु आर्थिक सहायता प्रदान करने की सुविधा भी दी जा रही है।

इस अवसर पर विधायक उमेश शर्मा काऊ, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, निदेशक खेल प्रशांत आर्य, संयुक्त निदेशक अजय अग्रवाल, जिला अधिकारी देहरादून सविन बंसल, एसएसपी अजय सिंह, राजेश ममगाई एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

आगामी 10 साल की वित्तीय स्थिति की पूरी योजना तैयार की जाएः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि राज्य में आगामी 10 साल की वित्तीय स्थिति की पूरी योजना तैयार की जाए। इस दीर्घकालिक योजना में आर्थिक और सामाजिक विकास, पर्यावरण संरक्षण, आधुनिक तकनीक का उपयोग कर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि आगामी 10 सालों की राज्य के आय के संसाधन बढ़ाने के लिए आर्थिक विकास की रूपरेखा तैयार की जाए। राज्य की आर्थिकी से जुड़े पर्यटन, तीर्थाटन, ऊर्जा,कनेक्टिविटी, उद्योग, कृषि, ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, समाजिक कल्याण और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सुनियोजित तरीके से कार्य किये जाएं। अनावश्यक खर्चों को नियंत्रित किया जाए। उन्होंने कहा कि 2047 तक प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए सबको अपना योगदान देना होगा। राज्य में 2047 तक की वित्तीय स्थिति के लिए भी विस्तृत योजना बनाई जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर बजट प्रबंधन के लिए नीति निर्माण में डेटा एनालिटिक्स और रिसर्च का उपयोग किया जाए। योजना बनाने में विशेषज्ञों और आम जन के सुझाव भी लिये जाएं। सरकारी प्रक्रियाओं में सरलीकरण के साथ डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में और तेजी से कार्य किये जाएं। राज्य में राजस्व प्राप्ति के लिए कर राजस्व, गैर कर राजस्व, औद्योगिक निवेश, डिजिटल कर संग्रह और सार्वजनिक-निजी भागीदारी को बढ़ावा दिया जाए। बैठक में जानकारी दी गई कि वित्तीय बजट 2024-25 में लक्ष्य के सापेक्ष 85 प्रतिशत राजस्व प्राप्ति हो चुकी है। जबकि राजस्व व्यय 90.50 प्रतिशत हो चुका है।

मुख्यमंत्री ने बैठक में निर्देश दिये कि राज्य में जीएसटी कलक्शन बढ़ाने के लिए और प्रभावी प्रयास किये जाएं। कर चोरी की रोकथाम के लिए सघन अभियान चलाया जाए। छापामारी की कार्रवाई निरंतर की जाए। एआई और डेटा एनालिटिक्स के उपयोग पर अधिक ध्यान दिया जाए। जीएसटी फाइल करने के लिए सरल और पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जाए।

बैठक में जानकारी दी गई कि राज्य स्थापना के बाद से ट्रेड टैक्स/वैट/जीएसटी कलक्शन में 48 गुना से अधिक की वृद्धि हुई है। कलक्शन 233 करोड़ से बढ़कर 11289 करोड़ हुआ है। राज्य के कर स्रोतों में जीएसटी और वैट की भागीदारी 62 प्रतिशत, एक्साइज की 19 प्रतिशत ट्रांसपोर्ट की 05 प्रतिशत, स्टैंप की 08 प्रतिशत और खनन की 05 प्रतिशत भागीदारी है। राज्य में आईटीसी फ्रॉड के 848 मामलों और 165 फेक फर्मों को चिन्हित किया गया है। राज्य में फेक जीएसटी रजिस्ट्रेशन को चिन्हित करने के लिए विशेष अभियान चलाया गया, जिसके तहत 51 जीएसटी रजिस्ट्रेशन गैर मौजूद पाये जाने पर उनका पंजीकरण निरस्त किया गया।

बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर.मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, दिलीप जावलकर, विनय शंकर पाण्डेय, अपर पुलिस महानिदेशक ए.पी. अंशुमन, राज्य कर आयुक्त डॉ. अहमद इकबाल, उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी एवं जीएसटी विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

पर्यटन महोत्सव से बढ़ेगा भारत और नेपाल के बीच सांस्कृतिक और भावनात्मक संबंध

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रेंजर्स ग्राउण्ड, देहरादून में कंचनपुर उद्योग वाणिज्य संघ द्वारा आयोजित इण्डो नेपाल अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला तथा पर्यटन महोत्सव में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने भारत और नेपाल के स्थानीय उत्पादों पर आधारित स्टालों का भी अवलोकन किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह महोत्सव, भारत और नेपाल के बीच सांस्कृतिक और भावनात्मक संबंधों को बढ़ाएगा। इससे हमारी समृद्ध परंपराओं को संजोए रखने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने में भी योगदान मिलेगा। उन्होंने कहा भारत और नेपाल के बीच सदियों से धार्मिक, सांस्कृतिक, व्यापारिक और रोटी-बेटी का संबंध रहा है। जब जब प्रभु श्रीराम और माता सीता को याद किया जाएगा, तब-तब भारत और नेपाल के संबंधों का उल्लेख भी अवश्य होगा। उन्होंने कहा अयोध्या में भगवान श्री राम मंदिर के निर्माण में नेपाल की सनातनी जनता की आस्था को भी देखा गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत और नेपाल के संबंध और भी अधिक मजबूत हो रहे हैं। दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों के साथ ही व्यापारिक संबंधों को भी आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा नेपाल और भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। उत्तराखंड से लेकर नेपाल तक अनेक पर्यटन और धार्मिक स्थल हैं, जहां आस्था और प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। उत्तराखंड सरकार, उत्तराखंड और नेपाल के बीच व्यापार को सुगम बनाने के लिए सीमावर्ती क्षेत्र में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रारंभ की गई नेबरहुड फर्स्ट नीति के अंतर्गत नेपाल को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इस नीति के माध्यम से दोनों देशों में आर्थिक विकास को गति प्रदान की जा रही है। केंद्र सरकार के सहयोग से विभिन्न स्तरों पर कनेक्टिविटी, व्यापार, संस्कृति, रक्षा तथा जनसंपर्क को भी निरंतर बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री द्वारा अयोध्या से जनकपुर के बीच बस सेवा प्रारंभ की गई थी। उन्होंने कहा काली नदी पर प्रस्तावित पंचेश्वर बांध परियोजना के माध्यम से साझा ऊर्जा उत्पादन का भी संकल्प दोनों देशों ने लिया है। जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति होगी, और दोनों देशों की आर्थिकी को भी बल मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में राज्य सरकार सीमावर्ती क्षेत्रों में व्यापार, बुनियादी सुविधाओं और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। सीमावर्ती क्षेत्रों में आधुनिक सड़कों, सुरंगों और पुलों का निर्माण जारी है। इसके अंतर्गत अब तक लगभग 4500 किलोमीटर से भी अधिक सड़कों का निर्माण कार्य संपन्न किया जा चुका है। भारत और नेपाल के बीच धारचूला के छारछुम में मोटर पुल का निर्माण भी गतिमान है। जिससे दोनों देशों के बीच संपर्क और अधिक सुगम होगा।

इस अवसर पर राजेंद्र सिंह रावल (पूर्व मुख्यमंत्री सुदूर पश्चिम प्रदेश, नेपाल), पीतांबर जोशी (अध्यक्ष कचनपुर उद्योग वाणिज्य संघ), विधायक खजान दास, दिवान सिंह बिष्ट, विक्रम धामी, प्रकाश रावल, जानकी कुंवर एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

“जल शक्ति अभियान“ से 1000 गाँवों में तालाबों और पारंपरिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित कर रहेः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी वाडिया इंस्टीट्यूट में जलवायु परिवर्तन एवं नवीकरणीय ऊर्जा-चुनौतियाँ और समाधान’ विषय पर आयोजित संगोष्ठी में शामिल हुए। सीएम ने संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान में जलवायु परिवर्तन संपूर्ण विश्व के लिए एक गंभीर चुनौती के रूप में सामने खड़ा है। उन्होंने पिछले वर्ष की गर्मी के अनुभव को याद करते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण देहरादून सहित विभिन्न पर्वतीय क्षेत्रों में तापमान पहले की तुलना में बहुत अधिक रहा। ऐसे समय में, जलवायु परिवर्तन को लेकर जागरूकता फैलाने एवं इसके समाधानों पर गहनता से चर्चा करने का एक सराहनीय प्रयास है। यह संगोष्ठी न केवल जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों को समझने का एक अवसर है, बल्कि पर्यावरण के प्रति हमारे संकल्पों को मजबूती देने का भी एक विशिष्ट मंच है ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में “हरियाली मिशन“ के अंतर्गत लाखों की संख्या में पौधे रोपे जा रहे हैं। “जल शक्ति अभियान“ के माध्यम से 1000 गाँवों में तालाबों और पारंपरिक जल स्रोतों को भी पुनर्जीवित करने का प्रयास कर रहे हैं। प्रदेश में जल संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्प्रिंग एंड रिवर रिजुविनेशन ऑथोरिटी का गठन भी किया है, जिसके अन्तर्गत अभी तक 5500 जलीय स्त्रोतों तथा 292 सहायक नदियों का चिन्हीकरण कर उनका उपचार किया जा रहा है। वाडिया इंस्टीट्यूट के सहयोग से हमने ग्लेशियर अध्ययन केंद्र भी स्थापित किया है, जिससे हम प्रकृति द्वारा दिए जाने वाले संकेतों को समझ सकें और उसके क्षरण को रोकने हेतु प्रभावी नीतियां बनाकर कार्य कर सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों का आयोजन ग्रीन-गेम्स की थीम पर किया गया। पूरे आयोजन के दौरान मेडल प्राप्त करने वाले सभी खिलाड़ियों के नाम पर एक-एक रूद्राक्ष के पौधे लगाकर 2.77 हेक्टेयर वन क्षेत्र को ’खेल वन’ के रूप में स्थापित किया गया। उत्तराखंड देश का पहला राज्य है, जहां जीडीपी की तर्ज़ पर जीईपी यानि ग्रोस इनवायरमेंट प्रोडक्ट का इंडेक्स तैयार कर जल, वन, भूमि और पर्वतों के पर्यावरणीय योगदानों का आँकलन करने का प्रयास हो रहा है। जीवाश्म आधारित ईंधन के स्थान पर ग्रीन ऊर्जा को वृहद् स्तर पर प्रोत्साहित किया जा रहा है। “नई सौर ऊर्जा नीति” लागू करने के साथ ही वर्ष 2027 तक 1400 मेगावाट सोलर क्षमता पाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। प्रदेश में “पी०एम० सूर्यघर योजना” और “मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना” के अंतर्गत सब्सिडी का लाभ उठाकर बड़ी संख्या में लोग सोलर पैनल लगवा रहे हैं।

वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि वन संपदाओं को संरक्षित रखने के लिए जरूरी है कि स्थानीय लोगों को वनों से जोड़ा जाए। इससे हमारे वन भी संरक्षित रहेंगे और लोगों को आजीविका भी मिलेगी। वनों में लगने वाली आग को न्यून करने के लिए विस्तृत प्लान बनाया गया है।

इस मौके पर लोक गायक नरेंद्र सिंह नेगी, यूथ फाउंडेशन के संस्थापक कर्नल अजय कोठियाल (से नि), प्रमुख वन संरक्षक डॉ धनंजय मोहन, निदेशक वाडिया डा विनीत कुमार गहलोत, वैज्ञानिक डॉ जे बी सिंह, डा हृदया चौहान सहित विभिन्न संस्थानों के वैज्ञानिक और श्रोता मौजूद रहे।

सजग नागरिक सुशासन की महत्वपूर्ण कड़ी हैः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विकास खंड यमकेश्वर के स्थानीय निवासियों के साथ मुख्य सेवक संवाद में कहा कि सजग नागरिक सुशासन की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आमजन को जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिले, इसके लिए सरकारी कार्मिकों को सरकार की मंशा के अनुरूप सेवा व सुशासन को प्राथमिकता देनी होगी।

जनसमस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी प्रयास

मुख्यमंत्री ने वर्चुअल संवाद के माध्यम से बताया कि सीएम डैशबोर्ड और सीएम हेल्पलाइन की व्यवस्था जनसमस्याओं के शीघ्र समाधान के लिए की गई है। साथ ही, समस्याओं के त्वरित निवारण के लिए त्वरित समाधान दल (रैपिड सॉल्यूशन टीम) को पहले चरण में पौड़ी जनपद में लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि इस पहल का लाभ यमकेश्वर के नागरिकों को भी मिलेगा और इस दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।

जिला प्रशासन की सराहना

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी पौड़ी एवं उनकी टीम की सराहना करते हुए कहा कि जिला प्रशासन ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए उचित तैयारी की है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि “रिफॉर्म, ट्रांसफॉर्म और परफॉर्म“ के मंत्र के साथ यह कार्यक्रम सुचारू रूप से आगे बढ़ेगा।

उत्तराखंड का योगदान विकसित भारत के लक्ष्य में

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से अमृत काल में भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, और उत्तराखंड इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया कि केंद्र व राज्य सरकार ने कई नई जनोपयोगी योजनाएं बनाई हैं तथा कई नीतियों में आवश्यक संशोधन भी किए हैं।

लाभार्थियों से संवाद

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद किया और उनकी समस्याओं को सुना। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार जनहित के कार्यों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सदैव तत्पर है।

सीएम ने महिला सारथी के तहत महिला ड्राइवरों को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया। जिसमें रेशमा शाह, भारती, पार्षद अंजना रावत, बीना, रेखा पांडे, ममता, सरिता पंवार सहित अन्य कई महिलाएं शामिल रहीं। मुख्यमंत्री ने इस दौरान महिला सारथी (पायलट प्रोजेक्ट) के तहत महिला ड्राइवरों को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षा, चिकित्सा, राजनीति, खेल, विज्ञान, सेना, कृषि उद्योग जैसे हर क्षेत्र में महिलाएँ आगे बढ़ कर देश का नेतृत्व कर रही हैं। उत्तराखंड राज्य की महिलाओं में विशेष प्रकार का आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता है, महिलाओं में कौशल और परिश्रम में कोई कमी नहीं है। राज्य की महिलाएं स्वयं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार और समाज को भी सशक्त बना रही हैं। उन्होंने कहा विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में सबसे बड़ा योगदान महिलाओं का होगा। राज्य सरकार, प्रदेश की मातृ शक्ति के सशक्तिकरण हेतु भविष्य में भी पूरी दृढ़ता के साथ कार्य करते रहेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने महिलाओं के हितों को आगे रखते हुए देश में सबसे पहले समान नागरिक संहिता लागू उत्तराखंड में किया है। जिसमें महिला सुरक्षा के विशेष प्रावधान किए गए हैं। यह आधी आबादी का पूरा कानून है। उन्होंने कहा लिव इन रिलेशनशिप हमारी संस्कृति का हिस्सा नहीं है। लिव इन रिलेशनशिप में रहने वाले युवाओं की जानकारी उनके माता पिता और प्रशासन के पास होनी आवश्यक है। जिससे किसी भी तरह की घटना से भी बचा जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में मातृशक्ति के उत्थान एवं सशक्तिकरण के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। बीते 11 वर्षों में 30 करोड़ से अधिक महिलाओं के जन-धन बैंक खाते खोले गए, 12 करोड़ से अधिक शौचालय बनाकर माताओं बहनों के मान-सम्मान की रक्षा सुनिश्चित किया गया है। लखपति दीदी योजना के माध्यम से 1 करोड़ से अधिक महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का कार्य किया जा रहा है। 30 करोड़ से अधिक महिलाओं को मुद्रा योजना के अंतर्गत लोन देकर सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। देश की संसद में लोकसभा एवं विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत का आरक्षण देने का ऐतिहासिक कानून पास किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार पढ़ाई, सरकारी नौकरी, उद्यम, खेल हर क्षेत्र में महिलाओं की अधिक से अधिक भागीदारी आगे बढ़ा रही है। राज्य में सशक्त नारी सशक्त समाज की परिकल्पना को साकार करते हुए नंदा गौरा योजना के अंतर्गत बालिकाओं के जन्म लेने पर 11 हजार रूपए तथा 12वीं उत्तीर्ण करने पर 51 हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। सशक्त बहना उत्सव योजना, मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना, जैसी कई योजनाएं संचालित है। महिलाओं की सुरक्षा, सहायता, एवं संरक्षण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से वन स्टॉप सेंटर, महिला हेल्पलाइन 181 और महिला कल्याण एवं पुनर्वास केंद्र स्थापित करने एवं महिलाओं हेतु महिला छात्रावास भी संचालित किए जा रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा सरकारी नौकरियों में राज्य की बेटियों को 30 प्रतिशत का क्षैतिज आरक्षण देने का भी कार्य किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से महिला स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख रुपए तक का ऋण बिना ब्याज के मुहैया करवाया जा रहा है। लखपति दीदी योजना के अंतर्गत प्रदेश की 1 लाख से अधिक बहनों ने लखपति दीदी बनने में सफलता प्राप्त की है। उन्होंने कहा प्रदेश के स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाए गए उत्पादों को हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड के माध्यम से आज देश-विदेश तक पहुंचाया जा रहा है। हमारी बहनों द्वारा बनाए गए उत्पाद आज मल्टीनेशनल कंपनियों को भी टक्कर दे रहीं हैं।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महिलाए ने अपने बारे में आंकलन करना होगा है। अपनी क्षमताओं को आगे लाना होगा। पहले से समय काफी बदलाव आया है। महिलाएं अब आगे बढ़ गई हैं। महिलाओं को समाज में बराबरी का ओहदा प्राप्त है। उन्होंने कहा महिलाओं ने आत्मनिर्भर बनकर स्वयं के साथ समाज को आगे बढ़ाना है। चुनौतियों से निपटने में भी स्वयं से निर्णय करना है। उन्होंने कहा समाज में महिलाएं आगे बढ़ रही है, जिससे आगे परिणाम और अच्छे होंगे। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में मातृशक्ति के लिए ऐतिहासिक फैसले लिए गए हैं।

इस अवसर पर विधायक खजान दास, राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना, सचिव चंद्रेश यादव, निदेशक प्रशांत आर्य, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

एसएसपी से पुलिस कांस्टेबल भर्ती प्रक्रिया की सीएम ने ली जानकारी, किया निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून पुलिस लाइन में पुलिस कांस्टेबल भर्ती प्रक्रिया का निरीक्षण किया और भर्ती के लिए आए युवाओं का उत्साहवर्धन किया।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून से भर्ती प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने भर्ती में शामिल युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए श्रेष्ठ प्रदर्शन करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने भर्ती प्रक्रिया की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि यह सुनिश्चित किया जाए कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे। इस अवसर पर उन्होंने भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत विभिन्न गतिविधियों का अवलोकन किया।

युवा लेखक जय प्रकाश पांडेय की कहानी ‘भूले बिसरे मतवाले’ का हुआ विमोचन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में युवा लेखक जय प्रकाश पांडेय के कहानी संग्रह ‘भूले बिसरे मतवाले’ का विमोचन किया।

यह पुस्तक आजादी के अमृत महोत्सव की पूर्वपीठिका में भारतीय स्वाधीनता संग्राम के गुमनाम नायकों के बलिदान और संघर्षों को केंद्र में रखकर लिखी गई है ।

मुख्यमंत्री ने ‘भूले बिसरे मतवाले’ की सराहना करते हुए कहा कि यह पुस्तक भारत के स्वतंत्रता संग्राम के उन महान नायकों को श्रद्धांजलि है, जिन्हें इतिहास में अपेक्षित स्थान नहीं मिल पाया। उन्होंने लेखक जय प्रकाश पाण्डेय के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह संग्रह नई पीढ़ी को अपने पूर्वजों के बलिदान से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

सीएम ने रिस्पना और बिंदाल कॉरिडोर निर्माण कार्यों में तेजी लाने के दिये निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून एलिवेटेड कॉरिडोर की बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि रिस्पना और बिंदाल कॉरिडोर का कार्य जल्द शुरू किया जाए। देहरादून एलिवेटेड कॉरिडोर को एक्सप्रेसवे से जोड़ते हुए केन्द्र से सहयोग का अनुरोध करने और स्टेट सेक्टर से शीघ्र कार्य शुरू करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिये हैं। देहरादून में आबादी और वाहनों की संख्या में तेजी से हो रही वृद्धि, पर्यटकों की संख्या में हो रही वृद्धि और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के बनने के बाद यातायात में संभावित वृद्धि के दृष्टिगत मुख्यमंत्री ने देहरादून एलिवेटेड कॉरिडोर का कार्य जल्द शुरू करने के निर्देश दिये हैं।

रिस्पना नदी के तल पर 11 किलोमीटर और बिंदाल नदी के तल पर 15 किलोमीटर लंबे चार लेन एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण कार्य होना है। इन नदियों के अन्दर स्थित जन सेवाओं विद्युत लाइन, हाई टेंशन लाइन, सीवर लाइन का नदी से बाहर विस्थापन होना है। एलिवेटेड रोड के साथ नदी के दोनों किनारों पर रिटेनिंग वाल और निर्माण और बाढ़ सुरक्षा का कार्य किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने सभी रेखीय विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि आबादी और वाहनों की वृद्धि के दृष्टिगत राज्य के अन्य शहरों के लिए भी सुनियोजित प्लान पर कार्य किया जाए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये हैं कि राज्य में जो भी विकास के कार्य किये जा रहे हैं, उनका आउटपुट धरातल पर दिखे। कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए। मुख्यमंत्री ने कहा आगामी राजजात यात्रा के लिए भी तैयारी शुरू की जाए। उन्होंने मुख्य सचिव को निर्देश दिये कि यूआईआईडीबी, देहरादून एलिवेटेड रोड, गढ़वाल और कुमांऊ की कनेटिविटी के कार्यों, मानसखखण्ड मंदिर माला मिशन, आगामी नंदा राजजात की तैयारियों नियमित समीक्षा की जाए। मुख्यमंत्री भी समय-समय पर इनकी समीक्षा करेंगे।

बैठक में राज्य अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक धनंजय मोहन, सचिव शैलेश बगोली, नितेश झा, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, वी. षणमुगम, एस.एन. पाण्डेय, डॉ. आर. राजेश कुमार, रणवीर सिंह चौहान, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी, एसएसपी देहरादून अजय सिंह,नगर आयुक्त नमामि बंसल एवं सबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम ने 609 अभ्यर्थियों को प्रदान किए सरकारी सेवाओं के नियुक्ति पत्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हिमालयन सांस्कृतिक ऑडिटोरियम गढ़ीकैंट में कृषि, उद्यान, समाज कल्याण विभाग में चयनित कुल 609 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। जिसमें 333 सहायक कृषि अधिकारी, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग में वर्ग 2 के 37 व वर्ग 3 के 227 तथा 12 सहायक समाज कल्याण अधिकारी शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने सभी नव चयनित अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नव चयनित अभ्यर्थियों के जीवन में एक नया अध्याय शुरू हो रहा है। सभी उत्तराखंड में कृषि क्षेत्र के उत्थान और समाज कल्याण के संकल्प को लेकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि ये युवा अभ्यर्थी अपनी मेहनत और निष्ठा से उत्तराखंड में कृषि के क्षेत्र में नवाचार करेंगे और किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक से जोड़ने का कार्य करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के किसानों को 03 लाख रुपए तक का ऋण बिना ब्याज के दिया जा रहा है। फार्म मशीनरी बैंक योजना के माध्यम से कृषि उपकरण खरीदने हेतु किसानों को 80 प्रतिशत तक की सब्सिडी भी दी जा रही है। राज्य सरकार द्वारा, स्टेट मिलेट मिशन के माध्यम से एक निश्चित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर मिलेट्स का क्रय करके विशेषकर पर्वतीय क्षेत्रों के किसानों को उनके मिलेट्स का सही मूल्य दिया जा रहा है। चाय बागान धौलादेवी, मुन्स्यारी और बेतालघाट को जैविक चाय बागान के रूप में परिवर्तित करने की दिशा में भी कार्य हो रहे हैं। सगंध खेती को भी बढ़ावा देने के लिए राज्य में 6 एरोमा वैली विकसित करने पर काम किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए क्लस्टर आधारित लगभग 18 हजार पॉलीहाउस का निर्माण किया जा रहा है। इससे किसानों की आय बढ़ने के साथ ही रोजगार के साधन भी बढ़ेंगे। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में वर्षा आधारित खेती को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए लगभग 1000 करोड़ रुपये की लागत से उत्तराखंड क्लाइमेट रिस्पॉन्सिव रेन-फेड फार्मिंग प्रोजेक्ट भी स्वीकृत किया गया है। सब्जियों की तरह ही फलों के उत्पादन को बढ़ाने के लिए भी विभिन्न स्तरों पर काम कर रही है। राज्य में एप्पल और किवी मिशन पर कार्य किये जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए समाज कल्याण विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। समाज में समानता, शिक्षा, स्वास्थ्य, और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में है। सरकारी योजनाओं और सेवाओं को समाज के अंतिम छोर तक पहुंचाने में हमारे नव चयनित अभ्यर्थी अपना महत्वपूर्ण योगदान देंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद सभी भर्ती परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता से सम्पन्न हुई हैं। पिछले साढ़े तीन साल में 20 हजार से अधिक युवाओं को राज्य की सरकारी सेवा में नियुक्ति प्रदान की जा चुकी है।

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने समस्त 596 चयनित वर्ग-2 व वर्ग-3 के अभ्यर्थियों तथा उनके परिवार को बधाई दी और चयनित अभ्यर्थियों के उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार दिलाने हेतु गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार भी जताया। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि ये नव-नियुक्त अधिकारी प्रदेश के किसानों की उन्नति में अहम भूमिका निभाएंगे।

इस अवसर पर विधायक सविता कपूर, प्रमोद नैनवाल, सचिव एस.एन.पाण्डेय, डॉ नीरज खैरवाल, महानिदेशक कृषि एवं उद्यान रणवीर सिंह चौहान, निदेशक उद्यान दीप्ति सिंह, निदेशक समाज कल्याण प्रकाश चंद एवं निदेशक कृषि के.एस. पाठक उपस्थित थे।