सीएम की उपस्थिति में दून के नवनिर्वाचित महापौर सहित पार्षदों ने ली पद और गोपनीयता की शपथ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में नगर निगम प्रांगण, देहरादून में नगर निगम देहरादून के नवनिर्वाचित महापौर सौरभ थपलियाल एवं पार्षदों ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ग्रहण की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नगर निगम प्रांगण में पौधारोपण कर स्वच्छ और सुंदर देहरादून का संदेश दिया।

देहरादून नगर निगम के नवनिर्वाचित महापौर सौरभ थपलियाल को कमिश्नर गढ़वाल विनय शंकर पांडे ने शपथ दिलवाई एवं सभी निर्वाचित पार्षदों को सौरभ थपलियाल द्वारा शपथ दिलावाई गई।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डा. प्रेमचंद्र अग्रवाल, गणेश जोशी, विधायक खजान दास, सविता कपूर, विनोद चमोली, बृजभूषण गैरोला, दुर्गेश्वर लाल, विनय रोहेला, विश्वास डाबर, आयुक्त नगर निगम नमामि बंसल, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

सीएम ने किया देहरादून में 38वें राष्ट्रीय खेल-2025 के अन्तर्गत आयोजित बैडमिंटन प्रतियोगिता का अवलोकन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में 38वें राष्ट्रीय खेल-2025 के अन्तर्गत आयोजित बैडमिंटन प्रतियोगिता का अवलोकन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विजेता खिलाडियों को मेडल पहनाकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन भी किया।

38वें राष्ट्रीय खेल के अंतर्गत उत्तराखंड के सूर्यांश रावत एवं तमिलनाडु के सतीश कुमार के बीच मेन्स सिंगल बैडमिंटन प्रतियोगिता का फाइनल मैच खेला गया। जिसमें 21/21 , 21/17 से तमिलनाडु के सतीश कुमार ने विजय प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने मेन्स सिंगल बैडमिंटन प्रतियोगिता के विजेता तमिलनाडु के सतीश कुमार को गोल्ड, दूसरे स्थान पर आए उत्तराखंड के सूर्यांश रावत को सिल्वर मेडल पहनाकर सम्मानित भी किया।

मुख्यमंत्री ने जाने, खिलाड़ियों के अनुभव

मुख्यमंत्री ने विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ियों से बातचीत कर 38वें राष्ट्रीय खेलों के बारे में उनके अनुभव भी जाने। खिलाड़ियों ने उत्तराखंड के नैसर्गिक सौंदर्य की जमकर तारीफ की।

मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर , खुश नजर आए खिलाड़ी

मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर खिलाड़ी एवं अन्य वालंटियर बेहद खुश नजर आए। उन्होंने मुख्यमंत्री का गरजोशी से स्वागत किया।

38वें राष्ट्रीय खेल आयोजित करना राज्य के प्रत्येक नागरिक के लिए सौभाग्य की बात

मुख्यमंत्री ने कहा कि 38 वे राष्ट्रीय खेलों का आयोजित करना, हमारे राज्य के प्रत्येक नागरिक के लिए सौभाग्य की बात है। हमारा राज्य अब देवभूमि के साथ खेल भूमि के रूप में भी जाना जाएगा। उन्होंने कहा राष्ट्रीय खेलों को लेकर राज्य भर में खेलों की अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिये महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं। कई खेल मैदानों को विकसित किया गया है। इससे भविष्य में भी खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

मुख्यमंत्री ने राज्यवासियों से राष्ट्रीय खेलों का अवलोकन कर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा हम युवाओ को अधिक से अधिक खेलों की ओर आगे बढ़ना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय खेलों के आयोजन से उत्तराखण्ड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत एवं पारम्परिक लोक संस्कृति, खानपान से भी देश भर के खिलाडी परिचित हो रहे हैं।

इस अवसर पर विधायक खजान दास, उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद विश्वास डाबर, प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

सीएम धामी ने किया भारतीय मानक ब्यूरो, मानक मेला का शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में आयोजित भारतीय मानक ब्यूरो के स्टैंडर्ड क्लब कार्निवाल का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न स्टॉल का निरीक्षण किया और पेप मार्क उत्पादों को खरीदने के लिए शपथ भी दिलाई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय मानक ब्यूरो का स्टैंडर्ड्स क्लब, हमारे छात्रों को गुणवत्ता और मानकीकरण का महत्व समझाने के साथ-साथ उनमें रचनात्मकता, नवाचार और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को विकसित करने का कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी देश की अर्थव्यवस्था, औद्योगिक विकास और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में उसका स्थान इस बात पर निर्भर करता है कि वहां बनने वाले उत्पाद और सेवाएं कितनी विश्वसनीय, टिकाऊ और उच्च गुणवत्ता वाली हैं। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए, भारतीय मानक ब्यूरो पिछले 78 वर्षों से राष्ट्र निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। भारतीय मानक ब्यूरो ने विभिन्न क्षेत्रों में मानकीकरण के माध्यम से भारतीय उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के साथ-साथ उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा भी की है। ब्यूरो द्वारा स्थापित मानक हमारे उद्योगों, व्यापार और सेवाओं के प्रमाणीकरण की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भी जब हम कोई उत्पाद खरीदने जाते हैं, तो सबसे पहले यही देखते हैं कि उस उत्पाद पर आईएसआई मार्क है या नहीं। यदि आईएसआई मार्क होता है, तो हमें पूरा भरोसा हो जाता है कि ये उत्पाद गुणवत्ता और सुरक्षा के सभी मानकों पर खरा उतरेगा। ये अपने आप में भारतीय मानक ब्यूरो की विश्वसनीयता और उपभोक्ताओं के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाने के लिए पर्याप्त है। उन्होंने कहा कि कोई भी मानक केवल तकनीकी दिशा-निर्देश या मापदंड नहीं होते, बल्कि वे हमारे देश के विकास और आत्मनिर्भरता की बुनियाद भी होते हैं। ये न केवल हमारे कार्यों की गुणवत्ता को सुनिश्चित करते हैं, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक के जीवन को भी किसी न किसी रूप में प्रभावित करते हैं।

विकसित हो रहा है मानकों का ईकोसिस्टम

मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल के वर्षों में मानकों के इकोसिस्टम का व्यापक विस्तार हुआ है, अब कृषि, सड़क परिवहन, स्वास्थ्य सहित लगभग सभी क्षेत्रों को समाहित कर रहा है। ये विस्तार सुनिश्चित करता है कि सभी क्षेत्रों में उच्च गुणवत्ता, सुरक्षा और दक्षता के मानक लागू हों, जिससे हमारे जीवनस्तर में सुधार हो और अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल सके। इसी तरह हमारे प्रदेश में भी भारतीय मानक ब्यूरो पीडब्ल्यूडी, एमडीडीए, यूपीसीएल और आपदा प्रबंधन विभाग के साथ समन्वय करते हुए, इन सभी को मानकीकरण की दिशा में जागरूक और सशक्त बनाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है।

आत्मनिर्भर भारत में अहम योगदान

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘आत्मनिर्भर भारत’ का सपना साकार हो रहा है। इस सपने को साकार करने में भारतीय मानक ब्यूरो की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रधानमंत्री का उद्देश्य है कि भारतीय उत्पाद अपनी गुणवत्ता, नवाचार और विश्वसनीयता के लिए पूरे विश्व में एक मिसाल स्थापित करें। क्योंकि जब हम अपने उत्पादों को वैश्विक मानकों के अनुरूप तैयार करते हैं, तो हम न केवल उनकी गुणवत्ता का ध्यान रखते हैं, बल्कि अपने उद्योगों को अंतर्राष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए भी सशक्त आधार प्रदान करते हैं। इसी की ध्यान में रखते हुए हमारी प्रदेश सरकार भी निरंतर प्रयास कर रही है।

हाउस ऑफ हिमालयाज

मुख्यमंत्री ने कहा आज हम अपने पारंपरिक उत्पादों, जैसे हस्तशिल्प, जैविक कृषि उत्पाद, औषधीय जड़ी-बूटियों और अन्य स्थानीय उत्पादों के लिए उच्च मानक स्थापित करने का प्रयास कर रहे हैं जिससे हमारे उत्पाद वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें। इसी को ध्यान में रखते हुए, राज्य सरकार ने श्हाउस ऑफ हिमालयाजश् नाम से एक अम्ब्रेला ब्रांड की स्थापना की है, जो हमारे स्थानीय उत्पादों को विश्वस्तरीय पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय मानक ब्यूरो ने देशभर के 10,000 से अधिक स्कूलों में स्टैंडर्ड क्लब स्थापित किए हैं, जिनके माध्यम से बच्चों में मानकों के प्रति जागरूकता फैलाई जा रही है। साथ ही, ब्यूरो ने लगभग 100 प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के साथ डव्न् साइन किए हैं, जिनमें हमारे उत्तराखंड के चार प्रमुख संस्थान भी शामिल हैं। बीआईएस अब ग्राम पंचायत स्तर तक मानकों के महत्व को पहुंचा रहा है।

वन नेशन वन स्टैंडर्ड

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है कि ष्भारतीय मानकष् न केवल अंतर्राष्ट्रीय मानकों के बराबर हों, बल्कि उनसे भी श्रेष्ठ बनें। उनके इसी संकल्प को साकार करने के लिए हमारी सरकार ठप्ै के साथ मिलकर राज्य में उच्चतम मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि अगर हम गुणवत्ता को अपनी आदत बना लेंगे तो न केवल हम विश्व के सभी मानकों पर खरे उतरेंगे बल्कि एक समय ऐसा भी आएगा जब हमारे उत्पाद वैश्विक मानक तय करेंगे। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि ष्भारतीय मानकर ब्यूरोष् हमारे देश को वैश्विक मानकों की दौड़ में शीर्ष पर ले जाने के अपने महत्वपूर्ण कार्य को इसी प्रकार जारी रखेगा और हम सभी मिलकर ‘वन नेशन, वन स्टैंडर्ड’ की नीति को अपनाकर ‘गुणवत्ता सम्पन्न भारत’ का निर्माण सुनिश्चित करेंगे।

इस अवसर पर कैंट विधायक सविता कपूर, भारतीय मानक ब्यूरो के निदेशक उत्तराखंड सौरभ तिवारी, आयुक्त खाद्य हरिचंद्र सेमवाल, उप निदेशक बीआईएस स्नेहलता उपस्थित थे।

सीएम ने नेशनल गेम्स की तैयारियों की जानकारी लेकर खिलाड़ियों को परोसा भोजन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली से देहरादून आते ही रायपुर स्थित महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स स्टेडियम में 38वें राष्ट्रीय खेलों की विभिन्न व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने भोजन व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। उन्होंने खिलाड़ियों को भोजन परोसा और खिलाड़ियों के साथ बैठकर भोजन भी किया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न खेल स्पर्धाओं में भाग ले रहे अनेक राज्यों खिलाड़ियों से बात कर उनका हौंसला भी बढ़ाया। इस अवसर पर उन्होंने शूटिंग रेंज का अवलोकन भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 38वें राष्ट्रीय खेलों की अच्छी शुरुआत हुई है राज्य सरकार का प्रयास है कि सभी खिलाड़ी देवभूमि उत्तराखंड से अच्छा अनुभव लेकर जाएं। खिलाड़ियों और आगंतुकों को हर संभव सुविधा प्रदान करने के प्रयास किए गए हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खेल का अनुभव राज्य के लिए काफी कारगर साबित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर राज्य के खिलाड़ियों को वहां के खानपान के हिसाब से भोजन व्यवस्था देने के प्रयास किए गए हैं।

मुख्यमंत्री राष्ट्रीय खेल की हर पल अपडेट अधिकारियों से ले रहें हैं और स्वयं विभिन्न व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रहे हैं।

इस अवसर पर विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा, खेल निदेशक प्रशांत आर्य, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून अजय सिंह मौजूद थे।

नेशनल गेम्स के बड़े मंच से तीन विषय और उत्तराखंड को बड़ी शाबासी

मंगलवार को यह बड़ा मंच राष्ट्रीय खेलों का था, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खेल विकास से जुड़ी कई अहम बातें कीं। मगर तीन ऐसे विषय भी उठाए, जिनमें उत्तराखंड के विशेष प्रयास हैं। प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड के इन प्रयासों को नए सिरे से रेखांकित करते हुए धामी सरकार की खुलकर सराहना की और शाबासी दी। यह तीन विषय थे-यूसीसी, शीतकालीन यात्रा और प्लास्टिक मुक्त अभियान।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना के बाद धामी सरकार के प्रयास देश-दुनिया तक और प्रभावी ढंग से पहुंचे हैं। एक दिन पहले उत्तराखंड में लागू समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी का प्रधानमंत्री ने खास तौर पर जिक्र किया। खेल और यूसीसी में सबको साथ लेकर चलने की अंतर्निहित भावना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिलचस्प ढंग से जोड़ा।

हाल ही में शीतकालीन यात्रा के लिए जिस तरह से धामी सरकार ने पहल की है, उसे प्रधानमंत्री के पूर्ण समर्थन के खास मायने रहे। उत्तराखंड की स्थानीय आर्थिकी के व्यापक हितों के लिए शुरू की गई शीतकालीन यात्रा के संबंध में प्रधानमंत्री का यह वक्तव्य अहम रहा कि वह खुद इस यात्रा का हिस्सा बनना चाहते हैं। पिछले दिनों अपने दिल्ली प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री से भेंट कर उन्हें शीतकालीन यात्रा पर आने के लिए आमंत्रित भी किया था। यात्रा की ब्रांडिंग कर प्रधानमंत्री राज्य सरकार के प्रयासों को भी गति दे गए।

राष्ट्रीय खेलों की ग्रीन गेम्स की थीम पर प्रधानमंत्री प्रभावित नजर आए। ई-वेस्ट से पदक निर्माण, विजेता खिलाड़ियों के स्तर पर पौधरोपण जैसी पहल पर प्रधानमंत्री खूब बोले। उन्होंने इसके साथ ही, धामी सरकार के प्लास्टिक मुक्ति के लिए किए जा रहे प्रयासों को भी खुलकर सराहा।

गांधी पार्क में सीएम ने बड़ी संख्या में लोगों के साथ गाया वंदे मातरम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गांधी पार्क, देहरादून में भारत विकास परिषद द्वारा आयोजित ’सामूहिक वन्दे मातरम’ गायन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों द्वारा सामूहिक रूप से वंदे मातरम् गाया गया।

मुख्यमंत्री ने सभी को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए भारत विकास परिषद का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा राष्ट्रगीत वंदे मातरम के सामूहिक गायन से हृदय में राष्ट्रप्रेम की ज्वाला और अधिक बढ़ जाती है। हमारा राष्ट्र विविध प्रकार के संप्रदायों, जातियों, भाषाओं, परंपराओं एवं संस्कृतियों से परिपूर्ण है। 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ हमारा संविधान इन सभी अनेकताओं को एकता के सूत्र में पिरोकर देश के नागरिकों में राष्ट्रप्रथम की भावना जागृत करता है। संविधान ने हमें कई अधिकार दिए हैं, जिससे हमारा हमारा देश सबसे बड़े लोकतांत्रित देश में रूप में जाना जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कल का दिन सभी के लिए ऐतिहासिक दिन होने वाला है। कल उत्तराखंड राज्य में समान नागरिक संहिता का कानून लागू होने पर वाला है, जो सभी के लिए गर्व की बात है। समान नागरिक की यह गंगा उत्तराखंड से पूरे देश में जायेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन, संविधान निर्माताओं और माँ भारती को गुलामी की बेड़ियों से मुक्त कराने वाले स्वतंत्रता सेनानियों एवं आंदोलनकारियों को याद करने एवं उनसे प्रेरणा लेने का दिन है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में हमारा देश आगामी 2047 तक विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित होने की ओर अग्रसर है। भारत की अर्थव्यवस्था विश्व की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुकी है और तीसरी बनने की ओर अग्रसर है। भारत शिक्षा, स्वास्थ्य, विज्ञान, शोध और विनिर्माण आदि के क्षेत्र में विश्व के बड़े-बड़े देशों को पीछे छोड़ते हुए आगे बढ़ रहा है। भारतीय सेना को पहले से और अधिक मजबूत हुई है।भारत का कद वैश्विक स्तर पर भी तेजी से बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतवर्ष विश्व के एक प्रमुख सांस्कृतिक केंद्र के रूप में अपनी पहचान पुनर्स्थापित कर रहा है। वर्तमान में प्रयागराज के त्रिवेणी संगम पर विश्व का सबसे बड़ा सांस्कृतिक समागम महाकुंभ आयोजित हो रहा है। प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में भारतीय न्याय व्यवस्था में तीन नए कानून “भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम“ को लागू करने का ऐतिहासिक कार्य भी किया गया है। प्रधानमंत्री मोदी जी के सहयोग एवं मार्गदर्शन में राज्य सरकार उत्तराखंड के चहुंमुखी विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार, रजत जयंती वर्ष में उत्तराखंड को भारत का एक अग्रणी राज्य बनाने का लक्ष्य लेकर दिन-रात कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल एवं हवाई कनेक्टिविटी सहित सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को तेजी से मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा सभी राज्यवासियों के लिए गर्व की बात है कि आगामी 28 जनवरी से हमारी देवभूमि में प्रधानमंत्री मोदी जी की गरिमामयी उपस्थिति में 38वें राष्ट्रीय खेलों का भव्य शुभारंभ होने जा रहा है। राज्य सरकार ने खेल अवस्थापना एवं सुविधा निर्माण पर लगभग 500 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। राज्य में ळक्च् की तर्ज पर ळम्च् का भी आंकलन किया जा रहा है। महिलाओं को राज्य में 30 प्रतिशत आरक्षण, राज्य आंदोलनकारियों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण लागू किया गया है। राज्य में धर्मांतरण विरोधी कानूनी, दंगा विरोधी कानून, देश का सबसे कड़ा नकल विरोधी कानून भी लागू किया गया है।

नव निर्वाचित मेयर सौरभ थपलियाल ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम समाज को नई दिशा और राष्ट्र प्रेम जागृत करने का कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा उन्हें जानत के आशीर्वाद से बड़ी जिम्मेदारी मिली है, वो निश्चित ही उन जिम्मेदारियों पर खरा उतर कर दिखाएंगे। उन्होंने भारत विकास परिषद के सदस्यों का भी आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर आरएसएस के प्रांत प्रचारक डॉ. शैलेन्द्र, विधायक सविता कपूर, निशा अग्रवाल, डॉ. मुकेश, सरिता एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

गणतंत्र दिवसः सूचना विभाग उत्तराखंड की झांकी ने प्राप्त किया प्रथम स्थान

76वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर परेड ग्राउंड में आयोजित राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम में 38वें राष्ट्रीय खेल पर आधारित सूचना विभाग की झांकी को प्रथम स्थान मिला। इस झांकी में उत्तराखंड में होने वाले 38वें राष्ट्रीय खेल की विभिन्न प्रतिस्पर्धाओं और उत्तराखंड के पारंपरिक खेल मलखंब को प्रदर्शित किया गया।

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से. नि.) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सूचना विभाग की झांकी को प्रथम स्थान मिलने पर महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी को पुरस्कार प्रदान किया।

सोशल मीडिया अकाउंट्स की प्रोफाइल पर राष्ट्रीय खेलों का लोगो लगाए जाने का सीएम ने किया आग्रह

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय खेलों को लेकर चल रही तैयारी के बीच राज्य में प्रदेशवासियों से सामूहिक रूप से देवभूमि आ रहे खिलाड़ियों के स्वागत में विभिन्न सोशल मीडिया अकाउंट्स की क्च् पर राष्ट्रीय खेलों का लोगो लगाए जाने का आग्रह किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड को राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी करने का जो गौरव प्राप्त हुआ है, वो ऐतिहासिक है। आगामी राष्ट्रीय खलों में देशभर के विभिन्न राज्यों से लगभग 10,000 खिलाड़ी देवभूमि आ रहे हैं। उन्होंने जनता से निवेदन करते हुए कहा कि हमारी श्अतिथि देवो भवःश् की संस्कृति का पालन करते हुए, सभी खिलाड़ियों का गर्मजोशी से स्वागत करना है। और उनके उत्साहवर्धन हेतु अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स की क्च् पर राष्ट्रीय खेलों का लोगो लगाना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की जनता सामूहिक तौर पर सभी खिलाड़ियों का स्वागत करेगी। सभी ने मिलकर आगामी राष्ट्रीय खेलों को विशेष और ऐतिहासिक बनाना है। हमारा यह कर्तव्य है कि देवभूमि आ रहे खिलाड़ी, हमारे राज्य से बेहतर यादें और अनुभव लेकर जाएं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कथन 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक बनाए जाने के संकल्प में राष्ट्रीय खेल भी सहायक सद्ध होंगे।

प्रवासी सम्मेलन में बोेले मंत्री सुबोध, कोदा झिंगोरा उगाएंगे, उत्तराखंड को आगे बढ़ाएंगे

अंतरराष्ट्रीय प्रवासी उत्तराखंड सम्मेलन के चतुर्थ सत्र में कृषि व ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि उत्तराखंड आंदोलन के दौरान एक नारा खूब लगता था-कोदा, झिंगोरा खाएंगे, उत्तराखंड बनाएंगे। अब बदली हुई स्थिति में नारा बदल गया है। नया नारा है-कोदा झिंगोरा उगाएंगे, उत्तराखंड को आगे बढ़ाएंगे।

चतुर्थ सत्र में अपने संबोधन में जोशी ने कहा कि जहां तक जैविक खेती का सवाल है, आज करीब 40 फीसदी तक हमारी खेती जैविक है। इस साल हम इसे 50 फीसदी तक ले जाने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहे हैं। पिछले चार वर्षों से हमें जैविक खेती में प्रथम पुरस्कार मिल रहा है। प्रधानमंत्री का आभार प्रकट करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होेंने मिलेट्स को बढ़ावा दिया है। उन्होंने कहा कि मिलेट्स के लिए उत्तराखंड में बेहद उपयोगी स्थिति मौजूद है। उन्होंने कहा कि हम कृषि क्षेत्र में नई तकनीक का प्रयोग कर रहे हैं। 2027 तक हम अपना उत्पादन दुगना करने के लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने बागवानी के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों, उपलब्धियों के बारे में भी विस्तार से बात की।

सचिव दीपेद्र कुमार चौधरी ने कहा कि राज्य में छह एरोमा वैली प्लांट डेवलप किए जा रहे हैं। एरोमा पार्क काशीपुर में 40 एकड़ भूमि पर इत्र से संबंधित प्रोसेस यूनिट को एक जगह पर लाने का निर्णय महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि एरोमा वैली पालिसी प्रारूप तैयार है, जिसे दो-तीन महीने में अनुमोदन प्राप्त हो सकता है। उन्होंने बताया कि कीवी के उत्पादन को मिशन मोड में लेकर कार्य किया जाएगा।

काश्तकारों ने बताई सफलता की कहानी

काश्तकार बलबीर सिंह कांबोज ने बताया कि वह 18 एकड़ भूमि पर फूलों की खेती करते हैं। यहां की जलवायु अच्छी है। इस व्यवसाय के लिए सारी स्थितियां अनुकूल हैं। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक के फूलों को सीमित करना चाहिए। प्राइवेट कंपनी चला रहे चंद्रमणि कुमार ने बताया कि उनकी कंपनी ने 18 राज्यों में 40 हाइड्रोपोनिक फार्म बनाए हैं। युगांडा में भी काम कर रहे है।

मधुमक्खी पालन व्यवसाय कर रहे अतर सिंह कैंत्यूरा ने कहा कि हमारे जंगल मधुमक्खी पालन के लिए उपयुक्त हैं। उत्तराखंड में बहुत पहले से इस संबंध में काम किया जा रहा है। जौजीकोट में देश का पहला मधुमक्खी बॉक्स बना था।

नैनीताल की आरोही संस्था के पंकज तिवारी ने कहा कि विकास में संतुलन जरूरी है। उन्होंने मशरूम उत्पादन, शहद उत्पादन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मिश्रित खेती उत्तराखंड के लिए अच्छी है, क्योंकि पहाड़ काफी असिंचित खेती है। मृदा का स्वास्थ्य वैसा ही रखना है, जैसे हम अपने स्वास्थ्य को रखते हैं।

एक प्राइवेट कंपनी संचालित कर रहे मनमोहन भारद्वाज ने कहा कि कलस्टर में काम किया जाना ज्यादा लाभदायी है। उन्होंने बताया कि उनके स्तर पर 200 बीघा जमीन पर काम किया गया है। चतुर्थ सत्र में मेहमानों का स्वागत ग्राम्य विकास आयुक्त अनुराधा पॉल ने किया। सत्र का संचालन आर्गनिक बोर्ड के एमडी विनय कुमार ने किया। इस मौके पर प्रवासी उत्तराखंडियों और मेहमानों का सम्मान भी किया गया।

अन्तर्राष्ट्रीय प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन का तृतीय सत्र

अन्तर्राष्ट्रीय प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन के तीसरे सत्र में कौशल विकास और विदेश में रोजगार की संभावना पर विचार विमर्श किया गया।

उच्च शिक्षा सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा ने सत्र की विषय वस्तु रखते हुए बताया कि सरकार उत्तराखंड के युवाओं के कौशल विकास पर जोर दे रही है। आईटीआई में उद्योगों की जरूरत के अनुसार रोजगार परख कोर्स संचालित किए जा रहे हैं। साथ ही राज्य में नई शिक्षा नीति भी लागू कर दी गई है। ब्रिटिश यूनिवर्सिटी वियतनाम, में हेड एकेडमिक क्वालिटी प्रोफेसर डॉ ज्योत्सना घिल्डियाल बिजल्वाण ने कहा कि हमारे युवा आज भी उच्च शिक्षा के लिए बाहर जा रहे हैं, यह एक तरह से प्रतिभा पलायन है। उन्होंने कहा कि प्रतिभा में आगे होने के बावजूद, हमारे युवा भाषा के स्तर पर पिछड़ रहे हैं, साथ ही हमारे शिक्षण संस्थान अब भी ग्लोबल स्टैंडर्ड से पीछे हैं। इसे ठीक किया जाना होगा। आईआईटी दिल्ली के प्रो एसके साहा ने कहा कि तकनीकी का प्रयोग, गांवों के विकास में किया जाना चाहिए। ब्रिटिश यूनिवर्सिटी वियतनाम में एआई के प्रोफेसर अंचित बिजल्वाण ने कहा कि ज्यादातर विदेशी शिक्षण संस्थान प्रोजेक्ट आधारित शिक्षण करवा रहे हैं, भारत में भी शिक्षण प्रणाली को बदलना होगा।

विदेश के नियम कायदे भी बताएं

यूएई से आए प्रवासी उत्तराखंडी गिरीश पंत ने कहा कि विदेश में रोजगार के लिए स्किल के साथ ही युवाओं को संबंधित देश के नियम कायदों की भी सही जानकारी देनी चाहिए। खासकर जालसाजों के जरिए, विदेश जाने की प्रवृत्ति के खतरों के प्रति हमें लोगों को उजागर करना होगा। कौशल विकास विभाग में विदेश रोजगार प्रकोष्ठ की कॉर्डिनेटर चंद्रकांता ने बताया कि प्रदेश सरकार युवाओं को विदेश में रोजगार प्राप्त करने के लिए प्रशिक्षण दे रही है। इसके तहत जापान में कई युवाओं को रोजगार प्रदान किया जा चुका है। अब जर्मनी और ब्रिटेन में रोजगार के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान (ईडीआईआई) अहमदाबाद के डॉ अमित द्विवेदी ने कहा कि संस्थान युवाओं में उद्यमिता विकास के लिए हर तरह से प्रशिक्षण और सहायता दे रहा है।

स्टार्टअप में निवेश करें प्रवासी

आईआईटी रुड़की के प्रो. आजम खान ने कहा कि आज उत्तराखंड में स्टार्टअप के लिए बहुत संभावना हैं। इसमें प्रवासी समुदाय मदद कर सकता है। खासकर स्टार्टअप के मैंटोरशिप में प्रवासी मददगार हो सकते हैं सनफौक्स टेक्नोलॉजी के सह संस्थापक रजत जैन ने कहा कि उत्तराखंड में स्टार्टअप के लिए शानदार ईको सिस्टम है, युवाओं को इसका लाभ उठाना चाहिए। सत्र का संचालन दून विवि की वीसी प्रो सुरेखा डंगवाल ने किया।