शीत लहर के प्रकोप से बचाव हेतु जारी की गई 1.35 करोड़ की धनराशि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिछले मंगलवार को देर सायं देहरादून शहर के विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण के साथ आईएसबीटी के समीप स्थित मलिन बस्ती में रह रहे लोगो का हालचाल जाना तथा वहां की व्यवस्थाओं को परखा तथा लोगों को कंबल आदि वितरित किये। मुख्यमंत्री ने आईएसबीटी की व्यवस्थाओं का भी़ जायजा लिया तथा वहां भी बेसहारा लोगों को कंबल वितरित किए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी जिलाधिकारियों एवं नगर आयुक्तों को प्रदेश में बेसहारा एवं बेघर लोगों को सर्दी से बचाव की कारगर व्यवस्था सुनिश्चित किये जाने के निर्देश दिये गये थे। मुख्यमंत्री ने तहसील एवं विकासखण्ड स्तर पर यह व्यवस्था बनाये जाने को भी कहा था। इसके लिए उपजिलाधिकारियों को जिम्मेदारी दिये जाने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को दिये। उन्होंने जिलाधिकारियों को इस कार्य को मानवता की सेवा के भाव से सुनिश्चित किये जाने को कहा। उन्होंने जन सेवा के इस कार्य में आम जन का भी सहयोग लेने को भी कहा।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिये थे कि सर्दी के मौसम में विभिन्न स्थलों पर अलाव की व्यवस्था के साथ बेसहारा लोगो को आवश्यकतानुसार गर्म कंबल व कपड़ों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को रैन बसेरों की स्थिति में और सुधार किये जाने के साथ ही शहर में जगह-जगह अलाव जलाने की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए थे।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में सचिव आपदा प्रबंधन डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा द्वारा प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को 1.35 करोड़ की धनराशि जारी की गई है। डॉ. सिन्हा द्वारा इस सम्बन्ध में निर्गत शासनादेश में जिलाधिकारियों से अपेक्षा की है कि राज्य में शीतलहर के प्रकोप से बचाव हेतु सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने तथा निःशुल्क कम्बल वितरण, रैनबसेरों में व्यवस्थायें सुनिश्चित किये जाने हेतु इस धनराशि का उपयोग किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया है कि इस संबंध में जिलाधिकारी हरिद्वार द्वारा शीतलहर के प्रकोप से बचाव हेतु सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने तथा निशुल्क कम्बल वितरण, रेनबसेरों में व्यवस्थाएं सुनिश्चित किये जाने हेतु रू. 15.00 लाख की धनराशि आवंटित किये जाने का अनुरोध किया गया था।
इसी क्रम में राज्य में शीतलहर के प्रकोप से बचाव हेतु सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने तथा निःशुल्क कम्बल वितरण, रैनबसेरों में व्यवस्थायें सुनिश्चित किये जाने के सम्बन्ध में राज्य आपदा मोचन निधि मद के रिस्पॉन्स और रिलीफ मद से रू. 01 करोड़ 35 लाख की धनराशि सभी जिलाधिकारियों को स्वीकृत की गई है। जिसमें जनपद पौड़ी को 15 लाख तथा अन्य जनपदों को 10-10 लाख की धनराशि शामिल है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि शीतलहर के दौरान निराश्रित एवं असहाय/गृहविहीन व्यक्तियों को ठण्ड के प्रकोप से बचाने हेतु निःशुल्क वितरण सार्वजनिक स्थानों जैसे-धर्मशाला, रैनबसेरा, मुसाफिर खाना, पड़ाव, सराय, चौराहा, रेल एवं बस स्टेशनों आदि पर अलाव जलाने की व्यवस्था के सम्बन्ध में भारत सरकार, गृह मंत्रालय एवं राज्य सरकार के पूर्व में निर्गत दिशा निर्देशों का भी अक्षरसः अनुपालन सुनिश्चित किया जाय।

शुभिका अर्पित और नवीन कुमार ने किया राज्य का नाम रोशन

उत्तराखण्ड राज्य एड्स नियंत्रण समिति, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, द्वारा आज देहरादून के सुभाष रोड़ स्थित होटल पैसेफिक में Regional Level Quiz Competition का आयोजन किया गया। क्षेत्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में उत्तराखण्ड राज्य सहित कुल 09 राज्यों (हिमाचल प्रदेश, चण्डीगढ, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, राजस्थान, जम्मू कश्मीर एवं उत्तर प्रदेश) के प्रतिभागियों द्वारा प्रतिभाग किया गया। प्रतियोगिता में 9 राज्यों के राज्य स्तर की क्विज प्रतियोगिता के प्रथम विजेता टीम, नोडल अध्यापक एवं राज्यों के SACS Official के साथ-साथ नाको, भारत सरकार के प्रतिनिधि नेशनल कन्सल्टेन्ट आई0ई0सी0 एवं मेनस्ट्रीमिंग बेंजामीन फ्रेंकलीन द्वारा प्रतिभाग किया गया। उत्तराखंडी पारंपरिक तरीके से अतिथियों का स्वागत किया गया। अतिथियों को पहाड़ी टोपी के साथ केदारनाथ का स्मृति चिन्ह भेंट किया गया।
Regional Level Quiz Competition का शुभारम्भ डॉ0 विनीता शाह, महानिदेशक चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, उत्तराखण्ड द्वारा दीप प्रज्जवलित कर किया गया एवं अतिथियों को पुष्पगुच्छ भेंट किये गये। कार्यक्रम में डॉ0 आषुतोष स्याना एवं डॉ0 भागीरथी जंगपांगी, निदेशक, चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, उत्तराखण्ड द्वारा विषिष्ट अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया गया। इसके पष्चात सांस्कृतिक दल हंसा नृत्य एवं नाट्य संस्था द्वारा स्वागत गीत की प्रस्तुति दी गयी तथा नन्दा देवी राजजात यात्रा की आकर्षक प्रस्तुति दी गयी। अपर परियोजना निदेशक, उत्तराखण्ड राज्य एड्स नियंत्रण समिति डॉ0 अजय कुमार, द्वारा मुख्य अतिथि तथा राज्यों से उपस्थित प्रतिनीधियों एवं प्रतिभगियों का स्वागत किया गया। उन्होंने कहा कि आज इस बात की आवष्यकता है कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को एच0आई0वी0/एड्स के प्रति इतना जागरूक किया जाय कि हम इसे जड़ से खत्म कर सके।
डॉ0 विनीता शाह, महानिदेषक, चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, उत्तराखण्ड ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग एवं उत्तराखण्ड राज्य एड्स नियन्त्रण समिति का प्रयास है कि एच0आई0वी0 संक्रमण किसी भी व्यक्ति को न हो। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ समाज का प्रत्येक व्यक्ति अपने व्यवहार में परिवर्तन लाये। संयमित व्यवहार करे एवं भावी पीढ़ी के लिए आदर्ष बने। श्री बेंजामीन फ्रेंकलीन, कन्सल्टेन्ट आई0ई0सी0 एवं मेनस्ट्रीमिंग, नाको भारत सरकार द्वारा रीजनल लेवल क्विज प्रतियोगिता के नियमों की जानकारी दी गयी। तत्पश्चात रीजनल लेवल क्विज प्रतियोगिता का शुभारम्भ किया गया। प्रतियोगिता 04 चरणों में प्रारभ की गयी। प्रत्येक चरण एच0आई0वी0/एड्स विषय पर 18 प्रष्न पूछे गये। अपर परियोजना निदेषक, उत्तरखण्ड राज्य एड्स नियंत्रण समिति डॉ0 अजय कुमार, कर्नल आलोक गुप्ता, एस0एच0ओ0 कैण्ट एवं अन्य अतिथियों द्वारा विजेता टीम को ट्राफी एवं प्रमाण पत्र दिये गये।
प्रतियोगिता में प्रथम स्थान उत्तराखंड की कु0 शुभिका अर्पित, नवीन कुमार, दूसरा स्थान जम्मू कश्मीर की कु0 समाइम प्रभा एवं अभिषेक शर्मा और तीसरा स्थान राजस्थान के कु0 भूमिका कुमारी एवं कु0 श्रेया अग्रवाल ने प्राप्त किया। प्रोत्साहन पुरूस्कार उत्तर प्रदेश के आयुष कुमार भारती एवं मानस निगम द्वारा प्राप्त किया गया। कार्यक्रम के दौरान मंच का संचालन योगेम्बर पॉली द्वारा किया गया। कार्यक्रम में डॉ0 नरेश चौधरी, महेन्द्र कुमार, उप निदेशक, वित्त, अनिल सती, संयुक्त निदेशक, आई0ई0सी0 सहित यूसैक्स के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने विजय दिवस पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विजय दिवस के अवसर पर भारतीय सेना, भूतपूर्व सैनिकों, एवं प्रदेशवासियों को बधाई दी है। उन्होने कहा कि भारत के सैन्य इतिहास में 16 दिसम्बर भारतीय सशस्त्र सेनाओं के साहस, समर्पण और बलिदान को याद करने का ऐतिहासिक दिन है। इस दिन भारतीय सैनिकों के साहस व बहादुरी के सामने नतमस्तक होकर पाकिस्तानी सेना के हजारों सैनिकों को आत्मसमर्पण करना पड़ा था। उन्होंने कहा कि देश की रक्षा के लिए हमारे वीर सैनिक हमेशा तत्परता के साथ अपना योगदान देते है जिस पर हमें गर्व है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड, देवभूमि के साथ ही वीर भूमि भी है। यहां सदैव देशभक्ति व राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना रही है। देश की सीमाओं की रक्षा के लिए वीर सैनिकों द्वारा किए गए सर्वाेच्च बलिदान को हमेशा याद रखा जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की रक्षा के लिए हमारे वीर सैनिक हमेशा तत्परता के साथ अपना योगदान देते हैं। देश की सीमाओं की रक्षा के लिए वीर सैनिकों द्वारा किए गए सर्वाेच्च बलिदान को हमेशा याद रखा जायेगा। उन्होंने कहा कि हमें अपने सैनिकों की वीरता पर नाज है और पूरा देश उनकी बहादुरी को नमन करता है।

मुख्यमंत्री धामी ने किया आईएसबीटी का औचक निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज देर शाम आईएसबीटी समेत शहर के अन्य इलाक़ों का औचक निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने इस दौरान आईएसबीटी और आसपास के इलाकों में सड़क पर जरूरतमंदों को कंबल वितरण भी किए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने आईएसबीटी में मौजूद यात्रियों से बातचीत कर साफ़-सफ़ाई एवं अन्य व्यवस्थाओं का फीडबैक भी लिया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समस्त जिलाधिकारी को निर्देश जारी करते हुए कहा कि प्रदेश में शीतलहर का प्रकोप बढ़ने लगा है, इसके दृष्टिगत प्रदेश के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त अलाव की व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री ने नगर निगम एवं नगर पालिका क्षेत्रों में संचालित रैन बसेरों की व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए।

जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंचाना सरकार का लक्ष्यः सीएम

विकसित भारत संकल्प यात्रा का राज्य में सफल संचालन के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में बैठक लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिये कि सरकार की योजनाओं को आम जन तक पहुंचाने के लिए इस अभियान को मिशन मोड में लें। उन्होंने वर्चुअल माध्यम से जुड़े सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए जनपद स्तर पर एक-एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए और उनसे प्रतिदिन की रिपोर्ट भी ली जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप विकसित भारत संकल्प यात्रा उन लोगों तक पहुंचने का बड़ा माध्यम बन गई है जो अब तक सरकारी योजनाओं से नहीं जुड़ पाये थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन कल्याण से जुड़ी योजनाओं की आम जनता तक पहुंच बनाने के लिए हमें स्कूली बच्चों से लेकर बजुर्गों तक सभी को सहयोगी बनाना होगा। उन्होंने कहा कि हमारा ध्येय है कि लोगों को उनके घरों पर ही सभी आवश्यक सुविधाएं मिले। जन सुविधाओं के लिए राज्य सरकार द्वारा ऑनलाइन सिस्टम को प्रभावी बनाया गया है। आम जनता को जन कल्याणकारी योजनाओं की पूरी जानकारी होने पर वे सभी सुविधाओं का लाभ ले सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिलाधिकारी यह सुनिश्चित करें कि ग्राम पंचायतों में प्रचार वाहन भेजने से पूर्व इसकी सूचना स्थानीय लोगों तक पहुंचे। केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का भी मौके पर लोगों को लाभ मिले, इसके लिए शिविरों का आयोजन भी किया जाए। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि सांसदगणों, विधायकगणों एवं अन्य जनप्रतिनिधियों को भी विकसित भारत संकल्प यात्रा के कार्यक्रमों में आमंत्रित किया जाए ताकि उनका भी मार्गदर्शन एवं सहयोग इसमें मिल सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 26 जनवरी 2024 तक आयोजित हो रही विकसित भारत संकल्प यात्रा के सफल क्रियान्वयन के लिए सभी सचिव भी दो-दो दिन जनपदों में जाएं। सभी सचिव इस आयोजन के संबंध में अपने विभागों की नियमित समीक्षा भी करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला एवं विकासखण्ड स्तर के अधिकारी विकास संकल्प यात्रा के दौरान निरन्तर फील्ड में रहें और सरकार की योजनाओं से लोगों को लाभान्वित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सीमान्त क्षेत्रों में भी इस आयोजन को और प्रभावी बनाया जाए। नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से भी योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि विकसित भारत संकल्प यात्रा में स्कूल और कॉलेजों के विद्यार्थियों को भी शामिल किया जाए। आजादी के अमृत महोत्सव में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका होने वाली है।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, एल फैनेई, सचिव शैलेश बगोली, राधिका झा, अरविन्द सिंह ह्यांकी, दीपेन्द्र चौधरी, अपर सचिव रणवीर सिंह चौहान, आनन्द स्वरूप, वर्चुअल माध्यम से अपर सचिव भारत सरकार श्री राकेश वर्मा, सभी जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी एवं भाजपा संगठन से प्रदेश महामंत्री संगठन अजय कुमार, प्रदेश महामंत्री भाजपा आदित्य कोठारी और विकसित भारत संकल्प यात्रा के प्रदेश सह संयोजक सौरभ थपलियाल उपस्थित थे।

सीएम ने किया ड्रग्स फ्री देवभूमि मिशन-2025 कार्यक्रम में प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गांधी पार्क, देहरादून में ड्रग्स फ्री देवभूमि मिशन-2025 कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड को 2025 ड्रग्स फ्री बनाने का लक्ष्य रखा गया है, इस अभियान को सबको मिलकर सफल बनाना है। राज्य में ड्रग ट्रैफिकिंग को रोकने और इसके तंत्र को ध्वस्त करने के लिए निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। नशा केवल एक व्यक्ति को ही नहीं बल्कि उसके सारे परिवार और समूचे सामाजिक परिवेश को हानि पहुंचाता है। राज्य में जहां एक ओर लोगों और विशेषकर युवाओं में नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाई जा रही है, वहीं दूसरी ओर नशा तस्करी से जुड़े अपराधियों के खिलाफ कड़ी करवाई भी की जा रही है। इस वर्ष अभी तक एनडीपीएस एक्ट के तहत लगभग 600 मामले पंजीकृत हो चुके हैं, जिनमें करीब साढ़े सात सौ आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। मादक पदार्थों की रोकथाम एवं इस सम्बन्ध में प्रभावी कार्यवाही हेतु राज्य में वर्ष 2022 में त्रिस्तरीय एन्टी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का गठन किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे की प्रवृति को रोकने एवं नशाग्रस्त व्यक्तियों को मुख्यधारा से जोड़ने तथा पुनर्वास हेतु प्रदेश के समस्त जनपदों में नशा मुक्ति केंद्रों को प्रभावी बनाया जा रहा है। वर्तमान में राज्य में चार इंटीग्रेटेड रिहैबिलिटेशन सेंटर फॉर एडिक्ट्स संचालित हैं। राज्य सरकार द्वारा समाज के विभिन्न वर्गों और विशेषकर युवाओं में नशे के दुष्परिणामों को लेकर अभियान चलाया जा रहा है। नशे की रोकथाम एवं इसके सम्बन्ध में जानकारी तथा जनता को किसी भी प्रकार की सहायता हेतु हेल्पलाइन नम्बर भी जारी किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि सभी के सहयोग और संस्थाओं द्वारा किये जा रहे अथक प्रयासों से, हम समय से पहले ही ड्रग्स फ्री देवभूमि का विकल्प रहित संकल्प अवश्य प्राप्त कर लेंगे।

मुख्यमंत्री ने नशे के खिलाफ अभियान चलाने की दिशा में लोगों को जागरूक करने के लिए तीलू रौतेली पुरुस्कार प्राप्त संस्था ’आदर्श औद्योगिक स्वायत्तता सहकारिता’ के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि संस्था द्वारा भ्रूण हत्या, दहेज उत्पीड़न सहित अन्य मुद्दों के खिलाफ जागरूकता कार्यक्रम, रैलियों के साथ ही गोष्ठियां आयोजित कर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ड्रग्स फ्री उत्तराखण्ड की शपथ भी दिलाई।

आदर्श औद्योगिक स्वायत्तता सहकारिता संस्था की अध्यक्ष व कार्यक्रम संयोजक आशा कोठारी ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया तथा सचिव हरीश कोठारी द्वारा कार्यक्रम का संचालन किया गया।

इस अवसर पर प्रांत प्रचार प्रमुख आरएसएस संजय, प्रादेशिक मुख्य आयुक्त भारत स्काउट एंड गाइड उत्तराखंड एवं निदेशक माध्यमिक शिक्षा सीमा जौनसारी, निवर्तमान मेयर सुनील उनियाल गामा, प्रादेशिक सचिव भारत भारत स्काउट एवं गाइड उत्तराखंड, रविंद्र मोहन काला, संस्था के संरक्षक मेजर रविंद्र सिंह बिष्ट, विष्णु त्यागी, अर्चना बागरी, देवेंद्र बिष्ट, राजेंद्र सिंह ढिल्लों आदि उपस्थित थे।

अंत्योदय सिद्वांत पर आज अंतिम पायदान के व्यक्ति भी नेतृत्व कर रहाः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जीएमएस रोड स्थित एक होटल में गढ़वाल संभाग के अनुसूचित जाति जनप्रतिनिधि सम्मेलन में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर ने अनुसूचित, दलित और वनवासी समाज के लिए अस्तित्व, अस्मिता और आत्मनिर्भरता का जो मंत्र दिया था, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में उसका प्रसार पूरे देश में हो रहा है। पंडित दीनदयाल के अन्त्योदय के सिद्धांत के आधार पर समाज के अंतिम पायदान पर बैठा व्यक्ति जब सत्ता के सिंहासन पर बैठेगा तो वह अंत्योदय से राष्ट्रोदय का समय होगा। उन्होंने कहा कि रामनाथ कोविंद और फिर द्रौपदी मुर्मू का राष्ट्रपति पद पर आसीन होना उनके द्वारा देखे गए स्वप्न का साकार होना है। छत्तीसगढ़ के नामित मुख्यमंत्री भी आदिवासी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। यह भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों और आदर्शों का बेहतरीन सम्मान भी है। उन्होंने कहा कि हमारी डबल इंजन की सरकार अनुसूचित समाज का मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अनुसूचित समाज का भी अहम योगदान रहा है। आज तक जनजातीय समाज के राष्ट्र निर्माण में किए गए योगदान की जानकारी से देश को अंधेरे में रखा गया और अगर बताया भी गया तो बहुत ही सीमित दायरे में बताया गया। परंतु आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश जाग चुका है और अब कोई भी इसकी संस्कृति और इतिहास के साथ खिलवाड़ नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले सरकारों में अनुसूचित, दलित और जनजातीय समाज को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक राजनैतिक इच्छाशक्ति की कमी थी तथा इस समाज के व्यावसायिक हितों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। 2014 के बाद से देश में श्री मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने अनुसूचित, दलित, शोषित और आदिवासी समाज के विकास के लिए कई नये प्रयोग किए। आज चाहे शिक्षा का क्षेत्र हो या चिकित्सा का क्षेत्र हो, अनुसूचित, दलित और जनजातीय समाज के हितों का ध्यान रखकर ही देश व प्रदेश की सरकारें अपनी समस्त योजनाएं बना रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व पिछले नौ वर्षों में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजातियों के लोगों के लिए कई ऐसी योजनाओं को लागू किया है, जिनसे समाज के ये वर्ग विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकें। हर साल एससी और एसटी के कल्याण के लिए आम बजट में जहां आवश्यक बढ़ोतरी की गई, वहीं उनकी आर्थिक, शैक्षणिक और सामाजिक स्थित को मजबूत करने के लिए कई बड़े फैसले भी लिए गए। प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत उन गांवों को आदर्शों गांवों में विकसित किया गया, जिनकी आबादी में 50 प्रतिशत जनसंख्या एससी और एसटी वर्ग की थी। उज्ज्वला गैस कनेक्शन योजना, हर घर नल से जल सहित अन्य योजनाओं में गरीबों, शोषितों, वंचितों, आदिवासियों और दलितों को प्राथमिकता दी वहीं आयुष्मान योजना द्वारा इस वर्ग का मुफ्त इलाज सुनिश्चित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के अथक प्रयासों के बाद कश्मीर से धारा 370 को समाप्त किया गया। देश के अंदर अकेला जम्मू कश्मीर ही एक ऐसा राज्य था, जिसके यहां अनुसूचित जाति, जनजाति के निवासियों को आरक्षण का लाभ प्राप्त नहीं होता था। धारा-370 हटते ही आरक्षण का लाभ उन लोगों को प्राप्त होने लगा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान राम का मंदिर भव्य स्वरूप लेने लगा है। आज हर घर में प्रभु श्री राम मंदिर के शुभारंभ के निमंत्रण पहुंचने लगे हैं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों ये पावन मंदिर श्री राम भक्तो के लिए खुलने जा रहा है। जिस दिन प्रधानमंत्री ने राम मंदिर का भूमि पूजन किया उसका पहला प्रसाद अपने दलित भाई महावीर के परिवार को मिला। सामाजिक समरसता में विश्वास रखने की हमारी परंपरा रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में अनुसूचित, दलित और जनजातीय समाज के विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा समर्पित भाव से कार्य किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि देश की आजादी के अमृत काल में बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर जी के आशीर्वाद और प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश और प्रदेश अपने अमृत संकल्पों को पूर्ण करने में अवश्य सफल होगा और विश्व गुरु भारत का परचम संपूर्ण विश्व में लहराएगा।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट, विधायक दुर्गेश्वर लाल, भूपालराम टम्टा, शक्ति लाल शाह, राजकुमार पोरी, जिला पंचायत अध्यक्ष रूद्रप्रयाग अमरदेई शाह, भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के अध्यक्ष समीर आर्य, पूर्व विधायक सुरेश राठौड़, देशराज कर्णवाल एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

पीआरडी जवानों को सीएम ने दिया साल के अंत में तोहफा, की पांच घोषणाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तपोवन रोड, देहरादून में प्रान्तीय रक्षक दल के स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित रैतिक परेड में शामिल होकर रैतिक परेड का मान प्रणाम ग्रहण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पीआरडी के घोषवाक्य ‘अहमस्मि योधः’ का लोकार्पण किया और पीआरडी स्वयं सेवकों के आश्रितों को सहायता राशि का वितरण भी किया।
मुख्यमंत्री ने सभी को प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज पीआरडी. स्वयंसेवकों द्वारा रैतिक परेड में किए गए मार्च पास्ट का प्रदर्शन अत्यंत ही मनोहारी था। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 05 घोषणाएं की। उन्होंने घोषणा की कि पी.आर.डी. स्वयं सेवकों को प्रत्येक 02 वर्ष पर 01 गर्म वर्दी एवं 01 सामान्य वर्दी विभाग द्वारा दी जायेगी। पी.आर.डी. स्वयं सेवकों को प्रशिक्षण एवं पुर्नप्रशिक्षण के समय दी जानी वाली वर्दी की दर 1500 रुपए से बढ़ाकर 2500 रुपए की जाएगी। सभी पंजीकृत ड्यूटी पर तैनात पी.आर.डी. स्वयं सेवकों को होमगार्ड स्वयं सेवकों की भांति 200 रुपए प्रतिमाह ड्यूटी दिवस के अनुमानित में धुलाई भत्ता दिया जायेगा। विकासखण्ड स्तर पर तैनात ब्लाक कमाण्डर एवं न्याय पंचायत स्तर पर तैनात हलका सरदार का मासिक मानदेय क्रमशः 600 रुपए एवं 300 से बढ़ाकर प्रतिमाह 1000 रुपए एवं 500 रुपए किया जायेगा। आपदा बचाव कार्य में तैनात पी.आर.डी. स्वयं सेवकों को 50 रुपए प्रतिदिन की दर से अतिरिक्त मानदेय दिया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पीआरडी स्वयंसेवक अपनी निरंतर सेवा और समर्पण भाव से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में सहयोग कर रहे हैं। सामाजिक सुरक्षा कार्य, आपदा प्रबंधन और यातायात व्यवस्था में पीआरडी द्वारा सराहनीय कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पी.आर.डी. स्वयं सेवकों के हित में कई कदम उठाए हैं। पी.आर.डी. स्वयंसेवकों के मृतक आश्रितों के पंजीकरण हेतु शासनादेश जारी किया गया है। अभी तक 116 मृतक आश्रितों को पंजीकृत किया गया है, इनमें से 70 मृतकों के आश्रितों को रोजगार प्रदान किया गया है, जिसमें 25 महिलाएँ भी शामिल हैं। प्रान्तीय रक्षक दल कल्याण कोष संशोधित नियमावली अगस्त 2023 में प्रख्यापित की गई है। जिसमें आर्थिक सहायता की धनराशि में वृद्धि करते हुए साम्प्रदायिक दंगो के दौरान ड्यूटी पर मृत्यु की दशा में देय एक लाख रुपए को बढ़ाकर 02 लाख किया गया है। इसके साथ ही अति संवेदनशील ड्यूटी में मृत्यु की दशा में देय 75 हजार रुपए को बढ़ाकर डेढ़ लाख रुपए किया गया है। सामान्य ड्यूटी के दौरान मृत्यु की दशा में देय 50 हजार को बढ़ाकर एक लाख रुपए किया गया है। प्राकृतिक आपदा से होने वाले नुकसान के लिए भी संबंधित अधिकारी की संस्तुति पर अधिकतम 50 हजार रुपए का प्राविधान किया गया है, जिससे सीधे तौर पर पीआरडी जवानों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड महामारी के दौरान भी पीआरडी स्वयंसेवकों ने उत्कृष्ट कार्य किया। जिसके सम्मान में सरकार द्वारा 4651 पी.आर.डी. स्वयंसेवकों को पुरस्कार स्वरूप 6 हजार प्रति स्वयंसेवक प्रदान किये गए थे।
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री रेखा आर्या ने कहा पिछले दो वर्षों से प्रान्तीय रक्षक दल का स्थापना दिवस बड़े धूमधाम से मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में पीआरडी स्वयंसेवकों के लिए अनेक सुविधा देने के प्रयास किये गये हैं। राज्य की चारधाम यात्रा, कावंड़ और समय-समय पर आई आपदाओं में पीआडी स्वयं सेवकों द्वार अपने कार्यों के बल पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
इस अवसर पर विधायक उमेश शर्मा ‘काऊ’ विशेष प्रमुख सचिव खेल एवं युवा कल्याण अमित सिन्हा, निदेशक युवा कल्याण जितेन्द्र सोनकर एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट की व्यवस्थाओं से जुड़े श्रमिकों, पर्यावरण मित्रों को धामी ने दिया धन्यवाद

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एफ.आर.आई. में सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग द्वारा प्रकाशित विकास पुस्तिका विमोचन के पश्चात पिछले एक सप्ताह से ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट की व्यवस्थाओं से जुड़े श्रमिकों एवं पर्यावरण मित्रों के साथ भोजन कर उनके अथक परिश्रम की सराहना कर धन्यवाद दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस महत्वपूर्ण आयोजन की सफलता में हमारे श्रमिक भाइयों का विशेष योगदान रहा है, उनके श्रम की जितनी प्रशंसा की जाए कम है।

राज्य में साढ़े तीन लाख करोड़ से अधिक के करार पर गृहमंत्री ने दी सीएम धामी को बधाई

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने वन अनुसंधान संस्थान देहरादून में उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के समापन समारोह के अवसर पर देवभूमि उत्तराखण्ड को नमन करते हुए कहा कि यह केवल डेस्टिनेशन उत्तराखण्ड का ही समारोह नहीं है, बल्कि कई नई चीजों की शुरूआत भी है। उन्होंने कहा कि 02 लाख करोड़ के करारों के लक्ष्य के सापेक्ष ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में राज्य में साढ़े तीन लाख करोड़ से अधिक के करार हुए हैं, इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड के शासन और प्रशासन को बधाई दी। यह नये उत्तराखण्ड की अनन्त संभावनाओं को तलाशने की शुरूआत है। उत्तराखण्ड को ईको फ्रेंडली तरीके से किस प्रकार से उद्योग जगत के साथ भी जोड़ा जा सकता है, इसका एक मजबूत उदाहरण समग्र विश्व के सामने बनेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने विश्वास के साथ कहा कि यह दशक उत्तराखण्ड का दशक होगा। यह ऐसा स्थान है, जहां विकास और दैवीय शक्ति साथ में है। मुख्यमंत्री धामी ने इसके साथ परफोर्मेंस को भी जोड़ा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने 41 श्रमिकों को सकुशल बाहर निकालने के लिए प्रधानमंत्री एवं केन्द्रीय एजेंसियों को पूरा श्रेय दिया। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन एवं निगरानी के साथ ही मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में श्रमिकों को सुरक्षित निकालने का सराहनीय कार्य किया गया। उनके चेहरे पर जो अद्भुत शांति और आत्मविश्वास था, यह नेतृत्व के लिए बहुत बड़ी बात है। उन्होंने इस अभियान की सफलता के लिए मुख्यमंत्री और उत्तराखण्ड सरकार को बधाई दी।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य अटल जी ने बनाया और मोदी जी ने इसे संवारा है। उनके नेतृत्व में राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। उत्तराखण्ड को अलग राज्य बनाने का उद्देश्य यही था कि राज्य का तेजी से विकास हो। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति की है। अनेक महत्वपूर्ण इनीशिएटिव लिये गये हैं। यहां की चारधाम यात्रा व्यवस्था, इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास, सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए बनाई गई योजना सराहनीय है। लगभग तीस इन्वेस्टर फ्रेंडली नई नीतियों से उत्तराखण्ड पॉलिसी ड्रीवन स्टेट बन गया है। मोदी जी के नेतृत्व में पारदर्शिता के साथ शासन को बढ़ावा दिया गया है। भ्रष्टाचारियों को बिल्कुल भी बख्शा नहीं जायेगा। उत्तराखण्ड सरकार ने पारदर्शी माहौल दिया है। पूरे देश में उत्तराखंड सबसे ज्यादा शांत और सुरक्षित राज्यों में है। पारदर्शिता उत्तराखंड का स्वभाव बन गया है। पूरे देश की जिम्मेदारी है कि उत्तराखंड मजबूत और सबसे विकसित राज्य बने।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले एक दशक में देश तेजी से आगे बढ़ा है। पूरे देश में मल्टी डाइमेंशनल बदलाव आये हैं। इन वर्षों में 13.5 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आये हैं। प्रति व्यक्ति आय दुगुनी हुई है। करोड़ों किसानों की चिंता की गई है। यूनिकॉर्न स्टार्टअप की संख्या कई गुना हो गई है। भारत ने जिस तरह जी-20 का आयोजन किया, उसकी पूरे विश्व में सराहना की गई।जी-20 का दिल्ली घोषणा पत्र कूटनीति के क्षेत्र में भारत का परचम फहरायेगा। 2047 तक प्रधानमंत्री ने देश को विकसित और हर क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ बनाने का लक्ष्य रखा है। आज पूरी दुनिया भारत की ओर देख रही है।


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह का देवभूमि उत्तराखण्ड की जनता की ओर से स्वागत करते हुए कहा उनके नेतृत्व में आंतरिक सुरक्षा मजबूत होने के साथ ही सहकारिता क्षेत्र में भी भारत ’’सहकार से समृद्धि’’ के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है, जिसके अंतर्गत देश के सभी पैक्स को कम्प्यूटरीकृत किया जा रहा है। केन्द्रीय सहकारिता मंत्री द्वारा अक्टूबर 2021 में पैक्स के कम्प्यूटरीकरण का कार्य देश में पहली बार उत्तराखंड से ही प्रारंभ किया गया था और आज राज्य में सभी समितियां कम्प्यूटरीकृत हो चुकी हैं। ’’डेस्टिनेशन उत्तराखंड’’ का उद्घाटन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने किया था। आज इसके समापन समारोह में अमित शाह उपस्थित हैं। उत्तरकाशी के सिलक्यारा सुरंग में फंसे 41 श्रमवीरों को सकुशल बाहर निकालने में प्रधानमंत्री और गृहमंत्री का राज्य सरकार को निरंतर सहयोग मिलता रहा, जिसके चलते ही सिलक्यारा मिशन सफल हुआ। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री और गृहमंत्री का आभार भी व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तराखंड प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है तथा उनके विजन के अनुरूप ही हर क्षेत्र में कार्य कर रहा है। जहां एक ओर आज उत्तराखंड में सेब, कीवी, मशरूम, श्री अन्न, जड़ी बूटियों आदि के उत्पादन द्वारा हमारे काश्तकार पूरी दुनियां को ’’मेक इन इंडिया’’ का संदेश दे रहे हैं, वहीं प्रदेश के अन्दर लॉजिस्टिक्स पार्क, एरोमा पार्क, फार्मा तथा इलैक्ट्रॉनिक मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर और अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर पर तेजी से काम चल रहा है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस हो, सिंगल विंडो क्लियरेंस हो, कठिन नियमों को सरल बनाने की बात हो, बजट को नियंत्रित करने के प्रयास हों, आज इन सभी मापदंडों में उत्तराखंड खरा उतरने का प्रयास कर रहा है। राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री के रिफार्म, परफार्म और ट्रांसफार्म के मूल मंत्र को अंगीकार कर अनेक सेक्टरों के लिए सरल एवं पारदर्शी नीतियों को लागू करने का प्रयास किया है, जिससे हमारे उद्योग बंधुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इस इन्वेस्टर समिट में उत्तराखण्ड को साढे़ तीन लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनमें से 44 हजार करोड़ रूपये के निवेश प्रस्तावों की ग्राउंडिंग का कार्य प्रगति पर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सम्मेलन की सफलता में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा रही है। निवेशक सम्मेलन को सफल बनाने में निवेशकों, केन्द्र सरकार के विभिन्न विभागों ने भी अपनी सहभागिता सुनिश्चित कर इस सम्मेलन को सफल बनाने में पूर्ण सहयोग एवं योगदान दिया। उत्तराखण्ड में निवेश करने वाले सभी निवेशकों द्वारा उत्तराखंड और उत्तराखंड के लोगों पर विश्वास जताने के लिए भी उन्होंने आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार इस विश्वास को कभी टूटने नहीं देगी, इसके लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में निवेश करने वाले सभी उद्योग बंधु हमारे ब्रांड एंबेसडर हैं और हम ये सुनिश्चित करेंगे की ’’डेस्टिनेशन उत्तराखंड’’ ब्रांड निवेश हेतु एक श्रेष्ठ ब्रांड साबित हो।

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस संधु ने कहा कि प्रधानमंत्री ने हाउस आफ हिमालयाज का शुभारंभ कर अंत्योदय के विकास की नई उम्मीद को आगे बढ़ाया है। साथ ही स्वयं सहायता समूह द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों को एक वैश्विक स्तर का मंच मिला है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री ने वेडिंग इन उत्तराखंड की बात कही थी उनके इस कथन से प्रदेशवासियों में उत्साह का माहौल है। उन्होंने कहा कि पिछले 06 माह में प्रदेश में 30 नई नीतियों बनाई गई हैं। निवेशकों का उत्साह उत्तराखंड के प्रति निरंतर बढ़ रहा है। राज्य सरकार द्वारा 6000 एकड़ सरकारी जमीन का लैंड बैंक तैयार किया गया है। उद्योगों को सस्ती दरों में बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। एनसीआर से भी कनेक्टिविटी को और अधिक सुगम बनाया जा रहा है। उत्तराखंड राज्य में लॉ एंड आर्डर की स्थिति अच्छी है। राज्य का वातावरण प्रदूषण रहित है।

इस अवसर पर सीईओ नेशनल स्टॉक एक्सचेंज आशीष कुमार चौहान एम.डी. मदर डेयरी मनीश बंदलिश, एमडी रसना पिरूज खंबाटा, एमडी जुबिलेंट जेनेरिक्स लि. डॉ. जयदेव राजपाल ने भी विचार व्यक्त किये।

उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के समापन समारोह के अवसर पर मौजूद रहे सीईओ नेशनल स्टॉक एक्सचेंज आशीष कुमार चौहान ने कहा कि स्टॉक मार्केट केपीटलाइजेशन के क्षेत्र में भारत विश्व में चौथे स्थान पर है। आज 8.35 करोड़ से अधिक लोग स्टॉक मार्केट में इन्वेस्ट कर रहे हैं। साथ ही उत्तराखंड राज्य से भी 8.35 लाख से अधिक लोग स्टॉक मार्केट में इन्वेस्ट करते हैं। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री जी के इन्वेस्टर समिट को लेकर हुए मुंबई दौरे के दौरान उनसे एमएसएमई सेक्टर में फंड की उपलब्धता, शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में निकायों के माध्यम से विकास को बढ़ाना, युवाओं में निवेश को लेकर जागरूकता जैसे विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई थी। जिनपर निरंतर कार्य जारी है। उन्होंने कहा आगामी समय में उत्तराखंड के शहरी निकायों में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों हेतु विशेष सेमिनार और ट्रेनिंग कार्यक्रमों का आयोजन भी करेगा।

एम.डी, मदर डेयरी, मनीष बंदलिश ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा उत्तराखंड में कृषि एवं डेयरी के क्षेत्र में निवेश हेतु सकारात्मक माहौल बनाया गया है। उत्तराखंड की जीडीपी में कृषि एवं डेयरी बड़ा योगदान है। भारत डेयरी सेक्टर में निरंतर आगे बढ़ रहा है। उत्तराखंड में भी डेयरी विकास एवं फूड वैल्यू चौन को बढ़ावा दिया जा रहा है। डेयरी विकास के क्षेत्र में उत्तराखंड के किसानों को सीधे लाभ पहुंचाए जाने पर कार्य किया जा रहा है। राज्य में कृषि एवं बागवानी को बढ़ावा मिले इसके लिए किसानों हेतु विशेष प्रशिक्षण सत्रों का आयोजन किया जाएगा। फल उत्पादन के क्षेत्र में भी उत्तराखंड निरंतर आगे बढ़ रहा है।

एम.डी, रसना पिरूज खंबाटा ने कहा कि राज्य में बड़े उद्योगों के साथ ही छोटे उद्योगों को बढ़ावा देना होगा। किसानों को उद्योगों से सीधे जोड़ने पर कार्य करना होगा। भारत का एक्सपोर्ट बढ़ने पर सभी उद्योगों का एक्सपोर्ट भी बढ़ेगा। आज पूरा विश्व में मिलेट्स की मांग बढ़ते जा रही है। लोकल से ग्लोबल होना सबसे ज्यादा महत्त्वपूर्ण है। जिसको ध्यान में रखते हुए रसना भी रसना हिमालय रोज़ शरबत को लांच करेंगे। इससे उत्तराखंड राज्य में रोज़ की खेती को बढ़ावा मिलेगा।

एमडी, सीईओ जुबिलेंट जेनेरिक्स लिमिटेड डॉ. जयदेव राजपाल ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा कई उद्योग के अनुकूल नीतियों पर कार्य किया गया है। सिंगल विंडो सिस्टम, लैंड बैंक, उद्योगों हेतु न्यूनतम विद्युत दरों के साथ उत्तराखंड औद्योगिक डेस्टिनेशन के रूप सामने आया है।

इस अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि), केन्द्रीय भारी उद्योग मंत्री महेन्द्र नाथ पाण्डेय, मंत्रीगण, सांसदगण, विधायकगण और औद्योगिक समूहों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।