गुरिल्ला स्वयं सेवकों को आजीविका से जोड़ने के लिए प्रयास किये जाएंः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में एस.एस.बी. द्वारा प्रशिक्षित राज्य के गुरिल्ला स्वयं सेवकों की समस्याओं को सुना। विभिन्न जनपदों से गुरिल्ला स्वयं सेवक वर्चुअल माध्यम से जुड़े थे। बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि विभिन्न विभागों में प्रशिक्षित गुरिल्ला स्वयं सेवकों को आजीविका से जोड़ने के लिए प्रयास किये जाएं। उन्होंने कहा कि गुरिल्ला स्वयं सेवकों की जिन समस्याओं का त्वरित समाधान हो सकता है, वे किये जाएं। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार से भी गुरिल्ला प्रशिक्षकों के लिए मदद के लिए प्रस्ताव भेजकर अनुरोध किया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम, निजी सुरक्षा एजेंसियों में सुरक्षा कर्मी, होमगार्ड में प्रशिक्षक, फॉरेस्ट फायर वॉचर, पुलिस विभाग के अन्तर्गत ग्राम चौकीदार, लोक निर्माण विभाग में विभिन्न कार्यों, वन विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं अन्य क्षेत्रों में गुरिल्ला स्वयं सेवकों की सेवाओं का लाभ कैसे लिया जा सकता है, इस दिशा में ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री ने अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी को निर्देश दिये कि सबंधित विभागों द्वारा राज्य के प्रशिक्षित गुरिल्ला स्वयं सेवकों को आजीविका से जोड़ने और उनके प्रशिक्षण का लाभ राज्य को भी मिल सके, इस दिशा में जो भी कार्यवाही की जा सकती है, इसके अनुपालन में समय-समय पर बैठक ली जाए।

बैठक में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, आनन्द बर्द्धन, डीजीपी अभिनव कुमार, कमांडेंट जनरल होमगार्ड केवल खुराना, डीआईजी/ अपर सचिव गृह निवेदिता कुकरेती, अपर सचिव विनीत कुमार, ललित मोहन रयाल, अत्तर सिंह, संबंधित विभागीय अधिकारी और वर्चुअल माध्यम से एस.एस.बी. द्वारा प्रशिक्षित गुरिल्ला स्वयंसेवक उपस्थित थे।

राज्य में स्थापित होने वाले उद्योगों से कितना रोजगार सृजन होगा इसका विवरण किया जाए तैयारः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में शासन के उच्चाधिकारियों के साथ उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में हुए एमओयू के ग्राउंडिंग की समीक्षा की। निवेश हेतु हुए एमओयू को धरातल पर उतारना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए मुख्यमंत्री ने उच्चाधिकारियों के साथ समीक्षा के साथ उनसे सुझाव भी लिये तथा निर्देश दिये कि 15 फरवरी तक अधिक से अधिक प्रस्तावों की ग्राउंडिंग हो। प्रति सप्ताह मुख्य सचिव तथा प्रतिमाह मुख्यमंत्री स्वयं इसकी गहनता से समीक्षा करेंगे। निवेश प्रस्तावों में इकोलॉजी तथा इकोनॉमी के समन्वय के साथ युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराना हमारा लक्ष्य होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि राज्य में स्थापित होने वाले उद्योगों के साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में होने वाले निवेश से कितना रोजगार सृजन होगा इसका विवरण तैयार किया जाए। राज्य में निवेश के तहत स्थापित होने वाले उद्योगों से महिला स्वयं सहायता समूहों को भी लाभान्वित किये जाने के प्रयास किये जायें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के अधिक से अधिक युवाओं को सौर ऊर्जा तथा पर्यटन नीति के अंतर्गत स्वरोजगार उपलब्ध कराया जाए।

बैठक में बताया गया कि इन्वेस्टर्स समिट में विभिन्न विभागों से सम्बन्धित 3.56 लाख करोड़ के 1779 एमओयू हस्ताक्षरित हुए हैं जिनमें ऊर्जा के क्षेत्र में 1.03 लाख करोड़ के 157 तथा उद्योग विभाग से सम्बंधित 78 हजार करोड़ के 658, पर्यटन के क्षेत्र में 47,646 करोड़ के 437, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में 19,260 करोड़ के 175, आवास एवं नगर विकास के क्षेत्र में 41,947 करोड़ के 62, स्वास्थ्य एवं पर्यावरण के क्षेत्र में 25,785 करोड़ के 39, आयुष एवं वेलनेस के क्षेत्र में 17,058 करोड़ के 77 करार शामिल हैं। राज्य में निवेशकों की सुविधा के लिये उत्तराखण्ड सोसाइटी फॉर प्रमोशन ऑफ इन्वेस्टमेंट, र्स्टाट अप एंड इन्टरप्रिन्योरशिप का गठन किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने इन्वेस्टर्स समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिये गये निर्देशों का भी अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिये हम सबके प्रयासों को हर क्षेत्र में सराहा गया है। अब हम सबका दायित्व है कि इन्हें राज्य हित में जमीनी हकीकत में बदला जाय। उन्होंने सभी के सुझावों को ताकत बताकर इसे अवसर में बदलने की भी अपेक्षा की। उन्होंने राज्य हित से जुड़े जरूरी प्रस्तावों को प्राथमिकता देने की भी बात कही।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि सभी विभागीय अधिकारी यह भी सुनिश्चित करें कि पहाड़ों के विकास के लिये प्राप्त निवेश प्रस्तावों से क्या बेहतर किया जा सकता है। युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध हों इसके लिये रोजगार सृजन पर भी फोकस किया जाय।

मुख्यमंत्री ने लोकल उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में भी प्रभावी कार्य योजना बनाने को कहा। सौर ऊर्जा क्षेत्र में निवेश प्रस्तावों पर भी विशेष ध्यान देने पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने सौर ऊर्जा नीति के तहत अधिक से अधिक युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के प्रयासों पर भी ध्यान देने को कहा। उन्होंने कहा कि हमारे लिये छोटे निवेशक भी महत्वपूर्ण हैं। मुख्यमंत्री ने उद्यमियों से मानवीयता तथा शिष्टता के साथ देवभूमि के आचरण के अनुकूल व्यवहार पर भी ध्यान देने को कहा, तभी अधिक से अधिक उद्यमी राज्य में निवेश के प्रति आकर्षित होंगे।

मुख्यमंत्री ने हरिद्वार एवं ऊधमसिंह नगर में आयोजित निवेशकों की बैठकों में प्राप्त निवेश प्रस्तावों की ग्राउंडिंग पर ध्यान देने को कहा। उन्होंने इस संबंध में होने वाली अगली बैठक में जिलाधिकारियों को वर्चुअली शामिल किये जाने के निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 21 वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखण्ड का दशक बताया है। यह कालखण्ड हमारी पहचान बनाने वाला है। केन्द्र सरकार के सहयोग से सड़क, बिजली, पानी तथा भारत माला मिशन की योजनायें राज्य के विकास की नई इबारत लिखने जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के निर्देशों के क्रम में देहरादून पंतनगर हवाई अड्डों के विस्तार, ऋषिकेश अथवा किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर कन्वेंशन सेंटर के निर्माण की दिशा में भी तेजी के कार्य किया जाये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून की स्थिति में काफी सुधार हुआ है यह आगे भी बरकरार रहे तथा शहर के विकास के कार्य निरंतर चलते रहें यह भी हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने राज्य में हो रहे मानव वन्य जीव संघर्ष को कम किये जाने पर भी प्रभावी कार्य योजना बनाने को कहा।

बैठक में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, आनन्द वर्धन, प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु सचिव मुख्यमंत्री आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगौली, विनय शंकर पाण्डेय, वन प्रमुख (हॉफ) अनूप मलिक, सचिव बी.वी.आर.सी पुरुषोत्तम, अरविंद सिंह ह्यांकी, एस.एन. पाण्डेय, उपाध्यक्ष मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण एवं महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा बंशीधर तिवारी सहित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

कॉफी टेबल बुक दि होली गंगा का सीएम ने किया विमोचन


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय परिसर में गढ़वाल मण्डल विकास निगम द्वारा स्थापित कैन्टीन का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जी.एम.वी.एन. द्वारा प्रकाशित कॉफी टेबल बुक ‘‘दि होली गंगा’’ का भी विमोचन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सचिवालय परिसर में जी.एम.वी.एन. की कैन्टीन खुलने से सचिवालय कार्मिकों के साथ प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से सचिवालय आने वाले आगन्तुकों को भी जलपान व भोजन आदि की अच्छी सुविधा उपलब्ध होगी। मुख्यमंत्री ने जी.एम.वी.एन. को कैन्टीन के माध्यम से लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिये।

जी.एम.वी.एन. के प्रबंध निदेशक विनोद गिरी गोस्वामी ने मुख्यमंत्री को जी.एम.वी.एन. द्वारा संचालित कार्यकलापों की जानकारी दी।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी सहित जी.एम.वी.एन. के अधिकारीगण उपस्थित थे।

खेल मानसिक, शारीरिक और सामाजिक विकास से अत्यधिक अहमः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज रायपुर, देहरादून में राज्य स्तरीय खेल महाकुंभ का शुभारंभ किया। राज्य के सभी जनपदों से राज्य स्तरीय खेल महाकुंभ में प्रतिभाग करने आये खिलाड़ियों के बीच जाकर मुख्यमंत्री ने उनका उत्साह बढ़ाया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य स्तरीय खेल महाकुंभ में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को स्पोर्ट्स किट प्रदान की जाएगी। राज्य स्तरीय खेल महाकुंभ के शुभारंभ के अवसर पर बालक वर्ग की 800 मीटर दौड़ स्पर्धा के प्रथम तीन स्थान पाने वाले खिलाड़ियों को मुख्यमंत्री ने पुरस्कृत भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल मानसिक, शारीरिक और सामाजिक विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं। खेल टीमवर्क से कार्य करने का अवसर प्रदान करते हैं। राज्य स्तर पर आयोजित होने वाला यह खेल महाकुंभ उत्तराखण्ड के युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने के लिए एक उत्कृष्ट मंच प्रदान करता है। पंचायत स्तर, ब्लॉक स्तर और जिला स्तर पर खेलने के बाद खिलाड़ियों को राज्य स्तर पर इस खेल महाकुंभ में अपनी खेल प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन करने का अवसर मिलता है। खेल महाकुंभ का उद्देश्य प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय स्तर की बड़ी खेल प्रतियोगिताओं के लिए भी तैयार करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में होने वाले आगामी 38वें राष्ट्रीय खेल, उत्तराखंड की खेल प्रतिभाओं के विकास में मील का पत्थर साबित होंगे। 38वें राष्ट्रीय खेलों के आयोजन के लिए विभिन्न अवस्थापना सुविधाएं तैयार करना प्रारंभ कर दिया गया है। जिसके अंतर्गत राष्ट्रीय खेल सचिवालय का गठन किया गया है, जिससे इन खेलों का संचालन बेहतर रूप से किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों को तेजी से बढ़ावा मिला है। भारत ने हाल में चीन में संपन्न हुए एशियाई खेलों में रिकार्ड 107 पदक जीते। नए जोश के साथ भारत 2030 ’’युवा ओलंपिक’’ और 2036 में ’’ओलंपिक’’ खेलों की मेजबानी के लिए तैयार है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में खेलों का बजट भी पहले के मुकाबले तीन गुना हो चुका है। उत्तराखण्ड में भी गांव से लेकर शहर तक के युवा खिलाड़ियों के लिए अभिनव प्रयोग किये जा रहे हैं। हरिद्वार बने फ्लाईओवर के नीचे खाली पड़ी जगह का प्रयोग कर वहां बैडमिंटन कोर्ट, बास्केटबाल कोर्ट, ओपन जिम बनाये जा रहे हैं। सरकार युवा खिलाड़ियों के लिए नौकरियों में खेल कोटे को भी पुनः प्रारंभ करने के लिए प्रयासरत है। राज्य सरकार प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने के लिए राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सीधे सरकारी नौकरी भी देने जा रही है। नई खेल नीति में राज्य के युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए उचित आर्थिक प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने खेल विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि आगामी राष्ट्रीय खेलों के लिए सभी तैयारियां तेजी से की जाए। खिलाड़ियों की डाइट से लेकर उनके रहने व हर सुविधा की व्यवस्थाएं की जाए। उत्तराखण्ड में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय खेलों में राज्य का अच्छा प्रदर्शन हो, इसके लिए अभी से अच्छे खिलाड़ियों की खोज कर उनके बेहतर प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि टीम वर्क के साथ हमें उत्तराखंड को खेलों में आगे लेकर जाना है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस खेल महाकुंभ में प्रतिभाग कर रहे हमारे युवा खिलाड़ी अगले वर्ष होने वाले राष्ट्रीय खेलों के साथ ही भविष्य में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखण्ड का ही नहीं बल्कि देश का नाम रोशन करेंगे।

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में खेलों को बढ़ावा देने के लिए राज्य में तेजी से कार्य हो रहे हैं। राज्य में नई खेल नीति लागू की जा चुकी है। जिसमें खिलाड़ियों को हर संभव सुविधा देने के प्रयास किये गये हैं। राज्य में 08 से 14 वर्ष की आयु के लगभग चार हजार खिलाड़ियों को मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन खेल छात्रवृत्ति दी जा रही है। मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना से राज्य में 14 से 23 वर्ष के 2600 खिलाड़ियों को लाभान्वित किया जा रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए स्पोर्ट डेवलपमेंट फंड बनाया जा रहा है। चम्पावत के लोहाघाट में गर्ल्स स्पोर्ट कॉलेज बनाया जा रहा है।

इस अवसर पर विधायक उमेश शर्मा ‘काऊ’, विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा, खेल निदेशक जितेन्द्र सोनकर एवं खेल विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

स्वास्थ्य विभाग ने जारी की उत्तराखंड में कोरोना को लेकर एडवाइजरी

देहरादून। प्रदेश सरकार कोविड-19 के नए वेरिएंट जेएन-1 को लेकर सतर्क हो गयी है। प्रदेश भर में कोरोना के इस नए वेरिएंट को लेकर एडवाइजरी जारी की गयी है। स्वास्थ्य सचिव आर. राजेश कुमार ने कुछ राज्यों में जेएन.1 वेरिएंट के रोगियों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में प्रदेश के सभी जिलों और अस्पतालों के लिए एडवाइजरी जारी की गयी है कि कोरोना की रोकथाम के लिए हरसंभव प्रयास किये जाएं।
स्वास्थ्य सचिव डा. आर. राजेश कुमार ने सभी जिलाधिकारियों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश जारी किये हैं कि अस्पतालों में कोविड से बचाव के लिए जारी गाइडलाइन का पालन करें। साथ ही सांस, फेफड़े और हृदय रोगियों की निगरानी की जाएं और उनके इंन्फुंएजा की जांच की जाए। अस्पतालों से ऐसे मरीजों की सभी जानकारी इंटीग्रेटिड हेल्थ इंफोरमेशन प्लेटफार्म पोर्टल में दर्ज करने के निर्देश भी दिये गये हैं। इसके साथ ही लोगों को श्वसन स्वच्छता के प्रति भी जागरूक किया जाएं।
गौरतलब है कि प्रदेश में अब तक कोविड-19 के नए वेरिएंट जेएन.1 का कोई मरीज नहीं है। एहतियात के तौर पर प्रदेश के सभी अस्पतालों को अलर्ट किया गया है।

स्वास्थ्य सचिव डॉक्टर आर राजेश कुमार ने राज्य के समस्त जिला अधिकारी, समस्त मुख्य चिकित्साधिकारी को पत्र लिखा है। कृपया उपर्युक्त विषयक सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के पत्र संख्या DO.NO.2.28015/182/2021-DMCell दिनांक 18 दिसम्बर 2023 (संलग्न) का संदर्भ ग्रहण करने का कष्ट करें जिसके द्वारा अवगत कराया गया है कि विगत कुछ दिनों में कुछ राज्यों में कोविड-19 के रोगियों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है। इसी कम में जनपद स्तर पर कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए निरंतर निगरानी की जानी अतिआवश्यक है।

अवगत होना चाहे कि कोविड-19 के वेरिएंट JN.1 (BA.2.86.1.1) का कोई भी रोगी उत्तराखण्ड राज्य में रिपोर्ट नही हुआ है।

यद्धपि सतर्कता की दृष्टि से भारत सरकार के निर्देशों के क्रम में जनपद स्तर पर निम्न कार्यवाही करने का कष्ट करें:-

1. भारत सरकार द्वारा प्रदत दिशा निर्देश “Operational guidelines for revised surveillance strategy in context of COVID-19” (संलग्न) का अनुपालन किया जाए।

2. जनपद स्तर पर Influenza like Illness (ILI)/Severe Acute Respiratory Illness (SARI) रोगियों की निगरानी की जाये।

3. पर्याप्त संख्या में ILI/SARI रोगियों की कोविड-19 एवं इन्फ्लुएंजा जाँच की जाएं। उक्त सभी रोगियों का विवरण अनिवार्य रूप से आई०डी०एस०पी० के अंतर्गत Integrated Health Information Platform (IHIP) पोर्टल में प्रविष्ट किया जाये।

4. कोविड-19 प्रबन्धन हेतु चिकित्सालय स्तर पर समस्त तैयारियां सुनिश्चित रखी जायें।

5. आम जनमानस में श्वसन स्वच्छता (Respiratory Hygiene) के प्रति जागरूकता हेतु विभिन्न माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाये।

6. ILI/SARI के लक्षण होने पर चिकित्सकीय परामर्श लेना तथा चिकित्सकीय परामर्श पर ही औषधि का सेवन करना। अतः उपरोक्तानुसार आवश्यक कार्यवाही करना सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक प्रोत्साहन योजना का लाभ उठाने की धामी ने की अपील

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्व अल्पसंख्यक अधिकार दिवस के अवसर पर हिमालयन सांस्कृतिक केन्द्र, गढ़ी कैंट, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने अल्पसंख्यक आयोग की पुस्तिका का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री ने अल्पसंख्यक समुदाय के सभी लोगों को विश्व अल्पसंख्यक अधिकार दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज का दिन भारतवर्ष की एकता और अखंडता के संरक्षण व संवर्धन हेतु हमारे मौलिक कर्तव्यों को याद करने का दिन है। भारत की एकता और अखंडता का मूल भी हमारी यही सांस्कृतिक विभिन्नताओं में पाए जाने वाली एकरूपता है। अनेकता में एकता का यही भाव देश को एकता के सूत्र में पिरोने का कार्य करता है। हमारी भारतीय संस्कृति सभी पंथ मार्ग, संप्रदायों का सम्मान करने की रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की संस्कृति तथा सामर्थ्य का विस्तार संपूर्ण विश्व में हो रहा है। उनके द्वारा दिए गए मंत्र सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास द्वारा नये भारत में हर वर्ग के सशक्तिकरण का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड धार्मिक एवं आध्यात्मिक चेतना की जागृति का केंद्र रहा है। राज्य सरकार हर वर्ग के विकास के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में अल्पसंख्यकों का प्रतिनिधित्व बढ़ाए जाने एवं अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित किए जाने हेतु ’’मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक प्रोत्साहन योजना’’ प्रारम्भ की गई है। राज्य में अल्पसंख्यक समुदाय के परिवारों की मेधावी छात्राओं की शिक्षा हेतु विशेष अनुदान भी उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार ने अल्पसंख्यक क्षेत्रों में मांग के अनुसार आर्थिक व शैक्षणिक विकास के लिए अल्पसंख्यक विकास निधि की स्थापना की है, जिसके तहत अभी तक 18 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की जा चुकी है। मुख्यमंत्री हुनर योजना के माध्यम से गांवों की महिलाओं को स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना, जन धन योजना, उज्ज्वला योजना, हर घर नल से जल, पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना, स्वच्छ भारत अभियान के तहत शौचालयों का निर्माण, आवास योजना सहित अनेक प्रकार की योजनाओं के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार ने जन समस्याओं के समाधान के लिए कार्य किये हैं। राज्य में समान नागरिक संहिता जल्द लागू करने की दिशा में कार्य किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2025 तक उत्तराखण्ड को हर क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए सभी को सहयोग देना होगा।
इस अवसर पर उत्तराखण्ड अल्प संख्यक आयोग के अध्यक्ष आर.के.जैन, उपाध्यक्ष सरदार इकबाल सिंह, मजहर नईम उत्तराखण्ड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स, मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष मुफ्ती शमून कासमी, प्रभारी डीजीपी अभिनव कुमार उपस्थित रहे।

2025 तक उत्तराखण्ड को ड्रग्स फ्री बनाने के लिए प्रभावी प्रयास किये जाये-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में उच्च स्तरीय बैठक लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिये कि 2025 तक उत्तराखण्ड को ड्रग्स फ्री बनाने के लिए प्रभावी प्रयास किये जाएं। उत्तराखण्ड को गुड गवर्नेंस मॉडल राज्य बनाने की दिशा में तेजी से कार्य किए जाएं। डेस्टिनेशन उत्तराखण्ड, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान हुए करारों को तेजी से धरातल पर उतारा जाए।
मुख्यमंत्री ने प्रभारी डीजीपी अभिनव कुमार को निर्देश दिये कि ड्रग्स फ्री उत्तराखण्ड के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाए जाए। इस अभियान को मिशन मोड पर लिया जाए, शिक्षण संस्थानों, स्वास्थ्य विभाग और नशा मुक्ति के लिए कार्य कर रहे संगठनों को भी इस अभियान में शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि मार्च 2024 तक यह अभियान व्यापक स्तर पर चलाया जाए। शिक्षण संस्थानों में नशे के दुःष्प्रभावों के बारे में विद्यार्थियों को जागरूक करने के साथ उनके अभिभावकों को भी इस अभियान से जोड़ा जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुड गवर्नेंस की दिशा में और तेजी से कार्य किये जाएं। उन्होंने सचिव आई.टी.डी.ए शैलेश बगोली को निर्देश दिये कि अधिक से अधिक सेवाएं ऑनलाइन की जाएं। सभी विभाग समयबद्धता के साथ पत्रावलियों का निस्तारण करें। उन्होंने कहा कि ऑनलाईन सेवाओं का लाभ आम जन आसानी से उठा सकें, इसके लिए जनपदों में विभागों के माध्यम से ऑनलाईन सेवाओं के बारे में जानकारी दी जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये पत्रावलियों की अधिक पेडेंसी रखने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की जाए। उन्होंने कहा कि जन सुविधा के दृष्टिगत अपणि सरकार पोर्टल पर अधिक से अधिक सेवाएं जोड़ी जाए। लोगों को उनके घरों पर ही अधिक से अधिक सुविधाएं मिले, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डेस्टिनेशन उत्तराखण्ड, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के तहत हुए करारों की ग्राउडिंग के लिए तेजी से कार्य किये जाएं। यह सुनिश्चित किया जाए कि निवेशकों को कार्यों को धरातल पर उतारने के लिए अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। इसके लिए सिंगल विंडो सिस्टम को और मजबूत बनाया जाए। जिन निवेश प्रस्तावों से राज्य में रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ने की संभावनाएं हैं और जो प्रस्ताव राज्य के अनुकूल हों उन्हें पहली प्राथमिकता पर रखने के मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, अपर पुलिस महानिदेशक ए.पी अंशुमन, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी और अपर सचिव जेसी काण्डपाल उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने किया यूजेवीएनएल के नये कारपोरेट भवन का लोकार्पण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शनिवार को सायं उत्तराखण्ड जल विद्युत निगम के 23वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री को जल विद्युत निगम के एम.डी ने 20 करोड़ 09 लाख 58 हजार 211 रूपये का लाभांश का चेक भेंट किया। मुख्यमंत्री ने यूजेवीएनएल के कारपोरेट भवन का लोकार्पण के साथ ही सी.एम.आर के तहत सरस्वती विद्या इंटर कॉलेज भानियावाला को दी गई बस को फ्लैग ऑफ कर रवाना किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून में आयोजित हुए ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में लक्ष्य से अधिक 3.50 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों में ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव शामिल है। उन्होंने जल विद्युत निगम से 2030 तक विद्युत उत्पादन के लक्ष्य 2200 मेगावाट को और अधिक बढ़ाये जाने पर बल देते हुए अपेक्षा की कि जल विद्युत निगम प्रदेश में स्थापित तथा नये स्थापित होने वाले उद्योगों की विद्युत जरूरतों को पूरा करने पर ध्यान देना सुनिश्चित करें। उन्होंने सभी विभागों एवं संस्थानों से बेहतर वर्क कल्चर के साथ जीरो पेडेंसी का संकल्प लेने को भी कहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य स्थापना के उपरांत यूजेवीएनएल का गठन उत्तराखण्ड को सही अर्थों में ऊर्जा प्रदेश बनाने के लिए किया गया था। जिसे निगम द्वारा प्रतिवर्ष किए जाने वाले अपने रिकार्ड उत्पादनों के माध्यम से साबित भी किया जा रहा है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि निगम अपनी बेहतर कार्य संस्कृति और कुशल प्रबन्धन के बल पर इसी प्रकार ऊर्जा के क्षेत्र में नित नए कीर्तिमान स्थापित करता रहेगा। राज्य निर्माण के समय ऊर्जा क्षेत्र को हमारी आर्थिकी का मूल आधार माना गया था, परंतु हमारा यह लक्ष्य अभी तक पूर्णरूपेण सफल नहीं हो पाया है। अब समय आ गया है कि हम सभी मिलकर यह विचार करें कि इस दिशा में कैसे तेजी से आगे बढ़ा जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में ऊर्जा क्षेत्र की विकास योजनाओं को समय पर पूर्ण करने में हमें केंद्र सरकार द्वारा समय-समय पर आवश्यक सहयोग दिया जा रहा है।इसका उदाहरण लखवाड़ बहुउद्देश्यीय जल विद्युत परियोजना है जिसमें तेजी से कार्य किया जा रहा है। इस परियोजना से करीब 475 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन हो सकेगा, जो हमारे प्रदेश के लिए ऊर्जा क्षेत्र में नए अवसर सृजित करेगा। इसके साथ ही जमरानी बांध परियोजना के लिए भी केंद्र सरकार की मंजूरी मिल चुकी है, जिस पर भी कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा।
यूजेवीएनएल द्वारा अप्रैल-मई 2022 में व्यासी परियोजना (120 मे.वा.) का कार्य पूर्ण कर एक ऐतिहासिक कार्य किया गया है, जो देवभूमि के ऊर्जा क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा। इस परियोजना से जहां एक ओर जौनसार बावर के क्षेत्रों को उच्च गुणवत्ता की विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी, वहीं दूसरी और स्थानीय लोगों के जीवन में आर्थिकी का सुधार भी हो सकेगा। लखवाड़ (300 मे.वा.) जैसी बहुउद्देशीय परियोजना पर कार्य प्रारम्भ होने पर उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि इससे 05 राज्यों को पीने एवं सिंचाई हेतु जल की आपूर्ति सहित उत्तराखंड को अतिरिक्त 300 मे०वा० की बिजली मिल सकेगी। इस वित्तीय वर्ष के अंत तक 15 मे.वा. की मदमाहेश्वर परियोजना भी सफलतापूर्वक अपना उत्पादन प्रारम्भ करेगी। वृहद परियोजनाओं के अन्तर्गत यमुना घाटी में त्यूनी-प्लासू 72 मे.वा. जल विद्युत परियोजना और आराकोट-त्यूनी की 81 मे.वा. की परियोजना की डी०पी०आर० बनाने की प्रक्रिया भी वर्तमान में चल रही है। राज्य सरकार जीरो पेंडेंसी वर्क कल्चर पर विशेष ध्यान दे रही है। इसके लिए हर क्षेत्र में सरलीकरण, समाधान, निस्तारिकरण एवं संतुष्टि के मूल मंत्र के आधार पर निर्णय लिए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊर्जा विभाग में 2008 में केंद्र सरकार द्वारा जल विद्युत नीति लायी गयी थी, जिसे लागू नहीं किया गया था, लेकिन हमने कैबिनेट की बैठक में जल विद्युत नीति लाकर उसे लागू करने का प्रयास किया है। उन्होंने यूजेवीएनएल सहित अन्य संस्थानों को अपनी संपत्तियों का भी ध्यान रखने को कहा। ऐसे कई मामले संज्ञान में आ रहे है, जिनमें संस्था की जमीन पर अवैध अतिक्रमण हुआ है। संस्थानों को सरकार की जमीन मिलती है तो उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी उनकी है, इसलिए सभी विभाग अपने-अपने क्षेत्र का अवलोकन करें और जमीनों को कब्जा मुक्त करायें। उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी सूरत में अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखण्ड का दशक बताया है और हमारी सरकार संकल्पबद्ध होकर इसे पूर्ण करने की दिशा में कार्यरत है। हम अपने ‘विकल्प रहित संकल्प‘ के साथ उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए कृत संकल्पित हैं। इस लक्ष्य को पूर्ण करने एवं उत्तराखंड को विकसित, सक्षम व आदर्श राज्य बनाने के लिए हमारी सरकार दिन-रात कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने यूजेवीएनएल सहित अन्य ऊर्जा निगमों से अपेक्षा की कि वे उपलब्ध संसाधनों का सही प्रयोग कर प्रदेश को ऊर्जा क्षेत्र में देश का नंबर वन राज्य बनाने के लिए निरंतर अपना योगदान देते रहें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें ऊर्जा के क्षेत्र में ज्ञान, विज्ञान एवं नवाचार के साथ ग्रीन इनर्जी के क्षेत्र में भी इकोलॉजी तथा इकोनामी का समन्वय बनाकर आगे बढ़ना होगा। हमे राज्य की जीडीपी को दुगना करने की दिशा में कार्य करना है। इस दिशा में प्रधानमंत्री श्री मोदी हमें प्ररेणा देने के साथ कर्तव्य बोध भी कराते है। हमें इस चुनौती का मिलकर सामना करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा में उत्तराखण्ड वेडिंग डेस्टिशन बनने जा रहा है। प्रधानमंत्री के आदि कैलाश, गूंजी आदि क्षेत्रों के भ्रमण से यहां देश व दुनिया के लोग आने लगे है। मुख्यमंत्री ने सभी से अपेक्षा की कि वे देहरादून शहर की साफ-सफाई एवं सुंदरता के लिए किये गये प्रयासों में सहयोगी बने ताकि साफ सफाई व सुंदरता में देश के प्रमुख शहरों में हमारा शहर शामिल हो।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने यूजेवीएन लिमिटेड द्वारा निगम की बेहतर कार्यसंस्कृति बनाए रखने तथा निगम के कार्मिकों का मनोबल बढ़ाने के उद्देश्य से वर्ष 2022-23 में सराहनीय प्रदर्शन पर विभिन्न विद्युतगृहों एवं परियोजनाओं को पुरस्कार भी प्रदान किए गए। इस कड़ी में आर.एम.यू. के साथ सर्वश्रेष्ठ विद्युत गृह का पुरस्कार खटीमा विद्युत गृह को प्रदान किया गया। इसके साथ ही आर.एम.यू. के बिना सर्वश्रेष्ठ विद्युत गृह का पुरस्कार कुल्हाल विद्युतगृह को तथा द्वितीय पुरस्कार खोदरी विद्युतगृह को दिया गया। सर्वश्रेष्ठ निर्माणाधीन परियोजनाओं में काली गंगा द्वितीय परियोजना को सर्वश्रेष्ठ निर्माणाधीन परियोजना का पुरस्कार प्रदान किया गया। साथ ही इस अवसर पर ऑल इंडिया इलेक्ट्रिसिटी स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड द्वारा हिमाचल प्रदेश में राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित 45वीं ऑल इंडिया पावर बैडमिंटन प्रतियोगिता में रजत पदक विजेता उत्तराखंड पावर स्पोर्ट्स ग्रुप की बैडमिंटन टीम के सदस्यों जी.एस. बुदियाल, गोपाल सिंह, ललित कुमार, आदित्य राठी, रक्षित भंडारी तथा सुमित राणा को भी सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव एवं अध्यक्ष उत्तराखण्ड जल विद्युत निगम राधा रतूड़ी ने कहा कि हम पिछले दो वर्षों से प्रदेश को ऊर्जा प्रदेश बनाने की दिशा में अग्रसर हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इन्वेसमेंट के तहत उद्योगों की स्थापना के लिए ऊर्जा की जरूरत होती है। ऊर्जा इंडस्ट्री में आक्सीजन की भांती होती है। यहां टैरिफ अधिक नही है। उन्होंने ऊर्जा निगमों में इकोलॉजी तथा इकोनामी के समन्वय के साथ 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखण्ड का ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने पर ध्यान देने को कहा तभी हम उत्तराखण्ड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के मुख्यमंत्री जी के संकल्प को पूरा करने में सफल होंगे।
अपने संबोधन में यूजेवीएन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक संदीप सिंघल ने कहा कि यूजेवीएन लिमिटेड का गठन उत्तराखंड को ऊर्जा प्रदेश बनाने तथा राज्य को विद्युत उत्पादन की नई ऊंचाइयों की ओर ले जाने हेतु किया गया था जिसे निगम द्वारा अपने रिकॉर्ड उत्पादनों द्वारा बार-बार साबित भी किया गया है। संदीप सिंघल ने बताया कि निगम की परियोजनाओं द्वारा वर्ष 2022-23 में 5433 मिलियन ऊर्जा का उत्पादन करते हुए 115.64 करोड़ रुपए का लाभ अर्जित किया गया। उन्होंने कहा कि यूजेवीएन लिमिटेड द्वारा लगातार पिछले सात वर्षों से राज्य सरकार को लाभांश प्रदान किया जा रहा है। संदीप सिंघल ने यूजेवीएन लिमिटेड को हनोल त्यूणी जल विद्युत परियोजना एवं लखवाड़ पंप स्टोरेज परियोजना सहित यूजेवीएन लिमिटेड तथा टीएचडीसी के संयुक्त उपक्रम को 489 मेगावाट की तीन जल विद्युत परियोजनाएं तथा 1230 मेगावाट की दो पंप स्टोरेज परियोजनाएं आवंटित करने पर माननीय मुख्यमंत्री जी को धन्यवाद भी दिया।

शहीद स्क्वाड्रन लीडर अभिमन्यु राय को सीएम ने दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को शहीद स्क्वाड्रन लीडर अभिमन्यु राय के जैनतंवाला स्थित आवास पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और शोकाकुल परिजनों को ढांढस बंधाया। उन्होंने इस दौरान शहीद के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री ने ईश्वर से पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने और शोक संतप्त परिजनों को यह असीम कष्ट सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की। इस अवसर पर प्रदेश के सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी भी उपस्थित रहे।

शहीद स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित कर सीएम ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को गांधी पार्क, देहरादून में विजय दिवस के अवसर पर शहीद स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। विजय दिवस पर मुख्यमंत्री ने भूतपूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं को शॉल ओढ़ाकर और स्मृति चिन्ह् देकर सम्मानित किया। विजय दिवस के अवसर पर आयोजित निबंध एवं कला प्रतियोगिता में प्रथम तीन स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को भी मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि सैनिक आश्रितों को भर्ती पूर्व दिये जाने वाले प्रशिक्षण के दौरान भोजन व्यवस्था के लिए प्रतिदिन दी जाने वाली धनराशि 80 रूपये से बढ़ाकर 225 रूपये प्रति प्रशिक्षणार्थी की जायेगी। राज्य के गढ़वाल और कुमांऊ मण्डल में सैनिक आश्रित युवाओं को सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास विभाग, उत्तराखण्ड द्वारा 56 दिनों का निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन भारतीय सेना के वीर जवानों के अदम्य साहस, शौर्य और पराक्रम का उत्सव मनाने का दिन है। 1971 का युद्ध अमानवीयता पर मानवता, दुराचार पर सदाचार और अन्याय पर न्याय की जीत का युद्ध था। आज ही के दिन वर्ष 1971 में पाकिस्तान के 93,000 से अधिक सैनिकों ने हमारे वीर बहादुर सैनिकों के समक्ष घुटने टेके थे। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद, किसी भी सेना का यह सबसे बड़ा आत्मसमर्पण था। यह युद्ध भारत के वीरों के अटल संकल्प और बलिदान का प्रत्यक्ष उदाहरण था। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की भूमि, देवभूमि होने के साथ-साथ पराक्रम और बलिदान की भूमि भी है। 1971 के भारत-पाक युद्ध में वीर भूमि उत्तराखंड के 255 जवानों ने भारत मां की रक्षा के लिए अपने प्राणों का उत्सर्ग किया था। इस युद्ध में अपने अदम्य साहस और पराक्रम का परिचय देने वाले प्रदेश के 74 सैनिक विभिन्न वीरता पदकों से सम्मानित हुए थे। ऐसे सभी वीरों के बलिदान की अमर गाथाएं आज भी हमारे युवाओं को प्रेरणा देने का काम करती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन के अनुरूप देहरादून में पांचवे धाम सैन्य धाम का निर्माण कार्य प्रगति पर है। यह धाम उन सभी वीरों को हमारी ओर से एक विनम्र श्रद्धांजलि होगी जिन्होंने अपने प्राणों की परवाह किये बिना तिरंगे की शान के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए थे। यह सैन्य धाम आने वाली पीढ़ियों के लिए राष्ट्र आराधना के एक दिव्य प्रेरणा पुंज के रूप में कार्य करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जवानों का मनोबल तेजी से बढ़ा है। आज हमारे सैनिक अत्याधुनिक हथियारों से लैस हैं, उनकी सहायता और सुरक्षा के लिए विश्व स्तरीय उपकरण उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। आज हमारे सैनिकों का मनोबल इतना ऊंचा है कि वो दुश्मन के घर में घुस कर उस पर कार्रवाई करने में समर्थ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के मुख्य सेवक के रूप में उनका प्रयास रहता है कि सैन्य परिवारों के लिए विशेष योजनाएं बने, जिससे एक सैनिक को युद्ध में लड़ते समय अपने परिवार की चिंता न हो। राज्य सरकार प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में सैनिकों और उनके परिवार को मिलने वाली सुविधाओं में वृद्धि करने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार ने उत्तराखण्ड के वीरता पदक से सम्मानित सैनिकों को देय एकमुश्त अनुदान राशि में भी वृद्धि की है। जिसके तहत परमवीर चक्र से सम्मानित सैनिक को 30 लाख से 50 लाख, महावीर चक्र 20 लाख से 35 लाख, कीर्ति चक्र 20 लाख से 35 लाख, वीर चक्र और शौर्य चक्र 15 से 25 लाख और सेना गैलेंट्री मेडल 07 लाख से 15 लाख करने को मंजूरी दी गई। उत्तराखण्ड से द्वितीय विश्व युद्ध में भाग लेने वाले सैनिकों की वीरांगनाओं एवं वेटरन की पेंशन प्रतिमाह 8 हजार रूपये से बढ़ाकर 10 हजार रूपये की है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और उनकी विधवाओं की प्रतिमाह पेंशन 21 हजार से बढ़ाकर 25 हजार की गई है।