होमगार्ड को भी मिलेगा पुलिस की तरह कई सेवाओं का लाभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित रैतिक परेड में शामिल होकर रैतिक परेड का मान प्रणाम ग्रहण किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे जवान राष्ट्रसेवा का अद्वितीय उदाहरण है। रैतिक परेड में जवानों द्वारा मोटरबाईक पर साहस, कौशल एवं सन्तुलन के प्रदर्शन की सराहना करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जवान हमारे सहयोगी हैं, और विभिन्न नागरिक सेवाओं में अपना सहयोग प्रदान कर रहे हैं। राज्य में कानून व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने में उनका योगदान रहता है। होमगार्ड्स के जवानों को कड़ी धूप सहित बरसात और कड़कड़ाती ठंड में यातायात एवं नागरिक सुरक्षा व्यवस्था को नियंत्रित करते हुए उन्होंने देखा है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि होमगार्ड्स विभाग में शस्त्र प्रशिक्षण प्रदान किये जाने हेतु ‘इण्डोर फायरिंग रेंज’ को प्रेमनगर में उपलब्ध विभागीय भूमि पर निर्माण किया जायेगा। होमगार्ड्स जवानों को वर्षभर में 12 आकस्मिक अवकाश दिये जायेंगे। होमगार्ड्स स्वयंसेवकों की कम्पनी कार्यालय/ट्रांजिट कैम्प/इमरजेन्सी सर्च एवं रेस्क्यू सेंटर हेतु भवन निर्माण किया जाएगा। विभागीय मोटर साईकिल दस्ते हेतु मोटर साइकिल क्रय की जाएंगी। पुलिस कार्मिकों एवं एन०डी०आर०एफ० की भांति उच्च हिमालयी क्षेत्रों में ड्यूटीरत होमगार्डस स्वयं सेवकों को प्रोत्साहन राशि अनुमन्य की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चाहे कोविड महामारी हो, कोई वीआईपी कार्यक्रम हो या फिर कांवड़ या अन्य बडे आयोजन, होमगार्ड्स जवान जिस निष्काम सेवा से अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हैं, वो अभूतपूर्व है। होमगार्ड्स जवानों का एक ही मंत्र रहा है, ‘जहां कम वहां हम’ इसी संकल्प के साथ, प्रदेश के विकास में भी अपनी भागेदारी निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा होमगार्ड्स की सुविधा के लिए छोटे हथियारों जैसे पिस्टल आदि को क्रय किये जाने हेतु भी अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। इस वर्ष होमगार्ड्स के लिए सेना के जवानों की तर्ज पर सीएसडी कैंटीन की सुविधा भी शुरू की है, जिसके लिए होमगार्ड्स का स्पेशल कार्ड बनाया जा रहा है। इसके साथ ही होमगार्ड विभाग में आपदा राहत एवं बचाव कार्यों तथा जनसामान्य की सहायता के लिये “द्रुत” मोबाईल एप्लिकेशन बनाया गया है, जो अत्यंत ही सराहनीय कदम है। यह ऐप शुरू करने वाला उत्तराखण्ड देश का पहला प्रदेश है। राज्य सरकार द्वारा ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए महिला होमगार्ड्स को प्रसूति अवकाश अनुमन्य किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी होमगार्ड्स स्वयंसेवकों हेतु पूरे सेवाकाल में छः माह के चिकित्सा अवकाश की भी संस्तुति की गई है। राज्य में प्रथम बार महिला एवं पुरूष होमगार्ड्स को आत्मरक्षा हेतु विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। इसी वर्ष होमगार्ड द्वारा विभागीय बैंड ‘‘मस्का बाजा’’ की भी स्थापना की गई जो एक सराहनीय प्रयास है। राज्य में ‘होमगार्ड्स हेल्प डेस्क’ भी बेहतर कार्य कर रही है। हाल ही में हरिद्वार गंगा आरती में शामिल होने आए एक परिवार का नन्हा बालक अपने परिजनों से बिछड़ गया था, होमगार्ड हेल्प डेस्क ने तुरंत उसे ढूंढ कर परिजनों को सौंपा,यह अत्यंत सराहनीय प्रयास था। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल में ही राज्य में 330 महिला होमगार्ड जवानों की भर्ती की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, प्रशिक्षण के बाद वे जल्द ही संगठन में अपना योगदान देंगी। अब 300 पुरुष होमगार्ड जवानों की भर्ती की तैयारी की जा रही है। मुख्यमंत्री ने होमगार्ड्स के जवानों और अधिकारियों को विश्वास दिलाया कि उनके बेहतर जीवन के लिए जो भी आवश्यक होगा, वह किया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि होमगार्डस के जवान समर्पण भाव और कर्तव्य पालन से राज्य और देश की सेवा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में होमगार्ड्स तथा नागरिक सुरक्षा संगठन के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी उत्तराखण्ड राज्य के विकास तथा कानून व्यवस्था एवं शान्ति स्थापना के कार्यों में अपना महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करते रहेंगे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा होमगार्ड स्वयंसेवकों के लिए बनाई गई प्रशिक्षण पुस्तिका, आपदा एवं बचाव कार्य के लिए बनाए गए होमगार्ड विभाग के द्रुत एप का विमोचन तथा विभिन्न कार्यों के लिए ट्रांजिट कैंपों के लिए भूमि पूजन, केंद्रीय प्रशिक्षण में ऑब्सटेकल ट्रैक का लोकार्पण किया गया।
मुख्यमंत्री द्वारा अमिताभ श्रीवास्तव डिप्टी कमांडेंट जनरल होम गार्ड्स, राजीव बलोनी डिप्टी कमांडेंट जनरल होमगार्ड को राष्ट्रपति से सराहनीय एवं विशिष्ट सेवा के लिए प्राप्त मेडल एवं प्रमाण पत्र भी प्रदान किया गया।
इस अवसर पर विधायक उमेश शर्मा काऊ, खजान दास, सविता कपूर, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष डॉ. आर.के.जैन, उत्तराखण्ड मण्डी परिषद के अध्यक्ष डॉ. अनिल डब्बू, अपर मुख्य सचिव राधा रतूडी, कार्यवाहक डी.जी.पी. अभिनव कुमार, कमांडेंट जनरल होमगार्ड केवल खुराना सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

सीएम ने उत्तराखंड को 38वें राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी करने तथा राष्ट्रीय खेल ध्वज मिलने पर प्रदेशवासियों को दी बधाई

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेल ध्वज हस्तांतरण एवं 37वें राष्ट्रीय खेल गोवा-2023 में उत्तराखंड के पदक विजेता खिलाड़ियों के सम्मान समारोह में शामिल हुये। मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड को 38वें राष्ट्रीय खेलों के आयोजन तथा राष्ट्रीय खेल ध्वज मिलने पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। देवभूमि को यह उपलब्धि प्रदान करने के लिए 37वें राष्ट्रीय खेलों के समापन अवसर पर ’’राष्ट्रीय खेल ध्वज’’ उपराष्ट्रपति द्वारा राज्य की खेल मंत्री श्रीमती रेखा आर्या के नेतृत्व में गये प्रतिनिधि मण्डल को सौंपा गया था, जिसे आज राष्ट्रीय खेल सचिवालय, उत्तराखण्ड को सौंपा जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तराखण्ड राज्य में आयोजित होने वाले 38वें राष्ट्रीय खेल अभूतपूर्व एवं गौरवशाली होगें और निश्चित रूप से यह खेल राज्य को खेल भूमि के रूप में पहचान दिलाने में मील का पत्थर साबित होगें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में खेल संस्कृति का निरन्तर प्रसार हो रहा है, जिसका प्रतिफल आज हम सबके समक्ष है। उत्तराखण्ड राज्य के खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में निरन्तर बेहतर प्रदर्शन करते आ रहे हैं। गुजरात में आयोजित 36वें राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखण्ड राज्य के खिलाड़ियों द्वारा 18 पदक प्राप्त किये गये थे जबकि इस वर्ष 37वें राष्ट्रीय खेलों में हमारे खिलाड़ियों ने 24 पदक अर्जित किये हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के खिलाड़ी आगामी प्रतियोगिताओं में अपना वर्चस्व भी स्थापित करेंगे इसका उन्हें विश्वास है। उन्होंने कहा कि खेल से सद्भावना व आपसी एकता बढ़ती है। खिलाड़ियों में सिर्फ खेल की भावना होती है। वे जाति, धर्म व सीमा के बंधन से आजाद होते हैं। समाज के लोगों को खिलाड़ियों से सबक लेने की जरूरत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज नये भारत, शक्तिशाली भारत, गौरवशाली भारत का निर्माण हो रहा है साथ ही खेल सहित प्रत्येक क्षेत्र में लगातार उल्लेखनीय प्रगति हो रही है। अब हमारे देश में खिलाड़ियों के सामर्थ्य का सम्मान हो रहा है। किसी देश में खेल का ‘’इको सिस्टम’’ कितना बेहतर है यह ओलंपिक में उस देश के क्वालिफाई करने वाली खिलाड़ियों की संख्या से पता चलता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2012 में लंदन में हुए ओलंपिक के लिए भारत के 83 एथलीट ने क्वालिफाई किया था। लेकिन, मोदी सरकार के रहते हुए दो ओलंपिक रियो डी जेनेरियो 2016 और टोक्यो 2020 ओलंपिक के लिए क्रमशः 117 और 126 खिलाड़ियों ने क्वालिफाई किया। 9 साल पहले के मुकाबले खेल बजट आज तीन गुणा हो चुका है। इस साल के लिए केंद्र सरकार ने युवा और खेल मंत्रालय को करीब तीन हजार तीन सौ नब्बे करोड़ रुपए का बजट दिया है। खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएँ और प्रशिक्षण उपलब्ध कराकर 2024 के पेरिस ओलंपिक और पैरालंपिक में प्रदर्शन और बेहतर करने में इससे मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि आज देश के गली-गली से निकले टैलेंट अब विश्व स्तरीय प्रशिक्षण पाकर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश को गौरवान्वित कर रहे है। और इस वर्ष भारत ने एशियाई खेलों का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा प्रारंभ की गई नई पहल ’‘खेलो इंडिया’’ अभियान से निकले करीब सवा सौ खिलाड़ी एशियाई खेलों का हिस्सा बने, जिनमें से 36 खिलाड़ियों ने मेडल भी जीते। राज्य सरकार भी खेलों को बढावा देने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। हमने कुछ समय पूर्व राज्य के प्रतिभाशाली और उभरते हुए खिलाड़ियों के लिए खेल छात्रवृत्ति देने का निर्णय लिया था, इस योजना को प्रारंभ कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल के मैदान में भी उत्तराखंड अग्रणी राज्य बने और इसी के तहत राज्य में खेल और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन हेतु ’’नई खेल नीति’’ लाई गई है। खिलाड़ियों को जमीनी स्तर से खेल क्षेत्र में रूचि लाने हेतु 14 से 23 वर्ष तक के खिलाड़ियों को 2000 प्रति माह छात्रवृत्ति एवं 10 हजार रुपए प्रति वर्ष खेल के सामान आदि खरीदने हेतु ’’मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना’’ के तहत धनराशि उपलब्ध कराई जा रही है। इसके साथ ही ’’मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना’’ में 08 से 14 वर्ष के उभरते खिलाड़ियों को 1500 रूपये प्रतिमाह की खेल छात्रवृत्ति दी जा रही है। खिलाड़ियों को नियमानुसार त्वरित वित्तीय लाभ दिये जाने हेतु ’’मुख्यमंत्री खेल विकास निधि’’ की स्थापना की गयी है।

उन्होंने कहा कि राज्य में खिलाड़ियों को प्रतियोगिता एवं प्रशिक्षण शिविरों में एवं यात्रा के दौरान दुर्घटना होने पर आर्थिक सहायता की व्यवस्था भी की है। ग्रामीण परिवेश के खिलाड़ियों के लिए ओपन जिम खोलने के लिए 10 करोड़ रूपये के बजट का प्रावधान किया है। प्रदेश सरकार विश्वविद्यालयों में व्यवसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु 5 प्रतिशत स्पोर्टस कोटा की व्यवस्था करने के लिये नियमावली बनाने जा रही है। इसके साथ ही निजी खेल क्षेत्रों के माध्यम से खेल अवस्थापना सुविधाओं के निर्माण हेतु अनुदान दिये जाने की भी व्यवस्था की गई है।

उन्होंने कहा कि राज्य के अन्तर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न सेवायोजन प्रदान किये जाने की व्यवस्था की गयी है, जिसे लागू किये जाने की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है। राज्याधीन सेवाओं में सेवायोजन के लिए 4 प्रतिशत खेल कोटे को पुनः लागू किये जाने की कार्यवाही भी अंतिम चरण में है। उन्होंने खिलाडियों से अपेक्षा की कि वे दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ मेहनत करें, राज्य सरकार उनके साथ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सफलता का एक ही मूल मंत्र है ’’विकल्प रहित संकल्प’’ खिलाड़ी अपना लक्ष्य निर्धारित करें और उस लक्ष्य को पाने के लिए जी जान से जुट जाएं, जिस भी क्षेत्र में जाएं, उस क्षेत्र में श्रेष्ठ प्रदर्शन करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम प्रधानमंत्री मोदी की अपेक्षा के अनुरुप उत्तराखण्ड को प्रत्येक क्षेत्र में आदर्श राज्य बनाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। इस कार्य में उन्होंने सभी से सहयोग की भी अपेक्षा की।
इस अवसर पर खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि राज्य में खेलों के विकास हेतु मुख्यमंत्री बेहद गंभीर है। उनके द्वारा युवा खिलाडियों को प्रोत्साहित करने हेतु विभिन्न योजनाएं प्रारंभ की गई हैं। खेल मंत्री ने कहा कि हाल ही में मुख्यमंत्री द्वारा लोहाघाट में गर्ल्स स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना को संस्तुति प्रदान की गई है। खिलाड़ियों के भोजन भत्ते में भी ऐतिहासिक वृद्धि की गई है। उन्होंने खिलाड़ियों का आह्वान किया कि उत्तराखंड में होने वाले 38वें राष्ट्रीय खेलों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें।

इस अवसर पर रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ, विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा, निदेशक खेल जितेंद्र कुमार सोनकर, उत्तराखंड ओलंपिक एसोसिएशन के महासचिव डी. के. सिंह आदि उपस्थित थे।

नगर के प्रमुख स्थल में तिरंगा स्थापित होने से बढ़ेगी राष्ट्रीयता की भावनाः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्मार्ट सिटी परियोजना के अन्तर्गत दिलाराम बाजार में स्थापित 100 फीट ऊंचे राष्ट्रीय ध्वज स्मारक का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि शहर के प्रमुख स्थल पर राष्ट्रीय ध्वज स्थापित होने से आम जनता में देश प्रेम और राष्ट्रीयता की भावना का और तेजी से प्रसार होगा।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, डा. प्रेम चन्द अग्रवाल, सुबोध उनियाल, विधायक खजानदास, जिलाधिकारी देहरादून सोनिका, एसएसपी अजय सिंह, अपर नगर आयुक्त वीर सिंह बुदियाल उपस्थित थे।

डेस्टिनेशन उत्तराखण्ड एनर्जी कॉन्क्लेवः 40 हजार करोड़ से अधिक के एमओयू सीएम की मौजूदगी में हुए

डेस्टिनेशन उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के तहत सचिवालय में आयोजित उत्तराखण्ड एनर्जी कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थित में 40 हजार 4 सौ 23 करोड़ के एमओयू हस्ताक्षरित किये गये। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में ऊर्जा के क्षेत्र में कार्य करने के लिए अपार संभावनाएं हैं। उत्तराखण्ड राज्य की अवधारणा में ऊर्जा सेक्टर का महत्वपूर्ण योगदान था। उन्होंने कहा कि राज्य में निवेश बढ़ाने के लिए राज्य सरकार द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। औद्योगिक जगत से जुड़े लोगों के सुझावों के आधार पर 27 नई नीतियां बनाई गई हैं और अनेक नीतियों को सरल बनाया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 08 और 09 दिसम्बर 2023 को एफआरआई में डेस्टिनेशन उत्तराखण्ड, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया जा रहा है। जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का राज्य को लगातार मार्गदर्शन मिल रहा है। उनके वाइब्रेंट गुजरात की प्रेरणा से ही प्रदेश में डेस्टिनेशन उत्तराखण्ड पर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि आज कॉन्क्लेव में प्राप्त सभी सुझावों पर गंभीरता से अमल किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी जिलाधिकारियों और एसएसपी को भी निर्देश दिये गये हैं, कि औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े लोगों के साथ समय-समय पर बैठक की जाए और उनकी समस्याओं का उचित समाधान भी निकाला जाए। उन्होंने कहा कि राज्य में उद्योग स्थापित करने वाले लोगों के साथ राज्य सरकार सहयोगी के रूप में कार्य करेगी। उन्होंने कॉन्क्लेव में आये सभी लोगों को इन्वेस्टर्स समिट के लिए भी आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड में कार्य करने की अनेक संभावनाएं हैं, सबको संभावनाओं का सदुपयोग करना है।

अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि राज्य में ऊर्जा के क्षेत्र में कार्य करने की काफी संभावनाएं हैं, इसके लिए तीनों निगमों को एकजुटता से कार्य करने हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में निवेश बढ़ने से स्थानीय लोगों के रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि ऊर्जा के क्षेत्र में राज्य में निवेश करने वालों के लिए हर संभव मदद मिल सके, इसके लिए नियमित समीक्षा बैठकें की जायेंगी।

सचिव ऊर्जा डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम ने कहा कि उत्तराखण्ड को ऊर्जा आत्मनिर्भर राज्य बनाने की दिशा में निरन्तर प्रयास हो रहे हैं। जल विद्युत परियोजनाओं के माध्यम से निवेश एवं रोजगार को प्रोत्साहन दिये जाने के उद्देश्य से राज्य में जल विद्युत नीति लागू की गई है। उन्होंने कहा कि निवेश से संबंधित सभी क्षेत्रों में कार्य करने के लिए ऊर्जा का बहुत महत्व है। राज्य में नई सौर ऊर्जा नीति भी लागू की गई है।

अपर सचिव ऊर्जा रंजना राजगुरू ने कहा कि राज्य में हरित ऊर्जा के विकास एवं कार्बन उत्सर्जन में कमी लाये जाने के उद्देश्य से सौर ऊर्जा नीति बनाई गई है, जिसमें वर्ष 2027 तक 2500 मेगावाट सौर परियोजनाओं का लक्ष्य निर्धारित है। नीति में भूमि उपयोग परिवर्तन शुल्क में छूट, एम०एस०एम०ई० नीतियों के लाभ, ऑफ पीक आवर्स के दौरान अतिरिक्त उत्पादन में डीम्ड परचेज का प्राविधान, हरित टैरिफ की शुरूआत और अन्य सुविधाएं दी गई हैं।

इस अवसर पर प्रबंध निदेशक यूजेवीएन लि. संदीप सिंघल, प्रबंध निदेशक यूपीसीएल अनिल कुमार, प्रबंध निदेशक पिटकुल पी.सी. ध्यानी एवं उर्जा क्षेत्र से जुड़े निवेशक थे।

तीन राज्यों की जीत से गदगद हुए भाजपाई, की आतिशबाजी, बांटी मिठाई

क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी की रिकॉर्ड मतों से जीत होने पर खुशी का इजहार किया। इस दौरान डॉ अग्रवाल ने कार्यकर्ताओं के साथ आतिशबाजी कर व मिष्ठान खिलाकर एक दूसरे को बधाई दी।

रायवाला मुख्य मार्ग पर आतिशबाजी कर मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के कार्यों को जनता ने सदैव सराहा है। कहा कि श्री मोदी जी सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास की भावना से कार्य करते हैं। इसी क्रम में मध्य प्रदेश में भी सीएम श्री शिवराज सिंह चौहान जी की अगुवाई में कार्य किये गये। कहा कि मध्यप्रदेश में सुशासन और विकास कार्याे की जीत हुई है।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने अपने कार्यों के बलबूते छत्तीसगढ़ और राजस्थान में मिथक तोड़ने का काम किया है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की जीत के लिए कार्यकर्ताओं ने जी तोड़ मेहनत की।

इस मौके पर डॉ अग्रवाल ने केंद्र की मोदी सरकार और सभी कार्यकर्ताओं को बधाई दी। इस मौके पर जिला कोषाध्यक्ष राहुल अग्रवाल, जिला मंत्री गणेश रावत, जिला योजना समिति सदस्य राजेश जुगलान, युवा मोर्चा मण्डल अध्यक्ष रायवाला सागर गिरी, बीना बंगवाल, कमल कुमार, बबिता कमल, कमलेश भंडारी, आशीष जोशी, नवीन चमोली, मोहित नोटियाल, लक्ष्मी गुरुंग, दिव्या बेलवाल, बबिता रावत सहित सैकड़ों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने जांची इन्वेस्टर समिट को लेकर किये जा रहे सड़क निर्मााण की गुणवत्ता

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली से लौटते ही जौलीग्रांट से एफ.आर.आई सड़क निर्माण कार्यों एवं सौन्दर्यीकरण के कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। 08 और 09 दिसम्बर को एफ.आर.आई, देहरादून में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट ‘ डेस्टिनेशन उत्तराखण्ड’ की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री ने आयोजन स्थल का भी निरीक्षण किया।

मुख्यमंत्री ने एफ.आर.आई. में आयोजन स्थल के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि आयोजन से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य स्तरीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के उद्घाटन के लिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को आमंत्रित किया गया है। उन्होंने निर्देश दिये कि इस आयोजन को भव्य बनाने के लिए सभी संबंधित विभाग अपने स्तर से समय पर सभी तैयारियां पूर्ण कर लें। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समिट राज्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। अभी तक आयोजित विभिन्न रोड शो में लगभग ढ़ाई लाख करोड़ के करार हो चुके हैं। करारों की ग्राउंडिंग की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन निवेश प्रस्तावों में रोजगार की संभावनाएं अधिक हैं, राज्य सरकार द्वारा ऐसे निवेश प्रस्तावों को शीर्ष प्राथमिकता दी जा रही है। राज्य के युवाओं को राज्य में अधिक से अधिक रोजगार के अवसर प्राप्त हों, इस दिशा में राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं।

जौलीग्रांट से एफ.आर.आई तक सड़क एवं सौन्दर्यीकरण के कार्यों के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्थानीय लोगों और दुकानदारों से कार्यों का फीडबैक भी लिया। सड़क निर्माण कार्यों की तेज गति और बेहतर सौन्दर्यीकरण के कार्य होने पर स्थानीय लोगों और दुकानदारों ने मुख्यमंत्री का आभार भी व्यक्त किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सौन्दर्यीकरण के कार्यों में लगे श्रमिकों से भेंट कर उनका हौसला भी बढ़ाया। मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि अवशेष कार्य भी जल्द पूर्ण किये जाएं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट ‘डेस्टिनेशन उत्तराखण्ड’ के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का पूरा मार्गदर्शन मिल रहा है। उनके वाइब्रेंट गुजरात से प्रेरणा लेकर राज्य में डेस्टिनेशन उत्तराखण्ड को आगे बढ़या जा रहा है। इस इन्वेस्टर्स से राज्य में निवेश बढ़ेगा, राज्य की आर्थिकी बढ़ेगी और राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

इस अवसर पर सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, सचिव एवं आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय, जिलाधिकारी देहरादून सोनिका, उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी, एस.एस.पी. देहरादून अजय सिंह, जिला प्रशासन के अधिकारी एवं संबंधित कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारी उपस्थित थे।

मंत्री अग्रवाल ने एमडीडीए के निर्माण कार्यों का किया औचक निरीक्षण

शहरी विकास मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के अंतर्गत अपने विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान स्मार्ट सिटी के कार्यों की भी जानकारी ली। मौके पर डॉ अग्रवाल ने निर्माण कार्यों में तेजी लाने व गुणवत्ता के साथ करने के निर्देश दिए।

मंत्री डॉक्टर अग्रवाल ने आराघर चौक तिराहा पर दिसम्बर माह के 08 व 09 दिसम्बर को होने जा रहे ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के तहत किए जा रहे सौंदर्य करण के कार्यों का जायजा लिया।

डॉ अग्रवाल ने बताया कि ग्लोबल इन्वेस्टर समिति के तहत हवाई पट्टी से लेकर भनियावाला, डोईवाला सहित कुल 15 सड़कों का सौंदर्यकरण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इसके अंतर्गत फ़साड़ योजना, दीवारों पर पेंटिंग, बोर्ड तथा डिवाइडर सौंदर्य करण का कार्य गतिमान है। डॉ अग्रवाल ने बताया कि यह समस्त कार्य 78 करोड रुपए से मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण द्वारा किया जा रहा है।

डॉ अग्रवाल ने मौके पर मौजूद प्राधिकरण के अधिकारियों तथा स्मार्ट सिटी के अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए तथा गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए।

इस मौके पर सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया, मुख्य उद्यान अधिकारी एआर जोशी, अधिशासी अभियंता प्रवीण कुश, जगमोहन सिंह, जनसंपर्क अधिकारी स्मार्ट सिटी प्रेरणा ध्यानी आदि उपस्थित रहे।

जेपी नड्डा और बलूनी के जन्मदिन पर किया गंगा में दुग्धाभिषेक

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा और राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनिल बलूनी जी का भाजपा कार्यकर्ताओं ने क्षेत्रीय विधायक व कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल की मौजूदगी में जन्मदिन मनाया। इस मौके पर माँ गंगा में दुग्धाभिषेक कर उनके दीर्घायु जीवन की कामना की गई। साथ ही मिष्ठान खिलाकर एक-दूसरे को बधाई दी गयी।

साईं घाट स्थित गंगा तट पर एकत्र कार्यकताओं को सम्बोधित कर मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा जी के कुशल और प्रेरक नेतृत्व में पार्टी निरंतर नई ऊंचाइयों को छू रही है। वह कार्यकर्ताओं से मिलकर उनकी राय लेते है, यही उनकी खासियत है।

डॉ अग्रवाल ने राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी श्री अनिल बलूनी जी को भी जन्मदिन पर बधाई दी। कहा कि अनिल बलूनी जी का मार्गदर्शन सदैव उत्तराखंड को मिलता है, उनका मार्गदर्शन से राज्य को अनेक सौगातें मिली हैं।

इस मौके पर मंत्री डॉ अग्रवाल ने माँ गंगा से श्री नड्डा और श्री बलूनी जी के सदा स्वस्थ और दीर्घायु रहने की भी कामना की। इस मौके पर जिलाध्यक्ष रविन्द्र राणा, मंडल अध्यक्ष सुमित पंवार सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने भी अपने विचार रखे।

इस अवसर पर जिला अध्यक्ष रविंद्र राणा, मंडल अध्यक्ष सुमित पंवार, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष कविता शाह, मडल अध्यक्ष महिला मोर्चा माधवी गुप्ता, मण्डल महामंत्री पवन शर्मा, जिला उपाध्यक्ष दिनेश सती, जितेंद्र अग्रवाल, मनोज ध्यानी, चेतन शर्मा, राधे जाटव, अनिल ध्यानी, मेजर गोविंद सिंह रावत, रमेश अरोड़ा, दीपक बिष्ट, राजपाल ठाकुर, पार्षद प्रदीप कोहली, पूर्व पालिका अध्यक्ष शम्भू पासवान, विनोद भट्ट, रूपेश गुप्ता, जिला कार्यालय प्रभारी देवदत्त शर्मा, भावना किशोर गौड़, सुरेंद्र कक्कड़, सुधा असवाल, रीता गुप्ता, राजबाला पाल, गुड्डी कालूड़ा, निवेदिता सरकार, आशा शुक्ला, रुचि जैन, संगीता, रेखा चौबे, अभिनव पाल, राकेश पाल, गोपाल सती, रंजन अंथवाल, शशि मिश्रा, अविनाश भारद्वाज, मोहित, रोशन, कृष्णा, रवि, माहिर रवि कुमार आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

निवेश के नजरिए से उत्तराखंड सर्वाधिक मुफीदः धामी

8-9 दिसंबर को देहरादून में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दृष्टिगत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज एक होटल में आयोजित सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स मीट को संबोधित किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी इंफ्लुएंसर्स का स्वागत करते हुए कहा कि वर्तमान परिपेक्ष्य में आप सबकी बड़ी भूमिका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड तेजी से एक उभरता हुआ डेस्टिनेशन देश-दुनिया के लोगों के लिए बन रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे यहां चारधामों से लेकर अनेक देवस्थान हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून व्यवस्था के लिहाज से उत्तराखंड देश के सबसे सुरक्षित राज्यों में से एक है और निवेश के लिए सर्वाधिक मुफीद है। उन्होंने कहा कि इन्वेस्टर्स समिट को लेकर हम देश व विदेश में कई स्थानों पर गए जहां से बहुत अच्छा रिस्पांस इसे लेकर मिला है। अब तक 2 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव पर हस्ताक्षर हो चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का ज्यादा से ज्यादा फोकस रोजगार सृजन पर है। इसी के मद्देनजर आगामी 8-9 दिसंबर को देहरादून में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन्वेस्टर्स समिट में अभी लगभग एक सप्ताह का समय हैं। उन्होंने सभी का आह्वान किया कि अपने माध्यम से वे देश-दुनिया में इस आयोजन का प्रचार प्रसार करें ताकि डेस्टिनेशन उत्तराखंड, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट सब जगह ट्रेंड हो जाए। उन्होंने कहा कि आप सभी लोग पूरे मनोयोग के साथ यहां आए हैं और शायद यह प्रभु ने ही तय किया होगा कि आप सभी लोग यहां आएं। उन्होंने कहा कि मेरा ऐसा मानना है कि इस दुनिया में जो कुछ होता है वह प्रभु की इच्छा से होता है और किसी न किसी माध्यम से हम सब जुड़ जाते हैं। उन्होंने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप लोग उत्तराखंड की बात, उत्तराखंड की विशेषता को प्रमुखता से रखेंगे। यहां की तमाम विशेषताएं आप सभी के माध्यम से दुनिया को पता लगेगी।

इससे पहले सभी इंफ्लुएंसर्स के साथ मुख्यमंत्री का एक इंटरैक्टिव सेशन भी रखा गया जिसमें मुख्यमंत्री ने सभी इंफ्लुएंसर्स के सवालों के एक-एक कर जवाब दिए।

इस मीट में सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स अमित भड़ाना सहित प्रीती गांधी, रवि भदौरिया, अरविंद अरोड़ा, अनुभव दुबे, ऋषि बागरी, गौरव ठाकुर, अभिजीत जमलोकी, संदीप गुंसाईं, रोशन सिन्हा, मधुसूदन पाटीदार, प्रकाश भारद्वाज, सौरभ रावत, गौतम खट्टर, प्रशांत उमराव, रमेश सोलंकी, किरण कुमार, निखिल चतुर्वेदी, आरुषि, आदि ने प्रतिभाग किया।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव शैलेश बगोली, सचिव विनय शंकर पांडेय, सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी उपस्थित रहे।

आपदा के प्रभाव को कम करने को लेकर विशेषज्ञ और वैज्ञानिकों का मंथन जारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देर शाम इस वैश्विक सम्मेलन में पहुंच कर दुनिया भर से आये विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों से मुलाकात की। ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के सिल्वर जुबली कनवेंशन सेंटर में आयोजित इस चार दिवसीय विश्व स्तरीय सम्मेलन में आज का प्रथम सत्र काफी महत्वपूर्ण रहा। आपदा प्रबंधन पर विश्व स्तर के सबसे बड़े सम्मेलनों में से एक छठे विश्व आपदा प्रबंधन सम्मेलन के इस सत्र में हिमालय में लचीलापन और सतत विकास पर वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञ ने विचार व्यक्त किए। वहीं, द्वितीय सत्र में देश के विभिन्न राज्यों, जो कि आपदा ग्रसित होते रहते हैं, को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की गई तथा साथ ही वैश्विक स्तर तक क्षमता निर्माण पर विशेषज्ञों ने विशेष रूप से अनुभव और विचार साझा किए। अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में तकनीकी सत्र भी रखे गए, इनमें क्षमता निर्माण को वैश्विक रणनीति का हिस्सा बताया गया।
विशेषज्ञों ने कहा कि शोध हमारे लिए जितने महत्वपूर्ण हैं और उनका कार्यान्वयन भी उतना ही अहम है। वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने विषम हालात में परिस्थितियों से खुद को बचाने, हिमालय क्षेत्र में विकास के महत्व को समझने, एकीकृत तरीके से ग्लेशियर के प्रभाव, उनके विभिन्न पहलुओं को समझ कर कदम उठाने चाहिए, जैसे अहम तरीन सवालों के जवाब भी सुझाये। इस महासम्मेलन में आपदाओं से निपटने की तैयारी पहले से करने को क्षति कम करने के लिए बहुत प्रभावी बताया गया।
टेक्निकल सत्र में विरासत और जलवायु के लिए नेट शून्य, सामुदायिक स्वास्थ्य, लचीलापन और तैयारियों पर पैनल चर्चा के साथ ही टर्की, सीरिया, मोरक्को, अफगानिस्तान, नेपाल और हैती के आपदा क्षेत्रों में मियामोटो के अनुभव से सबक लेने, ताप कार्य योजना, मानवीय सहायता और आपदा राहत में भारतीय सशस्त्र बलों की भूमिका, पर्वतीय पारिस्थितिकी तंत्र में स्थायी प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन के लिए जलवायु, लचीली प्रौद्योगिकियों, जलवायु परिवर्तन से प्रेरित आपदाओं के प्रभाव को कम करने के लिए प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर मंथन किया गया।
सम्मेलन में आज तीसरे दिन के प्रथम सत्र की अध्यक्षता करते हुए डॉ. पेमा ग्याम्त्शो (आईसीआईएमओडी, नेपाल) ने कहा कि पहाड़ सुलभ हैं और वे हमें देश की सामाजिक अर्थव्यवस्था को बढ़ाने की सीमांतता और नाजुकता के बारे में भी बताते हैं और भविष्य में होने वाली भिन्न-भिन्न आपदाओं को और करीब से समझ कर उसका समाधान करने की महत्ता और तीव्रता का अहसास कराते हैं।
सत्र के मुख्य अतिथि विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने कहा कि स्थिरता और विकास हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण पहलू हैं। हमने समय-समय पर कई खतरों और वातावरण की विकट एवं विपरीत परिस्थितियों का अनुभव किया है। उन्होंने पिछले दिनों हुई जोशीमठ की प्राकृतिक आपदा का हवाला देते हुए कहा कि इस आपदा ने न सिर्फ वहां के लोगों को भारी नुकसान पहुंचाया है, बल्कि आर्थिक रूप से भी क्षति का सामना हमें करना पड़ा है। यह हमारे लिए वास्तव में एक गंभीर घटना है और सबको ऐसी घटनाओं के प्रति पूर्ण रूप से जागरूक तथा सजग होना होगा।
विकास नगर क्षेत्र के विधायक चौहान ने जागरूकता एवं गंभीरता के लिए शिक्षा को काफी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह तभी संभव है जब हम अपने कर्तव्यों के लिए पूरी तरह से संवेदनशील होंगे। कार्यक्रम में अन्य कई विशेषज्ञ वक्ताओं ने भी विचार व्यक्त किए। प्रो. मार्कस मार्टिन नुसर (भूगोल विभाग, दक्षिण एशिया संस्थान, हीडलबर्ग विश्वविद्यालय, जर्मनी) ने कहा कि विश्व भर में जगह-जगह ग्लेशियर पिघलना भारी खतरे का आभास हम सभी को करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्लेशियर पीछे हटने के कारण झील क्षेत्र में भारी वृद्धि हुई हुई है। उन्होंने 2014 में ग्या के ग्रामीणों के बारे में भी बताया। 30 साल पहले बिना बारिश के एक छोटी सी बाढ़ आई थी, जिससे मैदानी क्षेत्रों को बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ था। उन्होंने कहा कि 2014 के आसपास झील में वृद्धि देखी और फिर 2019 में एक बड़ी वृद्धि देखी गई, बाद में यह स्वीकार किया गया कि क्रायोस्फीयर खतरों की बढ़ती संभावना पर सूक्ष्म दृष्टि करने की आवश्यकता है। स्थानीय आपदा जागरूकता और तैयारी अभियानों को कुशल और विश्वसनीय प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली और स्थानीय पर्यावरण ज्ञान और अनुभव के एकीकरण के साथ-साथ तकनीकी निगरानी उपायों (सेंसर और कैमरों की स्थापना) को साइट-विशिष्ट भूमि उपयोग योजना और पर्याप्त अनुकूलन रणनीतियों के साथ जोड़ा जाना चाहिए। आपदा, अपरिहार्य का प्रबंधन, शहरीकरण प्रक्रियाओं और नए बुनियादी ढांचे के विकास से आम तौर पर बाढ़ से संभावित नुकसान और क्षति बढ़ जाती है यहां तक कि छोटे गोल्फ भी स्थानीय आजीविका के लिए संभावित रूप से हानिकारक हैं। यूकोस्ट के महानिदेशक डॉ दुर्गेश पंत ने आपदाओं से निपटने के लिए सतत प्रयासों और पहले से रणनीति बनाने की जरूरत बताई।
वक्ता डॉ. गौहर मेराज (जेएसपीएस पोस्ट-डॉक्टर फेलो, टोक्यो विश्वविद्यालय, जापान) ने कहा कि कुशन आपदा प्रबंधन के लिए कारण को समझना, प्रबंधन के लिए रणनीति तैयार रखना शामिल है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन में एक शोधकर्ता होने के नाते कुछ कर्तव्य हैं जिनका पालन करना चाहिए। हमारे सामने व्यवहारिक समाधान, पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं का मूल्यांकन व्यावहारिक विकल्प हैं। सम्मेलन की तीसरी शाम पर्यावरण की सुरक्षा की शपथ दिलाई गई।