अक्टूबर अंत तक लोनिवि कार्यों का पूर्ण करें निर्माणः अग्रवाल

कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने राज्य योजना के अंतर्गत हरिद्वार रोड पर आराघर से रिस्पना पुल तक मार्ग में ऐज से ऐज चौड़ीकरण, नाली एवं फुटपाथ निर्माण कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान अधूरे निर्माण कार्य में जमा पानी पर डेंगू का लार्वा जमा होने की आशंका जताते हुए मंत्री डॉ अग्रवाल ने नाराजगी जताई। साथ ही निर्माण कार्य को इसी माह के अंत तक पूर्ण करने के निर्देश दिए।

मंत्री डॉ अग्रवाल ने 1.61 किमी लंबाई पर 978.14 लाख रुपए की लागत से किये जा रहे निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि 111 विद्युत पोलों के सापेक्ष 98 पोल अभी तक शिफ्ट किया जा चुके हैं। बताया कि 93 पोलों पर विद्युत लाइन शिफ्ट की जा चुकी है तथा शेष में कार्य गतिमान है।

उन्होंने बताया कि कर ट्रांसफार्मर शिफ्ट किया जा चुके हैं, जबकि 33 वृक्षों के सापेक्ष 33 वृक्षों का ट्रांसप्लांटपूर्ण किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि मार्ग के दोनों ओर 1610 मीटर लंबाई में पानी की लाइन शिफ्टिंग के सापेक्ष पूर्ण लंबाई में पानी की लाइन शिफ्ट कर दी गई है।

उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान पाया कि अधूरे पड़े निर्माण कार्यों में पानी जमा होने से डेंगू के लार्वा के पनपना की आशंका है। उन्होंने निर्देशित कर कहा कि तुरंत इनकी सफाई की जाए। साथ ही नालों में पड़े केबिल और गंदगी के लिए भी निर्देशित किया।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि इन दिनों डेंगू, टाइफाइड जैसी खतरनाक बीमारियां पनप रही है। इसके चलते हुए साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि हर हालत में निर्माण कार्य इसी माह के अंत तक पूर्ण किया जाए।

इस मौके पर अधीक्षण अभियंता नवावृत लोनिवि अनिल पांगती, अधिशासी अभियंता धीरेंद्र कुमार, सहायक अभियंता सन्दीप सेमवाल, अपर सहायक अभियंता संतोष आदि कर्मचारी उपस्थित रहे।

एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय के चौथे राष्ट्रीय सांस्कृति उत्सव का हुआ रंगारंग आगाज

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महाराणा प्रताप स्पोर्टस कॉलेज रायपुर में आयोजित एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय के चौथे राष्ट्रीय सांस्कृतिक उत्सव 2023 में प्रतिभाग किया। नेशनल एजुकेशन सोसायटी फॉर ट्राइबल स्टूडेन्ट तथा स्टेट एकलव्य विद्यालय संगठन समिति उत्तराखण्ड द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में देश के 22 राज्यों से आए एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (ईएमआरएस) के छात्र एवं शिक्षकों द्वारा प्रतिभाग किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न राज्यों से आये छात्रों की उपस्थिति में यह उत्सव भारत की विविधता में सांस्कृतिक एकता का जश्न मनाने का एक मंच बन गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह चार दिवसीय आयोजन ईएमआरएस में शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों के सर्वांगीण विकास को गति देने के साथ एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना के अनुरूप है, जो निरंतर सांस्कृतिक जुड़ाव को बढ़ावा देगा, और समृद्ध भारत की सांस्कृतिक परंपराओं और विरासत को राष्ट्रीय एकीकरण के माध्यम से विविधता में एकता की मिशाल बनेगा। उन्होंने कहा कि यह अवसर वास्तव में छात्रों के बीच उत्साह की भावना, सांस्कृतिक जुड़ाव और विभिन्न राज्यों से आने वाले छात्रों के बीच राष्ट्रीय एकता के भाव को भी मजबूत करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड में मुख्य रूप से पांच प्रकार की जनजातियाँ निवास करती हैं। उनकी भौगोलिक, आर्थिक तथा ऐतिहासिक स्थितियाँ लगभग समान है। उन्होंने स्वयं जीवन का एक महत्वपूर्ण कालखंड थारू जनजाति के बीच में बिताया है। उन्होंने कहा कि जनजाति समुदाय के पंडित नैन सिंह रावत के जीवन की शुरुआत भी एक महान सर्वेयर के रूप में इसी देवभूमि से हुई है, जिन्होंने तिब्बत की यात्रा के दौरान अपने कदमों की नाप से दुनिया को बताया कि ल्हासा की समुद्र तल से ऊंचाई कितनी है साथ ही दुनिया को तिब्बत के कई अनदेखे और अनसुलझे रहस्यों से भी रूबरू कराया तथा तिब्बत के नक्शे को दुनिया के सामने रखा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विगत 09 वर्षों के कार्यकाल में देश में अनुसूचित जनजातियों का समेकित सामाजिक-आर्थिक विकास हुआ है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने आज़ादी के इस अमृतकाल में भारत की जनजातीय परम्पराओं एवं शौर्य गाथाओं को भव्य पहचान दिलाई है। जनजातीय समाज के अस्तित्व, अस्मिता और आत्मनिर्भरता का सपना साकार किया है।
मुख्यमंत्री ने सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में एक अतिरिक्त एकलव्य विद्यालय की स्थापना हेतु केन्द्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री अर्जुन मुंडा से अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा अनुसूचित जनजातियों के कल्याण एवं उनके जीवन स्तर में सुधार को उच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इनका आर्थिक, सामाजिक एवं शैक्षिक उत्थान और सर्वांगीण विकास कर उन्हें समाज के मुख्य धारा से जोड़ा जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में चार एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, कालसी, मेहरावना, बाजपुर व खटीमा में संचालित है। प्रतियोगी परीक्षा पूर्व कोचिंग की निःशुल्क व्यवस्था के साथ युवक-युवतियों को प्रतिमाह छात्रवृत्ति भी प्रदान की जा रही है। अनुसूचित जनजाति की पुत्रियों की शादी हेतु 50 हजार का अनुदान प्रदान किया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा जनजातीय संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्द्धन हेतु प्रतिवर्ष राज्य जनजाति महोत्सव तथा खेल महोत्सव आयोजित किये जाने का निर्णय लिया गया है। जनजातीय शोध संस्थान के लिये 01 करोड के कार्पस फण्ड की भी व्यवस्था राज्य सरकार द्वारा की गई है। केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री अर्जुन मुंडा एवं कैबिनेट मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने भी इस आयोजन में अपने विचार रखे।
उन्होंने कहा कि राज्य में जनजातीय छात्रों को शिक्षा के प्रति प्रेरित करने हेतु उन्हें प्राइमरी से स्नातकोत्तर स्तर तक छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। शैक्षिक उत्थान एवं विकास हेतु वर्तमान में 16 राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है, शैक्षिक विकास हेतु धारचूला, गोपेश्वर, काशीपुर, खटीमा एवं धनपौ (चकराता) में छात्रावास संचालित है, अनुसूचित जनजाति के शिक्षित बेरोजगार युवक/युवतियों को तकनीकी शिक्षा हेतु प्रदेश में 03 आई.टी.आई. का संचालन किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि गत वर्ष कर्नाटक में आयोजित ईएमआरएस राष्ट्रीय सांस्कृतिक उत्सव के तीसरे संस्करण में, देवभूमि के जनजातीय छात्रों की अद्वितीय प्रतिभा और क्षमताओं के बल पर उत्तराखण्ड राज्य समग्र श्रेणी में प्रथम स्थान पर रहा। उन्होंने इस उत्सव के चौथे संस्करण में देवभूमि के छात्रों को सभी श्रेणियों में बेहतर प्रदर्शन की भी शुभकामना दी।
इस अवसर पर मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक उमेश शर्मा काउ, राजकुमार पोरी, निदेशक जनजाति निदेशालय संजय सिंह टोलिया, छात्र-छात्राओं सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

जेल विकास बोर्ड की पहली बैठक में कामगारों में श्रम नियोजित बंदियों के लिए अच्छी खबर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय में जेल विकास बोर्ड की पहली बैठक में कारागारों में श्रम में नियोजित बन्दियों के न्यूनतम मजदूरी दरों को बढ़ाने का निर्णय लिया गया। दैनिक पारिश्रमिक कुशल के लिए 67 रूपये से बढ़ाकर 85 रूपये, अर्द्धकुशल के लिए 52 रूपये से बढ़ाकर 65 रूपये और अकुशल के लिए 44 रूपये से बढ़ाकर 55 रूपये दिये जाने का निर्णय लिया गया। राज्य के सभी कारागारों में बेकरी यूनिट की स्थापना की जायेगी। 02 फरवरी 2023 को जिला कारागार देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा बेकरी यूनिट का शुभारंभ किया गया, इसके अच्छे परिणाम आने के बाद यह निर्णय लिया गया। बैठक में सम्पूर्णानन्द शिविर (खुली जेल) सितारगंज में अच्छी नस्ल की 10 गाय क्रय करने पर सहमति बनी। सम्पूर्णानन्द शिविर (खुली जेल) सितारगंज में शिविर की 05 बीघा भूमि पर विभिन्न प्रजाति के फलदार तथा औषधीय पौधों की पौधशाला की स्थापना के लिए बैठक में सहमति बनी। इसके लिए प्रशिक्षण, देखरेख एवं खरीद की सभी व्यवस्था उद्यान विभाग करेगा। इस पौधशाला केन्द्र से 50 से 60 बंदियों को श्रम पर नियोजित किया जा सकेगा।

बैठक में निर्णय लिया गया कि कारागारों में निरूद्ध बन्दियों के कौशल विकास के लिए कौशल विकास विभाग द्वारा प्रशिक्षण दिया जायेगा। बन्दियों की रूचि एवं योग्यता के अनुसार विद्युतकार, वेल्डर, कारपेन्टर, सिलाई, बढ़ई जैसे व्यवसायों का प्रशिक्षण दिया जायेगा। पहले चरण में 500 बन्दियों को प्रशिक्षित किये जाने का लक्ष्य रखा गया है। बन्दी वस्त्रों की धुलाई के लिए देहरादून और हरिद्वार कारागारों में लॉड्री मशीन की व्यवस्था की जायेगी। जिला कारागार, हरिद्वार में संचालित पावरलूम उद्योग का आधुनिकीकरण किया जायेगा। कारागारों में निर्मित उत्पादों की बिक्री के लिए यदि विभागों को उत्पाद की गुणवत्ता और कीमत सही लगती है, तो क्रय करने की अनुमति दी जायेगी। फर्नीचर उद्योग के लिए इमारती लकड़ी की खरीद के लिए वन निगम से वार्ता करने के निर्देश दिये गये। मुख्यमंत्री ने बैठक में सचिव न्याय को भी जेल विकास बोर्ड का सदस्य बनाने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि कारागारों में बन्दियों के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए रिक्त 11 चिकित्सकों के पदों की उपलब्धता के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जाय।

बैठक में मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, आनन्द बर्द्धन, सचिव विजय कुमार यादव, आईजी जेल बिमला गुंज्याल, एआईजी यंशवंत सिंह, अपर सचिव स्वास्थ्य अमनदीप कौर, अपर सचिव गृह अतर सिंह एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

विश्व आपदा प्रबंधन सम्मेलन के पद्म विभूषित अमिताभ बच्चन होंगे ब्रांड एंबेसडरः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय, देहरादून स्थित मीडिया सेंटर में 6वाँ वैश्विक आपदा प्रबंधन सम्मेलन के सम्बन्ध में प्रेस वार्ता की। इस दौरान वैश्विक आपदा प्रबंधन सम्मेलन के लिए अमिताभ बच्चन के वीडियो संदेश का प्रसारण भी किया गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा 6 वाँ विश्व आपदा प्रबंधन सम्मेलन दिनांक 28 नवंबर से 01 दिसंबर 2023 तक देहरादून में उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, डी.एम.आई.सी.एस. हैदराबाद तथा उत्तराखण्ड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यू कॉस्ट) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन, परमाणु ऊर्जा आयोग के प्रमुखों, भारत सरकार के मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार के साथ ही विश्व के प्रमुख संस्थानों के प्रतिनिधियों, संयुक्त राष्ट्र संघ, देश-विदेश के जलवायु विशेषज्ञों को विशेष रूप से आमंत्रित किया जा रहा है। सम्मेलन में आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में देश एवं दुनिया भर के विशेषज्ञों के बीच मंथन होगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 6वें विश्व सम्मेलन का प्राथमिक उद्देश्य हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र और समुदायों पर ध्यान केंद्रित करते हुए जलवायु परिवर्तन और आपदा प्रतिरोध की चुनौतियों पर चर्चा करना एवं उनका समाधान करना है । इसके अतिरिक्त सम्मेलन का उद्देश्य उत्तराखण्ड को आपदा प्रतिरोधकता और तत्परता के लिए जलवायु अनुकूली समाधानों के केंद्र के रूप में विकसित करना है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वैश्विक आपदा प्रबन्धन सम्मेलन से आपदा प्रबन्धन की गंभीरता व विशेष रूप से उत्तराखण्ड राज्य और हिमालयी क्षेत्रों की आपदा से जुड़ी चुनौतियों के समाधान के लिए विश्व स्तर पर किये जा रहे चिन्तन व प्रयासों को गति मिलेगी। उन्होंने कहा जलवायु परिर्वतन और आपदा प्रतिरोध्यता अत्यंत महत्वपूर्ण विषय हैं और वर्तमान समय में भारतवर्ष एवं विशेष रूप से हिमालयी राज्यों में इनके महत्व को देखते हुए आपदा प्रबन्धन के वैश्विक सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि दिनांक 08-09 दिसम्बर को राज्य में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 का आयोजन किया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण सम्मेलन से ठीक पहले आयोजित आपदा प्रबंधन के वैश्विक सम्मेलन से उत्तराखण्ड राज्य में ‘सुरक्षित निवेश, सुदृढ उत्तराखण्ड’ का संदेश देश-विदेश में प्रसारित होगा। उन्होंने कहा राज्य सरकार इकोलॉजी एवं इकोनॉमी संतुलन बनाकर राज्य में विकास करेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सम्मेलन को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से राज्य भर में आपदा प्रबंधन के विशेष सत्रों का आयोजन सम्पूर्ण प्रदेश में विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालय, विश्वविद्यालय तथा राज्य में स्थित केन्द्रीय संस्थानों, जैसे- वाडिया, हिमालयी भू-विज्ञान, आई.आई.पी., आई.आई.आर.एस. जल संरक्षण इत्यादि में किया जायेगा। पूर्वाेत्तर राज्य सहित देश भर के संस्थानों में भी आपदा प्रबंधन पर पूर्व कार्यक्रम आयोजित किये जाने प्रस्तावित है। आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए कार्यशालाओं का आयोजन किया जायेगा ।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि सम्मेलन में 04 मुख्य सत्रों, 50 तकनीकी सत्रों, कई विशेष तकनीकी सत्रों में आपदा प्रबंधन से संबंधित विषयों पर विचार-विमर्श होगा। जिनमें मुख्यतः जलवायु परिवर्तन और आपदा प्रतिरोध्यता, पूर्व चेतावनी प्रणाली और प्रतिरोधकता तथा आपदा के पश्चात पुनर्वास और पुनर्निर्माण आदि शामिल हैं। इस सम्मेलन के माध्यम से सतत विकास लक्ष्यों (एस.डी.जी.) के साथ एकीकृत करके जलवायु परिवर्तन जनित चुनौतियों का बेहतर रूप से सामना करने में सहायता मिलेगी। जिससे प्रभावित समुदायों की प्रतिरोध्यता में सुधार होगा और प्रकृति की सुरक्षा के प्रति समुदाय अपने उत्तरदायित्वों का निर्वहन कर पाएंगे। आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में कार्यरत विभिन्न संस्थानों, शोध संस्थानों तथा स्टार्ट-अप द्वारा किये जा रहे शोध कार्यों एवं समाधानों के प्रदर्शन के लिए मैगा एक्सपो का आयोजन भी किया जायेगा। सम्मेलन में उत्कृष्ट शोध पत्र और युवा शोधार्थियों और प्रतिभागियों को अलग-अलग श्रेणियों में पुरस्कृत भी किया जायेगा ।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सम्मेलन में विश्व के विभिन्न देशों के विशेषज्ञों, विभिन्न राज्यों और केंद्र सरकार के प्रतिष्ठानों, राज्यों की विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषदों एवं विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं संस्थाओं के शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों, वैज्ञानिकों एवं नीति निर्धारकों के प्रतिभाग करने की संभावना है। उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यू.एस.डी.एम.ए) द्वारा इस सम्मेलन का कार्यान्वयन किया जायेगा। उत्तराखण्ड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यू – कॉस्ट) द्वारा सम्मेलन के वैज्ञानिक और तकनीकी विषयों का समन्वयन किया जायेगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत द्वारा जी-20 की सफल अध्यक्षता की गयी और नवम्बर माह इस वार्षिक अध्यक्षता का अन्तिम चरण है। इस जी-20 सम्मेलन में डिजास्टर रिस्क रिडक्शन (डी.आर.आर.) एक महत्वपूर्ण विषय के रूप में शामिल किया गया है। इस दृष्टि से नवम्बर माह के अंत में देहरादून में आयोजित होने वाला 6वाँ विश्व आपदा प्रबंधन सम्मेलन और भी महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि छठे विश्व सम्मेलन का उद्घाटन सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह एवं आपदा प्रबंधन मंत्री अमित शाह को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित के लिए अनुरोध किया जाएगा। पद्म विभूषित अमिताभ बच्चन सम्मेलन के ब्रांड एंबेसडर के रूप में सहभागी होंगे।

इस दौरान सचिव आपदा रंजीत सिन्हा, महानिदेशक यूकोस्ट प्रो. दुर्गेश पंत एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

प्रदेश के विकास में मील का पत्थर साबित होगी लंदन-बर्मिघम यात्रा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश को वर्ष 2025 तक देश के अग्रणी राज्यों में शुमार करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए उन्होंने रोडमैप तैयार किया है और उस पर तेजी से काम कर रहे हैं। ग्लोबल इंवेस्टर्स सम्मिट इस दिशा में एक बड़ा और कारगर कदम साबित होगा। हाल में मुख्यमंत्री ने तीन दिवसीय ब्रिटेन यात्रा की सफलता और 12500 करोड़ के निवेश करार से संकेत मिल रहे हैं कि निकट भविष्य में प्रदेश में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आर्थिकी भी मजबूत होगी। मुख्यमंत्री धामी का कहना है कि ब्रिटेन में मिले निवेश प्रस्तावों से सम्मिट की अवधारणा को बल मिला है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड निवेश के लिए सबसे सुरक्षित स्थान है।
धामी सरकार दिसम्बर में ग्लोबल इंवेस्टर सम्मिट का आयोजन कर रही है। इस सम्मिट में ढाई लाख करोड़ के निवेश करार करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार ने निवेश के लिए 6000 एकड़ का लैंड बैंक भी तैयार किया है। केंद्र द्वारा हाल में जारी एमएसएमई आंकड़ों के अनुुसार उत्तराखंड में मौजूदा समय में लघु, मध्यम और बड़े उद्योगों की संख्या 59026 है। इन उद्योगों में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर दस लाख से भी अधिक लोगों को रोजगार मिला है। धामी सरकार का फोकस है कि औद्योगिक इकाइयों में पांच लाख रोजगार सृजन हो। उत्तराखंड में अभी अधिकांश सर्विस इंडस्ट्रीज हैं। इसकी तुलना में मदर्स इंडस्ट्रीज यानी अंतिम उत्पादन उद्योग कम हैं। सीएम धामी का फोकस सर्विस के साथ ही मदर्स इंडस्ट्रीज को बढ़ावा देना भी है।
प्रदेश में वन संपदा के अलावा चूना पत्थर, रॉक फॉस्फेट, डोलोमाइट, मैग्नेसाइट, कॉपर ग्रेफाइट, सोप स्टोन, जिप्सम की उपलब्धता है। इसका दोहन करने से भी रोजगार और राजस्व की बढ़ोतरी हो सकती है। इसके अलावा फार्मा, मेडिकल डिवाइस, आटोमोबाइल, एरोमा के क्षेत्र में भी व्यापक संभावनाएं हैं। पर्यटन और साहसिक पर्यटन सेक्टर में भी अपार संभावनाएं हैं। आईटी सेक्टर के लिए प्रदेश में कनेक्टिविटी और मैनपावर दोनों ही उपलब्ध हैं।
प्रदेश सरकार अगले पांच वर्ष में एसजीडीपी को दोगुना करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। इस दिशा में धामी सरकार उत्तराखंड में विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे के साथ-साथ सुगम व्यवसायिक वातावरण तैयार करने के विजन को लेकर काम कर रही है.। राज्य में अलग-अलग क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देने के लिए विशेष नीतियां लागू करने के साथ ही आकर्षक वित्तीय प्रोत्साहन की व्यवस्था की गई है. इन नीतियों में प्रमुख रूप से पर्यटन नीति-2023, एमएसएमई नीति-2023, स्टार्टअप नीति-2023, लॉजिस्टिक्स नीति-2023, निजी औद्योगिक आस्थानों की स्थापना के लिए नीति-2023 शामिल हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ब्रिटेन यात्रा के दौरान अप्रवासी भारतीयों और वहां के निवेशकों को प्रदेश में उपलब्ध संसाधनों, सुविधाओं और कानून-व्यवस्था के बारे में विस्तृत जानकारी दी। मुख्यमंत्री धामी की ब्रिटेन यात्रा का एक अहम पहलू यह भी रहा है कि उन्होंने देश का पहला रोपवे मैन्युफैक्चरिंग पार्क विकसित किए की संभावनाएं तलाशने का भी काम किया। इसके लिए उन्होंने फ्रांस की पोमा ग्रुप को उत्तराखंड में संभावनाएं तलाशने का प्रस्ताव दिया है।
ब्रिटेन के तीन दिवसीय दौरे के दिन शिक्षा के क्षेत्र में सेंटर आफ एक्सीलेंस बनाने, पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अप्रवासी भारतीयों के साथ मंथन, ब्रिटेन से पर्यटकों की आवाजाही बढ़ाने के लिए कार्ययोजना, विंटर स्पोर्ट्स डेस्टिनेशन और अप्रवासी सेल बनाने की दिशा में भी अहम कार्य किये।
मुख्यमंत्री धामी ने जर्मनी के साथ भी तकनीक और कौशल विकास के लिए करार किये हैं। उत्तराखंड में श्रमशक्ति और संसाधन हैं यदि कौशल विकास होगा तो यहां रोजगार की अपार संभावनाएं भी विकसित होंगी। बहरहाल, सीएम की ब्रिटेन यात्रा के दौरान मिले निवेश प्रस्तावों से ग्लोबल इंवेस्टर्स सम्मिट 2023 के लिए मनोबल बढ़ा है और साथ ही यदि ब्रिटेन में किये गये निवेश प्रस्तावों पर अमल हो गया तो सीएम धामी की ब्रिटेन यात्रा उत्तराखंड के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी।

शहीद राज्य आंदोलनकारियों के सपने के अनुरूप राज्य के विकास के लिए सरकार प्रयासरत-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शहीद स्थल कचहरी में उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलनकारी शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलनकारियों के संघर्ष के परिणामस्वरूप ही हमें नया राज्य मिला। शहीद राज्य आन्दोलनकारियों के सपने के अनुरूप राज्य के विकास के लिए राज्य सरकार प्रयासरत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2 अक्टूबर 1994 को उत्तराखण्ड के अलग राज्य की प्राप्ति के लिए आंदोलन कर रहे हमारे नौजवान साथियों और माताओं-बहनों के साथ मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा में क्रूरता पूर्वक बर्ताव किया गया। अनेक आंदोलनकारियों की इसमें शहादत हुई। उनके संघर्षों और शहादत के कारण ही हमें नया राज्य मिला। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार राज्य आन्दोलनकारियों के कल्याण के लिए वचनबद्ध है।
इस अवसर पर मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक खजानदास, जिलाधिकारी देहरादून सोनिका उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी के जीवन पर डाला प्रकाश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर गांधी पार्क, देहरादून में उनकी मूर्ति पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांधी जी ने सत्य एवं अहिंसा के मार्ग पर चलने के लिए सबको प्रेरित किया। भारत को आजादी दिलाने के लिए उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि हमें अपने आचरण में अहिंसा का भाव जागृत करने के साथ ही मानवता के प्रति करूणा का भाव पैदा करना होगा। यही हमारी उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री का भी स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने जय जवान जय किसान का नारा दिया। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और पद्म विभूषण अटल बिहारी वाजपेयी ने इसमें जय विज्ञान को जोड़ा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसमें जय अनुसंधान जोड़कर नये भारत का नारा ‘जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान और जय अनुसंधान दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे देश में 17 सितम्बर से 02 अक्टूबर तक सेवा पखवाड़े के रूप में अनेक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक खजानदास भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री धामी ने दुनियाभर से निवेश उत्तराखंड लाने का लिया संकल्प

श्रीकृष्ण ने श्रीमद् गीता में कहा है कि ‘योगः कर्मसु कौशलम’। अर्थात फल की चिंता न करते हुए कर्मों को कुशलतापूर्वक करना ही योग है। इस सूत्रवाक्य को आत्मसात करते हुए उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दुनियाभर से उत्तराखण्ड में निवेश लाने का संकल्प लिया है। इसके लिए हाल ही में उन्होंने इंग्लैण्ड का दौरा किया। तीन दिवसीय दौरे का एक एक क्षण उन्होंने उत्तराखण्ड की ब्रांडिंग और वैश्विक निवेशकों को लुभाने के लिए समर्पित कर दिया। धामी ने इंग्लैण्ड में अपना ध्यान सिर्फ और सिर्फ अपने मकसद पर केन्द्रित रखा।

बीते 26 सितम्बर को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपनी टीम के साथ लंदन पहुंचे थे। लंदन पहुंचते ही उन्होंने सबसे पहले रोपवे ट्रांसपोर्ट के क्षेत्र में निवेश करने वाली अग्रणी कम्पनी पोमा के निदेशक मण्डल से वार्ता की कम्पनी को निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने बताया कि मौजूदा समय में भारत में उत्तराखण्ड निवेश के लिए किसी तरह सबसे मुफीद प्रदेश है। इसके तुरंत बाद मुख्यमंत्री धामी ने इण्डिया हाउस में टूरिज्म सेक्टर में निवेश करने वाली तमाम नामी कम्पनियों के साथ बैठक कर उन्हें करार के लिए राजी किया। भोजनावकाश के बाद धामी ने यूके पार्लियामेंट में कोबरा बियर के संस्थापक और अध्यक्ष लार्ड करन बिलिमोरिया से मुलाकात की। शाम के वक्त धामी ने लंदन में जबरदस्त रोड शो किया जिसमें प्रवासी भारतीय खासकर उत्तराखण्ड के प्रवासियों ने बड़ी संख्या में जुटे।

दूसरे दिन 27 सितम्बर को मुख्यमंत्री धामी ने बर्मिंघम में रोड शो के जरिए निवेशकों का ध्यान उत्तराखण्ड की ओर खींचा। तकरीबन दो घण्टे तक चला यह रोड शो देखने लायक था, जिससे उत्तराखण्ड की जबरदस्त ब्रांडिग की गई। रोड शो समाप्त होते ही धामी ने डब्लूएमजी यानि वारविक मैन्यफैक्चरिंग ग्रुप के प्रतिनिधियों के साथ लम्बी मंत्रणा की और उन्हें देवभूमि में निवेश का न्यौता दिया। देर शाम धामी ने नॉरटन मोटर साइकल कम्पनी के टॉप ऑफिशियल के सामने निवेश के प्रस्ताव रखे जिसे कम्पनी ने सहर्ष स्वीकार किया। यह वही कम्पनी है जिसे भारत की कम्पनी टीवीएस अधीग्रहित कर चुकी है। इसके बाद धामी देर शाम बर्मिंघम से लंदन लौट आए आए।

तीसरे दिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लंदन में यूरोप में ट्रेड फेयर आयोजित करने वाली सबसे बड़े संस्थान फीरा द बार्सिलोना के प्रतिनिधियों से वार्ता की। यह संस्थान आर्थिक गतिविधियों के लिए वैश्विक प्लेटफार्म मुहैया करवाने के लिए मशहूर है। बैठक के सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए धामी फिर ईज माई ट्रिप के प्रबंधन से मिले। इस कम्पनी को ट्रैवलिंग के क्षेत्र में व्यवसाय की महारत हासिल है। दोपहर का वक्त मुख्यमंत्री धामी ने अफ्रीका, कैरेबियन और कॉमनवैल्थ इंस्टीट्यूट ऑफ एकसपोर्ट एण्ड इण्टरनेशनल ट्रेड की स्ट्रैटेजिक हैड दिविया पटेल स्मिथ के साथ लम्बी मंत्रणा की और उनके व्यवसायिक अनुभवों को जाना। फिर देर शाम तक धामी ने एक के बाद एक जर्मन एम्बेसी, यूनिवर्सिटी ऑफ बोल्टोन के साथ की कई अन्य नामी कम्पनियों के प्रबंधकों से अपने प्रस्ताव साझा किए। उनके इस व्यस्त दौरे का प्रतिफल यह रहा कि लंदन और बर्मिंघम में तकरीबन 12,500 करोड़ रूपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों पर उत्तराखण्ड सरकार के साथ करार हुए। धामी के कर्मयोग की बदौलत ही राज्य को यह सफलता मिल पाई। इंग्लैण्ड के सफल दौरे के बाद शनिवार को देहरादून पहुंचे धामी का देहरादून में जोरदार स्वागत हुआ। अब धामी 5 अक्टूबर से सिंगापुर और ताइवान के भ्रमण पर रहेंगे। इसके बाद 16 अक्टूबर को वह दुबई के दौरे पर रहेंगे और निवेशकों को उत्तराखण्ड में निवेश का न्योता देंगे।

सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र पाकर फिले चयनित अभ्यर्थियों के चेहरे, सीएम ने दिया ज्वाइनिंग पत्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में नगर निकायों की पालिका अकेन्द्रीयित सेवा के अंतर्गत उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से चयनित 226 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। जिन अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये गये उनमें नगर निकायों में कर एवं राजस्व मोहर्रिरों/कर संग्रहकर्ता के 148 अभ्यर्थी एवं कनिष्ठ सहायक सह डाटा एन्ट्री ऑपरेटर के 78 अभ्यर्थी शामिल हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नगर निगम देहरादून द्वारा विकसित किये गये सिटीजन एप ‘वन स्टॉप सोल्यूशन’ भी लांच किया। ओडीएफ प्लस के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने के लिए जनपद हरिद्वार एवं जनपद टिहरी को और स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत सबसे अधिक श्रमदान करने के लिए देहरादून एवं उधमसिंह नगर जनपद को मुख्यमंत्री ने पुरस्कृत किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चयनित सभी 226 अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इन पदों पर नियुक्तियां होने से जनता की परेशानियां दूर होंगी, कार्यों में भी तेजी आयेगी। मुख्यमंत्री ने चयनित अभ्यर्थियों को कहा कि जीवन में मानक बनाकर आगे बढ़ें। यदि हम अपने कार्यों को ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा से करते हैं, तो इससे मन में संतोष का भाव आता है। जीवन को सफल और सार्थक बनाने के लिए उद्देश्य के साथ आगे बढ़ना जरूरी है। उन्होंने कहा कि रोजगार और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा तेजी से प्रयास किये जा रहे हैं। विभिन्न विभागों में रिक्त पदों को भरने के लिए प्रक्रियाएं तेजी से चल रही हैं।
अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी को विभागों में रिक्त पदों का संज्ञान लेकर नियुक्ति प्रक्रियाओं में तेजी लाने के लिए जिम्मेदार दी गई है। राज्य में सभी प्रतियोगी परीक्षाएं पूर्ण पारदर्शिता के साथ हों, इसके लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी करने वालों पर सख्त कारवाई की गई। 80 से अधिक लोगों को जेल भेजा गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 9 वर्षों से देश में युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के क्षेत्र में जो अभियान चल रहा है, उसमें हाल में ही एक और कड़ी जुड़ी है और ये कड़ी है रोजगार मेले की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में वैश्विक स्तर पर भारत का मान, सम्मान और स्वाभिमान बढ़ा है। भारत तेजी से महाशक्ति के रूप में आगे बढ़ रहा है। 2047 तक भारत को बड़ी अर्थव्यवस्था और महाशक्ति के रूप में आगे बढ़ाने के लिए तेजी से कार्य किये जा रहे हैं। इसमें प्रत्येक भारतवासी का योगदान महत्वपूर्ण है। आजादी के अमृत महोत्सव में हम सभी को अपने-अपने क्षेत्रों में तेजी से कार्य कर आगे बढ़ना है। विकसित भारत बनाने के लिए सबको अपना योगदान देना होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर वर्ग के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध होकर निरंतर कार्य कर रही है। उत्तराखण्ड को 2025 तक देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाने के लिए सरकार के विकल्प रहित संकल्प की सिद्धि में सबका सहयोग जरूरी है।

शहरी विकास मंत्री प्रेमचन्द अग्रवाल ने कहा कि आज जिन अभ्यर्थियों को नियुक्तियां दी गई हैं, इनके आने से शहरी विकास एवं निकायों के तहत होने वाले कार्यों में तेजी आयेगी। उन्होंने चयनित अभ्यर्थियों से आशा व्यक्त की कि अपने कार्यक्षेत्र में पूरी सेवा और समर्पण भाव से कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्म दिवस 17 सितम्बर से 02 अक्टूबर, गांधी जयंती तक मनाये जा रहे स्वछता ही सेवा पखवाड़ा के अन्तर्गत प्रदेश में अनेक कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं।

इस अवसर पर मेयर सुनील उनियाल गामा, सचिव अरविन्द सिंह ह्यांकी, निदेशक शहरी विकास नितिन भदौरिया, अपर सचिव कर्मेन्द्र सिंह, नगर आयुक्त देहरादून मनुज गोयल एवं शहरी विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

मन में रखो एक ही सपना, स्वच्छ बनाना है भारत अपनाः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शहीद पार्क में स्वच्छता ही सेवा पखवाडा में उपस्थित स्कूली बच्चों, महिलाओं, स्वयं सहायता समूह को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सपनों को धरातल पर उतारने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने जनता के स्वच्छ भारत अभियान के तहत शहर व गांव में 12 करोड़ इज्जत घर को बनवाकर स्वच्छता से जोड़ने के साथ ही देश की महिलाओं को सुरक्षा व सम्मान दिया है वह अनुकरणीय हैं। 2014 से शुरु हुआ स्वच्छता अभियान आज जन-जन का अभियान बन चुका है।

मुख्यमंत्री ने अपने लंदन दौरे के दौरान जी 20 में भारत आए इंग्लैंड के मंत्रियों व डेलीगेट्स से मुलाकात के अनुभव साझा करते हुए कहा कि भारत की मेजबानी में इस वर्ष हुए जी 20 से उन्हें भारत को काफी नजदीकी से देखने को मिला। भारत के लगभग 200 स्थानों पर हुए इस कार्यक्रम से भारत की अनुपम सांस्कृतिक छटा के साथ ही भारत का एक नया उभरता स्वरूप भी देखने को मिला। उनका मानना था की नया भारत अपने विशालतम स्वरूप में विकसित राष्ट्र की ओर तेजी से अग्रसर हो रहा है। विकसित देशों की तरक्की का एक मुख्य कारण स्वच्छता है जिसे भारत ने भी जन अभियान के माध्यम से जोड़कर महाअभियान बना दिया है। आज भारत ने अपनी संकल्प शक्ति से दुनिया के शक्तिशाली राष्ट्रों से नजदीकियां बढ़ाते हुए विश्व में अपनी विशिष्ट पहचान बनायी है।

भारत आए जी 20 के डेलीगेट्स भारत का संदेश लेकर पूरे विश्व में भारत के ब्रांड एंबेसडर बनकर भारत की ख्याति बिखेर रहे है। आज विदेशों की धरती पर भी भारत का नाम रोशन हो रहा है व श्रद्धा भाव से भारत को देखा जा रहा है। विदेशी डेलीगेट्स का मानना है कि उन्हें जी 20 के दौरान भारतीयों में वसुधैव कुटुंबकम् व भाईचारे की भावना पूर्ण रूप से देखने को मिली।

मुख्यमंत्री ने स्वच्छता अभियान पखवाड़े के तहत शहीद पार्क में झाड़ू लगाते हुए पार्क में सफाई भी की साथ ही शहीद पार्क में शहीदों को श्रद्वासुमन अर्पित किये।

इस दौरान मुख्यमंत्री के साथ केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, जिला पंचायत अध्यक्ष बेला तोलिया, विधायक भीमताल राम सिंह कैड़ा, सरिता आर्य, मेयर डा0 जोेगेन्द्र पाल सिहं रौतेला, अध्यक्ष प्रोफेसर अनिल डब्बू, डी आई जी डॉक्टर योगेंद्र सिंह रावत, जिलाधिकारी वंदना सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पी एन मीणा, नगर आयुक्त पंकज उपाध्याय, हेमन्त द्विवेदी, सहित अन्य लोग मौजूद थे।