लखनऊ में पर्वतीय महापरिषद, लखनऊ के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री से भेंट कर किया अनुरोध

लखनऊ में आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से पर्वतीय महापरिषद, लखनऊ के पदाधिकारियों ने मुलाकात कर लखनऊ-देहरादून के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस का संचालन करने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि वे शीघ्र इस मामले में रेल मंत्री से वार्ता करेंगे।

पर्वतीय महापरिषद, लखनऊ के अध्यक्ष गणेश चंद्र जोशी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से लखनऊ में पदाधिकारियों ने भेंट कर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से अनुरोध किया गया कि लखनऊ सहित पूर्वी एवं मध्य उत्तर प्रदेश के जिलों में देहरादून (उत्तराखंड) के लाखों लोग रहते हैं। ऐसे में इन तमाम लोगों को लखनऊ से देहरादून, उत्तराखण्ड जाने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ता है। अतः लखनऊ-देहरादून के मध्य वंदे भारत ट्रेन का संचालन किया जाए। इस पर मुख्यमंत्री ने उक्त लोगों को आश्वस्त किया कि वह शीघ्र इसे लेकर रेल मंत्री जी से भेंट करेंगे और इन दोनों शहरों के मध्य वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने का अनुरोध करेंगे।

पीएम के मन की बात को सीएम ने सुना, बताया प्रेरणास्त्रोत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ब्रह्मपुरी, पटेल नगर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम का 106वां संस्करण सुना। कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का मन की बात कार्यक्रम सभी को अपने कार्यक्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए त्योहारों के सीजन में स्थानीय उत्पादों को जरूर खरीदें। वोकल फॉर लोकल की दिशा में आगे बढ़ने के लिए सबको प्रयास करने होंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अभी तक के 09 साल के कार्यकाल में देश ने हर क्षेत्र में तेजी से प्रगति की है। गरीबों और वंचितों को केन्द्र में रखते हुए उनके कार्यकाल में अनेक कार्य किये गये हैं। गरीबों के जनधन खाते खोलने, गरीबों के लिए आवास निर्माण, आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना, हर घर नल और घर घर जल योजना, शौचालयों के निर्माण, स्वच्छता से संबंधित अनेक जन कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही है। शिक्षा और महिला सशक्तिकरण की दिशा में अनेक कार्य हुए है। समाज के हर वर्ग के लोगों को ध्यान में रखते हुए योजनाएं आगे बढ़ाई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि सरकार द्वारा चलाई जा रही सभी योजनाओं का समाज के अंतिम पंक्ति के लोगों तक पूरा लाभ मिले। इसके लिए विभिन्न माध्यमों से योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। प्रदेश में रोजगार और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए निरन्तर प्रयास किये जा रहे हैं। राज्य के युवाओं को रोजगार के लगातार अवसर मिल सके, इसके लिए ग्लोबल इन्वेस्टर समिट का आयोजन किया जा रहा है। अब तक लगभग 65 हजार करोड़ रूपये के एमओयू हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्रह्मपुरी पटेलनगर क्षेत्र में जीजीआईसी ब्रह्मपुरी की बिल्डिंग, अम्बेडकर भवन एवं स्वास्थ्य केन्द्र के लिए आंकलन कर आगे की कार्यवाही की जायेगी।
इस अवसर पर विधायक विनोद चमोली, मेयर सुनील उनियाल गामा, रेशम फेडरेशन बोर्ड के अध्यक्ष अजीत सिंह, अध्यक्ष कृषि उत्पादन एवं विपणन बोर्ड (मंडी) अनिल डब्बू, पार्षद सतीश कश्यप एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

सार्वजनिक सम्पत्तियों का अधिकतम और बेहतर उपयोग किया जा सकेः मुख्य सचिव

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने गुरुवार को सचिवालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलाधिकारियों के साथ कार्यालय अवधि के उपरान्त सार्वजनिक संपत्तियों को नागरिकों के उपयोग हेतु उपलब्ध कराए जाने के सम्बन्ध में अब तक हुयी प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने कहा कि सार्वजनिक सम्पत्तियों का अधिकतम और बेहतर उपयोग किया जा सके इस उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। इससे सामुदायिक विकास, सांस्कृतिक गतिविधियों और सामाजिक क्रियाकलापों को बढ़ावा मिलेगा।

मुख्य सचिव ने कहा कि परिसम्पत्ति का स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप अधिकतम उपयोग हो सके इसके लिए जिला स्तर पर इस हेतु बनायी गयी समिति द्वारा निर्णय लिया जाएगा, इसके लिए समिति में प्रबुद्ध नागरिकों को शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रबुद्धजनों के एक समूह को तैयार किया जाए, जिनकी मासिक अथवा त्रैमासिक बैठक आयोजित की जा सकती है। इस बैठक में क्षेत्र के विकास और इन सम्पत्तियों के अधिकतम उपयोग के लिए सुझाव प्राप्त हो सकेंगे।

मुख्य सचिव ने कहा कि इन सार्वजनिक सम्पत्तियों के उपयोग के लिए कोई शुल्क रखा जाएगा या नहीं इस सम्बन्ध में जिला स्तरीय समिति को ही अधिकार दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इन सार्वजनिक सम्पत्तियों का शुल्क कितना होना चाहिए? होना चाहिए या नहीं होना चाहिए इसका निर्णय भी समिति द्वारा लिया जा सकेगा। इन सम्पत्तियों से प्राप्त शुल्क का कुछ हिस्सा उस सम्पत्ति के रखरखाव के लिए ही खर्च किया जाएगा। इस सम्बन्ध में शासनादेश जारी किया जा चुका है। जिसमें अभी आने वाले समय में सुधार किया जा सकेगा।

मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों से इस सम्बन्ध में अब तक की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जिन सम्पत्तियों की जानकारी प्राप्त हो चुकी है, उनके लिए समिति की बैठक शीघ्र आयोजित की जाए। कहा कि सभी परिसम्पत्तियों की पूर्ण जानकारी आने का इंतजार न किया जाए, जिसकी जानकारी आ गयी उसके लिए समिति की बैठक आयोजित कर निर्णय ले लिया जाए। प्रत्येक सम्पत्ति की अपनी अलग परिस्थिती है, इसलिए स्थानीय परिस्थिती के अनुरूप सबके लिए अलग अलग निर्णय लिया जाए। एक पॉलिसी बनाकर सब पर लागू करने से उस परिसम्पत्ति का अधिकतम उपयोग नहीं किया जा सकेगा।

मुख्य सचिव ने इसका उद्देश्य बताते हुए कहा कि सार्वजनिक सम्पत्तियाँ नागरिकों के टैक्स के पैसे से ही तैयार की जाती हैं। इन परिसम्पत्तियों को नागरिकों के व्यापक उपयोग में लाकर प्रभावी उपयोग किया जा सकेगा, जिससे सामुदायिक विकास और नागरिक भागीदारी के लिए एक समावेशी वातावरण बनाया जा सकेगा।

इस अवसर पर अपर सचिव सी. रविशंकर, आशीष श्रीवास्तव, विनीत कुमार एवं योगेन्द्र यादव सहित सभी जनपदों से जिलाधिकारी एवं अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

निवेशकों के भूमि एवं आवास सम्बन्धित मामलों के त्वरित क्लीयरेन्स के लिए कमिश्नर गढ़वाल और कुमाऊँ नोडल

अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने निवेशकों के भूमि एवं आवास सम्बन्धित मामलों के त्वरित क्लीयरेन्स के लिए कमीशनर गढ़वाल और कुमाऊँ को नोडल बनाने के निर्देश दिए हैं। कमिश्नर गढ़वाल और कुमाऊँ लैण्ड क्लीयरेन्स सम्बन्धित मामलों की नियमित समीक्षा के साथ ही हर 15 दिन में इसकी रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री को देंगे। इसके साथ ही उन्होनें फॉरेस्ट तथा पोल्यूशन क्लीयरेन्स सम्बन्धित मामलों के लिए प्रमुख सचिव वन तथा फायर क्लीयरेन्स के लिए डीआईजी फायर को नोडल बनाने के निर्देश जारी किये हैं। एसीएस ने प्रत्येक इन्वेस्टमेंट प्रोजेक्ट के डेडिकेटेड फॉलोअप के लिए एक-एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति के भी आदेश दिए हैं। यह नोडल अधिकारी उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट हेतु किये गए एमओयू के तहत हर प्रोजेक्ट का पटवारी स्तर से सचिव स्तर तक विभिन्न स्तरों एवं विभिन्न विभागों में त्वरित क्लीयरेन्स को सुनिश्चित करेंगे। इस कार्य हेतु पूर्णतः प्रशिक्षित करने के लिए एसीएस श्रीमती राधा रतूड़ी के निर्देश पर 30 नवम्बर को विभिन्न विभागों के इन नोडल अधिकारियों हेतु एक इन्वेस्टमेंट ट्रैकिंग पोटर्ल वर्कशॉप का आयोजन किया जा रहा है। एसीएस ने कहा कि मा0 मुख्यमंत्री जी के विजन के अनुरूप उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले सभी एमओयू की शत प्रतिशत ग्राउडिंग की चुनौती का सामना सभी विभागों को कलेक्टिव ऑनरशिप के साथ करना होगा।

अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट हेतु किए गए 500 करोड़ रूपये या उससे अधिक के 25 विभिन्न एमओयू की ग्राउण्डिग की समीक्षा की। उत्तराखण्ड सरकार एवं विभिन्न कम्पनियों के मध्य अभी तक 500 करोड़ या उससे अधिक के 25 एमओयू किये जा चुके हैं। अभी तक हुए कुल एमओयू में से 50 प्रतिशत से अधिक एमओयू पयर्टन के क्षेत्र में किये गए हैं, अतः एसीएस श्रीमती राधा रतूड़ी ने पर्यटन विभाग को सबसे अधिक सक्रियता के साथ प्रोजेक्ट्स की ग्राउडिंग पर कार्य करने की हिदायत दी है। उन्होंने सभी विभागों को नसीहत दी है कि किसी भी प्रोजेक्ट्स पर एमओयू होने के बाद से ग्राउडिंग के लिए एक-एक दिन बेहद मूल्यवान हैं, इसलिए सभी सम्बन्धित अधिकारी सरकारी कार्यशैली की जगह कॉरपोरेट कार्यशैली को अपनाते हुए प्रोजेक्ट्स की ग्राउडिंग पर मिशन मोड पर कार्य करें। उन्होंने विभागों को एमओयू की शत् प्रतिशत ग्राउडिंग के लिए अलग-अलग रहकर कार्य करने स्थान पर कलेक्टिव ऑनरशिप के साथ कार्य करने की हिदायत दी है। उन्होंने कहा कि विभागों को आइसोलेशन में कार्य करने की कार्य संस्कृति को समाप्त करना होगा। उन्होंने इन्वेस्टमेंट प्रोजेक्ट्स की ग्राउडिंग के लिए प्रत्येक स्तर पर फास्ट ट्रैक पर निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं।

एसीएस राधा रतूड़ी ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए हैं कि स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए एमओयू की प्रभावी ग्राउडिंग से उत्तराखण्ड को मेडिकल टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने की संभावनाएं बढ़ेगी।

बैठक में अपर मुख्य सचिव ने परिवहन विभाग को पब्लिक ट्रांसपोर्ट व इलैक्ट्रिक बसों के क्षेत्र में रूचि दिखाने वाले निवेशकों को प्रोत्साहित करने हेतु विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा विशेषकर देहरादून जैसे भीड़ वाले शहरों में ट्रैफिक की समस्या के स्थायी समाधान के लिए पब्लिक टांसपोर्ट सिस्टम को मजबूत करना अत्यन्त आवश्यक है। उन्होंने परिवहन विभाग को राज्य के निवासियों एवं महिलाओं को ही ई रिक्शा के आवंटन की संभावनाओं के आंकलन के निर्देश दिए हैं।

बैठक में सचिव उद्योग विनय शंकर पाण्डेय, अपर सचिव पूजा गर्ब्याल, रंजना राजगुरु, नितिका खण्डेलवाल एवं सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

विजयदशमी का पर्व हमारे सामाजिक मूल्यों का प्रतिबिंबः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी परेड ग्राउंड में बन्नू बिरादरी दशहरा कमेटी द्वारा आयोजित दशहरा महोत्सव में शामिल हुए। मुख्यमंत्री द्वारा इस अवसर पर भगवान श्री राम एवं हनुमान जी की पूजा अर्चना के तत्पश्चात् रावण, मेघनाथ और कुम्भकर्ण के पुतलों का दहन किया गया। मुख्यमंत्री ने सभी को विजयदशमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दशहरा का पर्व बुराई पर अच्छाई तथा अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि वर्षों से हम रावण का दहन करते आ रहे है। रावण अधर्म एवं बुराई का प्रतीक था, इसलिये उसे हर वर्ष जलना होता है। उन्होंने कहा कि यह अवसर हमें समाज में जहां भी बुराई नजर आती है उसे दूर करने का भी सन्देश देता है। अच्छा इंसान बनकर ही हम अच्छे समाज व देश के निर्माण में सहभागी बन सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विजयादशमी का यह पर्व हमारे समाज के लिये एक सीख और सामाजिक मूल्यों का प्रतिबिंब है। यह पर्व हमारे सामूहिक शक्ति को प्रदर्शित करने, हमारी सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने, और सामाजिक बुराइयों को दूर करने की दिशा में प्रयास करते रहने की परंपरा को आगे बढ़ाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे त्यौहार, हमारी समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़े होने के साथ ही कृषि, नदियों, पहाड़ों और हमारे इतिहास से जुड़े हुए हैं। युगों-युगों से भगवान राम, भगवान कृष्ण की गाथाएं हमारे सामाजिक परिवेश में प्रेरणा एवं जागृति का स्रोत रही हैं। नवरात्रि के शुभ दिनों के बाद आज विजयादशमी के दिन रावण का पुतला दहन हमारी महान परंपरा का ही हिस्सा है। उन्होंने कहा कि भगवान राम जिस संकल्प को लेकर अयोध्या से निकलते हैं, उसी संकल्प से वे एक बड़ी सामूहिक शक्ति का निर्माण करते हैं और रावण पर उनकी जीत में समाज के हर वर्ग की भागीदारी का मार्ग प्रशस्त करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश की सनातन संस्कृति का पुनर्जागरण हुआ है। हम सभी जानते है कि प्रभु श्री राम का मंदिर अयोध्या में बनने को है। यह हमारा सौभाग्य है कि सैकड़ों साल के संघर्ष के बाद आज प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में वहां हम भव्य मंदिर बनते हुए देख रहे है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे प्रदेश में भी भगवान राम, लक्ष्मण व माता सीता से जुड़े कई स्थान है। हनुमान जी ने प्रदेश के द्रोणगिरी पर्वत से ही संजीवनी लेकर लक्ष्मण जी की जीवन रक्षा की थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में देश का दुनिया में मान व सम्मान बढा है। देश में जी-20 देशों का सफल आयोजन इसका उदाहरण है। इस आयोजन में दुनिया ने नये भारत के सामर्थ्य तथा सांस्कृतिक वैभव को देखा। आज देश के अंदर एवं सीमाओं पर पूर्णतः शान्ति का माहौल है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि इस विजयादशमी पर प्रतिज्ञा लें कि हम 2025 तक, जब हम अपनी राज्य गठन की रजत जयन्ती मनाएंगे, अपने राज्य के लिए कुछ सकारात्मक योगदान देंगे तथा राज्य आन्दोलनकारियों के सपनों का प्रदेश बनाने का संकल्प लें। हमें प्रदेश में मादक पदार्थों के बढ़ते उपयोग को रोकने एवं वर्ष 2025 तक पूर्ण लक्षित “ क्तनह थ्तमम क्मअइीववउप “ बनाने का संकल्प भी लेना होगा।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल, डॉ .धन सिंह रावत, विधायक खजान दास, विनोद चमोली, मेयर सुनील उनियाल गामा, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष डा. आर. के. जैन, बन्नू बिरादरी समिति के अध्यक्ष सन्तोष नागपाल, प्रेम भाटिया, गगन सेठी सहित अन्य जनप्रतिनिधि तथा बडी संख्या में लोग उपस्थित थे।

मंत्री अग्रवाल ने आपदा से हुए नुकसान को लेकर ग्रामीणों व अधिकारियों की कराई संयुक्त बैठक

क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने अगस्त माह में आई भारी बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में हुए नुकसान को लेकर जिलाधिकारी, सिंचाई विभाग के उच्चाधिकारियों सहित स्थानीय नागरिकों के साथ बैठक की। उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि आपदा से हुए नुकसान का प्राकलन (एस्टीमेट) तैयार कर जल्द शासन को भेजा जाए, जिससे अगले वर्षाकाल से पूर्व नुकसान की भरपाई कर स्थायी समाधान किया जा सके।

बैठक के दौरान डॉ अग्रवाल ने कहा कि बीते माह अगस्त में ऋषिकेश विधानसभा के विभिन्न क्षेत्रों में भारी बारिश से काफी नुकसान हुआ। जिसके चलते आडवाणी प्लॉट, भल्ला फार्म, बंगाला नाला, खैरी खुर्द, पांडे प्लांट, गढ़ी मयचक, जोगीवाला, तुनीवाला, गौहरी माफी, रायवाला, प्रतीत नगर, साहब नगर, खदरी, भट्टोवाला, गुलजार फॉर्म सहित अन्य क्षेत्रों में भारी नुकसान हुआ।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि सिंचाई विभाग आपदा से हुए नुकसान का स्टीमेट बनाते वक्त स्थानीय लोगों को भरोसे में अवश्य लें, जिससे आपदा से प्रभावित सभी क्षेत्र एस्टीमेट में सम्मिलित हो जाए। उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि गुलजार फॉर्म में पानी की निकासी के लिए स्थाई समाधान निकाला जाए।

सिंचाई विभाग के उच्च अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ सुरक्षा के कार्याे में बंगालानाला, सेवलानाला, खेरीखुर्द, गढ़ी मयचक के लिए 419.54, तुनिवाला, चक जोगीवाला के लिए 285.43 और गोहरी माफी, प्रतीतनगर, रायवाला के लिए 998.76 करोड़ रुपए का अभी तक एस्टीमेट तैयार किया गया है।

इस मौके पर जिलाधिकारी देहरादून सोनिका, सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता संजय राज, अधिशासी अभियंता दिनेश उनियाल, प्रधान संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष सोबन सिंह कैंतुरा, प्रधान सागर गिरी, प्रधान चंद्रमोहन पोखरियाल, प्रधान रोहित नौटियाल, प्रधान प्रतिनिधि शांति प्रसाद थपलियाल, समाज सेवी मानवेंद्र कंडारी, संदीप कुड़ियाल, ममता रावत, प्रभाकर पैन्यूली, राजेश जुगलान, अंबर गुरुंग, रोशन कुड़ियाल, दिनेश रावत सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे।

गृहमंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड में लिए सहकारिता, आपदा प्रबंधन, गृह विभाग, वाइब्रेंट विलेज पर अहम निर्णय

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान कई अहम निर्णय लिए गए।
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि राज्य के समस्त 670 पैक्स में कॉमन सर्विस सेंटर खोले जाएं। इसके अलावा यह भी निर्णय लिया गया की राज्य के प्रत्येक जनपद में 5 पैक्स में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोले जाएंगे। साथ ही प्रत्येक पैक्स में प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र खोले जाएंगे। यह भी तय हुआ कि राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक जिले में पांच पैक्स द्वारा जल जीवन मिशन योजना के तहत जलापूर्ति संचालन एवं रखरखाव का कार्य किया जाएगा। साथ ही पैक्स को पेट्रोल एवं डीजल पंप खोलने एवं गैस एजेंसी खोलने के लाइसेंस प्रदान किये जायेंगे। बैठक में मुख्य सचिव डॉ एसएस संधु एवं विभागीय सचिव उपस्थित रहे।

जोशीमठ आपदा को लेकर प्राप्त की जानकारी

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जोशीमठ आपदा के संबंध में भी राज्य के अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
इस अवसर पर भारत सरकार द्वारा जो 1845 करोड़ की सहायता राशि जोशीमठ के लिए मंजूर की गई है, उसके लिए उनके द्वारा सहमति प्रदान की गई। इसके अलावा बताया गया कि इसमें 1464 करोड़ का केंद्रीय अंश जल्द ही जारी किया जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा आपदाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त करने के लिए अर्ली वार्निंग सिस्टम लागू करने को लेकर भी निर्देश दिए गए। सचिव आपदा प्रबंधन द्वारा इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री को अवगत कराया गया कि राज्य द्वारा मल्टी हज़ारडस अर्ली वार्निंग सिस्टम विकसित किया जा रहा है इसका 118 करोड़ का प्रस्ताव बनाकर प्रेषित किया गया है । इस योजना को विश्व बैंक के द्वारा पोषित किया जाना है।
केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा निर्देश दिये गये कि पर्वतीय क्षेत्रों में स्थित शहरों में जो भवन निर्माण होंगे उनके लिए ईको फ्रेंडली और सतत विकास की अवधारणा के अनुरूप हों, ऐसी भवन उपविधियाँ बनाई जाए ।
पर्वतीय क्षेत्रों में वर्तमान में स्थित शहरों के बाबत पूछे जाने पर सचिव आपदा प्रबंधन द्वारा अवगत कराया गया कि इनका टोपोग्राफिकल, जिओटेक्निकल, जीओलॉजिकल, ज्योग्राफिकल तथा मिट्टी, पानी, कैरिंग कैपिसिटी को लेकर समस्त शहरों का अलग अलग परीक्षण किया जा रहा है। परीक्षण के उपरांत परिणाम आएंगे उनके हिसाब से सबके लिए अलग अलग नियम और विधियां बनाई जाएंगी।

गृह विभाग की भी समीक्षा बैठक

केंद्रीय गृह मंत्री के द्वारा आज सहकारिता विभाग के साथ ही गृह विभाग की भी समीक्षा बैठक ली गई। केंद्रीय मंत्री के द्वारा इस दौरान सीमा प्रबंधन से लेकर आपदा प्रबंधन, आईटी एक्ट, फायर सर्विसेज, जेल विभाग, प्रॉसिक्यूशन इत्यादि की समीक्षा की गई। उन्होंने मॉडल जेल एक्ट, मॉडल फायर बिल को लेकर के सम्बंध में भी चर्चा की। इस दौरान प्रधानमंत्री के थीम एक राष्ट्र, एक यूनिफॉर्म पुलिस के बारे में भी उनके द्वारा चर्चा की गई। पुलिस प्रशिक्षण में एकरूपता को लेकर भी इस दौरान चर्चा की गई। एनडीपीएस और ड्रग्स में प्रभावी कार्यवाही करने के लिए राज्य स्तर और जिला स्तर पर एनकॉर्ड की बैठकें नियमित रूप से करने के निर्देश दिए गए। नेशनल ऑटोमेटेड फिंगर प्रिंट आइडेंटीफिकेशन सिस्टम में अधिक से अधिक अपराधियों का रिकॉर्ड अपलोड करने को भी निर्देशित किया गया।

वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम की समीक्षा

आज केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा वन अनुसंधान संस्थान देहरादून में वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम की समीक्षा की गई। समीक्षा बैठक में बताया गया कि राज्य के तीन जनपदों चमोली, उत्तरकाशी तथा पिथौरागढ़ के 5 विकासखंडों के 51 गांवों को वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत चिन्हित किया गया है। बैठक में अवगत कराया गया कि राज्य सरकार द्वारा प्रत्येक वाइब्रेट विलेज की सामान्य सूचना प्रत्येक गावं का प्रोफाइल तथा क्रियाकलापों का केलेन्डर तैयार कर लिया गया है। वर्तमान समय तक तीनों जनपदों के वाइब्रेंट विलेजेज में लगभग 452 क्रियाकलाप पूर्ण कर लिये गये है। सचिव ग्राम्य विकास राधिका झा द्वारा बैठक में अवगत कराया कि राज्य सरकार द्वारा सभी गांवों हेतु वाइब्रेट विलेज एक्सन प्लान तैयार कर लिया गया है उक्त कार्ययोजना की कुल लागत लगभग रू0 75895.52 लाख है जिसमें रू० 58621.518 लाख वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम से रू0 11863.87 लाख विभिन्न केन्द्र पोषित योजनाओं के माध्यम से रू0 5398.63 लाख राज्य सेक्टर से प्रस्तावित किया गया है। यह कार्ययोजना मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली राज्य स्तरीय स्क्रीनिंग कमेटी द्वारा आवश्यक संशोधनों के साथ अनुमोदन प्रदान कर लिया गया है। कार्ययोजना में मुख्यतः आजीविका विकास से संबंधित कृषि, पशुपालन, आदि योजनाओं के साथ ही पर्यटन विकास की योजनाओं, उर्जा से संबंधित योजनाओं, आंतरिक सड़कों का निर्माण, कौशल विकास के साथ साथ सामुदायिक अवस्थापना सुविधाओं का विकास, स्कूल भवनों का निर्माण एवं स्वास्थ्य संबधित परियोजनाओं विशेष रूप से प्रस्तावित किया गया है।

राज्य सरकार द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत गृहमंत्री के सम्मुख यह बात रखी गई कि इन सीमान्त गावों के लोग शीतकाल तथा ग्रीष्मकाल में अस्थायी नजदीकी गांव में अस्थायी रूप से पलायन करते है जिसके कारण इन्हे प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत दोनों गांवों में आवास दिया जाना चाहिए जिस हेतु मार्गनिर्देश में शिथिलीकरण किया जाने की आवश्यकता है। साथ ही जल जीवन मिशन के तहत भी इन परिवारों को दोनो गावों में पेयजल की सुविधा दी जाये। गृहमंत्री द्वारा उक्त प्रस्ताव तैयार कर तत्काल केंद्र को प्रेषित करने के निर्देश दिये गये। उक्त के अतिरिक्त राज्य द्वारा यह भी मांग की गई कि वाइब्रेंट विलेजेज में स्कूल एवं स्वास्थ्य केन्द्रों में आवासीय सुविधा दी जानी आवश्यक है। उक्त प्रस्ताव पर भी गृहमंत्री द्वारा सैद्धान्तिक सहमति दी गयी तथा इस आशय का प्रस्ताव तैयार कर केन्द्र सरकार को तत्काल प्रेषित करने के निर्देश दिये गये। बैठक में अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री राधा रतूडी, सचिव ग्राम्य विकास राधिका झा तथा अपर सचिव ग्राम्य विकास एवं नोडल अधिकारी वी०वी०पी० नितिका खण्डेलवाल आदि उपस्थित रहे।

49वीं पुलिस विज्ञान कांग्रेस की मेजबानी का अवसर उत्तराखंड को मिलना गर्व की बातः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एफ.आर.आई देहरादून में केन्द्रीय सहकारिता गृह मंत्री अमित शाह का स्वागत करते हुए कहा कि 49वीं अखिल भारतीय पुलिस विज्ञान कांग्रेस की मेजबानी करने का अवसर उत्तराखण्ड को मिला, यह राज्य के लिए गर्व का विषय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आगामी 25 वर्षों में भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। जिसके लिए हर क्षेत्र में प्रगति करना जरूरी है। इसलिए पुलिस बलों की क्षमता के विकास हेतु इस प्रकार के आयोजन और भी महत्वपूर्ण हो जाते हैं। वर्तमान परिदृश्य में अपराध और अपराधी पारम्परिक प्रणालियों से काफी आगे निकल गये हैं, संगठित अपराध अधिक हो रहे हैं साथ ही साइबर क्राइम के मामलों में आर्टिफिशियल इन्टेलीजेन्स जैसी आधुनिकतम तकनीक का प्रयोग भी अपराधियों द्वारा किया जा रहा है। पुलिस बल को तकनीकी व मानसिक दक्षता के साथ उन्नत तकनीकी तथा सक्षम माध्यमों से सुसज्जित रहने की आवश्यकता है। इसके लिए गृहमंत्री जी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार द्वारा राज्य सरकारों को विशेष सहायता प्रदान की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि इस पुलिस कांग्रेस में व्यापक विचार-विमर्श और सार्थक चर्चाओं द्वारा पुलिसिंग तथा आंतरिक सुरक्षा के अतिरिक्त साइबर सिक्योरिटी व डाटा चोरी की रोकथाम हेतु महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड पुलिस ने साईबर अपराध की रिपोर्टिंग के लिए ई-सुविधा, मामलों के त्वरित निस्तारण पर बल देने के साथ ही जन जागरूकता अभियानों से जनता को सचेत भी किया है। उत्तराखण्ड पुलिस ने विभिन्न एप्लिकेशन्स लांच किए हैं, जिनके द्वारा प्रभावी पुलिसिंग की व्यवस्था सुनिश्चित हुई है। ऑपरेशन मुक्ति भीख मांगने कचरा इक्ट्ठा करने तथा अन्य छोटे काम करने को बाध्य बच्चों की पहचान कर उन्हें स्कूलों में दाखिला दिलाने के साथ ही इस अभियान के ध्येय वाक्य ’भिक्षा नहीं शिक्षा दें’ को सार्थकता प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री ने पिछली बैठक में आतंकवाद पर प्रहार करने का आह्वान करते हुए राष्ट्रीय आंतरिक सुरक्षा नीति बनाए जाने की बात कही थी। उनके नेतृत्व में आज देश में आतंकवाद का सफाया हो रहा है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सुझाव दिया कि वनों की सुरक्षा में लगे वन कर्मियों को भी अत्याधुनिक शस्त्र चलाने तथा अर्द्धसैनिक बलों की भांति प्रशिक्षित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए पुलिस को और अधिक आधुनिक संसाधनों से सुसज्जित करना होगा। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि आवश्यक नई तकनीकों के संबंध में भी इस कांग्रेस में विचार विमर्श किया जाएगा। उन्होंने कहा कि समाज के प्रबुद्ध वर्ग को अपने साथ जोड़कर समय-समय पर राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा हेतु सुझावों का आदान-प्रदान करने की भी आवश्यकता है। इसके अंतर्गत कम्यूनिटी आउटरीच कार्यक्रम द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय सीमावर्ती क्षेत्रों में राष्ट्रीय हितों हेतु कार्य करने वाली स्वयंसेवी संस्थाओं को चिन्हित कर उनका सहयोग प्राप्त करने का प्रयास किया है, जिस प्रयास में हमें सफलता भी प्राप्त हो रही है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, प्रेमचन्द अग्रवाल, सौरभ बहुगुणा, सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, माला राज्य लक्ष्मी शाह, राज्यसभा सांसद कल्पना सैनी, मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायकगण, सचिव गृह, भारत सरकार अजय कुमार भल्ला, उत्तराखण्ड के मुख्य सचिव डॉ. एस.एस.संधु, अपर मुख्य सचिव गृह राधा रतूड़ी, महानिदेशक पुलिस अनुसंधान और विकास ब्यूरो बालाजी श्रीवास्तव, उत्तराखण्ड के पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार एवं विभिन्न राज्यों के पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।

राज्य के सभी विकासखंडों के टॉपर दो-दो छात्रों को कराया जायेगा भारत दर्शन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के सभी विकासखण्ड के हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के टॉपर 2-2 छात्रों हेतु भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम संचालित करने की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस भारत-दर्शन कार्यक्रम से छात्रों में एक विशेष अनुभूति जागृत होगी, जिससे वे सब भारत की विभिन्नताओं, इतिहास, संस्कृति, शिष्टाचार और प्रकृति को व्यक्तिगत रूप से जान सकेंगे। इसमें इन छात्रों में समूह में रहने की प्रवृत्ति, नायक बनने की क्षमता तथा आत्मविश्वास एवं भाईचारे की भावना प्रबल होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम चयनित मेधावी छात्रों के जीवन को नई दिशा देने के साथ ही उन्हें अपनी शैक्षणिक गतिविधियों में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए भी प्रेरित करेगा।

गढ़वाल महासभा ने किया गढ़ फिल्म पोथली की स्टारकास्ट का अभिनंदन

प्रज्ज्वल फ़िल्म प्रोडक्शन द्वारा निर्मित उत्तखण्डी फीचर फिल्म पोथली की स्टारकास्ट का अंतरराष्ट्रीय गढ़वाल महासभा द्वारा भव्य स्वागत किया गया।

अंतरराष्ट्रीय गढ़वाल महासभा के देहरादून रोड स्तिथ कार्यालय में फिल्म के पोस्टर का लोकार्पण महासभा के अध्यक्ष डॉ राजे नेगी, फ़िल्म के निर्देशक रवि ममगई, समाजसेविका सीता पयाल व रोशन उपाध्याय ने संयुक्त रूप से किया। इस दौरान महासभा के अध्यक्ष डॉ राजे नेगी एवं महामंत्री उत्तम असवाल ने फ़िल्म से जुड़े कलाकारो को माला एवं पटका पहनाकर स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस अवसर पर फ़िल्म के निर्माता निर्देशक रवि ममगई ने बताया कि उनकी फ़िल्म पोथळी देवभूमि में बालिकाओं पर बढ़ रहे घिनोने अपराध एवं अत्याचार पर सच्ची घटना पर आधारित है जोकि अबतक देहरादून, कोटद्वार,पौड़ी एवं श्रीनगर में सफलतम प्रदर्शन कर चुकी है।

बताया कि 6 अक्टूबर से रोजाना एक शो सुबह 10 बजकर 45 बजे से ऋषिकेश के रामा पैलेस सिनेमा हॉल में प्रदर्शित की जा रही है। फ़िल्म एक पिता द्वारा बेटी के लिए न्याय दिलाने के संघर्ष की कहानी है। फ़िल्म में मुख्य भूमिका में गोकुल पंवार, बृजेश भट्ट, इंदु भट्ट, रामरवि, सते सिंह पटवाल, नवल सेमवाल, बबिता महंत, योगेश सकलानी ने निभाई है। फ़िल्म के गीत स्वर कोकिला मीना राणा एवं जितेंद्र पंवार, संगीत वी कपूर द्वारा दिया गया है फ़िल्म की कहानी रुचि ममगई द्वारा लिखी गयी है।