रैनबसेरों में शौचालय, पेयजल, प्रकाश, बिस्तर सहित अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाएं रहें उपलब्धः डीएम

जिलाधिकारी सविन बंसल ने लालपुल स्थित नगर निगम के रैनबसेरा का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने रैनबसेरा में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने रैनबसेरा में प्रतिदिन ठहरने वाले निराश्रित व्यक्तियों की जानकारी ली, जिस पर बताया गया कि विगत एक सप्ताह से प्रतिदिन लगभग 15 से 19 निराश्रित लोग रैनबसेरा में रात्रि विश्राम कर रहे हैं। जिलाधिकारी ने रैनबसेरा परिसर में नियमित साफ-सफाई बनाए रखने तथा रहने वाले व्यक्तियों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि शहर के सभी रैनबसेरों में शौचालय, पेयजल, प्रकाश, बिस्तर सहित अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध रहें एवं साफ-सफाई व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही न हो। उन्होंने शीतलहर के दृष्टिगत निर्देश दिए कि निराश्रित एवं बेसहारा व्यक्तियों को रैनबसेरों में सुरक्षित रूप से ठहराया जाए तथा शहर के चिन्हित सार्वजनिक स्थलों पर अलाव की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि शीतकाल में निराश्रितों की सुरक्षा एवं सुविधा प्रशासन की प्राथमिकता है तथा इस संबंध में सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें। निरीक्षण के दौरान मुख्य नगर आयुक्त नगर निगम नमामी बंसल, उप जिलाधिकारी सदर हरिगिरि सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री संकल्प का ग्राउंड एक्शनः ग्राम पंचायत दुधली में जिला प्रशासन ने सुनी जन समस्याएं

मुख्यमंत्री की पहल पर संचालित जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार, प्रशासन गांव की ओर अभियान के अंतर्गत विकासखंड डोईवाला के राजकीय इंटर कॉलेज दुधली में एसडीएम अपर्णा ढ़ौडियाल की अध्यक्षता में बहुउदेशीय शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान विधायक बृजभूषण गौरोला, प्रमुख क्षेत्र पंचायत डोईवाला, जिला अध्यक्ष भाजपा सहित अन्य जन प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण, वरिष्ठ नागरिक, महिलाएं और स्थानीय जन प्रतिनिधियों ने अपने क्षेत्र से जुड़ी 53 समस्याएं एसडीएम के समक्ष रखी। जिसमें से 15 समस्याओं का मौके पर निस्तारण किया गया और विभागों से संबंधित समस्याओं के समाधान हेतु त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। शिविर में ग्रामीणों को जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई और कुल 430 लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं के तहत लाभ प्रदान किया गया।

बहुउद्देशीय शिविर में पंचायतीराज विभाग द्वारा 25 परिवार रजिस्टर की नकल, 03 जन्म-मृत्यु, 07 राशन कार्ड से समस्या का निस्तारण किया गया। समाज कल्याण विभाग द्वारा 35 पात्र लाभार्थियों के किसान, विधवा, दिव्यांग और वृद्धावस्था पेंशन स्वीकृत की गई। होम्योपैथिक चिकित्सा 34, पशुपालन 16, कृषि 28, उद्यान 07 लाभार्थियों को निःशुल्क सेवाएं प्रदान की गई। विद्युत विभाग द्वारा 06 बिजली के बिल संबंधी समस्याओं का निस्तारण किया गया। वही श्रम विभाग द्वारा 05 श्रमिकों के श्रम कार्ड बनाए गए।

बहुउदेशीय शिविर में कुल 53 समस्याएं प्राप्त हुई, जिसमें से सबसे अधिक 12 समस्याएं वन विभाग से संबंधित थी। वही लोक निर्माण विभाग की सड़कों से संबंधित 09, सिंचाई व लघु सिंचाई विभाग की सुरक्षा दीवार एवं नहरों से जुड़ी 12, ग्राम्य विकास की 05 सहित पेयजल, विधुत, राजस्व, परिवहन, स्वास्थ्य एवं शिक्षा की एक-एक शिकायत मिली। जिसमें 15 शिकायतों का मौके पर निराकरण किया गया। जबकि विभागों से जुड़ी शिकायतों के लिए अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देशित दिए गए। इस अवसर पर न्याय पंचायत के ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।

दून सड़क किनारे झोपड़ी बना निवास कर रहे लोग किए जाएंगे अनयंत्र शिफ्ट, डीएम ने दिए निर्देश

जिलाधिकारी सविन बंसल ने शहर की स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से आज रिस्पना पुल से आईएसबीटी एवं लालपुल तक विभिन्न क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सड़क, नालों, नदियों तथा सार्वजनिक स्थलों की सफाई व्यवस्था का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कारगी चौक के समीप नाले एवं बिन्दाल नदी में गंदगी पाए जाने पर नगर निगम को तत्काल सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने क्षेत्र में जगह-जगह बने अवैध गार्बेज प्वाइंट को शीघ्र हटाने तथा भविष्य में पुनः कचरा न जमा हो, इसके लिए सतत निगरानी के निर्देश नगर निगम के अधिकारियों को दिए।
जिलाधिकारी ने कारगी क्षेत्र में स्थित पुराने डम्पिंग जोन की पूर्ण रूप से सफाई कराते हुए उसे सुव्यवस्थित करने तथा डम्पिंग जोन के समीप सड़क किनारे चूहों द्वारा क्षतिग्रस्त कच्ची भूमि को मरम्मत कर सुरक्षित बनाने के निर्देश भी दिए। आईएसबीटी के समीप सड़क किनारे झोपड़ियां बनाकर रह रहे लोगों के कारण उत्पन्न स्वच्छता एवं यातायात अवरोध को देखते हुए जिलाधिकारी ने एमडीडीए एवं नगर निगम के अधिकारियों को ऐसे लोगों को नियमानुसार अन्यत्र स्थान पर शिफ्ट करने के निर्देश दिए, ताकि सड़क किनारे सफाई व्यवस्था सुचारू रहे एवं यातायात व्यवस्था बाधित न हो।
जिलाधिकारी ने नगर निगम अधिकारियों को नालों एवं नालियों की नियमित एवं गहन सफाई सुनिश्चित करने, कचरा उठान व्यवस्था को प्रभावी बनाने तथा शहर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने हेतु निरंतर अभियान चलाने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान मुख्य नगर आयुक्त नगर निगम नमामी बंसल, पुलिस अधीक्षक नगर प्रमोद कुमार, नगर मजिस्ट्रेट प्रत्युष सिंह, उप जिलाधिकारी सदर हरिगिरि, संभागीय परिवहन अधिकारी अनिता चमोला सहित एमडीडीए एवं राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) के अधिकारी उपस्थित रहे।

दून आईएसबीटी, दिल्ली जाने वाला गेट मिला बंद, नपे एआरएम, डीएम ने दिए कड़ी कार्यवाही के निर्देश

जिलाधिकारी सविन बंसल ने आज अंतर्राज्यीय बस टर्मिनल (आईएसबीटी) क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने यातायात व्यवस्था, पार्किंग, निकासी मार्ग एवं अव्यवस्थित गतिविधियों का गहन जायजा लिया तथा संबंधित विभागों को मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने हरिद्वार बाईपास की तरफ आईएसबीटी फ्लाई ओवर के समीप सड़क किनारे खाली बड़ी खाली जगह पर टाइल्स लगाकर सुव्यवस्थित पार्किंग विकसित करने के निर्देश दिए, जिससे यात्रियों एवं आमजन को जाम की समस्या से राहत मिल सके। दिल्ली जाने वाली बसों के लिए बनाए गए निकासी गेट के बंद पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की तथा एमडीडीए को तत्काल गेट खोलने के निर्देश दिए। पूर्व में दिए गए निर्देशों का अनुपालन न होने पर उन्होंने संबंधित एआरएम के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने फ्लाईओवर के नीचे अवैध कट बंद करते हुए सुरक्षित क्रॉसओवर बनाए जाने के निर्देश दिए। साथ ही फ्लाईओवर के नीचे व्यवस्थित पार्किंग विकसित करने तथा निकासी गेट के समीप बनी पुलिस चौकी को अन्यत्र स्थानांतरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आईएसबीटी गेट के पर किए गए निर्माण को ध्वस्त कर निकासी गेट को पूर्ण रूप से सुचारू करने के निर्देश भी दिए गए। ताकि यातायात सुचारू रूप से संचालित हो सके। जिलाधिकारी ने आरटीओ को सड़क किनारे अवैध रूप से खड़े वाहनों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएच) के अधिकारियों को आईएसबीटी के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे टाइल्स लगाकर पार्किंग विकसित करने के निर्देश दिए। इसके लिए जिलाधिकारी द्वारा मौके पर ही आवश्यक धनराशि की स्वीकृति भी प्रदान की गई।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि आईएसबीटी क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था, अतिक्रमण अथवा यातायात बाधा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और निर्देशों के अनुपालन में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान मुख्य नगर आयुक्त नगर निगम नमामी बंसल, पुलिस अधीक्षक नगर प्रमोद कुमार, नगर मजिस्टेट प्रत्युष सिंह, उप जिलाधिकारी सदर हरिगिरि, संभागीय परिवहन अधिकारी अनिता चमोला, एमडीडीए, एनएच के अधिकारी उपस्थित रहे।

आढ़त बाजार पुनर्निर्माण कार्य का 20 जनवरी तक जीओ जारी करने के निर्देश

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में देहरादून मोबिलिटी प्लान के सम्बन्ध में सम्बन्धित विभागों के साथ बैठक ली। मुख्य सचिव ने कहा कि देहरादून शहर का यातायात संकुलन कम करने के लिए लगातार नए कदम उठाने होंगे। उन्होंने आढ़त बाजार, इंदिरा मार्केट आदि विभिन्न कार्यों की प्रगति की जानकारी भी ली।

मुख्य सचिव ने निरंजनपुर मंडी को अन्यत्र शिफ्ट किए जाने हेतु एमडीडीए को नयी जगह तलाशने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने आढ़त बाजार के पुनर्निर्माण कार्य को शीघ्र शुरू किए जाने की भी बात कही। कहा कि 20 जनवरी तक इसका शासनादेश जारी कर दिया जाए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को शहर के 6 जंक्शनों के सुधार के लिए 15 जनवरी तक जीओ जारी किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने शहर के भीड़-भाड़ वाले महत्त्वपूर्ण क्षेत्रों में बनी पार्किंग के 100 प्रतिशत उपयोग न होने पर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि अब तक तैयार पार्किंग का 100 प्रतिशत उपयोग होना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने नगर निगम द्वारा लागू की जा रही ऑन रोड पार्किंग को अन्य मार्गों में भी लागू किए जाने की बात कही, ताकि लोग अपने वाहनों को सड़कों के बजाय पार्किंग में लगाने को प्रेरित हों।

मुख्य सचिव ने परिवहन विभाग को दिसम्बर माह में एसपीवी रजिस्टर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनवरी में पहली बोर्ड बैठक आयोजित कर ली जाए। उन्होंने आशारोड़ी में सीज वाहनों को रखने के लिए बनायी जा रही पार्किंग को शीघ्र शुरू किए जाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने उम्टा (UMTA) द्वारा तैयार मोबिलिटी प्लान के तहत चिन्हित नए पार्किंग स्थलों की ग्राउण्ड ट्रुथिंग भी कराए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि यदि ये स्थल पार्किंग के लिए उपयुक्त पाए जाते हैं तो इनको तैयार किया जाए। उन्होंने परेड ग्राउण्ड में अंडरग्राउण्ड पार्किंग का फीजिबिलिटी परीक्षण शीघ्र कराए जाने की बात भी कही।

मुख्य सचिव ने शहर के खम्बों में लटकी बिना परमिशन और अवैध तारों के जालों शीघ्र हटाए जाने की भी बात कही। कहा कि शहर में जहां-जहां अंडरग्राउण्ड इलेक्ट्रिसिटी केबल का कार्य पूर्ण हो गया है, सड़कों को तत्काल दुरूस्त किया जाए।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, अपर सचिव अहमद इकबाल, विनीत कुमार, वीसी एमडीडीए बंशीधर तिवारी एवं एसपी देहरादून अजय सिंह सहित अन्य सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

डीएम का निर्देशः योजनाओं को क्लब कर करें निर्माण, जनता को मिलेगी सहूलियत

जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय परियोजना समन्वय समिति की बैठक हुई। बैठक में जल संस्थान, यूपीसीएल, यूएसडीडीए, एडीबी, टाटा, वोडाफोन, एयरटेल सहित 10 विभिन्न विभागों और संस्थानों द्वारा सीवर लाइन, पेयजल लाइन, विद्युत लाइन, फाइबर केबल को भूमिगत करने संबंधित 63 नए और 22 पुराने प्रस्तावों पर गहनता से विचार विमर्श किया गया। जिलाधिकारी ने परियोजनाओं के चल रहे कार्यों को निर्धारित मानकों एवं शर्तों के अनुसार शीघ्र पूरा करने की अनुमति प्रदान की। जबकि क्रिसमस और नव वर्ष को देखते हुए नए परियोजना के सार्वजनिक सुविधा वाले जरूरी कार्याे को 02 जनवरी के बाद ही अनुमति जारी करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि सार्वजनिक उपयोगिता जैसे बिजली लाइन, पेयजल, सीवरेज और गैस पाइप लाइन भूमिगत करने के लिए रात को सड़क खोदने की अनुमति दी जाएगी, किंतु इन सभी कार्यों पर प्रशासन की क्यूआरटी पैनी नजर रखेगी। जिलाधिकारी ने सीओ ट्रैफिक एवं क्यूआरटी को निर्देश दिए कि मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर तत्काल रिपोर्ट दी जाए।

डीएम ने स्पष्ट किया कि अनुमति से अधिक रोड कटिंग, खुदाई छोड़ देना या सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर प्रशासन जब्ती और मुकदमा दर्ज करने से गुरेज नहीं करेगा। जहां पर रात्रि को सड़क खुदाई की जाएगी वहां पर सुबह तक गढ्डा भराना का कार्य पूर्ण हो जाना चाहिए। सुरक्षा के दृष्टिगत खुदाई साइट पर बैरिकेडिंग व साइनबोर्ड होना भी अनिवार्य है। सभी एजेंसियों को निर्देश दिए गए कि वे मुख्य मार्ग पर रात्रि 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक ही कार्य करें। केवल कुछ आंतरिक मार्गों पर ही दिन में अनुमति दी गई। डीएम ने कहा कि पर्याप्त संख्या में मैनपावर, मशीनरी लगाते हुए निर्माणाधीन परियोजनाओं के कार्यों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए।

जिलाधिकारी ने सभी एजेंसियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य समाप्ति के बाद डब्लूपीएम करते हुए सड़क को वाहनों के चलने योग्य बनाना अनिवार्य है। जिन परियोजना का कार्य पूर्ण हो चुका है वहां पर तुरंत सड़क को ब्लैकटॉप कराया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, बेरिकेटिंग और साइट सुपरविजन का पूरा ध्यान रखा जाए। जिलाधिकारी ने चेताया कि निर्माण कार्यों में देरी या अव्यवस्था से जनता को परेशानी हुई तो जिम्मेदार विभागों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई तय होगी।

जिलाधिकारी ने पेयजल, विद्युत, यूएसडीडीए, एडीबी एवं अन्य संस्थानों को आपसी समन्वय से किसी एक स्थान पर योजनाओं को क्लब करते हुए निर्माण कार्य करने पर जोर दिया। कहा कि इससे बार-बार सड़क खराब नही होगी और जनता को भी सहुलियत मिलेगी।

बैठक में एसडीएम कुमकुम जोशी, लोनिवि के अधीक्षण अभियंता ओमपाल सिंह, उप नगर आयुक्त संतोष कुमार पांडेय, सीओ ट्रैफिक जगदीश पंत सहित समिति के अन्य सदस्य एवं विभिन्न एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

जिला सूचना अधिकारी, देहरादून।

डालनवाला पुलिस स्टेशन में लापरवाही पर मुख्यमंत्री का कड़ा प्रहार, अव्यवस्था और गंदगी पर मुख्यमंत्री सख्त

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून स्थित डालनवाला पुलिस स्टेशन के औचक निरीक्षण के दौरान थानेदार के ड्यूटी से अनुपस्थित पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से उन्हें लाइन हाजिर करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि कानून व्यवस्था और जनसेवा जैसे संवेदनशील दायित्वों में किसी भी स्तर की लापरवाही अक्षम्य अपराध है और ऐसे मामलों में तत्काल एवं कठोर कार्रवाई की जाएगी।

विभिन्न बैठकों के उपरांत मुख्यमंत्री धामी अचानक पुलिस स्टेशन पहुंचे और वहां की संपूर्ण कार्यप्रणाली का गहन निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री के औचक निरीक्षण से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और मौके पर व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति सामने आई।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने पुलिस स्टेशन में आए कई शिकायतकर्ताओं से सीधे बातचीत की और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए कि शिकायतों को औपचारिकता नहीं बल्कि उत्तरदायित्व समझकर दर्ज किया जाए तथा उनका तत्काल, निष्पक्ष और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री महिला हेल्प डेस्क पर भी पहुंचे और वहां मौजूद महिला फरियादियों से बातचीत कर उनकी शिकायतों की जानकारी ली। उन्होंने महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता, गोपनीयता और त्वरित कार्रवाई को अनिवार्य बताते हुए किसी भी प्रकार की ढिलाई पर सख़्त कार्रवाई की चेतावनी दी।

मुख्यमंत्री ने एफआईआर रजिस्टर का विस्तृत निरीक्षण करते हुए दर्ज मामलों पर की गई कार्रवाई, फॉलोअप की स्थिति तथा लंबित प्रकरणों की जानकारी ली। इसके साथ ही उन्होंने ड्यूटी रजिस्टर और उपस्थिति रजिस्टर का भी निरीक्षण कर कर्मियों की जिम्मेदारी और जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने थाने में स्थित कारागार में गंदगी और अव्यवस्था पर गहरी नाराज़गी व्यक्त की और तत्काल समुचित साफ-सफाई एवं मानकों के अनुरूप व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस थाने की स्थिति ही शासन-प्रशासन की कार्यसंस्कृति को दर्शाती है।

मुख्यमंत्री ने वाहन जांच अभियान, वेरिफिकेशन ड्राइव तथा अपराध नियंत्रण को लेकर चल रही कार्रवाई की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि इन अभियानों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही क्षेत्र की ट्रैफिक व्यवस्था पर गंभीर असंतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने विस्तृत जांच कर जिम्मेदारी तय करने के आदेश दिए।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) देहरादून तत्काल पुलिस स्टेशन पहुंचे और मौके पर स्थिति का जायजा लेकर आवश्यक अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रारंभ की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का सख़्त शब्दों में कहा कि “ *कानून व्यवस्था से जुड़ा प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी जनता के प्रति जवाबदेह है। जनसेवा में लापरवाही, अनुशासनहीनता या संवेदनहीनता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। पुलिस व्यवस्था में सुधार, पारदर्शिता और जवाबदेही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। जनहित में सख़्त से सख़्त कार्रवाई करने से सरकार पीछे नहीं हटेगी।”*

युवा पीढ़ी को स्किल्ड बनाने की जरूरत: सुबोध उनियाल

देहरादून। पब्लिक रिलेशन सोसाइटी ऑफ इंडिया (पीआरएसआई) का तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन आज भव्य रूप से संपन्न हो गया। अधिवेशन के समापन सत्र में उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं वन मंत्री सुबोध उनियाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में देशभर से आए जनसंपर्क, संचार एवं मीडिया क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। अधिवेशन के दौरान समसामयिक विषयों, जनसंचार की भूमिका, तकनीकी बदलावों और राष्ट्र निर्माण में संचार के योगदान पर गहन मंथन हुआ।

*आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीक का युग- सुबोध उनियाल*

समापन अवसर पर अपने संबोधन में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि वर्तमान युग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीक का युग है। ऐसे में देश की युवा पीढ़ी को अधिक स्किल्ड और दक्ष बनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यदि युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर और आवश्यक कौशल उपलब्ध कराए जाएं तो पलायन जैसी गंभीर समस्या पर अंकुश लगाया जा सकता है और रिवर्स माइग्रेशन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं और उन्हें तकनीक के साथ जोड़कर राष्ट्र निर्माण में भागीदार बनाया जाना चाहिए। सुबोध उनियाल ने कहा कि जनसंचार देश को सशक्त बनाने का एक मजबूत माध्यम है। बीते एक दशक में विश्व पटल पर भारत को देखने का नजरिया बदला है और भारत आज एक उभरती हुई वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित हुआ है। उन्होंने कहा कि हम सभी का उद्देश्य भारत को एक मजबूत आर्थिक शक्ति बनाना होना चाहिए और इसमें जनसंचार से जुड़े लोगों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने देशभर से आए प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे सकारात्मक, तथ्यपरक और राष्ट्रहित में संवाद को आगे बढ़ाएं।

*सारथी की भूमिका निभाएं देशभर से आए प्रतिनिधि- उमेश शर्मा ‘काऊ’*

अधिवेशन की अध्यक्षता कर रहे विधायक उमेश शर्मा ‘काऊ’ ने पीआरएसआई की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में जनसंचार की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने में सेतु और सारथी की भूमिका निभाएं, ताकि योजनाओं का वास्तविक लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में सकारात्मक संवाद, सही जानकारी और जिम्मेदार जनसंचार की बड़ी भूमिका है। यदि योजनाओं की सही जानकारी आम जनता तक पहुंचेगी, तभी उनका वास्तविक लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सकेगा।

*इस अवसर पर इंडियन ऑयल फरीदाबाद के डायरेक्टर आलोक शर्मा ने ऊर्जा क्षेत्र में हो रहे नवाचारों पर* प्रकाश डाला। उन्होंने ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में इंडियन ऑयल द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी देते हुए कहा कि कंपनी का लक्ष्य कच्चे तेल के आयात को कम करना है। उन्होंने बताया कि 2027 तक कार्बन उत्सर्जन को शून्य करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। साथ ही बायो फ्यूल, अफोर्डेबल और सस्टेनेबल एनर्जी को बढ़ावा देने पर विशेष फोकस किया जा रहा है।

*पीआरएसआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजीत पाठक ने आयोजन को अभूतपूर्व बताते हुए* देहरादून चैप्टर की प्रशंसा की। उन्होंने देशभर से आए प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया और कहा कि इस तरह के अधिवेशन जनसंचार के क्षेत्र को नई दिशा देते हैं।

कार्यक्रम के दौरान जनसंचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित भी किया गया। मंत्री उनियाल ने पीआरएसआई की प्रशंसा करते हुए कहा कि संस्था ने न केवल जनसंचार को मजबूती दी है, बल्कि देश की सनातनी संस्कृति और मूल्यों को बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाई है।

*वहीं, पीआरएसआई देहरादून चैप्टर के अध्यक्ष रवि बिजारनिया ने* सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि पीआरएसआई सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि संस्था मानवीय जीवन मूल्यों और तकनीक को साथ लेकर चल रही है तथा जनता को सकारात्मक और तथ्यपरक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि पीआरएसआई की अगली राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस वर्ष 2026 में भुवनेश्वर, ओडिशा में आयोजित की जाएगी। अंत में राष्ट्रगान के साथ तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन का औपचारिक समापन किया गया।

बुजुर्ग पिता की आकस्मिक मृत्यु पश्चात ऋण बीमा होते हुए भी अदायगी लिए किया जा रहा था प्रताड़ित, डीएम ने दिलाया न्याय

जनपद देहरादून में बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा एक बुजुर्ग विधवा कमलेश तथा उनकी नामिनी असहाय पुत्री प्रीति को अनावश्यक रूप से प्रताड़ित करने तथा बीमित ऋण पर क्लेम प्राप्त होने के बावजूद अतिरिक्त धनराशि जमा कराने के मामले में जिलाधिकारी सविन बंसल के हस्तक्षेप से पीड़िता को न्याय मिला है। जिला प्रशासन द्वारा त्वरित संज्ञान लेते हुए बैंक की 3.30 लाख की आरसी काटी गई, जिसके उपरांत बैंक ने 24 घंटे के भीतर 3.30 लाख रुपये का चेक नामिनी पुत्री प्रीति के नाम जारी कर दिया।

विगत दिवस जिलाधिकारी कार्यालय कक्ष में प्रीति सिंह ने अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि उनके पिता स्व0 राजेन्द्र पाल ने वर्ष 2023 में बैंक ऑफ बड़ौदा से  रू0 13 लाख का ऋण लिया था। बैंक अधिकारियों एवं कर्मचारियों के कहने पर ऋण को सुरक्षित करने के लिए इसका बीमा कराया गया। वर्ष 2023 से अप्रैल 2025 तक उनके पिता द्वारा रू0 22,295 प्रतिमाह की नियमित किस्तें जमा की गईं। अप्रैल 2025 में उनके पिता का निधन हो गया, जिसकी सूचना तत्काल बैंक और बीमा कंपनी को दे दी गई। जून 2025 में बीमा कंपनी द्वारा ऋण क्लेम की राशि बैंक में जमा कर दी गई। इसके बावजूद बैंक द्वारा न तो नो ड्यूज सर्टिफिकेट जारी किया जा रहा था, बल्कि प्रीति सिंह पर रू0 3,30,980 अतिरिक्त जमा कराने का दबाव बनाया जा रहा था, तथा सम्पति को जबरन जब्त करने की धमकी दी जा रही थी।

जिलाधिकारी का हस्तक्षेप पीड़िता की शिकायत सुनने के बाद जिलाधिकारी सविन बंसल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उप जिलाधिकारी (न्याय) कुमकुम जोशी को तत्काल जांच एवं आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। जिला प्रशासन द्वारा जांच में पाया गया कि बीमा क्लेम राशि प्राप्त होने के बाद भी बैंक द्वारा अनुचित रूप से धनराशि की मांग की जा रही थी। इस पर बैंक की रू0 3,30,980 की आरसी काटी गई। आरसी कटते ही बैंक ने 24 घंटे के भीतर नामिनी प्रीति सिंह के नाम 3.30 लाख रुपये का चेक जारी कर दिया, जिसे आज जिलाधिकारी द्वारा प्रीति सिंह को सौंप दिया गया।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि किसी भी नागरिक के साथ वित्तीय संस्थान द्वारा की जाने वाली मनमानी और अनुचित व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जनपद प्रशासन हर पीड़ित व्यक्ति की शिकायत का त्वरित समाधान सुनिश्चित करता रहेगा।” तथा भविष्य में भी इस प्रकार के मामलो पर कठौर एक्शन लिया जाएगा।

विगत दिवस जिलाधिकारी कार्यालय कक्ष में प्रीति सिंह ने अपनी व्यस्था सुनाते हुए जिलाधिकारी से गुहार लगाई कि उनके पिता द्वारा वर्ष 2023 में बैंक ऑफ बड़ोदा से 13 लाख ऋण लिया था तथा बैंक के अधिकारियों कर्मचारियों के कहने पर ऋण सिक्योर करने हेतु ऋण का बीमा कराया था। उनके पिता द्वारा वर्ष 2023 से अपै्रल 2025 तक 22295 प्रतिमाह किस्त भरी थी किन्तु अपै्रल 2025 में पिता की मृत्यु हो जाने पर बैंक जिसकी सूचना उनके द्वारा बैंक व इंश्योरेंश कम्पनी को दी गई तथा इंश्योरेंश कम्पनी द्वारा जून में ऋण के क्लेम की धनराशि बैंक में जमा करा दी किन्तु बैंक द्वारा उनको न तो नो ड्यूज दे रहा है तथा 330980 धनराशि जमा कराने का दबाव बनाते हुए समपति जब्त करने की धमकी दे रहे हैं। जिला पर जिलाधिकारी सविन बंसल ने उप जिलाधिकारी न्याय कुमकुम जोशी को कार्यवाही के निर्देश दिए। जहां जिला प्रशासन द्वारा बैंक की धनराशि रू0 330980 की आरसी काट दी। बैंक की आरसी कटते ही बैंक 24 घंटे के भीतर प्रीति के नाम 3.30 धराशि का चैक काट दिया, जिसे आज जिलाधिकारी ने प्रीति सिंह को उपलब्ध करा दिया।

सीएम ने नगर निगम देहरादून में 46 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का किया शिलान्यास व लोकापर्ण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून नगर निगम के 27वें स्थापना दिवस समारोह में प्रतिभाग करते हुए देहरादून महानगर में 46 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि पिछले 27 वर्षों में देहरादून नगर निगम ने नागरिक सुविधाओं के विस्तार और आधुनिक शहरी प्रबंधन के क्षेत्र में अनेक उपलब्धियाँ हासिल करते हुए, देहरादून को एक स्वच्छ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित नगर के रूप में विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि देहरादून नगर निगम स्थापना दिवस का ये अवसर उन उपलब्धियों का उत्सव मनाने के साथ-साथ आने वाले समय की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, विकास के सपनों को धरातल पर साकार करने का भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विकास और समृद्धि के नए-नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। आज देश में अनेकों परियोजनाओं के माध्यम से शहरी क्षेत्रों के विकास को नई दिशा प्रदान की जा रही है। स्वच्छ भारत मिशन के माध्यम से देश के लाखों शहरों, कस्बों और नगरों में साफ-सफाई की एक नई संस्कृति विकसित हुई है। अमृत योजना के द्वारा शहरी क्षेत्रों में जल आपूर्ति, सीवरेज और हरित स्थानों को विकसित किया गया है। इसी तरह स्मार्ट सिटी मिशन नगर विकास का एक आदर्श नगर विकास के रूप में उभरा है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार देहरादून को एक आधुनिक और विकसित शहर बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। देहरादून में जहां एक ओर स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शहर में ठोस कचरा प्रबंधन और सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है। वहीं स्मार्ट सिटी मिशन, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत मिशन, खुले में शौच मुक्त अभियान और लीगेसी वेस्ट प्रबंधन जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से नागरिकों को बेहतर सुविधाएँ प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून को एक आधुनिक शहर के रूप में स्थापित करने के लिए सरकार 14 सौ करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं पर कार्य कर रही है। शहर में कचरा प्रबंधन के लिए आधुनिक मैकेनाइज्ड ट्रांसफर स्टेशन का निर्माण किया गया है, वहीं कूड़ा वाहनों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की स्थापना भी की है। हरित और स्वस्थ देहरादून बनाने के लिए शहर में विभिन्न स्थानों पर 35 पार्कों का निर्माण भी कराया गया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार केदारपुरम में योगा थीम पर आधारित शहर के सबसे बड़े पार्क का निर्माण करा रही है। वहीं वीर बलिदानियों की स्मृति में विशेष स्मृति पार्कों के माध्यम से शहर में 50 हजार वर्ग मीटर से अधिक हरित क्षेत्र भी विकसित किया जा रहा है। साथ ही साथ शहर की नदियों को पुनर्जीवित करने के लिए ‘रीन्यू रिस्पना’ अभियान भी संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शहर में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए 30 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जा रहा है, वहीं निजी इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए 11 स्थानों पर चार्जिंग स्टेशनों का निर्माण भी किया गया है। राज्य सरकार के प्रयासों से केंद्र सरकार द्वारा नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के अंतर्गत किए गए स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में देहरादून ने देशभर में 19वाँ स्थान हासिल किया है। साथ ही, सर्वोच्च स्वच्छ शहरों की राष्ट्रीय स्वच्छता रैंकिंग में भी देहरादून ने उल्लेखनीय सुधार करते हुए इस वर्ष 62वाँ स्थान प्राप्त किया है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार देहरादून में ट्रैफिक और पार्किंग की समस्या के स्थायी समाधान के लिए भी प्रयासरत हैं। इसके लिए, विभिन्न स्थानों पर भूमिगत पार्किंग का निर्माण किया जा रहा है, वहीं ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए रिस्पना और बिंदाल नदियों के ऊपर एलिवेटेड रोड के निर्माण की योजना भी तैयार की जा रही है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने उतकृष्ट कार्य करने वाले नगर निगम के कार्मिकों को भी पुरस्कृत किया।

इस अवसर पर मेयर सौरभ थपलियाल ने कहा कि देहरादून को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल शहर के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने नगर निगम द्वारा सम्पन्न कराए जा रहे विकास कार्यों का भी विवरण प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, विधायक खजान दास, विनोद चमोली, उमेश शर्मा काऊ, नगरायुक्त नमामि बंसल सहित अधिकारी एवं पार्षद उपस्थित हुए।

*शिलान्यास*
1 – किरसाली चौक से सहस्त्रधारा कॉसिंग की ओर सड़क फुटपाथ का विकास, ग्रीनरी एवं सौन्दर्गीकरण कार्य लागत-264.21 लाख।
2 – मोथरोवाला में मृत पशु शवों के निस्तारण हेतु गैस चलित पशु शवदाह गृह का निर्माण कार्य लागत-147.89 लाख ।
3. कैनाल रोड़, लक्जूरिया फार्म से अजन्ता होटल की ओर सड़क फुटपाथ का विकास, ग्रीनरी एवं सौन्दर्याकरण कार्य लागत-247.58 लाख।
4. कुठाल गेट से राजपुर चौक की ओर सड़क फुटपाथ का विकास, ग्रीनरी एवं सौन्दर्याकरण कार्य लागत-257.67 लाख ।
5. धण्टाघर से आर०टी०ओ० चौक की ओर सड़क फुटपाथ का विकास, ग्रीनरी एवं सौन्दर्याकरण कार्य लागत-165.84 लाख ।
6. धण्टाघर से यमुना कालोनी की ओर सड़क फुटपाथ का विकास, ग्रीनरी एवं सौन्दर्याकरण कार्य लागत-193.11 लाख।
7. विवेकानन्द चौक से कुठाल गेट की ओर सड़क फुटपाथ का विकास, ग्रीनरी एवं सौन्दर्गीकरण कार्य लागत-234.79 लाख।

*लोकापर्ण*
8. वार्ड सं0-60 आई०टी० पार्क रोड़ में पार्क विकास कार्य लागत-116.75 लाख । 9. नगर निगम की कॉफी टेबल बुक/डायरी / ई-आफिस का अनावरण।
10. मैकेनाइज स्मार्ट कार पार्किंग लागत-3.29 करोड़।
11. राजपुर रोड़ पार्किंग लागत-1.00 करोड़।
12. धोरण में मैकेनाइज ट्रान्फर स्टेशन का निर्माण लागत रू0-6.29 करोड़।