सेवा पखवाड़ाः वीरभद्र मंडल ने स्वच्छता अभियान चला महापुरूषों की मूर्तियां की स्वच्छ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस को भारतीय जनता पार्टी में सेवा पखवाड़े के रूप में मनाया गया। इस क्रम में आज वीरभद्र मंडल द्वारा स्वच्छता अभियान में क्षेत्र में बनी महापुरुषों के मूर्तियों को साफ सुथरा कर और पुष्प माला पहनाकर श्रद्धांजलि अर्पित की।

बापू ग्राम पंचायत घर नगर निगम मिनी कार्यालय में महात्मा गांधी, संविधान निर्माता बाबा साहेब अंबेडकर और मीराबेन जी की मूर्तियों की सफाई कर पुष्प माला पहनाई गई।

इसके बाद शहीद स्मारक अमित ग्राम में शहीदों की स्मारकों में स्वच्छता अभियान चलाया गया। मंडल अध्यक्ष अरविंद चौधरी, जिला महामंत्री सुदेश कंडवाल, मंडल महामंत्री व पार्षद सुंदरी कंडवाल, पूर्व मंडल अध्यक्ष अविनाश, वायुराज, रोहित भारद्वाज, निर्मला उनियाल, पुनीता भंडारी, गीता मित्तल, माया घले, शशि सेमल्टी, बालम सिंह रावत, महावीर चमोली, प्रताप राणा, विवेक चतुर्वेदी, अनीता देवी, रंजीत, सुशील आदि बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत का मान, सम्मान और स्वाभिमान बढ़ाः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सामुदायिक केंद्र शिव मंदिर बारीघाट, कैनाल रोड, देहरादून में संकल्प दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का मान, सम्मान एवं स्वाभिमान बढ़ा है। देश में नई कार्य संस्कृति आई है। अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी सुविधाएं पहुंचे ऐसी योजनाओं का संचालन पूरे पारदर्शिता के साथ किया जा रहा है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में चलाया गया स्वच्छ भारत अभियान एक जन आंदोलन बना। दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य की स्कीम जिससे गरीबों का इलाज मुफ्त में हो रहा है ऐसी आयुष्मान भारत योजना भी उन्हीं के नेतृत्व में चलाई जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड राज्य से विशेष लगाव है, उनके नेतृत्व में कई सड़कों का विस्तार रेल लाइन का निर्माण कार्य तेज गति के साथ किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार राज्य में समान नागरिक संहिता के लिये समिति का गठन कर दिया है। समिति के फाइनल ड्राफ्ट के आधार पर फैसला लिया जाएगा। सरकार अपने वादों के अनुसार गरीब परिवारों को तीन सिलेण्डर मुफ्त उपलब्ध कराने जा रही है। भ्रष्टाचार पर रोक लगाने हेतु राज्य में 1064 हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। सरकार आमजन के सुझाव पर कार्य कर विकास को आगे बढ़ाने का कार्य कर रही है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल, गणेश जोशी एवं अन्य लोग मौजूद थे।

पीएम आवास में स्वीकृत आवासों के सापेक्ष पूर्ण और आवंटन में लाया जाए सुधारः सीएस

मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु ने सचिवालय में सम्बन्धित अधिकारियों के साथ प्रगति पोर्टल के अन्तर्गत नेशनल ब्रॉडबैंड मिशन, पीएम स्वनिधि और प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की प्रगति की समीक्षा की।

मुख्य सचिव ने नेशनल ब्रॉडबैंड मिशन के अन्तर्गत टावर लगाने एवं ओएफसी आदि के लिए राइट ऑफ वे आवेदनों के सम्यक् निस्तारण हेतु सभी जिलाधिकारियों तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए स्थानीय निकायों को अपने बायलॉज में परिवर्तन करने की आवश्यकता है तो शीघ्रातिशीघ्र किया जाए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को पेंडेंसी के निस्तारण के लिए उचित प्रणाली विकसित किए जाने के निर्देश दिए। साथ ही प्रतिदिन समीक्षा की जाए और इसके लिए वर्कशॉप भी आयोजित की जाएं। कहा कि समस्याओं का अध्ययन कर प्रक्रिया का सरलीकरण किया जाए, ताकि एप्लीकेशन के रिजेक्शन को कम किया जा सके।

मुख्य सचिव ने पीएम स्वनिधि योजना के अन्तर्गत राज्य के 25 हजार स्ट्रीट वेंडर्स को ऋण उपलब्ध कराने के लक्ष्य को निर्धारित समय सीमा में हासिल करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पेपर वर्क पूरा करने हेतु में एक या दो बार कैंप लगाए जाएं। ई – केवाईसी के लिए सीएससी आदि को भी कैंप में शामिल किया जाए ताकि सभी काम एक साथ हो सकें। मुख्य सचिव ने पीएम स्वनिधि में पर्वतीय जनपदों की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया और कहा कि मैदानी जनपदों को तेजी लाने की आवश्यकता है। उन्होंने एसएलबीसी को बैंकों को भी इस सम्बन्ध में अवगत कराए जाने हेतु निर्देशित किया, ताकि बैंक भी एप्लीकेशंस को सरसरी तौर पर निरस्त न करें और ऋण स्वीकृति देने में तेजी लाएं।

मुख्य सचिव ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में भी स्वीकृत आवासों के सापेक्ष पूर्ण और आबंटित की स्थिति में तेजी से सुधार लाने के निर्देश दिए। कहा कि क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी योजना, लाभार्थी के नेतृत्व में व्यक्तिगत घर निर्माण गरीब बेघर लोगों के लिए बहुत ही लाभकारी है। बीएलसी के अन्तर्गत केंद्र सरकार द्वारा तीसरी/अंतिम किश्त प्रोजेक्ट पूर्ण होने के बाद दी जाती है, जिस कारण कई बार लाभार्थी का आवास धन की कमी के कारण पूरा नहीं हो पता या उसमें देरी होती है। इसके लिए एक नया मैकेनिज्म तैयार किया जाए ताकि लाभार्थी को बाकी का पैसा राज्य सरकार की और से मिल जाए और प्रोजेक्ट पूर्ण होने पर यह केंद्र से राज्य सरकार को रिफंड हो जाए।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द वर्द्धन,सचिव शैलेश बगोली, निदेशक आईटीडीए अमित सिन्हा सहित सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारी भी उपस्थित थे।

सीएम के अनुमोदन पर स्मार्ट सिटी कार्यों में कार्यदायी संस्था को हटाया

स्मार्ट सिटी के कार्याे में लेटलतीफी और निम्न गुणवत्ता का कार्य होने पर सरकार ने एक ओर कड़ा फैसला लिया है। सरकार ने कार्यकारी संस्था ब्रिज एंड रूफ को हाई पावर कमेटी के निर्णय के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अनुमोदन पर हटाने का निर्णय लिया है।

शहरी विकास व आवास मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने सीईओ स्मार्ट सिटी सोनिका के साथ बैठक की। इसके बाद डॉ अग्रवाल जी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि स्मार्ट सिटी के अंतर्गत ऑउटफाल एंड इंटीग्रेटेड सीवरेज एंड ड्रेनेज योजना के कार्य के लिए नामित संस्था ब्रिज एंड रूफ के कार्य संतोषजनक नहीं पाए गए। इस सम्बंध में पूर्व में कई बार बैठक लेकर नामित संस्था को निर्देश भी दिए गए।

इस संदर्भ में डॉ अग्रवाल ने बीती 29 जुलाई को मौके पर जाकर निरीक्षण भी किया था। जिसमें अपेक्षाकृत कार्य न होने पर कड़ी चेतावनी भी दी थी। इसी क्रम में सीवरेज और ड्रेनेज में निम्न गुणवत्ता का कार्य किया गया।

डॉ अग्रवाल ने बताया कि इसी तरह स्मार्ट सिटी के तहत स्मार्ट रोड परियोजना में भी नामित संस्था ब्रिज एंड रूफ के संतोष जनक कार्य न करने पर हटाने का फैसला लिया गया है।

डॉ अग्रवाल ने बताया कि सीवरेज और ड्रेनेज का कार्य के लिए अब पेयजल एवं सिंचाई विभाग को नामित किया है, जबकि स्मार्ट रोड परियोजना में पीडब्ल्यूडी को कार्यदायी संस्था के लिए नामित किया है। डॉ अग्रवाल जी ने शीघ्र ही उक्त कार्य को प्रारंभ कराने के निर्देश दिए। जिससे जनता को सुविधा मिल सके।

बता दे कि स्मार्ट सिटी के कार्याे में धीमी कार्यप्रगति होने पर सरकार ने कार्यकारी संस्था भ्ैब्स् (हिंदुस्तान स्टील वर्क्स कंस्ट्रक्शन लिमिटेड) जो नामित होने के बाद काम शुरू नहीं कर पाई थी, को पूर्व में ही हटा दिया था।

स्वास्थ्य मंत्री ने दिए विश्वविद्यालय में रिक्त पदों को प्रतिनियुक्ति से भरने के निर्देश

चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज हेमवती नंदन बहुगुणा चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय सेलाकुई देहरादून का निरीक्षण कर समीक्षा बैठक ली। इस दौरान उन्होंने माह नवम्बर तक विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह आयोजित करने, लम्बे समय से रिक्त चल रहे शिक्षणेत्तर कार्मिकों के पदों को स्थाई नियुक्ति होने तक प्रतिनियुक्ति/सेवास्थानांतरण के माध्यम से भरने तथा मेडिकल छात्रों को भविष्य में डिजी लॉकर के माध्यम से डिग्रियां उपलब्ध कराने के निर्देश दिये।

मेडिकल यूनिवर्सिटी सेलाकुई के निरीक्षण के उपरांत विभागीय मंत्री ने अधिकारियों की समीक्षा बैठक में विश्वविद्यालय की बॉउंड्रीवॉल का कार्य शीघ्र पूर्ण कराने तथा कुलपति आवास सहित कुलसचिव एवं अन्य सभी अधिकारियों एवं कार्मिकों के लिये आवास निर्माण की डीपीआर तैयार कर शीघ्र शासन को प्रेषित करने के निर्देश दिये। उन्होंने विश्वविद्यालय में प्रशासनिक, लेखा एवं मिनिस्ट्रियल संवर्ग के वर्षों से रिक्त चल रहे सभी पदों पर स्थाई नियुक्ति होने तक सेवा स्थानांतरण/ प्रतिनियुक्ति के आधार पर भरने के निर्देश विश्वविद्यालय प्रशासन को दिये। डॉ0 रावत ने कहा कि विश्वविद्यालयों को प्रत्येक वर्ष दीक्षांत समारोह का आयोजन कर डिग्रियां प्रदान करने के निर्देश पूर्व से ही दिये गये हैं। इसी क्रम में मेडिकल विश्वविद्यालय को आगामी नवम्बर माह तक दीक्षांत समारोह आयेजित करने तथा मेडिकल छात्र-छात्राओं को भविष्य में डिजी लॉकर के माध्यम से अंक प्रमाण पत्र सहित अन्य शैक्षिक प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने को कहा गया है।

विश्वविद्यालय के नये परिसर में निर्माणाधीन बाउंड्रीवॉल सहित अन्य आवश्यक निर्माण कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने निर्देश भी दिये। विश्वविद्यालय अधिकारियों ने विभागीय मंत्री के परिसर में आगमन पर पुष्पगुष्छ एवं स्मृतिचिह्न देकर जोरदार स्वागत किया। इससे पूर्व डॉ0 रावत ने विश्वविद्यालय परिसर में स्थापित उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्व0 हेमवती नंदन बहुगुणा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें याद किया।

इस दौरान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. हेमचंद्र पाण्डेय, कुलसचिव डॉ. एम0के0 पंत, परीक्षा नियंत्रक प्रो. विजय जुयाल, वित्त नियंत्रक खजान चंद पाण्डेय सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

स्मार्ट सिटी के निर्माण कार्यों की गति में तेजी लाई जाएः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के अन्तर्गत किए जा रहे निर्माण कार्यों की गति में तेजी लाने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। उन्होंने कहा कि कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री के सख्त रवैये के बाद लोक निर्माण विभाग ने मिशन मोड में निर्माण कार्य कर गति प्रदान की है। इसी क्रम में राजपुर क्षेत्र के विधायक खजान दास ने आज शहर के विभिन्न स्थानों में निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया और इसके लिए मुख्यमंत्री का आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि तत्काल प्रभाव से सड़कों को ठीक करने का कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है।

जनप्रतिनिधियों से मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने कार्यदायी संस्था से काम वापस लेकर लोक निर्माण विभाग को यह काम सौंप दिए थे। लोक निर्माण विभाग ने सड़कों के सुधारीकरण कार्य को प्राथमिकता देते हुए काम शुरू कर दिया है। सोमवार को विधायक खजानदास ने लोनिवि द्वारा शुरू किए गए कार्यों का लैंसडाउन चौक, नैनीज बेकरी चौक आदि क्षेत्रों में अधिकारियों के साथ स्थलीय निरीक्षण किया तथा अधिकारियों को उचित निर्देश दिए। इस दौरान खजान दास ने निर्माण कार्यों में तेजी लाए जाने के लिए सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिलकर आभार जताया। उन्होनें जनमानस को आश्वस्त करते हुये कहा कि शीघ्र ही दूनवासियों को दून के सड़को की स्थिति में सुधार देखने को मिलेगा। इस अवसर पर स्मार्ट सिटी के एजीएम जगमोहन सिंह चौहान, अधिशासी अभियन्ता लोक निर्माण विभाग डीसी नौटियाल अपने अधीनस्थ अधिकारियों सहित उपस्थित रहे।

स्मार्ट सिटी के कार्यो में और तेजी लाई जायेगी-प्रेमचन्द अग्रवाल

देहरादून स्मार्ट सिटी के अंतर्गत वित्त, शहरी विकास व आवास मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने 5 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। साथ ही चार विभिन्न स्थानों पर 4 स्मार्ट टॉयलेट का शुभारंभ किया।
गुरुवार को देहरादून स्थित परेड ग्राउंड से कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल, सीईओ स्मार्ट सिटी व जिलाधिकारी सोनिका, मेयर सुनील उनियाल गामा, मंडल अध्यक्ष राजपुर रोड विशाल गुप्ता आदि ने संयुक्त रूप से 5 इलेक्ट्रिक बसों को रवाना किया। इसके बाद इलेक्ट्रिक बस पर सवार होकर मंत्री डॉ अग्रवाल स्मार्ट टॉयलेट पहुंचे। यहां रिबन काटकर स्मार्ट टॉयलेट का शुभारंभ किया।
इस दौरान मंत्री डॉ अग्रवाल ने स्मार्ट टॉयलेट के संबंध में जानकारी भी प्राप्त की। साथ ही स्मार्ट कॉलेज के लिए सीईओ स्मार्ट सिटी की प्रशंसा भी की।
मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत कुल 27 परियोजनाएं प्रस्तावित थी जिनमें से 5 परियोजनाओं को पूर्व में ही पूर्ण कर जनता को समर्पित किया जा चुका है, अन्य परियोजनाओं का कार्य प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि वर्षा काल के कारण बाधित कार्यों की प्रगति में अब तीव्रता आएगी।
डॉ अग्रवाल ने बताया कि स्मार्ट सिटी के अंतर्गत 5 इलेक्ट्रिक बसों का आईएसबीटी से सहस्त्रधारा रुट पर संचालन किया जाएगा। जो देहरादून स्मार्ट सिटी लिमिटेड एवं ईबे ट्रास कंपनी के मध्य अनुबंध के तहत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि देहरादून नगर में वर्तमान में कुल 20 की बसों का बेड़ा तैयार हो गया है। डॉ अग्रवाल ने बताया कि कुल 21 किलोमीटर के रूट पर 35 बस स्टॉपेज आएंगे। इसका न्यूनतम किराया 10 रुपए है। बताया कि इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का मुख्य उद्देश्य वायु एवं ध्वनि प्रदूषण मुक्त तथा बेहतर सुविधा युक्त पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देना है। उन्होंने बताया कि देहरादून स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा आईएसबीटी से राजपुर रोड एवं आईएसबीटी से सेलाकुई व रायपुर तथा एयरपोर्ट रूट में संचालित 15 बसों के माध्यम से अब तक कुल 980474 यात्रियों को सुविधा युक्त यात्रा मिल पाई है। आप ही एक करोड़ 91 लाख रुपए का राजस्व भी प्राप्त हुआ है।
डॉ अग्रवाल ने बताया कि चार नवनिर्मित की स्मार्ट टॉयलेट जो परेड ग्राउंड, पुरानी तहसील परिसर, सब्जी मंडी परिसर और आईएसबीटी परिसर पर बनाए गए हैं। उन्होंने बताया कि स्मार्ट सिटी परियोजना में स्वीकृत एक करोड़ 81 लाख रुपए के तहत देहरादून शहर में अभी तक 7 स्मार्ट टॉयलेट का निर्माण किया जा चुका है। जिनमें तीन टॉयलेट्स पूर्व में ही जन सुविधा को देखते हुए शुरू किए गए हैं जबकि चार स्मार्ट टॉयलेट का आज लोकार्पण किया गया।
डॉ अग्रवाल ने बताया कि इन स्मार्ट टॉयलेट में महिलाओं पुरुषों तथा दिव्यांगों के लिए अलग से व्यवस्था की गई है। जिनमें चार डब्ल्यूसी महिलाओं के लिए, 4 डब्लयूसी व सात यूरेनील पुरुषों के लिए तथा एक डब्लयूसी दिव्यांगों के लिए होगा। डॉ अग्रवाल ने बताया कि समस्त स्मार्ट टॉयलेट पूर्ण रूप से जीपीआरएस युक्त हैं। इनमें स्वचालित सफाई व्यवस्था जैसे फ्लशिंग, कांटेक्टलैस हैंड वॉशिंग, हैंड ड्रायर, सोप डिस्पेंसर आदि के साथ महिलाओं के लिए विशेष रूप से सेनेटरी वेंडिंग तथा डिस्पोजेबल मशीन लगाई गई है। उन्होंने बताया कि अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त इस टॉयलेट के प्रयोग में मुफ्त यूरिनल तथा टॉयलेट हेतु सुविधा शुल्क 5 रुपए निर्धारित किया गया है जिसका भुगतान डिजिटल अथवा कैश के माध्यम से किया जाएगा।

धामी तुम बढ़े चलो भ्रष्टाचारियों पर नकेल कसो

इसमें कोई दोराय नहीं कि नेताओं के भाई-भतीजावाद और नकल माफिया की ओर से की गई सरकारी नौकरियों की सौदेबाजी ने पात्र युवाओं का हक मारा है। पिछले दो दशक से लगातार बेरोजगारों को छला जा रहा है। माफिया, नौकरशाह और राजनेता नापाक गठजोड़ करके सपनों के सौदागर बने हुए हैं। अब जबकि इस गठजोड़ के कारनामे उजागर होने रहे हैं तो युवा आक्रोशित हैं। उनमें उबाल है। वो सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन कर रहे हैं। विपक्ष आन्दोलन को हवा दे रहा है। लोकगायक अपनी नई रचनाओं से युवा ताकत को जागृत कर रहे हैं। इसी बहाने अंदरखाने सियासत भी तेज हो गई है।
विरोध के माहौल के बीच एक लोकगायक ने परिदृश्य से हटकर नया गीत बनाया है, जो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है। इस गीत के गायक हैं डा. अजय ढौंढियाल। ढौंढियाल पेशे से पत्रकार हैं और हमेशा जनहित के मुद्दों पर मुखर रहे हैं। अब लोकगीत और संगीत को माध्यम बनाकर वो समाज को लोकतंत्र में संभावित खतरों से सचेत कर रहे हैं। उनके नये गीत का शीर्षक हैं श्चल चल रे धामी बढ़ने चल बढ़ने चलश्। इस गीत में ढौंढियाल ने सरकार का एकतरफा सामूहिक विरोध करने के बजाए उस पर भरोसा जताने का आह्वान किया है। उनका यह गीत मैंने भी सुना। मौजूदा माहौल में लीक से हटकर गाया गया यह गीत चौंकाता है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या ढौंडियाल ने सरकार की चाटुकारिता में ये गीत गया है? मैंने फोन लगाकर सीधे ढौंढियाल जी से ही यह सवाल पूछ लिया। उनका जवाब सुनकर लगा कि वास्तव में गीत के माध्यम से उठाए गए उनके पहलू पर भी विचार किया जाना चाहिए। ढौंढियाल ने कहा यह हमारे प्रदेश का दुर्भाग्य है कि सरकारी सिस्टम की कोई खामी या कारनामा उजागर होने के बाद विपक्ष हो या सत्ता पक्ष के कुछ लोग सरकार को अस्थिर करने में जुट जाते हैं। मिशन मोड में मुख्यमंत्री को हटाने की कोशिशें शुरू हो जाती हैं। असली मुद्दा पीछे छूट जाता है और समूची ताकत तख्ता पलट के लिए एकजुट हो जाती है। ऐसा सिर्फ अभी नहीं हो रहा। राज्य बनने के बाद लगातार सरकारों को अस्थिर किया गया। यही वजह है कि नारायण दत्त तिवारी जी को छोड़कर कोई भी मुख्यमंत्री अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सका। मौजूदा समय में पुष्कर सिंह धामी उस सरकार के मुखिया हैं जिसे जनता के प्रचण्ड बहुमत के साथ लगातार दूसरी बार सत्ता सौंपी है। धामी नौकरी में हुई धांधली की अपने राज्य की एजेंसी एसटीएफ से जांच करवा रहे हैं। अभी तक लग रहा है कि जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ रही है। धामी भी लगातार जनता को विश्वास दिला रहे हैं कि एक भी दोषी नहीं छूटेगा। ऐसे में युवाओं और जनता समेत सत्ता पक्ष विपक्ष के सभी लोगों को उन पर भरोसा करना चाहिए। सिर्फ इस आशंका पर कि जांच में असली दोषियों को सजा नहीं मिलेगी, सरकार को अस्थिर करना ठीक नहीं। खासतौर पर विपक्ष का मापदण्ड दोहरा दिखाई दे रहा है। जिस सीबीआई की निष्पक्षता पर विपक्ष हमेशा अंगुली उठाता रहा है, आज उसी से इस संवेदनशील मामले की जांच के लिए हल्ला काटा जा रहा है। कुल मिलाकर राजनैतिक अस्थिरता से राज्य का भला होने वाला नहीं है। समस्या को जड़ से दूर करने में सभी को सहयोग करना होगा। सरकार की उपलब्धियों को तात्कालिक प्रभाव से खारिज नहीं किया जा सकता। अपने मुख्यमंत्री पर भरोसा रखना होगा। मुख्यमंत्री भरोसा तोड़ते हैं तो फिर जतना के पास विकल्प की कमी नहीं हैं।

(लेखक दीपक फर्सवाण एक पत्रकार है)

स्मार्ट सिटी के कार्यो को शुरु नही करने पर कंपनी को हटाया

स्मार्ट सिटी के कार्याे में लेटलतीफी पर सरकार ने कड़ा फैसला लिया है। सरकार ने कार्यकारी संस्था हिंदुस्तान स्टील वर्क्स कंस्ट्रक्शन लिमिटेड जो नामित होने के बाद भी काम शुरू नहीं कर पाई। उसको हाई पावर कमेटी के निर्णय के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अनुमोदन पर हटाने का निर्णय लिया है।
इसी संदर्भ में मंगलवार को शहरी विकास व आवास मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने सीईओ स्मार्ट सिटी/जिलाधिकारी सोनिका के साथ बैठक कर निर्देशित किया। उन्होंने शीघ्र ही पीडब्ल्यूडी विभाग से इस कार्य को प्रारंभ कराने के निर्देश दिए। जिससे जनता को सुविधा मिल सके।
डॉ अग्रवाल ने सीईओ सोनिका को शहर में वर्षाकाल से क्षतिग्रस्त सड़कें/गड्ढों में पेंच वर्क करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम लोगों की परेशानी को देखते हुए इस कार्य में तेजी लाई जाये।

आश्रय गृह में निराश्रित बच्चों को मिलेंगी सुविधाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आसरा ट्रस्ट द्वारा निराश्रित एवं वंचित बालिकाओं के लिए अच्छे आश्रय गृह का निर्माण किया गया है, जिसमें हर सुविधा देने के प्रयास किए गए हैं। उन्होंने कहा की जो अपना जीवन दूसरों की सेवा के लिए समर्पित करता है, उनका जीवन सफल होता है। हमारी ये बालिकाएं अपनी शिक्षा सुगमता से ग्रहण कर सके, उनके लिए अपनी शिक्षा को आगे बढ़ाने में यह आश्रय गृह मददगार साबित होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में शिक्षा के क्षेत्र में देश में सराहनीय कार्य हो रहे हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए अनेक प्राविधान किए गए हैं। राज्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की शुरुआत बाल वाटिकाओं से की गई है। शिक्षा के उन्नयन के लिए कई शिक्षकों द्वारा सराहनीय कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमें इस संकल्प से आगे बढ़ना है कि, जिन बच्चों की कोई परवरिश करने वाला नहीं है, उनको अच्छी शिक्षा देकर कैसे जीवन की मुख्यधारा से जोड़ा जाए।
इस अवसर पर विधायक खजानदास, शिक्षा महानिदेशक बंशीधर तिवारी, प्रबंध निदेशक हेल्प एलाइंस आंद्रेय पार्नकॉफ एवं अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।