इंदिरा गांधी ने आपातकाल लगाकर घोंटा था लोकतंत्र का गलाः डा. प्रेमचंद

इंदिरा गांधी द्वारा 1975 में 25 जून को लगाये गए आपातकाल को काला अध्याय के रूप में याद किया जाता रहेगा। यह बात आपातकाल की 47वीं वर्षगांठ पर आयोजित विधानसभा स्तर के कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री व क्षेत्रीय विधायक डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने कही। इस मोके पर आंदोलन में जेल जाने वाले लोकतंत्र सेनानियों के आश्रितों को सम्मानित किया गया।

आवास विकास स्थित सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में आपातकालीन की बरसी पर विधानसभा स्तर पर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस मौके पर मंत्री डा. अग्रवाल ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी के शासन के दौरान 1975 में लगा आपातकाल काले अध्याय से कम नहीं था। इस दौरान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कुचला गया। आपातकाल के दौरान पूरे देश में लोकतांत्रित तरीके से आंदोलन हुए।

डा. अग्रवाल ने कहा कि इस वक्त सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग भी किया गया। डा. अग्रवाल ने कहा कि उनके परिवार ने भी अनेक यातनाएं सही और जेल की हवा भी खाई। बताया कि बड़े भाई ताराचंद ने इंदिरा गांधी को पत्र भेजकर उनके द्वारा किये जा रहे कार्याे को गलत ठहराया था। कहा कि जेल में आपातकाल के दौरान पकड़े गए लोगों को सामान्य कैदी की तरह ही रखा जाता था। उन्हें कीड़े लगे चावल और पानी वाली दाल मिलती थी।

डा. अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस ने उस समय अपनी सत्ता बचाने और राजनीति स्वार्थ पूरा करने के लिए लोकतंत्र की हत्या देश में आपातकाल लगाकर की थी। कहा कि आपातकाल की नींव 12 जून 1975 को ही रख दी गई थी। इस दिन इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को रायबरेली के चुनाव अभियान में सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करने का दोषी पाया था और उनके चुनाव को खारिज कर दिया था। इतना ही नहीं, इंदिरा पर छह साल तक चुनाव लड़ने पर और किसी भी तरह के पद संभालने पर रोक भी लगा दी गई थी। जब 25 जून 1975 की आधी रात इमरजेंसी लागू की गई थी जनता के सारे अधिकार छिन गए थे।

डा. अग्रवाल ने बताया कि आपातकाल में जयप्रकाश नारायण की अगुवाई में पूरा विपक्ष एकजुट हो गया और देशभर में इंदिरा के खिलाफ आंदोलन शुरू हुआ। सरकारी मशीनरी विपक्ष के आंदोलन को कुचलने में लग गई थी। आंदोलनकारियों को जेल में डाला जाने लगा। 21 मार्च 1977 तक देश आपातकाल में पिसता रहा।

इस मौके पर लोकतंत्र सैनानियों व उनके आश्रितों को पुष्पमाला पहनाकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों आश्रितों में बृजेश चंद शर्मा, दया शंकर पांडेय, भारतेंदु शंकर पांडेय शामिल रहे।

इस मौके पर प्रदेश प्रवक्ता मयंक गुप्ता, मेयर अनिता ममगाई, देवेंद्र दत्त सकलानी, मण्डल अध्यक्ष ऋषिकेश दिनेश सती, मण्डल अध्यक्ष वीरभद्र अरविंद चौधरी, मण्डल अध्यक्ष महिला मोर्चा उषा जोशी, प्रधानाचार्य राजेन्द्र पांडेय, कपिल गुप्ता, संजय शास्त्री, सुमित पंवार, जयंत शर्मा, व्यापारी नेता प्रतीक कालिया, पार्षद प्रदीप कोहली, विजेंद्र मोघा, सोनू प्रभाकर, लक्ष्मी रावत, सुंदरी कंडवाल, तनु तेवतिया, राकेश पारछा, अनिता तिवाड़ी, माधवी गुप्ता, प्रमिला त्रिवेदी, आरती दुबे, नितिन सक्सेना, रुपेश गुप्ता, राजू शर्मा सहित आदि भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।

भारतवर्ष आदिकाल से ही ज्ञान विज्ञान के क्षेत्र में अग्रणी रहाः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ग्राफिक एरा में आयोजित 15-16वीं उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं तकनीकी कांग्रेस का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं तकनीक कांग्रेस एवं उत्तराखंड के बहुमूल्य उत्पादों पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया। बीते साल कोरोना महामारी के कारण साइंस कांग्रेस का आयोजन नहीं हो पाया था, इसलिए यूसीओएसटी द्वारा 15 एवं 16वीं साइंस कांग्रेस का साझा आयोजन किया गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि हम सब का सामूहिक प्रयास होना चाहिए कि इस तरह के मंथन कार्यक्रम सिर्फ आयोजन तक सीमित न रहे, बल्कि ऐसे मंथन कार्यक्रमों से निकला ज्ञान रूपी अमृत राज्य की और देश की प्रगति के लिए उन्नत तकनीक के रूप में सामने आए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि इस कार्यक्रम से सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में प्रदेश को आगे बढ़ाने का रास्ता भी मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालय के छात्र के रूप में उनको सबसे अधिक अनुभव प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि भारतवर्ष आदिकाल से ही ज्ञान विज्ञान के क्षेत्र में अग्रणी रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 8 सालों में भारत ने विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में कई नए कीर्तिमान हासिल किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में नई शिक्षा नीति लागू की है। जो कि हर पहलू को केंद्रित कर बनाई गई है। उन्होंने कहा कि देश के वैज्ञानिकों ने शोध और परीक्षण कर कोरोना वायरस महामारी से निपटने के लिए दो-दो स्वदेशी वैक्सीन तैयार की, जो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संभव था। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में देश का मान सम्मान और स्वाभिमान बढा है। हमारी कल्पना वसुदेव कुटुंबकम की है।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में मौजूद वैज्ञानिक एवं शोधार्थियों से आवाहन करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम से हम संकल्प को शक्ति बनाकर “विकल्प रहित संकल्प” के ध्येय वाक्य के साथ आगे बढ़े। उन्होंने कहा कि साल 2025 तक उत्तराखंड को अग्रणी राज्य बनाने के लिए “विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी” के क्षेत्र से जुड़े सभी वैज्ञानिक एवं शोधार्थियों के सुझाव आमंत्रित हैं। हम हर क्षेत्र में विशेषज्ञों के विचारों को लेकर भविष्य का रोडमैप तैयार कर रहे हैं, क्योंकि उत्तराखंड को शिखर पर ले जाने की जिम्मेदारी हम सब की सामूहिक रूप से है।

कार्यक्रम में सचिव आईटी सौजन्या ने साइंस कांग्रेस के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इसके अलावा यूसीओएसटी के महानिदेशक डॉ राजेंद्र डोभाल ने उत्तराखंड काउंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी द्वारा किए जा रहे कार्यों एवं साइंस सिटी का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। कार्यक्रम में ग्राफिक एरा ग्रुप के चेयरमैन प्रोफ़ेसर डॉ. कमल घनशाला ने सभी अतिथियों का आभार प्रकट किया। इस दौरान कार्यक्रम में विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों से जुड़े वैज्ञानिक, शोधार्थी एवं छात्र-छात्राएँ मौजूद रही।

योग दिवस की पूर्व दिवस पर रन फॉर योग दौड़ में शामिल हुए सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के पूर्व दिवस पर “रन फॉर योग“ कार्यक्रम के तहत घण्टाघर से एमकेपी चौक तक आयोजित दौड़ में शामिल होकर योग के प्रति युवाओं एवं जनता को जागरूकता का संदेश दिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरी दुनिया में योग को मान्यता दिलवाई। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आज पूरी दुनिया अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को एक उत्सव के रूप में मना रही है, साथ ही संस्कृति, धर्म, भारत की परंपराओं के संरक्षण का कार्य आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि शरीर और मन दोनों को सेहतमंद बनाए रखने के लिए नियमित रूप से दिनचर्या में योगासनों को शामिल करके लाभ प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा योग का अभ्यास शरीर, श्वास और मन को जोड़ता है। साथ ही योग से शरीर, विचार हमेशा स्वस्थ सकारात्मक रहते हैं उन्होंने कहां दौड़ की अगुवाई कर रहे एनसीसी युवाओं को देख उन्हें अपना बचपन याद आ गया। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को एक उत्सव के रूप में मनाए जाने का सभी से आग्रह किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देहरादून शहर देश के प्रमुख शहरों में से एक है इसकी स्वच्छता से हम पूरे देश में पर्यावरण के प्रति सकारात्मक संकेत दे सकते हैं। उन्होंने कहा क्लीन सिटी ग्रीन सिटी यह मेरा ड्रीम सिटी के साथ आप सभी जुड़े एवं अपने शहर को सुंदर और स्वच्छ बनाएं, इस दौरान उन्होंने स्वच्छता को सहभागिता से किया जाने वाला कार्य बताया। उन्होंने कहा हम इकोलॉजी एवं इकोनॉमी में समन्वय बनाकर देहरादून शहर का विकास करेंगे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य विकास के नए आयामों को छू रहा है। उन्होंने कहा आज केदारनाथ का प्रांगण ने दिव्य भव्य और नया रूप ले लिया है इसके साथ ही बद्रीनाथ धाम का मास्टर प्लान भी शुरू कर दिया गया है। उन्होंने आने वाले 25 वर्ष को उत्तराखंड को प्रत्येक क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाए जाने, एवं आत्मनिर्भर उत्तराखंड बनाए जाने की बात कही।

इस दौरान मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक खजान दास, विधायक विनोद चमोली, डीजीपी उत्तराखंड अशोक कुमार, सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडेय एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

सीएम ने दिलाई स्वच्छता के प्रति छात्रों को शपथ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सहस्त्रधारा रोड़ में नगर निगम देहरादून द्वारा आयोजित “क्लीन सिटी, ग्रीन सिटी, यही है मेरा ड्रीम सिटी“ थीम पर आधारित स्वच्छता कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। उन्होंने छात्रों के साथ सड़क पर स्वयं सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया, एवं स्वच्छता की शपथ दिलवाई।

कार्यक्रम में संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि क्लीन सिटी, ग्रीन सिटी एवं देहरादून को स्वच्छ करने का कार्य समाज सेवा, प्रकृति, पर्यावरण एवं श्रमदान का कार्य है। उन्होंने कहा हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि प्रकृति द्वारा दिए गए संसाधन एवं सुंदरता आने वाले भविष्य के लिए भी बचे, इसके लिए आज हमें स्वच्छता का संकल्प लेना है। उन्होंने कहा देहरादून शहर देश के प्रमुख शहरों में से एक है इसकी स्वच्छता से हम पूरे देश में पर्यावरण के प्रति सकारात्मक संकेत दे सकते हैं। शहर की सुंदरता एवं स्वच्छता से ही पर्यटक में शहर के प्रति अच्छा संदेश जाता है। उन्होंने देहरादून शहर को पूरी तरह क्लीन एवं ग्रीन रखने की बात कहते हुए स्वच्छता को सहभागिता से किया जाने वाला कार्य बताया। उन्होंने कहा प्रत्येक व्यक्ति के योगदान से ही स्वच्छता संभव हो सकती है उन्होंने युवाओं से विशेष तौर पर स्वच्छता जैसे कार्यक्रमों में ज्यादा से ज्यादा जुड़ने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सर्वप्रथम स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत स्वयं झाड़ू पकड़ देश को स्वच्छता का संदेश दिया। उन्होंने कहा स्वच्छ भारत अभियान एक आंदोलन के रूप में पूरे भारत में उभरा, जिसके अंतर्गत तमाम योजनाओं का संचालन किया गया। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आने वाले समय में 10 लाख नौकरी दिए जाने पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा हमें उत्तराखंड राज्य को आने वाले समय में स्वच्छता के साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाना है, जिसके लिए राज्य सरकार विकल्प रहित संकल्प के साथ कार्य कर रही है।

मेयर सुनील उनियाल गामा ने मुख्यमंत्री धामी को चंपावत उप चुनाव में विजय हेतु शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में क्लीन दून ग्रीन दून पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा देहरादून को सुंदर एवं स्वच्छ रखे जाने के कार्य में नगर निगम का मुख्यमंत्री धामी द्वारा हमेशा पूर्ण रूप से सहयोग किया है। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड राज्य को स्वच्छता के क्षेत्र में नंबर-1 बनेगा।
इस दौरान विधायक खजान दास दून डिफेंस ड्रीमर्स के अध्यक्ष हरिओम चौधरी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

अग्निपथ योजना से जुड़े नौजवानों को राज्य पुलिस में मिलेगी प्राथमिकता

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘अग्निपथ योजना’ के माध्यम से नौजवानों के लिए भारतीय सेना के द्वार खोलने हेतु प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ‘अग्निपथ योजना’ के माध्यम से भारत की सैन्य ताकत को मजबूती मिलने के साथ ही युवाओं की कौशलता और प्रतिबद्धता में भी खासा सुधार आएगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को बलवीर रोड स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में मीडिया से वार्ता करते हुए कहा कि भारतीय रक्षा व्यवस्था को लेकर पिछले कुछ सालों में कई बड़े सुधार देखने को मिले हैं। अग्निपथ योजना को लागू करने का जो निर्णय लिया गया है, उससे देश के नौजवान चार साल की सेवा सेना में दे सकेंगे। इस योजना से अग्निवीर तैयार किए जाएंगे, देश के नौजवान आर्म फोर्स में जा सकेंगे। उन्हें नई तकनीक से ट्रेंड किया जाएगा और देश को हाई स्किल आर्म फोर्स मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय सेना को विश्व की बेहतरीन सेना बनाने की दृष्टि से यह ऐतिहासिक फैसला लिया गया है। युवाओं को चार साल के लिए सेना में भर्ती कराया जाएगा, इस दौरान अग्निवीरों को अच्छा वेतन मिलेगा। सेना की चार साल की नौकरी के बाद युवाओं को भविष्य के लिए अन्य अवसर दिए जाएंगे। चार साल की नौकरी के बाद सेवा निधि पैकेज मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के तहत जो जवान चार साल बाद यहां से निकलेंगे, उत्तराखण्ड सरकार ऐसे अग्निवीरों को पुलिस की भर्ती में प्राथमिकता से अवसर देगी। 17 साल 6 माह से 21 साल के युवा, 10/12वीं के छात्र आवेदन कर सकेंगे। अगर कोई अग्निवीर देश सेवा के दौरान शहीद हो जाता है, तो उसके परिजनों को सेवा निधि के अन्तर्गत 1 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि ब्याज समेत मिलेगी, इसके अलावा बाकी बची नौकरी का भी वेतन दिया जाएगा। वहीं अगर कोई अग्निवीर डिसेबल हो जाता है, तो उसे 44 लाख रुपए तक की राशि दी जाएगी, इसके अलावा बाकी बची नौकरी का भी वेतन मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने हमेशा देश के सैनिकों का मनोबल बढ़ाने का कार्य किया है। सैनिकों की अनेक लंबित मांगों की स्वीकृतियां प्रदान की। आज भारत रक्षा के क्षेत्र में तेजी से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ा है।

सड़क दुर्घटना में एक बालिका की मौत

मोतीचूर फ्लाईओवर पर एक तेज रफ्तार ट्रक ने लोडर वाहन को टक्कर मार दी। लोडर वाहन में सवार एक सात वर्षीय बालिका की मौके पर मौत हो गई। सूचना पर पुलिस ने ट्रक चालक को गिरफ्तार किया। उसके खिलाफ संबंधित धारा में केस दर्ज किया है। जबकि लोडर में सवार चार घायलों को हरिद्वार के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

रायवाला थाना पुलिस के मुताबिक आज सुबह पुलिस को सूचना मिली की मोतीचूर फ्लाईओवर के पास एक दुर्घटना हो गई। एक ट्रक ने लोडर वाहन को टक्कर मारी। ट्रक की टक्कर लगने से लोडर में सवार गोगो 7 पुत्री नरेश निवासी सलेमपुर, महदूद थाना रानीपुर, जिला हरिद्वार की मौत हो गई। हादसे में चार लोग घायल हो गए हैं। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची मृत बालिका के शव कब्जे लेकर पीएम के लिए अस्पताल भेज दिया है।

जबकि घायलों सोनिया, अनुराधा, सुंदरी और अन्य को हरिद्वार के सरकारी अस्पताल में 108 एंबुलेंस की मदद से पहुंचा गया। रायवाला थानाध्यक्ष भुवन चंद्र पुजारी ने बताया कि ट्रक चालक फरीद अहमद निवासी हरिद्वार को घटना के बाद पुलिस ने हिरासत ले लिया। आरोपी चालक के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है।

मुख्यमंत्री राज्य कृषि किसान योजना के तहत कीवी को बढ़ावा देने के लिये 18 करोड़ स्वीकृत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को सर्वे स्टेडियम, हाथीबड़कला में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 8 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित गरीब कल्याण सम्मेलन को सम्बोधित किया। इस कार्यक्रम में आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में ग्राम्य विकास, उद्यान, कृषि विभाग से सम्बन्धित योजनाओं एवं कार्यक्रमों के 30 स्टॉल लगाये जाने के साथ ही बड़ी संख्या में लाभार्थी एवं स्थानीय जनता उपस्थित रही।
मुख्यमंत्री ने उद्यान विभाग में संचालित एप्पल मिशन योजना के अंतर्गत रु 6 करोड़ धनराशि को बढ़ाकर 12 करोड़ किए जाने एवं राज्य में कीवी के बढ़ावा देने हेतु मुख्यमंत्री राज्य कृषि विकास योजना के लिये रु 18 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किए जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड को आदर्श, श्रेष्ठ एवं आत्मनिर्भर बनाने का हमारा लक्ष्य है। इसके लिए राज्य के विकास का आगामी 10 सालों का रोड मैप तैयार किया जा रहा है। राज्य के बजट को तैयार करने में आम जनता की भी राय ली गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में बीते 8 सालों के कार्यकाल में हमारी सरकार सबका साथ सबका विकास और सबका विश्वास के मंत्र के साथ आगे बढ़ी है। आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत हो रहे विभिन्न कार्यक्रमों से देश के भविष्य एवं विकास का लक्ष्य स्पष्ट नजर आता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश के विभिन्न क्षेत्रों की कार्यशैली में बदलाव आया है। आज प्रत्येक योजनाएं जमीनी स्तर पर लागू हो रही हैं एवं प्रत्येक वर्ग के ध्यान में रखकर योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। समाज का प्रत्येक वर्ग सरकारी योजनाओं एवं विकास से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के सिद्धांतों पर अमल कर समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक सरकार पहुंचे इसके लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लगातार कार्य किया जा रहा है। बिना किसी भेदभाव, तुष्टिकरण व सौदेबाजी के सबको विकास का लाभ पहुंचाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जवला योजना से गरीबों को मुफ्त में रसोई गैस सिलेंडर देने का कार्य किया है। अबतक देश में 09 करोड़ लोगों को इस योजना से लाभान्वित किया गया है। उन्होंने कहा देश ही नहीं अपितु विश्व की सबसे बड़ी आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत प्रत्येक नागरिक को 5 लाख तक का मुफ्त में इलाज करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसी मरीज को अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना का लाभ न देने पर संबंधित अस्पतालों पर कार्रवाई की जाएगी। राज्य में अब तक 5.50 लाख लोगों को इस योजना का लाभ दिया जा चुका है। प्रदेश में लोगों का शत् प्रतिशत वैक्सीनेशन किया जा चुका है। बच्चों को वैक्सीन लगाये जाने का कार्य भी शुरू कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल में कोई परिवार भूखा न रहे इसके लिए प्रधानमंत्री के नेतृत्व में 80 करोड लोगों को मुफ्त में राशन देने का कार्य किया गया। कोरोना महामारी जैसे संकट में भी देश का विकास नहीं रुका एवं विकास की योजनाएं निरंतर चलती रही। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत प्रत्येक घर में नल एवं नल में जल पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा 2024 तक प्रत्येक घर में नल पहुंचे इसके लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया, जैसी तमाम योजनाओं ने भारत का मान सम्मान बढ़ाया है। उन्होने कहा कि हमारी सरकार सरलीकरण, समाधान और निस्तारण के मूलमंत्र पर काम कर रही है साथ ही सचिवालय में सोमवार को छव् डम्म्ज्प्छळ क्।ल् की व्यवस्था की गई है। ताकि अधिकारी जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुने एवं उस पर कार्य करें। जनपदों में अधिकारियों को 10 से 12 बजे तक जनता की समस्यायें सुनने के निर्देश दिये गये है ताकि जनपदों की समस्या लेकर लोगों को देहरादून न आना पड़े।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने जो संकल्प लिए हैं उन्हें पूरा किया जा रहा है। भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। हमारी सरकार ने भ्रष्टाचार की शिकायत हेतु हेल्पलाइन नम्बर 1064 जारी किया है। मुख्यमंत्री ने जनता से भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने की अपील करते हुए कहा की भ्रष्टाचार की शिकायत करने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने श्री केदारनाथ की भूमि पर कहा कि 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखण्ड का दशक होगा। उत्तराखंड के समग्र विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार से भी राज्य को हर क्षेत्र में पूरा सहयोग मिल रहा है। राज्य में इस वर्ष चारधाम यात्रा शुरू होने से अब तक 20 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने चारधाम यात्रा की है।
केबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने मुख्यमंत्री को चंपावत में ऐतिहासिक जीत पर शुभकामना दी। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री ने देश के किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य लगा है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य के अंतर्गत किसानों का विकास हो रहा है। राज्य के विकास हेतु विकास का रोड़मैप तैयार जिसका परिणाम जल्द दिखाई देंगे ।
इस दौरान केबिनेट मंत्री प्रेमचंद्र अग्रवाल, सांसद नरेश बंसल, विधायक विनोद चमोली, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल गोयल के साथ ही शासन एवं जिला प्रशासन के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रीय जनता एवं लाभार्थी उपस्थित रहे।

तो सरकार ने भी माना अचानक बढ़े चारधाम यात्रा के श्रद्धालु, व्यवस्थाओं की भी दी जानकारी

रविवार को देहरादून स्थित सचिवालय, मीडिया सेंटर में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, डीजीपी अशोक कुमार, पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर, स्वास्थ्य सचिव राधिका झा, प्रो. हेम चंद्र पांडे (कुलपति, एच.एन.बी चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय), महानिदेशक सूचना रणबीर सिंह चौहान द्वारा चार धाम से संबंधित जानकारियों को अवगत करवाने हेतु संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई।
इस दौरान अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि अन्य सालों के मुकाबले इस साल भारी संख्या में यात्री एवं श्रद्धालु चार धाम यात्रा पर आ रहे हैं। उन्होंने चार धाम यात्रा को राज्य के विकास हेतु अति महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि यात्रियों को स्वास्थ्य सुरक्षा पेयजल ठहरने जैसी तमाम सुविधाएं मिले इसके लिए सभी विभाग आपस में समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया उत्तराखण्ड सरकार के सभी विभाग यथा पर्यटन (नोडल विभाग), धर्मस्व, चिकित्सा, परिवहन, नागरिक उड्डयन एवं जिला प्रशासन आदि द्वारा यात्रा को सुचारू एवं सुरक्षित बनाने हेतु सभी प्रकार की व्यवस्थाएँ की गयी है।
डीजीपी अशोक कुमार ने बताया की दिनांक 4.06.2022 तक चारधाम यात्रा में आये यात्रियों की संख्या लगभग 1611598 है। उन्होंने बताया दिनांक 04.06.2022 तक चारधाम यात्रा में आये वाहनों की संख्या-154983 रही। उन्होने बताया पुलिस द्वारा यात्रा के दौरान बिछडे 920 यात्रियों को उनके साथ आये श्रद्धालुओं से मिलाया गया, यात्रा के दौरान 300 यात्रियों को रेस्क्यू कर उनका जीवन बचाया गया, 80 यात्रियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया एवं 54 घायलों की मदद की गयी, 130 यात्रियों के गुम हुये सामान को वापस कराया गया। उन्होंने बताया चारधाम यात्रा में लगभग 4500 पुलिस बल, 06 कम्पनी, एसडीआरएफ 25 सब टीम, एलआईयू 70, होमगार्ड 700, पीआरडी 600, एनडीआरएफ 02 टीम नियुक्त किया गया है। यात्रा सीजन हेतु अतिरिक्त 47 पोस्ट/चौकियां स्थापित की गयी हैं। यात्रा मार्गों पर 57 टूरिस्ट पुलिस केन्द्र स्थापित किये गये हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान तक हैली ऑनलाइन बुकिंग फर्जीवाडा एवं फर्जी रजिस्ट्रेशन के सम्बंध में 16 अभियोग पंजीकृत कर 20 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। चारधाम यात्रा एवं विभिन्न धार्मिक/पर्यटक स्थलों पर मिशन मर्यादा अभियान के दौरान लगभग 20000 लोगों के विरूद्ध कार्यवाही की गयी। उन्होंने बताया बढते यातायात के दृष्टिगत कई स्थानों पर वन-वे ट्रैफिक प्लान बनाया गया है। रुद्रप्रयाग जनपद में यात्रियों की सुविधा हेतु 04 सुपर जोन, 10 जोन एवं 26 सेक्टर में विभाजित कर श्री केदारनाथ में एक पुलिस उपाधीक्षक एवं एक अपर पुलिस अधीक्षक को गौरीकुण्ड में नियुक्त कर सुदृढ पुलिस प्रबंध किये गये हैं। साथ ही धामों में श्रद्धालुओं के दर्शन हेतु पर्याप्त संख्या में बैरिकेडिंग, रस्से व्यवस्थाओं के साथ साथ पंक्तिबद्ध दर्शन कराये जा रहे हैं। राज्य के धामों में वीआईपी गेट की पूर्व प्रचलित व्यवस्था को समाप्त किया गया है।
स्वास्थ्य सचिव राधिका झा ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा चार धाम हेतु की गई तैयारियां के बारे में अवगत करवाया। कहा कि चिकित्सा विभाग द्वारा सुरक्षित यात्रा के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की गई है जो 2019 की तुलना में कहीं अधिक है और अनेक नये प्रयास भी किए गए हैं। चिकित्सा कर्मियों की तैनाती में बढ़ोतरी करते हुए 178 चिकित्साधिकारी तैनात किये गए हैं, जो वर्ष 2019 की तुलना में 66 प्रतिशत अधिक है। फर्स्ट मेडिकल रिस्पांडर एवं मेडिकल रिलीफ पोस्ट की संख्या में भी वृद्धि की गई है। एंबुलेंस की संख्या में भी गत वर्षों की तुलना में 33 प्रतिशत वृद्धि करते हुए यात्रा मार्ग पर 119 एम्बुलेंस तैनात की गई है। यात्रियों को त्वरित चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए पहली बार हेली एम्बूलेंस सेवाएं दी जा रही है, इसके अतिरिक्त सभी चिकित्सा इकाइयों पर ऑक्सीजन की पर्याप्त आपूर्ति रखी गयी है। 2019 की तुलना में 108 एम्बूलेंस द्वारा दी गयी सेवाओं में 173 प्रतिशत की बढ़ोतरी भी दर्ज की गयी है। उन्होंने बताया हृदय रोगियों के समुचित उपचार हेतु पहली बार विशेषज्ञ चिकित्सकों को ब्ंतकपवसवहल में प्रशिक्षण देकर यात्रा मार्ग पर स्थित प्रमुख चिकित्सालयों में तैनात किया गया है। यात्रा में तैनात चिकित्सकों को एम्स ऋषिकेश के माध्यम से हाई एल्टीट्यूड सिकनेस के उपचार हेतु प्रशिक्षण भी पहली बार दिया गया है। यात्रियों की संख्या में वृद्धि को देखते हुए हाल ही में एम०बी०बी०एस० उत्तीर्ण 75 बांडधारी चिकित्सकों की तैनाती अगले 3 माह के लिए यात्रा से संबंधित अस्पतालों/जनपदों में की गई है। उन्होंने कहा कि चारों धाम उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित है जिसमें क्रमशः- केदारनाथ धाम की औसत ऊंचाई 3580 मी0, बद्रीनाथ 3415मी0, यमुनोत्री 3235मी0 तथा गंगोत्री 3415मी० समुद्रतल से ऊंचाई पर स्थित है। बिना किसी विराम के मैदानी क्षेत्रों से आये हुए यात्रियों को उच्च हिमालयी क्षेत्रों में स्थित धामों पर जाने में प्रतिकूल स्वास्थ्य स्थितियों का सामना करना पड़ता है, जिसमें सांस फूलना, ठण्ड लगना एवं हृदयाघात जैसी स्थितियां प्रमुख है। इसके अलावा यह भी देखा गया है कि यात्रियों को पर्वतीय मौसम एवं वातावरण के प्रति अभ्यस्त होने में भी समय लगता है। इन सभी कारणों के फलस्वरूप हर वर्ष ही दुर्भाग्यपूर्ण रूप से हृदय गति रुकने से मृत्यु होती आयी है जैसे वर्ष 2017 में भी 112 यात्रियों की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु हुई थी।
स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि राज्य में पहली बार यात्रा मार्गों पर हेल्थ स्क्रीनिंग की व्यवस्थाएं की गई हैं जिसमें 9 प्रमुख स्थानों क्रमश- बद्रीनाथ के लिए गौचर एवं पाण्डुकेश्वर, केदारनाथ के लिए सोनप्रयाग, जवारी बॉयपास एवं कुण्डपुल तथा यमुनोत्री के लिए दोबाटा, जानकी चट्टी एवं गंगोत्री के लिए हिना एवं गंगोत्री में हेल्थ स्क्रीनिंग की जा रही है। हैल्थ स्क्रीनिंग में ऐसे यात्रियों को आगे की यात्रा से रोका जा रहा है, जिनकी स्वास्थ्य स्थिति यात्रा के अनुकूल नहीं है। अभी तक 87 यात्रियों को स्क्रीनिंग उपरान्त वापस लौटाया गया है। उन्होने बताया यद्यपि यात्रियों की अत्यधिक संख्या को देखते हुए सभी की हेल्थ स्क्रीनिंग किया जाना। सहज नहीं हो पा रहा है तथापि चिकित्सा विभाग द्वारा 50 वर्ष से अधिक आयु के सभी यात्रियों की स्क्रीनिंग की जा रही है। बहुत से उत्साही यात्री चिकित्सकीय परामर्श के उपरान्त भी अंडरटेकिंग देकर यात्रा जारी रख रहे हैं। उन्होंने बताया की वर्तमान तक दो लाख से ऊपर रोगियों की हेल्थ स्क्रीनिंग की गई है, 71,646 यात्री ओपीडी में देखे गए हैं एवं 381 रोगियों को एंबुलेंस सेवा प्रदान की गई है तथा 5000 से अधिक यात्रियों को आपातकालीन सेवाएं भी प्रदान की गयी है। हेलीकॉप्टर एंबुलेंस का उपयोग 30 रोगियों को एम्स ऋषिकेश लाकर सफलतापूर्वक उपचार कराया गया है।
सरकार द्वारा कुलपति चिकित्सा विश्वविद्यालय की अध्यक्षता में गठित विशेषज्ञ समिति द्वारा इन मृत्यु के कारणों का विश्लेषण किया गया है। विश्लेषण अनुसार कोविड महामारी के दूरगामी प्रभाव के कारण मैदानी क्षेत्रों से उच्च हिमालयी क्षेत्रों में यात्रा करने का जोखिम अत्यधिक बढ़ गया है। उन्होंने बताया विशेषज्ञ समिति द्वारा यह मंतव्य देते हुए सुझाव दिये गये हैं कि बुजुर्ग एवं अन्य बीमारियों से ग्रसित यात्रियों का पूर्व स्वास्थ्य परीक्षण आवश्यक है और सभी यात्रियों को मेडिकल एडवाइजरी का अनुपालन करते हुए ही यात्रा पर आना चाहिए क्योंकि अभी तक हुई मृत्यु में 60 प्रतिशत से अधिक लोग को-मोरबीडीटी से ग्रसित थे एवं 60 प्रतिशत लोग 50 वर्ष से अधिक की आयु के थे। उन्होंने कहा विभिन्न वैज्ञानिक शोध के अनुसार कोविड महामारी के प्रतिकूल प्रभाव अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जाने पर और अधिक देखे गये हैं। विशेषज्ञ समिति ने दिनांक 5.06.2022 को दिये गये सुझावों में कहा गया है कि बुजुर्ग, कोविड प्रभावित तथा अन्य रोगों से ग्रसित यात्री स्वास्थ्य परीक्षण एवं चिकित्सकीय परामर्श उपरान्त ही यात्रा पर आएं. यात्रा के दौरान 48 घण्टे तक स्थान विशेष के अनुसार ढलने के उपरान्त तथा तत्समय की स्वास्थ्य स्थितियों को देखते हुए सतर्कता से यात्रा करें।
पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने बताया कि वर्ष 2019 में रिकॉर्ड 34 लाख यात्री उत्तराखंड की चार धाम यात्रा पर आए थे, परंतु वर्ष 2022 में मात्र 1 माह में यह संख्या 16 लाख तक पहुंच चुकी है जो कि चार धाम यात्रा की व्यापक लोकप्रियता और उत्तराखंड के प्रति देशभर में लोगों के बढ़ते आकर्षण का प्रतीक है। केदारनाथ धाम में भी वर्ष 2019 में रिकॉर्ड 10 लाख लोग दर्शन के लिए पहुंचे थे जबकि वर्ष 2022 में मात्र 1 माह की अवधि के भीतर 5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं द्वारा केदारनाथ धाम के दर्शन किए गए हैं। उन्होंने कहा पर्यटन विभाग द्वारा पहली बार यात्रियों की सुरक्षा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था की गई है ताकि किसी दिन विशेष पर धामों की धारण क्षमता के अनुरूप लोग वहां पहुंच सके और यात्रा प्रबंधन को बेहतर किया जा सके। पंजीकरण का उद्देश्य यात्रा मार्ग पर उपलब्ध सुविधाओं के अनुरूप संख्या में श्रद्धालुओं को धामों पर जाने के लिए पंजीकृत करना है जिससे कि उनकी यात्रा सुखद एवं सुरक्षित हो सके।
पर्यटन सचिव ने बताया कि यात्रियों की सुविधा के लिए पर्यटन विभाग द्वारा पहली बार एक टोल फ्री कॉल सेंटर का संचालन किया जा रहा है। जिसमें एक समय पर 6 लोगों को एक साथ यात्रा के संबंध में विविध जानकारियां दी जाती हैं और किसी प्रकार की समस्या की स्थिति में उसे संबंधित विभाग को सौंप दिया जाता है। कॉल सेंटर में अब तक लगभग 12500 से अधिक कॉल रिसीव हो चुके हैं इस प्रकार प्रतिदिन लगभग 400 लोगों द्वारा कॉल सेंटर पर कॉल करके चार धाम यात्रा के संबंध में विभिन्न प्रकार की जानकारियां प्राप्त की जा रही हैं। उन्होंने कहा ऋषिकेश तथा हरिद्वार में बिना रजिस्ट्रेशन के ही यात्रा के लिए आ चुके लोगों की आस्था को ध्यान में रखते हुए एसडीआरएफ तथा पर्यटन विभाग द्वारा फिजिकल रजिस्ट्रेशन केंद्रों के माध्यम से इन यात्रियों का पंजीकरण किया जा रहा है। प्रतिदिन औसतन पांच से छह हजार ऐसे श्रद्धालुओं को धामों के लिए पंजीकृत करते हुए यात्रा पर भेजा जा रहा है। ऋषिकेश में आईएसबीटी ऋषिकेश हरिद्वार में चमगादड़ टापू पर फिजिकल रजिस्ट्रेशन काउंटर संचालित किए जा रहे हैं। राज्य भर में कुल 18 फिजिकल पंजीकरण केंद्र बनाए गए हैं। रजिस्ट्रेशन काउंटर तथा मंदिरों में दर्शन हेतु कतार प्रबंधन के लिए टोकन सिस्टम की व्यवस्था की गई है।
उन्होंने बताया कि पहली बार यात्रा मार्ग पर निरंतर निगरानी बनाए रखने के लिए सर्विलांस कैमरा स्थापित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त धामों पर यात्रियों की संख्या का सटीक आकलन करने के लिए हेडकाउंट कैमरा स्थापित किए गए हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से यात्रियों को यात्रा पंजीकरण, हेल्थ एडवाइजरी तथा मौसम की अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। ताकि वह यात्रा के पूर्व इन जानकारियों के आधार पर अपनी योजना बना सकें। यात्रा पर जाने वाले प्रत्येक वाहन का पंजीकरण अनिवार्य है निजी वाहनों का पंजीकरण रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर स्वयं का रजिस्ट्रेशन करते समय ही हो जाता है।सुलभ इंटरनेशनल संस्था के माध्यम से चारधाम यात्रा मार्ग पर 144 स्थाई शौचालय (1513 सीट) का संचालन एवं रखरखाव किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त सभी जनपदों में आवश्यकतानुसार अस्थाई फ्लेक्सी शौचालय भी स्थापित किए गए हैं।
प्रो. हेम चंद्र पांडे (कुलपति, एच.एन.बी चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय) ने बताया कि विभिन्न वैज्ञानिक शोध के अनुसार कोविड महामारी के दूरगामी प्रभाव के कारण मैदानी क्षेत्रों से उच्च हिमालयी क्षेत्रों में यात्रा करने का जोखिम अत्यधिक बढ़ गया है। उन्होंने कहा हमारे द्वारा सुझाव दिये गये हैं कि बुजुर्ग एवं अन्य बिमारियों से ग्रसित यात्रियों का पूर्व स्वास्थ्य परीक्षण आवश्यक है और सभी यात्रियों को मेडिकल एडवाईजरी का अनुपालन करते हुए ही यात्रा पर आना चाहिए क्योंकि अभी तक हुई मृत्यु में 60 प्रतिशत से अधिक लोग को-मोर्बिडिटी से ग्रसित थे एवं 60 प्रतिशत लोग 50 वर्ष से अधिक की आयु के थे। उन्होंने कहा विभिन्न वैज्ञानिक शोध के अनुसार कोविड महामारी के प्रतिकूल प्रभाव अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जाने पर और अधिक देखे गये हैं। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग, कोविड प्रभावित तथा अन्य रोगों से ग्रसित यात्री स्वास्थ्य परीक्षण एवं चिकित्सकीय परामर्श उपरान्त ही यात्रा पर आएं. यात्रा के दौरान 24 से 48 घण्टे तक स्थान विशेष के अनुसार ढलने के उपरान्त तथा तत्समय की स्वास्थ्य स्थितियों को देखते हुए सर्तकता से यात्रा करें।

यात्रा व्यवस्थाओं की निगरानी हेतु एक्सपर्ट कमेटी के गठन के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को देर सांय मुख्यमंत्री आवास में चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने यात्रा के दौरान यात्रियों के स्वास्थ्य को लेकर चिन्ता व्यक्त करते हुए इस सम्बन्ध में प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने इसके लिये एक्सपर्ट कमेटी गठित किये जाने के भी निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान हो रही मृत्यु के वास्तविक कारणों की भी सही स्थिति जनता के समक्ष रखी जाए। ताकि चार धाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालु आवश्यक एहतियात बरतें। उन्होंने इसके लिये बुजुर्ग एवं अस्वस्थ लोगों के स्वास्थ्य परीक्षण की कारगर व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि बुजुर्ग लोग अपना स्वास्थ्य परीक्षण के बाद ही यात्रा पर आए, इसकी व्यवस्था पर ध्यान दिया जाए। इस सम्बन्ध में चारधाम यात्रा से सम्बन्धित व्यवस्थाओं के प्रति नकारात्मक संदेश से बचाव के साथ ही यात्रा के सम्बन्ध में की गई सभी आवश्यक व्यवस्थायें सुनिश्चित करने के लिये पर्यटन, स्वास्थ्य, परिवहन एवं एस.डी. आर. एफ. के अधिकारी समन्वय से कार्य करते हुए। नियमित रूप से मीडिया को भी वस्तुस्थिति से अवगत कराये जाने की व्यवस्था सुनिश्चित कराये।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव राधिका झा, पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, महानिदेशक सूचना एवं परिवहन आयुक्त रणवीर सिंह चौहान, अपर सचिव सी. रविशंकर, महानिदेशक स्वास्थ्य के साथ ही सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

चंपावत उपचुनाव की विजय प्रदेश की जनता के भरोसे की जीत-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का चंपावत उपचुनाव में ऐतिहासिक विजय के बाद देहरादून पहुंचने पर बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं एवं आम जनता द्वारा गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शनिवार को पंतनगर से स्टेट प्लेन से जौलीग्रांट एयरपोर्ट आए तथा वहां से हेलीकॉप्टर द्वारा परेड ग्राउण्ड पहुंचे।
परेड ग्रांउण्ड में हेलीकॉप्टर से उतरते ही मुख्यमंत्री का पार्टी कार्यकर्ताओं एवं आम जनता द्वारा भव्य रूप से किया गया, स्वागत भी ऐतिहासिक रहा। परेड ग्राउण्ड से मुख्यमंत्री खुले वाहन में सवार होकर भारी जन समूह के साथ बलबीर रोड़ स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय पहुंचे। इस पूरे रास्ते सर्वे चौक, ई.सी रोड़, आराघर चौक आदि स्थानों पर बड़ी संख्या में लोग उनके स्वागत के लिये मौजूद रहे। इस रोड शो में मुख्यमंत्री के जयकार के साथ भी बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता एवं आम जनता साथ चलती रही। इस खुले वाहन में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक एवं भाजपा अध्यक्ष मदन कौशिक, विधायक खजान दास, मेयर सुनील उनियाल गामा तथा अन्य पदाधिकारी मुख्यमंत्री के साथ रहे।
प्रदेश भाजपा कार्यालय पहुंचने पर मुख्यमंत्री का कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, सुबोध उनियाल, डा धन सिंह रावत, चंदन राम दास, सौरभ बहुगुणा, पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद डॉ रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, नरेश बंसल, मनोनीत राज्यसभा सांसद डॉ कल्पना सैनी सहित वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उपचुनाव में सहयोग के लिये सभी का व्यक्तिगत रूप से आभार जताते हुए प्रदेशवासियों के साथ ही विशेष रूप से चंपावत की जनता का हृदय से आभार व्यक्त किया तथा जनता के विश्वास एवं भरोसे पर समर्पित भाव से कार्य करने की प्रतिबद्धता दोहराई। मुख्यमंत्री ने कहा कि चम्पावत उपचुनाव की बड़ी जीत ने उन्हें बड़ी जिम्मेदारी भी दी है। उनका हर पल प्रदेश की जनता की सेवा के लिये समर्पित है। राज्य वासियों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का उनका सतत् प्रयास रहेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की देवतुल्य जनता ने प्रदेश में एक दल की दुबारा सरकार न बनाने के मिथक को तोड़ा है। इसके लिये भी वे प्रदेश की जनता के आभारी है। उन्होंने कहा कि इस चुनाव में सबकी भावनायें जुड़ी थी। यह हम सबका सामूहिक चुनाव था, जिसमें सभी ने अपनी जिम्मेदारी निभाई। उन्होंने कहा कि सैनिक पुत्र होने तथा साधारण परिवेश में पला बढ़ा होने के नाते वे प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों की समस्याओं से परिचित है। हर क्षेत्र का पूरे मनोयोग एवं समर्पित भाव से जन अपेक्षाओं के अनुरूप समग्र विकास ही उनका लक्ष्य रहेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड 2025 तक देश के अग्रणी एवं श्रेष्ठ राज्य के रूप में पहचान बनाये, यह उनका प्रयास रहेगा। अपने अथक प्रयासों और परिश्रम के साथ सबके सहयोग से हम इस दिशा में सफल होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी का प्रभाव कम होने के बाद प्रदेश के चार धामों में भारी संख्या में तीर्थयात्री एवं पर्यटक आ रहे है। सबकी यात्रा सुखद, सुगम एवं सुरक्षित हो इसके लिए निरंतर प्रयास किये जा रहे है। किसी भी तरह की असुविधां श्रद्धालुओं को न हो इसके लिए अधिकारियों को कारगर व्यवस्था बनाने के निर्देश दिये गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का उत्तराखण्ड के प्रति विशेष लगाव सर्वविदित है। उनके कुशल नेतृत्व में देश का मान सम्मान देश व दुनिया में बढ़ा है। आज देश में सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास की भावना के साथ बिना किसी भेदभाव के योजनाओं का लाभ सभी को प्राप्त हो रहा है। उन्होंने इस ऐतिहासिक जीत के लिये प्रधानमंत्री श्री मोदी का भी आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन ने उन्हें इतना सौभाग्यशाली बनाया कि आज वह समस्त उत्तराखण्ड के स्नेह व आशीर्वाद का पात्र बने है। प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व ने कोरोना महामारी में देशवासियों को कोरोना टीकाकरण के साथ ही निःशुल्क खाद्यान उपलब्ध कराने का कार्य किया जिससे 80 करोड़ लोगों को राहत मिली है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विजय राज्य के अन्तिम छोर पर खड़े व्यक्ति के सपनों को पूर्ण करने में भी प्रेरणादायी बनेगा। उन्होंने कहा कि चंपावत विधानसभा का यह उपचुनाव उत्तराखण्ड निर्माण के लिये अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर शहीदों की आशाओं को पूर्ण करने, प्रदेश की सम्मानित जनता के हर स्वप्न को सच करने व प्रगति का स्वर्णिम अध्याय लिखे जाने के लक्ष्य को पूर्ण करने की प्रेरणा प्रदान करने वाला भी बनेगा।