वीर चंद्र सिंह गढवाली की पुण्यतिथि पर पीठसैंण में उनकी प्रतिमा का अनावरण

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट व अन्य महानुभावों की उपस्थिति में वीर चंद्र सिंह गढवाली की पुण्यतिथि के अवसर पर पीठसैंण, पौड़ी गढ़वाल में उनकी प्रतिमा का अनावरण किया गया। कार्यक्रम में दीनदयाल उपाध्याय योजना के लाभार्थियों को चेक वितरित किए गए और ‘घस्यारी कल्याण योजना’ के लाभार्थियों को किट वितरित किए गए।

वीर चंद्र सिंह गढ़वाली कर्म और धर्म दोनों से सैनिक थे
वीर चंद्र सिंह गढ़वाली को श्रद्धांजलि देते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि वीर चंद्र सिंह गढ़वाली एक सच्चे सैनिक तो थे ही, साथ ही वे एक प्रखर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भी थे। उन्होंने भारत छोड़ो आंदोलन में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। वीर चंद्र सिंह गढ़वाली कर्म और धर्म दोनों से सैनिक थे।

उत्तराखण्ड देवभूमि के साथ वीरभूमि और तपोभूमि भी
उत्तराखण्ड की धरती, भारत ही नहीं पूरी दुनिया में देवभूमि के नाम से जानी जाती है। मगर यह देवभूमि, एक वीरभूमि और तपोभूमि भी है। उत्तराखण्ड राज्य का गठन हुए बीस वर्ष ही हुए हैं परंतु यहां का इतिहास और परम्पराएं सदियों पुरानी हैं। वीर चंद्र सिंह गढ़वाली, माधो सिंह भण्डारी और तीलू रोतेली की बहादुरी के गीत गढ़वाल के गांव-गांव में गाए जाते हैं।

पुष्कर सिंह धामी अंतिम ओवर में उतरने वाले धाकड़ बल्लेबाज
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि किसी भी देश या राज्य की नियति का फैसला, वहां की सरकार की नियत से तय होता है। पुष्कर सिंह धामी ने बिल्कुल सही नारा दिया है कि सरकार का दृढ़ इरादा, बातें कम काम ज्यादा। बातें कम होनी चाहिए लेकिन काम ज्यादा होना चाहिए। पुष्कर सिंह धामी को उनकी छात्र राजनीति के दिनों से ही जानता हूं। उनके पास ऊर्जा है, क्षमता है और कुछ कर गुजरने की जज्बा भी है। क्रिकेट की भाषा में कहें तो 20-20 के मैच में धामीजी को आखिरी ओवर में उतारा गया है। धामी धाकड़ बल्लेबाज हैं। उन पर उत्तराखण्ड के लोगों की बहुत सारी उम्मीदें टिकी हुई हैं। पूरा विश्वास है वे इन उम्मीदों पर खरा उतरेंगे।

अमृत महोत्सव के दौरान गढ़वाली जी की प्रतिमा का अनावरण सुखद संयोग
रक्षा मंत्री ने कहा कि गलवान में मातृभूमि की रक्षा के लिए हमारी सेना के वीर जवानों ने देश के मान सम्मान की रक्षा की। यह सुखद संयोग है कि आज जब वीर चंद्र सिंह गढ़वाली की प्रतिमा का अनावरण हो रहा है तो देश अपनी आजादी का अमृत महोत्सव भी मना रहा है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पिछले साढे सात वर्षों में मिशन मोड में काम हुआ है। चालीस साल तक देश के पूर्व सैनिकों को ओआरओपी के लिए इंतजार करना पड़ा। मगर मोदी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद ओआरओपी लागू कर दिया।

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत बना विकास का पुजारी
उत्तराखण्ड के सामरिक महत्व को देखते हुए बीआरओ द्वारा यहां पर 1000 किमी लम्बी सड़कों के निर्माण पर काम चल रहा है। इन सड़कों के बन जाने से जहां सुरक्षा और सामरिक दृष्टि से देश को लाभ होगा वहां आर्थिक दृष्टि से प्रदेश की जनता को बहुत बड़ा लाभ होने वाला है। भारतीस सीमा के आखिरी गांव माना तक सड़क की ब्लेक टॉपिंग का काम चल रहा है जो जल्द ही पूरा हो जाएगा।
अब लिपुलेख के रास्ते मानसरोवर यात्रा पर जाना सुगम हो गया है। यह रास्ता आर्थिक और सामरिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। यह रास्ता भारत और नेपाल को और करीब लाने में सहायक होगा। नेपाल हमारे लिए केवल एक मित्र देश नहीं है बल्कि उसके साथ हमारा परिवार जैसा संबंध है। भारत शांति का पुजारी तो हमेशा रहा है। प्रधानमंत्री अब भारत को विकास का पुजारी भी बना दिया है।

मुख्यमंत्री स्वस्थ उत्तराखण्ड योजना का शुभारम्भ, मुख्यमंत्री ने की अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में ’मुख्यमंत्री स्वस्थ युवा, स्वस्थ उत्तराखंड योजना का शुभारंभ करते हुए कहा कि राज्य के समस्त 7795 ग्राम पंचायतों में सार्वजनिक स्थानों पर एक-एक ओपन जिम ( मुख्यमंत्री ग्रामीण युवा फिटनेस सेन्टर) खोला जायेगा। ’वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना के अंतर्गत इलेक्ट्रिक लग्जरी बसों की खरीद के लिए 50 प्रतिशत सब्सिडी की मौजूदा अधिकतम सीमा को 15 लाख रूपए से बढ़ाकर 20 लाख रूपए किया जायेगा। पर्वतीय क्षेत्रों में गैर वाहन पर्यटन उद्यम के लिए 33 प्रतिशत सब्सिडी की मौजूदा अधिकतम सीमा को 14 लाख रूपए से बढ़ाकर 20 लाख रूपए किया जायेगा। दीन दयाल गृह आवास योजना के अंतर्गत होमस्टे स्थापित करने वाले उद्यमियों को सब्सिडी कुल लागत की मौजूदा 33 प्रतिशत या रू0 10 लाख, जो भी कम से बढ़ाकर सब्सिडी कुल लागत का 33 प्रतिशत या रू० 12 लाख, जो भी कम हो, किया जाएगा।

हर घोषणा की हो रही क्रियान्विति
मुख्यमंत्री ने कहा कि वीर चंद्र सिंह गढ़वाली की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि हम सभी के लिए गर्व की बात है कि आज हम वीर चंद्र सिंह गढ़वाली जी का स्मरण कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब से उन्होंने मुख्य सेवक के रूप में जिम्मेदारी निभानी शुरू की है तब से सरकार लगातार ही जनहित के फैसले ले रही है।युवाओं को रोजगार से जोड़ते हुए विभिन्न विभागों पर रिक्त चल रहे 24000 पदों पर भर्ती का कार्य 15 अगस्त से शुरू हो गया है। साथ ही मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अंतर्गत प्रत्येक जिले में इच्छुक युवाओं की सुविधा अनुसार कैंप लगाए जा रहे हैं। सरकार जो घोषणा करेगी, घोषणाओं के शासनादेश भी जारी होंगे। उन्होंने कहा राज्य में लंबे समय बाद चार धाम यात्रा शुरू हुई है, ऐसे में यात्रियों को किसी समस्या का सामना ना करना पड़े उसके लिए सरकार कार्य कर रही है। राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत कार्य करने वाले महिला स्वयं सहायता समूहों को कोरोना काल में समस्याओं का सामना करना पड़ा। उनके लिए 119 करोड़ का राहत पैकेज दिया गया। ग्राम प्रधानों का मानदेय बढ़ाया गया।
रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को उत्तराखण्ड आने पर प्रदेश वासियों की ओर से धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने उत्तराखण्ड को बहुत बड़ा सम्मान दिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। उत्तराखण्ड हर क्षेत्र में आगे बढे, देश के अग्रणी राज्यों में हमारे राज्य का नाम हो इसके लिये वे निरंतर प्रयासरत हैं।
इस अवसर पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, सांसद गढ़वाल तीरथ सिंह रावत, कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत, सुबोध उनियाल, गणेश जोशी, डा. धन सिंह रावत, जिला पंचायत अध्यक्ष शांति देवी, विधायक महंत दिलीप रावत, रितु खंडूड़ी, मुकेश कोली, महेश जीना, भरत सिंह चौधरी सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित थे।

राज्य हित में जो भी होगा सरकार उसे पूरा करेगी-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को हरिद्वार बाईपास रोड स्थित होटल में आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड को विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ाना ही हमारा ध्येय है। उत्तराखण्ड हर क्षेत्र में आगे बढे, देश के अग्रणी राज्यों में हमारे राज्य का नाम हो इसके लिये हम निरंतर प्रयासरत हैं। जनसेवा का हमारा भाव है। उत्तराखण्ड का समग्र विकास ही हमारा ध्येय है। राज्यहित में जो भी अच्छा होगा वह हम करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य निर्माण में हमारे राज्य आन्दोलनकारियों की बड़ी भूमिका रही है। राज्य सरकार द्वारा अब आंदोलनकारी की मृत्यु के पश्चात उनके आश्रितों को भी 3100 रू. पेंशन दिये जाने की स्वीकृति प्रदान की है। राज्य आंदोलनकारियों का सम्मान हमारे लिये सर्वाेपरि है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के युवाओं की मनोस्थिति से वे परिचित हैं, हमारे युवाओं का भविष्य उज्ज्वल हो, उन्हें रोजगार, स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध हों इसके लिये राज्य सरकार प्रतिबद्धता के साथ योजनाओं का क्रियान्वयन कर रही है। युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिये लगभग 24 हजार सरकारी विभागों में उपलब्ध पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया प्रारम्भ की गई है। युवाओं को समूह ‘ग’ की परीक्षा में शामिल होने के लिये अधिकतम आयु सीमा में एक साल की छूट दी गई है। भर्ती हेतु आवेदन शुल्क को माफ किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे युवा रोजगार मांगने वाले नहीं रोजगार देने वाले बनें इसके लिये अनेक स्वरोजगार योजनायें संचालित की गई हैं। युवाओं को अधिक से अधिक स्वरोजगार से जोड़ने के लिये विभिन्न क्षेत्रों में कैम्पों का आयोजन का फार्म जमा करने तथा उनकी स्वीकृति प्रक्रिया की कार्यवाही पूर्ण करने की प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 के कारण प्रदेश की आर्थिक गतिविधियां भी प्रभावित हुई है। पयर्टन, परिवहन, राफ्टिंग व्यवसाय को उभारने के लिए इन व्यवसायों से जुड़े लोगों को आर्थिक सहायता के रूप में 200 करोड़ का पैकेज दिया गया है। इसी प्रकार स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए राज्य सरकार ने 205 करोड़ का पैकेज दिया है। यह धनराशि सीधे उनके खाते में डीबीटी के माध्यम से जमा की जा रही है। उन्होंने कहा कि अटल आयुष्मान योजना लोगों के लिये वरदान साबित हुई है। इस योजना में अब तक 3.50 लाख लोगों को चिकित्सा सुविधा प्रदान की गई है, जिस पर 460 करोड़ रूप्ये व्यय किये गये हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चार धाम यात्रा का उत्तराखंड के लिए सांस्कृतिक और आर्थिक महत्व है। हर वर्ष देश-विदेश के लाखों लोगों को इस यात्रा की प्रतीक्षा रहती है। सरकार कोविड-19 के सभी नियमों का पालन करते हुए सुरक्षित और सुगम चार धाम यात्रा हेतु प्रयासरत है। इस यात्रा के प्रारंभ होने से स्थानीय पर्यटन और परिवहन व्यवसायियों सहित पूरे प्रदेश को लाभ होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा की प्रधानमंत्री का उत्तराखण्ड के प्रति भावनात्मक लगाव है। आज उत्तराखंड में सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है। परिवहन, कनेक्टिविटी और इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में उत्तराखंड में तेजी से काम हो रहा है। कोरोना काल मे हर किसी के लिए समस्या पैदा हुई। लेकिन सरकार ने कोविड प्रभावित अर्थव्यवस्था को मज़बूती देने के लिए कई निर्णय लिए हैं। राज्य में हेली सेवाओं को बढ़ावा देने के लिये एवियेशन टर्बाे फ्यूल में 18 प्रतिशत की छूट दी गई है, इसे 20 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत किया गया है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सभी के सहयोग के लिये है। अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिये भी बड़ी संख्या में उद्योगों की स्थापना जरूरी है। इसके लिये जो बेहतर होगा वह किया जायेगा। राज्य के सभी क्षेत्रों के साथ ही राष्ट्रीय राजधानी के लिये सड़क एवं हवाई सेवाओं की बेहतर सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में भू कानून लागू करने के लिये पूर्व मुख्य सचिव श्री सुभाष कुमार की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया है। समिति की रिपोर्ट के आधार पर सभी पहुलओं पर ध्यान रखते हुए इस सम्बन्ध में कार्यवाही की जायेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा राज्य को आवश्यकतानुसार वैक्सीन उपलब्ध कराने में राज्य की बड़ी मदद की है। हमारा प्रयास राज्य के सभी लोगों को दिसम्बर, 2021 तक सभी का वैक्सीनेशन कराने का है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर शिक्षा एवं उद्योग से जुड़े अनेक लोगों को सम्मानित भी किया।

उद्योगों को बढ़ावा देना रोजगार का सृजन करना है-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास से पीएचडी चैम्बर ऑफ कॉमर्स द्वारा आयोजित कार्यक्रम में वर्चुअल प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि किसी समाज एवं राष्ट्र की उन्नति में उद्योगों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में उद्योगों से जुड़े लोगों की समस्याओं का सरलीकरण कर समाधान किया जा रहा है। उत्तराखंड में जितने भी उद्योग स्थापित हुए हैं, उनकी समस्याओं को दूर कर उनके विकास के लिए हर संभव प्रयास किये जायेंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा राज्य को दिये गये औद्योगिक पैकेज से प्रदेश में बड़ी संख्या में उद्योगों की स्थापना हुई है। भविष्य में राज्य में और अधिक उद्योग स्थापित हों इसके लिये हमारे उद्यमी ही हमारे ब्राण्ड एम्बेसडर हैं। राज्य में इन्वेस्टर समिट के आयोजन के बाद उद्योगपतियों का रूझान उत्तराखण्ड के प्रति तेजी से बढ़ा है। राज्य का वातावरण पूर्णतः उद्योगों के अनुकूल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सम्पूर्ण देश में भी यह संदेश जाना चाहिए कि उत्तराखंड उद्योगों के लिए एक श्रेष्ठ डेस्टिनेशन है। उन्होंने कहा कि सरकार और उद्योगपतियों के बीच लगातार संवाद किये जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का उत्तराखण्ड से विशेष लगाव है। राज्य में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए केन्द्र सरकार से राज्य को पूरा सहयोग मिल रहा है। सड़क, रेल एवं हवाई कनेक्टिविटी राज्य में तेजी से बढ़ रही है। आने वाला समय उत्तराखण्ड में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए बहुत अच्छा होगा।
इस अवसर पर वर्चुअल माध्यम से पीएचडी चैम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष संजय अग्रवाल, सीएमडी आईटीसी लि. संजीव पुरी, उद्योग जगत से जुड़े आलोक किलोस्कर, मनीष भटनागर, प्रदीप मुल्तानी मौजूद थे।

परिवहन निगम को बसों के फेरे बढ़ाने के प्रयास करने चाहिए-सीएस

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. सन्धु ने गुरुवार को सचिवालय में परिवहन विभाग की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभाग को अपग्रेड करने के लिए अन्य प्रदेशों द्वारा अपनायी जा रही बेस्ट प्रेक्टिसिस का अध्ययन कर प्रदेश में भी लागू किया जाए।
मुख्य सचिव ने डग्गामारी को रोकने के लिए विशेष प्रयास किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए सेंट्रलाइज्ड कन्ट्रोल रूम तैयार किया जाए। साथ ही, मॉनिटरिंग एवं सर्विलांस सिस्टम का आधुनिकीकरण करते हुए एनपीआर कैमरा इंस्टॉलेशन कार्य में तेजी लायी जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि पिछले दिनों डग्गामारी पर लगाम लगाए जाने से अच्छे परिणाम देखने को मिले हैं। डग्गामारी रूकने से परिवहन निगम की बसों में यात्रियों की संख्या बढ़ी है। उन्होंने परिवहन निगम को बसों के फेरे बढ़ाए जाने हेतु प्रयास किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मैदानी क्षेत्रों में सी.एन.जी. एवं इलेक्ट्रिक बसें चलाए जाने पर फोकस किया जाए।
मुख्य सचिव ने लीकेजिज को रोकने हेतु विशेष प्रयास किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बिना टिकट यात्रा और डीजल चोरी पर भी लगाम लगाए जाने की आवश्यकता है। इसके साथ ही मेंटेनेंस के लिए वर्कशॉप के मॉर्डनाइजेशन पर भी ध्यान दिए जाने की बात कही।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, मनीषा पंवार, सचिव परिवहन डॉ. रंजीत सिन्हा, प्रबन्ध निदेशक परिवहन निगम डॉ. नीरज खैरवाल सहित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

कैबिनेट में लाया जायेगा सिंचाई एवं लघु सिंचाई विभाग के एकीकरण का प्रस्ताव

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को सचिवालय में सिंचाई एवं लघु सिंचाई विभाग की समीक्षा की, उन्होंने सिंचाई एवं लघु सिंचाई विभाग के एकीकरण की कार्य योजना तेयार कर इस सम्बन्ध में शीघ्र प्रस्ताव कैबिनेट में रखने के निर्देश अधिकारियों को दिये हैं। मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित जमरानी एवं सौंग बांध के निर्माण के प्रयासों में तेजी लाये जाने, ग्राउण्ड वाटर रिचार्ज के लिये छोटे-छोटे बांध एवं चेकडैम के निर्माण की कार्य योजना बनाये जाने, सिंचाई एवं बाढ़ सुरक्षा कार्यों में बदलते समय के अनुरूप आधुनिक तकनीक का उपयोग किये जाने तथा बैराज एवं नहरों में जमा सिल्ट सफाई की व्यवस्था करने के साथ ही प्रदेश में ग्राउंड वाटर रिसोर्स की स्टडी किये जाने के निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री ने विभागों द्वारा संचालित योजनाओं के निर्माण की प्रगति की मॉनिटरिंग के लिए पोर्टल तैयार करने के भी निर्देश दिये। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी उपलब्ध होगी। उन्होंने योजनाओं की जीओ टेगिंग की भी व्यवस्था बनाने को कहा है।
मुख्यमंत्री ने सिंचाई एवं बाढ़ सुरक्षा आदि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये वन भूमि हस्तान्तरण प्रक्रिया का भी सरलीकरण करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जन संसाधनों का प्रदेश हित में कैसे बेहतर उपयोग हो सके इस पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। राज्य में संचालित सिंचाई योजनाओं के स्वामित्व आदि के सम्बन्ध में भी प्रभावी प्रयास किये जाने की मुख्यमंत्री ने जरूरत बतायी तथा इस सम्बन्ध में आपसी समन्वय पर भी ध्यान देने को कहा।
मुख्यमंत्री ने सिंचाई निर्माण निगम के माध्यम से निर्माण कार्यों में तेजी लाये जाने, विभाग में उपलब्ध मानव संसाधनों का शत प्रतिशत उपयोग करने, सिंचाई एवं लघु सिंचाई की मैदानी एवं पर्वतीय क्षेत्रों के लिये अलग अलग नीति के अनुरूप योजनाओं को क्रियान्वयन के भी निर्देश दिये हैं। उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों में ड्रिप इरिगेशन की योजना संचालित करने की भी बात कही।
सिंचाई विभाग के विभागाध्यक्ष मुकेश मोहन ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से सिंचाई विभाग के कार्यकलापों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 3051 नहरों, 1700 नलकूपों एवं 268 लघु नहरों के द्वारा गत वर्ष खरीफ फसल में 1.638 हेक्टेयर तथा रबी फसल में 1.593 लाख हेक्टेयर सींच दर्ज की गई है। राज्य में कुल 1282 बाढ़ सुरक्षा योजनायें संचालित हैं। प्रदेश में गंगा एवं उसकी सहायक नदियों में चरणबद्ध ढंग से बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण की योजना क्रियान्वित की गई है।
उन्होंने बताया कि हल्द्वानी से 10 कि.मी. अप स्ट्रीम में 2584 करोड़ लागत की जमरानी बांध परियोजना का कार्य उत्तराखण्ड परियोजना विकास एवं निर्माण निगम के अंतर्गत गठित पी.आई.यू. के माध्यम से किया जाना प्रस्तावित है। इस बहुउद्देशीय परियोजना के निर्माण के अंतर्गत 150.60 मी. ऊंचा रोलर कम्पेक्ड कंक्रीट ग्रेविटी बांध निर्मित किया जायेगा। जिसमें 14 मे.वा. विद्युत का उत्पादन होगा तथा उत्तर प्रदेश व उत्तराखण्ड में 150027 हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। जबकि सौंग बांध मालदेवता से लगभग 10 कि.मी. दूर सौंग नदी पर प्रस्तावित है। इस पर 130.60 मी. ऊंचा बांध व 12.40 कि.मी. लम्बी पाइप लाइन का निर्माण होगा जिसकी लागत 1580.25 करोड़ है। इससे देहरादून की 2053 तक की आबादी को पेयजल आपूर्ति हो सकेगी।
लघु सिंचाई के विभागाध्यक्ष वी.के. तिवारी ने विभाग की कार्य योजना की जानकारी देते हुए बताया कि विभाग द्वारा राज्य के पर्वतीय व मैदानी इलाकों में सोलर पंप सेटों, सिंचाई हेतु सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली, स्प्रिंकलर/ड्रिप की स्थापना, भूजल सुधार हेतु रिचार्ज शाफ्ट का निर्माण, आर्रिजन कूपों के निर्माण के साथ ही प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा उत्थान एवं महाअभियान के अंतर्गत डीजल चालित पंपसेटों को सोलर पंप सेटों में परिवर्तित करने की योजना प्रस्तावित है।
बैठक में मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. सन्धु, अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, सचिव अमित नेगी, हरिचन्द सेमवाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

अब नई एसओपी में दिये गये समय के अनुसार खुलेंगे स्कूल

उत्तराखंड में स्कूलों के खोलने और बन्द करने को लेकर नई समय सारणी निर्धारित कर दी गई है। सरकार ने इसके लिए एसओपी भी जारी की है। अब प्रदेश के समस्त स्कूल नए निर्देश के अनुसार खुलेंगे और बन्द होंगे। इसका सख्ती से पालन करना होगा।
एसओपी के अनुसार, राज्य में अब सभी विद्यालयों का संचालन गर्मियों में एक अप्रैल से 30 सितम्बर तक प्रातः 8.00 बजे से लेकर अपराहन 1.00 बजे तक होगा। वही शीतकाल में एक अक्टूबर से 31 मार्च तक प्रातः 9 बजकर 30 मिनट से अपराहन 3 बजकर 30 मिनट तक की समय सीमा निर्धारित की गई है।

विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में निर्माण के लिए सीएम ने दी वित्तीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न विकास कार्यों हेतु वित्तीय एवं प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने सीआरआईएफ (केन्द्रीय सड़क अवसंरचना निधि) के अन्तर्गत जनपद हरिद्वार के बहादराबाद-धनौरी-इमलीखेड़ा भगवानपुर-गागलहेड़ी राज्य मार्ग-68 तथा पुहाना इकबालपुर-झबरेड़ा-गुरुकुल नारसन राज्य मार्ग-28 पर रोड फर्नीचर, रोड मार्किंग तथा अन्य विविध कार्यों हेतु 260.35 लाख की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।
मुख्यमंत्री ने विधानसभा क्षेत्र लोहाघाट के अन्तर्गत विभिन्न 2 निर्माण कार्यों हेतु 389.83 लाख रूपये, टीएसपी के अन्तर्गत विधानसभा क्षेत्र सितारगंज में बिज्टी मार्ग होते हुये ग्राम करघाटा में कलासेन के घर एवं रसोईपुर मार्ग से बिज़्टी लिंक मार्ग का नव निर्माण हेतु 114.77 लाख रूपये, विधानसभा क्षेत्र रूद्रप्रयाग के अन्तर्गत विभिन्न 2 निर्माण कार्यों हेतु 100.35 लाख रूपये, विधानसभा क्षेत्र बीएचईएल के अन्तर्गत विभिन्न 7 निर्माण कार्यों हेतु 383.60 लाख रूपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कोविड-19 के कारण चारधाम यात्रा एवं पर्यटन गतिविधियों पर प्रतिकूल प्रभाव के दृष्टिगत वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली एवं दीनदयाल उपाध्याय होम स्टे योजना हेतु ऋण पर 6 माह के ब्याज की प्रतिपूर्ति हेतु प्रथम चरण में राहत कोष से 2 करोड़ रूपये की स्वीकृति तथा मुख्यमंत्री घोषणा के क्रम में कोविड-19 उपचार में तैनात कुल 1559 चिकित्सकों को प्रति चिकित्सक के लिए 10 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि हेतु 1,55,90,000 रूपये की धनराशि की स्वीकृति प्रदान की है।
मुख्यमंत्री ने चीनी मिल सितारगंज में आउटसोर्स एजेन्सी के माध्यम से पेराई सत्र 2021-22 में संचालन कराये जाने हेतु 19.27 करोड़ रूपये की भी वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।

कोरोना से मृत हुए लोगों को विस अध्यक्ष ने चेक बांटे

कोरोना महामारी के दौरान जिन लोगों ने अपने परिजनों को गंवाया है, ऐसे 85 मृतक आश्रित परिवारों को विधानसभा अध्यक्ष विवेकाधीन कोष से 8 लाख 50 हज़ार रुपये के चेक वितरित किए गए।
बैराज रोड स्थित कैंप कार्यालय पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान विस अध्यक्ष अग्रवाल ने चेक वितरित करते हुए कहा कि कोरोना काल के दौरान ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र से भी अनेक लोग कोरोना की जंग हार गए। ऐसे में 85 मृतक आश्रित परिजनों को विधानसभा अध्यक्ष विवेकाधीन कोष से 10-10 हजार रुपये की धनराशि के चेक वितरित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में संपूर्ण देश भर में अनेक लोगों की क्षति हुई है, जो अत्यंत दुखदाई थी। विस अध्यक्ष अग्रवाल के यह बोलते ही कार्यक्रम में उपस्थित अनेक मृतकों के परिजनों के आंसू छलक आए। विस अध्यक्ष ने ढांढ़स बांधते हुए कहा कि जो लोग कोरोना काल मे अपने परिजनों से बिछड़ गए वह वापस नहीं आ सकते परंतु अब आत्मनिर्भरता के साथ स्वयं के बल पर खड़े होने की आवश्यकता है।
विस अध्यक्ष अग्रवाल ने कहा है कि कोरोना काल के दौरान अनेक लोगों को राशन के किट, मास्क, सैनिटाइजर एवं जरूरतमंदों को जीवन यापन की सभी सामग्री उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया ताकि कोई भी व्यक्ति भूखा ना सोये। इसी परिपेक्ष जो लोग काल के ग्रास बने उनके परिजनों को कुछ राहत मिल सके, इसलिए विवेकाधीन कोष से यह राशि उपलब्ध कराई गई । विस अध्यक्ष ने कहा है कि प्रदेश सरकार द्वारा वात्सल्य योजना के तहत भी लोगों को लाभ मिल रहा है। इस योजना का उद्देश्य यही है कि कोई भी बच्चा अपने माता-पिता के अभाव में अशिक्षित ना रह सके ।
इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला प्रचारक भूपेंद्र सिंह ने विधानसभा अध्यक्ष के इस प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा है कि जिन लोगों के सामने आज रोजी रोटी का संकट है उनके लिए इस प्रकार की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना वरदान साबित होगा।
कार्यक्रम में संघ के जिला संपर्क प्रमुख राकेश शर्मा, नगर निगम के पार्षद राजेश दिवाकर, पार्षद सरदार अजीत सिंह गोल्डी, चेतन चौहान, रीना शर्मा, लव कांबोज, प्रधान भगवान सिंह महर, प्रधान सोवन कैंतूरा, विजयलक्ष्मी शर्मा सहित कोरोना मृतक आश्रितों के परिजनों में निशा देवी, मनीषा देवी, सुरेंद्र सिंह, केशव देवी, महेश्वरी देवी, उमा देवी, सोनल देवी, नेहा झा, ममता , संगीता देवी, सीमा देवी, मिथिलेश शर्मा, पूजा उनियाल, सुनीता, राधा देवी आदि सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे। वहीं, कार्यक्रम का संचालन कविता शाह ने किया।

आबू धाबी से पदक जीकर आये जु-जित्सु खिलाड़ियों का सम्मान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में आबू धाबी में आयोजित पांचवी एशियन जु-जित्सु चैंपियनशिप, पदक विजेता उत्तराखंड के जु-जित्सु खिलाड़ियों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने आगामी एशियन इंडोर एंड मार्शल आर्ट गेम्स तथा वर्ल्ड जु-जित्सु चैंपियनशिप के लिए खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों ने पदक तालिका में स्थान पाकर पूरे प्रदेश को गौरवान्वित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों को हर संभव सुविधा मिल सके इसके लिए राज्य में नई खेल नीति बनाई जा रही है।
जु-जित्सु एसोसिएशन ऑफ इंडिया के महासचिव विनय कुमार जोशी ने बताया कि 13 से 16 सितंबर 2021 तक आबू धाबी में आयोजित हुई पांचवी एशियन जु-जित्सु मार्शल आर्ट चौंपियनशिप में भारत से 38 सदस्यों के दल ने देश का प्रतिनिधित्व किया। जिसमें उत्तराखण्ड के छह खिलाडिय़ों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 6 पदक हांसिल किये। जिसमें 2 रजत पदक एवं 4 कांस्य पदक शामिल हैं। इस जु-जित्सु मार्शल आर्ट चौंपियनशिप में भारत ने आठवां स्थान प्राप्त किया। उत्तराखण्ड से शिवानी गुप्ता, नव्या पाण्डे, मंदीप कौर एवं मुकेश कुमार ने विभिन्न भार वर्गों में पदक हासिल किये। सभी विजेता खिलाड़ियों ने वर्ष 2021 में ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया के नेतृत्व में थाईलैंड चोंगबुरी में आयोजित होने वाली एशियन इंडोर एंड मार्शल आर्ट्स गेम्स 2022 के लिए अपना स्थान पक्का किया।
इस अवसर पर खेल निदेशक जी.एस. रावत, संयुक्त निदेशक खेल धर्मेंद्र भट्ट, जिला जु-जित्सू एसोसिएशन ऑफ़ उधम सिंह नगर के अध्यक्ष भारत भूषण, महासचिव ऋषि पाल भारती एवं एशियन जु-जित्सु चौंपियनशिप में प्रतिभाग करने वाले उत्तराखण्ड के खिलाड़ी मौजूद थे।

हरिद्वार ग्रामीण में विकास कार्यों के लिए धामी ने दी कई सौगातें

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आजादी का अमृत महोत्सव के अन्तर्गत उत्तराखण्ड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन एवं ग्राम्य विकास विभाग द्वारा रूपराज पैलेस, शाहपुर शीतलाखेड़ा, हरिद्वार में महिला स्वयं सहायता समूहों की एक दिवसीय कार्यशाला में प्रतिभाग किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों एवं स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगायी गयी विभिन्न उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों के प्रयासों की भी सराहना की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की, कि लालढांग क्षेत्र में झूला पुल का निर्माण किया जायेगा। बहादरपुर जट में एक डिग्री कॉलेज का निर्माण कराया जाएगा। लालढांग के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा तथा जनपद हरिद्वार में प्रदेश स्तरीय किसान भवन का निर्माण किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाये गये बहुत सारे उत्पाद बाजारों में बिक नहीं पाये, हमारी सरकार स्वयं सहायता समूह, जो स्वरोजगार योजनाओं को चला रही हैं, उनकी सहायता के लिये आगे आई है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूहों को दिये जाने वाले ऋण पर ब्याज की प्रतिपूर्ति हेतु कुल 1451 स्वयं सहायता समूहों को रू0 111.2749 लाख बटन डिजिटल माध्यम जारी किये।
कार्यक्रम में कोरोना महामारी से प्रभावित शंकुल स्तरीय संगठनों (सीएलएफ) के आर्थिक सुदृढ़ीकरण हेतु मुख्यमंत्री द्वारा कुल 14 सीएलएफ को पांच-पांच लाख रूपये की आर्थिक सहायता के चेक भी वितरित किये गये। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कोरोना काल में उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वयं सहायता समूहों को प्रमाण पत्र तथा स्वयं सहायता समूहों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने वाले बैंकों को भी प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर कोरोना महामारी में अपने रोजगार से प्रभावित कुल 3128 स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक मजबूती दिये जाने के उद्देश्य से पूर्व घोषित 06 माह तक प्रतिमाह रूपये 2000/ की किस्त के हिसाब से 3 माह हेतु रूपये 6000/ की धनराशि के चेक भी वितरित किये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, उज्जवला योजना लेकर आये, जिसके तहत महिलाओं को गैस का चूल्हा दिया गया। प्रधानमंत्री ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओं अभियान शुरू किया, जिससे बालक-बालिकाओं में असमानता दूर हुई है। मुख्यमंत्री ने आयुष्मान भारत योजना का जिक्र करते हुए कहा कि इसका लाभ अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक मिल रहा है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत प्रतिवर्ष 5 लाख रूपये का इलाज मुफ्त किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अभी तक साढ़े तीन लाख लोग इस योजना के तहत लाभान्वित हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि इस योजना में अब कई गम्भीर बीमारियों का इलाज भी शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर घर को नल से जल योजना के तहत वर्ष 2023 तक हर घर को स्वच्छ जल मिलेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में इस योजना के तहत केवल एक रुपये में कनेक्शन दिया जाएगा। जबकि शहरी क्षेत्रों में 100 रू. में कनेक्शन की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम जितनी घोषणाएं करेंगे, उनको पूरा भी करेंगे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार के तीन मंत्र है, सरलीकरण, समाधान तथा निस्तारण। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि प्रत्येक कार्यालय दिवस में प्रातः 10 से 12 बजे तक उपस्थित रहकर आम जनता की समस्याओं का निराकरण करें। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में उत्तराखण्ड हर क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनेगा तथा उत्तराखण्ड की हर व्यवस्था विश्व स्तरीय होगी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर शहीद भगत सिंह की जयंती के अवसर पर उनको सादर नमन कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम में ग्राम्य विकास मंत्री स्वामी यतीश्वरानन्द ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों को हर क्षेत्र में कैसे मजबूत किया जाए, कैसे उनके बनाये उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध कराया जाए, इसके लिए हमारी सरकार लगातार प्रयासरत है। इस अवसर पर विधायक लक्सर संजय गुप्ता ने मुख्यमंत्री को स्थानीय समस्याओं से भी अवगत कराया।
कार्यक्रम में विधायक खानपुर कुंवर प्रणय सिंह चौम्पियन, विधायक रानीपुर आदेश चौहान, विधायक ज्वालापुर सुरेश राठौर, विधायक रूड़की प्रदीप बत्रा, विधायक-झबरेड़ा देशराज कर्णवाल, जिलाध्यक्ष भाजपा डॉ. जयपाल सिंह चौहान, चेयरमेन नगर पालिका लक्सर अम्बरीष गर्ग जिला महामंत्री विकास तिवारी, अपर सचिव/आयुक्त ग्रामीण विभाग आनन्द स्वरूप, जिलाधिकारी हरिद्वार विनय शंकर पाण्डेय, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. योगेन्द्र सिंह रावत सहित पदाधिकारीगण एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।