सरकार का प्रयास अधिक से अधिक लोगों को स्वरोजगार से जोड़ा जाए-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सर्वे चौक स्थित महिला आई.टी.आई. परिसर में मेगा स्वरोजगार शिविर का शुभारम्भ किया। उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा चलाई जा रही स्वरोजगार योजनाओं के स्टॉलों का निरीक्षण भी किया। उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा चलाई जा रही स्वरोजगार योजनाओं के स्टॉलों का निरीक्षण भी किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वरोजगार योजनाओं के तहत लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति पत्र एवं चेक वितरित भी किये।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस स्वरोजगार शिविर के माध्यम से अनेक लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। रोजगार एवं स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। सरकारी सेवाओं में रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाई गई है। स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं। राज्य में औद्योगिक विकास के लिए उद्योग पॉलिसी का सरलीकरण किया जा रहा है। जन समस्याओं का समाधान जल्द हो इसके लिए कार्यों के सरलीकरण, समाधान और निस्तारण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक विकास के लिए स्वरोजगार एक अच्छा माध्यम है। स्वरोजगार के माध्यम से एक व्यक्ति अपने साथ कई लोगों को रोजगार से जोड़ सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी जनपदों में स्वरोजगार के लिए शिविर लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों में स्वरोजगार योजनाओं से संबंधित सभी विभागों एवं बैंकर्स को स्टॉल लगाने के निर्देश दिये गये हैं। लोगों की समस्याओं का समाधान एक ही स्थान पर हो, इसके प्रयास किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन समस्याओं का समाधान त्वरित हो इसके लिए अधिकारियों प्रत्येक कार्यदिवस में 2 घण्टे जन सुनवाई कर उनका समाधान करने के निर्देश दिये गये हैं।
उद्योग मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि प्रदेश में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत अभी तक 113 करोड़ रूपये के ऋण स्वीकृत किये जा चुके हैं। 10 हजार से अधिक लोगों को स्वरोजगार से जोड़ा गया है। राज्य में उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
इस अवसर पर विधायक खजान दास, जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आर. राजेश कुमार, मुख्य विकास अधिकारी देहरादून नितिका खण्डेलवाल एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

सीएस ने खाद्य पदार्थों में मिलावट को रोकने के दिए निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. सन्धु ने मंगलवार को सचिवालय में खाद्य पदार्थों में मिलावट के सम्बन्ध में उच्चाधिकारियों के साथ बैठक ली। मुख्य सचिव ने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों को लोगों की जिन्दगी से खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए सख्त कदम उठाते हुए, इसे राज्य की प्राथमिकता बनाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि खाद्य पदार्थों में मिलावट को रोकने के लिए अभियान चलाया जाए। यह अभियान सिर्फ त्यौहारी सीजन को देखते हुए न हो, बल्कि इसे नियमित आधार पर चलाया जाए।

मुख्य सचिव ने फूड टेस्टिंग लैब बढ़ाए जाने के दिए निर्देश
मुख्य सचिव ने कहा कि अभी राज्य में एक ही फूड टेस्टिंग लैब है, जो कि रूद्रपुर में है। उन्होंने अधिकारियों को देहरादून, हरिद्वार और हल्द्वानी में भी फूड टेस्टिंग लैब खोले जाने के नर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गढ़वाल एवं कुमाऊं हेतु एक-एक मोबाईल फूड टेस्टिंग लैब की व्यवस्था भी की जाए। साथ ही, फूड एडल्ट्रेशन को रोकने के लिए सख्त से सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। छोटे-छोटे वीडियो क्लिप्स के माध्यम से लोगों में जागरूकता फैलायी जाए। उन्होंने कहा कि जब तक इसके प्रति आमजन जागरूक नहीं होगा तब तक फूड एडल्ट्रेशन को रोकना आसान नहीं होगा।

मिलावट को रोकने के लिए बनाए गए नियमों का अनुपालन हो सुनिश्चित
मुख्य सचिव ने होटल व्यवसायियों को स्वच्छता रेटिंग के लिए प्रोत्साहित किया जाए, इसके लिए होने वाले व्यय को सरकार द्वारा वहन किए जाने हेतु प्रस्ताव लाया जाए। उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट को रोकने के लिए बनाए गए नियमों और मानकों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए पोर्टल बेस्ड मॉनिटरिंग की जाए। होटल व्यवसायियों को इसके लिए जागरूक किया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि नियमित जांच और कठोर कार्रवाई के अभाव में मिलावट पर अंकुश नहीं लगाया जा सकता। इसके लिए लगातार सघन निरीक्षण अभियान के साथ ही मिलावटखोरों पर सख्त कानूनी कार्रवाई कर उदाहरण पेश किया जाए ताकि लोगों में मिलावटखोरी के प्रति भय हो, और इसे रोका जा सके।
इस अवसर पर सचिव अमित नेगी एवं कमिश्नर फूड सेफ्टी डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय सहित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

स्वयं सहायता समूह का गठन कर पहाड़ी भुली नाम रखा

ऋषिकेश श्यामपुर की न्याय पंचायत ग्राम सभा खदरी खड़कमाफ में डोईवाला ब्लॉक के अंतर्गत राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के समूहों का गठन किया गया।
ग्राम सभा खदरी के प्रगतिपुरम के राणा कांपलेक्स में एक सामूहिक बैठक आयोजित की गई। जिसकी अध्यक्षता डोईवाला ब्लॉक की सीनियर सीआरपी आशा नेगी कविता देवी, दिव्यनती थपलियाल (एरिया कोऑर्डिनेटर) के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम का आयोजन बीना चौहान (क्षेत्र पंचायत सदस्य) के द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संचालन विनोद चौहान के द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में सीनियर सीआरपी आशा नेगी के द्वारा स्वयं सहायता समूहों के विभिन्न कार्यों के बारे में संक्षिप्त में बताया गया। उसके तत्पश्चात स्वयं सहायता समूह का गठन संयुक्त रूप व सबकी सहमति से किया गया। गठन का नाम ’पहाड़ी भुली’ रखा गया। ग्राम संगठन में कुल 9 स्वयं सहायता समूह बनाए गए।
उसके बाद स्वयं सहायता समूह की महिलाओ के द्वारा चुनाव प्रक्रिया प्रारंभ की गई और पद चुने गए, जिसमें अध्यक्ष पद ईशा कलूड़ा चौहान, उपाध्यक्ष मनजीत पटवाल, सचिव अभिलाषा ज़ख्मोला, कोषाध्यक्ष संगीता देवी उपसचिव सावित्री देवी, पुस्तक संचालक पुष्पा देवी को चुना गया।
क्षेत्र पंचायत सदस्य बीना चौहान ने सभी नव निर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं और बधाई दी। उन्होंने कहा मुझे विश्वास है कि आप लोग अपने पद पर खड़े जरूर उतरेंगे और संगठन के लिए बेहतर कार्य करेंगे।
ग्राम संगठन की अध्यक्ष ईशा कलूड़ा चौहान ने कहा जिस विश्वास के साथ हमें पदाधिकारीयों के द्वारा चयनित किया गया, हम क्षेत्र की महिलाओं को आजीविका मिशन के तहत जोड़ने का प्रयास करेंगे है रोजगार का साधन उपलब्ध कराने का प्रयास भी करेंगे।
बैठक में उपस्थित क्षेत्र पंचायत सदस्य बीना चौहान, वार्ड मेंबर लक्ष्मण राणा राजेंद्र चौहान, विनोद चौहान, समाजसेवी नवीन नेगी, अनिल रावत, अनूप रावत, आशा नेगी (सीनियर सीआरपी) कविता देवी, दिव्यनती थपलियाल आदि उपस्थित रहे।

दर्शन करने आ रहे यात्रियों की संख्या बढ़ाने का सरकार हाईकोर्ट से करेगी अनुरोध

उत्तराखंड में चार धाम यात्रा के सफल संचालन के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिवालय में चार धाम यात्रा से जुड़े सभी विभाग के अधिकारियों की बैठक ली। समीक्षा बैठक के दौरान अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने निर्देश देते हुए कहा कि राज्य के बाहर से आने वाले यात्रियों को स्मार्ट सिटी एवं देवस्थानम् बोर्ड के पोर्टल पर पंजीकरण कराया जा रहा है। पंजीकरण कराये जाने हेतु अभिलेख एवं शर्तें दोनों पोर्टलों में समान हैं। यात्रियों की सुविधा के दृष्टिगत देवस्थानम् बोर्ड के ई-पास होल्डर को स्मार्ट सिटी के पोर्टल पर पंजीकरण की बाध्यता को एसओपी से हटाये जाने पर विचार किया जाय।
देवस्थानम् बोर्ड की वेबसाईट / पोर्टल खालने में उत्पन्न हो रही समस्याओं का तत्काल निराकरण किया जाय। धामों के चैक प्वाइंट पर ई-पास की चैकिंग हेतु क्यूआर कोड की व्यवस्था की जाय। अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि देवस्थानम् बोर्ड के पोर्टल पर यात्रियों के पंजीकरण हेतु One Phone number, one booking, one adhar number की व्यवस्था की जाय। चारों धामों में समस्त प्रोटोकॉल का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चत करते हुये मन्दिर खुलने के निर्धारित समय के अन्तर्गत धाम एवं मन्दिर परिसर की वास्तविक क्षमता का आंकलन वीडियोग्राफी सहित शासन को उपलब्ध करायी जाय। माननीय उच्च न्यायालय में अंतरिम एप्लीकेशन दायर करते हुए तत्काल यात्रियों की प्रतिदिन दर्शन की अनुमन्य संख्या को बढ़ाये जाने हेतु अनुरोध किया जाय।
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाय कि ई-पास को निर्गत किये जाने एवं ई-पास की चैकिंग व्यवस्था को अत्यन्त सरलीकृत किया जाय, जिससे कि तीर्थ यात्रियों को ई-पास हेतु पंजीकरण कराने में किसी तरह की असुविधा न हो। बैठक में बताया गया कि निर्धारित यात्रियों के सापेक्ष पूर्व से पंजीकृत यात्रियों में से अपेक्षाकृत कम यात्री चार धामों में दर्शन आ रहे हैं, इस स्थिति में सम्बंधित जिलाधिकारियों द्वारा उक्त यात्रियों के स्थान पर अन्य पंजीकृत यात्रियों को दर्शन की अनुमति दे सकते हैं। बैठक में चारधाम देवस्थानम बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, रविनाथ रमन ने बताया कि चार धाम यात्रा हेतु पंजीकरण एवं ई-पास देवस्थानम् बोर्ड की वेबसाइट से निर्गत किये जा रहे हैं। वेबसाइट पर तक चार धाम यात्रा हेतु यात्रियों द्वारा पंजीकरण करा लिया गया चारों धाम में पूजा प्रातः 4.00 बजे से सायं 7.00 बजे तक संचालित की जा रही है।
बैठक सचिव पर्यटन, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, चार धाम देवस्थानम् बोर्ड / आयुक्त, गढ़वाल मण्डल, सचिव, आपदा, सचिव, संस्कृति एवं धर्मस्व, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, यूकाडा, उपमहानिरीक्षक, पुलिस, गढ़वाल परिक्षेत्र, अपर सचिव, संस्कृति एवं धर्मस्व, जिलाधिकारी चमोली एवं जिलाधिकारी उत्तरकाशी, जिलाधिकारी, रूद्रप्रयाग, पुलिस अधीक्षक, उत्तरकाशी / रूद्रप्रयाग (वीसी के माध्यम से) सम्मिलित थे।

आध्यात्म, पर्यटन और वेलनेस को लेकर सीएम की आध्यात्मिक गुरु सदगुरु से चर्चा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोमवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित जनता दर्शन हॉल में आध्यात्मिक गुरु सदगुरु के साथ आयोजित संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सदगुरु से जीवन दर्शन से जुड़े विषयों के साथ ही आध्यात्म, पर्यटन और वेलनेस आदि के क्षेत्र में उत्तराखंड को अग्रणी राज्य बनाने की चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड दुनिया का खूबसूरत प्रदेश है जहां पहाड़, हिमाच्छादित चोटियां, नदियां, वन संपदा की भरमार है, हमारा प्रयास पर्यटन और आध्यात्म के क्षेत्र में उत्तराखण्ड को शिखर पर ले जाने का है। उत्तराखण्ड दुनिया की आध्यात्मिक राजधानी बने इसके लिये भी हम प्रयासरत हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में हर व्यक्ति अलग-अलग ज़िम्मेदारी के साथ काम करता है और समय समय पर व्यक्ति की ज़िम्मेदारी भी बदलती हैं। हमें जो जिम्मेदारी मिली है उसे पूरे मनोयोग तथा प्राण प्रण से निभाना है। अन्त्योदय के साथ समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सुविधाओं का हमें लाभ पहुंचाना है। हमारे लिये नर सेवा नारायण सेवा है। सभी जरूरतमंदों की मदद करना ही हमारे लिये आध्यात्मिकता है।
संवाद कार्यक्रम के दौरान सद्गुरु ने कहा कि उत्तराखंड तमाम प्राकृतिक संपदाओं से भरपूर राज्य है। इस राज्य में एशिया का सबसे बेहतर सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और पर्यटन राज्य बनने की क्षमता है। एशिया का स्विट्जरलैंड भी यह बन सकता है। स्वदेशी तौर-तरीकों को विकसित कर इसे आगे बढ़ाने की ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में आने वाले हर व्यक्ति को यहाँ की प्रकृति और पहाड़ों की जीवटता को महसूस करना चाहिए। हिमालय विभिन्न संस्कृतियों का जनक रह है। सद्गुरु ने कहा कि यहां की संस्कृति अपने आप में श्रेष्ठ है इसकी तुलना देश दुनिया में किसी से नहीं की जा सकती है। उन्होंने इस अवसर पर प्रश्नोत्तर के माध्यम से आध्यात्मिक व जीवन दर्शन से सम्बन्धित अनेक प्रश्नों के भी उत्तर दिये।
सद्गुरु ने वर्तमान में विश्वव्यापी चुनौती कोविड-19 संक्रमण को लेकर भी चर्चा करते हुए कहा कि कोविड-19 की रोकथाम के लिए हम सबको जिम्मेदारी पूर्ण व्यवहार करना होगा। अगर हम सब जिम्मेदारी पूर्ण व्यवहार नहीं करेंगे तो सरकार अपने स्तर पर कुछ नहीं कर पाएगी। समस्याओं के समाधान में आम जनता का भी सहयोगी बनना होगा।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, विधायक मुन्ना सिंह चौहान, कुंवर प्रणव सिंह चैम्पियन, शासन प्रशासन के उच्चाधिकारी एवं गणमान्य लोग उपस्थित थे।

ज्ञानवाणी चैनल से ऑनलाईन शिक्षा और सुलभ होगी-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में ज्ञानवाणी चैनल का वर्चुअल शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कहा की राज्य में छात्र-छात्राओं को ऑनलाईन शिक्षण अधिगम से लगातार जोड़े रखने हेतु उत्तराखण्ड राज्य शिक्षा विभाग और जियो ने मिलकर नए ऑनलाईन एजुकेशन चैनल ज्ञानवाणी-1 और ज्ञानवाणी-2 का शुभारंभ एक अच्छा प्रयास है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाय कि बच्चों को ऑनलाइन शिक्षण के उद्देश्य से शुरू किए गए एजुकेशन चैनल ज्ञानवाणी का लाभ प्रदेश के सभी बच्चों को मिले। ज्ञानवाणी चौनल की सार्थकता तभी होगी जब समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्तियों तक इसका लाभ पहुंचे। उन्होंने कहा की बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास में स्कूलों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। कोरोना काल में ऑनलाइन शिक्षण के लिए अनेक सराहनीय प्रयास किए गए। स्कूलों में कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सभी शैक्षणिक गतिविधियां चल रही है।
शिक्षा मंत्री अरविन्द पाण्डेय ने कहा कि कोविड के दौरान ऑनलाइन शिक्षण का प्रचलन शुरू हुआ। आज ऑनलाइन माध्यम से अनेक शैक्षणिक गतिविधियां की जा रही है। उन्होंने सुझाव दिया कि ज्ञानवाणी चौनल के माध्यम से पीएम ई विद्या के कंटेंट को भी शामिल किया जाय। जो पूर्णतः एनसीईआरटी पाठ्यक्रम पर आधारित है।
शिक्षा सचिव राधिका झा ने कहा कि ऑफलाइन शिक्षण के साथ ही बच्चों को ऑनलाइन माध्यम से ही शैक्षणिक गतिविधियों से जोड़ने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। ज्ञानवाणी-1 प्राथमिक कक्षाओं एवं ज्ञानवाणी-2 माध्यमिक कक्षाओं के लिए चलाया जा रहा है।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी जियो विशाल अग्रवाल ने कहा कि समग्र शिक्षा अभियान से जुड़े सभी एनजीओ भी शिक्षा विभाग के माध्यम से ज्ञानवाणी में कंटेंट का प्रसारण कर सकते हैं। उन्होंने बताया की जल्द ही धारचूला में जियो की 4जी कनेक्टिविटी शुरू की जाएगी।
इस अवसर पर शिक्षा महानिदेशक बंशीधर तिवारी, मुख्य शिक्षा अधिकारी देहरादून डॉ. मुकुल सती, जियो के स्टेट कॉर्डिनेटर दीपक सिंह एवं वर्चुअल माध्यम से सभी मुख्य शिक्षाधिकारी एवं प्रधानाचार्य मौजूद थे।

राज्य के 7 सात उत्पादों को भौगोलिक संकेतांक का प्रमाण पत्र

उत्तराखण्ड सचिवालय स्थित वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली सभागार में बौद्विक सम्पदा भारत के अंतर्गत उत्तराखण्ड राज्य के उत्पादों के भौगोलिक संकेतांक (ज्योग्राफिकल इण्डिकेशन) का वितरण समारोह कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें कृषि मंत्री सुबोध उनियाल एवं उद्योग मंत्री गणेश जोशी द्वारा राज्य के सात उत्पादों (कुमांऊ च्यूरा ऑयल, मुनस्यारी राजमा, उत्तराखण्ड का भोटिया दन, उत्तराखण्ड ऐंपण, उत्तराखण्ड रिंगाल क्राफ्ट, उत्तराखण्ड ताम्र उत्पाद एवं उत्तराखण्ड थुलमा) को भौगोलिक संकेतांक (ज्योग्राफिक इन्डिकेशन) प्रमाण पत्र वितरित किये गए।
कार्यक्रम के अवसर पर प्रधानमंत्री के सलाहकार भास्कर खुल्बे एवं सचिव डीपीआईआईटी भारत सरकार अनुराग जैन द्वारा वीडियो कार्न्फ्रेन्स के माध्यम से प्रतिभाग किया गया।
इस दौरान कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि राज्य के लिए बहुत बड़े गौरव का विषय है कि यहां के मौलिक उत्पादों को वैश्विक पहचान मिलती जा रही है। कहा कि वोकल फॉर लोकल और स्थानीय प्रोडक्ट के प्रचार-प्रसार में जीआई टैग महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। स्थानीय प्रोडक्ट को देश के साथ ही इंटरनेशनल मार्केट में पहचान दिलाने मे जीआई टैग महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में और भी अनेक ऐसे परम्परागत कृषि उत्पाद है जो अपने भौगोलिक क्षेत्र विशेष के आधार पर लगातार वैश्विक पहचान बनाते जा रहे है। उत्तराखण्ड में कुल 6.48 लाख हैक्टेयर कृषि भूमि हैं जिसमें 3.50 लाख हैक्टेयर क्षेत्रफल पर परम्परागत कृषि उत्पादों का उत्पादन हो रहा है। अभी तक तेजपत्ता प्रदेश का पहला जीआई टैग प्राप्त करने वाला उत्पाद था। उन्होंने कहा कि उपरोक्त के अतिरिक्त उत्तराखण्ड सरकार के निर्देशन पर उत्तराखण्ड लाल चावल, बेरीनाग चाय, उत्तराखण्ड गहत, उत्तराखण्ड मण्डुआ, उत्तराखण्ड झंगोरा, उत्तराखण्ड बुरांस सरबत, उत्तराखण्ड काला भट्ट, उत्तराखण्ड चौलाई/रामदाना, अल्मोड़ा लाखोरी मिर्च, उत्तराखण्ड पहाड़ी तोर दाल, उत्तराखण्ड माल्टा फ्रूट जैसे 11 कृषि उत्पादों का जीआई टैग लिये जाने का कार्य भी फाईल कर दिया गया है।
इस दौरान उद्योग मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि जिन उत्पादों को भौगोलिक संकेतांक प्रमाण-पत्र प्राप्त हुए है, अब उन उत्पादों की मार्केट में ब्राडिंग बढ़ने से अधिक डिमांड बढ़ेगी तथा उनको अच्छा मूल्य प्राप्त होगा। जिससे इन उत्पादों से जुड़े हुए उत्पादक सीधे-सीधे लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार के निर्देशन पर अन्य उत्पादों का जीआई टैग किये जाने का भी कार्य जारी है।
इस कार्यक्रम के अवसर पर तकनीकी कार्यशाला का भी आयोजन किया गया जिसमें पदमश्री डॉ रजनीकांत एवं उप रजिस्ट्रार, जीआई सचिन शर्मा द्वारा भौगोलिक संकेतांक से सम्बन्धित जानकारी प्रदान की गई।
इस दौरान कार्यक्रम में संयुक्त सचिव, डीपीआईआईटी भारत सरकार श्रुति सिंह, व संयुक्त सचिव, डीपीआईआईटी भारत सरकार राजेन्द्र रतनू, सचिव कृषि एवं उद्यान मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव राधिका झा, महानिदेशक/आयुक्त उद्योग रोहित मीणा, निदेशक उद्योग सुधीर चन्द्र नौटियाल, निदेशक कृषि गौरीशंकर सहित उद्योग एवं कृषि विभाग के अधिकारी/कर्मचारी तथा प्रदेश से आए हुए जैविक किसान/काश्तकार सभागार में उपस्थित थे तथा अन्य लोग विभिन्न जनपदों से वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे।

पर्यटन मंत्रालय के तहत ईकोटूरिज्म विंग का गठन-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर सॉलिटेयर फार्म मालसी, देहरादून में उत्तराखण्ड एडवेंचर फेस्ट में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने पर्यटन पर आधारित लगाई गई प्रदर्शनियों का अवलोकन भी किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि पर्यटन परियोजनाओं के विशेषज्ञों के साथ मिलकर एक पर्यटन सुविधा एवं निवेश प्रकोष्ठ का निर्माण किया जायेगा। पर्यटन उद्योगों से संबंधी सभी प्रस्तावों पर विशेष रूप से पर्यटन विभाग द्वारा ही कार्यवाही की जायेगी, न कि उद्योग विभाग के द्वारा। शहरी विकास विभाग और आवास विभाग विशेष रूप से उत्तराखंड के पर्यटन स्थलों के लिए बहुस्तरीय कार-लिफ्ट स्थान स्थापित करने के लिए एक परियोजना शुरू की जायेगी। नवंबर, 2021 में कुमाऊं के रामनगर में साहसिक कार्य पर निवेश सम्मेलन का आयोजन किया जायेगा। खेल विभाग की ओर से पंडित नैन सिंह सर्वेयर पर्वतारोहण प्रशिक्षण संस्थान पर्यटन विभाग को सौंपा जाएगा। उत्तराखंड के पर्यटन उद्योग को एक स्थायी, पर्यावरण के अनुकूल उद्योग के रूप में विकसित करने के मार्ग तलाशने के लिए पर्यटन मंत्रालय के तहत एक समर्पित ईकोटूरिज्म विंग का गठन किया जाएगा। ईकोटूरिज्म विंग का उद्देश्य दीर्घकालिक विचारों को ध्यान में रखते हुए सामाजिक सहभागिता व सामाजिक नेतृत्व की भागीदारी के साथ ईकोटूरिज्म का विकास सुनिश्चित करना होगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड प्राकृतिक सौन्दर्य के लिए जाना जाता है। उत्तराखण्ड में पर्यटन के क्षेत्र में अनेक संभावनाएं हैं। हर साल करोड़ों में पर्यटक यहां आते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड से विशेष लगाव है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रही विभिन्न विकास योजनाओं से उत्तराखंड को पर्यटन के क्षेत्र में बढ़ावा मिलेगा। ऑल वेदर रोड, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन जैसे निर्माण कार्य आज उत्तराखंड में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे हैं। राज्य में सड़क, रेल एवं हवाई कनेक्टिविटी तेजी से बढ़ी है। विभिन्न क्षेत्रों में नई पॉलिसी लाई जा रही है एवं उनका सरलीकरण किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में चार धाम यात्रा प्रारंभ हो चुकी है, इस दौरान यात्रियों को किसी तरह की तकलीफ ना हो इसके लिए हरसंभव सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयास किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि कोरोना काल के दौरान पर्यटन से जुड़े लोगों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा ऐसे लोगों को सरकार ने 200 करोड़ का आर्थिक पैकेज दिया। जो धनराशि सीधे लाभार्थियों के खातों में जा रही है। उत्तराखंड को आने वाले दस वर्षों में पर्यटन के क्षेत्र में नंबर वन राज्य बनाने का प्रयास किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन एवं ऊर्जा के क्षेत्र में राज्य में अनेक संभावनाएं हैं।
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि हमार मूल मंत्र है कि हम सर्विस प्रोवाइडर बनें। पर्यटकों को जितनी अधिक सुविधाएं मिलेंगी एवं पर्यटन आधारित गतिविधियां जितनी अधिक बढ़ेगी। इस क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों को उतना ही फायदा होगा। पर्यटन रोजगार को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हवाई, सड़क एवं रेल कनेक्टिविटी में तेजी से सुधार हो रहे हैं सरकार का प्रयास है कि राज्य में कनेक्टिविटी को बढ़ाकर पर्यटन एवं तीर्थाटन को बढ़ावा दिया जाय। हम पर्यटन के साथ ही प्रदूषण रहित पर्यटन पर भी ध्यान दे रहे हैं। राज्य में विंटर टूरिज्म को बढ़ावा देने पर कार्य किया जा रहा है।
उद्योग मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि उत्तराखण्ड में पर्यटन की दृष्टि से अनेक महत्वपूर्ण स्थल हैं। पर्यटन के क्षेत्र में राज्य में अनेक सराहनीय कार्य हुए हैं। अनेक नये टूरिस्ट डेस्टिनेशन विकसित हो रहे हैं।
सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर ने कहा कि विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर आयोजित इस दो दिवसीय उत्तराखण्ड एडवेंचर फेस्ट में पर्यटन एवं उससे संबंधित गतिविधियों के बारे में लोगों को जागरूक करने के प्रयास किये जा रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का सभी तक लाभ पहुंचे इसके लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। विश्व पर्यटन दिवस की इस वर्ष की थीम ‘‘समावेशी विकास के लिए पर्यटन‘‘ है। पिछले दो साल में कोरोना के कारण विश्वभर में पर्यटन से जुड़े लोगों के कार्य प्रभावित हुए हैं। राज्य में पर्यटन के साथ ही साहसिक गतिविधयों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
इस अवसर पर फिक्की के टूरिज्म विंग की राज्य संयोजक डॉ. नेहा शर्मा, किरन टोडरिया एवं पर्यटन गतिविधियों से जुड़े लोग उपस्थित थे।

किसानों का समर्थन कर कांग्रेस ने नगर में निकालीं रैली

प्रदेश कांग्रेस के निर्देश पर किसानों के भारत बंद आंदोलन को समर्थन देने के लिये महानगर कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में एक स्कूटर रैली मुख्य मार्गों होती हुई नगर में सरदार भगत सिंह की प्रतिमा पर उनको पुष्पांजलि देकर समापन किया। रैली के माध्यम से दुकानदारों से किसानों के आंदोलन को समर्थन देने का आग्रह किया गया।
महानगर अध्यक्ष विनय सारस्वत ने कहा कि हमने बाज़ार बंद करने के लिये कल सभी व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों से वार्ता कर समर्थन पत्र सौंपा था। उन्होंने कहा कि कुछ व्यापारिक संगठन के नेता दल विशेष से प्रेरित होकर बंद का विरोध किया। तब भी हम लोगों ने शालीनता से बाज़ार बंद करने का आग्रह किया और जिन व्यापारी भाइयों ने समर्थन देकर दुकानें बंद रखी, उनका हम आभार व्यक्त करते हैं।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य जयेन्द्र रमोला ने कहा है कि यह भारत बंद ना किसी व्यक्ति विशेष, ना ही दल विशेष का है। यह उन किसान भाइयों के हितों की लड़ाई का आंदोलन है जो अनाज उगाकर हमारे पेट भरता है। उन्होंने कहा कि कुछ दल विशेष के लोग नहीं चाहते कि किसानों का आंदोलन आगे बढ़े इसलिये हमने भी शालीनता के साथ गांधीवादी तरीक़े से लोगों से बाज़ार बंद करवाने की अपील की।
कार्यक्रम में प्रदेश सचिव मदन मोहन शर्मा, प्रदेश सचिव शैलेन्द्र बिष्ट, पार्षद मनीष शर्मा, प्रदेश सचिव विवेक तिवारी, प्रदेश सचिव त्रिलोकीनाथ तिवारी, राजकुमार तलवार, महानगर अध्यक्ष जितेन्द्र पाल, एकांत गोयल, राहुल पाण्डेय, विक्रम भण्डारी, रूकम पोखरियाल, नवीन रमोला, भारत शर्मा, बलबीर रौतेला, अप्रेस पंचभईया, सोहन सिंह रौंतेला, नीरज चौहान, हिमांशु कश्यप, इमरान, जयपाल सिंह, राजेन्द्र गैरोला, अभिनव मलिक, प्रिंस सक्सेना, हिमांशु जाटव, इमरान सैफी, बुरहान अली, कार्यालय प्रभारी अशोक शर्मा आदि बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे ।

कृष्णा नगर कॉलोनी के विकास के लिए लगातार कर रहा हुं प्रयास-अग्रवाल

ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत कृष्णा नगर कॉलोनी में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा है कि कृष्णा नगर कॉलोनी उजड़ने नहीं दी जाएगी। अग्रवाल ने कहा है कि कृष्णा नगर कॉलोनी को विकसित करने एवं संवारने में उन्होंने कोई कसर नहीं छोड़ी। इस मौक़े पर अग्रवाल ने कृष्णा नगर कॉलोनी के आंतरिक सड़क मार्गाे के निर्माण के लिए विधायक निधि से 20 लाख रुपए देने की घोषणा की।
जनता मिलन कार्यक्रम के दौरान सैकड़ों की संख्या में पहुंचे कृष्णनगर वासियों ने विधानसभा अध्यक्ष का फूल मालाओं से जोरदार स्वागत किया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने कार्यक्रम में उपस्थित बुजुर्गों को सम्मानित करते हुए आशीर्वाद भी प्राप्त किया। विधानसभा अध्यक्ष ने क्षेत्र की समस्याओं को सुना एवं विभिन्न समस्याओं का समाधान मौके पर ही संबंधित विभाग के अधिकारियों से वार्ता कर किया। अग्रवाल ने कहा कि विकास एक सतत चलने वाली प्रक्रिया है उसी प्रक्रिया के अनुरूप वे क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं।
जनता मिलन कार्यक्रम के अवसर पर अग्रवाल ने कहा है कि कृष्णा नगर कॉलोनी को जो लोग उजाड़ने की बात करते हैं उन्हें आने वाले समय में जनता सबक सिखाएगी। अग्रवाल ने कहा है कि कृष्णा नगर कॉलोनी को हर मूलभूत सुविधा प्रदान किये जाने के लिए वह हमेशा से ही तत्पर रहे हैं।
अग्रवाल ने कहा है कि यदि वन विभाग अथवा आईडीपीएल प्रशासन कृष्णा नगर कॉलोनी को हटाने की बात करते हैं तो वह इसके लिए किसी भी हद तक संघर्ष करने को तैयार है। कृष्णा नगर कॉलोनी की तमाम समस्याओं के समाधान के लिए उन्होंने प्रारंभ से ही संघर्ष किया है। अनेक विकास योजना कृष्णा नगर कॉलोनी में संचालित हो रही है जिससे आज कृष्णा नगर कालोनी अपने विकसित स्वरूप में है।
अग्रवाल ने कहा है कि कृष्ण नगर कॉलोनी के आंतरिक मोटर मार्गाे से लेकर विद्युत बंचिंग केवल, शुद्ध पेयजल आपूर्ति अनेक कार्य हुए हैं, जिससे लोग लाभान्वित हो रहे हैं। अग्रवाल ने कहा है कि कृष्णा नगर कॉलोनी को नगर निगम में शामिल करने के लिए वे बहुत पहले से ही प्रयास करते रहे हैं परंतु उनका उद्देश्य पहले कृष्णा नगर कॉलोनी को अस्तित्व दिलाना है ।
इस अवसर पर वीरभद्र मंडल के अध्यक्ष अरविंद चौधरी ने कृष्णानगर कॉलोनी, आईडीपीएल क्षेत्र में विधानसभा अध्यक्ष द्वारा किए गए कार्यों के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कृष्णा नगर कॉलोनी में जो भी विकास कार्य हुए हैं उसका श्रेय केवल विधानसभा अध्यक्ष को ही जाता है।
इस अवसर पर स्थानीय निवासी सदानंद यादव ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष द्वारा क्षेत्र में किए गए विकास कार्यों एवं उनके प्रति जनता के प्रेम को देखकर विपक्षी दल भयभीत है जिसके चलते विपक्षी दल योजनाबद्ध तरीके से स्थानीय विधायक को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।
पूर्व मंडल अध्यक्ष रमेश चंद्र शर्मा ने कहा कि चुनाव के नजदीक आते देख कई पार्टिया सक्रिय हो गई है जिनका की जनता की समस्याओं एवं क्षेत्र के विकास को से कोई भी सरोकार नहीं है एवं मुद्दाहीन राजनीति कर जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं जिसके लिए जनता उन्हें 2022 में सबक सिखाएगी।
इस अवसर पर कृष्णा नगर मंडल के अध्यक्ष अरविंद चौधरी, पूर्व मंडल अध्यक्ष रमेश चंद शर्मा, राजकुमार भारती, पुरुषोत्तम, सदानंद यादव, सुनील यादव, करण सिंह, आरती दुबे, निर्मला उनियाल, मीरा सिंह, पिंकी भारद्वाज, गंगा देवी, लक्ष्मी वर्मा, जमुना देवी, अनिल कुमार, राहुल कुकरेती, प्रिया ढकाल, चरण सिंह आदि सहित अनेक लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन नगर निगम की पार्षद एवं मंडल महामंत्री सुंदरी कंडवाल ने किया ।