शैक्षिक एवं प्रशासनिक गतिविधियों में होगा व्यापक सुधार-धन सिंह रावत

समर्थ ई-गवर्नेंस पोर्टल से सूबे की उच्च शिक्षा में क्रांतिकारी बदलाव आयेगा। इससे माध्यम से अब उच्च शिक्षा विभाग की पूरी तस्वीर बदली-बदली नजर आयेगी। समर्थ पोर्टल के शुरू होने से अब विभाग की प्रशासनिक एवं शैक्षिणक गतिविधियों की जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध रहेगी। छात्र-छात्राओं को क्वालिटी एजुकेशन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उच्च शिक्षा में टीचर शेयरिंग फार्मेट लागू किया जायेगा। जिसके तहत देशभर के निजी एवं राजकीय विश्वविद्यालयों के मध्य अनुबंध किया जायेगा। इसके अलावा परीक्षा परिणामों में पारदर्शिता लाने के लिये उच्च शिक्षा विभाग में डिजीटल मूल्यांकन शुरू करने के लिये विभागीय अधिकारियों को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिये गये हैं।
उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने आज दून विश्वविद्यालय के सभागार में केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार के समर्थ ई-गवर्नेंस पोर्टल का विधिवत शुभारम्भ किया। अब ई-पोर्टल के माध्यम से सूबे के 5 राजकीय विश्वविद्यालय एवं 119 राजकीय महाविद्याल, 21 राजकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालय सहित उच्च शिक्षा निदेशालय के समस्त ई-गवर्नेंस कार्यों यथा शैक्षणिक प्रबंधन, वित्त एवं लेखा, प्रवेश परीक्षा, नियुक्ति प्रक्रिया, सूचना एवं कार्मिक सेवा सहित करीब 40 माड्यूल पर ऑनलाइन कार्य किया जा सकेगा।
रावत ने बताया कि उच्च शिक्षा गुणावत्ता की सुधार के लिये शीघ्र ही टीचर शेयरिंग फार्मेट लागू किया जायेगा। जिसके तहत देशभर के राजकीय एवं निजी विश्वविद्यालयों के साथ अनुबंध किया जायेगा ताकि शिक्षक एक-दूसरे शिक्षण संस्थानों में छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से पढ़ सकेंगे। उन्होंने बताया कि सूबे के विज्ञान विषयों के 200 असिस्टेंट प्रोफेसरों को भारतीय विज्ञान संस्थान बैंगलुरू में विशेष प्रशिक्षण लिये भेजा जायेगा, इसी क्रम में राजकीय महाविद्यालयों के प्राचार्यों को बेहत्तर प्रबंधकीय गुरू सीखने के लिये आईआईएम काशीपुर में प्रशिक्षण दिया जायेगा।
उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि राज्य में एनईपी-2020 इसी सत्र से लागू की जायेगी जिसका शुभारम्भ सितम्बर माह केन्द्रीय शिक्षा मंत्री के कर कमलों द्वारा किया जायेगा। सूबे के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को नैक ग्रेडिंग के लिये तैयारी करनी होगी ताकि शिक्षण संस्थानों के बीच गुणवत्तापरक शिक्षा देने के लिये प्रतिस्पर्धा बनी रहे। कार्यक्रम में समर्थ ई-पोर्टल की ओर से शरद मिश्रा एवं साहिल दत्त के द्वारा पोर्टल से जुड़ी विभिन्न जानकारियों का प्रस्तुतिकरण दिया गया। कार्यक्रम को संबंधित करते हुये दून विवि की कुलपति प्रो सुरेखा डंगवाल ने कहा कि समर्थ पोर्टल का शुभारम्भ उच्च शिक्षा के संकल्प को एक नया आयाम देने में सफल होगा तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन में भी सहायक साबित होगा।
इस अवसर पर सचिव उच्च शिक्षा शैलेश बगोली, कुलपति दून विश्वविद्यालय प्रो सुरेखा डंगवाल, निदेशक उच्च शिक्षा प्रो संदीप शर्मा, सलाहकार रूसा प्रो एमएसएम रावत, प्रो केडी पुरोहित, अपर सचिव प्रशांत आर्य, संयुक्त निदेशक प्रो एएस उनियाल, कुलसचिव डॉ एसएस मद्रवाल, उप निदेशक डॉ ममता ड्यूडी नैथानी, समर्थ के स्टेट नोडल अधिकारी डॉ चमन कुमार, विनय देव लाल, को-प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर डॉ अमित पुण्डीर, शरद मिश्रा, साहिल दत्त सहित उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

दून यूनिवर्सिटी में दो दिवसीय कार्यशाला का मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दून विश्वविद्यालय में डॉ. नित्यानन्द हिमालयी शोध एवं अध्ययन केन्द्र का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने दून विश्वविद्यालय में शोध एवं विज्ञान पर चल रही दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारम्भ भी किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न विषयों पर आधारित पुस्तकों का विमोचन भी किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि डॉ. नित्यानन्द ने अपना सम्पूर्ण जीवन समाज सेवा के लिए समर्पित किया। उनका प्रयास रहता था, कि जनता के बीच जाकर जन समस्याएं सुनी जाएं और उसके बाद नीतियां बनाई जाएं। उनका मानना था कि विभिन्न क्षेत्रों में अधिक से अधिक शोध कार्य हों। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिये हैं। राज्य में समान नागरिक संहिता का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए 05 सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। राज्य का संतुलित बजट बने इसके लिए हर क्षेत्र के विशेषज्ञों से संवाद स्थापित किया गया। जन सुझावों को ध्यान में रखते हुए राज्य का बजट बनाया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत का विश्व में मान-सम्मान बढ़ा है। आत्मनिर्भर भारत की दिशा में देश तेजी से आगे बढ़ा है। 2014 के बाद से देश में नई कार्य संस्कृति आई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर है। 2025 तक उत्तराखण्ड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए राज्य सरकार कृत संकल्पित है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड का समग्र विकास हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। समाज के अन्तिम पंक्ति पर खड़े लोगों को केन्द्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं का पूरा लाभ मिले, इसके लिए योजनाओं को आम जन तक पहुंचाने के अधिकारियों को निदेश दिये गये हैं।

राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने कहा कि डॉ. नित्यानन्द ने समाज सेवा के लिए विभिन्न क्षेत्रों में कार्य किया। उन्होंने संवेदनशीलता के आधार पर समाजसेवा करने की सीख दी। वे चाहते थे कि उत्तराखण्ड में विभिन्न विषयों पर शोध हो। आज डॉ. नित्यानन्द हिमालयी शोध एवं अध्ययन केन्द्र के लोकार्पण के अवसर पर शोध पर ही कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है, यह एक सुखद क्षण है।
इस अवसर पर पूर्व राज्यसभा सांसद तरुण विजय, दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल, विज्ञान और इंजीनियरिंग अनुसंधान बोर्ड (एसईआरबी) के सचिव प्रो. संदीप वर्मा, प्रो. एस.पी.सिंह, प्रो. बानाकर, प्रो. मोनिका अग्रवाल, प्रो. दुर्गेश पंत, उत्तरांचल उत्थान परिषद के संरक्षक प्रेम बुड़ाकोटी, राम प्रकाश पैन्यूली, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, पूर्व कुलपति एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े वैज्ञानिक मौजूद थे।

केन्द्र सरकार की योजनाओं का उत्तराखंड को मिल रहा लाभ

राज्यपाल बेबी रानी मौर्य एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दून विश्वविद्यालय, केदारपुरम में डॉ. भीमराव अम्बेडकर चेयर स्थापना उद्घाटन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने डॉ. देवेन्द्र प्रसाद मांझी द्वारा लिखित पुस्तक ‘‘रीविजिटिंग डॉ. अम्बेडकर-थॉटस एण्ड फिलासफी’’ पुस्तक का विमोचन भी किया।
शोध एवं नवाचार केन्द्र, गढ़वाली, कुमांउनी, जौनसारी भाषाओं में एक वर्षीय सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम, उत्तराखण्ड की लोक कला पर आधारित दो वर्षीय स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम सहित अनेक घोषणाएं
राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने दून विश्वविद्यालय में डॉ0 आम्बेड़कर फाउंडेशन, सामाजिक कल्याण एवं आधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार द्वारा पोषित डॉ0 आम्बेड़कर चेयर की स्थापना की घोषणा की। इसके साथ ही राज्यपाल ने दून विश्वविद्यालय में मौलिक शोध एवं नवाचार को विकसित करने हेतु शोध एवं नवाचार केन्द्र की स्थापना करने, सत्र 2020-21 से दून विश्वविद्यालय में बी.एस.सी इन्टेग्रेटेड बॉयोलॉजिकल सांइसेस, गढ़वाली, कुमांउनी, जौनसारी भाषाओं में एक वर्षीय सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम, उत्तराखण्ड की लोककला पर आधारित दो वर्षीय स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम (एम0ए0 थियेटर), एम0ए0,एम0एस0सी0 गृहविज्ञान, बी0ए0(ऑनर्स) मनोविज्ञान जैसे नये पाठ्यक्रमों के शुभारंभ की घोषणा की है।
कोविड-19 में अनाथ बच्चों के लिए दून विश्वविद्यालय में संचालित प्रत्येक पाठ्यक्रम में एक सीट इस सत्र में आरक्षित
राज्यपाल ने कहा कि कोरोना वायरस से फैली वैश्विक महामारी कोविड-19 की त्रासदी में जो बच्चे अनाथ हुए हैं उनके लिए दून विश्वविद्यालय में संचालित प्रत्येक पाठ्यक्रम में एक सीट इस सत्र में आरक्षित की जायेगी। यह सीट पूर्व से आवंटित सीटों के अतिरिक्त होगी।
राज्यपाल ने कहा कि दून विश्वविद्यालय इस चेयर के माध्यम से राज्य में महिला सशक्तीकरण, सामाजिक न्याय, सामाजिक बदलाव, मानवाधिकार एवं जातिगत भेदभाव जैसे विषयों पर अनुसंधान एवं शिक्षण के लिए विशेष रूप से सक्रिय रहेगा।
राज्यपाल मौर्य ने कहा कि भारतीय समाज के ताने-बाने की गहरी समझ रखने वाले बाबा साहेब ने संविधान में विभिन्न कानूनों का समावेश किया ताकि देश की सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक व्यवस्था सुचारू रूप से चल रही है। आज भी हम उस राष्ट्र के निर्माण में लगे हैं जिससे बाबा साहेब के सपनों का भारत बन सके। जहाँ लोग बिना छुआछूत, धर्म या जाति के भेदभाव के एक सम्मानित जीवन जी सकें। हमारे विश्वविद्यालयों का यह दायित्व है कि बाबा साहेब के सपनों को साकार करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँ।
राज्यपाल ने कहा कि विश्वद्यालयों को लोक कलाओं, लोक संगीत एवं लोक संस्कृति के संरक्षण के लिये कार्य करना चाहिये।

दून विवि में पुस्तकालय भवन के लिए बजट की व्यवस्था जल्द
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि दून विश्वविद्यालय को डॉ. भीमराव अम्बेडकर चेयर स्थापना का सौभाग्य प्राप्त हुआ, यह विश्वविद्यालय के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव अम्बेडकर के जीवन संघर्ष एवं सामाजिक सरोकारों के लिए उनके द्वारा किये गये कार्यों से सभी परिचित हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि दून विश्वविद्यालय द्वारा उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अनेक सराहनीय प्रयास किये जा रहे हैं। दून विश्वविद्यालय में पुस्तकालय भवन के लिए बजट की व्यवस्था जल्द की जायेगी।

राज्य सरकार क्वालिटी ऑफ वर्क के लिए संकल्पबद्ध
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा हर क्षेत्र में क्वालिटी ऑफ वर्क देने का प्रयास किया जायेगा। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में विभिन्न समस्याओं के समाधान एवं शैक्षणिक गुणवत्ता के सुधार के लिए जल्द ही एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की जायेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सीमित आर्थिक संसाधन हैं, इसके बावजूद भी राज्य सरकार द्वारा जनहित में अनेक निर्णय लिये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो भी घोषणाएं की जायेंगी, समयबद्धता के साथ वे पूर्ण भी की जायेंगी। सबको साथ लेकर राज्य को आगे बढ़ाया जायेगा। राज्य सरकार का प्रयास है कि 2027 तक उच्च शिक्षा, पर्यटन, कृषि एवं सड़कों के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनायेंगे।

रोजगार के लिए रोडमैप
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अपनी पहली कैबिनेट में ही सरकार ने जनहित से संबंधित अनेक निर्णय लिये। राज्य में विभिन्न विभागों के अनेक रिक्त पदों पर भर्तियां करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए प्रक्रिया भी तेज हो चुकी है। स्वरोजगार की दिशा में भी राज्य सरकार द्वारा विशेष ध्यान दिया जा रहा है। राज्य में 10 लाख से अधिक लोगों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए रोडमैप बनाया जा रहा है। कोविड की वजह से भर्ती प्रक्रियाओं में अभ्यर्थियों को अधिकतम आयुसीमा में एक साल की छूट प्रदान की गई है। एनडीए एवं सीडीएस की प्रारम्भिक परीक्षा पास करने के बाद अभ्यर्थियों को साक्षात्कार की तैयारी के लिए 50 हजार की वित्तीय सहायता एवं संघ लोक सेवा आयोग की प्रारम्भिक परीक्षा पास करने वाले सभी अभ्यर्थियों एवं पीसीएस प्रारम्भिक परीक्षा पास करने वाले चयनित 100 अभ्यर्थियों को मेन्स एवं साक्षात्कार के लिए 50-50 हजार रूपये की वित्तीय सहायता दी जायेगी।

कोविड-19 से प्रभावित पर्यटन व स्वास्थ्य क्षेत्र के लिये पैकेज
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चारधाम यात्रा उत्तराखण्ड की महत्वपूर्ण यात्रा है। उत्तराखण्ड के ये धाम लोगों के आस्था के प्रमुख केन्द्र हैं। अनेक लोगों की आजीविका चारधाम यात्रा से जुड़ी है। पर्यटन और चारधाम यात्रा में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों के लिए 200 करोड़ का पैकेज दिया है। जिससे 01 लाख 65 हजार से अधिक लोग लाभान्वित होंगे। कोविड -19 से निपटने के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र एवं इससे जुड़े कार्मिकों के लिए 205 करोड़ रूपये का राहत पैकेज दिया जा रहा है। इससे राज्य में 03 लाख 73 हजार से अधिक लोग लाभान्वित होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवस्थानम बोर्ड से किसी के हक हकूक प्रभावित न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जायेगा। इसके लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है।
उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि दून विश्वविद्यालय में राज्य के पहले डॉ. भीमराव अम्बेडकर चेयर स्थापना हुई है। पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर भी दून विश्वविद्यालय में एक चेयर की स्थापना की जायेगी। दून विश्वविद्यालय में डॉ. नित्यानन्द हिमालयी शोध एवं अध्ययन संस्थान शीघ्र बनकर पूर्ण हो जायेगा।
विधायक विनोद चमोली ने कहा कि डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने वंचित वर्गों के शोषण एवं रूढ़िवादिता को समाप्त करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस अवसर पर डॉ. भीमराव अम्बेडकर फाउण्डेशन के निदेशक डॉ. देवेन्द्र प्रसाद मांझी, दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल, कुलसचिव डॉ. एस.एस. मन्द्रवाल, विश्वविद्वालय के प्रोफेसर एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

फिल्म कोर्स में स्नातक डिग्री और लॉजिस्टिक प्रोडक्शन के सर्टिफिकेट डिप्लोमा कोर्स होंगे शुरू

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने दून विश्वविद्यालय में स्कूल ऑफ सिनेमेटिक स्टडिज की स्थापना करते हुए फिल्म शिक्षा पर कोर्स प्रारम्भ किए जाने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए विशेषज्ञों का एक वर्किंग ग्रुप बनाया जाए। इसमें फिल्म जगत व फिल्म शिक्षा के अनुभवी लोगों को नामित किया जाए।

प्रसिद्ध राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षण संस्थाओं द्वारा संचालित पाठ्यक्रमों का अध्ययन कर कोर्स डिजाइन किए जाएं। पाठ्यक्रम आने वाले समय में फिल्म उद्योग की मांग के अनुरूप हों और सिनेमा के विविध आयामों को समावेशित करने वाला हो। इसमें स्नातक डिग्री और लॉजिस्टिक प्रोडक्शन के सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कोर्स भी संचालित किए जा सकते हैं। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने फिल्म शूटिंग की ऑनलाइन अनुमति के लिए पोर्टल का शुभारम्भ भी किया।

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में प्रतिभाओं की कमी नहीं हैं, युवाओं की प्रतिभा को कैसे उजागर किया जाय, इस दिशा में कार्य करने की जरूरत है। फिल्म के क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। उत्तराखण्ड का नैसर्गिक सौन्दर्य भी फिल्म शूटिंग के लिए अनुकूल है। फिल्म के क्षेत्र में राज्य में युवाओं को अच्छा वातावरण मिलना जरूरी है। फिल्म एजुकेशन से फिल्म जगत के विभिन्न पहलुओं की जानकारी लोगों को मिलेगी।
इस अवसर पर महानिदेशक सूचना डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट ने राज्य की फिल्म नीति के सबंध में प्रस्तुतिकरण दिया।

पुस्तक देहरादून सिनेमॉज का सीएम ने किया विमोचन

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने लेखक एवं समीक्षक गोपाल सिंह थापा की पुस्तक देहरादून सिनेमॉज का विमोचन भी किया। इस पुस्तक में उन्होंने देहरादून में सिनेमाघरों की पहले की स्थिति एवं वर्तमान स्थिति का शोध कर विवरण प्रस्तुत किया है। मनोरंजन के क्षेत्र में तकनीकि के विकास के साथ सिनेमाघरों की स्थिति में आये परिवर्तन के बारे में जानकारी दी गई है।

खुशखबरीः रिक्त पदों पर 10 जुलाई तक विज्ञप्ति जारी करने के निर्देश

उत्तराखंड में उच्च शिक्षा निदेशालय समेत प्रदेश के पांच सरकारी विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसरों व अन्य कार्मिकों के एक हजार पदों की भर्ती की जाएगी। सरकार ने सभी कुलपतियों को 10 जुलाई तक रिक्त पदों की विज्ञप्ति जारी करने के निर्देश दिए हैं।
इन नियुक्तियों में आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग को 10 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलेगा। दून विश्वविद्यालय, श्रीदेव सुमन विवि, आवासीय विवि में बंपर नौकरियां खुलने वाली है। इन विश्वविद्यालयों में शत प्रतिशत फैकल्टी और स्टाफ नियुक्ति करने के लिए सरकार ने सभी कुलपतियों को रिक्त पदों की विज्ञप्ति 10 जुलाई तक जारी करने के निर्देश दिए हैं।
वहीं उच्च शिक्षा निदेशालय में भी लेखाकार, क्लर्क समेत अन्य कार्मिकों के 186 पदों की भर्ती अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से की जाएगी। नेट क्वालीफाई और पीएचडी धारकों को असिस्टेंट प्रोफेसरों के पदों पर प्राथमिकता मिलेगी।
वहीं उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश के पांच विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षा निदेशालय में सैकड़ों पर पद खाली हैं। इन पदों को भरने के लिए कुलपतियों को 10 जुलाई तक विज्ञप्ति निकालने के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश सरकार इस साल को रोजगार वर्ष के रूप में मना रही है। विश्वविद्यालयों में नियुक्तियों से उच्च शिक्षा प्राप्त युवाओं को नौकरी का अवसर मिलेगा। साथ ही विश्वविद्यालयों में शत प्रतिशत फैकल्टी होगी।