उत्तराखंडः आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को सभी तरह की प्रतियोगी परीक्षाओं की मिलेगी निःशुल्क कोचिंग

मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में सचिवालय सभागार में कमजोर वर्गों के छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क कोचिंग योजना की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

मुख्य सचिव ने शिक्षा विभाग को निर्देशित किया कि निःशुल्क कोचिंग योजना की गुणवत्ता बेहतर हो, प्रतियोगियों का चयन स्क्रीनिंग के माध्यम से हो तथा प्रतियोगियों की सुविधा के अनुरूप तैयारी का टाइम का प्रबंध किया जाए।

उन्होंने निर्देशित किया कि निःशुल्क कोचिंग में किसी भी तरह की खानापूर्ति नहीं होनी चाहिए तथा इसका आउटकम जरूर निकलना चाहिए। उन्होंने इसके लिए शीघ्रता से सभी प्रक्रियाओं को पूरा करने के निर्देश दिए।

इस दौरान निदेशक शिक्षा डॉ मुकुल कुमार सती ने अवगत कराया कि इस वर्ष 10 हजार छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की निःशुल्क कोचिंग दी जानी है। कक्षा 11 में अध्ययनरत प्रतियोगियों को 2 वर्ष की कोचिंग दी जाएगी जबकि 12वीं पास करने वाले प्रतियोगियों को एक वर्ष की कोचिंग दी जाएगी।

कहा कि कोचिंग आर्ट्स, साइंस तथा कॉमर्स तीनों तरह के स्ट्रीम के अनुरूप दी जाएगी और इसमें लगभग सभी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी। इसके अतिरिक्त मेधावी प्रतियोगियों को 6 वर्ष की एडवांस कोचिंग भी दी जाएगी।

इस अवसर पर बैठक में सचिव दिलीप जावलकर, अपर सचिव मनुज गोयल सहित संबंधित अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।

सीएम धामी ने 1456 युवाओं को प्रदान किए नियुक्ति पत्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एक बार फिर युवाओं के दिलों में अपनी जगह बना चुके हैं। देहरादून में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में मुख्यमंत्री धामी ने आज 1456 युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इनमें सचिवालय प्रशासन विभाग में चयनित 109 समीक्षा अधिकारी एवं सहायक समीक्षा अधिकारी और शिक्षा विभाग में चयनित 1347 सहायक अध्यापक (एलटी) शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त युवाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तराखण्ड में अब सरकारी नौकरी केवल मेहनत और योग्यता के आधार पर मिलेगी, न कि किसी सिफारिश या भ्रष्टाचार से।

पिछले चार वर्षों में धामी सरकार ने 26,500 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी का अवसर देकर यह संदेश दिया है कि राज्य सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर पूरी तरह संवेदनशील, पारदर्शी और प्रतिबद्ध है। इन नियुक्तियों के पीछे मुख्यमंत्री धामी का गहन मंथन, स्पष्ट नीति और दिन-रात की मेहनत है। उन्होंने खुद भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी मशीनरी के साथ बैठकर व्यापक रूपरेखा तैयार की, ताकि एक ऐसी व्यवस्था बने जिसमें केवल मेहनत और ईमानदारी ही सफलता की कुंजी हो।

जब उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग का पेपर प्रकरण सामने आया, तो विपक्ष ने सरकार को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश की। पर उस कठिन समय में मुख्यमंत्री धामी भागे नहीं, बल्कि युवाओं के बीच जाकर निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया। युवाओं की मांग पर विवादित परीक्षा को रद्द कर मात्र तीन माह में पुनः परीक्षा आयोजित कराने के निर्देश देकर उन्होंने यह साबित किया कि उनके लिए राजनीति नहीं, युवाओं का भविष्य सर्वाेपरि है।

विपक्ष ने जहां फेक नैरेटिव तैयार करने और भ्रम फैलाने में समय गँवाया, वहीं सीएम धामी ने सिस्टम के भीतर झांककर उसे दुरुस्त करने का साहस दिखाया। परिणामस्वरूप, आज उत्तराखण्ड में भर्ती प्रक्रिया इतनी पारदर्शी, तेज़ और निष्पक्ष है कि विपक्ष के सारे आरोप खुद बेमानी साबित हो रहे हैं। अभिमन्यु की तरह विपक्ष के सियासी चक्रव्यूह में उतरने वाले मुख्यमंत्री धामी ने एक ही वार में युवाओं का विश्वास जीत लिया। आज इतने बड़े पैमाने पर हुई यह नियुक्ति उन सबके लिए करारा जवाब है जो सरकार पर सवाल उठा रहे थे।

मुख्यमंत्री धामी का यह कदम केवल नियुक्तियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य की युवा नीति, रोजगार सृजन और सुशासन की भावना को भी दर्शाता है। चार साल में 26,500 सरकारी नौकरियाँ देकर उन्होंने साबित किया है कि उत्तराखण्ड में योग्यता को सम्मान मिल रहा है, मेहनत को पहचान मिल रही है, और युवाओं के सपने अब साकार हो रहे हैं। धामी सरकार का यह संकल्प ही उसे अन्य सरकारों से अलग बनाता है

सीएम से मुलाकात कर परीक्षा जांच आयोग ने सौंपी अंतरिम रिपोर्ट

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा 21 सितंबर, 2025 को आयोजित प्रतियोगी परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच हेतु राज्य सरकार द्वारा गठित एकल सदस्यीय जांच आयोग ने आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भेंट कर अंतरिम रिपोर्ट प्रस्तुत की। आयोग की अध्यक्षता न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) यू.सी. ध्यानी द्वारा की गई।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आयोग ने अल्प समय में अधिक से अधिक जनसुनवाई कर अभ्यर्थियों एवं संबंधित पक्षों से सुझाव प्राप्त करते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत की है, जो सराहनीय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार रिपोर्ट का परीक्षण कर अभ्यर्थियों के हित में निर्णय लेगी। उन्होंने बताया कि प्रकरण की सीबीआई जांच की संस्तुति की जा चुकी है, जिससे मामले की पूरी निष्पक्षता सुनिश्चित हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार परीक्षाओं की शुचिता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाये रखने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। भविष्य में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी भर्ती परीक्षा में अनियमितता की कोई संभावना न रहे और अभ्यर्थियों तथा उनके अभिभावकों का विश्वास राज्य की परीक्षा प्रणाली पर बना रहे।

सीएम धामी का उपनल कर्मचारी महासंघ ने किया आभार व्यक्त

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सेवक सदन, देहरादून में उपनल कर्मचारी महासंघ द्वारा आयोजित धन्यवाद/अभिनन्दन समारोह में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उपनल कर्मचारी महासंघ द्वारा उपनल कर्मियों के नियमितीकरण के लिए ठोस नीति बनाए जाने की घोषणा किए जाने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनका अभिनंदन किए जाने पर सभी उपनल कर्मचारियों को धन्यवाद अर्पित करते हुए कहा कि इस अभिनंदन की हकदार प्रदेश की सवा करोड़ जनता भी है, जिन्होनें उन्हें प्रदेश की सेवा करने का अवसर दिया है। उन्होंने कहा राज्य सरकार एक ठोस और प्रभावी नीति बनाकर जल्द ही उपनल के कर्मचारियों को नियमित करने का कार्य प्रारंभ करेगी। जिसे चरणबद्ध तरीके से तय समय सीमा के अंदर किया जाएगा। उन्होंने कहा इस नियमितीकरण प्रक्रिया से उपनल कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा एवं उनके भीतर आत्मसम्मान की भावना और भी अधिक प्रगाढ़ होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कई वर्षों से उपनल के अधिकारी, कर्मचारी निष्ठा और ईमानदारी से कार्य करते हुए अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं। उन्होंने कहा धरने के दौरान उपनल कर्मचारियों पर लगे मुकदमों की भी समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा आने वाले समय में राज्य सरकार पूर्व सैनिकों की वीरांगनाओं और पुत्रियों को ड्रोन दीदी योजना के माध्यम से ड्रोन संचालन का विशेष प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने का भी प्रयास करेगी एवं इस वर्ष से 60 वर्ष से अधिक आयु के पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को निःशुल्क बद्रीनाथ यात्रा भी करवाएँगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जो कहती है, उसे पूरा करके ही दम लेती है। राज्य सरकार ने महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत आरक्षण देने, राज्य आंदोलनकारियों को 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने, समान नागरिक संहिता लागू करने एवं सख्त भू-कानून जैसे कई जनहित के फैसले लिए हैं। राज्य सरकार ने जनता के समक्ष किए गए अपने कठिन से कठिन संकल्प को भी पूर्ण करके दिखाया है।

मुख्यमंत्री ने कहा वो स्वयं भी एक फौजी के बेटे हैं। उन्होंने पूर्व सैनिकों एवं उनके परिवार की समस्याओं और चुनौतियों को नजदीक से देखा है। उन्होंने कहा राज्य सरकार प्रदेश के सैनिकों, पूर्व सैनिकों एवं बलिदानियों के आश्रितों के कल्याण एवं उत्थान हेतु प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उपनल कर्मचारियों को मिलने वाला प्रोत्साहन भत्ता तीन महीने की जगह अब प्रत्येक महीने दिया जा रहा है। सरकार 10 वर्ष से कम अनुभव वाले पूर्व सैनिकों को लगभग 5000 रूपए और 10 साल से अधिक अनुभव वाले पूर्व सैनिकों को लगभग 6000 हजार रूपए प्रति माह प्रोत्साहन भत्ते के रूप में भी दे रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार ने शहीदों के आश्रितों को मिलने वाली अनुग्रह राशि को 10 लाख रुपए से बढ़ाकर 50 लाख रुपए किया है। शहीद के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने एवं सरकारी नौकरी हेतु आवेदन करने की अवधि को बढ़ाकर 5 वर्ष कर दिया गया है। हाल ही में परमवीर चक्र विजेताओं को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि को बढ़ाते हुए 50 लाख रुपए से बढ़ाकर डेढ़ करोड़ रुपए किया गया है। प्रदेश के शहीदों की स्मृति में राजधानी देहरादून के गुनियाल गांव में भव्य सैन्य धाम का निर्माण किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने युद्धों एवं आंतरिक सुरक्षा कार्यों आदि में शहीद हुये प्रदेश के वीर सैनिकों की वीर नारियों एवं आश्रितों को उत्तराखण्ड शहीद कोष से एकमुश्त दस लाख रुपए का अनुदान दिए जाने, युद्ध के दौरान शहीद हुए बलिदानियों की वीरांगनाओं एवं युद्ध में घायल होकर दिव्यांग होने वाले सैनिकों को दो लाख रुपए की आवासीय सहायता देने, सेवारत एवं पूर्व सैनिकों को 25 लाख रूपए मूल्य की स्थायी सम्पत्ति खरीदने पर स्टाम्प ड्यूटी में 25 प्रतिशत की छूट दिए जाने जैसे विभिन्न निर्णय लिए गए हैं।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि राज्य सरकार ने उपनल कर्मचारियों के पक्ष में कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। पहले उपनल कर्मचारियों के मृत्य होने पर उनके परिजनों को 15 हजार की राशि दी जाती थी जिसे अब बढ़ाकर 1 लाख 50 हजार किया गया है। उन्होंने कहा अब किसी भी उपनल कर्मचारी की बेटी की शादी में उपनल की ओर से 50 हजार रुपए दिए जाएंगे। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में राज्य सरकार उपनल कर्मचारियों के पक्ष में हर संभव फैसला लेगी।

इस अवसर पर एम.डी. ब्रिगेडियर जे.एन बिष्ट, उपनल कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष विनोद गोदियाल, महामंत्री विनय प्रसाद, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

परिवहन विभाग में नियुक्त आठ अभ्यर्थियों को मिला सीएम के हाथों नियुक्ति पत्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में परिवहन विभाग के अन्तर्गत सम्भागीय निरीक्षक (प्राविधिक) पद पर नियुक्त 08 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। उन्होंने सभी अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह आपके जीवन की नई शुरुआत है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि नव चयनित अभ्यर्थी अपने कार्यक्षेत्र में नवाचार करेंगे और परिवहन विभाग में अपना महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाला राज्य है। राज्य में परिवहन के क्षेत्र में बहुत चुनौतियां हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि वाहनों की फिटनेस जाँच, मोटर वाहन अधिनियम और नियमों के पालन कराने और सड़क सुरक्षा से संबंधित कार्यों में सम्भागीय निरीक्षक महत्वपूर्ण भूमिका निभायेंगे। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है, ऐसे में सड़क सुरक्षा और वाहनों की फिटनेस से संबंधित कार्यों में परिवहन विभाग की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।
इस अवसर पर सचिव परिवहन बृजेश कुमार संत, अपर सचिव परिवहन एवं प्रबंध निदेशक उत्तराखण्ड परिवहन निगम रीना जोशी एवं परिवहन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

रोजगार समाचारः सीएम ने 126 नव चयनित ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों को दिए नियुक्ति पत्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पंचायतीराज विभाग के अन्तर्गत 126 नवनियुक्त ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। पिछले साढ़े तीन सालों में राज्य में 20 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नौकरी प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री ने सभी अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दिन आपके जीवन में एक नया अध्याय लेकर आया है। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा नव चयनित अभ्यर्थी लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण इकाई ग्राम पंचायत के अभिन्न अंग बनकर गाँवों का समग्र विकास सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य करेंगे। राज्य के समग्र विकास के लिए गांवों का विकास जरूरी है। गांवों के विकास में एक ग्राम पंचायत विकास अधिकारी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। इस कानून में सजा और जुर्माने के कठोर प्राविधान किये गए हैं। जब मेहनती और ईमानदार व्यक्ति अपनी लगन और मेहनत के दम पर कोई पद प्राप्त करता है, तो वह आम लोगों की पीड़ा और समस्याओं को समझकर ईमानदारी से अपना काम करता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के उद्देश्य से शहरों के साथ गांवों के विकास पर भी प्राथमिकता के साथ कार्य कर रही है। राज्य में सख्त भू-कानून के लिए विधानसभा में विधेयक पारित हो चुका है।

उत्तराखंड की एकता के साथ खिलवाड़ करने वालों को माफ नहीं करेंगे -सीएम

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के निर्माण का सपना हमारे आन्दोलनकारियों ने इसलिए देखा था कि उत्तराखण्ड के अंतिम छोर में खड़े हुए व्यक्ति तक विकास पहुंचे। सभी उत्तराखण्डवासी मिल जुलकर राज्य को आगे बढ़ायें। मुख्यमंत्री ने सभी उत्तराखण्ड वासियों से आग्रह किया कि किसी भी प्रकार के बहकावे में न आकर एक उत्तराखण्ड की भावना से मिलकर कार्य करें। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि चाहे वे कोई भी हों, मंत्री हों, विधायक हों, सांसद हों या कोई आम उत्तराखंडी ही क्यों न हों, उत्तराखंड की एकता के साथ खिलवाड़ करने वालों को सरकार बिल्कुल भी माफ नहीं करेगी। आज के बाद सभी प्रकार के भड़काऊ बयानों को गंभीरता से लिया जाएगा और उत्तराखंड की अस्मिता से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।

पंचायती राज मंत्री सतपाल महाराज ने सभी नवचयनित ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रदेश में डबल इंजन की सरकार द्वारा प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं। जनवरी 2025 में समान नागरिक संहिता लागू कर उत्तराखण्ड यह कानून लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना है। पंचायतीराज विभाग द्वारा ग्राम पंचायतों में अवस्थापना सुविधाओं के तहत पंचायत भवनों का निर्माण, अतिरिक्त कक्षों का निर्माण कराये जा रहे हैं। विभाग द्वारा परिवार रजिस्टर, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, भवन निर्माण अनापत्ति प्रमाण पत्र ऑनलाइन निर्गत किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंचायतों में कम्प्यूटरीकरण का कार्य किया जा रहा है। आगामी दो वर्षों में सभी पंचायतों में कंप्यूटर स्थापित किये जायेंगे।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक खजानदास, सविता कपूर, बृजभूषण गैरोला, एकल सदस्यीय समर्पित आयोग के अध्यक्ष बी.एस वर्मा, सचिव पंचायती राज चन्द्रेश यादव, निदेशक पंचायती राज निधि यादव उपस्थित थे।

सीएम से मिलने पहुंचे जर्मनी सांसद राहुल कंबोज

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास पर फ्रैंकफर्ट (जर्मनी) के संसद सदस्य श्री राहुल कुमार कंबोज ने भेंट की। इस अवसर पर हरिद्वार सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री और फ्रैंकफर्ट के संसद सदस्य के बीच प्रदेश के युवाओं को कौशल विकास और रोजगार से जोड़ने के विषय पर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार द्वारा कौशल विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के अंतर्गत प्रदेश के युवा जापान में रोजगार के अवसर प्राप्त कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जर्मनी में स्किल्ड लेबर फोर्स की मांग के दृष्टिगत प्रदेश सरकार युवाओं को आधुनिक और वैश्विक मानकों के अनुरूप कौशल प्रदान करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के युवाओं को विदेश में रोजगार से जोड़ने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

इस अवसर पर फ्रैंकफर्ट सांसद सलाहकार सौरभ भगत, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव आर. के सुधांशु, सचिव विनय शंकर पांडेय, अपर सचिव सी रविशंकर, हेल्थ केयर के डायरेक्टर कपिल कुमार उपस्थित थे।

11 लैब असिस्टेंट एवं 34 क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारियों को सीएम ने दिए नियुक्ति पत्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में 45 नव चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। जिसमें गृह विभाग के अन्तर्गत 11 लैब असिस्टेंट एवं प्रान्तीय रक्षक दल विभाग के अन्तर्गत 34 क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने सभी नव चयनित अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि आज आपके जीवन की एक नई शुरुआत हो रही है। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि सभी चयनित अभ्यर्थी अपने कार्य क्षेत्र में पूरी लगन और ईमानदारी से कार्य करेंगे। अगर नियमित दिनचर्या के साथ हम कार्य शुरू करते हैं, हर राह आसान होती है। उन्होंने कहा कि 2047 तक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए सबको अपने कार्यक्षेत्र में विशेष योगदान देना होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साढ़े तीन साल में राज्य में सरकारी सेवाओं में 19 हजार से अधिक पदों पर नियुक्ति प्रदान की जा चुकी है। अनेक पदों पर भर्ती प्रक्रिया गमितान है। राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद सभी भर्ती परीक्षाएं पूर्ण पारदर्शिता के साथ समय पर पूरी की गई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य रजतोत्सव वर्ष में प्रवेश कर गया है। राज्य के समग्र विकास के लिए सरकार द्वारा आगामी 25 वर्षों की राज्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकास कार्य किये जा रहे हैं। आजादी के अमृत काल में उत्तराखण्ड को हर क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाने के लिए सभी प्रदेश वासियों का अहम योगदान होगा।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या, विधायक दिलीप रावत, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव शैलेश बगोली, निदेशक खेल एवं युवा कल्याण प्रशांत आर्य उपस्थित थे।

राज्य के विद्यालयों में दूर होगी विज्ञान वर्ग के शिक्षकों की कमी

विद्यालयी शिक्षा विभाग के अंतर्गत प्रवक्ता संवर्ग में 157 और अतिथि शिक्षकों की शीघ्र तैनाती की जायेगी। इन शिक्षकों को प्रदेश के पर्वतीय व दूरस्थ क्षेत्र के विद्यालयों में भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, गणित तथा अंग्रेजी विषय के रिक्त पदों के सापेक्ष नियुक्त किया जायेगा। इस संबंध में शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विभागीय अधिकारियों को अतिथि शिक्षकों को जनपदवार शीघ्र नियुक्ति देने के निर्देश दे दिये हैं।

राज्य सरकार ने प्रदेश के राजकीय विद्यालयों में विज्ञान वर्ग के विभिन्न विषयों एवं अंग्रेजी विषय के रिक्त पदों पर अतिथि शिक्षकों की तैनाती करने का निर्णय लिया था। जिसके तहत विद्यालयी शिक्षा विभाग ने समय-समय पर प्रदेशभर के विभिन्न राजकीय विद्यालयों में अतिथि शिक्षकों की तैनाती की। इसी क्रम में एक बार फिर प्रवक्ता संवर्ग में जनपदवार 157 और अतिथि शिक्षकों की नियुक्त की जायेगी। इन सभी अतिथि शिक्षकों को गणित, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान एवं अंग्रजी विषय के रिक्त पदों के सापेक्ष तैनाती दी जायेगी। जिसमें चमोली जनपद में 14 अतिथि प्रवक्ताओं को तैनात किया जायेगा, जिसमें गणित विषय में 3, भौतिक विज्ञान 5, रसायन विज्ञान 2 तथा जीव विज्ञान में 4 शामिल है। इस प्रकार पिथौरागढ़ में 9 अतिथि प्रवक्ता को तैनाती दी जायेगी है जिसमें गणित में 4 तथा अंग्रेजी विषय में 5 शामिल हैं। पौड़ी में 41 अतिथि शिक्षक दिये गये है जिसमें गणित में 2, भौतिकी 9, रसायन 13, जीव विज्ञान 7 तथा अंग्रेजी में 10 शिक्षक शामिल है। अल्मोड़ा में 55 अतिथि शिक्षकों को तैनाती दी जायेगी। जिसमें गणित में 4, भौतिकी 24, रसायन 7, जीव विज्ञान 2 तथा अंग्रेजी में 18 शिक्षक शामिल है। उत्तरकाशी में जीव विज्ञान एवं अंग्रेजी विषय में 1-1 अतिथि शिक्षकों को नियुक्ति दी जायेगी। जबकि टिहरी में 8 अतिथि प्रवक्ता को नियुक्त किया जायेगा। जिसमें गणित में 3, रसायन 4 व अंग्रेजी में 1 शिक्षक शामिल है। इसी प्रकार नैनीताल में भौतिक, रसायन व जीव विज्ञान विषय में 1-1 अतिथि शिक्षक शामिल है। चम्पावत में 16 अतिथि शिक्षकों को नियुक्ति दी जायेगी, जिसमें गणित में 3, भैतिकी 2, जीव विज्ञान में 1 तथा अंग्रेजी में 10 शिक्षक शामिल है। जबकि रूद्रप्रयाग जनपद में 9 अतिथि शिक्षकों को तैनाती दी है जिसमें जीव विज्ञान में 6 तथा अंग्रेजी विषय में 3 अतिथि शिक्षक शामिल हैं। इन सभी अतिथि प्रवक्ताओं की नियुक्ति प्रदेश के पर्वतीय एवं दूरस्थ क्षेत्र के विद्यालयों में की गई है। विज्ञान वर्ग एवं अंग्रेजी विषय में अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति से स्थानीय स्तर पर छात्र-छात्राओं को बेहतर शिक्षा मिल सकेगी साथ ही उन्हें विज्ञान वर्ग की पढ़ाई के लिये किसी अन्य विद्यालय में नहीं जाना पडेगा।

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प्रदेश सरकार शिक्षा के स्तर को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रवक्ता संवर्ग में 157 अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति सरकार के उस प्रयास का हिस्सा है, जो विज्ञान वर्ग एवं अंग्रेजी विषय की शिक्षा को सुलभ बनाने के लिये किया जा रहा है। इस कदम से स्थानीय स्तर पर छात्रों को विज्ञान वर्ग में भी बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।
– ’डॉ. धन सिंह रावत, विद्यालयी शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड सरकार।

सशक्त नकल विरोधी कानून से भर्ती प्रक्रिया में आई पारदर्शिता, काबिल युवाओं का हुआ चयन

आज उत्तराखंड प्रांतीय सिविल सेवा-2021 परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों द्वारा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से उनके आवास पर भेंट करते हुए परीक्षाओं को पारदर्शिता और समयबद्धता से संपन्न करवाने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया गया।

धन्यवाद ज्ञापित करते हुए अभ्यर्थियों ने कहा कि मुख्यमंत्री के सख्त नकल विरोधी कानून से, परीक्षाओं को कैलेंडर के अनुसार तेजी से और पूरी पारदर्शिता से संपन्न करवाने के प्रयासों के चलते ही योग्य अभ्यर्थियों का चयन सुनिश्चित हुआ है। महिला आरक्षण को उचित प्रतिनिधित्व प्रदान करने के चलते सिविल सेवा में महिलाओं की भागीदारी भी बढ़ी है। पीसीएस परीक्षा के कैलेंडर समय से जारी हो रहे हैं तथा परीक्षाएं भी समय से और पूरी पारदर्शिता के साथ संपादित की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने सभी चयनित अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनसे प्रदेश हित में पूरी कुशलता और निष्ठा से कार्य करने की अपेक्षा की।