राज्य की विभिन्न योजनाओं के लिये सीएम ने दी वित्तीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गढ़वाल एवं कुमाऊं परिक्षेत्रों के नलकूपों पर विभिन्न क्षमता के सर्वाे वोल्टेज स्टैबलाईजर की आपूर्ति एवं अधिष्ठान की योजना हेतु 1.63 करोड की योजना का अनुमोदन प्रदान किया है। मुख्यमंत्री ने जनपद पिथौरागढ़ नगर के कुमोर वार्ड में सीवर लाईन विस्तार की योजना 2.77 करोड़, पिथौरागढ़ नगर के ही बजेटी वार्ड में सीवर लाईन विस्तार की योजना हेतु 2.90 करोड़ तथा पिथौरागढ नगर की विवेकानन्द कालोनी एवं खारकोट वार्ड में सीवर लाईन विस्तार की योजना के लिये भी 2.91 करोड़ की धनराशि का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा राज्य योजना के अन्तर्गत जनपद पौडी गढ़वाल के विधानसभा क्षेत्र पौड़ी में बिलफेदार-गौरीकोट मोटर मार्ग का सुधारीकरण एवं पक्कीकरण के कार्य हेतु 3.67 करोड़ का अनुमोदन प्रदान किया गया है। मुख्यमंत्री घोषणा के अन्तर्गत मुख्यमंत्री द्वारा जनपद चम्पावत के विधानसभा क्षेत्र लोहाघाट में बाट नेत्रसलान पचेश्वर में पड़ने वाले सेतुओं के निर्माण हेतु 31.75 लाख का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मौसम की चुनौतियों के बावजूद सीएम धामी पहुंचे ग्राउंड जीरो पर, धराली आपदा प्रभावितों से की मुलाकात

मौसम की तमाम चुनौतियों तथा विषम परिस्थितियों की परवाह न करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज धराली में ग्राउंड जीरो पर पहुंचे और प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर, हर संभव सहायता का भरोसा दिलाते हुए, राहत कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने मौके पर राहत एवं बचाव कार्यों में जुटे कर्मियों से भी भेंट की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत सामग्री समयबद्ध तरीके से प्रभावितों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि राहत कार्यों को गति देने के उद्देश्य से दो हेलीकॉप्टरों के माध्यम से आवश्यक खाद्य और राहत सामग्री धराली क्षेत्र में पहुंचाई गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता प्रत्येक प्रभावित व्यक्ति तक राहत पहुंचाते हुए, सामान्य स्थिति बहाल करना है।

आपदा ग्रस्त धराली (उत्तरकाशी) में राहत एवं बचाव अभियान में केंद्र के साथ ही राज्य की एजेंसियां भी युद्धस्तर पर जुटी हुई हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मौसम की चुनौतियों के बावजूद, आपदा ग्रस्त क्षेत्र का दौरा कर पीड़ितों से मुलाकात की है। आज हेलीकॉप्टर की 07 सार्टी हुईं। सबसे पहली सार्टी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ग्राउंड जीरो पर पहुंचे और प्रभावित लोगों से मुलाकात कर उनका हाल जाना। घटना के बाद बुधवार को ग्राउंड जीरो पर पहुंचने वाले पहले व्यक्ति थे। मुख्यमंत्री के ग्राउंड जीरो पर पहुंचते ही प्रभावितों का दर्द और आंसू छलक उठे। कई लोग मुख्यमंत्री से लिपटकर रोने लगे। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया कि वे इस कठिन समय में उनके साथ खड़े हैं और राज्य सरकार के स्तर पर राहत व बचाव कार्यों में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मुश्किल घड़ी में पूरी राज्य सरकार धराली के लोगों के साथ मजबूती से खड़ी है। युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य संचालित किए जा रहे हैं। सभी महत्वपूर्ण विभागों के अधिकारियों को 24ग7 मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में शासन वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा राहत और बचाव कार्यों की निगरानी की जा रही है। हर एक व्यक्ति की जान कीमती है और इस दिशा में राज्य सरकार द्वारा कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।

वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी आज प्रातः मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बातचीत कर धराली क्षेत्र में हुई प्राकृतिक आपदा और इसके बाद चलाए जा रहे राहत एवं बचाव कार्यों की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बताया कि राज्य सरकार राहत और बचाव कार्यों में पूरी तत्परता के साथ जुटी हुई है। लगातार हो रही भारी वर्षा के कारण कुछ क्षेत्रों में कठिनाइयां आ रही हैं, लेकिन सभी संबंधित एजेंसियां समन्वय के साथ कार्य कर रही हैं ताकि प्रभावित लोगों को त्वरित सहायता मिल सके। प्रधानमंत्री मोदी ने केंद्र सरकार की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।

यूकाडा के हेलीकॉप्टर निभा रहे महत्वपूर्ण भूमिका, रेस्क्यू टीमें पहुंची धराली
देहरादून। इस पूरे रेस्क्यू अभियान में यूकाडा के हेलीकॉप्टर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। मौसम की चुनौतियों के बीच बुधवार को यूकाडा के हेलीकॉप्टरों की कुल 07 सार्टी हुईं। इनमें से पहली सार्टी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ग्राउंड जीरो पर पहुंचे। दूसरी सार्टी के जरिये जिलाधिकारी उत्तरकाशी तथा एसपी उत्तरकाशी घटनास्थल पर पहुंचे। वहीं अन्य सार्टी में जिला प्रशासन की टीम, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ के कुल 22 लोग ग्राउंड जीरो पर पहुंचे। एनडीआरएफ के 28 जवान भी 02 सेटेलाइट फोन के साथ यूकाडा के हेलीकॉप्टरों के जरिये धराली पहुंच चुके हैं। वहीं यूकाडा के हेलीकॉप्टरों ने सेना के ले. कर्नल समेत 10 जवानों का धराली से रेस्क्यू किया है। सेना के 02 घायलों को हेलीकॉप्टर से हायर सेंटर भेजा गया है, दो अन्य को सड़क मार्ग से एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस से एम्स ऋषिकेश भेजा जा रहा है। शेष अन्य का उपचार मातली तथा जिला चिकित्सालय में किया जा रहा है। साथ ही 03 अन्य नागरिकों का रेस्क्यू किया गया। इन्हें उपचार के लिए जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी में भर्ती कराया गया है।

मार्ग खोलने के लिए युद्धस्तर पर किए जा रहे प्रयास-सुधांशु
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र उत्तरकाशी से राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा करते हुए रेस्क्यू अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र से उन्होंने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में उपस्थित शासन के वरिष्ठ अधिकारी गणों के साथ राहत और बचाव कार्यों को लेकर विस्तार से चर्चा की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

प्रभारी मुख्य सचिव आरके सुधांशु ने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को किए जा रहे रेस्क्यू अभियान के साथ ही मौके पर भेजे जा रहे मानव संसाधन तथा उपकरणों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मार्ग बंद होने के कारण बचाव दल अलग-अलग स्थानों पर फंसे हैं। मार्ग खोलने के लिए बीआरओ तथा लोक निर्माण विभाग द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मौसम खराब होने की वजह से हवाई रेस्क्यू में बाधा उत्पन्न हो रही है, मौसम साफ होते ही हेली सेवाओं द्वारा बचाव दलों के साथ ही मलबा हटाने के लिए भारी मशीनरी को एयर ड्रॉप किया जाएगा। बुधवार शाम को भी आरके सुधांशु राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचे और जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र से रेस्क्यू अभियान की जानकारी ली। सचिव शैलेश बगौली राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में आज सुबह से ही उपस्थित हैं और राहत और बचाव कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

इस अवसर पर उपाध्यक्ष, राज्य सलाहकार समिति, आपदा प्रबंधन विभाग विनय कुमार रुहेला, सचिव शैलेश बगोली, डीजीपी दीपम सेठ, जीओसी उत्तराखण्ड सब एरिया मेजर जनरल एमपीएस गिल, एडीजी एपी अंशुमन, प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, सचिव नितेश कुमार झा, सचिव डॉ. आर राजेश कुमार, सचिव चंद्रेश यादव, सचिन कुर्वे, आईजी फायर मुख्तार मोहसिन, एसीईओ प्रशासन आनंद स्वरूप, एसीईओ क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी, जेसीईओ मो0 ओबैदुल्लाह अंसारी आदि मौजूद थे।

02 लोगों के शव बरामद, 15 के लापता होने की सूचना
देहरादून। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि धराली आपदा में लगभग 15 लोगों के लापता होने की सूचना प्राप्त हुई है। दो लोगों के शव बरामद हुए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशन में युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य संचालित किए जा रहे हैं। सड़कों को खोलने के लिए लगातार मौके पर टीमें कार्य कर रही हैं। खराब मौसम के कारण राहत और बचाव कार्य संचालित करने के साथ ही बचाव दलों तथा उपकरणों को आवश्यक स्थानों तक पहुंचाने में मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद धराली में वहां पर मौजूद बचाव दलों द्वारा राहत और बचाव कार्य मंगलवार को ही प्रारंभ कर दिए गए थे।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में बनी रेस्क्यू अभियान की रणनीति
देहरादून। प्रभारी मुख्य सचिव आरके सुधांशु, सचिव शैलेश बगोली, डीजीपी दीपम सेठ, जीओसी सब एरिया मेजर जनरल एमपीएस गिल, सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन के साथ ही विभिन्न विभागों के सचिव तथा वरिष्ठ अधिकारीगण प्रातः साढ़े आठ बजे राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्यों के संचालन को लेकर रणनीति बनाई। सड़कों को खोलने के लिए बीआरओ तथा लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा करते हुए सभी विकल्पों पर विचार किया गया। खराब मौसम के बीच हेली सेवाओं का उपयोग किस प्रकार किया जाए, किन हेलीपैडो का उपयोग किया जाए, मार्ग बाधित होने के कारण उत्पन्न चुनौतियों के बीच उपकरणों को किस प्रकार ग्राउंड जीरो पर भेजा जाए, विभिन्न स्थानों पर फंसी रेस्क्यू टीमों को किस प्रकार आगे बढ़ाया जाए, इस पर मंथन किया गया। मौसम विभाग से आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति को लेकर भी जानकारी ली गई।

चिनूक पहुंचा जौलीग्रांट, बड़ी संख्या में हेलीकॉप्टर तैयार
देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा केंद्र सरकार के स्तर पर हर संभव मदद का आश्वासन दिया गया है। वे लगातार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से रेस्क्यू अभियान की अपडेट ले रहे हैं। भारत सरकार द्वारा त्वरित गति से वायु सहायता उपलब्ध कराई गई है। 02 चिनूक हेलीकॉप्टर जौलीग्रांट पहुंच चुके हैं। इसमें एनडीआरएफ के 50 जवानों तथा उनके उपकरणों को ग्राउंड जीरो के लिए भेजे जाने की कार्यवाही की जा रही है। एक एमआई 17 खराब मौसम के कारण जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर लैंड नहीं कर पाया और उसे वापस सरसावा बेस लौटना पड़ा। मौसम साफ होते ही एमआई 17 के पुनः लैंडिंग के प्रयास किए जाएंगे। वहीं 115 स्पेशल फोर्सेज के साथ सेना के 05 एएन-32 हेलीकॉप्टर जौलीग्रांट पहुंच चुके हैं।

युद्धस्तर पर कार्य कर रहे राहत और बचाव दल
देहरादून। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि राहत और बचाव दल युद्धस्तर पर रेस्क्यू अभियान में डटे हैं। मार्ग बंद होने के कारण विभिन्न बचाव दल विभिन्न स्थानों में फंसे हैं। बंद सड़कों को खोलने का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। मार्ग खुलते ही सभी दल ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान प्रारंभ करेंगे। भटवाड़ी में बंद सड़क को खोलने की कार्यवाही गतिमान है। हर्षिल तथा पापड़गाड़ में मार्ग बंद है। उत्तरकाशी तक सड़क खोल दी गई है। गंगनानी तथा लिंचा ब्रिज क्षतिग्रस्त हुए हैं। बैली ब्रिज बनाकर यहां यातायात सुचारू करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

मानव संसाधनों का विवरण निम्नानुसार है
वर्तमान में राजपुताना रायफल्स के 150 जवान तथा घातक बटालियन के 12 जवान ग्राउंड जीरो में मौजूद हैं तथा राहत व बचाव कार्य कर रहे हैं।
आईटीबीपी के 100 कार्मिक जिनमें अधिकारी, डाक्टर व जवान शामिल हैं, मौके पर राहत और बचाव कार्यों को संचालित कर रहे हैं।
एसडीआरएफ के 06 जवान भी मंगलवार से ही धराली में ग्राउंड जीरो पर मौजूद हैं और उनके द्वारा राहत और बचाव कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा रही है।
सेना के 40 जवान नेलांग से पैदल रवाना की गई है। वहीं 50 जवानों की मेडिकल टीम टेकला तक पहुंच गई है।
आईटीबीपी के 130 अतिरिक्त जवान घटनास्थल के लिए रवाना किए गए हैं।
एसडीआरएफ के 10 जवान सेटेलाइट फोन के साथ भटवाड़ी पहुंच गए हैं। 07 जवान लाटा पहुंच गए हैं। 07 जवान सेटेलाइट फोन के साथ गंगोत्री में मौजूद हैं। उजैली में ढालवाला तथा बटालियन से 20 जवानों को भेजा गया है। 08 जवानों को सहस्त्रधारा हेलीपैड में रिजर्व में रखा गया है। डॉक स्क्वायड की 06 टीमें उजैली पहुंच चुकी हैं।

एनडीआरएफ के 79 जवान पापड़गाड़ में फंसे हैं, हालांकि 15 को यहां से आगे भेजने में सफलता मिली है। 07 जवान गौचर से उत्तरकाशी रवाना किए गए हैं। 50 तथा 24 सदस्यीय 02 टीमें जौलीग्रांट एयरपोर्ट में स्टैंडबाई में हैं। 15 जवानों को सहस्त्रधारा हेलीपैड में स्टैंडबाई में रखा गया है।

फायर सर्विस यूनिट गंगोत्री के 04 जवान घटनास्थल पर मौजूद हैं। उत्तरकाशी फायर स्टेशन में अन्य जनपदों से भेजी गई 03 टीमों को एलर्ट मोड पर रखा गया है। एफएसएसओ उत्तरकाशी मार्ग बंद होने के कारण रास्ते में फंसे हैं।

जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी से एक मेडिकल टीम घटनास्थल के लिए रवाना हो गई है। दून मेडिकल कॉलेज से 11 विशेषज्ञ डाक्टरों की टीम, स्वास्थ्य विभाग के 05 विशेषज्ञों की टीम भी रवाना कर दी गई है। 10 डॉक्टरों की टीम को पोस्टमार्टम के लिए स्टैंडबाई में रखा गया है। मनोचिकित्सकों की टीम भी बनाई गई है, जिसे घटनास्थल के लिए रवाना किया जा रहा है। 25 एम्बुलेंस तैयार हैं। 10 को स्टैंडबाई में रखा गया है। सीएचसी भटवाडी, चिन्यालीसौंड़, जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी, जिला चिकित्सालय देहरादून, दून मेडिकल कॉलेज तथा एम्स ऋषिकेश में 65 आईसीयू बैड तथा 270 जनरल बैड आरक्षित किए गए हैं।

शाम को करीब पांच बजे चार सदस्यीय एक मेडिकल टीम हर्षिल पहुंच गई है, जिसमें सर्जन, गायनेकोलॉजिस्ट, एनेस्थेटिस्ट व एक सीनियर डाक्टर हैं, जो स्थानीय निवासी हैं।

गढ़वाल और कुमाऊं के इन दो शहरों में तीमारदारों के लिए बनेगा विश्रामगृह

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में सचिवालय में राजकीय दून मेडिकल कॉलेज, राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी एवं सेवादान आरोग्य संस्था के बीच एम.ओ.यू. (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर किए गए। यह एम.ओ.यू. राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी एवं देहरादून में तीमारदारों के लिए विश्राम गृह निर्माण कार्य से संबंधित है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि इन मेडिकल कॉलेजों में तीमारदारों के लिए विश्राम गृह बनने से बड़ी सुविधा होगी। भर्ती मरीजों के साथ आने वाले परिजनों को रात्रि विश्राम एवं ठहरने की समस्या का समाधान मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने सेवादान आरोग्य संस्था से किच्छा स्थित एम्स सैटेलाइट सेंटर में भी यह व्यवस्था करने की बात कही , जिस पर संस्था ने सहमति व्यक्त की।

इस एम.ओ.यू. के तहत सेवादान आरोग्य फाउंडेशन, राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी एवं देहरादून में तीमारदारों के लिए विश्राम गृहों का निर्माण करेगा। दोनों मेडिकल कॉलेजों में 350 बिस्तरों की क्षमता वाले विश्राम गृहों का निर्माण प्रस्तावित है।

इन विश्राम गृहों (रैन बसेरों) में रात्रि विश्राम के लिए शयनागार में ₹55 प्रति बिस्तर तथा दो बिस्तरों वाले कमरे ₹300 प्रति कक्ष की दर से उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही, नाश्ता ₹20 तथा भोजन ₹35 की सस्ती दरों पर उपलब्ध कराया जाएगा।

इन विश्राम गृहों का संचालन एवं रखरखाव सेवादान आरोग्य फाउंडेशन द्वारा किया जाएगा। राजकीय मेडिकल कॉलेज देहरादून द्वारा 1750 वर्गमीटर एवं राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी द्वारा 1400 वर्गमीटर भूमि विश्राम गृहों के निर्माण हेतु प्रदान की जाएगी। यह एम.ओ.यू. आगामी 20 वर्षों के लिए वैध रहेगा।

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर. राजेश कुमार, सचिव विनय शंकर पाण्डेय, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. आशुतोष सयाना तथा सेवादान आरोग्य संस्था से अभिषेक सक्सेना, आनंद सिंह बिसेन एवं अमित दास उपस्थित थे।

सीएम धामी स्वयं कर रहे हैं रेस्क्यू ऑपरेशन की मॉनिटरिंग

केदारघाटी में अतिवृष्टि के बाद से कई मार्ग आवाजाही हेतु बंद हो गए थे। जिन्हें खोले जाने के लिए विभिन्न रेस्क्यू टीमें लगातार अभियान चलाए हुए है। अतिवृष्टि के कारण केदारनाथ पैदल मार्ग के मुख्य स्थान चिरबासा हैलीपैड़ हैली सेवाओं हेतु पूर्णतः बाधित हो गया था।

आज कमांडेंट एसडीआरएफ मणिकांत मिश्रा के नेतृत्व में एसडीआरएफ की टीम द्वारा बाधित हुए चिरबासा को हैली हेतु सुचारू कर दिया गया है जो रेस्क्यू टीमों के लिए बड़ी राहत है। शनिवार दोपहर तक चिरबासा हैलीपैड़ से लगभग 8 से 10 बार हैली सेवा के माध्यम से रेस्क्यू कार्यों को अंजाम दिया जा चुका है। अब हैली सेवाओं के माध्यम से चिरबासा से रेस्क्यू कार्यों को और भी आसानी व सुगमता से किया जा सकेगा।

सड़कों के पैचवर्क के लिए 1 अक्टूबर से 30 नवम्बर तक दो महीने का गहन अभियान चलाने की डेडलाइन

अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि राज्य में सड़कों के पैचवर्क (गडढा मुक्त) के लिए इस वर्ष 450 करोड़ रूपये जारी कर दिए गए हैं। गढ़वाल मण्डल के जिलाधिकारियों को भी एसीएस ने सड़कों को गडढा मुक्त करने के लिए 1 अक्टूबर से 30 नवम्बर तक दो महीने का गहन अभियान चलाने की डेडलाइन दी हैं। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि पर्वतीय क्षेत्रों में क्रैश बैरियर लगाए जाने को लेकर शासन स्तर पर कार्यवाही पूरी हो चुकी है। सड़क सुरक्षा के लिए इस वर्ष 300 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। एसीएस ने जिलाधिकारियों को इस सम्बन्ध में जल्द से जल्द प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को एम्स ऋषिकेश में पर्वतीय क्षेत्रों से आने वाले मरीजों की सहायता व सुविधा के लिए हेल्प डेस्क तथा जरूरतमंदों के आयुष्मान कार्ड बनाने में सहायता के लिए एम्स में भी विशेष हेल्प डेस्क बनाने हेतु कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं।

सचिवालय में समीक्षा बैठक के दौरान अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने गढ़वाल मण्डल के जनपदों में चिकित्सा, पेयजल, शिक्षा, सड़कों व अन्य मूलभूत जन सुविधाओं को बेहतर बनाने के सम्बन्ध में जिलाधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए।

डेंगू के प्रकरणों का संज्ञान लेते हुए एसीएस राधा रतूड़ी ने जिलाधिकारियों को जिलों में डेंगू कण्ट्रोल रूम स्थापित करने के साथ ही जन जागरूकता व स्वच्छता अभियान पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने सभी जिलाधिकारियों एवं सीएमओ को अस्पतालों की व्यवस्थाओं को सुधारने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिलाधिकारियों को पीएमजीएसवाई योजना की नियमित समीक्षा के साथ ही इसमें जिला प्रशासन की सक्रिय भागीदारी की हिदायत दी है। एसीएस ने गढ़वाल मण्डल के जिलों विशेषकर चारधाम यात्रा मार्ग पर वेस्ट मैनेजमेण्ट में बेस्ट प्रैक्टिसेज को अपनाने के साथ ही इस पर त्वरित कार्यवाही के कड़े निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही एसीएस श्रीमती राधा रतूड़ी ने जिलाधिकारियों को सख्त हिदायत दी है यदि पर्वतीय क्षेत्रों में किसी भी स्थान पर टैम्परेरी ट्रॉली के उपयोग का मामला संज्ञान में आता है तो वहां पर ब्रिज बनाने का प्रस्ताव तत्काल शासन को भेजा जाए। उन्होंने जिलाधिकारियों को पर्यटक स्थलों विशेषकर चारधाम यात्रा रूट पर पार्किंग स्थल चिहिन्त कर इस सम्बन्ध में प्रस्ताव बनाकर जल्द से जल्द आवास विभाग को भेजने के भी निर्देश दिए हैं।

बैठक में सचिव राधिका झा, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, अपर सचिव डा0 अमनदीप कौर, विनीत कुमार, जितेन्द्र कुमार सोनकर तथा वर्चुअल माध्यम से गढ़वाल मण्डल के सभी जिलाधिकारी उपस्थित थे।

उत्तरकाशी जिले में सीएम ने किया 14 योजनाओं का शिलान्यास, जबकि 12 योजनाएं का किया लोकार्पण


मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने उत्तरकाशी में लगभग 52 करोड़ 37 लाख रूपये की 26 योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। जिसमें से 17 करोड़ 41 लाख रूपये की 12 योजनाओं का लोकार्पण एवं 34 करोड़ 46 लाख रूपये की 14 योजनाओं के शिलान्यास किये गये।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत द्वारा जिन योजनाओं का लोकार्पण किया गया। उनमें 3 करोड़ 20 लाख रूपये की जनपद के विभिन्न मोटर मार्गों पर बिटुमिन्स कंक्रीट द्वारा सतह सुधारीकरण का कार्य, 2 करोड़ 94 लाख की लागत के उत्तरकाशी घनसाली तिलवाड़ा मोटर मार्ग पर बिटुमिन्स कंक्रीट द्वारा सतह सुधारीकरण का कार्य, 2 करोड़ 74 लाख की लागत के ज्ञानसू साल्ड मोटर मार्ग से ज्ञानसू उपला बस्ती मोटर मार्ग का निर्माण, 2 करोड़ 05 लाख की लागत के गंगोत्री में वरूणाघाटी में भराणगांव-उपरीकोट मोटर मार्ग के 5 किमी में 30 मीटर स्पान के 1.50 लेन स्टील गर्डर सेतु का निर्माण, 1 करोड़ 68 लाख की लागत के विकासखण्ड भटवाड़ी के अन्तर्गत जसपुर बैण्ड से पुराली गांव तक मोटर मार्ग का निर्माण एवं 2 करोड़ 81 लाख की लागत के विधानसभा क्षेत्र गंगोत्री के अन्तर्गत नाकुरी सिंगोट मोटर मार्ग के चैड़ीकरण व डामरीकरण आदि के कार्य शामिल हैं।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत द्वारा जिन योजनाओं का शिलान्यास किया गया। उनमें 4 करोड़ 64 लाख के अनुमानित लागत के जामक से बयाणा तक मोटर मार्ग निर्माण के स्टेज 2 का कार्य, 05 करोड़ 65 लाख के अनुमानित लागत के नाकुरी-कुंसी-मांगलीसेरा-बरसाली मोटर मार्ग निर्माण के स्टेज 2 का कार्य, 4 करोड़ 19 लाख की अनुमानित लागत के जामक से कामर मोटर मार्ग निर्माण के स्टेज 2 का कार्य, 03 करोड़ 75 लाख की अनुमानित लागत के बंदरकोट-जुगुल्डी-पंजिलयाला तक मोटर मार्ग निर्माण के स्टेज 2 का कार्य आदि शामिल हैं।

इस अवसर पर राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार स्वामी यतीश्वरानंद, जिलाध्यक्ष भाजपा रमेश चैहान, डॉ स्वराज विद्वान, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा आदि मौजूद थे।

बादल फटने के बाद देवप्रयाग की कई इमारतों को नुकसान

उत्तराखंड के देवप्रयाग के ऊपरी क्षेत्र में मंगलवार देर शाम मूसलाधार बारिश के बाद बादल फट गया। बादल फटने से क्षेत्र में गदेरा उफान पर आ गया, कई दुकानें और मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। वहीं, आईटीआई का भवन भी ध्वस्त हो गया।

गनीमत रही कि कोविड कर्फ्यू के चलते दुकानें बंद थी, जिससे अभी तक कोई जनहानि की कोई सूचना नहीं है। प्रदेशभर में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। एक ओर जहां ऊंची चोटियों पर बर्फबारी का क्रम बना हुआ है तो वहीं पहाड़ों में तेज बारिश का सिलसिला जारी है। मैदानी इलाकों में भी मौसम रंग बदल रहा है। भारी बारिश के चलते देवप्रयाग में बादल फटने से काफी नुकसान हुआ है। मंगलवार शाम करीब पांच बजे दशरथ आंचल पर्वत पर बादल फटा। जिससे शांता गदेरा उफान पर आ गया। मलबा आने से देवप्रयाग मुख्य बाजार में भी दस दुकानों को नुकसान हुआ है। संगम बाजार का रास्ता भी बंद हो गया है। कोरोना कर्फ्यू के कारण इस क्षेत्र में लोगों की आवाजाही बंद थी। अभी तक किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। फिलहाल, एसडीआरएफ की टीमें घटनास्थल की तरफ बढ़ रही है।