कोटद्वार में सीएम की बड़ी सौगात, 326 करोड़ से अधिक की 61 योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कोटद्वार में आयोजित बर्ड फेस्टिवल में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने जनपद के विभिन्न विकासखंडों के लिए करोड़ों रुपये की विकास योजनाओं की सौगात दी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कोटद्वार पहुंचकर सबसे पहले दिव्यांग बालक-बालिकाओं से मिलकर उनसे संवाद किया तथा उनकी शिक्षा के बारे में जाना। उसके बाद उन्होंने सिद्धबली मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इसके पश्चात उन्होंने सनेह क्षेत्र में आयोजित दो दिवसीय बर्ड वाचिंग फेस्टिवल का विधिवत शुभारंभ किया। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने पर जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तथा अन्य अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। साथ ही राजकीय कन्या इंटर कॉलेज कोटद्वार की छात्राओं ने लोकभाषा गढ़वाली में स्वागत गान गाकर अतिथियों का अभिनंदन किया। हेरिटेज स्कूल के नन्हे मुन्ने बच्चों की पक्षी एवं प्रकृति संरक्षण पर शानदार प्रस्तुति ने उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा कुल 61 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया। इनमें 21 योजनाओं का शिलान्यास शामिल रहा, जिनकी कुल अनुमानित लागत 8,172.78 लाख रुपये रही। वहीं 40 योजनाओं का लोकार्पण किया गया, जिनकी कुल लागत 24,439.55 लाख रुपये रही। इस प्रकार कुल 32,612.33 लाख रुपये की विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास संपन्न हुआ।

मुख्यमंत्री ने फेस्टिवल परिसर में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया, जिनमें पक्षियों की फोटो प्रदर्शनी विशेष आकर्षण का केन्द्र रही। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने पक्षी पहचान एवं संरक्षण के उद्देश्य से आयोजित गतिविधियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा लगाए गए स्टॉल अत्यंत सराहनीय हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 21वां दशक उत्तराखण्ड का दशक होगा और इसमें महिलाओं का योगदान सर्वाधिक रहेगा। महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पाद गुणवत्ता में बहुराष्ट्रीय कंपनियों के उत्पादों से भी बेहतर हैं।

मुख्यमंत्री ने कोटद्वार क्षेत्र में संचालित विकास कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि बस टर्मिनल, आयुष चिकित्सालय, खोह नदी को प्रदूषण मुक्त करने हेतु एसटीपी की स्थापना, मालन नदी पर 26 करोड़ रुपये से अधिक लागत से पुल निर्माण तथा कोटद्वार-नजीबाबाद फोर लेन का निर्माण कार्य प्रगति पर है।

मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए घोषणाएँ करते हुए कहा कि हल्दूखाता में नगरीय पेयजल योजना की खनन प्रभावित जीर्ण शीर्ण पाइपलाइन का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। राजकीय इंटर कॉलेज कोटद्वार में दो कक्षा-कक्ष, पुस्तकालय, विज्ञान कक्ष, कंप्यूटर कक्ष तथा चहारदीवारी का निर्माण कराया जाएगा। कोटद्वार में खोह नदी के दायें तट पर स्थित जीतपुर गांव में बाढ़ सुरक्षा कार्य किए जाएंगे। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र झंडीचौड़ में 108 एम्बुलेंस सेवा की सुविधा उपलब्ध करायी जाएगी। साथ ही राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कोटद्वार में चहारदीवारी का निर्माण कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अनेक पक्षी प्रजातियाँ विलुप्त होने की कगार पर हैं, जिनका संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह बर्ड फेस्टिवल कोटद्वार क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड जैव विविधता की दृष्टि से देश के समृद्ध राज्यों में शामिल है, जहाँ लगभग 71 प्रतिशत भूभाग वन क्षेत्र से आच्छादित है। राज्य पर्यावरण संरक्षण में देश में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। यहां प्रतिवर्ष लाखों प्रवासी पक्षी आते हैं तथा देश में पाई जाने वाली लगभग 1300 पक्षी प्रजातियों में से 400 से अधिक दुर्लभ एवं सुंदर प्रजातियाँ उत्तराखण्ड में पाई जाती हैं।

मुख्यमंत्री ने सुरख़ाब पक्षी का उल्लेख करते हुए कहा कि यह सुनहरे पंखों वाला दुर्लभ पक्षी सर्दियों के मौसम में उत्तराखण्ड आता है, जिस पर प्रचलित कहावत है कि “सुरख़ाब के पंख लगे हैं क्या”। उन्होंने कहा कि पक्षी पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के साथ-साथ बीज प्रसार एवं पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। भारत सरकार के सहयोग से राज्य में वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है तथा इस उद्देश्य से वन विभाग को आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित किया जा रहा है। सरकार ड्रोन पायलट, इको-टूरिज्म एवं वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी को प्रोत्साहित कर रही है तथा विद्यार्थियों को शैक्षिक यात्राओं में सहयोग प्रदान कर रही है। घायल पशु-पक्षियों के उपचार हेतु कालागढ़ में विशेष व्यवस्था की गई है।

विधानसभा अध्यक्षा एवं स्थानीय विधायक ऋतु खण्डूरी भूषण ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तराखण्ड में पायी जाने वाली लगभग 700 पक्षी प्रजातियों में से करीब 400 प्रजातियाँ कोटद्वार क्षेत्र में पायी जाती हैं, जो यहां की समृद्ध जैव विविधता को दर्शाता है। उन्होंने बर्ड वॉचिंग फेस्टिवल को इको-टूरिज़्म एवं बर्ड-टूरिज़्म को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सराहनीय पहल बताया।

उन्होंने सुझाव दिया कि इस आयोजन को प्रदेश सरकार के वार्षिक कैलेंडर में शामिल कर प्रत्येक वर्ष 31 जनवरी को ‘बर्ड फेस्टिवल दिवस’ के रूप में मनाया जाए, जिससे देश-विदेश के पक्षी एवं प्रकृति प्रेमी कोटद्वार की ओर आकर्षित हों।

विधानसभा अध्यक्षा ने कहा कि ऐसे आयोजनों से कोटद्वार को पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी, पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ेगी तथा स्थानीय स्तर पर आर्थिक सशक्तिकरण को भी बल मिलेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में क्षेत्र को मिली करोड़ों रुपये की विकास योजनाओं के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे जनपद के समग्र विकास को नयी गति मिलेगी।

जिलाधिकारी ने उपस्थित जनसमूह का स्वागत करते हुए कहा कि यह आयोजन केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि जैव विविधता, प्रकृति और जीवन के प्रति संवेदनशीलता का उत्सव है। उन्होंने कहा कि बर्ड फेस्टिवल अपने आप में एक अनूठी पहल है, जो न केवल पक्षियों के संरक्षण का संदेश देता है, बल्कि वन्यजीव संरक्षण और वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी के क्षेत्र में नए अवसरों के द्वार भी खोलता है।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से कोटद्वार क्षेत्र को पर्यटन के नए आयाम मिलेंगे और यह क्षेत्र प्रकृति प्रेमियों की पहचान बनेगा। जिलाधिकारी ने भावपूर्ण शब्दों में कहा कि जब भी हम किसी पक्षी को खुले आकाश में उड़ते हुए देखते हैं, तब हमें स्वतंत्रता का वास्तविक अर्थ समझ में आता है। स्वतंत्रता केवल मनुष्य का अधिकार नहीं है, बल्कि पशु-पक्षियों और सम्पूर्ण प्रकृति का भी उतना ही मौलिक अधिकार है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह फेस्टिवल आने वाले समय में प्रकृति संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता का सशक्त माध्यम बनेगा और जिले की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर नयी दिशा देगा।

दो दिवसीय बर्ड वाॅचिंग फेस्टिवल के पहले दिन लगभग 2500 से अधिक लोगों ने प्रतिभाग किया। इसमें 300 छात्र-छात्राएं, 800 युवा, 400 महिलाएं, 100 बर्ड वाॅचर तथा 900 से अधिक अन्य लोग शामिल रहे। उल्लेखनीय है कि फेस्टिवल के अंतर्गत आयोजित मैराथन दौड़, पेंटिंग, क्विज एवं निबंध प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने वाले छात्र-छात्राओं को फेस्टिवल के अंतिम दिन उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।

मंच संचालन डाॅ. पद्मेश बुड़ाकोटी द्वारा किया गया। कार्यक्रम में विधायक लैंसडाउन महंत दिलीप सिंह रावत, उत्तराखण्ड गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष पं. राजेद्र अणथ्वाल, उपाध्यक्ष सिंचाई समिति ऋषि कंडवाल, जिला पंचायत अध्यक्षा रचना बुटोला, मेयर नगर निगम कोटद्वार शैलेंद्र सिंह रावत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार, मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत, डीएफओ लैंसडाउन जीवन मोहन दगाड़े, मण्डी समिति के अध्यक्ष सुमन कोटनाला, नगर आयुक्त कोटद्वार पीएल शाह, उपजिलाधिकारी कोटद्वार चतर सिंह चौहान, जिला पर्यटन विकास अधिकारी खुशाल सिंह नेगी, जिला अध्यक्ष भाजपा राज गौरव नौटियाल, पूर्व जिलाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह रावत सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, बर्ड वॉचर तथा आम नागरिक उपस्थित रहे।

सुरंग में फंसे मजदूरों की सूचना पर सीएम ने ली जानकारी

चमोली जनपद के पीपलकोटी स्थित निर्माणाधीन टीएचडीसी विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की टीबीएम साइट पर मंगलवार को शिफ्ट परिवर्तन के दौरान सुरंग के भीतर मजदूरों को लाने-ले जाने वाली दो लोको ट्रेनों की आपस में टक्कर हो गई, घटना के समय 109 श्रमिक सुरंग के भीतर मौजूद थे।

घटना की जानकारी प्राप्त होते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिलाधिकारी चमोली से दूरभाष पर वार्ता कर घटना की पूरी जानकारी ली और सभी घायलों को बेहतर चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराने और आवश्यकतानुसार उच्च चिकित्सालयों में रेफर करने के निर्देश दिए।

हादसे की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी चमोली गौरव कुमार एवं पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार तत्काल जिला अस्पताल गोपेश्वर पहुंचे तथा वहां भर्ती घायलों से मिलकर उनका कुशलक्षेम जाना और चिकित्सकों को घायलों के समुचित एवं बेहतर उपचार के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी चमोली गौरव कुमार ने जानकारी दी कि 70 श्रमिकों को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय गोपेश्वर लाया गया, जिसमें से 66 का प्राथमिक उपचार कर उन्हें घर भेज दिया गया है 04 श्रमिकों को जिला चिकित्सालय में एडमिट किया गया है। पीपलकोटी विवेकानंद चिकित्सालय में 18 श्रमिकों का प्राथमिक उपचार कर घर भेज दिया गया है। 21 श्रमिकों को को कोई चोट नहीं लगी है, वे घटना स्थल से ही घर चले गए थे।

सीएम धामी ने सिंगटाली पुल के लिए 57 करोड़ रुपए की स्वीकृत दी

गढ़वाल और कुमांऊ को जोड़ने वाले बहुप्रतीक्षित सिंगटाली पुल के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 57 करोड़ की वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। इससे पुल निर्माण जल्द प्रारंभ होने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी पूर्व की घोषणा के क्रम में पौड़ी जिले की यमकेश्वर विधानसभा में प्रस्तावित इस पुल के लिए अहम वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। मंगलवार को शासन द्वारा प्रमुख अभियंता लोनिवि को इस बारे में विधिवत आदेश जारी कर दिए गए हैं। कौडियाला- व्यासघाट मोटर मार्ग के किमी 01 में गंगानदी पर प्रस्तावित सिंगटाली पुल की कुल लंबाई 150 मीटर है, इस पर कुल लागत 57 करोड़ 5 लाख 25 हजार की लागत आनी है। मुख्यमंत्री के विशेष निर्देश पर, मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित व्यय दृ वित्त समिति पहले ही इस प्रस्ताव को हरी झंडी दे चुकी है। इस तरह इस बहुप्रतीक्षित पुल के निर्माण की सभी बाधाएं अब दूर हो चुकी है, जिससे शीघ्र पुल निर्माण प्रारंभ हो सकेगा।

सिंगटाली पुल की मांग जनता लंबे समय से कर रही थी। इस पुल के निर्माण से गढ़वाल- कुमांऊ के मध्य सड़क सम्पर्क और मजबूत हो सकेगा। अब तेजी से निमार्ण कार्य प्रारंभ करते हुए, तय समय में इसे पूरा किया जाएगा।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड।

कुमाऊं में हाई अल्टीट्यूड अल्ट्रा मैराथन गुंजी से आदि कैलाश और गढ़वाल में नीति माणा से लेकर मलारी तक होगी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उच्चस्तरीय बैठक के दौरान अधिकारियों को पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हाई अल्टीट्यूड अल्ट्रा मैराथन की शुरुआत करने के निर्देश दिए। कुमाऊं क्षेत्र में यह मैराथन गुंजी से आदि कैलाश और गढ़वाल में नीति माणा से लेकर मलारी तक आयोजित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस आयोजन को वार्षिक पर्यटन कैलेंडर में शामिल किया जाए और हर वर्ष निर्धारित तिथि पर इसका नियमित आयोजन सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आपदा प्रबंधन तंत्र को अधिक सशक्त बनाने के साथ ही तय समय पर प्रभावितों को सहायता राशि उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए। सीमांत एवं पर्वतीय क्षेत्रों में फसलों की सुरक्षा के लिए घेरबाड़/सोलर फेंसिंग के संबंध में विस्तृत योजना बनाने के निर्देश दिए।

बैठक में प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली और अपर सचिव बंशीधर तिवारी उपस्थित थे।

हेलीकॉप्टर दुर्घटना में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाईः सीएम

सोमवार तक चार धाम के लिए हेली सेवा पूर्ण रूप से बंद रहेगी। चार धाम में लगे सभी हेली ऑपरेटरों एवं पायलटों के उच्च हिमालय क्षेत्रों में उड़ान अनुभवों की जांच होगी एवं सभी हेली ऑपरेटरों के साथ बैठक के बाद ही पुनः हेली सेवा को सुचारु किया जाएगा। राज्य में अब हेली उड़ानों के बेहतर समन्वय और सुरक्षित संचालन के लिए देहरादून में एक कॉमन “कमांड एवं कोऑर्डिनेशन सेंटर“ की स्थापना की जाएगी, जिसमें डीजीसीए, आपदा विभाग, सिविल एविएशन, यूकाडा, हेली आपरेटर कम्पनी के अधिकारियों की तैनाती होगी। यह निर्देश मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में हुई बैठक के दौरान दिए।

मुख्यमंत्री ने सचिव गृह उत्तराखंड की अध्यक्षता में एक समिति गठित किए जाने के निर्देश दिए। जिसमें डीजीसीए, यूकाडा, नागरिक उड्डयन विभाग भारत सरकार, ATC के प्रतिनिधि सदस्य के रूप में रहेंगे। यह समिति जन सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मानक प्रचालन नियमावली का प्रारूप बनाएगी। समिति अपनी रिपोर्ट सितंबर माह से पूर्व प्रस्तुत करेगी। मुख्यमंत्री ने आगामी समय के लिए प्रदेश में हेली सेवाओं के संचालन के लिए सख्त एडमिनिस्ट्रेटिव एंड टेक्निकल एसओपी (administrative and technical Standard Operating Procedure) तैयार किए जाने के निर्देश भी दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने रुद्रप्रयाग में दुर्घटनाग्रस्त हेलीकॉप्टर के संबंध में उच्च स्तरीय जांच के भी आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा जिस भी स्तर पर लापरवाही बरती गई है, उन्हें चिन्हित कर उनके विरुद्ध दंडात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा आम जन के जीवन की रक्षा करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। किसी भी कीमत में जिंदगियों के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हीं पायलटों को अनुमति दी जाएगी जिनका उच्च हिमालय क्षेत्रों में हेली उड़ाने का दीर्घकालीन अनुभव होगा। उन्होंने कहा डीजीसीए द्वारा निर्धारित गाइडलाइन को और सख्त बनाया जाए, जिसका अनुपालन शत प्रतिशत किया जाए। मुख्यमंत्री ने हिमालय क्षेत्रों में अधिक संख्या में मौसम पूर्वानुमान के अत्याधुनिक उपकरण लगाने के भी निर्देश दिए, जिससे मौसम की और सटीक जानकारी प्राप्त की जा सके। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन रुद्रप्रयाग को दुर्घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों से संपर्क कर उनके पार्थिव शरीर को संबंधित राज्यों में भेजने की समुचित व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए।

इस अवसर पर वर्चुअल माध्यम से मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, सचिव नागरिक उड्डयन समीर कुमार सिन्हा, डीजीसीए (DGCA) के महानिदेशक फैज अहमद किदवई, सचिव शैलेश बगोली, सचिव सचिन कुर्वे, सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन, सीईओ युकाडा सोनिका, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) के अधिकारी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

एक्सिस बैंक की नई शाखाओं के खुलने से सीमांत क्षेत्रों में आधुनिक बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार होगाः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए गुप्तकाशी एवं ज्योर्तिमठ में एक्सिस बैंक की नई शाखाओं का वर्चुअल शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री ने गुप्तकाशी एवं ज्योर्तिमठ में एक्सिस बैंक की नई शाखाओं के शुभारंभ पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि इससे सीमांत क्षेत्रों में आधुनिक बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार होगा। यह कदम वित्तीय समावेशन के साथ क्षेत्रीय विकास को गति प्रदान करेगा। गुप्तकाशी और ज्योर्तिमठ दोनों ही चार धाम यात्रा के महत्वपूर्ण पड़ाव हैं। इन स्थानों पर बैंक की शाखाएं खुलने से स्थानीय लोगों के साथ श्रद्धालुओं को भी सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा राज्य सरकार, प्रदेश में सभी बैंकों के आवश्यक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए हर संभव मदद करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ज्योर्तिमठ में भारत सरकार के सहयोग से 1700 करोड़ से भी अधिक की लागत से पुर्नावास की योजना का काम गतिमान है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत, विकसित भारत के संकल्प को लेकर आगे बढ़ रहा है। यह संकल्प तभी पूरा होगा, जब अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को विकास की मुख्य धारा से जोड़ जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जन धन योजना, मुद्रा योजना, जैसी अनेक योजनाएं से देश के प्रत्येक नागरिक को बैंकिंग सेवा से जोड़ने का काम किया है। देश में 55 करोड़ से अधिक जनधन खाते खोले गए हैं। अब इन खातों के माध्यम से किसी भी योजना के लाभार्थियों का पैसा सीधे उनके खातों में पहुंच रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार वित्तीय समावेशन को सशक्त करने के लिए कार्य कर रही है। वित्तीय अनुशासन बनाने में देवभूमि उत्तराखंड दूसरे स्थान पर आया है। नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास लक्ष्यों की सूची में हमारे प्रदेश का प्रथम स्थान आया है। राज्य सरकार का प्रयास है बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और बीमा जैसी सेवाओं हर नागरिक तक पहुंचे। राज्य सरकार ई गवर्नेंस, मोबाइल एप, डिजिटल सेवाओं को गांव गांव तक पहुंचा रही है। जिससे लोगों का जीवन आसान हो रहा है।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, विधायक बंशीधर भगत, डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, आशा नौटियाल, एक्सिस बैंक के प्रबंध निदेशक अमिताभ चौधरी, अपर सचिव मनमोहन मैनाली मौजूद थे।

उत्तरकाशी के पुरोलावासियों को मिली 210 करोड़ रूपये की विकास योजनाओं की सौगात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरकाशी के पुरोला में आयोजित कार्यक्रम में लगभग 210 करोड़ की विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। जिसमें 35 योजनाओं का लोकार्पण तथा 20 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पुरोला स्थित खेल मैदान के उच्चीकरण, मोरी के देवरा गांव में कर्ण महाराज मंदिर के सौंदर्यीकरण, नौगांव में रुद्रेश्वर महादेव मंदिर का सौंदर्यीकरण, नौगांव सामुदायिक स्वास्थ केंद्र का विस्तारीकरण, पुरोला – नौगांव मोटर मार्ग डूकाणा रोड होते हुए मोरी बैंड तक बाईपास का निर्माण एवं मोरी के पट्टी गडूगाड़ के देवजानी ओरा से केदारकांठा तक पर्यटक क्षेत्र के घोषित किए जाने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा लोकार्पण एवं शिलान्यास की गई योजनाओं से उत्तरकाशी जनपद के पुरोला और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। ये योजनाएं क्षेत्र के सर्वांगीण विकास और नागरिकों के जीवनस्तर में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इन विकास योजनाओं से क्षेत्र में आर्थिक विकास को बल मिलेगा तथा कनेक्टिविटी और रोजगार के बेहतर अवसरों की उपलब्धता में भी ये सहायक होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा राज्य सरकार विकल्प रहित संकल्प के साथ हर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत पूर्व में की गई घोषणाओं को पूरा कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ग्यारह वर्ष का कालखंड सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण को समर्पित रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि जिन योजनाओं का शिलान्यास हो रहा है। उन योजनाओं को प्राथमिकता से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा राज्य सरकार द्वारा अपराधी मानसिकताओ के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जा रही है। राज्य में सख्त भू कानून लागू किया गया है। साथ ही देश में सर्वप्रथम समान नागरिक संहिता लागू करने वाला उत्तराखंड, पहला प्रदेश बन गया है। उन्होंने कहा राज्य सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुरोला क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य पेयजल, सड़क के क्षेत्र में जो विकास कार्य हुए है, वो क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होंगे जिससे इस क्षेत्र का समेकित विकास होगा। उन्होंने कहा इस क्षेत्र में पर्यटन और बागवानी के क्षेत्र में अपार संभावनाए हैं।

पुरोला विधायक दुर्गेश्वर लाल ने पूरे क्षेत्र की ओर से मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया। उन्होंने रंवाई क्षेत्र में अस्पताल के भूमि पूजन और मोरी जखोल मोटर मार्ग के निर्माण की स्वीकृति प्रदान किए जाने पर मुख्यमंत्री का धन्यवाद अर्पित किया। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री के नेतृत्व में जीरो टॉलरेंस, यूसीसी और सिल्क्यारा सुरंग रेस्क्यू जैसे ऐतिहासिक कार्य किए हैं।

इस अवसर पर विधायक गंगोत्री सुरेश चौहान, पूर्व विधायक माल चंद, भाजपा जिलाध्यक्ष नागेंद्र चौहान, राज्य मंत्री प्रताप सिंह पंवार, रामसुंदर नौटियाल, जगत सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष पुरोला बिहारी लाल शाह ,जिलाधिकारी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट, पुलिस अधीक्षक सरिता डोभाल, एवं अन्य लोग मौजूद थे।

शहीद भवानी दत्त जोशी की स्मृति में आयोजित मेला राजकीय मेले के रूप में मनेगाः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने थराली के चेपड़ों गांव में अशोक चक्र विजेता शहीद भवानी दत्त जोशी की स्मृति में आयोजित शौर्य महोत्सव में प्रतिभाग किया। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उन्होंने पौधारोपण भी किया।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि शहीद भवानी दत्त जोशी की स्मृति में आयोजित शौर्य मेले को राजकीय मेले के रूप में मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि शहीद स्मारक के सौंदर्यीकरण के लिए धनराशि भी उपलब्ध कराई जाएगी।

मुख्यमंत्री ने शहीद भवानी दत्त जोशी को नमन करते हुए कहा कि उन्होंने ऑपरेशन ब्लू स्टार में अपना सर्वाेच्च बलिदान दिया। भारत सरकार ने उन्हें मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित किया। यह हम सबके लिए गर्व का विषय है कि हमें उनके सम्मान में आयोजित मेले में शामिल होने का अवसर मिला।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सेना का मनोबल लगातार ऊंचा हुआ है। उन्होंने हाल ही में आतंकवादियों के खिलाफ चले ऑपरेशन ‘सिंदूर’ का उल्लेख करते हुए कहा कि अब जो भी गोली आतंकियों की तरफ से चलेगी, उसका जवाब गोलों से दिया जाएगा।

थराली विधानसभा क्षेत्र में निर्माणाधीन पुल गिरने की घटना पर नाराजगी जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह घोर लापरवाही है। इसके लिए तीन इंजीनियरों को तत्काल सस्पेंड किया गया है ।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने शहीद सतीश चंद्र के पिता महेशानंद, शहीद कृपा सिंह की पत्नी विमला देवी, शहीद हिम्मत सिंह के भाई अभय सिंह नेगी और सरोजनी कोटड़ी को सम्मानित किया।

विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने कहा कि प्रदेश में सिर्फ इन्फ्रास्ट्रक्चर ही नहीं, नीतियों में भी बदलाव हो रहे हैं। फिर चाहे वह समान नागरिक संहिता (नबब) हो, नकल विरोधी कानून हो या महिलाओं के सशक्तिकरण के प्रयास।

इस अवसर पर राज्य मंत्री बलवीर घुनियाल, हरक सिंह नेगी, मेला अध्यक्ष बीरू जोशी, ले. कर्नल हरीश जोशी, विधायक भूपाल राम टमटा, जिलाधिकारी संदीप तिवारी, पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार, सीडीओ अभिषेक त्रिपाठी, एसडीएम पंकज भट्ट सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री के निर्देश, थराली में निर्माणाधीन पुल के क्षतिग्रस्त होने पर तीन अभियंताओं को किया निलंबित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर जनपद चमोली के थराली में निर्माणाधीन पुल के क्षतिग्रस्त होने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए लोक निर्माण विभाग के 3 अभियंताओं को निलंबित कर दिया गया है। इस प्रकरण पर सचिव लोक निर्माण विभाग पंकज कुमार पांडे द्वारा थराली में क्षतिग्रस्त हुए पुल प्रकरण पर लोक निर्माण विभाग के तीन इंजीनियर को सस्पेंड कर दिया गया है।

प्रदेश में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में पारदर्शी और जवाबदेह शासन की दिशा में ठोस और निर्णायक कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश है कि राज्य को भ्रष्टाचार मुक्त बनाया जाए और प्रशासन में जवाबदेही सुनिश्चित की जाये। हाल के महीनों में सरकार ने यह दिखा भी दिया है कि भ्रष्टाचार के साथ ही अपने कर्तव्यों में लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही किये जाने पर किसी भी प्रकार की ढील नहीं दी जायेगी।

प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी स्वयं अपने कर्तव्य और उत्तरदायित्वों के प्रति जिम्मेदारी की भावना से कार्य करे। ईमानदारी और पूरी निष्ठा के साथ कार्य करें। उत्तराखंड को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करना ही सरकार का लक्ष्य है। यदि कोई अधिकारी-कर्मचारी अपने दायित्वों और कर्तव्यों के प्रति लापरवाही करता है, जनहित के कार्यों के प्रति लापरवाही करता है या भ्रष्टाचार में लिप्त पाया जाता है तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे लापरवाह कर्मचारियों और अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने किया तीन दिवसीय पहले गजा घण्टाकर्ण महोत्सव का शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अटल उत्कृष्ट रा.इ.का. गजा, टिहरी में आयोजित ‘प्रथम‘ गजा घण्टाकर्ण महोत्सव-2025 का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने गजा स्थित घण्टाकर्ण मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की तथा राज्य आंदोलनकारी शहीद बेलमती चौहान की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ सभी को महोत्सव की बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे महोत्सव समृद्ध संस्कृति और परम्परा को आगे बढ़ाने में अद्वितीय सहयोग देते हैं। गजा घण्टाकर्ण मंदिर पौराणिक मंदिरों में से एक है। बद्रीनाथ की परिक्रमा के बाद दूसरी परिक्रमा यहां पर की जाती है। पर्यटन की दृष्टि से यह अत्यन्त महत्वपूर्ण स्थल है, जहां से हरिद्वार और हिमालय के दर्शन होते हैं। उन्होंने कहा कि महोत्सव के आयोजन से यहां पर विकास की एक नई नींव पड़ रही है, जो ऐतिहासिक समृद्ध संस्कृति को आगे बढ़ाने का सराहनीय प्रयास है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का वर्ष 2047 तक विकसित भारत संकल्प का लक्ष्य तभी पूरा होगा, जब गांव, पंचायत, क्षेत्र, जनपद और उत्तराखण्ड विकसित होगा। राज्य सरकार विकल्प रहित संकल्प के लिए प्रयासरत है और उत्तराखण्ड को हिन्दुस्तान का सबसे श्रेष्ठ राज्य बनने से कोई नहीं रोक सकता है। भारत की अर्थव्यवस्था 11वें से चौथे स्थान पर आ गई और 2027 तक तीसरी अर्थव्यवस्था के रूप में उभर कर आएगी तथा भारत विश्वगुरू और नेतृत्व वाला देश बनेगा। आज प्रधानमंत्री मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत की संस्कृति एवं विरासत अमृत काल में है। इस दौरान अयोध्या में भगवान राम का भव्य और दिव्य मंदिर से लेकर उज्जैन में महाकाल मंदिर, उत्तराखण्ड में बद्रीनाथ का मास्टर प्लान, केदारनाथ में पुर्ननिर्माण के कार्य, ऑल वेदर रोड़ के साथ ही सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि, उद्यान, ऊर्जा, सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने, अवस्थापना आदि अनेकों कार्य हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गजा में लगभग 30 करोड़ की लागत से पॉलीटेक्निक, 24 करोड़ की लागत से हेंवलघाटी पम्पिंग पेयजल योजना का कार्य, नगर पंचायत कार्यालय, गौशाला, विश्राम गृह का कार्य किया गया है। स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने हेतु वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट, हॉउस ऑफ हिमालय ब्रांड के उत्पादों का निर्माण किया जा रहा है। कौशल विकास में निपुण स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी बहनों के द्वारा तैयार किये गये शानदार उत्पाद विदेशी कम्पनियों को भी पीछे छोड़ रहे हैं। फार्म मशीनरी, एप्पल मिशन, नई पर्यटन नीति, नई फिल्म नीति, सौर स्वरोजगार, पर्यटन, कृषि आदि अनेकों क्षेत्रों में सम्भावना के द्वार खुल रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखण्ड़ अग्रणी राज्य बनने की ओर उन्मुख है। राज्य सरकार ने कई ऐतिहासिक निर्णय लिये हैं, इनमें समान नागरिक संहिता (यूसीसी) कानून, नकल विरोधी कानून, धर्मान्तरण कानून, सख्त भू-कानून आदि शामिल हैं। भ्रष्टाचार के खात्मे के लिए जीरो टॉलरेंस पर काम किया। नकल विरोधी कानून लाकर 100 से अधिक नकल माफियाओं को जेल भेजा है। लगभग 23 हजार नौजवानों ने नौकरियों में सफलता प्राप्त की है।

इस अवसर पर वन, तकनीकी शिक्षा, भाषा एवं निर्वाचन मंत्री सुबोध उनियाल ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए राज्य सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री के नेतृत्व में ग्रामीण क्षेत्रों का तेजी से विकास हो रहा है।

इस मौके पर स्कूली बच्चों द्वारा स्वागत गीत, सरस्वती वंदना, लोकगीत/लोककलाओं पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं नाटक की सुन्दर प्रस्तुति तथा झांकियों का सुन्दर प्रदर्शन किया गया। जिसके लिए मुख्यमंत्री ने बच्चों के माता-पिता और आयोजकों का आभार प्रकट किया और कहा कि उत्तराखंड का पहनावा और लोक संस्कृति को भी आगे बढ़ाना है। उत्तराखंड की माताओं और बहनों ने विदेश में जाकर भी हमारी संस्कृति को संजोकर रखा है। महोत्स में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाये गये हैं, जिनके माध्यम से लोगों को जन कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया जा रहा है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा स्थानीय मेधावी बच्चों को भी सम्मानित किया गया जिनका चयन एमबीबीएस, आईआईटी, एनआईटी, भारतीय नौसेना आदि में हुआ है। मुख्यमंत्री द्वारा शहीद विक्रम सिंह नेगी के गांव की सड़क का नाम उनके नाम पर रखने की घोषणा की।

इस मौके पर जिलाध्यक्ष भाजपा उदय रावत, ब्लॉक प्रमुख प्रशासक, नरेन्द्रनगर राजेन्द्र भण्डारी, चम्बा शिवानी बिष्ट, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष चम्बा, शोभनी धनोला, नगर पंचायत अध्यक्ष गजा कुंवर सिंह चौहान, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आयुष अग्रवाल, लोक गायक प्रीतम भरतवाण सहित अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं क्षेत्रीय जनता मौजूद रहे।