ओबीसी मोर्चें के प्रबुद्धजन सम्मेलन को सीएम ने किया सम्बोधित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार में आयोजित ओबीसी मोर्चे के प्रबुद्धजन सम्मेलन को सम्बोधित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी ने अगर सच्चे मन से ओबीसी समाज के उत्थान का कार्य किया है तो वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शपथ लेने के बाद कहा था कि उनकी सरकार गरीबों व पिछड़ों को समर्पित सरकार है, अपने अद्वितीय कार्यों द्वारा उन्होंने अपने इस संकल्प को चरितार्थ किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की प्रेरेणा से हमारी सरकार भी लगातर प्रदेश की जनता की सेवा में लगी है। आज, चाहे जन धन योजना हो, आवास योजना हो, आयुष्मान भारत योजना हो, उज्जवला योजना हो, किसान सम्मान निधि हो या फिर 80 करोड़ लोगों को राशन देने का कार्य हो मोदी सरकार ने हर योजना को गरीबों और पिछड़ों को समर्पित किया है। प्रधानमंत्री मोदी की परिकल्पना है कि ओबीसी समाज राष्ट्र की मुख्यधारा में स्थापित हो। देश में इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर डिजिटल इंडिया तक विश्वस्तरीय कार्य हो रहा है और देश में निवेश लाने के लिए हाईवे, एयरपोर्ट और पोर्ट की संख्या 2014 के मुकाबले दोगुने से भी ज्यादा हो चुकी हैं। एक ओर हमारी डबल इंजन सरकार प्रदेश विकास के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि ओबीसी समाज जन कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए हमारे साथ खड़ा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार प्रधानमंत्री द्वारा देश के विकास के लिए दिए गए मंत्र “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास“ को लेकर निरंतर कार्य कर रही है। विकास में सभी की भागीदारी होना अत्यंत आवश्यक है। तथा सभी को अपनी क्षमता के अनुसार देश के विकास में योगदान करने का मौका मिले, चाहे वह पिछड़े समाज का हो, दलित समाज का हो, आदिवासी समाज का हो या सवर्ण समाज का हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1955 में कालेलकर कमीशन ने अपनी एक सिफारिश में कहा कि ओबीसी कमीशन को एक संवैधानिक मान्यता दी जाए। तब से न जाने कितनी सरकारें आई। ओबीसी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सफल प्रयासों से ही न्याय मिला।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने अंत्योदय का नारा दिया है तथा अंत्योदय भाव से गरीबों के कल्याण का कार्य कर रही है। प्रदेश सरकार ने 1.76 लाख अन्त्योदय कार्डधारको को तीन सिलेंडर मुफ्त देकर अपने संकल्प को पूरा किया है। मुख्यमंत्री ने ओबीसी समाज के सभी प्रतिनिधियों से अपील की कि वे केंद्र व प्रदेश सरकार के अच्छे कार्यों की जानकारी जनता को देने का भी कार्य करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की जनता से किये गये अपने वायदो के अनुरूप प्रदेश में बिना किसी तुष्टिकरण के सबका साथ सबका विश्वास और सबके प्रयास की भावना को साकार करने तथा धर्म, संस्कृति, आध्यात्म, शौय एवं सामरिक महत्व वाले गंगा के प्रदेश, देवभूमि उत्तराखण्ड के सभी संप्रदायों के हित में समान नागरिक संहिता कानून बनाये जाने के लिये कृत संकल्पित है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के कई क्षेत्रों में घटित हो रही धर्मांतरण की घटनाओं को प्रभावी ढंग से रोकने के लिये प्रदेश में सख्त धर्मांतरण कानून बनाया है। हमारे शांत प्रदेश में इस प्रकार की जबरन धर्मांतरण की घटनायें घटित न हों इसके लिये यह कानून लाया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर संवेदनशील है। उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के स्तर पर भर्ती परीक्षाओं में जिन लोगों ने भी नकल कराई है, उनके खिलाफ कड़ा एक्शन तत्काल लिया गया है साथ ही प्रदेश में वर्ष 2014 व 15 से भर्ती घोटाले चल रहे थे। हमेशा जांच की बात होती थी लेकिन जांच नहीं होती थी। हमने युवाओं के हित में भर्ती घोटालों की प्रारंभिक जांच कराने का दूरदर्शी निर्णय लिया। इसमें अबतक 60 लोगों को जेल भेजा जा चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा उद्देश्य है कि प्रदेश में निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से भर्ती परीक्षाएं आयोजित की जाए। इसी उद्देश्य से उत्तराखण्ड में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून बनाया गया है। इतना सख्त कानून बनाने का उद्देश्य है कि राज्य के युवाओं का भविष्य उज्ज्वल रहे। युवाओं को अपनी मेरिट के आधार पर नौकरी मिलें। देश में इतना सख्त कानून किसी भी अन्य राज्य में नही है। अब जो कोई भी भर्ती परीक्षा में गड़बड़ करेगा, उसे उम्र कैद और 10 साल की सजा दी जाएगी। साथ ही संपत्ति भी जब्त कर ली जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम उत्तराखंड को सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए अपने विकल्प रहित संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं और इस संकल्प को पूरा करने के लिए हमें आप सबके साथ की जरूरत है।

इस अवसर पर सांसद एवं ओबीसी मोर्चे के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. के0लक्ष्मण, केन्द्रीय मंत्री बी.एल वर्मा, सांसद व पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, सांसद कल्पना सैनी, ओबीसी मोर्चे के प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश गिरी सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

सीएम ने की बास्केटबॉल टूर्नामेंट के समापन पर शिरकत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रेमनगर आश्रम में डिस्ट्रिक्ट बास्केटबॉल एसोसिएशन हरिद्वार द्वारा आयोजित अखिल भारतीय बास्केटबॉल इन्विटेशन टूर्नामेंट के समापन अवसर पर प्रतिभाग कर पुरस्कार वितरित किये। उन्होंने इस मौके पर रानीपुर विधायक आदेश चौहान के अनुरोध पर हरिद्वार में जगह चिह्नित कर एक अन्तर्राष्ट्रीय स्तर का बास्केटबॉल कोर्ट बनाने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देश के विभिन्न राज्यों से आये बास्केट बाल खिलाड़ियों का स्वागत करते हुये कहा कि इस तरह की प्रतियोगिता उत्तराखण्ड में पहली बार आयोजित होना अच्छी पहल है। उन्होंने कहा कि भविष्य में इससे भी बड़ी प्रतियोगिता यहां आयोजित की जाय।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि खेल हमारे चहुंमुखी विकास के लिये बहुत जरूरी हैं तथा समूह में टीम भावना से कैसे काम करना है, इसकी प्रेरणा हमें खेलों से ही मिलती है। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हर क्षेत्र में विकास कर रहा है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन से खेलों में योग्यता, प्रतिभा, क्षमता तथा पारदर्शिता का पूरा ध्यान रखते हुये खिलाड़ियों का चयन किया जाता है, जिससे भारत का झण्डा विश्व में बुलन्द हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने खेल कोटा पुनः लागू करने का निर्णय लिया है तथा हमारे खिलाड़ी खेल के क्षेत्र में विश्व पटल पर भारत का नाम रोशन कर रहे हैं एवं भारत हर क्षेत्र में विश्व गुरू बनने को तैयार है। उन्होंने कहा कि पहले कहावत थी कि खेलोगे, कूदोगे होओगे खराब, लेकिन अब हजारों बच्चे खेल के क्षेत्र में भी अपना कैरियर बना रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दिशा निर्देशन में हमारी सरकार उत्तराखंड को “सर्वश्रेष्ठ उत्तराखण्ड“ बनाने हेतु प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। “सर्वश्रेष्ठ उत्तराखण्ड“ के निर्माण के लिए युवाओं का सशक्तिकरण जरूरी है इसके लिये हमारी सरकार पूर्ण रूपेण संवेदनशील है। हमारी सरकार युवाओं को बेहतर शिक्षा और बेहतर खेल सुविधायें दोनों प्रदान करने के लिए कृत संकल्पित है। हमने नई खेल नीति बनाकर अपने युवा खिलाड़ियों का ध्यान रखने का कार्य किया है। नई खेल नीति में राज्य के युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए उचित आर्थिक प्रोत्साहन का प्रावधान भी सुनिश्चित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया, खिलाड़ियों के साथ बास्केटबॉल भी खेला तथा अखिल भारतीय बास्केट बाल इन्वीटेशन टूर्नामेंट में जिन आठ टीमों-ओएनजीसी, रेड आर्मी, कोलकत्ता टीम, इण्डियन एयर फोर्स, ग्रीन आर्मी, दिल्ली, चण्डीगढ, पंजाब पुलिस ने भाग लिया था, उनमें से रेड आर्मी तथा इण्डियन एयर फोर्स, जिनका मुकाबल फाइनल में हुआ था, उनका रोमांचक मैच भी मुख्यमंत्री ने देखा, जिसमें रेड आर्मी ने विजय हासिल की तथा इण्डियन एयर फोर्स रनर अप रही, जिसमें विजेता टीम रेड आर्मी को एक लाख रूपये तथा रनर अप टीम इण्डियन एयर फोर्स को 51 हजार का प्रतीकात्मक चेक तथा ट्राफी मुख्यमंत्री ने पुरस्कार के रूप में प्रदान की। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने विभिन्न खेलों में उत्तराखण्ड का प्रतिनिधित्व करने वाले कई बास्केट बाल खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया।

कार्यक्रम को हरिद्वार विधायक मदन कौशिक तथा रानीपुर विधायक आदेश चौहान ने भी सम्बोधित किया।
इस अवसर पर हरिद्वार विधायक मदन कौशिक, रूड़की विधायक प्रदीप बत्रा, पूर्व कैबिनेट मंत्री यतीश्वरानन्द, भाजपा जिला अध्यक्ष हरिद्वार संदीप गोयल, जिला भाजपा अध्यक्ष रूड़की शोभाराम प्रजापति, जिलाधिकारी विनय शंकर पाण्डेय, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह सहित उदीयमान खिलाड़ी तथा खेल प्रेमी उपस्थित थे।

सुब्रमण्यम स्वामी कल हरिद्वार में करेंगे प्रेसवार्ता

पूर्व कानून मंत्री व बीजेपी के पूर्व सांसद सुब्रमण्यम स्वामी 26 और 27 फरवरी को हरिद्वार प्रवास पर रहेंगे। इस दौरान स्वामी विधानसभा के बर्खास्त कर्मचारियों के पक्ष में प्रेस को संबोधित भी करेंगे।
बता दें कि विगत दिनों उत्तराखंड के मुख्यमंत्री को लिखे पत्र के अनुसार अपनी बेबाकी के लिए मशहूर पूर्व सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने विधानसभा कर्मियों के निष्कासन को पूरी तरह से गलत बताया और सरकार को सर्वदलीय बैठक बुलाकर या किसी अन्य स्तर से जो भी सम्भव हो, कर्मचारियों के पक्ष में न्याय संगत कार्यवाही करने का सुझाव दिया था। उन्होंने पत्र में कहा था कि एक ही राज्य में एक ही तरह से लगे कर्मचारियों के साथ अलग अलग भेदभाव किया जाना ठीक नही है। सुब्रमण्यम स्वामी ने पिछले दिनों विधानसभा के बर्खास्त कर्मचारियों के पक्ष में उत्तराखंड सरकार को पत्र लिखकर नई हलचल पैदा कर दी थी।
बता दें कि सुब्रमण्यम स्वामी का हरिद्वार भ्रमण का दो दिवसीय प्रोटोकॉल भी जारी हो चुका है। गौरतलब है कि सुब्रमण्यम को जेड कैटेगरी की सुरक्षा प्राप्त है। प्रशासन ने उनके आगमन को लेकर व्यवस्थाएं चाक-चौबंद की है। उनके प्रोटोकॉल के अनुसार 26 तारीख को वह 8 बजे दिल्ली से सड़क मार्ग से चलेंगे। उसके बाद हरिद्वार में पहुंचकर राज्य अतिथि आवास, डामकोठी में 2.30 बजे से 3.30 बजे तक पत्रकार वार्ता के दौरान प्रेस को संबोधित करेंगे। सुब्रमण्यम स्वामी हरिद्वार में गंगा आरती सहित अन्य कार्यक्रमों में भी प्रतिभाग करेंगे।

आयोग ने कहा-अफवाह का हिस्सा ना बनें, नही तो नए अध्यादेश के तहत होगी कार्रवाई

राजस्व उप निरीक्षक परीक्षा 2022 की लिखित परीक्षा दिनांक 12 फरवरी, 2023 (रविवार) को पूर्वाह्न 11 बजे से अपराह्न 01 बजे तक राज्य के 13 जनपदों में कुल 498 परीक्षा केन्द्रों पर सकुशल आयोजित की गयी। उक्त परीक्षा में कुल आवेदित अभ्यर्थियों 1,58,210 के सापेक्ष 1,03,730 अभ्यर्थी उपस्थित हुए। उक्त उपस्थिति 65.60 प्रतिशत रही।
कतिपय अभ्यर्थियों द्वारा प्रश्नपत्र की पेपर सील की गोपनीयता के सम्बन्ध में व्यक्त संदेह और भ्रांतियों के सम्बन्ध में अवगत कराना है कि प्रश्नपत्र प्रेस द्वारा बॉक्सों शील्ड किया जाता है। उक्त बॉक्सों के अंतर्गत लिफाफों में (पाली बैग्स) प्रश्न पत्र शील्ड होते हैं। गोपनीय सामग्री के प्रेस से आयोग में उपलब्ध होने व आयोग से जनपदों को उपलब्ध कराये जाने तथा परीक्षा तिथि को कोषागार से सेक्टर मजिस्ट्रेट के माध्यम से परीक्षा केन्द्रों को उपलब्ध कराते समय अर्थात प्रत्येक स्तर पर वीडियोग्राफी की जाती है। उक्त गोपनीय सामग्री वाले बॉक्स प्रधानाचार्य व केन्द्र प्रभारी के कक्ष में कक्ष निरीक्षक की उपस्थिति में खोले जाते हैं, जिसकी वीडियोग्राफी की जाती है। प्रत्येक प्रश्नपत्र पर पेपर शील लगी होती है, जिसकी कभी-कभी यातायात के दौरान टूटने की संभावना हो सकती है। उक्त प्रश्नपुस्तिका की पेपर शील को कक्ष निरीक्षक के निर्देश पर अभ्यर्थियों द्वारा खोला जाता है ताकि सभी अभ्यर्थियों को समान अवसर व समय मिल सके। अतः प्रश्नपत्र की गोपनीयता संरक्षित है तथा कतिपय अभ्यर्थियों द्वारा व्यक्त संदेह निर्मूल है। कतिपय लोगों द्वारा इस विषय मे भ्रामक खबरें फैलाई जा रही है, जिनके विरुद्ध नए नकल विरोधी अध्यादेश के सुसंगत प्राविधानो के तहत कार्यवाही की जाएगी।

आयोग के अध्यक्ष ने कहा-परीक्षार्थियों के हितों का पूरा ध्यान रखा जा रहा

उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष डॉ0 राकेश कुमार द्वारा अवगत कराया गया है कि अभ्यर्थियों के भविष्य एवं हितों को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2023 के दौरान आयोग द्वारा लगभग 32 परीक्षाओं का आयोजन कराया जाना प्रस्तावित किया गया है। जिसके दृष्टिगत ही राजस्व उप निरीक्षक (पटवारी व लेखपाल) परीक्षा-2022 अपनी निर्धारित तिथि 12 फरवरी, 2023 को राज्य भर के विभिन्न परीक्षा केन्द्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच आयोजित की जाएगी।
कतिपय लोगों द्वारा विभिन्न मंचों एवं विशेष तौर पर मीडिया के माध्यम से दिनांक 08 जनवरी, 2023 को आयोजित इस पटवारी व लेखपाल परीक्षा के परीक्षा के पेपर लीक प्रकरण का उल्लेख करते हुए आगामी परीक्षाओं के बारे में अनेक शंकाएं व्यक्त की जा रही हैं। इस बारे में स्पष्ट करना है कि जैसे ही पुलिस विभाग से इस बारे में आयोग को पुष्ट सूचना दी गई, आयोग द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए दिनांक 08 जनवरी, 2023 को आयोजित पटवारी व लेखपाल परीक्षा-2022 को निरस्त किया गया तथा अभ्यर्थियों की सुविधार्थ लगभग एक माह का समय देते हुए एवं उनकी परीक्षा तैयारियों को ध्यान में रखते हुए पटवारी परीक्षा हेतु 12 फरवरी, 2023 तिथि घोषित कर दी गई थी।
साथ ही वर्ष 2022 में हुई एई व जेई परीक्षा के बारे में भी विभिन्न माध्यमों द्वारा संदेह जाहिर करने के उपरान्त एक आन्तरिक जांच के लिए आदेश दिए गए। आन्तरिक जांच में संदेह व्यक्त करने के दृष्टिगत आयोग द्वारा भी एसएसपी, हरिद्वार व एसआईटी को एई व जेई के मामले की गहन जांच एवं कठोर कार्यवाही हेतु अनुरोध किया गया था। चूँकि पेपर लीक प्रकरण में आरोपित संजीव चतुर्वेदी, जिन्हें आयोग द्वारा निलम्बित कर दिया गया है, के द्वारा पटवारी परीक्षा के अलावा वन आरक्षी परीक्षा-2022 के प्रश्नबैंक व प्रश्नपत्र निर्माण भी कराये गये थे, अतः आयोग द्वारा परीक्षा की शुचिता एवं गोपनीयता सुनिश्चित करने के दृष्टिगत नये प्रश्न-पत्रों का निर्माण कराते हुए आयोजित कराये जाने का निर्णय लिया गया। साथ ही वन आरक्षी परीक्षा एवं पीसीएस मुख्य परीक्षा हेतु पूर्व में छपे सभी प्रश्न-पत्रों एवं प्रश्न बैंक को आयोग के एक सदस्य की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय समिति की देखरेख में नियमानुसार विनष्टीकरण किया जाना सुनिश्चित किया गया।
यह भी उल्लेखनीय है कि आगामी समस्त परीक्षाओं को सम्पन्न कराने हेतु आयोग द्वारा नई टीम तैनात की गई है। साथ ही परिसर में पुलिस व ईण्टेलीजेन्स विभाग द्वारा स्थापित की गई दोहरे सुरक्षा चक्र के माध्यम से कड़ी सुरक्षा के बीच नई टीम द्वारा नये प्रश्न बैंक एवं नये प्रश्नपत्र तैयार कराये गये हैं और कराये जा रहे हैं तथा नये प्रश्न-पत्रों के अनुसार ही फरवरी से अप्रैल, 2023 के मध्य पटवारीध्लेखपाल परीक्षा-2022 को 12 फरवरी, 2023, पी0सी0एस0 मुख्य परीक्षा-2021 को दिनांक 23 से 26 फरवरी, 2023 एवं वन आरक्षी परीक्षा- 2022 को दिनांक 09 अप्रैल, 2023 को आयोजित किया जाएगा।
यह भी अवगत कराना है कि पुलिस विभाग द्वारा पटवारी परीक्षा पेपर लीक प्रकरण में गतिमान जाँच के तहत वर्तमान में आयोग को 44 संलिप्त अभ्यर्थियों एवं एई व जेई परीक्षा पेपर लीक में 12 संलिप्त अभ्यर्थियों की सूची उपलब्ध कराई गई है, जिनका मिलान व सत्यापन करते हुए यथासम्भव आज ही उक्त सूची आयोग की वेबसाईट पर अपलोड कर दी जाएगी। साथ ही इन अभ्यर्थियों को नियमानुसार नोटिस जारी करने एवं आगामी परीक्षा से प्रतिवारित किये जाने हेतु आवश्यक कार्यवाही प्रारम्भ की जा रही है।
समस्त अभ्यर्थियों को आश्वस्त किया जाता है कि आयोग उनके हितों को सदैव प्राथमिकता देता है। इसलिए वह किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचनाओं व अफवाहों पर ध्यान न देते हुए पूरे मनोयोग से आगामी परीक्षाओं की तैयारी करें।

जनेऊ संस्कार में सीएम परिवार सहित पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचे

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ज्येष्ठ पुत्र दिवाकर का आज हरिद्वार के कुशाघाट पर पूर्ण विधि-विधान व सादगी से यज्ञोपवीत संस्कार संपन्न हुआ। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अपने तीर्थ पुरोहित के पास अपनी बही वंशावली में नाम लिखवाया।

सुबह मुख्यमंत्री, धर्मपत्नी गीता धामी एवं अन्य परिवार के सदस्यों के साथ हरिद्वार के कुशाघाट पहुँचे जहां सर्वप्रथम सभी ने मां गंगा का आशीर्वाद लिया। इसके बाद तीर्थ-पुरोहित द्वारा पूर्ण विधि-विधान के साथ मुख्यमंत्री के ज्येष्ठ पुत्र दिवाकर धामी का यज्ञोपवीत संस्कार कराया गया।यज्ञोपवीत संस्कार हिन्दू धर्म के 16 संस्कारों में से एक प्रमुख संस्कार है। जनेऊ धारण करने के बाद व्यक्ति को अपने जीवन में नियमों का पालन करना पड़ता है। उसे अपनी दैनिक जीवन के कार्यों को भी जनेऊ को ध्यान में रखते हुए ही करना होता है।

आयोग ने परीक्षार्थियों को दिलाया विश्वास, नए पेपर बनेंगे

उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष डॉ० राकेश कुमार द्वारा आयोग की विशेष बैठक आहूत की गई, जिसमें समस्त सदस्यगण एवं अन्य अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया। बैठक में परीक्षाओं के सम्बन्ध में विस्तृत एवं गहन विचार-विमर्श किया गया।
आयोग की विशेष बैठक में लिये गये महत्वपूर्ण निर्णयों से अवगत कराते हुए डॉ० कुमार द्वारा अवगत कराया गया कि लेखपाल/राजस्व उप निरीक्षक परीक्षा-2022 वन आरक्षी परीक्षा-2022 एवं पी०सी०एस० मुख्य परीक्षा-2021 की शुचिता एवं गोपनीयता सुनिश्चित करने के दृष्टिगत इन परीक्षाओं को अब नये प्रश्न-पत्रों का निर्माण कराते हुए आयोजित किया जाएगा। इसके दृष्टिगत दिनांक 22 जनवरी, 2023 को आयोजित की जाने वाली वन आरक्षी परीक्षा-2022 को दिनांक 09 अप्रैल, 2023 एवं दिनांक 28 से 31 जनवरी, 2023 के दौरान होने वाली पी०सी०एस० मुख्य परीक्षा-2021 को दिनांक 23 से 26 फरवरी, 2023 को आयोजित किया जाएगा।
आयोग द्वारा जारी वार्षिक परीक्षा कलेण्डर में इस हेतु आवश्यक संशोधन करते हुए अग्रेतर कार्यवाही प्रारम्भ की जा रही है। डॉ० कुमार द्वारा अभ्यर्थियों को आश्वस्त किया गया है कि आयोग के लिए अभ्यर्थियों का हित सर्वाेपरि है। इस हेतु परीक्षाओं को निष्पक्षता एवं उत्कृष्टता के साथ एवं उनके समग्र संचालन से सम्बन्धित विभिन्न प्रक्रियाओं को निर्विघ्नतापूर्वक सम्पन्न कराने हेतु सुरक्षा के कड़े इन्तजाम किये जा रहे हैं।

डुबकी वाले बाबा को शौर्य इंजीनियरिंग कंपनी ने किया सम्मानित

हरिद्वार में डुबकी वाले बाबा इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है डुबकी वाले बाबा के नाम से वीडियो वायरल होने के बाद देश विदेश में लाखों लोगों के द्वारा देखा गया है जिसकी सराहना भी करते नज़र आ रहे है।

ठंड में श्रद्धालुओं के नाम की डुबकी लगाकर पैसे लेने की बात करते मनोज निषाद करीब 50 जरूरतमंद बच्चों के लिए ठंड में गर्म कपड़ों का इंतजाम करते हैं। उनके द्वारा बीते 31 दिसम्बर को 60 जरूरतमंद बच्चों तक गर्म जैकेट एवं गर्म टोपी पहुँचाई गयी है, यही नहीं, वह गंगा संरक्षण के लिये भी कार्य कर रहे है।

मनोज की इस भावना को देखते हुए आज सामाजिक कार्यकर्ता व शौर्य इंजीनियरिंग कम्पनी के डायरेक्टर सूर्या प्रकाश व चन्द्र प्रकाश ने गंगा प्रहरी मनोज निषाद को सम्मानित किया।

कंपनी के डायरेक्टर सूर्य प्रकाश ने कहा कि मनोज निषाद जैसे लोग जो समाज मे जमीनी स्तर पर निःस्वार्थ भाव से कार्य करते रहते है। ऐसे लोग हम सभी के लिए प्रेरणा स्त्रोत है। मनोज के सामाजिक प्रयासों की सराहना कर चन्द्र प्रकाश जी ने कहा कि मनोज ने काफी समय से हरिद्वार भूपतवाला में अस्पताल बनवाने की मांग की। जिसे आज पूरा भी किया जा रहा है।

कंपनी के द्वारा मनोज को भविष्य में उनके द्वारा किये जा रहे हर प्रयास में सम्भव सहायता प्रदान करने का आश्वस्न दिया गया।

मुख्यमंत्री ने रूड़की नगर निगम के स्वच्छता कर्मियों को वितरित किए जैकेट

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जीवनदीप आश्रम में जीवनदीप एकेडमी गुरुकुलम विद्यालय के वार्षिक उत्सव में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने बाल गुरुकुलम का उद्घाटन किया एवं श्री सिद्धाबली हनुमान कुश्ती अखाड़ा के कुश्ती पहलवानों से वार्ता कर उनका हौसला अफजाई किया। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों एवं खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले छात्रों को सम्मानित भी किया। मुख्यमंत्री ने नगर निगम के स्वच्छता कर्मियों को जैकेट वितरित की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जीवनदीप आश्रम, नन्द विहार से मुख्य मार्ग तक सड़क निर्माण कार्य किए जाने एवं जीवनदीप एकेडमी गुरुकुलम विद्यालय परिसर में हॉल बनाए जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने जीवनदीप आश्रम स्थित मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रदेश में खुशहाली कि कामना की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि गुरुकुल आकर यहां छात्र-छात्राओं से मुलाकात करने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा शिक्षक किसी भी विद्यार्थी के जीवन को प्रकाश एवं उन्नति से आलोकित करने का सर्वश्रेष्ठ माध्यम हैं। उनके मार्गदर्शन में एक विद्यार्थी “अंक से पूर्णांक“ बनता है। स्वामी यतीन्द्रानंद गिरि महाराज के मार्गदर्शन में जीवनदीप आश्रम अनेकों वर्षों से सामाजिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य कर रहा है। जिस प्रकार आश्रम द्वारा सुबह-शाम जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क भोजन कराने का कार्य किया जाता है, वह प्रेरणास्पद कार्य है, साथ ही गुरुकुलम् के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा देने का पुण्य काम भी किया जाता है। उन्होंने कहा स्वामी यतीन्द्रानंद गिरि महाराज जैसे पूज्य संत के मार्गदर्शन में जब गुरूकुलम् के विद्यार्थी जीवन के अन्य क्षेत्रों में जाएंगे तो वे निश्चित रूप से समाज को समृद्ध बनाने की दिशा में कार्य करेंगे। उन्होंने कहा हमारा देश भारत वर्ष प्राचीन काल से ही विश्व गुरू रहा है और आज का भारत प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में पुनः विश्व में अपने उसी स्थान को प्राप्त करने के लिए पूरी शक्ति के साथ हर क्षेत्र में विकास के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में देश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 लागू की गई है। यह हमारे लिए गर्व का विषय है कि राज्य में इस नीति को लागू कर दिया गया है। राज्य सरकार भी उत्तराखण्ड के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा नई शिक्षा नीति से स्कूली शिक्षा और उच्च शिक्षा दोनों को नए आयाम प्राप्त होंगे। इससे सभी वर्ग के लोगों को समानता के आधार पर शिक्षा प्राप्त करने के अवसर मिलेंगे तथा स्कूल स्तर पर युवाओं के कौशल विकास में सहायता प्राप्त होगी। नई शिक्षा नीति से शोध एवम अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में आज युवाओं के भविष्य को समृद्ध बनाने के लिए एक विशेष रोड मैप तैयार किया गया है। उस रोड मैप के अनुसार ही राज्य सरकार भी उत्तराखण्ड के युवाओं को प्रत्येक स्तर पर उनके सपने साकार करने में सहायता प्रदान करने का हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा “मुख्यमंत्री बालश्रय योजना“ के माध्यम से राज्य सरकार अनाथ बच्चों को निःशुल्क स्कूली शिक्षा प्रदान करने का काम कर रही है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आने वाले समय में रूड़की और दिल्ली की दूरी कम होगी। देहरादून से दिल्ली की दूरी महज दो घंटे में पूरी कर ली जाएगी, वही जनपद हरिद्वार में मेडिकल कॉलेज बन रहा है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत जी-20 देशों की अध्यक्षता करने जा रहा है। जी-20 देशों के साथ ही अन्य 9 देशों एवं विश्व की कई बड़ी संस्थान अगले साल भारत में आकर यहां की संभावनाओं को खोजेंगे। उन्होंने कहा जी-20 से दो दल उत्तराखंड राज्य में भी आएंगे इस दौरान यहां कई बैठकों का आयोजन किया जाएगा। जिसमे उत्तराखंड के विकास को लेकर चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वर्ष 2025 तक उत्तराखण्ड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है।

इस दौरान महामंडलेश्वर योगी यतींद्रानंद गिरी, पुरुषोत्तम अग्रवाल, विधायक प्रदीप बत्रा, भाजपा जिला अध्यक्ष शोभाराम प्रजापति, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, अतुल सिंह, राकेश बिंदल, डॉ. धर्मेद्र भारद्वाज, मेयर गौरव गोयल, पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चौंपियन एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

उत्तराखंड आंदोलन में पत्रकारों की भूमिका और अनुभव को लेकर संगोष्ठी का आयोजन

उत्तराखंड के मीडियाकर्मियों की प्रमुख संस्था नेशनलिस्ट यूनियन आफ जर्नलिस्ट द्वारा यहां आयोजित एक संगोष्ठी में पत्रकारों ने राज्य आंदोलन में मीडिया कवरेज के अनुभव और आंदोलन में उनकी भूमिका पर विचार साझा किये।
’नेशनलिस्ट यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट’ (एनयूजे उत्तराखंड) की हरिद्वार जनपद इकाई द्वारा ’राज्य आंदोलन की कहानी, कलमकारों की जुबानी’ विषय पर आयोजित संगोष्ठी में उत्तराखंड राज्य आंदोलन में अपनी लेखनी से योगदान देने वाले पत्रकार और राज्य आंदोलनकारी एक मंच पर जुटे।
अतिथियों द्वारा दीप प्रज्जवल और उनके पुष्पाभिनन्दन के साथ आरंभ हुए कार्यक्रम में
यूनियन के जिलाध्यक्ष प्रमोद कुमार पाल ने अपनी कार्यकारिणी के साथ अतिथियों का स्वागत करते हुए अतिथियों के सम्मान में स्वागत संबोधन प्रस्तुत किया।
संगोष्ठी में अपने विचार व्यक्त करते हुए राज्य आंदोलन के दौर में अमर उजाला और हिमालय दर्पण को अपनी सेवाएं दे चुके वरिष्ठ पत्रकार रतनमणि डोभाल ने नेशनलिस्ट यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स द्वारा मीडिया के माध्यम से आयोजित इस परिचर्चा को एक अच्छी शुरुआत बताते हुए कहा कि उस समय आंदोलन में जो घट रहा था हमने उस सच्चाई को देश दुनिया के सामने प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा हमने कोई अहसान नहीं किया बल्कि जनता तक वास्तविकता पहुंचाने के लिए अपने कर्तव्य का पालन किया। उन्होंने कहा कि आन्दोलन तो उत्तराखंड को विरासत में मिले हैं। इनमें आजादी का आंदोलन हो या राजशाही के विरुद्ध आंदोलन हो या सत्ता के विकेंद्रीकरण के लिए चला राज्य आंदोलन हो। डोभाल ने कहा कि राजधानी के मामले में गैरसैंण हमारे लिए गैर हो गया है क्योंकि छत्तीसगढ़ और झारखंड के मुकाबले 22 साल में सरकार उत्तराखंड को एक स्थाई राजधानी नहीं दे पाई है।
देश की प्रतिष्ठित समाचार एजेंसी पीटीआई की संवाददाता रही शशि शर्मा ने राज्य आंदोलन के दौर की पत्रकारिता में, समाचार संकलन और प्रेषण में आने वाली कठिनाईयों के साथ मसूरी गोलीकांड और हरिद्वार में चले वृहद आंदोलन का संस्मरण बयां किया। उन्होंने मसूरी में गोली चलने के बाद अपने छायाकार पति बालकृष्ण शर्मा के साथ कर्फ्यू में फंसने और भूखे प्यासे रहकर कवरेज करने का घटनाक्रम सुनाया। उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलन में मीडिया कवरेज की कठिनाइयां आज भी उनके आंखों के सामने जीवंत होकर तैरती हैं। शर्मा ने कहा कि हरिद्वार जनपद के जिस राज्य आन्दोलन को उन्होंने कवर किया, वह अभूतपूर्व और अविस्मरणीय आंदोलन रहा।
दैनिक जागरण में लंबे समय तक पत्रकारिता करने वाले वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण झा ने कहा कि हरिद्वार में मीडिया कवरेज करते हुए एक समय ऐसा भी आया कि उन्हें आंदोलनकारियों के गुस्से और आक्रोश से भी डर लगने लगा था। उन्होंने कहा आंदोलनकारियों का जो जज्बा था उसी जज्बे ने इस राज्य का निर्माण किया है। उन्होंने कहा आंदोलनकारियों ने अपना काम किया और मीडियाकर्मी के रूप में हमने अपना फर्ज निभाया। राज्य बनने के बाद जहां सरकार और शासन तक हमारी पहुंच आसान हुई है वहीं विकास भी हुआ है। उत्तर प्रदेश के समय 3 विधानसभा सीटों वाला हरिद्वार 11 सीटों तक पहुंच गया। उन्होंने कहा जिन लोगों ने राज्य निर्माण के लिए बलिदान दिया उनके सपने जरूर पूरे होने चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलन को कवर करने वाले पत्रकारों की भूमिका किसी भी आंदोलनकारी से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि असली क्रांति पैदा करने और उसका विस्तार देने में मीडियाकर्मियों की बहुत बड़ी भूमिका रही है जिसको कभी भुलाया नहीं जा सकता।बताया कि राज्य आंदोलन के दौरान हरिद्वार जनपद में 25 नामजद और 8000 अज्ञात आंदोलनकारियों के खिलाफ 14 मुकदमे दर्ज हुए थे, जिनमें से 9 कोतवाली हरिद्वार, 3 थाना गंगनहर (रूड़की) और एक मंगलौर कोतवाली में दर्ज हुआ था उन्होंने बताया कि जनपद के 11 मुकदमे शासन के आदेश पर वापिस हुए।
इस अवसर नेशनलिस्ट यूनियन आफ जर्नलिस्ट्स (एनयूजे उत्तराखंड) द्वारा राज्य आंदोलन को कवर करने वाले वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण झा, रतनमणि डोभाल, शशि शर्मा, विक्रम छाछर, ललितेन्द्र नाथ, श्रीगोपाल नारसन, दीपक नौटियाल, बालकृष्ण शर्मा आदि को राज्य आंदोलन में निष्पक्ष और उत्कृष्ट कवरेज के लिए सम्मानित किया गया। जबकि उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी संघर्ष समिति के अध्यक्ष हर्ष प्रकाश काला ने भी राज्य आंदोलनकारियों को उनकी सराहनीय भूमिका के लिए अपने संगठन की ओर से सम्मानित किया।
यूनियन के पूर्व अध्यक्ष विक्रम सिंह सिद्धू ने अगन्तुक अतिथियों को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए उनकाआभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का कुशल संचालन यूनियन के संगठन मंत्री मुकेश कुमार सूर्या ने किया।
इस मौके पर अंतरराष्ट्रीय पक्षी विज्ञानी डा. दिनेश भट्ट, जगत सिंह रावत, जसवंत सिंह बिष्ट एसपी चमोली, ख्यातसिंह रावत, घनश्याम जोशी, विजय जोशी, शांति मनोड़ी, सरिता पुरोहित, डा. शिवा अग्रवाल, सुनील पाल, बालकृष्ण शास्त्री, शैलेन्द्र सिंह, सचिन तिवारी, प्रमोद गिरी, विक्रम सिंह सिद्धू, सुदेश आर्या, नवीन पांडे, विनोद चौहान, सूर्या सिंह राणा, वीरेंद्र चड्ढा, मुकेश कुमार सूर्या, हरिनारायण जोशी, धीरेंद्र सिंह रावत, हिमांशु भट्ट, संजू पुरोहित आदि उपस्थित रहे।