जनसुनवाई में प्राप्त प्रत्येक प्रकरण का गंभीरता से संज्ञान लेकर त्वरित निस्तारण करेंः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का हल्द्वानी आगमन पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और नागरिकों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। सर्किट हाउस, हल्द्वानी पहुंचने पर आयुक्त कुमाऊँ दीपक रावत एवं पुलिस उपमहानिरीक्षक (आई.जी.) कुमाऊँ रिद्धिमा अग्रवाल ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।

मुख्यमंत्री धामी ने इसके उपरांत सर्किट हाउस के सभागार में जनता से सीधे संवाद स्थापित किया और उनकी समस्याएं, शिकायतें एवं सुझाव सुने। विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, व्यापारी संगठनों, महिला समूहों, युवाओं, किसानों एवं आम नागरिकों ने अपने-अपने क्षेत्रों की जनसमस्याओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।

जनसुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जनभावनाओं के अनुरूप कार्य कर रही है और सरकार का उद्देश्य जनता की हर समस्या का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुनवाई में प्राप्त प्रत्येक प्रकरण का गंभीरता से संज्ञान लेकर त्वरित निस्तारण करें।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि शासन की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक बिना किसी भेदभाव के पहुँचे, यह सुनिश्चित करना सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान करना ही सरकार की प्राथमिकता है। प्रशासनिक तंत्र को आम नागरिकों की सुविधा के अनुरूप और अधिक संवेदनशील एवं जवाबदेह बनना होगा।

मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्यों की गति को और तेज किया जाए, लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण किया जाए और जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप शासन की योजनाओं को धरातल पर उतारा जाए। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य पारदर्शी शासन व्यवस्था स्थापित करना है, जिसमें आमजन को प्रशासन के पास बार-बार भटकना न पड़े।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कुछ शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण करने हेतु संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश भी जारी किए। उन्होंने उपस्थित जनता से कहा कि राज्य सरकार हर नागरिक के साथ खड़ी है और शासन जनता के द्वार तक पहुँचाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है।

उन्होंने कहा कि “डबल इंजन की सरकार” का संकल्प उत्तराखण्ड को अग्रणी राज्य बनाने का है, और इसके लिए प्रत्येक स्तर पर जनसहभागिता आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि जनता से सीधा संवाद राज्य सरकार की पारदर्शी एवं संवेदनशील कार्यप्रणाली का प्रतीक है।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दरमवाल, विधायक कालाढूंगी बंशीधर भगत, विधायक लालकुआं डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, विधायक भीमताल रामसिंह कैड़ा, विधायक रामनगर दीवान सिंह बिष्ट, भाजपा जिला अध्यक्ष प्रताप बिष्ट, राज्य सरकार में विभिन्न दायित्वधारी, आयुक्त कुमाऊँ दीपक रावत, आईजी रिद्धिमा अग्रवाल, प्रभारी जिलाधिकारी अनामिका सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री धामी के आगमन से हल्द्वानी में जनसामान्य में उत्साह का वातावरण रहा। नागरिकों ने मुख्यमंत्री के जनसंपर्क कार्यक्रम को जनता के प्रति उनकी संवेदनशीलता और जनहित के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया।

सीएम धामी ने चंपावत में विभिन्न रामलीलाओं को किया वर्चुअल संबोधित, बोले चंपावत में तेजी से हो रहा विकास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज डबल इंजन सरकार की योजनाओं का लाभ चंपावत सहित पूरे प्रदेश में सीधे पहुँच रहा है। चंपावत में विभिन्न मोटर मार्गाे के निर्माण और सुदृढ़ीकरण के साथ ही जाम की समस्या हल करने के लिए मल्टीस्टोरी पार्किंग्स का निर्माण कराया जा रहा है, वहीं आईएसबीटी का निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है। जिला अस्पताल में 20 करोड़ रुपए की लागत से 50 बेड के क्रिटिकल केयर ब्लॉक के साथ ही, महिला छात्रावास व आईटी लैब का कार्य भी कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए चूका क्षेत्र को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के अंतर्गत क्षेत्र के विभिन्न मन्दिरों के पुर्ननिर्माण और सौंदर्यीकरण कार्यों के साथ ही माँ पूर्णागिरी मंदिर के लिए रोपवे का निर्माण कार्य गतिमान है। चंपावत में साहसिक पर्यटन की दृष्टि से भी असीम संभावनाएं हैं, इसके विकास के लिए भी हम कार्य कर रहे हैं। इसके अलावा शारदा कॉरिडोर बनाने की हमारी विस्तृत परियोजना पर कार्य प्रारंभ हो चुका है। हम पूर्णागिरि क्षेत्र में स्पिरिचुअल जॉन और ईको टूरिज्म विकसित करने के लिए भी प्रयासरत हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चम्पावत में विज्ञान केंद्र का निर्माण कार्य जारी है, जो नई पीढ़ी को विज्ञान और तकनीकी शिक्षा में आगे बढ़ने का अवसर देगा। साथ ही महिला प्रौ‌द्योगिकी पार्क स्थापित कर महिलाओं को रोजगार और उद्यमिता से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा श्यामलाताल झील में डेवलपमेन्ट का कार्य प्रारंभ हो चुका है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को चंपावत में विभिन्न रामलीला मंचन कार्यक्रमों को वर्चुअल सम्बोधित कर रहे थे।

सभी को शारदीय नवरात्रि की महानवमी एवं विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि रामलीला का मंचन हमारी भारतीय संस्कृति की आत्मा है, ये केवल धार्मिक कथा का मंचन नहीं है, बल्कि संपूर्ण जीवन का दर्शन है। रामलीला के प्रत्येक पात्र में एक संदेश छिपा है और प्रत्येक प्रसंग हमें बताता है कि असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की सदैव विजय होती है। जब हमारे बच्चे और युवा रामलीला देखते हैं, तो वे धर्म, त्याग, सत्य, कर्तव्य और मर्यादा जैसे सनातन मूल्यों को आत्मसात करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम का पूरा जीवन एक अद्भुत दर्शन है और यदि हम उनके आदर्शों का अनुसरण कर अपने जीवन में कुछ कदम भी बढ़ा पाएं, तो हमारा ये जीवन सार्थक हो जाएगा। पिता की आज्ञा का पालन करते हुए 14 वर्षों तक वनवास में रहकर उन्होंने बताया कि एक पुत्र का धर्म क्या होना चाहिए।भरत को गले लगाकर उन्होंने ये बताया कि एक बड़े भाई का धर्म क्या होना चाहिए। सुग्रीव और विभीषण से मित्रता निभाकर उन्होंने ये बताया कि एक मित्र का धर्म कैसा होता है। रावण से सामना होने पर भी उन्होंने ये दिखाया कि शत्रुता के बावजूद अपने धर्म का पालन किस प्रकार करना चाहिए। और जब राम राजा बने, तब भी उन्होंने ये बताया किया कि एक राजा का असली धर्म क्या होना चाहिए। इसी कारण उन्हें मर्यादा पुरुषोत्तम कहा गया और आज भी जब हम किसी आदर्श शासन की बात करते हैं, तो उसमें हमारी कल्पना राम राज्य की ही होती है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रभु श्री राम का आदर्श जीवन हमें ये सिखाता है कि जीवन में कितनी भी विपरीत परिस्थितियां क्यों न हों, हमें अपने सिद्धांतों और वचनों का पालन करना चाहिए। देवभूमि उत्तराखंड का भी प्रभु श्री राम से गहरा नाता रहा है। हमारे राज्य के अनेकों तीर्थ स्थल, पर्वत और नदियाँ रामायण कालीन घटनाओं के साक्षी हैं। रावण से युद्ध के दौरान जब लक्ष्मण जी शक्ति लगने से मूर्छित हो गए थे, तब सुषेण वैद्य के निर्देश पर हनुमान जी ने चमोली जिले के द्रोणागिरी पर्वत से संजीवनी बूटी लाकर लक्ष्मण जी का जीवन बचाया था। इसी प्रकार, ऋषिकेश स्थित विष्णु पर्वत पर भगवान राम के कुलगुरु महर्षि वशिष्ठ जी की तपस्थली आज भी विद्यमान है। हमारे राज्य के प्रत्येक गाँव और कस्बे में जो रामलीलाएँ मंचित होती हैं, वे केवल नाट्य प्रस्तुतियाँ नहीं बल्कि आस्था, संस्कार और शिक्षा के जीवंत विद्यालय हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर वर्ष रामलीला का मंचन हमें ये स्मरण कराता है कि धर्म की विजय और अधर्म का पतन एक शाश्वत सत्य है। हमारी सांस्कृतिक धरोहर और परंपराओं का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि यही हमें एकजुट और सशक्त बनाती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण कर हमारे सांस्कृतिक मूल्यों को पुनर्जीवित करने का ऐतिहासिक कार्य किया। हमारी प्रदेश सरकार अयोध्या जी की पावन भूमि पर उत्तराखंड राज्य अतिथि गृह का निर्माण करा रही है। इस अतिथि गृह में रामलला के दर्शन के लिए जाने वाले उत्तराखंड के श्रद्धालुओं के रुकने की उचित व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा, हमने पौलगढ़ वाइल्ड लाइफ सेंचुरी का नाम बदलकर माँ सीता के नाम पर ष्सीतावनी वाइल्ड लाइफ सेंचुरीष् रखा है। यही वो पवित्र भूमि है जहां पौराणिक मान्यताओं के अनुसार माता सीता महर्षि वाल्मीकि के आश्रम में रही थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार अपने सांस्कृतिक मूल्यों को संरक्षित रखने हेतु भी पूर्ण रूप से संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है। हम राज्य में विभिन्न रावण रूपी बुराइयों को समाप्त करने हेतु निरंतर प्रयासरत हैं। इसके लिए हमने जहां एक ओर प्रदेश में सख्त धर्मांतरण विरोधी और दंगा विरोधी कानूनों को लागू किया है, वहीं लैंड जिहाद, लव जिहाद और थूक जिहाद जैसी घृणित मानसिकताओं के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की है। लैंड जिहाद पर कड़ी कार्रवाई करते हुए हमने 9 हजार एकड़ से अधिक की सरकारी भूमि को लैंड जिहादियों से मुक्त कराया है। इसके साथ ही करीब 250 अवैध मदरसों को सील करने के साथ ही 500 से अधिक अवैध संरचनाओ को भी हटाने का काम हमारी सरकार ने किया है। हाल ही में हमारी सरकार ने राज्य में नया कानून लागू कर मदरसा बोर्ड को भी समाप्त करने का निर्णय लिया है। इस कानून के लागू होने के पश्चात राज्य में 1 जुलाई 2026 के पश्चात से वो सभी मदरसे बंद हो जाएंगे जो हमारी सरकार द्वारा दिए गए सरकारी सेलेबस को अपने यहां नहीं पढ़ाएंगे। इतना ही नहीं, हमारी सरकार ने देश में सबसे पहले समान नागरिक संहिता कानून लागू कर अपने सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू करने का ऐतिहासिक कार्य भी किया है।

इस अवसर पर जिलाधिकारी चम्पावत सहित चम्पावत के विभिन्न रामलीला कमेटीयों के पदाधिकारी, बड़ी संख्या में स्थानीय जन उपस्थित थे।

काठगोदाम से सीएम का सख्त संदेश, बोले हर विभाग तय करे जिम्मेदारी, वरना होगी जवाबदेही

सर्किट हाउस काठगोदाम, हल्द्वानी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज आपदा से हुई क्षति, विद्युत, पेयजल और मोटर मार्गों की अद्यतन स्थिति की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रभावित जनता के साथ खड़ी है और राहत व पुनर्निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के साथ अंजाम दिया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनता को त्वरित राहत उपलब्ध कराना और समयबद्ध ढंग से पुनर्निर्माण कार्य पूरे करना सर्वाेच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

बैठक के दौरान मंडलायुक्त और जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री को मंडल एवं जिले में आपदा से हुई क्षति की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने अवगत कराया कि आपदा की वजह से जिले में भारी नुक़सान हुआ है। नैनीताल की लोअर मॉल रोड धंसने, बागेश्वर में पुलों की क्षति, रानीबाग पावर हाउस की समस्या, ओखलकांडा और धारी ब्लॉक मार्गों के अवरोध तथा राष्ट्रीय राजमार्गों पर भूस्खलन जैसी गंभीर चुनौतियां सामने आई हैं। जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि अब तक नैनीताल जिले में आपदा से हुई कुल क्षति का आकलन लगभग 443 करोड़ रुपये किया गया है और यह रिपोर्ट भारत सरकार की आपदा विश्लेषण टीम को भी प्रस्तुत की गई है। उन्होंने विस्तार से जिले में मानसून काल में हुए नुकसान की जानकारी देते हुए, किए गए राहत बचाव एवं आपदा न्यूनीकरण कार्यों की जानकारी प्रस्तुतिकरण के माध्यम से दी।तथा जिले के संवेदनशील स्थानों, सड़क मार्गाे, गांवों, नदी नाले आदि के बारे में भी मुख्यमंत्री को अवगत कराया। साथ ही विभिन्न महत्वपूर्ण प्रस्ताव जो शासन को भेजे गए उनकी स्वीकृति का भी अनुरोध किया गया। जिलाधिकारी ने चुकम,खुपी गांव सहित विभिन्न सड़क मार्गों जहॉ खतरा बना हुआ है उनके विस्थापन एवं सड़कों के ट्रीटमेंट आदि कार्यों के संबंध में भी मुख्यमंत्री को अवगत कराया।साथ ही लालकुआं, बिंदुखत्ता, गोला नदी, नंधौर नदी, कोसी नदी से हो रहे नुकसान के बारे भी अवगत कराते हुए उसके स्थाई समाधान हेतु की जा रही कार्यवाही व तैयार डीपीआर के बारे में भी अवगत कराया।

बैठक में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इस वर्ष असामान्य वर्षा और भूस्खलन के कारण राज्य के लगभग सभी जनपद प्रभावित हुए हैं और आपदा का असर दो से तीन गुना अधिक देखने को मिला है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि केंद्र सरकार से प्राप्त सहयोग और राज्य के संसाधनों का उपयोग कर आपदा प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से पुनर्निर्माण कार्य सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि हर विभाग और अधिकारी अपनी जिम्मेदारी तय करे और समयबद्ध ढंग से कार्य पूरा करे। उन्होंने कहा, “जिम्मेदारी तय होगी और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” साथ ही, एक माह के भीतर सड़कों का पैचवर्क पूरा करने, जल निकायों के मार्गों को संरक्षित करने और अतिक्रमण हटाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पुनर्निर्माण के प्रयासों में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की साझा भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और सरकार पूरे समर्पण से कार्य कर रही है।

बैठक में मुख्यमंत्री ने सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता को जलाशयों में कम-ेपसजपदह कार्य की ठोस योजना बनाने और कार्ययोजना प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए। बैठक में सुशीला तिवारी अस्पताल के upnl कर्मियों के लंबित वेतन का मुद्दा भी उठा। मुख्यमंत्री ने इसका संज्ञान लेते हुए तुरंत समाधान कराने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की इस चुनौतीपूर्ण घड़ी में राज्य सरकार का हर कदम जनता के साथ है। राहत और पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी लाना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि चाहे सड़कें हों, जल निकाय हों या आवासीय क्षेत्र, हर स्तर पर समन्वित प्रयासों से पुनर्निर्माण कार्य तेज़ी से आगे बढ़ाए जाएंगे और प्रभावित लोगों को शीघ्र राहत दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून के दौरान जगह-जगह जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है, जिससे जलजनित रोगों की समस्याएँ बढ़ जाती हैं। इसकी रोकथाम हेतु स्वास्थ्य विभाग तत्परतापूर्वक कार्य करे, सभी चिकित्सा केंद्रों में आवश्यक चिकित्सा सुविधा रखने के साथ ही व्यापक तैयारी की जाए और जगह-जगह स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएँ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जन समस्याओं के समाधान हेतु जन निवारण शिविर एवं बहुउद्देशीय शिविरों का आयोजन कर जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए। सभी अधिकारी क्षेत्र पंचायतों की बैठकों में अनिवार्य रूप से प्रतिभाग करें तथा जनता मिलन कार्यक्रम लगातार संचालित किए जाएँ।

बैठक में अध्यक्ष जिला पंचायत दीपा दरमवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, कालाढूंगी विधायक बंशीधर भगत, लालकुआं विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, रामनगर विधायक दीवान सिंह बिष्ट, भीमताल विधायक राम सिंह केड़ा, रानीखेत विधायक प्रमोद नैनवाल, दायित्वधारी डॉ. अनिल डब्बू, दीपक महरा एवं शंकर कोरंगा सहित सभी मंडलीय अधिकारी उपस्थित रहे।

बागेश्वर आपदा प्रभावितों से बोले सीएम धामी, राज्य सरकार पूरी मजबूती से प्रभावितों के साथ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बागेश्वर के आपदा प्रभावित क्षेत्र पौंसरी में ग्रामीणों से भेंट कर उनका हालचाल जाना। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावितों को हर संभव सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में राज्य सरकार पूरी मजबूती से प्रभावितों के साथ खड़ी है। इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बैसानी में आपदा प्रभावित ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना।

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी बागेश्वर आशीष भटगांई से प्रभावित क्षेत्रों में किए जा रहे राहत कार्यों की विस्तार से जानकारी ली। जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि 29 अगस्त को अतिवृष्टि से पौंसरी के खाईजर तोक में 05 मकान मलबे में दब गए। वहां रहने वाले 06 व्यक्तियों में से 05 मलबे में दब गए और 01 व्यक्ति सुरक्षित मिला। अब तक तीन शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि शेष दो की खोज में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, फायर टीम, ड्रोन, डॉग स्क्वाड और विक्टिम लोकेटिंग कैमरे की मदद से अभियान जारी है। प्रभावितों को राहत राशि वितरित कर दी गई है तथा सभी आवश्यक सेवाएं सुचारू कर दी गई हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित क्षेत्र में नुकसान का आकलन कर पुनर्वास प्रक्रिया को गति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि क्षतिग्रस्त पिटकुल के 132 केवी सब स्टेशन को दुरुस्त करने के लिए 52 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।

इस अवसर पर विधायक सुरेश गढ़िया, जिला पंचायत अध्यक्ष शोभा आर्या, पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर घोड़के, प्रभागीय वनाधिकारी आदित्य रत्ना, मुख्य विकास अधिकारी आर.सी. तिवारी, अपर जिलाधिकारी एन.एस. नबियाल, उपजिलाधिकारी प्रियंका रानी, अनिल सिंह रावत, ललित मोहन तिवारी, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।

रेडियो हैलो हल्द्वानी एप प्रत्येक कोने तक पहुँचकर समाज एवं संस्कृति की आवाज़ को करेगा मजबूत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय से हैलो हल्द्वानी 91.2 एफ.एम. सामुदायिक रेडियो मोबाइल एप का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि यह उत्तराखंड के शिक्षा और संस्कृति क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल है। उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय ने शिक्षा को दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुँचाने और आधुनिक तकनीक से नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अब सामुदायिक रेडियो हैलो हल्द्वानी एप देश और प्रदेश के प्रत्येक कोने तक पहुँचकर समाज एवं संस्कृति की आवाज़ को और अधिक सशक्त करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का साधन नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने और आत्मनिर्भरता का आधार है। इसी सोच के तहत प्रदेश के सभी 13 जनपदों में उच्च शिक्षा एवं कौशल विकास केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे युवा न केवल शिक्षा प्राप्त करेंगे, बल्कि रोजगारपरक कौशल भी सीख सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब विश्वविद्यालय और कौशल विकास केंद्र मिलकर कार्य करेंगे तो उत्तराखंड के युवा नौकरी खोजने वाले नहीं बल्कि नौकरी देने वाले बनेंगे, और यह प्रयास प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने में राज्य की अहम भूमिका सुनिश्चित करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने देहरादून में उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय का एक प्रमुख केंद्र स्थिपित करने का निर्णय लिया है। यह केंद्र न केवल शिक्षा एवं प्रशिक्षण का हब होगा, बल्कि शोध, नवाचार और डिजिटल शिक्षा का भी प्रमुख केंद्र बनेगा।

उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी ने विश्वविद्यालय की विभिन्न गतिविधियों से अवगत कराया और आपदा राहत के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष हेतु विश्वविद्यसलय की ओर से 01 लाख 49 हजार का चेक मुख्यमंत्री को प्रदान किया।

इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, महानिदेशक यूकॉस्ट प्रो. दुर्गेश पंत, कुलसचिव उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय खेमराज भट्ट और विश्वविद्यालय के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

मोस्टामानू का मेला हमारी आस्था, विश्वास, और समृद्ध परंपराओं का प्रतीकः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल माध्यम से मोस्टामानू महोत्सव में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर पिथौरागढ़ जनपद के अंतर्गत 62 करोड़ रुपये से अधिक की लागत की 15 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया। इसके अंतर्गत स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल एवं पर्यटन से जुड़ी विभिन्न विकासपरक योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि मोस्टामानू का मेला हमारी आस्था, विश्वास, और समृद्ध परंपराओं का प्रतीक है। यह केवल एक धार्मिक या पारंपरिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारे सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन का एक अभिन्न हिस्सा है, जो कृषि और पशुपालन से जुड़े हमारे ग्रामीण जीवन की विशिष्टताओं को भी दर्शाता है। ऐसे आयोजन हमारी समृद्ध परंपराओं को संजोए रखते हुए उन्हें आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने में भी सहायक सिद्ध होते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारी धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में उल्लेखनीय कार्य हो रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में उत्तराखंड के समग्र विकास के साथ-साथ धार्मिक स्थलों के पुनर्निर्माण और हमारी पहचान को सुरक्षित रखने के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। केदारखंड की भांति मानसखंड में स्थित कुमाऊं के पौराणिक मंदिरों के भी पुनरुत्थान एवं सौंदर्यीकरण के कार्य किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पवित्र स्थल के सौंदर्यीकरण के लिए लगभग 1 करोड़ रुपए की लागत से विभिन्न कार्य कराए गए हैं। 6 करोड़ से अधिक की लागत से गंगोलीहाट में हाट कालिका मंदिर के सौंदर्यीकरण का कार्य कराया जा रहा है। 43 करोड़ रूपए की लागत से बजेटी शनि मंदिर, हनुमान मंदिर तथा लक्ष्मी नारायण मंदिर के समीप आधुनिक पार्किंग स्थलों का निर्माण भी किया जा रहा है। सरकार विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से पिथौरागढ़ जनपद सहित संपूर्ण क्षेत्र के समग्र विकास को सुनिश्चित करने हेतु पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि साढ़े सात सौ करोड़ रूपए से अधिक की लागत से पिथौरगढ़ मेडिकल कॉलेज के भवन का निर्माण किया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज पिथौरागढ़ में लगभग 21 करोड़ की लागत से 50 बेड के क्रिटिकल केयर ब्लॉक का निर्माण कार्य भी कराया जा रहा है। 25 करोड़ रुपए की लागत से अस्कोट, गंगोलीहाट और धारचूला में नए बस स्टेशनों के निर्माण के साथ ही पिथौरागढ़ में रोडवेज वर्कशॉप का निर्माण कार्य भी कराया गया है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 327 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से क्षेत्र में विभिन्न सड़कों का निर्माण कार्य भी गतिमान है। पिथौरागढ़ को हल्द्वानी, देहरादून और दिल्ली से हवाई सेवा द्वारा जोड़ा है। पिथौरागढ़ हवाई अड्डे को 450 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक स्वरूप में विकसित करने हेतु एयरपोर्ट अथॉरिटी और राज्य सरकार के बीच एमओयू किया चुका है, जिस पर शीघ्र ही कार्य प्रारंभ किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से आह्वान किया है कि सभी भारतवासी स्वदेशी उत्पादों का अधिक से अधिक उपयोग करें, जिससे आत्मनिर्भर भारत का संकल्प और भी सशक्त हो सके। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि इस मेले में हमारे स्वदेशी उत्पादों के कई स्टॉल लगे हैं, जिसमे हमारे स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों, किसानों और महिला समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों को प्रदर्शित किया गया है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि “स्वदेशी अपनाओ देश को मजबूत बनाओ’’ के मंत्र को आत्मसात करते हुए अधिक से अधिक स्वदेशी उत्पादों का उपयोग करें।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर पिथौरागढ़ जनपद के लिए विभिन्न घोषणाएं की। उन्होंने कहा कि विकासखण्ड बिण के ग्रामसभा देवत पुरचौड़ा स्थित पहाड़ी से भूस्खलन रोकने के लिए ट्रीटमेंट का कार्य कराया जायेगा। नैनीसैनी-देवत पुरचौडा-कुम्डार से कनारी मोटर मार्ग में सुरक्षात्मक कार्य किया जायेगा। चंडाक में ईको पार्क एवं स्मृति वन का निर्माण किया जायेगा। मोस्टामानू मंदिर का सौन्दर्यीकरण कराया जायेगा। पिथौरागढ़ के नगर क्षेत्र घण्टाकर्ण से चंडाक तक सड़क के डबल कटिंग का कार्य किया जायेगा। ग्राम हलपाटी से मोस्टामानू तक सड़क का निर्माण कार्य किया जायेगा। नैनीसैनी एयरपोर्ट के निकट सिटी गार्डन का निर्माण कार्य किया जायेगा।

इस अवसर पर भाजपा के जिला अध्यक्ष गिरीश जोशी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष दीपिका बोरा, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, मेयर नगर निगम कल्पना देवलाल, डीएफओ आशुतोष सिंह, मेला समिति अध्यक्ष वीरेंद्र बोरा सहित समिति के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

कुमायूं समाचारः पिथौरागढ़ मुनस्यारी हेलीसेवा 30 सितंबर तक शुरु होगी

पिथौरागढ़ और मुनस्यारी के बीच उडान योजना के तहत हेली सेवा का संचालन 30 सितंबर तक होने की उम्मीद है। केंद्र सरकार ने इस रूट पर सेवा संचालन के लिए हैरिटेज एविएशन का चयन किया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बीते दिनों केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राममोहन नायडू से राज्य में हेली सेवाओं के विस्तार में सहयोग मांगा था। इसी क्रम में केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सूचित किया है कि उड़ान योजना के तहत पिथौरागढ – मुनस्यारी – पिथौरागढ हेली सेवा के लिए हैरिटेज एविएशन का चयन कर लिया गया है। यह सेवा 30 सितंबर तक शुरु होने की उम्मीद है। इसी तरह पिथौरागढ़- धारचूला- पिथौरागढ़ मार्ग पर भी उड़ान योजना के तहत हेली सेवा की तैयारी की जा रही है, इसके लिए धारचूला में हेलीपैड बनाने के लिए जमीन की आवश्यकता है। इस रूट पर भी सेवा संचालन के लिए हैरिटेज एविएशन को प्रारंभिक सहमति प्रदान की गई है। इसी तरह पिथौरागढ़- दिल्ली के बीच उड़ान योजना के तहत सेवा संचालन का प्रस्ताव एयरलाइंस की तरफ से आने पर इस पर सकारात्मक होकर विचार किया जाएगा।

टनकपुर – अछनेरा रेल सेवा का अध्ययन

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर बताया है कि मंत्रालय, राज्य सरकार की मांग के अनुरुप अछनेरा- टनकपुर विशेष रेलगाड़ी परिचालन के लिए फिजिबिलिटी अध्ययन करवा रहा है, इसी क्रम में आगे की कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हेली ओर रेल नेटवर्क में विस्तार के लिए दोनों केंद्रीय मंत्रियों का आभार व्यक्त किया है।

अब एयरफोर्स करेगा चिन्यालीसौड़, गौचर हवाई पट्टियों का संचालन

चिन्यालीसौड़ (उत्तरकाशी) ओर गौचर (चमोली) हवाई पट्टियों का संचालन इंडियन एयरफोर्स करेगी। जबकि पिथौरागढ़ हवाई अड्डे का संचालन एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा किया जाएगा। सरकार पिथौरागढ़ एयरपोर्ट का विस्तार भी करने जा रही है, जिस पर 450 करोड़ रुपए खर्च होंगे।

प्रदेश सरकार सीमांत जनपदों में हवाई सेवाओं को विस्तार करने पर जोर दे रही है। इससे स्थानीय निवासियों के साथ ही सामरिक जरूरतों को भी पूरा किया जा सकता है। इसी क्रम में राज्य सरकार ने चिन्यालीसौड़ (उत्तरकाशी) और गौचर (चमोली) में स्थित हवाई पट्टियों का संचालन भारतीय एयरफोर्स के हवाले करने पर सैद्धांतिक सहमति प्रदान कर दी है। इसी तरह प्रदेश सरकार पिथौरागढ़ एयरपोर्ट पर बढ़ती हवाई सेवाओं को देखते हुए, इसका संचालन एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के जरिए करने पर सैद्धांतिक तौर पर सहमत हो गई है। इसके लिए राज्य सरकार और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इँडिया के बीच एमओयू पर सहमति बन गई है। सरकार पिथौरागढ़ एयरपोर्ट का विस्तार भी करने जा रही है, जिस पर करीब 450 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसके साथ ही सरकार गुंजी से आदि कैलाश क्षेत्र में हवाई सेवा शुरू करने के लिए यहां एक किमी लंबी हवाई पट्टी बनाने की तैयार कर रही है, इस हवाई पट्टी के निर्माण में भी एयरफोर्स द्वारा तकनीकी सहयोग प्रदान किया जाएगा।

सीमांत प्रदेश में हवाई नेटवर्क का विस्तार जरूरी है, इससे स्थानीय निवासियों के साथ ही सामरिक जरूरतों की भी पूर्ति संभव होगी। इसके लिए एयरफोर्स का भी सहयोग लिया जाएगा। पिथौरागढ़ एयरपोर्ट का शीघ्र विस्तार किया जाएगा।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड

जिपंस अध्यक्ष चुनाव को लेकर हुए घटनाक्रम पर सीएम गंभीर, पुलिस अधिकारियों का स्थानांतरण कर बैठाई जांच

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल एवं बेतालघाट में हाल ही में हुए घटनाक्रमों को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष और प्रभावी कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि संपूर्ण मामले की विस्तृत जांच कुमाऊँ मंडल के आयुक्त द्वारा की जाएगी और आयुक्त को यह आख्या पंद्रह दिवस के भीतर शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

घटनाओं के मद्देनज़र मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक स्तर पर त्वरित कार्यवाही करते हुए बेतालघाट में हुई फायरिंग सहित अन्य घटनाओं को देखते हुए पुलिस क्षेत्राधिकारी भवाली का स्थानांतरण जनपद से बाहर अन्यत्र करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, थानाध्यक्ष तल्लीताल को भी जनपद नैनीताल से बाहर स्थानांतरित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया है कि नैनीताल एवं भवाली में हुई घटनाओं तथा इस दौरान दर्ज समस्त प्राथमिकी की विस्तृत जांच अब सीबीसीआईडी द्वारा की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था से समझौता नहीं करेगी और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।

सीएम धामी के प्रयासों की बदौलत पिथौरागढ़ का खूनी गांव अब देवीग्राम हुआ

पिथौरागढ़ जिले में तहसील पिथौरागढ़ स्थित ग्राम “खूनी” का नाम बदलकर अब “देवीग्राम” कर दिया गया है। मुख्यमंत्री के विशेष प्रयासों से भारत सरकार ने खूनी ग्राम का नाम बदलने की अनुमति प्रदान कर दी है, इसके बाद उत्तराखंड शासन के राजस्व विभाग ने इसकी विधिवत अधिसूचना जारी कर दी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि स्थानीय निवासी लंबे समय से गांव का नाम बदलने की मांग कर रहे थे, उनकी भावनाओं को देखते हुए राज्य सरकार ने भारत सरकार से अनुमोदन प्राप्त कर अब यह मांग पूरी कर दी है। अब आधिकारिक रूप से ग्राम “खूनी” को “देवीग्राम” के नाम से जाना जाएगा। यह कदम राज्य सरकार की जन भावनाओं के प्रति प्रतिबद्धता और सांस्कृतिक संवेदनशीलता का प्रतीक है।