ईको टूरिज्म की गतिविधियों में सामुदायिक सहभागिता बढ़ाएंः मुख्य सचिव

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में प्रदेश में ईको टूरिज्म गतिविधियों को बढ़ावा दिए जाने के सम्बन्ध में अधिकारियों के साथ बैठक ली। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि प्रदेश में ईको टूरिज्म के क्षेत्र में और संभावनाएं तलाशी जाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश का अधिकतम भू-भाग वन क्षेत्र हैं, जो प्रदेश में ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने में सक्षम है। उन्होंने ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के साथ ही इसमें सामुदायिक सहभागिता बढ़ाए जाने की भी बात कही।

मुख्य सचिव ने कहा कि सभी गतिविधियों को निर्धारित समय पर शुरू किया जा सके, इसके लिए वार्षिक कैलेंडर तैयार किया जाए और योजनाओं के कैलेंडर के अनुसार संचालित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रकृति से बिना छेड़-छाड़ किए छोटे-छोटे प्रयासों से पारिस्थितिकी पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि फॉरेस्ट वॉकिंग, नेचर ट्रेल जैसी गतिविधियों को बढ़ाया जाए। कहा कि पर्वतारोहण और ट्रेकिंग जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिए जाने हेतु सिंगल विंडो सिस्टम में तैयार किया जाए, ताकि देश विदेश से सभी प्रकार की अनुमतियां एक बार आवेदन से प्राप्त हो सकें। उन्होंने वन विभाग को कैंपिंग साइट्स भी बढ़ाए जाने के निर्देश दिए।

फॉरेस्ट से सम्बन्धित गतिविधियों के लिए एकीकृत वेबसाइट की जाए तैयार

मुख्य सचिव ने पर्यटकों की संख्या एवं राजस्व के लक्ष्यों को बड़ा रखने के निर्देश दिए। कहा कि आने वाले समय में योजनाएं लक्ष्यों के अनुरूप बनाई जाएं। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि अलग-अलग प्रभागों में अलग-अलग संचालित हो रही पर्यटन गतिविधियों अथवा योजनाओं के लिए अलग-अलग वेबसाइट्स के बजाय एक एकीकृत वेबसाइट तैयार की जाए, ताकि पर्यटकों को एक ही जगह पर सभी पर्यटन गतिविधियों की सम्पूर्ण जानकारी मिल सके।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक (वन पंचायत) बी. पी. गुप्ता एवं प्रमुख वन संरक्षक रंजन मिश्र, मुख्य वन संरक्षक पी.के. पात्रो सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

नैनीताल में नाबालिग के साथ घटना पर अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में उच्च स्तरीय बैठक के दौरान अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये कि राज्य में कानून व्यवस्था का उल्लंघऩ करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। नैनीताल में नाबालिक पीड़िता के साथ हुई घटना पर अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये। उन्होंने जिला प्रशासन नैनीताल को निर्देश दिये कि पीड़िता की देखभाल एवं उनके परिवार को पूरी सुरक्षा मुहैया कराई जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पीड़िता और उसके परिवार के साथ मजबूती के साथ खड़ी है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये हैं कि सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से भ्रामक जानकारियां देने और अफ़वाह फैलाने वालों की तत्काल पहचान कर उनके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की भूमि और राज्य की अस्मिता के साथ छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो भी व्यक्ति या संगठन देवभूमि की एकता को तोड़ने का दुस्साहस करेगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा की दृष्टि से पूरी सतर्कता बरती जाए। सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। किरायेदारों के सत्यापन, रेहड़ी-पटरी, वालों, अवैध तरीके से भूमि पर कब्जा करने वालों और जिन लोगों के अवैध तरीके से प्रमाण पत्र बने हैं, उन पर की गई कार्रवाई की समस्त रिपोर्ट जिलाधिकारियों को तीन दिन में प्रस्तुत करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये हैं।

बैठक में मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, डीजीपी दीपम सेठ, प्रमुख सचिव आर.के.सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, अपर पुलिस महानिदेशक वी. मुरूगेशन, ए.पी. अंशुमन, अपर सचिव गृह निवेदिता कुकरेती, वर्चुअल माध्यम से आयुक्त कुमाऊं दीपक रावत, आईजी कुमांऊ रिद्धिम अग्रवाल, जिलाधिकारी नैनीताल वंदना, जिलाधिकारी ऊधम सिंह नगर नितिन भदौरिया, एसएसपी नैनीताल पी.एन.मीणा और एसएसपी ऊधम सिंह नगर मणिकांत मिश्रा मौजूद थे।

केदारनाथ पहुंचे विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालुओं से मुख्यमंत्री ने की मुलाकात

विश्व प्रसिद्ध ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के अवसर पर केदारनाथ में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केदारनाथ परिसर में आयोजित मुख्य सेवक भंडारा में श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया। इस दौरान उन्होंने केदारनाथ की स्वच्छता में लगे पर्यावरण मित्रों, पुनर्निर्माण कार्य में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित भी किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सपत्नी मुख्य सेवक भंडारा के तहत श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया और भोजन परोसा। अपने बीच मुख्यमंत्री को पाकर श्रद्धालु बेहद खुश नजर आए। इस दौरान हजारों की संख्या में लोगों ने मुख्य सेवक भंडारा का प्रसाद ग्रहण किया। मुख्यमंत्री ने केदारनाथ आए श्रद्धालुओं से मुलाकात की एवं उनसे यात्रा को लेकर की गई व्यवस्थाओं का फीडबैक भी लिया। यात्रा के लिए राज्य सरकार द्वारा की गई विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने बाबा केदारनाथ के कपाट खुलने पर सभी देशवासियों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा 4 मई को बद्रीनाथ जी के कपाट खुलेंगे। राज्य सरकार देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं के स्वागत एवं उनकी यात्रा को सुगम बनाने के लिए पूर्ण रूप से तैयार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गत वर्ष केदारनाथ क्षेत्र में आपदा आई थी, जिससे करीब 35 दिन यात्रा बाधित रही। सरकार और प्रशासन ने स्थानीय लोगों के सहयोग से यात्रा को पुनः शुरू किया, जिससे फलस्वरूप रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु चार धाम आए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हर स्तर पर यात्रा की लगातार मॉनिटरिंग करती है। यात्रा मार्गाे में भी विभिन्न मूलभूत सुविधाएं स्थापित की गई हैं। उन्होंने कहा चार धाम यात्रा राज्य की लाइफ लाइन भी है। यह यात्रा लाखों लोगों की आजीविका का साधन भी है। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार का संकल्प है कि चार धाम यात्रा साल भर चले, जिसके लिए राज्य में शीतकालीन यात्रा को भी प्रारंभ किया गया है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य में शीतकालीन यात्रा को बढ़ावा देने के लिए मुखवा, उत्तरकाशी में मां गंगा के दर्शन किए थे।

मुख्यमंत्री ने समस्त प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री का आभार किया। उन्होंने कहा केदारनाथ का पुनर्निर्माण कार्य प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हो रहा है। प्रधानमंत्री केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्य की नियमित समीक्षा करते हैं। 2000 करोड़ की लागत से केदारनाथ का भव्य निर्माण कार्य जारी है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने गौरीकुंड से केदारनाथ तक रोपवे निर्माण कार्य को स्वीकृति प्रदान की है।

इस अवसर गीता पुष्कर धामी, विधायक आशा नौटियाल, डॉ. मधु भट्ट, कर्नल अजय कोठियाल, तीर्थ पुरोहित श्रीनिवास पोस्ती, अंकित सेमवाल, उमेश पोस्ती, हिमांशु चमोली एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

एक राष्ट्र एक चुनाव के लिए सभी को दिखानी होगी एकजुटताः धामी

वन नेशन वन इलेक्शन पर दृढ़ता से अपने विचार रखते हुए सीएम धामी ने कहा कि एक राष्ट्र-एक चुनाव केवल प्रशासनिक सुधार नहीं है, बल्कि देश के लोकतंत्र को और अधिक सशक्त, प्रभावी और समावेशी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। यह देशहित में क्रान्तिकारी कदम है। भारत जैसे विशाल लोकतांत्रिक देश में चुनाव लोकतंत्र का पर्व होते हैं, लेकिन जब प्रत्येक वर्ष, कभी इस राज्य में, कभी उस राज्य में, बार-बार चुनाव होते हैं, तो यह प्रक्रिया बोझ बन जाती है। उन्होंने कहा कि बार-बार आचार संहिता लगने से विकास कार्य ठप पड़ जाते हैं और अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बार-बार चुनाव होने से चुनाव प्रक्रिया के दौरान प्रत्येक स्तर पर बार-बार संसाधनों का अपव्यय होता है व सरकारी ख़ज़ाने पर नकारात्मक असर पड़ता है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि चुनावो के दौरान बड़ी संख्या में राज्य के शिक्षकों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों, पुलिस बल और केंद्रीय बल के जवानों को उनके मूल कार्य से हटाकर चुनाव ड्यूटी में लगाना पड़ता है, जिससे उनके मूल कार्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। एक राष्ट्र एक चुनाव को लेकर सबको एकजुटता दिखानी होगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भारतीय सर्वेक्षण विभाग सभागार देहरादून में स्वर्णिम देवभूमि फ़ाउंडेशन द्वारा एक राष्ट्र-एक चुनाव विषय पर आयोजित प्रबुद्ध जन सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

इस अवसर पर उत्तराखंड आए भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री व एक राष्ट्र एक चुनाव के राष्ट्रीय प्रभारी सुनील बंसल का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लगभग 11 वर्षों का कार्यकाल ऐतिहासिक उपलब्धियों से भरा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेतृत्व में पिछले एक दशक में जहां एक ओर देश में विकास और आर्थिक प्रगति के नए प्रतिमान स्थापित हुए, वहीं अनेकों ऐतिहासिक निर्णयों के माध्यम से भारत के लोकतंत्र को और भी अधिक मज़बूती मिली। चाहे जीएसटी लागू करना हो, तीन तलाक़ की समाप्ति हो,कश्मीर से धारा 370 खत्म करना हो, सीएए-एनआरसी का क़ानून बनाना हो, नारीशक्ति वंदन अधिनियम पारित करना हो या फिर भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम को लागू करना हो। इन सभी ऐतिहासिक निर्णयों ने भारत को एक नई दिशा दी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक राष्ट्र-एक चुनाव के रूप में ऐतिहासिक क़ानून बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार यदि एक बार में चुनाव हों तो 12 हजार करोड़ रूपए तक की बचत होगी। हज़ारों करोड़ों की इस धन राशि को देश में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं को मज़बूत करने में लगाया जा सकेगा। इसके साथ ही, केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय रहेगा तो सभी कार्य निश्चित समय पर पूरे होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक बार में चुनाव होने से वोटिंग टर्नआउट में भी बढ़ोत्तरी देखने को मिलेगी, क्योंकि बहुत सारे लोग जो दूसरे राज्यों में रहते हैं वो बार-बार वोट देने के लिए अपने गृह राज्य में जाने से कतराते हैं लेकिन जब तीनों स्तर के चुनाव एक साथ होंगे तो वो वोट देने अवश्य जाएँगे। अब समय आ गया है कि हम आधुनिक तकनीक, चुनाव आयोग की पारदर्शिता और जनता के सहयोग से इस संतुलन को पुनः स्थापित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब अमेरिका, जापान, ब्राज़ील और स्वीडन जैसे देशों में एक साथ चुनाव की व्यवस्था हो सकती है तो क्या भारत जैसे विश्व के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश में ये व्यवस्था नहीं हो सकती? प्रधानमंत्री मोदी जैसे दृढ़ और संकल्पित प्रधान सेवक हमारे पास हैं तो देश हित का कोई काम रुक जाए, ऐसा हो नहीं सकता। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में तैयार किया गया जो ड्राफ़्ट लोक सभा में पेश किया गया, वो बहुत ही गहन शोध और विश्लेषण के बाद तैयार किया गया है। इस ड्राफ्ट में एक-एक परिस्थिति का ध्यान रखा गया है कि कैसे सभी राज्यों में ये व्यवस्था लागू करनी है और लागू करने के बाद यदि किसी राज्य की सरकार बीच में भंग हो गई तो उस स्थिति में कैसे चुनाव होंगे। फ़िलहाल इस क़ानून को व्यापक विचार विमर्श हेतु संयुक्त संसदीय समिति को भेजा गया है, मुख्यमंत्री ने कहा कि उनको पूर्ण विश्वास है कि एक दिन ये एक राष्ट्र-एक चुनाव की व्यवस्था भारत में अवश्य लागू होगी और यह कानून भारत में लोकतंत्र को और अधिक मज़बूत करने में सहायक सिद्ध होगा।

इस अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री तथा एक राष्ट्र एक चुनाव के राष्ट्रीय प्रभारी सुनील बंसल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को उत्तराखंड में यूसीसी सबसे पहले लागू करने के लिए बधाई दी। उन्होंने ने कहा कि उत्तराखंड ने यूसीसी लागू कर देश के समक्ष एक आदर्श प्रस्तुत किया है। अन्य राज्य भी इसका अनुपालन करने लिए उत्सुक दिख रहे हैं। उन्होंने कहा की एक राष्ट्र एक चुनाव हर तरह से देश हित में है। इसके सम्बन्ध में व्यापक जन जागरूकता की आवश्यकता है।

कार्यक्रम में राजयसभा सांसद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सौरभ बहुगुणा, प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय कुमार, पर्यावरणविद पद्म अनिल जोशी, जागर गायिका पद्म बसंती बिष्ट, पद्म कन्हेया लाल पोखरियाल सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, साधु संत विभिन्न क्षेत्रों के प्रबुद्धजन मौजूद रहे।

भू कानून को मिली राज्यपाल से मंजूरी, प्रदेश में लागू

देवभूमि में भूमि प्रबंधन तथा भू व्यवस्था एवं सुधार के लिए विधानसभा से पारित उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश और भूमि व्यवस्था अधिनियम, 1950) (संशोधन) विधेयक, 2025 पर महामहिम राज्यपाल की मुहर लगने के साथ ही प्रदेश में सशक्त भू कानून लागू हो गया है। इसी के साथ प्रदेशवासियों की जनभावना के अनुरूप उत्तराखंड में कृषि और उद्यान भूमि की अनियंत्रित बिक्री पर पूरी तरह रोक लग गई है। साथ ही आवासीय, शिक्षा, अस्पताल, होटल, उद्योग जैसी जरूरत के लिए भी, अन्य प्रदेशों के लोगों को निर्धारित कड़ी प्रक्रिया से गुजरने के बाद ही उत्तराखंड में तय मानकों के अनुसार ही जमीन खरीद पाएंगे। सख्त भू कानून लागू होने से प्रदेश में डेमोग्राफिक चेंज की कोशिशों पर रोकथाम लग सकेगी। प्रदेश की सांस्कृतिक, सामाजिक पहचान को मजबूत बनाने के लिए सख्त भू- कानून को मंजूरी प्रदान करने के लिए राज्यपाल का बहुत-बहुत आभार।

भू अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले लोगों के विरुद्ध भी लगातार कार्यवाही की जा रही है। व्यापक अभियान चलाया जा रहा है, और इस तरह की जमीनों को राज्य सरकार में निहित किया जा रहा है।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड

मुख्य सचिव बर्द्धन ने बद्रीनाथ धाम में मास्टर प्लान के कार्यों का किया निरीक्षण

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन अपने तय कार्यक्रमानुसार बद्रीनाथ पहुंचे। मुख्य सचिव ने बद्रीनाथ में चल रहे मास्टर प्लान कार्यों निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने एराइवल प्लाजा, सिविक एनीमिटी सेंटर, बद्रीश व शेष नेत्र झील, रिवर फ्रंट और हॉस्पिटल का निरीक्षण किया। उन्होने कार्यदायी संस्था को सिविक एमिनिटी सेंटर, एराइवल प्लाजा और टूरिज्म मैनेजमेंट सेंटर का मई तक पूर्ण करने के निर्देश दिए।उन्होने कार्यदायी संस्था को हॉस्पिटल को अगस्त तक हैंडओवर करने और रिवर फ्रंट के एफ व जी फेस के कार्य को जल्द ही पूर्ण करने के निर्देश दिए।

इस दौरान जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने बद्रीनाथ धाम में मास्टर प्लान कार्यों की प्रगति की जानकारी दी जिलाधिकारी ने बताया कि पेयजल, बिजली आपूर्ति, शौचालयों का कार्य पूरा कर लिया गया है साथ ही कहा कि मास्टर प्लान के तहत ब्रह्म कपाल, रिवर फ्रंट, आस्था पथ, अराइवल प्लाजा, दर्शन लाइन का कार्य कपाट खुलने तक पूरा कर लिया जाएगा।

जिलाधिकारी ने बताया कि धाम में पहुंचे व्यापारियों और अन्य लोगों के बिजली और पानी के कनेक्शन का संयोजन भी शुरू कर लिया गया। उन्होंने बताया कि धाम में सुलभ इंटरनेशनल की ओर से शौचालयों को दुरुस्त कर लिया गया है।

जिलाधिकारी ने मुख्य सचिव को जानकारी देते हुए बताया कि धाम के आंतरिक मार्गों का सुधारीकरण भी तेजी से किया जा रहा है। नगर सफाई की व्यवस्था को लेकर पर्यावरण मित्रों की तैनाती की गई है। साथ ही धाम में क्षतिग्रस्त पैदल मार्गों का सुधारीकरण किया जा रहा है। जिसका कार्य शीघ्र पूर्ण कर लिया जाएगा। पुलिस की ओर से सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि धाम में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं किसी भी आपदा की स्थिति से निपटने के लिए पुलिस के जवानों के साथ साथ एनडीआरएफ, एसडीआरएफ की टीम तैनात की गई है।

इस दौरान पर्यटन सचिव सचिन कुर्वे, उपजिलाधिकारी जोशीमठ सीएस वशिष्ट, अधीक्षण अभियंता पीडब्लूडी राजेश चन्द्रा, बीकेटीसी सीईओ विजय थपलियाल मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ अभिषेक गुप्ता, पीआईयू के सहायक अभियंता सन्नी पालीवाल सहित यात्रा व्यवस्था से जुड़े सभी अधिकारी मौजूद थे।

केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्यों और यात्रियों की सुविधाओं का सीएस ने किया निरीक्षण

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने केदारनाथ धाम पहुंचकर आगामी चारधाम यात्रा की तैयारियों और व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। अपने इस दौरे में उन्होंने सबसे पहले केदारनाथ में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने मंदाकिनी और सरस्वती नदियों पर बनाए गए बेली ब्रिज का भी निरीक्षण किया। उन्होंने जानकारी दी कि इस पुल का कार्य पूरा हो चुका है, जिससे यात्रियों को आने-जाने में और अधिक सुविधा और सुगमता प्राप्त होगी। उन्होंने आस्था पथ पर बने रेन शेल्टरों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुविधा के लिए इन रेन शेल्टरों में एलईडी साइनेज लगाए जाने चाहिए, ताकि यात्रियों को यह स्पष्ट जानकारी मिल सके कि शौचालय, मेडिकल सहायता और अन्य जरूरी सुविधाएं किस स्थान पर उपलब्ध हैं।

मुख्य सचिव ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि कतार में खड़े यात्रियों को गर्म पानी की सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए, ताकि वे ठंडे मौसम में भी आरामदायक अनुभव प्राप्त कर सकें। उन्होंने मंदिर परिसर से लेकर सरस्वती नदी के किनारे बने आस्था पथ तक की स्वच्छता व्यवस्था का भी निरीक्षण किया और वहां स्थापित शौचालयों की स्थिति को परखा। इसके साथ ही उन्होंने गढ़वाल मंडल विकास निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा मार्ग में बने सभी कॉटेजों की मरम्मत समय पर पूरी की जाए और उनकी साफ-सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान किसी भी यात्री को असुविधा न हो, इसके लिए सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध और सुचारू रूप से पूरी कर ली जाएं।

निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने रुद्र प्वाइंट और घोड़ा पड़ाव का भी निरीक्षण किया। इन स्थलों पर उन्होंने यात्रियों की भीड़ प्रबंधन, पेयजल, चिकित्सा, विश्राम और सफाई व्यवस्था की समीक्षा की।

जिलाधिकारी सौरभ गहरवार ने मुख्य सचिव को अवगत कराया कि केदारनाथ यात्रा से जुड़े सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं। यात्रा मार्ग से लेकर धाम क्षेत्र तक सभी जरूरी व्यवस्थाएं समय पर पूरी कर ली गई हैं। जो कुछ शेष कार्य हैं, उन्हें भी यात्रा प्रारंभ होने से पूर्व पूर्ण कर लिया जाएगा।

जिलाधिकारी ने बताया कि पैदल मार्ग, ठहरने की व्यवस्था, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, संचार सुविधा एवं आपातकालीन व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त किया गया है। तीर्थ यात्रियों की सुविधा के लिए सभी पड़ावों पर मूलभूत सुविधाओं को भी सुनिश्चित कर दिया गया है।

पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रह्लाद कोंडे ने बताया कि सुरक्षा दृष्टि से सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। यात्रा मार्ग पर पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित कर दी गई है। अधिकारियों और पुलिस कर्मियों को नियमित रूप से यात्रा मार्ग की चेकिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि यात्रा अवधि के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए पूर्व से ही विस्तृत ट्रैफिक प्लान तैयार किया गया है, ताकि किसी भी स्थान पर जाम की स्थिति न बने।पुलिस एवं प्रशासन द्वारा आपदा प्रबंधन से जुड़ी टीमें भी यात्रा मार्ग पर सक्रिय रहेंगी, ताकि किसी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।

आईटीबीपी को भेड़, बकरी, मुर्गी और ट्राउट फिश की सप्लाई करते हैं किसान, किया ढाई करोड का कारोबार

उत्तराखंड के सीमांत जिलों में स्थित आईटीबीपी की बटालियनें अक्तूबर, 2024 तक मटन, चिकन, फिश सप्लाई के लिए बड़े शहरों पर निर्भर थीं। लेकिन अब उत्तराखंड पशुपालन विभाग ने आईटीबीपी का अनुबंध सीधे स्थानीय पशु पालकों से करा दिया है। इसके बाद शुरुआती पांच महीने में ही, चार सीमांत जिलों के 253 किसान आईटीबीपी के साथ 2.6 करोड़ का कारोबार कर चुके हैं।
पशुपालन विभाग ने गत 30 अक्तूबर को इस योजना को लेकर आईटीबीपी के साथ विधिवित अनुबंध किया। इसके तहत पिथौरागढ़, चमोली, उत्तरकाशी और चम्पावत जनपद के 10 सहकारी समितियों और एफपीओ से जुड़े 253 किसान आईटीबीपी की नजदीकी बटालियन को जिंदा मटन, चिकन, फिश की आपूर्ति कर रहे हैं। योजना के शुरुआती पांच महीने में ही ये किसान, आईटीबीपी को कुल मिलाकर 79,530 किलो (42,748 किलो जिंदा भेड़- बकरी, 29,407 किलो चिकन और 7,374 किलो ट्राउट फिश) की सप्लाई कर चुके हैं। इस तरह उन्होंने आईटीबीपी के साथ कुल 2.6 करोड़ रुपए का कारोबार कर लिया है।

’सालाना 20 करोड़ रुपए कारोबार की उम्मीद’
पशुपालन विभाग के सचिव डॉ बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने बताया कि योजना के तहत किसानों को सप्लाई के 24 घंटे के भीतर, डीबीटी के जरिए भुगतान किया जा रहा है। इसके लिए विभाग ने पांच करोड़ रुपए के रिवाल्विंग फंड की व्यवस्था की हुई है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत आईटीबीपी को सालाना 800 मीट्रिक टन मटन, चिकन, फिश सप्लाई की उम्मीद है, इससे किसानों का कुल करीब 20 करोड़ का कारोबार होगा। जो सीमांत किसानों की आजीविका में बड़ा बदलाव लाएगा।

इस योजना के बेहद सकारात्मक परिणाम आए हैं, सीमांत के किसानों की आय बढ़ने से गांवों में पलायन भी कम होगा। साथ ही वो आईटीबीपी के साथ मिलकर, देश की रक्षा पंक्ति को मजबूत करने का काम करेंगे। आईटीबीपी को भी ताजा खाद्य सामग्री की आपूर्ति होगी।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

’सफल किसानों की कहानी’
पिथौरागढ़ जिले में मूनाकोट ब्लॉक के बड़ालू गांव के निवासी नरेंद्र प्रसाद भी जनवरी से आईटीबीपी को चिकन सप्लाई कर रहे हैं। 40 वर्षीय नरेंद्र प्रसाद बताते हैं कि उन्होंने 2022-23 में पशुपालन की कुक्कुट पालन योजना के तहत मुर्गी पालन का काम शुरू किया, अब वो प्रति माह करीब 16 कुंतल चिकन की सप्लाई करते हैं, जिससे आईटीबीपी को भी तीन कुंतल सप्लाई होती है। इसी तरह मूनाकोट ब्लॉक में ही देवदार गांव के निवासी प्रकाश कोहली भी जनवरी 2025 से आईटीबीपी को 11 कुंतल बकरी सप्लाई कर चुके हैं। जिससे उन्हें 50 हजार का फायदा हुआ है। योजना का फायदा देखते हुए अब वो गोट वैली में भी आवेदन कर रहे हैं।

मुख्य सचिव ने की कुंभ 2027 की तैयारियों की समीक्षा कर योजनाएं तैयार करने को कहा

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में कुंभ 2027 की तैयारियों के सम्बन्ध में बैठक आयोजित हुई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को कुंभ 2027 की तैयारियों के लिए सभी सम्बन्धित विभागों को योजना एवं प्रस्ताव तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलाधिकारी हरिद्वार को सम्बन्धित विभागों के साथ शीघ्र बैठक आयोजित किए जाने की के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि अगले 7 दिनों में सभी कार्यदायी विभागों के नोडल अधिकारी नामित कर लिए जाएं। साथ ही, पदों के सृजन की कार्यवाही भी पूर्ण कर ली जाए। इनसे सम्बन्धित आदेश अगले 7 दिनों में कर लिए जाएं। उन्होंने कहा कि जिन समितियों/उप समितियों का गठन किया जाना है, अगले 7 दिनों में कर लिया जाए। उन्होंने 30 अप्रैल तक प्रस्ताव एवं आंकलन तैयार कर भारत सरकार को भेजे जाने के भी निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कुंभ 2027 के अंतर्गत शाही स्नान वाले विशेष दिवसों पर श्रद्धालुओं की अधिकतम संख्या का आंकलन करते हुए कार्य योजना तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में कनेक्टिविटी बढ़ने श्रद्धालुओं के बढ़ने की अत्यधिक सम्भावना है। उन्होंने इसके अनुरूप श्रद्धालुओं संख्या का आंकलन करते हुए पार्किंग एवं ट्रैफिक मूवमेंट योजना तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए विशेषज्ञों द्वारा आंकलन कराए जाने के उपरांत योजनाएं तैयार कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने नए पार्किंग स्थल चिन्हित किए जाने के साथ ही पुराने पार्किंक स्थलों की क्षमता बढ़ाए जाने के भी निर्देश दिए।

हरिद्वार क्षेत्र में ऑडिटोरियम और सांस्कृतिक केंद्र बनाए जाने के निर्देश
मुख्य सचिव ने कहा कि हरिद्वार कुंभ मेला, कांवड़ यात्रा एवं अन्य धार्मिक आयोजनों के लिए अत्यधिक महत्त्वपूर्ण क्षेत्र है, इसके लिए मूलभूत ढांचों को मजबूत किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि दीर्घकालीन योजना के अंतर्गत स्थाई प्रकृति के कार्यों को ध्यान में रखा जाए। उन्होंने हरिद्वार क्षेत्र में ऑडिटोरियम और सांस्कृतिक केंद्र बनाए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को कुंभ क्षेत्र सहित अन्य उपयोगी स्थानों का स्थलीय निरीक्षण कर कार्य योजनाएं तैयार किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कुंभ 2027 के लिए अनिवार्य कार्यों की सूची तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा ऐसे कार्य जिन्हें अनिवार्य रूप से कराया जाना है, उनकी तैयारी पूर्व से ही कर ली जाए। साथ ही, तत्काल शुरू किए जाने वाले कार्यों की सूची भी तैयार कर इनकी डीपीआर एवं आंकलन सहित अन्य तैयारियां पूर्व में ही सुनिश्चित कर ली जाएं, ताकि स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू कराए जा सकें।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव नीतेश झा, राधिका झा, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, विनय शंकर पाण्डेय, आर. राजेश कुमार, जिलाधिकारी हरिद्वार कर्मेंद्र सिंह, जिलाधिकारी पौड़ी आशीष चौहान, जिलाधिकारी टिहरी सहित सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश का 5वां दीक्षांत समारोह सम्पन्न, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने वितरित की डिग्री

केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने आज एम्स ऋषिकेश के पांचवें दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता की। सभा को संबोधित करते हुए, नड्डा ने कहा कि ‘दीक्षांत समारोह एक विशेष अवसर है जो छात्रों की उपलब्धियों को मान्यता देता है।’ उन्होंने कहा कि देश के प्रत्येक गरीब व्यक्ति को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा प्रदान करना केंद्र सरकार की प्राथमिकता है।

नड्डा ने देश भर के एम्स संस्थानों की चिकित्सा शिक्षा और सेवाओं में उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा कि ‘इस सदी की शुरुआत तक, भारत में केवल एक एम्स था, वहीं आज, देश में 22 एम्स संचालित हो रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि एम्स ऋषिकेश ने अपनी उत्कृष्ट सेवाओं के कारण स्वास्थ्य संस्थानों के बीच एक अद्वितीय पहचान बनाई है।उन्होंने नागरिकों के लिए विश्व-स्तरीय स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा, ‘सरकार ऐसी स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने पर केंद्रित है जो न केवल उपचारात्मक हो बल्कि निवारक, उपशामक और पुनर्वासिक भी हो।’

स्वास्थ्य क्षेत्र में केंद्र सरकार की उपलब्धियों को उजागर करते हुए, नड्डा ने कहा, ‘‘आज, देश भर में 1.75 लाख आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित हो रहे हैं जो स्वास्थ्य और कल्याण से संबंधित विभिन्न सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। पिछले 10 वर्षों में मेडिकल कॉलेजों में 101 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, और अब देश भर में कुल 780 मेडिकल कॉलेज हैं। एमबीबीएस सीटों में 130 प्रतिशत और पीजी सीटों में 138 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।’’ उन्होंने आगे कहा, ‘इसी तरह, पैरामेडिक्स की जरूरतों को पूरा करने के लिए, 157 नर्सिंग कॉलेज भी स्थापित किए जा रहे हैं, जो मेडिकल कॉलेजों के साथ सह-स्थित होंगे।’

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने एम्स ऋषिकेश की सराहना करते हुए कहा कि संस्थान ने हेलीकॉप्टर और ड्रोन सेवाओं का प्रभावी उपयोग करते हुए 309 गंभीर मरीजों को बचाया। वहीं टेलीमेडिसिन (ई-संजीवनी) जैसी डिजिटल सेवाओं का उपयोग करके राज्य के दूरदराज और अल्पसेवित क्षेत्रों में सेवा प्रदान करने में देश के सर्वश्रेष्ठ संस्थानों में से एक बना। नड्डा ने अपने संबोधन को समाप्त करते हुए छात्रों को करुणा, ईमानदारी और समर्पण के साथ अपने काम को बिना किसी स्वार्थ के करने के लिए प्रोत्साहित किया। केंद्रीय मंत्री ने जोर देते हुए कहा कि सरकार प्रत्येक एमबीबीएस छात्र पर 30-35 लाख रुपये खर्च करती है, उन्होंने नए डॉक्टरों से आग्रह किया कि वे अपने पेशेवर करियर की शुरुआत में अधिक जिम्मेदारियां उठाएं। इस आयोजन के दौरान नड्डा ने संस्थान की चिकित्सा सेवाओं को बढ़ाने के लिए कई स्वास्थ्य सुविधाओं का उद्घाटन किया, जिनमें आयुष विभाग में एकीकृत चिकित्सा, न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग में पीईटी स्कैन मशीन, रेडियोलॉजी विभाग में पीएसीएस सुविधा और बाल चिकित्सा देखभाल में उन्नत बाल चिकित्सा केंद्र शामिल हैं।

समारोह के दौरान, नड्डा ने एमबीबीएस, डीएम, एमएससी नर्सिंग, बीएससी नर्सिंग और बीएससी संबद्ध स्वास्थ्य विज्ञान कार्यक्रमों के 10 मेडिकल छात्रों को स्वर्ण पदक और डिग्री प्रदान की। दीक्षांत समारोह में कुल 434 छात्रों को डिग्री दी गई, जिनमें 98 एमबीबीएस छात्र, 95 बीएससी (ऑनर्स) नर्सिंग छात्र, 54 बीएससी संबद्ध स्वास्थ्य विज्ञान छात्र, 109 एमडी/एमएस/एमडीएस छात्र, 17 एमएससी नर्सिंग छात्र, 1 एमएससी मेडिकल संबद्ध छात्र, 12 मास्टर ऑफ पब्लिक हेल्थ छात्र, 40 डीएम/एमसीएच छात्र और 8 पीएचडी छात्र शामिल थे।

’’पिछले 10 साल में देश में स्वास्थ्य सेवाओं का तेजी से हुआ है विस्तार- मुख्यमंत्री’’

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा का स्वागत करते हुए कहा कि देश के स्वास्थ्य क्षेत्र को सशक्त बनाने की दिशा में अनेक कार्य हुए हैं। पिछले 10 साल में देश में स्वास्थ्य सेवाओं का तेजी से विस्तार हुआ है। देशभर में एम्स की स्थापना करना हो, राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति-2017 को लागू करना हो, आयुष्मान भारत योजना हो या फिर मेडिकल कॉलेजों में सीटों में बढ़ोतरी करना हो, अनेक योजनाओं एवं नीतियों केे माध्यम से भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था को एक नई उंचाई प्रदान की गई है। उत्तराखंड में स्वास्थ सेवाओं के विकास के लिए निरंतर सहयोग देने पर उन्होंने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री का आभार व्यक्त किया।

’’हेली एंबुलेंस ने स्वास्थ्य क्षेत्र में नई उड़ान देने का किया कार्य।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि एम्स ऋषिकेश में ट्रॉमा सेंटर में पिक्चर आर्काइविंग एंड कम्युनिकेशन सिस्टम और सेंटर फॉर एडवांस्ड पीडियाट्रिक्स का लोकार्पण होने से स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि आज एम्स ऋषिकेश में अत्याधुनिक मेडिकल जांच और उपचार की व्यवस्था के साथ ही विशेषज्ञ डॉक्टर की टीम द्वारा विभिन्न प्रकार के रोगों का इलाज किया जा रहा है। इस संस्थान में अब रोबोटिक सर्जरी, घुटनों के प्रत्यारोपण की सुविधा, उन्नत न्यूरोसर्जरी और रेडिएशन थेरेपी जैसी सेवाएँ भी संचालित की जा रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां पर हेली एंबुलेंस की शुरुआत कर उत्तराखंड के स्वास्थ्य क्षेत्र को एक नई उड़ान देने का कार्य किया। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उधम सिंह नगर जनपद में एम्स ऋषिकेश के सेटेलाइट सेंटर का निर्माण कार्य भी तेज गति के साथ चल रहा है।

’’उत्तराखण्ड की 05 हजार से अधिक ग्राम सभाएं टी.बी मुक्त हो चुकी हैं।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और सहयोग से राज्य सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करने के लिए तेजी से कार्य कर रही है। प्रत्येक जनपद में एक मेडिकल कॉलेज बनाने का लक्ष्य रखा गया। टेलीमेडिसिन नेटवर्क और जन औषधि केंद्रों के माध्यम से जनता को सस्ती दवाइयां और आवश्यक इलाज उपलब्ध कराने के प्रयास किये गये हैं। सरकारी अस्पतालों में 207 पैथोलॉजिकल जांच की सुविधा भी निःशुल्क दी जा रही है। अभी तक 29 लाख लोगों की निःशुल्क पैथोलॉजिकल जांच की जा चुकी हैं। राज्य में 14 लाख से अधिक लोगों का इलाज आयुष्मान भारत योजना के तहत हो चुका है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की 05 हजार से अधिक ग्राम सभाएं टी.बी मुक्त हो चुकी हैं। चारधाम यात्रा के दृष्टिगत नये अस्पतालों का संचालन भी किया जायेगा।

इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, लोकसभा सांसद अजय भट्ट, विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी भूषण, सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, स्वास्थ मंत्री डॉ धन सिंह रावत, सुबोध उनियाल, विधायक प्रेमचंद्र अग्रवाल, बृज भूषण गैरोला, अध्यक्ष एम्स ऋषिकेश प्रो. सिमरन नंदी, निदेशक प्रो. मीनू सिंह, प्रो. जया चतुर्वेदी, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

इससे पूर्व, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के देवभूमि उत्तराखंड आगमन पर जॉलीग्रांट एयरपोर्ट में स्वागत किया।