नैनीताल में पार्किंग के लिए शत्रु संपत्ति मेट्रोपोल होटल परिसर अस्थायी रूप से उत्तराखंड सरकार को आवंटित

भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा नैनीताल स्थित शत्रु संपत्ति मेट्रोपोल होटल परिसर को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, पार्किंग के रूप में उपयोग के लिए उत्तराखंड सरकार को आवंटित कर दिया गया है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र द्वारा इसकी जानकारी दी है। मुख्यमंत्री धामी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से नैनीताल में पार्किंग की गंभीर समस्या को देखते हुए शत्रु संपत्ति – मेट्रोपोल होटल परिसर के खुले स्थान को पार्किंग हेतु अस्थायी रूप से आवंटित करने का अनुरोध किया था।

मुख्यमंत्री के अनुरोध को स्वीकार करते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा नैनीताल स्थित शत्रु संपत्ति मेट्रोपोल होटल परिसर को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, पार्किंग के रूप में उपयोग के लिए उत्तराखंड सरकार को आवंटित कर दिया गया है।

इस निर्णय से नैनीताल जैसे प्रमुख पर्यटन स्थल में आने वाले पर्यटकों एवं स्थानीय नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी। पार्किंग की बढ़ती समस्या से निजात मिलने के साथ-साथ यातायात व्यवस्था में भी सुधार होगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस निर्णय के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे नैनीताल में पार्किंग की समस्या को दूर करने में काफी सुविधा होगी।

21 जून को भराड़ीसैंण में होगा योग दिवस का मुख्य आयोजन

21 जून को आयोजित होने जा रहे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का राज्य स्तरीय कार्यक्रम इस बार, चमोली जनपद स्थित भराड़ीसैंण विधानसभा परिसर में आयोजित किया जाएगा। जिसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ 10 देशों के राजदूत शामिल होंगे।

निदेशक आयुर्वेदिक एवं यूनानी सेवाएं डॉ विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि प्रतिवर्ष की तरह इस बार भी 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस प्रदेशभर में व्यापक स्तर पर मनाया जाएगा। इसी क्रम में मुख्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम चमोली जनपद में स्थित भराड़ीसैंण विधानसभा परिसर में आयोजित किया जा रहा है। इस आयोजन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ 10 देशों के राजदूत भी शामिल होंगे, उक्त सभी गणमान्य 20 जून के दोपहर तक भराड़ीसैंण पहुंच जाएंगे। कुल मिलाकर मुख्य आयोजन में एक हजार से अधिक लोग प्रतिभाग करेंगे। इसलिए कार्यक्रम की व्यापकता को देखते हुए, व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इसके साथ ही प्रदेश भर में भी इस दिन 11वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस भव्य स्तर पर मनाया जाएगा।

योग के रूप में भारत ने दुनिया को आरोग्य और स्वस्थ्य रहने का मंत्र दिया है। इसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने के लिए माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने 21 जून को अंतराष्ट्रीय योग दिवस मनाने की पहल की है। इसी क्रम में 11वां योग दिवस का राज्य स्तरीय कार्यक्रम भराड़ीसैंण में आयोजित किया जा रहा है।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड

राष्ट्रीय स्तर पर शहरी क्षेत्रों में टिकाऊ ड्रेनेज प्रणाली विकसित करने को विशेष योजना बनाने का किया अनुरोध

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की शासी परिषद की दसवीं बैठक में प्रतिभाग किया। उन्होंने कहा कि राज्य में तेजी से हो रहे शहरीकरण के चलते शहरों में ड्रेनेज की समस्या एक गंभीर चुनौती बन चुकी है। उन्होंने अनुरोध किया कि इस समस्या के समाधान के लिए राष्ट्रीय स्तर पर टिकाऊ ड्रेनेज प्रणाली विकसित करने के लिए विशेष योजना बनाई जाए।

मुख्यमंत्री ने “पीएम कृषि सिंचाई योजना“ की गाइडलाइन्स में लिफ्ट इरिगेशन को सम्मिलित करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की विशिष्ट भौगोलिक परिस्थितियों के कारण वर्तमान में पर्वतीय क्षेत्र का मात्र 10 प्रतिशत भूभाग ही सिंचित हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में हिमनद आधारित नदियों को वर्षा आधारित नदियों से जोडने की दिशा में “नदी जोड़ो परियोजना“ के साथ ही चेक डैम्स और लघु जलाशयों के निर्माण के माध्यम से वर्षा जल को संरक्षित करने के लिए विशेष प्रयास किये जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026 में उत्तराखंड में पर्वतीय महाकुंभ के रूप में प्रसिद्ध “मां नन्दा राजजात यात्रा“ तथा वर्ष 2027 में हरिद्वार में “कुंभ“ का आयोजन होना है। इन दोनों आयोजनों को “भव्य एवं दिव्य“ बनाने के लिए सहयोग मांगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में “डेमोग्राफिक डिविडेंड“ की महत्वपूर्ण भूमिका है। इस लाभ को प्राप्त करने के लिए एक निश्चित समय सीमा में इसका दोहन करना आवश्यक है। इस दृष्टि से आने वाले दस वर्ष हमारे प्रदेश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि इन्हीं वर्षों में हम “डेमोग्राफिक डिविडेंड“ का सर्वाधिक लाभ उठा सकते हैं। इसको ध्यान में रखते हुए राज्य में विशेषरूप से स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न स्तरों पर कार्य किये जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की जीडीपी में प्राथमिक सेक्टर का योगदान जहां मात्र 9.3 प्रतिशत है, वहीं इस कार्य में लगभग 45 प्रतिशत आबादी लगी है। इस समस्या को देखते हुए हमने प्रदेश के काश्तकारों को “लो वैल्यू एग्रीकल्चर“ की बजाए “हाई वैल्यू एग्रीकल्चर“ अपनाने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से विभिन्न परियोजनाओं पर कार्य प्रारंभ किया है, जिनमें एप्पल मिशन, कीवी मिशन, ड्रैगन फ्रूट मिशन, मिलेट मिशन तथा सगंध कृषि को प्रोत्साहन शामिल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के सशक्त नेतृत्व में भारत वर्ष 2047 तक “विकसित एवं आत्मनिर्भर राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस संकल्प को पूर्ण करने के लिए उत्तराखंड सरकार भी दृढ ़संकल्पित होकर वित्तीय प्रबंधन और वित्तीय अनुशासन को ध्यान में रखते हुए कार्य कर रहे हैं। राज्य की अर्थव्यवस्था में पिछले तीन वर्षों में लगभग डेढ़ गुना की वृद्धि हुई है। वर्ष 2023-24 में नीति आयोग द्वारा जारी एसडीजी रैंकिंग में जहां हमारे राज्य ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, वहीं इस वर्ष जारी हुई “केयरऐज रेटिंग रिपोर्ट“ में सुशासन एवं वित्तीय प्रबंधन के क्षेत्र में छोटे राज्यों की श्रेणी में हमें दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य में “समान नागरिक संहिता“ कानून लागू किया गया। पिछले साढ़े तीन साल में राज्य के 23 हजार से अधिक युवा सरकारी नौकरी पाने में सफल रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों में प्रधानमंत्री के नेट जीरो के विजन को ध्यान में रखते हुए “ग्रीन गेम्स“ की थीम पर आयोजित किया गया। इन खेलों में “इलैक्ट्रॉनिक्स वेस्ट“ सामग्री की “रीसाइक्लिंग“ से 4000 पदक तैयार किए। “सौर ऊर्जा“ के माध्यम से संपूर्ण ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति की गई। इस आयोजन में लगभग 4000 से 5000 टन कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन को रोकने में सफलता प्राप्त हुई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में “शीतकालीन यात्रा“ के सफल परिणाम सामने आए हैं। प्रधानमंत्री के हर्षिल और मुखबा की यात्रा से राज्य के पर्यटन क्षेत्र को काफी लाभ हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पर्यटकों को साहसिक पर्यटन, इको टूरिज्म और हाई-एंड टूरिज्म के माध्यम से आकर्षित करने के लिए वृहद नीति बनाकर जमीनी स्तर पर कार्य शुरू किये गये हैं। उत्तराखंड में नवाचार एवं प्रौद्योगिकी पर आधारित “सतत एवं समावेशी विकास“ पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में जीडीपी की तर्ज पर जीईपी अर्थात “ग्रोस एनवायरमेंट प्रोडक्ट इंडेक्स“ जारी करने की शुरुआत की है, इसके आंकलन द्वारा अर्थव्यवस्था और पर्यावरण के मध्य बेहतर सामंजस्य स्थापित हो सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में “जियोथर्मल ऊर्जा नीति“ शीघ्र लागू किया जायेगा। राज्य में “मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना“ प्रारंभ की गई है। इस योजना के लाभार्थी प्रतिमाह एक लाख रूपए से अधिक की आमदानी प्राप्त कर रहे हैं।

उत्तराखंड टूरिस्ट विलेज सारी, ग्रामीण पर्यटन का अद्भुत उदाहरण

रुद्रप्रयाग जिले में तुंगनाथ, चोपता ट्रैक पर मौजूद सारी गांव उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में ग्रामीण पर्यटन और स्वरोजगार की मिसाल कायम कर रहा है। सारी गांव में इस वक्त करीब 50 होम स्टे संचालित हो रहे हैं, जिसमें ढाई सौ से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष -अप्रत्यक्ष रोजगार मिल रहा है।
सारी गांव में होम स्टे की शुरुआत, 1999 में माउंटेन गाडड मुरली सिंह नेगी ने की, तब उन्होंने अपने पुराने घर की मरम्मत करते हुए, इस क्षेत्र में ट्रैकिंग के लिए आने वाले पयर्टकों को ठहरने और खाने की सुविधा प्रदान की। चूंकि यहां वर्ष भर पयर्टकों की आवाजाही रहती है, इस कारण जल्द ही अन्य लोगों ने भी अपने परम्परागत घरों के दरवाजे पयर्टकों के लिए खोल दिए। ग्रामीण शुरुआत से ही, पयर्टकों को पहाड़ी जीवनशैली के अनुरूप आवास और भोजन उपलब्ध कराते थे, जो पर्यटकों को नया अनुभव देता था। अब वर्तमान में यहां होम स्टे की संख्या 50 तक पहुंच गई है, जिसमें से 41 पर्यटन विभाग के पास पंजीकृत हैं, कई लोगों ने प्रदेश सरकार की दीन दयाल उपाध्याय पयर्टक होम स्टे योजना के तहत भी होम स्टे शुरु किए हैं। इसके अलावा 30 लोगों को ट्रेकिंग ट्रक्शन सेंटर होम-स्टे योजनान्तर्गत के तहत अनुदान मिला है।

स्थानीय ग्रामीण जीएस भट्ट बताते हैं कि गत वर्ष गांव में करीब सात हजार पर्यटक ठहरने के लिए आए। स्वरोजगार के चलते गांव में पलायन बहुत कम है, साथ ही अन्य गांवों के विपरीत सारी गांव पूरी तरह जीवंत बना हुआ है।

मुख्यमंत्री धामी ने भी किया रात्रि विश्राम
दिसंबर माह में रुद्रप्रयाग जिले के दौरे पर पहुंचे सीएम पुष्कर सिंह धामी ने भी सारी गांव पहुंच कर होम स्टे में रात्रि विश्राम किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने गांव में पर्यटन और स्वरोजगार के मॉडल की सराहना करते हुए कहा कि इसे अन्य लोगों को भी प्रेरणा मिलेगी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने ग्राम वासियों के साथ ही भोजन भी किया। रुद्रप्रयाग से सारी गांव की दूरी लगभग 60 किलोमीटर है।

ट्रैकिंग रूट
तुंगनाथ ट्रैक सारी से तुंगनाथ ट्रैक की दूरी लगभग 30 किलोमीटर है। यह ट्रैक आपको तुंगनाथ मंदिर तक ले जाता है, जो भगवान शिव को समर्पित है।

चोपता ट्रैक सारी गांव से चोपता ट्रैक की दूरी लगभग 25 किलोमीटर है। यह ट्रैक आपको चोपता घाटी तक ले जाता है, जो इन दिनों लाल बुरांश से सजा हुआ है।

देवरिया ताल ट्रैक- सारी गांव से ही देवरिया ताल ट्रैक भी शुरू होता है, जिसकी दूरी करीब तीन किमी है।

सफलता के आंकड़े
191 परिवार वर्तमान में निवासरत हैं सारी गांव में
1200 करीब की आबादी है गांव की
50 से अधिक होम स्टे संचालित हो रहे हैं गांव में
250 करीब लोगों को मिला हुआ है स्वरोजगार

सरकार होमस्टे को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चल रही है। अच्छी बात यह है कि उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में अब होमस्टे का कारोबार खूब फल फूल रहा है, जो ग्रामीणों की आर्थिक की का भी बड़ा जरिया बन रहा है।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड।

बड़ी खबरः उत्तराखंड में तीन महिलाओं को हज कमेटी में मिला प्रतिनिधित्व

उत्तराखंड सरकार ने नामित हज कमेटी में मुस्लिम महिलाओं को जगह दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर राज्य की तीन महिलाओं को पहली बार हज समिति में प्रतिनिधित्व दिया गया है।

शासन की ओर से जारी की गई कमेटी सूची में कोटद्वार निगम पार्षद की रिजवाना परवीन, हल्द्वानी की तरन्नुम खान और अल्मोड़ा की शाहिदा सिराज को स्थान दिया गया है।

समिति में विधायक लक्सर के विधायक शहजाद को भी प्रतिनिधित्व दिया गया है। इसके अलावा जिशान अहमद, हसीब अहमद, इस्लामुद्दीन अंसारी, समीर जाफरी, खतीब अहमद, मन्नान राजा, हाजी अबरार हुसैन, हाजी फईम खान को भी समिति में नामित किया गया है।

महिला सशक्तिकरण है मुख्य उद्देश्य
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि मुस्लिम महिलाएं भी हज करने जाती हैं। उनकी हज कमेटी में मजबूत पैरवी हो, हज संबंधी फैसलों में वे भी अपने सुझाव दे सकें, इसको देखते हुए उनकी सरकार ने राज्य बनने के बाद पहली बार उन्हें हज कमेटी में प्रतिनिधित्व दिया है। मुस्लिम महिलाओं के सशक्तिकरण के उद्देश्य से पूर्व में भी महिला आयोग के उपाध्यक्ष पद पर सायरा बानो को नियुक्ति दी गई है।

सीएम के निर्देशों के क्रम में कैंची धाम के लिए बाईपास निर्माण का काम शीघ्र शुरू होगा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा कैंची धाम के आस पास एन० एच० 109 ई० में वाहनों के अत्यधिक दवाव व जाम के दृष्टिगत सुगम व सुरक्षित यातायात हेतु वर्ष 2023 में कैंची बाईपास मोटर मार्ग निर्माण की घोषणा की गयी थी। 19 की.मी. लम्बे कैंची धाम बाईपास मोटर मार्ग में शिप्रा नदी पर एक सेतु का भी निर्माण किया जाना है, जिसके प्रथम 8 किमी के निर्माण/चौड़ीकरण डामरीकरण हेतु रु 1214.71 लाख की धनराशि भी लोक निर्माण विभाग को उपलब्ध करायी गयी है। मोटर मार्ग का निर्माण कार्य प्रगति पर है। अवशेष 11.00 किमी0 मोटर मार्ग में वन भूमि आने के कारण वन भूमि प्रस्ताव ऑनलाइन गठित कर पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय भारत सरकार को वन भूमि हस्तान्तरण हेतु प्रेषित किया गया।

मुख्यमंत्री द्वारा किये गये विशेष प्रयासों से हुई आरईसी की बैठक मे पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय भारत सरकार द्वारा वन भूमि हस्तान्तरण की सहमति प्रदान कर दी गयी है। शीघ्र ही मार्ग निर्माण हेतु कार्यवाही प्रारम्भ कर दी जायेगी। कैंची धाम में प्रतिवर्ष श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के दृष्टिगत यातायात की सुगमता के लिये मुख्यमंत्री द्वारा यहां बाईपास निर्माण की घोषणा की गई थी साथ ही वन भूमि हस्तान्तरण की स्वीकृति के लिये पिछले सप्ताह केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री से भेट कर इनकी स्वीकृति का अनुरोध किया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कैंची धाम बाईपास के लिए वन भूमि प्रस्ताव को सैद्धांतिक स्वीकृति मिलने के बाद उक्त सड़क का तेजी से निर्माण किया जा सकेगा, जिससे क्षेत्रीय लोगों एवं पर्यटकों को आवाजाही में सुविधा मिलेगी साथ ही कैंची धाम और भवाली के पास लगने वाले जाम से भी मुक्ति मिलेगी।

पीएम का राष्ट्र को संबोधन भारतीयों के मन में गर्व और आत्मविश्वास का संचार करता हैः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आज राष्ट्र के नाम दिए गए संदेश को आतंकवाद के विरुद्ध देश के दृढ़ संकल्प का प्रतीक बताया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का आज का राष्ट्र के नाम संबोधन प्रत्येक भारतीय के मन में गर्व और आत्मविश्वास का संचार करता है। ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से भारत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने जिस प्रकार से पाकिस्तान द्वारा दी जाने वाली परमाणु धमकियों को दृढ़ता से खारिज किया और आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस के संकल्प को दोहराया है, वह नए भारत की वैश्विक स्थिति को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कदम उठाए हैं। ऑपरेशन सिंदूर जैसे अभियानों से यह सिद्ध होता है कि भारत अब किसी भी प्रकार की आक्रामकता का मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है। पूरा देश आतंकवाद के खिलाफ एकजुट है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड की वीर भूमि के लोग राष्ट्र की रक्षा और समृद्धि के लिए सदैव तत्पर रहेंगे। प्रधानमंत्री का यह संबोधन न केवल हमारी सुरक्षा नीति को स्पष्ट करता है, बल्कि प्रत्येक नागरिक को एकजुट होकर देश की रक्षा में योगदान देने के लिए प्रेरित करता है।

भारत सरकार, उत्तराखण्ड शासन एवं यूरोपियन निवेश बैंक के बीच हुई नेगोशिएशन में 1910 करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर बनी सहमति

उत्तराखण्ड शहरी क्षेत्र विकास एजेंसी के अंतर्गत पिथौरागढ़, सितारगंज, रुद्रपुर व काशीपुर नगरों के लिए प्रस्तावित परियोजनाओं पर यूरोपियन निवेश बैंक के साथ लगभग 1910 करोड़ रुपये के वित्तपोषण हेतु प्रोजेक्ट नेगोशिएशन हुआ। यूरोपियन निवेश बैंक ने इन परियोजनाओं के लिए वित्तपोषण की सहमति दे दी है।

प्रस्तावित राशि के अंतर्गत पिथौरागढ़ में पेयजल एवं सीवरेज तथा सितारगंज, रुद्रपुर और काशीपुर में पेयजल व्यवस्था से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं, जिनकी डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) पहले ही तैयार की जा चुकी हैं।

इस अवसर पर आर्थिक कार्य विभाग, वित्त मंत्रालय की ओर से अपर्णा भाटिया, यूरोपियन निवेश बैंक से मैक्सीमीलियन और उत्तराखण्ड शासन से सचिव चन्द्रेश कुमार के मध्य वर्चुअल माध्यम से वार्ता हुई। आर्थिक कार्य विभाग ने सभी डीपीआर की समीक्षा कर यूरोपियन निवेश बैंक को साझा किया था। बैठक में यूरोपियन निवेश बैंक द्वारा इन परियोजनाओं को मंजूरी दी गई।

बैठक में यूरोपियन निवेश बैंक एवं आर्थिक कार्य विभाग ने परियोजना की तैयारी और प्रस्तुति के लिए यूयूएसडीए की प्रशंसा की। यह भी निर्णय लिया गया कि जून 2025 में परियोजना अभिलेखों पर हस्ताक्षर होंगे और निविदा प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाएगी।

कार्यक्रम निदेशक चन्द्रेश कुमार ने बताया कि पिथौरागढ़ जैसे सीमांत नगर में पेयजल एवं स्वच्छता सेवाओं की उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है। इन मूलभूत सुविधाओं से जीवन स्तर में सुधार आता है, जिससे राज्य के समग्र विकास को गति मिलती है।

बैठक में अपर सचिव वित्त अमीता जोशी, अपर कार्यक्रम निदेशक विनय मिश्रा, वित्त नियंत्रक बीरेन्द्र कुमार, वैभव बहुगुणा तथा विशेषज्ञ राजीव कुमार एवं अमीताब बासू सरकार उपस्थित रहे।

प्रदेश में अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए हम लगातार काम कर रहे हैं। प्रस्तावित योजना से लाभान्वित होने वाले शहरी क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति के साथ स्वच्छता को बढ़ावा मिलेगा।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड।

चारधाम यात्रा प्रबंधन में व्यक्तिगत तौर पर जुटे सीएम धामी

उत्तराखंड की आर्थिकी में महत्वपूर्ण योगदान देने वाली चारधाम यात्रा जोर शोर से शुरू हो गई है। यात्रा के पहले ही दिन से यात्रियों की भीड़ उमड़ रही है। इसी के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी चारों धामों से लेकर प्रमुख यात्रा पड़ावों तक लगातार यात्रा तैयारियों का जायजा ले रहे हैं। पुष्कर सिंह धामी कपाट खुलने के दिन चारों धामों में मौजूद रहने वाले पहले मुख्यमंत्री भी बने हैं।

चारधाम यात्रा का शुभारंभ 30 अप्रैल को गंगोत्री- यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ हुआ। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस दिन पहले गंगोत्री और फिर यमुनोत्री धाम में पहुंच, यात्रा तैयारियों का जायजा लिया। यमुनोत्री धाम में इससे पहले कोई भी सीएम, कपाट खुलने के दिन नहीं पहुंच पाए थे। इसी तरह सीएम धामी दो मई को केदारनाथ और चार मई को बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने के दिन भी दोनों धामों में मौजूद रहे। इस तरह राज्य के इतिहास में यह पहला अवसर है, जब कोई सीएम चारों धामों में कपाट खुलने के दिन मौजूद रहे। इससे जहां यात्रा तैयारियों को गति मिली, वहीं यात्रियों को भी बेतहर सुविधाएं मिल पाई। इसी तरह सीएम पुष्कर सिंह धामी चारधाम यात्रा के प्रमुख पड़ाव ऋषिकेश में भी लगातार यात्रा तैयारियों का जायजा लेते हुए, प्रबंधन अपने हाथ में लिए हुए हैं। सीएम लगातार यात्रियों से भी बातचीत करते हुए, फीडबैक ले रहे हैं। साथ ही जरूरी दिशा निर्देश भी दे रहे हैं।

मौसम को लेकर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शासन – प्रशासन के अधिकारियों को चारधाम यात्रा मार्ग पर मौसम को देखते हुए खास सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मौसम प्रतिकूल होने पर यात्रियों की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जाए, साथ ही यात्रियों को भी मौसम की जानकारी दी जाए।

केदारनाथ यात्रा से महिलाओं का प्रसाद, सोवेनियर, स्थानीय उत्पाद के स्टॉल से लेकर होमस्टे का कारोबार मिला

केदारनाथ यात्रा से इस साल भी रुद्रप्रयाग जनपद के महिला स्वयं सहायता समूहों को काम मिल रहा है। जनपद के करीब डेढ़ सौ समूह, प्रसाद, जौ, तिल, कॉइन सोवेनियर, स्थानीय उत्पादों की बिक्री करने से लेकर होमस्टे और यात्रा मार्ग पर जलपान गृह तक संचालित कर रहे हैं। जिससे सैकड़ों महिलाओं की आजीविका को सहारा मिल रहा है। केदारनाथ प्रसाद की ऑनलाइन भी खरीद की जा सकती है। इसके साथ ही उद्योग विभाग के भटवाड़ीसैंण स्थित ग्रोथ सेंटर में केदारनाथ मंदिर की प्रतिकृति सोवेनियर के रूप में तैयार की जाती है। जिसे श्रद्धालु केदारनाथ मंदिर से स्मृतिचिह्न के रूप में अपने साथ ले जाते हैं। जिला उद्योग केंद्र रुद्रप्रयाग द्वारा संचालित इस ग्रोथ सेंटर का भी स्थानीय महिलाएं ही संचालन करती हैं। इस वर्ष अब तक पांच हजार प्रतिकृतियाँ तैयार की जा चुकी हैं तथा यह क्रम जारी है।

जखोली – जखोली ब्लॉक में करीब 50 महिला स्वयं सहायता समूह यात्रा से जुड़ा कारोबार कर रहे हैं। इसमें 30 समूह प्रसाद तैयार कर रहे हैं, जबकि 10 समूह धूपबत्ती बनाने और 10 अन्य समूह पहाड़ी उत्पादों को बेचने का काम कर रहे हैं। इसके लिए प्रशासन ने इन्हें दुकानें भी आवंटित की हुई हैं, जहाँ बद्री गाय का घी 1200 रुपए प्रति किलो की दर पर उपलब्ध है।

अगस्त्यमुनि -अगस्त्यमुनि ब्लॉक में करीब 38 महिला समूह यात्रा कारोबार से जुड़े हैं। समूह सोवेनियर बनाने से लेकर, प्रसाद पैकेजिंग और स्थानीय उत्पाद यात्रा मार्ग पर बेच रहे हैं। कुछ समूह यात्रा मार्ग पर जलपान गृह भी संचालित कर रहे हैं। इससे करीब 90 महिलाओं को रोजगार मिला हुआ है।

उखीमठ -उखीमठ ब्लॉक में करीब 60 महिला समूह यात्रा से संबंधित व्यवसाय कर रहे हैं। 48 महिलाएं सीधे तौर पर प्रसाद तैयार कर रही हैं, जबकि शेष सोवेनियर निर्माण, जलपान गृह, यात्रियों को ठहराने के लिए टेंट संचालन, होमस्टे और स्थानीय उत्पादों की बिक्री कर रहे हैं।

चारधाम यात्रा महिला समूहों की आर्थिकी का आधार बन रही है। सरकार इसके लिए महिला समूहों को यात्रा मार्ग पर स्टॉल उपलब्ध कराने से लेकर हर तरह की सहायता दे रही है। महिलाएं स्थानीय उत्पादों की बिक्री कर वोकल फॉर लोकल के नारे को भी चरितार्थ कर रही हैं। सभी तीर्थ यात्रियों से अपील है कि वे स्थानीय समूहों के गुणवत्तापरक उत्पादों को खरीदने का प्रयास करें।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री’