पारिवारिक पेंशनरों को मिलेगी डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट की व्यवस्थाः प्रेमचंद

अब प्रदेश के कोषागारों से पेंशन प्राप्त कर रहे पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों के लिए डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट की व्यवस्था हो सकेगी। इस पर वित्त मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल के अनुमोदन के बाद शासन ने जीओ भी जारी कर दिया है।

डॉ अग्रवाल ने बताया कि पेंशनरों द्वारा अपने वार्षिक सत्यापन हेतु जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की निर्धारित प्रक्रिया को अधिक सरल, प्रभावशाली एवं सुविधापूर्ण बनाते हुए UIDAI द्वारा विकसित Aadhar face RD app का प्रयोग करते हुए face authentication के माध्यम से डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा किया जाएगा।

डॉ अग्रवाल ने बताया कि डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (Digital Life Certificate) को जनरेट करने के लिए पेंशन मास्टर में पेंशनरों/पारिवारिक पेंशनरों के आधार संख्या अपडेट करना होगा। बताया कि आधार संख्या अपडेट करने हेतु पेंशनरों/पारिवारिक पेंशनरों को प्रथम बार अपने सम्बन्धित कोषागार में पेंशन प्राधिकार पत्र (पी.पी.ओ.), आधार कार्ड एवं बैंक पासबुक की मूलप्रति तथा उनकी छायाप्रतियां लानी होगी। बताया कि जिन पेंशनरों / पारिवारिक पेंशनरों द्वारा उपर्युक्त कार्यवाही का प्रयोग करते हुए डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (Digital Life Certificate) जीवन प्रमाण एप्लीकेशन के माध्यम से जनरेट किया जाएगा, उन्हें अब कोषागार में उपस्थित होने की अनिवार्यता नहीं होगी।

डॉ अग्रवाल ने बताया कि पेंशनर भी यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके आधार संख्या कोषागार में पंजीकृत हो चुके हैं। इस हेतु पेंशनर अपने जी.आर.डी. सख्या का प्रयोग करते हुए आई.एफ.एम.एस. पोर्टल में लॉगिन कर अपनी प्रोफाईल में आधार नम्बर देख सकते हैं। बताया कि यदि आधार संख्या पेंशनर के प्रोफाईल में उपलब्ध नहीं है तो पेंशनर को पेंशन प्राधिकार पत्र (पी.पी.ओ.), आधार कार्ड एवं बैंक पासबुक की मूलप्रति तथा उनकी छायाप्रतियां लेकर अपने नजदीकी कोषागार में उपस्थित होकर अपने आधार संख्या पंजीकृत कराना होगा।

डॉ अग्रवाल ने बताया कि कोषागार स्तर पर सम्बन्धित पेंशनर का जी.आर.डी. नम्बर का प्रयोग करते हुए पेंशन मास्टर खोला जायेगा एवं उसमें आधार नम्बर / मोबाईल नम्बर इत्यादि को रक्षित कर वांछित अभिलेख अपलोड करते हुए तीनों (ऑपरेटर, सुपरवाईजर, ऑफिसर) स्तर से स्वीकृत किया जायेगा।

डॉ अग्रवाल ने बताया कि पेंशनर द्वारा Google Play Store पर जाकर जीवन प्रमाण एवं Aadhar face RD app इन्सटॉल किया जायेगा। इसके लिए पेंशनर के पास अपनी ई-मेल आई.डी होनी आवश्यक है।

डॉ अग्रवाल ने बताया कि जीवन प्रमाण एप का प्रयोग करते हुए अपने चेहरे को मोबाईल फोन की सहायता से स्कैन करते हुए ऑपरेटर के रूप में स्वयं को पंजीकृत किया जायेगा। बताया कि प्रथम बार डिजिटल जीवन प्रमाण हेतु पंजीकृत हो जाने के उपरान्त पेंशनरों को भविष्य में जीवन प्रमाण पत्र देने हेतु कोषागर में उपस्थित होने की अनिवार्यता समाप्त हो जायेगी।

डॉ अग्रवाल ने बताया कि जो पेंशनर /पारिवारिक पेंशनर कोषागार द्वारा www.jeevanpramaan.gov.in में पंजीकृत हो जायेंगे, वे भविष्य में जीवन प्रमाण पत्र स्मार्ट फोन/ टेबलेट / विन्डोज कम्प्यूटर पर एप्लीकेशन www.jeevanpramaan.gov.in से डाउनलोड कर फिंगरप्रिंट स्कैनर / आधार फेस आर.डी. एप (Aadhar face RD app) का प्रयोग करते हुए घर से भी डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र दे सकेंगे। बताया कि इस के लिए वे नजदीकी जीवन प्रमाण केन्द्र / नागरिक सुविधा केन्द्र में भी सम्पर्क कर सकते हैं, जिसकी सूची www.jeevanpramaan.gov. in वेबसाइट के locate a center link में दी गयी है।

डॉ अग्रवाल ने बताया कि पेंशनर का डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र सफलतापूर्वक जमा होने के फलस्वरूप जीवन प्रमाण वेबसाईट द्वारा SFTP सर्वर के माध्यम से आईएफएमएस सर्वर को उपलब्ध हो जायेगा एवं उपलब्ध डाटा के आधार पर वित्तीय डाटा सेण्टर द्वारा कोषागार स्तर पर एक MIS रिपोर्ट उपलब्ध करायी जायेगी।

डॉ अग्रवाल ने बताया कि कोषागार द्वारा उक्त MIS रिपोर्ट की जांच कोषागार स्तर पर उपलब्ध अभिलेखों / डाटा से करते हुए पेंशनरों के डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र स्वीकृत / अस्वीकृत किये जायेंगे, जिसकी सूचना SMS के माध्यम से पेंशनरों को दी जायेगी। बताया कि रिपोर्ट में किसी भी प्रकार की भिन्नता के समाधान हेतु आई.एफ.एम.एस. के अन्तर्गत सपोर्ट विकल्प के माध्यम से निदेशक कोषागार को अवगत कराया जायेगा।

डॉ अग्रवाल ने बताया कि डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (Digital Life Certificate) नवीन व्यवस्था वर्तमान प्रचलित व्यवस्था के अतिरिक्त होगी। बताया कि नवीन व्यवस्था को लागू किये जाने से सम्बन्धित किसी भी प्रक्रियात्मक जानकारी हेतु www.jeevanpramaan.gov.in पर जाकर अथवा सम्बन्धित कोषागार से सम्पर्क किया जा सकता है।

डॉ अग्रवाल ने बताया कि जो पेंशनर पारिवारिक पेंशन प्राप्त कर रहे हैं, उनके द्वारा पुनर्विवाह नहीं किये जाने से सम्बन्धित प्रमाण पत्र सम्बन्धित कोषागार को उपलब्ध कराया जायेगा। बताया कि इस व्यवस्था के सफल क्रियान्वयन के लिए प्रत्येक कोषागार अपने जनपदों में इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करेंगे तथा पेंशनर्स / पारिवारिक पेंशनर्स के विभिन्न संगठनों को उक्त नवीनतम ऑनलाईन व्यवस्था से अवगत करायेंगे एवं पेंशनर / पारिवारिक पेंशनर को अपना “डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र” ऑनलाईन प्रक्रिया के माध्मय से प्रस्तुत किये जाने हेतु प्रोत्साहित एवं सकारात्मक सहयोग प्रदान करेंगे।

मंत्री अग्रवाल ने नए कोतवाल को दिए निर्देश, ऋषिकेश कोतवाली में तैनात प्रभारी ने की मुलाकात

क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल जी से कोतवाली ऋषिकेश के नए प्रभारी निरीक्षक श्री शंकर सिंह बिष्ट ने मुलाकात की। इस मौके पर मंत्री डा. अग्रवाल ने नगर की जाम की समस्या से रूबरू कराते हुए इसे दूर करने तथा कानून व्यवस्था आदि के लिए निर्देशित किया।

बैराज रोड़ स्थित कैंप कार्यालय में मंत्री डा. अग्रवाल ने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान पुलिस प्रशासन अपनी व्यवस्था को व्यवस्थित करे, जिससे यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की दिक्कतें नागरिकों को न आये। कहा कि इसके लिए यातायात को लेकर रोडमैप तय किया जाए और लोगों को जाम की समस्या से जुझना न पडे़।

डा. अग्रवाल ने कहा कि तीर्थनगरी में कानून व्यवस्था, मादक पदार्थों की तस्करी न हो, इसके लिए व्यापक कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि आस्था पथ पर अराजकतत्वों का बोलबाला ज्यादा है। इसके लिए पुलिस की टीम आवश्यकतानुसार गश्त अवश्य करें, जिससे आस्था पथ की संपत्ति को भी सुरक्षित रखा जा सके।

डा. अग्रवाल ने श्यामपुर फाटक पर निदेर्शित करते हुए कहा कि यहां पुलिसकर्मी की ड्यूटी लगाई जाए, जिससे जाम की समस्या पैदा न हो। उन्होंने कहा कि नगर में अवैध मादक पदार्थाे की तस्करी को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।

मंत्री अग्रवाल ने एमडीडीए के निर्माण कार्यों का किया औचक निरीक्षण

शहरी विकास मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के अंतर्गत अपने विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान स्मार्ट सिटी के कार्यों की भी जानकारी ली। मौके पर डॉ अग्रवाल ने निर्माण कार्यों में तेजी लाने व गुणवत्ता के साथ करने के निर्देश दिए।

मंत्री डॉक्टर अग्रवाल ने आराघर चौक तिराहा पर दिसम्बर माह के 08 व 09 दिसम्बर को होने जा रहे ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के तहत किए जा रहे सौंदर्य करण के कार्यों का जायजा लिया।

डॉ अग्रवाल ने बताया कि ग्लोबल इन्वेस्टर समिति के तहत हवाई पट्टी से लेकर भनियावाला, डोईवाला सहित कुल 15 सड़कों का सौंदर्यकरण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इसके अंतर्गत फ़साड़ योजना, दीवारों पर पेंटिंग, बोर्ड तथा डिवाइडर सौंदर्य करण का कार्य गतिमान है। डॉ अग्रवाल ने बताया कि यह समस्त कार्य 78 करोड रुपए से मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण द्वारा किया जा रहा है।

डॉ अग्रवाल ने मौके पर मौजूद प्राधिकरण के अधिकारियों तथा स्मार्ट सिटी के अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए तथा गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए।

इस मौके पर सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया, मुख्य उद्यान अधिकारी एआर जोशी, अधिशासी अभियंता प्रवीण कुश, जगमोहन सिंह, जनसंपर्क अधिकारी स्मार्ट सिटी प्रेरणा ध्यानी आदि उपस्थित रहे।

श्रमिकों के बाहर सकुशल निकलने पर कार्यकर्ताओं ने किया प्रभारी मंत्री का स्वागत

कैबिनेट व प्रभारी मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल के चिन्यालीसौड़ से लौटने पर चंबा (टिहरी गढ़वाल) में भाजपा कार्यकर्ताओं से उनका स्वागत कर श्रमिकों के सकुशल बाहर निकलने पर बधाई दी।

चंबा बाजार पर स्वागत के दौरान प्रभारी मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने बताया कि सभी 41 श्रमिक सकुशल हैं उनके स्वास्थ्य बेहतर है। कहा कि श्रमिकों द्वारा 17 दिन तक धैर्य धारण करना हिम्मत की बात है, जिसके लिए श्रमिकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का विशेष आभार व्यक्त किया। साथ ही राज्य की पुष्कर सिंह धामी की सरकार को भी साधुवाद दिया।

प्रभारी मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि वह स्वयं प्रभारी मंत्री होने के नाते उत्तरकाशी में ही कैंप किए हुए थे। प्रभारी मंत्री ने श्रमिकों से बातचीत के दौरान उनके 17 दिनों के अनुभव भी सांझा हुए। उन्होंने कहा कि मुश्किल दौर में वह तमाम साथी बधाई के पात्र हैं, जिन्होंने अपना-अपना योगदान श्रमिकों के सकुशल बाहर निकलने में दिया।

प्रभारी मंत्री ने बताया कि श्रमिकों से देर रात्रि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने ऑडियो के जरिए वार्ता की। प्रभारी मंत्री ने प्रधानमंत्री सहित मुख्यमंत्री का विशेष आभार प्रकट किया।

इस मौके पर मंडल अध्यक्ष संदीप रावत व सुशील बहुगुणा, महामंत्री सुधीर बहुगुणा, विक्रम राणा, कुशालानंद रणकोटी, सभासद विक्रम चौहान, कृष्ण कोठारी, रानी नेगी, अनिता कोठारी, रविंद्र चौहान, वीरेंद्र सेमवाल आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

प्रभारी मंत्री ने चिन्यालीसौड़ स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे श्रमिकों की जानी कुशलक्षेम

प्रभारी मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने चिन्यालीसौड़ में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के विशेष वार्ड में भर्ती किये गए श्रमिकों से मुलाकात की। इस दौरान श्रमिकों के 17 दिन तक धैर्य रखने पर बधाई दी। जिस पर श्रमिकों ने केंद्र व उत्तराखंड सरकार का आभार प्रकट किया। इस मौके पर बिहार व पश्चिम बंगाल निवासी एक-एक श्रमिक ने प्रभारी मंत्री को बताया कि संकट में उनके राज्य की बिहार व पश्चिम बंगाल की सरकार ने सुध नहीं ली। जिस पर श्रमिकों ने नाराजगी भी जताई।

आज सुबह प्रभारी मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल श्रमिकों से मुलाकात करने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के विशेष वार्ड पहुंचे। यहाँ श्रमिकों से प्रभारी मंत्री ने बातचीत की। उन्होंने बताया कि आपको मुश्किल में जानकर सरकार ने फौरन देश की सभी एजेंसियों और विदेश के एक्सपर्ट को यहाँ बुलाया।

प्रभारी मंत्री ने बताया कि खुद राज्य सरकार के मुखिया श्री पुष्कर सिंह धामी और वह स्वयं यहां कैम्प किए हुए थे। बताया कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी भी लगातार आप सभी को बाहर निकालने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ले रहे थे। साथ ही पीएम कार्यालय से भी अधिकारी यहाँ पहुंचे।

प्रभारी मंत्री ने सभी श्रमिकों से मुलाकात के दौरान उनके धैर्य को भी सराहा। उन्होंने कहा कि आपसभी ने संकट के समय अपने को विचलित नहीं होने दिया। आपके द्वारा सरकार पर भरोसा जताया गया, इसके लिए आपसभी बधाई के पात्र है।

इस दौरान प्रभारी मंत्री जी ने श्रमिकों से उनके 17 दिन के अनुभव भी जाने। प्रभारी मंत्री ने इस दौरान श्रमिकों के मौके पर उपस्थित परिजनों से भी वार्ता की। प्रभारी मंत्री ने इस दौरान डॉक्टर की टीम को भी धन्यवाद किया।

प्रभारी मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि बुधवार सुबह श्रमिकों ने नाश्ता कर दाढ़ी भी बनाई। प्रभारी मंत्री डॉ अग्रवाल ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का विशेष आभार प्रकट किया। साथ ही मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी का भी आभार जताया।

मंत्री अग्रवाल ने आपदा से हुए नुकसान को लेकर ग्रामीणों व अधिकारियों की कराई संयुक्त बैठक

क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने अगस्त माह में आई भारी बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में हुए नुकसान को लेकर जिलाधिकारी, सिंचाई विभाग के उच्चाधिकारियों सहित स्थानीय नागरिकों के साथ बैठक की। उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि आपदा से हुए नुकसान का प्राकलन (एस्टीमेट) तैयार कर जल्द शासन को भेजा जाए, जिससे अगले वर्षाकाल से पूर्व नुकसान की भरपाई कर स्थायी समाधान किया जा सके।

बैठक के दौरान डॉ अग्रवाल ने कहा कि बीते माह अगस्त में ऋषिकेश विधानसभा के विभिन्न क्षेत्रों में भारी बारिश से काफी नुकसान हुआ। जिसके चलते आडवाणी प्लॉट, भल्ला फार्म, बंगाला नाला, खैरी खुर्द, पांडे प्लांट, गढ़ी मयचक, जोगीवाला, तुनीवाला, गौहरी माफी, रायवाला, प्रतीत नगर, साहब नगर, खदरी, भट्टोवाला, गुलजार फॉर्म सहित अन्य क्षेत्रों में भारी नुकसान हुआ।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि सिंचाई विभाग आपदा से हुए नुकसान का स्टीमेट बनाते वक्त स्थानीय लोगों को भरोसे में अवश्य लें, जिससे आपदा से प्रभावित सभी क्षेत्र एस्टीमेट में सम्मिलित हो जाए। उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि गुलजार फॉर्म में पानी की निकासी के लिए स्थाई समाधान निकाला जाए।

सिंचाई विभाग के उच्च अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ सुरक्षा के कार्याे में बंगालानाला, सेवलानाला, खेरीखुर्द, गढ़ी मयचक के लिए 419.54, तुनिवाला, चक जोगीवाला के लिए 285.43 और गोहरी माफी, प्रतीतनगर, रायवाला के लिए 998.76 करोड़ रुपए का अभी तक एस्टीमेट तैयार किया गया है।

इस मौके पर जिलाधिकारी देहरादून सोनिका, सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता संजय राज, अधिशासी अभियंता दिनेश उनियाल, प्रधान संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष सोबन सिंह कैंतुरा, प्रधान सागर गिरी, प्रधान चंद्रमोहन पोखरियाल, प्रधान रोहित नौटियाल, प्रधान प्रतिनिधि शांति प्रसाद थपलियाल, समाज सेवी मानवेंद्र कंडारी, संदीप कुड़ियाल, ममता रावत, प्रभाकर पैन्यूली, राजेश जुगलान, अंबर गुरुंग, रोशन कुड़ियाल, दिनेश रावत सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे।

देर रात गुज्जर प्लाट पहुंचे मंत्री अग्रवाल, किया आंतरिक मार्गों का भूमि पूजन

क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने गुज्जर प्लाट में 97.99 लाख रुपए की लागत से लगभग 1.38 किमी लंबे विभिन्न आंतरिक मार्गों का भूमि पूजन कर शिलान्यास किया।

डॉ अग्रवाल ने वार्ड संख्या 37 में गुज्जर बस्ती के विभिन्न आंतरिक मार्गों का निर्माण कार्य जिनकी लम्बाई 1.38 किमी व लागत 97.99 लाख रुपए का भूमि पूजन कर कहा कि उनकी विधायकी के साढ़े 16 वर्षों में अभूतपूर्व कार्य किये गए। कहा कि विकास कार्यों के लिए कभी धन की कमी आड़े नहीं आएगी। बताया कि गुज्जर बस्ती में अक्सर आते हैं, यहाँ की पीड़ा से भलीभांति परिचित भी है और सदैव जनता के साथ खड़े हैं।

डा. अग्रवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में राज्य की धामी सरकार का पूरा ध्यान विकास के नवरत्नों पर है। इसमें पहला रत्न- केदारनाथ-बद्रीनाथ धाम में 1300 करोड़ रुपए से पुनर्निर्माण का कार्य, दूसरा रत्न- ढाई हजार करोड़ रुपए की लागत से गौरीकुण्ड-केदारनाथ और गोविंदघाट-हेमकुण्ट साहिब रोपवे का कार्य, तीसरा रत्न- कुमायूं के पौराणिक मंदिरों को भव्य बनाने के लिये मानसखण्ड मंदिर माला मिशन का कार्य किया जा रहा है। इसके तहत पहले चरण में 16 मन्दिरों को शामिल किया गया है।

डॉ अग्रवाल ने बताया कि चौथा रत्न- पूरे राज्य में होम स्टे को तेजी से बढ़ावा दिया जाना। पांचवा रत्न- राज्य में 16 ईको टूरिज्म डेस्टिनेशन का विकास, छठा रत्न- उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं का तेजी से विस्तार, उधमसिंह नगर में एम्स का सेटलाइट सेंटर भी बनाया जा रहा है। सातवां रत्न- करीब 2 हजार करोड़ रुपए की लागत वाली टिहरी लेक डेवलपमेंट परियोजना के कार्य किये जा रहे हैं। आठवां रत्न- ऋषिकेश-हरिद्वार का एडवेंचर टूरिज्म और योग की राजधानी के रूप में विकास किया जा रहा है और नौवा रत्न- टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन इस पर भी जल्द काम शुरू हो जाएगा।

इस मौके पर पूर्व दर्जाधारी राज्य मंत्री सुरेंद्र मोंगा, पार्षद विजेंद्र मोंगा, पार्षद वीरेंद्र रमोला, पुरुषोत्तम राणा, अनिल कुमार, सुनीता देवी, आशा देवी, अनीता देवी, धर्म सिंह गुनसोला, लोनिवि के सहायक अभियंता सतीश कुमार, कनिष्ठ सहायक अभियंता लक्ष्मी गुप्ता आदि उपस्थित रहे।

अपना काफिला रोक घायल युवक का मंत्री अग्रवाल ने जाना हाल


क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने हरिद्वार दौरे से ऋषिकेश लौटते समय अपना काफिला रोककर सड़क पर पड़ी रोड़ी की चपेट में आये युवक का हाल जाना। साथ ही एनएच सचिव पंकज पांडे को दूरभाष पर वार्ता कर गुणवत्ता के लिए निर्देशित किया।

गुरुवार को मंत्री डॉ अग्रवाल हरिद्वार एक कार्यक्रम से लौट रहे थे, तभी श्यामपुर फाटक से कुछ कदम आगे सड़क पर पड़ी रोड़ी की चपेट में आये युवक को देखकर काफिला रुकवाया। डॉ अग्रवाल ने युवक की पहचान हरिद्वार निवासी शिव कुमार के रूप में कराई।

डॉ अग्रवाल को युवक ने बताया कि वह ज्वालापुर से आईडीपीएल की ओर आ रहे थे। रोड़ी की चपेट में आकर चोटिल हो गए। डॉ अग्रवाल ने एनएच के सचिव पंकज पांडेय से दूरभाष पर वार्ता की और सड़क की गुणवत्ता के लिए निर्देशित किया।

प्राधिकरणों में मानचित्र निस्तारण की समय सीमा कम करने पर कर रही धामी सरकार कर रही विचार

प्रदेश के जिला विकास प्राधिकरणों में मानचित्र निस्तारण में समयावधि लंबी होने पर आ रही दिक्कतों को देखते हुए अब राज्य सरकार इसके निस्तारण की अवधि को कम करने का विचार कर रही है। साथ ही प्राधिकरण में कार्यरत कार्मिकों पर भी पूरी नजर बनाते हुए कमी पाए जाने पर वेतन तक रोके जाने का मन बना रही है। यह जानकारी प्रदेश के आवास मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने दी।

आवास मंत्री डा. अग्रवाल ने बताया कि अभी तक जिला विकास प्राधिकरणों में एकल आवासीय इकाई व आवासीय मानचित्र के निस्तारण की निर्धारित समय सीमा 15 दिन है, जिसे सरकार 07 दिन करने का विचार कर रही है, जबकि गैर एकल आवासीय इकाई मानचित्र के निस्तारण की निर्धारित समय सीमा 30 दिन है, जिसे सरकार 15 दिन करने का मन बना रही है।

डा. अग्रवाल ने बताया कि अभी तक देखा गया है कि प्राधिकरण में कार्यरत कार्मिकों द्वारा मानचित्रों का निस्तारण तय समय सीमा के अंतर्गत नहीं किया जा रहा है, जबकि इस संबंध में कई बार बैठक भी आयोजित की गई। इसके चलते सरकार यह निर्णय लेने पर विचार कर रही है कि प्राधिकरण में ऐसे कार्मिक जो तय अवधि के भीतर निस्तारण नहीं कर रहे है तथा जिनकी पत्रावलियां 50 प्रतिशत से अधिक है और उनका निस्तारण निर्धारित समय सीमा पर नहीं किया गया है। उनका वेतन रोका जाएगा।

डा. अग्रवाल ने बताया कि लापरवाह कर्मचारी के वेतन रोके जाने संबंधी कार्य का दायित्व प्राधिकरण में तैनात वित्त नियंत्रक का होगा, जबकि संबंधित प्राधिकरण का उपाध्यक्ष लापरवाह कर्मचारी को चिन्हित करेंगे। डा. अग्रवाल ने यह भी बताया कि प्राधिकरण में एकल आवासीय इकाई एवं आवासीय मानचित्र तथा गैर एकल आवासीय इकाई मानचित्र का निस्तारण पर अनावश्यक आपत्तियां लगाने वाले कर्मचारी का भी सरकार वेतन रोकने का मन बना रही है।

मंत्री अग्रवाल ने रूड़की में हुए कार्यों को लेकर अधिकारियों की ली संयुक्त बैठक

शहरी विकास व आवास मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने जल संस्थान, नगर निगम रूड़की और एडीबी के अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक की। इस दौरान रूड़की में डीएवी कॉलेज रोड निकट अंबर तालाब के समीप किए गए कार्यों की जानकारी हासिल की। साथ ही बीते दिनों रूड़की में स्थलीय निरीक्षण करने के बाद मंत्री डा. अग्रवाल ने परियोजना में हुए कार्यों की जांच के निर्देश दिए।

बुधवार को विधानसभा स्थित कार्यालय कक्ष में हुई बैठक में डा. अग्रवाल ने संबंधित अधिकारियों की फटकार लगाते हुए कहा कि वर्ष 2019 में एडीबी द्वारा सीवर पाइप लाइन तथा नगर निगम रूड़की द्वारा सड़क निर्माण किया गया। जिसे 2022 में जल संस्थान के सुपुर्द कर दिया गया। मगर, सड़क का निर्माण मजबूती से न होने पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए है, जिस पर राहगीरों एवं स्थानीय निवासियों को असुविधा को सामना करना पड़ रहा है, जिस पर मंत्री डा. अग्रवाल द्वारा अत्यंत रोष प्रकट किया गया।

डा. अग्रवाल ने सख्त लहजे में कहा कि जनता को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए उन्होंनें तत्कालिक राहत दिये जाने हेतु संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए। साथ ही कहा कि उच्चस्तरीय जांच कमेटी भी गठित करने की जाएगी। जिसमें आईआईटी रूड़की के प्रोफेसर जो संबंधित प्रकरण के विशेषज्ञ होंगे, की देखरेख में उक्त समिति द्वारा जांच कराई जाएगी। तथा किये गए कार्याे का उत्तरदायित्व भी निर्धारित किया जा सकेगा। साथ ही भविष्य में स्थायी समाधान हेतु समिति से प्रस्ताव प्राप्त किया जाएगा।

इस मौके पर परियोजना निदेशक उत्तराखंड शहरी क्षेत्र विकास एजेंसी चंद्रेश कुमार, एडिशनल प्रोग्राम डायरेक्टर विनय मिश्रा, एमएनए नगर निगम रूड़की विजय चंद्र शुक्ल, जल संस्थान सहायक अभियंता अब्दुल रासिद सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।