राष्ट्रीय सरस आजीविका मेला-2023ः पहाड़ी व्यंजनों की स्टॉल ने मोहा मन, सांस्कृतिक संध्या रही आकर्षक का केंद्र

दस दिवसीय राष्ट्रीय सरस आजीविका मेले का उद्धघाटन मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री/जनपद प्रभारी मंत्री प्रेम चंद्र अग्रवाल, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल सहित अन्य गणमान्यों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। सर्वप्रथम मुख्य अतिथि सहित अन्य गणमान्यों द्वारा देश के विभिन्न राज्यों से आए स्वयं सहायता समूहों के स्टालों का निरीक्षण किया गया।

इस मौके पर वित्त, शहरी विकास एवं आवास मंत्री/जनपद प्रभारी मंत्री प्रेम चंद्र अग्रवाल ने सभी को मेले की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मेले का मतलब होता है एक दूसरे से मेल मिलाप। मा. प्रधानमंत्री जी का वोकल फॉर लोकल कहने का उद्देश्य स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करना है। उनके द्वारा स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दिये जाने हेतु बाबा केदारनाथ धाम से यह भी कहा गया था कि चारधाम यात्रा पर जो भी श्रद्धालु आयें वे अपने खर्चे का 5 प्रतिशत स्थानीय उत्पादों पर लगायें। कहा कि मेले में देश के विभिन्न राज्यों के स्वयं सहायता समूहों द्वारा अपने उत्पादों का विक्रय किया जा रहा है, सभी लोग कुछ न कुछ खरीदकर स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देकर उत्पादों को लाभ पहंुचाने की अपील की गई। प्रदेश मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी भी इसको आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं। कैबिनेट मंत्री श्री अग्रवाल ने देश-प्रदेश के पर शहादत देने वालों को नमन करते हुए कहा कि हमारा राज्य उत्तराखण्ड एक सर्वश्रेष्ठ राज्य के रूप मंे विकसित हो, इसमें सबकी भागीदारी जरूरी है।

मेले की अध्यक्षता कर रहे वन एवं पर्यावरण मंत्री सुबोध उनियाल ने सभी को मेले की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरकार स्वयं सहायता समूहों को विकसित कर स्वरोजगार के अवसर प्रदान कर रही है। कहा कि इनका वृहद् प्रचार-प्रसार जरूरी है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इनका लाभ उठा सकें तथा स्थानीय उत्पादकों को लाभ मिल सके। सरकार स्वयं सहायता समूहों को सब्सिडी देकर लाभ पहुंचाने का कार्य कर रही है, ताकि महिलाएं आत्मनिर्भर बन सके। कहा कि इको टूरिज्म के माध्यम से भी रोजगार चिन्ह्ति किये जा रहे हैं। कहा कि सरकार का उद्देश्य आजीविका को बढ़ाना है, जिसमें महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा अच्छा कार्य किया जा रहा है।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए अवगत कराया गया कि मेले में 19 राज्यों के 116 स्वयं सहायता समूह के लगभग 313 सदस्य प्रतिभाग कर रहे हैं। इनमें उत्तराखंड से 81 स्वयं सहायता समूह के 243 सदस्य जबकि अन्य 18 राज्यों के 35 स्वयं सहायता समूह के लगभग 70 सदस्य तथा जनपद टिहरी के 18 स्वयं सहायता समूह के लगभग 53 सदस्य शामिल हैं।

इस मौके पर अध्यक्ष जिला पंचायत सोना सजवाण, विधायक प्रतापनगर विक्रम सिंह नेगी, ब्लॉक प्रमुख नरेंद्रनगर राजेंद्र भंडारी, प्रतापनगर प्रदीप रमोला, अध्यक्ष नगरपालिका मुनिकी रेती रोशन रतूड़ी, अध्यक्ष नगर पंचायत गजा मीना खाती, सीडीओ मनीष कुमार, जिलाध्यक्ष भाजपा राजेश नौटियाल, अध्यक्ष मंडी परिषद विनोद कुकरेती, एडीएम के.के. मिश्र, डीडीओ सुनील कुमार सहित अन्य गणमान्य, जनप्रतिनिधि, समस्त जिला स्तरीय अधिकारी, मीडिया प्रतिनिधि, सांस्कृतिक दल, महिला/युवक मंगल दल, स्वयं सहायता समूह, स्कूली बच्चे एवं क्षेत्रीय जनता मौजूद रहे।

सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र पाकर फिले चयनित अभ्यर्थियों के चेहरे, सीएम ने दिया ज्वाइनिंग पत्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में नगर निकायों की पालिका अकेन्द्रीयित सेवा के अंतर्गत उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से चयनित 226 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। जिन अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये गये उनमें नगर निकायों में कर एवं राजस्व मोहर्रिरों/कर संग्रहकर्ता के 148 अभ्यर्थी एवं कनिष्ठ सहायक सह डाटा एन्ट्री ऑपरेटर के 78 अभ्यर्थी शामिल हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नगर निगम देहरादून द्वारा विकसित किये गये सिटीजन एप ‘वन स्टॉप सोल्यूशन’ भी लांच किया। ओडीएफ प्लस के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने के लिए जनपद हरिद्वार एवं जनपद टिहरी को और स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत सबसे अधिक श्रमदान करने के लिए देहरादून एवं उधमसिंह नगर जनपद को मुख्यमंत्री ने पुरस्कृत किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चयनित सभी 226 अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इन पदों पर नियुक्तियां होने से जनता की परेशानियां दूर होंगी, कार्यों में भी तेजी आयेगी। मुख्यमंत्री ने चयनित अभ्यर्थियों को कहा कि जीवन में मानक बनाकर आगे बढ़ें। यदि हम अपने कार्यों को ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा से करते हैं, तो इससे मन में संतोष का भाव आता है। जीवन को सफल और सार्थक बनाने के लिए उद्देश्य के साथ आगे बढ़ना जरूरी है। उन्होंने कहा कि रोजगार और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा तेजी से प्रयास किये जा रहे हैं। विभिन्न विभागों में रिक्त पदों को भरने के लिए प्रक्रियाएं तेजी से चल रही हैं।
अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी को विभागों में रिक्त पदों का संज्ञान लेकर नियुक्ति प्रक्रियाओं में तेजी लाने के लिए जिम्मेदार दी गई है। राज्य में सभी प्रतियोगी परीक्षाएं पूर्ण पारदर्शिता के साथ हों, इसके लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी करने वालों पर सख्त कारवाई की गई। 80 से अधिक लोगों को जेल भेजा गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 9 वर्षों से देश में युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के क्षेत्र में जो अभियान चल रहा है, उसमें हाल में ही एक और कड़ी जुड़ी है और ये कड़ी है रोजगार मेले की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में वैश्विक स्तर पर भारत का मान, सम्मान और स्वाभिमान बढ़ा है। भारत तेजी से महाशक्ति के रूप में आगे बढ़ रहा है। 2047 तक भारत को बड़ी अर्थव्यवस्था और महाशक्ति के रूप में आगे बढ़ाने के लिए तेजी से कार्य किये जा रहे हैं। इसमें प्रत्येक भारतवासी का योगदान महत्वपूर्ण है। आजादी के अमृत महोत्सव में हम सभी को अपने-अपने क्षेत्रों में तेजी से कार्य कर आगे बढ़ना है। विकसित भारत बनाने के लिए सबको अपना योगदान देना होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर वर्ग के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध होकर निरंतर कार्य कर रही है। उत्तराखण्ड को 2025 तक देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाने के लिए सरकार के विकल्प रहित संकल्प की सिद्धि में सबका सहयोग जरूरी है।

शहरी विकास मंत्री प्रेमचन्द अग्रवाल ने कहा कि आज जिन अभ्यर्थियों को नियुक्तियां दी गई हैं, इनके आने से शहरी विकास एवं निकायों के तहत होने वाले कार्यों में तेजी आयेगी। उन्होंने चयनित अभ्यर्थियों से आशा व्यक्त की कि अपने कार्यक्षेत्र में पूरी सेवा और समर्पण भाव से कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्म दिवस 17 सितम्बर से 02 अक्टूबर, गांधी जयंती तक मनाये जा रहे स्वछता ही सेवा पखवाड़ा के अन्तर्गत प्रदेश में अनेक कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं।

इस अवसर पर मेयर सुनील उनियाल गामा, सचिव अरविन्द सिंह ह्यांकी, निदेशक शहरी विकास नितिन भदौरिया, अपर सचिव कर्मेन्द्र सिंह, नगर आयुक्त देहरादून मनुज गोयल एवं शहरी विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

लंदन दौरे से लौटे मुख्यमंत्री धामी के स्वागत के लिए पहुंचे मंत्री अग्रवाल, सतपाल, उनियाल आर्य

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का लंदन दौरे के बाद देहरादून पहुंचने पर कैबिनेट मंत्रियों सतपाल महाराज, प्रेमचंद अग्रवाल, गणेश जोशी, सुबोध उनियाल तथा रेखा आर्या द्वारा उनका स्वागत किया गया। राज्य में निवेश को तेजी से बढ़ावा देने के लिए लंदन और बर्मिंघम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुए रोड शो और बैठकों में 12 हजार 05 सौ करोड़ से अधिक के प्रस्तावों पर सहमति बनने पर सभी ने मुख्यमंत्री के प्रयासों की सराहना करते हुए उनका आभार व्यक्त किया।

कैबिनेट मंत्रियों ने मुख्यमंत्री के ब्रिटेन दौरे को निवेश की दृष्टि से राज्य की आर्थिकी को मजबूत करने वाला बताया। मुख्यमंत्री के यू.के. भ्रमण से वहां के उद्यमियों के साथ ही प्रवासी उत्तराखंड वासियों द्वारा राज्य में निवेश के लिये की गई पहल निश्चित रूप से मुख्यमंत्री की अन्य देशों के प्रस्तावित दौरे तथा देश के प्रमुख शहरों में आयोजित होने वाले रोड शो में भी राज्य के प्रति और अधिक निवेशक आकर्षित होंगे। ये प्रयास माह दिसंबर में होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 2.50 लाख करोड़ के निवेश के लक्ष्यों को प्राप्त करने में भी मददगार होंगे।

उन्होंने प्रवासी उत्तराखंड वासियों और उत्तराखंड सरकार के बीच बेहतर सामंजस्य स्थापित करने तथा उनके निवेश प्रस्तावों पर त्वरित कार्यवाही करने के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय में एक उत्तराखण्ड अप्रवासी सेल बनाये जाने के मुख्यमंत्री के निर्णय की भी सराहना की है। सभी मंत्रीगणों का मानना है कि मुख्यमंत्री द्वारा राज्यहित में की गई पहल निश्चित रूप से राज्य के पर्यटन तथा उद्योगों को भी गति प्रदान करने वाला होगा। इससे राज्य के युवाओं को रोजगार के अवसर तो उपलब्ध होंगे ही साथ ही प्रदेश की आर्थिकी को भी नया संबल प्राप्त होगा।

ज्ञातव्य है कि मुख्यमंत्री द्वारा फ्रांस के पोमा ग्रुप के साथ हुई बैठक में उत्तराखंड के पर्यटन क्षेत्रों और सुदूर क्षेत्रों को रोपवे द्वारा जोड़ने तथा जन परिवहन की दृष्टि से इस माध्यम को प्रयोग में लाने के लिये 02 हजार करोड़ रुपए का करार किया गया। पोमा ग्रुप द्वारा राज्य में देश का पहला रोपवे मैन्युफैक्चरिंग पार्क विकसित किए जाने के संदर्भ में संभावनाएं तलाशने हेतु कार्य करने का भी प्रस्ताव दिया गया। उसके बाद इंग्लैंड में स्थित भारतीय दूतावास में पर्यटन क्षेत्र की विभिन्न गतिविधियों में शामिल लोगों के साथ बैठक में उत्तराखंड में पर्यटन गतिविधियों में तेजी लाने हेतु कार्ययोजना पर मंथन किया गया तथा उन्हें प्रदेश की नई पर्यटन नीति के संबंध में जानकारी दी गई।

यही नही उत्तराखंड में विभिन्न स्थानों पर केबल कार परिवहन व्यवस्था विकसित करने तथा औली, दयारा बुग्याल और मुनस्यारी में शीतकालीन खेलों को बढ़ावा देने हेतु विंटर स्पोर्ट्स डेस्टिनेशन विकसित किए जाने हेतु सहमति जताते हुए अमेरिका के के.एन. ग्रुप के साथ 4800 करोड़ रुपए का निवेश करार किया गया। ब्रिटिश पार्लियामेंट के लार्ड मेयर तथा बर्मिंघम विश्वविद्यालय के कुलपति बिली मोरया के साथ हुई बैठक में उत्तराखंड में शिक्षा के क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं के विषय में चर्चा की गई। तथा उत्तराखंड में एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किए जाने हेतु सहमति जताई गई। उत्तराखण्ड में निवेश हेतु विभिन्न कंपनियों के 80 डेलिगेशनों के साथ ही सघन बैठक (लंदन रोड शो) में लगभग 1250 करोड़ रूपये के प्रस्तावों पर हस्ताक्षर किये गये।

मुख्यमंत्री द्वारा ब्रिटेन के बर्मिंघम शहर में आयोजित, उत्तराखंड में निवेश हेतु विभिन्न कंपनियों के 250 डेलिगेशनों के साथ हुई सघन बैठक (बर्मिघम रोड शो) में लगभग 1500 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों पर हस्ताक्षर किए गए। तथा ब्रिटेन में कार्यरत विभिन्न उद्योग समूहों के साथ हुई बैठक में पर्यटन एवं विनिर्माण क्षेत्रों में हुए करार के अंर्तगत 3300 करोड़ रुपए के अनुबंध पत्रों पर हस्ताक्षर किए गए।

जनपदों में असुरक्षित भवनों को सुरक्षित करने के लिए बनेगी सात सदस्यीय समिति

जोशीमठ में भूधंसाव की घटना के बाद अब सरकार प्रदेश के समस्त जनपदों के डेंजर जोन के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता पर सात सदस्यीय समिति बनाने पर विचार कर रही है। यह समिति अपनी रिपोर्ट देगी, इसके बाद उन भवनों को सुरक्षित किया जाएगा। यह जानकारी प्रदेश के आवास मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने दी।

आवास मंत्री डा. अग्रवाल ने जानकारी देकर बताया कि धामी सरकार जोशीमठ आपदा के बाद राज्य के सभी जनपदों में वर्तमान में निर्मित ऐसे भवन जों भूकंप, भू-स्खलन, भू-धंसाव, अतिवृष्टि आदि की दृष्टि से जोखिम भरे भवनों की श्रेणी में आते हैं। उन्हें चिन्हित कर सुरक्षित करने को मानक संचालन प्रक्रिया संबंधी प्रस्ताव पर विचार कर रही है।

आवास मंत्री डा. अग्रवाल ने बताया कि समस्त जनपदों में भूकंप, भू-स्खलन, भू-धंसाव, अतिवृष्टि आदि जोखिम संभावित भवनों के चिन्हिकरण कर सुरक्षित करने को सात सदस्यीय समिति बनाने पर विचार कर रही है। डा. अग्रवाल ने बताया कि अपने-अपने जनपदों में जिलाधिकारी इस समिति की अध्यक्षता करेंगे, जबकि अन्य छह इसके सदस्य रहेंगे।

आवास मंत्री डा. अग्रवाल ने बताया कि जिलाधिकारी के अलावा इन छह सदस्यों में जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अथवा सचिव, संबंधित क्षेत्र के उपजिलाधिकारी, लोकनिर्माण विभाग अथवा सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता, सहायक भू-वैज्ञानिक (भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग), आपदा न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र के निदेशक अथवा उनके द्वारा नामित प्रतिनिधि और संबंधित नगर निकाय के अधिशासी अधिकारी रहेंगे।

आवास मंत्री डा. अग्रवाल ने बताया कि इन सात सदस्यीय समिति में आवश्यकतानुसार कोई भी संबंधित विशेषज्ञ को आमंत्रित सदस्य के रूप में नाम किया जा सकता है। बताया कि यह समिति प्रत्येक जनपद में ऐसे निर्मित भवन जो जोखिम संभावित भवनों की श्रेणी के अंतर्गत आते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि 30 डिग्री से अधिक ढाल पर निर्मित भवन, नदियों के अंतर्गत अथवा फ्लड जोन के अंतर्गत निर्मित भवन आदि ऐसे समस्त भवन जो असुरक्षित हों।

आवास मंत्री डा. अग्रवाल ने बताया कि ऐसे असुरक्षित भवनों का भी चिन्हिकरण किया जाएगा, जिन्हें रेट्रोफिटिंग द्वारा सुरक्षित किया जा सकता है। बताया कि समिति इनके चिन्हिकरण के बाद आपदा न्यूनीकरण भवनों को सुरक्षित किये जाने के लिए आवश्यक कार्यवाही करेगी।

समाज के सर्वश्रेष्ठ चिंतक रहे दीनदयाल उपाध्यायः प्रेमचंद

पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस मौके पर क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने बुजुर्गों व मातृ शक्ति का सम्मान कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

गुमानीवाला में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री डॉ अग्रवाल जी ने कहा कि देश में जब भी सामाजिक, आर्थिक चिंतन की बात की जाती है तो पं.दीनदयाल जी का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। पं.जी स्वदेशी आधारित सामाजिक, आर्थिक चिंतन के सर्वश्रेष्ठ चिंतक रहे।

मंत्री डॉ अग्रवाल जी ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय सादा जीवन, उच्च विचार और दृढ़ संकल्प व्यक्तित्व के धनी थे। वे एक मेधावी छात्र, संगठक लेखक, पत्रकार, विचारक, राष्ट्रवादी और एक उत्कृष्ट मानवतावादी थे। उनके सामाजिक, राजनीतिक और व्यक्तिगत जीवन में सबसे कमजोर और सबसे गरीब व्यक्ति की चिन्ता सदैव कचौटती थी। उनका मानना था कि अंत तक बैठे व्यक्ति का विकास हो। उनकी योजना आज भी देशहित में कारगार साबित हो रही है।

इस मौके पर डॉ अग्रवाल ने बुजुर्गों व मातृ शक्ति का सम्मान कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष श्यामपुर दिनेश पयाल, महामंत्री चंद्रमोहन पोखरियाल, सतपाल राणा, हरपाल राणा, मण्डल अध्यक्ष किसान मोर्चा रविन्द्र रमोला, सच्चिदानंद रतूड़ी, संजय पोखरियाल, सोहन लाल, भरत सिंह आदि मौजूद रहे।

मंत्री अग्रवाल ने पीएम मोदी का जताया आभार, राज्यसभा में महिला बिल पास होने पर मनाई खुशियां

क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने राज्यसभा में महिला आरक्षण बिल पास होने पर महिला मोर्चा के पदाधिकारियों के साथ खुशियां मनाई। इस दौरान एक-दूसरे का मुंह मीठा भी कराया।

बैराज रोड स्थित कैम्प कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में डॉ अग्रवाल ने कहा कि राज्यसभा में महिला आरक्षण बिल पारित होना महिलाओं के लिए हर्ष की बात है, प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के नेतृत्व में यह इतिहास रचा गया है।

डॉ अग्रवाल ने बताया कि राज्यसभा में बिल के पक्ष में 215 वोट पड़े, जबकि विरोध में एक भी वोट नहीं पड़ा। डॉ अग्रवाल ने कहा कि नारी शक्ति को एक विशेष सम्मान सिर्फ विधेयक पारित होने से मिलेगा।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि इस विधेयक के प्रति देश के सभी राजनीतिक दलों की सकारात्मक सोच होना ये हमारे देश की नारी शक्ति को नई ऊर्जा देने वाली है। कहा कि राज्यसभा में वोटिंग में सभी सांसदों ने एक सुर में बिल को समर्थन दिया। यह अपने आप में बड़ी बात है।

जिलाध्यक्ष कविता शाह ने पीएम मोदी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि हमारे देश की लोकतांत्रिक यात्रा में एक निर्णायक क्षण महिला आरक्षण बिल पास होना है। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के पारित होने के साथ, हम भारत की महिलाओं के लिए मजबूत प्रतिनिधित्व और सशक्तिकरण के युग की शुरुआत हुई है।

इस मौके पर जिलाध्यक्ष महिला मोर्चा कविता शाह, मण्डल अध्यक्ष माधवी गुप्ता, निर्मला उनियाल, पार्षद तनु तेवतिया, जिला महामंत्री अनिता प्रधान, गीता मित्तल, पूनम कंडवाल, निवेदिता सरकार, पिंकी धस्माना, ममता सकलानी, गीता थापा, भावना किशोर गौड़, तनु रस्तोगी, माया घले, रीता असवाल, सुधा असवाल, श्वेता, मनोरमा, शिला अग्रवाल, आशा पुनः, शीतल क्षेत्री, माया थापा सहित अन्य महिलाएं उपस्थित रहे।

शहरी विकास मंत्री ने ली डेंगू की रोकथाम को विभागीय समीक्षा

शहरी विकास मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने डेंगू रोग की रोकथाम के लिए निकाय स्तर पर की गई कार्यवाही को लेकर समीक्षा की। इस दौरान डा. अग्रवाल ने ‘नो संडे नो हॉलीडे’ को लेकर उच्चाधिकारियों से सप्ताह में तीन दिन में इसकी मॉनिटरिंग करने के भी निर्देश दिए।

विधानसभा स्थित कार्यालय कक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में डा. अग्रवाल ने उच्चाधिकारियों से डेंगू की रोकथाम को लेकर जानकारियां जुटाई। प्रमुख सचिव आरके सुधांशु ने बताया कि मैदानी क्षेत्रों के 41 निकायों में 791 वार्ड है, जिनमें 664 वार्डों में फॉगिंग की गई है, जबकि 694 वार्डों के नालों में सफाई की गई है। उन्होंने बताया कि 768 वार्डों में जागरूकता अभियान चलाया गया है।

शहरी विकास के निदेशक नितिन भदौरिया ने बताया कि मैदानी क्षेत्रों के 41 निकायों में 238 मलिन बस्तियां है, जिसमें 210 में फॉगिंग की गई है, जबकि सभी नालों में सफाई की गई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में छह हजार लीटर दवा छिड़काव किया गया है।

विभागीय मंत्री डा. अग्रवाल ने कहा कि डेंगू के लार्वा को किसी भी कीमत में खत्म करने के लिए निकाय स्तर पर तैनात अतिरिक्त पर्यावरण मित्रों को लगाया जाए। उन्होंने कहा कि सप्ताह में तीन बार इसकी मॉनिटरिंग की जाएं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ भी समन्वय स्थापित करें, जिससे डेंगू की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाये जा सकें।

विभागीय मंत्री डा. अग्रवाल ने कहा कि डेंगू रोग की रोकथाम के लिए निकायों में सघन अभियान के साथ प्रचार-प्रसार की गतिविधियां बढ़ाई जाएं। इसके लिए सोशल मीडिया को हथियार के रूप में प्रयोग में लाएं। साथ ही नुक्कड़ नाटक, होर्डिंग्स, रेडियो जिंगल, कूड़ा वाहनों में संदेशात्मक ऑडियों प्रसारित की जाएं।

इस मौके पर प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, शहरी विकास के निदेशक नितिन भदौरिया, अपर निदेशक अशोक पांडेय, नगर आयुक्त मनुज गोयल सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

केंद्रीय शहरी विकास मंत्री को डा. अग्रवाल ने बताई प्रदेश की योजनाएं

शहरी विकास मंत्री उत्तराखंड सरकार डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी जी से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान स्वच्छता रैंकिंग में उत्तराखंड की स्थिति में लगातार सुधार आने पर केंद्रीय मंत्री ने डॉ अग्रवाल को बधाई दी।

नई दिल्ली में हुई मुलाकात में डा. अग्रवाल ने राज्य में शहरी विकास के अंतर्गत चल रही योजनाओं की जानकारी दी। साथ ही केंद्र सरकार के कुशल नेतृत्व में उत्तराखंड में चल रहे विकास कार्यों के लिए आभार व्यक्त किया।

इस मौके पर मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि पहली बार स्वच्छ भारत मिशन में उत्तराखंड में 6 पुरस्कार हासिल किए। उन्होंने बताया कि लगातार नगर निकायों को स्वच्छ भारत मिशन के तहत कार्य करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

उन्होंने अवगत कराया कि राज्य में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की दिशा में भी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। डॉ अग्रवाल ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि राज्य में जी-20 के अंतर्गत तीन कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित हुए, जिसमें शहरी विकास विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका रही। बताया कि जी-20 के तहत नगर का सुनियोजित विकास हुआ। जिसमें सड़क, फ़साड़ योजना, नालियों की स्थिति, गंगा तट को भव्यतापूर्वक बनाने आदि कार्य किये गए।

इस मौके पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी जी से शहरी विकास मंत्री उत्तराखंड सरकार डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने अन्य विषयों को लेकर भी विस्तार से वार्ता की।

स्मार्ट सिटी के कार्यों से मंत्री नाखुश, फटकार लगाकर दिया दो दिन का अल्टीमेटम

शहरी विकास मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने देहरादून स्मार्ट सिटी द्वारा किये जा रहे कार्यों का ओचक निरीक्षण किया। इस दौरान स्मार्ट सिटी के कार्यों में कई खामियां मिलने पर अधिकारियों को जमकर फटकार लगी। जिसको दुरुस्त करने को अधिकारियों ने मंत्री डॉ अग्रवाल ने 2 दिन का समय मांगा।

मंगलवार को डॉ अग्रवाल ईसी रोड पहुंचे, जहाँ से चकराता रोड होते हुए बिंदाल पुल से आगे तक पैदल चलकर फुटपाथ, वाटर सप्लाई, ड्रेनेज, सड़क, डक्ट आदि कार्यों का निरीक्षण किया। डॉ अग्रवाल ने यहाँ सड़क किनारे बड़े नालों में पानी भरने, स्लैब न डालने तथा आड़े तिरछे निकले सरियों को लेकर अधिकारियों की जमकर क्लास ली।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि जहाँ एक ओर सरकार देहरादून नगर सहित पूरे प्रदेश के विकास के लिए सराहनीय कार्य कर रही है, मगर अधिकारियों की कार्यशैली संतोषजनक नहीं है। उन्होंने निरीक्षण के दौरान स्थानीय नागरिकों से भी स्मार्ट सिटी के कार्यों का फीडबैक लिया। जिसके बाद कार्याे को शीघ्र करने के निर्देश दिए।

इसके बाद डॉ अग्रवाल ने अधिकारियों को गुणवत्तापरक व समय पर काम न करने के साथ सुरक्षात्मक दृष्टि से काम न होने पर कड़ी फटकार लगाई। डॉ अग्रवाल ने मौजूदा अधिकारियों को निर्देशित कर कहा कि जल्द ही सड़क किनारे बड़े नालों पर आवश्यकतानुसार स्लैब डाला जाए। जहाँ स्लैब नहीं बन पाने पर निर्माण कार्य क्षेत्र में बेरिकेडिंग लगाई जाए। साथ ही ड्रेनेज कार्य के बगल में गड्ढे भरने को कहा। जिसके लिए डॉ अग्रवाल से अधिकारियों ने 2 दिन का समय मांगा।

डॉ अग्रवाल ने यूपीसीएल के अधिकारियों से भी समन्वय बनाकर आवश्यकतानुसार बीच पोल को हटाने के निर्देश दिए।

इस मौके पर चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर जगमोहन चौहान, प्रोजेक्ट मैनेजर प्रवीण कुश, अधीक्षण अभियंता अनिल पांगती, यूपीसीएल के अधीक्षण अभियंता गौरव सकलानी, लोनिवि के सहायक अभियंता तनुज कांबोज, कनिष्ठ अभियंता वर्तिका आदि उपस्थित रहे।

आपातकाल के दौरान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कुचला गयाः अग्रवाल

क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने आपातकाल की 48वीं वर्षगांठ पर अपना बयान जारी कर कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी के शासन के दौरान 1975 में लगा आपातकाल काले अध्याय से कम नहीं था। इस दौरान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कुचला गया। आपातकाल के दौरान पूरे देश में लोकतांत्रित तरीके से आंदोलन हुए।

डा. अग्रवाल ने कहा कि इस वक्त सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग भी किया गया। कहा कि जेल में आपातकाल के दौरान पकड़े गए लोगों को सामान्य कैदी की तरह ही रखा जाता था। उन्हें कीड़े लगे चावल और पानी वाली दाल मिलती थी।

डा. अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस ने उस समय अपनी सत्ता बचाने और राजनीति स्वार्थ पूरा करने के लिए लोकतंत्र की हत्या देश में आपातकाल लगाकर की थी। कहा कि आपातकाल की नींव 12 जून 1975 को ही रख दी गई थी। इस दिन इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को रायबरेली के चुनाव अभियान में सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करने का दोषी पाया था और उनके चुनाव को खारिज कर दिया था। इतना ही नहीं, इंदिरा पर छह साल तक चुनाव लड़ने पर और किसी भी तरह के पद संभालने पर रोक भी लगा दी गई थी। जब 25 जून 1975 की आधी रात इमरजेंसी लागू की गई थी जनता के सारे अधिकार छिन गए थे।

डा. अग्रवाल ने बताया कि आपातकाल में जयप्रकाश नारायण की अगुवाई में पूरा विपक्ष एकजुट हो गया और देशभर में इंदिरा के खिलाफ आंदोलन शुरू हुआ। सरकारी मशीनरी विपक्ष के आंदोलन को कुचलने में लग गई थी। आंदोलनकारियों को जेल में डाला जाने लगा। 21 मार्च 1977 तक देश आपातकाल में पिसता रहा।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा हेतु देश की जनता एवं युवाओं ने अद्भुत जोश व उमंग से कहा था कि सिंहासन खाली करो जनता आ रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष, त्याग एवं बलिदान एवं सतत् रूप से आपातकाल के खिलाफ लम्बे संघर्ष के परिणाम स्वरूप आज देश विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में स्थापित हुआ है।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि जिस लोकतंत्र को लोकतंत्र सेनानियों ने स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, आज उस लोकतंत्र में कानून अपना काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि देश में लोकतंत्र सेनानियों के सपनो का लोकतंत्र स्थापित है।