पीएम मोदी ने की धामी सरकार की जमकर सराहना, कहा उत्तराखंड की नीतियां देश के लिए बन रही उदाहरण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य स्थापना दिवस पर उत्तराखंडवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार के युग में उत्तराखंड में विकास का महायज्ञ चल रहा है। उन्होंने प्रदेश की धामी सरकार की प्रशंसा करते हुए, राज्य के सर्वागीण विकास के लिए प्रदेशवासियों और यहां आने वाले पयर्टकों से नौ आग्रह भी किए हैं।

विकसित भारत के लिए विकसित उत्तराखंड का संकल्प
पुलिस लाइन में आयोजित पुलिस रैतिक परेड को वीडियो संदेश के जरिए संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज से उत्तराखंड का रजत जयंती वर्ष शुरु हो रहा है, अब हमें उत्तराखंड के उज्जवल भविष्य के लिए अगले 25 वर्ष की यात्रा शुरू करनी है। उन्होंने कहा कि यह सुखद संयोग है कि देश भी 25 वर्षों के लिए अमृत काल में है, विकसित भारत के लिए विकसित उत्तराखंड के संकल्प को इसी कालखंड में पूरा होते देखेगा।

यह दशक उत्तराखंड का दशक, बाबा केदार के चरणों में बैठकर किए गए इस विश्वास को उत्तराखंड ने सही साबित किया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अभी दो दिन पहले ही प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन का भी सफल आयोजन हुआ है, उन्हें पूरा विश्वास है कि हमारे प्रवासी उत्तराखंडवासी राज्य के विकास यात्रा में ऐसी ही बड़ी भूमिका निभाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के लोगों को अपनी आशाओं, आकांक्षाओं के अनुरूप अलग राज्य प्राप्त करने के लिए लंबे समय तक प्रयास करना पड़े, यह प्रयास तब पूरे हुए, जब केंद्र में श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेई के नेतृत्व में सरकार बनी। बेहद खुशी की बात है कि अब हम सब उत्तराखंड को अपने सपनों को साकार करते हुए देख पा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड ने खूब सारा प्यार और अपनत्व दिया है, हम भी इसी भावना के साथ देवभूमि की सेवा करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ साल पहले उन्होंने बाबा केदार के चरणों में बैठकर विश्वास व्यक्त किया था कि यह दशक उत्तराखंड का दशक साबित होने जा रहा है, और उत्तराखंड ने उनके विश्वास को सही साबित किया है। आज उत्तराखंड विकास के नए रिकॉर्ड बना रहा है, पिछले साल एसडीजी इंडेक्स में उत्तराखंड को पहला स्थान मिला है, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में अचीवर्स और स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर कैटेगरी हासिल हुई है। बीते डेढ़ दो वर्षों में उत्तराखंड की विकास दर में सवा गुना से ज्यादा की बढ़ोत्तरी हुई है। इस साल जीएसटी कलेक्शन में 14 प्रतिशत की उछाल दर्ज हुई है। 2014 में राज्य की प्रतिवर्ष आय सवा लाख रुपए सालाना थी, जो आज बढ़कर 2 लाख 60 हजार हो चुकी है, 2014 में उत्तराखंड राज्य का सकल घरेलू उत्पादन यानि स्टेट जीडीपी एक लाख 50 हजार करोड़ के आस- पास थी। जो अब बढ़कर तीन लाख पचास हजार करोड़ हो गई है। यह आंकडे बता रहे हैं कि उत्तराखंड में कैसे युवाओं के लिए नए अवसर बन रहे हैं, कैसे औद्योगिक तरक्की हो रही है।

डबल इंजन सरकार का सही अर्थ उत्तराखंड में नजर आ रहा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उत्तराखंड में 2014 से पहले पांच प्रतिशत से कम घरों में नल से जल आता था, आज यह बढ़कर करीब 96 प्रतिशत हो गया है। 2014 से पहले उत्तराखंड में सिर्फ छह हजार किमी की पीएमजीएसवाई सड़क बनी थी, आज इन सड़कों की लंबाई 20 हजार किमी से अधिक हो गई है। उत्तराखंड ने लाखों शौचालयों का निर्माण करने के साथ ही हर घर बिजली और उज्जवला गैस योजना के तहत लाखों गैस कनेक्शन देकर हर वर्ग का ध्यान रखा है। डबल इंजन सरकार का सही अर्थ उत्तराखंड में नजर आ रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को केंद्र से मिलने वाला अनुदान अब दोगुना हो गया है। डबल इंजन की सरकार ने उत्तराखंड को एम्स का सेटेलाइट सेंटर, देश के पहले ड्रोन एप्लीकेशन रिसर्च सेंटर की सौगात दी है, साथ ही यूएसनगर में स्मार्ट इंडस्ट्रियल टाउनशिप बनाने की भी योजना है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज उत्तराखंड में केंद्र सरकार के दो लाख करोड के प्रोजेक्ट चल रहे हैं, कनेक्टिविटी योजनाओं को तेज गति से पूरा किया जा रहा है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना को 2026 तक पूरा किए जाने की तैयारी है। राज्य के 11 स्टेशन को अमृत के रूप में विकसित किया जा रहा है। देहरादून – दिल्ली एक्सप्रेस वे बनने से देहरादून से दिल्ली का सफर ढाई घंटे में हो जाएगा।

उत्तराखंड में चल रहा विकास का महायज्ञ
पीएम ने जोर देकर कहा कि इस समय एक तरह से उत्तराखंड में विकास का महायज्ञ चल रहा है, इससे पलायन पर रोक लग रही है। सरकार विकास के साथ विरासत को भी संजोने में जुटी हुई है। केदारनाथ धाम का भव्य और दिव्य पुनर्निर्माण किया जा रहा है, बदरीनाथ मास्टर प्लान के कार्य तेजी के साथ चल रहे हैं। इसी तरह मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत पहले चरण में 16 पौराणरिक मंदिरों को विकसित किया जा रहा है। ऑल वेदर रोड से चारधाम यात्रा को सुगम किया जा रहा है, पर्वत माला के तहत धार्मिक और पयर्टन स्थलों को रोपवे से जोड़ा जा रहा है।

सीमाओं पर स्थित गांव हमारे लिए देश के पहले गांव
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार सीमांत के गांवों को पहला गांव मानते हुए, कार्य कर रही है, इसी क्रम में माणा गांव की यात्रा के दौरान उन्होंने वाइब्रेंट विलेज योजना की शुरुआत की। इसके तहत उत्तराखंड में करीब 50 गावों का विकास किया जा रहा है।

पर्यटन और श्रद्धालु की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि
प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ सप्ताह पहले की रिपोर्ट में बताया गया है कि उत्तराखंड में इस साल छह करोड़ पर्यटक और श्रद्धालु आए हैं, 2014 से पहले चारधाम यात्रियों की संख्या 24 लाख तक ही पहुंच पा रही थी, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 54 लाख को छू गया है। इससे होटल से लेकर होम स्टे वालों को, टैक्सी से टैक्सटाइल वालों को लाभ मिला है। बीते वर्षों में पांच हजार से अधिक होम स्टे का रजिस्ट्रेशन हुआ है।

उत्तराखंड की नीतियां देश के लिए उदाहरण बन रही
यूनिफॉर्म सिविल कोड यानि सैकुलर सिविल कोड
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज उत्तराखंड ऐसे निर्णय ले रहा है, जो देश के लिए उदाहरण बन रहे हैं। इसी क्रम में उत्तराखंड ने गहन अध्ययन के बाद यूनिफॉर्म सिविल कोर्ड लागू किया, जिसे वो सही मायने में सैकुलर सिविल कोड मानते हैं। आज पूरा देश यूसीसी पर चर्चा करते हुए, इसकी जरूरत महसूस कर रहा है। इसी तरह उत्तराखंड ने युवाओं का भविष्य सुरक्षित करने के लिए नकल विरोधी कानून लागू करते हुए, माफिया पर सख्त कार्रवाई की है। उत्तराखंड के ऐसे कई कार्य दूसरे राज्यों के लिए उदाहरण बन रहे हैं।

प्रधानमंत्री के नौ आग्रह

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आज 9 नवंबर है, 9 का अंक शुभ माना जाता है, यह शक्ति का प्रतीक होता है। इसलिए आज वो उत्तराखंड के लोगों से 5 और यहां आने वाले पयर्टकों के सामने 4 यानि कुल 9 आग्रह करना चाहते हैं।

01 – बोली भाषा का संरक्षण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आपकी गढ़वाली, कुमांउनी, जौनसारी सहित सभी बोलियां बेहद समृद्ध हैं, इनका संरक्षण बेहद जरूरी है। इसलिए उत्तराखंड के लोग आने वाली पीढ़ियों को अपनी बोली भाषा जरूर सिखाएं, उत्तराखंड की पहचान के लिए भी यह जरूरी है।

02 – एक पेड़ मां के नाम
पूरा देश जानता है कि उत्तराखंड के लोग प्रकृति और पर्यावरण के प्रेमी होते हैं। उत्तराखंड तो गौरा देवी की भूमि है, यहां हर महिला मां नंदा का रूप है। इसलिए यह बहुत आवश्यक है कि हम प्रकृति की रक्षा करें। इसके लिए एक पेड़ मां के नाम के तहत पौधारोपण करें, क्लामेंट चेंज से लड़ने के लिए भी यह बेहद जरूरी है।

03 – स्वच्छ जल
उत्तराखंड में नौलों -धारों की पूजा किए जाने की परंपरा है। इसलिए आप सभी अपने नौलों, धारों को संरक्षित करते हुए, पानी की स्वच्छता के सभी अभियानों को गति देने का प्रयास करेंगे।

04 – गांव से जुड़ाव
उत्तराखंड के लोग अपने गांव में आना जाना बनाते हुए, जड़ों से जुड़े रहें। खासकर रिटायरमेंट के बाद गांव में समय जरूर बिताएं, इससे गांवों के साथ आपके संबंध मजबूत होंगे।

05 – तिबारी वाले घरों को संवारें
प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के लोग अपने गांव में पुराने तिबारी वाले घरों को बचाने और संरक्षित करने के लिए भी आगे आएं। पुराने घरों को होम स्टे में बदलकर, आय का साधन बना सकते हैं।

पयर्टकों से अपील
06 – सिंगल यूज प्लास्टिक से बचें
पर्यटक के रूप में आप जब भी आप हिमालय की गोद में जांए, स्वच्छता को सबसे उपर रखें इस सोच के साथ जाएं कि पहाड़ में सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं करना है।

07 – वोकल फॉर लोकल
पहाड़ों में घूमने फिरने के दौरान वोकल फॉर लोकल याद रखें, अपनी यात्रा का कम से कम पांच प्रतिशत खर्च स्थानीय उत्पादों को खरीदने में करें।

08 – यातायात के नियम अपनाएं
आप जब भी पहाड़ों पर जाएं, वहां के ट्रैफिक नियमों का पालन करें, सावधान रहें, हर किसी का जीवन अमूल्य है।

09 – तीर्थों की मर्यादा का पालन करें
धार्मिक स्थलों पर स्थानीय रीति -रिवाजों और नियम कायदों का पालन करते हुए, वहां की मर्यादा का ध्यान रखें। इस बारे में उत्तराखंड के लोगों की मदद ले सकते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश बढ रहा है बुलंदी की ओरः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद ऊधम सिंह नगर के रूद्रपुर में आयोजित ’विजय शंखनाद रैली’ में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का देवभूमि उत्तराखंड की समस्त जनता की ओर से ’प्रदेश की कृषि एवं औद्योगिक नगरी ’रुद्रपुर’’ पधारने पर स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए कहा कि इस बार प्रधानमंत्री द्वारा दिया गया ’“400 पार“’ का लक्ष्य हम सबके सामने है। मुख्यमंत्री ने कहा जनता के आशीर्वाद से नैनीताल- ऊधमसिंह नगर लोकसभा सीट सहित देवभूमि की पांचों सीटें इस लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक सिद्ध होंगी। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में बीते 10 वर्षों में देश आज बुलंदी की ओर बढ़ रहा है। दस वर्ष के कार्यकाल में प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार ने विकास के जो नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं, वो ’न भूतो न भविष्यती’ हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री ने अपना हर पल हर समय जनता को समर्पित किया है। हम सब इसके साक्षी हैं कि हमारा देश आगे बढ़ा है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हमारा देश विश्व की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है, वर्तमान समय में हमारे देश की ओर कोई भी दुश्मन आंख उठाकर देखने की हिम्मत नहीं कर सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह ’मोदी की गारंटी है कि आज का नया भारत पुनः विश्व गुरू के साथ ही “विश्व शक्ति“ बनने के मार्ग पर आगे बढ़ चुका है।’ प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार ने वर्ष 2014 के बाद कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। सीएए कानून, जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 का खात्मा, अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण, तीन तलाक से मुस्लिम महिलाओं को मुक्ति, सर्जिकल स्ट्राइक ऐसे फैसलें हैं, जिन्हें सदियों तक याद रखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि, ऐसे ऐतिहासिक फैसले यदि कोई ले सकता है तो वो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ही हैं। प्रधानमंत्री जी का उत्तराखण्ड से विशेष लगाव है। उत्तराखंड के लिए बीते 10 वर्षों में केन्द्र सरकार द्वारा 1 लाख 50 हजार करोड़ से अधिक की परियोजनाएं स्वीकृत की गई, जिनमें से अनेकों योजनाओं पर तेजी से कार्य चल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के दिशा-निर्देशन में राज्य सरकार, उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए दिन-रात काम कर रही है। राज्य सरकार ने ऐसे निर्णय लिए जिन्हें पूर्व की सरकारों ने अपने स्वार्थ और तुष्टिकरण की सोच के कारण ठंडे बस्ते में डाल दिया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्षी दलों, विशेष रूप से कांग्रेस ने जनता को वर्षों तक केवल लूटने का काम किया है। ’प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत चंद्रमा के साउथ पोल पर पहुंचकर इतिहास रच चुका है, वहीं कांग्रेस अपने राजकुमार को बार-बार लॉन्च करने की असफल कोशिश करते रहती है’। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री मोदी जी ’भ्रष्टाचार मिटाओ कहते हैं, तो कांग्रेस कहती है मोदी को मिटाओ और गांधी परिवार बचाओ।’

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा ’अबकी बार 400 पार का नारा दिया गया है, वो नए भारत के भविष्य की चाबी है, और इस चाबी को सुरक्षित रखना हमारी जिम्मेदारी है, क्योंकि यही समय है, सही समय है।’

इस अवसर पर केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री एवं भाजपा के नैनीताल सीट से प्रत्याशी अजय भट्ट, अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ सीट से प्रत्याशी अजय टम्टा, भाजपा प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा, राज्य सभा सांसद नरेश बंसल, कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य, सौरभ बहुगुणा, विधायक शिव अरोड़ा एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।

सीएम ने पीएम द्वारा लिखित एग्जाम वॉरियर्स पुस्तक की छात्रों को भेंट

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिल्ली के भारत मंडपम से ‘परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में देश के छात्र-छात्राओं के साथ संवाद किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह ने जी.जी.आई.सी कौलागढ़ में विद्यार्थियों के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘परीक्षा पर चर्चा 2024’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लिखित पुस्तक ‘ एग्जाम वॉरियर्स’ भी प्रदान की।

परीक्षा पे चर्चा के दौरान उत्तराखण्ड के ऊधम सिंह नगर जनपद की कक्षा 07 की छात्रा स्नेहा त्यागी ने प्रधानमंत्री से पूछा कि हम आपकी तरह सकारात्मक कैसे हो सकते हैं? प्रधानमंत्री ने स्नेहा की जिज्ञाशा का समाधान करते हुए कहा कि उनकी प्रकृति है कि वे हर चुनौती को चुनौती देते हैं। उसके कारण उन्हें नया सीखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि उनके भीतर आत्मविश्वास है कि देश के 140 करोड़ देशवासी उनके साथ हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ‘परीक्षा पे चर्चा’ के दौरान तैयारी में जुटे विद्यार्थियों को प्रधानमंत्री का प्रेरणादायी, सारगर्भित और व्यावहारिकता से परिपूर्ण उद्बोधन सुनने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि हमारा सम्पूर्ण जीवन एक परीक्षा है और इस परीक्षा में हार और जीत उतनी महत्वपूर्ण नहीं है, जितना कि हमारी सकारात्मक सोच, क्योंकि एक सकारात्मक सोच वाला व्यक्ति जीवन की किसी भी परीक्षा में असफल नहीं हो सकता। मन की बात हो या परीक्षा पे चर्चा इन दोनों कार्यक्रमों के माध्यम से प्रधानमंत्री ने लोगों को प्रेरित करने का कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा से पूर्व बच्चों को जिस प्रकार उनके माता-पिता और परिजनों द्वारा मानसिक रूप से मजबूत बनाने का प्रयास किया जाता है, उसी प्रकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के माध्यम से देश के विद्यार्थियों का हौसला बढ़ाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत का वैश्विक स्तर पर मान, सम्मान और स्वाभिमान बढ़ा है। उन्होंने परीक्षा में भाग ले रहे छात्र-छात्राओं के अभिभावकों से अपील की कि परीक्षा के समय बच्चों पर अनावश्क दबाव न डालें। उन्होंने सभी विद्यार्थियों से कहा कि अपने जीवन में कार्य करने के लिए जो भी क्षेत्र चुनें, उसमें लीडर की भूमिका में कार्य करें। जीवन में जो भी लक्ष्य निर्धारित करना है, उसको प्राप्त करने के लिए पूरी तन्मयता से जुट जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी बच्चे की प्रतिभा का आंकलन किसी भी एक परीक्षा में सफल या असफल होने पर नहीं किया जा सकता, क्योंकि प्रतिभा तथा बौद्धिक क्षमता किसी भी परीक्षा से ऊपर है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि महान लोगों की जीवनी जरूर पढ़ें। इससे जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरणा मिलती है। समाज में बड़े कार्य करने वाले अधिकांश लोग सामान्य परिस्थतियों से आगे बढ़े हैं। जब मेहनत के साथ सकारात्मक सोच का मिश्रण हो जाता है तो व्यक्ति को सफल होने से कोई नहीं रोक सकता।

इस अवसर पर शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, विधायक सविता कपूर, उत्तराखण्ड राज्य सलाहकार श्रम संविदा बोर्ड के अध्यक्ष कैलाश पंत, भाजपा के महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल, शिक्षा महानिदेशक बंशीधर तिवारी, शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं राज्य के विभिन्न स्कूलों से छात्र-छात्राएं, अभिभावक और शिक्षकगण जुड़े थे।

44 हजार करोड़ से अधिक के हुए डेस्टिनेशन उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में एमओयू

डेस्टिनेशन उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट – 2023 में 44 हज़ार करोड़ से अधिक के एमओयू साइन किए गए हैं। मुख्य रूप से ईवी (इलेक्ट्रिक व्हीकल्स), ⁠रियल एस्टेट, ⁠हेल्थ केयर, ⁠हायर एजुकेशन, ⁠पर्यटन, फिल्म, आयुष और ऊर्जा क्षेत्रों में निवेश के लिए एमओयू किए गए।

मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री मोदी से की मुलाकात, दिया इन्वेस्टर समिट का निमंत्रण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात कर उन्हें देहरादून में 08 व 09 दिसम्बर, 2023 को आयोजित हो रहे वैश्विक निवेशक सम्मेलन के उद्घाटन हेतु आमंत्रित किया।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी का सिल्क्यारा सुरंग में फंसे श्रमिकों की निकासी के दौरान दिये गये मार्गनिर्देशन और सहयोग हेतु आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा इसके लिए सभी आवश्यक संसाधन एवं मानवीय सहायता उपलब्ध कराने के साथ ही निरन्तर इस विकट परिस्थिति का अनुश्रवण करने तथा इस अभियान से जुड़े लोगों, श्रमिकों एवं उनके परिजनों का मनोबल बढ़ाने से ही हम इस गंभीर संकट से अपने श्रमिक भाइयों को सुरक्षित वापस लाने में सफल हो पाये है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से राज्य से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से जमरानी बांध परियोजना को प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में शामिल कर 1730.21 करोड़ की स्वीकृति के लिये आभार व्यक्त किया। इसके साथ ही उन्होंने सौंग बांध पेयजल परियोजना को पूंजीगत व्यय हेतु वित्तीय सहायता के रूप में रू0 2460 करोड़ की स्वीकृति तथा जौलीग्रांट हवाई अड्डे के उच्चीकरण हेतु विशेष वित्तीय सहायता के रूप में रू0 3000 करोड़ की वित्तीय सहायता का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने ऋषिकुल आयुर्वेदिक कॉलेज परिसर, हरिद्वार में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित करने, न्यूजीलैंड के सहयोग से चल रहे कीवी फिजिबिलिटी स्टडी में उत्तराखंड को सम्मिलित करने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने मानसखण्ड मन्दिर माला परियोजना के विकास तथा पिथौरागढ़ के लिये सुगम यात्रा हेतु 508 किमी. सड़क के लिये 20 डीपीआर की मंजूरी के साथ रू0 1000 करोड की स्वीकृति तथा 03 राज्य मार्गों काठगोदाम-भीमताल ध्यानचुली- खेतीखान-लोहाघाट-पंचेश्वर मोटर मार्ग, ’मोहान-भतरोंजखान-भिकियासैंण-देघाट-बुंगीधर नागचुलाखाल- मेहलचौरी मोटर मार्ग, ’खैरना-रानीखेत-भतरोंजखान मोटर मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से कुमाऊं में जोलिंगकोंग-बेदांग 05 कि०मी०, सिपू-टोला 22 कि०मी० एवं मिलम लाप्थल 30 कि०मी० की तीन सुरंग परियोजनाओं की स्वीकृति के साथ टनकपुर-बागेश्वर रेल योजना को राष्ट्रीय परियोजना के रूप में पूर्ण वित्तपोषण हेतु रू0-44,140 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति का अनुरोध किया। उन्होंने नैनी-सैनी हवाई अड्डे से फिक्स्ड विंग वायुयान के संचालन, पंतनगर हवाई अड्डे के विस्तार के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को त्वरित कार्यवाही करने तथा कुमाऊ क्षेत्र में राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र की स्थापना का प्रधानमंत्री से अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने जनपद पिथौरागढ़ में धौलीगंगा एवं गौरी गंगा नदियों पर प्रस्तावित विभिन्न जल विद्युत परियोजनाओं के विकास एवं निर्माण की अनुमति तथा अलकनंदा, भगीरथी एवं उसकी सहायक नदियों में निर्विवादित 11 परियोजनाओं जिनकी कुल क्षमता 771 मे०वा० के विकास एवं निर्माण की अनुमति के साथ अलकनंदा, भगीरथी एवं उसकी सहायक नदियों में विशेषज्ञ समिति-2 द्वारा संस्तुत 10 परियोजनाओं जिनकी कुल क्षमता 1352 मेगावाट है के विकास एवं निर्माण की अनुमति देने का भी अनुरोध किया।

सीएम को फोन कर पीएम मोदी ने जानी सिलक्यारा हादसे पर अपडेट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन कर उत्तरकाशी के सिल्क्यारा के पास टनल में फँसे श्रमिकों को सुरक्षित निकालने के लिए जारी राहत और बचाव कार्यों के बारे में जानकारी ली। प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा आवश्यक बचाव उपकरण व संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। केंद्र और राज्य की एजेंसियों के परस्पर समन्वय से श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाएगा। फंसे श्रमिकों का मनोबल बनाए रखने की जरूरत है।
मुख्यमंत्री ने अद्यतन स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य और केंद्रीय एजेंसियां परस्पर समन्वय और तत्परता के साथ राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं। टनल में फंसे श्रमिक सुरक्षित हैं और ऑक्सीजन, पौष्टिक भोजन और पानी उपलब्ध करवाया जा रहा है। राहत और बचाव कार्यों के लिए एक्सपर्ट्स की राय लेकर एजेंसियां काम कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने स्वयं मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण किया और बचाव कार्यों पर लगातार नजर रखें हैं। मेडिकल की टीम भी वहाँ पर तैनात कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरंग के अंदर फंसे सभी मजदूर सुरक्षित हैं और उन्हें जल्द बाहर निकलने की पूरी कोशिश की जा रही है।
अब तक प्रधानमंत्री तीन बार मुख्यमंत्री से स्थिति की जानकारी ले चुके हैं। पीएमओ की टीम भी मौके का निरीक्षण कर चुकी और लगातार स्थिति पर नज़र बनाये हुए है और समन्वय का कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने पीएम मोदी को दूरभाष पर दी उत्तरकाशी टनल में फंसे लोगों के लिए राहत और बचाव कार्यों की जानकारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन के माध्यम से उत्तरकाशी के सिल्क्यारा के पास टनल में फँसे श्रमिकों के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने राहत और बचाव कार्यों की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि विभिन्न राज्य और केंद्रीय एजेंसियां परस्पर समन्वय और तत्परता के साथ राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने स्वयं मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण किया और बचाव कार्यों पर लगातार नजर रखें हैं। बचाव कार्य के लिए बड़े व्यास के ह्यूम पाइप हरिद्वार और देहरादून से भेजे जाने की व्यवस्था कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरंग के अंदर फंसे सभी मजदूर सुरक्षित हैं और उन्हें जल्द बाहर निकलने की पूरी कोशिश की जा रही है।

अब तक प्रधानमंत्री दो बार मुख्यमंत्री से स्थिति की जानकारी ले चुके हैं। केंद्रीय गृह मंत्री और रेल मंत्री भी सीएम धामी से बात कर चुके हैं। केंद्रीय एजेंसियां और एक्सपर्ट मौके पर मौजूद हैं।

आदिकैलाश से विश्व को आध्यात्म का संदेश देने आ रहे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केदारखंड के बाद मानसखंड के विकास को नई दिशा देने के लिए 12 अक्टूबर को दो दिवसीय दौरे पर उत्तराखंड पहुंच रहे हैं। यात्रा की शुरुआत प्रधानमंत्री अल्मोड़ा में स्थित जागेश्वर धाम से करेंगे। जागेश्वर धाम अपने पौराणिक और ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है।

जागेश्वर धाम पतित पावन जटागंगा के तट पर समुद्रतल से लगभग 6200 फुट की ऊंचाई पर स्थित है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार शिवजी तथा सप्तऋषियों ने यहां तपस्या की थी।

जागेश्वर मंदिरों का निर्माण कत्यूरी राज के कालखंड में हुआ था। जागेश्वर धाम के प्राचीन मंदिर प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर इस क्षेत्र में सदियों से आध्यात्म के दर्शन करा रहे हैं। यहां लगभग छोटे-बडे 224 मंदिर स्थित हैं। मंदिरों का निर्माण लकडी तथा सीमेंट की जगह पत्थर की बडी-बडी शिलाओं से किया गया है। दरवाजों की चौखटें देवी देवताओं की प्रतिमाओं से सुशोभित हैं। मंदिरों के निर्माण में तांबे की चादरों और देवदार की लकडी का भी इस्तेमाल किया गया है।

…..कैसे पहुंचे जागेश्वर धाम….
यहां पहुंचने के लिए काठगोदाम अंतिम रेलवे स्टेशन है। दिल्ली आनंद विहार आईएसबीटी और देहरादून से हल्द्वानी व अल्मोड़ा के लिए बस सेवा भी हैं। दिल्ली और देहरादून से वहां की दूरी लगभग 400 किलोमीटर है। अल्मोड़ा से जागेश्वर धाम के लिए टैक्सी सेवा उपलब्ध है। अल्मोड़ा से जागेश्वर धाम की दूरी 35 किलोमीटर है। इसी तरह हवाई जहाज से पंतनगर एयरपोर्ट तक नजदीकी सेवा है। पंतनगर से टैक्सी से जागेश्वर धाम 150 किलोमीटर का सफर तय कर पहुंच सकते हैं।

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा उत्तराखंड के मनोरम पिथौरागढ़ जिले में अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में होने वाली है। पीएम मोदी 12 अक्टूबर को इस महत्वपूर्ण यात्रा पर निकलेंगे और अपने प्रवास के दौरान उन्हें प्रसिद्ध मायावती आश्रम में ठहराया जाएगा।

वह चीन सीमा के पास स्थित पवित्र स्थल आदि कैलाश पर आशीर्वाद लेने का अवसर प्राप्त करेंगे। यह पवित्र तीर्थ स्थान अपनी लुभावनी सुंदरता और आध्यात्मिक महत्व के लिए जाना जाता है जो हर साल अनगिनत भक्तों को आकर्षित करता है। प्रधानमंत्री की उपस्थिति निसंदेह पवित्रता को बढ़ाएगी और समाज के सभी पक्षों का ध्यान आकर्षित करेगी।

इसके अतिरिक्त, पीएम मोदी ने अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान व्यास घाटी के भीतर बसे जोलिकांग के विस्मयकारी वैभव को देखने की इच्छा व्यक्त की है। यह अभूतपूर्व प्राकृतिक आश्चर्य सुरम्य परिदृश्यों का प्रतीक है जो आगंतुकों के मस्तिष्क और ह्रदय पर एक अमिट छाप छोड़ने के लिए बाध्य है।

प्रधानमंत्री, कुल 4194 करोड़ की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे।

स्थानीय अधिकारी पीएम मोदी के लिए न केवल एक सुचारु यात्रा कार्यक्रम सुनिश्चित करने के लिए बल्कि उनकी पूरी यात्रा के दौरान एक अविस्मरणीय अनुभव सुनिश्चित करने के लिए चौबीसों घंटे लगन से काम कर रहे हैं।

इस महत्वपूर्ण अवसर को लेकर उत्साह दूर-दूर तक महसूस किया जा सकता है, लोग इस ऐतिहासिक यात्रा की झलकियों और अपडेट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। क्षेत्र के भीतर ऊर्जा स्पष्ट है, स्थानीय लोग और पर्यटक दोनों ही पीएम मोदी को अपनी उपस्थिति से इन उल्लेखनीय स्थानों की शोभा बढ़ाते हुए देखने की संभावना से समान रूप से रोमांचित हैं।

प्रधानमंत्री की यह महत्वपूर्ण यात्रा न केवल उत्तराखंड के पर्यटन उद्योग के लिए एक जीवंत तस्वीर पेश करती है, बल्कि इस विविधतापूर्ण राष्ट्र के सबसे दूरस्थ कोनों की खोज के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के प्रमाण के रूप में भी काम करती है।

जी-20 शिखर सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए मुख्यमंत्री धामी ने की पीएम की प्रशंसा, दी बधाई

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर राज्य मंत्रिमंडल द्वारा उत्तराखण्ड की जनता की ओर से, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा भारत में जी-20 शिखर सम्मेलन के सफल आयोजन व भव्य समापन हेतु हार्दिक बधाई व आभार प्रकट किया गया है।
विदित है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा वर्ष 2022 में बाली में आयोजित जी-20 शिखर सम्मेलन के हस्तान्तरण कार्यक्रम के संबोधन में भारत की जी-20 अध्यक्षता के लिए, ‘भारत मंत्र’-दृष्टिकोण समावेशी, महत्वाकांक्षी, निर्णायक और कार्याेन्मुखी होने का उल्लेख किया गया, जो कि वर्तमान बैठक के समापन के साथ ही पूर्णता को प्राप्त किया गया। प्रधानमंत्री के नेतृत्व ने प्रमाणित किया कि, विश्व के सबसे चुनौतीपूर्ण समय में भी भारत वह हासिल कर सकता है, जो उसने तय किया है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में न केवल अफ्रीकी महाद्वीप के 55 देशों के समूह ‘अफ्रीकन यूनियन’ को जी-20 में सदस्य के रूप में शामिल किया गया वरन जी-20 के सामूहिक ‘‘दिल्ली घोषणा पत्र’’ को भी सर्वसम्मति से जारी कराया गया, जिसमें मजबूत, दीर्घकालीक, संतुलित और समावेशी विकास, अंतरराष्ट्रीय कानूनों के प्रति प्रतिबद्धता, क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता को कायम रखना और शांति व स्थिरता की रक्षा करने वाली बहुपक्षीय प्रणाली को क्रियाशील रखने का आह्वान किया गया है तथा ‘एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य’ के सिद्धान्त को प्रतिपादित किया गया, जो कि एक विशिष्ट उपलिब्ध है। यह उपलब्धि तब और भी महत्वपूर्ण हो जाती है, जब वैश्विक व्यवस्था में देशों के बीच विश्वास की कमी हो।
भारत, सऊदी अरब, अमेरिका और यूरोप को जोड़ने वाले ‘भारत मध्यपूर्व-यूरोप इकोनामिक कॉरिडोर’ पर सहमति अपने आप में बड़ी उपलब्धि है, यह परियोजना अनेक देशों के आधारभूत ढांचे के विकास में सहायक होगी।
अक्षय ऊर्जा को बढावा दिये जाने व कार्बन उत्सर्जन को शून्य किये जाने के उद्देश्य से ‘ग्लोबल बायोफ्यूल अलायंस’ बनाने पर देशों में सहमति बनी। प्रमुख जैव ईंधन उत्पादकों और उपभोक्ताओं के रूप में, भारत, अमेरिका, ब्राजील अन्य इच्छुक देशों के साथ मिलकर एक वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन के विकास की दिशा में काम करेंगे।
भारत की अध्यक्षता और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जी-20 शिखर सम्मेलन अपने मूल एजेंडे और परिणामों के मामले में जी-20 के इतिहास का सबसे महत्वाकांक्षी व सफल सम्मेलन रहा। इसमें कुल 112 परिणाम दस्तावेज व अध्यक्षीय दस्तावेज तैयार किए गए जोकि पूर्व के सम्मेलन की तुलना में दोगुने से भी अधिक हैं। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में जी-20 सम्मेलन की यह सबसे बड़ी उपलब्धि रही कि भारत स्वाभाविक रूप से ‘ग्लोबल साउथ’ का लीडर बनकर उभरा।
उत्तराखण्ड राज्य के प्रति प्रधानमंत्री का विशेष लगाव रहा है। जिस कारण से उत्तराखण्ड राज्य के अन्तर्गत रामनगर, ऋषिकेश व नरेन्द्रनगर में जी-20 की बैठकें आयोजित करने का अवसर उत्तराखण्ड राज्य को प्राप्त हुआ। इससे राज्य को वैश्विक स्तर पर पहचान मिली व पूरे विश्व का उत्तराखण्ड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, योग केन्द्रों, पर्यटन क्षेत्रों, धार्मिक स्थलों व जैव विविधता से परिचय हुआ। प्रधानमंत्री द्वारा, राज्य की वैभवशाली सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन स्थलों, धार्मिक स्थलों और समृद्ध जैव विविधता को पुनः वैश्विक पटल पर प्रसिद्धि दिलाए जाने पर भी बधाई संदेश में उत्तराखण्ड की जनता की ओर से आभार व्यक्त किया गया है।
मंत्रिमंडल द्वारा भेजे गये बधाई संदेश में चन्द्रयान-03 एवं आदित्य एल-1 के सफल लॉन्चिंग के लिये भी प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया गया। इससे अंतरिक्ष में भारत के वैज्ञानिकों का मान सम्मान दुनिया में और अधिक बढा है।

नई दिल्ली में जी-20 में देशभर की संस्कृति को विश्व के सामने रख पीएम ने बढ़ाया भारत का मानः अग्रवाल

कैबिनेट मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने नई दिल्ली में आयोजित जी-20 शिखर महासम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अफ्रीकन यूनियन देशों को शामिल करना, बड़ी कूटनीतिक बताया है। उन्होंने कहा कि इससे भारत की अफ्रीकन देशों के साथ नजदीकियां बढेंगी और इसका लाभ दोनों ओर होगा।

डा. अग्रवाल ने कहा कि नई दिल्ली में आयोजित जी-20 में देशभर की संस्कृति को विश्व के ताकतवर राष्ट्रों के बीच रखकर भारत का मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि भारत मंडपम में कोर्णाक मंदिर के चक्र, ब्रह्मांडीय ऊर्जा, रचनात्मकता और शक्ति का महत्वपूर्ण प्रतीक 27 फीट लंबी और 18 टन वजनी नटराज की मूर्ति, चंद्रयान-3, इसके अलावा नई दिल्ली की दीवारों पर पेंटिंग के जरिये अलग-अलग राज्यों की संस्कृतियों को दर्शाया गया है। डा. अग्रवाल ने कहा कि यह सभी भारत की सदियों पुरानी कलात्मकता और परंपराओं के प्रमाण की साक्षी बनी हैं।