पीएम द्वारा शिलान्यास प्रोजेक्ट्स की नियमित समीक्षा कर प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से पोर्टल पर अपलोड करेंः बर्द्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शिलान्यास किए गए प्रोजेक्ट्स की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने सभी 40 गतिमान परियोजनाओं की प्रगति की विस्तार से जानकारी ली।

मुख्य सचिव ने सभी सम्बन्धित सचिवगणों को निर्देश दिए कि प्रोजेक्ट्स की नियमित समीक्षा कर प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से पोर्टल पर अपलोड कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने सम्बन्धित विभागों को प्रोजेक्ट्स निर्धारित समय सीमा के अंतर्गत पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी परियोजनाओं के कार्य पूर्ण होने की उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट अपडेट करते समय प्रोजेक्ट के पूर्ण होने की तिथि का भी उल्लेख किया जाए। उन्होंने कहा कि इस वर्ष के अंत में पूर्ण होने वाले कार्यों को मानसून सीजन के दृष्टिगत लगातार मॉनिटरिंग करते हुए कार्यों को पूर्ण कराया जाए।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि पर्यटन विभाग के अंतर्गत महासू देवता हनोल में समग्र बुनियादी ढांचे का निर्माण एवं जागेश्वर धाम मंदिर से सम्बन्धित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर लेते हुए प्रतिदिन समीक्षा करते हुए निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण कराया जाए। उन्होंने शहरी विकास विभाग के अंतर्गत संचालित देहरादून में जलापूर्ति, सीवरेज और जल निकासी प्रणाली का विकास कार्य को भी शीघ्र पूूर्ण कराए जाने हेतु नियमित मॉनिटरिंग किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने ऊर्जा विभाग को लखवाड़ बहुद्देश्यीय परियोजना (300 मेगावाट), 220 केवी बनबसा सबस्टेशन (100 एमवीए) और उससे जुड़ी ट्रांसमिशन लाइन; चमोली में 400 केवी पिपलकोटी स्विचिंग सबस्टेशन और उससे जुड़ी ट्रांसमिशन लाइन सहित टिहरी ज़िले के घनसाली में 220 केवी घनसाली सबस्टेशन के निर्माण कार्यों में भी तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टाईमलाइन के अनुरूप फॉरेस्ट क्लीयरेंस और भूमि हस्तांतरण आदि से सम्बन्धित मामलों की लगातार पैरवी करते हुए कार्यों की निगरानी की जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि जिन परियोजनाओं का कार्य लगभग पूर्ण होने की कगार पर है, ऐसे प्रोजेक्ट्स को विभाग प्राथमिकता पर लेते हुए शीघ्र पूर्ण कराएं। उन्होंने 13 जनपदों के लिए 73 पेयजल आपूर्ति परियोजनाओं, पीएमजीएसवाई के अंतर्गत 133 सड़कों (96 प्रतिशत पूर्ण) और 151 पुलों के निर्माण कार्य (97 प्रतिशत पूर्ण) सहित नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत उधमसिंहनगर में नदी पुनर्जीवन कार्य (98 प्रतिशत) जैसे कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराए जाने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, एल. फैनाई, आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव शैलेश बगौली, दिलीप जावलकर, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरूषोत्तम, रविनाथ रमन, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, डॉ. आर. राजेश कुमार, डॉ. सुरेन्द्र नारायण पाण्डेय, सी. रविशंकर, युगल किशोर पंत, रणवीर सिंह चौहान एवं राजेन्द्र कुमार सहित सम्बन्धित विभागों के विभागाध्यक्ष उपस्थित थे।

उत्तराखंड ने किसानों की आय वृद्धि के क्षेत्र में देश में प्रथम स्थान प्राप्त कियाः धामी

प्रधानमंत्री किसान उत्सव दिवस के अवसर पर हिमालय सांस्कृतिक केंद्र, गढ़ी कैंट देहरादून में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त जारी किए जाने के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पश्चिम बंगाल से देशभर के किसानों के लिए डीबीटी के माध्यम से जारी की गई किसान सम्मान निधि की किस्त का वर्चुअल माध्यम से प्रसारण देखा।

कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक सविता कपूर सहित बड़ी संख्या में प्रदेशभर से आए किसान, कृषि क्षेत्र से जुड़े लोग एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त जारी होने पर प्रदेश के सभी अन्नदाता भाई-बहनों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह अवसर किसानों के सम्मान, समृद्धि और सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से देशभर के करोड़ों किसानों को आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में पारदर्शी तरीके से पहुंचाई जा रही है।

उन्होंने बताया कि आज देशभर में लगभग 10 करोड़ किसानों को 18 हजार 880 करोड़ रुपये की धनराशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की गई है। इसके अंतर्गत उत्तराखंड के भी 8 लाख से अधिक किसानों को 159 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि प्राप्त हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2019 में जब इस योजना की शुरुआत हुई थी, तब उत्तराखंड में लगभग 4 लाख किसान इससे लाभान्वित हो रहे थे, जो आज बढ़कर 8 लाख से अधिक हो चुके हैं। यह किसानों के डबल इंजन सरकार पर बढ़ते विश्वास का प्रतीक है और दर्शाता है कि योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक पहुंच रहा है।

उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा सीमाओं पर तैनात जवानों से सुनिश्चित होती है, वहीं देश की खाद्य सुरक्षा खेतों में मेहनत करने वाले किसानों के परिश्रम से मजबूत होती है। किसान केवल फसल नहीं उगाता, बल्कि राष्ट्र के भविष्य को संवारने का कार्य करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने किसानों के सम्मान, सुरक्षा और समृद्धि को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के माध्यम से प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई में सहायता दी जा रही है, वहीं मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना से किसानों को मिट्टी की गुणवत्ता की जानकारी उपलब्ध कराकर उत्पादन बढ़ाने में सहयोग किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती, आधुनिक कृषि तकनीक, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार भी किसानों को सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी दिशा में राज्य में नहरों से सिंचाई को पूरी तरह निशुल्क करने का निर्णय लिया गया है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए बजट में 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने बताया कि राज्य में लगभग 115 करोड़ रुपये के निवेश से 350 से अधिक आधुनिक पॉलीहाउस तैयार किए जा चुके हैं, जिससे किसानों को बेहतर उत्पादन और आय वृद्धि में सहायता मिल रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में खेती काफी हद तक वर्षा पर निर्भर रहती है। इस चुनौती को ध्यान में रखते हुए 1000 करोड़ रुपये की लागत से “उत्तराखंड क्लाइमेट रिस्पॉन्सिव रेन-फेड फार्मिंग प्रोजेक्ट” को मंजूरी दी गई है, जिससे बदलते मौसम के बीच भी खेती को सुरक्षित बनाया जा सकेगा।

उन्होंने कहा कि फल उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए नई सेब नीति, कीवी नीति, ड्रैगन फ्रूट नीति और स्टेट मिलेट मिशन जैसी योजनाएं लागू की गई हैं। इन योजनाओं के तहत किसानों को 80 प्रतिशत तक सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि किसानों की फसलों को सुरक्षित रखने और उन्हें बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए कोल्ड चेन, कोल्ड स्टोरेज, सीए स्टोरेज और मेगा फूड पार्क जैसी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को सगंध खेती के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए “महक क्रांति” नीति लागू की गई है। इसके तहत राज्य में 7 एरोमा वैली विकसित की जा रही हैं और 23 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सुगंधित पौधों की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “हाउस ऑफ हिमालयाज” ब्रांड के माध्यम से उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों और मिलेट को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि स्पष्ट नीति और ईमानदार नीयत के कारण उत्तराखंड ने किसानों की आय वृद्धि के क्षेत्र में पूरे देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि प्रदेश के प्रत्येक किसान भाई-बहन के परिश्रम और योगदान का परिणाम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार किसानों को केवल योजनाओं तक सीमित नहीं रख रही, बल्कि योजनाओं का लाभ वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए पूरी पारदर्शिता के साथ कार्य कर रही है। किसान राष्ट्र के गौरव हैं और सरकार उनकी समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के किसानों से आह्वान किया कि वे पारंपरिक खेती के साथ-साथ आधुनिक तकनीकों, वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं तथा विकसित उत्तराखंड के संकल्प को पूरा करने में सहभागी बनें।

मंदिर परिसर पर श्रमदान कर सीएम धामी ने दिया स्वच्छता का संदेश

खटीमा स्थित पूर्णागिरि मंदिर परिसर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सफल 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वच्छता अभियान चलाते हुए मंदिर परिसर में साफ-सफाई की तथा ष्एक पेड़ मां के नामष् अभियान के अंतर्गत पौधरोपण किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि स्वच्छ और स्वस्थ उत्तराखंड के निर्माण के लिए सभी नागरिक अपने घर, मोहल्ले और आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प लें तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाकर प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण जनभागीदारी से ही एक जनआंदोलन का रूप ले सकते हैं।

प्रधानमंत्री के ऐतिहासिक कार्यकाल को लेकर राज्यभर में होंगे जनसंपर्क एवं जनकल्याण कार्यक्रम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के देश के सबसे अधिक कार्यकाल वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने के ऐतिहासिक अवसर पर राज्यभर में विभिन्न जनसंपर्क, जनजागरूकता एवं जनकल्याण कार्यक्रमों का प्रभावी आयोजन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा जनहित में किए गए कार्यों, विकास योजनाओं एवं उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सभी कार्यक्रमों का व्यापक स्तर पर आयोजन किया जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि 12 से 14 जून तक प्रदेश में अचीवमेंट एग्जीबिशन का आयोजन किया जाए। प्रदर्शनी में केंद्र एवं राज्य सरकार की प्रमुख उपलब्धियों, विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं तथा महत्वपूर्ण निर्णयों को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया जाए, ताकि आमजन को सरकार की विकास यात्रा और उपलब्धियों की समग्र जानकारी प्राप्त हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक विकासखंड स्तर पर जन कल्याण शिविर आयोजित किए जाएं। इन शिविरों में आयुष्मान भारत, पीएम सूर्य घर योजना, लखपति दीदी सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों एवं आम नागरिकों से संवाद स्थापित किया जाए। साथ ही योजनाओं की जानकारी देने, पात्र लाभार्थियों को लाभान्वित करने तथा जनसमस्याओं के समाधान पर विशेष ध्यान दिया जाए।

उन्होंने निर्देश दिए कि 12 जून को सभी जनपदों में जिला स्तरीय प्रेस वार्ताएं आयोजित की जाएं। इन प्रेस वार्ताओं के माध्यम से केंद्र एवं राज्य सरकार की प्रमुख उपलब्धियों, विकास कार्यों तथा प्रस्तावित कार्यक्रमों की रूपरेखा मीडिया के समक्ष प्रस्तुत की जाए, ताकि आमजन तक सही एवं व्यापक जानकारी पहुंच सके।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को केंद्र एवं राज्य सरकार की उपलब्धियों पर आधारित विस्तृत प्रस्तुतीकरण तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह प्रस्तुतीकरण तथ्यपरक, जनोपयोगी एवं सहज रूप में तैयार किया जाए तथा इसे विभिन्न माध्यमों से आम जनता तक उपलब्ध कराया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभारी मंत्री अपने-अपने जनपदों एवं क्षेत्रों में संवाद कार्यक्रम आयोजित करेंगे। इन कार्यक्रमों में केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं, उपलब्धियों एवं विकास कार्यों की जानकारी जनता तक पहुंचाने के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों, प्रबुद्धजनों एवं विभिन्न वर्गों के साथ संवाद स्थापित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश ने विकास, सुशासन, आधारभूत संरचना, जनकल्याण एवं वैश्विक प्रतिष्ठा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किए हैं। राज्य सरकार भी प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में जनहित एवं विकास के संकल्पों को तेजी से आगे बढ़ा रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्यक्रमों का आयोजन पूर्ण समन्वय, व्यापक जनसहभागिता एवं प्रभावी प्रचार-प्रसार के साथ सुनिश्चित किया जाए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लगातार 12 वर्ष का कार्यकाल पूरा करने पर मुख्यमंत्री धामी ने दी शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के केंद्र में लगातार 12 वर्ष का कार्यकाल पूरा करने पर, प्रधानमंत्री सहित देशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सशक्त, सक्षम और स्वाभिमानी भारत का सपना सच हो रहा है। साथ ही प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में देवभूमि उत्तराखंड भी नवोदय का संकल्प पूरा कर रही है।

अपने संदेश में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज तीव्र विकास कर रहा है। पीएम आवास योजना के तहत चार करोड़ पक्के घर, 81 करोड़ लोगों को हर माह मुफ्त राशन, 60 करोड़ लोगों को आयुष्मान भारत के तहत निशुल्क उपचार की सुविधा और 40 लाख करोड़ रुपये का गारंटी मुक्त मुद्रा ऋणकृयह सब अंत्योदय को समर्पित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसा मनीषी ही कर सकता है। उन्होंने कहा कि आजादी के पहले सात दशक तक देश में कुल 3.2 करोड़ घरों में ही नल से पेयजल आपूर्ति हो पा रही थी, अब यह आंकड़ा चार गुना से अधिक बढ़कर 16 करोड़ तक पहुंच गया है। 2014 तक देश के केवल 5 शहर ही मेट्रो ट्रेन से जुड़े थे, अब इन शहरों की संख्या बढ़कर 26 हो गई है। मेट्रो रेल नेटवर्क भी 248 किलोमीटर से बढ़कर 1155 किलोमीटर हो गया है।

दुनिया का नेतृत्व कर रहा भारत
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत दुनिया को हर क्षेत्र में नेतृत्व प्रदान कर रहा है। दुनिया के कुल डिजिटल लेन-देन का 56 प्रतिशत अकेले भारत में हो रहा है। कभी अपनी रक्षा जरूरतों के लिए विदेशों पर निर्भर रहने वाला भारत आज रक्षा उत्पादन और निर्यात के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है। अंतरिक्ष से लेकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्टार्टअप से लेकर सेमीकंडक्टर निर्माण तक, भारत आत्मनिर्भरता के नए अध्याय लिख रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी वंदन के अपने संकल्प को पूरा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेना में महिलाओं को स्थायी कमीशन दिया है। ऑपरेशन सिंदूर में भारत की यही नारी शक्ति दुश्मन देश पर भारी पड़ी। कभी देश बाह्य प्रायोजित आतंकवाद के साथ ही देश के अंदर पलने वाले नक्सल आतंक का शिकार था, आज देश नक्सल हिंसा को निर्णायक रूप से नियंत्रित करने के साथ-साथ सीमा पार स्थित आतंकी ढांचों को निशाना बनाने का साहस भी रखता है।

उत्तराखंड बना सबसे बड़ा लाभार्थी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत का जो राष्ट्रीय विजन आकार ले रहा है, उसका प्रभाव देश के प्रत्येक राज्य में दिखाई दे रहा है। उत्तराखंड इसका एक सशक्त उदाहरण है। उन्होंने कहा देवभूमि उत्तराखंड के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कार्यकाल स्वर्णिम अक्षरों में लिखे जाने योग्य साबित हुआ है। केंद्र सरकार के सहयोग से आज उत्तराखंड में दो लाख करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। चारधाम ऑल वेदर रोड परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है, जबकि 13 हजार करोड़ रुपये की लागत से निर्मित दिल्लीदृदेहरादून एक्सप्रेस-वे ने दिल्ली दृ देहरादून के बीच दूरी और समय, दोनों को कम कर दिया है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से वर्तमान में सितारगंजदृटनकपुर, पौंटा साहिबदृदेहरादून, भानियावालादृऋषिकेश, काठगोदामदृलालकुआंदृहल्द्वानी बाईपास तथा रुद्रपुर बाईपास जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर भी कार्य जारी है।

रेल का सपना सच होने के करीब
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री के विशेष प्रयासों आज ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना तेजी से पूर्णता की ओर बढ़ रही है, इसके अतिरिक्त केंद्र सरकार ने टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन परियोजना को मंजूरी प्रदान कर दी है। प्रदेश के 11 रेलवे स्टेशनों को अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत आधुनिक स्वरूप दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में उत्तराखंड में हवाई सेवाएं भी सुदृढ़ हुई हैं। केंद्र सरकार के सहयोग से जॉलीग्रांट, पंतनगर और पिथौरागढ़ एयरपोर्ट का विस्तार किया जा चुका है। उड़ान योजना के तहत प्रदेश में 18 हेलीपोर्ट विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें से 12 पर सेवाएं प्रारंभ हो चुकी हैं। वर्ष 2022 तक जहां राज्य में केवल दो हेलीपोर्ट थे, वहीं आज उनकी संख्या बढ़कर सात हो चुकी है। हेलीपैड की संख्या भी लगभग दोगुनी होकर 118 तक पहुंच गई है।

आध्यात्मिक पर्यटन को नई पहचान
अपने संदेश में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से पर्वतमाला परियोजना के माध्यम से उत्तराखंड में रोपवे नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है। गौरीकुंड से केदारनाथ और गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक रोपवे परियोजनाएं प्रदेश के पर्यटन और तीर्थाटन को नई दिशा देंगी। चारधामों के साथ-साथ उत्तराखंड के प्राचीन मंदिरों के पुनरोद्धार और पुनर्विकास को भी प्राथमिकता दी जा रही है। केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम पुनर्विकास परियोजनाएं तथा मानसखंड मंदिर माला मिशन इसके उत्कृष्ट उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से जमरानी, सौंग और लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है, जिससे सिंचाई, पेयजल और ऊर्जा के क्षेत्र में दीर्घकालिक लाभ प्राप्त होंगे। किच्छा में एम्स सैटेलाइट सेंटर का कार्य प्रारंभ हो चुका है। एम्स ऋषिकेश में देश की पहली हेली एम्बुलेंस सेवा शुरू की गई है, जो आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक अभिनव पहल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हम सब विकसित भारत के अमृतकाल में प्रवेश कर चुके हैं, ऐसे में उत्तराखंड के प्रत्येक नागरिक का यह दायित्व है कि वह इस परिवर्तन यात्रा का सक्रिय सहभागी बने। तभी प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत वर्ष 2047 तक एक विकसित, आत्मनिर्भर और विश्व का मार्गदर्शन करने वाला राष्ट्र बन सकेगा।

पीएम मोदी ने देशवासियों से की एक साल तक सोना न खरीदने की अपील, जानें क्या है मायने

पीएम मोदी ने लोगों से पेट्रोल-डीजल बचाने, पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने, वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था को दोबारा से शुरू करने, गैर-जरूरी चीजों की खरीदारी और विदेश यात्राओं से बचने की अपील की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को लोगों से पेट्रोल-डीजल बचाने, पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने, वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था को दोबारा से शुरू करने, गैर-जरूरी चीजों की खरीदारी और विदेश यात्राओं से बचने की अपील की। उन्होंने पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के चलते खड़े हुए वैश्विक संकट से निपटने के लिए विदेशी मुद्रा को बचाने पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने कहा, देशभक्ति सिर्फ जान देना नहीं बल्कि मुश्किल वक्त में जिम्मेदारी से जीना भी देशभक्ति है।

मेट्रो, कारपूल, EV अपनाओ

प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से ब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने की अपील की. उन्होंने मेट्रो, कारपूल, EV अपनाने पर जोर दिया। इसकी वजह यह है कि भारत 85 प्रतिशत तेल बाहर से मंगाता है, पश्चिमी एशिया में तनाव बढ़ने के चलते क्रूड ऑयल की कीमत 120 डॉलर तक पहुंच गई थीं।

वर्क फ्रॉम होम करो

पीएम मोदी ने वर्क फ्रॉम होम करने पर जोर दिया।इसके पीछे सीधा हिसाब है। दफ्तर आने-जाने में रोजाना लाखों लीटर पेट्रोल-डीजल जलता है। कॉर्पोरेट कंपनियाँ अगर हफ्ते में कुछ दिन भी वर्क फ्रॉम होम लागू करें तो ईंधन की खपत और आयात का बोझ दोनों कम हो सकते हैं।

1 साल विदेश यात्रा टालो

पीएम ने नागरिकों से अपील की कि वे गैर जरूरी विदेश यात्रा, विदेश में छुट्टियां मनाने और विदेशी शादियों से बचकर और घरेलू पर्यटन और भारत के भीतर समारोह आयोजित करके विदेशी मुद्रा भंडार को संरक्षित करने में मदद करें। क्योंकि रुपया 85 से टूटकर 93 पर आ गया, डॉलर बचाना जरूरी है।

1 साल सोना मत खरीदो

पीएम मोदी ने लोगें से एक साल तक सोना न खरीदने की अपील की। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोना खरीदने वाला देश है और हम हर साल करीब 59 अरब डॉलर यानी लगभग पांच लाख करोड़ रुपए का सोना बाहर से मंगाते हैं। सिर्फ अप्रैल से सितंबर 2025 के छह महीनों में 26.51 अरब डॉलर का सोना आया। दिवाली और शादी के सीजन में अक्टूबर 2025 में तो सोने का आयात 200 प्रतिशत उछल गया, जिसने व्यापार घाटे को रिकॉर्ड 41.68 अरब डॉलर तक पहुंचा दिया। SBI रिसर्च के मुताबिक सोने की कीमत और रुपए की कमजोरी के बीच सीधा रिश्ता है। सोना महंगा होता है तो रुपया और टूटता है।

मेड इन इंडिया सामान खरीदो

प्रधानमंत्री मोदी ने नागरिकों को मेड-इन-इंडिया और लोकल लेवर पर बनने वाले प्रोडक्ट्स को प्राथमिकता देने के लिए प्रोत्साहित किया, जिनमें जूते, बैग और सहायक उपकरण जैसी दैनिक उपयोग की वस्तुएं शामिल हैं। वजह यह है कि 2025-26 में भारत का व्यापार घाटा बढ़ रहा है। चीन और दूसरे देशों का सस्ता सामान इस घाटे को और बढ़ा करता है। भारतीय सामान खरीदने से आयात कम होगा और देश के उद्योग और रोजगार को फायदा मिलेगा।

किसान -खाद 50% घटाओ, सौर पंप लगाओ

पीएम मोदी ने किसानों से अपील कि वे रासायनिक खाद 50 प्रतिशत कम करें प्राकृतिक खेती अपनाएं और डीजल पंप की जगह सौर पंप लगाएं. भारत यूरिया की अपनी जरूरत का 25 प्रतिशत, फास्फेट का 90 प्रतिशत और पोटाश का पूरा 100 प्रतिशत विदेश से मंगाता है. 2023-24 में सिर्फ उर्वरक सब्सिडी का बोझ 1.75 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया। यूरिया बनाने के लिए प्राकृतिक गैस चाहिए जो खुद आयात होती है।

उत्तराखंडः गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खुले

गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर वैदिक मंत्रोच्चारण और पूजा-अर्चना के साथ श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। इसके साथ ही उत्तराखण्ड की चारधाम यात्रा 2026 का भी शुभारंभ हो गया है। दोनों धामों में प्रधानमंत्री के नाम से पहली पूजा की गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गंगोत्री धाम में कपाटोद्घाटन समारोह में संकल्प लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम से पहली पूजा की और चारधाम यात्रा के सफल आयोजन तथा देश-प्रदेश की सुख समृद्धि एवं खुशहाली की मंगल कामना की है।

धार्मिक परंपराओं के अनुसार मां गंगा की उत्सव डोली भैरव घाटी स्थित भैरव मंदिर से चलकर गंगोत्री धाम पहुंची। गंगोत्री धाम में विशेष पूजा-अभिषेक के साथ 12 बजकर 15 मिनट पर गंगोत्री मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले गये। मां यमुना की डोली शनिदेव महाराज की अगुवाई में शीतकालीन प्रवास स्थल खरसाली से चलकर यमुनोत्री धाम पहुंची। धार्मिक विधि- विधान के साथ 12 बजकर 35 मिनट पर यमुनात्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले गए।

गंगोत्री धाम के कपाटोद्घाटन समारोह में प्रतिभाग करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मॉं गंगा के मंदिर में शीश नवाया और विशेष पूजा-अर्चना की और देव डोली से आशीष भी प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पावन अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर चारधाम यात्रा का विधिवत शुभारंभ हो चुका है। उत्तराखण्ड के चारधाम देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आस्था के प्रमुख केन्द्र हैं, और इन दिव्य धामों के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त करने की इच्छा हर श्रद्धालु के हृदय में रहती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुगम चारधाम यात्रा के लिए राज्य सरकार द्वारा व्यापक और सुदृढ़ व्यवस्थाएँ की गई हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वाेपरि रखते हुए सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रयास किए गए हैं। साथ ही, यात्रा मार्गों पर सुचारु यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि देवभूमि उत्तराखण्ड में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को दिव्य धामों का आशीर्वाद प्राप्त होने के साथ-साथ यात्रा का एक सुखद, सुरक्षित और अविस्मरणीय अनुभव मिले। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से ग्रीन और क्लीन चारधाम यात्रा के सफल आयोजन हेतु सहयोग की अपील करते हुए स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति सजग रहने का आग्रह भी किया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा, विधायक सुरेश चौहान, पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण, दायित्वधारी प्रताप पंवार, जिलाधिकारी उत्तरकाशी प्रशान्त आर्य, एसपी कमलेश उपाध्याय, एडीएम मुक्ता मिश्रा, मुख्यमंत्री के गढ़वाल कोर्डिनेटर किशोर भट्ट, मंदिर समिति के अध्यक्ष धर्मांनंद सेमवाल, सचिव सुरेश सेमवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि,अधिकारी एवं मंदिर समिति के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

देवभूमि में प्रधानमंत्री का भव्य स्वागत, 12 किमी लंबे रोड शो में बड़ी संख्या में पहुंचे लोग

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के लोकार्पण के अवसर पर देहरादून पहुंचे, जहां उनका भव्य और ऐतिहासिक स्वागत हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत प्रधानमंत्री ने प्रसिद्ध डाट काली मंदिर में पूजा-अर्चना से की, जहां उन्होंने देश और उत्तराखंड की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की।

इसके बाद प्रधानमंत्री ने देहरादून कैंट स्थित सभा स्थल तक लगभग 12 किलोमीटर लंबा रोड शो किया। यह रोड शो कई मायनों में खास रहा, क्योंकि बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री द्वारा किया गया यह अब तक का सबसे लंबा रोड शो है।

रोड शो के दौरान सड़कों के दोनों ओर हजारों की संख्या में युवा, महिलाएं और आमजन मौजूद रहे। “भारत माता की जय” के नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला और हर कोई प्रधानमंत्री की एक झलक पाने को उत्सुक नजर आया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हाथ जोड़कर और हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। जनता के इस अपार प्रेम और समर्थन से वे बेहद प्रसन्न और उत्साहित दिखाई दिए।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने इस अभूतपूर्व स्वागत का जिक्र करते हुए कहा कि देवभूमि उत्तराखंड से उन्हें हमेशा विशेष ऊर्जा मिलती है। उन्होंने कहा कि यहां के लोगों का स्नेह और आशीर्वाद उन्हें देश के विकास के लिए और अधिक प्रेरित करता है, और वे इस बार भी उत्तराखंड से नई ऊर्जा लेकर जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में रोड शो में उमड़े जन सैलाब और लोगों के प्यार पर आभार जताया। उन्होंने कहा कि 12 किलोमीटर लंबे रोड शो में जनता का प्यार देखते हुए वह तेजी से वाहन चलवाकर जनसभा में नहीं पहुंच पाए । लोगों का अभिवादन करने के लिए उनके वाहन को हल्के हल्के चलाया गया और इस कारण जनसभा में पहुंचने में एक घंटे से अधिक का विलंब हो गया। इसके लिए उन्होंने जनसभा में उपस्थित लोगों से क्षमा मांगी ।

यह भव्य रोड शो न केवल इकोनॉमिक कॉरिडोर के महत्व को दर्शाता है, बल्कि उत्तराखंड की जनता और प्रधानमंत्री के बीच गहरे जुड़ाव को भी प्रदर्शित करता है।

प्रधानमंत्री से मिले सीएम धामी, राज्य की योजनाओं को पीएम के समक्ष रखकर उत्तराखंड आने का दिया निमंत्रण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड के विकास के लिये केंद्र सरकार द्वारा प्रदान किए जा रहे सहयोग एवं मार्गदर्शन के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र के सहयोग से राज्य विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को उत्तराखंड आगमन का भी निमंत्रण प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को टिहरी जनपद में स्थित शक्तिपीठ मां सुरकंडा देवी की रेप्लिका, बद्री गाय का घी के साथ ही राज्य के अलग- अलग जिलों से मंगाई पांच प्रकार की राजमा और शहद भेंट किए।
मुख्यमंत्री ने हरिद्वार कुम्भ-2027 के लिए 500 करोड़ रुपये की सहायता, नदी जोड़ो परियोजना के अंतर्गत National Water Development Agency द्वारा फिजिबिलिटी स्टडी, राजाजी नेशनल पार्क स्थित चौरासी कुटिया के विकास के लिए ₹100 करोड़ की स्वीकृति, पिथौरागढ़ के नैनी-सैनी हवाई पट्टी हेतु एमओयू और चारधाम यात्रा के लिए सुरक्षित हेली सेवाओं हेतु संचालन में सहयोग के लिए विशेष धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश में विद्युत लाइनों के भूमिगतकरण, चम्पावत बाईपास, देहरादून रिंग रोड एवं देहरादून-मसूरी रोड जैसी महत्वपूर्ण आधारभूत परियोजनाओं की स्वीकृति के लिए भी प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया।

भेंट के दौरान मुख्यमंत्री ने, उत्तराखंड दौरे पर प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए सुझावों और मार्गदर्शन पर राज्य सरकार द्वारा की गई कार्यवाही की भी विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उत्तराखण्ड को वैश्विक वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के लिए चौपता, दुग्गलबिट्ठा, पटवाडांगर और शारदा कॉरिडोर क्षेत्र में कार्य किया जा रहा है, जबकि रामनगर, देहरादून, ऋषिकेश और त्रियुगीनारायण पहले से लोकप्रिय वेडिंग डेस्टिनेशन बन चुके हैं। राज्य में वेडिंग डेस्टिनेशन के लिए पालिसी भी तैयार की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में आध्यात्मिक आर्थिक क्षेत्र (Spiritual Economic Zone) के रूप में बेल केदार, अंजनीसैंण-टिहरी तथा लोहाघाट-श्यामलाताल क्षेत्रों को चिन्हित किया गया है। राज्य सरकार ने शीतकालीन यात्रा भी प्रारंभ कर दी है, जिसके परिणामस्वरूप श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। आदि कैलास यात्रा में वर्ष 2022 में 1761 श्रद्धालुओं की तुलना में वर्ष 2025 में 36453 श्रद्धालुओं द्वारा दर्शन किया गया। यहाँ के लिए हेलीसेवा भी शुरू की गई। इसी तरह राज्य में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए रिवर राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग, कयाकिंग सहित अनेक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही स्थानीय रोजगार सृजन के लिए वोकल फॉर लोकल के अंतर्गत हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुँचाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने शिक्षा, पर्यटन, ग्रामीण अर्थव्यवस्था एवं स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए “एक जिला-एक मेला”, क्लस्टर विद्यालय योजना, भारत दर्शन एवं उत्तराखण्ड दर्शन कार्यक्रम जैसी पहलों की जानकारी भी प्रधानमंत्री को दी।

*रेपिड रेल का विस्तार ऋषिकेश तक करने का अनुरोध*
मुख्यमंत्री ने दिल्ली से मेरठ तक संचालित Regional Rapid Transit System (RRTS) परियोजना का विस्तार मेरठ से हरिद्वार एवं ऋषिकेश तक किए जाने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड में रक्षा उपकरण निर्माण इकाइयों की स्थापना के लिए नीति समर्थन एवं प्राथमिकता देने का भी अनुरोध किया। उन्होंने राज्य की सामरिक स्थिति, उपलब्ध प्रशिक्षित मानव संसाधन और विकसित औद्योगिक ढांचे को इस दिशा में उपयुक्त बताया। मुख्यमंत्री ने कोटद्वार, हरिद्वार एवं देहरादून में Defence Equipment Production Industrial Hub की स्थापना पर भी केंद्र से सहयोग का अनुरोध किया। इसके साथ ही रायवाला क्षेत्र में बीआई-डक ब्रिज के विकास तथा उत्तरकाशी जिले में स्थित चिन्यालीसौड़ एयरस्ट्रिप के विस्तार की आवश्यकता पर भी बल दिया।

*दिल्ली-हल्द्वानी एक्सप्रेस-वे के निर्माण का अनुरोध*
मुख्यमंत्री ने टिहरी झील में सी-प्लेन सेवा प्रारंभ करने का प्रस्ताव भी प्रधानमंत्री के समक्ष रखा। मुख्यमंत्री ने दिल्ली-हल्द्वानी एक्सप्रेस-वे के निर्माण का अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि इस परियोजना से काशीपुर, रुद्रपुर औद्योगिक क्षेत्र, पंतनगर एयरपोर्ट तथा रामनगर स्थित जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क तक आवागमन सुगम होगा और पर्वतीय क्षेत्रों के लिए यातायात एवं लॉजिस्टिक्स में उल्लेखनीय सुधार आएगा।

रेल कनेक्टिविटी के विस्तार पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के अंतर्गत ऋषिकेश से व्यासी खंड के शीघ्र लोकार्पण, टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन में रोड-कम-रेल टनल निर्माण, बागेश्वर-कर्णप्रयाग नई रेल लाइन के सर्वे तथा हरिद्वार-देहरादून रेल लाइन के डबलिंग का अनुरोध किया। उन्होंने सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण उत्तरकाशी क्षेत्र को रेल नेटवर्क से जोड़ने हेतु ऋषिकेश-उत्तरकाशी रेल लाइन के निर्माण का भी प्रस्ताव रखा, जिससे गंगोत्री एवं यमुनोत्री धाम की यात्रा सुगम होने के साथ-साथ स्थानीय उत्पादों की आपूर्ति श्रृंखला मजबूत होगी।

*उत्तराखंड आने का निमंत्रण*
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उत्तराखण्ड आगमन का निमंत्रण देते हुए विभिन्न परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास का प्रस्ताव भी रखा। प्रस्तावित लोकार्पण में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे तथा टिहरी पम्प्ड स्टोरेज प्लांट शामिल हैं, जबकि शिलान्यास के लिए पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तार एवं बनबसा लैंड पोर्ट परियोजना शामिल है। मुख्यमंत्री ने बताया कि चम्पावत जनपद के बनबसा क्षेत्र में भारत-नेपाल सीमा पर विकसित हो रहा लैंड पोर्ट व्यापार, आवागमन एवं क्षेत्रीय सहयोग को नई गति देगा तथा एशियन हाईवे से जुड़कर अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करेगा।

*राज्य की विशिष्ट पहलों का विवरण दिया*
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को उत्तराखण्ड में संचालित विशिष्ट पहलों एवं प्रमुख सुधारों की भी विस्तृत जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से होम-स्टे योजना के अंतर्गत 6000 से अधिक होम-स्टे पंजीकृत किए जा चुके हैं। आमजन की सुविधा के लिए “Uttarastays” नाम से देश का पहला नि:शुल्क मार्केटिंग पोर्टल विकसित किया गया है, जिससे बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जुड़ रहे हैं। उन्होंने बागवानी क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए अल्मोड़ा के चौबटिया में सेब, चेरी, प्लम एवं नाशपाती हेतु सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस स्थापित किए जाने तथा किसानों के प्रशिक्षण के लिए विशेष व्यवस्थाओं की जानकारी दी। साथ ही कहा कि सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए केंद्र सरकार की वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत चयनित गांवों में स्थानीय संस्कृति, भोजन एवं हस्तशिल्प को बढ़ावा देकर रोजगार सृजन किया जा रहा है।

*राज्य सरकार की उपलब्धियों का विवरण दिया*
मुख्यमंत्री ने “मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना” को ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए गेम चेंजर बताते हुए कहा कि इस योजना के तहत सौर ऊर्जा आधारित परियोजनाओं के माध्यम से हजारों परिवारों को स्वरोजगार मिला है। ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए “मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना” के अंतर्गत हजारों उद्यमियों को इनक्यूबेशन सहायता प्रदान की गई है। वहीं “देवभूमि परिवार योजना” के माध्यम से राज्य के परिवारों का एकीकृत डिजिटल डेटाबेस तैयार कर योजनाओं की पारदर्शी डिलीवरी सुनिश्चित की जा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पूर्व अग्निवीरों को राज्य सेवाओं में 10 प्रतिशत आरक्षण देने हेतु “अग्निवीर आरक्षण नियमावली-2025” लागू की गई है। साथ ही “उत्तराखण्ड जन विश्वास विधेयक-2026” के माध्यम से विभिन्न अधिनियमों में संशोधन कर प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है तथा 500 से अधिक अप्रासंगिक कानूनों को समाप्त किया गया है। उन्होंने जानकारी दी कि राज्य में ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस को बढ़ावा देने के लिए औद्योगिक, श्रम, खनन, राजस्व एवं शहरी विकास क्षेत्रों में व्यापक सुधार किए गए हैं।

पीएम मोदी ने चार वर्ष के कार्यकाल पर दी राज्य सरकार को दी बधाई

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार के चार वर्ष पूरे होने पर शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री को भेजे गए अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा है कि मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तराखंड की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि देवभूमि सदियों से आस्था, अध्यात्म, साहस और समृद्ध परंपराओं की भूमि रही है। यहां की विविध भाषाएं-बोलियां, लोक परंपराएं और सरल जीवनशैली प्रदेश को विशिष्ट पहचान देती हैं। उन्होंने कहा कि जब से केंद्र में हमारी सरकार बनी है, तब से उत्तराखंड ‘विकसित भारत’ के संकल्प के अनुरूप लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। चार धाम ऑल वेदर रोड परियोजना के तहत चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है, वहीं ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन के माध्यम से प्रदेश में रेल संपर्क को मजबूत किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने प्रदेश के सीमांत क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ाने और शीतकालीन पर्यटन को प्रोत्साहित करने के प्रयासों को भी सराहा। उन्होंने कहा कि इन पहलों से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिला है, बल्कि पलायन रोकने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में भी मदद मिली है। अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा स्थानीय उत्पादों के प्रोत्साहन, महिला सशक्तिकरण, युवाओं के लिए रोजगार सृजन, स्टार्टअप्स को बढ़ावा तथा डिजिटल और हरित विकास जैसे प्रयासों को सराहनीय बताया। साथ ही, आपदा प्रबंधन की सुदृढ़ व्यवस्था और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता को राज्य की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण बताया।
प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि ‘अमृत काल’ में विकसित भारत के निर्माण में उत्तराखंड की भूमिका और मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर, समृद्ध और सुदृढ़ उत्तराखंड के निर्माण में प्रदेश के प्रत्येक नागरिक की सहभागिता अहम है।
अंत में प्रधानमंत्री ने राज्य के नागरिकों को भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की कि आने वाले वर्षों में उत्तराखंड विभिन्न क्षेत्रों में नई उपलब्धियां हासिल करेगा।