एकता दिवस एक देश एक विधान का सपना साकार हुआः मोदी

लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के केवड़िया में स्टैचू ऑफ यूनिटी पर सरदार पटेल की प्रतिमा पर फूल चढ़ाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। पीएम ने इस मौके पर आयोजित एकता दिवस परेड की सलामी ली। केवड़िया में सरदार पटेल की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इस दौरान कलाकारों ने मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम की झलक पेश की।
सरदार पटेल की जयंती पर केवड़िया में पीएम मोदी ने लोगों को एकता की शपथ भी दिलाई। राष्ट्रीय एकता दिवस पर सरदार पटेल को श्रद्धांजलि देने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अध्यादेश 370 ने जम्मू-कश्मीर को अलगाववाद और आतंकवाद के सिवाय कुछ नहीं दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में अध्यादेश 370 के हटने के बाद अब स्थिरता आएगी। सरकार के इस फैसले से क्षेत्र के आधार पर भेदभाव खत्म होगा।
जम्मू-कश्मीर में चुनाव का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार बीडीसी का चुनाव हुआ जिसमें लोगों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। देश की एकता को अखंड बताते हुए प्रधानमंत्री ने चेतावनी दी कि जो भी देश की एकता को चोट पहुंचाने की कोशिश करेगा, उसे मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। पीएम ने कहा कि हमारी एकता में छेद करने की कोशिश हो रही है, अलगाव को उभारने का प्रयास किया जा रहा है, हमारी एकता को ललकारा जा रहा है लेकिन वे भूल जाते हैं कि सदियों से ऐसी कोशिशों के बाद भी हमें कोई मिटा नहीं सका। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें विविधता के हर अवसर को मनाना है। यही एक भारत श्रेष्ट भारत के रुप में दर्शाता है।

चुनाव परिणाम से पहले फडणवीस पहुंचे केदारनाथ, लिया जीत का आर्शीवाद

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा चुनाव के नतीजे आने से एक दिन पूर्व पत्नी सहित परिवारिक सदस्यों के साथ बुधवार को बाबा केदार के दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने चुनाव में जीत के लिए बाबा का आशीर्वाद लिया।
सूत्रों के अनुसार, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री फडणवीस सुबह साढ़े दस बजे चार्टर हेलीकॉप्टर से केदारनाथ धाम पहुंचे। यह उनका निजी कार्यक्रम था, जिस कारण प्रशासन व पुलिस को इस बारे में कोई सूचना नहीं थी। मंदिर पहुंचने पर मुख्य पुजारी केदार लिंग ने उनकी पूजा संपन्न करवाई। रुद्राभिषेक करने के बाद फडणवीस ने मंदिर की परिक्रमा की और कुछ देर तक केदारनाथ की हिमाच्छादित चोटियों के सौंदर्य को निहारते रहे। इस दौरान मंदिर समिति की विजिटर बुक में फडणवीस ने लिखा कि वह बाबा केदार के दर्शनों से अभिभूत हैं और स्वर्ग में होने जैसा अहसास कर रहे है। करीब डेढ़ घंटा केदारनाथ धाम में रहने के बाद फडणवीस वापस लौट गए। गौरतलब है कि इसी वर्ष मई माह में लोकसभा चुनाव के सातवें एवं अंतिम चरण के मतदान से ठीक एक दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केदारनाथ धाम पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने गर्भगृह में रुद्राभिषेक किया तो मंदिर की परिक्रमा भी की और दोपहर बाद करीब दो बजे वह साधना के लिए एकांत स्थल, मंदिर से 1.5 किलोमीटर दूर ध्यान गुफा में चले गए थे। यहीं रात्रि विश्राम भी किया था।

बिना मीटर के दर्जनभर लोगों को थमाया कनेक्शन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी सौभाग्य योजना के नाम पर बिजली विभाग के अफसरों का फर्जीवाड़ा देखने को मिला है। कहीं फर्जी कनेक्शन से बिजली आपूर्ति की जा रही है तो कहीं पर दर्जन भर लोगों को कनेक्शन देकर मीटर ही नहीं लगवाए गए हैं। ये गड़बड़झाला फर्जीवाड़ा सब स्टेशन के क्षेत्र में जोरों पर चल रहा है। क्षेत्र के बिजली विभाग के एई को भनक ही नहीं है। हाल ही में यूपीसीएल के एमडी बीसीके मिश्रा ने हिदायत दी है कि बिजली मीटर लगाने के मानकों का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही मिलीभगत करने वाले विभागीय अफसरों के पेंच भी कसे जाएंगे। इसके लिए महीने की हर 10 तारीख को कनेक्शन और मीटरों का ब्योरा भी तलब किया जाएगा।

दूसरी तरफ मुनिकीरेती सब स्टेशन के अफसर एमडी की हिदायतों को ठेंगा दिखा रहे हैं। बड़ी बात यह है कि जो कनेक्शन बिजली पोल से 40 मीटर पर दिए जाने चाहिए वहां 200 मीटर की दूरी पर फर्जी मीटर लगावाकर रोशनी फैलाई जा रही है। ये नजारा शिवपुरी पेट्रोल पंप के पास गुज्जरों की बस्ती में देखा जा सकता है। कनेक्शनधारकों का कहना है कि बिजली विभाग के जेई मौका मुआयना करने आए थे। पिछले एक साल से कनेक्शन मिला हुआ है। उधर, मुनिकीरेती सब स्टेशन के एई सौरभ चमोली का कहना है कि मामला मेरे संज्ञान में ही नहीं है।

विक्रम लैंडर का पता चला, संपर्क साधने की कोशिशों में जुटा इसरो

इसरो (ISRO) को चांद पर विक्रम लैंडर की स्थिति का पता चल गया है। ऑर्बिटर ने थर्मल इमेज कैमरा से उसकी तस्वीर ली है। हालांकि, उससे अभी कोई संचार स्थापित नहीं हो पाया है। ये भी खबर है कि विक्रम लैंडर लैंडिंग वाली तय जगह से 500 मीटर दूर पड़ा है। चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर में लगे ऑप्टिकल हाई रिजोल्यूशन कैमरा (OHRC) ने विक्रम लैंडर की तस्वीर ली है।
अब इसरो वैज्ञानिक ऑर्बिटर के जरिए विक्रम लैंडर को संदेश भेजने की कोशिश कर रहे हैं ताकि, उसका कम्युनिकेशन सिस्टम ऑन किया जा सके। इसरो के सूत्रों ने बताया कि बेंगलुरु स्थित इसरो सेंटर से लगातार विक्रम लैंडर और ऑर्बिटर को संदेश भेजा जा रहा है ताकि कम्युनिकेशन शुरू किया जा सके।
इसरो प्रमुख के सिवन ने बताया कि हमें विक्रम लैंडर के बारे में पता चला है, वह चांद की सतह पर देखा गया है. ऑर्बिटर ने लैंडर की एक थर्मल पिक्चर ली है। लेकिन अभी तक कोई संचार स्थापित नहीं हो पाया है। हम संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं। भविष्य में विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर कितना काम करेंगे, इसका तो डेटा एनालिसिस के बाद ही पता चलेगा। इसरो वैज्ञानिक अभी यह पता कर रहे हैं कि चांद की सतह से 2.1 किमी ऊंचाई पर विक्रम अपने तय मार्ग से क्यों भटका। इसकी एक वजह ये भी हो सकती है कि विक्रम लैंडर के साइड में लगे छोटे-छोटे 4 स्टीयरिंग इंजनों में से किसी एक ने काम न किया हो। इसकी वजह से विक्रम लैंडर अपने तय मार्ग से डेविएट हो गया. यहीं से सारी समस्या शुरू हुई, इसलिए वैज्ञानिक इसी प्वांइट की स्टडी कर रहे हैं। इसके अलावा चांद के चारों तरफ चक्कर लगा रहे ऑर्बिटर में लगे ऑप्टिकल हाई रिजोल्यूशन कैमरा (OHRC) से विक्रम लैंडर की तस्वीर ली जाएगी। यह कैमरा चांद की सतह पर 0.3 मीटर यानी 1.08 फीट तक की ऊंचाई वाली किसी भी चीज की स्पष्ट तस्वीर ले सकता है।

चंद्रयान-2 के उतरने का लाइव प्रसारण देखेंगे प्रधानमंत्री

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने मंगलवार सुबह 8.50 बजे चंद्रयान-2 के विक्रम लैंडर को पहली बार सफलतापूर्वक डि-ऑर्बिट किया। यानी अब यह ऑर्बिटर की कक्षा को छोड़कर चांद के दक्षिणी ध्रुव की ओर बढ़ चला है। इसे बुधवार सुबह फिर एकबार डि-ऑर्बिट किया जाएगा। अभी लैंडर की चंद्रमा से न्यूनतम दूरी 104 किलोमीटर और अधिकतम दूरी 128 किलोमीटर है।
बुधवार को डि-ऑर्बिट किए जाने के बाद इसकी चांद से न्यूनतम दूरी 36 किलोमीटर और अधिकतम दूरी 110 किलोमीटर होगी। इसके बाद विक्रम सीधे चांद पर उतरेगा।
विक्रम 7 सितंबर को देर रात 1.55 बजे चांद के दक्षिणी ध्रुव पर उतरेगा। इसके बाद 7 सितंबर की सुबह 5.30 से 6.30 बजे के बीच प्रज्ञान रोवर विक्रम से बाहर आएगा। यहां से प्रज्ञान एक लूनार डे के लिए अपने मिशन पर आगे बढ़ जाएगा। लूनार डे पृथ्वी के 14 दिन के बराबर होता है। लैंडर भी इतने ही दिनों तक काम करेगा। हालांकि, आर्बिटर एक साल तक इस मिशन पर काम करता रहेगा।
6-7 सितंबर की दरमियानी रात 1ः40 बजे लैंडर चंद्रमा पर उतरना शुरू करेगा। यह प्रक्रिया करीब 15 मिनट की होगी। लैंडिंग के दो घंटे बाद तड़के 3ः55 बजे लैंडर से रोवर बाहर निकलेगा। 5ः05 बजे रोवर के सोलर पैनल खुलेंगे। 5ः55 बजे रोवर चंद्रमा पर उतर जाएगा। रोवर के चंद्रमा पर उतरते ही वह लैंडर और लैंडर रोवर की सेल्फी लेगा जो उसी दिन 11 बजे के आसपास उपलब्ध होगी।
चंद्रमा की सतह पर चंद्रयान-2 के उतरने की घटना के गवाह बनने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इसरो मुख्यालय में मौजूद रहेंगे। मोदी के साथ स्पेस क्विज जीतने वाले देशभर के 50 बच्चे व उनके माता-पिता को भी इसरो ने आमंत्रित किया है। नासा के पूर्व एस्ट्रॉनॉट डोनाल्ड ए. थॉमस ने रविवार को कहा कि चंद्रयान-2 के चंद्रमा पर लैंडिंग का नजारा अमेरिकी एजेंसी नासा के साथ ही पूरी दुनिया के लोग देखेंगे।

’’फिट इंडिया अभियान’’ देश में कुशल खिलाड़ियों को अवसर देगाः मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि फिट और स्वस्थ राष्ट्र नये भारत की पहचान है। आज नई दिल्ली में राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर देशव्यापी फिट इंडिया अभियान की शुरूआत करते हुए उन्होंने कहा कि फिटनेस भारत में जीवन का अनिवार्य हिस्सा रहा है, लेकिन समय के साथ लोग इसके प्रति उदासीन हो गये हैं। उन्होंने कहा कि टैक्नोलॉजी के आने के साथ ही शारीरिक गतिविधियां कम हो गई हैं।
फिटनेस अभियान को जन-आंदोलन बनाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि अनियमित जीवन शैली से मधुमेह और रक्तचाप से संबंधित बीमारियां हो रही हैं, जो जीवनशैली में परिवर्तन से ठीक हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि फिट इंडिया अभियान लोगों को इन बदलावों के लिए प्रेरित करेगा। प्रधानमंत्री ने लोगों से इस अभियान से जुड़ने को कहा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ये पहल समय की जरूरत है और इससे देश का स्वस्थ भविष्य होगा। हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचन्द को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा आज का दिन भारत के नौजवान खिलाडियों को बधाई देने का है, जो विश्व मंच पर देश के तिरंगे को लगातार नया गौरव प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि चाहे बैडमिंटन, टेनिस, एथलेटिक्स, बॉक्सिंग, कुश्ती या अन्य कोई भी खेल हो, भारतीय खिलाड़ी देश की आशाओं और आकांक्षाओं को नये पंख दे रहे हैं।
मेजर ध्यानचन्द की जयंती राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाई जाती है। खेलमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि देशवासियों के सहयोग से यह अभियान नई ऊंचाइयां छूएगा। मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के संगमा ने आज फिट इंडिया अभियान का नेतृत्व किया। इस अभियान की शुरूआत प्रधानमंत्री ने की है। मुख्यमंत्री ने शिलांग में अपने निवास स्घ्थान से मुख्य सचिवालय कार्यालय तक दो किलोमीटर पैदल चलकर वॉक टू वर्क मेघालय अभियान की शुरूआत की।

विजयवर्गीय की मौजूदगी में पीएम ने दुव्र्यवहार बर्दाश्त नही करने की चेतावनी दी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेता पुत्रों के दुर्व्यवहार पर मंगलवार को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि जो भी हो, चाहे वह किसी का भी बेटा हो, मनमानी नहीं चलेगी। इस तरह का अक्खड़पन, दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। ऐसे लोगों और उनका समर्थन करने वालों के लिए पार्टी में कोई जगह नहीं होनी चाहिए।
भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के विधायक पुत्र आकाश विजयवर्गीय ने बीते दिनों इंदौर में नगर निगम के एक अधिकारी को क्रिकेट बैट से पीटा था। इस पर कड़ा संदेश देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाने वाले कतई बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।
सत्रहवीं लोकसभा में संसदीय दल की पहली बैठक के बाद भाजपा प्रवक्ता राजीव प्रताप रूड़ी ने बताया कि प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में साफ कहा कि ऐसा व्यवहार अस्वीकार्य है। चाहे वह किसी का बेटा हो, सांसद हो अहंकार नहीं होना चाहिए। ठीक से व्यवहार करना चाहिए। प्रधानमंत्री ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनका सीधा इशारा आकाश विजयवर्गीय की घटना की तरफ था। बैठक में भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय भी मौजूद थे।
सदस्यता मुहिम का जिक्र करते हुए मोदी ने सांसदों से इसमें बढ़-चढ़कर भाग लेने को कहा। उन्होंने कहा कि हर बूथ पर पांच पेड़ लगाएं। उन्होंने इसे पंचवटी अभियान का नाम दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छह जुलाई को वाराणसी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह तेलंगाना से इसकी शुरुआत करेंगे।
मोदी ने कहा कि सांसद का चुनाव आसान नहीं होता है। जीत के बाद जवाबदेही बनती है। नए सांसदों के लिए संसद सीखने का सबसे बड़ा मंच है। उन्हें सदन में रहकर चर्चा में सक्रियता से हिस्सा लेना चाहिए। प्रधानमंत्री ने तीन तलाक विधेयक के मौके पर लोकसभा में सांसदों की कम उपस्थिति पर भी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा, उपस्थिति को लेकर सतर्क रहें।

चुनौती को अवसर में बदलने का कार्य करुगां, अपेक्षाओं पर खरा उतरुगांः निशंक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक आज देहरादून में कार्यकर्ताओं से रूबरू हुए। निशंक ने कहा- मंत्री बनने के साथ ही काम शुरू हो चुका है। 100 दिन में काम के लक्ष्य हमारे सामने हैं। पहले उन्हें साधना है। उसके बाद ही वे अपने मंत्रालय की जानकारियों को लेकर प्रेस के सामने आएंगे।
डॉ. निशंक प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित स्वागत समारोह कार्यक्रम में जुटे कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। अपने करीब आधे घंटे के संबोधन में उन्होंने कहा कि उन्होंने भी नहीं सोचा था कि प्रधानमंत्री उन्हें केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री सरीखा अहम मंत्रालय देंगे। उनका तो पर्यटन और संस्कृति में मन था। कहा-‘मेरे लिए ये बड़ी चुनौती है। मैं इसे अवसर में बदलने का प्रयास करूंगा। प्रधानमंत्री ने मुझ पर बहुत भरोसा किया है। मैं समझ लूं कि प्रधानमंत्री जी क्या चाहते हैं। जितनी भी क्षमता है लगा दूंगा किंतु उत्तराखंड का माथा नीचे नहीं होने दूंगा।’
निशंक ने कांग्रेस पर निशाना साधा तो प्रधानमंत्री मोदी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले कांग्रेस ने देश को चैराहे पर ला खड़ा किया था। लेकिन भाजपा ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री का चेहरा बनाया और उनके नेतृत्व में देश लगातार नई ऊंचाई छू रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं की तारीफ की। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय, उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, वरिष्ठ विधायक हरबंस कपूर, देहरादून के मेयर सुनील उनियाल गामा ने भी निशंक ने भी कार्यकर्ता संबोधन किया और निशंक को केंद्रीय मंत्री बनाने का पीएम मोदी का आभार प्रकट किया। प्रदेश महामंत्री नरेश बंसल ने कार्यकर्ताओं का आभार जताया। पार्टी विधायक खजानदास ने कार्यक्रम का संचालन किया।

एचआरडी मंत्री निशंक ने किए बदरी-केदार के दर्शन
केंद्रीय मानव संसाधन एवं विकास मंत्री बनने के बाद पहली बार डा. रमेश पोखरियाल निशंक शनिवार को दोनों बेटियों के साथ बदरी-केदार के दर्शन किए। उन्होंने दोनों धामों की पूजा में भी भाग लिया। साथ ही तीर्थयात्रियों, पुरोहितों और कार्यकर्ताओं से बातचीत की। केंद्रीय मानव संसाधन एवं विकास मंत्री डा. रमेश पोखरियाल निशंक बेटियों के साथ सुबह पौने आठ बजे केदारनाथ पहुंचे। उन्होंने बाबा केदार के दर्शन कर करीब आधा घंटे तक पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने तीर्थ पुरोहितों से बातचीत कर उनकी समस्याएं भी सुनीं और समस्याओं पर प्रशासन को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। भाजपा कार्यकर्ताओं ने उन्हें मंत्री बनने पर बधाई देते हुए अभिनंदन पत्र सौंपा।

इसके बाद वह दोपहर 12 बजकर 20 मिनट पर बदरीनाथ मंदिर पहुंचे। यहां बीकेटीसी अध्यक्ष मोहन प्रसाद थपलियाल, पूर्व विधायक अनिल नौटियाल और मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह ने उनका फूल मालाओं के साथ स्वागत किया। वह 25 मिनट तक मंदिर में आयोजित पूजा में शामिल हुए। डा. निशंक ने धाम में यात्रा व्यवस्थाओं पर संतुष्टि जताई। इस मौके पर विधायक भरत सिंह, जिलाध्यक्ष विजय कप्रवाण, महामंत्री अजय सेमवाल, बीकेटीसी के उपाध्यक्ष अशोक खत्री, वाचस्पति सेमवाल, आशा नौटियाल, चंडी प्रसाद भट्ट, मंदिर समिति के सदस्य चंद्रकला ध्यानी, धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल, धीरज पंचभैया मोनू, डिमरी पंचायत अध्यक्ष राकेश डिमरी और मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ आदि मौजूद थे।

मुख्यमंत्री ने की मांग, मिड-डे-मील में परम्परागत अनाज शामिल होने से मिलेगा स्वरोजगार

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शनिवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में प्रतिभाग किया। हिमालयी स्टेट रीजनल काउंसिल, केदारनाथ पुनर्निर्माण परियोजना, चारधाम महामार्ग परियोजना, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे परियोजना व नमामि गंगे परियोजना के लिए मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा है कि उत्तराखण्ड को अपनी पर्यावरणीय सेवाओं के लिए प्रोत्साहन के रूप में वित्तीय सहायता मिलनी चाहिए। मिड-डे मील में मंडुवा, झंगौरा भी शामिल किए जाएं। उत्तराखण्ड के सीमांत क्षेत्रों में रोड़ कनेक्टिविटी के साथ एयर व रेल कनेक्टिविटी भी विकसित की जाएं।

उत्तराखण्ड को मिले ईको-सिस्टम सर्विसेज के बदले प्रोत्साहन राशि
बैठक में मुख्यमंत्री ने विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि उत्तराखण्ड राज्य द्वारा अपने दो-तिहाई भू-भाग पर वनों का संरक्षण सुनिश्चित करके राष्ट्र को महत्वपूर्ण पर्यावरणीय सेवायें (ईको-सिस्टम सर्विसेज) प्रदान की जा रही है। इन पर्यावरणीय सेवाओं के लिए हमें अपने विकास के अवसरों का परित्याग करना पड़ रहा है। अतः भारत सरकार से अनुरोध है कि क्षतिपूर्ति अथवा प्रोत्साहन के तौर पर समुचित वित्तीय सहायता राज्य को उपलब्ध करायी जाये। राज्यों की परम्परागत फसलों को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि मिड-डे-मील में चावल एवं गेहूँ के अतिरिक्त राज्यों की परम्परागत फसलें जैसे मंडुवा, झिगौरा इत्यादि को शामिल करना चाहिए।

हिमालयी स्टेट रीजनल काउंसिल, केदारनाथ पुनर्निर्माण, चारधाम परियोजना, नमामि गंगे के लिए प्रधानमंत्री का आभार
हिमालयी राज्यों की विशिष्ट भू-भौगोलिक परिस्थितियों पर विचार करने तथा इनकी कठिनाइयों के सम्यक् समाधान के लिए नीति आयोग के अन्तर्गत हिमालयी स्टेट रीजनल काउंसिल का गठन किए जाने पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री जी आभार व्यक्त किया। केदारनाथ पुनर्निर्माण परियोजना, चारधाम महामार्ग परियोजना, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे परियोजना के लिए भी उत्तराखण्ड की ओर से प्रधानमंत्री जी को विशेष रूप से धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये सभी परियोजनायें राज्य के दीर्घकालिक विकास के लिए बहुत उपयोगी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नमामि गंगे योजना के माध्यम से गंगा व उसकी सहायक नदियों को प्रदूषण मुक्त करने की दिशा में प्रधानमंत्री ने अभूतपूर्व पहल की है। गंगोत्री से लक्ष्मण झूला-ऋषिकेश तक गंगा के जल की गुणवत्ता को क्लास वन में वर्गीकृत किया गया है, जो हमारे प्रयासों की सफलता को दर्शाता है।

इन्वेस्टर्स समिट के बाद उत्तराखण्ड में अभी तक 14545 करोड़ का निवेश हो चुका है
उत्तराखण्ड राज्य सरकार द्वारा अक्टूबर 2018 में प्रथम बार निवेशक सम्मेलन आयोजित किया गया जिसमें निवेशकों को आकर्षित करने हेतु कई नीतियों प्रख्यापित की गई हैं। अब तक कुल 600 एम.ओ.यू., जिनकी लागत रूपये एक लाख चैबीस हजार करोड़ है, हस्ताक्षरित किये जा चुके हैं। अब तक कुल 109 एम.ओ.यू. के सापेक्ष रू0 चैदह हजार पांच सौ पैंतालिस करोड़ का निवेश हो चुका है।

सौंग बांध से देहरादून को 30 वर्ष तक होगी अबाध जलापूर्ति
राज्य सरकार द्वारा वर्षा जल संवर्द्धन के लिए विभिन्न जनपदों में जलाशयों का निर्माण किया जा रहा है। जनपद देहरादून में आगामी 30 वर्षों से भी अधिक समय तक निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित किये जाने के लिए सौंग बाँध पेयजल परियोजना पर कार्य किया जा रहा है। राज्य सरकार के द्वारा वर्ष 2022 तक 5000 समस्याग्रस्त प्राकृतिक जल स्त्रोत को पुनर्जीवित एवं सवंर्दि्धत करने का कार्य किया जायेगा। राज्य के विभिन्न विभागों द्वारा वर्ष 2018-19 में वर्षा जल संचय हेतु कुल 19.22 लाख संरचनायें निर्मित की गयी, जिसमें 11,730 लाख लीटर जल संचय की क्षमता विकसित हुयी है। राज्य सरकार द्वारा बिल्डिंग बाईलॉज में रेन वाटर हार्वेस्टिंग को अनिवार्य किया गया है। कुपोषण की समस्या दूर करने के लिए महिलाओं के द्वारा संचालित स्वयं सहायता समूहों के सहयोग से स्थानीय उपज मंडुवा, चैलाई, झिंगौरा इत्यादि से विनिर्मित पोषक आहार ’’ऊर्जा’’ को जनपदों में ही तैयार करके, अतिकुपोषित बच्चों को पूरक आहार उपलब्ध कराया जा रहा है।

राज्य समेकित सहकारी विकास परियोजना से होगा कृषि में आमूलचूल परिवर्तन
कृषि सैक्टर के आमूलचूल परिवर्तन हेतु संरचनात्मक सुधारों व कृषकों की आमदनी दोगुनी करने के उद्देश्य से एक महत्वाकांक्षी परियोजना ’राज्य समेकित सहकारी विकास परियोजना’ का शुभारम्भ प्रधानमंत्री के कर कमलों से रूद्रपुर में किया गया। रू0 3340 करोड़ की इस परियोजना से बेमौसमी सब्जी उत्पादन, फल उत्पादन, फल उत्पादन, सगन्ध पौधों की खेती, भैंस पालन, भेंड एवं बकरी पालन तथा शीत जल मात्स्यकी आदि क्षेत्रों को विशेष रूप से बढ़ावा मिलेगा।

रूरल ग्रोथ सेंटर से होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत
राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को बढ़ावा देने हेतु ’’रूरल ग्रोथ सेन्टर्स’’ पर कार्य किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत प्रत्येक न्याय पंचायत क्षेत्र में, उस क्षेत्र की मुख्य आर्थिकी के अनुरूप नियोजित आर्थिक विकास किया जायेगा। कृषि के क्षेत्र में कई अभिनव प्रयोग जैसे ट्राउट फार्मिंग, हैम्प कल्टिवेशन एवं प्रोडक्शन, एकीकृत फार्मिंग मॉडल, फार्म मशीनरी बैंक एंव कस्टम हायरिंग सेन्टर्स इत्यादि के माध्यम से कृषि क्षेत्र को बढ़ावा दिया जा रहा है। परम्परागत कृषि विकास योजना के अन्तर्गत प्रथम चरण में 3900 जैविक क्लस्टर स्वीकृत किये गये हैं। समस्त पर्वतीय विकास खण्डों को अगले पाँच वर्षों में आर्गेनिक विकास खण्डों में परिवर्तित किया जायेगा।

मृदा कार्ड व डीबीटी से खाद इन्पुट सब्सिडी में 140 करोड़ की बचत
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में मृदा कार्ड में दी गयी संस्तुतियों एवं डी.बी.टी. योजना संचालन के उपरान्त उर्वरक खपत में अनुमानतः 20 प्रतिशत तक इनपुट लागत में गिरावट आयी है और खाद की इनपुट सब्सिडी में 140 करोड़ रूपए की बचत हुई है। राज्य सरकार द्वारा, कृषि, औद्यानिकी व उनकी सह-गतिविधियों के लिए 30 वर्ष तक लीज पर भूमि दिये जाने की व्यवस्था की गयी है। साथ ही समस्त कृषि ऋण एवं कृषि गतिविधियों के लिए कृषकों को एक लाख रूपए तक का ऋण बिना ब्याज के उपलब्ध कराया जा रहा है।

एपीएमसी एक्ट व आवश्यक वस्तु अधिनियम में परिवर्तन पर विचार हो
उत्तराखण्ड राज्य में कृषि व बागवानी को प्रोत्साहित करने के लिए उत्तराखण्ड मण्डी अधिनियम में माडल एक्ट के सापेक्ष निजी मण्डी, संविदा कृषि, कृषक-उपभोक्ता बाजार की व्यवस्था, मण्डी अधिनियम में की गयी है। कृषि उत्पाद विपणन समिति अधिनियम तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 के सम्बन्ध में कृषि क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए एपीएमसी एक्ट तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम के विभिन्न प्राविधानों में मूलभूत परिवर्तन किए जाने पर बल दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि नीति आयोग द्वारा विचारोपरान्त एक चर्चा पत्र तैयार कर राज्यों के साथ विचार-विमर्श करना श्रेयस्कर रहेगा।

सीमावर्ती क्षेत्रों में रोड़, रेल व एयर कनेक्टिविटी को विकसित करने पर बल
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य की अन्तर्राष्ट्रीय सीमायें चीन तथा नेपाल से लगी है। सीमावर्ती एवं दूरस्थ ग्रामीण अंचलों से पलायन राज्य सरकार के समक्ष गम्भीर चुनौती है एवं इस हेतु अवस्थापना सुविधायें जैसे कि सड़क, पानी, बिजली एवं विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार सृजन के लिए निवेश करने की आवश्यकता है। इन सीमान्त क्षेत्रों में रोड़ कनेक्टिविटी के साथ रेल व एयर कनेक्टिविटी को भी विकसित करना होगा।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को राज्य के प्रगति की जानकारी दी

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सोमवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री ने मीडिया से वार्ता करते हुए कहा कि भेंट के दौरान प्रधानमंत्री से उत्तराखण्ड के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। 2021 में होने वाले महाकुंभ, उत्तराखण्ड के हाइड्रो प्रोजेक्टों व अन्य विषयों को लेकर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने राज्य को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि केदारनाथ जी के अपने अनुभवों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने साझा किया।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि 2013 की आपदा से प्रदेश के अनेक हाइड्रो प्रोजेक्ट अटक गये थे, जिनमें अधिकांश कार्य हो चुके हैं, लेकिन विभिन्न कारणों से वे अभी तक पूर्ण नहीं हो पाये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि एनजीटी व अन्य एजेंसियों से सहयोग मिलता है तो हमारे ये प्रोजेक्ट जल्द पूरे होंगे। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड लगभग एक हजार करोड़ रूपये की बिजली खरीदता है, इसके बावजूद भी उत्तराखण्ड सबसे सस्ती बिजली उपलब्ध कराने वाला राज्य है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का केदारपुरी से विशेष लगाव होने व केदारनाथ जी के पुनर्निर्माण कार्यों के बाद चारधाम यात्रा के लिए श्रद्धालुओं के आगमन में तेजी से वृद्धि हुई है। औसतन 13 हजार से अधिक श्रद्धालु प्रतिदिन श्री केदारनाथ जी के दर्शन कर रहे हैं।