डीएलएफ के सहयोग से मसूरी अस्पताल को मिले चिकित्सा उपकरण, सीएम ने किए लोकार्पित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्व स्वास्थ्य दिवस पर मसूरी में राजकीय उप चिकित्सालय मसूरी को डीएलएफ द्वारा प्रदान किए गए चिकित्सा उपकरणों का लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मसूरी उप चिकित्सालय के लिए डीएलएफ द्वारा दिए गए सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने उप चिकित्सालय मसूरी में आधुनिक सी.टी स्कैन मशीन, आर्म मशीन, इमरजेंसी वेंटिलेटर का लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री ने कहा की मसूरी उप चिकित्सालय में इन आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता से मसूरी एवं आस पास के क्षेत्रों धनोल्टी, नैनबाग एवं जौनपुर के विभिन्न क्षेत्रों के लोगों को सुविधा होगी। मुख्यमंत्री ने कहा की प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं की मजबूती के लिए राज्य सरकार द्वारा हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

इस अवसर पर केबिनेट मंत्री गणेश जोशी, मसूरी के नगर पालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता, पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला, भाजपा जिलाध्यक्ष शमशेर सिंह पुंडीर, भाजपा के मसूरी मंडल अध्यक्ष मोहन पेटवाल आदि उपस्थित थे।

तय समय में ही सीएम से होगी मुलाकात, रोस्टर तय

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का जनहित में आगन्तुकों की सुविधा हेतु समय सारणी का निर्धारण किया गया है। मुख्यमंत्री सोमवार एवं मंगलवार को पूर्वाहन 9 से 09ः30 तथा सांय 06 बजे से 07 बजे तक मां सांसद एवं मन्त्रिगणों से भेंट करेंगे।
मुख्यमंत्री बुधवार एवं गुरुवार को पूर्वाहन 9ः00 से 10ः00 तक तथा सांय 6ः00 से 7ः00 तक मा0 विधायक गणों एवं पूर्व विधायक गणों से भेंट करेंगे। मंगलवार एवं शुक्रवार को मुख्यमंत्री पूर्वाह्न 10ः00 बजे से अपराहन 2ः00 बजे तक अधिकारियों एवं कर्मचारियों संगठनों के पदाधिकारियों से सचिवालय में बैठक शासकीय कार्य के उपरांत भेंट कर सकेंगे। शनिवार एवं रविवार को मुख्यमंत्री आवास एवं मुख्यालय में मुख्यमंत्री की उपलब्धता पर पूर्वाहन 9ः00 से 10ः00 तक 6ः30 से 7ः00 तक पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों से भेंट करेंगे। पार्टी कार्यकर्ता, विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि एवं जनता मिलन कार्यक्रम प्रतिदिन मुख्यमंत्री की उपलब्धता के आधार पर पूर्वान्ह अथवा अपराहन में आयोजित होंगे इसके लिए दूरभाष नंबर 0135-2750033 पर प्रतिदिन अनुरोध नोट किए जाएंगे। इस संबंध में मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा निर्धारित समय एवं स्थान से अनुरोधकर्ता को यथा समय अवगत कराया जाएगा।
यह जानकारी मुख्यमंत्री के वरिष्ठ निजी सचिव भूपेंद्र सिंह बसेड़ा द्वारा दी गई है। उन्होंने बताया कि उपरोक्त समय-सारणी के इतर मुख्यमंत्री से मिलने हेतु अनुरोध करने वाले महानुभावों की निर्धारित प्रक्रियानुसार समय लेकर ही भेटवार्ता सुनिश्चित करायी जायेगी। मुख्यमंत्री से भेंट/वार्ता हेतु आने वाले महानुभावों से अनुरोध रहेगा कि वे उपहार और पुष्पगुच्छ लेकर न आयें बहुत आवश्यक हो तो पुष्पगुच्छ के स्थान पर एक पुष्प“ अथवा “पौधा“ अथवा “किताब“ लेकर आ सकते हैं। उक्त व्यवस्था प्रदेशहित/जनहित/आगन्तुकों की सुविधा हेतु बनायी गयी है, अतः निर्धारित की गयी व्यवस्थानुसार भेटवार्ता कर सहयोग प्रदान करने का कष्ट करें।

मुख्यमंत्री धामी ने केंद्रीय रक्षा मंत्री से की शिष्टाचार भेंट

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा क्षेत्रीय सम्पर्क योजना के अंतर्गत हवाई सेवाएं प्रारंभ किये जाने के प्रयास किये जा रहे हैं। सीमांत क्षेत्र होने के कारण पिथौरागढ़ का धारचूला क्षेत्र में आवागमन की सुविधा विकसित किया जाना जरूरी है। धारचूला हेलीपैड को हैलीपोर्ट के रूप में अपग्रेड किया जाना प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय रक्षा मंत्री से इसकी अनुमति के लिए संबंधित को निर्देशित करने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के रुद्रप्रयाग जनपद के जखोली में सैनिक स्कूल की स्थापना के लिए रक्षा मंत्रालय भारत सरकार और उत्तराखण्ड सरकार के मध्य मेमोरेन्डम ऑफ एग्रीमेंट सम्पादित किया गया था। इसके अनुसार राज्य सरकार द्वारा अवस्थापना संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी थी। मुख्यमंत्री ने राज्य के सीमित वित्तीय संसाधनों को देखते हुए उक्त एग्रीमेंट में संशोधन कर अवस्थापना सुविधाएं भारत सरकार से उपलब्ध कराये जाने का अनुरोध किया।

उत्तराखंड में चल रहे विकास कार्यों से अवगत हुए प्रधानमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नई दिल्ली में शिष्टाचार भेंट की। उन्होंने प्रधानमंत्री को राज्य में संचालित विकास कार्यों के बारे में अवगत कराया।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से उत्तराखण्ड राज्य के सीमित वित्तीय संसाधनों को देखते हुए जीएसटी प्रतिकर अवधि को बढ़ाए जाने का भी अनुरोध किया। उन्होंने उत्तराखण्ड में नवीनतम तकनीक व वैज्ञानिक शोध को बढ़ावा देने के लिये भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (आई.आई.एस.ई.आर.) की स्थापना और फार्मास्यूटिकल उद्योग के विकास के लिये नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल एजुकेशन एण्ड रिसर्च (एन.आई.पी.ई.आर.) की स्थापना का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड में बागवानी की अपार सम्भावनाओं को देखते हुए प्रधानमंत्री से कश्मीर तर्ज पर रूपये 2000 करोड़ का बागवानी पैकेज दिये जाने का अनुरोध किया। टीएचडीसी इण्डिया लिमिटेड की अंशधारिता में उत्तर प्रदेश के अंश का उत्तराखण्ड को हस्तांतरित करने के लिये माननीय न्यायालय से बाहर सौहार्दपूर्ण समाधान के लिये केंद्र सरकार की विशेष पहल का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने चारधाम की तर्ज पर कुमाऊं मण्डल के पौराणिक स्थलों व मंदिरों को तीर्थाटन से जोड़ने के लिये ‘मानसखण्ड मंदिर माला मिशन’ की स्वीकृति दिये जाने और पिथौरागढ़ एयरस्ट्रिप से हवाई सेवाओं के संचालन की अनुमति का भी अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि रेल मंत्रालय द्वारा ऋषिकेश-उत्तरकाशी रेल लाईन के निर्माण के लिये फाईनल लोकेशन सर्वे के उपरांत डी.पी.आर तैयार कर ली गई है। उन्होंने ऋषिकेश-डोईवाला रेलवे ट्रेक के निर्माण और देहरादून रेलवे स्टेशन को हर्रावाला स्थानांतरित किये जाने की अनुमति दिये जाने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऋषिकेश सांस्कृतिक, आध्यात्मिक, योग व आयुर्वेदिक चिकित्सा में प्रसिद्ध है। यहां अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान की स्थापना से आयुष पद्धति को बढ़ावा मिलेगा और यहां के युवाओं को रोजगार मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जौलिंगकांग के मध्य 05 किमी टनल और वेदांग से गो व सिपु तक 20 किमी सड़क मार्ग का निर्माण किये जाने तवाघाट से बेदांग तक का मार्ग कनेक्ट हो जाएगा। यह जौलींगकांग एवं बेदांग की दूरी 161 किमी कम कर देगा। इसी प्रकार सिपु से तोला के मध्य लगभग 22 किमी लम्बाई की टनल के निर्माण से दारमा वैली और जोहर वैली एक दूसरे से जुड़ जाएंगी। मिलम से लप्थल तक 30 किमी टनल के निर्माण से जनपद पिथौरागढ़ की जोहार घाटभ् व जनपद चमोली का लप्थल सड़क मार्ग से जोड़ा जा सकता है। मुख्यमंत्री ने उक्त तीनों टनलों के निर्माण को स्वीकृति दिये जाने का भी अनुरोध किया।

सीएम धामी ने केंद्रीय गृहमंत्री से मुलाकात कर अहम विषयों पर की वार्ता

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से पार्लियामेंट हाउस, नई दिल्ली में शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री से अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं के जनपदों में हिम प्रहरी योजना लागू किये जाने में केंद्र से सहयोग का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार द्वारा अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं के जनपदों (उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़, चम्पावत और ऊधमसिंहनगर के खटीमा) के ग्रामों से हो रहे पलायन को रोकने, दैवीय आपदा में राहत व बचाव कार्यों के लिये पुलिस, आईटीबीपी व एसएसबी के सहयोग से सीमा रक्षक दल/ हिम प्रहरी दलों का गठन किया जाना प्रस्तावित है। उक्त दल में सम्मिलित व्यक्तियों को प्रोत्साहन भत्ते के रूप में मानदेय प्रस्तावित है। इस पर लगभग 5 करोड़ 45 लाख रूपए का व्यय भार अनुमानित है। इसमें केंद्र का सहयोग निवेदित है।

मुख्यमंत्री ने राज्य पुलिस को और अधिक प्रभावी व आधुनिक बनाए जाने के लिये राज्य पुलिस बल आधुनिकीकरण योजना में प्रति वर्ष 20 से 25 करोड़ रूपए का बजट स्वीकृत किये जाने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराध से पीड़ित महिलाओं के राहत व पुनर्वास के लिये निर्भया फंड बहुत महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार द्वारा निर्भया फंड के लिये केंद्र से 25 करोड़ रूपए का प्रस्ताव प्रेषित किया गया है। मुख्यमंत्री ने उक्त प्रस्ताव को जल्द स्वीकृत किये जाने का भी अनुरोध किया।

केंद्र ने उत्तराखंड के लिए 527 करोड़ रूपए किए स्वीकृत, पूंजीगत निवेश के लिए वित्तीय सहायता की है योजना

भारत सरकार के वित्त मंत्रालय द्वारा पूंजीगत निवेश के लिए राज्यों को वित्तीय सहायता की योजना’ के तहत उत्तराखण्ड के लिये रूपये 527 करोड़ रुपए स्वीकृत किये गये हैं। इस मद में पूर्व में रूपये 365 करोड की राशि अवमुक्त की गई थी। अब शेष 162 करोड रूपए की राशि भी अवमुक्त कर दी गई है। इस प्रकार भारत सरकार द्वारा पूरी धनराशि 527 करोड़ अवमुक्त कर दी गई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महत्वपूर्ण वित्तीय स्वीकृतियो के लिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और केन्द्र सरकार के सहयोग से उत्तराखण्ड विकास पथ की ओर अग्रसर है।

वन्य जीवों के आक्रमण से मानव सुरक्षा के लिए टास्क फोर्स का गठन किया जायः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वन विभाग की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि गुलदार एवं अन्य वन्य जीवों के आक्रमण से मानव सुरक्षा के लिए विभिन्न विभागों के समन्वय से एक टास्क फोर्स बनाया जाय।

कहा कि यदि किसी क्षेत्र में किसी बच्चे पर गुलदार आक्रमण करता है, तो इसके लिए संबंधित क्षेत्र के वनाधिकारी एवं डीएफओ की जिम्मेदारी तय की जाय। गुलदार के मानव आक्रमण से संबंधित चिन्हित स्थानों के लिए एक्शन प्लान बनाया जाय। वन क्षेत्र में अवैध खनन एवं अवैध पातन पर सख्त कारवाई की जाय। वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी प्रयास किये जाय। वनों के संरक्षण एवं वनाग्नि को रोकने के लिए वन विभाग द्वारा जन जागरूकता के साथ जन सहभागिता पर भी विशेष ध्यान दिया जाय।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वनों के संरक्षण, मानव एवं वन्यजीवों के संघर्ष को कम करने, भूस्खलन को कम करने के लिए वन विभाग द्वारा इनोवेटिव प्रयास किये जाय। इनोवेटिव कार्यों के लिए वन विभाग के अधिकारियों को लक्ष्य दिया जाय। जंगली जानवरों से किसानों को नुकसान न हो, इसके लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाई जाय। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि जो भी कार्य किये जा रहे हैं, वह धरातल पर दिखें।

बैठक में केबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु, अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख वन संरक्षक विनोद कुमार सिंघल, महाप्रबंधक वन निगम डी.जे.के शर्मा, प्रमुख वन संरक्षक ज्योत्सना शिथलिंग एवं वन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

जनहित में कार्य संस्कृति और कार्य व्यवहार में सुधार लायें अधिकारीः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज लोक निर्माण विभाग की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये कि प्रदेश में सड़क एवं पुलों के निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। कार्यों का निर्धारित समयवधि में पूरा करने के साथ गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। कार्यों की गुणवत्ता में कोई शिकायत आई तो, संबंधित अधिकारियों एवं एजेंसियों पर सख्त कारवाई की जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनहित में अधिकारियों को कार्य संस्कृति एवं कार्य व्यवहार में सुधार लाना होगा। इसके लिए पूरा सिस्टम मजबूत किया जाय।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए हम सबको मिलकर प्रयास करने हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास को गति देने के लिए वे न तो स्वयं चौन की नींद सोयेंगे और न अधिकारियों को सोने देंगे।

कहा कि लोक निर्माण विभाग के जो कार्य अवशेष हैं, उन कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्रत्येक 15 दिन में मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव के समक्ष प्रस्तुत की जाय। विभाग टारगेट का ग्राफ बनाकर लक्ष्य पूरा करें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि चारधाम यात्रा मार्गों पर लैण्ड स्लाईड जोन के लिए 07 दिन में एक्शन प्लान बनाकर मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव के समक्ष प्रस्तुत किया जाय। लैण्ड स्लाईड जोन में पर्याप्त उपकरणों की व्यवस्था के साथ ही रिस्पांस टाइम कम से कम किया जाय। संवेदनशील लैण्ड स्लाईड जोन पर लोंगटर्म ट्रीटमेंट कर स्थाई समाधान निकाला जाय।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की समीक्षा के दौरान अधूरी तैयारी के साथ आने पर मुख्यमंत्री ने नारजगी व्यक्त की उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की बैठक बीच में ही स्थगित कर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये कि एक सप्ताह बाद पूरी तैयारी के साथ आयें, और पिछले पांच सालों में जो कार्य हुए हैं और जो कार्य प्रगति पर है, उनकी स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई जाय।

बैठक में जानकारी दी गई कि चारधाम परियोजना के तहत 889 किमी लम्बाई के 53 कार्यों में से 691 किमी के 41 कार्य स्वीकृत हो चुके हैं। भारतमाला परियोजना के तहत सीमान्त क्षेत्रों के सामरिक दृष्टि से यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ किये जाने के लिए 628 किमी के 05 सड़क मार्गों का चयन किया गया है।

बैठक में केबिनेट मंत्री गणेश जोशी, मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु, अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, सचिव एसए मुरूगेशन आदि उपस्थित रहे।

ऑफिस टाइम में पूर्ण मनोयोग से काम करें अधिकारी व कर्मचारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सचिव को निर्देश दिये हैं कि यह सुनिश्चित किया जाय कि सभी अधिकारी एवं कर्मचारी समय पर ऑफिस पहुंचे और ऑफिस टॉइम में पूर्ण मनोयोग से कार्य करें। समय पर कार्यालय न आने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर सख्त कारवाई की जाय।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि जन समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाय। जनता एवं जन प्रतिनिधियों के फोन अवश्य रिसीव करें। यदि किसी वजह से फोन रिसीव न कर पायें तो कॉल बैक जरूर करें।

सीएम ने किया श्रीहरि पंचाग का विमोचन


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा मुख्यमंत्री आवास में पर्वतीय परंपराओं पर आधारित श्री हरि पंचांग का विमोचन किया गया। मुख्यमंत्री ने पंचांग को उपयोगी बताते हुए उसके प्रकाशक टीम को बधाई दी।

एसकेपी प्रोजेक्ट प्रा. लिमिटेड वडोदरा गुजरात के सीएमडी एससी पांडे के सहयोग से पं. पंकज दुर्गापाल द्वारा यह पंचांग तैयार किया गया है। एससी पांडे ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनके द्वारा आवाज सुनो पहाड़ों की कार्यक्रम के माध्यम से प्रवासी पर्वतीय निवासियों को अपनी जड़ों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।