पुष्कर धामी ही उत्तराखंड के 12वें सीएम के रूप में लेंगे शपथ

उत्तराखंड राज्य गठन के 21 वर्ष हो गए है। कोई भी सरकार बार-बार रिपीट नहीं हुई। सीएम पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में भाजपा ने पुनः वापसी की है। ऐसे में उनको ही जिम्मेदारी पुनः सौंपना तथायोचित था।

बीजेपी कार्यालय पर आयोजित विधानमंडल की बैठक में पुष्कर सिंह धामी के नाम पर ही मोहर लगाई गई है। 23 मार्च को कार्यवाहक सीएम धामी ही 12वें सीएम के रूप में शपथ लेंगे।

अमित शाह से मिलने पहुंचे अनिल बलूनी और कार्यवाहक सीएम धामी


उत्तराखंड का नया सीएम कौन होगा इस पर माथापच्ची जारी है। टी-मैच की तरह नए सीएम की अटकलें पल पल बदलती जा रही हैं। इस बीच दिल्ली में अनिल बलूनी और कार्यवाहक सीएम पुष्कर धामी केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मिलने पहुंचे हैं। इस वीडियो के कई मायने निकाले जा रहे हैं।


दिल्ली में भाजपा नेताओं की बैठकों के दौर के बीच अनिल बलूनी और कार्यवाहक सीएम पुष्कर धामी का एक वीडियो सामने आया है। इसमें दोनों नेता संसद में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मिलने जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार ये भी माना जा रहा है कि पार्टी हाईकमान द्वारा नए सीएम के लिए अनिल बलूनी का नाम फाइनल किया गया है। हालांकि इस बात की अभी तक पुष्टि नही हुई है। माना जा रहा है कि आज रात तक सीएम के नाम पर तस्वीर साफ हो सकती है। बहरहाल बलूनी समर्थकों की मानें तो उन्हें सीएम बनाने की अटकलें बढ़ गई हैं।

बच्चों ने सीएम के साथ मनाया फूलदेई त्योहार

कार्यवाहक मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में बच्चों के साथ उत्तराखंड का लोकपर्व फूलदेई मनाया। धामी ने प्रकृति का आभार प्रकट करने वाले फूलदेई पर्व की प्रदेशवादियों को शुभकामनाएं दी एवं प्रदेश की सुख- समृद्धि की कामना की।

फूलदेई लोकपर्व पर धामी ने ईश्वर से कामना की कि वसंत ऋतु का यह पर्व सबके जीवन में सुख समृद्धि एवं खुशहाली लाए। इस अवसर पर आए बच्चों को उपहार भेंट किये। शशिभूषण मैठाणी एवं पर्वतीय संस्कृति संरक्षण समिति के सहयोग से यह कार्यक्रम आयोजित किया गया।

पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि फूलदेई उत्तराखण्ड की संस्कृति एवं परम्पराओं से जुड़ा प्रमुख पर्व है। उन्होंने कहा कि किसी राज्य की संस्कृति एवं परंपराओं की पहचान में लोक पर्वों की अहम भूमिका होती है। हमें अपने लोक पर्वों एवं लोक परम्पराओं को आगे बढ़ाने की दिशा में लगातार प्रयास करने होंगें।

इस्तीफे से पूर्व सीएम धामी ने मंत्रिमंडल के साथ की अंतिम बैठक

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में 11 मार्च, 2022 को उत्तराखण्ड सरकार के मंत्रिमण्डल ने भारतीय जनता पार्टी की नीतियों एवं कार्यक्रमों पर विश्वास व्यक्त करते हुए प्रचंड बहुमत का जनादेश प्रदान करने पर उत्तराखण्ड राज्य की जनता का धन्यवाद व्यक्त किया है। विधान सभा सामान्य निर्वाचन में भारी बहुमत मिलने पर मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को उनके कुशल मार्गदर्शन एवं नेतृत्व के लिए भी हार्दिक धन्यवाद ज्ञापित किया है।

मुख्यमंत्री एवं मंत्रिमण्डल के सदस्यों ने उत्तराखण्ड में संचालित हो रही विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं एवं परियोजनाओं के सफल संचालन के लिये प्रधानमंत्री मोदी एवं भारत सरकार को धन्यवाद दिया है। भारत सरकार द्वारा राज्य में चारधाम सड़क परियोजना, चारधाम रेल नेटवर्क, श्री केदारनाथ पुनर्निर्माण परियोजना, भारतमाला सड़क परियोजना सहित प्रदेश हित में एक लाख करोड़ से अधिक धनराशि की विभिन्न परियोजनाओं की स्वीकृति देने एवं उन्हें प्रारंभ करने हेतु भी आभार व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री ने जन कल्याणार्थ राज्य में संचालित योजनाओं एवं परियोजनाओं के सफल क्रियान्वयन में सहयोग देने के लिए मंत्रिमण्डल के सहयोगियों, विधायकगणों, प्रदेश के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी धन्यवाद दिया है।

कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के आशीर्वाद से भारतीय जनता पार्टी की सरकार उत्तराखण्ड को देश का आदर्श राज्य बनाने के संकल्प को पूरा करेंगी।

सीएम धामी बोले, राज्य में यूनिफॉर्म सिविल कोड होकर रहेगा लागू


उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने बहुमत के आंकड़े को पार कर लिया है। तो वहीं सीएम धामी अपनी सीट हार गए है। ऐसे में जहां पार्टी जीत की खुशी मना रही है तो वहीं सीएम धामी के बयान से सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। सीएम धामी ने बीजेपी की जीत पर कहा कि उत्तराखंड में बीजेपी को जनता ने दो तिहाई बहुमत दिया है।

बताता है कि लोगों ने काम को तवज्जो दी है। उन्होंने कहा कि मैं सीएम रहूं या ना रहूं लेकिन राज्य में नई सरकार का गठन होते ही यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू किया जाएगा। सीएम धामी ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद सभी मिथक टूट रहे हैं और नए इतिहास बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि संकल्प पत्र में हमने जो यूनिफॉर्म सिविल कोड के बारे में कहा है, उसके लिए हम उच्च स्तरीय कमेटी बनाएंगे। वह कमेटी इसके लिए एक ड्राफ्ट बनाएगी। उन्होंने कहा कि मैं भले सीएम रहूं या ना रहूं, लेकिन प्रदेश में सरकार गठन के साथ ही यूनिफॉर्म सिविल कोड का ड्राफ्ट तैयार करके तुरंत प्रभाव से लागू किया जाएगा।

यूनिफॉर्म सिविल कोड सभी के लिए समान होगा।सीएम धामी ने कहा कि नई भाजपा सरकार राज्य में समान नागरिक संहिता का मसौदा तैयार करने के लिए एक समिति बनाएगी। यह यूसीसी सभी लोगों के लिए विवाह, तलाक, भूमि-संपत्ति और विरासत के संबंध में समान कानून प्रदान करेगी, चाहे उनकी आस्था कुछ भी हो। बता दें कि चुनाव से पहले सीएम धामी ने प्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की नई सरकार बनते ही यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू किया जाएगा।

उत्तराखंड की सभी 70 सीटों पर यह रहे रूझान, विजयी प्रत्याशियों की यह है सूची

उत्तराखंड 2022 विधानसभा चुनाव के नतीजों का इंतजार अब खत्म हो गया है। दरअसल सभी विधानसभा सीटों के नतीजे आ चुके हैं। भाजपा 47 सीटों पर चुनाव जीती है तो वहीं कांग्रेस ने 19 सीटें हासिल की है। हालांकि आधिकारिक तौर पर अभी विनर प्रत्याशियों के नामों की घोषणा होनी बाकी है। बता दें कि 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 57 सीटें जीती थी। उस हिसाब से भाजपा ने 10 सीटें खोई है। जबकि कांग्रेस 11 से बढ़कर 19 सीटों पर पहुंची है।

लेकिन 2022 उत्तराखंड भाजपा अपने दम पर पूर्ण बहुमत की फिर से सरकार बना रही है। यह अलग बात है कि जिस मुख्यमंत्री के चेहरे पर भाजपा चुनाव जीती है वह खुद हार गए हैं। अब सीएम को लेकर मंथन शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री के लिए कई दिग्गज नेताओं के नाम सामने आ रहे हैं। हालाकि पुष्कर सिंह धामी को फिर मुख्यमंत्री बनाने की भी चर्चा साथ-साथ चल रही है।

उत्तराखंड में तीसरा विकल्प बनकर मैदान में उतरी आम आदमी पार्टी ने एक भी सीट हासिल नहीं की। एएपी को जनता ने पूरी तरह नकारा है और भाजपा पर ही दोबारा विश्वास जताया है। इसके इतर दो सीटों पर निर्दलीय और दो पर बसपा कब्जा जमाने में कामयाब रही है।

ये जीते चुनाव, देखिए पूरी लिस्ट

1. अल्मोड़ा- कैलाश शर्मा (bjp)

2. रानीपुर आदेश चौहान (bjp)

13. बद्रीनाथ – राजेंद्र सिंह भंडारी (cong)

4. बागेश्वर- चंदन राम दास (bjp)

5. बाजपुर- यशपाल आर्य (cong)

6. भगवानपुर- ममता राकेश (cong)

7. भीमताल- राम सिंह खेरा (bjp)

8. चकराता- प्रीतम सिंह (cong)

9. चंपावत- कैलाश चंद्र (bjp)

10. चौबट्टाखाल- सतपाल महाराज (bjp)

11. देहरादून कैंट- सविता कपूर (bjp)

12. देवप्रयाग – विनोद कंडारी (bjp)

13. धनोल्टी- प्रीतम सिंह पंवार (bjp)

14. धर्मपुर- विनोद चमोली (bjp)

15. धारचूला- हरीश सिंह धामी (cong)

16. डोईवाला- बृज भूषण गैरोला (bjp)

17. डीडीहाट- बिशन सिंह चुफाल (bjp)

18. द्वाराहाट- मदन सिंह बिष्ट (cong)

19. गदरपुर- अरविंद पांडे (bjp)

20. गंगोलीहाट- फकीर राम (bjp)

21. गंगोत्री- सुरेश सिंह चौहान (bjp)

22. घनसाली- शक्ति लाल शाह (bjp)

23. हल्द्वानी- सुमित हृदेश (cong)

24. हरिद्वार- मदन कौशिक (bjp)

25. हरिद्वार ग्रामीण- अनुपमा रावत (cong)

26. जागेश्वर- मोहन सिंह ( bjp)

27. जसपुर- आदेश सिंह चौहान (cong)

28. झबरेड़ा- वीरेंद्र कुमार (cong) –

29. ज्वालापुर- रवि बहादुर (cong)

30. कालाढूंगी- बंशीधर भगत (cong)

31. कपकोट- सुरेश गढ़िया (bjp)

32. कर्णप्रयाग- अनिल नौटियाल (bjp)

33. काशीपुर- त्रिलोक सिंह चीमा (bjp

34. केदारनाथ – शैला रानी रावत (bjp)

35. खानपुर- उमेश शर्मा (निर्दलीय)

36. खटीमा- भुवन चंद्र कापडी (cong)

37. किच्छा- तिलक राज बेहड़ (cong)

38. कोटद्वार- रितु खंडूरी (bjp)

39. लक्सर- शहजाद (bsp)

40. लाल कुआं- मोहन सिंह बिष्ट (bjp)

41. लैंसडाउन – दिलीप रावत (bjp)

42. लोहाघाट- खुशाल सिंह (cong)

43. मंगलौर – सरवत करीम अंसारी (bsp)

44. मसूरी- गणेश जोशी (bjp)

45. नैनीताल- सरिता आर्या (bjp)

46. नानकमत्ता- गोपाल सिंह राणा (cong)

47. नरेंद्र नगर- सुबोध उनियाल (bjp)

48. पौड़ी- राजकुमार पोरी (bjp)

49. पिरान कलियर- फुरकान अहमद (cong)

50. पिथौरागढ़- मयूख महर (cong)

51. प्रतापनगर- विक्रम सिंह नेगी (cong)

52. पुरोला- दुर्गेश लाल (bjp)

53. रायपुर- उमेश शर्मा काऊ (bjp)

54. राजपुर रोड- खजान दास (bjp)

55. रामनगर- दीवान सिंह बिष्ट (bjp)

56. रानीखेत- प्रमोद नैनवाल (bjp)

57. ऋषिकेश- प्रेमचंद्र अग्रवाल (bjp)

58. रुड़की- प्रदीप बत्रा (bjp)

59. रुद्रप्रयाग- भरत सिंह चौधरी (bjp)

60. रुद्रपुर- शिव अरोड़ा (bjp)

61. सहसपुर- सहदेव सिंह पुंडीर (bjp)

62. सल्ट – महेश जीना (bjp)

63. सितारगंज- सौरभ बहुगुणा (bjp)

64. सोमेश्वर- रेखा आर्य (bjp)

65. श्रीनगर- धन सिंह रावत (bjp)

66. टिहरी- किशोर उपाध्याय (bjp)

67. थराली – भोपाल राम टम्टा (bjp)

68. विकासनगर- मुन्ना सिंह चौहान (bjp)

69. यम्केश्वर- रेनू बिष्ट (bjp)

70. यमुनोत्री- संजय डोभाल (निर्दलीय)

प्रदेश भाजपा चुनाव प्रभारी ने की सीएम धामी की प्रशंसा, दिया जीत का श्रेय

सीएम पुष्कर सिंह धामी भले ही खुद अपना चुनाव हार गए हैं। लेकिन भाजपा की नजरों में उनकी कीमत कम नहीं हुई है। भाजपा के प्रदेश चुनाव प्रभारी प्रहलाद जोशी ने पार्टी की सत्ता में वापसी का पूरा श्रेय सीएम धामी को ही दिया है। धामी की इस तरह की सार्वजनिक तारीफ से साफ लग रहा है कि पार्टी की नजरों में उनकी कीमत कम नहीं हुई है। जोशी के इस बयान के सियासी मायने तलाशे जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि आने वाले दो-चार दिनों में इस तारीफ का मकसद सामने आ जाएगा। एक विधायक कैलाश गहतौड़ी ने धामी के लिए अपनी सीट छोड़ने का एलान भी कर दिया है।
खटीमा सीट पर अपना चुनाव कुछ हद तक फंसे होने की जानकारी के बाद सीएम धामी ने पूरे प्रदेश में भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष में प्रचार और जनसभाएं कीं। सीएम धामी प्रदेश भाजपा के अकेले ऐसे नेता रहे जिन्होंने पूरे उत्तराखंड का दौरा किया और भाजपा को वोट देने की अपील की। बाकी प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक और अन्य मंत्रीगण तो अपनी सीट से बाहर झांक भी नहीं सके। मतदान के बाद भी धामी भाजपा की बहुमत से सरकार बनाने का लगातार दावा करते रहे। गुरुवार को नतीजा सामने आया तो साफ हुआ कि भाजपा ही सरकार बनाने जा रही है।
अपनी हार की सूचना के बाद भी धामी सक्रिय रहे। भाजपा प्रदेश कार्यालय में हुई प्रेस कांफ्रेंस में भी उन्होंने शिरकत की। इस मौके पर प्रदेश चुनाव प्रभारी और केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने धामी के हार के घाव पर अपने लफ्जों से मरहम लगाई। उन्होंने कहा कि धामी की मेहनत और उनके छह माह के अल्प कार्यकाल की बदौलत ही भाजपा एक मिथक को तोड़ते हुए फिर से सरकार बनाने जा रही है।
सीएम धामी की इस तारीफ के सियासी मायने तलाशे जा रहे हैं। सियासी गलियारों में चर्चा है कि क्या इस ताऱीफ में कोई संदेश छुपा है। भाजपा अपनी दम पर सरकार बनाने जा रही है। ऐसे में उसे बसपा या किसी निर्दलीय विधायक की जरूरत नहीं है। ऐसे में भाजपा हाईकमान मुख्यमंत्री के बारे में कोई भी निर्णय आसानी से ले सकता है। अब यह आने वाले चंद रोज में ही साफ होगा कि भाजपा ने सीएम धामी के लिए क्या सोचा है।
इधर, चंपावत से चुनाव जीतने वाले विधायक कैलाश गहतोड़ी ने कहा कि चुनाव में जीत धामी की वजह से ही हुई है। उनके विधायक बनने के लिए वे अपनी सीट से इस्तीफा देने को तैयार हैं। माना जा रहा है कि विधायक का यह बयान भी भाजपा की रणनीति का ही एक हिस्सा है।

सीएम ने चंपावत जिले में हुई दुर्घटना में जताया शोक

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चम्पावत जनपद में सुखीढांग-डांडा-मीनार मार्ग पर हुए वाहन दुर्घटना में मृतकों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्माओं की शांति एवं शोक संतप्त परिजनों को धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से कामना की है।

मुख्यमंत्री ने स्थानीय प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्यों को पूर्ण तत्परता के साथ करने एवं घायलों के शीघ्र उपचार करने के निर्देश दिए हैं।

भीतरधात वाली बात विधायक सार्वजनिक न कहें, पार्टी स्तर पर रखेंः धामी

मतदान के बाद से ही भाजपा के कई नेता भीतरघात होने की आशंका जता रहे हैं। संजय गुप्ता, हरभजन चीमा, कैलाश गहतोड़ी, केदार सिंह रावत के बाद अब कैबिनेट मंत्री बिशन सिंह चुफाल ने भी भीतरघात की आशंका जताई है। लेकिन मुख्यमंत्री धामी ने भीतराघात की बात उठाने वाले विधायकों को नसीहत दी है कि वे ऐसी बातें सार्वजनिक रूप से न कहकर पार्टी फोरम में रखें।

दरअसल संजय गुप्ता ने सबसे पहले लक्सर में भितराघात की बहात उठाई थी। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष पर ही गद्दारी करने का आरोप लगाया था। इसके बाद काशीपुर विधायक हरभजन चीमा, चंपावत से कैलाश गहतोड़ी, यमुनोत्री से केदार सिंह रावत ने भी भितराघात के मुद्दे को हवा दे दी। अब कैबिनेट मंत्री बिशन सिंह चुफाल ने भी कहा है कि राज्य की कई विधानसभा सीटों पर पार्टी को कड़ा मुकाबला मिल सकता है और जिन सीटों पर पार्टी कार्यकर्ताओं और संगठन के अधिकारियों ने पार्टी को नुकसान पहुंचाया है, उन लोगों पर आलाकमान को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। चुफाल ने कहा कि उनकी सीट डीडीहाट में भी भितरघात हुआ है, लेकिन इससे उन्हें ज्यादा नुकसान नहीं होगा। चुफाल का कहना है कि चुनावों में कुछ कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने पार्टी के खिलाफ काम किया और हाईकमान को चाहिए कि ऐसे नेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भीतरघात पर आवाज उठा रहे विधायकों को नसीहत दी है। कहा कि प्रचंड बहुमत के साथ भाजपा पुनः सरकार बनाने जा रही है। पार्टी के भीतर किसी भी तरह की नाराजगी नहीं है। विधायक भीतरघात की बात सार्वजनिक न कहकर पार्टी स्तर पर रखें।

नेताजी का योगदान देश कभी नही भूल सकता-सीएम

प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आजादी के महानायक क्रांतिकारी व आजाद हिंद फौज के संस्थापक नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी की 125 वीं जयंती पर उनका भाव पूर्ण स्मरण किया। उन्होंने कहा कि नेता जी को श्रद्धांजलि देने के क्रम में आज दिल्ली इण्डिया गेट पर मोदी सरकार के नेता जी की आभासी प्रतिमा अनावरण को ऐतिहासिक कदम बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कहा कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महानायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी का देश को आजादी में दिलाने में दिए योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। अंग्रेज़ों के क्रूर शासन में नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की निडर देशभक्ति ने अधीन भारतीयों में सोये विश्वास को जगाया। विलक्षण प्रतिभा के धनी नेताजी ने युवाओं में आजादी की क्रांति की ज्वाला जगाकर व निर्भीक होकर अंग्रेज़ों के विरुद्ध खड़े होने की प्रेरणा दी। नेता जी के तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा, व जय हिन्द जैसे नारों ने पूरे देश में आजादी की क्रांति का बिगुल फूंक दिया था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिशा निर्देश में देश के अंदर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की सबसे बड़ी मूर्ति व म्यूजियम भाजपा सरकार ने गुजरात में बनाई है। उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को कोटि-कोटि नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।