केंद्रीय मंत्री से मिले सीएम धामी, त्यूनी-प्लासू तथा यपसियाबगड जल विद्युत परियोजना को लेकर हुई वार्ता

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव से भेंट कर त्यूनी-प्लासू जल विद्युत परियोजना के लिए वन भूमि के हस्तांतरण के साथ ही रुपसियाबगड जल विद्युत परियोजना के लिए वांछित पर्यावरण स्वीकृति एवं वन भूमि हस्तानांतरण की स्वीकृति दिए जाने का आग्रह किया है।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री को अवगत कराया कि विद्युत ऊर्जा की आवश्यकताओं के लिए उत्तराखण्ड को अन्य राज्यों एवं केन्द्रीय पूल से विद्युत ऊर्जा क्रय करनी पड़ती है। विद्युत आपूर्ति की समुचित व्यवस्था एवं राज्य की बढ़ती जरूरतों की पूर्ति के लिए नई पर्यावरण अनुकूल जल विद्युत परियोजनाओं का निर्माण आवश्यक है। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे तथा क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में अत्यधिक मदद मिलेगी और राज्य की पलायन की समस्या पर भी नियंत्रण किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड राज्य में यमुना नदी की सहायक नदी टौंस पर प्रस्तावित 72 मेगावाट क्षमता की त्यूनी-प्लासू जल विद्युत परियोजना के निर्माण के लिए आवश्यक 47.547 हे. वन भूमि एवं राजस्व भूमि (बंजर भूमि) के हस्तांतरण की शीघ्र स्वीकृति दिए जाने का अनुरोध करते हुए कहा कि उत्तराखंड राज्य में गंगा नदी पर प्रस्तावित परियोजनाओं पर स्वीकृति प्राप्त न होने से यमुना नदी पर तथा कुमायूं क्षेत्र में गौरीगंगा, धौलीगंगा नदियों पर नयी विद्युत परियोजनाओं का निर्माण किया जाना नितांत आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि सिरकारी भ्योल रुपसियाबगड जल विद्युत परियोजना गौरी गंगा नदी पर प्रस्तावित पहली परियोजना है। 120 मेगावाट क्षमता की इस परियोजना के लिए आवश्यक पर्यावरणीय स्वीकृति तथा 29.997 हे. वन भूमि के हस्तांतरण के प्रस्ताव पर शीघ्र स्वीकृति दिए जाने का अनुरोध करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सामरिक महत्व एवं राष्ट्रहित को देखते हुए राज्य की इन जल विद्युत परियोजनाओं का निर्माण किया जाना लाभकारी होगा।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री से ऋषिकेश स्थित त्रिवेणी घाट से नीलकंठ महादेव मंदिर तक रोपवे विकास के प्रस्ताव को राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की बैठक में स्वीकृत करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि यह योजना क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन के विकास तथा यातायात के बढ़ते दबाव को कम करने के साथ ही स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सहायक होगी।

मुख्यमंत्री ने चौरासी कुटिया (बीटल्स आश्रम) के पुनरुद्धार के लिए भी केंद्र सरकार से सहयोग का अनुरोध करते हुए कहा कि इससे ऋषिकेश को वैश्विक स्तर पर योग और पर्यटन हब के रूप में और मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड राज्य में बढ़ती वनाग्नि की घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए कैम्पा योजना के अंतर्गत वनाग्नि प्रबंधन की पंचवर्षीय योजना के तहत रूपये 404 करोड़ की विशेष सहायता का आग्रह भी किया। केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री को सभी प्रस्तावों पर हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. के सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम एवं स्थानिक आयुक्त अजय मिश्रा उपस्थित थे।

सीएम की अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्ती के निर्देश, लोगों से अफवाहों से बचने की अपील

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में उच्च स्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिये कि अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की परिस्थितियों को देखते हुए चारधाम यात्रा, उत्तराखंड में स्थित महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों और बांधों और ऊर्जा संयंत्रों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतेजाम किये जाएं। उन्होंने शासन, प्रशासन और पुलिस को भी अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिये हैं।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की वर्चुअल बैठक में प्रतिभाग करने के बाद, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में उच्चाधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से लगे राज्य के सभी क्षेत्रों में सुरक्षा की दृष्टि से पुख्ता इंतजाम किए जाएं, सीमांत क्षेत्रों में होने वाली संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जाए। उन्होंने कहा कि इस समय राज्य में चारधाम यात्रा चल रही है, जिसमें लाखों तीर्थयात्री प्रतिभाग कर रहे हैं, इसलिए यात्रा मार्ग सहित चारों धामों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में कई राष्ट्रीय महत्व के प्रतिष्ठान हैं, इन संस्थानों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी तरह की आपात स्थिति के लिए जिला और तहसील स्तर पर खाद्यान सहित आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बनाये रखी जाए। अस्पतालों को आपातकालीन परिस्थितियों के लिए अलर्ट रखा जाए। सभी आवश्यक दवाओं का पूर्ण प्रबंध किया जाय। उन्होंने कहा कि नागरिक सुरक्षा दल और स्वयंसेवी संस्थाओं को बचाव और राहत कार्य के लिए प्रशिक्षण दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को भी सही सूचनाओं के साथ सतर्क किया जाए, साथ ही इस बात का ध्यान रखा जाए कि जन सामान्य के पास हर तरह से सही और प्रमाणित सूचनाएं ही पहुंचे, ताकि वो अफवाह से दूर रह सकें। साथ ही अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्ती की जाए। सोशल मीडिया के माध्यम से इस पर लगातार निगरानी रखी जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए अपरिहार्य परिस्थितियों को छोड़ते हुए, कार्मिकों के अवकाश मंजूर न किए जाएं। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को अपने-अपने जिलों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने के निर्देश दिए। लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि शासन दृ प्रशासन हर तरह से मदद के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा के लिए अतिरिक्त केंद्रीय सुरक्षा बल उपलब्ध कराने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का विशेष आभार व्यक्त किया है।

बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु, डीजीपी दीपम सेठ, सचिव शैलेश बगोली, वीके सुमन शामिल हुए।

हाउस ऑफ हिमालयाज के प्रमोशन को भारत सरकार, उत्तराखंड में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाएगीः शिवराज

अब देश-विदेश से उत्तराखंड आने वाले सैलानियों को एयरपोर्ट में ही उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों पर आधारित हाउस ऑफ हिमालयाज के उत्पाद मिल सकेंगे। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जौलीग्रांट एयरपोर्ट, देहरादून में हाउस ऑफ हिमालयाज स्टोर का शुभारंभ किया। इस स्टोर के खुलने से राज्य के स्थानीय उत्पादों को नई पहचान मिलेगी एवं स्थानीय उत्पादों की बिक्री से राज्य की आर्थिकी भी सशक्त होगी।

राज्य सरकार को इस सराहनीय प्रयास के लिए बधाई देते हुए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि उत्तराखंड सरकार के अथक प्रयासों से हाउस ऑफ हिमालयाज के स्टोर विभिन्न एयरपोर्ट में खोले जाने से उत्तराखंड के इस अंब्रेला ब्रांड को प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा इन उत्पादों गुणवत्ता, पैकेजिंग और ब्रांडिंग भी सर्वश्रेष्ठ है। हाउस ऑफ हिमालयाज के उत्पादों का लाभ उत्तराखंड के साथ देश को भी मिलेगा। उन्होंने कहा हाउस ऑफ हिमालयाज के प्रमोशन और अन्य कामों के लिए भारत सरकार, उत्तराखंड में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाएगी। इनसे एक ओर जहां गुणवत्तापूर्ण उत्पाद आम लोगों को मिलेंगे वहीं दूसरी ओर किसानों को भी इसका लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हाउस ऑफ हिमालयाज के स्टोर खुलने से राज्य के उत्पादों को नई पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा यह स्टोर राज्य के किसानों, कारीगरों, महिलाओं और छोटे उद्यमियों के परिश्रम और हुनर का भी प्रतीक है। स्थानीय उत्पाद राज्य की संस्कृति, परंपरा और पहचान का भी हिस्सा हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाउस ऑफ हिमालयाज का शुभारंभ किया था। आत्मनिर्भर उत्तराखंड की भावना को साकार करने के लिए राज्य सरकार स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता दे रही। इससे स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलने के साथ अर्थव्यवस्था भी मजबूत हो रही हैं।

इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सचिव राधिका झा, अपर सचिव अनुराधा पाल, अपर सचिव मनुज गोयल, अपर आयुक्त ग्राम्य विकास राजेन्द्र सिंह रावत, मुख्य अभियन्ता वी.वी.एस रावत, अधीक्षण अभियन्ता अनिल कुमार एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

शिक्षा के क्षेत्र में नवाचारों के लिए अगले 10 सालों के स्पष्ट प्लान पर किया जाएगा कार्यः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि स्कूलों में बच्चों को पाठ्यचर्या में श्रीमद् भगवत गीता का अध्ययन भी कराया जाए। शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार का अगले 10 सालों के स्पष्ट प्लान पर कार्य किया जाए। शिक्षा विभाग द्वारा दिसम्बर 2026 तक शिक्षा के क्षेत्र में विभिन्न गतिविधियों का रजतोत्सव कैलेंडर बनाया जाए। बरसात शुरू होने से पहले राज्य के सभी स्कूलों का निरीक्षण किया जाए और स्कूल के रास्तों और पुलों की स्थिति के साथ ही अन्य मूलभूत सुविधाओं को भी देखा जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कलस्टर विद्यालयों में आवासीय हॉस्टल की सुविधा के लिए अन्य राज्यों की बेस्ट प्रैक्टिस का अध्ययन कर प्रस्ताव बनाया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि बच्चों को आवासीय हॉस्टल में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हों। पहले चरण में प्रत्येक जनपद में एक-एक आवासीय हॉस्टल बनाया जाए। 559 कलस्टर विद्यालयों के 15 किमी के अंतर्गत छात्र-छात्राओं की परिवहन व्यवस्था के लिए जल्द प्रस्ताव बनाने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि यह सुनिश्चित किया जाए कि हर साल बच्चों को पाठ्य-पुस्तकें समय पर मिले। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग में ट्रांसफर की प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता रहे, इसके लिए सभी पहलुओं का गहनता से अध्ययन कर प्रस्ताव बनाया जाए। जनपद, मण्डल और राज्य स्तरीय कैडर में सभी पहलुओं का ध्यान रखा जाए। स्कूलों में एनसीसी और एन.एस.एस को बढ़ावा दिया जाए, जिन स्कूलों में अभी इनकी सुविधा नहीं हैं, चरणबद्ध तरीके से स्कूलों का चयन किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में शिक्षा व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए राज्य के औद्योगिक प्रतिष्ठानों से सी.एस.आर फण्ड के तहत सहयोग के लिए अनुरोध भी किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जीर्ण-शीर्ण विद्यालयों में मरम्मत के कार्यों में तेजी लाई जाए। स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाए। बच्चों की सुरक्षा से संबंधित किसी भी मामले में लापरवाही करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जायेगी। राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों में छात्रों की क्षमता के अनुसार पूर्ण उपलब्धता हो, इसके लिए प्रतीक्षा सूची भी बनाई जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए आवश्यक संसाधनों में कोई कमी नहीं होने दी जायेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का राज्य में प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में और तेजी से कार्य किये जाएं। बच्चों को नैतिक शिक्षा, पर्यावरणीय शिक्षा, राज्य की सांस्कृतिक विरासत, महानुभावों का उल्लेख, क्षेत्रीय आवश्यकताओं के हिसाब से कौशल विकास, स्वास्थ्य शिक्षा, लोककथा, लोक साहित्य, संगीत और कला को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए।

बैठक में शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, सचिव शिक्षा रविनाथ रमन, अपर सचिव रंजना, महानिदेशक माध्यमिक शिक्षा झरना कमठान, अपर सचिव बेसिक शिक्षा एम.एम. सेमवाल, माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. मुकुल कुमार सती, बेसिक शिक्षा निदेशक अजय नौडियाल अरौर शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री धामी ने किया 5 मोबाइल मेडिकल यूनिट का शुभारम्भ

प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए, पांच पूर्ण रूप से सुसज्जित मोबाइल मेडिकल यूनिट (एमएमयू) की शुरुआत की गई है। इसका उद्देश्य राज्य के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।

इस योजना का शुभारम्भ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा मुख्यमंत्री आवास परिसर मेें किया गया। उन्होंने इस पहल को ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को दूर करने हेेतु प्रभावी प्रयास बताया। सरकार के ‘स्वस्थ उत्तराखंड, समृद्ध उत्तराखंड’ मिशन के अनुरूप सप्ताह में छह दिन संचालित होने वाले ये एमएमयू आवश्यक निदान और उपचार सुविधाओं से सुसज्जित हैं। राज्य के दूरदराज के क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में ये 5 एमएमयू निश्चित रूप से मददगार होंगे।

इन एमएमयू का संचालन सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) द्वारा किया जाएगा और आरईसी (ग्रामीण विद्युतीकरण निगम) द्वारा अपने कॉर्पाेरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) पहल के हिस्से के रूप में वित्त पोषित किया जाएगा। प्रारम्भ में ये इकाइयां हरिद्वार में 2, उधम सिंह नगर में 2 और टिहरी गढ़वाल में 1 इकाई तीन साल की अवधि के लिए संचालित होंगी।

इन पांच एमएमयू में से एक समर्पित महिला मोबाइल मेडिकल यूनिट भी है, जिसमें पूर्णतः महिला स्वास्थ्य देखभाल करने वाले कार्मिक सक्रिय हैं। वंचित क्षेत्रों में महिलाओं की विशिष्ट स्वास्थ्य आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए इसे विशेष रूप से तैयार किया गया है।

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर. राजेश कुमार, निदेशक स्वास्थ्य डॉ. सुनीता टम्टा, डी. एस. एन. मूर्ति, एम. डी. धनुष हेल्थ केयर, सुभाष चन्द्र उप महाप्रबंधक पी. एन. बी., एम. डी. पेनेसिया हॉस्पिटल देहरादून अश्विनी, सीएससी स्टेट हेड दीपक आदि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री धामी ने विभिन्न पदों पर नियुक्त 139 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए

उच्च शिक्षा एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत विभिन्न पदों पर नियुक्त 139 अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नियुक्ति पत्र वितरित किए। मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के राज्य सरकार के विकल्प रहित संकल्प को पूरा करने के लिए प्रतिबद्धता एवं ईमानदारी से जुटने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में अब नौकरियां सिर्फ और सिर्फ योग्यता, प्रतिभा व क्षमता के आधार पर मिल रही है। प्रतियोगिता परीक्षाओं को निष्पक्षता व ईमानदारी से संपन्न कराया जा रहा है। इसी का नतीजा है कि साढ़े तीन वर्षों के दौरान राज्य में विभिन्न सेवाओं में नियुक्ति पाने वाले अभ्यर्थियों की संख्या अब तेईस हजार के आंकड़े को पार करने वाली है।

मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत असिस्टेंट प्रोफेसर के 52 पदों पर लोक सेवा आयोग के माध्यम से चयनित अभ्यर्थियों के साथ ही चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत मेडिकल कॉलेजों के 18 प्रोफेसर्स व 36 एसोसिएट प्रोफेसर और नर्सिंग कॉलेजों में ट्यूटर व मेडिकल सोशल वर्कर के 33 पदों पर चिकित्सा सेवा चयन आयोग के माध्यम से चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं को निष्पक्षता व ईमानदारी के साथ संपन्न कराने के लिए कड़े प्राविधान किए हैं। पेपर लीक की समस्या को जड़ से समाप्त करने का काम किया गया है। जिसके चलते युवाओं को उनकी योग्यता व प्रतिभा का पूरा सम्मान मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने चयनित अभ्यर्थियों की प्रतिभा व परिश्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस सफलता में उनके अभिभावकों व गुरुजनों के योगदान व मार्गदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि अध्यापन अधिक जिम्मेदारी का कार्य है, जिसके माध्यम से हम युवाओं का मार्गदर्शन कर उनका भविष्य ही नहीं गढ़ते हैं बल्कि समाज के निर्माण में भी योगदान करते हैं। नवनियुक्त अभ्यर्थियों को इस चुनौतीपूर्ण दायित्व को पूरी ईमानदारी व समर्पण से निभाने के लिए प्रतिबद्धता से जुटना होगा। उन्होंने कहा कि यह जिम्मेदारी नौकरी ही नहीं बल्कि मानवता की सेवा करने का महान अवसर है। लिहाजा आपके कार्य व्यवहार में हमेशा सेवा की भावना परिलक्षित हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड में स्वास्थ्य सुविधाओं को सशक्त बनाने के लिए ऐतिहासिक काम हो रहे हैं। इसके लिए विभिन्न स्तरों पर अवस्थापना सुविधाओं को मजबूत करने, नए अस्पतालों का निर्माण व आधुनिकीकरण करने के साथ ही हर जिले में मेडिकल कॉलेज खोलने और चिकित्सा सुविधाओं को बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में शिक्षा व्यवस्था के सुदृढीकरण के लिए भी ठोस कार्य हो रहे हैं। देश में सबसे पहले उत्तराखंड में नई शिक्षा नीति को लागू करने का ऐतिहासिक काम किया गया है। प्रदेश के उच्च शिक्षा संस्थानों में आधारभूत सुविधाओं को बढ़ाया जा रहा है और गुणवत्तापरक शिक्षा व्यवस्था के लिए सभी आवश्यक उपाय सुनिश्चित किये जा रहे हैं। प्राध्यापकों के खाली पदों को तेजी से भरा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने प्राध्यापकों को छात्रों को अच्छी शिक्षा देने के साथ ही उनमें समाज व देश के प्रति जिम्मेदारी का भाव मजबूत करने का आह्वान करते हुए कहा कि युवाओं को उद्यमिता एवं स्टार्टअप के लिए तैयार किया जाय। उत्तराखंड में प्रतिभा और कौशल से परिपूर्ण नवाचार करने वाले युवाओं की भरमार है। उन्हें प्रोत्साहित करने हेतु सरकार अनेक कदम उठा रही है। देवभूमि उद्यमिता योजना के जरिए युवाओं को उद्यमी बनाने के लिए सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। मेधावी छात्रों को प्रतिमाह छात्रवृत्ति एवं शोध को बढावा देने के लिए रू. 18 लाख तक का शोध अनुदान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने राज्य को हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ाने के लिए सभी लोगों को सामूहिक रूप से जुटे रहने का आह्वान किया।

इस अवसर पर उच्च शिक्षा एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड में उच्च शिक्षा विभाग में फैकल्टी के सभी पदों को भर लिया गया है। ऐसा करने वाला उत्तराखंड देश का अग्रणी राज्य हो गया है। इसी तरह मेडिकल कॉलेजों में नियमित फैकल्टी भरने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मेडिकल कॉलेजों में 70 प्रतिशत पद भरे जा चुके हैं और आगामी तीन माह में फैकल्टी के 85 प्रतिशत से अधिक पद भरे जाएंगे। शीघ्र ही मेडिकल कॉलेजों के लिए 400 एसोसिएट प्रोफेसर्स की नियुक्ति प्रक्रिया भी पूरी हो जाएगी।

कार्यक्रम में कृषि मंत्री गणेश जोशी, विधायक खजान दास एवं सविता कपूर, उच्च शिक्षा उन्नयन समिति के उपाध्यक्ष डॉ. देवेन्द्र भसीन एवं डॉ. जयपाल सिंह, सचिव उच्च शिक्षा डॉ. रंजीत सिन्हा, सचिव चिकित्सा शिक्षा डॉ. आर. राजेश कुमार भी उपस्थित रहे।

सीएम धामी ने भारत के एकमात्र अंतरराष्ट्रीय स्तर के आइस रिंक के जीर्णाेद्धार कार्यों का लोकार्पण किया

सीएम धामी ने महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज रायपुर देहरादून में भारत के एकमात्र अंतरराष्ट्रीय स्तर के आइस रिंक के जीर्णाेद्धार कार्यों का लोकार्पण के दौरान कहा कि यह उत्तराखंड के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। यह आइस स्केटिंग रिंक न केवल उत्तराखंड बल्कि संपूर्ण भारत के लिए किसी उपलब्धि से कम नहीं है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वर्ष 2011 में बने इस आइस स्केटिंग रिंक में साउथ-इस्टर्न एशियन विंटर गेम्स आयोजित हुए थे, जिसमें भारत के साथ ही भूटान, नेपाल, मालदीव और श्रीलंका जैसे कई देशों के खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया था। बाद में इस रिंक पर कोई ध्यान नहीं दिया गया जिस कारण इसको बंद कर दिया गया था लेकिन हमारी सरकार ने देवभूमि उत्तराखंड को खेल भूमि के रूप में स्थापित करने के अपने मिशन के अंतर्गत इस रिंक को पुनः शुरु करने का निर्णय लिया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमने दृढ़ संकल्प लिया था कि चाहे हमें विदेश से इंजीनियर्स ही क्यों न बुलाने पड़ें परंतु हम इस आइस स्केटिंग रिंक को पुनः शुरु करेंगे और हम ने इस दिशा में दृढ़ता से कार्य किया व सफल रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार हमने राष्ट्रीय खेलों का आयोजन ग्रीन गेम्स की थीम पर किया था उसी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए इस आइस स्केटिंग रिंक को चलाने के लिए भी 1 मेगावाट का सोलर प्लांट स्थापित किया गया है। यह आइस स्केटिंग रिंक एक इंटरनेशनल स्टैंडर्ड का रिंक है, जो देश ही नहीं बल्कि, साउथ एशिया का भी शायद सबसे बड़ा स्केटिंग रिंक है। इस रिंक में खेलों के आयोजन हेतु आइस स्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया की ओर से विभाग को प्रस्ताव भी प्राप्त हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में हमें इस रिंक में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर की आइस स्केटिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन देखने को मिलेगा। देवभूमि उत्तराखंड को खेल भूमि के रूप में स्थापित करने के हमारे विकल्प रहित संकल्प की पूर्ति में यह आइस स्केटिंग रिंक भी अपना अहम योगदान देगा।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या, विधायक उमेश शर्मा काउ, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, अपर सचिव प्रशांत आर्य सहित खेल विभाग के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में खिलाड़ी मौजूद रहे।

केन्द्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की कृषि एवं ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा

केन्द्रीय कृषि एवं कृषक कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ मुख्यमंत्री आवास देहरादून में कृषि एवं ग्रामीण विकास विभाग की केन्द्रीय योजनाओं की समीक्षा की। बैठक में उत्तराखंड के कृषि मंत्री गणेश जोशी, राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय रोहिला भी उपस्थित थे।

केन्द्रीय कृषि एवं कृषक कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसानों तक वैज्ञानिकों की पहुंच सुनिश्चित कराए जाने के लिए वैज्ञानिकों की 2 हजार टीमें बनाई जा रही हैं। वैज्ञानिकों की टीमें देश के प्रत्येक जनपद में जाकर वहां की भौगोलिक परिस्थितियों के हिसाब से उत्पादन में वृद्धि, किसानों को आधुनिक खेती और तकनीकी से जोड़ने, कृषि और बागवानी से जुड़े विभिन्न आयामों के बारे में जानकारी देंगी। उन्होंने कहा कि कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उत्तराखंड में अच्छा कार्य हो रहा है। राज्य में कृषि का क्षेत्रफल घटा है, लेकिन उत्पादन बढ़ा है। उन्होंने कहा कि राज्य में कृषि के क्षेत्र में लंबी अवधि की कार्ययोजना पर कार्य किया जाए, इसके साथ ही राज्य में तात्कालिक रूप से कृषि के क्षेत्र में जो कार्य होने हैं, उनके लिए भारत सरकार से जो अपेक्षा है, उसका प्रस्ताव भेजा जाए।

घेरबाड़ योजना के लिए चरणबद्ध तरीके से मांगा प्रस्ताव

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कृषि और बागवानी से संबंधित विभिन्न गतिविधियों के लिए केन्द्रीय कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री से सहयोग के लिए अनुरोध किया। राज्य में जंगली जानवरों से सुरक्षा के लिए घेरबाड़ के लिए लगभग 1 हजार 53 करोड़ रुपये की मांग पर केन्द्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि इसके लिए चरणबद्ध तरीके से प्रस्ताव भेजे जाएं। कृषि यंत्रीकरण को प्रोत्साहन हेतु 1 हजार फार्म मशीनरी बैंक की स्थापना के लिए 400 करोड़ रुपये की मांग पर उन्होंने कहा कि पहले चरण की धनराशि खर्च करने के बाद दूसरे चरण में धनराशि दी जाएगी। राज्य बीज उत्पादन संस्था को दलहन, तिलहन और सीड हब बनाने के लिए उन्होंने सहयोग का आश्वासन दिया। राज्य में सेब की अति सघन बागवानी के लिए 1150 करोड़ की धनराशि का सहयोग मांगे जाने पर केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि इसकी वार्षिक कार्ययोजना का प्रस्ताव बनाकर भेजा जाए।

कीवी मिशन में भी मिलेगा सहयोग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि झंगोरा राज्य में मुख्य पारम्परिक फसल है, जो 38 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में उत्पादित की जा रही है, इसलिए किसानों के हित में मंडुआ की तर्ज पर झंगोरा के लिए भी न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित किया जाना चाहिए। इस पर केंद्रीय मंत्री ने सकारात्मक होकर विचार करने का भरोसा दिलाया। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि कीवी मिशन के तहत राज्य में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने के लिए सहयोग दिया जाएगा। शहद, मशरूम और एग्जोटिक वेजिटेबल के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस हेतु भी पूर्ण सहयोग का उन्होंने आश्वासन दिया। ड्रैगन फ्रूट मिशन और हिमालयन एकेडमी फॉर कैपेसिटी बिल्डिंग एंड रूरल एंटरप्राइजेज फॉर एग्री एंड एलाइड के लिए सहयोग मांगे जाने पर उन्होंने हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। केन्द्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि बैठक में राज्य की ओर से जो सहयोग मांगा गया है, उन सभी कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा जैविक उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि जैविक उत्पादों की ब्रांडिंग के साथ मार्केटिंग पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।

हाउस ऑफ हिमालयाज को मिले वैश्विक स्तर पर प्रोत्साहन

ग्राम्य विकास की योजनाओं की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय मंत्री से अनुरोध किया कि हाउस ऑफ हिमालयाज लिमिटेड को ग्रामीण से वैश्विक स्तर तक ले जाने के लिए मान्यता मिले। हाउस ऑफ हिमालयाज को जी.आई. टैग करने और इससे जुड़े महिला स्वयं सहायता समूहों को सशक्त करने के लिए सहयोग दिए जाने तथा हिमालयन ग्रामीण बैंक का निर्माण एवं प्रीमियम सप्लाई चेन विकास के लिए अनुरोध किया। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की ये सभी पहलें बहुत महत्वपूर्ण हैं। इन पहलों को राष्ट्रीय स्तर तक ले जाने के लिए केन्द्र से कृषि और ग्रामीण विकास विभाग की टीम आकर राज्य के साथ कार्य कर विस्तृत योजना बनाएगी।

मनरेगा मजदूरी बढ़ाने की पैरवी

मुख्यमंत्री ने मनरेगा के तहत मजदूरी दर बढ़ाने का केन्द्रीय मंत्री से अनुरोध किया। केन्द्रीय मंत्री ने मजदूरी दर में बढ़ोतरी के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सभी पहलुओं पर विचार कर कार्यवाही किए जाने की बात कही। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत आवास निर्माण के लिए अनुदान राशि 1 लाख 30 हजार से बढ़ाकर 2 लाख रुपये किए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि राज्य के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में परिवहन लागत अधिक लगती है। केन्द्रीय मंत्री ने हिमालयी राज्यों की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए इस पर कार्यवाही किए जाने का आश्वासन दिया। पीएमजीएसवाई के चौथे चरण के लिए 600 किमी लंबाई की 100 से अधिक परियोजनाओं के लिए स्वीकृति प्रदान किए जाने के अनुरोध पर उन्होंने कहा कि इसकी स्वीकृति जल्द दी जाएगी।

बैठक में मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव राधिका झा, चंद्रेश यादव, एस.एन. पांडेय, रणवीर सिंह चौहान, कुलपति पंतनगर विश्वविद्यालय डॉ. मनमोहन सिंह चौहान, भरसार विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. प्रमेंद्र कौशल, भारत सरकार से अपर सचिव आर. आनंद, संयुक्त सचिव अमित शुक्ला और संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम ने आजाद हिंद फौज के सिपाही शहीद वीर केसरी चंद को नमन किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वतंत्रता सेनानी, आजाद हिंद फौज के सिपाही और सुभाष चंद्र बोस के अनुगामी शहीद वीर केसरी चंद के बलिदान दिवस पर चकराता के रामताल गार्डन में आयोजित होने वाले मेले में प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री ने शहीद वीर केसरी चंद को नमन करते हुए कहा कि हमारी सरकार ने स्वतंत्रता सेनानियों को हमेशा सम्मान दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश पर मर मिटने वाले विभूतियों की स्मृति को चिरस्थाई बनाने के लिए शौर्य स्थलों का निर्माण किया जा रहा है तथा अनेक प्रतिष्ठानों का नामकरण उनके नाम से किया किया जा है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार सैनिकों और शहीदों के आश्रितों के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान गवासा पुल, चकराता का स्वतंत्रता सेनानी वीर शहीद केसरी चंद के नाम पर रखे जाने तथा प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले वीर शहीद केसरी चंद मेले के संचालन के लिए 5 लाख रुपए के अनुदान की घोषणा की।

विकासनगर विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने कहा कि वीर शहीद केसरी चंद ने मात्र 24 वर्ष की आयु में देश के लिए अपना सर्वस्व बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि जौनसार में नौजवानों को अधिक अवसर मिलने से आज यहां के नौजवान अनेक क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बना रहे हैं।

महान स्वतंत्रता सेनानी वीर शहीद केसरी चन्द के बलिदान दिवस के अवसर पर रामताल गार्डन, चकराता में संस्कृति तथा कला के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्य के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सूचना विभाग के संयुक्त निदेशक कलम सिंह चौहान को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने सामाजिक क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए राजेंद्र सिंह तोमर को, चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए डॉ. प्रदीप उनियाल, कृषि एवं बागवानी के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए विजय सिंह, खेल के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए अंकित शर्मा तथा महिला उत्थान हेतु उल्लेखनीय योगदान के लिए शिल्पा चौहान को सम्मानित किया।

इस अवसर पर दायित्वधारी गीताराम गौड़, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रामशरण नौटियाल, पूर्ण दायित्वधारी प्रताप सिंह रावत, पूर्व अध्यक्ष जनजाति आयोग मूरत राम शर्मा, मुख्य महाप्रबंधक ओएनजीसी नीरज कुमार शर्मा, अध्यक्ष केसरी चंद समिति संजीव चौहान, निवर्तमान ब्लाक प्रमुख कालसी मठोर सिंह आदि उपस्थित थे।

उत्तराखंडः मंत्र उच्चारण के बीच विधि-विधान से खुले ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग श्री केदारनाथ धाम के कपाट

रुद्रप्रयाग स्थित विश्वप्रसिद्ध ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग श्री केदारनाथ धाम के कपाट शुक्रवार को विधि-विधान से खुल गए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी कपाट खुलने के साक्षी बने। मुख्यमंत्री ने कपाट खुलने पर केदारनाथ धाम में पूजा अर्चना कर प्रदेश में सुख, समृद्धि और शांति की कामना की। केदारनाथ धाम में सबसे पहली पूजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम सम्पन्न हुई। मंत्र उच्चारण, हर हर महादेव के उदघोष एवं सेना के ग्रेनेडियर रेजीमेंट के बैंड की भक्तिमय धुनों के बीच बाबा केदार के कपाट सुबह 7 बजे खुले।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कपाट खुलने पर सभी देशवासियों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा राज्य के साथ ही संपूर्ण देश को इस पल की प्रतीक्षा रहती है। केदारनाथ धाम सनातन धर्मावलंबियों की धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र होने के साथ ही भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का भी प्रतीक है। हमारे राज्य के लिए यह उत्सव का समय है। मुख्यमंत्री ने बाबा केदार से सभी यात्रियों के मंगलमयी यात्रा की प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा केदार के धाम में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या हर साल बढ़ती जा रही है। बाबा केदार के आशीर्वाद से इस वर्ष भी चारधाम यात्रा नया कीर्तिमान बनायेगी। उन्होंने कहा राज्य सरकार ने चार धाम यात्रा के सुव्यस्थित और सफल संचालन के लिए सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं। चार धाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा सुरक्षा और सुगमता के लिए सरकार ने सभी आवश्यक प्रबंध किए हैं। उन्होंने कहा हम सभी उत्तराखंडवासियों का कर्तव्य है कि हम देश और दुनिया से आने वाले अतिथियों का स्वागत आत्मीयता और सेवा भाव से करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बाबा केदारनाथ के अनन्य भक्त हैं। 2013 आपदा के बाद प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केदार नगरी के पुनर्निर्माण का कार्य शुरू हुआ। उन्हीं के मार्गदर्शन में आज केदारनाथ परिसर का दिव्य और भव्य निर्माण कार्य हुआ है। प्रधानमंत्री ने केदारनाथ की इसी भूमि से 21वी सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक बताया था। उनके शब्दों को सच करने के लिए राज्य सरकार निरंतर विकास के नए आयाम स्थापित कर रही है।

108 क्विंटल से ज्यादा फूलों से सजाया गया बाबा केदार का धाम।
कपाट उद्घाटन के लिए केदारनाथ मंदिर की भव्य सजावट की गई। मंदिर को 108 क्विंटल से अधिक फूलों से सजाया गया है। भव्य सजावट के बीच कपाट खुलते ही हेली से पुष्प वर्षा भी की गई, जिसे देख श्रद्धालु अभिभूत नज़र आए।

धार्मिक परम्परा अनुसार कपाट खुलते ही हुई विशेष पूजा अर्चना।
भगवान केदारनाथ की पंचमुखी उत्सव डोली शीतकाल गद्दी स्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर, उखीमठ से होते हुए गुप्तकाशी, फाटा, गौरीकुंड जैसे विभिन्न पड़ावों से श्री केदारनाथ धाम पहुंची। कपाट खुलने की प्रक्रिया सुबह पांच बजे से शुरू हुई यद्यपि। 6 बजे श्री केदारनाथ धाम के रावल भीमाशंकर लिंग, पुजारी बागेश लिंग, विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल, जिलाधिकारी सौरभ गहरवार, बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल, तीर्थ पुरोहित श्रीनिवास पोस्ती, धर्माचार्यों वेदपाठीगणों भैरव नाथ के अरविंद शुक्ला ने पूरब द्वार से मंदिर में प्रवेश किया तथा मंदिर के गर्भगृह के द्वार की पूजा-अर्चना में शामिल हुए। देवी देवताओं का आव्हान कर जन कल्याण की कामना तथा संकल्प के साथ ही ठीक प्रातः सात बजे श्री केदारनाथ मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए दर्शनार्थ खोल दिये गये। इसी समय मंदिर का मुख्य दक्षिण द्वार भी खुल गया।

कपाट खुलने के अवसर पर गीता धामी, जिला पंचायत अध्यक्ष अमरदेई शाह, मुख्य कार्याधिकारी बीकेटीसी विजय प्रसाद थपलियाल, पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रह्लाद कोंडे, मंदिर समिति प्रभारी अधिकारी/सहायक अभियंता गिरीश देवली, केदारसभा अध्यक्ष राजकुमार तिवारी धर्माधिकारी औंकार शुक्ला वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी यदुवीर पुष्पवान, पुजारी बागेश लिंग,वेदपाठी स्वयंबर सेमवाल, यशोधर मैठाणी, विश्व मोहन जमलोकी, देवानंद गैरोला, विपिन तिवारी कुलदीप धर्म्वाण, प्रकाश पुरोहित,उमेश शुक्ला सहित बड़ी संख्या में तीर्थ पुरोहितगण, हकहकूकधारी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।