ऋषिकेश विधानसभा विदेशी मेहमानों के लिए स्वागत को तैयारः डा. अग्रवाल

क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने आज तीसरी बार त्रिवेणी घाट का निरीक्षण किया। यहां जी-20 के अंतर्गत किए गये कार्यों को लेकर प्रसन्नता व्यक्त की। साथ ही पूर्व में निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को मिले निर्देशों का संतोषजनक पालन होने पर पीठ भी थपथपाई। इस दौरान डा. अग्रवाल ने मुख्य नगर आयुक्त को घाट पर बने शौचालय में भगवे रंग को गंगा आरती के बाद हटाने के लिए भी निर्देशित किया। साथ ही प्रशासन द्वारा बंद कराई गई दुकानों को खोलने के लिए उप जिलाधिकारी, पुलिस क्षेत्राधिकारी को निर्देशित किया।

डा. अग्रवाल ने घाट रोड तथा त्रिवेणी घाट का तीसरी बार निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पूर्व में निर्देशित सड़क किनारे गैप को भरने, शौचालय के बाहर टूटी टाइल्स को बदलने, तिरंगे झंडे की रेलिंग को धोने व फर्श की धुलाई करने, रघुनाथ मंदिर के बाहर सीढ़ियों पर कार्य सहित तमाम कार्यों को संतोषजनक पाया गया। जिस पर डा. अग्रवाल ने नगर निगम, सिंचाई विभाग, लोनिवि, एमडीडीए सहित स्थानीय प्रशासन की प्रशंसा की।

निरीक्षण के दौरान की डा. अग्रवाल ने मुख्य नगर आयुक्त ऋषिकेश को शौचालय के बाहर लगाए गए भगवा रंग पर नाराजगी भी जाहिर की। उन्होंने कहा कि भगवा रंग सनातन धर्म की आस्था का प्रतीक है। इसके चलते विदेशी मेहमानों के लिए आयोजित गंगा आरती के बाद भगवा रंग को बदला जाए।

डा. अग्रवाल ने घाट मार्ग पर बंद दुकानों का कारण स्थानीय व्यापारियों से जाना। जिस पर प्रशासन द्वारा बंद करने की बात सामने आई। जिस पर डा. अग्रवाल ने कहा कि बंद दुकानें शोक का प्रतीक है, जबकि विदेशी मेहमानों के यहां पहुंचने पर खुशियां मनाने का दिन है। ऐसे में दुकानों का खुलना और चहल-पहल का रहना अति आवश्यक है। डा. अग्रवाल ने मौके पर उप जिलाधिकारी और पुलिस क्षेत्राधिकारी को खोलने के लिए निर्देशित किया। साथ ही व्यापारियों से अपील करते हुए कहा कि अपने प्रतिष्ठान खोलें।

निरीक्षण के दौरान युवा व्यापारी नेता शिवम टुटेजा ने डा. अग्रवाल के अनुभव की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि गंगा पर बने टापू पर डा. अग्रवाल ने अपने अनुभव के चलते सरकारी धन के दुरप्रयोग होने से बचाया है। टापू पर पूर्व में टाइल्स लगाई जा रही थी। जिसकी लागत बहुत ज्यादा थी, जो जलस्तर बढ़ने पर बह जाती। डा. अग्रवाल ने इसके विकल्प के रूप में कम लागत से हरी घास लगाने के निर्देश दिए थे।

इस मौके पर उप जिलाधिकारी सौरभ असवाल, नगर आयुक्त राहुल गोयल, सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया, अधिशासी अभियंता सिंचाई दिनेश उनियाल, सीओ संदीप नेगी, कोतवाल खुशीराम पांडेय, तहसीलदार अमृता शर्मा, स्थानीय पार्षद रीना शर्मा, युवा व्यापारी नेता शिवम टुटेजा, देवदत्त शर्मा, रूपेश गुप्ता, राम कृपाल गौतम आदि उपस्थित रहे।

सीएम ने किया विदेशी मेहमानों का स्वागत, रात्रिभोज में हुई मेहमाननवाजी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नरेंद्र नगर टिहरी में आयोजित जी 20 इंफ्रास्ट्रक्चर वर्किंग ग्रुप की बैठक के अवसर पर आयोजित विदेशी मेहमानों के लिए आयोजित रात्रिभोज के अवसर पर विदेशी मेहमानों का स्वागत किया।

विदेशी मेहमानों का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि किसी भी देश के विकास का पैमाना उस देश का आधारभूत ढांचा ही तय करता है, यही तय करता है कि उस देश का वर्तमान और भविष्य कैसा हो। आधारभूत ढांचे का पर्याय सिर्फ रेल, रोपवे, रोड आदि बनाना नहीं वरन आधारभूत ढांचे का असल मकसद आम आदमी की समस्याओं को कम करना और उसके रहन सहन को सुगम, सरल एवं सुरक्षित बनाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्वतीय भौगोलिक परिस्थिति वाले राज्य का आधारभूत ढांचा मैदानी इलाकों की अपेक्षा अधिक कठिन होता है, क्योंकि पहाड़ी राज्य की इकोलॉजी और इकोनामी दोनों ही प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भर रहती है और आधारभूत ढांचे में कभी कभी ऐसी परिस्थितियां भी उत्पन्न हो जाती हैं, जिसमें वनों को, प्रकृति को और पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है। हमें विकास और प्रकृति के संरक्षण को एक दूसरे का पूरक बनाकर आधारभूत ढांचे के निर्माण पर ध्यान देना होगा। यह तभी संभव है जब हम “उपभोग नहीं बल्कि उपयोग“ के सिद्धांत का अनुसरण करेंगे।

नरेन्द्रनगर ऋषिकेश में जी-20 सम्मेलन की तीसरी बैठक के अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या एवं संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विश्व की सबसे बड़ी पर्वत श्रृंखला हिमालय की गोद में बसा हमारा प्रदेश उत्तराखंड, ’’देवभूमि’’ के रूप में विख्यात है। जहां यह एक ओर हरिद्वार-ऋषिकेश, गंगोत्री-यमुनोत्री, केदारनाथ, बद्रीनाथ, जागेश्वर, पूर्णागिरि जैसे पौराणिक, आध्यात्मिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक केन्द्रों की पवित्र भूमि है, वहीं गंगा, यमुना, अलकनंदा सहित कई महान नदियों का उद्गम स्थल भी है। हमारा राज्य योग, आयुर्वेद, ध्यान का एक वैश्विक केंद्र होने के साथ-साथ प्राचीन भारतीय सभ्यता का प्रतीक भी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष के जी-20 की थीम एक पृथ्वी एक परिवार और एक भविष्य है, जो मूल रूप से भारतीय संस्कृति द्वारा विश्व को दिए गए सिद्धांत “वसुधैव कुटुंबकम“ पर आधारित है, जिसका अर्थ है “समस्त विश्व एक परिवार है“. मुख्यमंत्री ने कहा कि जी-20 की यह विशेष इन्फ्रास्ट्रक्चर वर्किंग ग्रुप की बैठक, हमारी सनातन संस्कृति की इसी मूल अवधारणा को पुष्पित व पल्लवित करने में सहायक सिद्ध होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड को प्राकृतिक आपदाओं से वर्षभर सामना करना पड़ता है इसलिए यहां का आधारभूत ढांचा इस तरह बनना चाहिए जो आपदाओं के समय भी आम आदमी के काम आ सके। आप सभी को ज्ञात है कि जिस प्रकार जापान में भूकंप आना एक आम बात थी, परन्तु जापानी लोगों ने भूकंपरोधी भवन बनाने की ऐसी तकनीक का विकास किया जो आपदा के समय में भी जापान के लोगों को व उनके मकानों को सुरक्षित रखती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत बुनियादी ढांचे के विकास पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। हमने 150 मिलियन से अधिक लोगों को आश्रय प्रदान करने के लिए लगभग 40 मिलियन घर दिए हैं, जो ऑस्ट्रेलिया की जनसंख्या का लगभग 6 गुना है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह बैठक जहां एक ओर विश्व के आधारभूत ढांचे के विकास के लिए क्या-क्या किया जा सकता है, उस पर विचार करेगी, वहीं दूसरी ओर पहाड़ी राज्यों की विशिष्ट स्थितियों का आंकलन कर एक विस्तृत रूपरेखा तय करने में भी समर्थ होगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने हमारे छोटे से राज्य को जी-20 की तीन बैठकों का आयोजन करने का अवसर प्रदान किया। इस महत्त्वपूर्ण दायित्व को निभाते हुए हम स्वयं को गौरवांवित अनुभव कर रहे है क्योंकि यह सभी उत्तराखंडवासियों के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। हमारी परम्परा में निहित “अतिथि देवो भवः“ का संदेश हमें अतिथियों की सेवा करने के लिए सदैव तत्पर रखता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जी-20 इंफ्रास्ट्रक्चर वर्किंग ग्रुप द्वारा नरेन्द्रनगर ऋषिकेश में किए गए मंथन से जो अमृत निकलेगा वो पॉलिसी और इंप्लीमेंटेशन के बीच के गैप को कम करने में भी सहायक सिद्ध होगा। हमारे देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में आज जिस प्रकार भारत प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है। उसी प्रकार उनकी अध्यक्षता में जी-20 समूह भी अपने महान उद्देश्यों और लक्ष्यों को प्राप्त करने में सफल होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में आयोजित जी-20 सम्मेलन की इस बैठक में जो अनुभव तथा विचार साझा किए जा रहे हैं, वे समस्त वैश्विक मानवता के कल्याण, विकास और समृद्धि के मार्ग को प्रशस्त करेंगे तथा “वसुधैव कुटुंबकम“ की भावना को और अधिक मजबूत करेंगे तथा आप सभी को यहां की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिचित होने का भी अवसर प्रदान करने में सहायक होगा।

मुख्यमंत्री ने जी-20 की इस तीसरी बैठक में आये सम्मानित प्रतिनिधियों का सवा करोड़ उत्तराखंडी जनता की ओर से स्वागत और अभिनंदन करते हुए कहा कि आप सभी यहां से यादगार अनुभव अपने साथ लेकर जाएंगे। साथ ही बैठक के दौरान आप सभी को प्रकृति की गोद में बसे उत्तराखण्ड के सुरम्य स्थलों के दर्शन तथा उत्तराखण्डी व्यंजनो का भरपूर आनंद लेने का भी अवसर मिलेगा।

इस अवसर पर राज्यपाल ले जन (से नि )गुरमीत सिँह, सांसद नरेश बंसल, माला राज्य लक्ष्मी शाह, विधायक विनोद कंडारी तथा प्रशासन के उच्च अधिकारी व अन्य गणमान्य मौजूद रहे।

आपातकाल में राज्य के लोकतंत्र सेनानियों का भी रहा अहम रोलः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखण्ड के लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों के आश्रितों को भी सम्मान पेंशन/निधि दी जायेगी, इसके लिये शासनादेश जारी किया जा चुका है। लोकतंत्र सेनानियों का मानदेय 16 हजार से बढ़ाकर 20 हजार रूपये किया गया है। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान उत्तराखण्ड के लोकतंत्र सेनानियों के योगदान की सभी को जानकारी हो सके, इसके लिए व्यवस्था बनाई जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों द्वारा जो भी मांग पत्र दिया है, उन पर पूरी गम्भीरता से कार्य किये जायेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि आज उन्हें राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान भारत के लोकतंत्र की रक्षा करने वाले लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित करने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान लोकतंत्र सेनानियों द्वारा किये गए त्याग और बलिदान को देश कभी नहीं भूल सकता। जब आपातकाल लगाया गया तो उसका विरोध सिर्फ राजनैतिक लोगों तक सीमित नहीं रहा बल्कि उस समय जन-जन के मन में आक्रोश था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सामान्य जीवन में लोकतंत्र का क्या वजूद है, वह तब पता चलता है जब कोई लोकतांत्रिक अधिकारों को छीन लेता है। आपातकाल में देश के सभी लोगों को लगने लगा था कि उनका सब कुछ छीन लिया गया है। इसके लिए लखनऊ विवि, बीएचयू और इलाहाबाद विवि सहित अन्य विश्वविद्यालयों के छात्रों का संयुक्त संघर्ष मोर्चा बना, जिसे लोकनायक जयप्रकाश नारायण सहित उस समय के बड़े नेताओं नानाजी देशमुख, अटल बिहारी बाजपेई ने अपना समर्थन दिया। उस संघर्ष का ही परिणाम था कि देश में लोकतंत्र की पुनर्स्थापना हुई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश ने संपूर्ण विश्व में अपनी क्षमता को साबित कर दिखाया है। आज उनके कुशल नेतृत्व प्रत्येक भारतीय को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है, चाहे वह दलित हो, महिला हो, किसान हो, दिव्यांग हो या फिर युवा हो। देश में हर वर्ग को सशक्त बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने सभी लोकतंत्र सेनानियों के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना करते हुए कहा कि प्रदेश का मुख्य सेवक होने के नाते वे हमेशा लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए इसी प्रकार निरंतर कार्य करते रहेंगे। उन्होंने आशा व्यक्त की कि लोकतंत्र सेनानियों का मार्गदर्शन और आशीर्वाद उन्हें इसी प्रकार मिलता रहेगा।
पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि हमारे लोकतंत्र सेनानियों द्वारा लोकतंत्र की रक्षा के लिए किये गये प्रयासों की आने वाली पीढ़ियों को जानकारी होनी चाहिए, इसके लिए उस समय इनके द्वारा लोकतंत्र की रक्षा के लिए किये गये प्रयासों को जन-जन तक पहुंचाना होगा। इसके लिए जनपद स्तर पर भी कार्यक्रम होने चाहिए। उन्होंने आशा व्यक्त की कि हमारे ये लोकतंत्र सेनानी इसी भावना से आगे भी कार्य करते रहेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी में यह अच्छी बात है कि वे बुजुर्गों का आदर एवं सम्मान करते हैं और प्रदेश के विकास के लिए,उनके लंबे कार्यकाल के बुजुर्गों का आशीर्वाद उनके साथ है।लोकतंत्र सेनानियों का आशीर्वाद उनके साथ है।
इस अवसर पर उत्तराखण्ड के लोकतंत्र सेनानियों ने आपातकाल के दौरान के अपने अनुभवों को भी साझा किया,तथा मुख्यमंत्री का आभार भी व्यक्त किया।
इस अवसर पर उत्तराखण्ड लोकतंत्र सेनानी संगठन के अध्यक्ष के. के. अग्रवाल, महामंत्री गिरीश काण्डपाल, रणजीत सिंह ज्याला, विजय कुमार महर, योगराज पासी, प्रेम बड़ाकोटी, हयात सिंह मेहरा एवं अन्य लोकतंत्र सेनानी उपस्थित थे।

आपातकाल के दौरान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कुचला गयाः अग्रवाल

क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने आपातकाल की 48वीं वर्षगांठ पर अपना बयान जारी कर कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी के शासन के दौरान 1975 में लगा आपातकाल काले अध्याय से कम नहीं था। इस दौरान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कुचला गया। आपातकाल के दौरान पूरे देश में लोकतांत्रित तरीके से आंदोलन हुए।

डा. अग्रवाल ने कहा कि इस वक्त सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग भी किया गया। कहा कि जेल में आपातकाल के दौरान पकड़े गए लोगों को सामान्य कैदी की तरह ही रखा जाता था। उन्हें कीड़े लगे चावल और पानी वाली दाल मिलती थी।

डा. अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस ने उस समय अपनी सत्ता बचाने और राजनीति स्वार्थ पूरा करने के लिए लोकतंत्र की हत्या देश में आपातकाल लगाकर की थी। कहा कि आपातकाल की नींव 12 जून 1975 को ही रख दी गई थी। इस दिन इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को रायबरेली के चुनाव अभियान में सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करने का दोषी पाया था और उनके चुनाव को खारिज कर दिया था। इतना ही नहीं, इंदिरा पर छह साल तक चुनाव लड़ने पर और किसी भी तरह के पद संभालने पर रोक भी लगा दी गई थी। जब 25 जून 1975 की आधी रात इमरजेंसी लागू की गई थी जनता के सारे अधिकार छिन गए थे।

डा. अग्रवाल ने बताया कि आपातकाल में जयप्रकाश नारायण की अगुवाई में पूरा विपक्ष एकजुट हो गया और देशभर में इंदिरा के खिलाफ आंदोलन शुरू हुआ। सरकारी मशीनरी विपक्ष के आंदोलन को कुचलने में लग गई थी। आंदोलनकारियों को जेल में डाला जाने लगा। 21 मार्च 1977 तक देश आपातकाल में पिसता रहा।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा हेतु देश की जनता एवं युवाओं ने अद्भुत जोश व उमंग से कहा था कि सिंहासन खाली करो जनता आ रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष, त्याग एवं बलिदान एवं सतत् रूप से आपातकाल के खिलाफ लम्बे संघर्ष के परिणाम स्वरूप आज देश विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में स्थापित हुआ है।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि जिस लोकतंत्र को लोकतंत्र सेनानियों ने स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, आज उस लोकतंत्र में कानून अपना काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि देश में लोकतंत्र सेनानियों के सपनो का लोकतंत्र स्थापित है।

गंगा का जलस्तर बढ़ने से राफ्टिंग बंद

मौसम विभाग के अलर्ट के बाद रविवार की अलसुबह से ही सभी क्षेत्र में मूसलधार वर्षा हो रही है। पर्वतीय क्षेत्र में हो रही वर्षा के कारण गंगा के जल स्तर में वृद्धि हुई है। प्रशासन की ओर से गंगा में राफ्टिंग पर रोक लगा दी गई है। हालांकि यह रोक दो दिन के लिए है। 30 जून राफ्टिंग सत्र का आखिरी दिन होता है। दो दिन बाद समीक्षा के बाद प्रशासन अगला निर्णय लेगा।
गंगा के जल स्तर में वृद्धि के साथ बड़ी संख्या में सूखे पेड़ और लकड़ी गंगा में बहकर आ रही है। जिनसे राफ्ट के टकराने से दुर्घटना का अंदेशा भी बढ़ गया है। वर्तमान में उपजे हालात को देखते हुए पुलिस प्रशासन की ओर से उप जिलाधिकारी नरेंद्र नगर देवेंद्र सिंह नेगी से राफ्टिंग पर रोक लगाने का आग्रह किया गया था।
प्रभारी निरीक्षक रितेश शाह ने बताया कि उप जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला सहायक पर्यटन अधिकारी केएस नेगी के साथ टीम ने ब्रम्हपुरी में गंगा के जलस्तर की जांच की। यहां पर राफ्टिंग के लिए निर्धारित जल स्तर का मानक ग्रीन लेबल लगा हुआ है। गंगा का जलस्तर ग्रीन लेवल को पार कर गया है। जिसके बाद उपजिलाधिकारी ने रविवार और सोमवार के लिए राफ्टिंग पर रोक लगा दी है।

साहसिक पर्यटन विभाग की ओर से प्रत्येक वर्ष 30 जून तक ही राफ्टिंग सत्र संचालित होता है। इसके बाद मानसून सत्र शुरू हो जाता है और राफ्टिंग पर रोक लग जाती है। प्रशासन की ओर से मंगलवार को हालात की समीक्षा की जाएगी। यदि गंगा का जलस्तर प्रतिकूल हुआ तो राफ्टिंग पर रोक अगले कुछ दिन के लिए बढ़ाई जा सकती है।

ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज से लोगों ने लिया आशीर्वाद

ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज अपने दो दिवसीय प्रवास पर योग नगरी ऋषिकेश पहुंचे। यहां पहुंचने पर महामंडलेश्वरों, संतों एवं स्थानीय लोगों द्वारा उनका स्वागत किया गया। ऋषिकेश में अपने पहले कार्यक्रम में ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी विवेकानंद सरस्वती ने स्वामी नारायण घाट में गंगा आरती में सम्मलित हुए।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों को शंकराचार्य स्वामी आविमुकातेश्वरानंद सरस्वती ने कर्म और भाग्य को परिभाषित करते हुए कहा कि भाग्य फलित होता है। उन्होंने बसुदेव और नंद का उदाहरण दिया। गंगा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गंगा जल स्पर्श मात्र से ही सभी राग द्बेष से मुक्त हो जाते हैं।
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि गंगा जल और सामान्य जल में अंतर है। कहा कि पानी के प्रछालन से शरीर की गंदगी दूर होती है लेकिन गंगा जल मन के मेल को धोती है। उन्होंने संतो से आहवान किया कि अपने व्यवहार मे सरल और तरलता लाएं। राग द्बेष से दूर रहकर आदर्श प्रस्तुत करें और समाज का मार्गदर्शन करें।
इस अवसर पर स्वामीनारायण आश्रम के सुनील भगत ने शंकराचार्य स्वागत एवं अभिनंदन किया। महामंडलेश्वर अभिषेक चैतन्य हरिद्वार के महंत प्रेमानंद शास्त्री ज्योतिर्मठ के प्रभारी ब्रह्मचारी मुकुंदानंद, स्वामी सहजानंद, ब्रह्मचारी श्रवणानंद, ज्योर्तिमठ के मीडिया प्रभारी डॉ बृजेश सती, ब्रह्म कपाल तीर्थ पुरोहित पंचायत के अध्यक्ष उमेश सती, अजय पांडे, कार्यक्रम के सह संयोजक रवि प्रपन्नाचार्य, स्वामीनारायण आश्रम के पीआरओ सौरभ राणा कोटी, जोशीमठ के पूर्व ब्लाक प्रमुख प्रकाश रावत मौजूद रहे।

डीएम देहरादून से मंत्री अग्रवाल ने जताई नाराजगी

क्षेत्रीय विधायक व कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने जी-20 के अंतर्गत किये जा रहे निर्माण कार्य को पूर्व में तय डेटलाइन 20 जून तक पूर्ण न किये जाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने मौके से ही जिलाधिकारी देहरादून सोनिका को दूरभाष पर वार्ता कर सभी अधिकारियों को निर्माण कार्य पूर्ण होने तक यही कैम्प करने के निर्देश दिये। साथ ही अति शीघ्र निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
शनिवार को डॉ अग्रवाल ने त्रिवेणी घाट पर निर्माणाधीन कार्यों का निरीक्षण भी किया। उन्होंने यहां अधिकारियों के समक्ष नाराजगी जताते हुए कहा कि अति शीघ्र निर्माण कार्य पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में किसी प्रकार का समझौता ना हो और निर्माण कार्यों को परमानेंट किया जाए, इसकी सुनिश्चिता की जाए। साथ ही निर्देश दिए कि मैनपावर बढ़ाते हुए रात्रि में भी निर्माण कार्य किए जाएं।
डॉ अग्रवाल ने निर्देशित किया कि विभाग स्थाई प्रकृति के कार्य करें तथा जो कार्य किए जा रहे हैं उनके रखरखाव की भी पूर्ण व्यवस्था बना ली जाए। उन्होंने नगर निगम ऋषिकेश के अधिकारियों को निर्देशित किया कि साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें तथा नियमित सफाई कार्य सुनिश्चित किए जाएं।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी सुश्री झरना कमठान, सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया, उप जिलाधिकारी ऋषिकेश सौरभ असवाल, नगर आयुक्त राहुल गोयल, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग धीरेंद्र कुमार, अधिशासी अभियंता सिंचाई दिनेश उनियाल, अधिशासी अभियंता यूपीसीएल शक्तिलाल, एसडीओ सिंचाई अनुभव नौटियाल सहित मण्डल अध्यक्ष सुमित पंवार, जिलाध्यक्ष महिला मोर्चा कविता शाह, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य बृजेश शर्मा, पार्षद रीना शर्मा, शिव कुमार गौतम, प्रदीप कोहली, जिला कार्यालय प्रभारी देवदत्त शर्मा, रूपेश गुप्ता, जिला उपाध्यक्ष युवा मोर्चा शिवम टुटेजा, मण्डल महामंत्री युवा मोर्चा अभिनव पाल, उषा जोशी, सुधा असवाल, भावना किशोर गौड़ आदि उपस्थित रहे।

मुख्य सचिव ने जी20 के कार्यों की तैयारियों को लेकर की बैठक

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने सचिवालय में 25 जून से 28 जून तक ऋषिकेश में आयोजित होने वाली जी 20 की तैयारियों के सम्बन्ध में बैठक ली। मुख्य सचिव ने कहा कि जी20 की पिछली बैठकों में काफी अच्छे से प्रबंधन किया गया था, इसे आने वाली बैठक में भी जारी रखा जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि पर्यटन प्रदेश होने के नाते हमें प्रदेश की छवि पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सौंदर्यीकरण के लिए जो भी कार्य करवाए जा रहे हैं, इनकी गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। जितने भी सुधार कार्य करवाए जाएं वह स्थाई प्रवृत्ति के हों ताकि जी 20 के बाद भी आने वाले पर्यटक उनका आनंद ले सकें।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में सड़कों की कायाकल्प के लिए एक मैकेनिज्म विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि सड़कों के सौंदर्यीकरण के लिए जिलाधिकारी अथवा पर्यटन विभाग के अंतर्गत एक मद बनाया जाए, जिसमें सड़कों के किनारे सौंदर्यीकरण एवं उसके रखरखाव की व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, सचिव सचिन कुर्वे, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, दीपेन्द्र कुमार चौधरी, विनोद कुमार सुमन, एच. सी. सेमवाल, ए.डी.जी. वी. मुरुगेशन, ए. पी. अंशुमान, वी.सी. एम.डी.डी.ए. बंशीधर तिवारी सहित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

कैबिनेट मंत्री अग्रवाल ने वरिष्ठ अधिकारियों के संग तैयारियों का लिया जायजा

क्षेत्रीय विधायक व कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने जी-20 कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए। बैठक के बाद तमाम अधिकारियों के साथ डॉ अग्रवाल ने त्रिवेणी घाट पर निर्माणाधीन कार्यों का निरीक्षण भी किया।
रेलवे रोड स्थित एक होटल से आयोजित बैठक में मंत्री डॉ अग्रवाल ने जी-20 के दृष्टिगत त्रिवेणी घाट एवं ऋषिकेश विधानसभा में कराए जा रहे कार्यों की विभाग वार समीक्षा करते हुए समस्त विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय से कार्य करते हुए 20 जून तक कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
डॉ अग्रवाल ने निर्देशित किया कि गुणवत्ता में किसी प्रकार का समझौता ना हो और निर्माण कार्यों को परमानेंट किया जाए, इसकी सुनिश्चिता की जाए। साथ ही निर्देश दिए कि मैनपावर बढ़ाते हुए रात्रि में भी निर्माण कार्य किए जाएं।
डॉ अग्रवाल ने निर्देशित किया कि विभाग स्थाई प्रकृति के कार्य करें तथा जो कार्य किए जा रहे हैं उनके रखरखाव की भी पूर्ण व्यवस्था बना ली जाए। उन्होंने नगर निगम ऋषिकेश के अधिकारियों को निर्देशित किया कि साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें तथा नियमित सफाई कार्य सुनिश्चित किए जाएं।
डॉ अग्रवाल ने विभागों को निर्देश दिए कि मानसून के दृष्टिगत तैयारियां सुनिश्चित की जाए। ताकि बरसात होने पर अव्यवस्था न हो। उन्होंने नगर निगम को लाइटिंग कार्य, नाली सफाई, शौचालय मरम्मत तथा निराश्रित पशुओं को गौशालाओं में पहुंचाने के निर्देश दिए।
डॉ अग्रवाल ने डीआईजी/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून को निर्देश दिए की कानून व्यवस्था में सुधार करते हुए सप्ताह अंत में पुलिस फोर्स बढ़ाई जाए, ताकि सड़को पर जाम की स्थिति और अराजकता से बचा जा सके। उन्होंने कार्य में लापरवाही किसी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर सचिव शहरी विकास डॉ विनय शंकर पांडे, सचिव प्रशासन विनोद कुमार सुमन, डीआईजी/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दलीप सिंह कुंवर, मुख्य विकास अधिकारी झरना कमठान, सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया, अपर जिला अधिकारी वित्त एवं राजस्व रामजीशरण शर्मा, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण कमलेश उपाध्याय, उप जिलाधिकारी ऋषिकेश सौरभ असवाल, प्रभारी नगर आयुक्त नगर निगम ऋषिकेश तनवीर सिंह, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग धीरेंद्र कुमार, निवेशक ग्रामीण विकास अभिकरण प्रदीप पांडे सहित विद्युत, सिंचाई, आदि संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

टीन शेड से लैस होगा आरती स्थल
क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने बैठक के तुरंत बाद त्रिवेणी घाट में निर्माणाधीन कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को कहा कि त्रिवेणी घाट में गंगा स्थल पूरी तरह टिन शेड किया जाय। इससे जी-20 कार्यक्रम के बाद स्थानीय लोगों को भी लाभ मिलेगा।

चेंजिंग रूम की संख्या बढ़ाने के दिए निर्देश
डॉ अग्रवाल ने निरीक्षण के दौरान पाया कि घाट पर आने वाले पर्यटकों के लिए चेंजिंग रूम की आवश्यकता है, जिसको देखते हुए उन्होंने एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया को चेंजिंग रूम की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए।

आरती स्थल के सामने टापू पर लगेगी ग्रीन ग्रास
डॉ अग्रवाल ने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को गंगा आरती स्थल के ठीक सामने टापू पर ग्रीन ग्रास लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे घाट की सुंदरता में वृद्धि होगी।

28 जून को गंगा आरती की पूरी संभावना
डॉ अग्रवाल ने मीडिया कर्मियों को बताया कि उनके प्रयासों से पूर्व में सीपीए के सदस्यों ने गंगा आरती में भाग लिया था। इसी के निमित्त जी-20 कार्यक्रम में गंगा आरती ऋषिकेश त्रिवेणी घाट में कराए जाने को लेकर उनकी ओर से अथक प्रयास किए गए। जिसका परिणाम यह है कि 28 जून को त्रिवेणी घाट पर गंगा आरती होने की पूरी संभावना है।

कड़ी मशक्त के बाद दमकल कर्मियों ने बुझाई आग, दो बसें जलकर हुई राख

संयुक्त यात्रा बस ट्रांजिट कंपाउंड में एक निजी बस में संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई। आग की लपटें उठते ही कंपाउंड में अफरा-तफरी मच गई। आग की लपटें उठने से बगल में खड़ी दूसरी निजी बस भी चपेट में आ गई। अग्निशमन कर्मचारियों ने आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। लेकिन तब तक दो बसें जलकर राख हो गई। जबकि पास खड़ी तीसरी बस को आग लगने से बचा लिया गया।
सोमवार दोपहर करीब ढाई बजे संयुक्त यात्रा बस ट्रांजिट कंपाउंड में रिपेयरिंग के दौरान एक बस ने आग पकड़ ली। मरम्मत में जुटे कर्मचारी आग लगते ही भाग खड़े हुए। तेजी से फैलती आग में बस धूं-धूं कर जली, तो उसकी लपटें बगल में खड़ी बस तक पहुंच गई, जिससे वह बस भी जलकर खाक हो गई। बसों में आग लगने से कैंपस में अफरा-तफरी फैल गई। आसपास खड़े लोगों ने तत्काल इसकी सूचना फायर ब्रिगेड को दी। अग्निशमन कर्मचारियों ने आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। गनीमत रही कि पार्किंग में आग सिर्फ तीन बसों तक ही सीमित रही, जबकि बगल में ही दर्जनों की संख्या में और भी बसें खड़ी थी। हादसे में किसी के हताहत होने की अभी तक कोई जानकारी नहीं मिली है। अग्निशमन अधिकारी बीरबल सिंह ने बताया कि यह हादसा प्रथम दृष्टया बस में रिपेयरिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट से हुआ। बताया कि बस मालिक हनीफ ने करीब पांच लाख रुपये का नुकसान होना बताया है। फिलहाल विभागीय टीम आग लगने से सही कारणों की जांच में जुटी है।