राज्य के विभिन्न शहरों में नवीन टाउनशिप विकसित होगी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को सचिवालय में राज्य के विभिन्न शहरों में नवीन टाउनशिप विकसित किये जाने के सबंध में बैठक ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कोरिडोर बनाने की कार्यवाही शीघ्र शुरू की जाए। इसके क्रियान्वयन के लिए बनाये जाने वाली कम्पनी के लिए भी शीघ्र कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्टूबर 2026 तक हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कोरिडोर का सम्पूर्ण कार्य पूर्ण हो यह सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि राज्य में मैदानी क्षेत्रों में 5 एवं पर्वतीय क्षेत्रों में 3 टाउनशिप विकसित किये जाने की दिशा में भी तेजी से कार्य किये जाएं। गढ़वाल एवं कुमाऊँ क्षेत्र में एक-एक हिल स्टेशन विकसित किये जाने की दिशा में किये जा रहे प्रयासों को भी शीघ्र अन्तिम रूप दिया जाए।
बैठक में शहरी विकास मंत्री प्रेमचन्द अग्रवाल, मुख्य सचिव डॉ. एस.एस.संधु, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, आनन्द वर्धन, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, दिलीप जावलकर, विनय शंकर पाण्डेय, एस.एन पाण्डेय, वी. षणमुगम, उपाध्यक्ष एम.डी.डी.ए बंशीधर तिवारी एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

श्रावण मास की नीलकंठ यात्रा को लेकर पुलिस अलर्ट, हुई बैठक

श्रावण मास की श्री नीलकंठ महादेव मंदिर यात्रा के दौरान पैदल मार्ग पर जंगली जानवरों का खतरा बना रहता है। जिसको देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने शाम छह बजे से सुबह पांच बजे तक को बंद रखने का निर्णय लिया है। पैदल मार्ग का यह क्षेत्र राजाजी टाइगर रिजर्व वन क्षेत्र के अंतर्गत आता है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी गढ़वाल श्वेता चौबे ने कावड़ यात्रा के दौरान क्षेत्र में ट्रैफिक प्लान की जानकारी देते हुए बताया कि पैदल मार्ग पर पार्क प्रशासन को नियमित गश्त बढ़ाने के लिए कहा गया है। बैराज-चीला शक्ति नहर पर कावड़ यात्रियों के नहाने के कारण दुर्घटनाओं को रोकने के लिए फोर्स की तैनाती अलग से की जा रही है।

कांवड़ मेले के दौरान वाहनों के जाने का मार्ग
यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाये रखने हेतु श्री नीलकंठ महादेव मन्दिर जाने के लिए ऋषिकेश- मुनिकीरेती-गरुड़ चट्टी- पीपलकोटी- नीलकंठ मंदिर मार्ग को निर्धारित किया गया है।

कांवड़ मेले के दौरान वाहनों के जाने का मार्ग
मंदिर से वापसी में निकासी हेतु नीलकंठ – पीपलकोटी- गरुड़ चट्टी- बैराज बाईपास- पशुलोक बैराज- ऋषिकेश-हरिद्वार मार्ग निर्धारित किया गया है।

श्री नीलकंठ मन्दिर आने का पैदल मार्ग
मेले के सामान्य दिनों में रामझूला व जानकी पुल कांवड़ यात्रियों के लिये खुले रहेंगे। भीड़ की अधिकता होने पर यात्रियों के लिये ऋषिकेश- रामझूला- बागखाला- पुण्डरासू- नीलकंठ मन्दिर का मार्ग निर्धारित किया गया है।

पैदल वापसी का मार्ग
श्री नीलकंठ मन्दिर से वापस जाने हेतु श्री नीलकंठ मन्दिर- पुण्डरासू- बागखाला- जानकी पुल- ऋषिकेश मार्ग निर्धारित किया गया है।

वाहनों के अव्यवस्थित रूप से खड़े पाए जाने पर उन्हें हटाने के लिए क्रेन की व्यवस्था की गयी है। साथ ही नीलकंठ क्षेत्र में पार्किंग फुल होने की दशा में वाहनों को पीपल कोटी- दिउली मार्ग पर डायवर्ट कर पार्क कराया जाएगा। 15 से 17 जुलाई तक मेला क्षेत्र में भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगायी गयी है।

मेला क्षेत्र में 894 अधिकारी और कर्मचारी तैनात
सम्पूर्ण मेला क्षेत्र की सुरक्षा के दृष्टिगत कांवड़ मेले में लगा 894 अधिकारी और कर्मचारियों की तैनाती की गई है।

जनपद का कुल फोर्स- 551

अपर पुलिस अधीक्षक एक, क्षेत्राधिकारी दो, निरीक्षक पांच, थानाध्यक्ष 11, उप निरीक्षक 27, महिला उपनिरीक्षक आठ, अपर उप निरीक्षक 15, हेड कांस्टेबल 80, कांस्टेबल 91, महिला कांस्टेबल 20, होमगार्ड 207, पीआरडी 84,

बाहरी जनपद से प्राप्त कुल फोर्स- 300

अपर पुलिस अधीक्षक एक, क्षेत्राधिकारी पांच, निरीक्षक तीन, थानाध्यक्ष तीन, उप निरीक्षक सात, महिला उपनिरीक्षक छह, अपर उप निरीक्षक 156, महिला अपर उप निरीक्षक दो हेड कांस्टेबल 38, कांस्टेबल 52, महिला कांस्टेबल 27, एक कम्पनी, दो प्लाटून, दो सैक्शन पीएसी

रिजर्व कुल फोर्स

निरीक्षक तीन, थानाध्यक्ष तीन, उपनिरीक्षक चार, महिला उपनिरीक्षक एक, अपर उपनिरीक्षक 18, महिला अपर उप निरीक्षक एक, हेड कांस्टेबल तीन

74 सीसीटीवी कैमरा और तीन ड्रोन की निगरानी
बीते वर्ष की तुलना में इस वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के यहां पहुंचने की संभावना है। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस प्रशासन की ओर से इस बार यहां अतिरिक्त पुलिस फोर्स तैनात किया गया है। 74 सीसीटीवी कैमरा और तीन ड्रोन की निगरानी में मेला संचालित होगा। सुरक्षा व्यवस्था के तहत सम्पूर्ण मेला क्षेत्र को एक सुपर जोन, सात जोन व 23 सेक्टरों में विभाजित किया गया है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी श्वेता चौबे ने ड्यूटी पर लगे समस्त पुलिस बल को परमार्थ निकेतन में ब्रीफिंग ली। पुलिस कप्तान ने कहा कि इंटरनेट मीडिया और विभिन्न माध्यम से अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखी जाएगी और सख्त कार्रवाई होगी।

सभी अधिकारी और कर्मचारी अनुशासित और संयमित होकर अपनी ड्यूटी दें। उन्होंने बताया कि पौड़ी जनपद के सम्पूर्ण मेला क्षेत्र को एक सुपर जोन, सात जोन व 23 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक सुपर जोन में अपर पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी, जोन में पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारी तथा सेक्टरों में निरीक्षक, थानाध्यक्ष, वरिष्ठ उपनिरीक्षक, उपनिरीक्षक एवं अपर उपनिरीक्षक स्तर के अधिकारियों को नियुक्त किया गया है।

उन्होंने बताया कि किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ की दो टीम, जल पुलिस,गोताखोर टीम, दो क्यूआरटी टीम, पीएससी फ्लड टीम के साथ-साथ आतंकी घटनाओं की रोकथाम हेतु एक टीम एंटी टेरेरिस्ट स्क्वाड को मेला क्षेत्र में चौबीस घण्टे के लिये एक्टिव रखा गया है।

बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक कोटद्वार शेखर चंद्र सुयाल, अपर पुलिस अधीक्षक अनिल काला, सीओ श्रीनगर श्याम दत्त नौटियाल, सहायक सेनानायक एसडीआरएफ दीपक सिंह, पुलिस उपाधीक्षक सतर्कता अनिल मनराल, एसएस सामंत, सहायक सेनानायक पीटीसी सुनीता वर्मा, उप सेनानायक आइआरबी राजन सिंह आदि मौजूद रहे।

लायंस क्लब ने हेल्थ चेकअप कैंप लगाकर किया डॉक्टर्स को सम्मानित

लायंस क्लब ऋषिकेश डिवाइन द्वारा लायनिसटिक वर्ष 2023-2024 के प्रथम दिन पुष्कर मंदिर मार्ग पर एक हेल्थ चेकअप केम्प लगाया गया। जिसमे लगभग 80 लोगो का चेकअप किया गया।
क्लब अध्यक्ष लायन विकास ग्रोवर ने बताया कि प्रथम सुख निरोगी काया को साकार करने के लिए क्लब द्वारा आज हेल्थ चेक अप कैंप लगाया गया तथा लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक और खानपान को लेकर सचेत रहें तथा युवा पीढ़ी को जंक फूड से होने वाली समस्याओं के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया गया।
क्लब द्बारा आज डाक्टर्स डे के अवसर पर विकास गर्ग पैथेलोजिस्ट को सम्मानित भी किया गया।
क्लब संस्थापक ला ललित मोहन मिश्र ने बताया कि गत दिवस रायवाला स्तिथ एक रिज़ॉर्ट में हुए एक कार्यकम में विकास ग्रोवर को अध्यक्ष, विनोद अरोड़ा को सचिव तथा विनीत चावला को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया। कार्यक्रम में गत वर्ष 2022-2023 में उल्लेखनीय कार्यों के लिये विभिन्न सदस्यों को निवर्तमान अध्यक्ष रजत भोला, निवर्तमान सचिव मधुसूदन गनेरिवाला तथा निवर्तमान कोषाध्यक्ष घनश्याम डंग द्वारा सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर महेश किंगर, नवीन गांधी, कपिल गुप्ता, आशु डंग, जगमीत सिंह, अनुराग शर्मा, केशव मोहन अग्रवाल, हरजीत सिंह, रोहन खुराना, विनीत शर्मा, दिनेश अरोड़ा, हेमंत सुनेजा, अनिरुद्ध गुप्ता, अभिनव गुप्ता आदि उपस्थित थे।

कैबिनेट मंत्री अग्रवाल ने मोदी सरकार के 9 वर्ष के कार्यकाल की उपलब्धियां बताई

क्षेत्रीय विधायक व कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 9 वर्ष पूर्ण होने पर प्रेस वार्ता का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री के 9 साल के कार्यकाल को सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण को समर्पित बताया।
रेलवे रोड स्थित जिला भाजपा कार्यालय ऋषिकेश में प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में यह 9 साल का कार्यकाल सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण को समर्पित रहा है। अनेक जन कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से समाज के हर वर्ग के लोगों के लिए उनके नेतृत्व में योजनाएं चलाई जा रही हैं। बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक पटल पर अलग पहचान बनी है। विदेश यात्राओं में जिस तरह उनका सम्मान होता है, यह हर एक भारतीय का सम्मान है। आज पूरी दुनिया भारत को नई आशाओं के रूप में देख रही है।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का देवभूमि उत्तराखण्ड से विशेष लगाव है। उनके मार्गदर्शन में पिछले 9 सालों में उत्तराखण्ड में हर क्षेत्र में तेजी से कार्य हुए हैं। भारत माला परियोजना, ऑल वेदर रोड, रेल कनेक्टिविटी, शिक्षा, चिकित्सा, इन्फ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी के क्षेत्र में राज्य में तेजी से कार्य हुए हैं। केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्य पर तेजी से कार्य चल रहा है। बद्रीनाथ में मास्टर प्लान के तहत कार्य प्रगति पर हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपना हर क्षण देश सेवा के लिए समर्पित किया है।
डॉ अग्रवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में सरकार का पूरा ध्यान विकास के नवरत्नों पर है। इसमें पहला रत्न-केदारनाथ-बद्रीनाथ धाम में 1300 करोड़ रुपए से पुनर्निर्माण का कार्य, दूसरा रत्न-ढाई हजार करोड़ रुपए की लागत से गौरीकुण्ड-केदारनाथ और गोविंदघाट-हेमकुण्ट साहिब रोपवे का कार्य, तीसरा रत्न- कुमायूं के पौराणिक मंदिरों को भव्य बनाने के लिये मानसखण्ड मंदिर माला मिशन का कार्य किया जा रहा है। इसके तहत पहले चरण में 16 मन्दिरों को शामिल किया गया है। चौथा रत्न-पूरे राज्य में होम स्टे को तेजी से बढ़ावा दिया जाना। पांचवा रत्न-राज्य में 16 ईको टूरिज्म डेस्टिनेशन का विकास, छठा रत्न-उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं का तेजी से विस्तार, उधमसिंह नगर में एम्स का सेटलाइट सेंटर भी बनाया जा रहा है। सातवां रत्न- करीब 2 हजार करोड़ रुपए की लागत वाली टिहरी लेक डेवलपमेंट परियोजना के कार्य किये जा रहे हैं। आठवां रत्न-ऋषिकेश-हरिद्वार का एडवेंचर टूरिज्म और योग की राजधानी के रूप में विकास किया जा रहा है और नौवा रत्न-टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन इस पर भी जल्द काम शुरू हो जाएगा।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार ने गरीबों की सेवा, वंचितों का सम्मान, नारी सशक्तिकरण, स्वास्थ्य सुविधाओं की बेहतरी इन्फ्रास्ट्रक्चर, तकनीकि के विकास, पर्यावरण संरक्षण एवं अन्य अनेक क्षेत्रों में सराहनीय कार्य किये। उन्होंने बताया कि पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत 80 करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज, 11.88 करोड़ लोगों को नल से जल, स्वच्छ भारत अभियान के तहत 11.72 करोड़ शौचालयों का निर्माण किया गया और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया गया। देश में 48.27 करोड़ जन-धन खाते खोले गये, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 3 करोड़ से अधिक आवास दिये गये। देश में 37 करोड़ आयुष्मान भारत हेल्थ एकाउंट बने हैं। पीएम किसान सम्मान निधि के माध्यम से 11 करोड़ से अधिक किसानों को 6000 रूपये सालाना दिये जा रहे हैं। सभी को सस्ती एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। कोविड काल में भारत ने दो स्वदेशी वैक्सीन बनाई, इससे भारतवासियों के अलावा अन्य देशों की मदद भी की गई। सड़क, रेल, हवाई कनेक्टिविटी का देश में तेजी से विस्तार हुआ। स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत बनाने में हर क्षेत्र में तेजी से कार्य हुए।
डॉ. अग्रवाल ने कहा कि भारत को प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जी-20 की अध्यक्षता करने का अवसर मिला है। प्रधानमंत्री के विस्तृत विजन की वजह से जी-20 की बैठकें देश के कोने-कोने में हो रही हैं। भारत की अर्थव्यवस्था पहले 11वें स्थान पर थी, जो प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व की वजह से पांचवें स्थान की अर्थव्यवस्था बन गयी है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में, आज अभूतपूर्व रूप से भारत का सांस्कृतिक उत्थान हो रहा है। सनातन संस्कृति का परचम विश्व में लहरा रहा है और हमारी आस्था के केन्द्रों का इतिहास और महत्व उसी गौरव के साथ प्रदर्शित किया जा रहा है, जिसके साथ इसे किया जाना चाहिए था।
इस मौके पर जिला अध्यक्ष भाजपा रविंद्र राणा, जिला उपाध्यक्ष दिनेश सती, मनोज ध्यानी, मंडल अध्यक्ष श्यामपुर दिनेश पयाल, पार्षद रीना शर्मा, मंडल अध्यक्ष रायवाला शिवानी भट्ट आदि उपस्थित रहे।

जनप्रतिनिधियों ने किया मंत्री डा़ अग्रवाल का धन्यवाद, जी20 की गंगा आरती के लिए दी बधाई

तीर्थ नगरी में जी-20 के तहत गंगा आरती को सकुशल संपन्न कराने तथा ऋषिकेश का मान देश ही नहीं विदेशों में भी बढ़ाने पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों सहित भाजपा कार्यकर्ताओं ने क्षेत्रीय विधायक व वित्त व शहरी विकास, आवास मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल का आभार प्रकट कर धन्यवाद ज्ञापन दिया। इस मौके पर डॉ अग्रवाल ने गंगा आरती के लिए प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री जी का आभार प्रकट किया। इसके बाद सामूहिक गंगा आरती की गई।

वरिष्ठ पार्षद शिव कुमार गौतम ने कहा कि जी-20 कार्यक्रम के तहत ऋषिकेश में गंगा आरती कराए जाने का श्रेय स्थानीय विधायक डॉ अग्रवाल को जाता है। उनके द्वारा गंगा आरती में विदेशी मेहमानों को लाकर तीर्थ नगरी का मान विदेशों में भी बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि स्थानीय विधायक के वित्त व शहरी विकास मंत्री होने का लाभ ऋषिकेश की जनता को मिला। उन्होंने कहा कि डॉ अग्रवाल के ही विभागों द्वारा जी-20 के अंतर्गत नगर का चहुमुखी विकास हुआ। उन्होंने कहा कि त्रिवेणी घाट अपने भव्य स्वरूप में दिखा जिससे विदेशी मेहमान भी उत्साहित नजर आए।

जिला उपाध्यक्ष दिनेश सती ने कहा कि वित्त मंत्री के नाते डॉ अग्रवाल ने विधानसभा सत्र में जी-20 के लिए बजट की कमी नहीं रखी। उनकी ओर से जी-20 के लिए 100 करोड रुपए तक का बजट रखा गया। कहा कि उनके ही विभाग एमडीडीए और शहरी विकास की ओर से नगर तथा त्रिवेणी घाट का सौंदर्य करण हुआ।

महिला मोर्चा की मंडल अध्यक्ष माधवी गुप्ता ने कहा कि त्रिवेणी घाट में शौचालय का पुनरुद्धार, टाइल्स का निर्माण, गंगा आरती स्थल का भव्यता, यहां पर प्रकाश की समुचित व्यवस्था, पार्किंग स्थल का सौंदर्य करण के अलावा बाजार में फ़साड़ योजना के तहत एक समान एक रंग के बोर्ड, सड़कों का निर्माण, नालियों की सफाई कर टैपिंग सहित जौली ग्रांट एयरपोर्ट तक किए गए विभिन्न कार्य डॉ अग्रवाल द्वारा कराए गए जिसके लिए ऋषिकेश सहित आसपास की जनता भी उनका आभार प्रकट करती है।

इस मौके पर व्यापारी नेता अखिलेश मित्तल ने कहा कि डॉ अग्रवाल की बदौलत आज डिवाइडर पौधों से गुलजार है। कहां की रघुनाथ मंदिर आज अपनी भव्यता पर है उन्होंने कहा कि पूर्व में डॉक्टर अग्रवाल द्वारा विधानसभा अध्यक्ष के समय सीपीए के सदस्यों के लिए भव्य गंगा आरती का आयोजन किया गया था।

इस मौके पर पूर्व दर्जाधारी कृष्ण कुमार सिंघल, बृजेश शर्मा, आंदोलनकारी सरोज डिमरी, मण्डल महामंत्री नितिन सक्सेना, जिलाध्यक्ष महिला मोर्चा कविता शाह, वरिष्ठ पार्षद शिव कुमार गौतम, पार्षद रीना शर्मा, पार्षद राजेश दिवाकर, वीरेंद्र रमोला, राजू नरसिम्हा, दीपक बिष्ट, रूपेश गुप्ता, सचिन अग्रवाल, युवा मोर्चा मण्डल अध्यक्ष जगावर सिंह, महामंत्री अभिनब पाल, स्वाति शर्मा, अनिता तिवारी, उषा जोशी, हिमानी कौशिक, राजकुमारी पंत, रीता देवी, सुशीला देवी आदि सेकड़ो की संख्या में व्यापारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने विदेशी मेहमानों का गंगा आरती में किया स्वागत

ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट में जी-20 के मेहमानों द्वारा गंगा आरती में प्रतिभाग किया गया। इस दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, अन्य जनप्रतिनिधियों तथा स्थानीय लोगों द्वारा गर्मजोशी से विदेशी मेहमानों का स्वागत किया गया। गंगा आरती और भजन संगीत से विदेशी मेहमान प्रभावित होकर आध्यात्मिकता में डूबे रहे। कल-कल बहती गंगा की शांत और सुरम्य वादियों को देखकर जी-20 के डेलिगेट्स इतने जिज्ञासु, उत्सुक और प्रसन्न दिखे कि गंगा दर्शन के दौरान सेल्फी लेने की होड़ मची रही।
गंगा आरती में विदेशी मेहमानों को भारत की आध्यात्मिकता, योगा, मेडिटेशन, संस्कृति, रीति-नीति और भारत के आतिथ्य सत्कार सबसे एक साथ साक्षात्कार भी हुआ।
गंगा आरती के पश्चात विदेशी मेहमानों ने रात्रिभोज में स्थानीय व्यंजको का लुत्फ उठाया तथा भोज में उनको ’भारत के मोटे अनाज की और उत्तराखंड की ’बारह अनाजा संस्कृति’ का भी परिचय हुआ। गंगा आरती के दौरान विदेशी मेहमानों को प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के भारत के और उत्तराखंड के परंपरागत प्रयासों का भी परिचय हुआ।
इस दौरान गंगा आरती में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान लोकसभा सांसद हरिद्वार डॉ. रमेश पोखरियाल ’निशंक’, उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी व प्रेमचंद अग्रवाल, विकासनगर विधायक मुन्ना सिंह चौहान व रायपुर रोड खजान दास, जिला पंचायत अध्यक्ष देहरादून मधु चौहान, महापौर देहरादून सुनील उनियाल व ऋषिकेश अनीता अनीता मंमगाई, पुलिस महानिरीक्षक के. एस. नग्नयाल, आयुक्त गढ़वाल मंडल सुशील कुमार, पुलिस उपमहानिरीक्षक डॉ. योगेंद्र सिंह रावत, सचिव एमडीडीए व महानिदेशक सूचना बशीधर तिवारी, जिलाधिकारी देहरादून सोनिका, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून दिलीप सिंह कुंवर सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, महानुभाव और जनमानस उपस्थित रहे।

ऋषिकेश विधानसभा विदेशी मेहमानों के लिए स्वागत को तैयारः डा. अग्रवाल

क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने आज तीसरी बार त्रिवेणी घाट का निरीक्षण किया। यहां जी-20 के अंतर्गत किए गये कार्यों को लेकर प्रसन्नता व्यक्त की। साथ ही पूर्व में निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को मिले निर्देशों का संतोषजनक पालन होने पर पीठ भी थपथपाई। इस दौरान डा. अग्रवाल ने मुख्य नगर आयुक्त को घाट पर बने शौचालय में भगवे रंग को गंगा आरती के बाद हटाने के लिए भी निर्देशित किया। साथ ही प्रशासन द्वारा बंद कराई गई दुकानों को खोलने के लिए उप जिलाधिकारी, पुलिस क्षेत्राधिकारी को निर्देशित किया।

डा. अग्रवाल ने घाट रोड तथा त्रिवेणी घाट का तीसरी बार निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पूर्व में निर्देशित सड़क किनारे गैप को भरने, शौचालय के बाहर टूटी टाइल्स को बदलने, तिरंगे झंडे की रेलिंग को धोने व फर्श की धुलाई करने, रघुनाथ मंदिर के बाहर सीढ़ियों पर कार्य सहित तमाम कार्यों को संतोषजनक पाया गया। जिस पर डा. अग्रवाल ने नगर निगम, सिंचाई विभाग, लोनिवि, एमडीडीए सहित स्थानीय प्रशासन की प्रशंसा की।

निरीक्षण के दौरान की डा. अग्रवाल ने मुख्य नगर आयुक्त ऋषिकेश को शौचालय के बाहर लगाए गए भगवा रंग पर नाराजगी भी जाहिर की। उन्होंने कहा कि भगवा रंग सनातन धर्म की आस्था का प्रतीक है। इसके चलते विदेशी मेहमानों के लिए आयोजित गंगा आरती के बाद भगवा रंग को बदला जाए।

डा. अग्रवाल ने घाट मार्ग पर बंद दुकानों का कारण स्थानीय व्यापारियों से जाना। जिस पर प्रशासन द्वारा बंद करने की बात सामने आई। जिस पर डा. अग्रवाल ने कहा कि बंद दुकानें शोक का प्रतीक है, जबकि विदेशी मेहमानों के यहां पहुंचने पर खुशियां मनाने का दिन है। ऐसे में दुकानों का खुलना और चहल-पहल का रहना अति आवश्यक है। डा. अग्रवाल ने मौके पर उप जिलाधिकारी और पुलिस क्षेत्राधिकारी को खोलने के लिए निर्देशित किया। साथ ही व्यापारियों से अपील करते हुए कहा कि अपने प्रतिष्ठान खोलें।

निरीक्षण के दौरान युवा व्यापारी नेता शिवम टुटेजा ने डा. अग्रवाल के अनुभव की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि गंगा पर बने टापू पर डा. अग्रवाल ने अपने अनुभव के चलते सरकारी धन के दुरप्रयोग होने से बचाया है। टापू पर पूर्व में टाइल्स लगाई जा रही थी। जिसकी लागत बहुत ज्यादा थी, जो जलस्तर बढ़ने पर बह जाती। डा. अग्रवाल ने इसके विकल्प के रूप में कम लागत से हरी घास लगाने के निर्देश दिए थे।

इस मौके पर उप जिलाधिकारी सौरभ असवाल, नगर आयुक्त राहुल गोयल, सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया, अधिशासी अभियंता सिंचाई दिनेश उनियाल, सीओ संदीप नेगी, कोतवाल खुशीराम पांडेय, तहसीलदार अमृता शर्मा, स्थानीय पार्षद रीना शर्मा, युवा व्यापारी नेता शिवम टुटेजा, देवदत्त शर्मा, रूपेश गुप्ता, राम कृपाल गौतम आदि उपस्थित रहे।

सीएम ने किया विदेशी मेहमानों का स्वागत, रात्रिभोज में हुई मेहमाननवाजी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नरेंद्र नगर टिहरी में आयोजित जी 20 इंफ्रास्ट्रक्चर वर्किंग ग्रुप की बैठक के अवसर पर आयोजित विदेशी मेहमानों के लिए आयोजित रात्रिभोज के अवसर पर विदेशी मेहमानों का स्वागत किया।

विदेशी मेहमानों का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि किसी भी देश के विकास का पैमाना उस देश का आधारभूत ढांचा ही तय करता है, यही तय करता है कि उस देश का वर्तमान और भविष्य कैसा हो। आधारभूत ढांचे का पर्याय सिर्फ रेल, रोपवे, रोड आदि बनाना नहीं वरन आधारभूत ढांचे का असल मकसद आम आदमी की समस्याओं को कम करना और उसके रहन सहन को सुगम, सरल एवं सुरक्षित बनाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्वतीय भौगोलिक परिस्थिति वाले राज्य का आधारभूत ढांचा मैदानी इलाकों की अपेक्षा अधिक कठिन होता है, क्योंकि पहाड़ी राज्य की इकोलॉजी और इकोनामी दोनों ही प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भर रहती है और आधारभूत ढांचे में कभी कभी ऐसी परिस्थितियां भी उत्पन्न हो जाती हैं, जिसमें वनों को, प्रकृति को और पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है। हमें विकास और प्रकृति के संरक्षण को एक दूसरे का पूरक बनाकर आधारभूत ढांचे के निर्माण पर ध्यान देना होगा। यह तभी संभव है जब हम “उपभोग नहीं बल्कि उपयोग“ के सिद्धांत का अनुसरण करेंगे।

नरेन्द्रनगर ऋषिकेश में जी-20 सम्मेलन की तीसरी बैठक के अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या एवं संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विश्व की सबसे बड़ी पर्वत श्रृंखला हिमालय की गोद में बसा हमारा प्रदेश उत्तराखंड, ’’देवभूमि’’ के रूप में विख्यात है। जहां यह एक ओर हरिद्वार-ऋषिकेश, गंगोत्री-यमुनोत्री, केदारनाथ, बद्रीनाथ, जागेश्वर, पूर्णागिरि जैसे पौराणिक, आध्यात्मिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक केन्द्रों की पवित्र भूमि है, वहीं गंगा, यमुना, अलकनंदा सहित कई महान नदियों का उद्गम स्थल भी है। हमारा राज्य योग, आयुर्वेद, ध्यान का एक वैश्विक केंद्र होने के साथ-साथ प्राचीन भारतीय सभ्यता का प्रतीक भी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष के जी-20 की थीम एक पृथ्वी एक परिवार और एक भविष्य है, जो मूल रूप से भारतीय संस्कृति द्वारा विश्व को दिए गए सिद्धांत “वसुधैव कुटुंबकम“ पर आधारित है, जिसका अर्थ है “समस्त विश्व एक परिवार है“. मुख्यमंत्री ने कहा कि जी-20 की यह विशेष इन्फ्रास्ट्रक्चर वर्किंग ग्रुप की बैठक, हमारी सनातन संस्कृति की इसी मूल अवधारणा को पुष्पित व पल्लवित करने में सहायक सिद्ध होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड को प्राकृतिक आपदाओं से वर्षभर सामना करना पड़ता है इसलिए यहां का आधारभूत ढांचा इस तरह बनना चाहिए जो आपदाओं के समय भी आम आदमी के काम आ सके। आप सभी को ज्ञात है कि जिस प्रकार जापान में भूकंप आना एक आम बात थी, परन्तु जापानी लोगों ने भूकंपरोधी भवन बनाने की ऐसी तकनीक का विकास किया जो आपदा के समय में भी जापान के लोगों को व उनके मकानों को सुरक्षित रखती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत बुनियादी ढांचे के विकास पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। हमने 150 मिलियन से अधिक लोगों को आश्रय प्रदान करने के लिए लगभग 40 मिलियन घर दिए हैं, जो ऑस्ट्रेलिया की जनसंख्या का लगभग 6 गुना है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह बैठक जहां एक ओर विश्व के आधारभूत ढांचे के विकास के लिए क्या-क्या किया जा सकता है, उस पर विचार करेगी, वहीं दूसरी ओर पहाड़ी राज्यों की विशिष्ट स्थितियों का आंकलन कर एक विस्तृत रूपरेखा तय करने में भी समर्थ होगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने हमारे छोटे से राज्य को जी-20 की तीन बैठकों का आयोजन करने का अवसर प्रदान किया। इस महत्त्वपूर्ण दायित्व को निभाते हुए हम स्वयं को गौरवांवित अनुभव कर रहे है क्योंकि यह सभी उत्तराखंडवासियों के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। हमारी परम्परा में निहित “अतिथि देवो भवः“ का संदेश हमें अतिथियों की सेवा करने के लिए सदैव तत्पर रखता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जी-20 इंफ्रास्ट्रक्चर वर्किंग ग्रुप द्वारा नरेन्द्रनगर ऋषिकेश में किए गए मंथन से जो अमृत निकलेगा वो पॉलिसी और इंप्लीमेंटेशन के बीच के गैप को कम करने में भी सहायक सिद्ध होगा। हमारे देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में आज जिस प्रकार भारत प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है। उसी प्रकार उनकी अध्यक्षता में जी-20 समूह भी अपने महान उद्देश्यों और लक्ष्यों को प्राप्त करने में सफल होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में आयोजित जी-20 सम्मेलन की इस बैठक में जो अनुभव तथा विचार साझा किए जा रहे हैं, वे समस्त वैश्विक मानवता के कल्याण, विकास और समृद्धि के मार्ग को प्रशस्त करेंगे तथा “वसुधैव कुटुंबकम“ की भावना को और अधिक मजबूत करेंगे तथा आप सभी को यहां की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिचित होने का भी अवसर प्रदान करने में सहायक होगा।

मुख्यमंत्री ने जी-20 की इस तीसरी बैठक में आये सम्मानित प्रतिनिधियों का सवा करोड़ उत्तराखंडी जनता की ओर से स्वागत और अभिनंदन करते हुए कहा कि आप सभी यहां से यादगार अनुभव अपने साथ लेकर जाएंगे। साथ ही बैठक के दौरान आप सभी को प्रकृति की गोद में बसे उत्तराखण्ड के सुरम्य स्थलों के दर्शन तथा उत्तराखण्डी व्यंजनो का भरपूर आनंद लेने का भी अवसर मिलेगा।

इस अवसर पर राज्यपाल ले जन (से नि )गुरमीत सिँह, सांसद नरेश बंसल, माला राज्य लक्ष्मी शाह, विधायक विनोद कंडारी तथा प्रशासन के उच्च अधिकारी व अन्य गणमान्य मौजूद रहे।

आपातकाल में राज्य के लोकतंत्र सेनानियों का भी रहा अहम रोलः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखण्ड के लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों के आश्रितों को भी सम्मान पेंशन/निधि दी जायेगी, इसके लिये शासनादेश जारी किया जा चुका है। लोकतंत्र सेनानियों का मानदेय 16 हजार से बढ़ाकर 20 हजार रूपये किया गया है। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान उत्तराखण्ड के लोकतंत्र सेनानियों के योगदान की सभी को जानकारी हो सके, इसके लिए व्यवस्था बनाई जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों द्वारा जो भी मांग पत्र दिया है, उन पर पूरी गम्भीरता से कार्य किये जायेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि आज उन्हें राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान भारत के लोकतंत्र की रक्षा करने वाले लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित करने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान लोकतंत्र सेनानियों द्वारा किये गए त्याग और बलिदान को देश कभी नहीं भूल सकता। जब आपातकाल लगाया गया तो उसका विरोध सिर्फ राजनैतिक लोगों तक सीमित नहीं रहा बल्कि उस समय जन-जन के मन में आक्रोश था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सामान्य जीवन में लोकतंत्र का क्या वजूद है, वह तब पता चलता है जब कोई लोकतांत्रिक अधिकारों को छीन लेता है। आपातकाल में देश के सभी लोगों को लगने लगा था कि उनका सब कुछ छीन लिया गया है। इसके लिए लखनऊ विवि, बीएचयू और इलाहाबाद विवि सहित अन्य विश्वविद्यालयों के छात्रों का संयुक्त संघर्ष मोर्चा बना, जिसे लोकनायक जयप्रकाश नारायण सहित उस समय के बड़े नेताओं नानाजी देशमुख, अटल बिहारी बाजपेई ने अपना समर्थन दिया। उस संघर्ष का ही परिणाम था कि देश में लोकतंत्र की पुनर्स्थापना हुई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश ने संपूर्ण विश्व में अपनी क्षमता को साबित कर दिखाया है। आज उनके कुशल नेतृत्व प्रत्येक भारतीय को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है, चाहे वह दलित हो, महिला हो, किसान हो, दिव्यांग हो या फिर युवा हो। देश में हर वर्ग को सशक्त बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने सभी लोकतंत्र सेनानियों के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना करते हुए कहा कि प्रदेश का मुख्य सेवक होने के नाते वे हमेशा लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए इसी प्रकार निरंतर कार्य करते रहेंगे। उन्होंने आशा व्यक्त की कि लोकतंत्र सेनानियों का मार्गदर्शन और आशीर्वाद उन्हें इसी प्रकार मिलता रहेगा।
पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि हमारे लोकतंत्र सेनानियों द्वारा लोकतंत्र की रक्षा के लिए किये गये प्रयासों की आने वाली पीढ़ियों को जानकारी होनी चाहिए, इसके लिए उस समय इनके द्वारा लोकतंत्र की रक्षा के लिए किये गये प्रयासों को जन-जन तक पहुंचाना होगा। इसके लिए जनपद स्तर पर भी कार्यक्रम होने चाहिए। उन्होंने आशा व्यक्त की कि हमारे ये लोकतंत्र सेनानी इसी भावना से आगे भी कार्य करते रहेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी में यह अच्छी बात है कि वे बुजुर्गों का आदर एवं सम्मान करते हैं और प्रदेश के विकास के लिए,उनके लंबे कार्यकाल के बुजुर्गों का आशीर्वाद उनके साथ है।लोकतंत्र सेनानियों का आशीर्वाद उनके साथ है।
इस अवसर पर उत्तराखण्ड के लोकतंत्र सेनानियों ने आपातकाल के दौरान के अपने अनुभवों को भी साझा किया,तथा मुख्यमंत्री का आभार भी व्यक्त किया।
इस अवसर पर उत्तराखण्ड लोकतंत्र सेनानी संगठन के अध्यक्ष के. के. अग्रवाल, महामंत्री गिरीश काण्डपाल, रणजीत सिंह ज्याला, विजय कुमार महर, योगराज पासी, प्रेम बड़ाकोटी, हयात सिंह मेहरा एवं अन्य लोकतंत्र सेनानी उपस्थित थे।

आपातकाल के दौरान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कुचला गयाः अग्रवाल

क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने आपातकाल की 48वीं वर्षगांठ पर अपना बयान जारी कर कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी के शासन के दौरान 1975 में लगा आपातकाल काले अध्याय से कम नहीं था। इस दौरान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कुचला गया। आपातकाल के दौरान पूरे देश में लोकतांत्रित तरीके से आंदोलन हुए।

डा. अग्रवाल ने कहा कि इस वक्त सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग भी किया गया। कहा कि जेल में आपातकाल के दौरान पकड़े गए लोगों को सामान्य कैदी की तरह ही रखा जाता था। उन्हें कीड़े लगे चावल और पानी वाली दाल मिलती थी।

डा. अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस ने उस समय अपनी सत्ता बचाने और राजनीति स्वार्थ पूरा करने के लिए लोकतंत्र की हत्या देश में आपातकाल लगाकर की थी। कहा कि आपातकाल की नींव 12 जून 1975 को ही रख दी गई थी। इस दिन इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को रायबरेली के चुनाव अभियान में सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करने का दोषी पाया था और उनके चुनाव को खारिज कर दिया था। इतना ही नहीं, इंदिरा पर छह साल तक चुनाव लड़ने पर और किसी भी तरह के पद संभालने पर रोक भी लगा दी गई थी। जब 25 जून 1975 की आधी रात इमरजेंसी लागू की गई थी जनता के सारे अधिकार छिन गए थे।

डा. अग्रवाल ने बताया कि आपातकाल में जयप्रकाश नारायण की अगुवाई में पूरा विपक्ष एकजुट हो गया और देशभर में इंदिरा के खिलाफ आंदोलन शुरू हुआ। सरकारी मशीनरी विपक्ष के आंदोलन को कुचलने में लग गई थी। आंदोलनकारियों को जेल में डाला जाने लगा। 21 मार्च 1977 तक देश आपातकाल में पिसता रहा।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा हेतु देश की जनता एवं युवाओं ने अद्भुत जोश व उमंग से कहा था कि सिंहासन खाली करो जनता आ रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष, त्याग एवं बलिदान एवं सतत् रूप से आपातकाल के खिलाफ लम्बे संघर्ष के परिणाम स्वरूप आज देश विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में स्थापित हुआ है।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि जिस लोकतंत्र को लोकतंत्र सेनानियों ने स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, आज उस लोकतंत्र में कानून अपना काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि देश में लोकतंत्र सेनानियों के सपनो का लोकतंत्र स्थापित है।