ट्रेफिक डायवर्ट होने से व्यापार हो रहा चौपट, शीघ्र बदला जाएः ललित मोहन मिश्र

ऋषिकेश की ट्रेफिक को डायवर्ट करने से व्यापारियों को व्यापार में नुकसान हो रहा है, अब आलम यह है कि डायवर्ट रूट को ऋषिकेश में लाने की मांग उठने लगी है। नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के अध्यक्ष ललित मोहन मिश्र ने प्रशासन की ट्रेफिक व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए इसे तुरंत बदलने की मांग की है।

ललित मोहन मिश्र ने कहा कि प्रशासन द्वारा नेपाली फार्म तिराहे से ट्रेफिक को छिद्दरवाला की तरफ मोड़ना गलत निर्णय है। उन्होंने कहा कि इससे ऋषिकेश का व्यापार चौपट हो रहा है। उन्होंने कहा कि पर्यटक, तीर्थयात्रियों के ऋषिकेश न आने से व्यापारियों के समक्ष आर्थिक समस्या पैदा हो रही है।
ललित मोहन मिश्र ने इस सीजन में सड़क निर्माण पर आश्चर्य जताते हुए कहा कि प्रशासन स्वय ऐसे कार्य करता है जिससे जाम लगे और अपनी विफलता को छुपाने के लिये व्यापारियों के पेट पर लात मारता है।

उन्होंने कहा कि श्यामपुर तिराहे पर ऋषिकेश का साइन बोर्ड बाईपास की तरफ लगा है प्रशासन खुद टूरिस्ट को भ्रमित कर रहा है। उन्होंने समस्या को शीघ्र ठीक न करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

चेक बाउंस मामले में तीन माह की सजा और 3 लाख रुपए जुर्माना

चेक बाउंस मामले में न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट ऋषिकेश नंदिता काला की अदालत ने आरोपी कुंदन लाल को तीन माह के कारावास तथा तीन लाख रुपए का जुर्माना की सजा सुनाई है।

अधिवक्ता शुभम राठी ने बताया कि वीरपुरखुर्द निवासी प्रकाश बोरा की जान पहचान एम्स अस्पताल ऋषिकेश में कार्यरत मूल रूप से सेमवाल गांव, थाना सत्यो, जिला टिहरी गढ़वाल निवासी कुंदन लाल से थी। कुंदन लाल ने मई 2016 में प्रकाश बोरा से 2 लाख रुपए पांच महीने के लिए उधार लिए थे और पांच महीने बाद पैसे लौटाने के एवज में एक 2 लाख रुपए का चेक परिवादी को दिया जो की बैंक में लगाने पर बाउंस हो गया। जब परिवादी ने कुंदन लाल से अपनी रकम का तकाजा किया तो कुंदन ने सिर्फ 15 हजार नकद लोटाए तथा शेष 1,85,000 का फिर से कुछ दिन बाद का एक चेक परिवादी को दिया। वह चेक भी बैंक में लगाने पर बाउंस हो गया। उसके पश्चात कुंदन लाल ने परिवादी को पैसा लौटाने से साफ इंकार कर दिया।

परिवादी द्वारा अधिवक्ता शुभम राठी के माध्यम से कोर्ट में केस दर्ज किया। छह साल चले इस मामले में कोर्ट ने कुंदन लाल को दोषी पाया और उसे तीन माह के कारावास से दंडित किया साथ ही कुंदन लाल पर तीन लाख रुपए जुर्माना भी लगाया गया, जो की उसके द्वारा परिवादी को अदा किया जाएगा।

गुरूद्वारा परिसर से राज्यपाल और सीएम ने किया हेमकुंड साहिब के प्रथम जत्थे को रवाना

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हेमकुंड साहिब गुरुद्वारा परिसर ऋषिकेश से श्री हेमकुंड साहिब यात्रा के प्रथम जत्थे को रवाना किया। राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने गुरुद्वारा में मत्था टेका एवं प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने हेमकुंड यात्रा पर जाने वाले सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दी।
राज्यपाल ने कहा कि आज श्री हेमकुंड साहिब जी की यात्रा के शुभारंभ का यह बहुत ही शुभ दिन है, पंज प्यारों के नेतृत्व में पहला जत्था श्री हेमकुंड साहिब की यात्रा के लिए रवाना हो रहा है और मैं इस पवित्र अवसर पर सभी श्रद्धालुओं को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देता हूँ। उन्होंने कहा कि यह यात्रा हम सबके लिए श्रद्धा, भक्ति और विश्वास की यात्रा है, जीवन को धन्य बनाने की यात्रा है।
राज्यपाल ने कहा कि आप सभी श्रद्धालुओं को भी हिमालय की सात चोटियों के बीच, अमृत सरोवर की लहरों के बीच, पवित्र श्री निशान साहिब की लहराती दिव्य ध्वजा के साथ श्री हेमकुंड साहिब जी के पवित्र दर्शन प्राप्त कर जीवन को धन्य बनाने का यह अवसर प्राप्त हुआ है।
राज्यपाल ने सिख गुरुओं को याद करते हुए कहा कि युद्ध कला, युद्ध रणनीति, ‘निश्चय कर अपनी जीत करौ’ विजय हासिल करने की शिक्षा, निंदा, चुगली से दूर रहने की शिक्षा, जरूरतमंद की सेवा करने की शिक्षा, बचत करने की शिक्षा, शस्त्र विद्या, घुड़सवारी करने की शिक्षा, नशे से दूर रहने की शिक्षा हमें गुरूओं ने दी है। उन्होंने कहा कि स्वाभिमान, साहस, बलिदान, परिश्रम और सेवा के मार्ग पर चलकर ‘सवा लाख ते एक लड़ावां’ का संदेश अदम्य साहस की शिक्षाओं का सार है।
वहां उपस्थित देश-विदेश से आए हुए श्रद्धालुओं से राज्यपाल ने कहा कि यह उत्तराखण्ड की धरती गुरु परम्परा की समृद्ध धरती है। उन्होंने कहा कि श्री हेमकुंड यात्रा में आने वाला हर यात्री हमारा ब्रांड एंबेसडर है, हमारा प्रयास है कि यहां से हर एक साध संगत संतुष्ट होकर जाए, हमारे लिए ये बहुत ही खुशी की बात है कि श्री हेमकुंड साहिब यात्रा के लिए दो हजार से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं।
इस अवसर पर राज्यपाल ने श्री हेमकुंड साहिब गुरुद्वारा की खोज करने वाले महान आत्माओं को भी याद कर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की एवं राज्य सरकार द्वारा यात्रा हेतु एवं यात्रा मार्ग पर हो रहे कार्य, व्यवस्थाओं एवं हेल्थ एटीएम को लेकर खुशी जाहिर की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा हेमकुंड साहिब की यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि यात्रा पर जाने से पहले अपने स्वास्थ्य परीक्षण जरूर करवाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की चारधाम यात्रा भी चरम पर है। पिछले साल 50 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने चारधाम यात्रा के दर्शन किए। इस वर्ष चारधाम यात्रा के लिए इससे भी अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि देवभूमि उत्तराखण्ड आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार से परेशानी न हो, इसके लिए हर संभव व्यवस्थाएं की गई हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्री केदारनाथ एवं श्री हेमकुंड साहिब के लिए रोपवे का शिलान्यास करने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन दोनों रोपवे के बन जाने से यात्रा सहज एवं सुगम होगी। कर्णप्रयाग-ऋषिकेश रेल लाइन शुरू होने के बाद हेमकुंड साहिब की यात्रा और सुगम होगी।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, प्रेम चंद अग्रवाल, सुबोध उनियाल, सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल एवं गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा उपस्थित थे।

ट्रांजिट कैंप का लोकार्पण कर मुख्यमंत्री ने किया निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकेश में लगभग 22.25 करोड़ रूपये की लागत से चारधाम यात्रियों के लिए बने रजिस्ट्रेशन ऑफिस कम ट्रांजिट कैम्प का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने ऋषिकेश क्षेत्र में चन्द्रभागा नदी के दायें तट पर ढ़ालवाला पुल से बस अड्डा तक लगभग 4.71 करोड़ रूपये से निर्मित आस्था पथ के ऊपर सी.सी. मार्ग के निर्माण कार्य का लोकार्पण भी किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रियों के लिए रजिस्ट्रेशन ऑफिस कम ट्रांजिट कैम्प के लोकार्पण के अवसर पर चारधाम यात्रियों की सुविधा के दृष्टिगत किये जा रहे सभी कार्यों का निरीक्षण भी किया। इस अवसर पर उन्होंने ट्रांजिट कैम्प में चिकित्सालय, पंजीकरण कार्यालय, पूछताछ एवं सहायता केन्द्र का अवलोकन भी किया और वहां की सभी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि यात्रियों की सुविधा के दृष्टिगत सभी व्यवस्थाएं अच्छी रखी जाए। यात्रियों के साथ शालीनता पूर्वक व्यवहार किया जाए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर विभिन्न राज्यों से चारधाम यात्रा के लिए आए श्रद्धालुओं से बातचीत की। उन्होंने सभी का देवभूमि उत्तराखण्ड में स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा के लिए राज्य सरकार द्वारा श्रद्धालुओं को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयास किये गये हैं। उन्होंने चारधाम यात्रा पर जाने वाले सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दी।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, डा. प्रेम चंद अग्रवाल, सासंद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, मेयर ऋषिकेश, गढ़वाल आयुक्त सुशील कुमार, आईजी गढ़वाल के. एस. नगन्याल एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

श्री अन्न महोत्सव कार्यक्रम का मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सर्वे स्टेडियम, हाथीबड़कला में श्री अन्न महोत्सव 2023 का शुभारंभ किया। चार दिन तक चलने वाले इस श्री अन्न महोत्सव में प्रदेशभर से हजारों किसान प्रतिभाग कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर मिलेट्स पर आधारित विभिन्न स्टालों का निरीक्षण किया एवं कृषि विभाग उत्तराखण्ड की पौष्टिक फसलों पर आधारित पुस्तक ‘‘स्वाद के साथ स्वास्थ्य’’ का विमोचन किया।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि आज का यह आयोजन ‘श्री अन्न’ को बढ़ावा देने में मील का पत्थर साबित होगा। इस तरह के आयोजनों से न केवल मोटे अनाज की खेती को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि इससे किसानों को भी मोटे अनाजों से संबंधित आवश्यक जानकारियां प्राप्त होंगी। देश में वर्ष 2023 को ’’मिलेट्स ईयर’’ के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन व दूरदर्शिता के कारण ही आज समस्त विश्व हमारे देश की परम्परागत फसलों के महत्व को समझ रहा है। भारत के प्रस्ताव पर ही ’’संयुक्त राष्ट्र संघ’’ ने 2023 को अंतर्राष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष घोषित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ’’श्री अन्न’’ केवल खेती या खाने तक सीमित नहीं हैं, जहां ’’श्री’’ होता है वहां समृद्धि भी होती है, समग्रता होती है और विजय होती है। इसलिए प्रधानमंत्री ने मिलेट्स को ’’श्री अन्न’’ की संज्ञा दी है।’’श्री अन्न’’ भारत में समग्र विकास का माध्यम बन रहा है इसमें गांव और गरीब जुड़ा है और अब देश का प्रत्येक नागरिक भी इससे जुड़ रहा है। श्री अन्न फसलों में पौषणीय तत्व के साथ-साथ औषधीय गुण भी पाये जाते है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्र में मिलेट की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए सरकारी योजनाओं के माध्यम से किसानों को प्रोत्साहित करने और रोजगार उपलब्ध कराने का कार्य कर रही है। राज्य के पर्वतीय जिलों के कृषकों से मंडवा, झिंगोरा, चौलाई जैसे मोटे अनाजों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कर रही है साथ ही किसानों को इसका ऑनलाइन भुगतान भी किया जा रहा है। इससे न सिर्फ किसानों की आय में बढ़ोतरी हो रही है बल्कि मिलेट उत्पादों के उत्पादन हेतु किसान प्रोत्साहित भी हो रहे है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सरकार द्वारा मिलेट फसलों को प्रोत्साहन तथा आम जनमानस के भोजन में सम्मिलित करने हेतु लगभग 73 करोड़ रुपए की धनराशि स्टेट मिलेट मिशन को दी गई है। जैविक कृषि के साथ-साथ राष्ट्रीय प्राकृतिक कृषि मिशन योजना का क्रियान्वयन प्रदेश के 11 जनपदों में इस वर्ष से आरम्भ किया जा रहा है। इसके लिए भारत सरकार द्वारा 6400 हेक्टेयर भूमि पर लगभग 796 लाख के कृषि मिशन कार्यक्रम के संचालन की स्वीकृति भी प्रदान कर दी गई है। राज्य में ’’मुख्यमंत्री प्राकृतिक कृषि योजना’’ तथा नमामि गंगे प्राकृतिक कृषि कॉरिडोर योजना“ द्वारा प्रदेश के अधिक से अधिक कृषि क्षेत्र को प्राकृतिक कृषि के अन्तर्गत आच्छादित करने का लक्ष्य रखा गया है। प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन किये जाने हेतु नियमित अनुश्रवण एवं नियोजन के लिए “राज्य प्राकृतिक कृषि बोर्ड“ का गठन किया जाना भी प्रस्तावित है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की है कि लोक पर्वों एवं त्योहारों में श्री अन्न को अवश्य शामिल करें।

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड में प्राचीन काल से ही श्री अन्न की खेती होती थी। देवभूमि उत्तराखण्ड मोटे अनाजों की राजधानी रही है। राज्य में किसानों से मंडुवे को एमएसपी पर लेने एवं इसके लिए महिला स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को जो इन्सेन्टिव देने की व्यवस्था की गई यह सराहनीय प्रयास है। उन्होंने कहा कि आज दुनिया श्री अन्न के महत्व को समझ रही है। उत्तर प्रदेश में भी पौष्टिक आहारों को तेजी से प्रमोट किया जा रहा है।

प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य में मिलेट्स के क्षेत्र में लगातार कार्य हो रहे हैं। राज्य में अनाजों की उपज बढ़ रही है। किसानों को मोटे अनाजों के उत्पादन कर अच्छा मूल्य मिले इसके लिए राज्य में मंडुवे की एमएसपी 35 रूपये 78 पैसे रखी गई है। किसानों से एमएसपी पर मंडुआ लेने पर महिला स्वयं सहायता समूहों को प्रति किलो मंडुवे पर 1.50 रुपये इन्सेंटिव की व्यवस्था की गई है। 2025 तक राज्य के सवा लाख बहनों को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है। जैविक खेती के क्षेत्र में भी राज्य में अच्छा कार्य हो रहा है। इसके लिए उत्त्राखण्ड को लगातार दो साल प्रथम पुरस्कार मिला है। ऐरोमा के क्षेत्र में भी राज्य में तेजी से कार्य हो रहे हैं। एप्पल मिशन मिशन में 35 करोड़ एवं कीवी मिशन में 20 करोड़ रूपये का प्राविधान किया गया है। 2025 तक मिलेट्स एवं हॉर्टिकल्चर के क्षेत्र में उत्पादन को दुगुना करने का लक्ष्य रखा गया है।

इस अवसर पर विधायक सविता कपूर, बृजभूषण गैरोला, सुरेश गड़िया, किसान आयोग के अध्यक्ष राकेश राजपूत, किसान मोर्चा के अध्यक्ष जोगेन्द्र सिंह पुण्डीर, भाजपा के जिलाध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल, सचिव कृषि बी.वी.आर.सी पुरूषोत्तम, निदेशक कृषि गौरी शंकर एवं प्रदेश भर से आये कृषक मौजूद थे।

मुख्यमंत्री का लोकतंत्र सेनानियों के परिजनों ने जताया आभार

लोकतंत्र सेनानी आश्रित संघ उत्तराखंड ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार जताया है। लोकतंत्र सेनानियों की विधवा पत्नी एवं विधुर पति को भी लोकतंत्र सेनानी सम्मान पेंशन दिए जाने के आदेश पर खुशी जताई।

संयोजक दयाशंकर पांडेय ने सीएम धामी को लिखे पत्र में कहा कि लोकतंत्र सेनानी आश्रित संघ पिछले छह साल से उत्तराखंड में अपनी मांग को लेकर प्रयासरत था। जीवित लोकतंत्र सेनानियों को 2018 से सम्मान पेंशन का लाभ मिल रहा था, लेकिन दिवंगत लोकतंत्र सेनानियों के आश्रितों को लाभ नहीं मिल रहा था। उन्होंने कहा कि संगठन की ओर से मुख्यमंत्री के समक्ष मामला लाया गया। इसमें बताया गया कि जीवित लोकतंत्र सेनानियों की संख्या कम रह गई है।

ऐसे में सभी लोकतंत्र सेनानियों के परिवारों को पेंशन नहीं मिल पा रही है। इस पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सकारात्मक निर्णय लेने का आश्वासन दिया था। राज्य में भाजपा सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने पर उन्होंने इसकी घोषणा की। बेहद कम समय में ही घोषणा को मूर्त रूप देते हुए शासनादेश जारी हो गया है। आपातकाल का दंश झेल चुके इन परिवारों ने बेहद कठिन समय में लोकतंत्र को जिंदा रखने में अपना योगदान दिया है। उम्मीद है कि प्रदेश में सभी लोकतंत्र सेनानी जो पूर्व में इससे वंचित रह गये थे, अब लाभ उठा सकेंगे। पांडे ने कहा कि सीएम धामी ने संघ और भाजपा के नींव के पत्थरों को सम्मान देकर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी की घोषणा का मान बढ़ाया है।

सीएम से मिले श्री हेमकुंट साहिब के अध्यक्ष, पहला जत्था रवाना करने का किया अनुरोध

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से गुरुद्वारा श्री हेमकुण्ट साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा ने भेंट की। उन्होंने इस वर्ष आरम्भ हो रही श्री हेमकुण्ट साहिब यात्रा के पहले जत्थे को रवाना करने का अनुरोध किया। यात्रा का पहला जत्थ 17 मई 2023 को ऋषिकेश से रवाना होगा। उन्होंने कहा कि श्री हेमकुण्ट साहिब के कपाट 20 मई को खुलेंगे। मुख्यमंत्री ने सभी को हेमकुण्ट साहिब की सुखद यात्रा की शुभकानायें देते हुए कहा कि हेमकुण्ट यात्रा के लिये यात्रा मार्ग पर सभी आवश्यक व्यवस्थायें की गई हैं।

अध्यक्ष गुरुद्वारा श्री हेमकुन्ट साहिब नरेंद्रजीत सिंह ने हेमकुण्ट यात्रियों की सुविधा के लिये राज्य सरकार द्वारा की गई व्यवस्थाओं के प्रति मुख्यमंत्री का आभार जताया। उन्होंने यात्रा मार्ग श्री हेमकुण्ट साहिब गोबिन्द धाम, गोबिन्द घाट व अन्य स्थानों पर सरकार द्वारा किए गए अवस्थापना विकास कार्यों की जानकारी भी मुख्यमंत्री को दी। उन्होंने बताया कि गुरुद्वारा श्री हेमकुण्ट साहिब में पिछले वर्ष हेलीपेड का निर्माण किया गया है जो वर्ष 2023 में पूर्ण किया जाएगा। गोबिन्द धाम से श्री हेमकुण्ट साहिब 6 किमी० के मार्ग पर रेलिंग का निर्माण किया गया जिन जगहों पर मोड़ की चौड़ाई कम थी उनका सुधारीकरण किया गया है। यत्रा हेतु 500 मीटर का एक अलग मार्ग का कार्य भी तेजी से चल रहा है। गोबिन्द धाम में घोड़ा पड़ाव का कार्य भी शुरू हो चुका है। स्वच्छता एवं स्वास्थ्य सुविधाओं का विकास किया गया है। गांव पुलना जहां से पैदल यात्रा शुरू होती है. 10 किमी0 के ट्रैक पर म्यून्डार गांव में 165 मीटर लंबा पुल बनकर तैयार हो चुका है व दोनों तरफ की एपरोच रोड़ भी तैयार कर दी गई है। पुलना से गोबिन्द धाम तक के ट्रैक पर 10 रेन शेल्टर शेड बैंच लगाकर यात्रियों के बैठने के लिए तैयार किए गए हैं।

गोबिन्द घाट से 5 किमी0 तक का पुलना सड़क मार्ग तैयार किया गया है। पुलना गांव में टैक्सी चालकों के लिए दो अलग-अलग पार्किंग का निर्माण किया गया है। गोबिन्द घाट गुरूद्वारा से गांव पांडुकेश्वर की ओर नदी से सुरक्षा के लिए दीवार का कार्य भी तेजी से चल रहा है। यात्रियों की गाड़ियों के लिए जिला प्रशासन द्वारा गोविन्द घाट में एक अस्थायी पार्किंग का निर्माण भी इस वर्ष किया गया है। गोबिन्द घाट गुरूद्वारा हॉस्पिटल में भी एक एक्स-रे मशीन व मोबाईल पैथोलॉजी लैब सरकार द्वारा लगाई गई है। यात्रियों के लिए शुद्ध पीने के पानी के लिए एक आर.ओ. की व्यवस्था भी की गई है। गोबिन्द घाट बस स्टैंड से गुरुद्वारा जाने के लिए जो पुराना मार्ग था उसके सुधारीकरण का कार्य भी तेजी से चल रहा है।

मुख्यमंत्री की निष्पक्ष जांच के आदेश के बाद भी कांग्रेस कर रही नौटंकी-महेन्द्र भट्ट

ऋषिकेश मे मंत्री के स्टाफ और एक युवक के बीच हुए विवाद के बाद कांग्रेस द्वारा विरोध प्रदर्शन को भाजपा ने अवसरवादी राजनीति करार दिया है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि मामले मे तस्वीर शीशे की तरह साफ है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना के तत्काल बाद मामले का संज्ञान लेकर पुलिस को निष्पक्ष जांच करने के आदेश दिये। हालांकि मामले मे पुलिस ने दोनों ही पक्षों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया है लेकिन कांग्रेस को विरोध की राजनीति कर अपनी उपस्थिति दर्ज करानी है।
भट्ट ने कहा कि किसी के साथ अन्याय न हो यह भाजपा की जीरो टॉलरेंस की नीति का हिस्सा है। इससे पहले भर्ती से संबंधित घपलों मे भाजपा ने नैतिक साहस का परिचय दिया और आज युवाओं का रोजगार सुरक्षित हो गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कार्यकाल मे तमाम घपले और घोटालों से लेकर वीआईपी या वीवीआईपी क्राइम की पड़ताल तो दूर रिपोर्ट की हिम्मत तक कोई नही कर सकता था। ऐसे उदाहरण भरे पड़े है, लेकिन भाजपा के काल मे वीआईपी कल्चर समाप्त होकर आम जन का राज स्थापित है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इस तरह के भ्रम से बाहर आने की जरूरत है, क्योकि जनता सीएम द्वारा अब तक की गयी निष्पक्ष कार्यवाही के निर्णय को देख चुकी है और वह इस तरह की राजनैतिक नौटंकी को बर्दाश्त करने के मूड मे नही है। कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन फ्लॉप शो ही साबित हुआ है।

सड़क पर युवक ने मंत्री से की हाथापाई, कपड़े भी फाड़े

क्षेत्रीय विधायक व कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल पर जानलेवा हमला किया गया, इस पर डॉ अग्रवाल के कपड़े को फाड़ा गया। यही नहीं मंत्री के सुरक्षा कर्मी की भी वर्दी फाड़ दी और पिस्टल छीनने की कोशिश की गई।
मंगलवार को ऋषिकेश में मंत्री डॉ अग्रवाल भरत मन्दिर इंटर कॉलेज ऋषिकेश कार्यक्रम पूरा करके से दूसरे कार्यक्रम (परमार्थ निकेतन में सांसद निशंक) के लिए जा रहे थे। तभी हरिद्वार रोड पर जाम के चलते मंत्री डॉ अग्रवाल की गाड़ी रुकी।
इसी बीच मंत्री की गाड़ी के बगल में एक व्यक्ति सुरेंद्र सिंह नेगी ने आकर उनके साथ बदतमीजी कर गाली गलौच की। मंत्री की गाड़ी का शीशा खुला होने के चलते उक्त व्यक्ति ने मंत्री पर आक्रमण करते हुए उनके कुर्ते को पकड़कर फाड़ दिया। तभी मंत्री जी के सुरक्षा कर्मी ने बीच बचाव करने की कोशिश की तो सुरक्षकर्मी की भी वर्दी को फाड़ा गया। साथ सुरक्षाकर्मी की पिस्टल को भी छीनने का प्रयास किया।
मंत्री के साथ अभद्रता करने वाला युवक यही नही रुका। उसने सड़क किनारे पड़े पत्थर को मंत्री को चोटिल करने के उद्देश्य से उठाया। जिस पर मंत्री और सुरक्षकर्मी द्वारा अपना बचाव किया गया।

भगवान परशुराम के जीवन से मिलती है ऊर्जा-मंत्री अग्रवाल

परशुराम जयंती के अवसर पर क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और भगवान परशुराम की प्रतिमा पर पुष्पांजलि कर लोगों को बधाई दी। साथ ही परशुराम जी के विचारों को आत्मसात करने का आवाहन किया। उन्होंने बताया कि साढ़े छह लाख रुपए परशुराम पार्क के सौंदर्यीकरण के लिए स्वीकृत किये हैं।
परशुराम चौक पर आयोजित कार्यक्रम में हवन पूजन कर मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि पुराणों में आठ महापुरुषों का वर्णन है जिन्हें अजर-अमर माना जाता है, उनमें परशुराम जी भी है। उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम विष्णु जी के दशावतारों में से छठवें अवतार है।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि परशुराम जी को उनकी वीरता और पराक्रम के कारण जानते है। उनका शस्त्र एक फरसा था जो की महादेव द्वारा उन्हें वरदान में मिला था। वे त्रेता युग के ऋषि थे, जो की विष्णु भगवान् के अवतार थे। परशुराम जयंती का पर्व ज्यादातर ब्राह्मण और पंडित धर्म के लोगो द्वारा बहुत ही श्रद्धा से मनाया जाता है।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि परशु’ प्रतीक है पराक्रम का और ‘राम’ पर्याय है सत्य सनातन का। उन्होंने कहा कि परशुराम का अर्थ पराक्रम के कारक और सत्य के धारक। बताया कि शास्त्र में ऐसी मान्यता है कि परशुराम भगवान विष्णु के छठे अवतार हैं, पिता जमदग्नि और माता रेणुका ने तो अपने पाँचवें पुत्र का नाम ‘राम’ ही रखा था, लेकिन तपस्या के बल पर भगवान शिव को प्रसन्ना करके उनके दिव्य अस्त्र ‘परशु’ (फरसा या कुठार) प्राप्त करने के कारण वे राम से परशुराम हो गए।
महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने कहा कि परशुराम का जन्म अक्षय तृतीया के दिन हुआ। इसलिए परशुराम की शस्त्रशक्ति भी अक्षय है और शास्त्र संपदा भी अनंत है। विश्वकर्मा के अभिमंत्रित दो दिव्य धनुषों की प्रत्यंचा पर केवल परशुराम ही बाण चढ़ा सकते थे। यह उनकी अक्षय शक्ति का प्रतीक था, यानी शस्त्रशक्ति का।
इस मौके पर मेयर अनिता ममगाई, अध्यक्ष नगर पालिका देवप्रयाग कृष्ण कांत कोठियाल, अध्यक्ष नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मण्डल ललित मोहन मिश्र, अध्यक्ष परशुराम महासभा राकेश शर्मा, महामंत्री महासभा सतीश दुबे, उपाध्यक्ष सन्दीप शास्त्री, पूर्व दर्जाधारी कृष्ण कुमार सिंघल, दिनेश सती, मण्डल अध्यक्ष सुमित पंवार, इंद्र कुमार गोदवानी, जयंत शर्मा, पार्षद शिव कुमार गौतम, डॉ शशि कंडवाल, जयेंद्र रमोला, प्रेम शर्मा, प्रभाकर शर्मा, सुरेंद्र कैंतुरा, ओम प्रकाश शर्मा, दिवाकर चौबे, मण्डल अध्यक्ष महिला मोर्चा माधवी गुप्ता, पूर्व सभासद सीमा रानी, कपिल शर्मा, आशुतोष शर्मा, अभिषेक शर्मा आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन प्यारे लाल जुगलान ने किया।