ऋषिकेश विधानसभा में खेल स्टेडियम होना जरुरी-खरोला

उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश महासचिव राजपाल खरोला ने आज ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत रायवाला में स्व. सजेंद्र चौधरी एवं स्व. शिवा ढौंडियाल की स्मृति में आयोजित क्रिकेट टूर्नामेंट के फाइनल मैच मे बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया और विजेता और उपविजेता टीम को पुरस्कृत किया। इस क्रिकेट टूर्नामेंट में 15 टीमों ने प्रतिभाग किया, जिसमें उत्तम प्रदर्शन दिखाते हुए हरिद्वार की शंकर गोस्वामी की कप्तानी में अन्ना 11 टीम ने जीत हासिल की।
इस अवसर पर खरोला ने खिलाडियों और दर्शको को संबोधित करते हुए कहा कि आज देश के नौजवान व समाज का मोबाइल सहारा बन गया है। लोग खेल से दूर होते जा रहे हैं जबकि शरीर को तंदुरुस्त बनाने के लिए प्रतिदिन कम से कम एक घंटे प्रतिदिन जिम, व्यायाम व कोई भी खेल मैदान में जरूर देना चाहिए। खेल खेलने से शरीर में स्फूर्ति के साथ एकाग्रता आती है।
इस दौरान खरोला ने ऋषिकेश के युवा खिलाडियों को भरोसा दिलाया कि वे खेल और खिलाड़ियों के हित में हर संभव मदद करते रहेंगे। उन्होंने खिलाडियों से अपील की कि वे इस क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल कर देश-प्रदेश का नाम रोशन करने के लिए अन्य युवाओं को भी प्रेरित करते रहे।
खरोला ने कहा यदि हमारी सरकार होती तो निश्चित ही अभी तक ऋषिकेश विधानसभा के अंतर्गत एक खेल स्टेडियम बन चुका होता। उन्होंने कहा कि यदि हमारी सरकार बनी तो सबसे पहले ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र में युवा खिलाड़ियों के लिए एक स्टेडियम का निर्माण कराया जाएगा। खरोला ने सभी खिलाड़ियों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए अनंत शुभकामनाएं और बधाई दी।
इस मौके पर दिव्या बेलवाल (जिला पंचायत सदस्य), अनिल कुमार (प्रतीतनगर प्रधान), सागर गिरी (रायवाला प्रधान), रायवाला थाना अध्यक्ष भुवन चंद पुजारी, संजय धनाई (उप प्रधान खांड गांव), मुकेश भट्ट (अध्यक्ष इकोसमिति आयोजन मंडल), अजय धैनी, जसवीर शर्मा, नवीन, अमित शर्मा, धनपाल खरोला, मानसिंह तोपवाल, हिमांशु, मुकेश रायल, आशीष डंगवाल, गणेश भारद्वाज, राव शदाब, सूरज राय, सूरज राय, हिमांशु, सलमानी, अमित पटवाल, राकेश नेगी, दीपक शाही, साहिल कुमार आदि उपस्थित रहे ।

खो-खो के राष्ट्रीय खिलाड़ी का तीर्थनगरी में सम्मान

खो खो के राष्ट्रीय खिलाड़ी इमरान को उड़ीसा से राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में प्रतिभाग कर लौटने पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य जयेन्द्र रमोला ने माल्यार्पण कर व मिष्ठान खिलाकर स्वागत किया।
इस अवसर पर जयेन्द्र रमोला ने कहा कि आज इमरान ने साबित कर दिया कि प्रतिभा को आगे बढ़ाने से नहीं रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि इमरान ने ग़रीबी में रहकर भी स्वयं व खो-खो के शिक्षक नागेश राजपूत के प्रयासों से अपने को साबित किया है। इसीलिए आज यह युवा छोटे से शहर से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर अपने नाम के झण्डे गाड़ रहा है। रमोला ने कहा कि ऐसे खिलाड़ियों को हम सबको प्रोत्साहित करना चाहिये, ताकि ऐसे खिलाड़ियों का मनोबल बना रहे।
खो-खो खिलाड़ी इमरान ने कहा कि मुझे मेरे परिवार का बड़ा सपोर्ट मिला है और इसमें सबसे बड़ा योगदान मेरे गुरू नागेश राजपूत का है जिनके सहयोग से मुझे आज राष्ट्रीय स्तर पर खेलने का अवसर प्राप्त हुआ।
स्वागत करने वालों में नगर उद्योग व्यापार महासंघ के महामंत्री अखिलेश मित्तल, गौरव यादव, लक्ष्मी कुलियाल, हिमांशु जाटव, आदित्य झा आदि मौजूद थे।

बीपीएड, एमपीएड प्रशिक्षित बेरोजगार संगठन ने 4 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा

बीपीएड, एमपीएड प्रशिक्षित बेरोजगार संगठन का प्रतिनिधिमंडल आज कैंप कार्यालय में विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल से मिला। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने अपने 4 सूत्रीय मांग पत्र में अवगत कराया है कि प्रत्येक प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शारीरिक शिक्षको की नियुक्तियां की जाये।
प्रतिनिधि मंडल मे संगठन की अध्यक्ष उषा चौहान ने कहा है कि बीपीएड, एमपीएड प्रशिक्षित बेरोजगार 2008 से नियुक्ति की मांग कर रहा है परंतु अभी तक उन्हें किसी भी विद्यालय में नियुक्ति नहीं मिली। उन्होंने अपने मांग पत्र में उल्लेख किया है कि प्रत्येक प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शारीरिक शिक्षकों की नियुक्ति की जाए ताकि छात्रों को बाल्यकाल से ही शारीरिक शिक्षा मिल सके।
उन्होंने शारीरिक शिक्षा विषय को कक्षा एक से आठवीं तक अनिवार्य रूप से सम्मिलित करने की मांग की। साथ ही अपने मांग पत्र में कहा है कि उत्तराखंड राज्य के प्रशिक्षित बेरोजगारों को हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर आयु सीमा में 3 वर्ष की छूट दी जाए यानि 42 वर्ष से बढ़ाकर 45 वर्ष की जाए। प्रत्येक उच्च प्राथमिक विद्यालय मे कक्षा 6 से 8 तक शारीरिक शिक्षा के शिक्षकों की नियुक्ति अनिवार्य रूप से की जाए।
इस अवसर पर विस अध्यक्ष अग्रवाल ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा है कि उनकी मांगों पर सहानुभूति पूर्वक एवं नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी तथा उक्त प्रकरण को सरकार के संज्ञान में लाया जाएगा।
इस अवसर पर पार्षद एवं भाजपा की मंडल महामंत्री सुंदरी कंडवाल, शेर सिंह कालूड़ा, कलपेंद्र सिंह चौहान, हरीश कुमार, विनीता देवी, कस्तूरी चौहान, विनय कुमार, रूपेंद्र नेगी आदि सहित कई लोग उपस्थित थे।

दिव्यांग तैराक सत्येंद्र सिंह लोहिया को मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास में तेनजिंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक अवार्ड से सम्मानित मध्य प्रदेश के दिव्यांग तैराक सत्येंद्र सिंह लोहिया ने भेंट की। उन्होंने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि उन्होंने इंग्लिश चैनल पार करने के साथ ही अमेरिका में 42 कि.मी. की कैटलीना चैनल को 11.34 घंटे में पार किया है। अब तक वे 7 नेशनल तथा 3 इंटरनेशनल पैरा स्विमिंग चैम्पियनशिप में प्रतिभाग कर चुके हैं तथा अनेक मेडल प्राप्त कर चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने सत्येंद्र सिंह को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांगता की विषम परिस्थितियों को आपने अपने अदम्य साहस एवं जीवटता के बल पर सफलता की मिसाल कायम कर युवाओं के प्रेरणा स्त्रोत बने हैं। आपने साबित किया है कि मजबूत मानसिक मनोबल के बल पर कोई भी कार्य कठिन नहीं होता है।
तैराक सत्येंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दिव्यांगों को सहयोग और सम्मान मिलने से उनके मन में दिव्यांगता की सोच समाप्त होती है तथा हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने दिव्यांगों के लिये सहयोगी बनने की भी इच्छा जताई।
इस अवसर पर विधायक देशराज कर्णवाल, डॉ. प्रेम सिंह राणा भी उपस्थित थे।

आबू धाबी से पदक जीकर आये जु-जित्सु खिलाड़ियों का सम्मान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में आबू धाबी में आयोजित पांचवी एशियन जु-जित्सु चैंपियनशिप, पदक विजेता उत्तराखंड के जु-जित्सु खिलाड़ियों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने आगामी एशियन इंडोर एंड मार्शल आर्ट गेम्स तथा वर्ल्ड जु-जित्सु चैंपियनशिप के लिए खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों ने पदक तालिका में स्थान पाकर पूरे प्रदेश को गौरवान्वित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों को हर संभव सुविधा मिल सके इसके लिए राज्य में नई खेल नीति बनाई जा रही है।
जु-जित्सु एसोसिएशन ऑफ इंडिया के महासचिव विनय कुमार जोशी ने बताया कि 13 से 16 सितंबर 2021 तक आबू धाबी में आयोजित हुई पांचवी एशियन जु-जित्सु मार्शल आर्ट चौंपियनशिप में भारत से 38 सदस्यों के दल ने देश का प्रतिनिधित्व किया। जिसमें उत्तराखण्ड के छह खिलाडिय़ों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 6 पदक हांसिल किये। जिसमें 2 रजत पदक एवं 4 कांस्य पदक शामिल हैं। इस जु-जित्सु मार्शल आर्ट चौंपियनशिप में भारत ने आठवां स्थान प्राप्त किया। उत्तराखण्ड से शिवानी गुप्ता, नव्या पाण्डे, मंदीप कौर एवं मुकेश कुमार ने विभिन्न भार वर्गों में पदक हासिल किये। सभी विजेता खिलाड़ियों ने वर्ष 2021 में ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया के नेतृत्व में थाईलैंड चोंगबुरी में आयोजित होने वाली एशियन इंडोर एंड मार्शल आर्ट्स गेम्स 2022 के लिए अपना स्थान पक्का किया।
इस अवसर पर खेल निदेशक जी.एस. रावत, संयुक्त निदेशक खेल धर्मेंद्र भट्ट, जिला जु-जित्सू एसोसिएशन ऑफ़ उधम सिंह नगर के अध्यक्ष भारत भूषण, महासचिव ऋषि पाल भारती एवं एशियन जु-जित्सु चौंपियनशिप में प्रतिभाग करने वाले उत्तराखण्ड के खिलाड़ी मौजूद थे।

अब खिलाड़ियों को भी परिवहन निगम की बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर परेड ग्राउण्ड स्थित बहुउद्देशीय क्रीडा हॉल में महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कालेज देहरादुन के उदीयमान खिलाड़ियों, टेबल टेनिस एवं बेडमिंटन प्रतियोगिता के विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य में खेलों के प्रति अधिक से अधिक युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिये अनेक घोषणायें भी की। मुख्यमंत्री ने स्वयं भी बेटमिंटन खेल कर प्रतियोगिता की शुरूआत की।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 8 वर्ष से 14 वर्ष तक की आयु के 50-50 बालक बालिकाओं को उनकी खेल प्रतिभा के अनुसार चिन्हित कर उन्हें प्रति वर्ष मुख्यमंत्री खिलाड़ी उन्नयन छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। खिलाड़ियों का दैनिक भत्ता बढ़ाकर रू0 225/- किया जायेगा। महिला खिलाड़ियों के खेल कौशल विकास हेतु जनपद उधमसिंह नगर में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित किया जाएगा। नेशनल गेम्स में प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों को उत्तराखंड राज्य परिवहन निगम की बसों में निशुल्क यात्रा सुविधा प्रदान की जाएगी। महाविद्यालयों, व्यवसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु 5 प्रतिशत का उत्कृष्ट खिलाड़ी खेल कोटा प्रदान किया जाएगा। नेशनल गेम्स के पदक विजेताओं को भी एशियन/कामनवेल्थ/वर्ल्ड/ओलंपिक पदक विजेताओं की भाँति सरकारी सेवा प्रदान की जाएगी। खिलाड़ियों के प्रदर्शन में उत्कृष्टता लाने हेतु, वैज्ञानिक एवं मनोवैज्ञानिक तकनीक को सुनिश्चित करने हेतु ’खेल विज्ञान केंद्र’ की स्थापना राज्य खेल विकास संस्थान में की जायेगी। ओलंपिक खेलों में प्रदेश के खिलाड़ियों की प्रतिभागिता सुनिश्चित करने हेतु कोच की व्यवस्था की जाएगी। महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज देहरादून में ’स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी’ बनाए जाने का प्रयास किया जाएगा। नेशनल गेम्स/एशियन/कॉमनवेल्थ/वर्ल्ड/ओलम्पिक में प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों को खेल दुर्घटनाओं/खेल इंजरी एवं अन्य खेल आकस्मिकताओं के दृष्टिगत बीमा/आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। राज्य में खेल सुविधाओं को बढ़ावा देने हेतु निजी क्षेत्र द्वारा स्पोर्ट्स कांपलेक्स, खेल अकादमी, स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना करने के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने हेतु ’मेजर ध्यानचंद निजी क्षेत्र खेल प्रतिभागिता प्रोत्साहन कोष की स्थापना की जाएगी। राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करने हेतु खिलाड़ियों को यात्रा मार्ग व्यय, स्पोर्टस किट्स इत्यादि की सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। टेबल टेनिस के खिलाड़ियों के लिये अलग से हॉल की व्यवस्था की जायेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में खिलाड़ियों के व्यापक हित में बेहतर खेलनीति बनायी जायेगी ताकि हमारे खिलाड़ी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलों में प्रदेश का नाम रोशन कर सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा देश के खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने का सराहनीय कार्य किया गया है। उनके पदचिन्हों पर चल कर हम भी अपने खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। हॉकी खिलाड़ी वंदना कटारिया को 25 लाख की धनराशि प्रदान करने के साथ ही उन्हें बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ मिशन को सफल बनाने के लिये ब्रांड एम्बेसडर बनाया गया है।
मुख्यमंत्री ने उन्होंने खिलाड़ियों का आहवान किया कि उन्हें अपनी मेहनत, मनोयोग एवं संकल्प के साथ मैदान में जीतकर आसमान छूने के लिये प्रयत्नशील बनना होगा। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान ओलम्पिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ी नीरज चोपड़ा से बात कर उन्हें बधाई दी तथा उत्तराखण्ड आने के लिये आमंत्रित भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे देश में साधारण परिवेश से निकले महापुरूषों ने साधारण से असाधारण कार्य कर इतिहास बनाने का कार्य किया है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की महानता का भी उल्लेख करते हुए कहा कि वे खेल के प्रति प्रतिबद्ध तो थे ही राष्ट्र के प्रति भी उनका श्रेष्ठ आदर भाव रहा। जब हिटलर ने उनसे जर्मनी की नागरिकता ग्रहण करने की बात की तो उन्होंने स्पष्ट तौर पर मना कर दिया।
इस अवसर पर विधायक खजान दास ने खेल दिवस पर खिलाड़ियों को बधाई दी। इस अवसर पर उत्तराखण्ड टेबल टेनिस एसोसिएशन के अध्यक्ष चेतन गुरंग, संयुक्त निदेशक खेल डॉ. धर्मेन्द्र भट्ट, उप क्रीडाधिकारी सेफाली गुरंग, प्रिंस विपिन, डीएम लखेड़ा, नवनीत सेठी, देवेन्द्र बिष्ट, राकेश डोभाल एवं बड़ी संख्या में खिलाड़ी एवं उनके अभिभावक भी उपस्थित थे।

ओलंपिक में 13 साल बाद भारत को मिला गोल्ड

भारतीय जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने टोक्यो ओलंपिक के जैवलिन थ्रो फाइनल में इतिहास रच दिया है। उन्होंने टोक्यो ओलंपिक में गोल्ड मेडल हासिल किया है। नीरज ने 87.58 की सर्वश्रेष्ठ दूरी तय करते हुए गोल्ड पर कब्जा किया। क्वालिफिकेशन राउंड में भी नीरज अपने ग्रुप में टॉप पर रहे थे। बता दें कि 2008 बीजिंग ओलंपिक के बाद ये भारत का पहला गोल्ड मेडल है।

नीरज ने रचा इतिहास
जैवलिन थ्रो के फाइनल में नीरज चोपड़ा शुरुआत से ही सबसे आगे रहे। उन्होंने अपनी पहली ही कोशिश में 87.03 मीटर की दूरी तय की है। वहीं दूसरी बार में उन्होंने 87.58 की दूरी तय करी। इसी के साथ उन्होंने अपने क्वालिफिकेशन रिकॉर्ड से भी ज्यादा दूर भाला फेंका है। जैवलिन थ्रो में ये भारत का अब तक का सबसे पहला मेडल है। इतना ही नहीं एथलेटिक्स में भी ये भारत का पहला ही मेडल है।

13 साल बाद मिला गोल्ड
ओलंपिक खेलों में ये भारत का 13 साल बाद पहला गोल्ड मेडल है। नीरज चोपड़ा से पहले बीजिंग ओलंपिक में शूटिंग में अभिनव बिंद्रा ने गोल्ड मेडल जीता था। ये ओलंपिक में भारत का कुल दूसरा व्यक्तिगत गोल्ड है। इससे पहले भारत ने हॉकी में 8 गोल्ड मेडल जीते हैं।

पूरे देश को थी गोल्ड की उम्मीद
नीरज चोपड़ा से पूरे देश को आज गोल्ड मेडल की उम्मीद थी और वो सबकी उम्मीदों पर खरे उतरे। ऐसा इसलिए है क्योंकि उन्होंने क्वालिफिकेशन राउंड में 86.65 की दूरी तय करते हुए पहला नंबर हासिल किया था। नीरज भारत को टोक्यो में पहला गोल्ड मेडल जितवाने के सबसे बड़े दावेदार थे।

अब तक भारत के 7 मेडल
टोक्यो ओलंपिक में भारत अब 1 गोल्ड 2 सिल्वर और 4 कांस्य सहित कुल 6 मेडल जीत चुका है। नीरज चोपड़ा के अलावा भारत की ओर से मीराबाई चानू (वेट लिफ्टिंग) और रवि दहिया (कुश्ती) ने सिल्वर मेडल जीता है। वहीं पीवी सिंधु, बजरंग पूनिया, लवलीना और भारतीय हॉकी टीम ने भारत के लिए ब्रॉन्ज जीता।

वंदना को राज्य सरकार देगी 25 लाख और तीलू रौतेली पुरस्कार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल माध्यम से टोक्यो ओलंपिक में प्रतिभाग करने वाली भारतीय हॉकी खिलाड़ी वंदना कटारिया से बात कर शानदार प्रदर्शन के लिए वंदना एवं महिला हॉकी टीम में प्रतिभाग करने वाली सभी खिलाड़ियों को बधाई दी। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को मनोबल बनाए रखने को कहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वंदना कटारिया के शानदार प्रदर्शन से प्रदेश का मान सम्मान बढ़ा है। मुख्यमंत्री ने वंदना को टोक्यो से वापस आते ही मुख्यमंत्री आवास में मिलने हेतु आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य में नई खेल नीति बनाई जा रही है। जिसमें विभिन्न खेलों में प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों को हर संभव सुविधा दी जाएगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भारतीय महिला हॉकी टीम की खिलाङी वंदना कटारिया को 25 लाख रुपए दिये जाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि वंदना कटारिया को तीलू रोतेली पुरस्कार से भी सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने वंदना कटारिया के भाई सौरभ कटारिया से भी फोन से वार्ता कर वंदना के शानदार प्रदर्शन पर बधाई दी।
भारतीय महिला हॉकी खिलाड़ी वंदना कटारिया ने उनके उत्साह वर्धन पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर सचिव हरि चंद्र सेमवाल भी उपस्थित थे।

अब मेजर ध्यानचंद के नाम से जाना जायेगा खेल का सबसे बड़ा सम्मान, पीएम ने की घोषणा

भारत में खेल के क्षेत्र में दिया जाने वाले सबसे बड़े सम्मान राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार का नाम अब हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के नाम पर कर दिया गया है। इस बात की जानकारी खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके दी है। पीएम मोदी ने कहा कि लोगों की भावनाओं को देखते हुए इस अवार्ड का नाम अब मेजर ध्यानचंद के नाम पर किया जा रहा है।

पीएम मोदी ने क्या ट्वीट किया?

पीएम मोदी ने कहा है, देश को गर्वित कर देने वाले पलों के बीच अनेक देशवासियों का ये आग्रह भी सामने आया है कि खेल रत्न पुरस्कार का नाम मेजर ध्यानचंद जी को समर्पित किया जाए। लोगों की भावनाओं को देखते हुए इसका नाम अब मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार किया जा रहा है। जय हिंद

ओलंपिक्स में हॉकी खिलाड़ियों का प्रदर्शन आने वाली पीढ़ियों के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा- मोदी

एक अन्य ट्वीट में पीएम मोदी ने कहा, ओलंपिक खेलों में भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रयासों से हम सभी अभिभूत हैं। विशेषकर हॉकी में हमारे बेटे-बेटियों ने जो इच्छाशक्ति दिखाई है। जीत के प्रति जो ललक दिखाई है, वो वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा है।

खेल रत्न का इतिहास

इस अवार्ड को 1991-92 में शुरू किया गया था। तब इसका नाम देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के नाम पर रखा गया था। इस अवार्ड की स्थापना का मुख्य उद्देश्य खेल के क्षेत्र में सराहना और जागरूकता फैलाना है साथ ही खिलाड़ियों को सम्मानित कर उनकी प्रतिष्ठा बढ़ाना है, ताकि वह समाज में और ज्यादा सम्मान प्राप्त कर सकें।

भारत के सर्वोच्च खेल सम्मान खेल रत्न पुरस्कार का नाम राजीव गांधी खेल रत्न की जगह मेजर ध्यानचंद खेल रत्न रखने के फैसले का खेल जगत ने स्वागत किया है। ध्यानचंद को महानतम हॉकी खिलाड़ी माना जाता है। हॉकी के इस जादूगर ने अपने 1926 से 1949 तक के करियर के दौरान 1928, 1932 और 1936 में ओलंपिक का शीर्ष खिताब हासिल किया था। उनकी जयंती के उपलक्ष्य में 29 अगस्त को देश का राष्ट्रीय खेल दिवस भी मनाया जाता है।

विश्व चैंपियनशिप में भारत की एकमात्र एथलेटिक्स पदक विजेता और यह पुरस्कार 2003 में हासिल करने वाली अंजू बॉबी जॉर्ज ने कहा कि खेल पुरस्कारों के नाम खिलाड़ियों के नाम पर रखे जाने चाहिए। उन्होंने कहा, यह सही समय है जब हम अपने खेल पुरस्कारों का नाम अपने खेल के दिग्गजों के नाम पर रखें। यह सही कदम है. ध्यानचंद हमारे खेल नायक और हॉकी के दिग्गज हैं और हॉकी हमारा राष्ट्रीय खेल है. यह उचित ही है कि देश के सर्वोच्च खेल पुरस्कार का नाम ध्यानचंद के नाम पर ऐसे समय रखा गया है जब भारत ने 41 साल बाद हॉकी में ओलंपिक पदक जीता है।

इस फैसले की सराहना करते हुए पूर्व हॉकी कप्तान अजीतपाल सिंह ने कहा कि पहचान देर से मिली लेकिन देर आये दुरुस्त आये। उन्होंने कहा, यह एक स्वागत योग्य कदम है। यह एक अच्छा फैसला है जो प्रधानमंत्री ने लिया है। खेल पुरस्कार हमेशा खिलाड़ियों के नाम पर होने चाहिए और ध्यानचंद जी से बड़ा देश में कोई खिलाड़ी नहीं है। यह मान्यता देर से मिली, लेकिन कभी नहीं से बेहतर है कि देर से मिली।

ओलंपिक कांस्य पदक मुक्केबाज विजेन्दर सिंह ने कहा कि ध्यानचंद जी को सम्मान देना अच्छी बात है लेकिन यह देश में खेलों के स्तर को उठाने के लिए काफी नहीं है। उन्होंने कहा, इस कदम के खिलाफ कुछ भी नहीं है, क्योंकि हम सभी ध्यानचंद जी के अपार योगदान का सम्मान करते हैं । लेकिन सरकार को खिलाड़ियों का समर्थन करने के लिए इससे कुछ ज्यादा करना चाहिए। उन्हें बुनियादी स्तर पर सुविधाओं की जरूरत है, जब तक हम ऐसा नहीं कर सकते, केवल पुरस्कारों का नाम बदलने से कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा।

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को यह घोषणा की कि देशवासियों की भावनाओं का सम्मान करते हुए खेल रत्न पुरस्कार को अब मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार कहा जाएगा। टोक्यो ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीमों के शानदार प्रदर्शन के बाद इस सम्मान का नाम महान हॉकी खिलाड़ी के नाम पर रखने का फैसला लिया गया।

केन्द्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि ध्यानचंद खेलों में भारत के सबसे बड़े नायक रहे हैं। उन्होंने कहा, मेजर ध्यानचंद जी ने अपने असाधारण खेल से विश्व पटल पर भारत को एक नई पहचान दी और अनगिनत खिलाड़ियों के प्रेरणास्रोत बने। जनभावना को देखते हुए खेल रत्न पुरस्कार को मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार करने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का हार्दिक धन्यवाद।

भारत के पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी से सांसद बने गौतम गंभीर कहा, किसी (खेल) नायक का नाम पुरस्कार को और प्रतिष्ठित बनाता है। वहीं ओलंपिक पदक विजेता पहलवान योगेश्वर दत्त ने भी इस कदम के लिए प्रधानमंत्री का शुक्रिया करते हुए कहा, खेल के सबसे बड़े पुरस्कार खेल रत्न को देश के श्रेष्ठ खिलाड़ी और हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद खेल रत्न रखने के फैसले के लिए मैं भारत सरकार और आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का हार्दिक धन्यवाद करता हूं।

आईपीएल की तरह ही उत्तराखंड के खिलाड़ियों पर लगेगा पैसा, प्रतिभा निखारने का सुनहरा मौका

बाबा स्पोट्र्स एकेडमी काशीपुर यूएस नगर के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि 17 अक्टूबर से तीन नवंबर तक उत्तराखंड बालीवाॅल प्रीमियर लीग के लिए मैच कराए जाएंगे। बताया कि वर्ष 2002 में राज्य की बालीवाल टीम ने स्वर्ण पदक, 2010 में रजक पदक तथा 2013 में कांस्य पदक जीता था। मगर, वर्तमान में राज्य की टीम का पदक तालिका में नाम नहीं है, जबकि यहां प्रतिभा की कमी नहीं है, इसी प्रतिभा को बाहर निकालने के लिए बाबा स्पोट्र्स एकेडमी की ओर से इस प्रीमियर लीग का आयोजन किया जा रहा है।

एकेडमी के सचिव सचिन सेमवाल ने बताया कि इस लीग में 18 मैच आयोजित किए जाएंगे, जिसका आगाज राजधानी देहरादून से होगा। इसमें राज्यभर से ट्रायल के बाद छह टीमें बनाई जाएंगी। बताया कि मैदान में 12 खिलाड़ियों में से आठ उत्तराखंड से जबकि चार अन्य राज्यों से होंगे। बताया कि खिलाड़ियों सहित कोच व अन्य मेंबर पर देशभर से उद्योगपति पैसा लगाएंगे। इसमें खिलाड़ियों को ट्रैकशूट, किट, जूते दिए जाएंगे। इसका लाइव प्रसारण डीडी स्पोट्र्स पर किया जाएगा।

पत्रकार वार्ता के दौरान एकेडमी के कानूनी सलाहकार हरीश भट्ट, कुलशानंद गैरोला, अनवर खान, सूरज रोड, ब्रजेश तिवारी, नीरज शाह, अमित घिल्डियाल, राजेंद्र गुप्ता आदि मौजूद रहे।