खेल हमारी संस्कृति का हिस्सा, इसे निरन्तर बने रहना जरुरी-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को परेड ग्राउंड, देहरादून स्थित बहुद्देशीय खेल सभागार में राष्ट्रीय रैंकिंग टेबल टेनिस प्रतियोगिता का शुभारम्भ किया। यह प्रतियोगिता 7 से 14 दिसम्बर 2021 तक चलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल हमारे जीवन में उस सतरंगी इन्द्रधनुष के समान है, जो बारिश के बाद काले बादलों के बीच निकलकर रंग-बिरंगी दुनिया का संदेश देता है। खेल समयबद्धता, धैर्य, अनुशासन, समूह में कार्य करना और लगन सिखाते हैं। टीम भावना से खेलना आत्मविश्वास के स्तर का निर्माण करना और सुधार करना सिखाता है। यदि हम खेल का नियमित अभ्यास करें, तो हम अधिक सक्रिय और स्वस्थ रह सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार ओलंपिक और पैरालिंपिक्स में भारतीय खिलाड़ियों ने बेहतर प्रदर्शन किया। आज युवा ईको सिस्टम को देख रहा है, समझ रहा है। ओलंपिक के बाद हर परिवार में खेल की चर्चा शुरू हुई है, इसे रुकने नहीं देना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता के माध्यम से जहां खिलाड़ियों को अपना जज्बा दिखाने का मौका मिलता है वहीं वे दूसरे राज्यों की संस्कृति से भी रूबरू होते हैं। राज्य सरकार ने प्रदेश में खेलों व खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए ’’खेल नीति-2021’’ को लागू किया है। ’उत्तराखंड खेल नीति 2021’ में खेल, खिलाड़ियों के उन्नयन, खेल प्रतिभाओं को तलाशने, निखारने व उभारने, खेलों के प्रति रुचि बढ़ाने, खिलाड़ियों के नियोजन, सामान्य आहार के साथ-साथ एक्स्ट्रा न्यूट्रिएंट्स फूड डाइट की व्यवस्था, खिलाड़ियों के लिए रोज़गार के अवसर तथा सम्बंधित पूर्ण सुविधाएं प्रदान करने का प्रावधान किया गया है। युवाओं में राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिभाओं को विकसित करने के लिए उचित आर्थिक प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि निश्चित ही भविष्य में उत्तराखंड, खेल प्रदेश के रूप में भी अपनी पहचान बनाएगा। प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पटल पर देश-प्रदेश का नाम रोशन करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने के लिए खेल विश्वविद्यालय बनाने के लिए भी कृतसंकल्प है। स्पोर्ट्स कॉलेज रायपुर को अंतराष्ट्रीय स्तर का स्पोर्ट्स विश्वविद्यालय बनाने हेतु प्रयास किये जा रहे हैं। देहरादून में खेलों इंडिया स्टेट लेवल सेंटर और स्पोर्ट्स साइंस सेंटर का निर्माण किया जायेगा। राज्य के हर ग्राम सभा में ’’स्वस्थ युवा स्वस्थ उत्तराखंड’’ योजना के अन्तर्गत ओपन जिम खोलने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। ओलंपिक में शानदार प्रदर्शन करने वाली वंदना कटारिया को राज्य में ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान का ब्रांड एम्बेसडर’ बनाकर महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया गया है। राज्य सरकार द्वारा युवा कल्याण एवं प्रान्तीय विकास दल के युवक मंगल दल और महिला मंगल दलों को स्वावलम्बन हेतु 6 माह के लिए 20 हजार समूहों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
खेल मंत्री अरविन्द पाण्डेय ने कहा कि खेलों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं। नई खेल नीति में खिलाड़ियों को हर प्रकार की सुविधा दी गई है। अब धन के अभाव में किसी भी खिलाड़ी को किसी के आगे हाथ फैलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
इस अवसर पर विधायक भरत चौधरी, खेल निदेशक जी.एस. रावत, उत्तराखण्ड टेबल टेनिस एसोसिएशन के अध्यक्ष चेतन गुरुंग, सेक्रेटरी पिन्स विपोन, अशोक वासु एवं ए.बी. लाल मौजूद रहे।

युवा मुख्यमंत्री धामी ने युवाओं के लिए लागू की नई खेल नीति

उत्तराखंड में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए धामी सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। बीते मंगलवार को उत्तराखंड कैबिनेट उत्तराखंड खेल नीति 2021 के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। नई खेल नीति में खेल एवं खिलाड़ियों की प्रतिभाओं को तलाशने के साथ ही खेलों के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इससे पूर्व मुख्यसेवक के रूप में ज़िम्मेदारी लेते ही खेल और खिलाड़ियों की सुविधाओं को प्राथमिकता से अपने एजेंडे में शामिल किया था।
मुख्यमंत्री ने कई बार सार्वजनिक सभाओं में कहा था कि खिलाड़ियों को जब तक सुविधाएँ नहीं मिलेंगी तब तक कैसे वे बेहतर प्रदर्शन करेंगे? इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखते हुए नई खेल नीति को लागू करने की क़वायद शुरू की गई और महज चार महीने में नई खेल नीति तैयार कर लागू भी कर दी गई।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई खेल नीति को लेकर कहा है कि ’नई खेल नीति आगामी ओलंम्पिक में उत्तराखंड के खिलाड़ियों का गोल्ड मेडल का सफर तय करेगी।’ मुख्यमंत्री ने बताया कि नई खेल नीति में खिलाड़ियों की फ़िट्नेस, जनरल डाइट के साथ-साथ एक्स्ट्रा न्यूट्रिएंट्स, फूड डाइट की व्यवस्था भी रखी गई है। इतना ही नहीं प्रदेश के खिलाड़ियों के लिए रोजगार के अवसर और इससे सम्बंधित सुविधाएं देने का प्रावधान इस नई नीति में किया गया है। मुख्यमंत्री के घोषणा अनुसार, प्रदेश सरकार द्वारा युवाओं में नेशनल-इंटरनेशनल लेवल की स्किल डेवलपमेंट करने हेतु आर्थिक प्रोत्साहन देने की भी व्यवस्था की गई है।
वहीं, खेल मंत्री अरविन्द पाण्डेय का कहना है कि उत्तराखंड खेल नीति 2021 प्रदेश में खेल संस्कृति के विकास व उन्नयन हेतु उत्कृष्ट एवं प्रभावी है। वर्तमान में इलेक्ट्रॉनिक कल्चर से प्रभावित बच्चों और युवाओं को पुनः खेलों के प्रति प्रेरित कर प्ले फील्ड कल्चर की ओर अग्रसर किया जा सकेगा।
गौरतलब है कि युवा मुख्यमंत्री धामी उत्तराखंड के युवाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव प्रयास में जुटे हैं। इससे पूर्व खेल अवस्थापन सुविधाओं को विकसित करने के लिए प्रदेश में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी, हर ज़िला मुख्यालय पर “खेलो इंडिया” स्तर की सुविधा और हर ग्राम पंचायत में ओपन जिम विकसित करने की ओर प्रयास कर रहे हैं। इसके अलावा अलिम्पियन वंदना कटारिया, पेरालम्पियन मनोज सरकार समेत कई खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ा रहे हैं।

धामी सरकार की खेल नीति और कैबिनेट के निर्णय

शासकीय प्रवक्ता सुबोध उनियाल ने कैबिनेट निर्णयों की जानकारी दी।
उत्तराखण्ड खेल नीति को मंजूरी।
उत्तराखण्ड पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन एवं पावर ग्रिड कारपोरेशन ऑफ इण्डिया लि. के अंतर्गत निर्मित होने वाले 66 के.वी. एवं इससे अधिक क्षमता वाले पारेषण लाईनों हेतु मुआवजे के लिये भारत सरकार की गाइड लाइन के अनुरूप मूल्य भूमि का 15 प्रतिशत क्षतिपूर्ति के रूप में देने का निर्णय।
न्याय विभाग के अंतर्गत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग एवं इंटरनेट सुविधाओं से सुसज्जित विशेष मोटर वाहनों के माध्यम से सचल न्यायालय इकाइयों द्वारा उत्तराखण्ड के न्यायालयों में साक्ष्य इत्यादि अभिलिखित करने की योजना को मंजूरी।
राज्य खाद्य योजना के अंतर्गत आवंटित खाद्यान्न पर राशन विक्रेताओं का लाभांश 18 रू. प्रति कुन्तल से बढ़ाकर 50 रू. प्रति कुंतल किया गया।
उत्तराखण्ड वन विकास निगम में स्केलर संवर्ग में 2 वर्ष का दैनिक श्रम की अवधि की सेवा को ए.सी.पी के अंतर्गत जोड़ने का निर्णय लिया गया।
वर्ग 3 भूमि के पट्टेदारों/कब्जेधारकों तथा वर्ग 4 भूमि के अवैध कब्जेधारकों में से अनुसूचित जाति एवं जनजाति एवं बीपीएल परिवारों को 3.125 एकड़ भूमि को निःशुल्क विनियमितीकरण को मंजूरी।
उत्तराखण्ड मूल्य वर्धित कर अधिनियम, 2005 के अंतर्गत सोप स्टोन पाउडर पर लागू करने का निर्णय।
राज्य के पर्वतीय भागों में पर्याप्त पार्किंग स्थान उपलब्ध कराने के लिये टी.एच.डी.सी इण्डिया लि. को लोक निर्माण विभाग में इंजीनियरिंग कंसल्टेंसी सेवाओं के लिये प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी के तहत मंजूरी।
श्री बद्रीनाथ धाम में मास्टर प्लान के तहत प्रभावित होने वाली भूमि, भवन, लॉज आदि भूमि एवं भवन स्वामियों की सहमति के आधार पर प्रतिकर दिये जाने का निर्णय।
युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल राजपत्रित सेवा नियमावली संशोधन को मंजूरी।
सोसायटी रजिस्ट्रेशन अधिनियम 1860 की धारा 5 क में संशोधन का निर्णय।
राजकीय मेडिकल कॉलेज में नॉन बॉण्डेड छात्रों के लिये एम.बी.बी.एस. पाठ्यक्रम में
शुल्क निर्धारण वर्तमान वर्ष से मंजूरी।
उत्तराखण्ड चिकित्सा शिक्षा विभाग टेक्नीशियन (लैब, ओटी, डेंटल इत्यादि) संवर्ग सेवा नियमावली संशोधन को मंजूरी।
उत्तराखण्ड अपर निजी सचिव चयन में सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त किसी संस्था/विश्वविद्यालय से एक वर्षीय कम्प्यूटर पाठ्यक्रम के प्रमाण पत्र की शर्त समाप्त।
उत्तराखण्ड मेगा इंडस्ट्रियल एवं इनवेसमेंट नीति – 2021 को मंजूरी।
उत्तराखण्ड मेगा टेक्सटाइल पार्क पॉलिसी 2014 संशोधन की मंजूरी।
प्रत्येक जनपद के न्याय पंचायत में मधुग्राम स्थापना के लिये एपिस सेरेना इण्डिका के 25 मौनपालकों को 20-20 तथा तराई/मैदानी न्याय पंचायतों में एपिस मैलीफेरा के 20 मौनपालकों को 25-25 मौनवंश एवं मौनगृह तथा प्रत्येक मधुग्राम में 500-500 मौनवंश एवं मौनगृह वितरित किये जायेंगे।
केदारनाथ धाम में मास्टर प्लान के तहत प्रायोजित विभिन्न निर्माण कार्यों निविदा कार्यों में शिथिलीकरण को मंजूरी।
उत्तराखण्ड आबकारी प्रीमियम रिटेल वैण्डस शॉपिंग मॉल्स/डिपार्टमेंटल स्टोर/हवाई अड्डा में स्थित दुकान के अनुज्ञापन का व्यवस्थापन नियमावली 2021 को मंजूरी।
दीनदयाल उपाध्याय होम स्टे योजना में 33 प्रतिशत सब्सिडी एवं 10 लाख के मानक को बढ़ाकर 50 प्रतिशत सब्सिडी एवं 15 लाख जो कम हो को मंजूरी।
भोजन माता के वेतन मानदेय को 2 हजार रूपये बढ़ाकर 3 हजार रूपये करने का निर्णय।
पी.आर.डी. जवान के वेतन मानदेय में प्रतिदिन 70 रू. की दर से 2100 करने को मंजूरी।

क्या है खेल नीति 2021-
खेल नीति 2021 का उद्देश्य मुख्यतः दो विषयों को समावेशित करता है-
सभी के लिये खेल एवं खेलों में उत्कृष्टता 2 ई कल्चर (इलैक्ट्रनिक कल्चर) से पी कल्चर (प्ले फील्ड कल्चर) की ओर खेल नीति के सफल क्रियान्वयन हेतु कार्ययोजना संबंधित प्रमुख बिन्दु-

प्रतिमा श्रृंखला विकास
खेल प्रतिभाओं को आरम्भिक आयु 8 वर्ष से ही पहचानने एवं उनको तराशने हेतु प्रतिभा श्रृंखला विकास योजना को लागू किया जायेगा। उच्च प्राथमिकता वाले खेलों हेतु स्थापित किये जाएंगे।

मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना ऽ
राज्य के उदीयमान खिलाडियों को प्रतिवर्ष आवश्यक बैड़ी टेस्ट एवं उसकी दक्षता की मैरिट के आधार पर 8 वर्ष से 14 वर्ष तक की आयु के बालक-बालिकाओं प्रति जनपद 150-150 प्रति जनपद अर्थात पूरे राज्य में 1950 बालकों एवं 1950 बालिकाओं कुल 3900 उदीयमान खिलाडियों को मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना अन्तर्गत धनराशि रू0 1500 प्रतिमाह उपलब्ध करायी जाएगी।

मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना
राज्य के प्रतिभावान खिलाडियों को उनकी खेल सम्बन्धी आवश्यकताओं की पूर्ति से उन्हें खेलों में और अधिक मनोयोग से प्रतिभाग करने हेतु 14 वर्ष से 23 वर्ष तक की आयु के प्रतिभावान खिलाड़ियों को जनपद स्तर पर छात्रवृत्ति, खेल किट, ट्रैकसूट एवं खेल संबंधी अन्य उपस्कर आदि उपलब्ध कराये जाएंगे। प्रतिवर्ष यह सुविधा प्रति जनपद 100-100 ( कुल 2600) प्रतिभावान बालक-बालिकाओं को प्रति खिलाड़ी रू० 2000 प्रतिमाह की छात्रवृत्ति उपलब्ध कराई जायेगी एवं खेल उपस्कर हेतु प्रतिवर्ष धनराशि रू0 10 हजार की सीमा तक मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन कार्यक्रम अन्तर्गत उपलब्ध करायी जाएगी।

खिलाड़ियों को नियुक्ति
राज्य की सेवाओं में उच्च स्तर पर आयोजित प्रतियोगिताओं में पदक विजेताओं को समूह ख एवं ग में चयनित विभागों के चयनित पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया का सरलीकरण किया जायेगा।

मेजर ध्यानचंद निजी क्षेत्र खेल प्रतिभागिता प्रोत्साहन कोष की स्थापना
राज्य में खेल सुविधाओं को बढ़ावा देने हेतु निजी क्षेत्र द्वारा स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स, खेल अकादमी, स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना करने के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने हेतु मेजर ध्यानचंद निजी क्षेत्र खेल प्रतिभागिता प्रोत्साहन कोष की स्थापना की जाएगी।

खिलाड़ियों के पुरस्कार राशि में 30 प्रतिशत से 50 प्रतिशत की वृद्धि
प्रतिवर्ष पदक विजेता खिलाड़ियों को दी जाने वाली पुरस्कार की धनराशि में प्रतिशत की वृद्धि की जायेगी। खिलाड़ियों हेतु दुर्घटना बीमा एवं आर्थिक सहायता 30 प्रतिशत से 50 प्रतिशत राज्य के उत्कृष्ट खिलाड़ियों को राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर के खेल प्रशिक्षण एवं राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करने के समय होने वाली खेल दुर्घटनाओं/खेल इन्जरी

राष्ट्रपति वंदना कटारिया को अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया

टोक्यो ओलंपिक में शानदार प्रदर्शन करने वाली हॉकी स्टार खिलाड़ी वंदना कटारिया को अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शनिवार को राष्ट्रपति भवन में वंदना को अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया।
राष्ट्रपति भवन में आज राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने खेलों के क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को विभिन्न खेल पुरस्कारों से सम्मानित किया। टोक्यो ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतने वाले एथलीट नीरज चोपड़ा क्रिकेटर मिताली राज, पहलवान रवि दाहिया, वेटलिफ्टर एल बोरगोहेन, हॉकी गोलकीपर पीआर श्रीजेश, शूटर अवनि लेखरा को वर्ष 2021 का मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार दिया गया। अब खेल रत्न पुरस्कार का नामकरण हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के नाम पर किया गया है। इस दौरान कई खिलाड़ियों को अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
उत्तराखंड के खाते में भी इस वर्ष अर्जुन पुरस्कार आया है। स्टार हॉकी खिलाड़ी वंदना कटारिया को हॉकी में शानदार खेल दिखाने के लिए पुरस्कार के लिए चयनित किया गया। वंदना ने 2018 के एशियाई खेलों में रजत पदक जबकि 2017 के एशियाड में स्वर्ण पदक जीता था। टोक्यो ओलंपिक में साउथ अफ्रीका के खिलाफ हैट्रिक लगाकर ऐसा कारनामा करने वाली वंदना एकमात्र भारतीय महिला खिलाड़ी बनीं थी।
वंदना की उपलब्धियों पर हरिद्वार में वंदना का भव्य स्वागत हुआ था। प्रदेश सरकार ने उन्हें ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का ब्रांड एंबेसडर घोषित कर दिया था। इसके अलावा उन्हें 25 लाख का नकद पुरस्कार दिया था।

ऋषिकेश विधानसभा में खेल स्टेडियम होना जरुरी-खरोला

उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश महासचिव राजपाल खरोला ने आज ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत रायवाला में स्व. सजेंद्र चौधरी एवं स्व. शिवा ढौंडियाल की स्मृति में आयोजित क्रिकेट टूर्नामेंट के फाइनल मैच मे बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया और विजेता और उपविजेता टीम को पुरस्कृत किया। इस क्रिकेट टूर्नामेंट में 15 टीमों ने प्रतिभाग किया, जिसमें उत्तम प्रदर्शन दिखाते हुए हरिद्वार की शंकर गोस्वामी की कप्तानी में अन्ना 11 टीम ने जीत हासिल की।
इस अवसर पर खरोला ने खिलाडियों और दर्शको को संबोधित करते हुए कहा कि आज देश के नौजवान व समाज का मोबाइल सहारा बन गया है। लोग खेल से दूर होते जा रहे हैं जबकि शरीर को तंदुरुस्त बनाने के लिए प्रतिदिन कम से कम एक घंटे प्रतिदिन जिम, व्यायाम व कोई भी खेल मैदान में जरूर देना चाहिए। खेल खेलने से शरीर में स्फूर्ति के साथ एकाग्रता आती है।
इस दौरान खरोला ने ऋषिकेश के युवा खिलाडियों को भरोसा दिलाया कि वे खेल और खिलाड़ियों के हित में हर संभव मदद करते रहेंगे। उन्होंने खिलाडियों से अपील की कि वे इस क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल कर देश-प्रदेश का नाम रोशन करने के लिए अन्य युवाओं को भी प्रेरित करते रहे।
खरोला ने कहा यदि हमारी सरकार होती तो निश्चित ही अभी तक ऋषिकेश विधानसभा के अंतर्गत एक खेल स्टेडियम बन चुका होता। उन्होंने कहा कि यदि हमारी सरकार बनी तो सबसे पहले ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र में युवा खिलाड़ियों के लिए एक स्टेडियम का निर्माण कराया जाएगा। खरोला ने सभी खिलाड़ियों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए अनंत शुभकामनाएं और बधाई दी।
इस मौके पर दिव्या बेलवाल (जिला पंचायत सदस्य), अनिल कुमार (प्रतीतनगर प्रधान), सागर गिरी (रायवाला प्रधान), रायवाला थाना अध्यक्ष भुवन चंद पुजारी, संजय धनाई (उप प्रधान खांड गांव), मुकेश भट्ट (अध्यक्ष इकोसमिति आयोजन मंडल), अजय धैनी, जसवीर शर्मा, नवीन, अमित शर्मा, धनपाल खरोला, मानसिंह तोपवाल, हिमांशु, मुकेश रायल, आशीष डंगवाल, गणेश भारद्वाज, राव शदाब, सूरज राय, सूरज राय, हिमांशु, सलमानी, अमित पटवाल, राकेश नेगी, दीपक शाही, साहिल कुमार आदि उपस्थित रहे ।

खो-खो के राष्ट्रीय खिलाड़ी का तीर्थनगरी में सम्मान

खो खो के राष्ट्रीय खिलाड़ी इमरान को उड़ीसा से राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में प्रतिभाग कर लौटने पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य जयेन्द्र रमोला ने माल्यार्पण कर व मिष्ठान खिलाकर स्वागत किया।
इस अवसर पर जयेन्द्र रमोला ने कहा कि आज इमरान ने साबित कर दिया कि प्रतिभा को आगे बढ़ाने से नहीं रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि इमरान ने ग़रीबी में रहकर भी स्वयं व खो-खो के शिक्षक नागेश राजपूत के प्रयासों से अपने को साबित किया है। इसीलिए आज यह युवा छोटे से शहर से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर अपने नाम के झण्डे गाड़ रहा है। रमोला ने कहा कि ऐसे खिलाड़ियों को हम सबको प्रोत्साहित करना चाहिये, ताकि ऐसे खिलाड़ियों का मनोबल बना रहे।
खो-खो खिलाड़ी इमरान ने कहा कि मुझे मेरे परिवार का बड़ा सपोर्ट मिला है और इसमें सबसे बड़ा योगदान मेरे गुरू नागेश राजपूत का है जिनके सहयोग से मुझे आज राष्ट्रीय स्तर पर खेलने का अवसर प्राप्त हुआ।
स्वागत करने वालों में नगर उद्योग व्यापार महासंघ के महामंत्री अखिलेश मित्तल, गौरव यादव, लक्ष्मी कुलियाल, हिमांशु जाटव, आदित्य झा आदि मौजूद थे।

बीपीएड, एमपीएड प्रशिक्षित बेरोजगार संगठन ने 4 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा

बीपीएड, एमपीएड प्रशिक्षित बेरोजगार संगठन का प्रतिनिधिमंडल आज कैंप कार्यालय में विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल से मिला। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने अपने 4 सूत्रीय मांग पत्र में अवगत कराया है कि प्रत्येक प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शारीरिक शिक्षको की नियुक्तियां की जाये।
प्रतिनिधि मंडल मे संगठन की अध्यक्ष उषा चौहान ने कहा है कि बीपीएड, एमपीएड प्रशिक्षित बेरोजगार 2008 से नियुक्ति की मांग कर रहा है परंतु अभी तक उन्हें किसी भी विद्यालय में नियुक्ति नहीं मिली। उन्होंने अपने मांग पत्र में उल्लेख किया है कि प्रत्येक प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शारीरिक शिक्षकों की नियुक्ति की जाए ताकि छात्रों को बाल्यकाल से ही शारीरिक शिक्षा मिल सके।
उन्होंने शारीरिक शिक्षा विषय को कक्षा एक से आठवीं तक अनिवार्य रूप से सम्मिलित करने की मांग की। साथ ही अपने मांग पत्र में कहा है कि उत्तराखंड राज्य के प्रशिक्षित बेरोजगारों को हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर आयु सीमा में 3 वर्ष की छूट दी जाए यानि 42 वर्ष से बढ़ाकर 45 वर्ष की जाए। प्रत्येक उच्च प्राथमिक विद्यालय मे कक्षा 6 से 8 तक शारीरिक शिक्षा के शिक्षकों की नियुक्ति अनिवार्य रूप से की जाए।
इस अवसर पर विस अध्यक्ष अग्रवाल ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा है कि उनकी मांगों पर सहानुभूति पूर्वक एवं नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी तथा उक्त प्रकरण को सरकार के संज्ञान में लाया जाएगा।
इस अवसर पर पार्षद एवं भाजपा की मंडल महामंत्री सुंदरी कंडवाल, शेर सिंह कालूड़ा, कलपेंद्र सिंह चौहान, हरीश कुमार, विनीता देवी, कस्तूरी चौहान, विनय कुमार, रूपेंद्र नेगी आदि सहित कई लोग उपस्थित थे।

दिव्यांग तैराक सत्येंद्र सिंह लोहिया को मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास में तेनजिंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक अवार्ड से सम्मानित मध्य प्रदेश के दिव्यांग तैराक सत्येंद्र सिंह लोहिया ने भेंट की। उन्होंने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि उन्होंने इंग्लिश चैनल पार करने के साथ ही अमेरिका में 42 कि.मी. की कैटलीना चैनल को 11.34 घंटे में पार किया है। अब तक वे 7 नेशनल तथा 3 इंटरनेशनल पैरा स्विमिंग चैम्पियनशिप में प्रतिभाग कर चुके हैं तथा अनेक मेडल प्राप्त कर चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने सत्येंद्र सिंह को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांगता की विषम परिस्थितियों को आपने अपने अदम्य साहस एवं जीवटता के बल पर सफलता की मिसाल कायम कर युवाओं के प्रेरणा स्त्रोत बने हैं। आपने साबित किया है कि मजबूत मानसिक मनोबल के बल पर कोई भी कार्य कठिन नहीं होता है।
तैराक सत्येंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दिव्यांगों को सहयोग और सम्मान मिलने से उनके मन में दिव्यांगता की सोच समाप्त होती है तथा हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने दिव्यांगों के लिये सहयोगी बनने की भी इच्छा जताई।
इस अवसर पर विधायक देशराज कर्णवाल, डॉ. प्रेम सिंह राणा भी उपस्थित थे।

आबू धाबी से पदक जीकर आये जु-जित्सु खिलाड़ियों का सम्मान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में आबू धाबी में आयोजित पांचवी एशियन जु-जित्सु चैंपियनशिप, पदक विजेता उत्तराखंड के जु-जित्सु खिलाड़ियों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने आगामी एशियन इंडोर एंड मार्शल आर्ट गेम्स तथा वर्ल्ड जु-जित्सु चैंपियनशिप के लिए खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों ने पदक तालिका में स्थान पाकर पूरे प्रदेश को गौरवान्वित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों को हर संभव सुविधा मिल सके इसके लिए राज्य में नई खेल नीति बनाई जा रही है।
जु-जित्सु एसोसिएशन ऑफ इंडिया के महासचिव विनय कुमार जोशी ने बताया कि 13 से 16 सितंबर 2021 तक आबू धाबी में आयोजित हुई पांचवी एशियन जु-जित्सु मार्शल आर्ट चौंपियनशिप में भारत से 38 सदस्यों के दल ने देश का प्रतिनिधित्व किया। जिसमें उत्तराखण्ड के छह खिलाडिय़ों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 6 पदक हांसिल किये। जिसमें 2 रजत पदक एवं 4 कांस्य पदक शामिल हैं। इस जु-जित्सु मार्शल आर्ट चौंपियनशिप में भारत ने आठवां स्थान प्राप्त किया। उत्तराखण्ड से शिवानी गुप्ता, नव्या पाण्डे, मंदीप कौर एवं मुकेश कुमार ने विभिन्न भार वर्गों में पदक हासिल किये। सभी विजेता खिलाड़ियों ने वर्ष 2021 में ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया के नेतृत्व में थाईलैंड चोंगबुरी में आयोजित होने वाली एशियन इंडोर एंड मार्शल आर्ट्स गेम्स 2022 के लिए अपना स्थान पक्का किया।
इस अवसर पर खेल निदेशक जी.एस. रावत, संयुक्त निदेशक खेल धर्मेंद्र भट्ट, जिला जु-जित्सू एसोसिएशन ऑफ़ उधम सिंह नगर के अध्यक्ष भारत भूषण, महासचिव ऋषि पाल भारती एवं एशियन जु-जित्सु चौंपियनशिप में प्रतिभाग करने वाले उत्तराखण्ड के खिलाड़ी मौजूद थे।

अब खिलाड़ियों को भी परिवहन निगम की बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर परेड ग्राउण्ड स्थित बहुउद्देशीय क्रीडा हॉल में महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कालेज देहरादुन के उदीयमान खिलाड़ियों, टेबल टेनिस एवं बेडमिंटन प्रतियोगिता के विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य में खेलों के प्रति अधिक से अधिक युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिये अनेक घोषणायें भी की। मुख्यमंत्री ने स्वयं भी बेटमिंटन खेल कर प्रतियोगिता की शुरूआत की।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 8 वर्ष से 14 वर्ष तक की आयु के 50-50 बालक बालिकाओं को उनकी खेल प्रतिभा के अनुसार चिन्हित कर उन्हें प्रति वर्ष मुख्यमंत्री खिलाड़ी उन्नयन छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। खिलाड़ियों का दैनिक भत्ता बढ़ाकर रू0 225/- किया जायेगा। महिला खिलाड़ियों के खेल कौशल विकास हेतु जनपद उधमसिंह नगर में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित किया जाएगा। नेशनल गेम्स में प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों को उत्तराखंड राज्य परिवहन निगम की बसों में निशुल्क यात्रा सुविधा प्रदान की जाएगी। महाविद्यालयों, व्यवसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु 5 प्रतिशत का उत्कृष्ट खिलाड़ी खेल कोटा प्रदान किया जाएगा। नेशनल गेम्स के पदक विजेताओं को भी एशियन/कामनवेल्थ/वर्ल्ड/ओलंपिक पदक विजेताओं की भाँति सरकारी सेवा प्रदान की जाएगी। खिलाड़ियों के प्रदर्शन में उत्कृष्टता लाने हेतु, वैज्ञानिक एवं मनोवैज्ञानिक तकनीक को सुनिश्चित करने हेतु ’खेल विज्ञान केंद्र’ की स्थापना राज्य खेल विकास संस्थान में की जायेगी। ओलंपिक खेलों में प्रदेश के खिलाड़ियों की प्रतिभागिता सुनिश्चित करने हेतु कोच की व्यवस्था की जाएगी। महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज देहरादून में ’स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी’ बनाए जाने का प्रयास किया जाएगा। नेशनल गेम्स/एशियन/कॉमनवेल्थ/वर्ल्ड/ओलम्पिक में प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों को खेल दुर्घटनाओं/खेल इंजरी एवं अन्य खेल आकस्मिकताओं के दृष्टिगत बीमा/आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। राज्य में खेल सुविधाओं को बढ़ावा देने हेतु निजी क्षेत्र द्वारा स्पोर्ट्स कांपलेक्स, खेल अकादमी, स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना करने के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने हेतु ’मेजर ध्यानचंद निजी क्षेत्र खेल प्रतिभागिता प्रोत्साहन कोष की स्थापना की जाएगी। राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करने हेतु खिलाड़ियों को यात्रा मार्ग व्यय, स्पोर्टस किट्स इत्यादि की सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। टेबल टेनिस के खिलाड़ियों के लिये अलग से हॉल की व्यवस्था की जायेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में खिलाड़ियों के व्यापक हित में बेहतर खेलनीति बनायी जायेगी ताकि हमारे खिलाड़ी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलों में प्रदेश का नाम रोशन कर सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा देश के खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने का सराहनीय कार्य किया गया है। उनके पदचिन्हों पर चल कर हम भी अपने खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। हॉकी खिलाड़ी वंदना कटारिया को 25 लाख की धनराशि प्रदान करने के साथ ही उन्हें बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ मिशन को सफल बनाने के लिये ब्रांड एम्बेसडर बनाया गया है।
मुख्यमंत्री ने उन्होंने खिलाड़ियों का आहवान किया कि उन्हें अपनी मेहनत, मनोयोग एवं संकल्प के साथ मैदान में जीतकर आसमान छूने के लिये प्रयत्नशील बनना होगा। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान ओलम्पिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ी नीरज चोपड़ा से बात कर उन्हें बधाई दी तथा उत्तराखण्ड आने के लिये आमंत्रित भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे देश में साधारण परिवेश से निकले महापुरूषों ने साधारण से असाधारण कार्य कर इतिहास बनाने का कार्य किया है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की महानता का भी उल्लेख करते हुए कहा कि वे खेल के प्रति प्रतिबद्ध तो थे ही राष्ट्र के प्रति भी उनका श्रेष्ठ आदर भाव रहा। जब हिटलर ने उनसे जर्मनी की नागरिकता ग्रहण करने की बात की तो उन्होंने स्पष्ट तौर पर मना कर दिया।
इस अवसर पर विधायक खजान दास ने खेल दिवस पर खिलाड़ियों को बधाई दी। इस अवसर पर उत्तराखण्ड टेबल टेनिस एसोसिएशन के अध्यक्ष चेतन गुरंग, संयुक्त निदेशक खेल डॉ. धर्मेन्द्र भट्ट, उप क्रीडाधिकारी सेफाली गुरंग, प्रिंस विपिन, डीएम लखेड़ा, नवनीत सेठी, देवेन्द्र बिष्ट, राकेश डोभाल एवं बड़ी संख्या में खिलाड़ी एवं उनके अभिभावक भी उपस्थित थे।