केदारनाथ धाम के संचालन को लेकर मंदिर समिति की हुई बैठक

वर्ष- 2023 श्री केदारनाथ धाम यात्रा के अंतर्गत केदारनाथ धाम यात्रा के सफल संचालन हेतु की जा रही तैयारियों एवं व्यवस्थाओं के संबंध में अध्यक्ष श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति अजेंद्र अजय की अध्यक्षता में जिला कार्यालय एनआईसी कक्ष में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक में तैयारियों की समीक्षा की गईं।

अध्यक्ष बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि श्री केदारनाथ धाम के कपाट 25 अप्रैल, 2023 को श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यात्रा को सुव्यवस्थित एवं सफल संचालन हेतु जिस स्तर से जो भी व्यवस्थाएं एवं तैयारियां की जा रही हैं, वह सभी व्यवस्थाएं 15 अप्रैल, 2023 से पूर्व ही सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए हैं कि केदारनाथ यात्रा मार्ग में बर्फ हटाने का कार्य त्वरित गति से शुरू किया जाए तथा जो भी मार्ग क्षतिग्रस्त हैं उनका भी मरम्मत कार्य शीघ्रता से पूर्ण किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए हैं कि केदारनाथ यात्रा व्यवस्थाओं को संपादित करने हेतु तैनात किए जाने वाले सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उचित प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाए ताकि यात्रा व्यवस्थाओं को संचालित करने में किसी प्रकार की काई परेशानी न हो। यात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था के लिए उचित पार्किंग एवं यातायात प्लान तैयार किया जाए तथा सुरक्षा व्यवस्था में तैनात किए जाने वाले पुलिस कर्मियों को उचित प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए एवं केदारनाथ धाम सहित यात्रा मार्ग में उचित स्वास्थ्य सुविधाएं, साफ-सफाई व्यवस्था, पर्याप्त शौचालयों की व्यवस्था तथा संचालित होने वाले घोड़े-खच्चरों के लिए उचित पानी की व्यवस्था एवं यात्रा मार्ग में विद्युत व्यवस्था आदि सभी व्यवस्थाओं को दुरस्त रखने के निर्देश दिए गए।

बैठक में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने अवगत कराया है कि केदारनाथ यात्रा के सफल संचालन के लिए तैनात किए गए अधिकारियों एवं कार्मिकों को उचित प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है तथा उन्हें सौंपे गए दायित्वों एवं कार्यों के बारे में पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है ताकि यात्रा व्यवस्था में किसी प्रकार की कोई समस्या न आने पाए। उन्होंने कहा कि यात्रा की सफलता के लिए जो भी तैयारियां एवं व्यवस्थाएं जिस स्तर से की जानी हैं सभी को आवश्यक निर्देश देते हुए सभी विभागों द्वारा अपनी-अपनी तैयारियां पूर्ण की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि केदारनाथ यात्रा मार्ग को सुचारू करने के लिए बर्फ हटवाने का कार्य कल से ही शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं तथा यात्रा मार्ग में जिन स्थानों में वर्तमान में बर्फ नहीं है उस क्षेत्र के क्षतिग्रस्त मार्ग को ठीक कराने के निर्देश डीडीएमए को दिए गए हैं। उन्होेंने यह भी अवगत कराया है कि यात्रा मार्ग में घोड़े-खच्चरों के साथ किसी प्रकार की कोई क्रूरता न हो तथा बीमार व कमजोर घोड़े-खच्चरों का किसी भी दशा में संचालन न किया जाए इसकी निगरानी के लिए 20 पीआरडी जवानों की तैनाती की गई है जिन्हें उचित प्रशिक्षण उपलब्ध कराते हुए यात्रा मार्ग में घोड़े-खच्चरों की निगरानी के लिए विभिन्न यात्रा पड़ावों में तैनात किए जाएंगे।

बैठक में अध्यक्ष नगर पालिका गीता झिंक्वाण, अध्यक्ष नगर पंचायत अगस्त्यमुनि अरुणा बेंजवाल, तिलवाड़ा संजू जगवाण, पुलिस अधीक्षक डाॅ. विशाखा अशोक भदाणे, मुख्य विकास अधिकारी नरेश कुमार, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी केदारनाथ योगेंद्र सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. एचसीएस मार्तोलिया, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डाॅ. आशीष रावत, अधिशासी अभियंता प्रवीण कर्णवाल, जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल, मंदिर समिति से आरसी तिवारी सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

पूर्व सीएम त्रिवेंद्र के बयान से तीर्थपुरोहितों में आक्रोश


उत्तराखंड में देवस्थानम बोर्ड को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के बयान पर तीर्थपुरोहितों ने फिर मोर्चा खोल दिया है। चारधाम के तीर्थपुरोहितों की महापंचायत ने पूर्व सीएम के बयान की निंदा की और कहा कि लगता है कि सत्ता से दूर रहने और जनता के नकारने के चलते वह अपना मानसिक संतुलन खो बैठे हैं। यही कारण है कि वह जोशीमठ आपदा जैसे संवेदनशील मुद्दे पर ऊलजलूल बयान देकर सस्ती लोकप्रियता हासिल करना चाहते है। महापंचायत ने मीडिया को जारी बयान में कहा कि पूर्व सीएम अपने बयान पर माफी मांगें। अन्यथा वह चारधामों में उनके खिलाफ मोर्चा खोल देंगे।

जोशीमठ में आई आपदा के बाद प्रभावित हुए लोगों के दर्द पर मरहम लगाने के बहाने पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने गत दिवस एक बार फिर देवस्थानम बोर्ड को लेकर बयान दिया है। उन्होंने बयान में कहा कि यदि देवस्थानम बोर्ड अस्तित्व में होता तो उसकी आय से पूरा जोशीमठ का पुनर्निर्माण हो जाता। पूर्व मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद तीर्थपुरोहितों में आक्रोश है। तीर्थपुरोहितों की महापंचायत के प्रवक्ता रजनीकांत सेमवाल ने मीडिया को जारी बयान में कहा कि लगता है कि पूर्व सीएम रावत। का मानसिक संतुलन ठीक नहीं है। राज्य में चार साल तक तुगलकी फरमान जारी करने के बाद जनता ने उन्हें नकार दिया था। जिसके बाद उनको सत्ता से बेदखल कर दिया था। तब से वह सत्ता में आने के लिए तरस रहे हैं। उनके बयान के पीछे भी यही मंशा दिख रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार चारधामों के विकास को लेकर महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। खुद देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केदारनाथ पुनर्निर्माण की कमान स्वयं संभाले हुए हैं। पीएम ने केदारनाथ की तर्ज पर बदरीनाथ संवारने की योजना को भी सहमति दी है। इसी कड़ी में गंगोत्री, यमुनोत्री धाम में सड़क समेत अन्य सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले आपदा और बाद में कोरोना ने चारधाम यात्रा को प्रभावित किया था। लेकिन धामी सरकार ने चारधाम में बेहतर व्यवस्था देकर देश दुनिया में अच्छा संदेश दिया है।

चार साल में क्या काम हुआ नहीं पता

महापंचायत के प्रवक्ता रजनीकांत सेमवाल ने कहा कि पूर्व त्रिवेंद्र सिंह रावत ने चारधाम के तीर्थपुरोहितों के विरोध के बीच देवस्थानम बोर्ड बनाया था और अफसरों की तैनाती की थी। ऐसे में वह बताएं कि देवस्थानम बोर्ड ने चार साल में क्या किया है। उन्होंने कहा कि देवस्थानम बोर्ड से डेढ़ से दो सौ करोड़ की कमाई की बात करने वाले पूर्व सीएम पहले अपने कार्यकाल के कामों का व्यौरा दें। उन्होंने कहा कि देवस्थानम जितने दिनों में भी अस्तित्व में रहा, उस दौरान चारधाम में क्या विकास हुआ है और कितनी आय हुई है, यह सब जगजाहिर है। ऐसे में बयानबाजी देकर पूर्व सीएम जोशीमठ के पुनर्वास और पुनर्निर्माण के कार्यों को प्रभावित करना चाहते हैं।

भैया दूज पर शीतकाल के लिए बंद हुए बाबा केदारनाथ के कपाट

भैया दूज के पावन अवसर पर प्रात: 8.30 बजे 11वें ज्योर्तिलिंग भगवान केदारनाथ के कपाट शीतकाल के लिए बंद हो गए। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच बाबा के कपाट बंद हुए और सेना के बैंड की मधुर धुन के बीच बाबा केदार की चल विग्रह डोली को मंदिर से बाहर लाकर ऊखीमठ के लिए प्रस्थान कराया गया। इस अवसर पर 2500 से ज्यादा श्रद्धालु कपाट बंद होने के साक्षी बने। (portal of shri kedarnath dham closed for winter season)

प्रांत 3.30 बजे ही केदारनाथ मंदिर खुल गया था। चार बजे से कपाट बंद करने की समाधि पूजन प्रक्रिया शुरू हो गयी। पुजारी टी गंगाधर लिंग ने भगवान केदारनाथ के स्यंभू ज्योर्तिलिंग को श्रृंगार रूप से समाधि रूप दिया गया ज्योर्तिलिंग को बाघंबर, भृंगराज फूल,भस्म, स्थानीय शुष्क फूलों- पत्तों, आदि से ढ़क दिया गया।इसके साथ ही भकुंट भैरव नाथ के आव्हान के साथ ही गर्भगृह तथा मुख्य द्वार को जिला प्रशासन की मौजूदगी में बंद किया गया। इसके साथ ही पूरब द्वार को भी सीलबंद किया गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केदारनाथ धाम के कपाट बंद होने के अवसर पर तीर्थयात्रियों का आभार जताया। कहा कि इस बार चारधाम यात्रा रिकार्ड पैंतालीस लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे है। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में नयी केदार पुरी अस्तित्व में आ चुकी है जहां तीर्थयात्रियों को हर संभव सुविधाएं मुहैया हो रही है। गौरीकुंड- केदारनाथ रोप वे के बनने से केदारनाथ यात्रा अधिक सुगम हो जायेगी।

इस अवसर पर सेना की 11 मराठा लाईट इ़फ्रंट्री रूद्रप्रयाग के बैंड की भक्तिमय धुनों तथा बाबा केदार की जय उदघोष से केदारनाथ धाम गुंजायमान रहा। मंदिर समिति अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने कहा कि सामूहिक सहयोग समन्वय से यात्रा का सफलतापूर्वक समापन हुआ है।

कपाट बंद होने के बाद भगवान केदारनाथ जी की पंचमुखी डोली शीतकालीन गद्दी स्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ के लिए प्रस्थान हुई। आज पंचमुखी डोली प्रथम पड़ाल राम पुर पहुंचेगी। कल 28 अक्टूबर शुक्रवार को देवडोली श्री विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी प्रवास करेगी तथा 29 अक्टूबर शनिवारको श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ पहुंचेगी। इसी के साथ इस वर्ष श्री केदारनाथ यात्रा का समापन हो जायेगा तथा पंचकेदार गद्दी स्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में भगवान केदारनाथ जी की शीतकालीन पूजाएं शुरू हो जायेगी।

इस यात्रा वर्ष चार धाम यात्रा में 43 लाख से अधिक तीर्थ यात्री दर्शन को पहुंचे। हेमकुंट साहिब को मिला कर यह संख्या पौने छयालीस लाख पहुंच गयी। 26 अक्टूबर गौवर्धन पूजा के अवसर पर श्री गंगोत्री धाम के कपाट शीतकाल हेतु बंद हो गये है। आज दोपहर में श्री यमुनोत्री धाम के कपाट शीतकाल हेतु बंद हो जायेंगे।

27 अक्टूबर को बंद होंगे बाबा केदार और यमुनोत्री के कपाट, आज गंगोत्री के हुए बंद

विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री धाम के कपाट अन्नकूट पर्व पर आज दोपहर 12 बजकर 01 मिनट पर बंद हो गए। इस अवसर पर तीर्थ यात्रियों की भीड़ उमड़ी। साथ ही बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु भी पहुंचे हैं।

इस कार्यक्रम में जम्मू कश्मीर लाइट इन्फेंट्री के जवान सेना के बैंड के साथ मौजूद हैं। अब कपाट बंद होने के बाद देश-विदेश के श्रद्धालु मां गंगा के दर्शन उनके शीतकालीन प्रवास मुखीमठ (मुखवा) में कर सकेंगे।

27 अक्टूबर को बंद होंगे केदारनाथ और यमुनोत्री धाम के कपाट
वहीं यमुनोत्री धाम के कपाट भैया दूज पर 27 अक्टूबर को दोपहर 12रू 09 बजे बंद होंगे। यमुना की डोली लेने के लिए खरशाली गांव से शनि महाराज की डोली 27 अक्टूबर की सुबह यमुनोत्री पहुंचेगी। शीतकाल में यमुना के दर्शन खरशाली स्थित यमुना मंदिर में होंगे।

उधर, द्वादश ज्योर्तिलिंगों में शामिल भगवान केदारनाथ के कपाट 27 अक्टूबर यानी भैयादूज पर्व पर सुबह साढ़े आठ बजे वैदिक मंत्रोच्चार एवं पौराणिक परंपराओं के साथ विधिविधान से शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे।
कपाट बंद होने के बाद भगवान की पंचमुखी उत्सव डोली रात्रि विश्राम के लिए प्रथम पड़ाव फाटा, 28 अक्टूबर को भोले बाबा की उत्सव डोली रात्रि विश्राम के लिए विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी तथा 29 अक्टूबर को पंचगद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ पहुंचेगी। शीतकाल के छह माह तक यहीं पर भगवान केदारनाथ की शीतकालीन पूजाएं व भक्त दर्शन कर सकेंगे।

सुविधाजनक चारधाम यात्रा को पुख्ता इंतजाम होः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चार धाम यात्रा के माध्यम से देश-विदेश में अतिथि देवो भवः का संदेश जाना चाहिए। इस बार बहुत अधिक संख्या में श्रद्धालुओं के आने की सम्भावना है। चार धाम यात्रा की तैयारियां उसी के अनुरूप सुनिश्चित की जाएं। मुख्यमंत्री सचिवालय में चारधाम यात्रा 2022 की तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने यात्रा को श्रद्धालुओं की लिए अधिक से अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए पुख्ता व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।

मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग को यात्रा मार्गों का स्थलीय निरीक्षण कर, सभी आवश्यक सुधार कार्य यात्रा प्रारम्भ होने से पूर्व सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही संबंधित जिलाधिकारियों को भी यात्रा मार्गों पर कार्यों की प्रगति की लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिये। मार्ग अवरूद्ध होने की स्थिति में तत्काल खोलने के लिए जरूरी मशीनों की व्यवस्था व तैनाती कर ली जाए। जेसीबी मशीनों की ट्रेकिंग के लिए उन्हें जीपीएस से जोड़ा जाए। यात्रा मार्ग से संबंधित सड़कों पर कहीं भी मलबा या कचरा न रहे। कचरा निस्तारण पर विशेष ध्यान दिया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा प्रबंधन में टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जाए। ट्रेफिक प्रबंधन व संचालन के लिए ड्रोन का भी प्रयोग किया जाए। चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए टोल फ्री नम्बर जारी किया जाए। जिस पर यात्रा से संबंधित हर प्रकार की जानकारी हो। इस नम्बर को व्यापक प्रचारित भी किया जाए। इस वर्ष बहुत बड़ी संख्या में यात्रियों के आने की सम्भावना है। किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इसके लिए यात्रियों के रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था हो। यात्रा मार्गों पर जगह-जगह पर्याप्त संख्या में पार्किंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। डायवर्जन और वैकल्पक मार्गों की व्यवस्था भी कर ली जाए। जगह-जगह पर साईन बोर्ड भी लगाए जाएं।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि यात्रा मार्गों पर जाने वाले बसों व टैक्सियों की फिटनेस की जांच सुनिश्चित हो। यात्रा मार्ग पर तैनात किए जाने वाले पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि नियमो का पालन कराते हुए यात्रियों व श्रद्धालुओं के साथ विनम्रतापूर्वक व्यवहार हो। एक बार एंट्री पाइन्ट पर वाहनों की चौकिंग होने के बाद बार-बार चौकिंग कर यात्रियों को परेशान न किया जाए। विभिन्न स्थानों पर क्वालिटी पेयजल के लिए वाटर एटीएम/वाटर मशीन लगाई जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आवश्यकतानुसार चिकित्सकों की तैनाती कर ली जाए। एयर एम्बुलेंस की व्यवस्था भी हो। यात्रा मार्ग पर रेट लिस्ट के निर्धारण के साथ ही मिलावटखोरी को रोकने के लिए नियमित चौकिंग अभियान चलाया जाए। यात्रा शुरू होने से पूर्व श्री बद्रीनाथ, श्री केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री व श्री हेमकुण्ड साहिब में 24 घंटे बिजली आपूर्ति के साथ ही यात्रा मार्गों पर समुचित प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित कर ली जाए। यात्रा मार्ग पर बेहतर संचार व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा का विभिन्न माध्यमों से व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए। चार धाम यात्रा के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों व अन्य जरूरी सूचनाओं का प्रचार प्रसार हो। चार धामों के साथ ही अन्य धार्मिक स्थलों और पर्यटन स्थलों के बारे में भी जानकारी दी जाए।

बैठक में केबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, विधायक शैलारानी रावत, सुरेश सिंह चौहान, संजय डोभाल, दुर्गेश लाल, बद्री केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय, मुख्य सचिव डा. एस.एस.संधु, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, आनंद बर्द्धन, डीजीपी अशोक कुमार, प्रमख सचिव आरके सुधांशु, सचिव दिलीप जावलकर, नितेश झा, डा. पंकज कुमार पाण्डेय, शैलेश बगोली, एस.ए. मुरूगेशन, आयुक्त गढ़वाल सुशील कुमार आदि उपस्थित रहे।

केदारनाथ धाम के कपाट छह मई, बदरीनाथ धाम के कपाट आठ मई को खुलेंगे

विश्वप्रसिद्ध 11वें ज्योर्तिलिंग श्री केदारनाथ धाम के कपाट इस यात्रा वर्ष के लिए शुक्रवार 6 मई प्रात: 6 बजकर 25 मिनट पर वृश्चिक लग्न में खुलेंगे। (Portals of Kedarnath dham to open on 6th May) बद्रीनाथ धाम के कपाट 8 मई को खोले जाएंगे।

पंचकालीन गद्दीस्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में शिवरात्रि के पावन अवसर पर संक्षिप्त धार्मिक समारोह आयोजित हुआ। जिसमें श्री केदारधाम के कपाट खुलने की तिथि घोषित हुई। इस अवसर पर रावल भीमाशंकर की उपस्थिति में पूजा- अर्चना की गई। पंचाग गणना के पश्चात यात्रा वर्ष 2022 हेतु श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि घोषित हुई।

भगवान श्री केदारनाथ जी की पंचमुखी उत्सव डोली 2 मई को पंचकेदार गद्दी स्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ से केदारनाथ धाम को प्रस्थान करेगी जबकि 1 मई को भैरवनाथ जी की पूजा की जायेगी।

डोली 2 मई गुप्तकाशी, 3 मई फाटा, 4 मई गौरीकुंड 5 मई को पंचमुखी डोली श्री केदारनाथ धाम पहुंचेगी। 6 मई शुक्रवार प्रातर 6 बजकर 25 मिनट पर श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुलेंगे।

देवस्थानम बोर्ड को भंग करने की आप पार्टी ने उठाई मांग

छोटी दीपावली पर्व के बावजूद आप के कार्यकर्ताओं ने अपने पूर्व घोषित कार्यक्रम अनुसार बुधवार की दोपहर नेपाली फार्म तिराहे पर वेदस्थानम बोर्ड को भंग करने की मांग को लेकर प्रदेश सरकार पर हल्ला बोला।

प्रदर्शनकारियों को सम्बोधित करते हुए विधानसभा प्रभारी डॉ राजे सिंह नेगी ने कहा कि भाजपा तीर्थ की मयार्दाओं को तार-तार कर रही है जिसे किसी सूरतेहाल में बर्दाश्त नही किया जायेगा। उन्होंने देवस्थानम बोर्ड को हिंदू धर्म के खिलाफ बताया है और इसे तुरंत भंग करने की मांग की। इस गंभीर मुद्दे पर सरकार के खिलाफ आर पार की लड़ाई लड़ने का एलान करते हुए विधानसभा प्रभारी नेगी ने कहा कि अगामी विधानसभा चुनाव में सत्ता में आते ही सबसे पहले इस काले कानून को समाप्त कर पार्टी तीर्थ पुरोहितों के पारंपरिक अधिकारों को बहाल करने का काम करेगी।

प्रदर्शनकारियों मे पार्टी के संगठन मंत्री दिनेश असवाल, दिनेश कुलियाल, महिला मोर्चा अध्यक्ष पुष्पा पांडेय, रजनी कश्यप, योगाचार्य भारती, चंद्रमोहन भट्ट,गोविंद रावत,मनसोधन यादव,आशु पाल,अधिवक्ता लालमणि रतूड़ी, मोनू कश्यप, मोनू भाई, पंकज गुसाईं, सुनील सेमवाल, जगदीश कोहली, प्रभात झा, अनूप रावत, देवराज नेगी, विक्रांत भारद्वाज, हिमांशु नेगी, नीरज कश्यप, अश्वनी सिंह, नरेंद्र सिंह, शीशपाल वर्मा, मनोज कश्यप, पंकज रस्तोगी, मूलचंद कश्यप, जयेन्द्र प्रसाद, सौरव पुंडीर, राहुल दुबे, जाकिर, दीपक कश्यप, पुरुषोत्तम साहू, विकास तोमर, शुभम देव, समीर भारद्वाज, राहुल भंडारी, अजय ठाकुर, समीर, मदन ठाकुर, अंकित डबराल आदि शामिल थे।

जौलीग्रांट एयरपोर्ट की नई टर्मिनल बिल्डिंग का उद्घाटन

नागरिक उड्डयन और एयर कनेक्टीवीटी के क्षेत्र में आज का दिन उत्तराखण्ड के लिए विशेष उपलब्धियों का रहा। एक ओर जहां राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों के लिए हेलीसेवाएं शुरू की गईं। वहीं जौलीग्रांट एयरपोर्ट की नई टर्मिनल बिल्डिंग का शुभारम्भ भी हुआ। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर उत्तराखण्ड में विभिन्न हेली सेवाओं का फ्लैग ऑफ कर शुभारम्भ किया। उन्होंने जौलीग्रांट एयरपोर्ट की नई टर्मिनल बिल्डिंग का भी उद्घाटन किया। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने देहरादून हवाई अड्डे से उत्तराखण्ड के तीन स्थानों के लिए नई हवाई सेवा, 18 नए हेलीकॉप्टर मार्ग शुरू करने और देहरादून हवाई अड्डे में अंतरराष्ट्रीय स्तर सुविधाएं विकसित करने की घोषणाएं की।

राज्य में सात नए मार्गों के लिए हेली सेवाएं शुरू
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा आज देहरादून-हल्द्वानी/पंतनगर-देहरादून और सहस्त्रधारा-चिन्यालीसौड़-सहस्त्रधारा के लिए हेलीसेवा का फ्लैग किया। इसी के साथ आज से राज्य मे सात नए मार्गों के लिए हेलीसेवाएं शुरू हो गई हैं। इनमें पवनहंस द्वारा देहरादून-हल्द्वानी/पंतनगर-देहरादून, पंतनगर-पिथौरागढ़-पंतनगर, देहरादून-श्रीनगर-देहरादून, देहरादून-गौचर-देहरादून और देहरादून-पिथौरागढ़-देहरादून के लिए हेलीसेवा शुरू की गई हैं। जबकि हेरीटेज द्वारा सहस्त्रधारा-चिन्यालीसौड़-सहस्त्रधारा और सहस्त्रधारा-गौचर-सहस्त्रधारा के लिए हेलीसेवा शुरू की गई हैं।

नए रूप में दिखेगा जौलीग्रांट एयरपोर्ट, क्षमता में हुआ विस्तार
देहरादून का जौलीग्रांट एयरपोर्ट भी अब नए स्वरूप में दिखाई देगा। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून (जौलीग्रांट) हवाई अड्डे में नए टर्मिनल भवन का संयुक्त रूप से लोकार्पण किया। पूरे देश से आने वाले पर्यटकों और यात्रियों को नई टर्मिनल बिल्डिंग में उत्तराखण्ड की कला और संस्कृति के भी दर्शन होंगे। यहां उत्तराखण्ड के चार धाम, ब्रहमकमल सहित तमाम कला संस्कृति के पक्ष प्रदर्शित किए गए हैं। नए टर्मिनल भवन के निर्माण से देहरादून हवाई अड्डे के क्षेत्रफल और वहां यात्रियों की प्रति घंटा आवाजाही क्षमता में लगभग 6 गुना वृद्धि हो गई है। एयरपोर्ट अथॉरिटी की ओर से नई टर्मिनल बिल्डिंग का फेज 1 का काम पूरा हो चुका है। फेज 1 में निर्मित टर्मिनल बिल्डिंग का कुल क्षेत्र 28,729 वर्ग मीटर है जबकि इसकी लागत 325 करोड़ रूपए है। दूसरे फेज का काम भी प्रगति पर है। फेज-2 में 132 करोड़ रूपए की लागत से 14,047 वर्ग मीटर क्षेत्र में बिल्डिंग का और विस्तार होगा।

प्रदेश में तेजी से हो रहा एयर कनेक्टीवीटी में विस्तार-धामी
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से प्रदेश में एयर कनेक्टिविटी को मजबूत किया जा रहा है। प्रदेश सरकार ने उत्तराखण्ड में एवियेशन टर्बाे फ़्यूल (एटीएफ) में लगने वाले वेट को 20 प्रतिशत से घटाकर 2 परसेंट कर दिया है, इसके पीछे सरकार की मंशा यह है कि एयर कनेक्टिविटी के क्षेत्र में अधिक से अधिक हेली कंपनियां उत्तराखंड का रुख़ करें। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि 2025 तक उत्तराखण्ड एक आदर्श राज्य के रूप में विकसित हो, जिसे सांस्कृतिक और आध्यात्मिक केंद्र के रूप में पहचान मिल सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत शक्तिशाली, गौरवशाली, वैभवशाली बनते हुए विश्व गुरु बनने की ओर अग्रसर है। उन्होने कहा कि उत्तराखंड में चारधाम सड़क योजना, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन, केदारनाथ पुनर्निर्माण समेत कई ऐतिहासिक काम प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में चल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा स्थानीय लोगों की आजीविका का आधार है, सरकार का प्रयास है कि चारधाम यात्रा में आने वाले हर यात्री को बेहतर सुविधा दी जाए।

एयर कनेक्टीवीटी बढ़ने से बढ़ेगा पर्यटन-केंद्रीय मंत्री सिंधिया
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सोच है कि आम आदमी भी आसानी से हवाई यात्रा कर सके। इसी सोच को धरातल पर उतरने के लिए देशभर में वायु संपर्क मार्ग बढ़ाए जा रहे हैं। हवाई अड्डों का विस्तारीकरण, उच्चीकरण व सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। पहले देहरादून हवाई अड्डे में प्रति घंटा 250 व्यक्ति आवाजाही कर सकते थे, यह क्षमता भी अब बढ़कर 1200 व्यक्ति हो गई है। उन्होंने बताया कि अब देहरादून हवाई अड्डे में फेज-2 का काम शुरू होगा, जिसके पूरा होने पर यह क्षमता 1800 व्यक्ति प्रति घंटा हो जायेगी। सिंधिया ने कहा कि ‘उत्तराखण्ड से मेरा पुराना नाता है। आज मेरे लिए ये भावुक क्षण भी है। मैं 30 वर्ष पहले देहरादून में शिक्षा ग्रहण करने आया था। 5 वर्ष तक मैंने यहां जीवन के उच्च मूल्यों की शिक्षा ली। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड सचमुच में देवलोक है। पूरे देश को यहीं से आशीर्वाद प्रदान होता है। यह ऐसा प्रदेश है जहां प्राकृतिक सौंदर्य, पर्यटन, उद्योग, व्यापार की अपार संभावनाएं हैं। केन्द्र और राज्य सरकार मिलकर उत्तराखण्ड को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे। सिंधिया ने कहा कि नागरिक उड्डयन और पर्यटन एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। इसी सोच के चलते उत्तराखण्ड में हवाई यात्रा की सुविधाओं में इजाफा किया जा रहा है।
इस दौरान नागरिक उड्डयन राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह (रिटायर्ड), राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद्र अग्रवाल, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, देहरादून मेयर सुनील उनियाल गामा के अलावा सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल “निशंक“ वर्चुअल माध्यम से मौजूद रहे।

तीर्थ पुरोहितों से मुलाकात में सीएम ने कहा, नहीं होगा अहित


सीएम आवास में देवप्रयाग विधायक विनोद कण्डारी और केदारनाथ की पूर्व विधायक शैलारानी रावत के नेतृत्व में केदारनाथ व बदरीनाथ के तीर्थ पुरोहितों के प्रतिनिधिमण्डल ने सीएम पुष्कर सिंह धामी से भेंट की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवस्थानम बोर्ड से तीर्थ पुरोहितों, हक हकूक धारियों और पण्डा समाज का किसी प्रकार का अहित नहीं होने दिया जाएगा। वरिष्ठ नेता श्री मनोहर कांत ध्यानी जी को संबंधित तीर्थ पुरोहितों के पक्ष को जानकर पूरी रिपोर्ट देने का आग्रह किया गया है। राज्य सरकार सभी को सुनेगी और उनकी चिंताओं का समाधान करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कम्यूनिकेशन गैप नहीं होना चाहिए। राज्य सरकार बातचीत के माध्यम से रास्ता निकालेगी। बातचीत से सभी शंकाएं दूर की जाएगी और जहां सुधार की जरूरत होगी, राज्य सरकार सुधार करेगी।

बदरीनाथ मास्टर प्लान को मूर्त रूप देने से पूर्व सभी संबंधित पक्षों की भी बात सुनी जाएगी और उनकी शंकाओं का निवारण किया जाऐगा। सभी के हित यथासंभव सुरक्षित रहेंगे।

प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने भी वार्ता के माध्यम से रास्ता निकाले जाने पर सहमति व्यक्त की।

सीएम की अध्यक्षता में हुई उत्तराखण्ड चार धाम देवस्थानम् प्रबन्धन बोर्ड की बैठक, लिए अहम निर्णय


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में उत्तराखण्ड चारधाम देवस्थानम प्रबन्धन बोर्ड की तीसरी बैठक आयोजित हुई। बैठक में बोर्ड के वर्ष 2021-22 के बजट को अनुमोदित किया गया। इसके साथ ही जोशीमठ में श्री बद्रीनाथ वेद वेदांग स्नात्तकोतर संस्कृत महाविद्यालय जोशीमठ की अध्यासन वाली भूमि पर वेद अध्ययन केन्द्र स्थापित किये जाने का भी निर्णय लिया गया। बैठक में बोर्ड द्वारा धार्मिक मान्यताओं को देखते हुए श्री बद्रीनाथ, श्री केदारनाथ, गंगोत्री एवं यमुनोत्री मन्दिरों के गर्भगृह से सजीव प्रसारण न किये जाने का भी सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया।

बैठक में श्री केदारनाथ धाम में पूजाध्यात्रा व्यवस्था के सफल संचालन हेतु मास्टर प्लान के अनुसार आधारभूत संरचनाओं का निर्माण कार्य सम्पादित करने हेतु कन्सलटेंट चयनित किये जाने पर भी सहमति दी गई।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि चारधाम स्थित मन्दिरों में पुरानी परम्परायें चलती रहेगी। राज्य सरकार का कार्य मन्दिर की आन्तरिक व्यवस्थाओं पर अधिकार करना नही बल्कि सहयोग करना है। हमारा उद्देश्य मन्दिर परिसरों की सुविधाओं के विकास में सहयोगी बनना है। उन्होंने सभी सदस्यों से इस सम्बन्ध में सभी को अवगत कराने की भी अपेक्षा की है। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में सभी सम्बन्धित लोगों से वार्ता भी की जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा संचालित न होने की दशा में आवश्यकता पड़ने पर बोर्ड को अतिरिक्त वित्तीय सहायता दिये जाने पर भी विचार किया जायेगा, इसके लिये मुख्यमंत्री ने संशोधित प्रस्ताव प्रेषित करने को कहा।

बैठक में आयुक्त गढ़वाल एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी उत्तराखण्ड चारधाम देवस्थानम बोर्ड रविनाथ रमन ने बोर्ड के कार्यकलापों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021-22 में श्री बद्रीनाथ देवस्थानम हेतु 24.46 करोड़, श्री केदारनाथ देवस्थानम के लिये 29.92 करोड़ तथा गंगोत्री एवं यमुनोत्री के लिये 50-50 लाख का बजट प्रस्तावित है जिसे बोर्ड द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई है।
बैठक में पर्यटन मंत्री तथा उपाध्यक्ष चारधाम देवस्थानम बोर्ड सतपाल महाराज, मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. सन्धु, सचिव दिलीप जावलकर, अपर सचिव वित वी षणमुगम, बोर्ड के सदस्यों में महाराजा मनुजेन्द्र शाह, निवास पोस्ती, आशुतोष डिमरी, गोविन्द सिंह पंवार, कृपाराम सेमवाल, जयप्रकाश उनियाल तथा महेन्द्र शर्मा उपस्थित थे।

इस अवसर पर अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी देवस्थानम प्रबन्धन बोर्ड वीडी सिंह, वित नियन्त्रक जगत सिंह बिष्ट, डॉ. हरीश गौड, अनिल ध्यानी, प्रमोद नौटियाल, कुलदीप नेगी आदि उपस्थित थे।