कफ सिरप पर सीएम सख्त, 350 से अधिक सैंपल लेकर दर्जनों मेडिकल स्टोर्स के लाइसेंस रद्द

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के सख्त दिशा-निर्देशों पर उत्तराखंड में बच्चों की स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर औषधि विभाग ने बड़ा अभियान हुआ छेड़ा है। औषधि विभाग ने बच्चों की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए प्रदेश के सभी जिलों में छापेमारी का सिलसिला तेज कर दिया है। प्रदेशभर में कफ सिरप की गुणवत्ता और उसकी वैधानिकता की जांच के लिए मेडिकल स्टोर्स, होलसेल डिपो, फार्मा इंडस्ट्री और बच्चों के अस्पतालों पर औचक निरीक्षण लगातार जारी हैं। देहरादून, ऋषिकेश, हल्द्वानी, अल्मोड़ा और बागेश्वर सहित अन्य जिलों में औषधि निरीक्षकों की टीमों ने औचक निरीक्षण अभियान चलाया। अब तक 350 से अधिक सैंपल जांच के लिए लिए जा चुके हैं, जबकि एक दर्जन से अधिक मेडिकल स्टोर्स के लाइसेंस निरस्त किए जा चुके हैं। कई अन्य को कड़ी चेतावनी दी गई है। प्रदेश सरकार ने सभी बाल चिकित्सकों से अपील की है कि दो साल से कम उम्र के बच्चों को किसी भी स्थिति में प्रतिबंधित सिरप न लिखें। इस पूरे अभियान की मॉनिटरिंग स्वयं स्वास्थ्य सचिव एवं खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (थ्क्।) आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार कर रहे हैं, जो प्रतिदिन टीमों से फीडबैक लेकर कार्रवाई की प्रगति की समीक्षा कर रहे हैं। अभियान का नेतृत्व अपर आयुक्त (एफडीए) ताजबर सिंह जग्गी कर रहे हैं, जिनके दिशा-निर्देशों में राज्यभर की औषधि निरीक्षक टीमें सक्रिय हैं। विभाग ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

देहरादून में औषधि विभाग की कार्रवाई
बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए औषधि विभाग ने शहरभर में औचक निरीक्षण अभियान चलाया। आयुक्त और अपर आयुक्त (एफडीए) के निर्देशों पर औषधि निरीक्षक मानेंद्र सिंह राणा के नेतृत्व में टीम ने पलटन बाजार, घंटाघर, ऋषिकेश रोड, जॉलीग्रांट, अजबपुर और नेहरू कॉलोनी क्षेत्रों में मेडिकल स्टोर्स और थोक विक्रेताओं की जांच की। निरीक्षण के दौरान बच्चों की सर्दी-खांसी की कुछ दवाएं अलग से भंडारित पाई गईं, जिन्हें मौके पर सील कर दिया गया और बिक्री पर अगले आदेश तक रोक लगा दी गई। अधिकांश विक्रेताओं ने प्रतिबंधित सिरप की बिक्री पहले ही बंद कर दी थी, जबकि जहां स्टॉक मिला, उसे पेटियों में डालकर सील किया गया। कार्रवाई के दौरान एक मेडिकल स्टोर को बंद किया गया और 11 औषधियों के नमूने जांच के लिए लिए गए। टीम ने बताया कि ैल्च्. ब्वसकतप,ि ैल्च्. त्मेचपतिमेी-ज्त् और ैल्च्. त्मसपमि जैसी दवाएँ स्टोर्स पर नहीं मिलीं। औषधि निरीक्षकों विनोद जागुड़ी और निधि रतूड़ी की मौजूदगी में हुई इस कार्रवाई को आगे भी जारी रखा जाएगा।

ऋषिकेश में बड़ी कार्रवाई, कफ सिरप भंडारण पर रोक
औषधि निरीक्षक निधि रतूड़ी ने ऋषिकेश क्षेत्र में स्थित राजकीय एसपीएस चिकित्सालय देहरादून रोड और जॉलीग्रांट के आसपास मेडिकल स्टोर्स का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कुछ स्टोर्स में बच्चों की सर्दी-खांसी की दवाइयाँ (सिरप) अलग से भंडारित थीं। टीम ने मौके पर ही इन दवाओं को सील कर दिया और स्पष्ट निर्देश दिए कि अगली आदेश तक इनकी बिक्री प्रतिबंधित रहेगी। औषधि निरीक्षक के अनुसार अधिकांश मेडिकल स्टोर्स ने शासन के आदेशों का पालन करते हुए प्रतिबंधित सिरप की बिक्री पहले ही रोक दी है। निरीक्षण के दौरान कुल 06 औषधियों के नमूने गुणवत्ता जांच हेतु संकलित किए गए।

हल्द्वानी में सात मेडिकल स्टोर्स की जांच
हल्द्वानी मुखानी क्षेत्र में औषधि विभाग की टीम ने सात मेडिकल स्टोर्स का निरीक्षण किया। इस दौरान दो कफ सिरप के नमूने जांच के लिए लिए गए। टीम ने सभी विक्रेताओं को शासन-प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए।

अल्मोड़ा और बागेश्वर में भी हुई जांच
अल्मोड़ा जिले में औषधि विभाग की टीम ने औचक निरीक्षण के दौरान एक मेडिकल स्टोर से कफ सिरप का एक नमूना परीक्षण के लिए लिया। वहीं, बागेश्वर जिले के गरुर क्षेत्र में दो मेडिकल स्टोर्स पर जांच की गई, जहाँ से दो बाल चिकित्सा सिरप के नमूने गुणवत्ता परीक्षण हेतु संकलित किए गए।

मुख्यमंत्री का स्पष्ट संदेश ष्बच्चों की सुरक्षा सर्वाेपरिष्
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि उत्तराखंड सरकार बच्चों की सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक मेडिकल स्टोर, अस्पताल और फार्मा यूनिट की जांच सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा हमारा लक्ष्य है कि उत्तराखंड में ऐसा कोई सिरप न बिके, जो बच्चों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बने। यह सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा है।

स्वास्थ्य मंत्री की अपील, डॉक्टर जिम्मेदारी निभाएं
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने प्रदेश के सभी डॉक्टरों से अपील की है कि वे बच्चों के लिए दवा लिखते समय विशेष सतर्कता बरतें। उन्होंने कहा कि दो वर्ष से कम आयु के बच्चों को किसी भी स्थिति में प्रतिबंधित सिरप न दी जाए। डॉक्टर और फार्मासिस्ट दोनों की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों की सेहत को सर्वाेपरि रखें।

स्वास्थ्य सचिव की सख्त चेतावनी
स्वास्थ्य सचिव एवं आयुक्त (थ्क्।) डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि बच्चों की सेहत से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभियान के तहत हर जिले की टीम से प्रतिदिन रिपोर्ट ली जा रही है, और जहाँ लापरवाही पाई जाएगी, वहाँ लाइसेंस निरस्तीकरण सहित कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि यह अभियान न केवल मेडिकल स्टोर्स और होलसेल दवा डिपो तक सीमित है, बल्कि फार्मा कंपनियों और बाल चिकित्सालयों तक भी विस्तारित किया गया है।

चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा अभियान
अपर आयुक्त (एफडीए) ताजबर सिंह जग्गी ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान यहीं नहीं रुकेगा। राज्यभर में बच्चों के लिए असुरक्षित दवाओं की बिक्री और भंडारण पर सख्त निगरानी रखी जाएगी। अपर आयुक्त (एफडीए) ने कहा है कि सरकार की प्राथमिकता स्पष्ट है राज्य के नागरिकों, विशेषकर बच्चों को केवल सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण औषधियां ही मिलें।

उत्तराखंड में औषधि विभाग की यह कार्रवाई राज्य सरकार के उस सुरक्षित स्वास्थ्य मिशन का हिस्सा है, जिसके तहत बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित दवाइयाँ उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार ने साफ किया है यह अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक प्रदेश से असुरक्षित औषधियों का पूर्ण उन्मूलन नहीं हो जाता।

सीएम ने दुर्गम क्षेत्रों में तैनात वन कर्मियों को आवासीय भत्ता देने का लिया बड़ा फैसला

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार अपने कर्मचारियों के कल्याण के लिए निरंतर संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाए हुए है। इसी क्रम में वन विभाग के अंतर्गत दुर्गम क्षेत्रों में तैनात वन कर्मियों को अब आवासीय भत्ता दिए जाने का निर्णय लिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “हमारे वनकर्मी प्रदेश की बहुमूल्य वन संपदा और वन्यजीवों की रक्षा में दिन-रात कठिन परिस्थितियों में कार्य करते हैं। दूरस्थ और दुर्गम चौकियों पर तैनाती के दौरान उन्हें अपने परिवार से दूर रहना पड़ता है। ऐसे में उनके परिवार के लिए अलग से आवास व्यवस्था करना उनके लिए एक बड़ी चुनौती होती है। सरकार ने इस कठिनाई को समझते हुए यह निर्णय लिया है कि दुर्गम क्षेत्रों में जहां स्वास्थ्य एवं शिक्षा जैसी सामान्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, वहां तैनात वन कर्मियों को आवासीय भत्ता अनुमन्य किया जाएगा।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्णय उन वनकर्मियों के लिए राहत लेकर आएगा जो जंगलों की सुरक्षा में लगातार जुटे रहते हैं। शासन द्वारा वित्त विभाग की सहमति से ऐसे दुर्गम क्षेत्रों की पहचान की जाएगी, जहां यह सुविधा लागू होगी।

वन विभाग के कर्मचारियों ने इस निर्णय पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और वन मंत्री सुबोध उनियाल का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि सरकार के इस निर्णय से उन्हें अपने परिवारों की देखभाल करने में सहूलियत मिलेगी और वे राज्य की वन संपदा की रक्षा में और अधिक मनोयोग से कार्य कर सकेंगे।

सभी जनपदों के प्रभारी सचिव नियमित भ्रमण कर जनता से संवाद स्थापित करेंः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश की सभी सड़कों को शीघ्र गड्ढा मुक्त किया जाए, ताकि आम जनता को बेहतर यातायात सुविधा मिल सके। बैठक में जानकारी दी गई कि अब तक 52 प्रतिशत पैच वर्क का कार्य पूर्ण हो चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शेष कार्यों को त्वरित गति से पूरा किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी जनपदों के प्रभारी सचिव अपने-अपने जनपदों का नियमित भ्रमण कर जनता से संवाद स्थापित करें और सरकार की विभिन्न विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाएं।

बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य के आपदा प्रभावित क्षेत्रों में निर्माण और पुनर्निर्माण कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक आधारभूत संरचनाओं का जल्द पुनर्निर्माण किया जाए, ताकि स्थानीय जनता को राहत मिल सके। मुख्यमंत्री ने क्षतिग्रस्त पुलों के शीघ्र निर्माण और नए पुलों के निर्माण कार्यों में तेजी लाने पर भी बल दिया।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनता को सुरक्षित, सुविधाजनक और बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए सभी विभागों को समन्वय और सजगता के साथ कार्य करना होगा।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री आर.के सुधांशु, सचिव शैलेश बगौली, सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडेय, अपर सचिव विनीत कुमार एवं लोक निर्माण विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवसः 326 मेधावी बालिकाओं को सीएम ने वितरित किए स्मार्टफोन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर आयोजित बालिका शिक्षा प्रोत्साहन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में 326 मेधावी बालिकाओं को स्मार्टफोन प्रदान किए गए। जनपद स्तर पर हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षा के प्रथम तीन टॉपर बालिकाओं एवं विकासखण्ड स्तर पर टॉपर बालिकाओं को मुख्यमंत्री द्वारा पुरस्कृत किया गया।

मुख्यमंत्री ने सभी को अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि इस वर्ष भी बेटियों ने अपने परिश्रम, प्रतिभा और संकल्प के बल पर बोर्ड परीक्षाओं में अद्भुत प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष हाईस्कूल की परीक्षा में कुल 90 प्रतिशत विद्यार्थी सफल हुए, जिसमें बालिकाओं का सफलता प्रतिशत 93 प्रतिशत से अधिक रहा और इंटरमीडिएट परीक्षा में 83 प्रतिशत विद्यार्थी सफल रहे, जिनमें बालिकाओं का सफलता प्रतिशत 86 प्रतिशत से अधिक रहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज की तरक्की नारी शक्ति से होती है। यदि किसी राज्य की नारी शक्ति प्रगति कर रही है, तो उस राज्य के विकास को कोई भी ताकत नहीं रोक सकती। उन्होंने कहा कि बेटियों के शिक्षित होने से आने वाली पीढ़ियों का भविष्य भी संवरता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से राज्य सरकार ने राज्य में सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण देने के साथ ही मुख्यमंत्री नारी सशक्तिकरण योजना, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना, मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना, नंदा गौरा योजना जैसी योजनाएँ प्रारम्भ की हैं। इन योजनाओं के माध्यम से प्रदेश की बेटियाँ सरकारी सेवाओं में चयनित हो रही हैं एवं स्वयं सहायता समूहों, स्टार्टअप्स और लघु उद्योगों के माध्यम से भी आत्मनिर्भर बन रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में नारी सशक्तिकरण की दिशा में कई ऐतिहासिक कदम उठाए जा रहे हैं। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, सुकन्या समृद्धि योजना, बालिका समृद्धि योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और समृद्धि को सुनिश्चित किया जा रहा है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम, उज्ज्वला योजना, लखपति दीदी योजना जैसी पहलों के माध्यम से मातृशक्ति का सम्मान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा महिला छात्रावास के निर्माण, मुफ्त साइकिल योजना और ‘बालिका शिक्षा प्रोत्साहन कार्यक्रम’ जैसी योजनाओं के माध्यम से राज्य में बालिकाओं को शिक्षा के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की कई बेटियाँ आगे चलकर सरकारी नौकरी में जाने का सपना देख रही हैं। उनके सपनों को साकार करने के लिए राज्य में देश का सबसे कठोर नकल-विरोधी कानून लागू किया गया है, जिसका परिणाम है कि पिछले 4 वर्षों में राज्य में लगभग 25 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी पाने में सफलता प्राप्त हुई है।

महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि देश में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में और प्रदेश में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों से महिला सशक्तिकरण की दिशा में अनेक कार्य हुए हैं। प्रधानमंत्री द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान चलाया गया। कन्या जन्म को प्रोत्साहित करना, बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देना और महिला सशक्तिकरण को प्रोत्साहन देना इसके मुख्य उद्देश्य हैं, जिन दिशा में तेजी से कार्य हुए हैं। राज्य में भी इस अभियान के बाद बेटियों के लिंगानुपात में सुधार हुआ है।

इस अवसर पर विधायक सविता कपूर, राज्य औषधीय पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष प्रताप सिंह पंवार, सचिव चन्द्रेश कुमार तथा महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम से मुलाकात कर परीक्षा जांच आयोग ने सौंपी अंतरिम रिपोर्ट

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा 21 सितंबर, 2025 को आयोजित प्रतियोगी परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच हेतु राज्य सरकार द्वारा गठित एकल सदस्यीय जांच आयोग ने आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भेंट कर अंतरिम रिपोर्ट प्रस्तुत की। आयोग की अध्यक्षता न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) यू.सी. ध्यानी द्वारा की गई।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आयोग ने अल्प समय में अधिक से अधिक जनसुनवाई कर अभ्यर्थियों एवं संबंधित पक्षों से सुझाव प्राप्त करते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत की है, जो सराहनीय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार रिपोर्ट का परीक्षण कर अभ्यर्थियों के हित में निर्णय लेगी। उन्होंने बताया कि प्रकरण की सीबीआई जांच की संस्तुति की जा चुकी है, जिससे मामले की पूरी निष्पक्षता सुनिश्चित हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार परीक्षाओं की शुचिता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाये रखने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। भविष्य में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी भर्ती परीक्षा में अनियमितता की कोई संभावना न रहे और अभ्यर्थियों तथा उनके अभिभावकों का विश्वास राज्य की परीक्षा प्रणाली पर बना रहे।

ग्राम सराय स्थित भूमि के क्रय में अनियमितताओं से संबंधित प्रकरण पर विभागीय जांच की प्रक्रिया प्रारंभ

नगर निगम, हरिद्वार द्वारा ग्राम सराय स्थित भूमि के क्रय में अनियमितताओं से संबंधित प्रकरण को लेकर उत्तराखण्ड शासन ने कार्रवाई की गति तेज कर दी है। शासन द्वारा इस पूरे प्रकरण में तीन अधिकारियों-तत्कालीन जिलाधिकारी कर्मेन्द्र सिंह, तत्कालीन नगर आयुक्त वरुण चौधरी तथा तत्कालीन उप जिलाधिकारी अजयवीर सिंह, (निलंबित) के विरुद्ध विभागीय जांच की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है।

गृह विभाग से जारी आदेश के अनुसार, प्रथम दृष्टया संलिप्तता पाए जाने के आधार पर अजयवीर सिंह के विरुद्ध उत्तराखण्ड सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 2003 (यथासंशोधित) के प्रावधानों के तहत अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रचलित की गई है। उन्हें पूर्व में आरोप पत्र निर्गत करते हुए अपना पक्ष प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया था, जिसके प्रत्युत्तर में उन्होंने दिनांक 16 सितम्बर, 2025 को अपना लिखित अभिकथन प्रस्तुत करते हुए सभी आरोपों को अस्वीकार किया।

शासन ने अब इस प्रकरण में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने हेतु डॉ. आनन्द श्रीवास्तव (आई.ए.एस.), अपर सचिव, उत्तराखण्ड शासन को अजयवीर सिंह के विरुद्ध जांच अधिकारी नियुक्त किया है। उन्हें एक माह के भीतर जांच आख्या शासन को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

ज्ञातव्य है कि प्रकरण से संबंधित अन्य दो अधिकारियों-तत्कालीन जिलाधिकारी हरिद्वार कर्मेन्द्र सिंह और तत्कालीन नगर आयुक्त वरुण चौधरी के विरुद्ध चल रही विभागीय जांच के लिए शासन ने सचिन कुर्वे (आई.ए.एस.) को जांच अधिकारी नामित किया है।

राज्य सरकार भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति पर दृढ़ता से कार्य कर रही है। शासन व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर अनियमितता पाए जाने पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी, चाहे वह किसी भी स्तर का अधिकारी क्यों न हो।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

दून विवि में इंडियन एसोसिएशन ऑफ सोशल साइंस इंस्टीट्यूशंस के 24वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का हुआ शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दून विश्वविद्यालय, देहरादून में आयोजित इंडियन एसोसिएशन ऑफ सोशल साइंस इंस्टीट्यूशंस के 24वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इंडियन एसोसिएशन ऑफ सोशल साइंस इंस्टीट्यूशंस के वार्षिक अधिवेशन के विभिन्न सत्रों में सामाजिक कल्याण, अर्थशास्त्र, रोजगार, उद्योग, कृषि, तकनीकी, पर्यावरण और नगरीकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर देश-विदेश के प्रख्यात विद्वानों द्वारा सार्थक विचार-विमर्श किया जाएगा। इस चिंतन-मंथन से सामाजिक नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन एवं राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर जन-जन के कल्याण के लिए ठोस एवं व्यवहारिक उपायों का संकलन भी हो सकेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मूलमंत्र के साथ निरंतर कार्य कर रहा है। उनके प्रधान सेवक बनने के बाद पिछले 11 वर्षों में अनेक नीतियों एवं योजनाओं के माध्यम से प्रत्येक वर्ग के कल्याण की दिशा में संकल्पपूर्वक प्रयास किए गए हैं। अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के कल्याण के लिए प्रारंभ की गई जन-धन योजना, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत योजना जैसी अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ देश के करोड़ों नागरिकों को प्राप्त हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सौर मिशन, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, ग्रीन हाइड्रोजन मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, नमामि गंगे अभियान और प्लास्टिक मुक्त भारत अभियान जैसी योजनाएं पर्यावरण संरक्षण में अहम भूमिका निभा रही हैं। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन एवं सहयोग से राज्य सरकार भी प्रदेश में सामाजिक न्याय की अवधारणा को मजबूत करने के साथ सतत विकास की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वृद्धावस्था पेंशन बढ़ाने के साथ ही पति-पत्नी दोनों को पेंशन देने तथा सभी पेंशन योजनाओं में त्रैमासिक के स्थान पर मासिक भुगतान की शुरुआत की गई है। राज्य सरकार ने प्रत्येक निर्णय में प्रदेश में सामाजिक न्याय स्थापित करने का कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार वर्ष 2030 तक सतत विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ संकल्पित होकर कार्य कर रही है। राज्य में आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय स्थिरता बनाए रखते हुए सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के साथ-साथ एक सुरक्षित व न्यायपूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। राज्य सरकार ने इकोनॉमी और इकोलॉजी के संतुलन को सुनिश्चित करने के लिए त्रि-स्तंभीय एवं नौ-सूत्रीय नीति की शुरुआत की है, जो सतत विकास के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में गरीबी उन्मूलन, खाद्य सुरक्षा, पेयजल एवं स्वच्छता, जन्म के समय लिंगानुपात, स्वच्छ ऊर्जा, शहरी विकास, वित्तीय समावेशन और जलवायु परिवर्तन जैसे क्षेत्रों में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। सरकार मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता प्रोत्साहन योजना, सौर ऊर्जा क्रांति अभियान, स्मार्ट सिटी मिशन और मुख्यमंत्री शहरी आजीविका योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से इन क्षेत्रों को सशक्त बनाने का कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग द्वारा सतत विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने में उत्तराखंड देश में प्रथम स्थान पर आया है। राज्य में जलवायु परिवर्तन, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच, सतत कृषि और जल संसाधन प्रबंधन जैसी कई चुनौतियां हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने सामाजिक विकास के क्षेत्र में सामूहिक प्रयासों को सशक्त बनाने के लिए टाटा ट्रस्ट, नैस्कॉम और वाधवानी फाउंडेशन के साथ तीन अत्यंत महत्वपूर्ण समझौते किए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि टाटा ट्रस्ट के सहयोग से राज्य में जल प्रबंधन, पोषण, टेलीमेडिसिन, ग्रामीण आजीविका और हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में समग्र और सतत विकास को सशक्त किया जा रहा है, वहीं नैस्कॉम और वाधवानी फाउंडेशन के सहयोग से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, साइबर सुरक्षा, पायथन, जनरेटिव एआई, कौशल विकास एवं स्वरोजगार जैसे क्षेत्रों में युवाओं को आवश्यक कौशल और ज्ञान प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी नवाचारों के माध्यम से उत्तराखंड को सस्टेनेबल डेवलपमेंट के एक मॉडल स्टेट के रूप में स्थापित किया जा सकेगा।

इस अवसर पर नीति आयोग के सदस्य प्रो. रमेश चंद, कुलपति दून विश्वविद्यालय प्रो. सुरेखा डंगवाल, आईएएसएसआई के अध्यक्ष एवं नालंदा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सचिन चतुर्वेदी, प्रो. आर.पी. ममगांई, प्रो. आई.सी. अवस्थी, प्रो. अलख शर्मा एवं विषय विशेषज्ञ उपस्थित थे।

सरकार का प्रयास कर्मचारियों को कठिन परिस्थितियों में उनके परिवार को हर संभव सुविधा उपलब्ध होः धामी

उपनल के माध्यम से सेवारत तीन कार्मिकों की दुर्घटना में मुत्यु होने के उपरान्त उनके आश्रितों को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में 50-50 लाख की सहायता राशि के चेक प्रदान किये। उपनल के माध्यम से विद्युत वितरण खण्ड, जसपुर में तैनात बृजेश कुमार की जनवरी 2025, ब्रिडकुल देहरादून में तैनात तसलीम की नवम्बर 2024 और विद्युत वितरण खण्ड हरिद्वार में तैनात संजीव कुमार की फरवरी 2025 में सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निर्देश पर उत्तराखण्ड के सरकारी, अर्द्ध सरकारी और उपनल कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए कॉर्पाेरेट सैलरी पैकेज के तहत अनेक प्रकार की सुविधाएं और बीमा लाभ प्रदान करने के लिए राज्य सरकार और बैंकों के बीच एमओयू किया गया है। राज्य सरकार की इस महत्वपूर्ण पहल के अन्तर्गत कार्मिक की दुर्घटना में मृत्यु होने पर उनके परिजनों को सहायता राशि प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री ने उपनल कर्मचारियों के लिए यह सुविधा प्रदान करने के लिए पंजाब नेशनल बैंक का आभार भी व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कोई भी सहायता राशि मानव की कमी को तो पूर्ण नहीं कर सकती है, लेकिन कठिन समय में उनके परिवारजनों को आर्थिक संबल प्रदान करने में मदद करती है। सरकार का प्रयास है कि कर्मचारियों को सुरक्षित और सम्मानजनक कार्य वातावरण के साथ ही कठिन परिस्थितियों में उनके परिवार को हर संभव सुविधा उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि कॉर्पाेरेट सैलरी पैकेज के तहत राज्य में कर्मचारियों को बीमा और अन्य सुरक्षा प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार द्वारा अनेक नवाचार किए जा रहे हैं। कर्मचारियों के हितों में अनेक निर्णय लिए गए हैं।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के.सुधांशु, सचिव दीपेन्द्र चौधरी, अपर सचिव मनमोहन मैनाली, मेजर जनरल शम्मी सबरवाल (से.नि.), एमडी उपनल जे.एन.एस. बिष्ट, पंजाब नेशनल बैंक के जोनल हेड अनुपम, डिप्टी जनरल मैनेजर अभिनंदन, एजीएम अजीत कुमार उपाध्याय मौजूद थे।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में यूपीसीएल की 125 वीं बोर्ड बैठक आयोजित हुई

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में उत्तराखण्ड पावर कार्पाेरेशन लिमिटेड की 125वीं बोर्ड बैठक सम्पन्न हुयी। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने बोर्ड में सचिव वित्त को भी शामिल किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने टेक्निकल पृष्ठभूमि के व्यक्ति को भी बोर्ड में शामिल किए जाने की बात कही।

अगले वित्तीय वर्ष का बजट फरवरी-मार्च तक हो जाए बोर्ड से स्वीकृतः मुख्य सचिव
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रोजेक्ट्स की लागत को कम किए जाने के लगातार प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट्स के लिए लिया जाना वाला ऋण जितना सस्ता हो, उतना अच्छा। इसके लिए वित्त उपलब्ध कराने वाली एजेन्सियों से लगातार सम्पर्क किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि अगले वित्त वर्ष के बजट के लिए फरवरी-मार्च तक बोर्ड से संस्तुति अनिवार्य रूप से ले ली जाए।

तीनों कार्पाेरेशन में विजिलेंस मैकेनिज्म तैयार किए जाने के दिए निर्देश
मुख्य सचिव ने तीनों कार्पाेरेशन में विजिलेंस मैकेनिज्म तैयार किए जाने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सचिव विजिलेंस के साथ बैठक कर तीनों कार्पाेरेशन्स में शीघ्र ही विजिलेंस मैकेनिज्म तैयार किया जाए। मुख्य सचिव ने यूपीसीएल को 1 जनवरी, 2026 से ईआरपी लागू किए जाने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि तीनों कार्पाेरेशन में त्रैमासिक प्रदर्शन की समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि इससे अल्पकालिक लक्ष्यों पर कार्पाेरेशन की प्रगति का आंकलन एवं सुधार के क्षेत्रों को चिन्हित कर अगली तिमाही के लिए नए उद्देश्य निर्धारित किए जा सकेंगे।

मुख्य सचिव ने नई तकनीकों के इस्तेमाल पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि नई तकनीक का उपयोग करने से पहले एक दो स्थानों पर अनिवार्य रूप से प्रयोग कर लिया जाए, ताकि तकनीक के कम सफल होने या असफल होने पर उपयोग से हटाए जाने में अधिक नुकसान न हो। उन्होंने कहा कि सभी कार्पाेरेशन को पेशेवर दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है। उन्होंने प्रोजेक्ट्स को शुरू करने से पहले उसका तकनीकी आर्थिक व्यवहार्यता (टेक्नो इकोनॉमिक फीजीबिलिटी) परीक्षण कराए जाने की बात भी कही।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, स्वतंत्र निदेशक (बोर्ड) पराग गुप्ता, बी.पी. पाण्डेय, अपर सचिव डॉ. अहमद इकबाल, एमडी यूपीसीएल अनिल यादव, एमडी यूजेवीएनएल संदीप सिंघल एवं एमडी पिटकुल पी.सी. ध्यानी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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सीएस ने किया एनआईसी उत्तराखण्ड की त्रैमासिक न्यूज़लेटर ‘द डिजिटल थ्रेड‘ का विमोचन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने एन.आई.सी. उत्तराखण्ड की प्रथम त्रैमासिक न्यूज़लेटर ‘द डिजिटल थ्रेड‘ का विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्य सचिव ने आशा व्यक्त की कि यह न्यूज़लेटर राज्य में सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों, सफल परियोजनाओं, डिजिटल पहलों एवं एन.आई.सी. उत्तराखण्ड की प्रमुख गतिविधियों को व्यापक रूप से आम जनमानस तक से पहुंचाने का काम करेगा। उन्होंने कहा कि ‘द डिजिटल थ्रेड‘, शासन, तकनीक और नागरिकों के बीच सेतु का कार्य करेगा।

राज्य सूचना विज्ञान अधिकारी (एन.आई.सी.) संजय गुप्ता ने कहा कि एन.आई.सी. उत्तराखण्ड राज्य में डिजिटल इंडिया मिशन को सशक्त बनाने हेतु प्रतिबद्ध है, एवं निरंतर अपने उद्देश्यों की पूर्ति के लिए कार्य कर रहा है।

इस अवसर पर ए.एस.आई.ओ. (जिला) राजीव जोशी, संयुक्त निदेशक (आई.टी.) चंचल गोयल, संयुक्त निदेशक (आई.टी.) शिवानी गोठी, सयुंक्त निदेशक (आई.टी.) रोहित चंद्रा, उप निदेशक (आई.टी.) प्रीति जोशी एवं उप निदेशक (आई.टी.) अनुज धनगर भी उपस्थित रहे।

नंदा राजजात यात्रा के कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर किया जाएः सीएस

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में विभिन्न विभागों के प्रस्तावों को लेकर व्यय वित्त समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक के दौरान विभिन्न विभागों के प्रस्तावों को मंजूरी मिली।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नंदा राजजात यात्रा से सम्बन्धित कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर किया जाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि यात्रा शुरू होने से पहले सभी कार्य पूर्ण कर लिए जाएं।

मुख्य सचिव ने शारदा घाट पुनर्विकास से सम्बन्धित प्रस्तावों के दौरान कहा कि किसी भी स्थान के सौंदर्यीकरण सहित अन्य कार्यों में स्वदेशी मैटेरियल को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने घाटों के निर्माण से सम्बन्धित प्रोजेक्ट्स में प्रयोग होने वाली नई तकनीकों में भी न्यूनतम रखरखाव वाली तकनीकों का उपयोग किए जाने पर जोर दिया। कहा कि घाटों में बनाए जाने वाले पैदल मार्गों को प्राकृतिक रूप से घास आदि लगाकर ठंडा रखा जा सकता है।

मुख्य सचिव ने कहा कि विदेशी मैटेरियल को स्वदेशी से बदलने से प्रोजेक्ट में होने वाला खर्च भी कम होगा। यदि ऐसा कोई मैटेरियल प्रयोग किया जाना आवश्यक हो तो समिति के समक्ष उसका तार्किक औचित्य भी प्रस्तुत किया जाए।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय एवं अपर सचिव डॉ. अहमद इकबाल सहित सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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सीएम ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं के लिए 1029 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पंचम राज्य वित्त आयोग की संस्तुतियों के क्रम में गैर निर्वाचित निकायों को वित्तीय वर्ष 2025-26 की द्वितीय छमाही किश्त हेतु 03 करोड़, समस्त जिला पंचायतों को वित्तीय वर्ष 2025-26 की तृतीय त्रैमासिक किश्त एवं क्षेत्र पंचायतों एवं ग्राम पंचायतों को द्वित्तीय छमाही किश्त की कुल 361.25 करोड तथा समस्त शहरी स्थानीय निकायों को वित्तीय वर्ष 2025-26 की तृतीय त्रैमासिक किस्त हेतु 333.25 करोड की धनराशि आवंटित किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री द्वारा मानसून के दौरान जनपद हरिद्वार में आपदाओं की संवेदनशीलता को देखते हुए आपदा न्यानीकरण निधि में तात्कालिक आवश्यकताओं के कार्यों हेतु 01 करोड एवं जनपद उत्तरकाशी के धराली/स्यानाचट्टी सहित विभिन्न क्षेत्रों में अतिवृष्टि के कारण व्यापक सार्वजनिक परिसम्पत्तियों की मरम्मत/पुर्नस्थापना कार्य हेतु 03 करोड़ अतिरिक्त धनराशि आवंटित किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने राज्य योजना के अन्तर्गत जनपद पौड़ी गढ़वाल की विधानसभा क्षेत्र श्रीनगर में विभिन्न मोटर मार्गों पर स्थित 04 सेतुओं को उच्चीकृत किये जाने एवं एक मोटर मार्ग के निर्माण हेतु 18.23 लाख का भी अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न जनपदों/रेखीय विभागों को वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य आपदा मोचन निधि से आयुक्त एवं सचिव, राजस्व परिषद, देहरादून को 02 करोड़, जनपद देहरादून को 16 करोड़ एवं उत्तराखण्ड ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण को 25 करोड़, की धनराशि आवंटित किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री द्वारा जनपद पौडी के विकासखण्ड यमकेश्वर के अन्तर्गत दिवोगी कान्द्रा भवालातोक में विन नदी के किनारे पर बाढ़ नियंत्रण कार्य हेतु 2.58 करोड़ की धनराशि का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा प्राकृतिक आपदा से मार्गाे/सड़कों में आने वाले मलबे को हटाये जाने हेतु विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं द्वारा स्थापित/तैनात की गयी जे०सी०बी० आदि के वित्तीय वर्ष 2025-26 तथा विगत वर्षों को जे०सी०बी० के बीजकों का तथा राज्य आपदा मोचन निधि से अन्य देयकों का भुगतान जनपद स्तर पर प्रति जनपद 02 करोड़ की दर से 13 जनपदों हेतु कुल 26 करोड़ स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने किया जनपद पिथौरागढ़ में स्थित लंदन फोर्ट किले का नाम सोरगढ़ किला किये जाने का अनुमोदन
मुख्यमंत्री द्वारा मुख्यमंत्री घोषणा के तहत जनपद पिथौरागढ़ में स्थित लंदन फोर्ट किले का नाम सोरगढ़ किला किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है। इसका शासनादेश भी जारी कर दिया गया है।