त्योहारी सीजन में मिलावटखोरों पर सीएम धामी का शिकंजा, 180 किलो पनीर नष्ट, सैंपल जांच के लिए भेजे गए

दीपावली और अन्य त्योहारी पर्वों को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने प्रदेशभर में मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ़ बड़ा अभियान शुरू किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के सख्त निर्देशों पर, स्वास्थ्य सचिव एवं खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार के नेतृत्व में यह कार्रवाई पूरे राज्य में तेज़ी से जारी है। अपर आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ताजबर सिंह जग्गी के नेतृत्व में सभी जनपदों में लगातार निरीक्षण और सैंपलिंग की जा रही है। सरकार का स्पष्ट संदेश है, खाद्य सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा।

देहरादून जिले में रातभर चला औचक निरीक्षण अभियान
जनपद देहरादून में मिलावटी खाद्य पदार्थों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान का उद्देश्य त्योहारी सीजन में आमजन को शुद्ध, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। आयुक्त के निर्देशों के अनुपालन में बुधवार को प्रातः 4 बजे से ही विशेष जांच अभियान शुरू किया गया, जिसके अंतर्गत सेलाकुई, विकासनगर, ऋषिकेश और मसूरी क्षेत्रों में खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीमों ने औचक निरीक्षण किया। वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी विकासनगर, संजय तिवारी ने बताया कि सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा, जनपद देहरादून, मनीष सयाना के नेतृत्व में विभागीय टीम ने देर रात और तड़के सुबह तक अभियान चलाया। इस दौरान वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी नगर निगम क्षेत्र, रमेश सिंह के साथ विकासनगर क्षेत्र में स्कूटी से अस्वच्छ स्थिति में वितरित किए जा रहे लगभग 60 किलो पनीर को मौके पर नष्ट किया गया। वहीं, सेलाकुई में होंडा सिटी वाहन (न्च् 17 भ् 1400) से लगभग 120 किलो पनीर को भी अनहाइजेनिक स्थिति में वितरित करते हुए पकड़ा गया। विभागीय टीम ने उसका नमूना लेकर शेष पनीर को शीशमवाड़ा ट्रेंचिंग ग्राउंड में नष्ट कराया।

कुल 15 नमूने जांच को भेजे गए
सहायक आयुक्त खाद्य संरक्षा जनपद देहरादून मनीष सयाना ने बताया कि दीपावली को देखते हुए जनपद में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। आज जनपद देहरादून के विभिन्न क्षेत्रों विकासनगर, सेलाकुई, ऋषिकेश और मसूरी में अभियान चलाकर दूध, पनीर और मिठाई के कुल 15 नमूने जांच हेतु लिए गए हैं। सभी नमूनों को खाद्य विश्लेषणशाला भेजा गया है। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद दोषियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे अभियान में सहायक आयुक्त मनीष सयाना, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी रमेश सिंह (नगर निगम क्षेत्र), वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजय तिवारी (विकासनगर क्षेत्र), वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी संतोष कुमार सिंह (ऋषिकेश क्षेत्र), और वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी कपिल देव (मसूरी क्षेत्र) सहित विभाग के कई अधिकारी शामिल रहे। सभी टीमों ने मिलकर जिले के संवेदनशील क्षेत्रों में सुबह से शाम तक निरीक्षण अभियान चलाया।

हरिद्वार में मिठाई निर्माण इकाइयों पर बड़ी कार्रवाई
खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन और हरिद्वार पथरी पुलिस की संयुक्त टीम ने बुधवार को पदार्था हरिद्वार मुस्तफाबाद क्षेत्र में छापेमारी कर दो मिठाई निर्माण इकाइयों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान टीम ने पाया कि इकाइयों में गंदगी और कीचड़ के बीच मिठाई तैयार की जा रही थी। स्वच्छता मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर मौके पर ही करीब दो कुंतल बतीसा नष्ट कराया गया। वहीं, फूड लाइसेंस न होने पर एक फैक्ट्री को तत्काल प्रभाव से बंद करने के निर्देश दिए गए। टीम ने गुलाब जामुन और सफेद रसगुल्ले के एक-एक तथा बतीसा के तीन नमूने लेकर जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजे। यह कार्रवाई जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी के नेतृत्व में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन, योगेंद्र पांडेय और पथरी पुलिस टीम की मौजूदगी में की गई। विभाग ने साफ किया कि मिलावटी और अस्वच्छ खाद्य पदार्थ बनाने वालों के खिलाफ सख्त कदम जारी रहेंगे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बोले- सेहत से समझौता नहीं
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा त्योहारों के समय बाजारों में मिलावटखोर सक्रिय हो जाते हैं। मैं साफ कहना चाहता हूं कि नागरिकों के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। जो लोग मिलावट का कारोबार कर रहे हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। राज्य सरकार हर नागरिक को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने दिए सख्त निर्देश
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा हमारी प्राथमिकता जनता का स्वास्थ्य है। सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जहां कहीं मिलावट की आशंका हो, वहां तत्काल छापेमारी करें। खाद्य सुरक्षा से जुड़ी कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हर जिले में अभियान लगातार जारी रहेगा।

जनता को मिल रहा सकारात्मक संदेश
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि त्योहारी सीजन में विभाग ने सभी जिलों में निगरानी बढ़ा दी है। हमारी टीमें सीमांत क्षेत्रों और मंडियों में तैनात हैं ताकि अन्य राज्यों से आने वाले संदिग्ध खाद्य उत्पादों को सीमाओं पर ही रोका जा सके। अभियान का उद्देश्य केवल कार्रवाई नहीं बल्कि उपभोक्ताओं के प्रति जागरूकता भी है। जनता को भरोसा होना चाहिए कि सरकार उनके स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए पूरी तरह सतर्क है।

टीमें सुबह और देर रात तक सक्रिय रहेगी
अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने कहा त्योहारी सीजन के दौरान दूध, मिठाई, पनीर, तेल, घी और मसालों की विशेष जांच की जा रही है। टीमें सुबह और देर रात तक सक्रिय रहेंगी। जहां से शिकायतें मिलेंगी, वहां तुरंत कार्रवाई होगी। इन सख्त कार्रवाइयों से उपभोक्ताओं में राहत और भरोसा दोनों बढ़ा है। सरकार का यह रुख साफ है राज्य की पहचान विकास, विश्वास और स्वच्छता से है, मिलावट और अस्वच्छता से नहीं।

वे साइड एमिनिटी बनने से पर्यटन व स्थानीय रोजगार को मिलेगा नया आयामः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने विधानसभा क्षेत्र चम्पावत के अमोड़ी में लगभग ₹1.60 करोड़ की लागत से बनने वाली “वे साइड एमिनिटी परियोजना का शिलान्यास एवं भूमिपूजन किया। यह परियोजना मुख्यमंत्री की घोषणा के अंतर्गत ग्राम उत्थान परियोजना तथा उत्तराखण्ड कृषि उत्पादन एवं विपणन बोर्ड, रुद्रपुर के सहयोग से स्थापित की जा रही है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना ‘आदर्श चम्पावत’ की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो न केवल क्षेत्र के पर्यटन ढांचे को सुदृढ़ करेगी, बल्कि स्थानीय युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की परियोजनाएँ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने और स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएँगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वे साइड एमिनिटी कॉम्प्लेक्स में आने वाले यात्रियों और पर्यटकों के लिए आरामदायक विश्राम स्थल, स्वच्छ एवं आधुनिक शौचालय, जलपान एवं कैफेटेरिया की सुविधा, साथ ही स्थानीय हस्तशिल्प, कृषि एवं वन उत्पादों के बिक्री केंद्र जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके साथ ही वाहन पार्किंग, हरित क्षेत्र (ग्रीन जोन), और सूचना केंद्र भी प्रस्तावित हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य चम्पावत को विकास के मॉडल जनपद के रूप में स्थापित करना है, जहाँ पर्यटन, कृषि, बुनियादी ढांचा और स्थानीय उद्यमिता मिलकर प्रदेश के लिए एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “वोकल फॉर लोकल” और “आत्मनिर्भर भारत” के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए प्रत्येक क्षेत्र में स्थानीय संसाधनों के अधिकतम उपयोग पर बल दे रही है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उत्तराखण्ड सरकार ने ग्रामीण पर्यटन, होमस्टे, जैविक उत्पाद, और पारंपरिक हस्तकला को प्रोत्साहन देने के लिए अनेक योजनाएँ लागू की हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी परियोजनाएँ न केवल पर्यटन विकास को नई दिशा देंगी, बल्कि युवा पीढ़ी के लिए स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता का मार्ग भी प्रशस्त करेंगी।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने उपस्थित ग्रामीणों से संवाद करते हुए कहा कि राज्य सरकार जनता के सहयोग से चम्पावत को सर्वांगीण विकास का केंद्र बनाने के लिए संकल्पित है। उन्होंने कहा कि “जनभागीदारी से ही विकास की परिकल्पना साकार हो सकती है।”

इस अवसर पर दायित्वधारी श्याम नारायण पांडे, अनिल डब्बू, शंकर कोरंगा, भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद सामंत, जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद अधिकारी, भाजपा प्रदेश मंत्री निर्मल मेहरा, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं स्थानीय ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन स्थानीय प्रशासन द्वारा किया गया तथा अंत में मुख्यमंत्री ने परियोजना से जुड़े विभागों को समयबद्ध रूप से निर्माण कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए।

वरिष्ठजन के अनुभव और आशीर्वाद से ही चंपावत आदर्श जनपद बनेगाः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिला पंचायत सभागार, चंपावत में प्रबुद्ध नागरिकों एवं वरिष्ठजनों के साथ संवाद किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वरिष्ठ नागरिक समाज के अनुभव, ज्ञान और मूल्यों के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा हमारे वरिष्ठजन समाज के मार्गदर्शक स्तंभ हैं। उनके अनुभव और आशीर्वाद से ही चंपावत आदर्श जनपद बनेगा, और आदर्श चंपावत से ही आदर्श उत्तराखंड का मार्ग प्रशस्त होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चंपावत जिले के केवल सिप्टी क्षेत्र में ही ₹100 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाएँ पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि समूचे जनपद में इससे कहीं अधिक कार्य प्रगति पर हैं। उन्होंने बताया कि अब तक उनकी ओर से की गई 306 घोषणाओं में से 196 पूरी की जा चुकी हैं, जबकि शेष पर तीव्र गति से कार्य चल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आदर्श चंपावत केवल एक जिला नहीं, बल्कि “आदर्श उत्तराखंड” के निर्माण की दिशा में एक सशक्त कदम है। मुख्यमंत्री ने बताया कि जिले में साइंस सेंटर का निर्माण पूर्ण हो चुका है, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय का नया परिसर आरंभ हो चुका है और चंपावत को स्मार्ट सिटी मिशन में भी शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्णागिरि रोपवे परियोजना, शारदा कॉरिडोर और वेडिंग डेस्टिनेशन उत्तराखंड योजना जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर तेजी से कार्य जारी है।

सम्मेलन में उपस्थित वरिष्ठ नागरिकों ने मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया और कहा कि चंपावत ने जिस विश्वास के साथ उन्हें 93 प्रतिशत से अधिक मत देकर विधायक बनाया था, वही विश्वास अब विकास कार्यों के रूप में धरातल पर दिख रहा है। उन्होंने कहा आने वाले समय में यह समर्थन 100 प्रतिशत तक पहुँचेगा।

वरिष्ठजनों ने जिले में शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और आयुर्वेदिक औषधि निर्माण के क्षेत्र में हो रहे सुधारों की सराहना की। उन्होंने पेंशन से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए भी मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया और अपेक्षा जताई कि सरकार इसी संवेदनशीलता के साथ आगे भी कार्य करती रहेगी।

इस अवसर पर दायित्वधारी श्याम नारायण पांडे, अनिल डब्बू, शंकर कोरंगा, भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद सामंत, जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद अधिकारी, नगर पालिका अध्यक्ष प्रेमा पांडे, ब्लॉक प्रमुख अचला बोहरा, बाराकोट ब्लॉक प्रमुख सीमा आर्या, भाजपा प्रदेश मंत्री निर्मल मेहरा, पूर्व विधायक पूरन सिंह फर्त्याल सहित जनप्रतिनिधि, प्रबुद्धजन, वरिष्ठ नागरिक एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे।

सीमांत जिलों में आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी जानकारी और प्रशिक्षण के लिए नवाचार केन्द्र बनेंगेः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुप्तकाशी में चतुर्थ सीमांत पर्वतीय बाल विज्ञान महोत्सव का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सीमांत क्षेत्रों में सुविधाओं और सेवाओं के विस्तार हेतु राज्य में सीमांत क्षेत्र विकास परिषद का गठन किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमांत जनपदों में अब ऐसे नवाचार केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जहाँ आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी उपयोगी जानकारी और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा आयोजित चतुर्थ सीमांत पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव के राज्य स्तरीय आयोजन का दीप प्रज्वलित शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न जनपदों से आए बाल वैज्ञानिकों के साथ जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक जल संसाधन एवं संरक्षण, आपदा प्रबंधन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा ऊर्जा संरक्षण आदि विषयों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस भव्य आयोजन से सीमांत जनपदों के प्रतिभावान बाल वैज्ञानिकों को नई दिशा और अवसर प्राप्त होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत नवाचार, अनुसंधान और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ छू रहा है। नए भारत की गति और दिशा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के नवाचारों पर निर्भर करेगी। विज्ञान की नई तकनीकों के बल पर आज भारत अंतरिक्ष सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपना परचम लहरा रहा है। देहरादून में देश की पाँचवीं साइंस सिटी बनने जा रही है, जो उत्तराखण्ड जैसे पर्वतीय राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि जनता को पारदर्शी और प्रभावी सेवाएँ मिलें, इसके लिए अधिकांश सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर रुद्रप्रयाग जिले में आपदा प्रबंधन केंद्र के निर्माण के लिए जिलाधिकारी को कार्ययोजना बनाने के निर्देश देने के साथ ही पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय बणसू जाखधार में विभिन्न कार्यों के लिए 50 लाख रुपये देने की घोषणा भी की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पद्मश्री कल्याण सिंह रावत, सीमांत क्षेत्र के उद्यमी इंद्र सिंह रावत और सीमांत सेवा फाउंडेशन के डॉ. पाटनी को सम्मानित करने के साथ ही यूकॉस्ट की रुद्रप्रयाग डैशबोर्ड पुस्तक का विमोचन भी किया। इस जीआईएस आधारित रिमोट सिस्टम डैशबोर्ड पर विभिन्न विभागों की योजनाओं से जुड़ी सूचनाएँ एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगी।
चतुर्थ सीमांत पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव की थीम – जलवायु परिवर्तन अनुकूलन रणनीतियाँ तथा आपदा जोखिम प्रबंधन एकीकरण है। इसका उद्देश्य जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक जल संसाधन एवं संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा को बढ़ावा देना और ऐसी रणनीतियाँ विकसित करना है।

कार्यक्रम में विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल, जिला पंचायत अध्यक्ष रुद्रप्रयाग पूनम कठैत, उपाध्यक्ष महिला बाल विकास ऐश्वर्या रावत, भाजपा जिला अध्यक्ष भारत भूषण भट्ट, महानिदेशक यूकॉस्ट प्रो. दुर्गेश पंत, जिलाधिकारी प्रतीक जैन, पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रहलाद कोंडे, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, प्रधानाचार्य पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय जाखधार तिलक सिंह सहित अनेक अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास को लेकर सीएस की अध्यक्षता में हुई बैठक

मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में सचिवालय सभागार में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास से संबंधित समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में आईएमए के सदस्यों द्वारा प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और गुणवत्ता में सुधार के संबंध में अपने बहुमूल्य सुझाव साझा किए।

आईएमए के सदस्यों ने कहा कि उत्तराखंड का अधिकतर क्षेत्र दूरस्थ श्रेणी में आता है इस कारण यहां स्वास्थ्य सुविधाओं का विकास करना एक चुनौतीपूर्ण कदम है। इसके लिए उन्होंने राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास हेतु 50 बैड से नीचे के क्लीनिक/ नर्सिंग होम स्थापित करने हेतु क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के मानकों में शिथिलता लाने के सुझाव दिए।

उन्होंने पंजीकरण से लेकर क्लीनिक भवन के निर्माण और क्लीनिक स्थापित करने हेतु विभिन्न प्रकार की अनापत्ति (पंजीकरण, फायर, प्रदूषण इत्यादि से संबंधित) को सरलतम बनाने की अपेक्षा की।

आईएमए के सदस्यों ने अन्य प्रदेशों में स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास से संबंधित बनाए गए सरलतम मानकों को भी प्रदेश में आत्मसात करने का सुझाव रखा।

इस अवसर पर मुख्य सचिव ने सचिव स्वास्थ्य को निर्देशित किया कि आईएमए के सदस्यों द्वारा प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं की बेहतरी से संबंधित सुझाए गए बिंदुओं पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए निर्देशित किया कि जो सुझाव व्यावहारिक और समय के अनुरूप किए जाने अपेक्षित हो उनको बायोलॉज में शामिल करने की कार्रवाई करें ।

उन्होंने आईएमए के सदस्यों के समन्वय से इस संबंध में अग्रिम कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर बैठक में सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर राजेश कुमार, आईएमए से प्रेसिडेंट उत्तराखंड डॉ केके शर्मा व सचिव डॉ डीडी चौधरी, अपर सचिव संतोष बडोनी, डीजी हेल्थ सुनीता टम्टा सहित संबंधित अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।

उत्तराखंडः आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को सभी तरह की प्रतियोगी परीक्षाओं की मिलेगी निःशुल्क कोचिंग

मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में सचिवालय सभागार में कमजोर वर्गों के छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क कोचिंग योजना की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

मुख्य सचिव ने शिक्षा विभाग को निर्देशित किया कि निःशुल्क कोचिंग योजना की गुणवत्ता बेहतर हो, प्रतियोगियों का चयन स्क्रीनिंग के माध्यम से हो तथा प्रतियोगियों की सुविधा के अनुरूप तैयारी का टाइम का प्रबंध किया जाए।

उन्होंने निर्देशित किया कि निःशुल्क कोचिंग में किसी भी तरह की खानापूर्ति नहीं होनी चाहिए तथा इसका आउटकम जरूर निकलना चाहिए। उन्होंने इसके लिए शीघ्रता से सभी प्रक्रियाओं को पूरा करने के निर्देश दिए।

इस दौरान निदेशक शिक्षा डॉ मुकुल कुमार सती ने अवगत कराया कि इस वर्ष 10 हजार छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की निःशुल्क कोचिंग दी जानी है। कक्षा 11 में अध्ययनरत प्रतियोगियों को 2 वर्ष की कोचिंग दी जाएगी जबकि 12वीं पास करने वाले प्रतियोगियों को एक वर्ष की कोचिंग दी जाएगी।

कहा कि कोचिंग आर्ट्स, साइंस तथा कॉमर्स तीनों तरह के स्ट्रीम के अनुरूप दी जाएगी और इसमें लगभग सभी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी। इसके अतिरिक्त मेधावी प्रतियोगियों को 6 वर्ष की एडवांस कोचिंग भी दी जाएगी।

इस अवसर पर बैठक में सचिव दिलीप जावलकर, अपर सचिव मनुज गोयल सहित संबंधित अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।

सीएम ने लापता करनदीप के पिता से दूरभाष पर वार्ता कर हरसंभव सहायता का दिलाया भरोसा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मर्चेंट नेवी में कार्यरत उत्तराखंड निवासी करनदीप सिंह राणा के लापता होने के समाचार पर गहरी चिंता व्यक्त की है। इस संबंध में मुख्यमंत्री धामी ने आज करनदीप सिंह राणा के पिताजी से दूरभाष पर बातचीत कर उन्हें हरसंभव सहायता और सहयोग का भरोसा दिलाया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस मामले में केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय के साथ निरंतर संपर्क में है। उन्होंने कहा कि करनदीप जी की सुरक्षा और शीघ्र सुरक्षित वापसी राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि उन्होंने स्वयं विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से इस विषय पर शीघ्र कार्रवाई और आवश्यक सहयोग के लिए वार्ता करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार, केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियाँ आपसी समन्वय के साथ हर आवश्यक कदम उठा रही हैं ताकि करनदीप जी का पता लगाया जा सके और उन्हें सुरक्षित स्वदेश वापस लाया जा सके।

मुख्यमंत्री ने करनदीप सिंह राणा के परिजनों से धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि सरकार उनकी चिंता और पीड़ा को समझती है और इस दिशा में पूरी गंभीरता से प्रयासरत है।

खटीमा में ‘स्वदेशी अपनाओ’ अभियान के तहत पारंपरिक दीयों और स्थानीय उत्पादों की खरीदारी कर सीएम ने दिया जोर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज अपने गृह क्षेत्र खटीमा में ‘स्वदेशी अपनाओ’ अभियान के तहत पारंपरिक मिट्टी के दियों और स्थानीय रूप से निर्मित वस्तुओं की खरीदारी की।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों से अपील की कि दीपावली के पर्व पर स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों और स्वदेशी उत्पाद निर्माताओं को प्रोत्साहित करें, जिससे न केवल आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को बल मिलेगा, बल्कि गांवों और कस्बों की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि दीपावली केवल रोशनी, उत्साह और आनंद का पर्व नहीं है, बल्कि यह आत्मनिर्भरता, सम्मान और स्वाभिमान का प्रतीक भी है। उन्होंने कहा “जब हम अपने गाँव-कस्बों में बने दीये या अन्य स्वदेशी वस्तुएँ खरीदते हैं, तो हम किसी परिवार की आजीविका, उसकी मेहनत और उसकी उम्मीद को सम्मान देते हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के “वोकल फॉर लोकल” और “आत्मनिर्भर भारत” के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि स्वदेशी उत्पादों की खरीद से स्थानीय शिल्प, कुटीर उद्योग और महिला स्वयं सहायता समूहों को भी सीधा लाभ मिलता है।


उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के कारीगरों की परंपरा और कौशल अत्यंत समृद्ध है। मिट्टी के दीये, हस्तनिर्मित सजावटी सामग्री, जैविक उत्पाद और पहाड़ी खाद्य पदार्थ न केवल स्थानीय स्तर पर लोकप्रिय हैं, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना रहे हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हर नागरिक को यह संकल्प लेना चाहिए कि इस दीपावली वह स्वदेशी उत्पादों से ही अपने घरों को रोशन करें, ताकि किसी अन्य परिवार के घर में भी खुशियों के दीप जल सकें। “इस दीपावली हम सब मिलकर आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करें। हमारी छोटी-छोटी खरीदारी किसी परिवार के जीवन में नई उम्मीद की किरण बन सकती है।”

मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों को दीपावली, धनतेरस और भैयादूज की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह पर्व सबके जीवन में खुशियाँ, समृद्धि और नई ऊर्जा लेकर आए।

इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, व्यापारीगण, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएँ एवं नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

सीएस ने सीपीपीजीजी और सेतु आयोग के अधिकारियों के साथ की बैठक

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में 2047 तक विकसित उत्तराखण्ड राज्य बनाने के लिए सीपीपीजीजी (सेंटर फार पब्लिक पॉलिसी एण्ड गुड गवर्नेंस) और सेतु (स्टेट इंस्टीट्यूट फार एम्पावररिंग एण्ड ट्रांसफार्मिग) से संबंधित अधिकारियों के साथ प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में सेतु आयोग के सदस्यों ने प्रेजेन्टेशन के माध्यम से इस संबंध में की गई प्रगति की जानकारी प्रस्तुत की। मुख्य सचिव ने सीपीपीजीजी और सेतु आयोग से संबंधित अधिकारियों को विकसित उत्तराखण्ड बनाये जाने की दिशा में निर्धारित किये गये विभिन्न आयामों के मानक और इंडिकेटर्स तय करने के निर्देश दिये। साथ ही इन बेंचमार्क और इंडीकेटर्स को संबंधित विभागीय सचिवों से साझा करते हुए इस संबंध में प्राप्त होने वाले सुझावों को भी प्लान में शामिल करने के निर्देश दिये।

मुख्य सचिव ने निर्देशित किया कि प्लान में स्थानीय निकायों और पंचायतों को वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनाने तथा जनसंख्या के डाटा को भी शामिल करे। इसके अतिरिक्त विभिन्न विभागों और विशेषज्ञों के फील्ड के अनुभवों और सुझावों को भी इंडीकेटर में शामिल करें तथा निर्धारित टाइमलाइन के अनुरूप कार्याे की प्रगति को पूर्ण करें।

इस दौरान बैठक में प्रमुख सचिव आर.मीनाक्षी सुंदरम, सचिव नियोजन श्रीधर बाबू अदांकी, निदेशक सेतु आयोग मनोज पंत सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
————————–
रोड़ सेफ्टी का ऐसा मैकेनिज्म तैयार करें जो तकनीकी युक्त हो, इंप्लीमेंट करने में सरल और व्यावहारिक होः बर्द्धन

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में राज्य सडक सुरक्षा कोष प्रबंध समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गयी।
मुख्य सचिव ने परिवहन विभाग, पुलिस विभाग और संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सडक सुरक्षा के उल्लंघन से संबंधित जीरो टॉलरेंस की कार्यवाही अमल में लायी जाए। सडक सुरक्षा के मानकों के उल्लंघन की स्थिति में उसका अधूरा इंप्लीमेंटेशन न हो बल्कि जो भी इन्फोर्समेंट की कार्यवाही की जाती है उसका त्वरित गति से तथा शत प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित हो। इसके लिए सडक सुरक्षा के मानकों में यदि राज्य की परिधि के अंतर्गत संशोधन भी करना भी पडे तो किया जाए।

उन्होंने निर्देशित किया कि रेड लाईट जम्पिंग करने वालों का कम से कम तीन माह के लिए लाईसेंस निलंबित किया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रकरण जिसमें सडक सुरक्षा का उल्लंघन होने पर चालान की कार्यवाही पूर्ण की जा चुकी है किंतु संबंधित व्यक्ति द्वारा अभी तक उसके कंपाउंडिंग की प्रक्रिया पूरी नहीं की जा रही है तो संबंधित वाहन को सीसीटीवी कैमरे से ट्रैक करते हुए अग्रिम कार्यवाही करना सुनिश्चित करें।

मुख्य सचिव ने पुलिस विभाग को निर्देशित किया कि ट्रैफिक संचालन को अधिक से अधिक ऑटोमोड और डिजीटल में क्रियान्वित करने के लिए जो भी उपकरण, ट्रैफिक व स्ट्रीट लाईट अथवा अद्यतन तकनीकी उपकरण को शामिल करना हो तो उसका प्रस्ताव प्रस्तुत करें।

उन्होंने इन्फोर्समेंट की कार्यवाही के साथ साथ व्यापक स्तर पर जन जागरूकता अभियान चलाने के भी निर्देश दिए।

उन्होंने परिवहन विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया कि सडक दुर्घटना की आपात स्थिती में त्वरित मेडिकल इमरजेंसी के लिए हेली एंबुलेंस तथा अन्य बेहतर विकल्पों पर विचार करें तथा बारीकी से उसका होमवर्क करते हुए प्रस्ताव तैयार करें।

बैठक में सचिव शैलेश बगोली व बृजेश कुमार संत, पुलिस महानिरीक्षक निलेश आनंद भरणे सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

प्रदेश की विभिन्न सड़कों के लिये सीएम ने प्रदान की 161 करोड़ की धनराशि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य योजना के अन्तर्गत जनपद देहरादून के विधानसभा क्षेत्र मसूरी के अनारवाला मालसी मोटर मार्ग पर अतिक्रमण हटाने के पश्चात् उपलब्ध भूमि पर मार्ग पुर्ननिर्माण कार्य हेतु 3.19 करोड़, जनपद बागेश्वर के विधानसभा क्षेत्र बागेश्वर के गरखेत से तल्ला मेजुलिया तक मोटर मार्ग के निर्माण मार्ग निर्माण हेतु 1.01 करोड़, जनपद पौड़ी के विधानसभा क्षेत्र लैंसडाउन नैनीडांडा के अन्तर्गत कोटा से पिन्जोली तक मोटर मार्ग निर्माण हेतु 83.34 लाख की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।

मुख्यमंत्री द्वारा इस वित्तीय वर्ष के लिए लोक निर्माण विभाग हेतु चालू निर्माण कार्य वृहद निर्माण मद में 155 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा एस.सी.एस.पी. के अन्तर्गत विधानसभा क्षेत्र काशीपुर में ग्राम दोहरी वकील में आईआईएम के सामने नमो रेस्टोरेंट से बूटा सिंह आदि के घरों तक मार्ग निर्माण कार्य हेतु 50.16 लाख की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। शासन द्वारा इन योजनाओं से सम्बन्धित शासनादेश भी निर्गत कर दिए गये हैं।
————————–
मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए 196 करोड़ की धनराशि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिटकुल द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु राज्य सरकार की वार्षिक योजना के अन्तर्गत ए०डी०बी० वित्त पोषित बाह्य सहायतित योजना में संचालित परियोजनाओं हेतु प्रावधानित बजट के सापेक्ष 105.09 करोड़ की धनराशि अवमुक्त किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा उरेडा की सप्तेश्वर लघु जल विद्युत परियोजना (300 कि०वा०) के सिविल इलेक्ट्रोमैकेनिकल एवं विद्युत पारेषण लाईन के कार्यों हेतु 119.97 लाख की योजना की स्वीकृति का भी अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने माध्यमिक शिक्षा विभागान्तर्गत शैक्षिक सत्र 2025-26 से गेम चेंजर योजनान्तर्गत राज्य के राजकीय एवं राजकीय सहायता प्राप्त अशासकीय विद्यालयों (प्रारम्भिक एवं माध्यमिक) में अध्ययनरत समस्त छात्र-छात्राओं को प्रत्येक शैक्षिक सत्र में निःशुल्क नोटबुक उपलब्ध कराये जाने हेतु 52.84 करोड़ स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा जनपद हरिद्वार के रूड़की में निर्माणाधीन ऑटोमेटेड ड्राईविंग टेस्ट ट्रैक के ऑटोमेशन कार्य हेतु 4.47 करोड़, मसूरी पुनर्गठन पम्पिंग पेयजल योजना के पुनरीक्षित प्राक्कलन पर व्यय वित्त (नियोजन विभाग) द्वारा संस्तुत/परीक्षित लागत के तहत अवशेष धनरशि 19.69 करोड़, जनपद टिहरी गढ़वाल में भिलंगना विकासखण्ड के अन्तर्गत घनसाली शहर की भिलंगना नदी से बाढ़ सुरक्षा कार्य हेतु 3.18 करोड़, जनपद बागेश्वर के विकासखण्ड कपकोट में सरयू नदी से बाढ़ सुरक्षा योजना हेतु 4.85 करोड़ के साथ जनपद उत्तरकाशी में आयी भीषण आपदा को दृष्टिगत रखते हुए 5 करोड़ की धनराशि की स्वीकृति का अनुमोदन प्रदान किया गया है।