डिस्ट्रिक्ट लेवल और स्टेट लेवल पर सभी एसटीपी की रियल टाइम मॉनिटरिंग अगले एक महीने में तैयार कर देंः बर्द्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में राज्य गंगा समिति की 19वीं बैठक संपन्न हुई। मुख्य सचिव ने राज्य गंगा समिति और जनपद गंगा समितियों की बैठकें निर्धारित समय सीमा के अंतर्गत अनिवार्य रूप से आयोजित किए जाने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने स्टेट मिशन फॉर क्लीन गंगा के हेडक्वार्टर स्तर पर लगातार निगरानी के लिए मैकेनिज्म विकसित किया जाए।

मुख्य सचिव ने राज्यभर के सभी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की 24Û7 निगरानी के लिए मैकेनिज्म तैयार किये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने एसटीपी के इनलेट और आउटलेट पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने के निर्देश दिए। डिस्ट्रिक्ट लेवल और स्टेट लेवल पर सभी एसटीपी की रियल टाइम मॉनिटरिंग अगले एक महीने में तैयार करके दें। उन्होंने पीसीबी को औचक निरीक्षण कर प्रदेशभर की एसटीपी की नियमित निगरानी किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने गंगा और उसकी ट्रिब्यूटरीज़ किनारे के बड़े शहरों हरिद्वार, रुड़की, ऋषिकेश और देहरादून को सीवरेज नेटवर्क को बढ़ाए जाने की बात कही। कहा कि एसटीपी से निकलने वाले उपचारित जल के सुरक्षित उपयोग को सिंचाई एवं अन्य उद्योग से संबंधित कार्यों में उपयोग किए जाने पर फोकस किए जाने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर सचिव रणवीर सिंह चौहान, विशेष सचिव एवं सदस्य सचिव यूकेपीसीबी डॉ. पराग मधुकर धकाते, अपर सचिव रोहित मीणा एवं जनपदों से जिलाधिकारी उपस्थित थे।

एक्टर आमिर खान ने की आधिकारिक घोषणा, उत्तराखंड सिल्कयारा टनल रेस्क्यू पर बनाने जा रहे फिल्म

आमिर खान प्रोडक्शंस, ऑस्ट्रेलिया की माइंड ब्लोइंग फिल्म्स और कबीर खान फिल्म्स ने अपनी नई फिल्म ‘सिल्कयारा 41’ का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। यह फिल्म उत्तराखंड के चर्चित सिल्कयारा टनल रेस्क्यू मिशन से प्रेरित है। खास तौर पर इसमें उस ऐतिहासिक बचाव अभियान और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध टनलिंग एक्सपर्ट अर्नाेल्ड डिक्स की महत्वपूर्ण भूमिका को बड़े पर्दे पर दिखाया जाएगा।

कबीर खान करेंगे निर्देशन, एंड्रयू अनास्टासियोस ने लिखी कहानी
फिल्म का निर्देशन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुके निर्देशक कबीर खान करेंगे, जिन्होंने इससे पहले ‘बजरंगी भाईजान’ और ‘83’ जैसी फिल्मों का निर्देशन किया है। वहीं, इसकी कहानी ऑस्ट्रेलिया के चर्चित स्क्रीनराइटर एंड्रयू अनास्टासियोस, जिन्हें ‘द वॉटर डिवाइनर’ के लिए जाना जाता है, ने लिखी है। यह परियोजना भारतीय और ऑस्ट्रेलियाई फिल्म इंडस्ट्री के बीच रचनात्मक सहयोग का एक अहम उदाहरण मानी जा रही है।

भारत और ऑस्ट्रेलिया के सहयोग को मिलेगा नया आयाम
निर्माताओं के मुताबिक, सिल्कयारा 41 सिर्फ एक रेस्क्यू मिशन की कहानी नहीं होगी, बल्कि यह दो देशों के बीच बढ़ते सहयोग, साझा मूल्यों और मानवीय भावना का भी प्रतीक बनेगी। फिल्म के जरिए भारत और ऑस्ट्रेलिया की कहानी कहने की परंपरा, तकनीकी विशेषज्ञता और प्रोडक्शन क्षमता को एक मंच पर लाने की कोशिश की जाएगी।

ऐसे समय में हुआ ऐलान, जब दोनों देशों के रिश्ते हो रहे मजबूत
फिल्म की घोषणा ऐसे दौर में की गई है, जब भारत और ऑस्ट्रेलिया अपने द्विपक्षीय संबंधों को नई मजबूती देने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। ऐसे माहौल में श्सिल्कयारा 41श् को दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और रचनात्मक साझेदारी का प्रतीक माना जा रहा है। निर्माताओं का मानना है कि यह फिल्म सहयोग, साहस और इंसानी जज्बे की प्रेरणादायक कहानी दुनिया के सामने पेश करेगी।

आमिर खान बोले- इस कहानी ने मुझे भीतर तक प्रभावित किया
फिल्म के ऐलान पर आमिर खान ने कहा कि माइंड ब्लोइंग फिल्म्स और आमिर खान प्रोडक्शंस के बीच इस खास सहयोग की घोषणा करते हुए उन्हें बेहद खुशी हो रही है। उनके अनुसार, सिल्कयारा टनल रेस्क्यू मिशन की कहानी ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया क्योंकि यह कठिन परिस्थितियों में साहस, सूझबूझ, मानवता और टीमवर्क की मिसाल पेश करती है।

उन्होंने आगे कहा कि यह उनके लिए और भी खास अवसर है क्योंकि फिल्म की घोषणा ऐसे ऐतिहासिक समय पर हो रही है, जब भारत और ऑस्ट्रेलिया अपने द्विपक्षीय संबंधों के एक नए अध्याय की शुरुआत कर रहे हैं। आमिर ने विश्वास जताया कि दोनों देशों के संयुक्त प्रयास से बनने वाली यह फिल्म अंतरराष्ट्रीय सहयोग और इंसानी जज्बे की जीत को प्रभावशाली तरीके से दर्शकों तक पहुंचाएगी।

उत्तराखंड में ‘सेवा ही संगठन’ का भाव और सुदृढ़ः तरुण चुग

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री एवं राज्यसभा सांसद तरुण चुग ने आज देहरादून में भारतीय जनता पार्टी, उत्तराखंड की संगठनात्मक बैठक में प्रदेश में चल रहे संगठनात्मक कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की तथा आगामी कार्ययोजना पर चर्चा करते हुए उपस्थित पदाधिकारियों का मार्गदर्शन किया। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तथा पूर्व सांसद जमयांग सेरिंग नामग्याल भी उपस्थित रहे। बैठक का संचालन प्रदेश महामंत्री तरुण बंसल ने किया।

इस अवसर पर राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, सांसद अजय भट्ट, राज्यसभा सांसद कल्पना सैनी, प्रदेश महामंत्री कुन्दन परिहार, प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत भारद्वाज सहित सभी कैबिनेट मंत्री, प्रदेश पदाधिकारी, विधायक, जिला प्रभारी, सह-प्रभारी एवं जिलाध्यक्ष उपस्थित रहे।

बैठक से पूर्व चुग की देवभूमि उत्तराखंड मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट से आत्मीय भेंट हुई, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत के लक्ष्य को जनभागीदारी के माध्यम से साकार करने तथा श्सेवा ही संगठनश् की भावना को और अधिक मजबूत करने पर विस्तार से चर्चा हुई।

मीडिया को संबोधित करते हुए तरुण चुग ने महाराष्ट्र के यशस्वी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को किसानों के लिए रूपये 36,585 करोड़ की ऐतिहासिक कर्जमाफी योजना लागू करने पर हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि राज्य के लाखों किसानों को बड़ी राहत देने वाला यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार की किसान-हितैषी सोच का सशक्त प्रमाण है।

चुग ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि वे बताएं कि किसानों की संपूर्ण कर्जमाफी का चुनावी वादा आखिर कब पूरा होगा। उन्होंने कहा कि पंजाब का किसान आज भी कर्ज, फसलों के संकट और झूठे आश्वासनों के बोझ तले दबा हुआ है, और वादे करने वाली सरकार जवाबदेही से आखिर कब तक भागती रहेगी।

जनसेवा कार्यक्रम में सीएम को ज्ञापन भेंट कर की सिलाई मशीन की मांग, शाम को मिली

सहसपुर में आयोजित सेवा, सुशासन एवं समर्पण ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ बहुउद्देशीय शिविर में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनसमस्याओं को सुनते हुए अधिकारियों को उनका त्वरित एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

शिविर में स्थानीय निवासी बबली गुप्ता ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि वे जूट बैग बनाकर अपनी आजीविका चलाना चाहती हैं, जिसके लिए उन्हें सिलाई मशीन की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को सिलाई मशीन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में अपर सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी के समन्वय से उन्हें शाम को ही सिलाई मशीन उपलब्ध करा दी गई। इससे बबली गुप्ता को जूट बैग निर्माण के माध्यम से अपनी आजीविका सुदृढ़ करने और स्वरोजगार से जुड़ने में सहायता मिलेगी।

सिलाई मशीन प्राप्त होने पर बबली गुप्ता ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की त्वरित कार्रवाई से उनके स्वरोजगार की राह आसान हुई है।

लोक संवर्धन पर्व के आयोजन में केंद्र के साथ साझेदारी करने वाला उत्तराखंड बना देश का पहला राज्य

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू की उपस्थिति में परेड ग्राउंड, देहरादून में आयोजित छठे लोक संवर्धन पर्व का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने एक पेड़ माँ के नाम अभियान के अंतर्गत पौधरोपण भी किया। 11 से 15 जुलाई तक आयोजित होने वाले इस महोत्सव में देश के विभिन्न राज्यों से आए शिल्पकार, हस्तशिल्पी, लोक कलाकार, उद्यमी एवं पाक कला विशेषज्ञ अपनी पारंपरिक कला, शिल्प और स्थानीय उत्पादों का प्रदर्शन कर रहे हैं। महोत्सव में 150 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें उत्तराखंड की पारंपरिक कला एवं उत्पादों को भी प्रमुखता से स्थान दिया गया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तराखंड के लिए यह अत्यंत गौरव का विषय है कि लोक संवर्धन पर्व के आयोजन में केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के साथ साझेदारी करने वाला वह देश का पहला राज्य बना है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल प्रशासनिक समन्वय का परिणाम नहीं, बल्कि इस बात का प्रमाण है कि उत्तराखंड राष्ट्रीय विकास और जनकल्याणकारी पहलों के प्रभावी क्रियान्वयन में सदैव अग्रणी भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने इस आयोजन के लिए केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय तथा राज्य के अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के संयुक्त प्रयासों की सराहना करते हुए सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की विविध भाषाएँ, लोक परंपराएँ, हस्तशिल्प और सांस्कृतिक विरासत देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं। ऐसे आयोजन न केवल हमारी सांस्कृतिक धरोहर को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम बनते हैं, बल्कि कारीगरों, शिल्पकारों और लोक कलाकारों को नए बाजार, नए अवसर और नई पहचान भी प्रदान करते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह महोत्सव उत्तराखंड सहित पूरे देश के शिल्पकारों और युवा उद्यमियों के लिए आर्थिक सशक्तिकरण का प्रभावी मंच सिद्ध होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार श्सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयासश् के मंत्र पर कार्य करते हुए समाज के प्रत्येक वर्ग के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अल्पसंख्यक समाज के शैक्षिक, आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए अनेक योजनाएं संचालित की हैं। छात्रवृत्ति, मेधावी बालिका प्रोत्साहन, कौशल विकास, स्वरोजगार, शिक्षा ऋण, मुख्यमंत्री हुनर योजना तथा अल्पसंख्यक क्षेत्रों के विकास जैसी पहलें समाज के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। साथ ही मदरसों में आधुनिक तकनीक एवं आईटी आधारित शिक्षा को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हाउस ऑफ हिमालयाज तथा एक जनपद दो उत्पाद जैसी पहलों के माध्यम से उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक शिल्प को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने का कार्य कर रही है। उन्होंने प्रदेशवासियों और देवभूमि आने वाले पर्यटकों से लोक संवर्धन पर्व में अधिकाधिक संख्या में पहुंचकर स्थानीय उत्पादों की खरीद के माध्यम से शिल्पकारों और कारीगरों का उत्साहवर्धन करने का आह्वान किया।

केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि लोक संवर्धन पर्व केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विविधता, पारंपरिक कौशल और कारीगरों के सम्मान का राष्ट्रीय उत्सव है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत सरकार पारंपरिक शिल्प, हस्तकला, लोक संस्कृति और अल्पसंख्यक समुदायों के कारीगरों को राष्ट्रीय एवं वैश्विक बाजार से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री विरासत का संवर्धन (पीएम विकास) योजना के अंतर्गत आयोजित यह महोत्सव शिल्पकारों को विपणन, ब्रांडिंग और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने उत्तराखंड सरकार के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखंड इस आयोजन में साझेदारी करने वाला देश का पहला राज्य बना है, जो राज्य की सांस्कृतिक प्रतिबद्धता और विकासोन्मुखी सोच का परिचायक है।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री खजान दास, सचिव, अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय भारत सरकार डॉ. श्रीवत्स कृष्णा, संयुक्त सचिव एस.पी. रॉय, विशेष सचिव अल्पसंख्यक कल्याण उत्तराखंड डॉ. पराग मधुकर धकाते, देश के विभिन्न राज्यों से आए शिल्पकार, लोक कलाकार, हस्तशिल्पी, विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

सीएम धामी से पूर्व विधायकों ने की शिष्टाचार भेंट, सर्वाधिक कार्यकाल के लिए दी बधाई

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए पूर्व विधायकों ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर पूर्व विधायकों ने मुख्यमंत्री धामी को उत्तराखण्ड के मुख्य सेवक के रूप में सर्वाधिक कार्यकाल पूर्ण करने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

पूर्व विधायकों ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य ने विकास, सुशासन तथा जनकल्याण के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश के समग्र विकास एवं आमजन के हितों को प्राथमिकता देते हुए अनेक जनहितकारी निर्णय लिए गए हैं, जिनका व्यापक सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व विधायकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों का अनुभव और मार्गदर्शन राज्य के विकास की दिशा में सदैव महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सर्वांगीण विकास, सुशासन, पारदर्शिता और जनसेवा के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य विकास की योजनाओं का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना तथा उत्तराखण्ड को विकास के नए आयामों तक ले जाना है। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग और सहभागिता से राज्य को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

इस अवसर पर पूर्व विधायकों ने राज्य के समग्र विकास, जनकल्याण एवं सुशासन के क्षेत्र में बीते वर्षों में हुई प्रमुख उपलब्धियों के लिए भी मुख्यमंत्री को बधाई देते हुए उनके सफल एवं जनहितकारी नेतृत्व की सराहना की।

मुख्यमंत्री से पूर्व विधायक काशी सिंह ऐरी, दिनेश अग्रवाल, देशराज कर्णवाल, लाखीराम जोशी, पुष्पेश त्रिपाठी, धन सिंह नेगी, केदार सिंह रावत, राजकुमार, विजया बड़थ्वाल, सुरेश चंद्र आर्य, जोत सिंह गुनसोला ने भेंट की।

जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान से शासन और जनता के बीच बढ़ा विश्वासः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्री गुरु रामराय पब्लिक स्कूल, सहसपुर में सेवा, सुशासन एवं समर्पण कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार जनसेवा शिविर में प्रतिभाग करते हुए कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य शासन-प्रशासन को जनता के और अधिक निकट लाना है। सरकार की प्राथमिकता है कि आमजन को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, बल्कि सरकार स्वयं उनके द्वार तक पहुंचकर सेवाएं उपलब्ध कराए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वाेपरि है और सुशासन का वास्तविक अर्थ संवेदनशील, जवाबदेह एवं जनकेंद्रित प्रशासन है। उन्होंने कहा कि जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान ने शासन और जनता के बीच विश्वास को मजबूत किया है तथा सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की दिशा में प्रभावी माध्यम सिद्ध हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान के प्रथम चरण में प्रदेशभर में 65 दिनों के दौरान लगभग 700 जनसेवा शिविर आयोजित किए गए, जिनमें पांच लाख से अधिक लोगों ने प्रतिभाग किया। देहरादून जनपद में आयोजित 46 शिविरों में 60 हजार से अधिक नागरिकों ने सहभागिता की तथा लगभग 39 हजार लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ मौके पर ही उपलब्ध कराया गया।

उन्होंने कहा कि सेवा, सुशासन एवं समर्पण के पांच वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित सेवा पखवाड़े के तहत प्रदेशभर में जनसेवा शिविर लगाए जा रहे हैं। 4 जुलाई से प्रारंभ हुए सेवा पखवाड़े में अब तक 64 हजार से अधिक नागरिकों ने प्रतिभाग किया है। इस दौरान प्राप्त 5,567 जनसमस्याओं में से 4,951 का समाधान सुनिश्चित किया गया है तथा 2,522 नागरिकों को विभिन्न प्रमाण-पत्रों एवं सेवाओं से लाभान्वित किए जाने की प्रक्रिया संचालित की गई है।

मुख्यमंत्री की उपस्थिति में आयोजित शिविर में 01 हजार से अधिक लोगों ने पंजीकरण कराया और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित भी किया गया। इस अवसर पर पात्र लाभार्थियों को विभिन्न विभागों की योजनाओं के अंतर्गत प्रमाण-पत्र एवं अन्य सहायता वितरित की गई। साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से आमजन को योजनाओं की जानकारी देने के साथ मौके पर ही आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई गईं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड विकास के नए प्रतिमान स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखण्ड का दशक होगा का विजन आज तेजी से साकार हो रहा है। राज्य में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, पर्यटन, उद्योग, निवेश एवं हवाई संपर्क सहित प्रत्येक क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पहली बार जी-20 बैठकों, राष्ट्रीय खेलों, शीतकालीन यात्रा तथा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट जैसे ऐतिहासिक आयोजनों का सफल आयोजन हुआ। राज्य की अर्थव्यवस्था निरंतर सुदृढ़ हो रही है तथा निवेश, उद्योग, स्टार्टअप और पर्यटन के क्षेत्र में उत्तराखण्ड नई पहचान बना रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता लागू कर सामाजिक न्याय की दिशा में ऐतिहासिक पहल की है। युवाओं के हितों की रक्षा के लिए देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया, जिसके परिणामस्वरूप लगभग 34 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी सेवाओं में नियुक्तियां मिली हैं। भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सहसपुर विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य, पेयजल, शिक्षा, सड़क, सिंचाई, बाढ़ सुरक्षा तथा कृषि के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण विकास कार्य किए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार श्विकसित भारत के लिए विकसित उत्तराखण्डश् के संकल्प को साकार करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है तथा प्रत्येक नागरिक तक विकास और जनकल्याण का लाभ पहुंचाना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मौके पर ही दिए जन समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण के निर्देश
सहसपुर में आयोजित सेवा, सुशासन, सम्पर्ण ‘जन जन की सरकार, जन जन के द्वार’ बहुउद्देशीय शिविर में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ना सिर्फ जन समस्याओं को सुना बल्कि मौके पर ही अधिकारियों को जन समस्याओं का समयबद्ध तरीके से निस्तारण करने के निर्देश दिए।

कारबारी ग्रांट निवासी सुमन बासकंडी ने मुख्यमंत्री को सौंपे ज्ञापन में साईलोक कारबारी ग्रांट में 30 सोलर लाइट लगाने की मांग की, जिस पर मुख्यमंत्री ने एमडीडीए को 2 माह के भीतर सोलर लाइट लगाने के लिए निर्देशित किया। इसी तरह स्थानीय निवासी बबली गुप्ता ने मुख्यमंत्री को जूट बैग बनाने के लिए सिलाई मशीन उपलब्ध कराने के लिए मांगपत्र सौंपा, जिस पर मुख्यमंत्री ने उन्हें आज ही सिलाई मशीन उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। इसी तरह सेलाकुईं नगर पंचायत के सभासद अनिल नौटियाल ने आंतरिक मार्ग, नालियां, जल निकासी व्यवस्था, इंटरलॉकिंग सीसी मार्ग सहित अन्य विकास कार्यों की मांग की थी, जिस पर मुख्यमंत्री ने शहरी विकास निदेशालय को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। गोकुल फाउंडेशन चौरिटेबल ट्रस्ट की मांग पर मुख्यमंत्री ने ट्रस्ट की सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसी तरह नंदन संह कंडारी ने भाऊवाला पुल किनारे श्मशान घाट निर्माण की मांग उठाई, जिस पर मुख्यमंत्री ने एमडीएम को दो माह में श्मशान निर्माण के निर्देश दिए। यशपाल सिंह नेगी ने अटकफार्म और सेंट्रल होपटाउन में बंदोबस्त कार्य पूरा न होने के कारण, पेश आ रही दिक्कतों को दूर करने की मांग की, मुख्यमंत्री ने सचिव राजस्व को इस समस्या का 15 दिन में समाधान करने के निर्देश दिए। शिविर में शांति विहार सुधार एवं विकास समिति ने भगवानपुर बहुगुणा मार्ग में डॉ श्याम प्रसाद मुखर्जी के नाम पर पार्क और ओपन जिम निर्माण की मांग की, मुख्यमंत्री ने एमडीडीए को कार्रवाई को कहा है। इसी तरह उन्होंने ग्राम बडोवाला में डिस्पेंसरी और एंबुलेंस उपलब्ध कराने की मांग पर भी स्वास्थ्य विभाग को एक माह में जरूरी कार्रवाई के लिए कहा।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक सहसपुर सहदेव सिंह पुण्डीर, दायित्वधारी विनय रोहिला, पुनीत मित्तल, ओमवीर सिंह, भुवन विक्रम डबराल, भाजपा के जिलाध्यक्ष मीता सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष नीरू देवी, अपर सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी, जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आशीष चौहान, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र डोभाल, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह एवं जिलास्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

सेवा पखवाड़ा में 22 हजार से अधिक लोग हुए लाभान्वित, 5 हजार जन शिकायतों का किया निस्तारण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार”-‘‘सेवा सुशासन और समर्पण पखवाड़ा’’ प्रदेश में सुशासन, संवेदनशील प्रशासन और त्वरित समाधान और जन-समस्याओं के समाधान का सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। यह अभियान न केवल प्रशासनिक कार्यप्रणाली में गुणात्मक परिवर्तन का उदाहरण बना है, बल्कि इससे राज्य सरकार और आम नागरिक के मध्य प्रभावी समन्वय भी बना है। इस आयोजन के तहत 09 जुलाई, 2026 तक आयोजित कार्यक्रमों की प्रगति से स्पष्ट है कि प्रदेश सरकार जन-कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर प्रभावी एवं वास्तविक परिणाम देने में सफल रही है।

प्रदेश के सभी जनपदों में 04 से 09 जुलाई, 2026 तक कुल 73 जनसेवा शिविरों का आयोजन किया गया, जिनमें 64 हजार 192 से अधिक नागरिकों ने प्रत्यक्ष सहभागिता की। यह जन-भागीदारी इसका प्रमाण है कि यह कार्यक्रम जनता की वास्तविक आवश्यकताओं से जुड़ा हुआ है और लोगों ने इसे पूरे विश्वास के साथ अपनाया है। इन शिविरों के माध्यम से शासन-प्रशासन सीधे जनता के द्वार पहुँचा है। जिससे पर्वतीय, ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों की समस्याओं के समाधान की राह प्रशस्त हुयी है।

इन शिविरों में विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत कुल 21 हजार 908 नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ प्रदान किया गया। यह संख्या इस बात का प्रमाण है कि जन-कल्याणकारी योजनाएँ पात्र लाभार्थियों तक वास्तविक रूप से पहुँच रही हैं। सामाजिक सुरक्षा, पेंशन, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराकर राज्य सरकार द्वारा जनसुविधा एवं पारदर्शिता दोनों को सुदृढ़ किया गया है।

इस दौरान 05 हजार 567 शिकायतें एवं प्रार्थना-पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 04 हजार 901 मामलों का मौके पर निस्तारण किया गया। शेष मामलों को भी समयबद्ध कार्य-योजना के तहत संबंधित विभागों को प्रेषित कर निरंतर निगरानी में रखा गया है, ताकि कोई भी शिकायत लंबित न रहे। इन शिविरों में आय, जाति, निवास, सामाजिक श्रेणी एवं अन्य आवश्यक प्रमाण-पत्रों से संबंधित कुल 02 हजार 522 आवेदन प्राप्त हुए। इससे यह स्पष्ट होता है कि राज्य सरकार की यह पहल गरीब, वंचित और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए लाभकारी सिद्ध हो रही है।

इन आयोजनों की सफलता के संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा यह सुनिश्चित किया गया है कि अधिकारी जनता को कार्यालयों में बुलाने के बजाय स्वयं फील्ड में जाकर समस्याओं का समाधान करें। उन्होंने प्रत्येक कैम्प में निर्णय लेने में सक्षम अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य की तथा यह निर्देश दिए कि शिकायतों का प्राथमिक स्तर पर ही निस्तारण किया जाए। इस पहल से प्रशासनिक तंत्र को और अधिक संवेदनशील बनाने में भी मद्द मिल रही है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ‘‘सेवा सुशासन और समर्पण पखवाड़ा’’ राज्य में शासन की सोच को बदलने वाला अभियान है। इन अभियानों के माध्यम से यह सुनिश्चित किया गया है कि समाज की अंतिम पंक्ति में खड़ा व्यक्ति भी राज्य सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ आसानी से प्राप्त कर सके। मुख्यमंत्री ने कहा ऐसे आयोजनों के माध्यम से शासन व प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास मजबूत हुआ है, राज्य सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित होने से समस्याओं के त्वरित समाधान की संस्कृति विकसित हुई है।

डीएम दून का नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत यातायात सुधार पर विशेष फोकस

मोबिलिटी प्लान के अंतर्गत देहरादून शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम, सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाने तथा पार्किंग की समस्या के स्थायी समाधान के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान की अध्यक्षता में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार, पार्किंग स्थलों के बेहतर उपयोग, लंबित निर्माण कार्यों की प्रगति एवं आगामी कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई।

जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि देहरादून शहर में बढ़ते यातायात दबाव को कम करने के लिए आवश्यकतानुसार सड़कों, चौराहों एवं जंक्शनों के सुधारीकरण हेतु माइक्रो लेवल प्लान तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि यातायात व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा योजनाओं को समयबद्ध रूप से धरातल पर उतारें।

बैठक में आढ़त बाजार क्षेत्र में यातायात सुधार एवं व्यवस्थाओं, जंक्शन इम्प्रूवमेंट कार्यों की प्रगति, पार्किंग उपयोगिता की मॉनिटरिंग व्यवस्था, इंदिरा मार्केट पुनर्विकास कार्य, मंडी शिफ्टिंग, परेड ग्राउंड पार्किंग, रामराय पार्किंग सहित विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने आढ़त बाजार क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि शहर के प्रमुख चौराहों के सुधारीकरण एवं सौंदर्यीकरण के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करते हुए कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराया जाए, जिससे यातायात का सुचारू संचालन सुनिश्चित हो सके।

बैठक में इंदिरा मार्केट में निर्माणाधीन मल्टीलेवल कार पार्किंग की प्रगति की समीक्षा करते हुए बताया गया कि यहां लगभग 1050 वाहनों की क्षमता वाली पार्किंग विकसित की जा रही है। जिलाधिकारी ने कार्य की धीमी गति पर असंतोष व्यक्त करते हुए एमडीडीए के अधिकारियों को निर्देश दिए कि संबंधित कार्यदायी संस्था/फर्म के साथ बैठक कर प्रगति की विस्तृत आख्या प्रस्तुत की जाए तथा निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि पार्किंग स्थलों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के लिए नियमित मॉनिटरिंग व्यवस्था विकसित की जाए, ताकि शहर में अनावश्यक जाम की स्थिति को कम किया जा सके और आमजन को सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।

नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के अंतर्गत शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार के लिए जिलाधिकारी ने पुलिस अधीक्षक यातायात एवं नगर निगम को प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यातायात प्रबंधन के साथ-साथ प्रदूषण नियंत्रण, बेहतर पार्किंग व्यवस्था एवं सार्वजनिक सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए योजनाएं तैयार की जाएं।

जिलाधिकारी ने मंडी शिफ्टिंग, आढ़त बाजार सड़क सुधार, परेड ग्राउंड एवं रामराय पार्किंग सहित अन्य विकास कार्यों की नियमित समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को लंबित कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने देहरादून शहर की यातायात व्यवस्था को आधुनिक, व्यवस्थित एवं जनसुविधा केंद्रित बनाने के लिए सभी विभागों को गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए।

बैठक में पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के.के मिश्रा, उप जिलाधिकारी सदर अपूर्वा सिंह, संभागीय परिवहन अधिकारी संदीप सैनी, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, एमडीडीए, नगर निगम सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

टिहरी लेक ग्लोबल डेस्टिनेशन प्रोजेक्ट में ग्रीन एनर्जी को अधिकतम प्रयोग किया जाएः बर्द्धन

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में टिहरी झील को ग्लोबल डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किए जाने को लेकर उच्च स्तरीय समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि टिहरी लेक ग्लोबल डेस्टिनेशन से सम्बन्धित उच्च स्तरीय समिति की बैठकों में एमडी टीएचडीसी को स्पेशल इनवाइटी के रूप में डीएम टिहरी को भी शामिल किया जाए। साथ ही, टिहरी लेक प्रोजेक्ट को एक कैची सा नाम दिया जाए, जो लोगों की जुबान पर बस जाए और बोलना आसान हो।

मुख्य सचिव ने कहा कि टिहरी को ग्लोबल डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के साथ ही टिहरी लेक प्रोजेक्ट को अधिकतम नवीकरणीय ऊर्जा पर आधारित डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लिए तैयार की जाने वाली एसटीपी को भी सोलर पॉवर से संचालित किए जाने हेतु सोलर प्लांट लगाए जाने की संभावनाएं तलाशी जाएं।

मुख्य सचिव ने कहा कि टिहरी लेक के आसपास कुछ गांवों को उत्तराखण्ड के क्राफ्ट, कल्चर, हेरिटेज की थीम से जोड़ते हुए ट्रेडिशनल विलेज के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने इस प्रकार के मॉडल विलेज को आजीविका से जोड़ते हुए लोकल हितधारकों को भी शामिल किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ये कॉन्सेप्ट हमें सभी टूरिस्ट डेस्टिनेशन्स के लिए लागू करना चाहिए।

मुख्य सचिव ने योजना के तहत् बनायी जाने वाली प्रत्येक सम्पत्ति के संचालन एवं रखरखाव की पूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए योजना में हितधारकों को जोड़ते हुए आय सृजन गतिविधियों को शामिल किया जाए। उन्होंने टिहरी झील में बोटिंग और जेटी के संचालन के लिए वैज्ञानिक अध्ययनों के आधार पर झील की क्षमता का आंकलन करते हुए सम्पूर्ण कार्ययोजना तैयार किए जाने के निर्देश दिए। कहा कि काम फेजवाईज किया जा सकता है, परन्तु सम्पूर्ण योजना एक बार में तैयार की जानी चाहिए।

मुख्य सचिव ने म्यूजियम की थीम का निर्माण टिहरी क्षेत्र के ऐतिहासिक महत्त्व को ध्यान में रखते हुए की जाए। उन्होंने कहा कि पुरानी टिहरी का राजशाही इतिहास, लोककला एवं लोकसंस्कृति सहित पुरानी टिहरी का 3डी मॉडल भी शामिल किया जा सकता है।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव दिलीप जावलकर, डॉ. वी. षणमुगम एवं धीराज सिंह गर्ब्याल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।