मातृशक्ति की बेहतरी को संजीदा दिखी सरकार, बजट में रखा ध्यान

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के एक दिन बाद और बजट सत्र के पहले ही दिन राज्य सरकार ने मातृ शक्ति को भरोसा दिला दिया की उनकी बेहतरी के लिए वह संजीदा है। महिला समानता के लिहाज से महत्वपूर्ण जेंडर बजट का आकार बढ़ाने की बात हो या फिर विभिन्न ऐसी योजनाएं, जो महिलाओं से सीधे जुड़ी हैं, उनके लिए बजट का प्रावधान किया गया है।
राज्य सरकार ने पिछले वर्ष सोलह हजार नौ सौ इकसठ करोड़ बत्तीस लाख रूपये का जेंडर बजट प्र्रस्तुत किया था। मुख्यमत्री पुष्कर सिंह धामी ने बजट पेश करते हुए बताया है कि इस बार जेंडर बजटिंग में उन्नीस हजार छह सौ बयानवे करोड़ दो लाख के बजट का प्रावधान किया जा रहा है। यानी यह साफ है कि महिलाओं के कल्याण से किए जा रहे प्रयास इस बजट के बाद और तेजी पकडे़ंगे।

राज्य सरकार ने प्रसूता को सीधे एड्रेस करने वाली ईजा-बोई शगुन योजना हो या बेटियों को सुरक्षा देने वाला निर्भया फंड, सभी के लिए बजट प्रावधान कर यह भरोसा दिलाया है कि नारी शक्ति का हित उसकी प्राथमिकता में है। मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना, वात्सल्य योजना, मुख्यमंत्री महिला पोषण योजना, निराक्षित विधवाओं की पुत्रियों के विवाह हेतु अनुदान से जुड़ी जैसी योजनाओं की एक लंबी फेहरिस्त है, जिसमें बजट का प्रावधान कर सरकार ने महिलाओं की बेहतरी के लिए अपने संजीदा प्रयासों की झलक पेश की है।

*योजनाएं और उसमें बजट प्रावधान*

निर्भया फंड-112 . 02 करोड़
मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना-30 करोड़
मुख्यमंत्री बाल पोषण योजना-25 करोड़
वात्सल्य योजना-15 करोड़
मुख्यमंत्री महिला पोषण योजना-13.44 करोड़
ईजा-बोई शगुन योजना-14 .13 करोड़
निराक्षित विधवाओं की पुत्रियों के विवाह हेतु अनुदान-पांच करोड़
मुख्यमंत्री बाल एवं महिला बहुमुखी विकास निधि-आठ करोड़
आपदा सखी-दो करोड़

*मां-बच्चे के पोषण के प्रति भी गंभीरता*
-सक्षम आंगनबाड़ी एंड पोषण 2 .0 योजना के अंतर्गत राज्य सरकार ने 598.33 करोड़ का बजट प्रावधान किया है। इस योजना के तहत छह माह से लेकर छह वर्ष तक के लगभग सात लाख तैंतीस हजार लाभार्थियों को अनुपूरक पोषाहार आंगनबाड़ी केंद्रों से दिया जा रहा है। बच्चे के साथ ही मां के पोषण का ख्याल रखते हुए चलाई जा रही प्रधानमंत्री पोषण मिशन हेतु समग्र रूप से लगभग 149.45 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है।

भराड़ीसैंण में सीएम पुष्कर धामी ने किया उत्तराखंड का बजट

उत्तराखंड में वित्तीय अनुशासन और विकास के संतुलन को मजबूत करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्ष 2026–27 का बजट प्रस्तुत किया। लगभग ₹1,11,703.21 करोड़ के इस बजट में जहां विकास की गति को बढ़ाने पर जोर है, वहीं मजबूत राजकोषीय प्रबंधन की झलक भी स्पष्ट दिखाई देती है। वर्ष 2025-26 के सापेक्ष 10.41 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।

राज्य सरकार ने बजट में वित्तीय जिम्मेदारी और पारदर्शिता बनाए रखते हुए FRBM अधिनियम के प्रावधानों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया है। बजट के अनुसार राज्य में राजस्व आधिक्य (Revenue Surplus) की स्थिति बनी हुई है, जो दर्शाता है कि सरकार की आय उसके राजस्व व्यय से अधिक है। यह स्थिति किसी भी राज्य की मजबूत वित्तीय सेहत का संकेत मानी जाती है। बजट में 2536.33 करोड़ का राजस्व सरप्लस दिखाया गया है।

राजकोषीय अनुशासन के तहत राज्य का राजकोषीय घाटा जीएसडीपी के 3 प्रतिशत की सीमा के भीतर रखा गया है। इसी प्रकार लोक ऋण भी जीएसडीपी के 32.50 प्रतिशत की निर्धारित सीमा के अंदर बनाए रखा गया है। यह दर्शाता है कि सरकार विकास कार्यों पर खर्च करते हुए भी ऋण प्रबंधन और वित्तीय संतुलन पर पूरा ध्यान दे रही है। राजस्व आधिक्य, सीमित राजकोषीय घाटा और नियंत्रित सार्वजनिक ऋण जैसे संकेतक बताते हैं कि राज्य सरकार ने वित्तीय प्रबंधन में सावधानी और दूरदर्शिता अपनाई है। इससे भविष्य में विकास परियोजनाओं को स्थिर वित्तीय आधार मिलने की संभावना और मजबूत होगी।

कुल मिलाकर यह बजट विकास और वित्तीय अनुशासन के संतुलन का उदाहरण प्रस्तुत करता है, जो राज्य की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

महिला दिवस पर वरिष्ठ महिलाओं को सम्मानित कर सीएम बोल,“पहाड़ की असली ताकत उसकी मातृशक्ति”

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सेवक सदन, देहरादून में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर वरिष्ठ मातृशक्ति का सम्मान “नारी तू नारायणी” कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने शिक्षा, समाज सेवा, उद्यमिता, पर्यावरण संरक्षण, कृषि, संस्कृति, जल संरक्षण जैसे विभिन्न क्षेत्रों में सर्वश्रेष्ठ कार्य करने वाली राज्यभर से 38 वरिष्ठ महिलाओं को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने सभी को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि आज उन महिलाओं का सम्मान हो रहा है, जिनके त्याग, संघर्ष, स्नेह और संस्कारों ने परिवार, समाज और राष्ट्र की नींव को मजबूत किया है। उन्होंने कहा महिलाओं के स्नेह, त्याग और आशीर्वाद से पीढ़ियाँ आगे बढ़ती हैं और समाज निरंतर प्रगति करता है। महिलाएं, मां के रूप में अपने जीवन के प्रत्येक सुख को त्यागकर अपने बच्चों को आगे बढ़ाती हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा वरिष्ठ महिलाएं, परिवारों के साथ संस्कृति, परंपरा और जीवन मूल्यों की रक्षक भी हैं।उन्होंने कहा उत्तराखंड की मातृशक्ति का योगदान और भी अधिक प्रेरणादायी और गौरवपूर्ण है। हमारे प्रदेश की महिलाएं परिवार को संभालने के साथ खेत-खलिहानों को संवारती हैं। राज्य की महिलाएं कठिन परिस्थिति में भी मजबूती से आगे बढ़ती हैं। उत्तराखंड की माताओं ने अपने त्याग, परिश्रम और अदम्य साहस से इस राज्य को आगे बढ़ाया है। पहाड़ की असली ताकत उसकी मातृशक्ति है।

मुख्यमंत्री ने कहा वरिष्ठ नागरिकों, वृद्ध माताओं की सेवा करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। राज्य सरकार, महिलाओं-विशेषकर वरिष्ठ महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अनेकों कल्याणकारी योजनाएँ चला रही है। राज्य सरकार, वृद्धावस्था पेंशन योजना, विधवा पेंशन योजना के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है। बुजुर्गों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने के साथ राज्य के विभिन्न जिलों में वृद्धाश्रमों की व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार वरिष्ठ नागरिकों को निःशुल्क धार्मिक यात्राओं की सुविधा दे रही है। उन्होंने कहा सरकार का संकल्प है कि उत्तराखंड की हर वृद्ध माता को सम्मान, सुरक्षा और आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने का पूरा अवसर मिल सके।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में सर्वश्रेष्ठ कार्य करने वाली महिलाएं समाज के लिए भी प्रेरणादाई होती हैं। उन्होंने कहा जो व्यक्ति सक्रिय रहेगा वही जीवंत भी रहेगा। सक्रियता जीवन को संपन्न बनती है। उन्होंने कहा महिला सशक्तिकरण की शुरूआत स्वयं अपने घर से शुरू होकर समाज और देश में जाएगी। महिलाएं हमेशा अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा से करती है। महिला शक्ति ही वह शक्ति है जो परिवार के साथ समाज और देश का भी निर्माण करती हैं।

कैबिनेट मंत्री ने बताया कि आज जिन वरिष्ठ महिलाओं को सम्मानित किया जा रहा है, उनका जीवन संघर्ष, धैर्य और समाज के प्रति समर्पण हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनका अनुभव और मार्गदर्शन समाज की अमूल्य धरोहर है।

सचिव चंद्रेश कुमार यादव ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस कार्यक्रम की मुख्य थीम “Give to Gain निर्धारित की गई है। इस थीम के अनुरूप ऐसे वरिष्ठ महिलाओं को सम्मानित किया जा रहा है, जो 60 वर्ष से अधिक आयु होने के बावजूद भी सक्रिय, आत्मनिर्भर और समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दे रही हैं। वरिष्ठ महिलाओं के चयन की प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रतिनिधिक बनाने के लिए प्रत्येक जनपद से निम्न आय वर्ग, मध्यम आय वर्ग एवं उच्च आय वर्ग से एक-एक महिला का चयन किया गया है। इसके लिए जनपद स्तर पर समिति का गठन करते हुए पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से चयन सुनिश्चित किया गया है, ताकि समाज के विभिन्न वर्गों की प्रेरणादायी महिलाओं को सम्मानित किया जा सके।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनपद देहरादून से पार्वती देवी नेगी, मीना रवि, डा० ज्योति मरवाह, जनपद नैनीताल से धनुली नेगी, मीनू जोशी, लता हर्बोला, जनपद रुद्रप्रयाग से भादी देवी, गीता नौटीयाल, रामेश्वरी भट्ट जनपद चंपावत से उर्मिला चन्द, जनपद पौड़ी गढ़वाल से डॉ कु० उर्मिला राणा, कमला नेगी, पार्वती देवी, जनपद अल्मोडा से मनोरमा जोशी, हेमलता वर्मा, कामिनी कश्यप, जनपद उत्तरकाशी से सरतमा देवी, विशाला भण्डारी, शन्ति ठाकुर।

जनपद चमोली से सुशीला सेमवाल, चद्रकला बिष्ट, कलावती देवी, मुन्नी देवी, जनपद बागेश्वर से नीमा दफौटी, नारायणी देवी, गंगा राम, जनपद टिहरी गढ़वाल से सोबती देवी, लता देवी, प्रभा रतूड़ी, जनपद ऊधम सिंह नगर से मीना शर्मा, आशा मुन्जाल, इन्द्रा मिश्रा, हरिद्वार से सैयदा खातुन, बाला देवी उर्फ ब्रज किशोरी, कान्ति एवं पिथौरागढ़ दुर्गा खड़ावत, शकुलन्ता दयाल, देवकी जोशी को सम्मानित किया।

इस अवसर पर उपाध्यक्ष उत्तराखंड जनजाति सलाहकार परिषद गीता राम गौड़, निदेशक बीएल राणा, विक्रम सिंह, एस के त्रिपाठी, मोहित चौधरी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

1129.91 करोड़ रुपए की विभिन्न योजनाओं का केंद्रीय मंत्री ने किया लोकार्पण और शिलान्यास

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने इस अवसर पर 1129.91 करोड़ रुपए की विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया । रुपये 1014.81 करोड़ की 22 योजनाओं का शिलान्यास और 115.10 करोड़ रुपये की 17 योजनाओं का लोकार्पण किया गया।

*लोकार्पण*
₹ 14 करोड की लागत से सहकारिता विभाग के अन्तर्गत मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजनान्तर्गत टी.एम.आर. प्लांट का लोकार्पण।

₹ 18.17 करोड़ की लागत से गृह (पुलिस) विभाग के अन्तर्गत जनपद देहरादून के पुलिस लाइन में निर्मित 46 आवासीय भवनों का लोकार्पण।

₹ 6.55 करोड़ की लागत से गृह (पुलिस) विभाग के अन्तर्गत जनपद पौड़ी गढवाल के पुलिस लाईन में निर्मित बहुउद्देशीय भवन एवं जनपद उत्तरकाशी में थाना धरासू के प्रशासनिक भवन का लोकार्पण।

₹ 5.48 करोड़ की लागत से गृह (पुलिस) विभाग के अन्तर्गत जनपद पौड़ी गढवाल में थाना लक्ष्मणझूला, थाना लैंसडाउन एवं जनपद उत्तरकाशी में थाना धरासू के कुल 18 आवासीय भवनों का का लोकापर्ण।

₹5.40 करोड़ की लागत से गृह (पुलिस) विभाग के अन्तर्गत जनपद टिहरी गढवाल के पीटीसी नरेन्द्रनगर में निर्मित एकेडमिक ब्लॉक एवं राजपत्रित छात्रावास के लोकापर्ण।

₹ 12.75 करोड़ की लागत से गृह (पुलिस) विभाग के अन्तर्गत जनपद नैनीताल में थाना चोरगलिया, काठगोदाम तथा जनपद टिहरी गढवाल में थाना कीर्तिनगर व मुनि की रेती में टाइप-2 के कुल 48 आवासों का लोकापर्ण।

₹ 14.36 करोड़ की लागत से गृह (पुलिस) विभाग के अन्तर्गत जनपद देहरादून के आई०आर०बी० द्वितीय में आर०टी०सी० हेतु प्रशासनिक भवन एवं अवसंरचनात्मक कार्यों का लोकापर्ण।

₹ 6.98 करोड़ की लागत से गृह (पुलिस) विभाग के अन्तर्गत जनपद अल्मोड़ा में थाना रानीखेत व द्वाराहाट तथा जनपद बागेश्वर में थाना कपकोट में टाईप-2 के कुल 18 आवासीय भवनों का लोकापर्ण।

₹ 7.16 करोड़ की लागत से गृह (पुलिस) विभाग के अन्तर्गत जनपद चम्पावत में थाना चम्पावत, टनकपुर व लोहाघाट में टाईप-2 के कुल 18 आवासीय भवनों का लोकापर्ण।

₹ 9.16 करोड़ की लागत से गृह (कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा) विभाग के अन्तर्गत जनपद हरिद्वार में जिला कारागार के आवासीय भवनों के निर्माण कार्य का लोकापर्ण।

₹ 4.90 करोड़ की लागत से गृह (कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा) विभाग के अन्तर्गत जनपद हरिद्वार के जिला कारागार में 50 बन्दी क्षमता की हाई सिक्योरिटी बैरकों का लोकापर्ण।

₹ 1.80 करोड़ की लागत से गृह (कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा) विभाग के अन्तर्गत जनपद देहरादून के जिला कारागार में वी०सी० क्यूबिकल्स का लोकापर्ण।

₹ 1.22 करोड़ की लागत से गृह (कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा) विभाग के अन्तर्गत जनपद हरिद्वार के जिला कारागार में वी.सी. क्यूबिकल्स का लोकापर्ण।

₹ 1.22 करोड़ की लागत से गृह (कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा) विभाग के अन्तर्गत जनपद हरिद्वार के उप कारागार रूडकी में वी०सी० क्यूबिकल्स के निर्माण कार्य का लोकापर्ण।

₹ 0.84 करोड़ की लागत से गृह (कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा) विभाग के अन्तर्गत जनपद नैनीताल के उप कारागार, हल्द्वानी में वी.सी. क्यूबिकल्स का लोकापर्ण।

₹ 2.63 करोड़ की लागत से गृह (होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा) विभाग के अन्तर्गत जनपद टिहरी गढ़वाल के जिला कमाण्डेन्ट, कार्यालय होमगार्ड्स के अनावासीय भवन का लोकार्पण।

₹ 2.48 करोड़ की लागत से गृह (होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा) विभाग के अन्तर्गत जनपद पिथौरागढ में जिला कमाण्डेन्ट, कार्यालय होमगार्ड्स के अनावासीय भवन का लोकार्पण।
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*शिलान्यास*

₹ 20 करोड़ की लागत से सहकारिता विभाग के अन्तर्गत निबन्धक कार्यालय सहकारी समितियाँ उत्तराखण्ड, मुख्यालय भवन का शिलान्यास।

₹ 6.13 करोड़ की लागत से आपदा प्रबन्धन एवं पुनर्वास विभाग में वाह्य सहायतित योजना (विश्व बैंक पोषित) के अन्तर्गत जनपद अल्मोड़ा में अल्मोड़ा-सैनार-चान मोटर मार्ग में कोसी नदी पर 60 मीटर विस्तार के मोटर सेतु के निर्माण कार्य का शिलान्यास।

₹ 11.58 करोड़ की लागत से आपदा प्रबन्धन एवं पुनर्वास विभाग, में वाह्य सहायतित योजना (विश्व बैंक पोषित) के अन्तर्गत जनपद चमोली में लंगसी-द्वींग-तपोण-लॉजी-पोखनी मोटर मार्ग में अलकनन्दा नदी पर 78 मीटर विस्तार के मोटर सेतु के निर्माण कार्य का शिलान्यास।

₹ 82.37 करोड़ की लागत से आपदा प्रबन्धन एवं पुनर्वास विभाग में वाह्य सहायतित योजना (विश्व बैंक पोषित) के अन्तर्गत जनपद चमोली के ज्योतिर्मठ में ड्रेनेज संबंधित कार्य का शिलान्यास।

₹ 516.98 करोड़ की लागत से आपदा प्रबन्धन एवं पुनर्वास विभाग में वाह्य सहायतित योजना (विश्व बैंक पोषित) के अन्तर्गत जनपद चमोली के आपदा प्रभावित ज्योतिर्मठ नगर क्षेत्रान्तर्गत भू-स्खलन प्रभावित क्षेत्र के स्लोप स्टेबलाइज़ेशन का शिलान्यास।

₹ 155.45 करोड़ की लागत से गृह (पुलिस) विभाग के अन्तर्गत पुलिस लाईन देहरादून में टाईप-द्वितीय (ब्लॉक-ए, बी एवं सी) के 360 (G+10) आवासों का शिलान्यास।

₹ 54.04 करोड़ की लागत से गृह (पुलिस) विभाग, के अन्तर्गत आई.आर.बी द्वितीय देहरादून में टाईप-द्वितीय के 120 आवासों का शिलान्यास।

₹ 7.07 करोड़ की लागत से गृह (अभियोजन) विभाग के अन्तर्गत जनपद हरिद्वार के जनपदीय कार्यालय भवन एवं सदर मालखाना का शिलान्यास।

₹ 9.29 करोड़ की लागत से गृह (कारागार) विभाग के अन्तर्गत जनपद ऊधमसिंहनगर के सितारगंज में केन्द्रीय कारागार में अतिरिक्त आवासीय भवनों का शिलान्यास।

₹ 9.97 करोड़ की लागत से गृह (कारागार) विभाग के अन्तर्गत जिला कारागार, अल्मोड़ा में आवासीय भवनों का शिलान्यास।

₹ 1.23 करोड़ की लागत से गृह (कारागार) विभाग, के अन्तर्गत जनपद हरिद्वार के उप कारागार, रुड़की में ट्यूबवैल एवं ओवरहेड टैंक का शिलान्यास।

₹ 2.51 करोड़ की लागत से गृह (कारागार) विभाग के अन्तर्गत जनपद हरिद्वार के उप कारागार, रुड़की में नवीन अतिरिक्त आवासीय भवनों के निर्माण का शिलान्यास।

₹ 4.90 करोड़ की लागत से गृह (कारागार) विभाग के अन्तर्गत जनपद हरिद्वार के जिला कारागार में बैरक संख्या – 01,02 एवं 06 के प्रथम तल पर बैरकों के निर्माण का शिलान्यास।

₹ 0.99 करोड़ की लागत से गृह (कारागार) विभाग के अन्तर्गत जनपद हरिद्वार के जिला कारागार में महिला बैरक प्रथम तल पर नवीन बैरक के निर्माण का शिलान्यास।

₹ 21.25 करोड़ की लागत से गृह (कारागार) विभाग के अन्तर्गत जनपद हरिद्वार में जिला कारागार के नवीन अतिरिक्त आवासीय भवनों के निर्माण का शिलान्यास।

₹ 1.63 करोड़ की लागत से गृह (कारागार) विभाग, के अन्तर्गत जनपद चमोली के जिला कारागार में वी०सी० हॉल एवं वी०सी० क्यूबिकल्स के निर्माण कार्य का शिलान्यास।

₹ 0.28 करोड़ की लागत से गृह (कारागार) विभाग के अन्तर्गत जनपद पिथौरागढ़ के जिला कारागार के वी०सी० हॉल में वी०सी० क्यूबिकल्स के निर्माण का शिलान्यास।

₹ 0.57 करोड़ की लागत से गृह (कारागार) विभाग, के अन्तर्गत जनपद पौड़ी गढ़वाल के जिला कारागार में वी०सी० हॉल के भूतल पर साउण्डप्रूफ वी०सी० क्यूबिकल्स के निर्माण का शिलान्यास।

₹ 2.24 करोड़ की लागत से गृह (होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा) विभाग के अन्तर्गत जनपद चम्पावत के जिला कमाण्डेन्ट, होमगार्ड्स कार्यालय के अनावासीय भवन का निर्माण कार्य का शिलान्यास।

₹ 2.74 करोड़ की लागत से गृह (होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा) विभाग के अन्तर्गत जनपद उत्तरकाशी के जिला कमाण्डेन्ट, होमगार्ड्स कार्यालय के अनावासीय भवन के निर्माण कार्य का शिलान्यास।

₹ 43.25 करोड़ की लागत से नियोजन (UIIDB) विभाग उत्तराखण्ड़ के अन्तर्गत जनपद हरिद्वार में हरिद्वार गंगा कॉरिडॉर परियोजना के अन्तर्गत Rodibelwala Area Revitalization (Administrative Road Corridor Development) के निर्माण कार्य का शिलान्यास।

₹ 60.34 करोड़ की लागत से नियोजन (UIIDB) विभाग के अन्तर्गत जनपद हरिद्वार में हरिद्वार गंगा कॉरिडॉर परियोजना के अन्तर्गत सती कुण्ड पुनर्विकास के कार्य का शिलान्यास

नूतन न्याय संहिता पर राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का शुभारंभ

गृहमंत्री अमित शाह ने शनिवार को बैरागी कैम्प में उत्तराखंड सरकार द्वारा नूनत न्याय संहिता” विषय पर आयोजित राज्यस्तरीय प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया। यह प्रदर्शनी भारत सरकार द्वारा लागू किए गए भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम —के प्रभावी क्रियान्वयन एवं जनजागरूकता के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। यह प्रदर्शनी आम नागरिकों, अधिवक्ताओं, पुलिस अधिकारियों, अभियोजन अधिकारियों सहित सभी हितधारकों को आधुनिक आपराधिक न्याय प्रणाली से अवगत कराने के लिए उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। प्रदर्शनी में न्याय संहिताओं की प्रमुख विशेषताओं को सरल, दृश्य एवं इंटरैक्टिव माध्यमों से प्रस्तुत किया गया है। इसमें समयबद्ध जांच एवं चार्जशीट की अनिवार्यता, जीरो FIR एवं ई-एफआईआर की व्यवस्था, सात वर्ष से अधिक दंडनीय अपराधों में अनिवार्य फॉरेंसिक जांच, इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल साक्ष्यों की वैधता, महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध अपराधों के लिए सशक्त प्रावधान सभी सभी प्रमुख विशेषताएं शामिल हैं। विदित है कि भारतीय न्याय संहिता जैसे नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्तराखंड देश में पहले स्थान पर रहा है। प्रदर्शनी 9 मार्च तक जारी रहेगी।

*प्रदर्शनी के जरिए बयां हो रही है विकास गाथा*
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को ही हरिद्वार के बैरागी कैम्प में उत्तराखंड सरकार की विकास परख उपलब्धियों पर आधारित विकास प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया। केंद्रीय गृह मंत्री ने अलग अलग स्टॉल पर जाकर विकास प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। यह प्रदर्शनी उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा बीते चार वर्षों में किए गए विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और लिए गए ऐतिहासिक निर्णयों पर आधारित है। इसमें बुनियादी ढाँचे का विकास, सड़क एवं संपर्क मार्गों का सुदृढ़ीकरण, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, शिक्षा क्षेत्र में सुधार, निवेश प्रोत्साहन, पर्यटन विकास, धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण तथा सीमांत क्षेत्रों के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों को प्रमुखता से दर्शाया गया है।
इसके साथ ही राज्य सरकार द्वारा लिए गए कई महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक निर्णयों को भी प्रदर्शनी में स्थान दिया गया है।

केंद्रीय गृहमंत्री ने ‘जन जन की सरकार, 4 साल बेमिसाल’ कार्यक्रम के तहत हरिद्वार में आयोजित विशाल जनसभा को किया संबोधित

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने हरिद्वार के बैरागी कैम्प में ‘जन जन की सरकार, 4 साल बेमिसाल’ कार्यक्रम में उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित किया।
केंद्रीय गृह मंत्री ने संबोधन की शुरुआत उत्तराखंड राज्य आंदोलन से करते हुए कहा कि, उत्तराखंड के युवाओं को अपनी पहचान, संस्कृति बचाने के साथ ही अपने अधिकारों की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरना पड़ा, लेकिन इसके लिए उन्हें रामपुर तिराहा कांड जैसी हिंसा का सामना करना पड़ा। इसके बाद केंद्र में भाजपा सरकार बनने पर तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई ने उत्तराखंड के साथ ही झारखंड और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों का निर्माण करने का निर्णय लिया, आज ये तीनों राज्य तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर हैं। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि उन्होंने कहा था कि उत्तराखंड को अटल जी ने बनाया है, अब इसे संवारने का काम मोदी जी करेंगे, इसी क्रम में 2017 से 2026 तक का कालखंड, उत्तराखंड के विकास को समर्पित रहा है। उन्होंने कहा कि बीते चार सालों में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड की सभी समस्याओं को चुन- चुन कर समाप्त करने का काम किया है। इस कारण उत्तराखंड अब दोगुनी रफ्तार से विकास के रास्ते पर बढ़ रहा है।

*तीन साल के भीतर मिलेगा न्याय*
केंद्रीय गृह मंत्री ने सभी लोगों खासकर अधिवक्ता वर्ग से अपील करते हुए कहा कि वो नई न्याय संहिता पर लगाई गई प्रदर्शनी का जरूर अवलोकन करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंग्रेजों के बनाए डेढ़ सौ साल पुराने कानूनों को बदलने का काम किया है, 2028 में नई न्याय संहिता के सभी प्राविधान पूरी तरह अमल में आ जाएंगे। इसके बाद किसी भी मामले में थाने में एफआईआर दर्ज होने के बाद सुप्रीम कोर्ट तक फैसला आने में अधिकतम तीन वर्ष का समय लगेगा। उन्होंने इसे दुनिया की सबसे आधुनिक ओर वैज्ञानिक न्याय सहिंता करार दिया।
केंद्रीय गृह मंत्री ने सीएए कानून के तहत भारत की नागरिकता प्राप्त करने वाले शरणार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि, पाकिस्तान, अफगानिस्तान से आने वाले हिंदू, सिख, बौध और जैन शरणार्थियों का इस देश पर उतना ही अधिकार, जितना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का है। लेकिन अब तक तुष्टिकरण की नीति के चलते उन्हें भारतीय नागरिकता से विंचित रखा गया। ये शरणार्थी अपना धर्म और परिवार की इज्जत बचाने के लिए, भारत में आए हैं, इसलिए वो किसी के भी विरोध के बावजूद, ऐसे लोगों को भारतीय नागरिकता देने के निर्णय पर अडिग रहेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धारा 370 समाप्त करने, सीएए कानून बनाने, साढे पांच सौ साल बाद अयोद़धा में राम मंदिर बनाने, बद्रीनाथ – केदारनाथ पुननिर्माण, महाकाल लोक और काशी विश्वनाथ कॉरिडोर कई एतिहासिक कार्य किए हैं।

*नकल विरोधी कानून से आई पारदर्शिता*
केंद्रीय गृह मंत्री ने शनिवार को उत्तराखंड पुलिस में आरक्षी के तौर पर नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले 1900 युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि उत्तराखंड में अब बिना पर्चा और बिना खर्चा के सरकारी नौकरियां मिल रही हैं। इसके लिए पुष्कर सिंह धामी कठोर नकल विरोधी कानून लेकर आए हैं। जिससे रोजगार के क्षेत्र में पारदर्शिता कायम हुई है। केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि 2027 में हरिद्वार में कुंभ मेला आयोजित होने जा रहा है। हरिद्वार कुंभ आने वाले सभी रिकॉर्ड तोड़ने का काम करेगा। उन्होने केंद्र सरकार की ओर से जारी वाइब्रेंट विलेज योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सीमांत गांवों को प्रथम गांव का सम्मान दिया है। जिसका मुख्य उद्देश्य सीमांत का पलायन रोकना है, उत्तराखंड के लिए यह योजना विशेषकर लाभकारी होने जा रही है।

*केदारनाथ से कन्याकुमारी तक बाहर होंगे घुसपैठिया*
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड में 10 हजार एकड़ सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रशंसा करते हुए कहा कि, सरकार केदारनाथ से कन्याकुमारी तक एक- एक घुसपैठिया को देश से बाहर निकालने के लिए संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है। उन्होंने यूसीसी लागू करने के लिए भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रशंसा करते हुए कहा कि यूसीसी, डेमोग्राफी में आए अप्राकतिक बदलाव को रोकने का काम करेगी। केंद्रीय गृह मंत्री ने एसआईआर का उल्लेख करते हुए कहा कि जो भारत का नागरिक नहीं है, उसका नाम वोटर लिस्ट से कटना ही चाहिए, लोकतंत्र की रक्षा के लिए वोटर लिस्ट का शुद़ध होना जरूरी है।

*उत्तराखंड के लिए केंद्रीय सहायता बढ़ी*
केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि 2004 से 2014 के बीच उत्तराखंड को केंद्र सरकार से सिर्फ 54 हजार करोड़ मिले, जबकि इसके बाद से उत्तराखंड को केंद्र से एक लाख 87 हजार करोड़ रुपए मिल चुके हैं, इसके अलावा केंद्र सरकार के सहयोग से उत्तराखंड में हजारों करोड़ रुपए की ऑलवेदर रोड, दिल्ली – देहरादून इकानॉमिक कॉरिडोर, रेल, सड़क और परियोजनाओं पर भी काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि 2014 में उत्तराखंड की प्रति व्यक्ति आय 1 लाख 25 हजार रुपए थी जो अब बढ़कर 2 लाख 60 हजार हो चुकी है। जीएसडीएपी भी एक लाख 50 हजार करोड़ से बढ़कर तीन लाख पचास हजार करोड़ हो चुकी है।

चंपावत के अनुज ने यूपीएसई में हासिल की 69वीं रैंक, सीएम धामी ने दी बधाई

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में 69वीं रैंक प्राप्त करने वाले जनपद चंपावत के बाराकोट विकासखंड के झूलापे गांव निवासी अनुज पंत से दूरभाष पर वार्ता कर उन्हें हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि संघ लोक सेवा आयोग जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में उत्कृष्ट सफलता प्राप्त करना अत्यंत गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि श्री अनुज पंत का भारतीय प्रशासनिक सेवा में चयन प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणादायी है। उनकी इस उपलब्धि से न केवल चंपावत जनपद बल्कि समूचे उत्तराखण्ड का मान बढ़ा है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि अनुज पंत अपनी प्रतिभा , परिश्रम और समर्पण से प्रशासनिक सेवा में उत्कृष्ट कार्य करते हुए देश और प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है, ताकि प्रदेश की प्रतिभाएं राष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता का परचम लहरा सकें।

अनुज पंत ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के प्रोत्साहन से उन्हें आगे भी देश सेवा के लिए और अधिक प्रेरणा मिलेगी।

सचिव आवास ने ली झीलों के पुनर्विकास और सौन्दर्यकरण परियोजना से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक

देहरादून। उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटन जनपद नैनीताल की झीलों को और अधिक आकर्षक और व्यवस्थित बनाने की दिशा में सरकार ने कदम तेज कर दिए हैं। आवास विभाग के सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने राज्य सचिवालय में जनपद नैनीताल की आवास विभाग से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक ली। बैठक में नैनीताल के जिलाधिकारी डॉ. ललित मोहन रयाल वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। इस दौरान उप सचिव आवास रजनीश जैन, अनुसचिव वित्त गौरीशंकर जोशी और राज्य सरकार के विशेष सलाहकार जी.पी. पंत भी मौजूद रहे।

*भीमताल झील के सौन्दर्यीकरण पर विशेष जोर*
समीक्षा बैठक में भीमताल झील के पुनर्विकास और सौन्दर्यकरण परियोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। इस परियोजना की अनुमानित लागत 2567.49 लाख रुपये निर्धारित की गई है। योजना का उद्देश्य भीमताल झील क्षेत्र को पर्यटन के लिहाज से अधिक आकर्षक, सुविधाजनक और व्यवस्थित बनाना है ताकि पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके और क्षेत्र का समग्र विकास हो।

*पाथ-वे, पार्क और पार्किंग जैसी सुविधाएं होंगी विकसित*
परियोजना के तहत झील के चारों ओर आकर्षक और सुरक्षित पाथ-वे का निर्माण किया जाएगा, जिससे पर्यटक झील के चारों ओर आसानी से घूम सकेंगे। इसके अलावा सुभाष पार्क और दीनदयाल पार्क का सौन्दर्यीकरण किया जाएगा। योजना में लगभग 40 वाहनों की क्षमता वाली पार्किंग, लैंडस्केपिंग, आधुनिक उपकरणों की स्थापना, ओपन सिटिंग एरिया का निर्माण तथा बच्चों के लिए खेल क्षेत्र विकसित करने का भी प्रावधान किया गया है। साथ ही पूरे क्षेत्र में बेहतर प्रकाश व्यवस्था के लिए विद्युत्तीकरण का कार्य भी किया जाएगा।

बैठक में नौकुचियाताल झील और कमलताल झील के पुनर्विकास और सौन्दर्यकरण परियोजना की भी समीक्षा की गई। इस परियोजना की अनुमानित लागत 2097.02 लाख रुपये आंकी गई है। योजना के तहत नौकुचियाताल झील के चारों ओर लगभग 2089 मीटर लंबा पाथ-वे बनाया जाएगा, जिससे पर्यटकों को झील के चारों ओर सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सकेगी।

*पर्यटकों के लिए बनेंगे गजिबो, सेल्फी प्वाइंट और बोटिंग स्टैंड*
इस परियोजना के तहत झील के आसपास चार गजिबो, एक आकर्षक सेल्फी प्वाइंट, पार्किंग सुविधा तथा बोटिंग स्टैंड का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही क्षेत्र में लैंडस्केपिंग, बच्चों के खेलने के लिए आधुनिक उपकरण, हॉर्टिकल्चर कार्य और विद्युत्तीकरण की व्यवस्था भी विकसित की जाएगी। इन सुविधाओं के विकसित होने से नौकुचियाताल क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।

*पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा*
अधिकारियों का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से नैनीताल जनपद की झीलों के आसपास पर्यटन सुविधाओं में बड़ा सुधार होगा। इससे न केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर भी पैदा होंगे। साथ ही झीलों के आसपास का क्षेत्र अधिक सुव्यवस्थित और आकर्षक दिखाई देगा।

*सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार का बयान*
आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि नैनीताल जनपद की झीलें उत्तराखंड की प्राकृतिक धरोहर हैं और इनके संरक्षण तथा सुव्यवस्थित विकास के लिए सरकार गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भीमताल, नौकुचियाताल और कमलताल झील से जुड़ी सभी परियोजनाओं को तय समयसीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य केवल सौन्दर्यीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यटकों के लिए बेहतर आधारभूत सुविधाएं विकसित करना, पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए संतुलित विकास सुनिश्चित करना और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना भी है। डॉ. कुमार ने कहा कि झीलों के आसपास स्वच्छता, हरियाली और आधुनिक पर्यटन सुविधाओं का समन्वित विकास किया जाएगा। इसके साथ ही जिलाधिकारी और संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि परियोजनाओं की नियमित निगरानी की जाए और कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।

केंद्रीय गृह मंत्री के हरिद्वार आगमन को लेकर शासन-प्रशासन की सभी तैयारियाँ पूर्ण

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह शनिवार, 7 मार्च 2026 को हरिद्वार में आयोजित कार्यक्रम ‘जन-जन की सरकार : चार साल बेमिसाल’ में प्रतिभाग करेंगे। इस कार्यक्रम को लेकर शासन-प्रशासन द्वारा सभी तैयारियाँ पूर्ण कर ली गई हैं तथा श्री अमित शाह के स्वागत के लिए कार्यक्रम स्थल बैरागी कैम्प के साथ ही हरिद्वार शहर को सजाया-संवारा जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार का भ्रमण कर इस विराट आयोजन की तैयारियों का जायजा लिया तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बैरागी कैम्प पहुँचकर प्रस्तावित कार्यक्रमों की तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जनसभा स्थल, मंच, प्रदर्शनी क्षेत्र, पार्किंग व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधन, यातायात व्यवस्था, पेयजल, विद्युत आपूर्ति तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं का विस्तृत अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कार्यक्रम की रूपरेखा और व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त करते हुए निर्देश दिए कि कार्यक्रम के सुव्यवस्थित एवं सुचारु आयोजन के लिए सभी तैयारियों का वरिष्ठ अधिकारी भली-भाँति परीक्षण कर लें। उन्होंने आमजन की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखने के भी निर्देश दिए।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह शनिवार को हरिद्वार के बैरागी कैम्प में राज्य सरकार के चार वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित जनसभा को संबोधित करेंगे। साथ ही वे राज्य सरकार की उपलब्धियों पर आधारित विकास प्रदर्शनी तथा नई न्याय संहिताओं पर केंद्रित राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का उद्घाटन भी करेंगे। इस अवसर पर शाह राज्य के विकास से जुड़ी अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी करेंगे।

मुख्यमंत्री के निरीक्षण के दौरान वन मंत्री सुबोध उनियाल, भाजपा के प्रदेश संगठन मंत्री अजय कुमार, प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल गोयल, उपाध्यक्ष आपदा प्रबंधन विनय रोहिला, विधायक रानीपुर आदेश चौहान, मेयर नगर निगम हरिद्वार किरन जैसल, मेयर नगर निगम रूड़की श्रीमती अनीता देवी, नगर पालिका ऋषिकेश के अध्यक्ष शंभू पासवान, पूर्व विधायक स्वामी यतीश्वरानंद, भाजपा के हरिद्वार जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, आयुक्त गढ़वाल मंडल विनय शंकर पाण्डे, एडीजी अजय प्रकाश अंशुमन, पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल राजीव स्वरूप, कुंभ मेलाधिकारी सोनिका, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, अपर सचिव पर्यटन अभिषेक रूहेला, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, एमडी सिडकुल सौरभ गहरवार, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा, अपर जिलाधिकारी पी.आर. चौहान, अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, सचिव एचआरडीए मनीष कुमार, उपजिलाधिकारी जितेन्द्र कुमार तथा एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

धामी कैबिनेट में हुए अहम निर्णय, जानिए…

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक हुई। मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा हुई, जिसमें 5 प्रस्तावों पर मुहर लगी। विधानसभा बजट सत्र से पहले धामी मंत्रिमंडल की एक ओर बैठक होने की संभावना है, जिसमें कुछ अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लग सकती है।

उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग (संशोधन) विधेयक, 2026 को अधिनियमित करने को मंजूरी मिल गई है। भारत के संविधान के अनुच्छेद-29 के प्राविधानों में अल्पसंख्यक वर्गों के हितों को संरक्षण प्रदान किया गया है। राज्य में अल्पसंख्यक मुस्लिम, जैन, ईसाई, बौद्ध, पारसी एवं सिख धर्मों / समुदायों के संवैधानिक अधिकारों के हितों की रक्षा एवं सामाजिक तथा आर्थिक विकास को गति देने के उद्देश्य से साल 2002 में समय-समय पर संशोधन करते हुए अल्पसंख्यक आयोग का गठन किया गया। वर्तमान में इस समुदाय को उचित प्रतिनिधित्व प्रदान किए जाने के उद्देश्य से एवं गठित आयोग को पूर्ण कालिक अवधि देने और अल्पसंख्यक समुदाय द्वारा की जा रही मांग के क्रम में आयोग के कार्यक्षेत्र एवं आयोग के कार्यों में त्वरित कार्यवाही की जा सके।

उत्तराखण्ड (उत्तर प्रदेश लोक सेवा (शारीरिक रूप से दिव्यांग, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रित और पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षण) अधिनियम, 1993) (संशोधन) विधेयक, 2026 के संबंध में राज्य की सेवा में पूर्व सैनिक को आरक्षण का लाभ दिये जाने संबंधी कार्मिक विभाग की ओर से 22 मई 2020 को जारी शासनादेश के बिन्दु 08 के प्राविधान को अनुमोदित किया गया।

उत्तराखण्ड भाषा संस्थान (संशोधन) विधेयक, 2026 को मिली मंजूरी

उत्तराखण्ड निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2026 को प्रख्यापित करने को मिली मंजूरी. नैनीताल जिले में माउंट वैली विश्वविद्यालय, देहरादून जिले में तुलाज विश्वविद्यालय और शिवालिक विश्वविद्यालय नाम से निजी विश्वविद्यालय स्थापित किये जाने को कैबिनेट से मिली मंजूरी

उत्तराखण्ड सार्वजनिक द्यूत रोकथाम विधेयक, 2026

उत्तराखण्ड सार्वजनिक द्यूत रोकथाम विधेयक, 2026 को अधिनियमित किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी। दरअसल, गृह मंत्रालय, भारत सरकार, द्वारा स्वतंत्रता पूर्व ब्रिटिश कालीन सार्वजनिक द्यूत अधिनियम, 1867 (अधिनियम संख्या 3) को निरसित करते हुए एक नये अधिनियम को अधिनियमित किये जाने के निर्देश के क्रम में उत्तराखण्ड राज्य में सार्वजनिक द्यूत, सामान्य द्यूत घर चलाने, खेलों में सट्टेबाजी की रोकथाम और दण्ड का प्रावधान करने और इससे संबंधित या इसके आनुषंगिक मामलों के लिए प्रावधान करने के लिए उत्तराखण्ड सार्वजनिक द्यूत रोकथाम विधेयक, 2026 को अधिनियमति किये जाने का निर्णय लिया गया।