टिहरी लेक फेस्टिवल’ शुरू, सीएम नेे की घोषणा-कोटी कालोनी-नई टिहरी रोपवे निर्माण होगा

पर्यटन, साहसिक खेल के साथ ही पर्यावरण और संस्कृति के स्पष्ट संदेश के बीच ‘हिमालयन 0.2 द टिहरी लेक फेस्टिवल’ का भव्य शुभारंभ हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसका उद्घाटन करते हुए विश्वास प्रकट किया कि सुंदर टिहरी झील आने वाले समय में देश ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व में साहसिक खेलों और पर्यटन का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगी। इस मौके पर उन्होंने घोषणा कि कोटी कालोनी-नई टिहरी रोपवे का निर्माण कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में देश-विदेश से आए खिलाड़ियोें के साथ ही अन्य मेहमानों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की पावन धरा आध्यात्मिकता और लोक संस्कृति का अद्भुत संगम रही है। हमारी नदियां, हमारे पर्वत, हमारी झीलें और हमारी परंपराएं पूरे विश्व को आकर्षित करती रही हैं। आज उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए टिहरी झील के किनारे आयोजित ये महोत्सव पर्यटन, खेल और स्थानीय संस्कृति तीनों को एक मंच पर लाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
उन्होंने कहा कि हिमालय की गोद में बसी टिहरी झील प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत उदाहरण होने के साथ- साथ साहसिक खेलों के आयोजन स्थल के रूप में तेजी से उभर रही है। यहां आयोजित होने वाली राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की विभिन्न जल क्रीड़ा प्रतियोगिताएं न केवल खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर दे रही हैं, बल्कि उत्तराखंड को वैश्विक खेल मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाने का काम भी कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने टिहरी को लेकर अपनी सरकार की मंशा स्पष्ट करते हुए कहा कि हमारा लक्ष्य है कि टिहरी को वाटर स्पोर्ट्स और एडवेंचर स्पोर्ट्स के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। इसके लिए टिहरी झील में कयाकिंग, कैनोइंग, जेट-स्की, पैरा-सेलिंग, स्कूबा डाइविंग और अन्य साहसिक गतिविधियों को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। यहां आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। ताकि हमारे युवा खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्तराखंड का नाम रोशन कर सकें। उन्होंने कहा कि टिहरी झील के आसपास विकसित हो रहा यह खेल और पर्यटन तंत्र स्थानीय लोगों के लिए स्वरोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण के नए अवसर पैदा कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा प्रयास है कि टिहरी झील केवल एक पर्यटन स्थल ही न रहे, बल्कि खेल, संस्कृति और प्रकृति के संगम का वैश्विक केंद्र भी बने। उन्होंने कहा कि इसके लिए सरकार के प्रयास जारी रहेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड से भावनात्मक लगाव जगजाहिर है और उन्होंने स्वयं यहां आकर हमें प्रेरित और प्रोत्साहित किया है। मुख्यमंत्री ने पर्यटन और साहसिक खेलों को प्रोत्साहन देेने के लिए राज्य सरकार के प्रयासों का खास तौर पर जिक्र किया। इस क्रम में उन्होंने आदि कैलाश में राज्य की पहली हाई-एल्टीट्यूड मैराथन, माणा में एमटीबी चैैलेंज, एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी जैसे बडे़ स्तर के आयोजनों की चर्चा की।
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का प्रयास है कि हमारे युवा केवल अवसरों की प्रतीक्षा न करें, बल्कि अपने सामथ्र्य और परिश्रम से नए अवसरों का सृजन भी करें। उन्होंने कहा कि आज टिहरी में 400 से अधिक युवा पैराग्लाइडिंग का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। यह जानकारी खुशी देने वाली है। पूर्ण विश्वास है कि ये युवा भविष्य में उत्तराखंड को वैश्विक पैराग्लाइडिंग मानचित्र पर स्थापित करने में अवश्य सफल रहेंगे।

अपने संबोधन में उन्होंने टिहरी क्षेत्र में विकास कार्यों की तस्वीर को सामने रखा। उन्होंने बताया कि टिहरी क्षेत्र के के समग्र विकास हेतु लगभग 1300 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं पर कार्य गतिमान है। इसमें टिहरी झील का विकास, रिंग रोड का निर्माण, तिमाड़ गांव को पर्यटन ग्राम के रूप में विकसित करने जैसे प्र्रमुख कार्य शामिल हैं। इसके अलावा यहां भिलंगना विकासखंड की सुनारगांव ग्राम पंचायत को एक आदर्श ग्राम के रूप में विकसित किया जा रहा है। विशिष्ट पहाड़ी शैली में एक नया आंगनबाड़ी भवन भी बनाया जा रहा है। उन्होंने अपने संबोधन में जिले के सभी ब्लाक में प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट के लिए 10 कॉम्पेक्टर केंद्रों और 4267 कूड़ा संग्रहण केंद्रों की स्थापना का भी जिक्र किया।

इस मौके पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, क्षेत्रीय सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह, विधायक किशोर उपायाय, विक्रम सिंह नेगी, विनोद कंडारी, शक्तिलाल शाह, पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष संजय नेगी, जिला पंचायत अध्यक्ष इशिता सजवाण, जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल, नगर पालिका परिषद नई टिहरी के अध्यक्ष मोहन सिंह रावत व चंबा की अध्यक्ष सोबनी धनोला, भाजपा जिलाध्यक्ष उदय सिंह रावत प्रमुख रूप से उपस्थित थे। इससे पहले, मुख्यमंत्री का यहां पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया। सीएम ने देवडोलियों से आशीर्वाद भी लिया ।

*कोटी-डोबरा पर्यटन मार्ग का शिलान्यास*
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कोटी-डोबरा पर्यटन मार्ग का रिमोट दबाकर वर्चुअल शिलान्यास किया। यह मार्ग एशियन डेवलपमेंट बैंक के स्तर पर वित्त पोषित है,जिसकी कुल लागत 318 करोड़ है। इस मार्ग की लंबाई करीब 15 किलोमीटर है।

*नौ मार्च तक होंगी विभिन्न गतिविधियां*
-टिहरी लेक फेस्टिवल में नौ मार्च तक विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। साहसिक खेल व पर्यटन गतिविधियों के अलावा लोक संस्कृति से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम निर्धारित किए गए हैं।

उत्तराखंड में बढ़ी प्रति व्यक्ति आय, वर्ष 2024 -25 में प्रति व्यक्ति आय बढ़कर हुई 2,73,921 रुपए

प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम ने गुरुवार को सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट के बारे में बताया कि वर्ष 2024-25 में राज्य की सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) ₹ 3,81,889 करोड़ रहा, जो वर्ष 2021-22 में 2.54 लाख करोड़ रुपए थी। 2021-22 के मुकाबले जीएसडीपी में डेढ़ गुना से ज्यादा का उछाल आया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021-22 में राज्य में प्रति व्यक्ति आय 194670 थी, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 2,73,921 हो गई। प्रमुख सचिव ने बताया कि इस वर्ष यह सर्वेक्षण नेशनल कांउसिल ऑफ एप्लाइड इकोनाॅमिक रिसर्च (एनसीएईआर) के साथ मिलकर तैयार किया गया है।

प्रमुख सचिव ने बताया कि वर्ष 2024-25 में ग्रोथ रेट 7.23 प्रतिशत रहा है। मल्टी डायमेंशनल पॉवर्टी इंडेक्स वर्ष 2021-22 में 9.7 प्रतिशत था जो वर्ष 2024-25 में घटकर 6.92 प्रतिशत पर आ गया है। लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन रेट वर्ष 2021-22 में 60.1 प्रतिशत था, वर्ष 2024-25 में 64.4 प्रतिशत है तथा यह रोजगार के क्षेत्र में 4.3 प्रतिशत की बढोत्तरी को दर्शाता है। उन्होंने बताया ह्यूमन डेवलपमेंट इंडेक्स वर्ष 2001 में 0.247, वर्ष 2017 में 0.684, वर्ष 2021-22 में 0.718 जो अब बढ़कर वर्ष 2024-25 में 0.722 हो गया है।

प्रमुख सचिव ने बताया कि राज्य में वर्ष 2021-22 में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) की कुल संख्या 59798 थी, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 79394 हो गई है। उन्होंने एमएसएमई के अंतर्गत रोजगार पाने वालों की संख्या वर्ष 2022 में 343922 थी जो वर्ष 2025 में बढ़कर 456605 हो गई है। राज्य में वर्ष 2021-22 तक लार्ज इंडस्ट्री की संख्या 107 थी जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 128 हो गई हैं। इसके साथ राज्य में वर्ष 2017 तक स्टार्टअप की संख्या शून्य थी, जो वर्ष 2021-22 में 702 थी तथा वर्ष 2024-25 में बढ़कर 1750 हो गई है।

प्रमुख सचिव ने बताया कि राज्य में सड़कों की कुल लम्बाई वर्ष 2021-22 में 50393 किमी थी, जो 2024-25 में बढ़कर 51278 किमी हो गई है। राज्य में 2022 तक 2 हेलीपोर्ट थे, जो वर्ष 2025 में बढ़कर 7 हो गए। हेलीपेड की संख्या वर्ष 2021-22 में 60 थी जो वर्ष 2024-25 में 118 हो गई है। उन्होंने बताया कि प्राइमरी विद्यालयों में ड्राॅपआउट का अनुपात वर्ष 2021-22 में 1.64 प्रतिशत था जो वर्ष 2024-25 में 1.41 प्रतिशत हो गया है, जबकि सेकेंडरी विद्यालयों में यह अनुपात वर्ष 2021-22 में 7.65 प्रतिशत था जो वर्ष 2024-25 में 4.59 प्रतिशत हो गया है।

प्रमुख सचिव ने कहा कि राज्य में शासकीय एवं अशासकीय डिग्री कॉलेजों की संख्या वर्ष 2021-22 में 124 थी, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 139 हो गई है। इसके साथ इजीनियरिंग कॉलेज गवर्नमेंट एवं प्राइवेट की संख्या वर्ष 2021-22 में 20 थी, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 52 हो गई है। उन्होंने बताया राज्य में 2021-22 में कुल 5157 मिलियन यूनिट का विद्युत उत्पादन होता था, जो 2024-25 में यह उत्पादन बढ़कर 16500 मिलियन यूनिट हो गया है। जबकि कंजम्पशन ऑफ इलेक्ट्रिसिटी (विद्युत खपत) में बढ़ोतरी हुई। वर्ष 2022 में बिजली की खपत 12518 मिलियन यूनिट थी, जो 2024-25 में बढ़कर 17192 मिलियन यूनिट हो गई है।

प्रमुख सचिव ने बताया कि सोलर इलेक्ट्रिसिटी जेनरेशन के क्षेत्र में राज्य में अभूतपूर्व कार्य हुआ है। वर्ष 2021-22 में सौर ऊर्जा के माध्यम से 439 मेगावाट उत्पादन होता था, जो 2025 में बढ़कर 1027 मेगावाट हो गया है। उन्होंने बताया राज्य में शिशु मृत्यु दर (Infant Mortality Rate) वर्ष 2021-22 में 22 था, जो 2024-25 में घटकर 20 पर आ गया है। इसके साथ मातृ मृत्यु दर वर्ष 2021-22 में 103 थी, जो 2024-25 में घटकर 91 पर आ गया है। इसके साथ ही राज्य में लाइफ एक्सपेर्टेंसी की उम्र 71.7 साल से बढ़कर 73 साल हो गई है।

प्रमुख सचिव ने बताया कि राज्य में वर्ष 2021-22 में 97 प्रतिशत घरों में शौचालय की सुविधा थी जो अब शतप्रतिशत हो गई है। उन्होंने बताया कि राज्य में धान और गेहूं उत्पादन में भी बढ़ोतरी हुई। राइस एवं व्हीट प्रोडक्शन वर्ष 2021-22 में 28.23 कुंतल प्रति हेक्टेयर था जो अब बढ़कर 32.47 कुंतल प्रति हेक्टेयर पहुंच गया है। उन्होंने बताया वर्ष 2021-22 में औषधिया एंड एरोमैटिक प्लांट का एरिया कुल 900 हेक्टेयर था, जो 2024-25 में बढ़कर 10 हजार हेक्टेयर पहुंच गया है।

प्रमुख सचिव ने बताया कि राज्य में वर्ष 2021-22 तक 50.92 लाख लीटर प्रतिदिन दुग्ध उत्पादन होता था, जो 2024-25 में बढ़कर 54.59 लाख लीटर प्रतिदिन हो गया है। वहीं फिश उत्पादन में काफी बढ़ोत्तरी हुई है। फिश उत्पादन वर्ष 2021-22 में कुल 7325 टन प्रति साल होता था, जो 2024-25 में बढ़कर 10487 टन प्रति साल हो गया है। उन्होंने बताया कि राज्य में पर्यटन के क्षेत्र में वर्ष 2021-22 में 8225 होटल/अदर स्टे थे जो 2024-25 में बढ़कर 10509 हो गए है। वहीं राज्य में 2021- 22 में 3935 होमस्टे थे, जिनकी संख्या 2024-25 में बढ़कर 6161 पहुंच गई है।

प्रमुख सचिव ने बताया कि एसडीजी इंडेक्स में वर्ष 2021-22 में राज्य ने चैथा स्थान प्राप्त किया था, वहीं वर्ष 2023-24 में उत्तराखण्ड एसडीजी इंडेक्स की रेंक में प्रथम स्थान पर रहा। वर्ष 2026-27 के लिए राज्य की जीएसडीपी 8.2 प्रतिशत अनुमानित है।

7 को उत्तराखंड दौरे पर रहेंगे गृह मंत्री अमित शाह, सीएम ने तमाम जानकारियां हासिल की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार स्थित बैरागी कैंप में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के प्रस्तावित भ्रमण कार्यक्रम की तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री का *केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह का 7 मार्च, 2026 को हरिद्वार बैरागी कैम्प में प्रस्तावित भ्रमण कार्यक्रम की तैयारियों का मुख्यमंत्री ने किया स्थलीय निरीक्षण*

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार स्थित बैरागी कैंप में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के प्रस्तावित भ्रमण कार्यक्रम की तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री का उत्तराखण्ड आगमन राज्य के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने निर्देश दिए कि कार्यक्रम की सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं समयबद्ध रूप से सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने मंच व्यवस्था, बैठने की व्यवस्था, पार्किंग, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, स्वच्छता तथा यातायात प्रबंधन सहित सभी व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए तथा पुलिस एवं प्रशासन आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर आने वाले आमजन की सुविधा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। साथ ही, चिकित्सा सुविधा, आपातकालीन सेवाओं एवं अग्निशमन व्यवस्था को पूर्ण रूप से तत्पर रखने को कहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में अनुशासन, पारदर्शिता एवं सुचारू संचालन सर्वाेपरि है। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने का आह्वान किया।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने यातायात व्यवस्था को सुदृढ करने हेतु पुलिस को पुरा प्लान तैयार करने के निर्देश दिये उन्होने कहा कि शहर में किसी भी प्रकार की जाम की स्थिति न हो यातायात सुचारू रहें ताकि आमजनमानस को असुविधा न होने पाये।

निरीक्षण के दौरान आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डे एवं जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए कि जा रही तैयारियों एवं व्यवस्थाओं के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी दी।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने यातायात व्यवस्था एवं वाहनों के पार्किंग व्यवस्था के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी दी।

निरीक्षण के दौरान राज्यसभा सांसद एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, जिला पंचायत अध्यक्ष किरन चौधरी, मेयर हरिद्वार किरन जैसल, विधायक मदन कौशिक, आदेश चौहान, प्रदीप बत्रा, भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल राजीव स्वरूप, अपर सचिव बंशीधर तिवारी, एमडी शिडकुल सौरव गैहरवार, मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा, सहित सम्बन्धित अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहें। है। उन्होंने निर्देश दिए कि कार्यक्रम की सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं समयबद्ध रूप से सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने मंच व्यवस्था, बैठने की व्यवस्था, पार्किंग, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, स्वच्छता तथा यातायात प्रबंधन सहित सभी व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए तथा पुलिस एवं प्रशासन आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर आने वाले आमजन की सुविधा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। साथ ही, चिकित्सा सुविधा, आपातकालीन सेवाओं एवं अग्निशमन व्यवस्था को पूर्ण रूप से तत्पर रखने को कहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में अनुशासन, पारदर्शिता एवं सुचारू संचालन सर्वाेपरि है। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने का आह्वान किया।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने यातायात व्यवस्था को सुदृढ करने हेतु पुलिस को पुरा प्लान तैयार करने के निर्देश दिये उन्होने कहा कि शहर में किसी भी प्रकार की जाम की स्थिति न हो यातायात सुचारू रहें ताकि आमजनमानस को असुविधा न होने पाये।

निरीक्षण के दौरान आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डे एवं जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए कि जा रही तैयारियों एवं व्यवस्थाओं के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी दी।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने यातायात व्यवस्था एवं वाहनों के पार्किंग व्यवस्था के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी दी।

निरीक्षण के दौरान राज्यसभा सांसद एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, जिला पंचायत अध्यक्ष किरन चौधरी, मेयर हरिद्वार किरन जैसल, विधायक मदन कौशिक, आदेश चौहान, प्रदीप बत्रा, भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल राजीव स्वरूप, अपर सचिव बंशीधर तिवारी, एमडी शिडकुल सौरव गैहरवार, मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा, सहित सम्बन्धित अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहें।

मुरझाए हुए चेहरों पर अब दिखने लगी खुशियां, आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर के बच्चों ने खेली होली

जिलाधिकारी सविन बंसल के संवेदनशील एवं दूरदर्शी प्रयासों से सड़क पर भटकता और भिक्षावृत्ति व बालश्रम में संलिप्त बचपन अब शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ने लगा है। जिला प्रशासन द्वारा संचालित आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर ऐसे बच्चों के जीवन में नई आशा की किरण बनकर उभरा है।
कभी मुरझाए हुए चेहरों पर अब त्योहारों की खुशियां दिखाई दे रही हैं। उनकी आंखों में भविष्य के सुनहरे सपने संजोए जा रहे हैं। आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर में न केवल उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा का ध्यान रखा जा रहा है, बल्कि उनके भविष्य की स्पष्ट दिशा भी तय की जा रही है।

जिला प्रशासन की इस अभिनव पहल के तहत अब तक 174 से अधिक बच्चों को भिक्षावृत्ति एवं बाल श्रम से मुक्त कर शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा चुका है। रेस्क्यू अभियान के माध्यम से चिन्हित बच्चों को आधुनिक केयर सेंटर में लाकर काउंसलिंग, ब्रिज कोर्स, नियमित शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य परीक्षण एवं मानसिक संबल प्रदान किया जा रहा है।
हारिश, कक्षा 6, साधुराम इंटर कॉलेज का छात्र है। वह शारीरिक रूप से अत्यंत सक्रिय है और सभी प्रकार की खेल गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेता है।

वह मई माह 2025 में आईसीसी (ICC) से जुड़ा था। उससे पहले वह किसी भी विद्यालय में नामांकित नहीं था और उसे औपचारिक स्कूली शिक्षा का पूर्व अनुभव भी नहीं था।

आईसीसी से जुड़ने के बाद अगस्त 2025 माह में उसे कक्षा 6 में साधुराम इंटर कॉलेज में मुख्यधारा (Mainstream) में प्रवेश दिलाया गया।

विद्यालय में प्रवेश के पश्चात उसने नियमित उपस्थिति दर्ज कराई है तथा प्रत्येक खेल गतिविधि में उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी सक्रियता और प्रतिभा का उत्कृष्ट परिचय दिया है।

जिलाधिकारी के निर्देशन में संबंधित विभागों की समन्वित कार्यवाही से इन बच्चों को औपचारिक विद्यालयों में प्रवेश दिलाया जा रहा है। इसके साथ ही सेंटर में संगीत, योग, खेलकूद एवं रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से उनके सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
त्योहारों में शामिल हो रहा है बचपन
हाल ही में सेंटर के बच्चों ने उत्साहपूर्वक होली का पर्व मनाया। रंगों के साथ खिलखिलाती हंसी यह संदेश दे रही थी कि अब यह बचपन उपेक्षा का नहीं, बल्कि अवसरों का प्रतीक है। तीज-त्योहारों में सहभागिता से बच्चों में आत्मविश्वास एवं सामाजिक जुड़ाव की भावना विकसित हो रही है।

जिला प्रशासन द्वारा निरंतर रेस्क्यू अभियान चलाकर बालश्रम एवं भिक्षावृत्ति में संलिप्त बच्चों की पहचान की जा रही है। ऐसे बच्चे जो पारिवारिक, आर्थिक या सामाजिक परिस्थितियों के कारण इन गतिविधियों में संलिप्त थे, उन्हें सुरक्षित वातावरण प्रदान कर शिक्षा और कौशल विकास की दिशा में अग्रसर किया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने कहां कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित, सम्मानजनक और शिक्षित जीवन का अधिकार है। प्रशासन का उद्देश्य केवल बच्चों को रेस्क्यू करना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी नागरिक बनाना है।

आज जो बच्चे कभी सड़कों पर थे, वही अब विद्यालयों में नियमित रूप से अध्ययन कर रहे हैं, खेल प्रतियोगिताओं में भाग ले रहे हैं तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अपनी प्रतिभा दिखा रहे हैं। उनकी बदलती जिंदगी अन्य जरूरतमंद बच्चों और समाज के लिए प्रेरणा बन रही है।
जिला प्रशासन की यह पहल समाज के सहयोग से और अधिक सशक्त रूप से आगे बढ़ाई जा रही है, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा और सम्मानजनक जीवन से वंचित न रहे।

एचडीसी कॉलोनी में सीवर धंसे, सड़क टूटी, डीएम ने मांगा जबाव, जनदर्शन से गायब इंजीनियर का रोका वेतन

जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ऋषिपर्णा सभागार में जनता दर्शन/जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन कर जनसमस्याओं का निस्तारण किया गया। जनता दरबार में उपस्थित फरियादियों ने भूमि विवाद, निजी भूमि का सीमांकन, अवैध कब्जा, आपसी विवाद, आर्थिक सहायता, फीस माफी, उपचार से संबंधित कुल 92 शिकायतें एवं समस्याएँ जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत कीं। जिलाधिकारी ने सभी जनशिकायतों एवं समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

एचडीसी कॉलोनी निवासी 80 वर्षीय बुजुर्ग एल.एन. नौटियाल ने अवगत कराया कि उनके मोहल्ले में सीवर लाइन, सड़क एवं नाली निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण न होने के कारण सीवर चौंबर धंस गए हैं। सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है तथा वर्षा ऋतु में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो रही है, जिससे आमजन को आवागमन में अत्यधिक कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। कई स्तरों पर समस्या रखने के बावजूद समाधान न होने पर उन्होंने जनता दरबार में अपनी पीड़ा व्यक्त की। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता से स्पष्टीकरण चाहा। जनता दरबार में अनुपस्थित पाए जाने पर डीएम ने अधिशासी अभियंता के एक दिन के वेतन आहरण पर रोक लगाने के निर्देश दिए। साथ ही एडीएम को मामले की जांच कर संबंधित विभागों से शीघ्र समस्या समाधान सुनिश्चित करने कहा।

मोथरोवाला निवासी एक बुजुर्ग दंपत्ति ने शिकायत दर्ज कराई कि सुनील कुमार एवं उनकी पत्नी सुधा, जो उनके आवास में रह रहे थे, न्यायालय के आदेश के बावजूद घर खाली नहीं कर रहे हैं तथा उनके साथ मारपीट एवं अभद्र व्यवहार कर मानसिक व शारीरिक उत्पीड़न कर रहे हैं। जिलाधिकारी ने मामले को प्राथमिकता पर लेते हुए एसडीएम सदर को त्वरित कार्रवाई कर ‘एक्शन टेकन रिपोर्ट’ प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

राजीव नगर निवासी वृद्धा मंजू देवी ने अवगत कराया कि उनका पुत्र एवं बहू उन्हें घर से बेदखल कर संपत्ति हड़पने का प्रयास कर रहे हैं तथा प्रतिदिन अभद्र व्यवहार एवं जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को ‘भरण-पोषण अधिनियम’ के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर आवश्यक विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इसी क्रम में अजबपुर कलां निवासी असहाय बुजुर्ग विधवा सीमा उनियाल ने अपने जेठ एवं उनके पुत्रों पर मारपीट, अभद्र भाषा का प्रयोग तथा निजी संपत्ति हड़पने का आरोप लगाया। जिलाधिकारी ने तहसीलदार को मौके पर जांच कर पीड़िता को न्याय दिलाने एवं समस्या का यथाशीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

डोईवाला निवासी मीना क्षेत्री ने बताया कि संपत्ति से बेदखल किए जाने के बाद उनका पुत्र उनके साथ अभद्र व्यवहार कर रहा है तथा उन्हें जान से मारने का प्रयास कर रहा है। एक असहाय बुजुर्ग महिला की व्यथा को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को ‘सीनियर सिटीजन एक्ट’ के अंतर्गत वाद दर्ज कर आवश्यक विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुए जिलाधिकारी ने बुजुर्ग महिला को सुरक्षित उनके घर तक पहुंचाने हेतु ‘सारथी वाहन’ की व्यवस्था भी कराई।

लख्खीबाग निवासी मौ० यासीन ने अपनी आर्थिक तंगी का उल्लेख करते हुए अपने पुत्र की विद्यालय शुल्क माफी की प्रार्थना की। जिलाधिकारी ने प्रकरण को सहानुभूति पूर्वक लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी को संबंधित विद्यालय से समन्वय स्थापित कर नियमानुसार राहत दिलाने के निर्देश दिए, ताकि आर्थिक अभाव के कारण बच्चे की शिक्षा बाधित न हो।

तिपरपुर परगना निवासी बुजुर्ग बाला देवी ने शिकायत की कि उनकी निजी भूमि पर कुछ लोगों द्वारा जबरन अवैध कब्जा किया जा रहा है तथा विरोध करने पर उन्हें धमकाया जा रहा है। जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तहसीलदार को स्थलीय निरीक्षण कर निष्पक्ष जांच करते हुए शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मोथरोवाला निवासी नरेन्द्र नाथ ने वाहन दुर्घटना में घायल अपने पुत्र के उपचार हेतु आर्थिक सहायता की गुहार लगाई। उन्होंने बताया कि उनका आयुष्मान कार्ड भी कार्य नहीं कर रहा है, जिससे उपचार में कठिनाई उत्पन्न हो रही है। इस पर जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि आयुष्मान कार्ड की स्थिति तत्काल जांच कर आज ही रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

मोहकमपुर जन कल्याण समिति द्वारा मोहकमपुर-लोअर नत्थनपुर एवं नेहरूग्राम क्षेत्र की जर्जर सड़कों, झुके हुए विद्युत पोल एवं झूलती विद्युत तारों से संभावित खतरे, फ्लाईओवर के नीचे व्याप्त गंदगी तथा अतिक्रमण जैसी समस्याओं को प्रमुखता से रखा। जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को निर्देशित किया कि समस्त बिंदुओं की स्थलीय जांच कर 10 मार्च तक विस्तृत रिपोर्ट अनिवार्य रूप से प्रस्तुत की जाए, साथ ही आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

श्री चंद्रेश्वर महादेव मंदिर एवं क्षेत्र विकास समिति तथा स्थानीय निवासियों ने केदारपुरम कॉलोनी स्थित चक डांडा लखौंड, लिंक रोड सहस्रधारा रोड क्षेत्र में सरकारी भूमि पर तारबाड़ कर किए गए अतिक्रमण की शिकायत दर्ज कराई। जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम सदर को निर्देशित किया कि राजस्व अभिलेखों का परीक्षण कर स्थलीय निरीक्षण के उपरांत 15 मार्च तक स्पष्ट आख्या प्रस्तुत की जाए।

देहरादून से डोईवाला, भानियावाला, रानी पोखरी एवं भोगपुर होते हुए थानों तक स्मार्ट सिटी अथवा इलेक्ट्रिक बस सेवा प्रारंभ किए जाने की मांग पर भी जिलाधिकारी ने संज्ञान लिया। उन्होंने संबंधित स्मार्ट सिटी प्रबंधन से पूछा कि अब तक परिवहन सेवा क्यों प्रारंभ नहीं की गई। इस संबंध में कारणों सहित विस्तृत रिपोर्ट 17 मार्च तक प्रस्तुत करने के निर्देश जारी किए गए हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनसुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा सभी विभाग निर्धारित समयसीमा में कार्रवाई सुनिश्चित करें।

जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसुनवाई में प्राप्त प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, जिससे आमजन को शीघ्र राहत मिल सके। जनता दरबार में अपर जिलाधिकारी (वि.रा) केके मिश्रा, एसडीएम विनोद कुमार, एसडीएम कुमकुम जोशी, एसडीएम अपूर्वा सिंह, एसडीएम अपर्णा ढ़ौडियाल, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास योजनाओं के लिए स्वीकृत की 102 करोड़ की धनराशि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा जनपद ऊधम सिंह नगर के अन्तर्गत उपजिला चिकित्सालय, बाजपुर में 06 नग चिकित्साधिकारियों हेतु आवासीय भवनों के निर्माण कार्यों हेतु ₹ 4 करोड़ की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कुम्भ मेला-2027 के अन्तर्गत Construction of Proposed Police Command Control Center Building at Haridwar Distt. Haridwar Uttarakhand के नवीन निर्माण कार्य हेतु ₹ 50.27 करोड़ की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति के साथ कुम्भ मेला-2027 के अन्तर्गत जनपद हरिद्वार के हर की पैड़ी से ललतारों सेतु तक गलियों का सुधारीकरण एवं सौन्दर्यीकरण कार्य हेतु ₹ 9 करोड़ की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति के साथ ही लोक निर्माण खण्ड, लो०नि०वि०, लक्सर के स्थान पर स्मार्ट सिटी पीआईयू, लो०नि०वि०, देहरादून से कार्य कराये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि के अन्तर्गत जनपद हरिद्वार के विधानसभा क्षेत्र खानपुर में असुरक्षित सेतुओं के तहत नारसन-हरजौली-जट मुडलाना-लंडौरा-जौरासी बु‌ढ्ढाहेडी-बजेडी-राजपुताना मोटर मार्ग के कि०मी० 23 में आर०सीसी० सेतु की क्षतिग्रस्त ऐप्रोच का सुरक्षात्मक कार्य हेतु ₹ 6.67 करोड़ के सापेक्ष प्रथम किश्त के रूप में ₹ 2.67 करोड़, लोक निर्माण विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्राकृतिक आपदा से क्षतिग्रस्त परिसम्पत्तियों की मरम्मत एवं पुनर्निर्माण हेतु की गई मांग ₹ 32.50 करोड़ के सापेक्ष ₹ 25 करोड़ की धनराशि राज्य आपदा मोचन निधि के पुनर्प्राप्ति एवं पुनर्निर्माण मद से अवमुक्त किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा जनपद चम्पावत की तहसील पूर्णागिरी में हुड्डी नदी की बाढ़ से ग्राम छानीगोठ की सुरक्षा हेतु बाढ़ सुरक्षात्मक दीवार निर्माण कार्य हेतु ₹ 5.75 करोड़ की योजना के सापेक्ष प्रथम किश्त के रूप में ₹ 2.30 करोड़, जनपद चमोली के विकासखण्ड गैरसैंण में रामगंगा नदी तट पर हो रहे भू-कटाव एवं आवासीय भवनों के बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य हेतु ₹ 6.83 करोड़ के सापेक्ष प्रथम किश्त के रूप में ₹ 2.74 करोड़, जनपद उत्तरकाशी के विकासखण्ड भटवाडी के ग्राम हर्षिल में भागीरथी नदी के दांये तट पर आवासीय एवं अनावासीय भवनों का सुरक्षात्मक कार्य हेतु ₹ 10.24 करोड़ की योजना के सापेक्ष प्रथम किश्त के रूप में ₹ 4.10 करोड़, के साथ ही जनपद देहरादून के अन्तर्गत विधानसभा क्षेत्र धर्मपुर में नगर निगम क्षेत्र के अन्तर्गत सुसवा नदी के दोनों तटों पर दूधा देवी पुल के डाउनस्ट्रीम में बाढ़ सुरक्षा योजना हेतु ₹ 4.30 करोड़ की योजना के सापेक्ष प्रथम किश्त के रूप में ₹ 1.72 करोड़ की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा नगर पंचायत, ईमलीखेड़ा की लीगेसी वेस्ट निस्तारण हेतु 13.90 लाख की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान करते हुए राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय डोबरियासार, रिखणीखाल, जनपद पौड़ी गढ़वाल का नाम शहीद अनुज नेगी के नाम पर रखे जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

होली मिलन कार्यक्रम में सीएम आवास में जुटे गढ़वाल-कुमाऊं से लेकर जौनसार तक के कलाकार

मुख्यमंत्री आवास में सोमवार को होली के रंगों की बहार नजर आई।
प्रदेश भर से आए लोक कलाकारों और होल्यारों ने अपनी अपनी धुनों से माहौल को उत्सवमय कर दिया। इस दौरान एक तरफ, हारूल नृत्य करते जौनसारी कलाकार थे तो दूसरी तरफ, अपनी ही धुन में मगन होली गीत गाते कुमांउनी होल्यारों की टीम। इन सबके बीच पौड़ी जिले के राठ क्षेत्र से आई सांस्कृतिक टोली ने भी अपना रंग जमाया। इस दौरान आम और खास ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को रंग लगाकर शुभकामनाएं प्रेषित की।
मुख्यमंत्री आवास का प्रांगण सोमवार को होली के रंगों में सराबोर नजर आया। इस दौरान प्रदेश की सांस्कृतिक समृद्धि और एकता के भी दर्शन हुए। पूर्वाह्न से ही प्रदेश भर के लोक कलाकारों, संस्कृति कर्मियों की टोलियां होली गायन करते हुए, सीएम आवास पहुंचती रही। एक तरफ गढ़वाल-कुमाऊं से लेकर जौनसार तक का होली गायन था, नृत्य था। इस दौरान होली के गीत गूंजे। पारंपरिक गायन हुआ। ढोल, मंजीरे बजे। पारंपरिक वाद्य यंत्रों की संगत ने होली गीतों के प्रभाव को और बढ़ा दिया। आओ दगड़ियो, नाचा गावा, आ गई रंगीली होली का आह्वान यदि कुमांउ से आए कलाकारों ने किया, तो राठ क्षेत्र के कलाकारों ने गाया-आई डान्ड्यू बसंत, डाली मा मौल्यार।

इस दौरान जो भी यहां पहुंचा लोक के रंगों में खो गया। लोक संस्कृति का वह प्रभाव भी था, जो उत्तराखंड को सांस्कृतिक तौर पर विशिष्टता प्रदान करता है। लोक कलाकार इस बात से बेहद खुश दिखे कि उन्हें विशेष तौर पर बुलाया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी लोक कलाकारों के संग होली के रंगों में पूरी तरह से रंगे नजर आए। मुख्यमंत्री खुद लोक कलाकारों के साथ थिरकने को मजबूर हो गए।

*लोक संस्कृति पर सीएम कर रहे अच्छा काम*
उत्तराखंड के विभिन्न स्थानों से आए लोक कलाकारों ने इस मौके पर कहा कि लोक संस्कृति पर सीएम अच्छा काम कर रहे हैं। राज्य सरकार लोक संस्कृति को बढ़ावा देते हुए, लोक कलाकारों को संरक्षण प्रदान कर रही है।

खटीमा होली मिलन समारोह में उमड़ा जनसैलाब, मुख्यमंत्री ने जनसमुदाय संग साझा की उत्सव की खुशियां

सनातन धर्मशाला रामलीला मैदान, खटीमा में आयोजित भव्य होली मिलन समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सहभागिता कर उपस्थित जनसमूह को होली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने पारंपरिक कुमाऊँनी होली, शास्त्रीय होली तथा थारू होली गायन में भाग लेकर जनसमुदाय के साथ उत्सव की खुशियां साझा कीं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, परंपराएं और पर्व हमारी सांस्कृतिक पहचान के सशक्त आधार हैं। उन्होंने कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, सद्भाव, समरसता और आपसी भाईचारे का प्रतीक है। उन्होंने भावुक स्वर में कहा, “खटीमा मेरा घर है और खटीमावासी मेरा परिवार है। अपने परिवारजनों के बीच आकर मुझे अत्यंत प्रसन्नता का अनुभव हो रहा है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन हमारी समृद्ध विरासत को संजोने के साथ-साथ युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने मातृशक्ति को नमन करते हुए कहा कि महिला शक्ति के बिना कोई भी कार्य पूर्ण नहीं हो सकता। प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है तथा इसी दिशा में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू की गई है।

उन्होंने कहा कि खटीमा सर्वधर्म समभाव का प्रतीक है और ‘मिनी इंडिया’ के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। यहां सभी धर्मों, समुदायों और संगठनों के लोग प्रेम, एकता और सौहार्द के साथ रहते हैं तथा सभी पर्वों को मिल-जुलकर मनाते हैं। आधुनिक परिवेश के बीच भी खटीमा में पारंपरिक संस्कृति को जीवंत बनाए रखना अत्यंत सराहनीय है।

मुख्यमंत्री ने सभी से आह्वान किया कि हम सब मिलकर खटीमा, प्रदेश और देश की उन्नति के लिए कार्य करें तथा प्रधानमंत्री के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में अपना योगदान दें। उन्होंने आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे महोत्सव सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करते हैं और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय नागरिकों के साथ होली खेलकर उत्सव की आनंदमयी भावना को और प्रगाढ़ किया तथा समस्त प्रदेशवासियों को सुख, शांति और समृद्धि से परिपूर्ण होली की शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, मेयर विकास शर्मा, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, दर्जा मंत्री मंजीत सिंह, पूर्व विधायक डॉ. प्रेम सिंह राणा, जिलाध्यक्ष कमल जिन्दल, उपाध्यक्ष अमित कुमार पांडे, महासचिव रमेश चंद्र जोशी, नंदन सिंह खड़ायत, गम्भीर सिंह धामी, सतीश भट्ट, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

सीएम ने गृहमंत्री के प्रस्तावित दौरे को लेकर की तैयारियों की समीक्षा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आगामी 7 मार्च को प्रस्तावित हरिद्वार भ्रमण कार्यक्रम की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम की सभी व्यवस्थाएँ समयबद्ध, सुव्यवस्थित एवं गरिमापूर्ण ढंग से सुनिश्चित की जाएँ, ताकि भ्रमण के दौरान सुरक्षा, यातायात, जनसुविधाओं तथा समन्वय से संबंधित सभी व्यवस्थाएँ सुचारु रूप से संचालित हों।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार एक महत्वपूर्ण धार्मिक एवं सांस्कृतिक नगरी है, ऐसे में कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं एवं आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने, यातायात प्रबंधन के लिए प्रभावी योजना बनाने, पार्किंग व्यवस्था सुदृढ़ करने तथा संबंधित विभागों के मध्य समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही कार्यक्रम स्थलों पर स्वच्छता, पेयजल, विद्युत आपूर्ति एवं स्वास्थ्य सेवाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा।

बैठक में गढ़वाल मंडल आयुक्त विनय शंकर पाण्डेय, जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, अपर सचिव बंशीधर तिवारी सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को कार्यक्रम की तैयारियों की प्रगति से अवगत कराया तथा विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम की प्रत्येक व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा किसी भी स्तर पर शिथिलता न बरती जाए, ताकि केन्द्रीय गृह मंत्री का हरिद्वार भ्रमण सफलतापूर्वक एवं सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हो सके।

लोक भवन में तीन दिवसीय वसंतोत्सव का हुआ भव्य समापन

लोक भवन देहरादून में तीन दिवसीय वसंतोत्सव का रविवार को समापन हो गया। वसंतोत्सव के इन तीन दिनों में बड़ी संख्या में लोगों ने पुष्पों के प्राकृतिक सौंदर्य और अन्य कार्यक्रमों का भरपूर आनंद लिया। वसंतोत्सव-2026 में इस वर्ष की चल वैजंती (रनिंग ट्राफी) आईआईटी रुड़की को मिली।

  इस वर्ष आईआईटी रुड़़की ने 13 श्रेणियों में पुरस्कार जीतकर प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं 04 श्रेणियों में पुरस्कार प्राप्त कर ओएनजीसी को दूसरा स्थान मिला। वसंतोत्सव में 15 श्रेणियों की 54 उप श्रेणियों में 161 पुरस्कार वितरित किये गये। राज्यपाल लेफ्टिनेट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुष्प प्रदर्शनी प्रतियोगिताओं, रंगोली तथा बच्चों की चित्रकला प्रतियोगिता, फोटो प्रतियोगिता आदि श्रेणियों के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए।

   वसंतोत्सव- 2026 में इस वर्ष पहली बार गवर्नर्स अवार्ड की शुरुआत की गई, जिसके अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले कृषकों, महिला कृषकों तथा स्टार्टअप के माध्यम से नवाचार कर रहे युवा कृषकों को सम्मानित किया गया। उत्कृष्ट कार्य करने वाले चयनित कृषकों की श्रेणी में बागेश्वर जनपद के दीपक गडिया को प्रथम, रुद्रप्रयाग जनपद के कपिल शर्मा को द्वितीय तथा पिथौरागढ़ जनपद के शुभम सिंह को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला कृषकों की श्रेणी में चंपावत जनपद की राधा राणा को प्रथम, अल्मोड़ा जनपद की कविता मेहरा को द्वितीय तथा पौड़ी गढ़वाल जनपद की शांति जुयाल को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। स्टार्टअप के माध्यम से नवाचार कर रहे अग्रणी युवा कृषकों की श्रेणी में टिहरी जनपद के देवेंद्र सिंह चौहान को प्रथम, नैनीताल जनपद के पंकज मेहता को द्वितीय तथा हरिद्वार जनपद के उज्ज्वल सैनी को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ।

   समापन समारोह में आईएमए और आईटीबीपी के पाइप बैंड के मधुर धुनों ने समापन समारोह को और आकर्षक बना दिया। उपस्थित दर्शकों ने जिसका पूरा आनंद लिया और पाइप बैंड की धुनों की सराहना की।

    इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि इन तीन दिनों में लोक भवन में आई लगभग साढ़े तीन लाख जनता के चेहरे पर जो प्रसन्नता और संतोष दिखाई दिया, वही इस आयोजन की सबसे बड़ी सफलता है। राज्यपाल ने कहा कि वसंतोत्सव-2026 की मूल भावना यह रही कि फूलों के माध्यम से व्यक्ति के भीतर सकारात्मकता, संतुलन और रचनात्मकता का संचार हो। उन्होंने कहा कि शोध के आधार पर उद्यान विभाग द्वारा स्थापित स्टॉलों में यह प्रदर्शित किया गया कि किस प्रकार पुष्प मानव जीवन में स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और आनंद का स्रोत बन सकते हैं।

   राज्यपाल ने नवाचार को विकसित भारत 2047 की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण मंत्र बताते हुए कहा कि इस उत्सव में प्रत्येक स्टॉल और प्रस्तुति में नई सोच और रचनात्मकता दिखाई दी। उन्होंने ‘रिद्मिक योगा’, दिव्यांग बच्चों की योग प्रस्तुतियाँ एवं वुशु प्रदर्शन तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सराहना की। उन्होंने महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉलों की प्रशंसा करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड की नारी शक्ति आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रेरणादायक कार्य कर रही है।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि वसंतोत्सव केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तराखण्ड की प्राकृतिक संपदा, कृषि शक्ति और उभरती हरित अर्थव्यवस्था का उत्सव है। उन्होंने कहा कि वसंत ऋतु प्रकृति के श्रृंगार के माध्यम से सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक प्रसन्नता का संदेश देती है। लोक भवन में सुसज्जित विविध पुष्पों की रंगत और सुगंध राज्य की समृद्ध जैव-विविधता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने राज्यपाल के अनुशासन, राष्ट्रनिष्ठा और दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में राज्य निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक नवाचार के समन्वय से स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय बाजार में विशिष्ट पहचान दिलाई जा सकती है। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों, महिलाओं एवं युवाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड की दिशा में सशक्त कदम बताया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में राज्य में लगभग 656 हेक्टेयर क्षेत्र में व्यावसायिक पुष्प खेती की जा रही है, जो कम लागत में अधिक आय का सशक्त माध्यम बन रही है। राज्य सरकार द्वारा समग्र पुष्प नीति, मंडी शुल्क में छूट, विपणन सुविधा एवं मौनपालन अनुदान जैसी योजनाओं के माध्यम से किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगभग 1200 करोड़ रुपये की लागत से नई सेब नीति, कीवी नीति, स्टेट मिलेट मिशन एवं ड्रैगन फ्रूट नीति लागू की गई है। इन योजनाओं के अंतर्गत बागवानी को बढ़ावा देने हेतु 80 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान की जा रही है।
 
    कार्यक्रम में कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, विधायक खजान दास, विधायक सविता कपूर, प्रथम महिला गुरमीत कौर, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी गीता धामी, सचिव राज्यपाल रविनाथ रामन, विधि परामर्शी कौशल किशोर शुक्ल, सचिव उद्यान एस. एन. पाण्डेय, अपर सचिव राज्यपाल रीना जोशी, निदेशक उद्यान एस.एल. सेमवाल सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।